केबीसी में लॉटरी के नाम पर ठगने वाले गिरोह का दूसरा सदस्य गिरफ्तार

रायवाला पुलिस ने कौन बनेगा करोड़पति में प्रतिभाग कराने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के एक सदस्य को बिहार के जमुई जिले से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इसी गिरोह के एक अन्य सदस्य को 15 जुलाई 2019 को गिरफ्तार किया था। आरोपी ने रायवाला निवासी बीएसएफ के एक हेड कांस्टेबल से 24 लाख 84 हजार की रकम ठगने के बाद गिरोह सुर्खियों में आया था।

थानाध्यक्ष रायवाला हेमंत खंडूरी ने बताया कि कौन बनेगा करोड़पति कांटेस्ट में हिस्सा दिलवाने के लिए लॉटरी के नाम पर धोखाधड़ी करने वाला गिरोह बिहार से संचालित हो रहा था। 12 जून 2019 को बीएसएफ हेड कांस्टेबल बलवीर सिंह रावत पुत्र चंदन सिंह निवासी निकट राधास्वामी सत्संग भवन प्रतीत नगर रायवाला को एक फोन कॉल आया। उसमें गिरोह के सदस्यों ने स्वयं को कौन बनेगा करोड़पति कांटेस्ट से जुड़ा बताया।

गिरोह के सदस्य ने हेड कांस्टेबल को एक करोड़ बीस लाख रुपये की लॉटरी लगने की बात कही। इस लालच में हेड कांस्टेबल बलवीर सिंह ने 24 लाख 84 हजार रुपये गंवा दिए। इसके बाद जब फोन कट गया और पीड़ित ने उक्त नंबर को पुनरू कॉल करनी चाही तो फोन स्विच ऑफ आया। उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया था।

इस मामले में टीम गठित कर गिरोह के शातिर विकास कुमार केसरी पुत्र अर्जुन केसरी निवासी महादेव सिमरिया थाना सिकंदरा जिला जमुई बिहार को गिरफ्तार किया गया है। थानाध्यक्ष ने बताया कि उक्त मामले में 15 जुलाई 2019 को गिरोह के एक अन्य सदस्य राहुल पुत्र अनिल प्रसाद निवासी एकसारा थाना वैन जिला नालन्दा बिहार को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि एक अन्य सदस्य आकाश वर्मा फरार चल रहा है। पुलिस टीम में थानाध्यक्ष हेमंत खंडूरी, उप निरीक्षक विक्रम सिंह नेगी, कांस्टेबल प्रवीण सिंधु, विनोद कुमार शामिल रहे।

लालू को मिली साढ़े तीन साल की सजा, चारा घोटाला मामला

चारा घोटाला के देवघर कोषागार मामले में दोषी करार दिए गए आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव को साढ़े तीन साल की सजा सुनाई गई है। साथ ही लालू को 5 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया गया है, जबकि जगदीश शर्मा समेत छह को सात साल की सजा सुनाई गई है और 10 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है।
सजा सुनाये जाने के बाद लालू यादव के ट्विटर हैंडल से एक ट्वीट किया गया है जिसमें उन्होंने खुद बेगुनाह साबित करने की कोशिश की है, लालू की मानें तो वो सामाजिक न्याय के लिए लड़ रहे हैं, जिसकी सजा उन्हें ये मिल रही है।
रांची की सीबीआई अदालत से लालू यादव समेत सभी 16 दोषियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए फैसला सुनाया गया। लालू रांची की बिरसा मुंडा जेल में बंद हैं, जुर्माना नहीं देने पर 6 महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
बता दें कि देवघर कोषागार आरसी 64ए/96 से 89 लाख रुपये फर्जी तरीके से निकाले जाने के मामले में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव सहित 16 आरोपी दोषी करार हैं। कोर्ट ने उन्हें 23 दिसंबर को दोषी पाया था, जिसके बाद लालू रांची की बिरसा मुंडा जेल में बंद है। 3 जनवरी से मामले के दोषियों की सजा पर सुनवाई चल रही है।
सुनवाई में लालू रहे थे खामोश
शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिग के जरिए हुई सुनवाई के दौरान लालू प्रसाद पूरी तरह चुप रहे थे। उनके अधिवक्ता चितरंजन प्रसाद ने न्यायाधीश से आग्रह किया कि लालू की उम्र 70 वर्ष हो गई हैं। वह शारीरिक रूप से अस्वस्थ हैं, उन्हें हाईपर टेंशन और डायबिटीज हैं। 21 सालों से केस लड़ रहे हैं। इसलिए इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए लालू प्रसाद को कम से कम सजा दी जाए।
वहीं सीबीआई के अधिवक्ता ने इस पर विरोध जताते हुए कहा कि लालू राजनीति में सक्रिय हैं। रैलियां और भाषण कर रहे हैं, इसलिए नहीं लगता कि बहुत बीमार हैं। जेल में भी मेडिकल की सुविधाएं उपलब्ध हैं। वह मुख्य आरोपी हैं। इसलिए उन्हें ज्यादा से ज्यादा सजा दी जाए।
बता दें कि सीबीआई की विशेष अदालत ने 23 दिसंबर को चारा घोटाले के एक मामले में लालू यादव को दोषी ठहराया था। वकीलों के अनुसार, लालू प्रसाद को तीन से सात वर्षो की सजा सुनाई जा सकती है, लेकिन उन्हें तीन वर्ष की सजा सुनाई जाती है तो उन्हें तत्काल जमानत मिल सकती है।

