सीएम आवास में होली मिलन कार्यक्रम, सीएम ने खूब लगाया आगुन्तकों को रंग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा होली के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में होली मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, प्रबुद्धजनों, समाजसेवियों, मीडिया तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों तथा अधिकारियों ने भागीदारी कर मुख्यमंत्री को होली की बधाई दी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आत्मीयता के साथ सभी से मिले तथा होली की शुभकामना दी। मुख्यमंत्री ने उमंग और आपसी सौहार्द के पर्व को आपसी सद्भाव तथा भाईचारे के साथ मनाने की सभी से अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति आपसी भाईचारे का संदेश देती है। होली के पावन पर्व पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों की सुख शांति एवं समृद्धि के साथ खुशहाल जीवन की भी कामना की।

सभी मेडिकल कॉलेज में होगी कैथ लैब की स्थापना-धामी

राज्य के जिन मेडिकल कॉलेजों में कैथ लैब नहीं हैं, उन सभी मेडिकल कॉलेजों में कैथ लैब बनाये जायेंगे। राज्य के सभी चिकित्सा इकाइयों में एमआरआई, सिटी स्कैन की पूरी व्यवस्था एवं टेक्निशियन की कमी को पूरा किया जायेगा, इसमें सभी जिला अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज सम्मिलित हैं। यह घोषणा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में जन औषधि दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 2022-23 में जन औषधि के क्षेत्र में श्रेष्ठ कार्य करने वाले डॉ. पूनीत धमीजा, जन औषधि मित्र के रूप में श्रेष्ठ कार्य करने वाले मुकुल अग्रवाल एवं जन औषधि ज्योति के क्षेत्र में श्रेष्ठ कार्य करने वाली कुसुम गोयल को सम्मानित भी किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को जन औषधि दिवस एवं होली की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि शरीर को स्वस्थ रखना अत्यंत आवश्यक है, शरीर की रक्षा करना और उसे निरोगी बनाये रखना मनुष्य का सर्वप्रथम कर्तव्य है। बीमारी लगने पर पहले लोगों को महंगी दवाइयां खरीदनी पड़ती थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में जन औषधि केंद्र खोलकर लोगों को सस्ती और सुलभ दवाइयां उपलब्ध कराने का कार्य किया है। प्रधानमंत्री का लक्ष्य है कि अंतिम पंक्ति में खड़ा कोई भी व्यक्ति इलाज से वंचित न रहे, इसके लिए केंद्र तथा राज्य की सरकार पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। आज सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में अनेक कार्य कर रही है। जन औषधि योजना के अंर्तगत सरकार कम कीमत पर उच्च गुणवत्ता वाली दवाएं उपलब्ध करा रही है। इस योजना के द्वारा अभी तक 850 से ज्यादा दवाओं का मूल्य नियंत्रित किया गया है। इन केंद्रों द्वारा हमारी बहनों और बेटियों को सिर्फ एक रुपये में सैनिटरी पैड उपलब्ध कराए जा रहे हैं जिससे उनके स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जन औषधि योजना सेवा और रोजगार दोनों का एक सशक्त माध्यम बन गई है। इस योजना से सिर्फ पुरुषों को ही नहीं बल्कि महिलाओं को भी बहुत लाभ हुआ है। देशभर में एक हजार से ज्यादा जन औषधि केंद्र तो ऐसे हैं, जिन्हें सिर्फ महिलाएं ही चला रही हैं। यह योजना बेटियों की आत्मनिर्भरता को भी बल दे रही है। इस योजना द्वारा पहाड़ी क्षेत्रों में, मलिन बस्तियों में, जनजातीय तथा पिछड़े क्षेत्रों में रहने वाले देशवासियों तक सस्ती दवा पहुंचाने में मदद मिल रही है। इस योजना से फार्मा सेक्टर में संभावनाओं का एक नया आयाम भी खुला