मेरे नाम से किया जा रहा पत्र वायरल, पूरी तरह से फर्जीः अरविंद पांडेय

देहरादून। पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं गदरपुर विधायक अरविंद पांडे ने उनके नाम से वायरल पत्र को फर्जी और छवि खराब करने का प्रयास बताया है। वहीं पार्टी ने भी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष से भाजपा की छवि खराब करने के प्रयास पर तत्काल माफी मांगने को कहा है।

पार्टी मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि कुछ दिनों से सोशल मीडिया में एक वायरल पत्र को उनका बताकर मेरी और पार्टी की छवि खराब की जा रही है। जबकि वह पत्र मेरा नहीं है और ऐसा कोई भी पत्र मेरे द्वारा प्रधानमंत्री या किसी अन्य को नहीं लिखा गया है। इस फर्जी पत्र के आधार पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोदियाल ने जो कुछ कहा गया, वह बिलकुल झूठ एवं बेबुनियादी है। उनके द्वारा मेरी व्यक्तिगत और संगठन के अनुशासन की छवि को खराब करने का प्रयास किया गया है। उनके इस कृत्य की में कड़े शब्दों में निंदा करता हूं। वह पार्टी के अनुशासित सिपाही हैं और भाजपा सरकार या संगठन के खिलाफ किसी भी कीमत पर ऐसा कोई कृत्य नहीं कर सकता है। लिहाजा कांग्रेस पार्टी द्वारा राजनैतिक दृष्टि से इस मुद्दे पर जो कुछ कहा जा रहा है, वह असत्य और बेहद आपत्ति है। आगे जो भी पार्टी नेतृत्व का निर्देश होगा, उसी अनुशार आगे की कार्यवाही की जाएगी। इस सम्बन्ध में मेरी प्रदेश अध्यक्ष श्री महेंद्र भट्ट से बात हुई है और मैने उनके सामने इस पूरे प्रकरण पर अपना पक्ष स्पष्ट किया है।

इसी संदर्भ में विस्तार से अपना पक्ष रखते हुए मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि कथित वायरल पत्र पूरी तरह काल्पनिक है और हर मुद्दे पर तत्काल प्रतिक्रिया देना आवश्यक नहीं है, लेकिन झूठे और मनगढ़ंत आरोपों के आधार पर राजनीतिक माहौल बिगाड़ना दुर्भाग्यपूर्ण है। वह भाजपा के समर्पित कार्यकर्ता और आरएसएस के स्वयंसेवक हैं। वे संगठन की विचारधारा और अनुशासन के तहत कार्य करते हैं। श्मैं भाजपा का सिपाही हूं,श् और संघ का स्वयंसेवक हूं। झूठे वायरल पत्र को राजनीतिक लाभ के लिए फैलाया गया है। उन्होंने कांग्रेस से प्रदेश की जनता से माफी मांगने की मांग करते हुए कहा कि इस तरह की हरकतें लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ हैं।

इससे पूर्व विधायक ने हाल ही में पांच राज्यों में हुए चुनावों के परिणाम पर खुशी जताई। यह संकेत है, भाजपा के लगातार आगे बढ़ने और पार्टी के प्रति बढ़ते जनता के विश्वास का। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस भाजपा के बढ़ते प्रभाव से घबराकर इस तरह के निराधार आरोपों का सहारा ले रही है। उन्होंने दोहराया कि पार्टी पारदर्शिता और जवाबदेही के सिद्धांतों पर काम करती है और किसी भी तरह के दुष्प्रचार का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
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इस दौरान प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत ने कहा, ष्अब यह पूरी तरह स्पष्ट हो चुका है कि कांग्रेस पार्टी एक फर्जी पत्र के सहारे भाजपा को बदनाम करने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस का एकमात्र मकसद अपनी पार्टी में चल रही गुटबाजी और सिर फुटौव्वल से जनता का ध्यान भटकाना है। इतना ही नहीं वे भाजपा के अनुशासन व साफ-सुथरी छवि पर दाग लगाकर कांग्रेस के समक्ष बताना चाहते है। जबकि श्री अरविंद पांडे पार्टी के एक निष्ठावान और बेहद अनुशासित कार्यकर्ता हैं। हमें पहले से ही विश्वास था कि वे ऐसा कोई कार्य नहीं कर सकते जिससे पार्टी की छवि और अनुशासन की मर्यादा को ठेस पहुंचे। उनके द्वारा स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद अब सभी गलतफहमियां दूर हो गई हैं।इसके साथ ही कांग्रेस पार्टी की नकारात्मक राजनीति की पोल एक बार फिर जनता के सामने खुल गई है।

उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधा कि कांग्रेस ने विधायक की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया है, जो पूरी तरह निंदनीय है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। इस प्रकार की राजनीति से जनता का विश्वास कमजोर होता है। इसी तरह इस मुद्दे पर अन्य भाजपा कार्यकर्ताओं की टिप्पणियों पर कहा कि मामले में सुखदेव सिंह नामधारी से भी स्पष्टीकरण लिया जाएगा। पार्टी संगठन इस पूरे मामले की गंभीरता से समीक्षा कर रहा है और सच्चाई सामने लाई जाएगी।

इस मौके पर प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार, दीप्ति रावत, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी राजेंद्र सिंह नेगी प्रमुखत मौजूद रहे।

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दुष्प्रचार और झूठ की रणनीति के सहारे बढ़ रही कांग्रेस को मिलेगा करारा जवाब

देहरादून। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि भाजपा कांग्रेस के दुष्प्रचार पर लगाम लगाने के लिए जल्दी ही कड़े कदम उठाने जा रही है और कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करेगी।

केदारनाथ धाम में किसी भी दशा में वीआईपी दर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगीः पांडेय

आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पांडेय तथा आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप द्वारा आज रुद्रप्रयाग पहुंचकर श्री केदारनाथ धाम यात्रा व्यवस्थाओं के संबंध में यात्रा व्यवस्था नोडल अधिकारियों, संबंधित विभागीय अधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ जिला कार्यालय सभागार रुद्रप्रयाग में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में गढ़वाल आयुक्त द्वारा यात्रा व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा ने गढ़वाल आयुक्त महोदय को अब तक की यात्रा संचालन स्थिति से अवगत कराते हुए बताया कि अब तक 3 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किए हैं। 31 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं तथा 11 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने हेली सेवाओं का उपयोग किया है। इसके अतिरिक्त बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं द्वारा घोड़ा-खच्चर एवं डंडी-कंडी के माध्यम से यात्रा की गई है।

उन्होंने बताया कि यात्रा कंट्रोल रूम के माध्यम से सतत निगरानी की जा रही है, गैस सिलेंडर की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, सभी अस्पताल पूर्णतः क्रियाशील हैं तथा म्यूल टास्क फोर्स तैनात है। 8 हजार से अधिक घोड़ा-खच्चरों का पंजीकरण एवं बीमा किया गया है। निर्धारित मानकों के उल्लंघन पर ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई की जा रही है तथा अतिक्रमण वाले डेरे हटाए गए हैं। पशु चिकित्सालयों की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए नियमित स्वास्थ्य परीक्षण एवं रेंडम चेकिंग भी कराई जा रही है।

यात्रा मार्ग पर पर्याप्त संख्या में शौचालयों की व्यवस्था की गई है तथा गौरीकुंड स्थित तप्तकुंड पर महिला एवं पुरुषों के लिए चेंजिंग रूम की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके अतिरिक्त विद्युत, पेयजल, सोलर लाइट, स्ट्रीट लाइट एवं शटल सेवाओं की जानकारी भी दी गई।

पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर द्वारा यात्रा रूट प्लान, ट्रैफिक व्यवस्था, पार्किंग एवं आपातकालीन सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।

गढ़वाल आयुक्त ने शौचालयों की नियमित साफ-सफाई, कार्मिकों की पर्याप्त तैनाती, सफाई सामग्री एवं पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही सेक्टर मजिस्ट्रेट के माध्यम से शौचालयों की रेंडम चेकिंग कराने के निर्देश देते हुए कहा कि यात्रा में स्वच्छता सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने यात्रा से संबंधित भ्रामक खबरों की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा संबंधित विभागों को तत्काल अपना पक्ष जारी करने के निर्देश दिए, ताकि अफवाहों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

हेली सेवाओं में टिकटों का निर्धारित दरों पर ही विक्रय सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा गया कि यदि मनमाने तरीके से टिकट बिक्री या वसूली की शिकायत मिलती है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सोनप्रयाग में रजिस्ट्रेशन काउंटर पर भीड़ नियंत्रण हेतु विशेष प्लान लागू करने के निर्देश भी दिए गए।

धाम क्षेत्र में फायर ऑडिट कराने तथा सभी आवश्यक अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

जनप्रतिनिधियों से भी लिए सुझाव
आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पांडेय ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं व्यापार मंडल के सदस्यों के साथ बैठक कर श्री केदारनाथ धाम यात्रा के सुगम संचालन के संबंध में आवश्यक जानकारी प्राप्त की। बैठक में विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल ने यात्रा से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाते हुए तुना-बौंठा मोटर मार्ग के डामरीकरण, तुंगनाथ-चोपता में पार्किंग निर्माण, शौचालय व्यवस्था तथा प्रमुख मंदिर मार्गों पर साइन बोर्ड लगाने की मांग रखी। जिलाधिकारी द्वारा एक सप्ताह में साइन बोर्ड लगाने का आश्वासन दिया गया।

