प्रदेश में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को और अधिक सशक्त बनाया जाएः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि ड्रग्स फ्री उत्तराखंड अभियान को वृहद स्तर पर संचालित किया जाए। उन्होंने कहा कि एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को और अधिक सशक्त बनाया जाए। आवश्यकता अनुसार इसमें नए पदों का सृजन भी किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन ‘मानस’-1933 का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि आमजन इस पर शिकायत दर्ज करा सकें। उन्होंने निर्देश दिए कि पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, समाज कल्याण विभाग एवं अन्य संबंधित विभाग मिलकर कार्यशालाओं का आयोजन करें तथा ड्रग्स फ्री उत्तराखंड के लिए विस्तृत एक्शन प्लान तैयार कर उस पर अमल करें।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से कहा कि राज्य की सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि बाहरी राज्यों से ड्रग्स की सप्लाई राज्य में न हो पाए। ड्रग्स की तस्करी में संलिप्त पाए जाने पर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम चलाकर युवाओं को नशे से दूर रखने के प्रयास किए जाएं।

मुख्यमंत्री ने पुलिस को रात्रिकालीन गश्त बढ़ाने और ड्रिंक एंड ड्राइव पर सख्त कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने और आत्मनिर्भर भारत बनाने का आह्वान किया है। इस दिशा में प्रदेश में स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए। इसके लिए शहरी विकास विभाग को नोडल विभाग के रूप में कार्य करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, अपर पुलिस महानिदेशक वी. मुरुगेशन, ए.पी. अंशुमान, गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते तथा अपर सचिव बंशीधर तिवारी उपस्थित रहे।

जितेंद्र आत्महत्या प्रकरण के बाद सीएम ने परिजनों से फोन पर वार्ता कर प्रकट की शोक संवेदनाएं

पौड़ी जिलाधिकारी स्वाति भदौरिया और एसएसपी लोकेश्वर सिंह ने आज मृतक जितेंद्र कुमार के परिजनों से मिलकर उनको मामले में अब तक हुई कार्रवाई से अवगत कराया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी परिजनों से फोन पर बातचीत कर गहरा दुःख व्यक्त किया और शोक संवेदनाएँ प्रकट करते हुए दिवंगत की आत्मा की शांति की प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कानून की सुसंगत धाराओं के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पुलिस को मामले की गहन और तत्परता से जांच के निर्देश दिए।

ज्ञात हो कि पौड़ी कोतवाली क्षेत्र में युवक जितेंद्र कुमार ने आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पूर्व, उसने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर कुछ व्यक्तियों पर रुपये ठगने का आरोप लगाया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी हिमांशु चमोली सहित पांच लोगों को देहरादून से गिरफ्तार किया है।

अंबाला में उत्तराखंड के युवकी की हत्या पर सीएम धामी ने हरियाणा सीएम से की वार्ता

अंबाला में उत्तराखंड के युवक साहिल बिष्ट की हत्या की घटना पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से दूरभाष पर वार्ता की।

मुख्यमंत्री धामी ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी एवं कठोरतम दंड सुनिश्चित किए जाने का अनुरोध किया।

इस पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आश्वस्त किया कि अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और पुलिस को शीघ्र कार्रवाई करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार इस पूरे मामले में हर संभव कदम उठाएगी।

मुख्यमंत्री धामी ने पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखंड सरकार न्याय की इस लड़ाई में उनके साथ है तथा परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