है, आज मेड इन इंडिया दवाइयों और सर्जिकल्स की मांग बढ़ी हैं और मांग बढ़ने से उत्पादकता भी बढ़ी है, जिससे बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर उत्पन्न होने के साथ-साथ आत्मनिर्भर भारत मुहिम को भी बल मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके प्रयासों के कारण ही आज लोगों को निःशुल्क इलाज के साथ ही सस्ती दवाएं मिल पा रही है। महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत योजना आज देश भर में लाखों लोगों को चिकित्सा के क्षेत्र में फायदा पहुँचा रही है। प्रदेश में अभी तक आयुष्मान योजना के अंतर्गत भारत सरकार के सहयोग से, 70 हेल्थ एवं वेलनेस केंद्र स्थापित किये जा चुके हैं। इन सभी 70 हेल्थ एवं वेलनेस केंद्रों में जनसामान्य की चिकित्सा सुविधा के लिए योग, आयुर्वेद, पंचकर्म सम्बंधित सभी सेवाओं के साथ-साथ लैब टेस्टिंग जैसी सुविधाओं और जन औषधि केंद्र को भी जोड़ा गया है, ताकि लोगों को किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े। राज्य सरकार प्रदेश में अंत्योदय के लक्ष्य को लेकर लगातार कार्य कर रही है। राज्य में भी अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना के तहत प्रत्येक परिवार को 05 लाख रूपये तक का सुरक्षा कवच दिया गया है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को इस योजना की नियमित समीक्षा करने को भी कहा।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य में जो भी जन औषधि केन्द्र खोले जा रहे हैं, उनमें सरकार द्वारा 05 लाख रूपये की सहायता दी जाती है। गरीबों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने में जन औषधि केन्द्र महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। राज्य को अभी 400 जन औषधि केन्द्र खोलने का लक्ष्य मिला है, 225 जन औषधि केन्द्र खोले जा चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य की सभी 670 न्याय पंचायतों में कोपरेटिव सोसायटी में एक-एक जन औषधि केन्द्र खोला जायेगा। केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में कैबिनेट ने राज्य में 500 से अधिक विकलांग बच्चों को घर पर ही शिक्षा ग्रहण करने की व्यवस्था का निर्णय लिया है। इसके लिए सरकार 265 अध्यापकों की नियुक्ति करने जा रही है। राज्य के 850 अनाथ बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए राज्य में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के नाम से 13 हॉस्टल बनाये जा रहे हैं, जिनमें से 10 पूर्ण हो चुके हैं। इन हॉस्टल में अनाथ बच्चों को निःशुल्क शिक्षा एवं रहने की व्यवस्था की गई है। हर जनपद में एक-एक डायलिसिस केन्द्र चल रहा है। राज्य में संस्थागत प्रसव में तेजी से वृद्धि हुई है, पिछले 05 सालों में संस्थागत प्रसव 37 प्रतिशत से बढ़कर 90 प्रतिशत हुआ है। शिशु मृत्युदर में भी कमी आई है। प्रति हजार शिशु पर शिशु मृत्युदर 29 से घटकर 24 हुआ है। इसे 10 से कम लाने का लक्ष्य रखा गया है।
जन औषधि दिवस कार्यक्रम में आईं दीपा शाह ने कहा कि उन्हें पेरालसिस के ईलाज के लिए पहले 7000 रूपये दवाई लेने में लगते थे, जन औषधि केन्द्रों से उनको यह दवाई मात्र 1500 रूपये में मिलने लगी। उन्होंने इस योजना के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस योजना का लाभ लेकर वह ठीक हुई। अब वे इस योजना का लाभ लेने के लिए लोगों को लगातार जागरूक करती हैं।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, डॉ. कल्पना सैनी, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक खजान दास, सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

