प्रसिद्ध साहित्यकार स्व. मटियानी के पुत्र को सीएम ने सौंपा उत्तराखंड गौरव सम्मान 2025

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास में आयोजित एक सादगीपूर्ण एवं गरिमामय समारोह में प्रख्यात हिन्दी साहित्यकार स्वर्गीय शैलेश मटियानी को प्रदत्त “उत्तराखण्ड गौरव सम्मान पुरस्कार 2025” उनके पुत्र राकेश मटियानी को प्रदान किया। यह सम्मान स्व. मटियानी की साहित्यिक उपलब्धियों, हिन्दी कहानी जगत में उनके अमूल्य योगदान तथा उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक विरासत को सशक्त पहचान दिलाने के लिए दिया गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर कहा कि शैलेश मटियानी केवल एक साहित्यकार नहीं, बल्कि संवेदनाओं के कुशल शिल्पी थे। आधुनिक हिन्दी कहानी आंदोलन में उनका योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने आम जनमानस की पीड़ा, संघर्ष, और जीवन-सत्य को जिस प्रभावशाली शैली में प्रस्तुत किया, वह उन्हें भारतीय साहित्य के श्रेष्ठ रचनाकारों की पंक्ति में स्थापित करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार राज्य के उन महान प्रतिभाओं के योगदान को हमेशा सम्मान देती है, जिन्होंने अपनी लेखनी, कर्म और रचनात्मकता से आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित किया है। स्व. मटियानी के “बोरीवली से बोरीबन्दर”, “मुठभेड़”, “अधागिनी”, “चील” सहित अनेक कथा-कृतियाँ आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं और हिन्दी साहित्य में उनका महत्वपूर्ण स्थान है।

उन्होंने कहा कि मरणोपरांत यह सम्मान स्वर्गीय मटियानी के परिवार को सौंपना राज्य सरकार के लिए गर्व का विषय है। मुख्यमंत्री ने उनके पुत्र का सम्मान करते हुए कहा कि साहित्यकारों का सम्मान समाज और प्रदेश दोनों को समृद्ध करता है।

स्व. शैलेश मटियानी के पुत्र ने उत्तराखण्ड सरकार तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान समूचे प्रदेश के साहित्य प्रेमियों और मटियानी जी के प्रशंसकों के लिए गौरव का क्षण है।

कार्यक्रम में सचिव विनोद कुमार सुमन सहित वरिष्ठ अधिकारी, साहित्यकार तथा परिवारजन उपस्थित रहे।

उत्तराखंडः एक जिला, एक मेला अभियान के अंतर्गत चयनित मेलों को राजकीय मेला के रूप में घोषित किया जाएगा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के जिलाधिकारियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वर्चुअल माध्यम से समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने बैठक में राज्य के विकास कार्यों की प्रगति, जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण और प्रशासनिक सुधारों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने राज्य स्थापना की रजत जयंती पर सफल कार्यक्रम के आयोजन के लिए अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री द्वारा राज्य के विकास के संबंध में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया गया।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने के विज़न पर जोर दिया और ‘एक जिला, एक मेला’ अभियान के महत्व को रेखांकित करते हुए स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने वाले मेलों के पर्यावरण-सम्मत और भव्य आयोजन की रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि “एक जिला, एक मेला” अभियान के अंतर्गत चयनित मेलों को राजकीय मेला के रूप में घोषित किया जाएगा। जिन मेलों को यह मान्यता प्राप्त होगी, उन्हें विशेष संरक्षण, वित्तीय सहायता और प्रचार-प्रसार का लाभ मिलेगा। इन मेलों के आयोजक वही रहेंगे। राज्य सरकार केवल सहायता और आवश्यक सहयोग प्रदान करेगी। इस अभियान का उद्देश्य केवल स्थानीय संस्कृति, कला और शिल्प को बढ़ावा देना ही नहीं, बल्कि जनता के लिए मनोरंजन और सामुदायिक सहभागिता के अवसर भी प्रदान करना है। राजकीय मेला घोषित किए जाने से मेलों का स्वरूप और आकर्षण और बढ़ जाएगा तथा यह राज्य के सांस्कृतिक और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को देश और दुनिया के लिए आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के दृष्टिकोण से यह आवश्यक है कि योग, आयुर्वेद और ध्यान के केंद्रों को जिलों और ब्लॉकों तक विस्तारित किया जाए। इसके लिए प्रत्येक ब्लॉक में एक गाँव को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चुना जा सकता है, जिसे “आध्यात्मिक गाँव” के रूप में विकसित किया जाएगा। इस पहल के तहत गाँव में योग प्रशिक्षण केंद्र, आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सुविधा, ध्यान और मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम तथा स्थानीय स्तर पर आध्यात्मिक शिक्षा के अवसर प्रदान किए जाएंगे। इससे न केवल स्थानीय लोगों का स्वास्थ्य और मानसिक शांति बढ़ेगी, बल्कि राज्य को पर्यटन और स्वास्थ्य से जुड़ी नई पहचान भी मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत चिन्हित गांवों में होमस्टे, स्वरोजगार, उद्यानिकी, कृषि और सौर ऊर्जा संबंधी गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। मुख्यमंत्री ने सीमा से लगे गांवों को वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने का निर्देश दिया और कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रत्येक सीमांत गांव को किस रूप में आकर्षण का केंद्र बनाया जाएगा। उन्होंने शीतकालीन चार धाम यात्रा और बारहमासी पर्यटन की तैयारियों को तेज करने के निर्देश दिए। इसके अंतर्गत, विशेषकर उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों में होटलों, होमस्टे संचालकों और अन्य सेवा प्रदाताओं के साथ समन्वय स्थापित करना और यात्रियों को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएँ उपलब्ध कराना शामिल है। मुख्यमंत्री ने राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने और अधिक से अधिक पर्यटकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से कुमाऊँ मंडल विकास निगम (केएमवीएन) तथा गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) को निर्देश दिए हैं कि वे आगामी शीतकालीन यात्रा सीज़न के लिए विशेष छूट पैकेज तैयार कर उन्हें लागू करें। उन्होंने कहा कि इन पैकेजों से न केवल पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय लोगों को भी रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को कहा कि सीएसआर फंड का उपयोग जनहित के कार्यों के लिए जिला स्तर पर व्यापक रूप से किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि इस फंड से ऐसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाए, जिनसे आम जनता को सीधे लाभ मिल सके और स्थानीय विकास को गति मिले।

