अक्षय कुमार को उत्तराखंड की प्राकृतिक सौंदर्यता ने प्रेरित किया

बॉलीवुड के खिलाड़ी यानी अक्षय कुमार इन दिनों उत्तराखंड में फिल्म की शूटिंग में व्यस्त हैं। इस बीच अक्ष्य कुमार आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिलने पहुंचे। सीएम धामी ने अक्ष्य कुमार का पहाड़ी टोपी पहनाकर स्वागत किया।
मुख्यमंत्री आवास आने पर सीएम धाम ने अक्षय को ब्रह्मकमल वाली पहाड़ी टोपी पहनाई और चार धामों का स्मृति चिन्ह भेंट किया। इस दौरान अक्षय कुमार ने कहा कि उत्तराखंड फिल्मों की शूटिंग के लिए बेहद आकर्षक जगह है उन्हें यहां पर शूटिंग करके बहुत मजा आया है। सीएम धामी ने फेसबुक पर लिखा है, आज प्रख्यात अभिनेता, युवाओं के प्रेरणास्रोत और मेरे मित्र अक्षय कुमार का मुख्यमंत्री आवास में स्वागत एवं अभिनन्दन किया। अक्षय कुमार ने राज्य के युवाओं को प्रेरित करने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की और हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।

स्वर कोकिला के निधन पर उत्तराखंड में दो दिन का राजकीय शोक

भारत रत्न स्वर कोकिला लता मंगेशकर के निधन पर उत्तराखंड में भी दो दिन का राजकीय शोक रहेगा। सचिव सामान्य प्रशासन विनोद कुमार सुमन की ओर से रविवार को दो दिन के राजकीय शोक का आदेश जारी किया। केंद्र सरकार ने भी दो दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। राज्य में दो दिन सरकारी कार्यालयों में राष्ट्रीय ध्वज आधे झुके रहेंगे। इस दौरान किसी भी तरह के कोई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं होंगे।
भारत रत्न, स्वर कोकिला लता मंगेशकर के निधन पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत सभी प्रमुख नेताओं ने श्रद्धांजलि दी। उनके निधन को समूचे राष्ट्र का नुकसान बताया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि लता दीदी का निधन देश के लिए अपूरणीय क्षति है। कौन भूल सकता है, जब 1962 की लड़ाई की हार से निराश, देशवासियों में लता दीदी के कण्ठ से निकले श्ऐ मेरे वतन के लोगोंश् गीत ने नया जोश भरने का काम किया था। देश की सेना के लिए उनके गाए वन्दे मातरम व अनेकों देशभक्ति के गीत देश पर मर मिटने की प्रेरणा देते रहे।
वहीं दूसरी ओर, राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि) गुरमीत सिंह ने प्रसिद्ध गायिका लता मंगेशकर के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। अपने शोक संदेश में राज्यपाल सिंह ने कहा कि भारत रत्न स्वर कोकिला लता मंगेशकर का निधन समस्त देशवासियों के लिए अपूरणीय क्षति है। लता मंगेशकर ने अपने स्वरों से भारतीय संगीत को समृद्ध बनाया।

बुली बाई ऐप मामले में मुख्य आरोपी महिला उत्तराखंड में गिरफ्तार

’बुलीबाई’ ऐप मामले में मुंबई पुलिस साइबर सेल ने बेंगलुरु के एक 21 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। सूत्रों की मानें तो मुख्य आरोपी एक महिला है, जिसे उत्तराखंड से गिरफ्तार किया गया है। जानकारी के अनुसार, दोनों आरोपी एक दूसरे को पहले से ही जानते थे। पुलिस सूत्रों का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद अब उत्तराखंड पुलिस भी अलर्ट मोड पर आ गई है।
मुंबई पुलिस ने सोमवार को ये जानकारी दी। मुंबई पुलिस साइबर सेल ने ’बुली बाई’ ऐप मामले में बेंगलुरु से जिस 21 वर्षीय आरोपी विशाल कुमार को पकड़ा है जो इंजीनियरिंग छात्र है। इससे पहले महाराष्ट्र के गृह राज्य मंत्री सतेज पाटिल ने सोमवार को पुलिस को “बुली बाई“ ऐप के डेवलपर्स के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया था जिसके बाद इस मामले में ये पहली बड़ी कार्रवाई है।

