फील्ड लेवल तक पर्याप्त बजट और उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित होः सीएम

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने सचिवालय में वनाग्नि प्रबंधन की बैठक लेते हुए कैम्पा में स्वीकृत धनराशि को तत्काल फील्ड लेवल तक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वनाग्नि शमन के दौरान मृतक कार्मिकों और स्थानीय नागरिकों के परिवारों को अनुग्रह राशि अविलम्ब उपलब्ध कराई जाएं। वन कर्मियों को वनाग्नि शमन के लिए जरूरी सभी उपकरणों की व्यवस्था सुनिश्चित हो फायरलाईन की मॉनिटरिंग के लिए ड्रोन सर्वे कराया जाए। आपदा प्रबंधन विभाग को वनाग्नि शमन के लिए हेलीकाप्टर की भी व्यवस्था रखने के निर्देश दिए।

सचिवालय में आयोजित बैठक में वनाग्नि प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वन पंचायतों और स्थानीय लोगों की सहभागिता बहुत जरूरी है। स्थानीय लोगों के हक हकूक का समय से वितरण किया जाए। वन, पुलिस,राजस्व व अन्य संबंधित विभागों में पूरा समन्वय हो। जिलाधिकारी नियमित रूप से वनाग्नि प्रबंधन की समीक्षा करें और ये सुनिश्चित करें कि आवश्यक मानव संसाधन, उपकरण आदि उपलब्ध हों। यदि कोई समस्या हो तो शासन को अवगत कराएं। वनाग्नि प्रबंधन संबंधी कार्यों में 5 हजार महिलाओं की सक्रिय भागीदारी की योजना बनाई जाए। फोरेस्ट फायर कन्जरवेंसी सिस्टम को विकसित कर आमजन में व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए।

मुख्यमंत्री ने वनाग्नि प्रबंधन के लिए की गई तैयारियों के संबंध में वीडियो कान्फ्रेंसिंग द्वारा जिलाधिकारियों से भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जानबूझकर आग लगाने वालों को चिन्हित किया जाए। वनाग्नि के कारण जो भी क्षति होती है, उसमें आपदा के मानकों के अनुसार तत्काल राहत राशि प्रदान की जाए। पिरूल एकत्रण का भुगतान समय से हो। इसके लिए प्रभावी मैकेनिज्म बना लिया जाए।

बैठक में बताया गया कि प्रतिवर्ष लगभग 36 हजार हैक्टेयर वन क्षेत्र में वनाग्नि शमन के लिए जरूरी नियंत्रित दाहन किया जाता है। लगभग 2700 किमी फायर लाईनों का रखरखाव किया जाता है। स्थानीय निवासियों से प्रतिवर्ष लगभग 7000 फायर वाचर अग्निकाल में लगाए जाते हैं। 40 मास्टर कंट्रोल रूम, 1317 कू्र स्टेशन और 174 वाच टावर स्थापित हैं। जिला फायर समितियों की बैठक कर ली गई हैं।

बैठक में मुख्य सचिव ओमप्रकाश, प्रमुख सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव अमित नेगी, नीतेश झा, प्रमुख वन संरक्षक राजीव भरतरी, सहित वन विभाग के अधिकारी, मंडलायुक्त और जिलाधिकारी उपस्थित थे।

कुंभ मेला तैयारियों को देखने पहुंची हाईकोर्ट से टीम

हाईकोर्ट की एक टीम आज कुंभ मेला कार्यों की जांच करने ऋषिकेश, मुनिकीरेती तथा स्वर्गाश्रम क्षेत्रों में गई। यहां कुंभ मेला तहत तैयारियों व व्यवस्थाओं का टीम ने निरीक्षण किया। टीम ने अधूरे कार्यों पर नाराजगी दिखाई।

उच्च न्यायालय नैनीताल के अधिवक्ता शिव भट्ट कुंभ मेले की तैयारियों और व्यवस्था का जायजा लेने पहुंचे थे। व्यवस्थाओं में कमी होने पर उन्होंने अधिकारियों को लताड़ा। उन्होंने बताया कि कुंभ की तैयारियों को लेकर धरातल पर कोई भी व्यवस्थाएं दिखाई नहीं दे रही हैं, जबकि कुंभ के कार्यों को तय समय पर पूरा करना था, लेकिन अब एक माह का समय ही कुंभ के समापन का रह गया है।

