लालू डाल रहे शरद यादव पर डोरे, भाजपा की मुश्किलें बढ़ी

महागठबंधन तोड़कर बीजेपी के साथ सरकार बनाने से नीतीश कुमार से नाराज शरद यादव बिहार के मुख्यमंत्री पर तो चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन इस बीच वह मोदी सरकार पर हमलावर हैं। पूर्व एनडीए संयोजक ने कालेधन को लेकर बीजेपी को निशाने पर लिया। अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में मंत्री रहे 70 वर्षीय नेता ने ट्वीट कर कहा, ‘विदेशों से कालाधन वापस नहीं आया, जोकि सत्ताधारी पार्टी का एक मुख्य नारा था और ना ही पनामा पेपर्स में नामित लोगों में से किसी को पकड़ा गया।’
राज्यसभा सांसद ने शनिवार को अन्य ट्वीट में कहा था, ‘सरकार कई सेवाओं के नाम पर जनता से काफी सेस अर्जित करती है, लेकिन फिर भी देश में किसी भी क्षेत्र में सुधार नहीं दिख रहा है।’ इससे पहले उन्होंने केंद्र की महत्वाकांक्षी फसल बीमा योजना पर भी सवाल उठाते हुए कहा था, ‘दूसरी योजनाओं की तरह फसल बीमा योजना भी सरकार की असफलता है, जिसके द्वारा केवल प्राइवेट बीमा कंपनियों को फायदा पहुंचाया गया।’
बताया जाता है कि शरद यादव महागठबंधन तोड़े जाने के पक्ष में नहीं थे। आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी यादव के भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरने के बाद नीतीश ने महागठबंधन तोड़ बीजेपी के साथ जाने का फैसला किया। नीतीश के इस कदम से शरद यादव नाराज बताए जाते हैं। नीतीश और वित्त मंत्री अरुण जेटली ने उन्हें मनाने की कोशिश भी की, लेकिन वह अब भी ‘नई दोस्ती’ से असहज हैं। इस बीच आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव शरद यादव को अपने पाले में लाने की कोशिश में जुट गए हैं। उन्होंने शरद से आरजेडी जॉइन करने की अपील की है। लालू ने बताया कि इस सिलसिले में उन्होंने शरद यादव से फोन पर बात भी की है।
लालू ने शनिवार को कहा, ‘मैंने शरद यादव से फोन पर बात की है। मैं उनसे अपील करता हूं कि आइये और देश के हर कोने में जाकर इस लड़ाई की कमान अपने हाथों में लें।’ इसके अलावा लालू ने सोशल मीडिया पर भी शरद यादव से साथ आने की अपील की। लालू ने इसे लेकर ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, ‘गरीब, वंचित और किसान को संकट/आपदा से निकालने के लिए हम नया आंदोलन खड़ा करेंगे। शरद भाई, आइए सभी मिलकर दक्षिणपंथी तानाशाही को नेस्तनाबूद करें।’ एक दूसरे ट्वीट में लालू ने लिखा, ‘हमने और शरद यादव जी ने साथ लाठी खाई है, संघर्ष किया है। आज देश को फिर संघर्ष की जरूरत है। शोषित और उत्पीड़ित वर्गों के लिए हमें लड़ना होगा।’

