सपा कार्यकर्ताओं ने परिवहन व्यवसायियों की मदद को राष्ट्रपति से की मांग

समाजवादी पार्टी की उत्तराखंड इकाई के कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को उप जिलाधिकारी ऋषिकेश के जरिए ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन के जरिए उन्होंने छह सूत्रीय मांग रखीं है।
पार्टी के प्रदेश सचिव व अधिवक्ता अतुल यादव ने बताया कि डीजल-पेट्रोल के साथ रसोई गैस के बढ़ते दामों को कम किए जाने की मांग की है, दूसरी मांग उत्तराखण्ड मे जो परिवहन व्यवसायी है, उन्हें आर्थिक मदद के रूप में टैक्स आदि मे छूट दी जानी चाहिए। वहीं, होटल व्यवसायियों को आर्थिक मदद के लिए राज्य सरकार को निर्देशित किए जाए।

इसके अलावा कोविड-19 से जिनकी मृत्यु हो गयी है, उनके परिजनों को आर्थिक मदद राज्य सरकार के जरिए दिलाई जाए। यूपी सरकार द्वारा समाजवादी पार्टी के नेताओं पर जो मुकदमें लगाए गए है, उन्हें वापस किया जाए। वर्ष 2013 में उत्तराखंड में आई आपदा में अनियमितताओं की जांच सीबीआई से कराई जाए। ज्ञापन सपा उत्तराखण्ड के पूर्व उपाध्यक्ष रमेश चन्द्र गौड़ के नेतृत्व मे दिया गया‌। मौके पर महानगर अध्यक्ष अशोक ग्रोवर, प्रदेश सचिव राजपाल सिंह यादव, सत्यपाल आदि मौजूद थे।

सीएम ने चमोली के लिए रवाना की बेसिक लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस, सीएमओ के नियंत्रण में रहेगी एम्बुलेंस

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में इपिराक माइनिंग इंडिया लि. द्वारा सीएसआर के तहत प्रदान की गई बेसिक लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर जनपद चमोली के लिये रवाना किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एम्बुलेंस चारधाम यात्रा के दौरान लोगों को त्वरित स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने में मददगार होगी। उन्होंने इस प्रकार के जन सेवा के कार्यों में सहयोगी की सराहना की। इस सम्बन्ध में आयुक्त गढ़वाल रविनाथ रमन ने बताया कि यह एम्बुलेंस इपिराक माइनिंग इंडिया द्वारा सीएसआर के तहत उपलब्ध करायी गई है। वर्तमान में इपिराक द्वारा ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन के अंतर्गत अंडरग्राउंड टनल के निर्माण में भागीदारी दी जा रही है। यह एम्बुलेंस सीएमओ चमोली के नियंत्रण में रहेगी तथा बदरीनाथ से श्रीनगर के मध्य संचालित होगी।

इस अवसर पर बीएस नेगी के साथ ही कम्पनी के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।

80 आक्सीजन कंसन्ट्रेटर को सीएम ने दिखाई हरी झंडी


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीएम कैम्प कार्यालय में आयोजित संक्षिप्त कार्यक्रम में 80 आक्सीजन कन्सन्ट्रेटर राज्य के 09 जनपदों के लिए रवाना किए। आईसीआईसीआई फाउन्डेशन द्वारा राज्य के ग्रामीण व अर्ध शहरी क्षेत्रों के लिए ये 80 आक्सीजन कन्सन्ट्रेटर राज्य सरकार को उपलब्ध करवाए गए हैं।