क्या है मामला?
शनिवार को एक महिला पत्रकार ने बुल्ली बाई ऐप पर ’डील ऑफ द डे’ बताकर बेची जा रही अपनी तस्वीर को शेयर किया। पत्रकार ने ट्विटर पर कहा, “यह बहुत दुखद है कि एक मुस्लिम महिला के रूप में आपको अपने नए साल की शुरुआत इस डर और घृणा के साथ करनी पड़ रही है।“ पार्टी लाइन से हटकर नेताओं ने अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं के साइबर उत्पीड़न की निंदा की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। कई लोगों ने इसके लिए दक्षिणपंथी तत्वों को जिम्मेदार ठहराया है। ऐप पर सैकड़ों मुस्लिम महिलाओं को “नीलामी“ के लिए सूचीबद्ध किया गया था, जिनकी तस्वीरों को बिना अनुमति से लिया गया था और उनसे छेड़छाड़ की गई थी। एक साल से भी कम समय में ऐसा दूसरी बार हुआ है।

शहीद अशोक चक्र विजेता गजेंद्र सिंह बिष्ट को सीएम ने दी श्रद्धांजली

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार दोपहर देहरादून के नया गांव स्थित गणेशपुर पहुंचकर 26/11 हमले में शहीद अशोक चक्र विजेता स्वर्गीय गजेंद्र सिंह बिष्ट की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने शहीद गजेंद्र बिष्ट की मूर्ति पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कारगिल शहीद और सीमा पर शहादत देने वाले वीर जवानों के परिजनों और वीरांगनाओं को सम्मानित किया।
कार्यक्रम में संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के लिए सर्वाेच्च बलिदान देने वाले शहीदों के परिजनों और वीरांगनाओं को सम्मानित करते हुए खुद को सम्मानित महसूस कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सैन्य बाहुल्य प्रदेश है, यहां की वीरता और शौर्य की चर्चा देश ही नहीं दुनिया में होती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सैनिकों का मनोबल बढ रहा है, जहां एक ओर केंद्र सरकार ने वन रैंक वन पेंशन देकर लाखों पूर्व सैनिकों को बड़ी राहत पहुंचाई है वहीं दूसरी ओर सैनिकों को दी जाने वाली सुविधाओं में भी इजाफा हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शहीद सैनिकों के सम्मान में “शहीद सम्मान यात्रा” आयोजित की जा रही है, इस यात्रा का समापन देहरादून के पुरूकुल गांव में बनने जा रहे भव्य सैन्य धाम में किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हर क्षेत्र में कार्य कर रही है बीते 4 महीनों में सरकार ने 24000 पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ की जिसमें अब तक 12000 पदों पर प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। इसके अलावा प्रदेश में एनडीए/सीडीएस की तैयारी करने वाले प्रतिभावान युवाओं को मेंस एग्ज़ाम की तैयारी हेतु 50 हज़ार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है इसके अलावा मार्च 2022 तक सभी प्रतियोगी परीक्षाओं का शुल्क माफ किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर वर्ग के कर्मचारियों का ध्यान दे रही है। सरकार ने प्रदेश के पंचायत प्रतिनिधियों, आंगनवाड़ी, आशा कार्यक़त्रीयों और उपनल कर्मचारियों के मानदेय में भी वृद्धि की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि साल 2025 उत्तराखंड के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, सरकार द्वारा बोधिसत्व कार्यक्रम श्रृंखला चलाई जा रही है जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की राय लेकर प्रदेश को आगे बढ़ाने और 2025 तक देश का नंबर वन राज्य बनाने की योजना बनाई जा रही है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने नया गांव-गणेशपुर स्थित स्वास्थ्य केंद्र उच्चीकरण करने एवं गणेशपुर में मिनी स्टेडियम बनाए जाने की घोषणा की। कार्यक्रम में सहसपुर विधायक सहदेव पुंडीर, पूर्व सैनिक और बड़ी तादाद में स्थानीय लोग मौजूद रहे।

