मुख्य सचिव ने प्रदेश में बनाई जा रही पार्किंग्स की प्रगति जानीं

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने बुधवार को सचिवालय में प्रदेश में बनायी जा रही विभिन्न प्रकार की पार्किंग की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को पार्किंग निर्माण गतिविधियों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि पर्यटन प्रदेश होने के कारण और लगातार पर्यटन गतिविधियों के बढ़ने से पर्यटकों की संख्या में तेजी से उछाल आया है। इससे प्रदेश के पर्वतीय पर्यटक स्थ्लों में पार्किंग की समस्या भी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थलों में आवश्यकता के अनुरूप छोटी-छोटी एवं ज्यादा संख्या में पार्किंग्स बनायी जानी चाहिए। कहा कि प्रदेश के हित में सबसे किफायती पार्किंग रोडसाईड पार्किंग हैं, जिन्हें रोड से 100-200 मीटर नई सड़क काटकर या सड़क को थोड़ा अधिक चौड़ा करके तैयार किया जा सकता है। यदि इसके लिए जगह उपलब्ध न हो तो अन्य प्रकार की पार्किंग्स पर फोकस किए जाने की आवश्यकता है। मुख्य सचिव ने अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन को पार्किंग निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा पाक्षिक रूप से किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि पार्किंग्स बनाते समय सुरक्षा के प्रबन्धों में किसी प्रकार की लापरवाही न की जाए। उन्होंने कहा कि पार्किंग स्थलों के एंट्री एवं एग्जिट पॉईंट पर डिजाईन में किसी प्रकार की खामियां न हों, जिससे पार्किंग शुरू होने के बाद वह स्थान जाम के लिए नया बोटलनेक न बने। मुख्य सचिव ने टनल पार्किंग की दिशा में भी तेजी से प्रयास किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टनल पार्किंग पर्वतीय नगरों की जाम की समस्या से निजात दिला सकती है। उन्होंने कैम्पटी में बनायी जा रही प्रदेश की पहली टनल पार्किंग के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके निर्माण में तेजी लाने के लिए इसे स्टेट बजट से फंडिंग की जाएगी। उन्होंने टनल पार्किंग में सुरक्षा, पैदल चलने वालों की सुविधा और डिजाईन पर विशेष ध्यान दिए जाने के निर्देश दिए। कहा कि इसकी सफलता के बाद प्रदेश के विभिन्न पर्यटन स्थलों में इस प्रकार की पार्किंग का निर्माण किया जाएगा।
बैठक में बताया गया कि कैटेगरी ‘ए‘ एवं ‘बी‘ में कुल 169 पार्किंग्स चिन्हित की गई है, जिसमें से 113 की डीपीआर शासन को प्राप्त हो गयी हैं।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु एवं सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

धामी ने फिर दी विकास कार्यों के लिए वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा इन्द्रानगर, देहरादून में निर्मित 5 एम0एल0डी के एस0टी0पी0 में एस0पी0एस निर्माण, सीवर राईजिंग मेन लाइन बिछाने एवं उससे संबंधी कार्यों की योजना हेतु कुल रू 754.28 लाख की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश के विभिन्न प्रमुख नगरों में बच्चों को यातायात नियमों की जानकारी एवं व्यावहारिक अनुभव दिलाने हेतु ऐसे स्थानों जहां बच्चों का भ्रमण ज्यादा होता है, वहां छोटे-छोटे चिल्ड्रन ट्रैफिक पार्क विकसित किये जाने के प्रस्ताव पर स्वीकृति प्रदान की गई। चिल्ड्रन पार्क परियोजना के क्रियान्वयन हेतु पेयजल निगम को कार्यदायी संस्था नामित किया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा निर्माणाधीन 2 फेज 132 के0वी0 किच्छा-लालकुआँ पारेषण लाईन (कुल लम्बाई 19.489 कि0मी0) के निर्माण हेतु स्वीकृति प्रदान की गई है। उक्त पारेषण लाईन 132 के0वी0 उपस्थान किच्छा से टी0एस0एस0 लालकुआं तक निर्मित होनी है तथा इसके निर्माण से लालकुआँ रेलवे स्टेशन पर शीघ्र ही विद्युत ट्रेनों का संचालन होगा।