जिला पंचायत सदस्य अमित मैंखंडी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा भी विभिन्न सुझाव प्रस्तुत किए गए, जिन पर आयुक्त द्वारा आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।

गढ़वाल आयुक्त ने बताया कि उन्होंने ऋषिकेश से रुद्रप्रयाग तक सड़क मार्ग का निरीक्षण किया है, जिसमें अधिकांश स्थानों पर मार्ग की स्थिति संतोषजनक पाई गई है तथा आवश्यक स्थलों पर सुधार हेतु निर्देश जारी किए गए हैं।

18 किलोमीटर पैदल मार्ग पर शौचालयों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने हेतु हर समय सफाई कर्मियों एवं पर्यावरण मित्रों की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं। केदारनाथ धाम में अग्नि सुरक्षा के लिए आवश्यक उपकरणों की खरीद हेतु ₹5 लाख की धनराशि पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग को आवंटित की गई है।

सुरक्षा के दृष्टिगत रात्रि 10रू00 बजे से प्रातः 4रू00 बजे तक यात्रा मार्ग पर यात्री वाहनों एवं पैदल आवागमन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। केवल आवश्यक सामग्री के परिवहन को अनुमति दी जाएगी तथा उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

गढ़वाल आयुक्त ने कहा कि पुलिस एवं सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई है तथा आवश्यकतानुसार अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि वे सोनप्रयाग एवं गौरीकुंड का स्थलीय निरीक्षण करेंगे तथा यात्रियों से संवाद स्थापित करेंगे। मौसम अनुकूल होने पर केदारनाथ धाम तक पैदल निरीक्षण भी प्रस्तावित है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी दशा में वीआईपी दर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी। मौसम की प्रतिकूलता के कारण हेली सेवाओं में आ रही बाधाओं का संज्ञान लेते हुए हेली कंपनियों को पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

गढ़वाल आयुक्त ने कहा कि मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार यदि यात्रा मार्ग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है तो आवश्यकतानुसार यात्रा को रोका जा सकता है। जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को परिस्थिति के अनुसार 2-3 घंटे के लिए यात्रा रोकने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में आज भी यात्रा को कुछ समय के लिए रोका गया।

उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है तथा सुरक्षित एवं सुगम यात्रा संचालन सरकार की प्राथमिकता है, जिसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य कर रहे हैं।

बैठक में विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत, अगस्तमुनि ब्लॉक प्रमुख भुवनेश्वरी देवी, जिला पंचायत सदस्य अमित मैंखंडी, जिला पंचायत सदस्य जयवर्धन कांडपाल, नगर पालिका अध्यक्ष रुद्रप्रयाग संतोष रावत, जिलाधिकारी विशाल मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, उपजिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल रावत, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रकाश, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आशीष रावत, अधिशासी अभियंता एनएच ओंकार पांडे, जिला पर्यटन अधिकारी राहुल चौबे, जिला विकास अधिकारी अनीता पंवार, जिला पूर्ति अधिकारी के.एस. कोहली, एआरटीओ धर्मेंद्र सिंह, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र महेश प्रकाश, सुलभ इंटरनेशनल से धनंजय पाठक, जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेश मिश्रा, अधिशासी अभियंता डीडीएमए राजविंद सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

बिना तैयारी बैठक में पहुंचे अधिकारियों पर सीएम धामी सख्त, जताई कड़ी नाराजगी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज सचिवालय में आयोजित मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा बैठक में अधिकारियों के बिना तैयारी के उपस्थित होने पर सख्त नाराजगी व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है और इस प्रकार की बैठकों में बिना पूरी तैयारी के आना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में सभी अधिकारी पूर्ण तैयारी और तथ्यात्मक जानकारी के साथ ही बैठक में उपस्थित हों।

मुख्यमंत्री ने विभागों एवं अधिकारियों के बीच आपसी समन्वय और संवाद की कमी पर भी कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कई मामलों में विभागीय तालमेल के अभाव के कारण विकास कार्य अनावश्यक रूप से लंबित हो रहे हैं, जो स्वीकार्य नहीं है। मुख्यमंत्री ने सभी सचिवों को संबंधित विधानसभा क्षेत्रों की घोषणाओं की एक बार पुनः गहन समीक्षा करने के कड़े निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाएं सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता का विषय हैं और जनता से किए गए वादों को समयबद्ध तरीके से पूरा करना सरकार की प्रतिबद्धता है। उन्होंने निर्देश दिए कि किस विभाग में कितने प्रतिशत घोषणाएं पूर्ण हो चुकी हैं और कितनी लंबित हैं, इसकी विस्तृत रिपोर्ट तत्काल प्रस्तुत की जाए।