देहरादून, नैनीताल, उत्तरकाशी, अल्मोड़ा, चमोली, पौड़ी गढ़वाल, पिथौरागढ़, रूद्रप्रयाग और टिहरी जिलों में ये आक्सीजन कन्सन्ट्रेटर भेजे गए हैं। मुख्यमंत्री ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सम्मिलित प्रयासों से कोविड से लड़ाई में जीत हासिल की जा सकती है। पिछले कुछ समय में कोविड संक्रमण के मामलों में कमी आई है, परंतु अभी भी पूरी सावधानी व सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। कोविड की तीसरी लहर की सम्भावनाओं को देखते हुए राज्य सरकार ने पूरी तैयारी की है। हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर को लगातार मजबूत किया जा रहा है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, मेयर सुनील उनियाल गामा, आईसीआईसीआई फाउंडेशन के अध्यक्ष सौरभ सिंह, आईसीआईसीआई बैंक के मनीष मेहरोत्रा, अशोक मिगलानी आदि उपस्थित थे।

सीएम ने पौधादान कार्यक्रम में किया प्रतिभाग, हरेला पर्व पर प्रकृति के संरक्षण का लें संकल्प

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार रोड, देहरादून स्थित एक स्थानीय वेडिंग प्वाइंट में हरेला पर्व पर आयोजित पौधादान कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। उन्होंने विधायकगणों एवं अन्य गणमान्यों को पौधारोपण हेतु पौधे दिये और लोगों को अधिक से अधिक पौधारोपण के लिए प्रेरित करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 16 जुलाई को उत्तराखण्ड में हरेला पर्व मनाया जाता है। प्रकृति के संरक्षण के उद्देश्य से उत्तराखण्ड में हरेला पर्व मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि प्रकृति के संरक्षण के लिए हरेला पर्व के अवसर पर सभी को पौधारोपण करने का संकल्प लेना होगा। जुलाई एवं अगस्त माह का समय पौधारोपण के लिए सबसे उपयुक्त है। हमें अपनी परम्पराओं एवं परिवेश को बढ़ावा देना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विज्ञान तेजी से प्रगति कर रहा है, वैज्ञानिक प्रगति के साथ ही पर्यावरण संरक्षण की दिशा में हमें और तेजी से आगे बढ़ना होगा। नमामि गंगे के तहत इस दिशा में सराहनीय प्रयास हुए हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि पर्यावरणीय सन्तुलन बहुत जरूरी है। व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण कर सबको अपने दायित्वों का निर्वहन करना होगा। पीपल एवं बरगद के अधिक वृक्षारोपण पर हमें ध्यान देना होगा।

इस अवसर पर विधायक विनोद चमोली, मुन्ना सिंह चैहान, सहदेव सिंह पुण्डीर, खजानदास, मेयर सुनील उनियाल गामा, देहरादून की जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चैहान, भाजपा के महानगर अध्यक्ष सीताराम भट्ट आदि उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री आवास योजना गरीबों के लिए वरदान साबित हो रही हैः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के अन्तर्गत मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा निर्मित 240 ई.डब्ल्यू.एस लाभार्थियों को आवास कब्जा स्थानान्तरण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने 10 लाभार्थियों को आवास कब्जा प्रदान किया। शेष सभी लाभार्थियों को मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा आवास के कब्जे दिये जा रहे हैं। आलयम् आवासीय योजना के तहत ये आवास आमवाला, तरला, सहस्त्रधारा रोड़ में बनाये गये हैं। मुख्यमंत्री द्वारा जिन लाभार्थियों को आवास का कब्जा दिया गया उनमें रश्मि पाण्डेय, निताशा सैनी, रामबती, संतोष सिंह, इकादशी भट्ट, रेनू, बबीता रावत, सतपाल, शालू, आरती शामिल हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि गरीबों के कल्याण के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा चलाई गई प्रधानमंत्री आवास योजना से अनेक जरूरतमंद लोगों के अपने घर का सपना पूरा हो रहा है। आर्थिक रूप से गरीबों के लिए लिए यह योजना वरदान साबित हुई है। इस योजना के तहत लाभार्थियों को मात्र 06 लाख रूपये में आवास मिल रहा है। जिसमें से 1.50 लाख केन्द्रांश एवं 01 लाख राज्यांश दिया जा रहा है। लाभार्थी को केवल 3.50 लाख रूपये में आवास प्राप्त हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनने वाले आवासों के कार्यों में तेजी लाई जायेगी।

