सीएम ने जीएसटी एवं स्वदेशी जागरूकता अभियान की समीक्षा बैठक की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में प्रदेश में चल रहे जी.एस.टी. एवं स्वदेशी जागरूकता अभियान की समीक्षा बैठक की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 22 सितंबर से लागू हुई जी.एस.टी. की नई दरें प्रदेश की अर्थव्यवस्था और स्थानीय उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण कदम है। इसका सीधा लाभ अब जनता को मिलने लगा है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि जन जागरूकता गतिविधियों को और अधिक व्यापक और प्रभावी बनाया जाए।

मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अभियान को सक्रिय रूप से आगे बढ़ाएँ और ग्राम सभाओं, नगर निकायों के हर छोटे बड़े कारोबारी तक पहुंचे। उन्होंने कहा इस अभियान के माध्यम से हमने स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के क्षेत्र में भी क्रांति लाने का काम करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वदेशी अभियान से हमारे स्थानीय उत्पादों की खरीदारी बढ़ेगी एवं राज्य एवं देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देकर ही हम आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर उत्तराखंड के सपने को साकार कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि इस अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप दें, ताकि प्रदेश और देश आगे बढ़ सके। मुख्यमंत्री ने कहा आगे आने वाले त्योहारों में भी हमने स्वदेशी उत्पादों की खरीदारी को बढ़ावा देना है।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट (वर्चुअल), कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, विधायक रेणु बिष्ट एवं अन्य जनप्रतिनिधि वर्चुअल मौजूद रहे।

पेपरलीक मामले में गठित एसआईटी को सूचना देने में न करें संकोच

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अंतर्गत आयोजित स्नातक स्तरीय प्रतियोगिता परीक्षा 2025 में कथित नकल संबंधी आरोपों पर शासन, प्रशासन सख्ती से कार्यवाही कर रहा है, एवं नकल संबंधी आरोपों की गंभीरता से जांच हो रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए दिनांक 24.09.2025 को मुख्यमंत्री के निर्देशों पर विशेष अन्वेषण दल (एसआईटी) का गठन किया गया है।

‎विशेष अन्वेषण दल (एसआईटी) ने अपनी जांच आगे बढ़ा दी है। जिसके संबंध में एस.आई.टी द्वारा विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा के लिए दिनांक 27 सितंबर 2025 को हरिद्वार जिले के कलेक्ट्रेट सभागार में दोपहर 12ः00 बजे से दोपहर 1ः00 बजे तक एवं 29 सितंबर 2025 को टिहरी गढ़वाल जिले के कलेक्टर सभागार में दोपहर 12ः00 बजे से दोपहर 1ः00 बजे तक विशेष जन संवाद बैठक का आयोजन किया जाना प्रस्तावित है।

‎इन संवाद बैठकों में इच्छुक प्रतियोगी अभ्यर्थी एवं उनके अभिभावक प्रतिभाग कर स्नातक स्तरीय प्रतियोगिता परीक्षा, 2025 से संबंधित अपनी शंकाओ एवं प्रश्नों सहित, यदि उनके पास कोई सूचना हो, तो उसे एस०आई०टी० के समक्ष साझा कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त जन संवाद बैठकों में परीक्षा में प्रतिभाग करने वाले अनेक अभ्यर्थी एवं उनके अभिभावक, कोचिंग संस्थान व जनसरोकार से सम्बन्धित कोई भी व्यक्ति उपरोक्त प्रकरण से संबंधित प्रश्नों, शंकाओं एवं सूचनाओं के संबंध में स्पष्टता चाहने के साथ ही एसआईटी से प्रत्यक्ष रूप से संवाद भी कर सकता है।

जीएसटी की नई दरों से उपभोक्ता वस्तुएं सस्ती होने से आम लोगों को काफी लाभ मिलेगाः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के पटेलनगर में ‘जीएसटी बचत उत्सव‘ के उपलक्ष्य में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान व्यापारियों एवं आम लोगों से भेंट कर जी.एस.टी. की घटी दरों के लाभ के बारे में फीडबैक लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में आर्थिक सुधारों का नया दौर शुरू हुआ है और जीएसटी की दरों में कमी से समाज में सभी वर्गों के जीवन को खुशहाल बनाने की ऐतिहासिक पहल हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जीएसटी की नई दरों से उपभोक्ता वस्तुएं सस्ती होने से आम लोगों को काफी लाभ मिलेगा। उन्होंने व्यापारियों से जीएसटी की घटी दरों के बारे में ग्राहकों को पूरी जानकारी देने का आग्रह भी किया। इस दौरान स्वदेशी एवं स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देकर प्रदेश एवं देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का भी आह्वान किया।