राज्य की प्रमुख सड़कों के सुधार के लिए गडकरी से मिले धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को व्यासी के समीप स्थित होटल में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने देहरादून दिल्ली एलीवेटड रोड के निर्माण में तेजी लाये जाने पर उनका आभार जताया। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से देहरादून-टिहरी टनल के निर्माण की डीपीआर में भी शीघ्रता की अपेक्षा की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री गडकरी से राज्य में राज्य एवं राष्ट्रीय मार्गों के निर्माण आदि के सम्बन्ध में चर्चा की। मुख्यमंत्री ने गडकरी से राज्य सरकार द्वारा केंद्र सरकार को भेजे गये प्रस्तावों को भी मंजूरी दिये जाने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने गडकरी को अवगत कराया कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 6 राज्य मार्गों को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की सैद्धान्तिक स्वीकृति प्रदान की गयी थी, जिसकी स्वीकृति भारत सरकार से अद्यतन प्रतीक्षित है, इन राजमार्गों में खैरना-रानीखेत, बुआखाल-देवप्रयाग, देवप्रयाग-गजा-खाड़ी, पाण्डुखाल-नागचुलाखाल-बैजरों, बिहारीगढ़-रोशनाबाद, लक्ष्मणझूला-दुगड्डा-मोहन-रानीखेत शामिल है।
इसके अतिरिक्त 189 किमी0 के काठगोदाम-भीमताल धानाचूली-मोरनोला-खेतीखान-लोहाघाट-पंचेश्वर मोटर मार्ग को पर्यटन/सैन्य आवागमन एवं आम जनमानस के लिए नितान्त उपयोगी होने के दृष्टिगत राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में अधिसूचित किये जाने का भी मुख्यमंत्री ने अनुरोध किया।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा मसूरी की महत्वपूर्ण 02-लेन टनल परियोजना के कार्यों हेतु भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एन0एच0ए0आई0) को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। इस परियोजना के प्रथम चरण के सभी कार्यों को लोक निर्माण विभाग, उत्तराखण्ड की राष्ट्रीय राजमार्ग खण्ड द्वारा प्रभावी तरीके एवं समयबद्धता के साथ किया जा रहा है। यह परियोजना लगभग रू0 2000.00 करोड़ की है। परियोजना का कार्य उत्तराखण्ड लोक निर्माण विभाग को प्राप्त होने पर राज्य सरकार को एजेन्सी चार्जेज के फलस्वरूप लगभग रू0 60.00 करोड़ प्राप्त होंगे। उत्तराखण्ड लोक निर्माण विभाग द्वारा चारधाम परियोजना के अधिकांश भाग का कार्य, राज्य में फ्लाई ओवर के निर्माण कार्य, टनल निर्माण कार्य समयान्तर्गत एवं दक्षता से किये गये है। मसूरी टनल का कार्य उत्तराखण्ड लोक निर्माण विभाग को आवंटित किये जाने का भी मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मसूरी जाने वाले पर्यटक देहरादून शहर से होते हुए ही मसूरी जाते हैं, जिस कारण शहर में वाहनों की संख्या में लगातार बढ़ रही है। देहरादून रिंग रोड का कार्य एन०एच०ए०आई० द्वारा किया जा रहा है। एन०एच०ए०आई० द्वारा संरेखण के अंतिमीकरण तथा डी०पी०आर० गठन की कार्रवाई की जा रही है। यह कार्य एन०एच० के अन्तर्गत स्वीकृति हेतु सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार में विचाराधीन है।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री गडकरी को अवगत कराया कि उत्तराखण्ड राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में स्थित राष्ट्रीय राजमार्गों में आपदा से क्षतिग्रस्त हुये मार्गों को सुचारू किये जाने के लिए एफ०डी०आर० (सी०) के अन्तर्गत रू0 1295.07 लाख का भुगतान किये जाने हेतु प्रस्ताव सचिव, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार को प्रेषित किया गया है। प्रकरण तात्कालिक एवं संवेदनशील होने के दृष्टिगत सर्वाेच्च प्राथमिकता में स्वीकृति प्रदान करने का भी मुख्यमंत्री ने गडकरी से अनुरोध किया।
केंद्रीय मंत्री गडकरी ने मुख्यमंत्री को उपरोक्त प्रस्तावों पर शीघ्र कार्यवाही का आश्वासन दिया गया।