मुख्यमंत्री ने प्रमुख स्थानों पर अलाव, रेन बसेरा और बर्फ हटाने की व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करने के साथ-साथ शीतकालीन चारधाम यात्रा के समापन के बाद यात्रा मार्गों और श्रद्धालुओं द्वारा छोड़े गए कचरे के उचित निस्तारण के निर्देश भी दिए। संबंधित विभागों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि कचरे का प्रभावी प्रबंधन किया जाए और पर्यावरण को प्रदूषण से बचाया जा सके। इस पहल का उद्देश्य न केवल यात्रियों की सुविधा बनाए रखना है, बल्कि प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक स्थलों की स्वच्छता भी सुनिश्चित करना है।

मुख्यमंत्री ने स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने तथा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में समग्र विकास सुनिश्चित करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण पहलुओं एवं उनके व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जीआई टैग से संबंधित उत्पादों को निर्यात योग्य बनाने की दिशा में ठोस कार्य किए जाने की आवश्यकता है। इस संबंध में प्रत्येक जनपद को अपनी विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर लेनी चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने प्रत्येक जनपद और विकासखंड में पर्यटन स्थलों के विकास के लिए विशेष योजनाएँ तैयार करने की आवश्यकता पर भी बल दिया, जिससे न केवल स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि शहरों और कस्बों की सुंदरता और स्वच्छता को बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है, इसलिए उद्यानिकी और हरित क्षेत्रों के विकास पर ध्यान देने के साथ-साथ बस-स्टैंड, रेलवे स्टेशन और प्रमुख मार्गों पर सफाई व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाए, ताकि नागरिकों और पर्यटकों दोनों के लिए सुविधाजनक और आकर्षक वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय और आंतरिक सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए जिला स्तर पर नियमित सत्यापन और निरीक्षण अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने सीमा क्षेत्रों में विशेष निगरानी बनाए रखने और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, शहरों और संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी कैमरों की पूरी व्यवस्था और उनकी रियल-टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा। सुरक्षा के लिए आवश्यक मैनपावर, तकनीक और अन्य संसाधनों की जरूरत होने पर तुरंत मुख्यालय और शासन को अवगत कराने का भी निर्देश दिया गया। नशा समस्या पर नियंत्रण के लिए संभावित क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों की स्थापना और डीजीपी के मार्गदर्शन में नशा मुक्ति अभियान के लिए समर्पित टीम बनाने की व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री ने सड़क पर घूमते बेसहारा पशुओं के प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं की सुचारू व्यवस्था, बागवानी के विकास और भूमि अतिक्रमण जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं का पालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को अल्मोड़ा के द्वाराहाट क्षेत्र के द्रोणगिरी, चंपावत के श्यामलाताल-देवी धूरा और अन्य क्षेत्रों में स्पिरिचुअल इकोनॉमिक जोन विकसित करने की संभावनाओं का सर्वेक्षण कर विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। इसके साथ मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाएँ। जिलाधिकारी लगातार मॉनिटरिंग करें और सुनिश्चित करें कि स्वास्थ्य सुविधाएँ समय पर और प्रभावी रूप से जनता तक पहुँच रही हों। किसी भी समस्या या कमी की तुरंत पहचान कर उसके सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाएँ और समय-समय पर जिला अस्पतालों का औचक निरीक्षण करें। सीएम हेल्पलाइन की नियमित मॉनिटरिंग और बीडीसी बैठक, तहसील दिवस तथा जनसुनवाई