सीएम ने द लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एण्ड थ्रिप्ट को-ऑपरेटिव सोसायटी के संचालकों द्वारा निवेशकों के साथ धोखाधड़ी संबंधी प्रकरणों में सीबीआई को हस्तान्तरित किए जाने के लिए प्रदान किया अनुमोदन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने द लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एण्ड थ्रिप्ट को-ऑपरेटिव सोसायटी के संचालकों द्वारा वृहद स्तर पर निवेशकों के साथ धोखाधड़ी संबंधी प्रकरणों में उत्तराखण्ड सहित विभिन्न प्रदेशों में पंजीकृत अभियोगो को सी.बी.आई. को हस्तान्तरित किए जाने हेतु अनुमोदन प्रदान किया है।
मुख्यमंत्री ने पाखरों टाईगर सफारी निर्माण में अनियमितता से सम्बन्धित प्रकरण में अखिलेश तिवारी, अवकाश प्राप्त उप वन संरक्षक/तत्कालीन प्रभागीय विनाधिकारी, कालागढ़ टाईगर रिजर्व, लैन्सडाऊन के विरुद्ध सी०बी०आई० की विवेचना से सम्बन्धित जांच रिपोर्ट में उल्लिखित बिन्दुओं के आधार पर उनके विरुद्ध संगत धाराओं के तहत् अभियोजन चलाये जाने तथा पाखरों टाईगर सफारी के निर्माण में कथित अनियमितता से सम्बन्धित प्रकरण में किशन चन्द (से०नि०), तत्कालीन उप वन संरक्षक/प्रभागीय वनाधिकारी, कालागढ़ टाईगर रिजर्व, लैन्सडाऊन के विरूद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम-1988 (संशोधित 2018) के तहत् अभियोजन चलाये जाने हेतु अनुमोदन प्रदान किया है।

*मुख्यमंत्री ने स्वीकृत की क्षतिग्रस्त पुलों, वैली ब्रिजों एवं नंदा देवी राजजात यात्रा मार्ग्रो के निर्माण हेतु 32.23 करोड की धनराशि*

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एस०डी०आर०एफ० के तैयारी एवं क्षमता विकास मद से लोक निर्माण विभाग हेतु मानसून से क्षतिग्रस्त पुलों हेतु बैली ब्रिजों की आपूर्ति हेतु कुल लागत रू0 2732.69 लाख (रू० सत्ताईस करोड बत्तीस लाख उन्हत्तर हजार मात्र) धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।
मुख्यमंत्री ने जनपद चमोली के वर्ष 2026 में श्री नन्दा देवी राजजात यात्रा से सम्बन्धित मुख्य एवं महत्वपूर्ण मार्गों के अन्तर्गत 02 कार्यों हेतु रू0 489.69 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

*मुख्यमंत्री ने दी विभिन्न विकास योजनाओं के निर्माण हेतु वित्तीय स्वीकृति*

मुख्यमंत्री ने राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद पौड़ी गढ़वाल में विधानसभा क्षेत्र चौबट्टाखाल के अन्तर्गत भगवतीतलैया-कमलिया-सराईखेत मोटर मार्ग के आर.सी.सी. निर्माण हेतु रू0 271.97 लाख (रू० दो करोड़ इकहत्तर लाख सत्तानवें हजार मात्र), जनपद हरिद्वार के विधानसभा क्षेत्र हरिद्वार में हिल बाईपास मोटर मार्ग पर क्षतिग्रस्त भाग का पुनर्निर्माण एवं सुरक्षात्मक कार्य तथा बी०सी० द्वारा पैच मरम्मत कार्य हेतु रू० 342.30 लाख (रू० तीन करोड़ बयालीस लाख तीस हजार मात्र, जनपद नैनीताल के विधानसभा क्षेत्र भीमताल में गर्जिया-बेतालघाट-खैरना-सुयालबाड़ी-औड़ाखान-पसियापानी-भटेलिया-मुक्तेश्वर मोटर मार्ग के लोडिंग सेतुओं का नव निर्माण कार्य हेतु रू० 7.38 लाख (रू० सात लाख अडतीस हजार मात्र) तथा जनपद चमोली के विधानसभा क्षेत्र कर्णप्रयाग के अन्तर्गत आदिबद्री-नौटी मोटर मार्ग में नन्दा देवी राज जात मार्ग कॉसुवा से चॉदपुरगढ़ी तक मोटर मार्ग के डामरीकरण के कार्य हेतु रू0 523.29 लाख (रू० पांच करोड़ तेईस लाख उनतीस हजार मात्र) की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने जनपद देहरादून के विधानसभा क्षेत्र धर्मपुर में इस्कॉन सांस्कृतिक एवं सामाजिक शिक्षा केन्द्र मार्ग दुधली-डोईवाला मोटर मार्ग का चौडीकरण एवं सुदृढीकरण के कार्य हेतु अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने जनपद चमोली के विधानसभा क्षेत्र कर्णप्रयाग के अन्तर्गत सारकोट भराड़ीसैण मोटर मार्ग का नाम शहीद हवलदार स्व० श्री वसुदेव मोटर मार्ग किये जाने तथा जनपद पौड़ी गढ़वाल के विधान सभा क्षेत्र यमकेश्वर के अन्तर्गत दुगड्डा में रा.इ.का. दुगड्डा, का नाम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भवानी सिंह रावत जी के नाम पर रखे जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने एसआईटी गठित कर अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति मामले की जांच के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर पंजीकृत संस्थाओं द्वारा की गई अनियमितताओं एवं फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से छात्रवृत्ति राशि के गबन के गंभीर प्रकरण को संज्ञान में लेते हुए विशेष जांच टीम (एसआईटी) के गठन के निर्देश दिए गए हैं।

