देवभूमि के शिखर पर स्वास्थ्य का नया अध्याय की भावना से संचालित होगा अस्पतालः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री केदारनाथ धाम में भारत पेट्रोलियम कॉर्पाेरेशन लिमिटेड हॉस्पिटल का विधिवत लोकार्पण किया। यह अस्पताल स्वामी विवेकानन्द हेल्थ मिशन सोसाइटी द्वारा संचालित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार श्री केदारनाथ धाम में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर एवं त्वरित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले इस उच्च हिमालयी क्षेत्र में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से युक्त अस्पताल का संचालन स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती प्रदान करेगा। यह अस्पताल यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों के लिए भी अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा श्री केदारनाथ धाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित बनाए रखने हेतु स्वास्थ्य सेवाओं को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। यात्रा मार्ग पर चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ, स्वास्थ्य जांच केंद्रों, ऑक्सीजन सुविधाओं एवं आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार स्वस्थ उत्तराखंड समृद्ध उत्तराखंड के सपने को साकार करने के लिए प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार एवं सुधारीकरण की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आयुष्मान योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 61 लाख आयुष्मान कार्ड जारी किए गए हैं जिसके माध्यम से आज प्रदेश के अंदर लाखों मरीजों को निशुल्क उपचार मिल रहा है इसके साथ ही राज्य के प्रत्येक जनपद में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की दिशा में भी कार्य कर रहे हैं।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने बाबा केदार के दर्शन एवं पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना भी की। उन्होंने कहा कि श्री केदारनाथ धाम केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि सेवा एवं मानवता का भी प्रतीक है और इसी भावना के साथ सरकार देवभूमि में स्वास्थ्य एवं जनसुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में कार्य कर रही है।

कार्यक्रम में उपस्थित विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल ने कहा कि यह अस्पताल सेवा, समर्पण एवं जनकल्याण का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो भविष्य में लाखों श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इस अवसर पर भारत पेट्रोलियम कॉर्पाेरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक संजय खन्ना, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह-सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल, अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य सुरेश सोनी, विश्व हिंदू परिषद के संरक्षक दिनेश चंद्र, बद्री केदार मंदिर समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, बद्री केदार उपाध्यक्ष विजय कप्रवान, श्री केदार सभा के अध्यक्ष पं. राजकुमार तिवारी, ब्लॉक प्रमुख ऊखीमठ पंकज शुक्ला, जिला पंचायत सदस्य अमित मेंखडी, महा मंत्री अकिंत सेमवाल, संजय तिवारी, , जिला पंचायत सदस्य सुबोध बगवाड़ी, केशव बहुगुणा, जिलाधिकारी विशाल मिश्रा, पुलिस अधीक्षक निहारिक तोमर, उप जिलाधिकारी कृष्णा त्रिपाठी, कर्नल अजय कोटियाल सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

ब्रिडकुल करेगा रोपवे के लिए रेगुलेटरी बॉडी का कार्यः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने प्रदेश में रोपवे निर्माण की प्रगति की समीक्षा की। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने विभिन्न रोपवे प्रोजेक्ट्स की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने रोपवे प्रोजेक्ट के लिए नियामक प्राधिकरण के रूप में ब्रिडकुल को मजबूत किए जाने के निर्देश दिए। इसके रोल और रेस्पोंसिबिलिटी का ड्राफ्ट शीघ्र तैयार किए जाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने जागेश्वर धाम योजना में रोपवे प्रोजेक्ट को शामिल किए जाने भी निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने रोपवे बनाने के लिए प्राथमिकता तय करने हेतु उपसमिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रमुख सचिव नियोजन की अध्यक्षता में सचिव पर्यटन, सचिव आवास, सचिव लोक निर्माण विभाग एवं नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण को उपसमिति में शामिल किया है। उन्होंने कहा कि यह उपसमिति प्रदेश में बनाए जाने वाले रोपवे की प्राथमिकता तय करेगी। उन्होंने कहा कि किसी भी शहर में बनने वाले रोपवे में किन स्थानों को शामिल किया जाना है, किनको नहीं, इसको लेकर शहर की आवश्यकता के अनुरूप पर्यटन विभाग एवं स्थानीय प्रशासन को तय करना होगा

मुख्य सचिव ने मसूरी रोपवे की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने मसूरी रोपवे के लोअर टर्मिनल के पास सार्वजनिक सड़क मार्ग से सम्बन्धित मामले को अगले तीन दिन में निस्तारण कर निर्धारित समय सीमा के अंदर पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने हेमकुंड साहिब और केदारनाथ रोपवे की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा की केदारनाथ रोपवे के लिए लोजिस्टिक्स ड्राई रन करते हुए असुरक्षित स्थानों का चिन्हीकरण एवं सुधारीकरण कार्य तत्काल शुरू कराया जाए। उन्होंने कुंड ब्रिज और नई बाई पास को शीघ्र पूर्ण कराये जाने के निर्देश दिए। कहा कि जहाँ भी नए ब्रिज और बाई पास की आवश्यकता है उसका समय से सर्वे एवं निर्माण आदि का कार्य भी साथ साथ किया जाए।

