सीएम धामी ने पीएम और गृहमंत्री का जताया आभार, आप भी जानिए…

केंद्र सरकार ने उत्तराखंड को स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फंड (एसडीआरएफ) के केंद्रीय अंश के रूप में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 455 करोड़ 60 लाख रुपए की धनराशि अग्रिम तौर पर जारी की है। उक्त धनराशि 15वें वित्त आयोग की संस्तुति के अनुसार की गई हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस राशि को उत्तराखंड में आपदा राहत कार्यों में खर्च किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड को हर मुश्किल समय में सहारा प्रदान किया है, इसके लिए उत्तराखंड की जनता प्रधानमंत्री का विशेष तौर पर आभारी है।

सीएम ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री से उत्तराखण्ड में हवाई सेवाओं के विस्तार पर की चर्चा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू से भेंट कर राज्य में विमानन क्षेत्र के विकास, हवाई सम्पर्क में सुधार एवं पर्यटन को नई गति देने से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने राज्य को विमानन क्षेत्र में मिले सहयोग के लिए केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री का प्रदेशवासियों की ओर से आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से प्रदेश के हवाई अड्डों पर स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने हेतु अम्ब्रेला ब्राण्ड ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ के अंतर्गत कियोस्क स्थापित किए जाने की पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि इससे राज्य में स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान मिली है।

मुख्यमंत्री ने राज्य में मानसून समाप्ति के बाद चारधाम यात्रा के लिए हेली सेवाओं को पुनः प्रारंभ करने की योजना से केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया। यह सेवाएं विशेष रूप से बुजुर्ग, दिव्यांग एवं असमर्थ श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार के संबंधित विभागों के मध्य इस विषय पर समन्वय जारी है। विगत 01 सितम्बर को आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में हेली सेवाओं के संचालन के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा सुनिश्चित करते हुए हेली सेवाओं का पुनः संचालन यात्रा को सहज बनाएगा एवं सड़क मार्गों पर दबाव कम करेगा।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि राज्य का 70 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र वनाच्छादित है। राज्य में विशेषकर पर्वतीय जिलों में हवाई सम्पर्क न केवल आवश्यक है, बल्कि पर्यटन, नागरिक आवागमन तथा आपदा प्रबंधन के दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने गौचर (चमोली) एवं चिन्यालीसौड़ (उत्तरकाशी) हवाई पट्टियों को छोटे विमान संचालन के लिए विकसित करने एवं इन्हें दिल्ली, देहरादून तथा हिंडन से जोड़ने का अनुरोध किया। इससे चारधाम यात्रा की सुविधा बढ़ेगी एवं पर्वतीय क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में भी सुगमता रहेगी।

मुख्यमंत्री ने जौलीग्रांट हवाई अड्डे पर रात्रिकालीन हवाई सेवा के संचालन का भी केन्द्रीय मंत्री से अनुरोध किया ताकि अधिक से अधिक यात्रियों को विमान सेवा का लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री ने पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तारीकरण को लेकर भी चर्चा की और बताया कि राज्य सरकार द्वारा अधिकांश आवश्यक कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं। उन्होंने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को शीघ्र कार्य प्रारंभ करने हेतु निर्देशित करने का भी अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से क्षेत्रीय सम्पर्क योजना के तहत दिल्ली से पिथौरागढ़ के लिए नियमित हवाई सेवा शीघ्र प्रारम्भ करने का अनुरोध करते हुए बताया कि राज्य के पर्यटन के साथ-साथ सामरिक एवं मानवीय दृष्टिकोण से भी हवाई सेवा लाभकारी सिद्ध होगी। मुख्यमंत्री ने चिन्यालीसौड़ और गौचर हवाई पट्टी का निरीक्षण कर हवाई सेवा का संचलान किये जाने हेतु कार्यवाही प्रारंभ करने का भी केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री से अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से उपर्युक्त प्रस्तावों को प्राथमिकता देते हुए स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने मुख्यमंत्री को सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक कार्यवाही का आश्वासन दिया।