प्रथम दृष्टया जांच में यह पाया गया है कि कुछ संस्थाओं ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति प्राप्त की है, जिनमें कुछ मदरसे, संस्कृत विद्यालय तथा अन्य शिक्षण संस्थाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचारियों को बख्शा नहीं जाएगा।

केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए 2021-22 एवं 2022-23 सत्र के आंकड़ों के अनुसार राज्य की कुल 92 संस्थाएं संदेह के घेरे में हैं। इनमें से 17 संस्थाओं के विरुद्ध प्राथमिक जांच में छात्रवृत्ति गबन की पुष्टि हुई है। इन संस्थाओं में कुछ मामलों में विद्यार्थियों की संख्या, पहचान पत्र (आधार कार्ड), व निवास संबंधी दस्तावेज फर्जी पाए गए हैं। उधम सिंह नगर जनपद में सरस्वती शिशु मंदिर हाई स्कूल तथा रुद्रप्रयाग में वासुकेदार संस्कृत महाविद्यालय जैसे संस्थानों में अनियमितता पाई गई है। इसके अतिरिक्त नैनीताल, हरिद्वार और अन्य जनपदों की संस्थाएं भी जांच के दायरे में हैं।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर एसआईटी इस मामले की गहराई से जांच करेगी, जिसमें संलिप्त संस्थाओं के साथ-साथ संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी समीक्षा की जाएगी। केंद्र सरकार द्वारा इस संबंध में सात बिंदुओं पर जांच के निर्देश दिए गए हैं, जिनमें फर्जी मामलों की पहचान कर संबंधित के विरुद्ध प्राथमिकी (FIR) दर्ज करना भी शामिल है।

*प्रदेश में छात्रवृत्ति जैसे कल्याणकारी कार्यक्रमों में किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।*

पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री, उत्तराखंड ।

धामी सरकार ने नशे के खिलाफ छेड़ी बड़ी मुहिम, जिलाधिकारियों को सौंपी गई निगरानी की कमान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश को नशे की गिरफ्त से बाहर निकालने और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए निर्णायक कदम उठाया है। शासन ने राज्य के सभी जिलों में मानसिक स्वास्थ्य पुनर्विलोकन बोर्ड (Mental Health Review Boards) को सक्रिय करने का फैसला लिया है, साथ ही नशा मुक्ति और पुनर्वास केंद्रों पर राज्यव्यापी निरीक्षण अभियान शुरू किया गया है। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में मानसिक स्वास्थ्य और नशामुक्ति सेवाओं को सुधारने के लिए एक ठोस नीति और सख्त अमल की शुरुआत कर दी है। यह अभियान प्रदेश में स्वस्थ, सुरक्षित और नशामुक्त वातावरण की दिशा में एक सार्थक प्रयास है।

