वैष्णवी संप्रदाय के संतों ने कुंभ के सफल आयोजन पर जताया सीएम का आभार

देहरादून। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत से वैष्णव संप्रदाय के संतों ने मुलाकात की। पद्म विभूषण जगतगुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य के नेतृत्व में आए संतो ने कुंभ के सफल आयोजन के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि बहुत ही कम समय में कुंभ मेले के आयोजन के लिए जो व्यवस्था की गई, वह सराहनीय है और प्रेरणादाई भी। साथ ही उन्होंने मेला क्षेत्र में वैष्णव संप्रदाय के लिए भूमि उपलब्ध कराने की मांग भी मुख्यमंत्री के समक्ष उठाई।

मुख्यमंत्री ने संतों का आशीर्वाद लिया और कुंभ मेले के सफल आयोजन में सहयोग के लिए सभी संतो का आभार जताया। कहा कि कुंभ मेले में संतो ने जिस श्रद्धा, आस्था भाव और सहयोग का परिचय दिया है वह सराहनीय है। कोविड गाइडलाइन का अनुपालन करते हुए संत समाज ने मेले संपन्न करवाने में अहम भूमिका निभाई।

उन्होंने संतो को भरोसा दिया कि कहा कि उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा।

राज्य के विधायक एक करोड़ तक के कोविड कार्य करा सकेंगे

उत्तराखंड में बढते कोविड संक्रमण के देखते हुए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने राज्यहित में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए विधायक निधि से 1 करोड़ रुपए तक के कोविड कार्यो को करवाने हेतु स्वीकृति दे दी है। मुख्यमंत्री के निर्णय के बाद अब प्रदेश के सभी विधायकगण अपनी विधायक निधि से अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में कोविड रोकथाम सम्बंधी जरुरी व्यवस्थाओं पर एक करोड़ रुपए तक खर्च कर सकते हैं। वर्तमान में कोविड की परिस्थितियों को देखते हुए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने यह निर्णय लिया है। ’मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने सभी विधायकगणों से अपेक्षा की है, कि वे तत्काल अपने-अपने क्षेत्रों में कोविड की रोकथाम के लिए हर सम्भव प्रयास करेंगे और विशेषकर सूदूरवर्ती इलाकों में रह रहे लोगों को कोविड की जंग जीतने में मदद करेंगे।’

सरकार के शासकीय प्रवक्ता कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश के सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों के विधायक अपनी विधायक निधि से 1 करोड़ रुपए तक खर्चा कर सकते हैं जिसके जरिए आईसीयू वार्ड, आक्सीजन सिलेंडर, वेन्टीलेटर जैसी जरुरतों को पूरा करने के लिए विधायकगण, जिलाधिकारी और सीएमओ से विचार विमर्श करने के बाद जारी कर सकते हैं। बताया कि मुख्यमंत्री के इस निर्णय से सूदूरवर्ती गांवों के जो प्रथामिक केद्र एंव अन्य स्वास्थ्य केंद्र हैं, वहां भी वो सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी जो बडे अस्पतालों में कराई जा रही हैं। कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि कोरोना के इस संकटकाल में इस निर्णय का फायदा निस्संदेह इस विषम भौगोलिक परस्थितियों वाले राज्य के दूरस्थ क्षेत्र के हर एक व्यक्ति को मिल सकेगा।

उत्तराखंड में बढते कोविड संक्रमण के देखते हुए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने राज्यहित में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए विधायक निधि से 1 करोड़ रुपए तक के कोविड कार्यो को करवाने हेतु स्वीकृति दे दी है। मुख्यमंत्री के निर्णय के बाद अब प्रदेश के सभी विधायकगण अपनी विधायक निधि से अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में कोविड रोकथाम सम्बंधी जरुरी व्यवस्थाओं पर एक करोड़ रुपए तक खर्च कर सकते हैं। वर्तमान में कोविड की परिस्थितियों को देखते हुए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने यह निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने सभी विधायकगणों से अपेक्षा की है, कि वे तत्काल अपने-अपने क्षेत्रों में कोविड की रोकथाम के लिए हर सम्भव प्रयास करेंगे और विशेषकर सूदूरवर्ती इलाकों में रह रहे लोगों को कोविड की जंग जीतने में मदद करेंगे।