नीतीश कुमार को लेकर शाह का बयान अहम माना जा रहा

बिहार में सत्ताधारी राष्ट्रीय जनता दल और जनता दल यूनाइटेड की गठबंधन सरकार में जारी अंर्तकलह के बीच भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के एक बयान से राजनीति सरगरमी तेज हो सकती है। उन्होंने जदयू-बीजेपी गठबंधन सरकार के दिनों को याद करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनके नेतृत्व की तारीफ की है। अमित शाह ने कहा, 1980 के दशक में अर्थशास्त्रियों ने बीमारू स्टेट शब्द का प्रयोग किया था, जिन राज्यों की प्रशासनिक व्यवस्था चरमरा गई थी, जिसके चलते वहां की अर्थव्यवस्था पटरी से उतर गई थी, ऐसे ही राज्यों को बीमारू राज्य कहा गया। बीमारू राज्य में बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश। उन्होंने आगे कहा, बिहार में नीतीश कुमार जबतक बीजेपी के साथ सरकार चला रही थी, वहां विकास हो रहा था, देश-दुनिया के अर्थशास्त्री मानते हैं कि उस दौर में बिहार बिमारू राज्य से बाहर होने की कगार पर पहुंच गया था।
बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 13 साल से बीजेपी की सरकार है, ये दोनों राज्य विकसित राज्य बनने की कगार पर हैं, राजस्थान भी बीमारू राज्य से बाहर है। यूपी में हमें अभी जनादेश मिला है, पांच साल बाद इस इस राज्य की भी हालत बदल जाएगी।
नीतीश कुमार को लेकर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के इस बयान को कई मायने में अहम माना जा सकता है। दरअसल, हाल ही में लालू प्रसाद यादव के बेटे और बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर भ्रष्टाचार का केस दर्ज होने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उनसे स्पष्टीकरण मांगा है। जदयू और राजद नेताओं के बीच पिछले कुछ दिनों में कई बार जुबानी जंग भी हुए। इसी बीच बिहार के राजनीति गलियारे में ये भी चर्चा है कि जदयू और सीएम नीतीश कुमार लगातार तेजस्वी यादव पर मंत्रिमंडल से बाहर होने का दबाव बना रहे हैं। हालांकि आरजेडी प्रमुख लालू यादव ने तेजस्वी के इस्तीफे से साफ मना कर दिया है। इसी राजनीतिक गहमागहमी के बीच बिहार बीजेपी के अध्यक्ष नित्यानंद राय ने कहा था कि अगर आरजेडी नीतीश कुमार का साथ छोड़ती है तो बीजेपी बाहर से समर्थन कर सरकार गिरने नहीं देगी।
वहीं अमित शाह का ताजा बयान लालू प्रसाद यादव की चिंता बढ़ा सकती है। अमित शाह दिल्ली में जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी पर लिखी किताब (श्यामा प्रसाद मुखर्जी- हिज विजन ऑफ एजुकेशन) का उद्घाटन करने पहुंचे थे, यहीं उन्होंने नीतीश कुमार और बीजेपी-जदयू सरकार के कार्यकाल की तारीफ की। कार्यक्रम में उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि इसने देश भर में परिवारवाद, जातिवाद और तुष्टिकरण की राजनीति की, जिसका खामियाजा देश के लोगों को भुगतना पड़ा। जिन राज्यों में बीजेपी की सरकार बनी परिवारवाद, जातिवाद और तुष्टिकरण का खात्मा हो गया।

नीतीश कुमार ने पार्टी को विश्वास में नही लिया

नीतीश कुमार के बतौर मुख्यमंत्री शपथ लेने के बाद जेडीयू नेता व राज्यसभा सांसद शरद यादव ने गुरुवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। वहीं नीतीश के फैसले से नाखुश जेडीयू के नेता शाम को शरद यादव से मिलने के लिए उनके घर पहुंचे। इसमें जेडीयू के राज्यसभा से सांसद अली अनवर और जेडीयू सांसद वीरेंद्र कुमार शामिल हैं।
जेडीयू महासचिव अरुण सिन्हा ने शरद यादव से मिलने के बाद कहा, नीतीश ने भरोसे में लिए बिना फैसला लिया। शरद यादव इस घटनाक्रम से काफी चिंतित हैं। ये नीतीश का निजी फैसला था और पार्टी में लोकतंत्र बना रहना चाहिए।
जेडीयू के सांसद अली अनवर ने शरद यादव से मुलाकात के बाद कहा कि बीजेपी के साथ गठबंधन से हैरान हूं। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के इस फैसले की जानकारी शरद यादव को भी नहीं थी। उन्होंने साफ किया कि अभी पार्टी में बगावत जैसी कोई बात नहीं है और पार्टी फोरम में अपनी बात रख रहा हूं। वहीं मीडिया रिपोटर्स के अनुसार, बीजेपी ने शरद यादव को मनाने के लिए अपने वरिष्ठ नेताओं को लगाया है और वह यादव से मुलाकात कर सकते हैं।
इससे पहले गुरुवार सुबह जेडीयू सांसद अली अनवर ने नीतीश कुमार के महागठबंधन से हटने के फैसले पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था कि मैं इस फैसले से खुश नहीं हूं। मेरा जमीर इस फैसले को नहीं मानता है। मीडिया से बात करते हुए सांसद अनवर ने कहा, यदि मुझे मौका मिलता है तो मैं अपनी बात जरूर रखूंगा।
वहीं, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने नीतीश कुमार पर हमला बोला। उन्होंने नीतीश पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने धोखा दिया है। राहुल गांधी ने कहा, राजनीति में किसके दिमाग में क्या चल रहा है इसका पता चल जाता है। हमें तीन महीने पहले से ही पता था कि वे ऐसा करने जा रहे हैं।