उपाध्यक्ष मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण रणवीर सिंह चैहान ने कहा कि आमवाला, तरला, सहस्त्रधारा रोड़ में ई.डब्ल्यू.एस के लिए कुल 240 आवास बनाये गये हैं। जिसमें 15 ब्लॉक्स एवं 30 पार्किंग बनाई गई है। इस परियोजना के तहत आवासीय ईकाई का सुपर ऐरिया 505.04 वर्ग फुट एवं आच्छादित क्षेत्रफल 237.56 वर्ग फुट है। नगर निगम द्वारा चिन्हित पात्र अभ्यार्थियों में से लॉटरी द्वारा आंवटियों का चयन किया गया है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक उमेश शर्मा काऊ, सचिव मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण पीसी दुमका आदि मौजूद थे।

कैबिनेट बैठक में नौ अहम निर्णय हुए पारित


आज कैबिनेट द्वारा कुल 09 निर्णय लिये गये, इसकी जानकारी कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल द्वारा दी गई।

1. कैम्पा अधिसूचना के अन्तर्गत प्राधिकरण के वार्षिक लेखा वित्तीय वर्ष 2013-14, 2014-15,2015-16, 2016-17 को विधानमण्डल के पटल पर रखा जायेगा।

2. उत्तराखण्ड वन विकास निगम में स्केलर संवर्ग में 02 वर्ष की दैनिक श्रम अवधि सेवा को समयमान वेतनमान व एसीपी को जोड़ने के लिये विभागीय मंत्री की अध्यक्षता में उपसमिति का गठन किया गया जिसमें वित्त और न्याय विभाग के अधिकारी होंगे।

3. देहरादून महायोजना-2025 के जोनल प्लान में सरकारी भवनों के भवन निर्माण के लिये भूमि पर छूट का प्रावधान सभी राष्ट्रीय दलों पर भी लागू होगा।

4. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के अन्तर्गत अधिक से अधिक दिव्यांगजनों को शामिल किया जायेगा। इसमें 4,000 रूपये से कम आय वालों को अन्तोदय योजना में और 15,000 रूपये आय से कम को प्राथमिक परिवार योजना में शामिल करते हुए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के अन्तर्गत रखा जायेगा।

5. कोविड प्रभाव को देखते हुए लोक सेवा आयोग की परिधि के अन्तर्गत एवं लोक सेवा आयोग की परिधि से बाहर समूह-ग के पदों पर चयन में अभ्यर्थियों को एक वर्ष की छूट सीमा दी गई है जो कि 30 जून 2022 तक लागू रहेगी।

6. मा0 उच्च न्यायालय के अधीन परिवहन विभाग के कर्मचारियों को वेतन इत्यादि विषय के सम्बन्ध में एकमुश्त सहायता के लिये मा0 मुख्यमंत्री को निर्णय लेने के लिये अधिकृत किया गया है।

7. श्रीनगर, देहरादून और हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज कुल 501 पद सृजित किये गये हैं जिनमें श्रीनगर के लिये 122, देहरादून के लिए 250 और हल्द्वानी के लिए 129 पद होंगे। इसके अतिरिक्त श्रीनगर सुपर स्पेस्लिटी पर 44 पद स्पेस्लिस्ट के होंगे।

8. जनपद देहरादून स्थित राजकीय रेशम फार्म विकासनगर एवं रेशम फार्म अम्बाड़ी की भूमि को लखवाड़ व्यासी जल विद्युत परियोजना हेतु आवंटित 14.50 एकड़ भूमि को निरस्त किया गया है। अब यह भूमि रेशम विभाग के पास रहेगी।

9. जिला बार ऐशोसियेशन बागेश्वर को जिला न्यायालय परिसर में अधिवक्ता चैम्बर्स निर्माण हेतु न्याय विभाग की 40.80 वर्ग मीटर की भूमि निशुल्क लीज पर दी जायेगी।

