सीएस ने प्रदेश की 13 ग्लेशियर झीलों में सेंसर लगाने को वाडिया हिमालय भू-विज्ञान संस्थान को जिम्मेदारी दी

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने वाडिया हिमालय भू विज्ञान संस्थान, जीएसआई, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ रिमोट सेंसिंग, सेंट्रल वॉटर कमीशन आदि राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों के साथ लैंड स्लाइड न्यूनीकरण के सम्बन्ध में बैठक की। बैठक के दौरान सभी वैज्ञानिक संस्थानों के साथ भूस्खलन न्यूनीकरण की समस्याओं के निराकरण पर चर्चा हुई।

मुख्य सचिव ने सभी वैज्ञानिक संस्थानों को प्रदेश के अंतर्गत भूस्खलन संभावित क्षेत्रों का चिन्हीकरण कर एक प्रिडिक्शन मॉडल तैयार किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि हमें एक इस प्रकार के मैकेनिज्म को तैयार किए जाने की आवश्यकता है, जो सैटेलाइट इमेज और धरातल परीक्षण के बाद तैयार मॉड्यूल के आधार पर यह पूर्वानुमान लगा सके कि कितनी वर्षा होने पर किसी विशेष स्थान के भूस्खलन की संभावना है, ताकि हम निचले स्थानों को खाली कर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा सकें।

मुख्य सचिव ने इसके लिए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ रिमोट सेंसिंग, जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया, वाडिया हिमालय भू विज्ञान संस्थान एवं सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट को मिलकर इस दिशा पर कार्य किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस दिशा में वृहत स्तर पर और तत्काल कार्य किए जाने की आवश्यकता है।

मुख्य सचिव ने प्रदेश की 13 ग्लेशियर झीलों में सेंसर लगवाए जाने हेतु वाडिया हिमालय भू-विज्ञान संस्थान को जिम्मेदारी दी। उन्होंने कहा कि शुरुआत में प्रदेश की 6 संवेदनशील झीलों का सैटेलाइट एवं धरातलीय परीक्षण कर सेंसर स्थापित किए जाएं। उन्होंने कहा कि संवेदनशील झीलों की संवेदनशीलता किस प्रकार से कम की जा सकती है, इस दिशा में भी कार्य किए जाना है। उन्होंने कहा कि वाडिया हिमालय भू-विज्ञान संस्थान को इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ रिमोट सेंसिंग, जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया, सेंट्रल वॉटर कमीशन, यू-सैक आदि आवश्यक वैज्ञानिक संस्थानों की सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने वाडिया संस्थान को आश्वासन दिया कि इस कार्य के लिए आवश्यक फंड्स की किसी प्रकार से कमी नहीं होने दी जाएगी और उपलब्ध करायी जाएगी।

मुख्य सचिव ने कहा कि यह एक मल्टी इंस्टीट्यूशनल टास्क है। इसे हम सभी को गंभीरता के साथ तत्काल इस दिशा में कार्य किए जाने की आवश्यकता है।

इस अवसर पर सचिव विनोद कुमार सुमन, आईजी एसडीआरएफ अरुण मोहन जोशी, महानिदेशक यूकॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत, वाडिया हिमालय भू-विज्ञान संस्थान, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ रिमोट सेंसिंग, जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया, सेंट्रल वॉटर कमीशन के वैज्ञानिक एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम के निर्देश पर प्रदेशभर में मिलावटखोरी पर हो रही सख्त कार्रवाई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देशों पर प्रदेश सरकार ने आगामी त्योहारों में मिलावटी खाद्य पदार्थों की रोकथाम के लिए राज्यव्यापी विशेष अभियान शुरू कर दिया है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत यह अभियान सभी जिलों में एक साथ चलाया जा रहा है।

किन उत्पादों पर रहेगी विशेष नजर

स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि दूध व दूध उत्पाद, खाद्य तेल, घी, मिठाई, मसाले, आटा, मैदा, बेसन और सूखे मेवे जैसे उत्पादों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। निर्माण इकाइयों, थोक/रिटेल विक्रेताओं और ट्रांसपोर्टेशन चैनल से नमूने लेकर सरकारी प्रयोगशालाओं में जांच कराई जाएगी।

राज्य स्तरीय अभियान की रूपरेखा

स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को नियमित छापेमारी कर संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने प्रयोगशालाओं में भेजने के निर्देश दिए गए हैं। असुरक्षित या मानव उपभोग योग्य न पाए जाने वाले उत्पादों पर तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वालों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने और लाइसेंस रद्द करने तक की कार्रवाई संभव होगी।