सरकार के शासकीय प्रवक्ता कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश के सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों के विधायक अपनी विधायक निधि से 1 करोड़ रुपए तक खर्चा कर सकते हैं जिसके जरिए आईसीयू वार्ड, आक्सीजन सिलेंडर, वेन्टीलेटर जैसी जरुरतों को पूरा करने के लिए विधायकगण, जिलाधिकारी और सीएमओ से विचार विमर्श करने के बाद जारी कर सकते हैं। शासकीय प्रवक्ता उनियाल ने बताया कि मुख्यमंत्री के इस निर्णय से सूदूरवर्ती गांवों के जो प्रथामिक केद्र एंव अन्य स्वास्थ्य केंद्र हैं, वहां भी वो सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी जो बडे अस्पतालों में कराई जा रही हैं। कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि कोरोना के इस संकटकाल में इस निर्णय का फायदा निस्संदेह इस विषम भौगोलिक परस्थितियों वाले राज्य के दूरस्थ क्षेत्र के हर एक व्यक्ति को मिल सकेगा।

ऊर्जा निगमों ने 76,491,752 रुपए का चेक सीएम तीरथ को सौंपा

देहरादून। मुख्यमंत्री आवास में आज ऊर्जा सचिव राधिका झा के नेतृत्व में यूजेवीएन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक संदीप सिंघल एवं यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक नीरज खैरवाल ने मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को अपनी सामाजिक दायित्व निर्वहन (Corporate Social Response) योजना के अंतर्गत राज्य में कोविड एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं से लड़ने हेतु कुल रुपए 76,491,752 (सात करोड़ चौंसठ लाख इक्यानवे हजार सात सौ बावन रुपए) के चेक राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के नाम से भेंट किए गए।

राधिका झा ने बताया कि उक्त धनराशि में रुपए 57518291 का चेक यूजेवीएन लिमिटेड द्वारा तथा रुपए 18973461 का चेक यूपीसीएल द्वारा दिया गया है। उक्त धनराशि राज्य को आपदाओं से बेहतर तरीके से निबटने में मददगार होगी। इससे पूर्व भी यूजेवीएन लिमिटेड द्वारा फरवरी माह में वित्तीय वर्ष 2019-20 में अर्जित लाभ के अनुरूप राज्य सरकार को रुपए 40.01 करोड़ लाभांश के रूप में दिया गया था।

इस संबंध में जानकारी देते हुए यूजेवीएन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक संदीप सिंघल ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में यूजेवीएन लिमिटेड द्वारा निर्धारित लक्ष्य 4822 मिलियन यूनिट के सापेक्ष 5088.88 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन किया गया था। साथ ही संपूर्ण कोविडकाल में भी निगम के समस्त विद्युत गृहों की मशीनें चौबीसों घंटे उत्पादन के लिए तैयार रखी गई थी। संदीप सिंघल ने बताया कि भविष्य में भी हमारी योजना अधिक से अधिक ऊर्जा उत्पादन कर राज्य सरकार की आर्थिक एवं ऊर्जा आवश्यकताओं में सहयोग की रहेगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत द्वारा सामाजिक हित में निगमों द्वारा किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऊर्जा निगम के कार्मिकों द्वारा अपनी मेहनत से न केवल प्रदेश की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति की जा रही है, बल्कि समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का भी बखूबी निर्वहन किया जा रहा है।

सीएम तीरथ ने जनता के लिए समर्पित की दो लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने नेशनल हाईवे एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड की ओर से प्रदान की गई दो बहु उपयोगी लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस जनता को समर्पित की। कहा कि लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस दुर्घटनाओं के समय लोगों की जान बचाने में उपयोगी होंगी। इसके लिए उन्होंने कारपोरेशन के प्रयासों की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस मल्टीपरपज एंबुलेंस उत्तराखंड के लिए बहुत उपयोगी है। कोशिश की जाएगी कि चमोली और उत्तरकाशी की तरह अन्य जनपदों में भी इस तरह की अत्याधुनिक सुविधा से एंबुलेंस की व्यवस्था कराई जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कोरोना के खिलाफ लड़ाई के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। ऑक्सीजन से लेकर बेड की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। रेमडेसीविर इंजेक्शन भी प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति हो गई है और टीकाकरण का कार्य भी तेजी से कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बाहर से आने वाले लोगों की बॉर्डर पर चेकिंग कराई जा रही है। इसके अलावा गाइडलाइन के अनुपालन के लिए भी निर्देश दिए गए हैं।