मनुष्य जीवन की रक्षा को प्राथमिकता देते हुए सीएम ने स्थगित की कांवड़ यात्रा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने काँवड़ यात्रा के संबंध में सचिवालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में कोविड के डेल्टा प्लस वैरियेन्ट के पाये जाने, कोविड की तीसरी लहर की आशंका और देश-विदेश में इसके दुष्प्रभावों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।

इस संबंध में विशेषज्ञों की राय पर भी विचार किया गया। मनुष्य जीवन की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आगामी काँवड़ यात्रा को स्थगित रखने का निर्णय लिया गया।

मुख्यमंत्री ने सचिव गृह और पुलिस महानिदेशक को यथोचित कार्यवाही करने के निर्देश दिये। यह भी निर्देश दिए कि पड़ोसी राज्यों के अधिकारियों से समन्वय स्थापित करते हुए प्रभावी कार्यवाही हेतु अनुरोध किया जाय, ताकि वैश्विक माहमारी को रोकने में सफल हो सकें।

बैठक में मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार आदि उपस्थित थे।

सीएम ने अफसरों को 15 अगस्त तक फाइल पेश करने का समय दिया

देहरादून। उत्तराखंड के इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के बाद सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, प्रभारी सचिवों को 30 दिन का टास्क दे दिया गया है। अपर मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री आनंद वर्धन ने शासन के सभी अधिकारियों को निर्देशित करते हुए वित्तीय वर्ष 2021 22 हेतु तमाम योजनाओं, कार्यक्रमों परियोजनाओं हेतु वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति हेतु एक माह के भीतर पत्रावली प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। आदेश में स्पष्ट लिखा गया है कि 15 अगस्त तक सभी विभाग के अधिकारी वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति करवा लें, इसके लिए बकायदा समय सीमा निर्धारित कर दी है।

अपर मुख्य सचिव द्वारा जारी इस आदेश से का मकसद चरणबद्ध तरीके से सरकार के कामों को गति देना है, गौरतलब है कि उत्तराखंड में अगले 4 महीनों में चुनाव होने हैं ऐसे में राज्य सरकार इस वर्ष किसी भी प्रकार से किसी भी योजना को आधे अधूरे तरीके से बीच में नहीं छोड़ना चाहती। लिहाजा मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद अपर मुख्य सचिव द्वारा यह आदेश जारी किए गए हैं, ताकि एक महीने में सरकार द्वारा निर्धारित कार्य को प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति दी जा सके और धरातल पर काम दिखाया जा सके।

67.28 करोड़ रुपए की लागत से ऋषिकेश के पेरीअर्बन इलाकों में पेयजल आपूर्ति होगीः विस अध्यक्ष


ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत पेयजल योजनाओं के संबंध में स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल ने आज जल संस्थान के अधिकारियों के संग बैठक की। कहा कि 67.28 करोड़ रुपए की लागत से ऋषिकेश देहात अर्द्धनगरीय (पेरी अर्बन) पेयजल योजना के माध्यम से ऋषिकेश के हजारों परिवार पेयजल आपूर्ति से लाभान्वित होंगे।

स्पीकर को जल संस्थान के अधिशासी अभियंता एपी सिंह ने बताया कि 67.28 करोड रुपये की लागत से ऋषिकेश देहात अर्द्धनगरीय (पेरी अर्बन) पेयजल योजना से देहात क्षेत्र को 5 जोन में बांटा गया है। जिसमें जोन-1 में इंदिरा नगर, नेहरू ग्राम, प्रगति विहार, शैल बिहार जोन-2 में मनसा देवी, गुर्जर प्लॉट जोन-3 में अमित ग्राम (पूर्व),अमित ग्राम (पश्चिम) 20 बीघा, मीरा नगर, बापू ग्राम, सुमन बिहार, गीता नगर जोन- 4 में मालवीय नगर एवं जोन- 5 में शिवाजी नगर क्षेत्र को रखा गया है।अधिकारियों द्वारा अवगत किया गया कि इस योजना के माध्यम से जोन-1 में 550 किलोलीटर का जलाशय, एक नलकूप एवं 12.20 किलोमीटर पाइपलाइन जोन-2 में 1000 किलोलीटर का जलाशय, दो नलकूप एवं 24.09 किलोमीटर पाइपलाइन जोन-3 में 1000 किलोलीटर का जलाशय 12.98 किलोमीटर पाइपलाइन, 3 नलकूप जोन- 4 में 2100 किलोलीटर का जलाशय, 3 नलकूप, 37.11 किलोमीटर पाइप लाइन जोन-5 में 800 किलोलीटर का जलाशय, एक नलकूप एवं 17.1 5 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाने का कार्य किया जाना है।