आपदा प्रभावित क्षेत्रों का सीएम और मंत्रीगण करेंगे निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई कैबिनेट की बैठक में निर्णय लिया गया कि मुख्यमंत्री और मंत्रीगण राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में आपदा से हुए नुकसान का जनपदों में जाकर गहनता से समीक्षा करेंगे। आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण भी करेंगे। इस समीक्षा का उद्देश्य राहत और पुनर्वास कार्यों की प्रगति की बारीकी से निगरानी करना और समस्त प्रभावित परिसंपत्तियों के नुकसान का व्यापक स्तर पर आकलन करना है।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आपदा प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों को और प्रभावी बनाने के लिए सभी संबंधित विभाग मिलकर समन्वित प्रयास करेंगे। इसके अंतर्गत आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता, प्रभावित लोगों को त्वरित सहायता प्रदान करना तथा पुनर्वास कार्यों को शीघ्र पूरा करना प्राथमिकता होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा से हुए नुकसान की व्यापक समीक्षा की जाएगी ताकि आगामी रणनीतियाँ और नीतिगत निर्णय समयानुसार और प्रभावी ढंग से लिए जा सकें।

प्रधानमंत्री ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में संचालित राहत कार्यों की सराहना की

उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का जायजा लेने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज जौलीग्रांट एअरपोर्ट पर आपदा राहत कार्यों की गहन समीक्षा की। प्रधानमंत्री ने इस दौरान अलग-अलग क्षेत्रों में आपदा से हुए नुकसान का विस्तार से जानकारी लेने के साथ ही राहत एवं बचाव कार्यों की ताजा स्थिति और भविष्य की चुनौतियों पर राज्यपाल ले. ज. गुरमीत सिंह (से.नि.), मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केन्द्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा तथा राज्य के सांसदों सहित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धराली, थराली सहित राज्य के आपदा प्रभावित अन्य क्षेत्रों में संचालित राहत एवं बचाव अभियानों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ सहित राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के प्रयासों की सराहना की और राहत बचाव कार्यों में जुटे राज्य व केन्द्र सरकार के संगठनों के कार्मिकों से भेंट कर उनके अनुभव साझा किए। प्रधानमंत्री ने आपदा पीड़ितों से भी मुलाकात कर उनका ढांढस बंधाने के साथ ही समुचित मदद का भरोसा दिलाया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में आपदा से हुई क्षति तथा प्रभावित क्षेत्रों में संचालित राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव के अभियान पूरी तत्परता एवं क्षमता के साथ संचालित करने में केन्द्र सरकार के संगठनों से भरपूर सहयोग मिला है। जिसके चलते प्रभावितों तक त्वरित गति से समुचित राहत पहॅॅंुचाना संभव हो सका। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सड़कों एवं सार्वजनिक परिसंपत्तियों को काफी नुकसान पहुंचा है। प्रभावित इलाकों में बुनियादी सुविधाओं की बहाली के लिए युद्धस्तर पर काम किया जा रहा है।

इस अवसर पर सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, सांसद अजय भट्ट, त्रिवेन्द्र सिंह रावत, अनिल बलूनी, माला राज्य लक्ष्मी शाह, नरेश बंसल, कल्पना सैनी, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन एवं पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ आदि उपस्थित रहे।

उत्तराखंड में आपदा से हुए नुकसान की भरपाई हेतू राहत पैकेज की घोषणा के लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड की जनता की तरफ से आभार व्यक्त करता हूं। उत्तराखंड में आई प्राकृतिक आपदा से निपटने में राज्य सरकार पूरी क्षमता के साथ प्रयास कर रही है, इस कार्य में पहले ही दिन से ही केंद्र सरकार का सहयोग मिल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं उत्तराखंड आकर, आपदा पीड़ितों का दुःख-दर्द साझा किया है। राज्य के प्रति आत्मीयता व संवेदनशीलता के लिए प्रधानमंत्री का बहुत-बहुत आभार।
-पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

सीएम ने राज्य के युवाओं के हित में एकीकृत भर्ती की व्यवस्था बनाने के दिए थे निर्देश, अब नियमावली हुई लागू

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में राज्य के विभिन्न विभागों के वर्दीधारी उपनिरीक्षक एवं सिपाही के पदों पर सीधी भर्ती में एकरूपता लाने के लिए बनाई गई एकीकृत भर्ती नियमावलियां लागू कर दी गई हैं।