मुख्य सचिव ने केदारनाथ रोपवे के लोअर टर्मिनल में पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पार्किंग के लिए भूमि चिन्हीकरण एवं भूमि हस्तांतरण आदि की प्रक्रिया को भी साथ -साथ शुरू किया जाए। उन्होंने हेमकुंड और केदारनाथ रोपवे निर्माण कार्य का पर्ट चार्ट तैयार कर उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कार्यों को समय से पूर्ण कराने के लिए पर्टचार्ट का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।

बैठक के दौरान बताया गया कि केदारनाथ रोपवे का एग्रीमेंट साइन हो चुका है, एलओए जारी हो चुका है। बताया गया कि प्रोजेक्ट का लिडार सर्वे पूर्ण हो गया है, तकनीकी सर्वे गतिमान है। स्टेशन एवं टावर्स के लिए विस्तृत टोपोग्राफी सर्वे गतिमान है। हेमकुंट साहिब का एलओए जारी हो चुका है, भूमि सर्वेक्षण का कार्य गतिमान है।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. आर. राजेश कुमार, सहित संबंधित विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

चार धाम यात्रा 2026ः अब तक चार लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

प्रदेश में चारधाम यात्रा सुचारु रूप से संचालित हो रही है। राज्य सरकार द्वारा यात्रियों की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं, ताकि श्रद्धालु निश्चिंत होकर सुरक्षित एवं सुगम रूप से दर्शन कर सकें।

चारधाम यात्रा के दौरान यात्रियों, श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए चारधाम यात्रा मार्गों सहित प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर पेयजल, शौचालय, स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छता, पार्किंग एवं यातायात व्यवस्थाओं को सुदृढ़ एवं व्यवस्थित किया गया है।

राज्य सरकार ने यात्रा व्यवस्थाओं के संबंध में भ्रामक जानकारी प्रसारित करने वालों तथा गंदगी फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, ताकि यात्रा की पवित्रता एवं व्यवस्थाएं बनी रहें।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, देहरादून से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार चारधाम कपाट खुलने से 28 अप्रैल, 2026 की सांय 7रू00 बजे तक मात्र दस दिनों में कुल 04 लाख 08 हजार 401 श्रद्धालु चारधाम में दर्शन हेतु पहुंचे हैं।

धामवार विवरण इस प्रकार हैकृ

श्री बद्रीनाथ धामः कपाट उद्घाटन के छह दिनों में 84,942 श्रद्धालु पहुंचे।

श्री केदारनाथ धामः सात दिनों में 2,07,452 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।

यमुनोत्री धामः दस दिनों में 57,794 श्रद्धालु पहुंचे।

गंगोत्री धामः दस दिनों में 57,863 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।

इसके अतिरिक्त गौमुख में अब तक 440 यात्री पहुंचे हैं।

वर्तमान यात्रा सीजन में अब तक कुल 64,115 वाहन यात्रियों को लेकर चारधाम पहुंचे हैं।

राज्य सरकार द्वारा सभी संबंधित विभागों के समन्वय से यात्रा को सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

इस वर्ष चारधाम यात्रा पर ड्रोन से होगी कूड़ा और प्लास्टिक वेस्ट की मॉनिटरिंगः धामी

सीएम धामी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्लास्टिक बोतलों को हतोत्साहित करने के लिए यात्रा मार्ग पर जगह-जगह वाटर एटीएम एवं त्व् प्लांट स्थापित किए जाएं, कूड़ा फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा प्लास्टिक वेस्ट के लिए “मनी बैक” योजना को पूरे प्रदेश में लागू किया जाए और हर दुकान पर प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट अनिवार्य किया जाए। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा 2026 को पूर्णतः प्लास्टिक मुक्त बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री आवास में शहरी विकास विभाग, पर्यटन विभाग तथा वन विभाग के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की।

चारधाम यात्रा रूट में पड़ने वाले ग्राम पंचायत तथा अन्य संस्थाएं कूड़े एवं प्लास्टिक वेस्ट की ड्रोन के माध्यम से लगातार मॉनिटरिंग करेंगी और इसके लिए एक अत्याधुनिक कमांड एंड कंट्रोल केंद्र भी स्थापित किया जाएगा।

यात्रा मार्ग पर स्थित 30 नगर निकायों को मजबूत किया गया है ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। यात्रा के दौरान सफाई व्यवस्था को मजबूत करने हेतु बड़ी संख्या में पर्यावरण मित्रों की तैनाती की गई है तथा अतिरिक्त सफाई कर्मियों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है, जिससे मार्ग, बाजार, घाट एवं सार्वजनिक स्थल निरंतर स्वच्छ बने रहें। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के अंतर्गत 37 एमआरएफ केंद्र, 299 कम्पोस्ट पिट, 38 प्लास्टिक कम्पैक्टर/बेलिंग मशीनें तथा 266 कचरा परिवहन वाहन तैनात किए गए हैं, जिससे कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण सुनिश्चित हो सके।