संसदीय जीवन पर चर्चा के साथ कोश्यारी के योगदान को सराहा

सोमवार को राजपुर रोड स्थित होटल में महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के लोकसभा व राज्यसभा में दिए गए भाषणों एवं याचिका समिति के अध्यक्ष के रूप में दिए गए निर्णयों पर आधारित पुस्तक “भारतीय संसद में भगत सिंह कोश्यारी“ पुस्तक के संबंध में उनकी उपस्थिति में परिचर्चा का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया गया। वरिष्ठ साहित्यकार पद्मश्री लीलाधर जगूड़ी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, गणेश जोशी, रेखा आर्या, विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह, सांसद अजय टम्टा, नरेश बंसल, विधायक एवं भाजपा अध्यक्ष मदन कौशिक, बलवंत सिंह भोर्याल, भाजपा नेता श्याम जाजू, साहित्यकार लक्ष्मी नारायण भाला सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
परिचर्चा में सभी वक्ताओं ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के भारतीय संविधान में विहित सदनों, लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा एवं विधान परिषद में उनके द्वारा उठाए गए जनहित एवं राष्ट्रहित से संबंधित मुद्दों की सराहना की। सभी ने कोश्यारी को युगदृष्टा बताते हुए उन्हें आम आदमी से जुड़ा उदार व्यक्तित्व वाला महान व्यक्ति बताया, सभी ने कोश्यारी के ‘‘वन रैंक वन पेंशन’’ की भूमिका तैयार करने के प्रयासों की भी सराहना की। उन्हें सर्वधर्म समभाव, राष्ट्रभक्त एवं राष्ट्रभाषा का समर्थक भी बताया।
राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने सभी को जन्माष्टमी की बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्र के स्वाभिमान, गौरव एवं राष्ट्रीय अस्मिता को बचाने का दायित्व हम सबका है। इसमें हमारे सांसदों एवं विधायकों की विशेष जिम्मेदारी है। यह कार्य संसद एवं विधानसभाओं में स्वस्थ परिचर्चा के माध्यम से किया जाना चाहिए। ग्राम सभा से लेकर लोक सभा तक लोग कैसे देश को आगे बढ़़ाने में अपना योगदान दे सकें इस पर ध्यान दिये जाने की जरूरत है। उन्होंने हाल में उत्तराखण्ड विधानसभा में हुई स्वस्थ परिचर्चा को जनता के बेहतर हित में बताया।
उन्होंने कहा कि वर्षों पहले रेडियो में संसद समीक्षा हम बड़े ध्यान से सुनते थे जिसमें देश के पक्ष एवं विपक्ष के योग्य सांसदों की बहस की समीक्षा होती थी। ऐसी ही स्वस्थ परिचर्चा हमारी संसद एवं विधान सभाओं में भी होनी चाहिए। उन्होंने राज्य सभा में गुलाम नबी आजाद की विदाई की घटना को देश में सहिष्णुता का वातावरण बनाने वाला बताया। कोश्यारी ने कहा कि हमें अपनी मातृभाषा, राष्ट्रभाषा पर अभिमान होना चाहिए। उन्होंने उदाहरण दिया कि पहले महाराष्ट्र के विश्वविद्यालयों में होने वाले कार्यक्रम अंग्रेजी में होते थे उन्होंने ऐसे कार्यक्रमों को मातृभाषा व राष्ट्रभाषा में आयोजित करने की पहल की तो आज महाराष्ट्र में मराठी में कार्यक्रम आयोजित होने लगे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें संयुक्त राष्ट्र में भी हिंदी में बोलने का अवसर मिला। हमें अपनी भाषा पर गर्व होना चाहिए।