प्रयोगशालाओं से हर सप्ताह रिपोर्ट

राजकीय खाद्य प्रयोगशालाओं से प्रत्येक सप्ताह जांच रिपोर्ट मुख्यालय को भेजने को कहा गया है। रिपोर्टों के आधार पर प्राथमिकता तय कर त्वरित कार्रवाई होगी। Schedule-IV व FSSAI मानक का उल्लंघन करने वालों पर धारा-32 के तहत मुकदमे दर्ज किए जाएंगे।

उपभोक्ताओं के लिए हेल्पलाइन और WhatsApp शिकायत

स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि विभाग की टोल फ्री हेल्पलाइन और WhatsApp नंबर पर आमजन सीधे शिकायत दर्ज कर सकेंगे। विभाग ने तय किया है कि सभी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सोशल मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया के माध्यम से जन-जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।

दिल्ली और उत्तराखंड की प्रयोगशालाओं से समन्वय

स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि खाद्य नमूनों की जांच दिल्ली स्थित भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) और उत्तराखंड की मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं से कराई जाएगी। इन प्रयोगशालाओं से प्राप्त रिपोर्टों को प्रत्येक सप्ताह सार्वजनिक किया जाएगा।

मुख्यमंत्री धामी का संदेश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि त्योहारों के समय जनता को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। मिलावटखोरी करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

स्वास्थ्य सचिव व आयुक्त खाद्य सुरक्षा का बयान

स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि त्योहारों के दौरान मिलावटखोरी रोकने के लिए विभाग ने विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे छापेमारी और नमूना जांच में कोई ढिलाई न बरतें। जनता भी हेल्पलाइन के माध्यम से सीधे अपनी शिकायत दर्ज करा सकती है। मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वालों को कड़ी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

उत्तराखंडः राजस्व अधिशेष की ऐतिहासिक उपलब्धि, सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में की पुष्टि

भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखण्ड ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में ₹5,310 करोड़ का राजस्व अधिशेष दर्ज कर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। इस उपलब्धि के साथ उत्तराखण्ड उन राज्यों में शामिल हो गया है जिन्होंने इस अवधि में राजस्व अधिशेष दर्ज किया है।

सीएजी रिपोर्ट के प्रमुख बिंदु:
• राजस्व अधिशेष : वित्तीय वर्ष 2022-23 में उत्तराखण्ड ने ₹5,310 करोड़ का अधिशेष दर्ज किया।
• समग्र प्रगति : यह उपलब्धि राज्य की वित्तीय स्थिति में उल्लेखनीय सुधार का संकेत देती है।
• आर्थिक मजबूती का प्रमाण : कभी “बिमारू” श्रेणी से जोड़े जाने के बाद अब उत्तराखण्ड ने सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन का उदाहरण प्रस्तुत किया है।
• सकारात्मक आर्थिक परिवर्तन : पूर्व में वित्तीय अनुशासन की चुनौतियों के बावजूद सतर्क प्रबंधन व पारदर्शी नीतियों के बल पर राज्य ने यह उपलब्धि हासिल की।

सीएजी की रिपोर्ट में दर्ज यह उपलब्धि उत्तराखण्ड की सुशासन की नीतियों का परिणाम है। हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प से प्रेरणा लेकर राज्य को वित्तीय रूप से सशक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। यह केवल आंकड़ों की उपलब्धि नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड की आर्थिक आत्मनिर्भरता और समृद्ध भविष्य की दिशा में रखा गया एक मजबूत कदम है। सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और वित्तीय अनुशासन की नीति पर आगे बढ़ते हुए उत्तराखण्ड को एक विकसित और आत्मनिर्भर राज्य बनाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड

सचिवालय में सेवा पखवाड़ा के तहत हुआ स्वास्थ्य व रक्तदान शिविर आयोजित

स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान के तहत सचिवालय में स्वास्थ्य विभाग तथा सचिवालय संघ के तत्वाधान में एक विशेष स्वास्थ्य एवं रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्घाटन मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन द्वारा किया गया। शिविर में कुल 450 लोगों के द्वारा पंजीकरण कर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया गया तथा 93 लोगों के द्वारा रक्तदान भी किया गया।

