670 पैक्स के कंप्यूटरीकरण के लिए केंद्र से मिले 13 करोड़

उत्तराखंड में 670 पैक्स के कंप्यूटरीकरण के लिए केंद्र सरकार द्वारा 13 करोड़ 47 लाख 88 हजार 610 रुपये की धनराशि को मंजूरी प्रदान करने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रसन्नता प्रकट की है।
मुख्यमंत्री ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह का आभार प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि पैक्स के कम्प्यूटराइजेशन से वित्तीय और प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।

आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पर बोले सीएम, यह सुशासन और वित्तीय अनुशासन का प्रमाण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में प्रदेश की अर्थव्यस्था ने बड़ी छलांग लगाई है यह तथ्य आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट वर्ष 2023-24 में सामने आया है, जिसमें स्पष्ट है कि प्रदेश की विकास दर 7.58 फीसदी रही है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है। वर्ष 2023-24 में अर्थव्यवस्था का आकार बढ़कर 346.20 हजार करोड़ पहुंच गया है, जबकि 2022-23 में इसका आकार 303.78 हजार करोड़ था। उत्तराखंड में प्रति व्यक्ति आय में भी 12.64 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 2 लाख 60 हजार 201 रुपये पहुंच गई है। वर्ष 2022-23 में यही आय 2 लाख 30 हजार 994 थी।
आर्थिक सर्वेक्षण से स्पष्ट है कि राज्य की अर्थव्यवस्था में सेकेंडरी सेक्टर का सबसे अधिक 46.84 प्रतिशत का योगदान रहा है। दूसरे नंबर पर टर्सरी सेक्टर यानी की सर्विस सेक्टर रहा है। सर्विस सेक्टर का अर्थव्यवस्था में 43.17 प्रतिशत योगदान रहा है। वहीं प्राइमरी सेक्टर यानी एग्रीकल्चर का अर्थव्यवस्था में 9.99 प्रतिशत योगदान रहा है। दिनांक 09 नवम्बर, 2000 को राज्य के अस्तित्व में आने के पश्चात वर्ष 2000-2001 में प्राप्त कर संग्रह 233 करोड़ था, जो कि वर्ष 2022-23 तक लगभग 52 गुना बढ़कर 12,028.68 करोड़ (2,135.60 करोड़ प्रतिकर धनराशि सहित) हो गया है। वर्ष 2023-24 में माह दिसम्बर, 2023 तक कुल राजस्व संग्रह 8,496.82 करोड़ (476.62 करोड़ प्रतिकर धनराशि सहित) रहा है।
उत्तराखंड में बेरोजगारी दर में भी भारी कमी देखने को मिली है। 2021- 22 में उत्तराखंड में 8.4 फ़ीसदी बेरोजगारी दर थी, जो 2022-23 में घटकर 4.9 फ़ीसदी रह गई। वहीं बहुआयामी गरीबी में भी भारी गिरावट आई है। वर्ष 2015-16 में उत्तराखंड में बहुआयामी गरीबी की दर 17.67 थी जो साल 2019-21 में घटकर 9.67 फ़ीसदी रह गई। इन पांच साल के अंतराल में राज्य के कुल 9,17,299 लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर निकले हैं। यही नहीं राज्य में बहुआयामी गरीबी की तीव्रता 2015-16 में 44.35 प्रतिशत थी जो 2019-21 में घटकर 41.99 प्रतिशत रह गई है। उत्तराखंड में 125000 लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य है। इसके विपरीत अभी तक 68 हजार 579 लखपति दीदी बनाई जा चुकी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य की वित्तीय स्थिति एवं विकास की प्रगति को आर्थिक सर्वेक्षण में दर्शायी गई प्रगति राज्य के समग्र विकास की झलक प्रस्तुत करती है। यह सुशासन एवं वित्तीय अनुशासन का भी स्पष्ट प्रमाण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2025 तक उत्तराखण्ड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के हमारे प्रयासों में भी इससे गति मिलेगी। सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि के मूल मंत्र से जन समस्याओं के समाधान एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की राह आसान हुई है। यह हमारे विकसित एवं आदर्श उत्तराखण्ड के निर्माण के संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने में भी प्रेरणादायी होगा।