मुख्यमंत्री ने सभी लंबित घोषणाओं के संबंध में 15 जून तक शासनादेश जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही जिन कार्यों के शासनादेश जारी हो चुके हैं, उन पर तत्काल कार्य प्रारंभ सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनावश्यक देरी किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी कड़ी नाराजगी व्यक्त की कि कई स्थानों पर घोषणाओं के अनुरूप कार्य प्रारंभ होने के बावजूद शिलापट्ट नहीं लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित कार्यस्थलों पर शिलापट्ट लगाना सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा संबंधित जिलाधिकारी इसकी जिम्मेदारी तय करेंगे।

मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी नाराजगी जताते हुए कहा कि जो विषय जिला स्तर पर हल हो सकते हैं, उन्हें अनावश्यक रूप से शासन स्तर पर लंबित रखना उचित नहीं है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिस स्तर पर कार्य लंबित है, उसी स्तर पर उसका तत्काल समाधान किया जाए।

मुख्यमंत्री ने सभी सचिवों को निर्देश दिए कि 15 जून से पहले सभी लंबित घोषणाओं की पुनः समीक्षा बैठक आयोजित की जाए और प्रत्येक कार्य की अद्यतन स्थिति प्रस्तुत की जाए।

इसके उपरांत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अल्मोड़ा जनपद के विधानसभा क्षेत्र सल्ट, रानीखेत, सोमेश्वर एवं जागेश्वर से संबंधित विभिन्न विकास घोषणाओं की विस्तृत समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता से किए गए सभी वादों और घोषणाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर धरातल पर उतारा जाए तथा विकास कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र के संतुलित विकास के लिए प्रतिबद्ध है और दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जिन घोषणाओं पर शासनादेश जारी हो चुके हैं, उनके कार्यों में तेजी लाई जाए तथा लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

समीक्षा के दौरान विधानसभा क्षेत्र सोमेश्वर की कुल 90 घोषणाओं की प्रगति पर चर्चा की गई। इनमें बड़ी संख्या में घोषणाओं पर शासनादेश जारी किए जा चुके हैं तथा अनेक कार्यों पर तेजी से कार्यवाही चल रही है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से पेयजल, सिंचाई, चिकित्सा-स्वास्थ्य, विद्यालयी शिक्षा, ऊर्जा, कृषि एवं कृषक कल्याण सहित विभिन्न विभागों से संबंधित लंबित मामलों में शीघ्र प्रगति लाने के निर्देश दिए।

विधानसभा क्षेत्र सल्ट की कुल 69 घोषणाओं की समीक्षा के दौरान बताया गया कि अनेक घोषणाओं पर शासनादेश जारी कर कार्य प्रारंभ किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने धर्मस्व, ग्राम्य विकास, चिकित्सा-स्वास्थ्य, पर्यटन, लोक निर्माण, शिक्षा एवं शहरी विकास से जुड़े लंबित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

विधानसभा क्षेत्र रानीखेत की कुल 33 घोषणाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र में सड़क, पर्यटन, सिंचाई, स्वास्थ्य, खेल और आधारभूत सुविधाओं से संबंधित योजनाएं स्थानीय विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपूर्ण एवं लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।

वहीं विधानसभा क्षेत्र जागेश्वर की कुल 48 घोषणाओं की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने पर्यटन, पेयजल, युवा कल्याण, शिक्षा, संस्कृति, आवास और धार्मिक महत्व की योजनाओं को शीघ्र पूरा करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जागेश्वर क्षेत्र धार्मिक एवं पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए यहां की विकास परियोजनाओं में तेजी लाई जाए।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार विकल्प रहित संकल्प के साथ प्रदेश के अंतिम छोर तक विकास पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं की नियमित समीक्षा का उद्देश्य यही है कि आम जनता को समय पर योजनाओं का लाभ मिले और उत्तराखंड विकास के नए आयाम स्थापित करे।

बैठक में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य, विधायक सल्ट, रानीखेत एवं जागेश्वर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु सहित सभी संबंधित विभागों के सचिव तथा संबंधित जिलों के जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