विकास कार्यों की माह में दो बार समीक्षा करने के निर्देश

जिलाधिकारी विकास कार्यों की माह में दो बार समीक्षा अवश्य करें। विधायकगणों के माध्यम से विकास कार्यों के लिए जो भी प्रस्ताव जिलाधिकारियों को प्राप्त होते हैं, उन्हें शासन में भेजने के बाद भी उस पर कार्य प्रगति की शासन से जिलाधिकारी अपडेट भी लेते रहें। जन समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाय। पत्रावलियों के निस्तारण में अनावश्यक विलम्ब न किया जाए और न ही अनावश्यक आपत्ति लगाई जाए। यह निर्देश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोकसभा क्षेत्र अल्मोड़ा की विधानसभा क्षेत्रों के समीक्षा के दौरान अधिकारियों को दिये।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जन समस्याओं का तीव्रता से समाधान हो सके, जन प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के मध्य निरंतर संवाद स्थापित हो, इस उद्देश्य से विधानसभावार जनहित के कार्यों की समीक्षा की जा रही है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि अधिकांश जन समस्याओं का समाधान जनपद स्तर पर किया जाए। आवश्यकता पड़ने पर ही समस्याओं को मण्डल एवं शासन स्तर पर भेजा जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की विषम भौगोलिक परिस्थितियों के दृष्टिगत अलग-अलग क्षेत्रों की अलग-अलग समस्याएं हैं। अधिकारियों को क्षेत्र विशेष की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कार्य करने होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसखण्ड कॉरिडोर के लिए तेजी से कार्य किये जाएं। उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ एवं चम्पावत जनपद को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की अनेक संभावनाएं हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि नालियों की सफाई एवं झाड़ी कटान का कार्य नियमित हो, इसके लिए अभियान के तहत कार्य किये जाएं। मुख्यमंत्री घोषणाओं एवं स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए अलग से समीक्षा की जायेगी। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के कार्यों में और तेजी लाई जाए। जटिल प्रक्रियाओं के सरलीकरण की दिशा में लगातार प्रयास किये जाएं। प्रक्रियाओं के सरलीकरण के लिए विभागों द्वारा क्या कार्य किये गये हैं, इसकी भी जल्द समीक्षा की जायेगी।
बैठक में विधायकगणों द्वारा सड़कों के निर्माण एवं सुधारीकरण, पुल निर्माण के कार्य, विशेषज्ञ चिकित्सकों की आवश्यकता, बाढ़ नियंत्रण से संबधित कार्य एवं क्षेत्र की अन्य समस्याओं से अवगत कराया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायकगणों द्वारा जो भी समस्याएं रखी गई हैं, अधिकारी इन समस्याओं का त्वरित निवारण का प्रयास करें।
बैठक में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या, चन्दन रामदास, सांसद अजय टम्टा, विधायक डीडीहाट विशन सिंह चुफाल, गंगोलीहाट फकीर राम, कपकोट सुरेश गढ़िया, रानीखेत प्रमोद नेनवाल, सल्ट महेश जीना, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, नितेश झा, रणजीत सिन्हा, एच. सी, सेमवाल, अपर सचिव रणवीर सिंह चौहान, विनीत कुमार, उदयराज, योगेन्द्र यादव, नवनीत पाण्डेय, जगदीश चन्द्र काण्डपाल, वर्चुअल माध्यम से कुमांऊ कमिश्नर दीपक रावत, संबंधित जिलाधिकारी एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

वात्सल्य योजना के 6286 लाभार्थियों के खाते में मुख्यमंत्री ने किया डिजिटल हस्तान्तरण

राज्य में मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना शुरू की जायेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस के तहत आयोजित महिला सशक्तिकरण एवं सुरक्षा सप्ताह के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में ‘एकल महिला संघर्ष से सशक्तिकरण की ओर’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम में यह घोषणा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एकल महिलाओं को सम्मानित भी किया। वात्सल्य योजना के 6286 लाभार्थियों को माह फरवरी के 01 करोड़ 89 लाख रूपये का डिजिटल हस्तान्तरण मुख्यमंत्री द्वारा किया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मातृशक्ति को नमन करते हुए कहा कि हमारी भारतीय सनातन संस्कृति में नारी को देवी का दर्जा प्राप्त है। आज महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं है,वे हर जगह पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। हर क्षेत्र में महिलाओं ने अपने आपको साबित किया है। आज प्रदेश के दुर्गम गांवों में महिलाएं सेल्फ हेल्प ग्रुप के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति प्रदान कर रही हैं। अपनी कौशल क्षमता के माध्यम से महिलाएं अपने परिवारों की आर्थिकी को शक्ति प्रदान कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में मातृशक्ति को सशक्त बनाने में अनेक प्रयास हुए हैं। आज देशभर में करीब 23 करोड़ महिलाओं को जन धन खातों के जरिए बैंकों से जोड़ा जा चुका है। आज वित्तीय समावेश से लेकर सामाजिक सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा से लेकर आवास, शिक्षा से लेकर उद्यमिता तक, हमारी नारी शक्ति को भारत की विकास यात्रा में सबसे आगे रखने के लिए कई प्रयास किए गए हैं। ये प्रयास आने वाले समय में और भी अधिक उत्साह के साथ जारी रहेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने सरकारी नौकरियों में राज्य की महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण का संपूर्ण लाभ देने के लिए तेजी से कार्य किया है। आज प्रदेश की समस्त माताओं और बहनों ने अपने अथक परिश्रम से जहां एक ओर आर्थिक रूप से अपने आपको आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया है, वहीं देवभूमि की सभ्यता और संस्कृति को भी जीवंत रखा है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य 2025 तक उत्तराखण्ड को देश का अग्रणी राज्य बनाने का है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सरकार को मातृशक्ति का आशीर्वाद एवं समर्थन चाहिए। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह महिला सुरक्षा सप्ताह कार्यक्रम सरकार के सशक्त मातृशक्ति, सशक्त राज्य के संकल्प को पूर्ण करने में सहायक सिद्ध होगा।
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि केन्द्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं राज्य में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण की दिशा में अनेक कार्य किये जा रहे हैं। महिलाओं को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से मजबूती प्रदान करने के लिए विभिन्न विभागों के माध्यम से अनेक योजनाएं चलाई जा रही है। राज्य में विधवा पेंशन में बढ़ोत्तरी की गई है। एकल महिलाएं जिस मजबूती के साथ अपने परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं, इसके लिए वे सराहना के पात्र हैं। आज महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरूषों से कम नहीं हैं।
इस अवसर पर विधायक दलीप सिंह रावत, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव एच. सी. सेमवाल, अपर सचिव निवेदिता कुकरेती एवं मातृशक्ति मौजूद रही।

