अतिरिक्त दुरी के साथ बड़ा किराया भी देना पड़ रहा

कांवड़ यात्रा के चलते रोडवेज ने दिल्ली की बसों का रूट बदल दिया है। अब बसें करनाल (हरियाणा) होकर दिल्ली पहुंच रही है। यहां से यात्रियों को 41 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। साधारण बसों के किराया में तीस रुपये की बढ़ोत्तरी हुई है।
कांवड़ यात्रा में दून-मेरठ-दिल्ली पर यात्रियों की भीड़ बढ़ती जा रही है। इसकी वजह से पुलिस ने बुधवार से दिल्ली जाने और वहां से आने वाली बसों का रूट बदल बदल दिया है। अब दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद और जयपुर की बसें वाया पांवटा साहिब-करनाल से आवाजाही जा रही हैं। यहां से बसों को 41 किमी की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। देहरादून से वाया रुड़की दिल्ली की दूरी 258 किमी है, जो अब बढ़कर 317 किमी हो गई है। इसी हिसाब से किराया भी बढ़ गया है। साधारण बस का दिल्ली का किराया 375 से 405, एसी जनरथ का 525 से 604 और वॉल्वो का 888 रुपये से 919 रुपये हो गया है।
महाप्रबंधक (संचालन) दीपक जैन ने बताया कि किराया बढ़ोतरी केवल रूट डायवर्जन तक ही लागू रहेगी। यात्रा समाप्त होने के बाद जैसे ही पुराने रूट पर रोडवेज बसें चलेंगी, वैसे ही किराया भी पूर्व की भांति कम हो जाएगा।

पंचक हटते ही कांवड़ियों की संख्या में इजाफा
पंचक बुधवार को हट गए। पंचक में कांवड़ न उठाने वाले क्षेत्रों के भी लाखों कांवड़िए मंगलवार को ही हरिद्वार पहुंच गए थे। बुधवार सवेरे से बड़ी संख्या में हरियाणा, पंजाब और दिल्ली से कांवड़ियों का आगमन प्रारंभ हो गया। हाईवे से लेकर शहर का कोना-कोना भोले के जयकारों से गूंज उठा।
कांवड़ पटरी पर शिवभक्तों का कारवां अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहा है। डीजे की धुन पर नृत्य करते हुए भोले के भक्तों का सैलाब हाईवे पर आरक्षित लेन में दिखाई दे रहा था। रंग-बिरंगी कांवड़ को देखने के लिए हाईवे के दोनों तरफ लोगों की भीड़ जुट रही है। हाईवे पर कांवड़ियों की भीड़ को देखते हुए पुलिस भी चप्पे-चप्पे पर तैनात है।

सीएम ने हरिद्वार में किया शिवभक्तों का स्वागत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को हरिद्वार में डामकोठी के निकट गंगा घाट पर शिव भक्तों का स्वागत किया। उन्होंने कांवड़ यात्रा में देवभूमि उत्तराखण्ड आये शिव भक्तों के चरण धोकर एवं गंगाजली देकर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मां गंगा की कृपा सभी पर बनी रहे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने डामकोठी में वृक्षारोपण भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड आये शिव भक्तों में भगवान शिव का अंश दिखता है। उन्होंने कहा कि कांवड़ की सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चले, इसके लिए सरकार द्वारा कांवड़ यात्रा के लिए पहली बार अलग से बजट की व्यवस्था की गई। सभी कांवड़ श्रद्धालु गंगा जल लेकर भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। श्रद्धालुओं को राज्य में कोई भी परेशानी न हो, इसके लिए राज्य सरकार द्वारा हर सम्भव सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास किये गये हैं। कांवड़ मेले के सुचारू प्रबंधन के लिए मुख्यमंत्री ने सामाजिक संस्थाओं, स्वयं सेवी संस्थाओं, शासन एवं जिला प्रशासन के कार्यों की भी सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में इस वर्ष चारधाम एवं कांवड़ में रिकॉर्ड श्रद्धालु आ रहे हैं। अभी तक 27 लाख से अधिक रजिस्टर्ड श्रद्धालु चारधाम दर्शन के लिए आ चुके हैं। आज 28 लाख से अधिक कांवड़ यात्री देवभूमि उत्तराखण्ड में हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा में श्रद्धालुओं को किसी भी परेशानी का सामना न करने पड़े, इसके लिए उच्च स्तर पर एक वाट्सप ग्रुप भी बनाया गया है, इस ग्रुप के माध्यम से सभी व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग की जा रही है, मुख्यमंत्री स्वयं इस ग्रुप से जुड़े हैं।
इस अवसर पर विधायक आदेश चौहान, प्रदीप बत्रा, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, गढ़वाल कमिश्नर सुशील कुमार, डीआईजी गढ़वाल के. एस. नगन्याल, जिलाधिकारी हरिद्वार विनय शंकर पाण्डेय, एस.एस.पी डॉ. योगेन्द्र सिंह रावत, मुख्य विकास अधिकारी प्रतीक जैन एवं शिवभक्त मौजूद रहे।

