शहीद मनीष थापा की मूर्ति पर माल्यार्पण कर दी श्रद्धांजलि

कारगिल विजय दिवस के अवसर पर कैबिनेट मंत्री व क्षेत्रीय विधायक डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने अमर शहीद मनीष थापा का स्मरण किया। इस मौके पर शहीद मनीष थापा की मूर्ति पर पुष्पांजलि अर्पित की। साथ ही अंबेडकर पार्क में शहीद मनीष थापा की याद में पौधा रोपित किया।
मंगलवार को रेलवे रोड स्थित कारगिल शहीद मनीष थापा की मूर्ति पर पुष्पांजलि अर्पित कर डा. अग्रवाल ने कहा कि भारत के शूरवीरों ने दुश्मन के पांव पीछे खींचने पर मजबूर कर दिया था। कहा कि 26 जुलाई को 1999 को तीर्थनगरी के मनीष थापा ने अपने अन्य साथियों के साथ ऑपरेशन विजय को सफलतापूर्वक अंजाम देने में अहम भूमिका निभाई। कहा कि देश की जनता के लिए कारगिल दिवस सिर्फ दिवस नहीं, बल्कि भारत के शूरवीरों की स्मृति में शौर्य दिवस के रूप में है। कहा कि यह दिवस उन शहीदों को याद कर अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करने का है, जिन्होंने हंसते-हंसते भारत मां की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए।
डा. अग्रवाल ने कहा कि कारगिल विजय दिवस उनके लिए समर्पित हैं, जिन्होंने हमारे भविष्य के लिए स्वयं को समर्पित कर दिया। इस मौके पर अंबेडकर पार्क में अमर शहीद मनीष थापा की स्मृति पर पौधारोपण किया गया।
इस मौके पर कारगिल शहीद मनीष थापा के बड़े भाई मनोज थापा ने बताया कि मनीष ब्रावो कंपनी, गोरखा राइफल्स की थर्ड बटालियन में बतौर राइफलमैन के पद पर तैनात था। 9 नवंबर 1999 को जम्मू कश्मीर के तंगधार में मात्र 22 वर्ष की अल्प आयु में वह शहीद हो गए।
शहीद मनीष थापा को श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल, शहीद मनीष थापा की भतीजी मानवी, हर्षिता, मंडल अध्यक्ष भाजपा दिनेश सती, महामंत्री सुमित पंवार, मुख्य नगर आयुक्त राहुल गोयल, सफाई निरीक्षक धीरेंद्र सेमवाल, संजय शास्त्री, पार्षद शिव कुमार गौतम, प्रदीप कोहली, गोपाल सती, अनिता तिवारी, कविता शाह, राजू नरसिम्हा, दीपक बिष्ट, राजेश दिवाकर, सरदार सतीश सिंह आदि उपस्थित रहे।