चौपाल के माध्यम से जनता की समस्याओं के समय पर समाधान सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने राज्य के प्रमुख शहरों में बढ़ते यातायात जाम की समस्या को गंभीरतापूर्वक लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि जाम की समस्या का शीघ्र और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने राज्य की सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य भर में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत को प्राथमिकता के आधार पर किया जाए और मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने उन क्षेत्रों की पहचान करने का निर्देश भी दिया, जहां बार-बार सड़कों की स्थिति खराब होने और नागरिकों की शिकायतें अधिक आने की समस्या है। इन क्षेत्रों पर नियमित और विशेष निगरानी रखी जाए ताकि समय रहते सुधार किए जा सकें और जनता को सुगम एवं सुरक्षित मार्ग उपलब्ध हो सकें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से यह भी कहा कि मरम्मत कार्यों की निगरानी में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने बैठक में प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता लाने, कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने, आगामी शीतकालीन यात्रा की तैयारियों को तेज करने तथा सभी पर्यटक स्थलों पर सड़क, पेयजल, पार्किंग जैसी सुविधाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने राज्य की सभी सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर गड्ढ़ा मुक्त करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को पिछले तीन साल में बने स्थाई निवासी प्रमाण पत्रों की जांच के निर्देश देते हुए गलत तरीके से बने प्रमाण पत्र में संलिप्त लोगों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, अपर पुलिस महानिदेशक अभिसूचना एवं सुरक्षा अभिनव कुमार, कुमाऊं मण्डल आयुक्त दीपक रावत सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने की रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात, विभिन्न विषयों पर की वार्ता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से एयर फोर्स ऑडिट ब्रांच देहरादून में ही यथावत रहने देने और ग्वालदम-नंदकेसरी-थराली-देवाल-मुन्दोली-वाण मोटर मार्ग के रख-रखाव का कार्य लोक निर्माण विभाग से ही कराए जाने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री धामी ने अवगत कराया कि एयर फोर्स ऑडिट ब्रांच लंबे समय से देहरादून में बिना किसी व्यवधान के संचालित हो रही है। प्रदेश की सीमाएँ चीन व नेपाल से लगने तथा यहां सेना व सुरक्षा बलों के अनेक महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान होने के कारण देहरादून का सामरिक महत्व अत्यंत अधिक है। उन्होंने रक्षा मंत्री से अनुरोध किया कि एयर फोर्स ऑडिट ब्रांच देहरादून से ही यथावत संचालित रहे, इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएँ।

मुख्यमंत्री ने ग्वालदम-नंदकेसरी-थराली-देवाल-मुन्दोली-वाण मोटर मार्ग के रख-रखाव एवं अनुरक्षण का कार्य भविष्य में भी उत्तराखण्ड लोक निर्माण विभाग के पास ही बनाए रखने का अनुरोध भी किया। उन्होंने कहा कि यह मार्ग विश्वप्रसिद्ध नंदा देवी राजजात यात्रा का प्रमुख रूट है, जिसकी अगली यात्रा वर्ष 2026 में प्रस्तावित है। प्रदेश की धार्मिक, सांस्कृतिक आस्था से जुड़े इस महत्वपूर्ण आयोजन की सुचारू व्यवस्था के लिए मार्ग का रख-रखाव स्थानीय स्तर पर लोक निर्माण विभाग द्वारा किया जाना अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय परिस्थितियों, समन्वय तथा त्वरित कार्य निष्पादन के दृष्टिगत लोक निर्माण विभाग ही इस मार्ग के रख-रखाव के लिए सर्वाेत्तम विभाग है तथा इससे आगामी यात्रा सहित स्थानीय आवागमन को भी बड़ी सुविधा मिलेगी।

रक्षा मंत्री ने मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत विषयों पर सकारात्मक रूप से विचार करने का आश्वासन दिया।