देवभूमि का देवत्व और सांस्कृतिक मूल्य हर हाल में सुरक्षित रहेंगेः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देहरादून जनपद के सेलाकुई स्थित आद्यशक्ति श्री माता वैष्णो देवी धाम सेवा समिति द्वारा आयोजित भव्य मां भगवती जागरण कार्यक्रम में प्रतिभाग कर मां भगवती की पूजा-अर्चना की तथा प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति के बीच मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की आध्यात्मिक पहचान, सांस्कृतिक विरासत और सनातन परंपराओं को अक्षुण्ण बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में सनातन संस्कृति के स्वर्णिम पुनर्जागरण का काल प्रारंभ हुआ है। उन्होंने कहा कि सदियों की प्रतीक्षा के बाद अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर निर्माण केवल एक मंदिर का निर्माण नहीं, बल्कि भारत की आस्था, संस्कृति और स्वाभिमान की पुनर्स्थापना का ऐतिहासिक क्षण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने जिस दृढ़ संकल्प के साथ राम मंदिर निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का विषय रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देशभर में सनातन संस्कृति को सशक्त करने के लिए अभूतपूर्व कार्य हो रहे हैं। काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर, महाकाल लोक, केदारनाथ पुनर्निर्माण, बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान सहित अनेक धार्मिक स्थलों का विकास भारत की सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भारत की आध्यात्मिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2013 की आपदा के बाद केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण का कार्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विशेष मार्गदर्शन में तेजी से आगे बढ़ा और आज केदारपुरी एक नए दिव्य एवं भव्य स्वरूप में विश्व के सामने है। उन्होंने कहा कि अभी 22 अप्रैल से चारधाम यात्रा प्रारंभ हुई है और अब तक तीन लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार सहित चारधामों में दर्शन कर चुके हैं, जो उत्तराखंड के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2024 से उत्तराखंड में शीतकालीन यात्रा की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वयं इस पहल का समर्थन किया और इसकी शुरुआत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शीतकालीन यात्रा का उद्देश्य यह है कि प्रदेश के धार्मिक स्थलों में पूरे वर्ष श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहे, स्थानीय लोगों को रोजगार मिले और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आदि कैलाश यात्रा के बाद वहां आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के इस दौरे ने सीमांत क्षेत्रों को नई पहचान दी है तथा स्थानीय पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा मिला है। राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर तेजी से कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर बनने के बाद यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह स्वयं कुछ दिन पूर्व मात्र ढाई घंटे में दिल्ली से देहरादून पहुंचे, जो इस परियोजना की उपयोगिता को दर्शाता है। इससे पर्यटन, व्यापार और तीर्थाटन को नई गति मिलेगी।

उन्होंने कहा कि सिख श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र हेमकुंड साहिब के लिए रोपवे परियोजना भी एक महत्वपूर्ण पहल है। इस परियोजना के पूर्ण होने से श्रद्धालुओं को बड़ी सुविधा मिलेगी और यात्रा अधिक सुगम एवं सुरक्षित बनेगी। साथ ही यह क्षेत्रीय विकास को भी गति देगा।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में जन्म लेना बहुत बड़े सौभाग्य की बात है, लेकिन जिन लोगों का जन्म यहां नहीं हुआ और जिन्होंने इस भूमि को अपनी कर्मभूमि बनाया है, वे भी उतने ही सौभाग्यशाली हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी की जिम्मेदारी है कि देवभूमि का देवत्व बना रहे, यहां के सांस्कृतिक मूल्य सुरक्षित रहें और हमारी परंपराएं आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचें।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने संकल्प लिया है कि उत्तराखंड की भावी पीढ़ियों और आने वाले बच्चों का भविष्य सुरक्षित बनाया जाए। इसके लिए सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण, धार्मिक स्थलों का विकास, पर्यावरण संरक्षण और संतुलित विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकल्प रहित संकल्प के मंत्र के साथ विकास और विरासत दोनों को समान प्राथमिकता दे रही है। प्रदेश में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए भी निरंतर कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज को एकजुट करने का कार्य करते हैं तथा युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ते हैं।

इस अवसर पर विधायक सहदेव सिंह पुंडीर, अन्य जनप्रतिनिधिगण, आयोजन समिति के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

सीएम धामी ने प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए लोगों की समस्याओं को सुना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए लोगों की समस्याओं को सुना। जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने सड़क, पेयजल, विद्युत, स्वास्थ्य, शिक्षा, भूमि संबंधी मामलों तथा अन्य जनहित से जुड़े विषयों पर अपनी समस्याएं मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं।

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री कार्यालय एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त सभी शिकायतों एवं मांगों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाए तथा प्रत्येक प्रकरण की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब न किया जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्राप्त शिकायतों को संबंधित विभागों को तत्काल प्रेषित करते हुए समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा शिकायतकर्ता को की गई कार्रवाई की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को उसकी समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान प्राप्त हो। जनसुनवाई जैसे कार्यक्रम शासन और जनता के बीच संवाद स्थापित करने का सशक्त माध्यम हैं, जिनके माध्यम से सरकार को जमीनी स्तर की समस्याओं की जानकारी प्राप्त होती है और उनके समाधान के लिए प्रभावी निर्णय लिए जा सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनकल्याण, सुशासन और समग्र विकास के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। प्रदेश के दूरस्थ एवं सीमांत क्षेत्रों तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये गये हैं कि जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ सरलता एवं समयबद्ध रूप से लोगों को प्राप्त हो।