गढ़वाल महासभा ने खैरी का दिन फिल्म के निर्देशक व कलाकारों को किया सम्मानित

अंतरराष्ट्रीय गढ़वाल महासभा ने सफलता के परचम लहरा रही उत्तराखंडी फीचर फिल्म खैरी का दिन के कलाकारों को सम्मानित किया।

फिल्म के निर्देशक व तमाम कलाकारों की सराहना करते हुए महासभा के अध्यक्ष डॉ राजे सिंह नेगी ने उनको पुष्प गुच्छ व स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। कहा कि लंबे अर्से के बाद कोई गढ़वाली फिल्म दर्शकों की कसौटी पर खरा उतर पाई है। इसका पूरा श्रेय फिल्म का लाजवाब निर्देशन करने वाले अशोक चौहान व सभी कलाकारों के उम्दा अभिनय को जाता है।

डॉ राजे नेगी ने बताया कि आज से तीन दशक पूर्व गढ़वाली फीचर फिल्म घरजवें और चक्रचाल के बाद खेरी का दिन एक मात्र फ़िल्म है जो जबरदस्त रूप से सूपरहिट साबित हुई है। इस दौरान फिल्म के प्रचार प्रसार में सहयोग के लिए फिल्म के निर्देशक अशोक चौहान ने बताया कि दर्शकों की जबरदस्त डिमांड के बाद एक सप्ताह तक आगे भी फिल्म का प्रदर्शन रामा पैलेस थियेटर में जारी रहेगा। कल से लगने वाले शो में यह फ़िल्म ऋषिकेश नगर के सरकारी एवं पब्लिक स्कूल के बच्चो को दिखाई जाएगी ताकि बच्चे भी अपनी बोली, भाषा, संस्कृति से रूबरू हो सकें।

इस अवसर पर फिल्म अभिनेत्री गीता उनियाल, पूजा काला, शुभांगी देवली, रीता भंडारी, अभिनेता राजेश मालगुडी एवं रणवीर चौहान, लोक गायक धूम सिंह रावत, उत्तम सिंह असवाल आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

कोरोना योद्धा राजकरण सिंह को समर्पित की गंगा आरती

ऋषिकेश गंगा आरती ट्रस्ट एवं सिंह परिवार के सदस्यों ने लखनऊ निवासी गंगा व गौ प्रेमी और कोरोना योद्धा राजकरण सिंह ऊर्फ मुन्ना सिंह के भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुये उनकी आत्मा की शान्ति हेतु मौन रखा। जानकीपुल पूर्णानंद घाट गंगा तट पर महिलाओं द्वारा होने वाली माँ गंगा की आरती स्वर्गीय श्री स्वर्गीय राजकरण सिंह ऊर्फ मुन्ना सिंह को समर्पित की। कोरोना संक्रमण काल में उन्होंने जान की परवाह किए बगैर लोगों को संक्रमण से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, कोरोना संक्रमण काल के दौरान 1000 लोगों को प्रतिदिन भोजन की व्यवस्था कराई थी।
राजकरण सिंह ऊर्फ मुन्ना सिंह की याद में आज पूर्णानंद घाट में विशेष पूजन और श्री गीता पाठ का आयोजन किया गया जिसमें सम्पूर्ण सिंह परिवार ने हिस्सा लिया। डॉक्टर सुनील दत्त थपलियाल कर्मठ संयोजक आवाज साहित्य संस्था ने कहा कि उनका जीवन अद्भुत व्यक्तित्व, सरल हृदय और प्रभु के श्री चरणों में समर्पित जीवन था।
श्रद्धांजलि देने वालों में डॉक्टर ज्योति शर्मा, गंगा भक्त सोनल पांड्या, सुशीला सेमवाल, संध्या शुक्ला, आचार्य अभिनव पोखरियाल, दिल्ली से आनन्द गुप्ता, डब्बू सिंह, जस करन सिंह, कुलदीप सिंह, सतीश कुमार, अंकित कुमार, आकाश क्यार आदि शामिल रहे।