मुख्य सचिव ने कहा कि सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत सचिवालय में आयोजित स्वास्थ्य एवं रक्तदान शिविर स्वास्थ्य विभाग एवं सचिवालय संघ का एक महत्त्वपूर्ण कदम है। उन्होंने सभी सचिवालय कर्मियों और उनके परिजनों को इस स्वास्थ्य शिविर का लाभ लेने का अनुरोध किया। उन्होंने स्वास्थ्य शिविर के आयोजन के लिए स्वास्थ्य विभाग एवं सचिवालय संघ की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों से आम लोगो को काफी लाभ मिलता है। मुख्य सचिव ने शिविर में रक्तदान करने वाले व्यक्तियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस तरह के प्रयासों को हमेशा प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

इस शिविर में स्वास्थ्य विभाग एवं दून मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ चिकित्सकों, पैरा मेडिकल स्टाफ, टैक्नीशियन के द्वारा स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गई। शिविर में विभिन्न प्रकार के चिकित्सीय परीक्षण और दवा वितरण की निःशुल्क व्यवस्था भी की गई।

शिविर में फिजिशियन, सर्जन, ईएनटी, हड्डी रोग, स्त्री एवं प्रसूति रोग, नेत्र रोग, त्वचा रोग, मनोचिकित्सा, बाल रोग तथा फिजियोथेरेपी से संबंधित विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इस मौके पर रक्त एवं मधुमेह से संबंधित 396 जांचे की गई तथा 175 ईसीजी परीक्षण भी किये गये।

इस मौके पर सचिव स्वास्थ्य डॉ आर राजेश कुमार, स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ सुनीता टम्टा, निदेशक डॉ शिखा जंगपांगी, दून मेडिकल कालेज की प्राचार्य डॉ गीता जैन, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ अजय आर्य, नोडल अधिकारी डॉ विमलेश जोशी, डॉ अमित शुक्ला, डॉ रवीन्द्र राणा, डॉ केसी पंत, डॉ अनिल आर्य, सहित सचिवालय संघ के अध्यक्ष सुनील लखेडा, महासचिव राकेश जोशी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थें।

नकल विरोधी कानून आने से कुछ लोगों के पेट में दर्द हो रहाः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि कुछ लोग परीक्षा प्रणाली को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं, उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि नकल माफिया को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा है कि उत्तराखंड का आने वाला समय स्थिरता और विकास के नाम रहेगा।

सोमवार को, स्थानीय होटल में साप्ताहिक समाचार पत्र अड्डा इनसाइडर के विमोचन अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 4 जुलाई 2021 को उन्होंने जब मुख्य सेवक के रूप में काम काज संभाला तो उस वक्त, विभिन्न विभागों में करीब 22 हजार पद रिक्त पड़े हुए थे, अब सरकार के प्रयासों से 25 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिल चुकी है, इसमें एक भी परीक्षा में नकल का मामला सामने नहीं आया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती प्रकिया में बाधा न पहुंचे इसके लिए सरकार सख्त नकल विरोधी कानून लेकर आई। इससे कुछ लोगों के पेट में दर्द होने लगा, जिस कारण वो सरकार का बदनाम करने का प्रयास करने लगे। रविवार को भी फिर ऐसा प्रयास किया गया, जबकि ये पेपर लीक जैसा मामला नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ नकल माफिया, कोचिंग माफिया सरकार को बदनाम करने का षड्यंत्र रच रहे हैं, इसका जल्द खुलासा होगा। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि नकल माफिया को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसा षडयंत्र पूर्व में भी हो चुका है, लेकिन सरकार ने पारदर्शिता के साथ सभी परीक्षाओं को सम्पन्न कराकर नकल माफिया के इरादों पर पानी फेर दिया।

जनता ने चुना राजनैतिक स्थिरता और विकास
एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की जनता ने विकास और स्थिरता को चुना है, उत्तराखंड का आने वाला समय विकास और स्थिरता के नाम रहेगा।

आपदा में फर्स्ट रिस्पांडर
एक अन्य सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार पूरा हिमालयी क्षेत्र आपदा की जद में आया है, इसलिए उनकी कोशिश रहती है वो आपदा प्रभावितों के बीच पहुंचकर लोगों का दुख दर्द बांट सके, साथ ही तत्काल राहत और बचाव अभियान भी संचालित हो सके। उन्होंने कहा कि सरकार उत्तराखंड में मौजूद वैज्ञानिक संस्थानों के जरिए उत्तराखंड में आपदा के कारणों का पता लगाते हुए, आपदा की पूर्व सूचना जुटाने और नुकसान को कम से कम करने की दिशा में प्रयासरत है।