श्रद्धालुओं की मूलभूत सुविधाओं के अंतर्गत सार्वजनिक शौचालयों का विस्तार किया गया है, जिसमें महिलाओं, पुरुषों एवं दिव्यांगजनों के लिए पृथक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं तथा 74 मोबाइल शौचालय इकाइयां भी संचालित की जाएंगी। यात्रा के दौरान वाहनों के दबाव को देखते हुए व्यापक पार्किंग व्यवस्था विकसित की गई है, जिसमें छोटे-बड़े वाहनों हेतु हजारों पार्किंग स्थल चिन्हित किए गए हैं और वैकल्पिक पार्किंग की व्यवस्था भी की गई है। श्रद्धालुओं के ठहराव हेतु होटल, लॉज, धर्मशालाओं एवं आश्रमों में लगभग 28,395 कमरे तथा 67,278 बिस्तरों की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। रात्रिकालीन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रमुख मार्गों पर 19,604 स्ट्रीट लाइटें स्थापित की गई हैं।

चारधाम यात्रा को सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त बनाने पर विशेष फोकस किया गया है। वर्ष 2025 में प्लास्टिक के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के बाद वर्ष 2026 में इसे जनभागीदारी के माध्यम से व्यापक अभियान का रूप दिया जाएगा। यह पहल माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के “स्वच्छ भारत” एवं “हरित, सतत विकास” के विजन से प्रेरित है और लक्ष्य है कि चारधाम यात्रा को पूर्णतः स्वच्छ, प्लास्टिक मुक्त एवं ठोस अपशिष्ट मुक्त बनाया जाए। इसके साथ ही फत् कोड आधारित फीडबैक प्रणाली, त्वरित सहायता केंद्र (फनपबा त्मेचवदेम ज्मंउ), कंट्रोल रूम तथा आधुनिक मशीनों के माध्यम से यात्रा को तकनीकी रूप से सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के तहत चारधाम यात्रा को प्लास्टिक मुक्त बनाने हेतु सभी सक्षम अधिकारियों को प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं और प्लास्टिक बोतलों के प्रबंधन के लिए डिजिटल डिपॉजिट रिफंड सिस्टम लागू किया जाएगा, जिसे जिलाधिकारी एवं पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड क्रियान्वित करेंगे। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के अंतर्गत चारधाम यात्रा मार्ग के सभी नगर निकाय एवं पंचायती राज संस्थाओं को जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। यात्रा मार्ग पर घोड़े-खच्चरों की लीद का वैल्यू एडिशन करते हुए पिरूल के साथ पैलेट तैयार कर एक इनोवेटिव व्यवस्था के तहत उसका प्रबंधन किया जाएगा। चारधाम यात्रा रूट पर सतत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें स्वयंसेवी संस्थाएं, एनसीसी कैडेट्स, महिला मंगल दल एवं ग्राम पंचायतों का सहयोग लिया जाएगा। इसके साथ ही पूरे यात्रा मार्ग पर कूड़ा प्रबंधन हेतु स्पेशलाइज्ड मैनपावर की तत्काल प्रभाव से तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।

“पहली बार केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं को 24 घंटे मुफ्त गर्म पानी”

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने जानकारी दी कि केदारनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं को अब ठंडे पानी के स्थान पर शीघ्र ही 24 घंटे गर्म पानी उपलब्ध कराया जाएगा। यह व्यवस्था पिरूल (चीड़ की पत्तियां) और खच्चरों की लीद से तैयार बायोमास पैलेट्स के माध्यम से संचालित गीज़रों द्वारा की जाएगी। यह देश का पहला प्रयोग है, जहां इतनी ऊंचाई वाले क्षेत्र में चौबीसों घंटे गर्म पानी उपलब्ध कराया जाएगा। ये गीजर ळडटछ केदारनाथ एवं लिंचोली में लगाए जाएंगे। यह अभिनव प्रयोग केदारनाथ यात्रा मार्ग पर खच्चरों की लीद से होने वाली समस्या का समाधान करेगा, साथ ही जंगल की आग के प्रमुख कारण पिरूल से भी राहत दिलाएगा। इसके अतिरिक्त ट्रायल के तौर पर मार्ग में स्थित ढाबों को फायर पैलेट से चलने वाले चूल्हे भी उपलब्ध कराए जाएंगे, जो ऊर्जा संकट के समय अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे और सफल परीक्षण के बाद इन्हें बड़े स्तर पर वितरित किया जाएगा।