नई दिल्ली में सीएम धामी ने देवप्रयाग विस के मेधावियों से किया संवाद स्थापित

नई दिल्ली स्थित उत्तराखण्ड निवास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम 2025 में देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के मेधावी छात्र-छात्राओं के साथ संवाद किया। मुख्यमंत्री विश्वास व्यक्त किया कि इस भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने बहुमूल्य अनुभव प्राप्त किए होंगे। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को उनके विद्यालय में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाई दी और बताया कि इस तरह के शैक्षिक भ्रमण अब राज्य स्तर पर भी शुरू किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्ञान, विज्ञान और अनुसंधान से नई चीजें सीखने का अवसर मिलता है। उन्होंने अपने विद्यार्थी जीवन का अनुभव साझा किया करते हुए बताया कि उनके पिताजी के सेना से सेवानिवृत्त होने के समय वे 9वीं कक्षा के छात्र थे और 10वीं उत्तीर्ण करने के लिए अकेले खटीमा से नैनीताल एक्सप्रेस पकड़कर सागर गए थे। यह उनका पहला शैक्षिक भ्रमण था जिसने उन्हें सतत सीखने की प्रेरणा दी। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में उद्देश्य निर्धारित करने और स्वअनुशासन अपनाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी भारत के भविष्य के कर्णधार हैं और युवाओं के कंधों पर देश की जिम्मेदारियां आएंगी। पढ़ाई का समय पुनः नहीं आता, इसलिए परिश्रम, कौशल और नियमों का पालन करते हुए लक्ष्य प्राप्त करना आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि लेखन प्रक्रिया को साफ-सुथरा बनाना चाहिए। कभी अपने लक्ष्यों से भटकें नहीं। स्वामी विवेकानंद का स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि मनुष्य के अंदर असीम शक्ति है, जिसे पाने के लिए स्वयं पर विश्वास करना, एकाग्र रहना और लगातार प्रयास करते रहना जरूरी है। स उन्होंने छात्रों को समय प्रबंधन के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी। ऐसा करने से विद्यार्थी अपनी गलतियों में सुधार कर सकेंगे और समय का सही उपयोग कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि जीवन में चुनौतियां और प्रतिस्पर्धा जरूरी हैं, इनके बिना जीवन प्रेरणाहीन बन जाएगा।

उल्लेखनीय है कि देवप्रयाग विधानसभा से विधायक विनोद कंडारी ने आठ वर्ष पूर्व इस पहल की शुरुआत की थी। इस वर्ष भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण 2025 के तहत देवप्रयाग के मेधावी छात्रों ने ऐतिहासिक साबरमती आश्रम का भ्रमण किया। इस अवसर पर छात्रों के साथ उनके शिक्षक-शिक्षिकाएं भी उपस्थित थे।

सीएस ने दिए विद्यमान संभावनाओं के अनुरूप विशिष्ट औद्योगिक ‘हब‘ विकसित किए जाने के निर्देश

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में स्टेट इंफ्रास्ट्रक्चर एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कारपोरेशन ऑफ उत्तराखण्ड लिमिटेड (सिडकुल) के निदेशक मंडल की बैठक आयोजित हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने आगामी पच्चीस सालों की आवश्यकताओं और संभावनाओं का ध्यान राज्य में औद्योगिक विकास के नए दौर का सूत्रपात करने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाकर काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने गहनता से अध्ययन कर राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में विद्यमान संभावनाओं के अनुरूप विशिष्ट औद्योगिक ‘हब‘ विकसित किए जाने के निर्देश देते हुए कहा की पर्वतीय क्षेत्रों के औद्योगिक विकास के लिए भी उपयुक्त संभावनाओं को तालाशा जाय।

सिडकुल मुख्यालय में आयोजित सिडकुल के निदेशक मंडल की 67वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने कहा कि राज्य के उद्योगों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं व सहूलियतें उपलब्ध कराने के लिए उद्योग विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों को प्रो-एक्टिव होकर कार्य करना होगा। औद्योगिक विकास की राह में आने वाली किसी भी अड़चन को दूर करने के लिए तत्परता से कार्य किया जाय। उद्योगों को बेहतर माहौल देने के साथ ही बिजली की पर्याप्त एवं निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाय। मुख्य सचिव ने हरिद्वार में नव निर्मित फ्लैटेड फैक्टरी में छोटी औद्योेगिक इकाईयों एवं स्टार्टअप्स के लिए उपलब्ध अवस्थापना सुविधाओं का आवंटन लॉटरी के माध्यम से किए जाने के भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने प्रमुख औद्योगिक आस्थानों के अलावा राज्य के अन्य क्षेत्रों में सिडकुल के पास उपलब्ध परिसंपत्तियों का पूरा ब्यौरा तैयार कर उनके बेहतर इस्तेमाल की कार्ययोजना तैयार करने तथा आवंटित जमीनों पर तय समय के भीतर औद्योगिक इकाईयों की स्थापना सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य में आईटी हब, सेमी कंडक्टर हब, डाटा सेंटर की स्थापना जैसी नए दौर की संभावनाओं को साकार करने के लिए अनुकूल ईको सिस्टम का सृजन करने की दिशा में कारगर पहल किया जाना जरूरी है। जिससे लिए संबंधित विभागों व संगठनों को प्रतिबद्धता से जुटना होगा।