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, प्रमुख सचिव डॉ आर मीनाक्षी सुंदरम, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी, प्रो. सुरेखा डंगवाल, प्रो दुर्गेश पंत, वरिष्ठ पत्रकार पवन लालचंद सहित तमाम लोग उपस्थित हुए।
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सीएम ने प्रदान की 72.62 करोड़ की विभिन्न विकास योजनाओं की वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद उत्तरकाशी के विकासखंड नौगांव के ग्राम तुनाल्का में न्यायिक विभाग के टाईप-2 के 06 आवास एवं पहुंच मार्ग के निर्माण कार्य हेतु 2.49 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया।

मुख्यमंत्री ने नाबार्ड वित्त पोषण से सम्बन्धित विभिन्न जनपदों के अन्तर्गत सिंचाई विभाग की 25 योजनाओं हेतु 69.13 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया।

मुख्यमंत्री ने माध्यमिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र हेतु 01 करोड़ अनुदान धनराशि राज्य आकस्मिकता निधि से स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

सीएम ने नमो युवा रन का शुभारंभ कर युवाओं के साथ लगाई दौड़

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घंटाघर, देहरादून में ‘सेवा पखवाड़ा’ कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित ‘नमो युवा रन’ का फ्लैग ऑफ किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रतिभागियों के साथ दौड़ में सम्मिलित होकर युवाओं का उत्साहवर्धन भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘नमो युवा रन’ केवल एक खेल आयोजन नहीं है, बल्कि यह युवाओं में ऊर्जा, स्वास्थ्य, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की भावना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रारंभ किए गए ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ को नई दिशा और व्यापक जनभागीदारी प्रदान कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने उपस्थित युवाओं का आह्वान किया कि वे स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली अपनाकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से देशभर में सेवा, समर्पण और जनकल्याण की भावना को नई गति मिल रही है और ‘सेवा पखवाड़ा’ के माध्यम से समाज के हर वर्ग को सकारात्मक योगदान देने का अवसर प्राप्त हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजनों से युवाओं की ऊर्जा राष्ट्रहित में और अधिक सार्थक होती है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजान दास, अन्य जनप्रतिनिधिगण, कार्यक्रम के संयोजक विपुल मैदोली सह संयोजक देवेंद्र बिष्ट आदि मौजूद थे।

मां धारी देवी के दरबार में सीएम ने पूजा अर्चना कर प्रदेश में आपदा राहत की कामना की

प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश और आपदा की गंभीर परिस्थितियों के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज पौड़ी जनपद स्थित पावन धारी देवी मंदिर पहुंचे। मुख्यमंत्री शनिवार को चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों में आपदाग्रस्त क्षेत्रों का जायज़ा लेने के बाद पौड़ी जिले स्थित धारी देवी मंदिर पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने मां धारी देवी के चरणों में नतमस्तक होकर प्रदेशवासियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और प्राकृतिक आपदाओं से राहत के लिए विशेष पूजा-अर्चना की। उन्होंने कहा कि मां धारी देवी प्रदेश की आराध्य हैं, और मैं इस संकट की घड़ी में उनके चरणों में संपूर्ण उत्तराखंड की मंगलकामना लेकर आया हूं।

पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों, तीर्थयात्रियों और मंदिर समिति के पदाधिकारियों से संवाद किया। उन्होंने लोगों से क्षेत्र की समस्याओं की जानकारी ली और आश्वस्त किया कि राज्य सरकार हर जरूरतमंद तक राहत पहुंचाने के लिए सतत प्रयासरत है।

इस दौरान श्रद्धालुओं ने चारधाम यात्रा प्रबंधन की सराहना करते हुए कहा कि आपदा के बावजूद सरकार द्वारा किए गए इंतजाम अत्यंत सराहनीय हैं। इंदौर से आए श्रद्धालु संतोष पाठक ने मुख्यमंत्री को “हिंदू हृदय सम्राट” बताते हुए कहा कि “आपदा के समय जिस संवेदनशीलता और नेतृत्व क्षमता से मुख्यमंत्री कार्य कर रहे हैं, वह प्रेरणादायक है।”

मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर और अलकनंदा तट का निरीक्षण किया और स्पष्ट निर्देश दिए कि नदी के दोनों किनारों पर भू-कटाव रोकने के लिए ठोस सुरक्षा दीवारों का निर्माण कार्य जल्द प्रारंभ किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुरक्षा मानकों से कोई समझौता न हो और कार्यों में गुणवत्ता व पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।

प्रदेश सरकार पीड़ितों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की इस कठिन घड़ी में राज्य सरकार हर प्रभावित व्यक्ति के साथ है। राहत और बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि “हमारा संकल्प है कि हम हर पीड़ित तक पहुंचें, उसकी ज़रूरत समझें और उसे फिर से सामान्य जीवन की ओर ले जाएं।”

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायक आशा नौटियाल (केदारनाथ), विधायक भरत सिंह चौधरी (रुद्रप्रयाग), जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह, अपर जिलाधिकारी अनिल गर्ब्याल, संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी सहित अन्य अधिकारी व गणमान्यजन उपस्थित रहे।

आपदा पीड़ितों को हर संभव सहायता पहुंचाना हमारी प्राथमिकताः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद रुद्रप्रयाग के आपदा प्रभावित बसुकेदार क्षेत्र के तालजामण, डूंगर, बड़ेथ, जौला, कमद, उछोला, छैनागाड़, पटुय आदि गांवों का हवाई सर्वेक्षण किया। तत्पश्चात उन्होंने जिला पंचायत सभागार, रुद्रप्रयाग में बैठक कर आपदा प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे बचाव एवं राहत कार्यों, विद्युत, पेयजल, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता, मोटर मार्गों की अद्यतन स्थिति और श्री केदारनाथ धाम यात्रा की व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष मानसून काल में समूचे प्रदेश ने आपदा के कारण कठिन परिस्थितियों और चुनौतियों का सामना किया है। उन्होंने प्रभावितों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और आपदा के समय जिला प्रशासन की तत्परता से कार्य करने पर सराहना की। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रभावित क्षेत्रों में तत्परता से पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य किए जाने से प्रभावितों को हौसला मिला है।

मुख्यमंत्री ने आपदा की इस घड़ी में राज्य को पूर्ण सहयोग देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में आई आपदा की स्थिति की जानकारी का अपडेट समय-समय पर प्रधानमंत्री ले रहे थे। देहरादून पहुंचकर उन्होंने प्रभावितों से भेंट करने के साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में तात्कालिक राहत पहुंचाने के लिए 1200 करोड़ की धनराशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आगामी 30 सितम्बर तक अलर्ट मोड पर रहकर आपदा से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए। उन्होंने नदी-नालों पर अतिक्रमण हटाने पर विशेष निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून के बाद श्री केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से वृद्धि होने की संभावना है, इसके दृष्टिगत यात्रा व्यवस्थाओं को चाक – चौबंद बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है और यात्रा को सुगम बनाने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य किए जाएं।

जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग प्रतीक जैन ने मुख्यमंत्री को जनपद में मानसून काल तथा 28 अगस्त को आई आपदा से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने आपदा के दौरान प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने एवं राहत शिविरों में आश्रय देने की व्यवस्था, खाद्यान्न किट, रिफ्रेशमेंट किट, सोलर लाइट, कंबल, टेंट, तिरपाल, टॉर्च, चिकित्सा सुविधाएं एवं मेडिकल कैंप संचालित किए जाने राहत एवं बचाव कार्यों में मानवीय संसाधन, हेली सेवा द्वारा प्रसव पीड़िताओं को अस्पताल पहुंचाना, खाद्यान्न वितरण आपदा से पशु क्षति, निजी संपत्ति एवं पशुधन क्षति, भवन व गौशालाओं की क्षति सहित सड़क मार्ग, पेयजल योजनाएं, विद्युत पोल-ट्रांसफार्मर, कृषि भूमि आदि प्रभावित हुए परिसंपत्तियों के बारे में मुख्यमंत्री को विस्तृत जानकारी दी।

जिलाधिकारी द्वारा मुख्यमंत्री को जनपद के सड़क मार्गों पर जवाड़ी बाईपास, सिरोबगड़, मुनकटिया, गौरीकुंड हाईवे सहित संवेदनशील स्थलों तथा श्री केदारनाथ धाम पैदल मार्ग पर हुए नुकसान एवं सुधार कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की गई तथा केदारनाथ यात्रा के दूसरे चरण में अनुमानित यात्रियों की संख्या, हेली सेवाओं एवं व्यवस्थाओं की जानकारी भी दी गई।

