मुख्यमंत्री के निर्देश पर सचिव मुख्यमंत्री एवं आयुक्त गढ़वाल द्वारा किया गया यात्रा कार्यालय ऋषिकेश का निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर चारधाम यात्रा में आ रहे यात्रियों की सुविधा के दृष्टिगत आज सचिव मुख्यमंत्री एवं आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय द्वारा यात्रा कार्यालय, ऋषिकेश का निरीक्षण किया गया।
उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओ की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार ऐसे लोग जो बिना पंजीकरण के उत्तराखण्ड आ गए है उनका निर्धारित संख्या में पंजीकरण कर उन्हें यात्रा पर भेजे जाने की व्यवस्था प्रारंभ कर दी गई है। इस व्यवस्था के तहत शनिवार को 800 यात्रियों को ऋषिकेश से चारधाम यात्रा के लिए भेजा गया। उन्होंने कहा कि जो लोग अभी उत्तराखण्ड की सीमा से बाहर है, उन्हें ऑनलाइन पंजीकरण के बाद ही यात्रा पर भेजा जाएगा।

सचिव मुख्यमंत्री एवं आयुक्त गढ़वाल द्वारा यह भी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है कि यात्रियों की सुविधा के लिए यात्रा कार्यालय, ऋषिकेश जहां यात्रियों के पंजीकरण की प्रक्रिया गतिमान है, वहां स्थित दो सुलभ शौचालयों को निःशुल्क यात्रियों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। यात्रियों से इसका कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा तथा इसके लिए सुलभ इण्टरनेशनल संस्था को जो भी भुगतान देय होगा, वह राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।

इस अवसर पर महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी सहित यात्रा व्यवस्थाओं से जुड़े अधिकारी उपस्थित थे।

अवैध प्लाटिंग पर गरजा एमडीडीए का पीला पंजा

मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण ने बिना स्वीकृति अवैध प्लाटिंग कर रहे भूमाफियाओं पर एक्शन लिया है। प्राधिकरण ने भूमाफियाओं द्वारा की जा रही अवैध प्लाटिंग को जेसीबी की मदद से ध्वस्त किया है। प्राधिकरण की ओर से श्यामपुर न्याय पंचायत क्षेत्र में यह कार्यवाई की गई। जिसमें गुपचुप तरीके से अवैध प्लाटिंग की जा रही थी।

प्राधिकरण के सहायक अभियंता सुरजीत सिंह रावत ने बताया कि प्राधिकरण की उपसचिव व उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी के आदेश के बाद यह कार्यवाही की गई। बताया कि खैरीकलां में स्वामी प्रकाशानंद नामक व्यक्ति द्वारा करीब सात बीघा भूमि पर अवैध प्लाटिंग की गई। जबकि संजीव थपलियाल द्वारा तीन बीघा जमीन पर अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त किया गया।

कार्यवाही के दौरान सहायक अभिंयता सुरजीत सिंह, अवर अभिंयता संजीव जगूड़ी, मेघराज और वीरेंद्र खंडूरी उपस्थित रहे।

मशीन में यात्री अपनी क्यूआर कोड वाली बोतल जमा कर दस रुपये कर सकते हैं प्राप्त

प्लास्टिक फ्री श्री केदारनाथ धाम की मुहीम के अंतर्गत जिला प्रशासन ने निजी संस्था के सहयोग से इस बार यात्रा मार्ग पर दो प्लास्टिक वेंडिंग मशीन स्थापित की हैं। एक मशीन गौरीकुंड जबकि दूसरी केदारनाथ धाम परिसर में स्थापित की गई है। इस मशीन में यात्री अपनी क्यूआर कोड वाली बोतल जमा कर दस रुपये रिफंड प्राप्त कर सकते हैं। यह रिफ़ंड डिजिटल माध्यम से यूपीआई के ज़रिये प्राप्त हो सकेगा।