लेकिन संबंधित विभागों ने कार्यों को अभी तक पूरा नहीं किया गया है। बताया कि गंगा घाटों पर टॉयलेट, बाथरूम, यूरिनल, चेंजिंग रूम, सीसीटीवी कैमरे आदि की भी कोई व्यवस्थाएं नहीं की गई है। ऋषिकेश ही नहीं मुनिकीरेती, स्वर्गाश्रम क्षेत्र का भी यही हाल है। इसके साथ ही शहर के बाजार अतिक्रमण से पटे पड़े हैं। जिसके लिए प्रशासनिक इकाइयां जिम्मेदार हैं। इसके अलावा प्रशासन द्वारा कोविड-19 नियमों का पालन भी नहीं कराया जा रहा है, जबकि प्रदेश के देहरादून, मसूरी कई शहरों में दोबारा कंटेनमेंट जोन बनाए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि वह 23 मार्च से पहले पहले अपनी रिपोर्ट न्यायालय में पेश करेंगे। इस मौके पर जिला विधिक प्राधिकरण की सचिव नेहा कुशवाहा, एडीएम वीर सिंह बुदियाल, एसएनए विनोद लाल आदि मौजूद रहे।

सब्जी विक्रेताओं ने बनाई अर्थी, किया प्रदर्शन


फुटकर फल व सब्जी विक्रेता समिति का धरना तीसरे दिन भी लगातार जारी है। आज फुटकर फल व सब्जी विक्रेताओं ने आक्रोशित होकर चिता पर लेट कर आंदोलन किया। मौके पर अटल विचार मंच के अध्यक्ष सुरेंद्र कुलियाल वंदे मातरम द्वारा स्वयं चिता पर लेट कर आंदोलन की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि गरीबों की पीड़ा वही समझ सकता है।

समिति के संरक्षक आशुतोष शर्मा ने बताया कि एक तरफ स्वयं को तीसरी सरकार कहने वाले नगर निगम की बोर्ड बैठक चल रही है। वहीं दूसरी ओर यह अधिकांश फुटकर फल व सब्जी विक्रेता लगभग 1 वर्ष से रोजगार विहीन है। जिसके कारण गरीब सब्जी व फल वालों के लिए अपने परिवार का भरण पोषण करना अत्यंत ही कठिन हो रहा है। जिसके लिए नगर निगम ऋषिकेश पूर्ण रूप से जिम्मेवार है। नगर निगम ऋषिकेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राष्ट्रीय फेरी नीति के तहत पथ विक्रेताओं को जो सामाजिक सुरक्षा मिलने चाहिए उसका सरासर उल्लंघन कर रहा है। कोविड-19 के दुष्कर समय में नगर निगम प्रशासन द्वारा इन सब्जी वालों पर एपिडेमिक डिजीज कंट्रोल एक्ट 1897 व आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 का दुरुपयोग करते हुए इनको परेशान किया गया।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत जी द्वारा अपने सब सर्वप्रथम फैसले में कुंभ में आने यात्रियों के लिए कोविड-19 के परीक्षण की बाध्यता को समाप्त कर दिया गया साथ ही पुराने सभी मुकदमे जो कोविड-19 के समय में आमजन को लगे थे। उन्हें समाप्त करने की घोषणा कर दी। वहीं नगर निगम ऋषिकेश इन फल व सब्जी विक्रेताओं को उनके यथा स्थान जीवनी माई मार्ग से व्यापार नहीं करने दे रहा है और ना ही उनके लिए रोजगार हेतु उपयुक्त वैकल्पिक स्थान की व्यवस्था कर रहा है जिसका कि हम सभी विरोध करते हैं।

समिति के अध्यक्ष राजू गुप्ता ने भी यथाशीघ्र अपनी मंडी को जीवनी माई मार्ग से संचालित होने की बात कहीं इस अवसर पर अंशुल अरोड़ा हरीश आनंद गोविंद गुप्ता राजेश गुप्ता कैलाश चंद साहनी कीमत गुप्ता शंकर शाह हरद्वारी साहनी बबलू गुप्ता सोनू गुप्ता महेंद्र राजीव मद्धेशिया अरविंद उनियाल बेचन गुप्ता अमित पाल संजय कुमार हरेंद्र आदि उपस्थित थे