मुख्यमंत्री के दिशा निर्देशों पर यह अभियान मानसिक स्वास्थ्य देखरेख अधिनियम-2017 और 24 जुलाई 2023 की अधिसूचना के प्रावधानों के तहत संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना और नशा मुक्ति केंद्रों की पारदर्शिता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करना है।

स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने जानकारी देते हुए कहा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रदेशभर में नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों का सघन निरीक्षण अभियान शुरू हो गया है। सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने जिलों में संचालित केंद्रों की स्थिति, पंजीकरण और सुविधाओं की नियमित जांच सुनिश्चित करें। इसके लिए जिलास्तरीय टीमें गठित कर दी गई हैं। जो केंद्र निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरते, उन्हें चिन्हित कर आर्थिक दंड और तत्काल बंदी की कार्रवाई की जाएगी। शासन ने साफ किया है कि अब गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा।

स्वास्थ्य सचिव ने साफ कर दिया है कि इस विषय में कोई लापरवाही या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण को निर्देशित किया है कि प्रदेशभर में संचालित सभी नशा मुक्ति केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखी जाए और निरंतर निरीक्षण किए जाएं। उनके निर्देश के बाद जिलास्तरीय निरीक्षण टीमें प्रदेशभर में सक्रिय हो चुकी हैं। निरीक्षण के दौरान इन संस्थानों की पंजीकरण स्थिति, मानकों की पूर्ति, सुविधाएं, कर्मचारियों की उपलब्धता और मरीजों के उपचार की गुणवत्ता जैसे बिंदुओं की गहन जांच की जा रही है। ऐसे सभी केंद्र जो निर्धारित मानकों को पूरा नहीं करते या बिना वैध पंजीकरण के कार्यरत हैं, उन्हें चिन्हित कर आर्थिक दंड और तत्काल बंदी की कार्रवाई की जाएगी।

*133 संस्थान अनंतिम पंजीकरण पर, अंतिम सत्यापन अनिवार्य*
स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने कहा प्रदेश में फिलहाल 133 मानसिक स्वास्थ्य संस्थान (जिसमें नशा मुक्ति केंद्र शामिल हैं) अनंतिम रूप से पंजीकृत हैं। अंतिम पंजीकरण से पहले इन सभी का स्थल निरीक्षण और दस्तावेज़ सत्यापन आवश्यक कर दिया गया है। Clinical Establishments Act-2010 के अंतर्गत पंजीकृत संस्थानों को भी अब मानसिक स्वास्थ्य अधिनियम-2017 के तहत अंडरटेकिंग (Undertaking) देनी होगी, जिससे वे आवश्यक न्यूनतम मानकों का पालन सुनिश्चित करें।

*हर जिले में बोर्ड की अनिवार्य मासिक बैठक*
स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने कहा हर जिले में पुनर्विलोकन बोर्ड को हर माह कम से कम एक बैठक आयोजित करनी होगी, ताकि निरीक्षण और निगरानी की प्रक्रिया निरंतर बनी रहे। वर्तमान में 7 जिलों में बोर्ड कार्यरत हैं, जबकि 6 अन्य जिलों में गठन प्रक्रिया प्रगति पर है। शासन ने निर्देशित किया है कि इन बोर्डों का गठन शीघ्र पूरा किया जाए।

*केवल योग्य संस्थानों को अनुमति*
स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने कहा राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि बिना वैध पंजीकरण संचालित नशा मुक्ति केंद्रों को चिन्हित कर उन पर आर्थिक दंड, कानूनी कार्रवाई और तत्काल बंदी की कार्यवाही की जाए। भविष्य में केवल वही संस्थान कार्यरत रह सकेंगे जो न्यूनतम चिकित्सा, प्रशासनिक एवं सामाजिक मानकों को पूरी तरह पूरा करते हैं।