हर माह के अंतिम गुरुवार को मुख्यमंत्री सीएम हेल्पलाइन की करेंगे समीक्षा

सीएम हेल्पलाइन-1905 की सभी जिलाधिकारी माह में दो बार समीक्षा करें। सचिव एवं विभागीय एचओडी भी इसकी नियमित समीक्षा करें। सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों पर त्वरित समाधान के लिए प्रत्येक कार्यदिवस पर कुछ शिकायतकर्ताओं से जिलाधिकारी बात करें। यह निर्देश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में सीएम हेल्पलाइन-1905 की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को दिये। मुख्यमंत्री हर माह के अन्तिम गुरुवार को सीएम हेल्पलाइन 1905 की समीक्षा करेंगे।

सतर्कता अधिष्ठान को तेजी से सक्रिय करने के मुख्यमंत्री ने दिये निर्देश
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि सतर्कता अधिष्ठान को तेजी से सक्रिय किया जाए। भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन के लिए 1064 नम्बर के प्रति लोगों को और जागरूक किया जाए। शिकायतें मिलने पर जनपदों में जिलाधिकारी एवं एस.एस.पी द्वारा कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया जाए। विजिलेंस को भी सख्ती से कार्य करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जिन विभागों द्वारा सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों के निदान का प्रतिशत कम है, वे सभी विभाग इसमें जल्द सुधार कर लें। जन शिकायतों का समयबद्धता के साथ निदान हो, सभी विभाग इसको पूरी गंभीरता से लें। कार्य के प्रति लापरवाही करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन समस्याओं के शीघ्र समाधान के लिए जो विभाग अच्छा कार्य कर रहे हैं, उन्हें प्रोत्साहित भी किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद स्तर एवं विभाग के स्तर पर लोग जो अपनी समस्याएं लेकर आ रहे हैं, यह सुनिश्चित किया जाए कि उनका शीघ्रता से समाधान हो।

जिस क्षेत्र में अधिक जन शिकायतें आ रही हैं, उनका अलग से डाटा रखा जाए
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित करें कि सीएम हेल्पलाईन पर शिकायतों का आंकलन अच्छी तरह से हो, शिकायतकर्ताओं को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि आगामी बैठक में सीएम हेल्पलाईन पर प्राप्त शिकायतों पर प्रत्येक जनपद में कितने प्रतिशत शिकायतों का निस्तारण हुआ है, इसका भी पूरा डाटा प्रस्तुत किया जाए। विभिन्न विभागों में किसी क्षेत्र में अधिक शिकायतें आ रही हैं, तो इनका भी अलग से डाटा रखा जाए, ताकि इनके समाधान के लिए आगे नीति निर्धारण किया जा सके।