बैठक के दौरान जल संस्थान के अधिशासी अभियंता एपी सिंह, सहायक अभियंता एबीएस रावत, कनिष्ठ अभियंता मनोज डबराल मौजूद थे।

एम्स ऋषिकेशः अनलॉक के बाद सामान्य रोगियों की संख्या में भारी इजाफा


एम्स ऋषिकेश में ओपीडी सेवाओं ने फिर से तेजी पकड़ ली है। कोविड कर्फ्यू खुलने के बाद यहां ओपीडी मरीजों की संख्या में लगभग तीन गुना तक वृद्धि हो चुकी है। जुलाई के पहले सप्ताह में अब तक 10, 212 मरीज उपचार के लिए एम्स ओपीडी में पहुंच चुके हैं। इनमें सबसे अधिक संख्या सामान्य रोगों से ग्रसित लोगों की है,जिससे जनरल मेडिसिन और कम्युनिटी एवं फेमिली मेडिसिन विभाग में परीक्षण के लिए पहुंचने वाले मरीजों की संख्या सर्वाधिक है।

अनलॉक के बाद ओपीडी मरीजों की साप्ताहिक संख्या में मई के बाद इस महीने तीन गुना वृद्धि हुई है। एम्स में 1 जुलाई से 7 जुलाई तक ओपीडी मरीजों की इस संख्या में सर्वाधिक 1631 संख्या जनरल मेडिसिन विभाग में स्वास्थ्य जांच कराने वाले रोगियों की है। जबकि दूसरे नंबर पर कम्युनिटी एंड फेमिली मेडिसिन विभाग में 1264 रोगियों ने अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराया। इसके अलावा आर्थो विभाग में 577 और त्वचा रोग विभाग में 507 रोगी जांच के लिए पहुंचे।

निदेशक प्रोफेसर रविकांत ने बताया कि उपचार के अभाव में मरीज परेशान न हों, इस विषय पर गंभीरता बरती जा रही है। उन्होंने कहा कि हम सबको कोरोनाकाल की इन्हीं परिस्थितियों में जीवन जीना है। ऐसे में कोरोना संक्रमण से बचाव के मूलमंत्र ’दो गज की दूरी’ और मॉस्क के अनिवार्य इस्तेमाल की शर्तों के साथ एम्स की विभिन्न ओपीडी सेवाओं को फिर से खोल दिया गया है।

एम्स अस्पताल के डीन हॉस्पिटल अफेयर्स प्रोफेसर यूबी मिश्रा ने बताया कि कोविड कर्फ्यू के दौरान संक्रमण के अत्यधिक मामले बढ़ने से लोग घर से बाहर निकलने में परहेज कर रहे थे। लिहाजा अब कोविड कर्फ्यू खुलने पर ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों की संख्या बढ़ना स्वाभाविक है। उन्होंने बताया कि अनलॉक के बाद लगातार बढ़ रहे मरीजों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को देखते हुए लगभग सभी विभागों की ओपीडी फिर से खोल दी गई है। उन्होंने बताया कि प्रतीक्षारत मरीजों की सर्जरी करने के लिए शीघ्र ही ऑपरेशन थियेटर (ओटी) सुविधाएं भी बहाल कर दी जाएंगी।