ईडी ने बढ़ाई लालू परिवार की मुसीबतें

बिहार में जेडीयू और आरजेडी की सियासी दोस्ती अभी खत्म हुई थी कि लालू यादव और उनके परिवार पर एक और मुसीबत टूट पड़ी। पहले से ही भ्रष्टाचार और घोटालों के आरोप झेल रहे लालू परिवार के खिलाफ अब प्रवर्तन निदेशालय ने एक नया केस दर्ज किया है। ईडी ने मनी लॉन्ड्रिग के आरोप में आरजेडी प्रमुख लालू यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और छोटे बेटे तेजस्वी यादव के खिलाफ केस दर्ज किया है।
ये केस रेलवे होटल घोटाले के आरोप में दर्ज किया गया है। हालांकि ये केस महागठबंधन टूटने से एक दिन पहले ही दर्ज हो गया था। इससे पहले इस मामले में सीबीआई ने लालू यादव के खिलाफ केस दर्ज किया था। लालू यादव पर रेल मंत्री रहते हुए 2006 में रेलवे संपत्तियां कम रेट पर प्राइवेट कंपनी को लीज पर देने का आरोप था।
इस मामले में सीबीआई लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव से पूछताछ भी कर चुकी है। जिसके बाद ईडी ने सीबीआई की जांच पड़ताल और एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिग के तहत ये नया केस दर्ज किया है। लालू, राबड़ी और तेजस्वी के अलावा कुछ अन्य लोगों पर ही मुकदमा दर्ज किया गया है।
बता दें कि लालू यादव पर चारा घोटाला केस चल रहा है। जिसके लिए वो गुरूवार को ही कोर्ट में पेशी के लिए रांची गए थे। वहीं उनके बेटे और पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के खिलाफ भी भ्रष्टाचार का केस पहले से दर्ज है. जिसके आधार पर उनके इस्तीफे मांग की जा रही थी और इसी आरोप को नीतीश कुमार में बिहार में महागठबंधन की टूट का आधार बनाया। फिलहाल नीतीश कुमार एक बार बीजेपी के समर्थन से बिहार के मुख्यमंत्री बन गए हैं, वहीं दूसरी तरफ मुकदमों से संकट में फंसे लालू के परिवार को सत्ता से बेदखल कर नीतीश कुमार ने जबरदस्त राजनीतिक झटका दिया है।

नीतिश के इस्तीफे से बिहार की राजनीति में भूचाल

तेजस्वी यादव पर जेडीयू-आरजेडी में बढ़ती तकरार के बीच बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने बुधवार शाम गवर्नर को इस्तीफा सौंप दिया। नीतीश पार्टी की विधायक दल की मीटिंग के बाद सीधे गवर्नर हाउस गए थे, जहां उन्होंने केसरी नाथ त्रिपाठी को अपना इस्तीफा सौंपा। वे बोले, आगे क्या होगा, ये आगे पर छोड़ दीजिए। आज का चैप्टर यहीं खत्म। नीतीश के इस्तीफे के बाद नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर उन्हें बधाई दी। इससे पहले लालू यादव ने कहा था कि बिहार सरकार 5 साल पूरे करेगी, लेकिन नीतीश के इस्तीफे के बाद अब सवाल सामने आ रहा है कि महागठबंधन बचेगा या फिर टूटेगा? बता दें कि रेलवे टेंडर स्कैम और बेनामी प्रॉपर्टी मामले में केस दर्ज होने पर बीजेपी लगातार तेजस्वी के इस्तीफे की मांग कर रही है। जेडीयू भी कह चुकी है कि तेजस्वी को जनता के बीच जाकर सफाई देनी चाहिए।