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उन्हें भगत सिंह कोश्यारी के सानिध्य में रहकर सामाजिक व राजनैतिक क्षेत्र में कार्य करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रकाशित पुस्तक के माध्यम से कोश्यारी के जीवन दर्शन के अनेक अनछुए पहलू समाज के सामने लाये गये हैं। यह पुस्तक उनके विशाल व्यक्तित्व का भी विश्लेषण करती है। उन्होंने सामान्य परिवेश में रहकर शिखर छूने का कार्य किया है तथा अपने पुरुषार्थ से महानता प्राप्त की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 30 वर्षों से लम्बित टिहरी डैम को उसके पूर्ण स्वरूप में लाने का श्रेय भी कोश्यारी को है। प्रदेश में ऊर्जा मंत्री रहते उन्होंने इसके लिये राजनैतिक नफा नुकसान की चिंता न करते हुए बांध बनाने में अपना योगदान दिया। उन्होंने कहा कि कोश्यारी सभी नीतिगत विषयों के जानकार, दृढ निश्चय वाले व्यक्ति रहे हैं। उन्होंने उन्हें सीख दी कि अपनी ही विधानसभा नहीं पूरे प्रदेश को समझने, जन समस्याओं को जानने का प्रयास करो, वक्त आने पर व्यक्ति के अच्छे कार्यों को पहचान मिलती है।
देश में वन रैंक वन पेंशन को लागू करने की भूमिका तैयार करने में कोश्यारी के योगदान की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके पिता भी पूर्व सैनिक थे जब देश में यह लागू हुआ तो उनके साथ ही क्षेत्र के सभी पूर्व सैनिकों ने खटीमा में कोश्यारी का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि खटीमा में केन्द्रीय विद्यालय की स्थापना के उनके अनुरोध को भी कोश्यारी ने पूरा किया। सबको साथ लेकर चलना, छोटे-बड़े का भेदभाव न कर सभी को आगे बढ़ाने में मदद करने की भी सीख हमें कोश्यारी से मिली है। उनका जीवन हम सबके लिये निश्चित रूप में अनुकरणीय एवं प्रेरणादायी है।
पद्मश्री लीलाधर जगूड़ी ने कहा कि आज के राजनैतिक परिवेश में पढ़े लिखे डिग्रीधारी तो सभी हैं लेकिन वास्तव में जिन्होंने समृद्ध साहित्य, उपनिषद आदि का गहराई से अध्ययन किया है कोश्यारी जी ऐसे वास्तविक पढ़े लिखे व्यक्ति हैं। राष्ट्र के प्रमुख राज्य महाराष्ट्र में उनकी उपस्थिति हमें गौरवान्वित करती है। उन्होंने कहा कि जो अतीत को समझता है वही वर्तमान को संवार सकता है। कोश्यारी अच्छे विचारक एवं मनीषी हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्र भाषा के विकास में भी कोश्यारी का बड़ा योगदान है। राष्ट्रभाषा हिंदी का पहाड़ के विकास में बड़ा योगदान है। इस भाषा ने हमें अभिव्यक्ति एवं आत्मिक आजादी देने का कार्य किया है। उन्होंने कामना की कि हमारी युवा पीढ़ी को कोश्यारी का मार्गदर्शन निरंतर प्राप्त होता रहेगा।
प्रदेश की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य द्वारा प्रेषित अपने संदेश में प्रकाशित पुस्तक को देश प्रदेश के जनप्रतिनिधियों एवं जनता के लिये उपयोगी बताया है।
इस अवसर पर जिन लोगों ने अपने विचार रखे उनमें लक्ष्मी नारायण भाला, श्याम जाजू, पुस्तक के लेखक अमित जैन शामिल थे।