उत्तराखंड की संस्कृति को बचाना है तो अधिक से अधिक बोली भाषा का प्रसार जरुरी

ऋषिकेश के सिनेमाहॉल में शुक्रवार को गढ़वाली फिल्म खैरी का दिन का प्रदर्शन किया गया। आंचलिक फिल्म को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी। दर्शकों ने कलाकारों की प्रशंसा की और गढ़वाल की संस्कृति के संरक्षण के लिए इस प्रकार की फिल्मों को जरूरी बताया।
शुक्रवार को ऋषिकेश के सिनेमा हॉल रामा पैलेस में गढ़वाली फिल्म ‘खैरी का दिन का पहला शो लगा। इसका उद्घाटन कांग्रेस नेता जयेद्र रमोला ने किया। उन्होंने कहा कि पूरे हिन्दुस्तान में हर प्रदेश में अपनी बोली व अपनी भाषा से पहचान है, परन्तु उत्तराखंड में आज भी हमें अपनी बोली को भाषा का दर्जा दिलाने के लिये संघर्ष करना पड़ रहा है। क्योंकि, हम लोग स्वयं अपनी गढ़वाली बोली में बात करने में हिचक महसूस करते हैं। उत्तराखंड के स्थानीय कलाकार फिल्मों के माध्यम से अपनी भाषा व संस्कृति को बचाने का कार्य कर रहे हैं। हमें इनको प्रोत्साहित करना चाहिए।
गढ़वाल महासभा के अध्यक्ष डॉ. राजे सिंह नेगी ने बताया कि महेश्वरी फिल्म्स के बैनर तले डीएस पंवार की इस फिल्म के निर्माता और निर्देशक अशोक चौहान हैं। सह निर्माता रोशन उपाध्याय, डीओपी युवी नेगी, एडीटर अरुण नेगी, सहायक जयदेव भट्टाचार्य, कुलदीप देवली, बसंत घिल्डियाल, नृत्य निर्देशक अरविंद नेगी, संगीत अमित कपूर का है। ऋषिकेश से पहले यह फिल्म दून, नई दिल्ली व कोटद्वार में लगाई जा चुकी है। फिल्म पहाड़ की कठिन परिस्थितियों व मुद्दों को लेकर आवाज उठाती है।

रामा पैलेज से एक जुलाई से दिखाई जायेगी गढ़वाली फिल्म खैरी का दिन

आंचलिक फिल्मों के जरिए हमारी संस्कृति को पहचान मिलती है, इनसे हमारी संस्कृति को और करीब से जानने का अवसर मिलता है। यह बात एआईसीसी के सदस्य जयेंद्र रमेाला ने कही।

बता दें कि एक जुलाई से रामा पैलेस ऋषिकेश में प्रदर्शित होने वाली गढ़वाली फ़िल्म’ ’खैंरी का दिन’ के पहले शो शुभारम्भ कांग्रेस नेता जयेन्द्र रमोला करेंगे।

कांग्रेस नेता जयेन्द्र रमोला ने बताया कि पूरे हिन्दुस्तान में हर प्रदेश में अपनी बोली व अपनी भाषा से पहचान है परन्तु उत्तराखण्ड में आज भी हमें अपनी बोली को भाषा का दर्जा दिलाने के लिये संघर्ष करना पड़ रहा है क्योंकि हम लोग स्वयं अपनी गढ़वाली बोली में बात करने में हिचक महसूस करते हैं परन्तु उत्तराखण्ड के स्थानीय कलाकार आज फ़िल्मों के माध्यम से अपनी भाषा व संस्कृति को बचाने का कार्य कर रहे हैं और हमें इनको प्रोत्साहित करना चाहिये।