भारतीय सेना ने कारगिल में अदम्य साहस और वीरता का प्रदर्शन किया-धामी

कारगिल विजय दिवस (शौर्य दिवस) पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गांधी पार्क में आयोजित कार्यक्रम में शहीद स्मारक पर कारगिल शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कारगिल शहीदों के परिवारजनों को भी सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कारगिल लड़ाई में माँ भारती की रक्षा के लिये हमारे वीर जवानों ने पराक्रम की नई परिभाषा लिखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कारगिल में भारत के रणबांकुरों का दुश्मन के खिलाफ किया गया सिंहनाद… 1999 से लेकर आज तक उसी वेग से गूंज रहा है भारतीय सेना के अदम्य साहस और वीरता ने दुश्मन को एक बार फिर ये बतला दिया था कि उसके रहते हुए, तिरंगे की आन-बान और शान में रत्ती भर की भी कमी नहीं आ सकती।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय सैनिकों ने कारगिल युद्ध में जिस प्रकार की विपरीत परिस्थितियों में वीरता का परिचय देते हुए घुसपैठियों को सीमा पार खदेड़ा, उससे पूरे विश्व ने भारतीय सेना का लोहा माना। कारगिल युद्ध में देश की सीमाओं की रक्षा के लिए वीर सैनिकों के बलिदान को राष्ट्र हमेशा याद रखेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कारगिल की यह विजय गाथा भी उत्तराखंड के वीरों के बिना अधूरी है और अपने 75 सपूतों का बलिदान… ये वीर भूमि कभी नहीं भुलाएगी। जिस सांस्कृतिक परिवेश और विचारों ने हम सभी को पोषित किया है, उस संस्कृति में मान्यता है कि देशभक्ति सभी प्रकार की भक्तियों में सर्वश्रेष्ठ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं तो स्वयं एक सैनिक परिवार से आता हूं और सेना के साथ मेरा रिश्ता आत्मीयता का रिश्ता है। अपने पिता जी से सुनी सैन्य वीरों की गाथाओं ने मुझे बचपन से ही बहुत प्रभावित किया और मेरे अंदर राष्ट्र के प्रति संपूर्ण समर्पण की भावना को जागृत किया। मैंने बचपन से ही एक सैनिक और उसके परिवार के संघर्ष को देखा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कारगिल युद्ध के समय अटल बिहारी वाजपेयी जी प्रधानमंत्री थे। हमने युद्ध भी जीता और वैश्विक स्तर पर कूटनीति में भी जीते। अटल जी ने शहीदों का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गाँव में राजकीय सम्मान के साथ करने की व्यवस्था की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से सेना ना केवल पहले से और अधिक सक्षम और सशक्त हो रही है बल्कि उसकी यश और कीर्ति भी बढ़ रही है। हमारी सरकार जहां एक तरफ सेना के आधुनिकीकरण पर बल दे रही है तो वहीं सैनिकों और उनके परिवारों को मिलने वाली सुविधाओं को भी बढ़ा रही है।प्रधानमंत्री जी निरंतर सैनिकों के साहस और मनोबल को बढ़ा रहे हैं और यही कारण है कि सेना आज गोली का जवाब गोले से दे रही है।
भारत सरकार हर स्तर पर सेना को सदृढ़ करने का कार्य का रही है और इसी कड़ी में अग्निपथ जैसी बहुमुखी योजना को भी लागू किया गया है। इस योजना को युवाओं ने अपना अभूतपूर्व समर्थन दिया है और सेना को रिकॉर्ड संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं। ये उत्साह दिखाता है कि हमारी युवा पीढ़ी ना केवल राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित है बल्कि राष्ट्र निर्माण के लिए भी पूरी तरह से सजग है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समय देश अपनी आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है और इस अमृतकाल में हमारे सामने नए लक्ष्य, नए संकल्प और कई चुनौतियां हैं। इस समय हमें अपने लक्ष्यों को तय कर इनकी सिद्धि का संकल्प लेना है और इस सिद्धि के मार्ग में आने वाली चुनौतियों को दूर करना है।
हमारा देश जिस विकास यात्रा पर आगे बढ़ रहा है इस यात्रा में उत्तराखंड एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाना है। विकास की यात्रा हम सभी की सामूहिक यात्रा है। सभी को मिलकर विकास का संकल्प लेना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पूर्व सैनिकों, शहीद सैनिकों के आश्रितों के कल्याण के प्रति वचनबद्ध है। शहीद सैनिकों के परिवार के एक सदस्य को उसकी योग्यता अनुसार सरकार द्वारा सेवायोजित किया जा रहा है।