हिजामं ने की भगवा रंग के विरोध करने वालों की निंदा

नगर निगम की बोर्ड बैठक में ओरेंज सिटी को लेकर पार्षदों का विरोध करने पर हिन्दु जागरण मंच ने कड़ी निंदा की है। हिजामं ने भगवा रंग का विरोध करने वाले पार्षदों के निर्णय का विरोध किया है।

हिजामं के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यवीर तोमर ने कहा कि अधिकांश पार्षद वह हैं जो भगवा रंग से अपनी राजनीति चला रहे है और आज भगवा रंग को स्थान दिलाने की बात हुई तो उसका खुलकर विरोध कर रहे है। उन्होंने कहा कि भगवा रंग हिंदुओं का आध्यात्मिक रंग है। यह धार्मिक नगरी है, यहां भगवा रंग का विरोध क्यों हो रहा है। ऐसे पार्षद क्या हरे रंग का समर्थन कर रहे है। ऐसे पार्षद निंदा के पात्र है। हिंदु जागरण मंच इसकी घोर निंदा करता है। उन्होंनें कहा कि भगवा रंग यदि ऋषिकेश जैसी नगरी जहां संतों का निवास है, यहां नहीं होगा। तो फिर कहां होगा।

नगर निगम बोर्ड बैठक में सिर्फ हंगामा हुआ, बजट और प्रस्ताव नहीं हुए पास

नगर निगम ऋषिकेश की आज बोर्ड बैठक अब तक की सबसे शर्मशार रही। ढाई साल में एक पहला वाक्या रहा जब एक भी प्रस्ताव और न ही बजट पास हुआ। पूरे दिन सदन में सिर्फ हंगामा देखने को मिला। हंगामें में पार्षद द्वारा मेयर पर व्यक्तिगत आरोप भी लगाया गया, तो कई पार्षदों ने अपने वार्ड में विकास कार्यों की अनदेखी करने की अपनी पीड़ा भी बयान की। साथ ही निगम के अधिकारियों को पार्षदों की अनदेखी करने का आरोप भी लगाया। सदन में नए प्रस्तावों पर चर्चा के बजाए पुरानी बोर्ड बैठक की पुष्टि की गई। इसमें हंगामा जोरदार देखने को मिला। सदन में पक्ष विपक्ष ने एक दूसरे पर राजनीति करने के आरोप भी जड़े।

सुबह 11 बजे नगर निगम की बोर्ड बैठक होनी थी। मगर, करीब 20 मिनट बाद यह बैठक शुरू हुई। सदन की कार्रवाई को शुरू किया ही जा रहा था कि पार्षद राकेश मियां ने बीते वर्ष 30 जुलाई को हुई बोर्ड बैठक के प्रस्तावों व कार्यों को लेकर निगम अफसरों से रिपोर्ट मांगी। इसपर मेयर अनिता ने पूर्ववर्ती बैठक की पुष्टि के लिए हामी भरी गई। पार्षद मियां ने नगर के ड्रेनेज सिस्टम पर सवाल उठाया। उनका कहना था कि जब पूर्व में बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास है, तो किस कारण इसमें विलंब हो रहा है। इस पर निर्माण विभाग के एई आनंद मिश्रवाण ने बताया कि यह कार्य अगले वित्तीय वर्ष यानी अप्रैल माह से शुरू किया जाना है, यह अमुत योजना के तहत किया जाएगा। इसी तरह पार्षद शिव कुमार गौतम ने डेढ़ वर्ष से अधर में लटके नाले के निर्माण, पार्षद सुंदरी कंडवाल ने पास प्रस्तावों का निर्माण कार्य शुरू न किए जाने पर सवाल किए।

इस पर नगर आयुक्त नरेंद्र सिंह क्वींरियाल ने कहा कि ऐसे वार्ड जहां बहुत काम हुए हैं, उन्हें प्राथमिकता के साथ किया जाएगा।

त्रिवेणी घाट के आरती स्थल पर लगे पत्थर गलतः रीना शर्मा
पार्षद रीना शर्मा ने सदन के समक्ष यह मामला उठाया कि त्रिवेंणी घाट स्थित आरती स्थल पर ग्रेनाइट के पत्थर लगा दिए गए है, जिस पर चलकर श्रद्धालु चोटिल हो रहे है। इस पर मेयर ने भी माना कि ग्रेनाइट पत्थर का वहां लगाया जाना गलत फैसला रहा है। इसमें उन्होंने एमडीडीए के अफसरों से भी बात की है।