विभिन्न लोकसभा क्षेत्रों की 439 किमी. सड़कों के लिये स्वीकृत हुई 259 करोड़ की धनराशि

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा केंद्रीय सड़क अवस्थापना निधि के अंतर्गत उत्तराखण्ड के विभिन्न लोक सभा क्षेत्रों की 439 कि.मी. सड़कों के नवीनीकरण, सदृढ़ीकरण एवं सुरक्षात्मक कार्यों हेतु 259 करोड़ की धनराशि मंजूर की गई है। इसमें पौड़ी लोकसभा क्षेत्र की 164 कि.मी की 7, अल्मोड़ा की 180 कि.मी की 4 तथा टिहरी की 65 कि.मी. की 1 एवं नैनीताल की 30 कि.मी की 1 सड़क शामिल है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी प्रदेश की लोक महत्व से जुड़ी इन सड़कों की आवश्यक मरम्मत हेतु केंद्रीय सड़क अवस्थापना निधि से धनराशि स्वीकृत करने का केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से अनुरोध करते रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न लोक सभा क्षेत्रों के तहत कुल 439 कि.मी. सड़कों का नवीनीकरण, सुधारीकरण एवं सुरक्षा संबंधी कार्य होने से क्षेत्र की जनता के साथ उत्तराखण्ड आने वाले पर्यटकों को आवागमन में सुविधा होगी। मुख्यमंत्री ने इसके लिये केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का आभार भी व्यक्त किया है।

मुख्य सचिव ने सीमान्त गांवों में इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास को बढ़ावा देने पर दिया जोर

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने राज्य के सीमान्त गांवों में इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के साथ ही कौशल विकास, आजीविका प्रशिक्षण एवं मानव संसाधन विकास पर अधिकाधिक फोकस करने की हिदायत सीमान्त जनपदों चमोली, उत्तरकाशी, ऊधमसिंह नगर, चम्पावत एव पिथौरागढ़ के जिलाधिकारियों को दी है। सीएस श्रीमती रतूड़ी ने जिलाधिकारियों को स्पष्ट किया है कि भवन आदि इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण कार्यों के प्रस्ताव बनाकर मात्र औपचारिकताओं पूरा न समझे बल्कि प्रोजेक्ट्स के निरन्तर सफल संचालन तथा सस्टेनिबिलिटी हेतु कार्य करें। उन्होंने सीमान्त जनपदों में शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में विशेषरूप से फोकस करने के निर्देश दिए हैं। विधानसभा भवन में बुधवार को मुख्यमंत्री सीमान्त क्षेत्र विकास कार्यक्रम विकास कार्यक्रम तथा मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना की राज्य स्तरीय स्क्रीनिंग कमेटी/राज्य स्तरीय एम्पावर्ड कमेटी की बैठक में मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने जिलाधिकारियों को जनपदों में संचालित हर योजना के आउटकम मॉनिटरिंग की सख्त नसीहत दी है।
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने जिलाधिकारियों को महिला स्वयं सहायता समूहों हेतु संचालित सभी योजनाओं के तहत महिलाओं के लिए वित्तीय साक्षरता को अनिवार्य करने के निर्देश दिए हैं। इस सम्बन्ध में उन्होंने बैंकों को भी पत्र लिखने के निर्देश दिए हैं। सीएस ने सभी योजनाओं को व्यक्तिगत स्तर की अपेक्षा महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से संचालित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही श्रीमती रतूड़ी ने जिलाधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री सीमान्त क्षेत्र विकास कार्यक्रम तथा मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना के तहत जिलाधिकारियों द्वारा प्रेषित प्रत्येक प्रस्ताव, प्रोजेक्ट या योजना में कितने रोजगार सृजित होंगे, इसकी जानकारी भी देने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने जिलाधिकारियों को स्थानीय अन्न मंडुआ, झंगोरा जैसे मिलेट्स की खेती का अधिकाधिक विस्तार तथा इनका बड़े स्तर पर उत्पादन की ठोस कार्ययोजना पर गम्भीरता से कार्य करने निर्देश दिए हैं। सीएस ने इस सम्बन्ध में कलस्टर अप्रोच के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने जिलाधिकारियों को विभिन्न योजनाओं की डुप्लीकेसी के प्रति भी सतर्क किया है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि सभी योजनाओं को भलीभांति परीक्षण किया जाना चाहिए ताकि दो योजनाएं एक दूसरे को आच्छादित न करें। सीएस ने वाइब्रेंट विलेजस में आईटीबीपी तथा आर्मी द्वारा लोकल प्रिक्योरमेंट को अपनाया जाए, इस दिशा में प्रयास के भी निर्देश दिए हैं।
बैठक में सचिव राधिका झा, अपर सचिव विजय कुमार जोगदण्डे, मनुज गोयल, रंजना राजगुरू सहित ग्राम्य विकास विभाग, शिक्षा, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी तथा वर्चुअल माध्यम से सीमान्त जनपदों के जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