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा राज्य के वीरता पदक से अलंकृत सैनिकों को दी जाने वाली एकमुश्त तथा वार्षिकी में अभूतपूर्व वृद्धि की गई है। परमवीर चक्र विजेता को 30 लाख से 50 लाख, अशोक चक्र 30 लाख से 50 लाख, महावीर चक्र 20 लाख से 35 लाख, कीर्ति चक्र 20 लाख से 35 लाख, वीर चक्र और शौर्य चक्र 15 से 25 लाख और सेना गेलेन्ट्री मेडल 7 लाख से 15 लाख करने को मंजूरी दी गई है।
देहरादून के गुनियाल गांव में 04 हेक्टेयर भूमि पर प्रदेश के शहीदों की स्मृति में अत्याधुनिक एवं समस्त सुविधाओं युक्त ’शौर्य स्थल (सैन्य धाम) का निर्माण किया जा रहा है जिसमे प्रदेश के समस्त शहीदों के नाम अंकित किये जायेंगें। निर्माण कार्य दिसंबर 2023 में पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। विभिन्न युद्धों, सीमान्त झड़पों तथा आंतरिक सुरक्षा में शहीद हुये सैनिकों की विधवाओं/आश्रितों को एकमुश्त 10,000,00/- (रूपये दस लाख) का अनुग्रह अनुदान अनुमन्य किया गया है।
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा युद्ध विधवा/युद्ध अपंग सैनिकों को ₹ (रूपये दो लाख) की आवासीय सहायता प्रदान की जाती है। उत्तराखण्ड इस प्रकार की सुविधा प्रदान करने वाले चुनिन्दा राज्यों में एक है जहाँ सेवारत/पूर्व सैनिकों को 25 लाख मूल्य के स्थावर सम्पत्ति के खरीद पर स्टाम्प ड्यूटी में 25 प्रतिशत की छूट अनुमन्य की गयी है।
उत्तराखण्ड इस प्रकार की नियुक्ति करने वाला एकमात्र राज्य है जहाँ भूतपूर्व सैनिकों में से ब्लाक प्रतिनिधियों की नियुक्ति कर उन्हें मानदेय दिया जा रहा है। इनका मानदेय रू0 8000/- प्रतिमाह किया गया है। इनका मुख्य कार्य अपने क्षेत्र के सेवानिवृत सैनिकों तथा सैनिक विधवाओं से सम्पर्क कर उनकी समस्याओं को सुलझाना है और उनको सभी मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी देना भी है।
उत्तराखण्ड के दूर-दराज के जिलों में निवास कर रहे पूर्व सैनिकों, विधवाओं के आश्रितों को सेना/अर्द्ध सैनिक बल एवं पुलिस भर्ती हेतु प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध करवा रहे हैं। प्रदेश में इस प्रकार के दो प्रशिक्षण केन्द्र देहरादून तथा टनकपुर (चम्पावत) में खोले गये हैं उत्तराखण्ड देश में इस प्रकार की सुविधा प्रदान करने वाला पहला प्रदेश है।
उत्तराखण्ड सैनिक विधवाओं की पुत्री एवं पूर्व सैनिकों की अनाथ पुत्रियों के विवाह हेतु एक लाख रूपये का अनुदान दिया जाता है। सैनिक विधवाओं के पुनर्विवाह हेतु एक लाख रूपये का अनुदान दिया जाता है। पूर्व सैनिकों तथा सैनिक विधवाओं के बच्चों को कक्षा 1 से स्नातकोत्तर/व्यावसायिक शिक्षा हेतु छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है।
राज्य सरकार द्वारा द्वितीय विश्व युद्ध की युद्ध विधवाओं एवं आश्रितों को राज्य सरकार की ओर से दी जाने वाली पेंशन की धनराशि को 8000 रू. प्रतिमाह से बढ़ाकर 10,000 प्रतिमाह किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संघ लोक सेवा आयोग, एनडीए, सीडीएस और उनके समकक्ष लिखित परीक्षा पास करने वाले राज्य के अभ्यर्थी को साक्षात्कार की तैयारी के लिए 50 हजार रूपये की सहायता दी जा रही है। सरकार द्वारा आगे आने वाले समय में भी सेवारत सैनिकों/पूर्व सैनिकों व उनके आश्रितों के हितों के लिए निरन्तर प्रयास जारी रहेंगे।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने भी अपने सम्बोधन में कारगिल शहीदों को नमन करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि के साथ वीर भूमि भी है।
कार्यक्रम में देहरादून के मेयर सुनील उनियाल गामा, सचिव सैनिक कल्याण दीपेंद्र चौधरी, ब्रिगेडियर दिनेश बडोला, मेजर जनरल संजय शर्मा, मेजर जनरल अमरदीप भारद्वाज, मेजर जनरल जी एस रावत, बड़ी संख्या में पूर्व सैन्य अधिकारी, पूर्व सैनिक और शहीदों के परिवार जन उपस्थित रहे।