नाबालिग से दुष्कर्म का इनामी आरोपित गिरफ्तार

एसओजी व पटेलनगर कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने मुंबई जाकर नाबालिग से दुष्कर्म के इनामी आरोपित को गिरफ्तार किया है। आरोपित 2017 में जेल से जमानत पर छूटने के बाद फरार हो गया था और पुलिस से बचने के लिए नाम बदलकर पंजाब व महाराष्ट्र में रह रहा था। रविवार को पत्रकारों से वार्ता में एसएसपी डा. योगेंद्र सिंह रावत ने बताया कि पटेलनगर कोतवाली में दर्ज एक दुष्कर्म के मामले में आरोपित मुनाजिर निवासी ग्राम बलवा महलगांव अररिया बिहार 2017 से जेल से जमानत पर रिहा होने के बाद फरार चल रहा था।

न्यायालय में पेश न होने के कारण अदालत ने इसी वर्ष आरोपित को भगोड़ा घोषित किया था। आइजी गढ़वाल ने 2020 में आरोपित पर पांच हजार रुपये इनाम घोषित किया। आरोपित की तलाश में पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन वह हर बार पुलिस को चकमा देकर फरार हो जाता था। पुलिस को सूचना मिली कि मुनाजिर ठाणे (मुंबई) में है। 27 जुलाई को एसओजी की एक टीम को मुंबई भेजा गया तो पता लगा कि आरोपित अंजार नाम से पठानवाड़ी में रहकर मजदूरी कर रहा है। 29 जुलाई को पुलिस ने ठाणे में आरोपित को दहिसर चेक नाका, होटल सागर के सामने से गिरफ्तार कर लिया। आरोपित को पुलिस दो दिन का ट्रांजिट रिमांड लेकर शनिवार रात को देहरादून पहुंची।

एसएसपी ने बताया कि वर्ष 2015 में मुनाजिर बंजारावाला से 12 साल की बच्ची को बहला-फुसलाकर बिहार ले गया। वहां आरोपित ने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। कुछ दिन बाद पुलिस ने बच्ची को पानीपत हरियाणा से बरामद करते हुए आरोपित को गिरफ्तार कर लिया।

महाराष्ट्र सरकार का अभाविप ने फूंका पुतला, पत्रकार अर्णब को रिहा करने की मांग


पत्रकार व संपादक अर्णब गोस्वामी को बिना वारंट हिरासत में लेने की घटना का विरोध एबीवीपी की स्वर्गाश्रम व लक्ष्मणझूला इकाई ने किया। कार्यकर्ताओं ने महाराष्ट्र सरकार का पुतला दहन कर प्रदर्शन किया और अर्णब गोस्वामी को जल्द ही रिहा कर निष्पक्ष जांच करने की मांग भी की। विद्यार्थी परिषद महाराष्ट्र सरकार और उसके पुलिस द्वारा प्रेस फ्रीडम की धांधली की निंदा करता है।

नगर मंत्री राहुल बडोनी ने कहा जो लोग भारत तो अघोषित आपातकाल के तहत होने की बात करते हैं उसके पास आज की पेशकश के लिए मुक बधिरता है जब महाराष्ट्र में राजनीति के लिए प्रेस स्वतंत्रता को बंधक बना लिया गया था। लोकतंत्र का चैथा स्तंभ महाराष्ट्र खतरे में है और हम लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए खड़े हैं।

प्रदर्शन के दौरान विभाग संयोजक विनोद चैहान, पूर्व नगर मंत्री शुभम झा, नगर सह मंत्री सुमित भंडारी, कॉलेज इकाई अध्यक्ष अनिरुद्ध शर्मा, अरुण, विवेक भारती, अंकित, उमेश यादव आदि उपस्थित रहे

केदारनाथ स्थित ईशानेश्वर मंदिर के नव निर्माण में मुंबई के दानी मनोज सोलंकी ने जताई इच्छा