श्री केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग में स्वच्छता बनाने एवं पर्यावरण की दृष्टि से जिला प्रशासन की ओर से अभिनव पहल की गई है। दरसअल, यहां पर यात्रा मार्ग में दो स्थानों पर प्लास्टिक वेंडिंग मशीन स्थापित की गई है। गत वर्ष ट्रायल के रूप में एक मशीन धाम के यात्रा मार्ग पर लगाई गई थी जिसे अब आगे बढ़ाते हुए यात्रा मार्ग पर इस बार दो प्लास्टिक वेंडिंग मशीन लगाई गई हैं। उपजिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल शुक्ला ने बताया कि गौरीकुंड के अलावा केदारनाथ धाम परिसर में यह मशीनें लगाई गई हैं। यह पहल श्छोटा कदम बड़ा बदलावश् की थीम पर की जा रही है। यात्रा मार्ग पर स्थापित प्लास्टिक वेंडिंग मशीनों में कोई भी यात्री अपनी क्यूआर कोड वाली बोतल लेकर जा सकता है और इसे मशीन में जमा करने पर दस रुपए यूपीआई में रिफंड हो जाएंगे।

चारधाम यात्रा में 18989 से अधिक की गई ओपीडी, श्रद्धालुओं को मिल रहा स्वास्थ्य लाभ

उत्तराखंड सरकार द्वारा आयोजित चारधाम यात्रा का शुभारंभ किया जा चुका है। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी यात्रा में श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं हेतु स्वास्थ्य विभाग पूर्ण रुप से मुस्तैद है। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ विनीता शाह ने अवगत कराया कि चारधाम यात्रा में अब तक 94,218 से अधिक श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग की जा चुकी है साथ ही 18,989 से अधिक ओपीडी की गयी है।

डॉ विनीता शाह द्वारा बताया गया कि हर धाम पर विशेष स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए गए हैं जहाँ 24 घंटे मेडिकल सुविधाएँ उपलब्ध हैं। प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर, नर्स व प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की टीम तैनात है। यात्रा मार्ग पर विभिन्न स्थलों पर मोबाइल मेडिकल यूनिट स्थापित की गई हैं जो आवश्यकता पड़ने पर तीर्थयात्रियों को चिकित्सा सहायता प्रदान करती हैं। यात्रा के मुख्य मार्गों और बेस कैंपों पर स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए गए हैं जहाँ रक्तचाप, शुगर लेवल, और अन्य सामान्य स्वास्थ्य जांच की जा रही है।

श्रद्धालुओं से अपील करते हुए स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ विनीता शाह ने कहा कि चारधाम यात्रा (बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री) के दौरान श्रद्धालुओं को अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। श्रद्धालु यात्रा पर निकलने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श लें व सुनिश्चित करें कि आप यात्रा के लिए शारीरिक रूप से स्वस्थ हैं। नियमित व्यायाम और उचित आहार का पालन करें ताकि आपकी सहनशक्ति बनी रहे। अपनी नियमित औषधियाँ और आवश्यक दवाइयाँ पर्याप्त मात्रा में साथ रखें। ऊँचाई पर होने वाली समस्याओं के लिए आवश्यक दवाइयाँ भी साथ रखें।

स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ विनीता शाह ने कहा कि ऊँचाई पर ठंड और बर्फबारी का ध्यान रखते हुए गर्म कपड़े, टोपी, दस्ताने, और अच्छे जूते पहनें। ट्रेकिंग के लिए उपयुक्त उपकरण और सामान साथ रखें। शुद्ध पानी पिएं और अपने साथ पर्याप्त पानी रखें। हल्का, पौष्टिक और आसानी से पचने वाला भोजन करें। यात्रा के दौरान भारी भोजन से बचें। ऊँचाई पर चढ़ाई करते समय धीरे-धीरे अनुकूलन करें और अपने शरीर को आराम दें। अत्यधिक थकान से बचें और नियमित अंतराल पर विश्राम करें। ऊंचाई वाले क्षेत्र में सांस फूलने या थकावट आने कि स्थिति में नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में परामर्श लें या फिर कम ऊंचाई की तरफ प्रस्थान करें।

श्रद्धालु किसी भी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी व सहायता हेतु विभाग के 24 घंटे टॉल फ्री हेल्पलाइन नंबर 104, 18001801200 व 01357156104 पर संपर्क कर सकते हैं। श्रद्धालु यात्रा के दौरान सभी नियमों का पालन करें और अपनी यात्रा को सुखद और सुरक्षित बनाएं।