विधायक रुद्रप्रयाग एवं विधायक केदारनाथ ने आपदा की घड़ी में त्वरित कार्यवाही के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में आपदा से हुई क्षति, सड़क मार्ग निर्माण एवं अन्य समस्याओं से भी अवगत कराया।

इस अवसर पर चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत, विधायक रुद्रप्रयाग भरत चौधरी, विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, राज्य मंत्री चंडी प्रसाद भट्ट, जिला पंचायत उपाध्यक्ष रितु नेगी, भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट, भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष महावीर पंवार, जिलाधिकारी प्रतीक जैन, पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रहलाद कोंडे, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं आमजन उपस्थित रहे।

चमोली में सीएम ने प्रभावितों का दुःख साझा करते हुए हरसंभव सहायता का दिया भरोसा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली जनपद के नंदानगर क्षेत्र में आपदा से हुए नुकसान का जायजा लिया और प्रभावितों का हाल जाना। मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार पूरी तरह से प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राहत कार्याे की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुक़सान का विस्तृत आकलन करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख की सहायता राशि के चेक भी प्रदान किये।

मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित कुंतारी लगा फाली और कुंतारी लगा सरपाणी का स्थलीय निरीक्षण करने के साथ ही धुर्मा, मोख, कुंडी, बांसबारा और मोखमल्ला गांवों का हवाई सर्वेक्षण कर आपदा से नुकसान एवं राहत कार्यों का विस्तृत जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावितों से भेंट कर कहा कि आपदा की इस घड़ी में सरकार पूरी तरह से प्रभावितों की साथ खड़ी है। प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य संचालित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन-जीवन को जल्द सामान्य करने के लिए राहत एवं बुनियादी सुविधाओं की बहाली के कार्यों को पूरी क्षमता व तत्परता से संचालित करने में निरंतर जुटे रहें। प्रभावित क्षेत्रों में विद्युत एवं पेयजल की सुचारू आपूर्ति और सभी क्षेत्रों तक सड़क संपर्क बहाल करने के काम को प्राथकिता से पूरा किया जाय।

इस दौरान जिलाधिकारी चमोली संदीप तिवारी ने आपदा से हुए नुकसान तथा राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है। अब तक 12 घायल व्यक्तियों को हेलीकॉप्टर के माध्यम से हायर सेंटर रेफर किया गया है, जिनमें से 01 घायल व्यक्ति को एम्स ऋषिकेश तथा 11 घायलों को मेडिकल कॉलेज श्रीनगर भेजा गया। कुंतरी लगा फाली, सरपाणी, धुर्मा, सेरा एवं मोख में लगभग 45 भवन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं तथा 15 गौशालाएं भी नष्ट हुई हैं, वहीं इन क्षेत्रों में 08 पशु मृत एवं 40 पशु लापता बताए गए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में विस्तृत सर्वेक्षण का कार्य गतिमान है। प्रभावित लोगों को खाद्य सामग्री, आश्रय, स्वास्थ्य एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

इस दौरान जनपद के प्रभारी मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायक थराली भूपाल राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्तवाल, पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, एसडीएम चमोली आर.के.पाण्डेय सहित जनपद के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

काठगोदाम से सीएम का सख्त संदेश, बोले हर विभाग तय करे जिम्मेदारी, वरना होगी जवाबदेही

सर्किट हाउस काठगोदाम, हल्द्वानी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज आपदा से हुई क्षति, विद्युत, पेयजल और मोटर मार्गों की अद्यतन स्थिति की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रभावित जनता के साथ खड़ी है और राहत व पुनर्निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ अंजाम दिया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता को त्वरित राहत उपलब्ध कराना और समयबद्ध ढंग से पुनर्निर्माण कार्य पूरे करना सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