रिहायशी इलाकों में घुसा टुटे बांध का पानी

बिहार में भागलपुर के कहलगांव में 40 साल पहले शुरू हुए बटेश्वर स्थान गंगा पंप नहर परियोजना के ऊपर एक बार फिर ग्रहण लग गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बुधवार को इस परियोजना का उद्घाटन करने वाले थे, लेकिन उससे पहले ही मंगलवार की दोपहर को गंगा पंप नहर का बांध टूट गया, जिसकी वजह से कहलगांव में कई रिहायशी इलाकों में नहर का पानी घुस गया।
इस बांध के टूटने की वजह से इसके उद्घाटन को फिलहाल टाल दिया गया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद भागलपुर के डीएम और एसएसपी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। नहर का बांध टूटने की वजह से कहलगांव इलाके में अफरा-तफरी का माहौल है और लोग डरे-सहमे है। नहर का बांध टूटने की वजह से एनटीपीसी परियोजना जो कि कहलगांव में चल रही है, उसके रिहायशी इलाकों में पानी घुस गया है।
सूत्रों के मुताबिक, दो दिन पूर्व भी ट्रायल के लिए जब नहर में पानी छोड़ा गया था तो कई जगह पर बांध में लीकेज देखने को मिला। जिसकी वजह से परियोजना से जुड़े लोग और अभियंताओं में हाहाकार मच गया था। इस परियोजना में काम कर रहे अभियंताओं ने बांध में लीकेज की समस्या को ठीक करने की कोशिश की मगर ऐसा लगता है। इससे कोई सफलता हासिल नहीं हुई और इसकी वजह से मंगलवार को दोपहर को उद्घाटन से पहले ही नहर का यह बांध टूट गया।
गौरतलब है कि इस परियोजना से बिहार समय से झारखंड को भी इसका पूरा फायदा मिलने वाला था। मगर नहर का बांध टूट जाने की वजह से एक बार फिर से इस परियोजना की शुरुआत में देरी हो गई है। वहीं सीएम नीतीश कुमार ने भी अब अपना दौरा टाल दिया है।

कम उम्र में शादी को पहुंचे प्रेमी जोड़े

हम नाबालिग है तो क्या हुआ? बालिग होते ही पति इसी को बनाऊंगी। सुनने में बड़ा ही अजीब लग रहा होगा, लेकिन यह वाकया देखने में आया है। जहां एक नाबालिग लड़का व लड़की में पढ़ाई के दौरान ही आपस में प्रेस पनपा। प्रेम के जाल ने दोनों को ऐसा फांसा कि दोनों शादी के लिये कानूनन उम्र न होने पर भी शादी को मंदिर जा पहुंचे। फिर क्या था, पीछे-पीछे माता-पिता भी पहुंचे। उधर घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस भी मंदिर पहुंची। पुलिस से लड़की ने जो कहा, वह वाकई हिम्मत भरा जवाब था। बिहार पटना के कटिहार जिले में एक नबालिग प्रेमी जोड़ा घर से भागकर शादी के लिए मंदिर पहुंचा ही की, इतने में लड़के के घरवाले भी मंदिर पहुंच लड़के की जमकर पिटाई कर दी। वहीं पुलिस भी मंदिर पहुंच गई और प्रेमी जोड़े को पकड़कर थाने ले आई।
घटना कटिहार नगर थाना क्षेत्र के कालीबाड़ी मंदिर की है। जहां कुरेठा गांव के रहने वाले एक युवक को मैट्रिक के कोचिंग के दौरान वहीं पढ़ने वाली युवती से प्यार हो गया। फिर दोनों शादी के लिए गांव छोड़ शहर पहुंच गए। मंदिर में जैसे ही दोनों शादी के लिए पहुंचे उनके परिजन पहले से ही वहां मौजूद थे। उनलोगों ने वहीं पर पिटाई शुरू कर दी।
वहीं, पुलिस के सामने थाने में भी दोनों ने एक-दूसरे के साथ रहने की इच्छा जताई। लड़की का कहना था कि लड़के के घरवाले शादी के लिए तैयार नहीं है। कटिहार नगर थाना के पुलिस इंस्पेक्टर ने विद्यानंद पांडेय ने बताया कि बरामद प्रेमी जोड़ा नाबालिग है और मेडिकल टेस्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