तीर्थयात्रियों से मुलाकात कर यमुनोत्री में सीएम ने जानी यात्रा व्यवस्था

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज यमुनोत्री क्षेत्र का भ्रमण कर यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने तीर्थयात्रियों एवं स्थानीय लोगों से मुलाकात कर चारधाम यात्रा के बारे में फीड बैक लिया। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर देश के विभिन्न हिस्सों से आये तीर्थयात्री अत्यंत प्रसन्न हुए और उन्होंने चारधाम यात्रा को सुगम व सुरक्षित बनाने के लिए शासन-प्रशासन के प्रयासों को सराहा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने यमुनोत्री व गंगोत्री धाम की यात्रा संचालन को लेकर किए गए प्रबंधो पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि यात्रा के शुरूआती दिनों में ही धामों में रिकॉर्ड भीड़ हो जाने के कारण यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा व अन्य व्यवस्थाओं को कायम रखने के लिए यात्रा के नियंत्रित व व्यवस्थित संचालन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिसे देखते हुए बिना पंजीकरण के यात्रा की अनुमति नहीं दिए जाने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सभी श्रद्धालुओं के स्वागत-सत्कार के लिए सदैव तत्पर है, लेकिन धामों की मर्यादाओं और भौगोलिक विशिष्टताओं के कारण तात्कालिक तौर पर यात्रा को नियमित करना जरूरी हो गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बिना पंजीकरण व पंजीकृत शेड्यूल से इतर यात्रा करने की कतई अनुमति न दी जाय, लेकिन जो लोग यात्रा रूट पर काफी आगे बढ चुके हैं उन्हें धामों का दर्शन करने की सुविधा देने का रास्ता तलाशा जाय। अपने भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने यमुनोत्री धाम सहित खरसाली व जानकीचट्टी क्षेत्र का हवाई निरीक्षण भी किया।

अपने भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने यमुनोत्री मार्ग पर बड़कोट के निकट दोबाटा में यात्री पंजीकरण एवं जॉंच केन्द्र तथा होल्डिंग प्वाईंट पर जाकर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। यहां पर मुख्यमंत्री तीर्थयात्रियों के जत्थों से मिले और यात्रा के बारे में वार्ता की। मुख्यमंत्री ने यात्रियों को पंजीकरण तथा वाहनों की नियंत्रित आवाजाही की व्यवस्था के बारे में बताया। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर हर्षित और प्रफुल्लित श्रद्धालुओं ने जय-जयकार के नारे लगाए और बिना पंजीकरण के क्षेत्र में चले आये यात्रियों को आगे की यात्रा की अनुमति देने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने इस मामले में आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पाण्डेय से कोई रास्ता निकालने की अपेक्षा करते हुए कहा कि बीच रास्ते से श्रद्धालुओं को वापस भेजा जाना ठीक नहीं होगा। लेकिन यह सुनिश्चित किया जाय कि ़ऋषिकेश या हरिद्वार से बिना पंजीकरण के किसी को भी यात्रा में न आने दिया जाय। मुख्यमंत्री से वार्ता के दौरान सभी यात्रियों ने यात्रा व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए यात्रियों की सुविधा व व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाए गए कदमों की सराहना की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यमुनोत्री मार्ग पर खरादी होते हुए पालीगाड तक सड़क मार्ग से निरीक्षण किया। पालीगाड में मुख्यमंत्री ने यात्रियों से भेंट कर यात्रा के बारे में उनके अनुभवों का सुना। मुख्यमंत्री ने यहां पर हेल्डिंग प्वाईंट में कुछ समय के लिए रोके गए यात्री वाहनों के अंदर जाकर भी यात्रियों से मुलाकात की। देश के विभिन्न राज्यों से आये तीर्थयात्रियों ने मुख्यमंत्री से भेंट कर यात्रा व्यवस्थाओं को उपयुक्त बताया और अपनी प्रसन्नता को अभिव्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री के साथ सेल्फी भी ली। मुख्यमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं का देवभूमि आगमन पर स्वागत करते हुए उन्हें यात्रा के लिए शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने पालीगाड में ढाबा संचालकों एवं स्थानीय लोगों से मुलाकात करते हुए यात्रा व्यवस्था में सहयोग करने व यात्रियों को वाजिब दाम में बेहतर सेवाएं प्रदान करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने बड़कोट में यात्रा व्यवस्था के बावत अधिकारियों की बैठक लेते हुए कहा कि चारधाम यात्रा हमारे गौरव का प्रतीक होने के साथ ही आर्थिकी का भी प्रमुख स्रोत है। लिहाजा यात्रा सुविधाओं और सड़कों सहित अन्य अवस्थापनाओं के विकास व विस्तार की योजनाओं पर तेजी से काम किया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा व सुविधा तथा सुव्यवस्था को सर्वाेपरि रख यात्रा का समुचित प्रबंधन किया जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा व्यवस्था को लेकर शुरूआती समय हमेशा से काफी चुनौतीपूर्ण रहा है, लिहाजा इस काम में तैनात सभी कार्मिक प्रतिबद्धता के साथ यात्रा को सुगम, सुरक्षित व सुव्यवस्थित बनाए रखने में लिए जुटे रहें।