मोर्चा ने जम्मू और कश्मीर बनने से बचाने को आखिर क्यों दिया ज्ञापन

जन संघर्ष मोर्चा कार्यकर्ताओं ने मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी नेतृत्व में तहसील घेराव/प्रदर्शन कर बेरोजगारों के आंदोलन को फंडिंग करने वाले व पत्थर बरसाने वाले पत्थरबाजों को चिन्हित कर इनके खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी, विकासनगर को सौंपा। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए नेगी ने कहा कि लगभग 20-25 दिन पहले एसएसपी/डीआईजी, देहरादून दिलीप सिंह कुंवर ने दावा किया था कि बेरोजगार आंदोलन को कुछ कोचिंग सेंटस व राजनीतिक दलों के कुछ नेताओं द्वारा किसी खास मकसद से फंडिंग की गई, लेकिन कई दिन बीतने के बाद भी पुलिस मामले का पर्दाफाश नहीं कर पाई, जोकि अपने आप में एक सवालिया निशान खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि उक्त फंडिंग मामले का पर्दाफाश होना देशहित में बहुत जरूरी है। अगर इसी प्रकार फंडिंग के माध्यम से आंदोलन हुए तो उत्तराखंड जैसे प्रदेश को जे एंड के जैसा प्रदेश बनने में देर नहीं लगेगी। अगर आंदोलन में कोई फंडिंग नहीं हुई है तो डीआईजी का बयान निश्चित तौर पर दुर्भाग्यपूर्ण है।
नेगी ने कहा कि फंडिंग के माध्यम से आंदोलन करने को उकसाने वाले व पत्थरबाजों के आकाओं/साजिशकर्ताओं पर भी रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। मोर्चा महासचिव आकाश पंवार व दिलबाग सिंह ने कहा कि पुलिस प्रशासन की नाकामी के चलते बेरोजगारों पर लाठीचार्ज की नौबत आई, जिसकी मोर्चा घोर निंदा करता है एवं पुलिस-प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग सरकार से करता है।
घेराव/प्रदर्शन में विजय राम शर्मा, विनय कांत नौटियाल, हाजी असद, सलीम (मुजीब-उर-रहमान), बृजलाल टम्टा, के.सी. चंदेल, भजन सिंह नेगी, जयकृत नेगी, जयदेव नेगी, इदरीश, प्रवीण शर्मा पिन्नी, अमित जैन, रहबर अली, किशन पासवान, भगत सिंह नेगी, विक्रम पाल, मुकेश पसबोला, रूपचंद, शहजाद, राजेंद्र पंवार, नरेंद्र तोमर, आशीष सिंह, दीपांशु अग्रवाल, दिनेश राणा, इंतजार अली, अमित कुमार, गोविंद सिंह नेगी, सलीम मिर्जा, गुरविंदर सिंह, सुशील भारद्वाज, मनोज राय, संजय पटेल, कुंवर सिंह नेगी, संगीता चौधरी, प्रदीप सिंह, नीरज ठाकुर, प्रमोद शर्मा, देव सिंह चौधरी, चौधरी मामराज, प्रवीण कुमार, मो. आसिफ, जयपाल सिंह, फकीर चंद पाठक, विनोद रावत, सुरजीत सिंह, मदन सिंह, संध्या गुलेरिया आदि मौजूद रहे।

देश का सबसे कड़ा नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद सकुशल संपन्न हो चुकी हैं तीन परीक्षाएं