चारधाम यात्रा के मद्देनजर ग्राउंड जीरो पर उतरे मुख्यमंत्री, रुद्रप्रयाग से गुप्तकाशी तक सड़क मार्ग से किया यात्रा मार्ग का निरीक्षण

आस्था और श्रद्धा के महान पर्व के रूप में प्रतिष्ठित श्री केदारनाथ धाम के कपाट वर्ष 2026 की यात्रा हेतु आगामी 22 अप्रैल 2026 को विधि-विधान एवं सनातन परंपराओं के अनुरूप श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इस अवसर पर राज्य सरकार द्वारा यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सुगम बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।

इसी क्रम में आज मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जनपद रुद्रप्रयाग पहुंचे और ग्राउंड जीरो पर यात्रा व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के मद्देनजर राष्ट्रीय राजमार्ग-107 पर रुद्रप्रयाग से गुप्तकाशी तक कार द्वारा निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जवाड़ी बाईपास, निर्माणाधीन सुरंग, तिलवाड़ा में हटाए गए अतिक्रमण, बांसवाड़ा, कुंड-काकड़ागाड़ जैसे भूस्खलन संभावित संवेदनशील क्षेत्रों का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने सड़क के पेचवर्क, झाड़ी कटान, साइनेज, क्रैश बैरियर, सुरक्षा उपायों एवं सौंदर्यीकरण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी लंबित कार्यों को यात्रा शुरू होने से पूर्व हर हाल में पूर्ण किया जाए।

इसके उपरांत मुख्यमंत्री द्वारा गुप्तकाशी में चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर जनपदीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को श्रद्धालुओं के साथ सौम्य व्यवहार रखने के निर्देश दिए। साथ ही हेलीपैड पर यात्री शेड, लैंडस्लाइड प्रभावित क्षेत्रों के समीप पुलिस चौकियों में आवश्यक सुविधाएं जैसे दवाइयां, पेयजल एवं फूड पैकेट उपलब्ध रखने के निर्देश दिए, ताकि आपात स्थिति में त्वरित सहायता प्रदान की जा सके।

मुख्यमंत्री ने यात्रा को प्लास्टिक मुक्त बनाने पर विशेष जोर देते हुए “ग्रीन यात्रा” के उद्देश्य को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रामक खबरें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यात्रा से जुड़े सभी हितधारकों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए।

गैस आपूर्ति के विषय में मुख्यमंत्री ने बताया कि वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद केंद्र सरकार से अतिरिक्त गैस आपूर्ति की मांग की गई है, जिससे यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को यात्रा से जोड़ते हुए “वोकल फॉर लोकल” के तहत स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए।

इसके अतिरिक्त पैदल मार्गों पर पेयजल, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी समीक्षा की गई, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी, विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ऐश्वर्या रावत, भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट, जिलाधिकारी विशाल मिश्रा, पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामप्रकाश, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आशीष रावत, अधिशासी अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग ओंकार पांडे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

देहरादून डीएम ने 136 से अधिक बालिकाओं की शिक्षा को किया पुनर्जीवित

ऋषिपर्णा सभागार कलेक्ट्रेट में आज ‘‘ नंदा-सुनंदा’’ 14वें संस्करण का आयोजन किया गया। नवंरात्र के पावन अवसर पर जिलाधिकारी सविन बसंल ने नंदा-सुनंद देवी रूपी 10 बालिकाओं की शिक्षा को पुनर्जीवित कर की देवियों की स्तुति। नंदा-सुनंदा देवी रूपी 10 बालिकाओं की शिक्षा 2.03 लाख के चैक वितरित किए गए। जिला प्रशासन का प्राजेक्ट ‘‘नंदा-सुनंदा’’ से जनपद अंतर्गत अब तक 136 से अधिक असहाय जरूरतमंद बालिकाओं की शिक्षा को पुनर्जीवित किया जा चुका है। यह पहल समाज के कमजोर वर्गों की बेटियों के लिए आशा की किरण बनकर उभरी है तथा बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक प्रभावी मॉडल के रूप में स्थापित हो रही है।

जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री का सकंल्प है कि जनमानस के विकास, शिक्षा आदि के लिए संचालित योजना के क्रियान्वयन में जिले स्तर पर यदि कहीं कोई गैप रह जाते हैं तो उनको भरते हुए जरूरममंदो को योजना से लाभान्वित किया जाना है।

मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशन में जिला प्रशासन द्वारा संचालित प्रोजेक्ट ‘‘नंदा-सुनंदा’ का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि नंदा-सुनंदा देवी रूपी बालिकाओं को शिक्षित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत करना है। इस योजना के माध्यम से ऐसी बालिकाओं को चिन्हित किया जा रहा है जिनके परिवार में किसी दुर्घटना/घटना से परिवार आर्थिक से शिक्षा बाधित हो गई है ऐसी होनहार बालिकाओं जिनमें शिक्षित होकर आगे बढने की ललक है उनकी शिक्षा को पुनर्जीवित कर सशक्त बनाना है।