इस दौरान व्यापारियों और आम लोगों ने जीएसटी दरों को घटाए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि नवरात्रि पर्व पर की गई इस नई शुरूआत से बाजार और खरीददारों में काफी उत्साह है। जीएसटी का यह उत्सव आगामी दीपावली के पर्व के दौरान आम लोगों के जीवन और कारोबार में उल्लास भरेगा।

इस दौरान विधायक विनोद चमोली, राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय रोहिला, भाजपा महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल भी उपस्थित रहे।

दिव्यांग समाज के इस वर्ग की समस्याओं का समाधान शासन-प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं से होः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में राज्य दिव्यांग सलाहकार बोर्ड की बैठक आयोजित हुई। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दिव्यांगजनों के अधिकारों एवं सम्मान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दिव्यांगजनों के कल्याण के चलाई जा रही योजनाओं और कार्यक्रमों का पूरा लाभ उन्हें सुगमता एवं पारदर्शिता के साथ मिले। समाज के इस वर्ग की समस्याओं का समाधान शासन-प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने सचिव स्वास्थ्य को निर्देश दिए कि समय-समय पर प्रदेशभर में दिव्यांगजनों के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाए। इन शिविरों में दिव्यांगजनों को उन्हें उपचार एवं चिकित्सा सुविधाओं के साथ ही प्रमाण-पत्र, कृत्रिम अंग एवं अन्य सहायक उपकरण भी मौके पर ही उपलब्ध कराए जाएं।

मुख्यमंत्री ने सचिव समाज कल्याण को निर्देश दिए कि बैठक में प्राप्त सुझावों पर शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि विभिन्न शासकीय सेवाओं में नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान आरक्षण के प्रावधानों के अनुसार दिव्यांगजनों को पूरा लाभ दिया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि समाज कल्याण विभाग पेंशन योजनाओं में विशेष रूप से यह सुनिश्चित करे कि जो भी पात्र व्यक्ति दिव्यांग पेंशन या अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के दायरे में आते हों, उन्हें योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ मिले।

उन्होंने सभी सचिवगणों से अपेक्षा की कि दिव्यांगजनों से जुड़े मुद्दों पर विभागीय स्तर पर सतत गंभीरता से कार्यों का अनुश्रवण कर उनके हितों से सीधे जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांगजन समाज का एक अभिन्न अंग हैं और उन्हें सक्षम बनाने के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है।

बैठक में उपस्थित विधायकगणों एवं बोर्ड सदस्यों ने भी कई महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री ने उन सभी सुझावों पर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों की समस्याएँ किसी भी सरकार के लिए केवल प्रशासनिक विषय न रहकर मानवीय सरोकार से जुड़ी जिम्मेदारी भी हैं, और इसी भाव से राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

बैठक में विधायक भरत चौधरी, सविता कपूर के साथ ही सचिव श्रीधर बाबू अद्दांकी, रंजीत सिन्हा, चन्द्रेश कुमार, वी. षणमुगम, डॉ. आर. राजेश कुमार, निदेशक समाज कल्याण प्रकाश चन्द्र एवं राज्य दिव्यांग सलाहकार बोर्ड के सदस्यगण उपस्थित रहे।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई नंदादेवी राजजात यात्रा के तैयारियों की समीक्षा

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में वर्ष 2026 में आयोजित होने वाली नंदादेवी राजजात यात्रा के तैयारियों की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी चमोली को निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभागों और स्टेक होल्डर्स के साथ समन्वय स्थापित करते हुए संपूर्ण यात्रा को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने हेतु मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) शीघ्र तैयार की जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि यात्रा की ऐतिहासिकता, विशिष्टता और मौलिकता से किसी प्रकार की छेड़छाड़ न की जाए। उन्होंने इसकी डॉक्यूमेंट्री भी तैयार किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि इस वर्ष अत्यधिक वर्षा के कारण बहुत से यात्रा मार्ग और पड़ावों की स्थिति की जानकारी के लिए मार्गों और पड़ावों की रेकी करायी जाए। मार्गों एवं पड़ावों को दुरूस्त कराए जाने के लिए तत्काल कार्यवाही शुरू की जाए। उन्होंने टैन्ट आदि की व्यवस्था के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।