इस अवसर पर आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पाण्डेय, जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट और पुलिस अधीक्षक अर्पण यदुवंशी ने यात्रा व्यवस्था व प्रबंधन तथा वाहनों की आवाजाही के विनियमन को लेकर की गई व्यवस्थाओं की जानकारी दी। बैठक में बताया गया कि यात्रा मार्ग पर वाहनों के दबाव को देखते हुए वाहनों के ठहराव स्थलों एवं ठहराव समय की निरंतर समीक्षा कर इसमें यात्रियों की सुविधा का ध्यान रख व्यावहारिक बदलाव किए जा रहे हैं। यातायात में शुरूआत दिनों में आई समस्या को अब दूर कर लिया गया है और यमुनोत्री व गंगोत्री धाम की यात्रा सुचारू व सुव्यस्थित रूप से संचालित हो रही है।

इस दौरान यात्रा मजिस्ट मजिस्टेट अभिषेक त्रिपाठी, उप जिलाधिकारी मुकेष चंद रमोला, नवाजिश खलीक सहित यात्रा व्यवस्थाओं से जुड़े अधिकारी और पूर्व विधायक केदार सिंह रावत, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जशोदा राणा, पूव पालिकाध्यक्ष अतोल रावत, श्याम डोभाल सहित बडकोट क्षेत्र के अनेक जन-प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