बैठक के दौरान मंडलायुक्त और जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री को मंडल एवं जिले में आपदा से हुई क्षति की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने अवगत कराया कि आपदा की वजह से जिले में भारी नुक़सान हुआ है। नैनीताल की लोअर मॉल रोड धंसने, बागेश्वर में पुलों की क्षति, रानीबाग पावर हाउस की समस्या, ओखलकांडा और धारी ब्लॉक मार्गों के अवरोध तथा राष्ट्रीय राजमार्गों पर भूस्खलन जैसी गंभीर चुनौतियां सामने आई हैं। जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि अब तक नैनीताल जिले में आपदा से हुई कुल क्षति का आकलन लगभग 443 करोड़ रुपये किया गया है और यह रिपोर्ट भारत सरकार की आपदा विश्लेषण टीम को भी प्रस्तुत की गई है। उन्होंने विस्तार से जिले में मानसून काल में हुए नुकसान की जानकारी देते हुए, किए गए राहत बचाव एवं आपदा न्यूनीकरण कार्यों की जानकारी प्रस्तुतिकरण के माध्यम से दी।तथा जिले के संवेदनशील स्थानों, सड़क मार्गाे, गांवों, नदी नाले आदि के बारे में भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया। साथ ही विभिन्न महत्वपूर्ण प्रस्ताव जो शासन को भेजे गए उनकी स्वीकृति का भी अनुरोध किया गया। जिलाधिकारी ने चुकम,खुपी गांव सहित विभिन्न सड़क मार्गों जहॉ खतरा बना हुआ है उनके विस्थापन एवं सड़कों के ट्रीटमेंट आदि कार्यों के संबंध में भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया।साथ ही लालकुआं, बिंदुखत्ता, गोला नदी, नंधौर नदी, कोसी नदी से हो रहे नुकसान के बारे भी अवगत कराते हुए उसके स्थाई समाधान हेतु की जा रही कार्यवाही व तैयार डीपीआर के बारे में भी अवगत कराया।

बैठक में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस वर्ष असामान्य वर्षा और भूस्खलन के कारण राज्य के लगभग सभी जनपद प्रभावित हुए हैं और आपदा का असर दो से तीन गुना अधिक देखने को मिला है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केंद्र सरकार से प्राप्त सहयोग और राज्य के संसाधनों का उपयोग कर आपदा प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से पुनर्निर्माण कार्य सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि हर विभाग और अधिकारी अपनी जिम्मेदारी तय करे और समयबद्ध ढंग से कार्य पूरा करे। उन्होंने कहा, “जिम्मेदारी तय होगी और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” साथ ही, एक माह के भीतर सड़कों का पैचवर्क पूरा करने, जल निकायों के मार्गों को संरक्षित करने और अतिक्रमण हटाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पुनर्निर्माण के प्रयासों में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की साझा भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और सरकार पूरे समर्पण से कार्य कर रही है।

बैठक में मुख्यमंत्री ने सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता को जलाशयों में कम-ेपसजपदह कार्य की ठोस योजना बनाने और कार्ययोजना प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए। बैठक में सुशीला तिवारी अस्पताल के upnl कर्मियों के लंबित वेतन का मुद्दा भी उठा। मुख्यमंत्री ने इसका संज्ञान लेते हुए तुरंत समाधान कराने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की इस चुनौतीपूर्ण घड़ी में राज्य सरकार का हर कदम जनता के साथ है। राहत और पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि चाहे सड़कें हों, जल निकाय हों या आवासीय क्षेत्र, हर स्तर पर समन्वित प्रयासों से पुनर्निर्माण कार्य तेज़ी से आगे बढ़ाए जाएंगे और प्रभावित लोगों को शीघ्र राहत दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून के दौरान जगह-जगह जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है, जिससे जलजनित रोगों की समस्याएँ बढ़ जाती हैं। इसकी रोकथाम हेतु स्वास्थ्य विभाग तत्परतापूर्वक कार्य करे, सभी चिकित्सा केंद्रों में आवश्यक चिकित्सा सुविधा रखने के साथ ही व्यापक तैयारी की जाए और जगह-जगह स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएँ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जन समस्याओं के समाधान हेतु जन निवारण शिविर एवं बहुउद्देशीय शिविरों का आयोजन कर जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए। सभी अधिकारी क्षेत्र पंचायतों की बैठकों में अनिवार्य रूप से प्रतिभाग करें तथा जनता मिलन कार्यक्रम लगातार संचालित किए जाएँ।

बैठक में अध्यक्ष जिला पंचायत दीपा दरमवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत, लालकुआं विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, रामनगर विधायक दीवान सिंह बिष्ट, भीमताल विधायक राम सिंह केड़ा, रानीखेत विधायक प्रमोद नैनवाल, दायित्वधारी डॉ. अनिल डब्बू, दीपक महरा एवं शंकर कोरंगा सहित सभी मंडलीय अधिकारी उपस्थित रहे।