इस्तीफे के बाद नतीश ने क्या कहा?
गवर्नर को इस्तीफा सौंपने के बाद नीतीश ने कहा, मैंने अभी महामहिम को इस्तीफा सौंपा है। महागठबंधन की सरकार 20 महीने से भी ज्यादा समय तक चलाई है। …और मुझसे जितना संभव हुआ, हमने गठबंधन धर्म का पालन करते हुए बिहार की जनता के समक्ष चुनाव के दौरान जिन बातों की चर्चा की थी, उसी के मुताबिक हमने काम करने की कोशिश की थी। हमने शराबबंदी लागू कर सामाजिक परिवर्तन की नींव रखी। बुनियादी ढांचे का विकास हो, सड़क हो, बिजली का मामला हो, सभी के लिए हमने निरंतर काम करने की कोशिश की और निश्चय यात्रा के दौरान हर जिले में जिन योजनाओं का क्रियान्वयन हो रहा है, उन्हें स्पॉट पर देखा। जितना संभव था, हमने काम करने की कोशिश की।

महागठबंधन में काम करना संभव नहीं
20 महीने में एक तिहाई कार्यकाल पूरा किया। जिस तरह की चीजें सामने आईं, उसमें मेरे लिए महागठबंधन का नेतृत्व करना और काम करना संभव नहीं था। हमने किसी का इस्तीफा नहीं मांगा। हमारी लालू जी से भी बात होती रही। तेजस्वी जी से भी मिले। हमने यही कहा कि जो भी आरोप लगे, उसके बारे में एक्सप्लेन कीजिए। आमजन के बीच में जो एक अवधारणा बन रही है, उसको ठीक करने के लिए एक्सप्लेन करना जरूरी है। लेकिन वह भी नहीं हो रहा था।

मेरी अंतरआत्मा की आवाज
कुल मिलाकर माहौल ऐसा बनता जा रहा था कि हमारे लिए काम करना संभव नहीं था। हम कुछ भी काम करें, परिचर्चा में एक ही बात हो रही थी। हमने आज तक रुख अख्तियार किया, उससे अलग रुख नहीं अपना सकते थे। हमने गठबंधन धर्म का पालन किया। लेकिन ये मेरे अंतरआत्मा की आवाज थी। कई दिनों से यह बात मेरे मन में थी कि कोई रास्ता निकल आए। हमने राहुलजी से भी बात की। उनका भी यही रुख रहा है। उन्होंने ही (दोषियों को चुनाव लड़ने से छूट देने का) ऑर्डिनेंस फाड़ा था।

खुलासे के बाद लालू के परिवार की मुसीबतें बढ़ी

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव और उनके परिवार के लिए मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। शनिवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली में राज्यसभा सांसद मीसा भारती और पति शैलेश से जुड़े तीन ठिकानों पर छापे मारे। कई घंटों से पूछताछ के बाद ईडी के अधिकारी लालू के दामाद शैलेश को सैनिक फार्म स्थित उनके फार्म हाउस पर अपने साथ ले गए। ईडी के अधिकारियों ने 5 घंटे तक मीसा और उनके पति से पूछताछ भी की।
आरोप है कि मीसा और उनके पति शैलेश ने मनी लॉन्ड्रिंग की है। मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत ईडी की छापेमारी की गई है। दरअसल 8000 करोड़ के ब्लैकमनी से व्हाइट करने के मामले मे जांच चल रही है, जिसमें कई लोगों द्वारा शैल कंपनियो के जरिए कालेधन को सफेद करने का आरोप है।

खुलासे के बाद मीसा पर कसा शिंकजा
आरोपों के मुताबिक इसी कंपनी में चार शैल कंपनियो के जरिए पैसा आया था। इसी पैसे से दिल्ली में फार्म हाऊस खरीदा गया था। ईडी इस मामले में शैल कंपनी के मालिक जैन बंधुओं और शैलेश के सीए राजेश अग्रवाल को गिरफ्तार कर चुका है। उन्हीं के खुलासे से मीसा के बारे मे पता चला था।
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शिंकजा कसते ही मीसा भारती पहुंची पति के साथ आयकर विभाग