अचानक कटी गायें बहकर आयी, लोगों में आक्रोश

बिहार के मुरलीगंज प्रखंड में स्थित पकिलपार नहर में अचानक कटी हुई गायें बहकर आने लगीं। जब एक साथ दो सौ के करीब कटी गायें बहकर आती दिखीं तो लोगों को बड़ी आपदा की आशंका हुई। लोग अपना काम काज छोड़कर नहर की तरफ दौड़े। करीब 200 से अधिक मरी हुई गायें के साथ बहकर आईं उसके बाद लगातार गायों के बहकर आने का सिलसिला जारी है। जानकारी मिली है कि पांच सौ से ज्यादा गायें बहकर आयी हैं। घटना से लोगों में आक्रोश भी देखा जा रहा है। नहर के किनारे लोगों की काफी भीड़ लग गई है। ग्रामीणों में गौ हत्या को लेकर आक्रोश पनप रहा हैं। मौके पर एसडीओ संजय निराला, एएसपी राजेश कुमार, बीडीओ ललन कुमार चौधरी , थानाध्यक्ष राजेश कुमार दल बल के साथ पहुंच चुके हैं और लोगों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन इतनी संख्या में कटी गायों को देखकर लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। गाय को निकालने पहुंचे जेसीबी को लोगों ने लौटा दिया है।

बाढ़ पीड़ितों को त्योहारों से पूर्व दें पैसाः नीतीश

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बाढ़ पीड़ितों के लिए जल्द आर्थिक मदद मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि बकरीद से पहले ही पीड़ितों को आर्थिक मदद दी जाए। नीतीश कुमार ने बताया कि बाढ़ राहत के लिए दी जाने वाली 6 हजार नगद राशि को बकरीद के पहले दिए जाने के लिए अधिकारी काम करें। ताकि बाढ़ पीड़ितों को त्योहार के पहले राशि मिल सके। उन्होंने कहा कि अगर किसी पीड़ित का खाता नहीं खुला हो तो प्रशासन के लोग उस व्यक्ति के खाते को खुलवाने की व्यवस्था करें। ताकि आरटीजीएस के माध्यम से उनके खाते में राशि का ट्रांसफर किया जा सके।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर समीक्षा बैठक
मुख्यमंत्री ने इसके लिए सभी जिलों के पदाधिकारियों के साथ वीडियो बैठक की। मुख्यमंत्री ने बाढ़ राहत कार्य, पर्व-त्योहारों की तैयारी, विधि व्यवस्था समेत अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे की समीक्षात्मक बैठक की। सीएम ने कहा कि इस बार की बाढ़ अभूतपूर्व है जिसे हवाई सर्वेक्षण के दौरान उन्होंने स्वयं महसूस किया है। उन्होंने कहा कि सरकारी पंचायत भवन में कम्यूनिटी रिलिफ सेंटर की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि आपदा के समय उसका उपयोग किया जा सकें। उन्होंने कहा कि भविष्य में बनने वाले पंचायत भवन में भी इसका इंतजाम किया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि बिहार की बाढ़ की रोकथाम को लेकर नेपाल के पीएम से बात हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी से सड़कों पर जल निकासी की व्यवस्था को लेकर भी बात हुई है। बता दें कि सरकारी आंकड़ों के मुताबिक बिहार में बाढ़ से 19 जिलों की करीब पौने दो करोड़ आबादी प्रभावित हुई है। सरकारी आंकड़े के मुताबिक 28 अगस्त तक बाढ़ से 514 लोगों की मौत हो चुकी है।