सीएम बोले, चारधाम यात्रा में रजिस्ट्रेशन के अनुसार ही श्रद्धालुओं को चारधाम यात्रा की दें अनुमति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए चारधाम यात्रा से जुड़े जनपदों के जिलाधिकारियों से विभिन्न व्यवस्थाओं का फीडबैक लिया। मुख्यमंत्री बड़कोट जाकर ग्राउंड जीरो से यमुनोत्री धाम की व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत और यात्रा को सुगम बनाने के लिए मुख्यमंत्री स्वयं मोर्चा संभाले हुए हैं। मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा से जुड़े सभी विभागों के सचिवों को निर्देश दिये हैं कि वे लगातार चारधाम यात्रा मार्गों पर अपने विभागों से संबंधित सभी व्यवस्थाओं को देंखे और विभागों के उच्चाधिकारियों को भी मौके पर भेजें। उन्होंने कहा कि यात्रा व्यवस्थाओं में सभी अधिकारी चारधाम यात्रा से जुड़े जनपदों के जिलाधिकारी और एसपी का पूरा सहयोग करें। यात्रा व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि यात्रियों को जिन स्थानों पर ठहराने की व्यवस्थाएं की गई है, यह सुनिश्चित किया जाए कि उन स्थानों पर सभी मूलभूत सुविधाएं पेयजल, विद्युत, शौचालय, खानपान और बच्चों के लिए दूध और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहें। उन्होंने निर्देश दिये कि चारधाम पैदल मार्गों पर श्रद्धालुओं को पेयजल एवं अन्य सुविधाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हों। चारधाम यात्रा के दौरान भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत आवश्कतानुसार वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की जाए और श्रद्धालुओं को इन मार्गों के बारे में जानकारी भी दी जाए। सचिव परिवहन को मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि वाहनों की फिटनेस का विशेष ध्यान रखा जाए। बिना फिटनेस के कोई वाहन यात्रा मार्ग पर चल रहे हैं तो, इसके लिए संबंधित परिवहन अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाय। मुख्यमंत्री ने रजिस्ट्रेशन के अनुसार ही श्रद्धालुओं को चारधाम यात्रा पर भेजा जाए। ऑफलाईन रजिस्ट्रेशन को फिलहाल स्थगित रखा जाय।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग से केदारनाथ यात्रा के बारे में जानकारी ली। जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग सौरभ गहरवार ने अवगत कराया कि श्री केदारनाथ में यात्रा सुचारू रूप से चल रही है। आज अभी तक श्री केदारनाथ में 11 हजार हजार श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, पैदल मार्ग से 08 हजार यात्री दर्शन के लिए गये हैं। ठहराव वाले स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से यात्रा मार्ग पर वाहनों के आवागमन की व्यवस्थाओं की कंट्रोल रूम से निगरानी की जा रही है। यातायात प्रबंधन के लिए यात्रा मार्ग पर पर्याप्त पुलिस बल की व्यवस्था की गई है। जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग ने कहा कि उन्होंने गुरुवार रात्रि को रुद्रप्रयाग से गौरीकुंड तक यात्रा व्यवस्थाओं को देखा।

जिलाधिकारी उत्तरकाशी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने कहा कि गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की यात्रा के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि आज गंगोत्री धाम में 11 हजार और यमुनोत्री धाम में 10 हजार श्रद्धालुओं के दर्शन करने की संभावना है। श्रद्धालुओं के लिए जिन स्थानों पर ठहराव की व्यवस्था की गई वहां पर सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। एसपी उत्तरकाशी ने कहा कि कुछ लोग फर्जी रजिस्ट्रेशन वाले पाये गये हैं, जिन पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। जिलाधिकारी चमोली हिमांशु खुराना ने कहा कि श्री बद्रीनाथ में यात्रा सुचारू रूप से चल रही है। आगामी सप्ताह में अवकाश के दृष्टिगत श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि के दृष्टिगत भी सभी व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

बैठक में प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, सचिव अरविन्द सिंह ह्यांकी, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, सचिन कुर्वे, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पाण्डेय, सचिव एस.एन. पाण्डेय, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, एसएसपी अजय सिंह, वर्चुअल माध्यम से डीजीपी अभिनव कुमार, जिलाधिकारी हरिद्वार धीराज गर्ब्याल उपस्थित थे।

प्रभारी मंत्री अग्रवाल ने कहा, धाम से कोई भी श्रद्धालु बिना दर्शन वापस न लौटे

कैबिनेट व उत्तरकाशी जनपद के प्रभारी मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के संबंध में स्थानीय प्रशासन से वार्ता की है। डॉ अग्रवाल ने स्थानीय प्रशासन से कहा है कि यात्रा व्यवस्थित रहे इसके लिए कोई भी श्रद्धालु बिना दर्शन कर वापस न जाए, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। बता दें कि मुख्यमंत्री के सचिव मीनाक्षी सुंदरम भी वहां कैंप किए हुए हैं।

गुरुवार को प्रेस में जारी एक बयान में डॉ अग्रवाल ने बताया कि उनके प्रभारी जनपद उत्तरकाशी के पवित्र धाम गंगोत्री और यमुनोत्री में पिछले दिनों श्रद्धालुओं के बिना दर्शन कर लौटने की जानकारी मिली। जिसका संज्ञान लेते हुए डॉ अग्रवाल ने स्थानीय प्रशासन से वार्ता की है।

डॉ अग्रवाल ने कहा है कि चार धाम यात्रा अपने चरम पर है। ऐसे में किसी भी श्रद्धालु को बिना दर्शन कर लौटने न दिया जाए। व्यवस्थाओं में सभी लोग अपना सहयोग दें इसके लिए डॉक्टर अग्रवाल ने यात्रा पर आ रहे श्रद्धालुओं से भी आग्रह किया है।