नई दिल्ली।
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की बेनामी संपत्ति के मामले में घिरी बेटी मीसा भारती और उनके पति शैलेश कुमार आखिरकार बुधवार को आयकर विभाग के सामने पेश हुए। कई बार नोटिस दिए जाने के बावजूद वे लगातार अपनी पेशी को टालते आ रहे थे। बताया जा रहा है कि दोनों से करीब छह घंटे तक पूछताछ हुई।
गौरतलब है कि मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई में आयकर विभाग ने दिल्ली से पटना तक लालू प्रसाद यादव के परिवार की कई बेनामी संपत्तियां ज़ब्त कीं, जिनमें लालू की पत्नी राबड़ी देवी, उनके पुत्र तेजस्वी यादव, पुत्री मीसा भारती, दामाद शैलेश कुमार और लालू की अन्य दो बेटियों रागिनी और चंदा यादव की बेनामी संपत्तियां शामिल हैं।
ज़ब्त की गई संपत्तियों का बाज़ार मूल्य क़रीब 175 करोड़ रुपये बताया गया है, जबकि दस्तावेज़ों में इनकी क़ीमत महज़ 9.32 करोड़ रुपये दिखाई गई है। सभी के खिलाफ केस दर्ज कर नोटिस जारी किया गया है। हालांकि बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने इसे राजनैतिक बदले की कार्रवाई बताया है, और आरोपों को झूठा करार दिया है।
इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की बिहार इकाई के नेता सुशील मोदी ने तेजस्वी यादव के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि उन पर लगे आरोप गंभीर हैं। इसलिए यदि वह इस्तीफा नहीं देते हैं, तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को उन्हें बर्खास्त कर देना चाहिए।

लालू परिवार की जिन संपत्तियों को ज़ब्त किया गया है, उनका ब्योरा निम्न है…

बिजवासन (दिल्ली) में पालम फार्म्स
बेनामीदार : मिशेल पैकर्स एंड प्रिंटर्स प्राइवेट लिमिटेड
लाभार्थी : मीसा भारती, शैलेश कुमार
बही मूल्य : 1.4 करोड़ रुपये
बाज़ार मूल्य : 40 करोड़ रुपये

1088, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी, दिल्ली
बेनामीदार : एबी एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड
लाभार्थी : तेजस्वी यादव, चंदा यादव, रागिनी यादव
बही मूल्य : 1.9 करोड़ रुपये
बाज़ार मूल्य : 40 करोड़ रुपये

जालापुर, दानापुर, पटना में नौ प्लॉट
बेनामीदार : डिलाइट मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड
लाभार्थी : राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव
बही मूल्य : 1.9 करोड़ रुपये
बाज़ार मूल्य : 65 करोड़ रुपये

जालापुर, दानापुर, पटना में तीन प्लॉट
बेनामीदार : एके इन्फोसिस्टम
लाभार्थी : राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव
बही मूल्य : 1.6 करोड़ रुपये
बाज़ार मूल्य : 20 करोड़ रुपये

पांच किलो गांजे के साथ युवक गिरफ्तार

रायवाला।
स्पेशल टास्क फोर्स ने बिहार के एक युवक को पांच किलोग्राम गांजे के साथ पकड़ा है। युवक देहरादून के विभिन्न जगहों पर गांजे की सप्लाई बिहार के मुजफ्फरपुर से लाकर करता था।
एसटीएफ देहरादून को बहुत दिनों से नशे के सामान सप्लाई करने की सूचना मिल रही थी। मंगलवार की देररात एसटीएफ ने गोपनीय सूचना पर मोतीचूर रेलवे फाटक के पास चेकिंग शुरू कर दी। तभी एसटीएफ को एक संदिग्ध युवक हरिद्वार की ओर से आता दिखा। जिसे रोककर बैग चेक किया गया तो उसमें गांजा निकला। टीम युवक को रायवाला थाने ले आई।

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पूछताछ में युवक ने अपना नाम देव नारायण पुत्र शंकर साहनी निवासी ग्राम टीसीडी कांसी सिमडी थाना बसवाड़ा जिला दरभंगा बिहार हाल निवासी बिन्दाल बस्ती, कोतवाली देहरादून बताया। युवक के पास मिले गांजे का वजन किया गया तो चार किलो 890 ग्राम वजन था। एसटीएफ के इंचार्ज एनके भट्ट ने बताया कि युवक बिहार के मुजफ्फरपुर से गांजा लाकर देहरादून में सप्लाई करता था। टीम में एसआई आशुतोर्ष ंसह, देवेन्द्र भारती, अनूप भाटी, संजय कुमार, विरेन्द्र नौटियाल, दीपक चंदोला मौजूद थे।