चार स्तंभों गरीब, युवा, महिला और किसान को समर्पित है बजट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को उत्तराखंड विधानसभा में प्रस्तुत बजट को समग्र, समावेशी, संतुलित और विकासोन्मुखी बताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के चार स्तंभ, गरीब, युवा, महिला और किसान बताए हैं और हमारी सरकार द्वारा आज प्रस्तुत बजट इन्हीं को समर्पित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने वर्ष 2024-25 के लिए 89,230 करोड़ रूपए का बजट प्रस्तुत किया गया जो पिछले वर्ष से 15.27 प्रतिशत अधिक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सशक्त उत्तराखंड के लिए हमारी सरकार विकल्प रहित संकल्प के साथ काम कर रही है। औद्योगिक विकास और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए हमारी सरकार ने 30 से अधिक नीतियां बनाई हैं और इसके सकारात्मक प्रभाव भी देखने को मिल रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की आर्थिक विकास की दर वर्ष 2022-23 में 7.63 प्रतिशत रही है जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023-24 में भी लगभग यही दर अनुमानित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी प्रति व्यक्ति आय में 12 प्रतिशत वृद्धि हुई है। वर्ष 2023-24 में प्रति व्यक्ति आय 2 लाख 60 हजार 201 रूपए रही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग द्वारा जारी बहुआयामी गरीबी सूचकांक के अनुसार प्रदेश के 9 लाख 17 हजार 299 लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं।

चार स्तंभों पर विशेष फोकस

गरीब कल्याणः मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबों के कल्याण के लिए बजट में 5658 करोड़ का प्राविधान किया गया है। इसमें गरीबों के आवास के लिए 93 करोड़, खाद्यान्न आपूर्ति में 600 करोड़ और निशुल्क गैस रिफिल में 55 करोड़ की राशि शामिल है।

युवा कल्याणः मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा कल्याण, तकनीकी शिक्षा और उच्च शिक्षा में कुल 1679 करोड़ रुपए का प्राविधान किया गया है। इसमें राष्ट्रीय खेलों के आयोजन के लिए 250 करोड़ भी शामिल है। मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक मेधावी बालिका प्रोत्साहन योजना के लिए भी बजट में प्राविधान किया गया है। युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने पर भी ध्यान दिया गया है।

अन्नदाताः मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान भाइयों के लिए बजट राशि को बढ़ाया गया है। वर्ष 2024-25 में कुल 2415 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। इसमें दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना, मिशन एप्पल, किसान पेंशन, मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना पर विशेष ध्यान रखा गया है।

नारीशक्तिः मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में जेंडर बजट में लगभग 14,538 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। नंदा गौरा, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना, मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना, गंगा गाय महिला डेयरी विकास योजना आदि में प्रावधान किए गए हैं।