7 शिकायतकर्ताओं से मुख्यमंत्री ने फोन से बात कर वस्तुस्थिति जानी
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीएम हेल्पलाईन पर विभिन्न समस्याओं को लेकर शिकायत दर्ज करने वाले 07 शिकायतकर्ताओं से बात भी की। अल्मोड़ा के गिरीश चन्द्र तिवारी ने शिकायत दर्ज की थी कि उनके विद्युत कनेक्शन पर किसी और का बिल दिखाई दे रहा है। इसकी जानकारी विभागीय कार्यालय को देने के बाद जल्द समाधान नहीं हुआ। सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत करने के बाद मात्र चार दिन बाद समाधान हो गया था। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया।
पौड़ी के महेन्द्र पाल सिंह ने कहा कि उन्होंने जाति प्रमाण पत्र के लिए दो बार अप्लाई किया था, दोनों बार फार्म रिजेक्ट किया गया। सीएम हेल्पलाईन पर शिकायत करने के बाद समस्या का समाधान जल्द हो गया था।
टिहरी गढ़वाल के देवराज सिंह ने शिकायत दर्ज की कि नगर पंचायत लम्बगांव के वार्ड नं. 1 व 2 में पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने से पानी नहीं आ रहा है, जिससे क्षेत्र के लगभग 600 लोग प्रभावित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को निर्देश दिये कि जल संस्थान एवं लोक निर्माण विभाग की टीम को शीघ्र मौके पर भेजकर समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। यह सुनिश्चित किया जाए कि निर्माण कार्यों की वजह से जनता को अनावश्यक परेशानी न हो।
नैनीताल जनपद के भास्कर चन्द्र ने शिकायत दर्ज की थी कि पुलिस चौकी हीरानगर के बेलवाल बिस्कुट फैक्ट्री के समीप सार्वजनिक रास्ते को बरसाती नहर की पुलिया में लोहे के तीन एंगल लगाकर कई वर्ष पुराने दो पहिया वाहन के रास्ते को कुछ लोगों द्वारा बंद कर दिया गया है, उन्होंने इसको खुलवाने का अनुरोध किया था। सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद समस्या का समाधान हो गया है।
पिथौरागढ़ जनपद के बाला सिंह परिहार ने कहा कि उन्होंने शिकायत दर्ज की थी कि बरम से कनार तक पैदल मार्ग और कनार से तुवांईतोला तक आपदा के दौरान पूरा मार्ग क्षतिग्रस्त हो चुका है, जिस कारण ग्रामीणों को आवगमन में समस्या बनी हुई है। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी पिथौरागढ़ को निर्देश दिये कि मौके पर जाकर इस जनससमया का शीघ्र समाधान किया जाए।
चमोली जनपद के विरेन्द्र सिंह ने कहा कि ग्राम देवस्थान, पो. रोहिड़ा में बाटाधार से देवस्थान 4 किमी मोटर मार्ग निर्माण होना है, इसका सर्वे काफी पहले हो चुका है, लेकिन अभी तक निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी चमोली को निर्देश दिये कि सड़क निर्माण में जो भी अड़चने आ रही हैं, उनका शीघ्रता से समाधान करने का प्रयास किया जाए।
चम्पावत के नवीन चन्द्र भट्ट ने कहा कि उनका अभी तक मेडिकल क्लेम प्राप्त नहीं हो पाया है, इसकी शिकायत वे कई बार कर्मचारी राज्य बीमा औषधालय में कर चुके हैं, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री ने सचिव आर. मीनाक्षी सुदंरम को निर्देश दिये कि इस मामले का परीक्षण कर शीघ्र समाधान किया जाए।
बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनन्द बर्द्धन, डीजीपी अशोक कुमार, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, विशेष प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, अरविन्द सिंह ह्यांकी, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, दिलीप जावलकर, सचिन कुर्वे, विनोद रतूड़ी, बी.वी.आर.सी पुरूषोत्तम, डॉ. आर. राजेश कुमार, अपर सचिवगण, विभागीय एचओडी एवं वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

उत्तराखंड निवास के कार्यों का सीएस ने किया निरीक्षण

मुख्य सचिव डॉ.एस.एस. संधु ने शनिवार को नई दिल्ली स्थित निर्माणाधीन “उत्तराखण्ड निवास” के चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने “उत्तराखण्ड निवास” निर्माण कार्यों को लेकर कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को निरीक्षण उपरांत दिशा-निर्देशित करते हुये कहा कि निर्माण कार्य में हो रहे विलंब पर बिंदुवार आख्या प्रेषित की जाये। साथ ही गुणवत्ता बनाए रखते हुए कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने का निर्देश दिया।
उल्लेखनीय है कि निर्माणाधीन भवन “उत्तराखण्ड निवास” में भूतल को सम्मिलित करते हुए कुल सात तल बनाए जाएंगे। भवन उत्तराखण्ड वास्तुकला शैली में बनाया जा रहा है। यह पांच सितारा ग्रीन भवन है और इसका अपना सीवेज सोधन संयंत्र होगा। भवन में 50 किलोवाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट भी है।
इस अवसर पर स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा, उत्तराखण्ड पेयजल निगम के अधिशासी अभियन्ता राकेश चंद तिवारी, परियोजना प्रबंधक योगेश कुमार, सहायक अभियंता हरीश चंद जोशी व आर्किटेक्ट सचिन अग्रवाल उपस्थित रहे।

केन्द्र सरकार के 9 वर्ष पूर्ण होने पर सीएम ने किया विशिष्ट लोगों से संपर्क

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को केंद्र सरकार के 9 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर विशेष संपर्क अभियान के तहत महानगर देहरादून के दो विशिष्ट नागरिकों से मुलाकात की। उक्त क्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पद्मश्री डॉ. बसंती बिष्ट से डिफेंस कॉलोनी, देहरादून स्थित उनके निजी आवास में जाकर मुलाकात की। साथ ही मुख्यमंत्री ने श्री झंडा साहिब में महंत देवेंद्र दास महाराज से भेंट की। इस दौरान केंद्र सरकार द्वारा किए गए विभिन्न कार्य पर विस्तार से चर्चा हुई।

ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज से लोगों ने लिया आशीर्वाद

ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज अपने दो दिवसीय प्रवास पर योग नगरी ऋषिकेश पहुंचे। यहां पहुंचने पर महामंडलेश्वरों, संतों एवं स्थानीय लोगों द्वारा उनका स्वागत किया गया। ऋषिकेश में अपने पहले कार्यक्रम में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी विवेकानंद सरस्वती ने स्वामी नारायण घाट में गंगा आरती में सम्मलित हुए।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों को शंकराचार्य स्वामी आविमुकातेश्वरानंद सरस्वती ने कर्म और भाग्य को परिभाषित करते हुए कहा कि भाग्य फलित होता है। उन्होंने बसुदेव और नंद का उदाहरण दिया। गंगा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गंगा जल स्पर्श मात्र से ही सभी राग द्बेष से मुक्त हो जाते हैं।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि गंगा जल और सामान्य जल में अंतर है। कहा कि पानी के प्रछालन से शरीर की गंदगी दूर होती है लेकिन गंगा जल मन के मेल को धोती है। उन्होंने संतो से आहवान किया कि अपने व्यवहार मे सरल और तरलता लाएं। राग द्बेष से दूर रहकर आदर्श प्रस्तुत करें और समाज का मार्गदर्शन करें।
इस अवसर पर स्वामीनारायण आश्रम के सुनील भगत ने शंकराचार्य स्वागत एवं अभिनंदन किया। महामंडलेश्वर अभिषेक चैतन्य हरिद्वार के महंत प्रेमानंद शास्त्री ज्योतिर्मठ के प्रभारी ब्रह्मचारी मुकुंदानंद, स्वामी सहजानंद, ब्रह्मचारी श्रवणानंद, ज्योर्तिमठ के मीडिया प्रभारी डॉ बृजेश सती, ब्रह्म कपाल तीर्थ पुरोहित पंचायत के अध्यक्ष उमेश सती, अजय पांडे, कार्यक्रम के सह संयोजक रवि प्रपन्नाचार्य, स्वामीनारायण आश्रम के पीआरओ सौरभ राणा कोटी, जोशीमठ के पूर्व ब्लाक प्रमुख प्रकाश रावत मौजूद रहे।

डीएम देहरादून से मंत्री अग्रवाल ने जताई नाराजगी

क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने जी-20 के अंतर्गत किये जा रहे निर्माण कार्य को पूर्व में तय डेटलाइन 20 जून तक पूर्ण न किये जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने मौके से ही जिलाधिकारी देहरादून सोनिका को दूरभाष पर वार्ता कर सभी अधिकारियों को निर्माण कार्य पूर्ण होने तक यही कैम्प करने के निर्देश दिये। साथ ही अति शीघ्र निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
शनिवार को डॉ अग्रवाल ने त्रिवेणी घाट पर निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने यहां अधिकारियों के समक्ष नाराजगी जताते हुए कहा कि अति शीघ्र निर्माण कार्य पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में किसी प्रकार का समझौता ना हो और निर्माण कार्यों को परमानेंट किया जाए, इसकी सुनिश्चिता की जाए। साथ ही निर्देश दिए कि मैनपावर बढ़ाते हुए रात्रि में भी निर्माण कार्य किए जाएं।
डॉ अग्रवाल ने निर्देशित किया कि विभाग स्थाई प्रकृति के कार्य करें तथा जो कार्य किए जा रहे हैं उनके रखरखाव की भी पूर्ण व्यवस्था बना ली जाए। उन्होंने नगर निगम ऋषिकेश के अधिकारियों को निर्देशित किया कि साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें तथा नियमित सफाई कार्य सुनिश्चित किए जाएं।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी सुश्री झरना कमठान, सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया, उप जिलाधिकारी ऋषिकेश सौरभ असवाल, नगर आयुक्त राहुल गोयल, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग धीरेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता सिंचाई दिनेश उनियाल, अधिशासी अभियंता यूपीसीएल शक्तिलाल, एसडीओ सिंचाई अनुभव नौटियाल सहित मण्डल अध्यक्ष सुमित पंवार, जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा कविता शाह, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य बृजेश शर्मा, पार्षद रीना शर्मा, शिव कुमार गौतम, प्रदीप कोहली, जिला कार्यालय प्रभारी देवदत्त शर्मा, रूपेश गुप्ता, जिला उपाध्यक्ष युवा मोर्चा शिवम टुटेजा, मण्डल महामंत्री युवा मोर्चा अभिनव पाल, उषा जोशी, सुधा असवाल, भावना किशोर गौड़ आदि उपस्थित रहे।