हादसे के तीन दिन बाद छात्र का शव मिला

ऋषिकेश।
लक्ष्मणझूला थाना क्षेत्र के राधेश्याम घाट पर गंगा में नहाते समय बहे बीटेक के छात्र का शव गुरुवार को बैराज में मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। छात्र के परिजनों को सूचना दे दी गई है।
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थाना प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया कि 18 सितंबर रविवार को अनुज (20) पुत्र जयकिशोर निवासी रेलवे कॉलोनी लखीसराय (बिहार) अपने साथियों के साथ लक्ष्मणझूला क्षेत्र में घूमने आया था। वह हरिद्वार स्थित गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय में बीटेक तृतीय वर्ष का छात्र था। राधेश्याम घाट पर गंगा में नहाने के दौरान छात्र बह गया था। पुलिस घटना के दिन से रेस्क्यू चला रही थी। उन्होंने बताया कि पुलिस और एसडीआरएफ का रेस्क्यू अभियान जारी था। इसी बीच गुरुवार को बैराज में एक युवक का शव बरामद किया गया। इसकी शिनाख्त अनुज के रूप में की गई। हादसे के तीन दिन बाद छात्र का शव मिला है।

बिहार में दलित युवकों की पिटाई, पेशाब पिलाने का आरोप

बिहार। गुजरात में दलित युवकों की मारपीट की घटना पर देश की विभिन्न राजनीतिक पार्टियों ने गुजरात की यात्रा कर डाली। लेकिन नीतिश कुमार के राज्य बिहार के मुजफ्फरपुर से दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। आरोप है कि एक दबंग मुखिया पति ने दो दलित युवकों की बेरहमी से पिटाई कर डाली। वह इतने में ही नही रुका उसने गांव के युवकों से इन युवकों के मुंह में पिशाब तक करा डाला। बताया जा रहा है कि मुजफ्फरपुर जिले के पारू प्रखंड के बाबूटोला में पारू उत्तरी पंचायत के मुखिया के पति मुकुल ठाकुर ने बाइक चोरी का आरोप लगाते हुए दो युवकों के साथ जमकर मारपीट की। इतना ही नहीं मुखिया पति ने अपने भतीजे से इन दोनों दलित युवकों के मुंह में पेशाब भी करवाया।
इस मामले को लेकर पारू मठिया गांव निवासी पीड़ित दलित युवक की मां सुनीता देवी ने पारू थाने मे मुखिया पति समेत 11 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।
पीड़ित दलित युवक की मां सुनीता देवी ने पुलिस को दिए आवेदन में कहा है कि 20 जुलाई को उसका पुत्र राजीव और एक रिश्तेदार मुन्ना पासवान मोटरसाइकिल से पारु थाना क्षेत्र में चल रहे अनपूर्णा महायज्ञ का मेला देखने के लिए गए थे। मेला देखने जाने के दौरान रास्ते में ही मुखिया पति मुकेश ठाकुर उर्फ मुकुल ठाकुर ने अपने समर्थकों के साथ उसे रोक लिया और बाइक चोरी करने के आरोप मे बेरहमी से पिटाई कर डाली।
बताया कि मारपीट के बाद जब इन दोनों युवकों ने अपने आप को बेकसूर बताते हुए छोड़ देने की बात कही तो मुखिया पति ने अपने भतीजे से इन दोनों युवकों के मुंह में पेशाब करवा दिया। पुलिस को बताया कि घटना की जानकारी मिलने पर जब परिवार वाले बचाने के लिए मौके पर पहुंचे तो उनके साथ भी अभ्रदता की गई।
मुजफ्फरपुर के एसएसपी विवेक कुमार ने बताया जांच जारी है, मामला सही पाये जाने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
दूसरी ओर जब आरोपी मुखिया से इस बारे में पूछा गया तो उन्होने कहा की पूरा मामला गलत है, उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव में जीत से विरोधी उनके खिलाफ साजिश रच रहे है।