राज्य में विभिन्न विभागों के समूह ‘ग‘ के वर्दीधारी उप निरीक्षक के पदों पर सीधी भर्ती की चयन प्रक्रिया को विहित करने के उद्देश्य से ‘उत्तराखंड वर्दीधारी उप निरीक्षक पदों पर सीधी भर्ती की चयन प्रक्रिया नियमावली-2025‘ और वर्दीधारी सिपाही के पदों पर सीधी भर्ती की चयन प्रक्रिया को विहित करने हेतु ‘उत्तराखंड वर्दीधारी सिपाही पदों पर सीधी भर्ती की चयन प्रक्रिया नियमावली-2025‘ बनाए जाने के संबंध में अधिसूचनाएं शासन के गुरूवार को जारी की गई।

‘उत्तराखंड वर्दीधारी उप निरीक्षक पदों पर सीधी भर्ती की चयन प्रक्रिया नियमावली-2025‘ गृह विभाग के अधीन वेतन लेवल-7 में उप निरीक्षक (नागरिक पुलिस/ अभिसूचना), प्लाटून कमांडर, गुल्म नायक (पी.ए.सी./आई.आर.बी.), अग्नि शमन द्वितीय अधिकारी के पदों और उप कारापाल (वेतन लेवल-6) के साथ ही वेतन लेवल-5 में होमगार्ड विभाग के प्लाटून कमांडर, वन विभाग के वन दरोगा, आबकारी विभाग के आबकारी उप निरीक्षक तथा युवा कल्याण एवं प्रान्तीय रक्षक दल विभाग के क्षेत्रीय युवा कल्याण एवं प्रान्तीय रक्षक दल अधिकारी के पदों पर सीधी भर्ती के मामले में लागू होगी।

शासन द्वारा जारी ‘उत्तराखंड वर्दीधारी सिपाही पदों पर सीधी भर्ती की चयन प्रक्रिया नियमावली-2025‘ के अंतर्गत गृह विभाग के आरक्षी पुलिस, आरक्षी पी.ए.सी., आरक्षी आई.आर.बी., अग्निशामक एवं बंदी रक्षक, वन विभाग के वन आरक्षी, आबकारी विभाग के आबकारी सिपाही, परिवहन विभाग के प्रवर्तन सिपाही तथा सचिवालय प्रशासन विभाग के सचिवालय/ विधान भवन रक्षक के वेतन लेवल-3 के पदों को शामिल किया गया है।

राज्य के युवाओं के हितों व सुविधा का ध्यान रखते हुए विभिन्न विभागों में वर्दीधारी उप निरीक्षक एवं सिपाही के पदों पर एकीकृत भर्ती की व्यवस्था एक महत्वपूर्ण कदम है। “उत्तराखंड सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप वर्दीधारी पदों हेतु तैयार की गई नई नियमावलियां युवाओं को पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती के अवसर प्रदान करने के साथ ही राज्य की सुरक्षा और सेवा व्यवस्था को भी और अधिक सशक्त बनाएगी।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

पंडित गोविंद बल्लभ पंत की आधुनिक भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका रहीः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, प्रखर वक्ता, समाज सुधारक एवं भारत रत्न पं. गोविंद बल्लभ पंत की जयंती के अवसर पर उनके चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनका भावपूर्ण स्मरण किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री और देश के गृह मंत्री रहते हुए पं. गोविंद बल्लभ पंत की आधुनिक भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके विचार हमें सदैव जनसेवा और राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे।

सीएम से मिली भारत सरकार की अन्तर मंत्रालयी टीम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से राज्य में आपदा से हुए नुकसान का जायजा लेने आई भारत सरकार की अन्तर-मंत्रालयी टीम ने भेंट की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड आपदा की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील राज्य है। मानसून अवधि में राज्य को अतिवृष्टि के कारण भूस्खलन, बाढ और जल भराव की गंभीर समस्याओं से जूझना पड़ता है। उन्होंने कहा कि भूस्खलन से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों को मिलकर पूर्वानुमान प्रणाली को और अधिक विकसित करने की दिशा कार्य करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष अत्यधिक वर्षा के कारण राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में काफी नुकसान हुआ है। जनहानि के साथ ही परिसंपत्तियों को भी अत्यधिक क्षति पहॅुंची है। उन्होंने कहा कि राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में बादल फटने व भूस्खलन की घटनाओं से जमीन का स्थाई नुकसान होता है, ऐसी जगहों को दोबारा खेती-बाड़ी या निर्माण कार्यों के लिए प्रयुक्त करना संभव नहीं हो पाता है। इसके लिए प्रभावी कार्ययोजना पर भी उन्होंने बल दिया।