बोर्ड की बैठक में प्राग फार्म, खुरपिया, नेपा आदि स्थानों पर औद्योगिक आस्थान विकास की योजनाओं सहित रानीपोखरी आदि क्षेत्रों के लिए प्रस्तावित योजनाओं पर भी विचार-विमर्श कर अनेक महत्वपूर्ण लिए। औद्योगिक आस्थानों में विद्यमान सब स्टेशनों की क्षमता बढाने तथा खुरपिया फार्म सहित अन्य स्थानों पर नए विकसित किए जा रहे औद्योगिक आस्थानों तक ट्रांसमिशन लाईनों एवं सब स्टेशनों के निर्माण के प्रस्तावों पर भी बोर्ड की बैठक में चर्चा कर निर्णय लिए गए। मुख्य सचिव ने सिडकुल को अधिक प्रभावी व सशक्त बनाने के लिए बोर्ड के अंतर्गत टेक्नीकल समिति सहित अन्य समितियों का गठन करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में प्रमुख सचिव आर.मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव वित्त दिलीप जावलकर, सचिव उद्योग विनय शंकर पाण्डेय, सिडकुल के प्रबंध निदेशक डॉ. सौरभ गहरवार, निदेशक मंडल के सदस्य सिडबी के डीजीएम सिद्धार्थ मंडल, उद्योगों के प्रतिनिधि के तौर पर स्वतंत्र निदेशक अविनाश विरमानी तथा पुनीत वाधवा सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।

भगवान बिरसा मुण्डा की 150वीं जयंती पर नानकमत्ता कार्यक्रम में शामिल हुए सीएम धामी, की सात घोषणाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नानकमत्ता में भगवान बिरसा मुण्डा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित जनजाति गौरव दिवस समारोह का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारम्भ किया। इस अवसर पर उन्होंने 9.68 करोड़ की लागत के महाराणा प्रताप राजकीय महाविद्यालय नानकमत्ता का शिलान्यास व नगर निकाय श्री नानकमत्ता के 1 करोड़ की लागत से निर्मित भवन का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान 7 घोषणाएं की। जिसमें साधु नगर स्थित कैलाश नदी पर पुल, राय सिख भवन के लिए धनराशि अवमुक्त करने, नानकमत्ता बाँध को टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने, सनातन धर्म उत्थान समिति भवन एवं मन्दिर निर्माण के लिए धनराशि प्रदान करने, ज्ञानपुर से बरकीडण्डी-औदली से डोहरी- एस्था बी से देवीपुरा-गिधौर परसैनि-बैलपड़ाव को जोडने वाले सड़क मार्ग का डामरीकरण, पर्वतीय उत्त्थान समिति के अतिरिक्त कक्ष के लिए धनराशि उपलब्ध कराने व खटीमा के नवनिर्मित बस स्टैंड का नाम महाराणा प्रताप रखने की घोषणा शामिल हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भगवान बिरसा मुण्डा की 150 वीं जयंती पर उन्हें नमन करते हुए सभी को जनजाति गौरव दिवस की बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज का यह ऐतिहासिक दिन हमारे जनजाति समाज की गौरवशाली परम्परा, संघर्ष, बलिदान और राष्ट्र निर्माण के लिए उनके द्वारा दिए गए अद्वितीय योगदान को स्मरण करने का दिवस है। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुण्डा जी जनजाति समाज के गौरव, साहस और स्वाभिमान के अमर प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान बिरसा मुण्डा ने अल्प आयु में स्वतंत्रता, स्वाधिकार, आत्मसम्मान की ऐसी चेतना समाज में जागृत की जिसने पूरे जनजाति समाज को एकजुट कर नई दिशा प्रदान की।