मुख्य सचिव ने नंदादेवी राजजात यात्रा के लिए कराए जाने वाले सभी स्थायी एवं अस्थायी प्रकृति के कार्यों की प्राथमिकताएं निर्धारित किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अनिवार्य रूप से कराए जाने वाले बड़े कार्यों को प्राथमिकता में लेते हुए तत्काल शुरू कराए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रत्येक यात्रा पड़ाव एवं संपूर्ण यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य अधिकारियों, दवाओं, पोर्टेबल ऑक्सीजन एवं स्वास्थ्य उपकरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि मार्गों का विद्युतीकरण, स्वास्थ्य सुविधाएं, भीड़ प्रबंधन, खाद्य सामग्री की व्यवस्थाएं, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता प्रबंधन आदि की समावेशी एसओपी शीघ्र जारी की जाए। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को पूरी यात्रा का वेस्ट मैनेजमेंट प्लान, सेप्टिक मैनेजमेंट और सेनिटेशन मैनेजमेंट प्लान बनाने के भी निर्देश दिए ताकि यात्रा में भागीदारी करने वाले लोगों को सुविधा मिले तथा पर्यावरण को किसी भी तरह की क्षति भी ना पहुंचे।

बैठक में एपीसीसीएफ कपिल लाल, सचिव विनोद कुमार सुमन, धीराज सिंह गर्ब्याल, सी. रविशंकर एवं अपर सचिव विनीत कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

शहीद सम्मान यात्रा उन अमर बलिदानियों को समर्पित है, जिनकी शौर्यगाथा और बलिदान सदैव प्रेरणा देते रहेंगेः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शहीद राईफल मैन नरेश कुमार के गुजराड़ा मानसिंह सहस्त्रधारा रोड़ स्थित आवास से शहीद सम्मान यात्रा 2 का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने इससे पहले शहीद राईफलमैन नरेश कुमार के चित्र पर माल्यार्पण के साथ ही शहीद स्थल पर पुष्प चक्र अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शहीद नरेश कुमार के परिजनों से भेंट कर उनके आंगन की मिट्टी का भी संग्रहण किया। उन्होंने शहीद के परिजनों को शहीद सम्मान समारोह में शामिल होने का भी आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा देहरादून के गुनियाल गांव मे शौर्य स्थल (सैन्य धाम) का निर्माण कराया गया है जिसमें प्रदेश के सभी शहीद सैनिकों के घर-आँगन की पवित्र मिट्टी स्थापित की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह शहीद सम्मान यात्रा उन अमर बलिदानियों को समर्पित है, जिनकी शौर्यगाथा और बलिदान सदैव हमें प्रेरणा देते रहेंगे। हमारे शहीदों ने अपना आज हमारे कल के लिए न्यौछावर किया है। उनके त्याग और पराक्रम के कारण ही हम सब सुरक्षित और स्वतंत्र हैं। मुख्यमंत्री ने श्रद्धा और कृतज्ञता के साथ शहीदों को नमन करते हुए कहा कि उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे लिए यह गर्व का अवसर है, जब हम उन परिवारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त कर रहे हैं जिन्होंने राष्ट्र के लिए अपना सबसे बड़ा बलिदान दिया। शहीदों का बलिदान हमें यह सिखाता है कि जीवन का वास्तविक मूल्य त्याग, सेवा और समर्पण में है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शहीदों के परिजनों के कल्याण के लिए अनेक कल्याणकारी योजनायें संचालित की जा रही हैं। प्रदेश में वर्ष 2018 से अब तक 28 शहीद आश्रितों को उनकी योग्यता अनुसार नियुक्ति दी जा चुकी है और 13 की नियुक्ति प्रक्रिया गतिमान है। शहीदों के परिजनों को एकमुश्त अनुग्रह अनुदान जो पहले 10 लाख रुपये थी, जिसे बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दिया है। इसी प्रकार उत्तराखण्ड़ के परमवीर चक्र अलंकृत सैनिकोें एवं उनकी विधवाओं को दी जाने वाली राशि 50 लाख रूपये से बढाकर अब 1.50 करोड़ रूपये कर दी गयी है। उत्तराखण्ड़ देश का पहला राज्य है जहां पूर्व सैनिकों को ब्लॉक प्रतिनिधि नियुक्त मानदेय प्रदान किया है वर्तमान में यह मानदेय 8,000 रुपये प्रतिमाह है, जिसे बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रतिमाह किया गया है।

इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि देहरादून में निर्मित हो रहे सैन्य धाम निर्माण से पूर्व प्रदेश के 1734 अमर बलिदानियों के आंगन की पवित्र मिट्टी सैन्य धाम लाई जा चुकी है। प्रदेश में शहीदों के सम्मान की परंपरा वर्ष 2021 से प्रारम्भ हुई। उस वर्ष जिला एवं राज्य स्तर पर शहीद सम्मान समारोह आयोजित किए गए और शहीद परिजनों को ताम्रपत्र भेंट किए गए। वर्ष 2021 में कतिपय कारणों से 39 शहीद सैनिकों के घर-आँगन की मिट्टी संग्रहित नहीं हो सकी थी। इसके पश्चात 2021 से 2025 के बीच प्रदेश के 32 और वीर सैनिक मातृभूमि पर बलिदान हुए। इन सभी 71 वीरों के सम्मान में हमारी सरकार द्वारा दिनांक 25 सितम्बर, 2025 से 04 अक्टूबर, 2025 तक शहीद सम्मान यात्रा आयोजित की जा रही है।

उन्होंने कहा कि यह यात्रा 4 अक्टूबर तक चलेगी और 05 अक्टूबर को शहीद यात्रा रथ को गरिमामय कार्यक्रम के साथ शहीदों के परिजनों के साथ लैंसडाउन रवाना किया जाएगा। वहां आयोजित सैनिक सम्मान समारोह में शहीद परिवारों को सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान सैनिक कल्याण विभाग के अधिकारी बलिदानियों के घर जाकर शहीदों के आंगन की मिट्टी कलश में एकत्र करेंगे। यह पवित्र मिट्टी सैन्य धाम के लोकार्पण से पूर्व उसमें सम्मिलित की जाएगी। सैनिक कल्याण मंत्री श्री जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार शहीदों और उनके आश्रितों के कल्याण के लिए निरंतर प्रयासरत है।

इस अवसर मेजर जनरल (सेनि) सम्मी सभरवाल, कैप्टन (सेनि) उमादत्त जोशी, कर्नल वैटरन आदित्य श्रीवास्तव, सैनिक कल्याण विभाग के निदेशक बिग्रेडियर (सेनि) अमृत लाल, कैप्टन (सेनि) आनन्द राणा सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक एंव जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

पीएम के कुशल नेतृत्व में उत्तराखंड राज्य विकास और समृद्धि के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहाः धामी

केंद्रीय सड़क अवसंरचना निधि के अंतर्गत जनपद ऊधमसिंह नगर के गदरपुर-दिनेशपुर- मटकोटा-हल्द्वानी मोटर मार्ग के पुनर्निर्माण एवं मानूनगर-गदरपुर-दिनेशपुर-मटकोटा-हल्द्वानी के चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण के कार्य का शिलान्यास ₹55 करोड़ की लागत से किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल रूप से प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह निर्माण कार्य तराई क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होगा। इस परियोजना के पूरे होने से सुगम आवागमन के साथ ही व्यापार, उद्योग और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी। यह मार्ग गदरपुर, दिनेशपुर, मटकोटा, छतरपुर के साथ उत्तर प्रदेश के विलासपुर को भी आपस में जोड़ेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से क्षेत्र के लगभग 2 लाख स्थानीय निवासियों, व्यापारियों और उद्योगों में काम करने वाले कर्मचारियों को सुगम और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में उत्तराखंड राज्य विकास और समृद्धि के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। राज्य के शहरों से लेकर सुदूर पर्वतीय गांवों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल सहित सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सड़कों की कनेक्टिविटी को मजबूत किया गया है। उन्होंने कहा कि पहाड़ी राज्य होने के कारण हमें कई प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ता है, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कें व्यापक रूप से क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि आज सरकार द्वारा युद्धस्तर पर कार्य कर वहां पुनः यातायात को सुचारु किया जाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारे सीमांत इलाकों तक सड़कों का व्यापक नेटवर्क बन रहा है। डबल इंजन की सरकार दशकों से लंबित कार्यों को पूर्ण करने का कार्य कर रही है। सरकार द्वारा राज्य में रोड कनेक्टिविटी में अभूतपूर्व सुधार करने के साथ विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से राज्य का समग्र विकास सुनिश्चित करने का प्रयास भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जमरानी बांध बहुउद्देशीय परियोजना का निर्माण पुनः प्रारंभ कर पूरे तराई क्षेत्र की पेयजल और सिंचाई की समस्या का समाधान किया जा रहा है। खुरपिया में इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी की स्थापना के माध्यम से पूरे क्षेत्र में विकास को गति दी जा रही है। सरकार राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में भी निरंतर कार्य कर रही है। केदारखंड की भांति ही मानसखंड के पौराणिक मंदिरों के भी पुनरुत्थान एवं सौंदर्यीकरण के लिए कार्य किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट, विधायक शिव अरोड़ा, प्रदेश मंत्री भाजपा गुंजन सुखीजा एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर की स्थापना से राज्य की स्वास्थ्य आपदा प्रबंधन क्षमता होगी मजबूतः सीएम