*देहरादून में औचक निरीक्षण, अव्यवस्थाएं उजागर*
स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने कहा इसी क्रम में जनपद देहरादून में जन शिकायत प्राप्त होने पर बहादुरपुर रोड, वार्ड नंबर 9, सेलाकुई में संचालित एक नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र का औचक निरीक्षण किया गया। प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की सम्मिलित टीम ने मौके पर पहुंचकर केंद्र में व्याप्त गंभीर अव्यवस्थाओं और खामियों का जायजा लिया। निरीक्षण दल ने पाया कि केंद्र में कई मानक पूरे नहीं किए गए थे। टीम ने रिपोर्ट तैयार कर आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को भेज दी है। यह कार्रवाई सरकार की उस नीति को दर्शाती है जिसमें सेवा की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

*हरिद्वार में नशा मुक्ति केंद्र का औचक निरीक्षण*
जनपद हरिद्वार में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की सम्मिलित टीम ने जीवन ज्योति नशा मुक्ति केंद्र का औचक निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान नशा मुक्ति केंद्रों की स्थिति, पंजीकरण, मानकों की पूर्ति की जांच की जा रही है । इन टीमों द्वारा प्रत्येक नशा मुक्ति केंद्र की गहन जांच की जा रही है तथा जो संस्थान निर्धारित मानकों को पूरा नहीं करते या बिना पंजीकरण के कार्यरत हैं, उन्हें चिन्हित कर आर्थिक दंड और तत्काल बंदी की कार्रवाई की जाएगी। मानसिक स्वास्थ्य देखरेख अधिनियम के अनुसार केवल उन्हीं संस्थानों को कार्य करने की अनुमति दी जाए जो न्यूनतम मानकों को पूर्ण करते हैं।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों पर की जा रही कार्यवाही

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सरकारी दायित्वों के निर्वहन में कार्मिकों द्वारा किये जा रहे कदाचार के प्रकरणों पर त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है, इसी क्रम में अध्यक्ष उत्तराखण्ड पेयजल निगम शैलष बगोली द्वारा कर्मचारी आचरण नियमावली के उल्लंघन पर सुजीत कुमार विकास प्रभारी मुख्य अभियंता (कु0) मूल पद अधीक्षण अभियंता उत्तराखण्ड़ पेयजल निगम हल्द्वानी को तत्काल प्रभाव से निलम्बित किया गया है।

अध्यक्ष उत्तराखण्ड पेयजल निगम द्वारा जारी कार्यालय ज्ञाप में स्पष्ट किया गया है कि सुजीत कुमार विकास के विरूद्ध संजय कुमार पुत्र चन्द्रपाल सिंह ने अपने शिकायती-पत्र में उल्लेख किया है कि वह पानी की योजनाओं में पेटी पर कार्य करता है। वर्ष 2022 में सुजीत कुमार विकास, तत्कालीन अधीक्षण अभियन्ता, निर्माण मण्डल, उत्तराखण्ड पेयजल निगम, देहरादून द्वारा संजय कुमार की फर्म मै० हर्ष इंटरप्राइजेज का उत्तराखण्ड पेयजल निगम में पंजीकरण करवाने एवं विभाग में कार्य दिलाने का आश्वासन दिया।

इसके एवज में सुजीत कुमार विकास के कहने पर संजय कुमार ने अपनी प्रोपराईटरशीप फर्म मै० हर्ष इंटरप्राइजेज के माध्यम से बैंक ऑफ बड़ौदा, फायर स्टेशन के पास बाजपुर रोड, काशीपुर के बैंक खाता सं० 53930200001457 से मै० कुचु-पुचु इंटरप्राइजेज के कोटक महिन्द्रा बैंक खाते में दिनांक 06.07.2022. दिनांक 06.07.2022. दिनांक 07.07.2022, दिनांक 07.07.2022 एवं दिनांक 08.06.2022 को रू0 2.00 लाख की पांच किस्तों में कुल रू0 10.00 लाख, स्थानान्तरित किये गये। विभाग में उपलब्ध अभिलेखों के अवलोकन से ज्ञात होता है कि मै० कुचु-पुचु इन्टरप्राईजेज, वह फर्म है, जिसकी पार्टनर सुजीत कुमार विकास की पत्नी रंजु कुमारी हैं। सुजीत कुमार विकास को स्पष्टीकरण हेतु 15 दिनों का समय दिया गया था, परन्तु सुजीत कुमार विकास द्वारा आतिथि तक कोई प्रत्युत्तर प्रस्तुत नहीं किया गया है।