मुख्यमंत्री ने कहा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भगवान बिरसा मुण्डा की जन्म जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। उन्होंने लगभग 200 करोड़ की लागत से देश भर में आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों के संग्राहलय बनवायें है, जिससे देश भर में आदिवासी संस्कृति और योगदान को सम्मान मिला है। उन्होंने कहा कि हमें गर्व है कि आज संथाल आदिवासी जनजाति की बेटी द्रोपदी मुर्मू हमारे देश की प्रथम नागरिक है। मोदी ने आदिवासी जनजाति समाज के विकास के लिए दिए जाने वाले बजट को भी तीन गुना बढ़ाकर आदिवासी समाज को सशक्त बनाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि जनजाति समाज को एकलव्य मॉडल स्कूल, प्रधानमंत्री जनजाति उन्नत ग्राम अभियान, वन-धन योजना, प्रधानमंत्री जनजाति विकास मिशन, विभिन्न पशुपालन व कृषि संबंधित योजनाओं के माध्यम से समाज व विकास की मुख्यधारा से जुड़ने का कार्य देश में पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार भी आदिवासी जनजाति समुदाय के कल्याण के लिए व उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जनजाति उन्नत ग्राम अभियान के अंतर्गत उत्तराखंड में 128 जनजाति गाँवों का चयन किया गया है। जिसके माध्यम से चयनित गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विकास, आर्थिक सशक्तिकरण, बेहतर शिक्षा व्यवस्था और स्वस्थ जीवन को बढ़ावा दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि हमारे राज्य में 4 आवासीय एकलव्य विद्यालय, कालसी मेहरवाना बाजपुर व खटीमा में संचालित हो रहे है। जिससे जनजाति समुदाय के छात्रों को निशुल्क शिक्षा एवं हॉस्टल की सुविधा प्रदान की जा रही है। देहरादून के चकराता में और उधम सिंह नगर के बाजपुर में नये आवासीय विद्यालयों का निर्माण तेजी से चल रहा है। जनजाति समाज के बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रेरित करने के लिए उन्हें प्राइमरी स्तर से लेकर स्नातकोत्तर स्तर तक की छात्रवृत्ति भी प्रदान कर रहे है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा शैक्षिक उत्थान एवं विकास के लिए वर्तमान में 16 राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। साथ ही जनजाति समाज के शिक्षित बेरोजगार युवक-युवतियों को तकनीकी शिक्षा प्रदान करने हेतु प्रदेश में 3 आईटीआई कॉलेजों का संचालन किया जा रहा है। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निशुल्क कोचिंग व स्कॉलरशिप दी जा रही है। जनजाति समाज के बेटियों के विवाह के लिए 50 हजार रुपये की धनराशि प्रदान की जा रही है। जनजाति शोध संस्थान के लिए 1 करोड़ का कोरप्रेस फंड भी बनाया गया है। जनजाति संस्कृति के संरक्षण हेतु प्रतिवर्ष राज्य जनजाति महोत्सव और खेल महोत्सव आयोजित किये जा रहे है।

इस अवसर पर विधायक गोपाल सिंह राणा, पूर्व विधायक डॉ प्रेम सिंह राणा, जिलाध्यक्ष कमल जिन्दल, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रेम सिंह टूरना, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा उपस्थित थे।

पर्वतारोही बछेंद्री पाल ने 10 लाख का चेक सीएम राहत कोष में किये जमा

प्रसिद्ध पर्वतारोही एवं पद्म भूषण सम्मान प्राप्त बछेंद्री पाल ने मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 10 लाख रुपए का चेक प्रदान किया। यह चेक उनकी ओर से राज्य महिला उद्यमिता परिषद की उपाध्यक्ष विनोद उनियाल द्वारा मुख्यमंत्री को सौंपा गया।

मुख्यमंत्री ने बछेंद्री पाल के इस सामाजिक योगदान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संकट की घड़ी में सहयोग एवं सेवा की भावना ही समाज को जोड़ती है। उन्होंने कहा कि ऐसे योगदान न केवल ज़रूरतमंदों की मदद करते हैं, बल्कि जनहित के कार्यों के प्रति लोगों को प्रेरित भी करते हैं।

गौचर मेले जैसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को संजोए रखने का प्रभावी माध्यमः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 73वॉं राजकीय औद्योगिक विकास एवं सांस्कृतिक मेले का उद्घाटन किया। गौचर मेले में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह मेला उत्तराखंड के प्रमुख मेलों में से एक है। यह हमारी सांस्कृतिक विरासत को संजोए रखने का प्रभावी माध्यम होने के साथ-साथ स्थानीय आर्थिकी को भी सशक्त बनाता है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जहां एक ओर हमारी सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित किया जा रहा है,वहीं लोकल फॉर वोकल, मेड इन इंडिया जैसी योजना के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश में कई योजनाओं और नीतियों को सफलतापूर्वक लागू किया गया है, जिससे राज्य का चहुमुखी विकास सुनिश्चित हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा आज तमाम परेशानियों और चुनौतियों के बाद भी हमारी मातृशक्ति द्वारा तैयार किये जा रहे उत्पाद बहुराष्ट्रीय कंपनियों को भी पीछे छोड़ रही है। उन्होंने आमजन से स्वदेशी अपनाने की अपील करते हुए कहा यदि हम स्वदेशी वस्तुओं को बढ़ावा देंगे तो हमारा यह कदम आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूती प्रदान करेगा। उन्होंने कहा हमारी सरकार के प्रयासों से आज उत्तराखंड फिल्म शूटिंग का बेस्ट डेस्टिनेशन बन रहा है। अब उत्तराखंड तेजी से वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में अपनी पहचान बना रहा है।