देश का सबसे कड़ा नकल विरोधी कानून उत्तराखंड में धामी सरकार लागू कर चुकी है और इसके लागू होने के बाद से राज्य में तीन परीक्षाएं निर्विघ्न रूप से सम्पन्न भी हो गई हैं। ऐसे में परीक्षार्थियों को भरमाने वालों को सरकार के लगातार छात्र हितैषी कदम रास नहीं आ रहे। यही वजह है कि छात्रों पर अपना बस न चलता देख विघ्नसंतोषियों ने परीक्षाओं को लेकर तमाम तरह के भ्रम फिर से फैलाने शुरू कर दिए हैं।
ये पुष्कर सिंह धामी ही हैं जिन्होंने परीक्षाओं में विगत कई वर्षों से चल रही धांधलियों का न केवल खुलासा करने की हिम्मत जुटाई बल्कि किसी के दबाव में न आते हुए बड़े से बड़े को जेल के अंदर डाल दिया। अब तक 60 से ज्यादा लोगों को विभिन्न परीक्षाओं में जेल भेजने वाले धामी यहीं नहीं रुके उन्होंने राज्य के युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करते हुए देश का सबसे कड़ा कानून भी लागू करने में देर नहीं लगाई। जब विघ्नसंतोषियों और विरोधियों को लगने लगा कि यहां उनकी अब दाल नहीं गल रही तो उन्होंने पहले तो छात्रों को सीबीआई जांच के लिए बरगलाने का काम शुरू किया लेकिन राज्य के समझदार छात्र इस बात को समझ गए कि उन्हें केवल सीबीआई जांच के नाम पर मोहरा बनाया जा रहा है। जब छात्रों को भरमाने वालों को लगा कि अब तो उनकी राजनीति नहीं चल पा रही तो अबकी बार कनिष्ट सहायक भर्ती परीक्षा को लेकर ये फैला दिया कि परीक्षा के चारों सेट एक ही थे। यहां समझने की जरूरत है कि केवल सेट ही एक से आए। इससे कहीं ये साबित नहीं हो रहा कि परीक्षा में किसी तरह की कोई नकल हुई या फिर पेपर लीक हुआ लेकिन इस मामले को बेवजह अपना उल्लू सीधा करने के लिए कल से ही हवा देने के कुप्रयास किये जा रहे हैं। बता दें कि नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद पीसीएस, कनिष्ठ सहायक व एक अन्य जो परीक्षा हुई उसमें कहीं भी कोई पेपर लीक, नकल होने जैसी बातें सामने नहीं आई। अब यही बात विघ्नसंतोषियों को हजम नहीं हो पा रही। छात्रों के बीच बैठे बेहरुपीये किसी भी तरह से अपने चेहरे को चमकाने और खुद को राजनीति में फिट करने के लिए कुछ भी करने को तैयार बैठे हैं जबकि युवा अब इनकी सारी बात समझ रहा है। वह समझ रहा है कि कौन चुनाव लड़ने की फिराक में उनके भविष्य से खिलवाड़ कर रहा है।

मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री देंगे 824 एएनएम को नियुक्ति पत्र

स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत 824 ए.एन.एम. पदों की भर्ती पर लगी रोक को नैनीताल हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट के निर्णय के पश्चात सरकार शीघ्र ही चयनित अभ्यर्थियों की भर्ती प्रक्रिया आरंभ करने जा रही है।
इस अवसर पर स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार द्वारा कोर्ट के फैसले के पश्चात बताया गया की भर्ती प्रक्रिया शीघ्र ही आरंभ की जाएगी तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा चयनित अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिहं रावत द्वारा रोजगार मेले के माध्यम से नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे।
स्वास्थ्य सचिव द्वारा बताया गया कोर्ट के निर्णय के बाद शीघ्र ही चयनित 824 ए.एन.एम. प्रदेश की स्वास्थ्य इकाइयों में नियुक्ति हो जाने से प्रदेश के चिकित्सा इकाइयों में आम जनमानस को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने में तेजी आएगी। ए.एन.एम. अस्पताल, स्वास्थ्य कार्यक्रमों व परियोजनाओं के अनुरुप मरीजों को सुरक्षित एवं कारगर देखभाल के लिए नियुक्त होंगे साथ ही, स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत चलाये जा रहे स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में भी सहयोग करेंगे।
ए.एन.एम. द्वारा सही तरीके से मरीजों को इलाज का ध्यान रखना है। मरीजों को समय समय पर दवाई देना एवं उन्हें देखभाल करना है। प्रथम उपचार, नुट्रिशन, सामान्य बीमारियों का उपचार प्रदान करना व बच्चों का टिकाकरण करवाना है तथा डॉक्टर के आदेशनुसार मरीजों को दवाई देना या मरीजों को दिए गए दवाइयों को लेने के लिए प्रोत्साहित करना है साथ ही आमजनमानस में जागरुकता को बढ़ावा देने का भी कार्य ए.एन.एम. द्वारा किया जाता है।