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में उत्तराखण्ड चारधाम देवस्थानम प्रबन्धन बोर्ड की बैठक हुई। बैठक में बोर्ड के संचालन से सम्बन्धित विषयों के साथ ही बोर्ड द्वारा तैयार किये विभिन्न ड्राफ्ट रूल को स्वीकृति प्रदान की गई, जिसे शासन को उपलब्ध कराया जायेगा। इसमें पुजारियों, न्यासी, तीर्थ पुरोहितो, पण्डो व हक हकूक धारियों के अधिकारों का विनिश्चय एवं संरक्षण से सम्बन्धित नियमावली भी शामिल है। इस अवसर पर देवस्थानम बोर्ड के लोगो (प्रतीक चिन्ह्) की डिजाइनों पर भी चर्चा हुई। जिनमें कतिपय संशोधन के पश्चात अन्तिम निर्णय लिया जायेगा।
बैठक में श्री बद्रीनाथ धाम में मन्दिर एवं समीपवर्ती स्थलों के विस्तारीकरण एवं सौन्दर्यीकरण के सम्बन्ध में निर्णय लिया गया कि बद्रीनाथ धाम में यात्रियों की संख्या में प्रतिवर्ष हो रही वृद्धि के कारण इस क्षेत्र का विस्तारीकरण एवं सौन्दर्यीकरण आवश्यक है ताकि भविष्य में यात्रियों को दर्शन, यातायात एवं ठहरने की समुचित व्यवस्था हो सके इसके लिए देवस्थानम बोर्ड को इसकी व्यवस्था सौंपे जाने पर विचार किया गया। बोर्ड के स्तर पर इससे सम्बन्धित कार्यवाही सुनिश्चित कर शीघ्र प्रस्ताव तैयार कर शासन को प्रेषित करने पर सहमति बनी। बोर्ड अपने स्तर पर इसके लिये तकनीकि एवं विषय विशेषज्ञों की व्यवस्था भी कर सकेगा। इसके साथ ही बैठक में तृतीय केदार श्री तुंगनाथ मन्दिर एवं सभा मण्डप आदि के जीर्णोद्धार पर भी सहमति बनी इसके लिये यू.एस.ए. के दानी पंकज कुमार द्वारा धनराशि व्यय करने की इच्छा जतायी है।
केदारनाथ स्थित ईशानेश्वर मन्दिर के नव निर्माण के लिये भी स्वीकृति प्रदान की गई इस मन्दिर के निर्माण के लिये मुम्बई के दानी मनोज सोलंकी ने इच्छा व्यक्त की है। श्री केदारनाथ मन्दिर के पूरब द्वार की मरम्मत पर भी सहमति बनी जिसके लिये धनराशि दानी हरियाणा के श्री यतिन घई ने दान की सहमति दी है।

बैठक में केदारनाथ मे रावल पुजारी आदि के कक्षों की मरम्मत भविष्य में ऊखीमठ मन्दिर के जीर्णोद्वार, बहुमूल्य पाण्डुलिपियों को डिजिटाइल किये जाने, कार्तिक स्वामी मन्दिर को देवस्थानम बोर्ड के अधीन लाये जाने तथा थैलीसैण्ड स्थित विन्देश्वर मन्दिर के जीर्णोद्वार किये जाने पर सहमति प्रदान की गई।
बैठक में मुख्यमंत्री एवं अध्यक्ष, उत्तराखण्ड देवस्थानम प्रबन्धन बोर्ड त्रिवेन्द्र ने यात्रा मार्गो सहित मन्दिर परिसरो में देवस्थानम बोर्ड के साइनेज होर्डिंग आदि लगाये जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि बद्रीनाथ, केदारनाथ मन्दिरों के पुजारियों, पण्डों, पुरोहितों, वाद्य यंत्र वादको आदि का विवरण तैयार किया जाय ताकि जरूरत पड़ने पर इन लोगों को भी आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी जा सके। उन्होंने कहा कि ये लोग हमारी संस्कृति के संवाहक हैं।
उत्तराखण्ड देवस्थानम प्रबन्धन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविनाथ रमन ने बताया कि 25 अक्टूबर तक चारधाम में 1.72 लाख यात्री दर्शनार्थ आये हैं तथा 2 लाख द्वारा रजिस्ट्रेशन किया गया है, जबकि बद्रीनाथ मन्दिर को 7.55 करोड़ तथा केदारनाथ मन्दिर को 75 लाख की आय हुई है।
बैठक में कैबिनेट मंत्री एवं उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड देवस्थानम प्रबन्धन बोर्ड सतपाल महाराज, विधायक महेन्द्र भट्ट, गोपाल रावत, सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर, सचिव वित्त श्रीमती सौजन्या, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी बीडी सिंह, देवस्थानम बोर्ड के अनिल ध्यानी, प्रमोद नोटियाल, डॉ0 हरीश गौड आदि उपस्थित थे।