जिलाधिकारी ने चयन समिति एंव ग्रांउड स्तर पर कार्य कर ही टीम के कार्यों की सराहना भी की। यदि हम किसी बेटी को सशक्त करते हैं तो पूरा कुल सशक्त होता है।

बनियावाला निवासी आराध्या सिंह जिनके पिता की मृत्यु होने के उपरान्त कक्षा 4की शिक्षा बाधित हो गई थी। ग्राम सुद्धोवाला निवासी मान्यता ठाकुर जिनके पिता लापता हैं तथा 05 भाई-बहन है तथा बड़ी बेटी विकलांग है परिवार की आर्थिक स्थिति खराब है बेटी की 10वीं शिक्षा बाधित हो गई है। मोलाराम कालोनी सहस्त्रधारा निवासी माही चौहान जिनके पिता की मृत्यु 2021 में हो गई है परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है। एमडीडीए कालोनी डालनवाला निवासी नियति वासुदेव जिनके पिता नशे के आदी है नशामुक्ति केन्द्र में भर्ती है परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है तथा कक्षा 06 की शिक्षा बाधित हो गई थी। नई बस्ती गुरूरोड पटेलनगर निवासी सोफिया अल्वी पिता की मृत्यु हो चुकी है परिवार की आर्थिक स्थिति दयनीय है।

झंडाबाजार निवासी अनुष्का शर्मा पिता की मृत्यु 2022 में हो गई चुकी माता कपड़े की दुकान काम करती है परिवार की आर्थिक स्थिति रूप से अत्यंत कमजोर होने से कक्षा 9 की शिक्षा बाधित हो गई है। ओगल भट्टा सुभाषनगर निवासी नंन्दनी व नंदिता जिनके पिता 01 वर्ष से अलग रह रहे है तथा माता घरों मे साफ-सफाई कर घर का खर्चा चलाती हैं, माता हार्ट पेंशेंट है तथा नंदनी की कक्षा 6 व नंदिता की कक्षा 4 की शिक्षा बाधित हो गई है। हरिपुर रायवाला निवासी हर्षिता की जिनके पिता की मृत्यु हो गई है परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण बीकॉम की शिक्षा बाधित हो गई है। हर्रावाला निवासी त्रिशा जिनकी माता की कैंसर से मृत्यु हो गई है माता के उपचार पर अत्यधिक खर्चा होने के उपरान्त आर्थिक स्थिति खराब हो गई है पिता फीस देने में असमर्थ है तथा कक्षा 5 की शिक्षा बाधित हो गई थी सभी बालिकाओं की शिक्षा को प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा से पुनर्जीवित कर दिया है। पारिवारिक घटनाओं से आर्थिक संकट में फंसे परिवार की बेटियों को प्रोजेक्ट नंदा-सुनदां से शिक्षा पुनर्जीवित सशक्त बनाने बेड़ा उठाया है अब तक 136 बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित की गई है।

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने कहा कि बालिकाएं अपनी पढाई पर ध्यान दें प्रशासन आपकी आगे भी सहायता करता रहेगा। उन्होंने अपेक्षा की सफल होकर अपने जैसे अन्य जरूरतमंदो को आगे बढाएं। पुलिस अधीक्षक नगर प्रमोद कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन का यह प्रोजेक्ट सराहनीय है बालिकाओं एवं उनके परिजनों को पुलिस की सहायता की आवश्यकता है तो पुलिस सदैव तत्पर है।

कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों ने मुख्यमंत्री के निर्देशन में जिला प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित करने पर राज्य सरकार का जिला प्रशासन का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस योजना को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, पुलिस अधीक्षक नगर प्रमोद कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास जितेन्द्र कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट उपस्थित रहे।

मुख्य सचिव ने किया भवाली-रातिघाट बाईपास, श्री कैंचीधाम मंदिर में निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण

नैनीताल जिले के भ्रमण पर पहुंचे मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने जनपद नैनीताल के अंतर्गत कैंची धाम क्षेत्र में लगने वाले जाम की समस्या के स्थायी समाधान हेतु नव निर्मित भवाली बायपास, भवाली-रातिघाट बाईपास, श्री कैंचीधाम मंदिर में निर्माणाधीन विभिन्न निर्माण कार्यों सहित नैनीताल मालरोड में सड़क भू धसाव की रोकथाम हेतु कराए जा रहे सुरक्षात्मक कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया।

मुख्य सचिव ने अपने नैनीताल भ्रमण के दौरान नैनीताल जिले की प्रमुख परियोजना में शामिल कैंचीधाम बाईपास (सैनिटोरियम-रातीघाट) सड़क मार्ग का भी स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के उन्होंने इस महत्वपूर्ण सड़क मार्ग में किए जा रहे निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करते हुए कराए जा रहे कार्यों की जानकारी अधिकारियों से ली।