देश जितना आज सुरक्षित हाथों में है पूर्व में कभी नही रहा-रक्षा मंत्री

केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आज देश रक्षा सहित अन्य क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बन रहा है। टैंक, तोप, गोला, बारूद जैसे महत्वपूर्ण रक्षा उपकरण 25 देशों को निर्यात किये जा रहे हैं। 16 हजार करोड़ का निर्यात इस क्षेत्र में किया जा चुका है। वह दिन दूर नही जब हम रक्षा से सम्बन्धित सामग्री भारत में ही बनाकर दुनिया को इसका निर्यात करेंगे। निजी क्षेत्र के उद्यमियों को प्रोत्साहित कर उनसे भी सामग्री क्रय की जा रही है।
सोमवार को सर्वे ऑफ इंडिया ऑडिटोरियम में आयोजित प्रबुद्धजन सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि उत्तराखण्ड से उनका गहरा लगाव रहा है। उत्तराखण्ड को देवभूमि वीरभूमि शौर्य व सैन्य भूमि की संज्ञा देते हुए उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड छोटा राज्य होने के बावजूद यहा के समग्र विकास के प्रति केन्द्र सरकार का दृष्टिकोण स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि राज्य के समग्र विकास की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में केदारनाथ-बद्रीनाथ धाम में 1300 करोड़ के पुनर्निर्माण कार्य, ढाई हजार करोड़ रुपए की लागत से गौरीकुण्ड-केदारनाथ और गोविंदघाट-हेमकुण्ट साहिब रोपवे का कार्य, कुमायूं के पौराणिक मंदिरों को भव्य बनाने के लिये मानसखण्ड मंदिर माला मिशन का कार्य, पूरे राज्य में होम स्टे को बढ़ावा देने, 16 ईको टूरिज्म डेस्टिनेशन का विकास, उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार। उधमसिंह नगर में एम्स का सेटलाइट सेंटर बनाने, करीब 2 हजार करोड़ रुपए की लागत वाली टिहरी लेक डेवलपमेंट परियोजना, ऋषिकेश-हरिद्वार का एडवेंचर टूरिज्म और योग की राजधानी के रूप में विकास, टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन की परियोजना के साथ ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन पहाड़ में रेल के सपने की परिकल्पना को पूर्ण करने जा रही है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गतिशील नेतृत्व में विश्व में भारत का मान सम्मान बढ़ा हैं। अन्तर्राष्ट्रीय मंचो पर भारत की बात को गंभीरता से सुना जा रहा है। विश्व के देशों में प्रधानमंत्री को मिलने वाला सम्मान सभी देशवासियों का सम्मान है। विदेशी विशेषज्ञ प्रधानमंत्री मोदी को अद्भूत कार्य क्षमता शक्तिवाला व्यक्तित्व मान रहे है। विज्ञान एवं तकनीकी के क्षेत्र में भी देश का सम्मान बढ़ा है। हमारा जवान देश की सीमा पर राष्ट्रीय स्वाभिमान की भावना के साथ निडरता से खड़ा रहता है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत 2027 तक विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगी। इसका भी आकलन कई विदेशी अर्थशास्त्रियों द्वारा किया गया है। आज देश में बड़ी-बड़ी विदेशी कम्पनियां निवेश के लिये आ रही है। रक्षा मंत्री ने कहा कि देश में जन धन खाता खोलने की प्रधानमंत्री के विजन का ही प्रतिफल है कि आज डिजिटल ट्रांजेक्शन के माध्यम से लाभार्थियों को उन्हें दी जाने वाली आर्थिक मदद शत प्रतिशत उनके खाते में जमा हो रही है जबकि पहले पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी ने ही चिंता व्यक्त करते हुए कहा था कि दिल्ली से यदि 100 रुपये भेजे जाते है तो लाभार्थी तक 15 रुपये ही पहुंच पाते है। जनधन खाता से इस व्यवस्था में बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार भाषण से नहीं, व्यवस्था में बदलाव से ही समाप्त किया जा सकता है। आज भारत में 77 करोड़ डिजिटल ट्रांजेक्शन हो रहे है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि आज जहां विश्व के बड़े देशों की अर्थव्यवस्था लड़खड़ा रही है उनके बैंको की साख पर सवाल उठ रहे है, भारत ने इस चुनौती को स्वीकार कर मंहगाई को कण्ट्रोल करने का कार्य किया है। कोरोना काल में दो-दो वैक्सीन बनाकर देश के नागरिकों को उपलब्ध कराने के साथ ही 100 देशों को भी इसकी आपूर्ति की। रूस-युक्रेन युद्ध में प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इन देशों के प्रमुखों के साथ अमेरिका के राष्ट्रपति से वार्ता कर वहा पढ़ रहे लगभग 26 हजार छात्रों को युद्ध क्षेत्रों में सुरक्षित अपने देश वापस लाने के लिए सीमित समय के लिए युद्ध विराम कराया जो कार्य दुनिया के देश नही कर पाए, वह प्रधानमंत्री मोदी ने किया है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि हमारे लिए राजनीति सरकार बनाने के लिये नहीं बल्कि समाज व देश बनाने का विषय है। सर्वधर्म- सद्भाव की भावना पर हम विश्वास करते है। देश में समरसता व सामाजिक सौहार्द बना रहे इसके लिए प्रयास हो रहे है। कुछ लोग समाज में अशांति फैलाकर जनता को गुमराह करने का कार्य कर रहे है। इससे बचने की भी उन्होंने जरूरत बतायी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रबुद्धजनों के सम्मेलन का मूल उद्देश्य है कि प्रबुद्धजनों के ज़रिये जनता तक सरकार और संगठन की बात को पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री व रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में आज भारत एक शक्तिशाली