अध्यक्ष उत्तराखण्ड पेयजल निगम द्वारा स्पष्ट किया गया है कि सुजीत कुमार विकास के विरुद्ध उपरोक्त आरोप बेहद गम्भीर प्रकृति के हैं तथा सुजीत कुमार विकास द्वारा किया गया उपरोक्त कृत्य उत्तराखण्ड पेयजल निगम कर्मचारी आचरण विनियमावली का स्पष्ट उल्लंघन होना दर्शाता है। सुजीत कुमार विकास के प्रभारी मुख्य अभियन्ता (कु०), हल्द्वानी के पद पर बने रहने से विभाग के अन्य अधिकारियों/कर्मचारियों के कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ना स्वाभाविक है।

अतः उत्तराखण्ड पेयजल निगम कार्मिक (अनुशासन एवं अपील) विनियमावली में निहित प्राविधानों के तहत सुजीत कुमार विकास, अधीक्षण अभियंता को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। निलम्बन की अवधि में सुजीत कुमार विकास, कार्यालय महाप्रबंधक (प्रशिक्षण), मानव संसाधन प्रकोष्ठ, उत्तराखण्ड पेयजल निगम, रुड़की में सम्बद्ध रहेंगे।

उत्तराखंड के मदरसों में स्कॉलरशिप वितरण में हुयी धांधली मामले पर सीएम धामी ने बैठाई जांच

सरस्वती शिशु मंदिर हाई स्कूल को कागजों में अल्पसंख्यक विद्यालय या मदरसा दर्शाकर केंद्रीय सरकार द्वारा पोषित विद्यालयों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति दिये जाने के प्रकरण की जानकारी होने पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गहनता से जांच करने के आदेश विशेष सचिव अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को दिए हैं। अब इस मामले की जांच विशेष सचिव अल्पसंख्यक कल्याण डॉ. पराग मधुकर धकाते द्वारा की जा रही है।

जानकारी के अनुसार उधम सिंह नगर जिले में 2021-2022 और 2022-2023 के राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर दर्ज किए अल्पसंख्यक छात्रवृति आवेदकों की प्रमाणिकता जांचने के लिए उधमसिंह नगर जिले के 796 बच्चों के दस्तावेजों की जानकारी मांगी गई थी। इनमें से 6 मदरसों/शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले 456 बच्चों के बारे में जानकारी संदिग्ध पाई गई है। खास बात ये है कि इन स्कूलों में सरस्वती शिशु मंदिर हाईस्कूल किच्छा का नाम भी शामिल है।

यहीं से इस मामले में धांधली होने का मामला सामने आया है क्योंकि एक तो सरस्वती शिशु मंदिर अल्पसंख्यक विद्यालय नहीं होता दूसरा इसका संचालक मोहम्मद शारिक-अतीक बताया गया है। राष्ट्रीय छात्रवृति पोर्टल के अनुसार यहां 154 मुस्लिम बच्चों का पढ़ना बताया गया है। राष्ट्रीय छात्रवृति पोर्टल पर ये नाम देखकर सरकार भी चौंकी है जिसके बाद ही मुख्यमंत्री धामी ने गहनता से जांच करने के निर्देश दिए है। जानकारी के अनुसार काशीपुर के नेशनल अकादमी जेएमवाईआईएच एस में पढ़ने वाले 125 मुस्लिम छात्रों और इसके संचालक गुलशफा अंसारी, मदरसा अल जामिया उल मदरिया के 27 बच्चों का और उसके संचालक मोहम्मद फैजान का सत्यापन भी किए जाने के निर्देश जारी किए गए है।