देश के लिये अपने प्राण न्यौछावर करने वाले वीर सैनिकों को अर्पित की श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कारगिल विजय दिवस के अवसर पर भारतीय सेना के अदम्य साहस व शौर्य को नमन करते हुए देश के लिये अपने प्राण न्यौछावर करने वाले वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की है।
कारगिल विजय दिवस की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में भी देश के लिये बलिदान की परम्परा रही है। कारगिल युद्ध में बड़ी संख्या में उत्तराखण्ड के सपूतों ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुती दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों एवं उनके परिजनों के कल्याण के लिये वचनबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की सेना ने अपने शौर्य और पराक्रम से हमेशा देश का मान बढ़ाया है। हमें अपने जवानों की वीरता पर गर्व है। भारतीय सेना के अदम्य साहस व शौर्य का लोहा पूरी दुनिया मानती है।
भारतीय सेना के वीर जवानों ने कारगिल में विपरीत परिस्थितियों में भी दुश्मन को भागने पर मजबूर किया था। कारगिल युद्ध में देश की सीमाओं की रक्षा के लिए वीर सैनिकों के बलिदान को राष्ट्र हमेशा याद रखेगा।

कैबिनेट मंत्री अग्रवाल ने ऋषिकेश में शिवभक्तों पर की पुष्पवर्षा

सावन मास के दूसरे सोमवार को कैबिनेट मंत्री व क्षेत्रीय विधायक डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने तीर्थ यात्रा पर कांवड़ लेकर आये शिव भक्तों पर पुष्प बरसाए। इस मौके पर उनकी कुशल भी जानी।
सोमवार को बैराज मार्ग पर मंत्री डॉ अग्रवाल ने देश के अलग-अलग जगहों से कांवड़ लेकर आये शिव भक्तों पर पुष्प वर्षा की। उन्होंने कहा कि सावन मास सबसे पवित्र महीना है, यह भगवान शिव को समर्पित है। इस माह में भगवान शिव की पूजा का विशेष फल मिलता है। इस पूरे माह पर देशभर से श्रद्धालु कांवड़ में गंगाजल भरने हरिद्वार पहुंचते है और भगवान नीलकंठ के दर्शन करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने अव्यवस्था न फैले, इसके लिए व्यापक इंतजाम किए है, पुलिस प्रशासन का अच्छा व्यवहार व खान पान की व्यवस्था सरकार की कांवड़ यात्रा को लेकर आस्था को दर्शाती है। उन्होंने कांवड़ लेकर तीर्थ नगरी पहुंचे शिव भक्तों से उनकी कुशल भी जानी।
उन्होंने शिव भक्तों का स्वागत करते हुए आभार जताया और यात्रा की मंगल कामना की। वहीं, शिव भक्तों ने सरकार में कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल का अभिवादन स्वीकारते हुए सरकार की व्यवस्था की प्रशंसा की।
इस मौके पर मण्डल अध्यक्ष ऋषिकेश भाजपा दिनेश सती, वीरभद्र मंडल अध्यक्ष अरविंद चौधरी, महामंत्री सुमित पंवार, सुंदरी कंडवाल, निर्मला उनियाल, आरती दुबे, सुनील यादव, अविनाश सेमल्टी, बृजेश शर्मा, उषा जोशी, अनिता तिवारी, रीना शर्मा, शिव कुमार गौतम, राकेश चंद, राहुल दिवाकर, सदानंद यादव, राजकुमार, रविन्द्र बिरला, जगावर सिंह, साकेत शर्मा, माया घले, पुलिस क्षेत्राधिकारी और नगर कोतवाल आदि मौजूद रहे।
इससे पहले मंत्री डॉ अग्रवाल ने वीरभद्र महादेव मंदिर में धर्मपत्नी शशिप्रभा अग्रवाल के साथ सावन के दूसरे सोमवार को जलाभिषेक कर पूजा अर्चना की। इसके बाद उन्होंने पिपलेश्वर महादेव मंदिर पर भी दुग्धाभिषेक किया। उन्होंने भगवान शंकर से प्रदेश की उन्नति की कामना की।