और सुरक्षित राष्ट्र बन चुका है। सेना का मनोबल बढ़ाने और सेना को आधुनिक बनाने के साथ ही आत्मनिर्भर बनाने के लिए अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। सेना को मजबूत बनाना आज के समय की मांग है जिसके लिए रक्षा मंत्री सेना में हर स्तर पर क्रांतिकारी बदलाव लाने का प्रयास कर रहे है। उन्होंने कहा कि आज सम्पूर्ण विश्व भारत की शक्ति एवं सामर्थ्य से परिचित हुआ है, जिसका परिणाम है कि आज कोई भी दुश्मन हमें आंख दिखाने की हिम्मत नहीं कर सकता। आज देश की सुरक्षा में लगे सैनिकों को दुश्मन की गोली का जवाब देने के लिए सरकार से अनुमति लेने की जरूरत नहीं पड़ती। आज हमारी सेना गोली का जवाब गोलों से देने का कार्य करती है। हमारे सैनिकों को किसी भी प्रकार के सैन्य साजो समान की कमी का सामना नहीं करना पड़ता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व का ही प्रतिफल है कि पिछले नौ सालों में देश के हर वर्ग का कल्याण हुआ है और भारत का मान देश के साथ ही विदेशों में भी बढ़ा है। आजादी के बाद के वर्षों की तुलना में पिछले नौ वर्षों के दौरान विकास के सभी मापदंडों के आधार पर हम कह सकते हैं, हमारे देश ने हर क्षेत्र में जबरदस्त प्रगति की है, जिसका लोहा आज संपूर्ण विश्व मान रहा है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण का बीड़ा भी प्रधानमंत्री मोदी ने ही उठाया इसके अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र में करीब 12 करोड़ शौचालय बनाए गए। इसी के साथ-साथ इन नौ वर्षों में नौ करोड़ से अधिक उज्ज्वला गैस कनेक्शन गरीबों को दिए गए। सरकार ने विभिन्न रोजगार मेलों का आयोजन कर दस लाख लोगों के रोजगार देने का कार्य भी प्रारंभ किया है। धारा 370 का खात्मा, अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर बनना, काशी विश्वनाथ का भव्य कॉरिडोर बनना, बद्रीनाथ और केदारनाथ धामों का पुनर्निर्माण ये कुछ ऐसे महत्वपूर्ण कार्य हैं जिनको आने वाली पीढ़ियां भी हमेशा याद रखेंगी। पिछले 9 वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी की मजबूत इच्छाशक्ति के बल पर देश में आतंकवादी, नक्सलवादी और उग्रवादी गतिविधियों में भी उल्लेखनीय कमी आई है। आज भारत दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 के पहले और 2014 के बाद के भारत में ‘‘बहुत बड़ा फर्क’’ है। देश अब ‘‘अभूतपूर्व पैमाने और गति’’ से आगे बढ़ रहा है, क्योंकि नया भारत अब बड़ा सोचता है, उच्च लक्ष्य रखता है और बड़े सपने देखता है। 2014 से पूर्व देश के विकास का इंजन अत्यंत धीमी गति से चल रहा था परन्तु, डबल इंजन की सरकार आने के बाद विकास का यही इंजन आज हर क्षेत्र में सरपट दौड़ रहा है। 2014 से पूर्व देश में स्वास्थ्य सेवाएं स्वयं बीमार थी, लेकिन प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में आज स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार हुआ है। 2014 से पूर्व की सड़कों की खस्ता हालत किसी से छिपी नहीं हैं, लेकिन प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आज देश में प्रतिदिन 38 किलोमीटर सड़क का निर्माण हो रहा है। 2014 से पूर्व बच्चों को वैक्सीन लगवाने के लिए दर-दर भटकना पड़ता था, लेकिन मोदी जी के नेतृत्व में मिशन इन्द्रधनुष योजना के तहत बच्चों को जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए वैक्सीन लगाई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले भारत के सांस्कृतिक वैभव पर हर तरह का प्रहार किया जाता था, लेकिन आज प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश का सांस्कृतिक वैभव पुनः वापस लौट रहा है। आज प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व का एक अग्रणी राष्ट्र बन चुका है। यह सब बीते नौ वर्षों में प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के नेतृत्व में ही संभव हो पाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार द्वारा अंत्योदय परिवारों को तीन गैस सिलेंडर देने हों, प्रदेश की महिलाओं के लिये क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था को लागू करना हो, समान नागरिक आचार संहिता का मसौदा तैयार करना हो, जबरन धर्मांतरण पर रोक के लिये कानून बनाना हो, लैंड जिहाद और लव जिहाद को रोकने के लिए उठाए गए कड़े कदम हों, देश का सबसे कड़ा नकल विरोधी कानून बनाना हो, आंदोलनकारियों को आरक्षण देना हो, या फिर हाल ही में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे प्रदेश के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति देने के लिए उठाए गए कदम हों। हमने इन सभी महत्वपूर्ण कार्यों को धरातल पर उतारने का प्रयास किया है। आज प्रदेश के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और राज्य को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अनेकों कार्य किये जा रहे हैं। प्रदेश में हर स्तर पर कनेक्टिविटी को सुधारा जा रहा है, उद्योगों के विकास पर बल दिया जा रहा है और भविष्य की आवश्यकताओं को केंद्र में रख कर नीतियां बनाई जा रही हैं।
इस अवसर पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, नरेश बंसल, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत आदि उपस्थित रहे।