वही स्थानीय प्रशासन ने डॉ अग्रवाल को बताया कि यात्रा सुचारू रूप से चल रही है इसके क्रम में मार्ग वन-वे किया गया है। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में अव्यवस्था न फैले, इसके लिए गाड़ियों में सवार श्रद्धालुओं को भंडारा आदि की व्यवस्था उपलब्ध कराई जा रही है।

विदेशी महिला सिमोना ने केदारनाथ गुफा में साधना कर बनाया रिकॉर्ड

केदारनाथ धाम देश ही नही दुनियाभर के शिवभक्तों की आस्था का केंद्र है। केदारनाथ मंदिर के ऊपर गरुड़चट्टी में बनी जिस गुफा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साधना की थी, वो अब देश के ही नहीं, विदेशी भक्तों के लिए भी ध्यान साधना का प्रमुख केंद्र बन रही है। इसी कड़ी में अमेरिकी नागरिक सिमोना स्टेंस बीते दिनों केदारनाथ धाम पहुंची और ध्यान गुफा में दो दिन तक साधना की। इस गुफा में साधना करने वाली वो पहली विदेशी शिवभक्त हैं।

जानकारी के अनुसार अमेरिका की सिमोना स्टेंस गौरीकुंड से पैदल ही 19 किमी की दूरी तय कर केदारनाथ धाम पहुंची थी। सिमोना पहली बार केदारनाथ धाम पहुंची और यहां पहुंचने के बाद वे सीधे ध्यान गुफा गईं। सिमोना ने इस ध्यान गुफा में साधना के लिए ऑनलाइन बुकिंग कराई थी।ध्यान साधना के बाद सिमोना काफी खुश नजर आई। उनके मुताबिक भगवान शिव की भूमि में आकर उन्हें अपार शांति की अनुभूति हुई है। शिमोना ने कहा 19 किमी की खड़ी पैदल यात्रा करने के बाद जो दृश्य सामने नजर आता, उससे मन में शिव के प्रति एक भाव जागृत होता है। शिमोना ने कहा कि केदारनाथ धाम में साक्षात शिव का वास है। उन्होंने बताया कि ध्यान गुफा में दो दिनों तक रहकर ऊं नमः शिवाय मंत्र का निरंतर जाप किया।

गढ़वाल मंडल विकास निगम के मुताबिक इस ध्यान गुफा के लिए जून महीने तक की बुकिंग फुल हो चुकी है। ध्यान गुफा में पहुंचने वाले साधकों के लिए सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। जहां ध्यान करने के लिए प्रति व्यक्ति 3500 रुपए किराया एक रात का चुकाना होता है। गढ़वाल मंडल विकास निगम की वेबसाइट https://gmvnonline.com पर जाकर इसके लिए बुकिंग करवा सकते हैं।

सरकार ने चारधाम यात्रा में मंदिर के 50 मीटर पर रील्स बनाने पर लगाया प्रतिबंध


उत्तराखंड में चारधाम यात्रा ने यात्रियों के सभी रिकॉर्ड्स तोड़ दिए हैं। अभी तक 25 लाख से ज्यादा श्रद्धालु इस यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। हालांकि, इस दौरान सोशल मीडिया पर चारधाम यात्रा से जुड़े कुछ रील्स लगातार शेयर किए जा रहे हैं। इसके बाद कई यूजर्स ने इस पर आपत्ति जताई थी। अब उत्तराखंड सरकार ने अहम फैसला लेते हुए चारधाम यात्रा के दौरान मंदिर परिसर के 50 मीटर के दायरे पर वीडियोग्राफी और रील्स पर प्रतिबंध लगा दिया है।