इसके अलावा मदरसा अल्बिया रफीक उल उलूम घनसारा बाजपुर के संचालक जावेद अहमद और यहां के 39 बच्चों, संभवतः इसी जावेद अहमद के नाम से गदरपुर के मदरसा जामिया आलिया के 24 बच्चों के बारे में भी दस्तावेज जांचने और मदरसा जामिया रजा उल उलूम बाजपुर के 85 बच्चों और संचालक इरशाद अली के सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं।

उधम सिंह नगर के जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी नंदिनी सिंह को इन सभी मामलों की गहनता से जांच पड़ताल करने के लिए सचिव अल्पसंख्यक कल्याण ने निर्देश दिए हैं।

मामला संज्ञान में आने के बाद मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल में दर्ज उत्तराखंड राज्य के ऐसे सभी अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों के बारे में आवेदकों के सत्यापन, भुगतान के विषय में बैंक खातों की जानकारी, संचालकों और विद्यार्थियों दोनों के जांचने के निर्देश देते हुए दो हफ्तों में रिपोर्ट देने को कहा है।

इस संबंध में विशेष सचिव अल्पसंख्यक कल्याण डॉ. पराग मधुकर धकाते ने बताया कि सरस्वती शिशु मंदिर के नाम से एक वर्ग विशेष द्वारा अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति के मामले संज्ञान में आने साथ ही अन्य मदरसों के द्वारा राष्ट्रीय छात्रवृति में दर्ज आवेदनों को लेकर संदेह पैदा हुआ है, माननीय मुख्यमंत्री द्वारा इस मामले की गहनता से जांच करने के निर्देश प्राप्त हुए हैं। इस पर पूरे राज्य में जांच की जा रही है साथ ही केंद्र सरकार के मंत्रालय से भी संवाद किया जा रहा है।
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राज्य में राष्ट्रीय छात्रवृति पोर्टल में दी गई आवेदकों की जानकारी संदेहजनक प्रतीत हुई है, जिसमें सरस्वती शिशु मंदिर के नाम से छात्रवृति का प्रकरण भी सामने आया है जिसकी जांच करने के लिए अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के विशेष सचिव को निर्देशित किया गया है। देवभूमि में भ्रष्टाचार के मामलों को किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

भ्रष्ट अफसरों की 2021 में सिर्फ पांच गिरफ्तारी, 2024 में 38 तक पहुंची गिरफ्तारियों की संख्या

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विजिलेंस को भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्यवाही के लिए खुली छूट प्रदान की हुई है। इसका असर, साल दर साल बढ़ते विजिलेंस ट्रैप और गिरफ्तारियों की संख्या में रूप में नजर आ रहा है। यही नहीं मजबूत साक्ष्य के आधार विजिलेंस गत साढ़े चार साल में 71 प्रतिशत मामलों में आरोपियों को कोर्ट से सजा दिलाने में कामयाब रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य का पदभार संभालते ही भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस पर रुख साफ कर दिया था। इसका साफ असर विजिलेंस की कार्यवाही में नजर आ रहा है।

बीते चार साल में बडे से बड़े आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। आंकड़ों पर गौर करें तो राज्य में साल दर साल विजिलेंस ट्रैप और गिरफ्तारियों के साथ ही सजा के मामले भी बढ़ते जा रहे हैं। इस दौरान विजिलेंस ने कुल 82 ट्रैप में 94 गिरफ्तारियों को अंजाम दिया, जिसमें 13 राजपत्रित अधिकारी शामिल हैं। बीते साढ़े चार साल से विजिलेंस के पास कुल 125 शिकायतें प्राप्त हुई, जिसमें 18 में सामान्य जांच, 25 में खुली जांच के बाद 82 ट्रैप किए गए। गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस ठोस साक्ष्य और मजबूत पैरवी से कोर्ट में सजा की दर को भी 71 प्रतिशत तक ले जान में कामयाब रही है। इससे साफ है कि सरकार भ्रष्टाचार की समस्या को जड़ से खत्म करने के मिशन पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सतर्कता विभाग ने शिकायत दर्ज कराने के लिए टोल फ्री नम्बर 1064 भी जारी किया है। यही नहीं मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को अंतिम फैसला आने तक आरोपियों को पूर्व के दायित्व या अहम जिम्मेदारी नहीं देने के साथ ही ट्रैप के मामलों में अभियोजन की प्रक्रिया में तेजी जाने के निर्देश दिए हैं।
भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार जारी
वर्ष गिरफ्तारी निर्णय सजा
2021 07 02 02
2022 15 03 01
2023 20 18 16
2024 38 13 07
2025 14 03 02
(नोट साल 2025 के आंकड़े जुलाई 15 तक के हैं)