भारत सरकार की अंतर मंत्रालयी टीम के सदस्यों ने उत्तरकाशी, रूद्रप्रयाग, पौड़ी गढवाल, चमोली, बागेश्वर एवं नैनीताल जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर आपदा से हुए नुकसान का जायजा लेने के बाद सचिवालय में मुख्यमंत्री से भेंट की। गृह मंत्रालय भारत सरकार के संयुक्त सचिव आर. प्रसन्ना के नेतृत्व में आई इस टीम में अनु सचिव शेर बहादुर, अधीक्षण अभियंता सुधीर कुमार, उप निदेशक विकास सचान, मुख्य अभियंता पंकज सिंह, निदेशक डॉ. वीरेन्द्र सिंह शामिल थे। अंतर मंत्रालयी टीम ने आपदा प्रभावितों से बातचीत कर मिले फीड बैक का उल्लेख करते हुए राज्य सरकार द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में संचालित राहत कार्यों को सराहनीय बताया। आपदा प्रभावितों के लिए राहत शिविरों में रहने व भोजन की समुचित व्यवस्था, मौके पर ही चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था को भी केन्द्रीय टीम ने बेहतर बताया।

केन्द्रीय टीम ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आपदा में मृतकों के परिजनों तथा जिनके घर पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनकोे रू. पॉंच लाख की तात्कालिक सहायता राशि दिए जाने से भी प्रभावितों को काफी राहत मिली है। राज्य में सभी गर्भवती महिलाओं का संपूर्ण डाटा जिला प्रशासन के पास उपलब्ध होने एवं उनके स्वास्थ्य व सुरक्षित प्रसव की व्यवस्था हेतु निरंतर संपर्क रखने की पहल की भी केन्द्रीय टीम ने सराहना की। टीम के सदस्यों ने कहा कि इस तरह की महत्वपूर्ण पहल को अन्य राज्यों में भी अपनाने के लिए अपना सुझाव प्रस्तुत करेगी। केन्द्रीय टीम ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में भूस्खलन व बाढ़ से नदियों में अत्यधिक मात्रा में सिल्ट भर जाने के कारण जल स्तर ऊपर उठने से भविष्य में नुकसान की संभावना को भी भ्रमण के दौरान उनके संज्ञान में लाया गया है।

इस अवसर पर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, अपर मुख्य सचिव आरके सुधांशु, सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी आनन्द स्वरूप उपस्थित थे।

स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025ः ऋषिकेश ने 31वें स्थान से उछाल मार 14वां स्थान हासिल किया

देहरादून 37वें से छलांग लगाकर 19वां स्थान

ऋषिकेश 31वें से उछलकर 14वां स्थान

काशीपुर 19वें से सुधारकर 18वां स्थान

सफलता के प्रमुख कारण

यांत्रिक सड़क सफाई से धूल नियंत्रण

ठोस अपशिष्ट एवं निर्माण मलबा प्रबंधन

हरित पट्टी विकास

उद्योगों में स्वच्छ ईंधन का उपयोग

स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली

जन जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी ने इस उपलब्धि पर कहा…
“ये उपलब्धि सभी के लिए स्वच्छ वायु के प्रति उत्तराखंड की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।”
लक्ष्य आने वाले वर्षों में और रीयल-टाइम मॉनिटरिंग, नवाचार एवं जनसहभागिता से वायु गुणवत्ता में सुधार।

सीएस ने दिए पर्वतारोहण नीति की समीक्षा कर आवश्यकतानुसार नई नीति बनाए जाने के निर्देश