अत्यधिक वन क्षेत्र में जड़ी बूटी उत्पादन रोजगार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय में प्रदेश के वन क्षेत्रों (वन पंचायत आदि) में जड़ी-बूटी उत्पादन के सम्बन्ध में सम्बन्धित विभागों के साथ बैठक आयोजित हुयी। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में वन पंचायतों एवं वन से लगे क्षेत्रों में जड़ी-बूटी के उत्पादन एवं इससे रोजगार सृजन की असीम सम्भावनाओं को देखते हुए इस दिशा में गम्भीरता से कार्य किए जाने की आवश्यकता है।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में लगभग 70 प्रतिशत वन क्षेत्र होने के कारण इस क्षेत्र में अत्यधिक संभावनाएं हैं। उन्होंने इसके लिए सभी संबंधित विभागों को मिलकर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस दिशा में अच्छा कार्य कर रहे राज्यों की पॉलिसी का भी अध्ययन कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि इसके लिए जिलाधिकारी एवं डीएफओ को महत्त्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी।
मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से इसके लिए 25 करोड़ विभागीय बजट का प्राविधान किया जाएगा। बाकी के बजट के लिए कैम्पा एवं अन्य स्रोतों से भी बजट की पूर्ति की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा क्षेत्र है, जिसके सफल संचालन के बाद वन पंचायतों की आर्थिकी में काफी सुधार आएगा। वन पंचायतों में अगले 5 वर्षों में 10 हजार हेक्टेयर में जड़ी-बूटी उत्पादन की सम्भावना है। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट स्थानीय लोगों को आजीविका उपलब्ध कराने की दिशा एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस अवसर पर प्रमुख वन संरक्षक (हॉफ) अनूप मलिक, सचिव दीपेन्द्र चौधरी एवं निदेशक उद्यान रणवीर सिंह चौहान सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।

ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए स्थान चिन्हित करने के निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने सोमवार को सचिवालय में ईको टूरिज्म एवं सरकारी भूमि की डिजिटल सूची तैयार किए जाने के सम्बन्ध में बैठक आयोजित की। मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों एवं डीएफओ को ईको टूरिज्म की दिशा में स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर दिए जाने पर फोकस करते हुए प्रस्ताव तैयार किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने सभी जनपदों में ईको टूरिज्म को बढ़ावा दिए जाने हेतु स्थान चिन्हित किए जाने के साथ ही डीपीआर तैयार किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि प्रस्ताव में डीपीआर के साथ फंडिंग और योजना पूर्ण होने की समय सीमा पहले से ही निर्धारित की जाएं। उन्होंने कहा कि ईको टूरिज्म को सफल बनाए जाने हेतु ईको पार्क से प्राप्त राजस्व का 80 से 90 प्रतिशत हिस्सा इसकी मरम्मत आदि के लिए प्रयोग किया जा सकेगा, इसका शासनादेश जारी किया जा चुका है।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश भर में एस्ट्रो विलेज, कैंपिंग आदि की अत्यधिक संभावनाएं हैं। इस दिशा में भी बहुत कुछ किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा मार्ग एवं गैर चारधाम यात्रा मार्ग दोनों में ही ईको टूरिज्म में रोजगार सृजन की अपार संभावनाएं हैं। इससे स्थानीय स्तर पर लोगों को शामिल करना आवश्यक है। इसके लिए स्थानीय लोगों को प्रशिक्षण की आवश्यकता है तो प्रशिक्षण करवाइए। उन्होंने कहा कि प्रदेश भर में ऐसे विभिन्न स्थान हैं जहां कैंपिंग साइट्स विकसित की जा सकती हैं। पर्यटन विभाग द्वारा गाईड का प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्य सचिव ने ऐसे स्थलों में जहां अभी फुटफॉल कम है, गाईड को कंडीशनल टर्म पर मानदेय भी दिया जा सकता है, ताकि गाईड काम करने को प्रोत्साहित हो सके। फुटफॉल बढ़ने के बाद गाईड अच्छा कमा लेंगे।
मुख्य सचिव ने कहा कि जिलाधिकारियों एवं अन्य सीनियर अधिकारियों द्वारा क्षेत्रों में दौरा करते समय स्थानीय लोग अक्सर अपनी बहुत छोटी छोटी मांगें और समस्याएं अधिकारियों के सम्मुख रखते हैं। उन्होंने कहा कि बहुत सी समस्याएं या मांगें इतनी छोटी होती हैं कि आसानी से पूर्ण की जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को इन छोटी छोटी मांगों को गंभीरता से लेते हुए मांगों को पूरा करने पर ध्यान देने की आवश्यकता है, ताकि आमजन का सिस्टम पर विश्वास बना रहे।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में स्प्रिंग एंड रिवर रिजूविनेशन बोर्ड अस्तित्व में आने वाला है। इससे जल संरक्षण की दिशा में भी काफी कार्य होगा। इसमें जल संरक्षण के लिए चेक डैम और छोटे ताल और झीलें भी निर्मित होंगी। जो आगे ईको टूरिज्म की दिशा में काफी कारगर साबित होंगी। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों से इसको भी ध्यान में रखते हुए प्रस्ताव तैयार किए जाने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को सरकारी भूमि को अतिक्रमण से बचाने हेतु डिजिटल डाटा शीघ्र तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही इसके लिए पोर्टल तैयार हो जाएगा जिसमें डिजिटल डाटा अपलोड किया जाएगा, जिसकी लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस सूची को तैयार किए जाने का उद्देश्य हर प्रकार की सरकारी भूमि को अतिक्रमण से बचाना है। इसके लिए विभागों द्वारा जिला स्तरीय अधिकारियों को जिम्मेदारी दी जाएगी। अतिक्रमण होने पर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई भी की जाएगी।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक अनूप मलिक, सचिव अरविंद सिंह ह्यांकी, मुख्य वन संरक्षक वन पंचायत डॉ. पराग मधुकर धकाते एवं सचिव चंद्रेश कुमार सहित जनपदों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समस्त जिलाधिकारी उपस्थित रहे।