बीजेपी के खिलाफ रैली आयोजित कर लालू ने दिया नारा, कहा देश बचाओ, बीजेपी भगाओ

बीजेपी के खिलाफ आरजेडी प्रमुख लालू यादव की पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में देश बचाओ, बीजेपी भगाओ महारैली में विपक्ष की एकता जरूर देखने को मिली, लेकिन लालू यादव बीजेपी और पीएम मोदी की बजाय अपने पुराने साथी नीतीश पर ही बरसते नजर आए। उनके भाषण में महागठबंधन टूटने का दर्द साफ झलक रहा था।
नीतीश कुमार पर हमला बोलते हुए लालू यादव ने कहा कि उन्हें तो कभी भी नीतीश कुमार पर भरोसा नहीं था, लेकिन सांप्रादायिक ताकतों को रोकने के लिए भारी मन से विधानसभा चुनाव से पहले महागठबंधन किया था। नीतीश के इस कदम को लेकर हमें पहले से ही जानकारी थी कि ये आदमी विश्वास के लायक नहीं है। लालू यादव ने कहा कि इस वक्त एनडीए में जो भी बिहार से बड़े नेता हैं वो सभी उन्हीं के प्रोडक्ट्स हैं। लालू ने नीतीश पर आरोप लगाया कि बिहार की राजनीति में तेजस्वी यादव के बढ़ते कद से नीतीश कुमार परेशान हो रहे थे। नीतीश अंदर-ही-अंदर जल रहे थे। उनसे देखा नहीं जा रहा था कि उनके आगे का लड़का जनता में लोकप्रिय हो रहा है। इसलिये नीतीश महागठबंधन तोड़ बीजेपी की गोद में जा बैठे।
लालू यादव के भाषण में नीतीश के खिलाफ जबरदस्त गुस्सा देखने को मिला। नीतीश के बीजेपी से हाथ मिलने को लेकर उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि नीतीश पहले संघ मुक्त का नारा देते थे। अब खुद ही संघ की गोद में जाकर बैठ गए। उन्होंने सीबीआई छापे के लिए भी नीतीश को जिम्मेदार ठहराया। साथ ही कहा कि नीतीश के ऊपर हत्या का केस चल रहा है।

बाढ़ से नुकसान की भरपाई को मोदी का बिहार को 500करोड़ी पैकेज

हवाई सर्वे के जरिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। इस दौरान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी मोदी के साथ रहे। पीएम मोदी ने बिहार के लिए 500 करोड़ रुपए के राहत पैकेज का ऐलान किया है। इससे पहले पीएम मोदी ने पूर्णिया में सीएम नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम सुशील मोदी और आला अधिकारियों के साथ बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए उच्चस्तरीय बैठक भी की। बिहार में बाढ़ की वजह से अब तक 418 लोगों की मौत हो गई है। हाई लेवल मीटिंग के बाद पीएम मोदी ने बिहार को हर मुमकिन मदद का भरोसा दिया है। मोदी ने बाढ़ से हुए नुकसान का आंकलन करने के लिए एक केंद्रीय दल भेजने का भी आश्वासन दिया है। उन्होंने निर्देश दिए कि किसानों की फसल बीमा का तुरंत आंकलन करने के लिए बीमा कम्पनियां अपने पर्यवेक्षक तत्काल प्रभावित क्षेत्रों में भेजें। जिससे किसानों को शीघ्र ही राहत पहुंचाई जा सके।
बाढ़ से प्रभावित सड़कों की मरम्मत के लिए सड़क एवं परिवहन मंत्रालय को उपयुक्त कार्रवाई करने का भी निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ से विद्युत इंफ्रास्ट्रक्चर को जो नुकसान हुआ है उसकी शीघ्र बहाली के लिए भी केन्द्र, राज्य सरकार की हर संभव मदद करेगा। प्रधानमंत्री राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिवार को 2 लाख रुपए एवं गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को 50 हजार रुपए की दर से सहायता भी दी जाएगी।