मुख्य सचिव ने लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता को निर्देश दिए कि भवाली-रातिघाट बाईपास में कार्य तेजी से करते हुए इस मार्ग में पर्यटन सीजन से पूर्व यातायात सुचारू किया जाय। जबतक स्थाई मोटर पुल का निर्माण नहीं हो जाता है तबतक इसी सीजन में वैलिब्रिज स्थापित कर यातायात सुचारू कराया जाय।

मुख्य सचिव ने निर्माण कार्यों को तेजी से कराते हुए इस यात्रा सीजन जून मांह से पूर्व सभी कार्य पूर्ण करते हुए बाईपास मार्ग को संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विश्व प्रसिद्ध श्री कैंचीधाम मंदिर में लगातार श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है, इस हेतु यातायात सुविधा भी महत्वपूर्ण है, ताकि पहाड़ को जाने वाले यात्रियों को सुविधा मिले तथा जाम से निजात मिले। उन्होंने कहा कि यहॉं आने वाले पर्यटकों,श्रद्धालुओं, आम नागरिकों को सभी आवश्यक सुविधाऐं मोहैय्या कराना प्रशासन की प्राथमिकता व जिम्मेदारी है।

मुख्य सचिव ने कहा कि बाबा नीम करोरी के दर्शन हेतु देश-विदेश से श्रद्धालु यहां वर्ष भर आते जाते हैं आने वाले श्रद्धालुओं को समुचित व्यवस्था उपलब्ध हो, साथ ही ट्रैफिक जाम की स्थिति उत्पन्न ना हो इस लिए इस बाईपास का निर्माण प्राथमिकता से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस मार्ग के निर्माण से विश्व प्रसिद्ध श्रीकैंचीधाम में लगने वाले जाम से निजात मिलेगी।

इस दौरान लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता पी एस बृजवाल ने मुख्य सचिव को अवगत कराया कि भवाली सेनीटोरियम से रातीघाट तक 18.15 किलोमीटर बाईपास में से 8 किलोमीटर मार्ग का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है। जिसमें यातायात सुचारू है। इस कार्य हेतु 12 करोड़ रुपये विभाग को प्राप्त हुए थे। शेष भाग 10.15 किलोमीटर मार्ग में पहाड़ कटिंग कार्य हेतु शासन से 5 करोड़ 6 लाख रूपये की धनराशि प्राप्त हुई है, पहाड़ कटिंग का कार्य पूरा किया जा चुका है। उक्त मार्ग में वर्तमान में 9 करोड़ 81 लाख रूपये की धनराशि से कलमठ व सुरक्षा दीवारों का निर्माण एवं अन्य सुरक्षात्मक कार्य तेजी से किए जा रहे हैं।

मुख्य अभियंता ने अवगत कराया कि इस बाईपास को रातिघाट स्थित भवाली- अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने हेतु 74.15 किलोमीटर स्पान का मोटर पुल का भी निर्माण किया जाना है इस हेतु शासन से 9 करोड़ 63 रुपये की धनराशि प्राप्त हो हुई है जिससे पुल का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
मुख्य सचिव ने कहा कि इस मार्ग के निर्माण से कैंचीधाम में लगने वाले जाम की स्थिति से भी निजात मिलेगी, साथ ही पहाड़ी जिलों को जाने वाले वाहनों हेतु यह वैकल्पिक मार्ग लाभप्रद होगा।

इस दौरान मुख्य सचिव ने 10 करोड़ रुपये की धनराशि से नव निर्मित सैनिटोरियम से भवाली अल्मोड़ा मार्ग तक भवाली बायपास सड़क निर्माण कार्य व इसी मार्ग में शिप्रा नदी पर नव निर्मित 30 मीटर स्पान डबल लेन मोटर पुल का भी निरीक्षण किया गया। यह मार्ग यातायात हेतु सुचारू हो गया है।
मुख्य सचिव ने कहा कि उक्त बाईपास के निर्माण से भवाली बाजार में लगने वाले जाम से निजाद मिलेगी, वहीं पर्यटन सीजन में पर्यटकों को आवागमन में किसी भी प्रकार की असुविधा भी नहीं होगी। निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने विश्व प्रसिद्ध श्री कैंचीधाम मंदिर परिसर में 40 करोड़ 81 लाख 39000 रुपये की लागत से मानस खंड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत संचालित पर्यटन विकास व सौंदर्यीकरण कार्यों, जिसमें बहु मंजिला कार पार्किंग निर्माण, मेडिटेशन सेंटर, पाथवे व पैदल सेतु का निर्माण कराया जा रहा है, के निरीक्षण के अतिरिक्त कैंचीधाम में ही पर्यटन विभाग अंतर्गत स्वदेश दर्शन योजना के तहत 17 करोड़ 59 तक 87000 रुपये की लागत से बनाए जा रहे फैसिलिटेशन सेंटर व अन्य कार्यों का भी स्थलीय निरीक्षण किया गया।