निगम के दिए कूड़ेदान में सज रहे गमलेः राधा रमोला
पार्षद राधा रमोला ने कहा कि नगर निगम ने जो गीले और सूखे कूड़ेदान वितरित किए हैं, उन पर लोग अपने घरों में आटा, चावल रखने के उपयोग में ला रहे है। इतना ही नहीं अधिकांश लोग उसमें गमला लगाकर घरों में टांगे रखे है। इस पर एमएनए ने कहा कि ऐसे लोगों की पहचान की जाएगा। जो भी आवश्यक कार्यवाही हो सकती है, की जाएगी।

कब-कब हंगामे का माहौल बना और जोरदार हंगामा हुआ

1. पार्षद का निकला दर्द, रूदन भरी आवाज में मेयर पर लगा डाले आरोप
सदन में प्रत्येक वार्ड के पुराने प्रस्तावों पर अपनी रिपोर्ट देने के दौरान पार्षद जयेश राणा का भी नंबर आया। उन्होंने अपनी बात जरूर रखी। मगर, अमर्यादित तरीके से। हुआ यूं कि मेयर अनिता ममगाईं पर पार्षद जयेश राणा ने वार्ड में काम न होने देने, विधानसभा अध्यक्ष के कार्यों को सोशल मीडिया पर अपलोड करने तथा प्रचारित करने पर सड़क बनवाने की मांग को ठुकरा देने व इग्नोर करने का आरोप जड़ दिया। पार्षद भाव विभोर होते हुए बहुत आगे तक निकल गए। इसी बीच मेयर अनिता ममगाईं ने भी रूठे स्वर में पार्षद से बात की और सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिला।

2. इसी बीच शिवाजी नगर में चले धरने को लेकर भी बात उठी। पार्षद शिवकुमार गौतम ने सदन के समक्ष मेयर पर आरोप लगाया कि उक्त धरना उन्हीं के इशारे पर किया गया। उन्हीं के साथ हर वक्त रहने वाले लोगों ने धरने को समर्थन दिया। इसके बाद रणनीति के तहत मेयर ने ही धरने को समाप्त कराया। इस पर मेयर बिफर गई और आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि मेरे साथ जो कोई भी रहे, इससे आपको क्या लेना देना।

3. पार्षद मनीष शर्मा ने पार्षद शिव कुमार गौतम को कहा कि यह भाजपा कार्यालय नहीं है जो यहां भाजपा की बात की जा रही है। इस पर अधिकांश चयनित और नामित पार्षदों ने आपत्ति जताई और एक बार फिर सदन में भयंकर हंगामा देखने को मिला।

4. पार्षद राजेंद्र प्रेम सिंह बिष्ट ने निगम के अफसरों पर यह आरोप लगाया कि जो कार्य पूर्व में टीएचडीसी की ओर से किया गया है, उसे नगर निगम का दिखाकर वहां साइन बोर्ड क्यों लगाया गया। इतना ही नहीं निगम की ओर से एक साल की उपलब्धि वाली पुस्तक पर इसे प्रकाशित तक कर दिया गया। इस पर ज्यादातर पार्षदों ने नाराजगी जताई और पुनः सदन में हंगामा देखने को मिला। इस पर निगम ने अपनी गलती स्वीकार की और इसे सुधारने की बात कही।

5. वार्ड 40 पार्षद शारदा देवी ने निगम पर बिना काम किए उपलब्धि वाली पुस्तक पर निर्माण कार्यों को प्रकाशित करने पर घोर आपत्ति जताई। इस पर भी हंगामा होता रहा।

6. करीब शाम चार बजे बोर्ड की आज की बैठक शुरू हुई। पार्षद विकास तेवतिया, पार्षद शिव कुमार गौतम ने निगम पर बजट की काॅपी पूर्व में न देकर मौके पर दिए जाने का आरोप लगाया। यहां भी हंगामा हुआ।