इस अवसर पर फिल्म अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी ने भी मुख्यमंत्री से भेंट कर उत्तराखण्ड में चारधाम यात्रा में श्रद्धालु के लिए की गई बेहतर व्यवस्थाओं के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन बेहतर यात्रा व्यवस्थाओं के लिए पूरी तत्परता से कार्य कर रहा है। आंगनबाड़ी कर्मियों ने भी उनकी समस्याओं और मांगों पर सकारात्मक आश्वासन के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

सीएम धामी ने आंगनबाड़ी संगठन के प्रतिनिधिमंडल को उनकी मांगों के लिये आश्वस्त किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सचिवालय में आंगनबाड़ी कार्यकर्ती/सेविका/मिनी कर्मचारी संगठन, उत्तराखण्ड के प्रतिनिधिमंडल ने संगठन की अध्यक्ष रेखा नेगी के नेतृत्व में भेंट कर अपनी विभिन्न मांगों एवं समस्याओं से अवगत कराया।

मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कर्मियों की समस्याओं एवं मांगों पर प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उनके मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि के विषय में गंभीरतापूर्वक विचार कर रही है।

बैठक में सचिव महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि आंगनबाड़ी कर्मियों के मानदेय वृद्धि के संबंध में भारत सरकार से भी अनुरोध किया गया है। मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए सकारात्मक आश्वासन के उपरांत संगठन के प्रतिनिधियों ने हड़ताल को स्थगित किए जाने पर सहमति व्यक्त की।

इस अवसर पर सचिव मुख्यमंत्री शैलेश बगोली, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के सचिव चन्द्रेश कुमार तथा विभागीय निदेशक बी.एल. राणा भी उपस्थित रहे।

मानसून से पहले उत्तराखण्ड को बड़ी सौगात, सफल हुआ सेल ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम परीक्षण

देहरादून। राष्ट्रीय स्तर पर आपदा पूर्व चेतावनी प्रणाली को और अधिक प्रभावी एवं समयबद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण तथा सी-डॉट द्वारा उत्तराखण्ड सहित पूरे देश में सेल ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम के माध्यम से सफल परीक्षण अलर्ट जारी किया गया। प्रातः 11 बजकर 46 मिनट पर यह अलर्ट संदेश प्रसारित किया गया।

उत्तराखण्ड ने लगातार इस आधुनिक तकनीक को जल्द से जल्द लागू किए जाने के लिए केंद्र सरकार एवं संबंधित एजेंसियों के समक्ष प्रभावी पैरवी की थी। इस उपलब्धि पर माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया तथा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारियों का आभार व्यक्त किया है।

इस सफल परीक्षण के साथ ही राज्य में आपदाओं के दौरान आम जनमानस तक त्वरित एवं लक्षित चेतावनी संदेश पहुंचाने हेतु सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक का आधिकारिक तौर पर शुभारंभ हो गया है। इस तकनीक के माध्यम से अब उत्तराखण्ड में किसी विशेष भौगोलिक क्षेत्र में स्थित मोबाइल उपभोक्ताओं को एक साथ अलर्ट भेजे जा सकेंगे।

बता दें कि उत्तराखण्ड में आगामी मानसून सीजन से पहले ही इस तकनीक को लागू करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विशेष अनुरोध पर इस प्रणाली का प्रथम परीक्षण भी उत्तराखण्ड में ही किया गया था। राज्य द्वारा उस परीक्षण के आधार पर महत्वपूर्ण तकनीकी एवं व्यवहारिक फीडबैक राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण तथा सी-डॉट को उपलब्ध कराए गए थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह तकनीक उत्तराखण्ड जैसे आपदा-संवेदनशील राज्य के लिए अत्यंत उपयोगी एवं वरदान सिद्ध होगी। विशेष रूप से चारधाम यात्रा एवं आगामी मानसून सीजन के दौरान इस प्रणाली का व्यापक उपयोग किया जाएगा, जिससे यात्रियों एवं स्थानीय निवासियों को समय रहते सटीक एवं प्रभावी चेतावनी उपलब्ध कराई जा सकेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा निरंतर यह प्रयास किया गया कि मानसून प्रारंभ होने से पूर्व यह तकनीक राज्य को उपलब्ध हो, ताकि संभावित आपदाओं के प्रति जनमानस को समय रहते सचेत किया जा सके।

आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने इस पहल को आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक गेम-चेंजर बताते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक के समुचित उपयोग से राज्य में आपदा जोखिम न्यूनीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी। उन्होंने कहा कि सेल ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम के माध्यम से अंतिम व्यक्ति तक समय पर चेतावनी पहुंचाना अब संभव हो सकेगा, जिससे आपदाओं के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित होगी और जनहानि में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकेगी।