अभिनेत्री कंगना के दफ्तर तोड़फोड़ मामले में संजय राउत को पार्टी बनाने पर कोर्ट से मिली सहमति

अभिनेत्री कंगना रौनत के दफ्तर में तोड़फोड़ के मामले के बांबे हाईकोर्ट ने शिवसेना प्रवक्ता व सामना के संपादक संजय राउत को अभियोजित पार्टी बनाने की इजाजत दी हैं। अभिनेत्री को कोर्ट ने बीएमसी के अधिकारी भाग्यवंत लाते को भी पार्टी बनाने के लिए सहमति दी है।

बता दें कि संजय राउत ने कथित तौर पर अभिनेत्री को उखाड़ के रख दूंगा और उखाड़ दिया जैसे वाक्य कहे थे और कंगना ने इसे उन्हें धमकाने की कोशिश बताया था। पिछले नौ सितंबर को बीएमसी ने कंगना के बांद्रा स्थित ऑफिस के कुछ हिस्सों को अवैध बताकर तोड़ दिया था। हाई कोर्ट में कंगना ने बीएमसी की कार्रवाई को रोकने की मांग की थी, लेकिन यथास्थिति बनाए रखने का फैसला आने से पहले ही उनके ऑफिस में तोड़फोड़ की कार्रवाई कर दी गई। इसलिए कंगना ने अपनी याचिका में संशोधन करके बीएमसी से 2 करोड़ रुपये के मुआवजा की मांग की। इसके बाद बीएमसी ने अपने जवाब में दावा किया कि कंगना की याचिका कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग है, इसीलिए अभिनेत्री की याचिका खारिज करके उन पर जुर्माना लगाना चाहिए।

हाई कोर्ट की डिविजन बेंच में सुनवाई के दौरान मंगलवार को बीएमसी के वकीलों ने कहा कि अभिनेत्री ने बीएमसी के हलफनामे के जवाब में जो प्रत्यत्तर (रिजॉइन्डर) दिया है, उसका जवाब देने की हमें मोहलत दी जाए। बीएमसी की वकीलों की अपील को जस्टिस एस जे कथावाला और जस्टिस आर आई चागला की बेंच ने स्वीकार कर लिया। कंगना के वकील रिजवान सिद्दीकी और बीरेंद्र सराफ ने हालांकि बीएमसी के वकीलों द्वारा अतिरिक्त समय मांगे जाने का विरोध किया। सराफ ने कहा कि तोड़फोड़ में शामिल अधिकारियों ने कथित अवैध निर्माण की कुछ और फोटो मंगलवार को कोर्ट में जमा किए हैं, यह केस को लटकाने की रणनीति है।

अपने रिजॉइन्डर में कंगना ने कहा कि नोटिस में बीएमसी ने उनके बंगले में चल रहे हुए कथित अवैध निर्माण की एक ही तस्वीर दी थी, जिससे साफ है कि बीएमसी का आरोप झूठा है। संजय राउत द्वारा मौखिक रूप से श्धमकानेश् के सबूत जो कंगना ने कोर्ट में जमा किए थे, उसकी ओर इशारा करते हुए जस्टिस कथावाला ने पूछा कि क्या वह शिवसेना के मुख्य प्रवक्ता को भी अभियोजित करना चाहती हैं?

शुरू में सराफ, संजय राउत को अभियोजित करने को लेकर इच्छुक नहीं दिखे और कहा कि वह चाहते हैं कि शिवसेना प्रवक्ता को आरोपों पर खुद को डिफेंड करने का मौका मिलना चाहिए, पर बाद में उन्होंने सहमति दे दी। इसके बाद कोर्ट ने बीएमसी अधिकारी भाग्यनवंत लाते को भी पार्टी बनाने की इजाजत दे दी, जिन्होंने बीएमसी की तरफ से हलफनामा दाखिल किया था। कोर्ट ने बीएमसी से यह भी पूछा कि तोड़फोड़ के लिए वर्ष 2012 का सर्कुलर लागू करने की जरूरत क्यों पड़ी। इस सर्कुलर के मुताबिक, 24 घंटे में किसी अवैध निर्माण में तोड़फोड़ तभी की जा सकती है, जब इसमें रहने वाले या किसी अन्य की जिंदगी खतरे में हो।