दरबंद बिरादरी ने पांच हजार को लोगों को खीर का प्रसाद बांटा

दरबंद बिरादरी ऋषिकेश द्वारा आज सावन के दूसरे सोमवार को खीर प्रसाद का वितरण भोले नाथ के भक्तो और कावड़ियों को किया गया। जिसमें लगभग पांच हजार से ज्यादा लोगों को खीर प्रसाद वितरित की गयी।
सोमवार को हरिद्वार रोड स्थित खीर वितरण कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री व क्षेत्रीय विधायक डॉ प्रेम चंद्र अग्रवाल ने पहुँच कर बिरादरी के इस नेक कार्य के लिए बिरादरी को शुभकामनाएं दी। कहा कि सरकार और प्रशासन द्वारा कावड़ मेले के लिए सभी तरह से चाक चौबंद इंतजाम किये गये है, जो की आमजन की भागीदारी के बिना पूर्ण नहीं हो सकते।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि दरबंद बिरादरी तथा अन्य सामाजिक संस्थाएं जिस तरह से सरकार का साथ दे रही है, पूर्ण विश्वास है की सरकार और प्रशासन इस कांवड़ मेले को निर्विघ्न रूप से निपटाने में सफल होंगी।
इस मौके पर बिरादरी के अध्यक्ष पाली डंग एवं महासचिव राजेश अरोड़ा ने बताया कि बिरादरी द्वारा समय समय पर समाज सेवा के कार्य किए जाते रहें हैं, बिरादरी द्वारा मनीराम मार्ग पर बिरादरी भवन में होम्यो पेथी क्लिनिक का सफल रूप से संचालन किया जा रहा हैं। इसी कड़ी में कावड़ियों को खीर वितरण का कार्यक्रम किया गया हैं।
इस अवसर पर बिरादरी के वरिष्ठ सदस्य हरिकिशन अरोड़ा, सुभाष अरोड़ा, गोवर्धन लाल चावला, नंद किशोर बत्रा, अमन सदाना, महेश डंग, योगेश पाहवा, हरिश अरोड़ा, मनोज कालड़ा, दिलीप अरोड़ा, ओमप्रकाश बत्रा आदि उपस्थित रहे।

कैबिनेट मंत्री अग्रवाल ने महिलाओं को फलदार पौधें लगाने के लिए प्रेरित किया

कैबिनेट मंत्री व क्षेत्रीय विधायक डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने श्रावण माह के हरेला पर्व के उपलक्ष्य पर महिलाओं को अपने घरों में पौधरोपण के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर महिलाओं को विभिन्न प्रजाति के पौधे भी दिए गए। साथ ही सावन मास की बधाई भी दी।
रविवार को छिद्दरवाला में वृहद स्तर पर महिलाओं की मौजूदगी में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि हरेला और हरियाली किसी भी दिन मनाई जा सकती है। इसके लिए आप एक पौध अवश्य रोपित करें। उन्होंने कहा कि अक्सर हम सीजन के फल खाते है और उसकी गुठली को फेक देते है। कहा कि ऐसा न करें, उस गुठली को मिट्टी में दबाकर उसे पौध बनाने के लिए तैयार करें। उन्होंने उदाहरण देकर कहा कि वर्तमान में आम का सीजन है, आम खाकर उनकी गुठली से पौध बनाए।
डॉ अग्रवाल ने महिलाओं से मांगलिक कार्यों के दौरान पौधा रोपण की परंपरा को शुरू करने को कहा। उन्होंने कहा कि दामाद अपने ससुराल में और बिटिया शादी के बाद जब पहली बार ससुराल जाए तो एक पौधा रोपे। कहा कि अपनों की याद में भी पौधा रोपे।
डॉ अग्रवाल ने मौके पर कहा कि पौध रोपण के साथ उसके संरक्षण पर भी ध्यान देना होगा। पौधों की देखभाल करें। कहा कि यह पौधा हमें बड़ा होकर छाया, फल प्रदान करेगा और जीवन रक्षक प्राणवायु ऑक्सीजन भी देगा। उन्होंने पौधरोपण के जरिये वातावरण को शुद्ध बनाने में सहयोग की अपील की। इस मौके पर विभिन्न प्रजाति के फलदार, छायादार पौधे रोपे गए।
इस मौके पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र नेगी, प्रधान सोहन सिंह कैंतुरा, विमला नैथानी, अनिता राणा, महिला मोर्चा मण्डल अध्यक्ष समा पंवार, आशा व्यास, कोमल देवी, मंगली देवी, संगीता देवी, सुशीला देवी, कमलेश बिष्ट, अंबिका रांगड़, पुष्पा देवी, उमा देवी, दीपा सजवाण, गीता भंडारी, शकुंतला देवी, बसन्ती देवी, मोनिका, मीना देवी सहित ग्रामीण महिलाएं उपस्थित रही।