मुख्यमंत्री ने गौचर में पिथौरागढ़ की तर्ज पर 18-सीटर हेलीसेवा प्रारम्भ किये जाने, नगर क्षेत्र के चार प्रमुख स्थलों पर पार्किंग सुविधाओं का विकास किये जाने और साकेत नगर – रघुनाथ मंदिर -चटवापीपल मोटर मार्ग निर्माण की घोषणा की। उन्होंने बताया की गौचर में स्टेडियम निर्माण हेतु धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है शीघ्र ही इसका कार्य शुरू करवाया जायेगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पत्रकारिता जगत में उत्कृष्ट कार्य करने वाले वरिष्ठ पत्रकार हरीश मैखुरी को गोविन्द प्रसाद नौटियाल पत्रकार सम्मान और शिक्षा के क्षेत्र में वरिष्ठ साहित्यकार एवं शिक्षाविद डॉ. नन्द किशोर हटवाल को पंडित महेशानंद नौटियाल शिक्षा और साहित्य प्रसार सम्मान से सम्मानित किया।

क्षेत्रीय विधायक अनिल नौटियाल एवं मेला उपाध्यक्ष संदीप नेगी ने गौचर मेले का शुभारंभ करने पर मुख्यमंत्री का हार्दिक अभिनंदन एवं स्वागत किया और मुख्यमंत्री को क्षेत्र की समस्या से अवगत कराते हुए समस्याओं के निदान के लिए मांग पत्र भी सौंपा।

प्रसिद्ध गौचर मेले में पहले दिन ईष्ट रावल देवता की पूजा के बाद प्रातः स्कूली बच्चों ने प्रभात फेरी निकाली। मेलाध्यक्ष द्वारा झंडारोहण कर मार्चपास की सलामी ली गई। गौचर मेला मुख्य द्वार से चटवापीपल पुल तक एवं वापसी उसी रूट से होते हुये मुख्य मेला द्वार तक क्रास कण्ट्री दौड़ का आयोजन किया गया। खेल मैदान में बालक एवं बालिकाओं की दौड़, नेहरू चित्रकला प्रतियोगिता, शिशु प्रदर्शनी और शिक्षण संस्थाओं द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। मेले की पहली सांस्कृतिक संध्या पर रात्रि को डॉ. पम्मी नवल लोक गायिका द्वारा जागर संध्या की प्रस्तुति दी जाएगी। गौचर मेले में पारंपरिक पहाड़ी संस्कृति से सजा पांडाल मेलार्थियों के बीच खासे आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है।

इस अवसर पर थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, रुद्रप्रयाग विधायक भरत चौधरी, राज्य मंत्री हरक सिंह नेगी, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, जिला पंचायत उपाध्यक्ष लक्ष्मण खत्री, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्तवाल, महामंत्री अरुण मैठाणी, सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय जनता उपस्थित रहे।