कैंचीधाम में कराए जा रहे विभिन्न विकास कार्यों के स्थलीय निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि यह विश्व प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है, यहॉं आने वाले श्रद्धालुओं व पर्यटकों हेतु समुचित व्यवस्था हो विशेष रूप से पार्किंग की सही व्यस्था हो। उन्होंने कहा कि पार्किंग स्थल में वाहनों के प्रवेश एवं निकासी अलग अलग गेट से हो,ऐसी व्यवस्था हो इस सबन्ध में उन्होंने जिलाधिकारी को पुलिस एवं कार्यदाई संस्था के साथ बैठक कर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए।
इस दौरान मुख्य सचिव ने विश्व प्रसिद्ध श्री कैंचीधाम में पंहुचकर बाबा नीम करौली के भी दर्शन कर राज्य की सुख एवं शांति की कामनां की।

भ्रमण के दौरान मुख्य सचिव ने वर्ष 2018 में नैनीताल स्थित लोअर माल रोड में हुई क्षति के मरम्मत तथा झील की तरफ से हो रहे भू-धसाव की रोकथाम हेतु 3 करोड़ 48 लाख रुपए की लागत से सड़क के भू- भाग में कराए जा रहे सुरक्षात्मक एवं सुधारीकरण कार्यों का भी स्थलीय निरीक्षण भी किया गया तथा अधिकारियों से जानकारी ली। इस दौरान लोनिवि के मुख्य अभियंता ने अवगत कराया टीएचडीसी के द्वारा तैयार डीपीआर व डिजाईन एवं उनकी देखरेख में ही सुरक्षात्मक व सड़क सुदृढ़ीकरण का कार्य किया जा रहा है। मुख्य सचिव ने विभाग को पूर्ण गुणवत्ता से निर्धारित समय पर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने सिंचाई विभाग को भी निर्देश दिए कि मालरोड में उनकी ओर से जो भी कार्य किए जाने हैं वह भी कार्य शीघ्रता से कराएं।

इस दौरान आयुक्त कुमाऊं व सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टीसी, मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पाण्डे, मुख्य अभियंता सिंचाई संजय कुमार शुक्ला ,अधीक्षण अभियंता लोनिवि मनोहर सिंह धर्मशक्तू, उपजिलाधिकारी नवाजिश खलीक, मोनिका सहित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

स्टार्टअप इंडिया रैंकिंग में उत्तराखण्ड को मिला ‘लीडर’ दर्जा

भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) द्वारा जारी States’ Startup Ecosystem Ranking (5वां संस्करण) में उत्तराखण्ड को मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करने में ‘लीडर’ के रूप में मान्यता प्रदान की गई है। इस उपलब्धि के लिए राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के अवसर पर उत्तराखण्ड सरकार के उद्योग विभाग को Certificate of Appreciation प्रदान किया गया।
इस सम्मान से यह स्पष्ट होता है कि उत्तराखण्ड में स्टार्टअप नीति के जरिए नवाचार, उद्यमिता, निवेश प्रोत्साहन और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने में कामयाब रहा है, जिसे अब राष्ट्रीय स्तर पर सराहा जा रहा है। उत्तराखंड की उपलब्धि को राष्ट्रीय स्तर पर एक मॉडल के तौर पर भी देखा जा रहा है।
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*यह सम्मान उत्तराखण्ड के लिए गर्व का विषय है। हमारी सरकार ने स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल नीतियां, सरल प्रक्रियाएं और मजबूत इकोसिस्टम विकसित किया है। राज्य के युवाओं में नवाचार की अद्भुत क्षमता है और सरकार हर स्तर पर उन्हें सहयोग प्रदान कर रही है। यह उपलब्धि प्रदेश के सभी उद्यमियों, स्टार्टअप्स और अधिकारियों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है।*
*पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड*

सीएम के निर्देश पर तत्काल शासनादेश हुआ जारी, अंकिता के नाम से अब राजकीय नर्सिंग कॉलेज

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ (श्रीकोट) पौड़ी का नाम परिवर्तित करते हुए ‘स्व. अंकिता भंडारी राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ (श्रीकोट) पौड़ी‘ किया गया है। इस संबंध में चिकित्सा सवास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार के द्वारा गुरुवार को कार्यालय ज्ञाप जारी कर दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गत दिवस स्व. अंकिता के माता-पिता से भेंट कर दोहराया था कि था सरकार पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। मुख्यमंत्री ने स्व. अंकिता भंडारी के माता-पिता के द्वारा प्रस्तुत मांगों पर विधि-सम्मत, निष्पक्ष एवं त्वरित कार्यवाही का भरोसा दिलाते हुए कहा कि उन्हें न्याय दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

बुजुर्ग पिता की आकस्मिक मृत्यु पश्चात ऋण बीमा होते हुए भी अदायगी लिए किया जा रहा था प्रताड़ित, डीएम ने दिलाया न्याय