युवा कलाकार राजेश चंद्र को राज्यपाल ने दिया टास्क, सम्मानित भी किया

vराज्यपाल गुरमीत सिंह ने विश्व महासागर दिवस पर संयुक्त राष्ट्र संगठन में अपनी कला का प्रदर्शन कर प्रदेश व देश का नाम रोशन करने वाले तीर्थनगरी के युवा कला शिक्षक राजेश चंद्र को राजभवन में सम्मानित किया। बता दें कि राजेश अभी आरएनआई इंटर कॉलेज में कला शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं व कुछ दिन पहले विश्व सागर दिवस पर उन्हें व उनके विद्यार्थियों के प्रदूषण के खिलाफ बनाईगयी कला को संयुक्त राष्ट्र विश्व महासागर दिवस में प्रदर्शित किया गया था। इसके साथ ही राजेश लगातार तीन बार सयुंक्त राष्ट्र संघ में प्रदर्शित हो चुके हैं। उन्होंने अपनी पेंटिंग पेपर बोट राज्यपाल को भेंट की जिसे उन्होंने बहुत सराहा। राजेश ने बताया कि राज्यपाल ने उनकी पर्यावरण बचाओ का संदेश देने वाली कलाकारी से प्रभावित होकर उन्हें एक और चित्र बनाने को कहा जो कि देवभूमि और जीरो प्लास्टिल थीम पर बेस्ड होगा। जिसे खुद राज्यपाल ही अनावरण करेंगे। राजेश ने बताया कि आने वाली एक महत्वपूर्ण बैठक में भी उन्हें आमंत्रित किया है जिसमें उत्तराखंड से प्लास्टिक को खत्म करने को मुहिम पर कार्य किया जाएगा। राज्यपाल ने राजेश को लगातार तीन बार संयुक्त राष्ट्र में उनकी पेंटिंग को शामिल होने के लिए बधाई दी और उनके पर्यावरण अभियानों के लिए उनका समर्थन करने का वादा किया। इस अवसर पर उन्होंने राजेश को पेन और टाई का एक सेट भेंट कर सम्मानित किया, जिस पर राजभवन उत्तराखंड की मुहर लगी हुई थी। इस अवसर पर राजेश के मामा भी साथ रहे।

अजय देवगन को तीसरी बार मिलेगा राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, आज हुई घोषणा

68वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के विजेताओं की घोषणा आज हो गई है। नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए विजेताओं की सूची घोषित की गई है। तमिल फिल्म सूरराई पोट्रू को बेस्ट फीचर फिल्म का अवॉर्ड मिला है। सूरराई पोट्रू के एक्टर सूर्या और अजय देवगन को फिल्म तान्हाजी द अनसंग वॉरियर के लिए बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड संयुक्त रूप से मिला है। तान्हाजी द अनसंग वॉरियर को बेस्ट फिल्म इन होलसम एंटरटेनमेंट का अवॉर्ड मिला है। इसके अलावा फिल्म साइना के लिए मनोज मुंतशिर को बेस्ट लिरिक्स का अवॉर्ड मिला।
पुरस्कार श्रेणियों की बात करें तो सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का अवॉर्ड तमिल फिल्म सूरराई पोट्रू को मिला है। वहीं, बेस्ट हिंदी फीचर फिल्म का अवॉर्ड मृदुल तुलसीदास की फिल्म तुलसीदास जूनियर को मिला। फिल्म में संजय दत्त लीड रोल में थे। सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का खिताब तान्हाजी द अनसंग वॉरियर के लिए अजय देवगन और सूरराई पोट्रू के एक्टर सूर्या को संयुक्त रूप से मिला है। अभिनेत्री अपर्णा बालामुरली को सूरराई पोट्रू के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड मिला है। इसके अलावा मलायलम फिल्म ए.के.अयप्पन कोशियम के लिए दिवंगत डायरेक्टर सच्चिदानंदन के.आर को बेस्ट डायरेक्टर का अवॉर्ड मरणोपरांत दिया गया।

68वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के विजेताओं की सूची
सर्वश्रेष्ठ बंगाली फिल्म – अविजात्रिक
सर्वश्रेष्ठ हिंदी फिल्म – तुलसीदास जूनियर
सर्वश्रेष्ठ कन्नड़ फिल्म – डोलू
सर्वश्रेष्ठ मराठी फिल्म – गोष्ठा एका पैठानाची
सर्वश्रेष्ठ तमिल फिल्म – शिवरंजनियम इन्नुम सिला पैंगुल्लमट
सर्वश्रेष्ठ तेलुगु फिल्म – कलर फोटो
सर्वश्रेष्ठ असामी फिल्म – ब्रिज
सर्वश्रेष्ठ मलायलम फिल्म – थिंकड़युवा निश्चियम
सर्वश्रेष्ठ हरियाणवी फिल्म – दादा लखमी
सर्वश्रेष्ठ तुलु फिल्म – जितिगे
बेस्ट फीचर फिल्म – सूरराई पोट्रू (तमिल फिल्म)
बेस्ट एक्ट्रेस – अपर्णा बालामुरली (सूरराई पोट्रू)
बेस्ट एक्‍टर – अजय देवगन (तान्हाजी: द अनसंग वॉरियर), सूर्या (सूरराई पोट्रू )
बेस्टर मेल प्लेबैक सिंगर – राहुल देशपांडे (मी वसंतराव)
बेस्टर फीमेल प्लेबैक सिंगर – नचम्मा (ए.के.अयप्पन कोशियम)
बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर – बिजू मेनन (ए.के.अयप्पन कोशियम)
बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस – लक्ष्मी प्रिया चंद्रमौली (सिवरंजमनियम इन्नम सिले पेंगल्लम)
बेस्ट डायरेक्टर – सच्चिदानंदन के.आर (ए.के.अयप्पन कोशियम)
बेस्ट एक्शन एंड डायरेक्शन- राजशेखर, माफिया सासी और सुप्रीम सुंदर (ए.के.अयप्पन कोशियम)
बेस्ट कोरियोग्राफर- संध्या राजू (नाट्यम, तेलुगु)
बेस्ट लिरिक्स- मनोज मुतंशिर (साइना)
बेस्ट म्यूजिक डायरेक्शन- थमन एस (अला वेकेंटापुर्रामुल्लू)
बेस्ट कॉस्ट्यूम डिजाइनर- नचिकेत बर्वे और महेश शेर्ला (तान्हाजी द अनसंग वॉरियर)
बेस्ट स्क्रीनप्लो (ऑरिजनल)- शालिनी ऊषा नायर और सुधा कोंगारा (सूरराई पोट्रू )

गौरतलब है कि अजय देवगन का ये तीसरा नेशनल अवॉर्ड है। वहीं, बेस्ट क्रिटिक अवॉर्ड इस साल किसी फिल्म को नहीं मिला है। कोविड महामारी के कारण कोई एंट्री नहीं आई है। मोस्ट फ्रेंडली फिल्म स्टेट का अवॉर्ड मध्य प्रदेश को मिला है। इसके अलावा यूपी और उत्तराखंड को संयुक्त रूप से स्पेशल मेंशन अवॉर्ड मिला है। भारतीय सिनेमा की पहली एक्ट्रेस देविका रानी पर आधारित किश्वर देसाई की किताब The Longest Kiss को बेस्ट बुक ऑन सिनेमा का अवॉर्ड मिला। डिज्नी प्लस हॉटस्टार की डॉक्यूमेंट्री 1232 किमी के गाने ‘मरेंगे तो वहीं जाकर’ के लिए विशाल भारद्वाज को नॉन फीचर बेस्ट म्यूजिक डायरेक्शन का अवॉर्ड मिला।