बाढ़ पीड़ितों ने लगाए क्षेत्रीय सांसद के पोस्टर, कहा मिले तो हमें बताए

एक ओर जहां बरसात का मौसम चल रहा है और ऐसे में बाढ़ का आना लाजमी है। बिहार के 18 जिले इस वक्त बाढ़ की त्रासदी झेल रहे हैं इन बाढ़ पीड़ितों की कोई सुध नहीं ले रहा है। मदद न होने की वजह से उनका गुस्सा और आक्रोश बढ़ता जा रहा है। दरभंगा जिले में भी बाढ़ में भारी तबाही मचाई है। अब तक 12 लोगों की मौत भी हो चुकी है। ऐसे में बाढ़ पीड़ितों का गुस्सा अपने क्षेत्र के सांसद, पूर्व क्रिकेटर व स्थानीय सांसद कीर्ति आजाद पर निकला है। दरभंगा की सड़कों पर बाढ़ पीड़ितों ने निलंबित बीजेपी सांसद कीर्ति आजाद के गुमशुदगी की कई पोस्टर चिपकाए हैं। जिसमें कहा गया है कि चुनाव जीतने के बाद वह अपने क्षेत्र से गायब हो गए हैं।
बिहार के इस क्षेत्र में जगह-जगह सांसद कीर्ति आजाद के पोस्टर चिपकाए गए है। चिपकाए गए पोस्टरों में कीर्ति आजाद पर तंज कसा गया है और कहा गया है कि बाढ़ पीड़ित अपने सांसद कीर्ति आजाद की तलाश कर रहे हैं और जिस किसी को भी वह मिल जाए वह तुरंत बाढ़ पीड़ितों को सूचित करें। यहां की जनता उनका इन्तजार कर रही है। लोगों को उम्मीद थी कि आपदा के वक्त वह अपने इलाकों के लोगों से मिलकर उनका दुख-दर्द बांटेंगे और मदद का भरोसा देंगे, लेकिन आजाद के गायब होने से स्थानीय लोग काफी नाराज हैं। दरअसल में कीर्ति आजाद बीजेपी की टिकट से चुनाव जीतकर आए थे लेकिन वह लगातार डीडीसीए घोटाले मामले में अरुण जेटली पर हमलावर थे जिसके बाद उन्हें पार्टी विरोध गतिविधियों के चलते बीजेपी ने निलंबित कर दिया था। बिहार में बाढ़ की स्थिति भयावह रूप धारण कर चुकी है। सीएम नीतीश कुमार ने खुद कहा था कि उन्होंने जीवन में अबतक इतनी भयंकर बाढ़ नहीं देखी है। राज्य भर बाढ़ से अबतक 253 लोगों की मौत हो चुकी है और कई इलाके पूरी तरह जलमग्न हैं।

अब मोदी के इशारे पर काम कर रहे नीतीश, दिखाया शरद यादव को आईना

भारतीय जनता पार्टी के समर्थन से नई सरकार बनाने वाले नीतीश कुमार के इस कदम से बिहार की राजनीति पूरी तरह बदल चुकी है। नीतीश कुमार की अगुवाई वाला जेडीयू जल्द ही केन्द्र में एनडीए सरकार का हिस्सा हो जाएगा क्योंकि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने नीतीश कुमार को केन्द्र सरकार में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। ऐसे में सवाल ये उठता है कि आनेवाले दिनों में किस तरह का बिहार में सियासी समीकरण देखने को मिलेगा? आनेवाले लोकसभा चुनाव को लेकर भाजपा और जेडीयू की बिहार में क्या रणनीति है?

नीतीश की दो टूक
नीतीश ने पीएम मोदी से मुलाकात के बाद शरद यादव के बगावती तेवर पर पहली बार खुलकर अपनी बात रखते हुए उन्हें दो टूक जवाब दे दिया। नीतीश ने कहा कि उन्होंने नई सरकार बनाने का फैसला सर्वसम्मति के आधार पर लिया था। उन्होंने कहा कि कुछ भी करने से पहले पार्टी के लोगों से जरूर पूछता हूं। ऐसे में शरद यादव को जो भी फैसला लेना है उसके लिए वह पूरी तरह से स्वतंत्र हैं।

सरकार में शामिल हो जेडीयू
माना जा रहा है कि जेडीयू को केन्द्र सरकार में दो या तीन अहम मंत्रालय दिया जा सकता है। लेकिन, इससे पहले जेडीयू की 19 अगस्त को बुलाई गई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में केंद्र सरकार में शामिल होने पर फैसला हो सकता है।

शरद यादव पर कार्रवाई
जेडीयू अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शरद यादव पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें राज्यसभा में पार्टी के नेता पद से हटा दिया है। इसको लेकर जेडीयू की तरफ से उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू को पत्र लिखा है। पार्टी ने शरद यादव की जगह आरसीपी सिंह को राज्यसभा में अपना नेता चुना है।

बदल जाएगा सियासी समीकरण
जेडीयू के केन्द्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने के बाद पूरी तरह से बिहार और राष्ट्रीय राजनीति में समीकरण बदल जाएगा। कल तक जिस नीतीश कुमार को विपक्ष की तरफ से धर्मनिरपेक्षता का बड़ा नेता माना जा रहा था और विपक्षी दल उनकी अगुवाई के बारे में सोच रही थी वो अब करीब डेढ़ साल बाद आनेवाले लोकसभा चुनाव में पिछले चुनाव के उलट मोदी के पक्ष में चुनाव् प्रचार करते हुए दिखेंगे।