कांवड यात्रा की व्यवस्थाएं चाक-चौबंद हो-सुबोध उनियाल

आगामी कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले ही व्यवस्थाएं चाक-चौबंद हों, ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। मुनिकीरेती स्थित जीएमवीएन के गेस्टहाउस गंगा रिसोर्ट में आगामी कांवड़ यात्रा के मद्देनजर आयोजित बैठक में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने आला अधिकारियों को सख्त हिदायत दी।
कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कांवड़ यात्रा मार्ग पर पार्किंग, सड़कों, पेयजल, चिकित्सा एवं सफाई की व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों से पूछताछ की, जिसके बाद उन्होंने शीघ्र ही इन व्यवस्थाओं को दुरस्त करने के निर्देश दिए। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार, ऋषिकेश, मुनिकीरेती, रामझूला, स्वर्गाश्रम, तपोवन, नीलकंठ आदि जगहों पर बड़ी संख्या में शिवभक्तों का सैलाब उमड़ता है। बीते दो वर्षों से कोविड-19 महामारी के कारण कांवड़ यात्रा बंद रही, इस वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उमड़ने की उम्मीद की जा रही है। इसके मद्देनजर कांवड़ यात्रा शुरू होने से पूर्व अधिकारियों को तैयारियां पूर्ण करने हेतु निर्देशित किया गया है।
मौके पर जिलाधिकारी टिहरी ईवा आशीष श्रीवास्तव, जिलाधिकारी पौड़ी विजय जोगदंडे, जिलाधिकारी हरिद्वार विनय शंकर पांडे, एसएसपी टिहरी नवनीत सिंह, एसपी ग्रामीण देहरादून कमलेश उपाध्याय, एसपी हरिद्वार योगेंद्र सिंह रावत, लोक निर्माण विभाग नरेंद्रनगर के अधिशासी अभियंता मौहम्मद आरिफ खान, सीएमओ टिहरी संजय जैन, चिकित्साप्रभारी फकोट जगदीश जोशी, नगर पालिका मुनिकीरेती-ढालवाला ईओ तनवीर मारवाह आदि उपस्थित रहे।

तीन दिवसीय रस महोत्सव का काबीना मंत्री ने किया शुभारंभ

इंडियन हुमिनिटी फाउंडेशन और पंथी जन कल्याण समिति की ओर से आजादी का अमृत महोत्सव के तहत कलाकारों को प्रोत्साहित करने हेतु तीन दिवसीय कार्यक्रम श्री रस महोत्सव आयोजित हुआ। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में कैबिनट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने शिरकत की और कलाकारों का हौसला बढ़ाया।

शुक्रवार को श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज के परशुराम सभागार में आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम श्री रस महोत्सव का शुभारंभ मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि पहाड़ों व मैदानी क्षेत्रों में हमारी बहुत सी प्रतिभाएं हैं। उत्तराखंड से बहुत से युवा रंगमंच पर अपनी छाप रहे है, यही नहीं छोटे और बड़े पर्दे पर हमारे युवा सराहनीय अभिनय करते हुए प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कोरोना काल से पिछले दो वर्षों से हमारे कलाकारों को कोई काम नहीं मिल पाया। उनके लिए ऋषिकेश में अंतरराष्ट्रीय स्तर का मंच प्रदान कर इंडियन हुमिनिटी फाउंडेशन और पंथी जन कल्याण समिति ने अच्छी पहल की है। इस तरह के आयोजन समय दर समय आयोजित किये जाने चाहिए। इससे कलाकारों के अभिनय में भी निखार आता है। साथ ही उनका मनोबल भी बढ़ता है। इसके अलावा उन्हें प्रतिभा के बल पर कार्य भी मिलता है।

इस मौके पर उड़ीसा, गुजरात, अलीगढ़, बनारस, अहमदाबाद, झारखंड सहित देशभर के विभिन्न प्रान्तों से कलाकारों ने प्रतिभाग किया। बात दें कि तीन दिवसीय चलने वाले कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कोरोना काल से हतोत्साहित हो चुके कलाकारों को मंच प्रदान कर उनकी प्रतिभा को पुनः जगाना है। इस मौके पर विभिन्न प्रान्तों से पहुंचे कलाकारों ने अपनी संस्कृतिक प्रस्तुति दी।

इस मौके पर इंडियन हुमिनिटी फाउंडेशन के अध्यक्ष नवीन शर्मा, पंथी जन कल्याण समिति के अध्यक्ष रीति सकलानी, मंडल अध्यक्ष भाजपा ऋषिकेश दिनेश सती, महामंत्री सुमित पंवार, वरिष्ठ भाजपा नेता देवेंद्र दत्त सकलानी, संजय शास्त्री, प्रधानाचार्य मेजर गोविंद सिंह रावत, मंडल अध्यक्ष महिला मोर्चा उषा जोशी, अनिता तिवाड़ी, पुष्पा नेगी, जयंत शर्मा, पार्षद शिव कुमार गौतम, डॉ विभोर कुकरेती, माधवी गुप्ता, रूपेश गुप्ता आदि कलाकार उपस्थित रहे।

अंतरराष्ट्रीय गढ़वाल महासभा ने फिल्म खैरी का दिन का पोस्टर किया लांच

अंतरराष्ट्रीय गढ़वाल महासभा ने महेश्वरी फ़िल्म की प्रस्तुति उत्तराखंडी फिल्म खैैरी का दिन के पोस्टर का विमोचन किया। महासभा के अध्यक्ष डॉ राजे सिंह नेगी, फ़िल्म निर्माता/निदेशक अशोक चौहान आशु, सह निर्माता रोशन उपाध्यय, फ़िल्म अभिनेता राजेश मालगुडी, रणवीर ने संयुक्तरूप से किया।