हाई कोर्ट ने पूछा कि इस मामले में किसकी जिंदगी खतरे में थी, जो 8 सितंबर को नोटिस भेजने के बाद बीएमसी के अधिकारियों ने 9 सितबंर को तोड़फोड़ की कार्रवाई कर दी। कोर्ट ने बीएमसी से पूछा कि डिजायनर मनीष मल्होत्रा को भी उसी दिन मुंबई नगरपालिका कानून के 354(ए) के तहत नोटिस भेजा गया था, उस मामले की क्या स्थिति है। दरअसल, कंगना ने अपने रिजॉइन्डर में कहा था कि मनीष मल्होत्रा को जवाब देने के लिए सात दिनों की मोहलत दी गई, जबकि उनके साथ ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि यह साबित करता है कि बीएमसी की कार्रवाई दुर्भावना से ग्रसित थी।

आखिर एसएसआर को किस बॉलीवुड अभिनेता ने कॅरियर खत्म करने की दी थी धमकी

बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांच देश की तीन बड़ी एजेंसियां कर रही है। इस मामले में सभी जांच एजेंसी हर पहलू से छानबीन भी कर रही हैं। वहीं सुशांत सिंह राजपूत को लेकर हर दिन कई लोग खुलासे भी करते रहते हैं। इस बार बॉलीवुड के मशहूर निर्माता-निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने दिवंगत अभिनेता को लेकर हैरान कर देने वाली बात का खुलासा किया है। 
सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद कई बार यह बात निकलकर सामने आई है कि उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में अपने भविष्य को लेकर चिंता थी और वह नेपोटिज्म का शिकार थे। ऐसे में विवेक अग्निहोत्री ने खुलासा किया है कि सुशांत सिंह राजपूत को एक स्टार ने उनका करियर खत्म करने की धमकी दी थी। साथ ही कहा है कि रिया चक्रवर्ती को इस मामले में केवल मुखौटा बनाया जा रहा है। इस बात का खुलासा विवेक अग्निहोत्री ने अपने ट्विटर हैंड पर किया है। 
विवेक अग्निहोत्री सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहते हैं। वह कई मुद्दों पर अपनी राय भी देते रहते हैं। उन्होंने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर एक घटना का जिक्र किया है, जिसमें उन्होंने एक स्टार द्वारा सुशांत सिंह राजपूत का करियर खत्म करने की धमकी का जिक्र किया है। विवेक अग्निहोत्री ने अपने ट्वीट में लिखा, एक बार फार्म हाउस में सुशांत सिंह राजपूत की एक स्टार के साथ बहस हो गई थी, जिसने उन्हें लांच किया था। 
अपने ट्वीट में किसी का नाम लिए बिना विवेक अग्निहोत्री ने आगे लिखा, इस बहस में उस स्टार ने अपना आपा खो दिया था और गुस्से में सुशांत सिंह राजपूत को कहा था कि वह उसका करियर वैसे ही खत्म कर देगा जैसे बाकी लोगों का किया है। विवेक अग्निहोत्री ने ट्वीट के आखिरी में लिखा, रिया चक्रवर्ती तो केवल एक मुखौटा हैं। मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र सरकार कुछ बेहद पावरफुल लोगों को बचा रहे हैं।
सोशल मीडिया पर विवेक अग्निहोत्री का यह ट्वीट अब तेजी से वायरल हो रहा है। सुशांत सिंह राजपूत के फैंस भी उनके इस ट्वीट पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे है। बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांच मामले सीबीआई, ईडी और एनसीबी लगातार कर रही हैं। इस मामले में कई लोगों पर दिवंगत अभिनेता को आत्महत्या के लिए उकसाने, उनके पैसे हड़पने और ड्रग्स का लेन-देन करने जैसे गंभीर आरोप हैं।