होल्यारों के बीच पहुंचे सीएम ने गांए होली के गीत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को चंपावत के बनबसा एवं टनकपुर में आयोजित होली मिलन समारोह में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने होली को आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्द का पर्व बताया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की होली अपने आप में विशिष्ट पहचान रखती है। होली में बड़े-छोटे का भेद नहीं रहता। सब एक समान रंगों में सराबोर होकर खुशी व आनंद से होली मनाते हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों को होली की बधाई देते हुए सभी की खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि होली के रंगों की तरह सभी के जीवन में सात रंगीय हर रंग घुले रहे मिलें रहें, सभी के जीवन को सुखमय बनाए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी धर्मपत्नी गीता धामी के साथ शनिवार को चंपावत जिले के रामलीला मंच, डेविड पेंटर, हाईस्कूल गुदमी बनबसा एवं टनकपुर स्थित गांधी मैदान में पहुंचकर होली मिलन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। होली मिलन कार्यक्रम में महिला एवं पुरुष होली गायकों के साथ मिलकर विशेष रूप से लोहाघाट से आई महिलाओं, पुरुषों के साथ मुख्यमंत्री द्वारा होली गायन किया और होली के सराबोर में झूमें। उन्होंने टनकपुर गांधी मैदान में आए लोहाघाट के महिला एवं पुरुषों की होली की प्रशंसा करते हुए कहा कि उत्तराखंड में प्रथम ऐसी होली होगी जो लोहाघाट के होल्यारों द्वारा गाई जाती है। हरेला क्लब सांस्कृतिक क्षेत्र में इस प्रकार के आयोजन करते रहता है इसके लिए उन्हें बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं। इस अवसर पर उन्होंने सभी बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं से मिलकर उन्हें होली की शुभकामनाएं दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि होली रंगों का त्यौहार है इससे जीवन में खुशी बढ़ती है। होली हमारी संस्कृति एवं परंपरा है। सरकार ने हाल ही में पीसीएस परीक्षा को सफलतापूर्वक संपन्न कराने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि मां पूर्णागिरी, मां शारदा, गोल्जू के आशीर्वाद तथा यहां के लोगों के सहयोग से सरकार ने एक के बाद एक बड़े फैसले लिए है। उन्होंने कहा कि नकल विरोधी कानून केवल और केवल प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए है न कि किसी स्कूल और कॉलेज की परीक्षाओं के लिए। केन्द्र एवं राज्य सरकार की नीतियां सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास की भावना से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने के लिए भविष्य में भी जो सुझाव आएंगे उन्हें भी हमारी सरकार आवश्यकतानुसार लागू करेगी। राज्य सरकार अंत्योदय के मंत्र पर कार्य करते हुए अंतिम व्यक्ति को मुख्य धारा से जोड़ रही है। विकसित उत्तराखंड का जो स्वप्न हमने देखा है, उसके लिए हम एक विजन को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। हमारा संकल्प है राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष तक उत्तराखंड को भारत का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाना और यह हमारा ’’विकल्प रहित संकल्प’’ है। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के सभी अंत्योदय कार्ड धारकों के साल में 3 सिलेंडर मुफ्त में रिफिल किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि आज पूरे प्रदेश में महिलाए, स्वयं सहायता समूहों के साथ ही विभिन्न माध्यम से अपनी आजीविका चला रही है और अन्य लोगों को भी रोजगार दे रही है।
इस अवसर पर विभिन्न गांवों से आए होली गायक स्थानीय जनता, नगर पंचायत अध्यक्ष बनबसा रेनू अग्रवाल, टनकपुर विपिन कुमार लोहाघाट गोविन्द वर्मा, प्रदेश भाजपा मंत्री हेमा जोशी, विधायक प्रतिनिधि दीपक रजवार, मंडल अध्यक्ष कमलेश भट्ट सहित जिलाधिकारी नरेन्द्र सिंह भंडारी, पुलिस अधीक्षक अमित श्रीवास्तव, सीडीओ आरएस रावत, एडीएम हेमंत कुमार वर्मा, एसडीएम सुन्दर सिंह, रिंकू बिष्ट सहित अनेक लोहाघाट रामलीला कमेटी के अध्यक्ष जीवन सिंह मेहता स्थानीय जनप्रतिनिधि गणमान्य नागरिक आदि उपस्थित रहे।