बताया गया कि एंबुलेंस में लाइफ सपोर्ट एक्सिस ऑक्सीजन से लेकर तमाम सुविधाएं हैं, जिससे किसी भी मरीज की जान को बचाया जा सकता है। इससे मौत के खतरे को चालीस प्रतिशत तक कम किया जा सकता है।

इस मौके पर सचिव आरके सुधांशु, एनएचईडीसीएल के एक्सिक्यूटिव डायरेक्टर कर्नल संदीप सदेरा, सलाहकार विरेंद्र पैनूली, इंजीनियर तरुण नेहरा आदि मौजूद रहे।

रेमडिसिविर इंजेक्शन को उत्तराखंड लेकर आएगा स्टेट प्लेन

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के विशेष प्रयासों के बाद प्रदेश को आज 7500 रेमडिसिविर इंजेक्शन प्राप्त हो गए हैं। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के निर्देशों पर आज सुबह ही स्टेट प्लेन को अहमदाबाद भेजा गया था, राज्य सरकार का यह विशेष विमान रेमडिसिविर इंजेक्शन की खेप लेकर देर रात तक उत्तराखंड पहुँचेगा। अब प्रदेश में अब अगले कुछ दिनों तक रेमडिसिविर इंजेक्शन की किल्लत नहीं होगी।

अहमदाबाद से इस खेप के आ जाने के बाद कोविड 19 संक्रमण के बाद इलाज में इस्तेमाल किए जाने वाले रेमडिसिविर इंजेक्शन का पर्याप्त कोटा प्रदेश के पास हो जाएगा। ’मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए है कि सभी जिलों में रेमडिसिविर इंजेक्शन के खपत और अनुपात तय करते हुए पर्याप्त मात्रा में रेमडिसिविर इंजेक्शन भेज दिए जाएं. मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण से जूझ रहे किसी भी प्रदेश वासी को रेमडिसिविर इंजेक्शन की कमी ना हो’। बीते 72 घंटों में उत्तराखंड में लगभग 11 हजार रेमडिसिविर इंजेक्शन की आपूर्ति हो गई है। बीते शनिवार को भी उत्तराखंड में 3500 रेमडिसिविर इंजेक्शन की आपूर्ति हुई थी। अगले 24 घंटों में उत्तराखंड को 2000 रेमडिसिविर इंजेक्शन की और आपूर्ति हो जाएगी।

सेवा आश्रम के महंत गोविंद दास की मौत, दी जल समाधि

लक्ष्मणझूला स्थित संत सेवा आश्रम के 65 वर्षीय महंत गोविंद दास महाराज की मौत हो गई। उन्हें जल समाधि दी गईं। वहीं, सूचना से क्षेत्र के संतों में शोक की लहर दौड़ गई।

दरअसल, महंत गोविंद दास महाराज को कुछ दिनों पूर्व बुखार के साथ सांस लेने में समस्या पैदा हुई थी। उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया। यहां पर उनकी कोविड रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। यहां के बाद उन्हें हिमालयन अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां स्वास्थ्य में सुधार होने पर वे स्वयं आश्रम में आइसोलेट हो गए। आज सुबह उन्हें अंतिम सांस ली। वहीं, उनके आकस्मिक निधन से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।

बता दें कि महंत गोविंद दास स्पष्ट वादी और अपनी बात को बेबाकी के साथ रखने के लिए जाने जाते रहे है। अपने आश्रम में निर्धन और जरूरतमंदों की सेवा में वह सदैव तत्पर रहा करते थे।
यहीं नहीं, प्रदेश में जब भी कोई आपदा आई हो या कोरोना संक्रमण काल रहा हो सभी मौकों पर महंत गोविंद दास ने हमेशा मदद की है। वहीं, आज विरक्त वैष्णव मंडल से जुड़े तमाम संतो ने उनके ब्रह्मलीन होने पर दुख व्यक्त किया। रामानंद संप्रदाय से जुड़ा होने के कारण ने लक्ष्मण झूला गंगा तट पर अग्नि समाधि दी गई। इस मौके पर महंत सुरेश दास, महंत सीताराम दास, महंत निर्मल दास, पुजारी वृंदावन दास, डॉ. नारायण दास आदि उपस्थित रहे।