चारधाम यात्रा में रजिस्ट्रेशन के बाद निर्धारित तिथि पर ही दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि सुरक्षित और सुगम चारधाम यात्रा के लिए शासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी सड़क मार्ग से ग्राउंड जीरो पर यात्रा व्यवस्थाओं को देंखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी पहली प्राथमिकता चारधाम यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षा है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि उनको चारधाम यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन के अनुसार जो तिथि मिली है, उसके अनुसार ही दर्शन के लिए आयें। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से स्वास्थ्य परीक्षण और मौसम का पूर्वानुमान देखने के बाद ही चारधाम यात्रा पर आने के लिए अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है कि चारधाम यात्रा भी सुरक्षित हो और सभी श्रद्धालु भी स्वस्थ और सुरक्षित हों। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि चारो धामों में 31 मई तक वीआईपी दर्शन की व्यवस्था स्थगित रखी जाय।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए चारों धामों में प्रतिदिन के लिए जो क्षमता निर्धारित की गई है, उसके अनुसार ही दर्शन के लिए भेजे जाएं। रजिस्ट्रेशन की व्यवस्थाओं को और मजबूत बनाया जाए। श्रद्धालुओं का चार धाम यात्रा हेतु रजिस्ट्रेशन होने पर ही चेक प्वाइंट से आगे जाने दें। परिवहन विभाग, राजस्व विभाग, पुलिस विभाग को संयुक्त रूप से चेक पोस्ट पर चेकिंग करने के निर्देश दिए। आगामी तीन दिनों तक ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन रोक दिए जाय। यह सुनिश्चित हो कि चार धाम यात्रा नियमों के अनुरूप ही चले। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि चार धाम के सभी मार्गों के एंट्री प्वाइंट एवं विकास नगर, यमुना पुल क्षेत्र, धनौल्टी, सुवाखोली में भी सख्ती से चेकिंग की व्यवस्था सुनिश्चित हो। इन स्थलों पर यात्रियों की सुविधा का भी पूरा ध्यान रखा जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं से सबंधित सभी जानकारियां लोगों तक स्पष्ट रूप से जाए इसके लिए शासन के वरिष्ठ अधिकारी प्रतिदिन मीडिया ब्रीफिंग करें। यात्रा से संबंधित सभी जानकारियां आमजन तक पहुंचाने के लिए मीडिया को उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये है कि चारधाम यात्रा के दौरान भीड़ प्रबंधन और यात्रा प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिये कि वे यातायात प्रबंधन और भीड़ प्रबंधन के लिए स्वयं स्थलीय निरीक्षण करें और चारों धामों में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को इसकी जिम्मेदारी दी जाय। सभी अधिकारि सहयोगी के रूप में अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा प्रदेश की लाईफ लाईन है। यह यात्रा राज्य की आर्थिकी से भी जुड़ी है। जिस तेजी से चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि हो रही है, हम सबका दायित्व है कि यात्रा को सुगम और सरल बनाने में सभी मिलकर सहयोगी बनें। व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने में राज्य सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा मार्गों से जुड़े सभी जनपद यात्रा व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए समन्वय के साथ कार्य करें। मुख्यमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं से अपेक्षा की है कि देवभूमि उत्तराखण्ड के इन धामों की धार्मिक यात्रा में स्वस्थ मानकों के अनुसरण पर भी ध्यान दें।

मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा से जुड़े जनपदों रूप्रदप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी के जिलाधिकारियों से वर्चुअल माध्यम से चारधाम यात्रा से सबंधित विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी ली और शासन स्तर से चारधाम यात्रा के दृष्टिगत सबंधित जिलाधिकारियों को जो भी सहयोग की आवश्यकता है, उसके बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने शासन और पुलिस के अधिकारियों को निर्देश दिये कि चारधाम यात्रा से सबंधित जो भी आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए जिला प्रशासन से अनुरोध किया जाता है, उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए।

बैठक में राज्य आपदा प्रबंधन के उपाध्यक्ष विनय रोहिला, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, डीजीपी अभिनव कुमार, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, अरविन्द सिंह ह्यांकी, सचिन कुर्वे, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, सचिव एवं गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पाण्डेय, विशेष सचिव रिद्धिम अग्रवाल, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी एवं वर्चुअल माध्यम से चारधाम यात्रा से सबंधित जिलों के जिलाधिकारी और एसपी उपस्थित थे।