बड़े बड़ों को किया गिरफ्तार

01-लोनिवि एई
नैनीताल जिले में लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता को ठेकेदार से ₹10 हजार रिश्वत मांगने पर रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया ।

02-यूपीसीएल जेई
देहरादून के हरबर्टपुर सब स्टेशन के एक जेई को विजिलेंस ने ₹15000 की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।

03-एलआईयू कर्मी
नैनीताल जिले के रामनगर में विजिलेंस की टीम ने एलआईयू के उप निरीक्षक और मुख्य आरक्षी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया।

04-रोडवेज एजीएम
काशीपुर में रोडवेज सहायक महाप्रबंधक को अनुबंधित बस संचालन के बदले 90 हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया।

05-खंड शिक्षा अधिकारी
हरिद्वार के खानपुर ब्लॉक में खंड शिक्षा अधिकारी को ₹10 हजार की घूस लेते गिरफ्तार किया गया।

06-जीएसटी सहायक आयुक्त
देहरादून में कार्यरत जीएसटी सहायक आयुक्त को 75 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया।

07-जिला आबकारी अधिकारी
रुद्रपुर में तैनात जिला आबकारी अधिकारी को शराब कारोबारी से 10 लाख रुपए के माल के एवज में 10 फीसदी रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया।

हम देवभूमि उत्तराखंड को भ्रष्टाचार मुक्त करते हुए, सुशासन की कार्य संस्कृति विकसित करना चाहते हैं। इसी क्रम में मुख्य सेवक के रूप में कार्यभार संभालने के दिन से ही विजिलेंस को भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान छेड़ने के निर्देश दिए, जिसका असर अब नजर आ रहा है। भ्रष्टाचारियों को अंतिम अदालत सजा दिलाए जाने के लिए भी मजबूत पैरवी की जा रही है।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड।

सरकारी योजनाओं का गलत लाभ उठाने का मामला, सीएम धामी के निर्देश पर हुए मुकदमें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सरकारी योजनाओं का गलत तरीके से लाभ उठाने के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। इस मामले में मुख्यमंत्री के निर्देश पर कोतवाली नगर और थाना राजपुर में दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। संबंधित अधिकारियों से कहा गया है कि ऐसे अपात्र लोगों को कतई बख्शा न जाए और उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाए।

मामले में जिला पूर्ति अधिकारी देहरादून और आयुष्मान विभाग की ओर से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून को तहरीर दी गई। बताया गया कि सरकार की ओर से पांच लाख से कम सालाना आय वाले लोगों के राशन कार्ड बनाए जाते हैं। अपात्र लोगों की ओर से राशन कार्ड बनाए जाने की शिकायत मिलने पर पूर्ति विभाग ने राशन कार्डाे की जांच की तो कई लोगों के राशन कार्ड फर्जी पाए गए। इसी आधार पर यह लोग अपने आयुष्मान कार्ड बनाते हुए अनुचित रूप से स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ ले रहे थे।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर एसएसपी देहरादून ने मामले में कोतवाली नगर तथा थाना राजपुर को तत्काल मुकदमे दर्ज करवाए हैं। दोनों मामलों में पुलिस गहनता से विवेचना कर रही है। ऐसे सभी लोगों को चिन्हित किया जा रहा है, जिन्होंने फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी योजनाओं का लाभ लिया है।