सीएम के दिशा निर्देशन में आवास परिषद का बड़ा फैसला, प्रदेश के प्रमुख शहरों में विकसित होंगे आधुनिक सामुदायिक केंद्र और आवासीय योजनाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा निर्देशन में उत्तराखण्ड आवास एवं विकास परिषद ने शहरी विकास को नई दिशा देने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। गुरुवार को आवास सचिव एवं आवास आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में परिषद की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई और आम जनता को सुनियोजित, सुविधायुक्त एवं किफायती आवास उपलब्ध कराने के लिए ठोस कार्ययोजना तय की गई। बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि परिषद की योजनाएं केवल भवन निर्माण तक सीमित न रहें, बल्कि नागरिकों को बेहतर जीवनस्तर और आधुनिक आधारभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराएं।

*प्रमुख शहरों में बनेंगे आधुनिक सामुदायिक केंद्र*
बैठक की अध्यक्षता करते हुए आवास सचिव एवं आवास आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि परिषद द्वारा देहरादून, ऋषिकेश, रूड़की, काशीपुर सहित अन्य नगरों में आधुनिक सामुदायिक केंद्र विकसित किए जाने का प्रस्ताव रखा गया है। इन केंद्रों को इस प्रकार डिजाइन किया जाएगा कि आम नागरिक विवाह समारोह, सामाजिक कार्यक्रम एवं अन्य आयोजनों के लिए कम दरों पर इनका उपयोग कर सकें। यह पहल मध्यमवर्गीय और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए विशेष राहत लेकर आएगी। परिषद का मानना है कि इससे सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और लोगों को निजी महंगे बैंक्वेट हॉल पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

*चौड़ी सड़क, पार्क और बेहतर सुविधाओं से युक्त आवासीय कॉलोनियां*
आवास सचिव एवं आवास आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि समीक्षा बैठक में देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार, रूड़की, काशीपुर, जसपुर और अल्मोड़ा में भूखण्डों और भवनों के आवंटन की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए गए। इन योजनाओं में चौड़ी सड़कें, हरित पार्क, सामुदायिक केंद्र और अन्य मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी। परिषद का उद्देश्य है कि नागरिकों को सुनियोजित वातावरण में सुरक्षित और व्यवस्थित आवास मिल सके। इससे न केवल जीवनस्तर सुधरेगा बल्कि राज्य की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

*श्रीनगर और जसपुर योजना को प्राथमिकता*
बैठक में श्रीनगर आवास योजना और जसपुर आवास योजना को प्राथमिकता के आधार पर विकसित करने का निर्णय लिया गया। इन योजनाओं में आधुनिक सुविधाओं से युक्त आवासीय ढांचा तैयार किया जाएगा, जिससे स्थानीय नागरिकों को बेहतर आवासीय विकल्प उपलब्ध हो सकें। परिषद ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन योजनाओं की रूपरेखा समयबद्ध तरीके से तैयार कर शीघ्र क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

आवास सचिव एवं आवास आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद की तर्ज पर उत्तराखण्ड में भी लैंड पूलिंग मॉडल लागू करने के प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा हुई। इस मॉडल के माध्यम से भूमि स्वामियों की सहभागिता से बड़ी और सुव्यवस्थित आवासीय योजनाएं विकसित की जाएंगी। इस व्यवस्था से अवैध प्लॉटिंग पर रोक लगेगी और पारदर्शी, योजनाबद्ध विकास को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही आम नागरिकों को बेहतर बुनियादी ढांचे के साथ आवास उपलब्ध कराना संभव होगा। इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में अपर आवास आयुक्त दिनेश प्रताप सिंह, सीनियर अस्टिेंट नवीन शाह समेत अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।

आवास सचिव एवं आवास आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि परिषद का लक्ष्य केवल मकान बनाना नहीं, बल्कि नागरिकों को सम्मानजनक और सुविधायुक्त जीवन देना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न शहरों में सामुदायिक केंद्रों का निर्माण सामाजिक दृष्टि से एक बड़ी पहल होगी, जिससे आम जनता को कम लागत में बेहतर सुविधा मिल सकेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी आवासीय योजनाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। श्रीनगर और जसपुर योजनाओं को शीघ्र धरातल पर उतारने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही लैंड पूलिंग मॉडल को अपनाकर सहभागितापूर्ण और संतुलित शहरी विकास सुनिश्चित किया जाएगा।

कैबिनेट मंत्री अग्रवाल ने पात्र लाभार्थियों को शीघ्र आवास आवंटन करने के दिए निर्देश

आवास एवं शहरी विकास मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने उत्तराखंड आवास एवं विकास परिषद की 12वीं बोर्ड बैठक विधानसभा में ली। इस मौके पर मंत्री डा. अग्रवाल ने प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही जिन परियोजनाओं में कार्य आरंभ हो चुका है, उनमें लाभार्थियों को आवास आवंटन की प्रक्रिया निर्धारित करते हुए पात्र लाभार्थियों को आवंटन करने के भी निर्देश दिए।
विधानसभा स्थित मीटिंग हॉल में आयोजित बैठक में आवास एवं शहरी विकास मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने विभागीय अधिकारियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने व निरंतर पर्यवेक्षण के लिए निर्देशित किया।
डा. अग्रवाल ने कहा कि परिषद स्तर पर भवन उपविधि के अंतर्गत सभी प्रकार के टाउनशिप योजनाओं के लिए आवास आयुक्त को अधिकृत किया जाए। साथ ही उपविधि के अनुसार टाउनशिप योजनाओं में कार्य करने के निर्देश दिए तथा निजी सहभागिता को प्रोत्साहित करने के भी निर्देश दिए।
डा. अग्रवाल ने परिषद की राजस्व वृद्धि करने के भी निर्देश दिए तथा रिक्त संपत्तियों के आवंटन एवं नीलामी के लिए प्रस्ताव तैयार करने के लिए भी निर्देशित किया। डा. अग्रवाल ने कहा कि पूर्व में उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद द्वारा आवंटित संपत्तियों में धनराशि जमा करने के लिए तीन माह का समय प्रदान किया जाए।
डा. अग्रवाल ने कहा कि ऐसे आवंटियों, जिनके द्वारा पूर्व में आंशिक भुगतान किया गया है, मगर रोक के कारण उनकी रजिस्ट्री नहीं हो सकी है। उन्हें छह माह का समय बिना किसी दंड ब्याज के बकाया जमा करने के निर्देश दिए। साथ ही यदि कोई एकमुश्त धनराशि तीन माह के भीतर जमा करता है, तो उसको दो प्रतिशत की छूट देने के लिए भी निर्देशित किया।
डा. अग्रवाल ने परिषद के कार्यों को ऑनलाइन करने के लिए आईटी एक्सपर्ट की सेवा आउटसोर्स से लेने के लिए निर्देशित किया। साथ ही परिषद को 50 पदों का ढांचा तैयार करने को भी कहा है।
इस मौके पर अपर मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन, आयुक्त आवास सुरेंद्र नाथ पांडेय, अपर आयुक्त पीसी दुमका, उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद के संयुक्त आवास आयुक्त राजीव कुमार सहित विभागीय अधिकारी उत्तम सिंह चौहान, एसएम श्रीवास्तव, आनंद सिंह, अमिता जोशी आदि उपस्थित रहे।