जनपद देहरादून में बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा एक बुजुर्ग विधवा कमलेश तथा उनकी नामिनी असहाय पुत्री प्रीति को अनावश्यक रूप से प्रताड़ित करने तथा बीमित ऋण पर क्लेम प्राप्त होने के बावजूद अतिरिक्त धनराशि जमा कराने के मामले में जिलाधिकारी सविन बंसल के हस्तक्षेप से पीड़िता को न्याय मिला है। जिला प्रशासन द्वारा त्वरित संज्ञान लेते हुए बैंक की 3.30 लाख की आरसी काटी गई, जिसके उपरांत बैंक ने 24 घंटे के भीतर 3.30 लाख रुपये का चेक नामिनी पुत्री प्रीति के नाम जारी कर दिया।

विगत दिवस जिलाधिकारी कार्यालय कक्ष में प्रीति सिंह ने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि उनके पिता स्व0 राजेन्द्र पाल ने वर्ष 2023 में बैंक ऑफ बड़ौदा से  रू0 13 लाख का ऋण लिया था। बैंक अधिकारियों एवं कर्मचारियों के कहने पर ऋण को सुरक्षित करने के लिए इसका बीमा कराया गया। वर्ष 2023 से अप्रैल 2025 तक उनके पिता द्वारा रू0 22,295 प्रतिमाह की नियमित किस्तें जमा की गईं। अप्रैल 2025 में उनके पिता का निधन हो गया, जिसकी सूचना तत्काल बैंक और बीमा कंपनी को दे दी गई। जून 2025 में बीमा कंपनी द्वारा ऋण क्लेम की राशि बैंक में जमा कर दी गई। इसके बावजूद बैंक द्वारा न तो नो ड्यूज सर्टिफिकेट जारी किया जा रहा था, बल्कि प्रीति सिंह पर रू0 3,30,980 अतिरिक्त जमा कराने का दबाव बनाया जा रहा था, तथा सम्पति को जबरन जब्त करने की धमकी दी जा रही थी।

जिलाधिकारी का हस्तक्षेप पीड़िता की शिकायत सुनने के बाद जिलाधिकारी सविन बंसल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उप जिलाधिकारी (न्याय) कुमकुम जोशी को तत्काल जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। जिला प्रशासन द्वारा जांच में पाया गया कि बीमा क्लेम राशि प्राप्त होने के बाद भी बैंक द्वारा अनुचित रूप से धनराशि की मांग की जा रही थी। इस पर बैंक की रू0 3,30,980 की आरसी काटी गई। आरसी कटते ही बैंक ने 24 घंटे के भीतर नामिनी प्रीति सिंह के नाम 3.30 लाख रुपये का चेक जारी कर दिया, जिसे आज जिलाधिकारी द्वारा प्रीति सिंह को सौंप दिया गया।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि किसी भी नागरिक के साथ वित्तीय संस्थान द्वारा की जाने वाली मनमानी और अनुचित व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनपद प्रशासन हर पीड़ित व्यक्ति की शिकायत का त्वरित समाधान सुनिश्चित करता रहेगा।” तथा भविष्य में भी इस प्रकार के मामलो पर कठौर एक्शन लिया जाएगा।

विगत दिवस जिलाधिकारी कार्यालय कक्ष में प्रीति सिंह ने अपनी व्यस्था सुनाते हुए जिलाधिकारी से गुहार लगाई कि उनके पिता द्वारा वर्ष 2023 में बैंक ऑफ बड़ोदा से 13 लाख ऋण लिया था तथा बैंक के अधिकारियों कर्मचारियों के कहने पर ऋण सिक्योर करने हेतु ऋण का बीमा कराया था। उनके पिता द्वारा वर्ष 2023 से अपै्रल 2025 तक 22295 प्रतिमाह किस्त भरी थी किन्तु अपै्रल 2025 में पिता की मृत्यु हो जाने पर बैंक जिसकी सूचना उनके द्वारा बैंक व इंश्योरेंश कम्पनी को दी गई तथा इंश्योरेंश कम्पनी द्वारा जून में ऋण के क्लेम की धनराशि बैंक में जमा करा दी किन्तु बैंक द्वारा उनको न तो नो ड्यूज दे रहा है तथा 330980 धनराशि जमा कराने का दबाव बनाते हुए समपति जब्त करने की धमकी दे रहे हैं। जिला पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने उप जिलाधिकारी न्याय कुमकुम जोशी को कार्यवाही के निर्देश दिए। जहां जिला प्रशासन द्वारा बैंक की धनराशि रू0 330980 की आरसी काट दी। बैंक की आरसी कटते ही बैंक 24 घंटे के भीतर प्रीति के नाम 3.30 धराशि का चैक काट दिया, जिसे आज जिलाधिकारी ने प्रीति सिंह को उपलब्ध करा दिया।