तीर्थनगरी के छात्र हरिशंकर ने आक्सीजन फाउंडेशन के लिए दिए 50 हजार

तीर्थनगरी में बीटेक अंतिम वर्ष के एक छात्र ने देशभर में आक्सीजन की कमी को न सिर्फ महसूस किया, बल्कि उन्होंने इस पर अपनी ओर से सहयोग देने का भी मन बनाया। इसके लिए उन्होंने पेटीएम आक्सीजन फाउंडेशन में निजी खर्चे की सेविंग से 50 हजार रूपए दान में दिए है।

मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गौंडा जिले के जौहाना गांव निवासी हरिशंकर यादव पुत्र पदमेश्वरी यादव तीर्थनगरी के एक निजी संस्थान से बीटेक अंतिम वर्ष में अध्ययनरत हैं। पढ़ाई में होनहार हरिशंकर बनखंडी में किराय पर कमरा लेकर रहते है। उनका कहना है कि देशभर में कोरोना के मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है, लोगों की आक्सीजन न मिल पाने की वजह से मौत तक हो जा रही है। ऐसे में देश में आक्सीजन का अभाव हो गया है। विदेशों से भारत को मदद मिल रही है तो फिर हमें भी इसमें कुछ योगदान देना चाहिए, आखिर यह देश हमारा ही तो है।

हरिशंकर ने बताया कि इसके लिए उन्हांेंने पेटीएम का आक्सीजन फाउंडेशन को चुना। यहां उन्होंने आॅनलाइन 50 हजार रूपए दान किए है। उनका मानना है कि इन रूपयों से किसी का जीवन बच सकेगा तो मुझे दुआ मिलेगी। उन्होंने अन्य सक्षम लोगों से भी इस तरह का सहयोग करने की अपील की।

ऋषिकेशः कोविड मरीज और सीनियर सिटीजन की मदद को जारी हुआ हेल्प लाइन नंबर

कोतवाली ऋषिकेश पुलिस बुजुर्ग और कोरोना संक्रमण मरीजों के लिए हेल्पिंग हैंड बने है। पुलिस ने एक हेल्प लाइन नंबर 9897244109 जारी किया है। हेल्पलाइन नंबर पर अकेले रहने वाले व्यक्तियों को दवाइयां, राशन और गैस आदि जरूरत की वस्तुएं तत्काल प्रभाव से उपलब्ध करवाई जाएंगी।

कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि कोरोना संक्रमण का खतरा और बढ़ गया है। खासकर बुजुर्गों के लिए यह समय किसी संकट से कम नहीं है। ऐसे में स्थानीय पुलिस ने घरों में अकेले रहने वाले सीनियर सिटीजन और व्यक्तियों की मदद का बीड़ा उठाया है। उन्हें जरूरत का सामान लेने के लिए इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा। एक कॉल पर उनके सामने सामान उपलब्ध हो जाएगा। इसके लिए एक उपनिरीक्षक और चार कांस्टेबल की टीम गठित की गई है। यह हर समय सेवा के लिए तत्पर रहेगी। कोतवाल ने बताया कि हेल्पलाइन नंबर को सोशल मीडिया के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।

कोविड संक्रमण को देखते हुए तीरथ कैबिनेट ने लिए बड़े फैसले, जानिए क्या लिए गए हैं निर्णय

देहरादून। प्रदेश में कोविड संक्रमण की रोकथाम के लिए 18 से 45 वर्ष आयुवर्ग के सभी लोगों को निशुल्क टीका लगेगा, जिसकी आबादी करीब 50 लाख है। जिसका खर्च लगभग 450 करोड़ का खर्च सरकार करेगी।

– 18 से 45 वर्ष आयुवर्ग में लगने वाले टीके में 90 प्रतिशत कोविशील्ड तथा 10 प्रतिशत कोवैक्सीन का टीका लगेगा