जौलजीबी पिथौरागढ़ में मेले का शुभारंभ कर सीएम ने की कई घोषणाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जौलजीबी, पिथौरागढ़ में भारत-नेपाल सीमा पर काली और गोरी नदी के संगम पर आयोजित होने वाले ऐतिहासिक जौलजीबी मेला का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न घोषणाएं की। विकासखण्ड मुनस्यारी अन्तर्गत ग्राम हूपली में झलूड़ी से पल्याती तक मार्ग निर्माण किया जायेगा। बगीचा से धारचूला कोट ट्रैकिंग मार्ग एवं मेला स्थल का विकास कार्य कराया जायेगा। ग्राम पय्या पौड़ी से नालालेख शिव मंदिर तक ट्रैक रूट निर्माण कराया जायेगा। विकासखण्ड मुनस्यारी अन्तर्गत कालापानी से दशरथ पर्वत कुण्ड तक सम्पर्क मार्ग का निर्माण कार्य कराया जायेगा। विकासखण्ड मुनस्यारी के अन्तर्गत ग्राम सुरिंग में आन्तरिक सी०सी० मार्ग का निर्माण किया जायेगा। सिमगड़ नदी भैंसकोट में आर०सी०सी० पुलिया एंव सम्पर्क मार्ग का निर्माण कराया जायेगा एवं धारचूला में सैनिक विश्राम भवन बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मेला सदियों से भारत और नेपाल की सांस्कृतिक, आर्थिक और पारंपरिक मित्रता का प्रतीक है। जौलजीबी मेला केवल आयोजन नहीं, भारत-नेपाल की पारंपरिक मित्रता और आर्थिक-सामाजिक एकरूपता का प्रतिबिंब है। मुख्यमंत्री ने कहा वो स्वयं भी बचपन में इस मेले में आते थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत नेपाल की मित्रता और अधिक सुदृढ़ हुई है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तराखंड की रजत जयंती के अवसर पर कहा था कि उत्तराखंड की आत्मा उसके मेलों और त्योहारों में बसती है और उन्होंने आह्वान किया कि राज्य में एक जिला-एक मेला कार्यक्रम प्रारंभ किया जाए। जिसमें जिले के एक प्रमुख मेले को विशेष सहयोग दिया जाएगा जिससे उस मेले के सांस्कृतिक और आर्थिक महत्व को बल मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से पिथौरागढ़ जनपद सहित इस क्षेत्र के समग्र विकास को सुनिश्चित करने हेतु पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। आज पिथौरगढ़ में साढ़े सात सौ करोड़ रूपए से अधिक की लागत से मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया जा रहा है। 34 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से स्पोर्ट्स कॉलेज में आधुनिक मल्टीपर्पज हॉल का निर्माण कार्य भी कराया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा विकासखंड बेरीनाग में शीघ्र ही लगभग 28 करोड़ रुपये की लागत से एक भव्य स्टेडियम का निर्माण कार्य भी प्रारंभ होने जा रहा है। पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज में लगभग 21 करोड़ रुपये की लागत से 50-बेड के क्रिटिकल केयर ब्लॉक का भी निर्माण करा रहे हैं। जिले में 25 करोड़ रुपए की लागत से अस्कोट, गंगोलीहाट और धारचूला में नए बस स्टेशनों के निर्माण के साथ ही, पिथौरागढ़ में रोडवेज वर्कशॉप का निर्माण कार्य भी कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 327 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से विभिन्न सड़कों का निर्माण कार्य भी गतिमान है। पिथौरागढ़ में कनेक्टिवी को बढ़ावा देने के लिए नैनी सैनी एयरपोर्ट के विस्तारीकरण का कार्य तेज गति से आगे चल रहा है। जिसके लिए 450 करोड़ रुपये स्वीकृत किए जा चुके हैं और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी गतिमान है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, रोजगार एवं स्वरोजगार के माध्यम से युवाओं को आगे बढ़ा रही है। प्रदेश में आज रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। अब प्रदेश में सरकारी भर्तियां पारदर्शी तरीके से हो रहीं हैं। जो प्रदेश के युवा प्रतिभा और परिश्रम के आधार पर सरकारी नौकरियां प्राप्त कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने इससे पहले राष्ट्रीय एकता पद यात्रा में प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर विधायक हरीश धामी, विधायक बिशन सिंह चुफाल, भाजपा जिला अध्यक्ष गिरीश बिष्ट एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

पिथौरागढ़ में मां के साथ पैतृक गांव पहुंच भावुक हुए सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी माता के साथ, पिथौरागढ़ जनपद स्थित अपने पैतृक गांव टुंडी-बारमौं पहुंच कर, स्थानीय लोगों से भेंट की। इस दौरान उन्होंने गांव के मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली के लिए कामना की है।

मुख्यमंत्री धामी ने गांव में बिताए अनुभव साझा करते हुए कहा कि मां के साथ अपने पैतृक क्षेत्र, कनालीछीना के टुंडी-बारमौं पहुंचना उनके लिए बेहद भावुक क्षण रहा। यह वही गांव है जहां उन्होंने बचपन बिताया, पहली बार विद्यालय की राह पकड़ी और जहां गांव के स्नेह, संस्कृति और परम्पराओं की समृद्ध छाया ने उनके व्यक्तित्व को आकार दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव पहुंचते ही बुजुर्गों का स्नेहिल आशीर्वाद और मातृशक्ति का अथाह प्रेम मन को भावनाओं से भर गया। कई बुजुर्गों ने इस मुलाकात में भी उन्हें बचपन के नाम से पुकारा, इस अपनत्व को शब्दों में समाना मुश्किल है। नौनिहालों और युवाओं की मुस्कुराहटों में वह सारी स्मृतियां फिर जीवंत हो उठीं, जिन्होंने मुझे मूल्य सिखाए और आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मुलाकात के दौरान हर चेहरा अपना लगा, हर आंगन स्मृतियों से भरा और हर कदम बचपन की गलियों से होकर गुजरता हुआ महसूस हुआ। टुंडी-बारमौं उनके लिए सिर्फ एक गांव नहीं बल्कि उनकी जड़, संस्कार और पहचान भी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आग्रह के अनुसार, प्रत्येक उत्तराखंडवासी को अपने पैतृक गांव में अपने घरों को फिर से संवारना होगा। उन्होंने कहा कि गांव से बाहर निवास करने वाले उत्तराखंड के प्रत्येक व्यक्ति को अपने गांव के विकास में योगदान देना होगा। प्रवासी गांव के विकास में अहम योगदान दे सकते हैं।