फिल्म निर्देशक एवं कलाकार देवभूमि ऋषिकेश में फिल्म के प्रमोशन के लिए पहुंचे। अंतरराष्ट्रीय गढवाल महासभा के कार्यालय में एक कार्यक्रम के दौरान फिल्म के पोस्टर का विमोचन किया। फ़िल्म निर्देशक अशोक चौहान ने बताया कि उनकी यह फ़िल्म अबतक कोटद्वार एवं देहरादून के थियेटर में सुपर हिट साबित हुई है। फ़िल्म का एक शो शुक्रवार 1 जुलाई से ऋषिकेश के रामा पैलेस सिनेमा हॉल में सुबह 10 बजे एक शो में प्रदर्शित किया जाएगा। पूरी तरह से पारिवारिक पृष्ठभूमि एवं पलायन का दर्द छलकाती इस फ़िल्म में उत्तराखंड सिनेमा के अनुभवी अभिनेता एवं अभिनेत्रियों ने काम किया है। इस दौरान अपनी लोकभाषा, संस्कृति को बढ़ावा देने हेतु एवं फिल्म को ऋषिकेश में हिट बनाने के लिए गढ़वाल महासभा ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में थिएटर पहुंच फिल्म देखने की अपील भी की।
इस दौरान लोक गायक धूम सिंह रावत, समाजसेवी सोहन उनियाल, रीता भंडारी, धर्मेंद्र चौहान, उत्तम सिंह असवाल, पंकज गुसाईं, निशा भंडारी, नवल सेमवाल उपस्थित थे।

सीएम ने श्री बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान के तहत संचालित कार्यो का निरीक्षण किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को श्री बदरीनाथ पहुंचकर मास्टर प्लान के तहत संचालित कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को मास्टर प्लान के तहत संचालित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। कहा कि निर्माण कार्याे को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूरा किया जाए। इस दौरान सीएम ने रिवर फ्रंट डेवलपमेंट, एराइवल प्लाजा, झीलों का सौंदर्यीकरण, अस्पताल का विस्तारीकरण, लूप रोड व बीआरओ बाईपास निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया और निर्माण कार्याे की प्रगति पर संतुष्टि व्यक्त की। जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने मुख्यमंत्री को मास्टर प्लान के तहत प्रथम चरण में संचालित कार्याे की प्रगति से अवगत कराया।
पत्रकारों से वार्ता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के चारों धामों में हर साल श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है। तीर्थयात्रियों की यात्रा सुगम हो, इसके लिए सरकार संकल्पबद्ध है। कहा कि प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत बद्रीनाथ धाम में भी तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए ढांचागत विकास कार्य किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों के सहयोग से बद्रीनाथ धाम में विकास कार्य किए जाएंगे। मास्टर प्लान के तहत स्ट्रीट स्कैपिंग, क्यू मैनेजमेंट, मंदिर एवं घाट सौंदर्यीकरण, तालाबों का सौंदर्यीकरण, बद्रीश वन, पार्किंग फैसिलिटी, सड़क एवं रिवर फ्रंट डेवलपमेंट आदि निर्माण कार्य चरणबद्ध ढंग से किए जाएंगे और बदरीनाथ मंदिर के चारों ओर श्रद्धालुओं के आवागमन की सुविधाओं को बेहतर बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट केदारनाथ धाम की तर्ज पर बद्रीनाथ धाम को भी विकसित करने हेतु मास्टर प्लान के तहत चरणबद्ध ढंग से बुनियादी ढांचे का विकास किया जा रहा है। जिसमें पहले चरण का कार्य चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने बद्रीनाथ मंदिर पहुंचकर भगवान श्री बद्रीनाथ की विशेष पूजा अर्चना करते हुए देश और प्रदेश की खुशहाली की कामना भी की। बद्रीनाथ धाम में तीर्थयात्रियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी हिमांशु खुराना, पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे, एडीएम आशीष त्रिपाठी, एसडीएम कुमकुम जोशी, सीओ धन सिंह तोमर, सीओ नताशा सिंह, सहकारी बैंक अध्यक्ष गजेंद्र रावत, मंदिर समिति के उपाध्यक्ष किशोर पंवार सहित मास्टर प्लान से संबंधित जिला स्तरीय विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।