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि किसी भी आपदा की स्थिति में, प्रभावित क्षेत्र में सक्रिय सभी मोबाइल टावरों की सीमा में आने वाले उपभोक्ताओं को सेल ब्राडकास्टिंग तकनीक के माध्यम से स्वतः अलर्ट प्राप्त होगा। यह प्रणाली स्थान- विशिष्ट चेतावनी प्रसारण को सक्षम बनाती है, जिससे केवल प्रभावित क्षेत्र के नागरिकों को ही संदेश प्राप्त होता है और अनावश्यक भ्रम की स्थिति से बचा जा सकता है।

उन्होंने कहा कि यूएसडीएमए द्वारा इस तकनीक से एलर्ट भेजे जाने की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। यूएसडीएमए के विशेषज्ञों द्वारा एनडीएमए व सी-डॉट के दिशा-निर्देशन में प्रशिक्षण प्राप्त कर लिया गया है तथा अब इस तकनीक से एलर्ट भेजे जाएंगे और इसका प्रदेश में व्यापक तौर पर उपयोग किया जाएगा।

15 जून 2026 तक सीएम घोषणाओं के लंबित शासनादेश जारी करने के निर्देश

मुख्यमंत्री घोषणाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने तथा उनकी प्रभावी निगरानी के लिए प्रोग्राम इवैल्यूएशन एंड रिव्यू टेक्निक (पी.ई.आर.टी.) चार्ट तैयार किया जाए। बिजली, पेयजल, वनाग्नि, मानव-वन्यजीव संघर्ष तथा सड़क से संबंधित समस्याओं का विभागों द्वारा यथाशीघ्र समाधान किया जाए। स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाए। विधायकगणों द्वारा अपने क्षेत्रों की जिन समस्याओं को उठाया जा रहा है, अधिकारी उन्हें गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकता के आधार पर उनका समाधान करें। जिन घोषणाओं के अभी तक शासनादेश जारी नहीं हुए हैं, उन्हें 15 जून 2026 तक जारी किया जाए। सभी विभाग आपसी समन्वय से जनसमस्याओं का समाधान करें।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री घोषणाओं के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्रों यमकेश्वर, पौड़ी, श्रीनगर, चौबट्टाखाल, लैंसडाउन और कोटद्वार की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को ये निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के प्रत्येक विकासखंड में बालिकाओं के लिए एक-एक छात्रावास बनाया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक ब्लॉक में छात्राओं की सर्वाधिक संख्या वाले विद्यालयों को चिन्हित करते हुए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए। उन्होंने कहा कि रघुनाथ मंदिर, कोट ब्लॉक स्थित लक्ष्मण मंदिर तथा फलस्वाड़ी स्थित सीता माता मंदिर को धार्मिक सर्किट के रूप में भव्यता से विकसित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायकगणों द्वारा केंद्रीय विद्यालय संगठन खोलने के लिए दिए जा रहे प्रस्तावों पर शिक्षा विभाग तथा संबंधित जिलाधिकारी केंद्र सरकार के मानकों के अनुरूप सभी आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें, ताकि प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजे जाने पर उन्हें शीघ्र स्वीकृति मिल सके।युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पौड़ी में मल्टीपरपज हॉल बनाया जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विधायकगणों द्वारा बैठक में उठाई गई समस्याओं का संबंधित विभागीय सचिव प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाओं से संबंधित रोपवे प्रकरणों की अलग से समीक्षा की जाए। साथ ही पार्किंग की समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान किया जाए तथा सरकारी कार्यालयों में नियमित रूप से सोलर पैनल लगाए जाएं।

बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, डॉ. धन सिंह रावत, विधायक रेनू बिष्ट, राजकुमार पोरी, दलीप सिंह रावत, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, रविनाथ रमन, डॉ. पंकज कुमार पांडेय, डॉ. आर. राजेश कुमार, रणवीर सिंह चौहान, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष तथा वर्चुअल माध्यम से गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पाण्डेय और जिलाधिकारी पौड़ी स्वाति भदौरिया उपस्थित थे।