7. आज की बोर्ड बैठक का पहला प्रस्ताव ऋषिकेश को ओरेंज सिटी करने को लेकर मेयर अनिता ममगाईं की ओर से दिया गया। इस पर पहले तो पार्षद शिव कुमार गौतम ने आपत्ति जताई कि क्या एक मेयर अपना प्रस्ताव दे सकती है। काफी देर इस पर बहस होती रहीं। इसके बाद ओरेंज सिटी को लेकर करीब 27 पार्षदों ने सदन को बीच में ही छोड़ दिया और नगर निगम के खिलाफ बाहर नारेबाजी की गई। पार्षदों के बैठक में न आने पर मेयर अनिता ममगाईं ने उक्त बैठक 21 मार्च दिन रविवार को करने की घोषणा की। इस पर उपस्थित पार्षदों ने सहमति दी।

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नगर पालिका मुनिकीरेती क्षेत्र में मेडिकल टीम ने मासिक धर्म से जुड़ी जानकारियां की साझा


नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती-ढालवाला द्वारा नगर क्षेत्र में संडे मेगा इवेंट कार्यक्रम के तहत सोर्स सेग्रिगेशन अलग करो अभियान चलाया गया। जिसमें नगर क्षेत्र में लोगों को घरो से निकलने वाले सूखे कूड़े को नीले कूड़े दान में डालने, गीले कूड़े को हरे कूड़ेदान में डालने एवं घरेलू परिसंकटमय कूड़े (सेनेटरी नैपकिन को अलग से देने हेतु) काले कूड़ेदान में डालने के लिए प्रेरित किया गया।

इस मौके पर मेडिकल की टीम के सहयोग से महिलाओं को मासिक धर्म के दिनों के दौरान स्वच्छता रखने एवम गरीब महिलाओ को मुफ्त सेनिटरी नेपकीन वितरित किये गए। मौके पर प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. जगदीश जोशी, डॉ श्रुति धुलिया, सफाई निरीक्षक भूपेंद्र पंवार, स्वास्थ्य लिपिक दीपक कुमार, रंजन कंडारी, जेबीबी टेक्नोक्रेट से प्रमोद, जतिन आदि उपस्थित रहे।

प्रदेश प्रभारी का जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर स्वागत करने पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ता

प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव व सह प्रभारी राजेश धर्माणी का एयरपोर्ट पहुँचने पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य जयेन्द्र रमोला ने पूर्व सैनिकों के साथ स्वागत किया व ऋषिकेश में नटराज चैक पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ भव्य स्वागत किया।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य जयेन्द्र रमोला ने कहा कि प्रदेश प्रभारी व सह प्रभारी श्रीनगर में आयोजित जनआक्रोश रैली में शिरकत करने के लिये उत्तराखण्ड आगमन पर एयरपोर्ट में स्वागत किया गया और वहाँ से नटराज चैक में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्वागत करते हुऐ सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ उन्होने श्रीनगर रैली के लिये प्रस्थान किया।

प्रदेश प्रभारी देवेन्द्र यादव ने कहा कि प्रदेश में चरम पर बेरोजगारी, कमर तोड़ महंगाई, ठप्प पड़े विकास, चरमराती स्वास्थ व्यवस्था, हर तरफ व्याप्त भ्रष्टाचार के विरोध में श्रीनगर जनआक्रोश रैली का शुभारंभ किया जायेगा और पूरे प्रदेश में आने वाले दिनों में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर विरोध किया जायेगा।
एयरपोर्ट पर स्वागत करने वालों में पूर्व सैनिक व कांग्रेस नेता धीरज थापा, गजेन्द्र विक्रम शाही, महिला कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष अंशुल त्यागी, गोकुल रमोला, दीपक नेगी, पूर्व सैनिक अमन पोखरियाल, पूर्व सैनिक कुंवर सिंह गुसाँई, पूर्व सैनिक गिरीश रौथाण आदि मौजूद थे ।