उत्तराखण्ड जनजाति और अन्तर्राष्ट्रीय थारू सम्मेलन में सीएम ने किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को खटीमा स्थित थारू विकास भवन में उत्तराखण्ड जनजाति एवं अन्तर्राष्ट्रीय थारू सम्मेलन 2023 में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य जनजाति महोत्सव का आयोजन जो प्रतिवर्ष किया जाता है उसके लिये उत्तराखण्ड जनजाति शोध संस्थान से धनराशि दी जायेगी। खटीमा जनजातिय खेल प्रतिभाओं को अवसर प्रदान करने हेतु प्रतिवर्ष जनजातिय युवा खेल महोत्सव आयोजित किया किये जाने व ग्राम पहेनिया में देवा पोषक शारदा नहर क्षतिग्रस्त पुल का निर्माण किया जायेगा तथा ग्राम लामाखेड़ा में विद्युत सब स्टेशन का निर्माण किये जाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि थारू समाज, हमारे लिए एक परिवार की तरह है और थारू समाज के उत्थान और कल्याण के लिए हमारी सरकार दिन रात कार्य कर रही है। उन्होने कहा कि हमारी डबल इंजन की सरकार का मानना है कि थारू समाज का मजबूत और आत्मनिर्भर बनना हमारे देश और प्रदेश की उन्नति के लिए परम आवश्यक है। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार ’’सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’’ के मूल मंत्र को लेकर कार्य रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में पहली बार भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली भाजपा की सरकार ने ही थारू समाज को उसका हक दिलाने का कार्य किया था और आज मोदी के नेतृत्व वाली सरकार थारू समाज सहित सभी जनजातियों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकारें, 70 सालों में गरीबों का खाता नहीं खोल पाई, उनके जमाने में गरीब आदमी बैंक के दरवाजे तक नहीं पहुंच सकते थे अब जब प्रधानमंत्री मोदी ने प्रत्येक गरीब का बैंक में खाता खुलवा दिया तो अब वही लोग उनके खातों में पैसे जमा करने का वादा कर रही है। प्रदेश में विकास के रास्ते तभी खुलेंगे जब राष्ट्र सुरक्षित रहेगा। बीते वर्षों में देश में भी आतंकी घटनाओं पर लगाम लगी है ये है आपके एक वोट की ताकत का कमाल।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महान विजन के अनुरूप और उन्हीं के दिशा निर्देशन में हम प्रगति के पथ पर निरंतर आगे बढ़ने के लिए संकल्पबद्ध हैं। हम विकसित उत्तराखंड का जो विकल्प रहित संकल्प लेकर चल रहे हैं उसकी सिद्धि के लिए सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि हमारा मूल मंत्र है। उन्होंने कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि जब हम सभी वर्ष 2025 में राज्य का रजत जयंती वर्ष मना रहे होंगे, तब हम सर्वश्रेष्ठ उत्तराखंड के सपने को साकार होता हुआ देखेंगे। उन्हे प्रसन्नता है कि प्रदेश का प्रत्येक व्यक्ति इस संकल्प की पूर्ति के लिए सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर कार्य कर रहा है। आज इस महासम्मेलन में आपका यह मुख्य सेवक आपको विश्वास दिलाता है कि मेरी सरकार उत्तराखंड में थारू समाज के विकास के लिए दिन-रात कार्य करती रहेगी। उन्होने नेपाल, बिहार, यूपी, धारचूला, मुनस्यारी, जौनसार, गदरपुर आदि कोने-कोने से आये थारू, बुक्सा, जौनसारी, आदिवासी लोगों का अभिनन्दन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने थारू समाज के साथ होली खेली व होली की शुभकामनायें दी।
इस अवसर पर केन्द्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट ने खटीमा में उत्तराखण्ड जनजाति एवं अन्तर्राष्ट्रीय थारू सम्मेलन 2023 के आयोजन हेतु शुभकामनाएं व बधाई दी। उन्होंने नेपाल देश से आये थारू समाज के लोगों का अभिनंदन करते हुये बधाई दी। उन्होंने कहा कि नेपाल से हमारा वैसे भी रोटी-बेटी का रिश्ता है। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व धामी जी के नेतृत्व में सभी वर्ग क्षेत्र के लिये कार्य किया जा रहा है।
इस अवसर पर नेपाल देश से आये पूर्व कैबिनेट मंत्री नारद मुनि, कृपा राम राणा, विधायक गोपाल सिंह राणा, थारू राणा परिषद के अध्यक्ष दान सिंह राणा, नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष सोनी राणा, अन्तर्राष्ट्रीय थारू राणा परिषद के अध्यक्ष दीप नारायण, जिलाधिकारी युगल किशोर पंत, एसएसपी मंजूनाथ टीसी आदि उपस्थित रहे।