आजादी के अमृत महोत्सव के तहत हर घर में तिरंगा कार्यक्रम का होगा आयोजन

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने शुक्रवार को सचिवालय में आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर हर घर तिरंगा कार्यक्रम की तैयारियों के सम्बन्ध में सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक ली।
मुख्य सचिव ने कहा कि आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 13, 14 एवं 15 अगस्त, 2022 को हर घर तिरंगा कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। मुख्य सचिव ने कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु हर घर तिरंगा कार्यक्रम में प्रदेश के लोगों को स्वः प्रेरणा से अपने घरों में तिरंगा फहराए जाने हेतु जागरूक किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में इसके लिए जागरूकता अभियान चलाए जाएं। इसका वीडियो, सोशल मीडिया एवं समाचार पत्रों एवं न्यूज चैनलों के माध्यम से प्रचार प्रसार किया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि एक साथ सभी घरों में झंडा फहराए जाने के कारण झंडों की उचित मात्रा की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। विभिन्न विभागों एवं स्वयं सहायता समूहों एवं वेंडर्स के द्वारा इसके लिए झंडों की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी। सभी जिलाधिकारी इसके लिए लगातार मॉनिटरिंग करें।
मुख्य सचिव ने सभी सम्बन्धित अधिकारियों एवं जिलाधिकारियों को फ्लैग कोड के अनुसार राष्ट्रीय झंडे के सम्मान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में तिरंगे के वितरण एवं उसके बाद वापस कलेक्शन की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए एवं इसका प्रचार प्रसार भी किया जाए। कहा कि लोगों को इससे अवगत कराया जाए कि किसी भी कीमत में झंडे का अपमान नहीं होना चाहिए। कार्यक्रम के बाद झंडे को अपने सबसे नजदीकी किसी भी सरकारी कार्यालय में जमा कराया जाए, जिसे सम्बन्धित विभागों द्वारा जमा कर उचित देखरेख में फ्लैग कोड के अनुसार डिस्पोज किया जाएगा।
मुख्य सचिव ने कहा कि आजादी की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर हम सभी को आजादी के सम्मान में अधिक से अधिक भागीदारी निभाते हुए इस कार्यक्रम को सफल बनाना है।
बैठक के दौरान सचिव संस्कृति से एच. सी. सेमवाल ने बताया कि हर घर तिरंगा हेतु फ्लैग कोड में थोड़ा परिवर्तन किया गया है, जिसमें खादी के साथ ही टेरीकॉट के कपड़े के उपयोग और साइज में परिवर्तन किया गया है। उन्होंने बताया कि बाजार में 9 रुपए से लेकर 31 रुपए तक के तिरंगे उपलब्ध हैं।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द वर्द्धन, विशेष प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, सचिव वी. वी. आर. सी. पुरुषोत्तम, विनोद कुमार सुमन, एच. सी. सेमवाल और अपर सचिव एवं महानिदेशक सूचना रणवीर सिंह चौहान सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

हरिद्वार में कांवड़ यात्रियों पर हेलीकाप्टर से की गयी पुष्प वर्षा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में हरिद्वार के जिलाधिकारी विनय शंकर पाण्डेय एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. योगेन्द्र रावत द्वारा जनपद हरिद्वार के नारसन बार्डर से, कांवड़ पट्टी पर चल रहे, श्रद्धालु कांवड़ियों के ऊपर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा कर स्वागत व अभिनन्दन किया गया। श्रद्धालु कावंड़ियों के ऊपर पुष्प वर्षा करने का यह क्रम बैरागी कैम्प, शंकराचार्य चौक, हरि की पैड़ी तथा अपर रोड़ तक संचालित किया गया। पुष्प वर्षा के समय का यह अलौकिक दृश्य देखने लायक था। श्रद्धालु कांवड़िये अपने ऊपर पुष्प वर्षा होते देख भाव विभोर हो रहे थे तथा सरकार द्वारा किये जा रहे स्वागत व अभिनन्दन व्यवस्थाओं की हृदय से प्रशंसा करते दिखाई दिये। हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा के समय बम-बम भोले की गूंज से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो रहा था।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी बुधवार को हरिद्वार में डामकोठी के निकट गंगा घाट पर शिव भक्तों का स्वागत किया। उन्होंने कांवड़ यात्रा में देवभूमि उत्तराखण्ड आये शिव भक्तों के चरण धोकर एवं गंगाजली देकर स्वागत किया था। उन्होंने श्रावण मास में भगवान शंकर को जल अर्पित करना पुरातन परंपरा है। यह मास भगवान शंकर को समर्पित रहता है।
हरिद्वार में प्रतिदिन लाखों शिवभक्तों का कांवड़ यात्रा में शामिल होकर मां गंगा का आशीर्वाद लेने का क्रम निरंतर जारी है। अब तक लाखों शिवभक्त पवित्र गंगा जल लेकर अपने गंतव्य की ओर लौट चुके हैं। अपने अपने क्षेत्रों के शिवालयों में गंगाजल अर्पण के पश्चात उनकी यात्रा पूर्ण होती है।
कावड़ यात्रा के संबंध में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये हैं कि कावड़ यात्रियों का देवभूमि उत्तराखण्ड में सभी सुविधाओं का ध्यान रखा जाए तथा उनकी सेवा में कोई कमी न रहे।