नटराज चैक पर स्वागत करने वालों में मंहन्त विनय सारस्वत, राजपाल खरोला, प्रदेश सचिव मदन मोहन शर्मा, जयपाल जाटव, अशोक शर्मा, विजय पाल रावत, सतीश कुमार, वेद प्रकाश शर्मा, विमला रावत, इन्द्रप्रकाश अग्रवाल, महिला कांग्रेस अध्यक्ष सरोज देवराडी, मधु जोशी, प्रदीप जैन, पार्षद भगवान सिंह पंवार, पार्षद राकेश सिंह, पार्षद देवेन्द्र प्रजापति, पार्षद राधा रमोला, वीरेन्द्र सजवाण, मधु जोशी, पार्षद जगत नेगी, इन्द्रेश बर्तवाल, आर्यन गिरी, गौतम नौटियाल , जीतेन्द्र त्यागी, सोनू पांडेय, वेद प्रकाश शर्मा, दीपक नेगी, नंदकिशोर जाटव, प्रदीप भट्ट, अशोक मास्टर, राजेंद्र जाटव, रोशनी देवी, मीना रस्तोगी, सोमवती पल, नरेश कंडवाल, राजकुमार भतालिये, कमलेश शर्मा, अजय राजभर, वीरेन्द्र सजवाण, विवेक तिवारी, कपिल शर्मा, अजय धीमान, हरिओम यादव, योगेश शर्मा, अनीता पोखरियाल, रोशनी, इंद्रेश अग्रवाल, जयपाल बिट्टू, अमित पाल, बिजेंद्र कुमार, प्यारेलाल, विक्रम भंडारी, प्रदीप जैन, दीनदयाल राजभर, धीरज डोभाल, इमरान सैफी, सुबाष जखमोला, प्रेमचंद गुसाईं, बुरहान अली, शिवा सिंह, ओम प्रकाश, मनीष शर्मा, देवेंद्र प्रजापति, अमित सागर, ललित मोहन मिश्र, भगत सिंह नेगी, अभिषेक शर्मा, संदीप बसनेट आदि मौजूद थे।

विधानसभा चुनावों में सभी सीटों पर उतरेंगे सपा के कैडिडेट

समाजवादी पार्टी उत्तराखंड के प्रदेश सचिव व प्रवक्ता एडवोकेट अतुल यादव ने पार्टी के प्रदेश प्रभारी राजेन्द्र चैधरी से मुलाकात की। इस दौरान आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर चर्चा की गई।

सपा प्रदेश सचिव व प्रवक्ता एडवोकेट अतुल यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी उत्तराखण्ड की सभी 70 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। विधानसभा चुनावों में संगठन के कार्यकर्ता मजबूती के साथ प्रतिभाग करेंगे। बताया कि पार्टी के वरिष्ठ नेता भी राज्य का दौरा करेगे। कहा कि मंहगाई, रोजगार, आदि मुद्दों को लेकर सपा जनता के बीच जाती रही है। इन्हीं मुद्दो को जनता के बीच पार्टी कार्यकर्ता पुनः जाएंगे। इस पर सपा के प्रदेश प्रभारी व पूर्व कैबिनेट मंत्री उत्तर प्रदेश राजेन्द्र चैधरी से उनकी मुलाकात सकारात्मक रही।

स्थान चयनित न होने पर सब्जी विक्रेताओं का धरना नगर निगम ऋषिकेश के खिलाफ जारी

फुटकर फल व सब्जी विक्रेता समिति के स्थान चयन को लेकर नगर निगम ऋषिकेश के विरुद्ध सब्जी विक्रेताओं का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा।

समिति के संरक्षक आशुतोष शर्मा ने बताया कि कॉविड 19 के बाद से अधिकांश चयनित फल व सब्जी विक्रेता रोजगार विहीन है जिसके संदर्भ में नगर निगम ऋषिकेश द्वारा संवेदनहीन रवैया अपनाया हुआ है। जिससे इनके परिवार को अपनी आजीविका चलाना बहुत ही मुश्किल हो रहा है इसके विरोध स्वरूप कल 15 मार्च 2021 को सब्जी व फल विक्रेता सुबह 10 से 12 बजे तक चिता पर लेट कर आंदोलन करेंगे।

समिति के अध्यक्ष राजू गुप्ता ने बताया कि उन्होंने कई बार नगर निगम प्रशासन से उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की प्रार्थना की परंतु निगम प्रशासन द्वारा इनकी जायज मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।