– प्रदेश में वैक्सीन की आपूर्ति यथाशीघ्र हो इसके लिए त्वरित अग्रिम भुगतान हेतु महानिदेशक चिकित्सा तथा चिकित्सा शिक्षा को अधिकृत गया है। तथा सचिव उद्योग सचिन कुर्वे को वैक्सीन उपलब्ध कराने का दायित्व सौंपा गया है।

– रेमडेसिविर इंजेक्शन की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने और शीघ्र आपूर्ति हेतु शत शत प्रतिशत अग्रिम भुगतान का प्रावधान किया गया है। तथा आपूर्ति को बैंक गारंटी व अर्नेस्ट मनी आदि की औपचारिकताओं से इसे मुक्त रखा गया है।

– सार्वजनिक स्थानों व परिसरों में मास्क ना पहनने वालों पर लगाए जाने वाले जुर्माने की धनराशि में बढ़ोतरी करते हुए 500, 700 कर दिया गया है।

– राजकीय मेडिकल कालेजों में आउस सोर्सिंग से कार्यरत 479 कर्मियों की सेवा विस्तार का निर्णय लिया है।

– महाकुंभ हरिद्वार में स्थापित आधार चिकित्सालय व बाबा बर्फानी चिकित्सालयों को फिलहाल यथावत रखा जाएगा।

– स्वास्थ्य विभाग में संविदा पर तैनात किए गए चिकित्सकों व अन्य कर्मियों को पूर्व की भांति यथावत रखा जाएगा।

– जिन जगहों पर कर्फ्यू लगाया गया है, वहाँ इसका कड़ाई से अनुपालन किया जाएगा।

– कोविड कफर्यू के दौरान मीडिया कवरेज हुए पत्रकारों के प्रेस कार्ड को ही कर्फ्यू पास माना जाएगा।

– कोरोना कर्फ्यू के दौरान कामकाज प्रभावित ना हो इसके लिए मजदूरों को भी आवाजाही की छूट होगी।

– उपनल कार्मियों की समस्याओं के निस्तारण के संबंध में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया, जिसमें अपर मुख्य सचिव कार्मिक एवं सचिव वित्त को भी सदस्य बनाया गया है।

– त्रिस्तरी पंचायत व्यवस्था के अंतर्गत जिला पंचायत और निदेशालय ढांचे को मंजूरी प्रदान करते हुए 570 पदों को स्वीकृत किया गया है।

-कैबिनेट ने राज्य की जनता से मास्क पहनने, सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने और घर से बाहर अनावश्यक न निकलने की अपील की है। जनजागरूकता और जनसहभागिता से ही कोविड पर विजय पाई जा सकती है।

-राज्य के पब्लिक डेबिट मैनुअल के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इसके तहत राज्य सरकार द्वारा आरबीआई के माध्यम से बाजार से लिए जाने वाले ऋण की प्रक्रिया को परिभाषित किया गया है।

-डीआईटी और यूनिसन विवि अधिनियमों में मामूली संशोधन किया गया है।

नगर पालिका मुनिकीरेती को अब ओडीएफ डबल प्लस का दर्जा

नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती को भारत सरकार स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत खुले में शौच मुक्त प्लस निकाय का दर्जा मिला है। बता दें कि निकाय को पूर्व में भारत सरकार द्वारा ओडीएफ प्लस के दर्जे से नवाजा गया था।

वर्तमान में निकाय द्वारा अपने शौचालय को हाईटेक कर ओडीएफ डबल प्लस हेतु आवेदन किया था। जिसका सर्वेक्षण भारत सरकार की टीम के द्वारा 7 मार्च से 10 मार्च के बीच किया गया, जिसके दौरान निकाय क्षेत्र के सभी सार्वजनिक शौचालय एवं क्षेत्र का सर्वेक्षण कार्य किया गया एवं जनता की राय भी ली गई। जिसके माध्यम से भारत सरकार की टीम द्वारा नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती को ओडीएफ डबल प्लस के दर्जे से नवाजा गया। निकाय द्वारा वर्तमान में थ्री स्टार शहर हेतु आवेदन किया गया है एवं स्वच्छ भारत स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 मैं भी इससे पालिका को बेहतर रैंक पाने में सहायता प्राप्त होगी।