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने समृद्ध जैव विविधता से परिपूर्ण उत्तराखंड राज्य में वन पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए अभिनव प्रयास किए जाने और ईको टूरिज्म के विकास हेतु चयनित स्थलों के वन विश्राम गृहों को ईको एवं नेचर कैंप के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने कहा है कि नंदा देवी शिखर को पर्वतारोहण अभियानों के लिए खोले जाने के प्रस्ताव के संबंध में केन्द्रीय गृह मंत्रालय से आग्रह किया जाएगा। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को राज्य की पर्वतारोहण की नीति की समीक्षा कर आवश्यकतानुसार नई नीति बनाए जाने और ट्रैकिंग के नियमों को शीघ्र लागू कर इससे संबंधित अनुमति के लिए सिंगल विंडो सिस्टम को भी आगामी 15 नवंबर तक संचालित करने की हिदायत दी है।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने ईको टूरिज्म के विकास के लिए गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) की सचिवालय स्थित सभागार में मंगलवार को आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राज्य में ईको टूरिज्म के विकास की बेहतर संभावनाओं को साकार करने के लिए चिन्हित 25 नई योजनाओं पर तेजी से काम किया जाय। इन स्थलों को जबरखेत मॉडल की तर्ज पर विकसित कर इनमें वनों से अनुराग रखने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षक सुविधाएं जुटाई जांय। ताकि फॉरेस्ट टूरिस्ट यहां लंबे समय तक टिके रहें और बेहतर अनुभव के साथ वापस लौटें।

मुख्य सचिव ने ऋषिकेश के निकट बीटल्स आश्रम के रूप में विख्यात चौरासी कुटिया का पर्यटन के दृष्टिकोण से पुनर्विकास किए जाने की योजना पर भी समयबद्ध ढंग से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस आश्रम से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों एवं अन्य संदर्भों को ऋषिकेश एवं कोलकाता से संकलित कर प्रदर्शित करने की व्यवस्था की जाय।

बैठक में मुख्य वन संरक्षक पी.के. पात्रो ने ईको टूरिज्म विकास की परियोजनाओं की प्रगति तथा प्रस्तावित योजनाओं की जानकारी दी।

बैठक में सचिव वन सी रविशंकर, अपर सचिव विनीत कुमार, अपर प्रमुख वन संरक्षक (वन्य जीव) विवेेक पाण्डेय, मुख्य वन संरक्षक पी.के. पात्रो, अपर निदेशक पर्यटन पूनम चंद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेे।

सीएम ने की नेपाल से लगे तीन सीमांत जनपदों के अधिकारियों के साथ बैठक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पड़ोसी देश नेपाल में हाल के दिनों में उत्पन्न हुए राजनीतिक हालातों को ध्यान में रखते हुए राज्य के तीन सीमांत जनपदों चंपावत, पिथौरागढ़ और उधम सिंह नगर के जिला प्रशासन, सशस्त्र सीमा बल के अधिकारियों एवं पुलिस प्रशासन के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में नेपाल से सटी उत्तराखण्ड की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर सुरक्षा को लेकर संपूर्ण स्थिति की समीक्षा की गई ।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नेपाल से लगी सीमाओं पर सघन चेकिंग अभियान चलाए जाएं और वहां किसी भी असामाजिक या उत्पाती तत्व की गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया की निगरानी भी सतत रूप से की जाए ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह, भ्रामक सूचना या उकसाने वाले कंटेंट पर समय रहते कार्रवाई की जा सके। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि वे केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों एवं एसएसबी के साथ निरंतर संपर्क व समन्वय बनाकर कार्य करें। सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों, स्थानीय ग्राम समितियों, पुलिस बल एवं वन विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर सामूहिक भागीदारी से निगरानी व्यवस्था को सशक्त बनाया जाए।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सीमाओं से लगे प्रवेश मार्गों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और सीमा पार से होने वाले आवागमन पर विशेष सतर्कता बरती जाए। उन्होंने भारत सरकार द्वारा जारी सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का कठोरता से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, साथ ही आवश्यकतानुसार अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती के भी आदेश दिए।

बैठक में सीमांत क्षेत्रों की सुरक्षा चुनौतियों, सामुदायिक भागीदारी, खुफिया सूचना तंत्र की मजबूती, तथा केंद्रीय एजेंसियों से तालमेल के विभिन्न पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श किया गया।

इस उच्चस्तरीय बैठक में राज्य के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, प्रमुख सचिव (गृह), एडीजी लॉ एंड ऑर्डर, एडीजी इंटेलिजेंस, कुमाऊं मंडलायुक्त, कुमाऊं परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक, तथा चंपावत, पिथौरागढ़ और उधम सिंह नगर जिलों के जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक व सशस्त्र सीमा बल के अधिकारी भी उपस्थित रहे।