घबराएं नहीं, शनिवार को आपके फोन में आएगा अलर्ट, बजेगी घंटी

देहरादून। शनिवार को राज्य में सेल ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम के माध्यम से एक परीक्षण अलर्ट जारी किया जाएगा। इस परीक्षण का उद्देश्य राज्य में स्थापित आपातकालीन सूचना प्रसारण प्रणाली की कार्यक्षमता का मूल्यांकन करना तथा यह सुनिश्चित करना है कि आपदा की स्थिति में चेतावनी संदेश समयबद्ध एवं व्यापक रूप से प्रसारित हो सकें। उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा नागरिकों से अपेक्षा की जाती है कि वे इस परीक्षण अलर्ट को परीक्षण अलर्ट ही समझे। इस अलर्ट से किसी भी प्रकार से घबराने की आवश्यकता नहीं है।
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने बताया कि उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, देहरादून द्वारा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, भारत सरकार, नई दिल्ली के सहयोग से राज्य में आपदा पूर्व चेतावनी प्रणाली को सुदृढ़ बनाने हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य मौसम पूर्वानुमान एवं आपदा संबंधी सूचनाओं को आम जनमानस तक समय पर और प्रभावी ढंग से पहुँचाना है, ताकि संभावित आपदाओं के प्रति लोगों को पहले से सचेत किया जा सके और जन-धन की हानि को न्यून किया जा सके।
यह परीक्षण विभिन्न मोबाइल नेटवर्क सेवा प्रदाताओं के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में किया जाएगा, जिससे यह आकलन किया जा सके कि अलर्ट संदेशों का प्रसारण कितनी प्रभावशीलता से हो रहा है तथा किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है। साथ ही, विभिन्न परिस्थितियों में संदेशों की त्वरितता एवं सटीकता का भी परीक्षण किया जाएगा।
इस समग्र प्रक्रिया का उद्देश्य भविष्य में किसी भी आपदा की स्थिति में राज्य के नागरिकों को समय रहते सचेत करना है, ताकि वे आवश्यकतानुसार सावधानी बरत सकें। इसके अतिरिक्त, इस प्रणाली के माध्यम से आपातकालीन परिस्थितियों में प्रशासन एवं आम जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सकेगा।
भविष्य में किसी भी प्रकार के आपदा के सम्भावना होने पर वास्तविक अलर्ट जारी किया जायेगा। ऐसे अलर्ट को गंभीरता से लिया जाना होगा तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन किया जाना आवश्यक होगा। ऐसा करने से हमें आपदा के पूर्व ससमय चेतावनी प्राप्त हो सकेगी तथा हम अपना, परिजनों, अपने सुभचिन्तकों, अपने मित्रों तथा जनसामान्य का बचाव कर सकेंगे। भविष्य में समय-समय पर इस प्रणाली के बारे में जागरूकता कार्यक्रम चलाते हुए लोगों को जागरूक किया जायेगा। यह संयुक्त प्रयास राज्य को आपदाओं के प्रति अधिक सजग, सुरक्षित एवं सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

यह संदेश आएगा
देहरादून। भारत द्वारा स्वदेशी तकनीक का उपयोग करते हुए अपने नागरिकों के लिए त्वरित आपदा चेतावनी सेवा हेतु सेल ब्रॉडकास्ट की शुरुआत की जा रही है।
सतर्क नागरिक, सुरक्षित राष्ट्र।
इस संदेश की प्राप्ति पर जनता से किसी प्रकार की कोई कार्रवाई अपेक्षित नहीं है।
यह एक परीक्षण संदेश है।
गृह मंत्रालय

सीएम धामी ने किए मां राजेश्वरी के दर्शन, 1100 कन्याओं का अभिषेक कर श्री पीठम स्थापना महोत्सव में किया प्रतिभाग

अल्मोड़ा जनपद के डोल स्थित आश्रम में आयोजित श्री कल्याणिका हिमालय देवस्थानम न्यास के श्री पीठम स्थापना महोत्सव कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 1100 कन्याओं का पूजन कर माँ राजेश्वरी का अभिषेक एवं पूजा-अर्चना की तथा प्रदेश एवं देश की सुख-समृद्धि की कामना की।

डोल आश्रम में आगमन पर मुख्यमंत्री द्वारा आश्रम परिसर में स्थापित श्रीयंत्र एवं यहां संचालित आध्यात्मिक गतिविधियों का अवलोकन किया गया। उन्होंने कहा कि यहाँ स्थापित दुनिया के सबसे बड़े श्रीयंत्र को देखकर एक विशेष आध्यात्मिक अनुभूति होती है। उन्होंने कहा कि बाबा कल्याणदास की साधना एवं तपस्या के कारण यह स्थान आज पूरे विश्व में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है और आध्यात्मिक चेतना के प्रसार का एक प्रमुख केंद्र बन गया है। साथ ही उन्होंने बाबा कल्याणदास द्वारा वैश्विक स्तर पर आध्यात्मिक चेतना के प्रसार हेतु किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आश्रम धार्मिक आस्था, आध्यात्मिक साधना एवं सांस्कृतिक चेतना का प्रमुख केंद्र बन चुका है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है और चारधाम यात्रा में प्रतिवर्ष बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या प्रदेश में विकसित हो रही बेहतर व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं का परिणाम है।

कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, विधायक मोहन सिंह मेहरा, विधायक मनोज तिवारी, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष महेश नयाल, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर घोड़के, मुख्य विकास अधिकारी रामजीशरण शर्मा सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।