प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (PM-ABHIM) के तहत उत्तराखंड को स्वास्थ्य क्षेत्र में केंद्र सरकार से बड़ा तोहफा मिला है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने राज्य में हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (HEOC) की स्थापना को मंजूरी प्रदान की है। यह सेंटर स्वास्थ्य आपदाओं के समय राज्य की तैयारी और प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत बनाने के उद्देश्य से स्थापित किया जा रहा है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि HEOC के संचालन के लिए कुल नौ संविदा पदों को स्वीकृति दी गई है, जिनमें वरिष्ठ सार्वजनिक स्वास्थ्य सलाहकार, सार्वजनिक स्वास्थ्य सलाहकार, डेटा विश्लेषक, हब इंजीनियर और डेटा एंट्री ऑपरेटर के पद शामिल हैं।

धनराशि और संचालन

मंत्रालय के अनुसार HEOC के लिए धनराशि PM-ABHIM परियोजना अवधि 2021–26 तक उपलब्ध कराई जाएगी। इस अवधि के बाद आगे की निरंतरता योजना की स्वीकृति पर निर्भर करेगी। राज्य सरकार से अनुरोध किया गया है कि वह इन पदों पर संविदा आधार पर नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र शुरू करे और HEOC को जल्द से जल्द क्रियाशील बनाए। निधि हस्तांतरण के लिए HEOC के नाम से एक अलग बैंक खाता भी खोला जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने उत्तराखंड को स्वास्थ्य सुरक्षा का बड़ा तोहफा दिया है। “हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर की स्थापना से राज्य की स्वास्थ्य आपदा प्रबंधन क्षमता और मजबूत होगी। उन्होंने कहा इसके माध्यम से आपात स्थितियों में समय पर और समन्वित कार्रवाई संभव हो सकेगी। मैं प्रधानमंत्री और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री का आभार व्यक्त करता हूँ,”।

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने उत्तराखंड के लिए हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर की स्थापना को मंजूरी दी है। हम जल्द ही संविदा पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करेंगे और HEOC को क्रियाशील बनाएंगे। यह सेंटर स्वास्थ्य आपदाओं के दौरान समयबद्ध प्रतिक्रिया और बेहतर समन्वय सुनिश्चित करेगा, जिससे जनता को सीधे लाभ मिलेगा।

राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण कदम

देशभर में HEOCs की स्थापना भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना और आपदा प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे स्वास्थ्य आपात स्थितियों के समय समयबद्ध कार्रवाई और बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जा सकेगा।
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मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 28.76 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री घोषणा के तहत जनपद उत्तरकाशी के विधानसभा क्षेत्र पुरोला के अंतर्गत विकास खण्ड मोरी के ग्राम पंचायत ओडाठा के बामसू गांव में महासू देवता के पास सौन्दर्यीकरण एवं सार्वजनिक शौचालय का निर्माण किये जाने हेतु 99 लाख तथा विकासखण्ड मोरी के महासू देवता मंदिर ठडियार के सौन्दर्यीकरण एवं सार्वजनिक शौचालय निर्माण कार्य हेतु 01 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने जनपद पिथौरागढ़ के विधानसभा क्षेत्र धारचूला के अंतर्गत ग्राम सभा मदकोट में शिव मंदिर सौन्दर्यीकरण किये जाने हेतु 27 लाख के साथ ही जनपद चमोली के विधानसभा क्षेत्र बद्रीनाथ के अंतर्गत सती शिरोमणी माता अनसूया मंदिर का सौन्दर्यीकरण किये जाने हेतु 1.50 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मानसून सत्र 2025 में अत्यधिक वर्षा/अतिवृष्टि के कारण विभिन्न क्षेत्रों में आयी प्राकृतिक आपदा के कारण हुई हानि से राज्य आपदा मोचन निधि के अन्तर्गत जनपद पिथौरागढ़ हेतु मरम्मत एवं पुनर्निर्माण मद में 15 करोड़ तथा जनपद चमोली हेतु राहत एवं बचाव मद में 05 करोड़ व मरम्मत एवं पुनर्निर्माण मद में 05 करोड़, इस प्रकार जनपद चमोली को कुल 10 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

सीएस ने कहा, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग परीक्षा प्रकरण की जांच एसआईटी करेगी

बीते रविवार को सम्पन्न उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षा में सामने आई शिकायतों की जांच एसआईटी करेगी। यह जांच हाईकोर्ट के रिटायर जज के पर्यवेक्षण में सम्पन्न की जाएगी।

मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन ने मीडिया कर्मियों से बातचीत में कहा कि राज्य सरकार के लिए परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और शुचिता के साथ ही अभ्यर्थियों का हित सर्वाेपरी है। इसी क्रम में गत रविवार को सम्पन्न परीक्षा में सामने आई शिकायतों की जांच एडिशनल एसपी स्तर के अधिकारी की अध्यक्षता में गठित एसआईटी द्वारा कराई जाएगी। उक्त एसआईटी का कार्यक्षेत्र पूरा प्रदेश होगा। मुख्य सचिव ने कहा कि जांच निष्पक्ष ढंग से हो इसके लिए यह भी एसआईटी जांच की निगरानी हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज के द्वारा की जाएगी। सेवानिवृत्त जज और एसआईटी सभी जिलों में जाएंगे, इस दौरान कोई भी व्यक्ति उन तक परीक्षा से संबंधित तथ्य और सूचना दे सकता है।

उन्होंने बताया कि जांच एक माह में सम्पन्न की जाएगी, तब तक के लिए उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से परीक्षा के संबंध में आगे कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि एसआईटी जांच में दोषी व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हो इसके लिए भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। साथ ही विवादों के केंद्र में स्थित हरिद्वार के परीक्षा केंद्र पर जिस भी व्यक्ति की लापरवाही सामने आती है, उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार के लिए छात्रों का हित सबसे ऊपर है। साथ ही यह भी उतना ही महत्वपूर्ण है कि छात्रों और आमजन का परीक्षा प्रणाली पर भरोसा बना रहे।

स्वदेशी अपनाओ तथा जीएसटी की नई दरों के साथ बाजार भ्रमण पर सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के कुँआवाला बाजार में स्वदेशी अपनाओ तथा जीएसटी की नई दरों के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु जनजागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत बाजार भ्रमण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने दुकानदारों एवं स्थानीय नागरिकों से बातचीत कर उन्हें स्वदेशी उत्पादों के उपयोग के लाभों और कर प्रणाली में हाल ही में लागू की गई नई दरों के संबंध में जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वदेशी उत्पादों को अपनाना न केवल आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह स्थानीय कारीगरों, लघु उद्योगों और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ाता है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि दैनिक जीवन में अधिक से अधिक स्वदेशी वस्तुओं का प्रयोग करें और विदेशी उत्पादों पर निर्भरता कम करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दरों में किए गए संशोधन का उद्देश्य आम जनता की सुविधा और व्यापारिक गतिविधियों को सरल बनाना है। उन्होंने कहा कि पारदर्शी और सरल कर प्रणाली के माध्यम से प्रदेश की आर्थिकी को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि जन-जागरूकता और लोगों की सक्रिय भागीदारी से ही स्वदेशी अपनाओ अभियान को व्यापक सफलता मिलेगी और राज्य की आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी।
इस अवसर पर विधायक श्री बृजभूषण गैरोला भी मौजूद थे।