इस अवसर पर समर्थन देने वालों में सुरेंद्र कुलियाल वंदे मातरम, कैलाश चंद्र साहनी, सनी जायसवाल, सुभाष गुप्ता, गणेश गुप्ता, राधा कृष्ण, मनोज साहनी, शंकर साहनी, सुरेश साहनी, राजेश गुप्ता, अजय, देवेंद्र कुमार, हरिश्चंद्र, सोनू गुप्ता, मनोहर गुप्ता, दिनेश कुमार गुप्ता, राजेश कुमार, राम महेंद्र, विजय, ऋषि राम गोसाई, मनीष गुप्ता, मुन्ना, दीनानाथ राजभर, भरत साहनी, कीमत, विनोद, मनभोग गुप्ता, विनोद वर्मा आदि उपस्थित थे।

कुंभ क्षेत्र की आंतरिक सड़कों की मरम्मत एवं साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के सीएम ने दिये निर्देश

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने मुख्य सचिव ओम प्रकाश सहित शासन के उच्चाधिकारियों के साथ कुम्भ मेला की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक 12 वर्ष के पश्चात आयोजित होने वाले कुम्भ मेले के प्रति देश विदेश के करोड़ों लोगों की आस्था जुड़ी है। कुम्भ स्नान के लिये आने वाले श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के सुखद संदेश लेकर जाए, यह हम सबका दायित्व है। इसके लिये सभी अधिकारी आपसी समन्वय एवं समयबद्धता के साथ कुम्भ की व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित करायें। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुम्भ के प्रति लोगों में सकारात्मक संदेश जाय इसके भी प्रयास किये जायें। कुम्भ मेले में कोविड के नियमों का अनुपालन के साथ अधिक से अधिक श्रद्धालु इसमें शामिल हों यह हमारा उद्देश्य होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि कुम्भ क्षेत्र की सड़कों की मरम्मत के साथ ही सड़कों पर पड़ी निर्माण सामग्री को तुरंत हटाया जाय। उन्होंने कुम्भ क्षेत्र की सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए इसके लिये पर्याप्त सफाई निरीक्षकों एवं सफाई कार्मिकों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि सफाई सवास्थ्य से जुड़ा विषय भी है। अतः साफ-सफाई एवं पर्याप्त शौचालयों की व्यवस्था कुम्भ क्षेत्र में की जाय। मुख्यमंत्री ने कुम्भ मेले में आने वाले शंकराचार्यों एवं अखाड़ों को भूमि उपलब्ध कराने के साथ उन क्षेत्रों में आवश्यक अवस्थापना सुविधाओं के विकास पर भी ध्यान देने के निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह ने कुम्भ मेले की व्यवस्थाओं के लिये आवश्यक अतिरिक्त अधिकारियों की भी तैनाती शीघ्र करने के निर्देश दिये हैं। साथ ही कुम्भ के लिये यदि अतिरिक्त व्यवस्थायें की जानी हो तो उसका प्रस्ताव दो दिन के अंदर शासन को उपलब्ध कराया जाय। उन्होंने विभागीय सचिवों को व्यक्तिगत रूप से कुम्भ कार्यों की समीक्षा के साथ ही स्थलीय निरीक्षण के भी निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने कुम्भ मेले में सुरक्षा व्यवस्था के प्रति भी प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि आने वाली शाही स्नानों में शिवरात्रि पर्व की व्यवस्थाओं से भी बेहतर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित हो इस पर ध्यान दिया जाय।

बैठक में सचिव शैलेश बगोली ने बताया कि कुम्भ मेले की व्यवस्थाओं के अन्तर्गत 661 करोड़ के 203 निर्माण कार्य किये जा रहे हैं। इनमें स्थायी प्रकृति के अधिकांश कार्य पूर्ण हो चुके जबकि अस्थायी निर्माण कार्य तेजी से किये जा रहे हैं। मेलाधिकारी दीपक रावत ने कुम्भ मेले की व्यवस्थाओं से सम्बन्धित कार्यों का प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जानकारी दी। जबकि आई.जी. मेला संजय गुंज्याल द्वारा सुरक्षा व्यवस्था से सम्बन्धित प्रस्तुतीकरण दिया गया।

बैठक में पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, प्रमुख सचिव आनंदवर्द्धन, आरके सुधांशु, सचिव अमित नेगी, नितेश झा, राधिका झा, दिलीप जावलकर, सौजन्या, आयुक्त गढ़वाल रविनाथ रमन, महानिदेशक सूचना डॉ मेहरबान सिंह बिष्ट आदि उपस्थित रहे।