सीएस ने किया सचिवालय कर्मियों के लिए इलेक्ट्रिक बस का शुभारंभ

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय के कार्मिकों के लिए सचिवालय कॉलोनी केदारपुरम से सचिवालय के लिए इलेक्ट्रिक बस सेवा का शुभारम्भ किया। इस बस सेवा के माध्यम से नियमित रूप से सुबह कार्यालय समय पर सचिवालय के कार्मिकों को सचिवालय कॉलोनी केदारपुरम से सुभाष रोड सचिवालय तथा शाम को सचिवालय से सचिवालय कॉलोनी केदारपुरम के लिए यात्रा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। इस अवसर पर सचिवालय कार्मिकों को बधाई देते हुए मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने कहा कि सचिवालय कार्मिकों के लिए इस इलेक्ट्रिक बस सेवा के संचालन से कार्मिक लाभान्वित होंगे तथा साथ ही देहरादून की ट्रैफिक समस्या को कम करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक समस्या के समाधान तथा पर्यावरण पहलुओं को ध्यान में रखते हुए लोगों की सुविधाओं के लिए सार्वजनिक परिवहन को अधिक से अधिक प्रोत्साहित करने की जरूरत है।

इस अवसर पर सचिव दीपेन्द्र कुमार चौधरी तथा सचिवालय के विभिन्न अधिकारी एवं कार्मिक मौजूद रहे।

सीएम धामी ने किया जौलीग्रान्ट एयरपोर्ट पर नवनिर्मित टर्मिनल भवन फेज-2 का लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जौलीग्रान्ट एयरपोर्ट पर नवनिर्मित टर्मिनल भवन फेज-2 का लोकार्पण किया। इस अवसर पर केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया वर्चुअल माध्यम से जुड़े थे। द्वितीय चरण में जौलीग्रान्ट एयरपोर्ट के टर्मिनल का 14 हजार वर्ग मीटर विस्तार किया गया। अब एयटरपोर्ट के टर्मिनल का कुल विस्तार 42 हजार वर्ग मीटर में हो चुका है। जौलीग्रांट एयरपोर्ट का टर्मिनल दो चरणों में 486 करोड़ की लागत से बना है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में नागरिक उड्डयन के क्षेत्र में तेजी से कार्य हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने उनके अनुरोध पर पिथौरागढ़-हिंडन हवाई सेवा की प्रक्रिया शुरू करने और इमरजेंसी मेडिकल सर्विस के लिए हेलीकॉप्टर की उत्तराखण्ड से शुरूआत करने की बात कहे जाने पर केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में भारतीय नागरिक उड्डयन उद्योग अमेरिका और चीन के बाद घरेलू यातायात में तीसरे स्थान पर है, इसके लिए उन्होंने नागर विमानन मंत्री को बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में हवाई सेवाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। पिछले कुछ वर्षों से हवाई यात्रा परिवहन का सस्ता, तेज एवं विश्वसनीय साधन होने के कारण लोगों में अत्यन्त लोकप्रिय बनी है। यह प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की दीर्घकालिक सोच के कारण ही संभव हो पाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश के नागरिक उड्डयन विभाग द्वारा देवभूमि की देवतुल्य जनता के अतिरिक्त भारतीय संस्कृति और परम्परा के अनुसार ’अतिथि देवों भवः’ के सिद्धांत का पालन करते हुए प्रदेश के बाहर के लोगों को भी सस्ती हवाई सेवा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। इससे एक ओर जहाँ राज्य को अधिक राजस्व प्राप्ति हो रही है, वहीं दूसरी ओर आम जनमानस को सरल एवं सस्ती हवाई सेवा उपलब्ध करायी जा रही है। भारत सरकार की ’’उड़े भारत का हर नागरिक’’ योजना के अन्तर्गत प्रदेश के विभिन्न सुदूरवर्ती क्षेत्रों में बेहतर हवाई सेवा प्रदान की जा रही है। वर्तमान में इस योजना के अंतर्गत 13 हेलीपोर्ट्स का निर्माण सहस्त्रधारा, चिन्यालीसौड, गौचर, हल्द्वानी, नैनीताल, अल्मोड़ा, नई टिहरी, श्रीनगर, मसूरी, जोशीमठ, धारचूला, हरिद्वार में भी किया जा रहा है। उत्तराखंड धार्मिक एवं पर्यटन की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण राज्य है। राज्य सरकार का प्रयास है कि श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को राज्य में आवागमन के लिए हर प्रकार की सुविधा मिले। इसमें हवाई सेवाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जौलीग्रांट एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। इसी के साथ-साथ पंतनगर एयरपोर्ट को अंतरराट्रीय एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा ओएलएस सर्वे भी कर लिया गया है। पिछले माह ही जौलीग्रांट से पिथौरागढ़ के मध्य हवाई सेवा का शुभारंभ किया गया। जौलीग्रांट एयरपोर्ट से देहरादून-अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ के मध्य हैली सेवा की शुरूआत की थी, इसको भी नियमित करने की हमारी योजना है। निकट भविष्य में चिन्यालीसौड़ व गौचर से छोटे एयर क्राफ्ट की सेवाओं को शामिल करने के संबंध में भी हम कार्य कर रहे हैं, भारत सरकार से इसके लिए अनुरोध किया जा रहा है। कुछ माह पूर्व प्रधानमंत्री ने आदि कैलाश और जागेश्वर धाम के दर्शन किये थे, उसके बाद आदि कैलाश और जागेश्वर धाम में पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उत्तराखंड के पर्यटक स्थलों को देश विदेश में नई पहचान दिला रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के अंदर हवाई सेवा को बढ़ाये जाने हेतु क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना के अतिरिक्त अन्य हेलीपोर्ट का भी निर्माण राज्य सरकार द्वारा गौजियाना (घनसाली), गैरसैण (चमोली), देघाट-सियालदे(अल्मोड़ा), जखोल एवं जोशीयाड़ा (उत्तरकाशी), डीडीहाट (पिथौरागढ़) में कराया जा रहा है। इसके साथ ही हमारे द्वारा प्रदेश के विभिन्न पर्यटक केंद्रों के दर्शन हेतु जॉय राइड सेवा तथा हिमालयन दर्शन सेवा भी प्रस्तावित है। इन सेवाओं के प्रारंभ होने से राज्य में पर्यटन को और अधिक बढ़ावा मिलेगा।

केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि उनके लिए यह क्षण कई पहलुओं से भावुक और महत्वपूर्ण क्षण है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड से उनका पहले से नाता है। उन्होंने 05 साल उत्तराखण्ड से शिक्षा ग्रहण की। उत्तराखण्ड की आध्यात्मिक शक्ति सम्पूर्ण विश्व में अनूठी है। केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ उन्हें केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री बनने के बाद सबसे पहले जौलीग्रांट एयरपोर्ट के टर्मिनल के प्रथम फेज के कार्यों का लोकार्पण करने का अवसर मिला था। आज देहरादून के इस एयरपोर्ट से देश के 13 शहरों के लिए हवाई सेवा चल रही है।

केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मंत्रालय द्वारा पिथौरागढ़-हिंडन हवाई सेवा के लिए कार्यवाही शुरू की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी मेडिकल सर्विस के लिए हेलीकॉप्टर की देश में उत्तराखण्ड से शुरूआत की जा रही है। एम्स ऋषिकेश मंड इसके लिए हेलीकॉप्टर की व्यवस्था की जायेगी। 150 किलोमीटर के दायरे के अन्तर्गत हेलीकॉप्टर द्वारा मरीजों को लाने की व्यवस्था की जायेगी। उन्होंने कहा कि इस एयरपोर्ट से उत्तराखण्ड के अन्य स्थानों को मुख्यमंत्री की सहायता से और तेजी से जोड़ा जायेगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में तीन एयरपोर्ट देहरादून, पंतनगर और पिथौरागढ़ विकसित करने की पहल की है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में 2014 में मात्र एक हेलीपोर्ट था। जो अब 10 हो चुके हैं, उड़ान 5.0 योजना तक राज्य में 21 हेलीपोर्ट बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

इस अवसर पर सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक बृज भूषण गैरोला, वर्चुअल माध्यम से सचिव नागर उड्डयन वुमलुनमंग वुअलनाम, अध्यक्ष एएआई संजीव कुमार उपस्थित थे।

शौर्य, साहस और शालीनता के प्रतीक थे जनरल रावतः राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देहरादून में नंदा की चौकी स्थित द टोंस ब्रिज स्कूल में देश के प्रथम सीडीएस जनरल स्व. बिपिन रावत की प्रतिमा का अनावरण किया।

इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि उत्तराखंड सेनानियों की भूमि है और इसे वीरभूमि कहा जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होंगी। उन्होंने कहा कि यह राज्य मेरे हृदय के बेहद करीब है और यहां के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को देखकर मेरा मन बहुत प्रफुल्लित होता है, वह स्वाभाविक रूप से प्रशंसा के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास की नई बुलंदियों को छू रहा है। उन्होंने कहा कि यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि मुझे आज इस स्कूल परिसर में जनरल बिपिन रावत की प्रतिमा के अनावरण का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि जनरल रावत की प्रतिमा सदैव यहां के छात्रों व आसपास के लोगों के लिए प्रेरणा का कार्य करती रहेगी। जनरल रावत के व्यक्तित्व और वैल्यूज को जनता के बीच में लाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जनरल रावत का जाना देश के लिए अपूरणीय क्षति है। जिस दिन यह हादसा हुआ तब भी ऑन ड्यूटी थे और देश की सेवा कर रहे थे। यह उनकी निष्ठा और राष्ट्र के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। जनरल रावत से बेहतर रोल मॉडल छात्रों के लिए और कोई नहीं हो सकता।

रक्षा मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार उत्कृष्ट व आधुनिक हथियार देकर सेना को लगातार मजबूत करने के कार्य में जुटी है। रक्षा मंत्री ने कहा कि जनरल रावत शौर्य, साहस और शालीनता के प्रतीक थे और यह तीनों गुण उसी में होते हैं जो आध्यात्मिक होगा। उन्होंने कहा कि जनरल रावत का मन बहुत बड़ा था। उन्हें गोली भी लगी, वे जाबांज पराक्रमी सैनिक और एक अच्छे इंसान थे। रक्षा मंत्री ने कहा कि उनके कार्यकाल में जनरल रावत सेनाध्यक्ष रहने के साथ ही देश के प्रथम सीडीएस बने।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्व. जनरल बिपिन रावत जी की 08 दिसम्बर 2021 को हेलीकॉप्टर दुर्घटना में हुई आकस्मिक मृत्यु से देश को जो अपूरणीय क्षति पहुंची है, उसकी भरपाई संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड एक सैनिक बाहुल्य प्रदेश है तथा भारतीय सेना के गौरवमयी इतिहास में उत्तराखण्ड के वीर सैनिकों का अति विशिष्ट योगदान रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के युवाओं का सेना में शामिल होना प्रमुख प्राथमिकता रही है। सैन्य सेवा हमारे लिये मात्र रोजगार का अवसर नहीं, वरन देश एवं समाज के लिये जीवन समर्पित करने का उत्कृष्ट मौका भी है। स्व.जनरल बिपिन रावत ने भी अपने जीवनकाल में उत्तराखंड की इसी सैन्य परम्परा का निर्वहन किया। मातृभूमि के लिए उनकी चार दशकों की निस्वार्थ सेवा असाधारण वीरता और रणनीतिक कौशल से परिपूर्ण थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 16 दिसम्बर 1978 को जनरल रावत को 11 जी.आर. की 5 वीं बटालियन में कमिशन मिला और उस दिन से लेकर जीवन के अंतिम दिन तक वे केवल और केवल देश के लिए ही जिए। उनका सेनाध्यक्ष तथा प्रथम सीडीएस बनना ,ये स्पष्ट दर्शाता है कि वे कितने योग्य जनरल थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेना के तीनों अंगों के आधुनिकीकरण तथा देश को रक्षा आवश्यकताओं के क्षेत्र में स्वावलंबी बनाये जाने हेतु स्व. जनरल बिपिन रावत द्वारा विशेष प्रयास किये गये। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व. जनरल बिपिन रावत ने पूरी लगन से भारत की सेवा की, वे एक सच्चे देशभक्त और एक उत्कृष्ट योद्धा थे, सामरिक मामलों पर उनकी अंतर्दृष्टि और दृष्टिकोण असाधारण थे। जनरल बिपिन रावत जी “High Altitude Warfare“ और “Counter Insurgency operations“ के महारथी थे।अनेक उदाहरण हैं जब कठिन चुनौतियों में उनकी रणनीति और उत्कृष्ट नेतृत्व कौशल ने देश को गौरवान्वित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान उनका मार्गदर्शन सैनिकों के बहुत काम आया। उनके अनुकरणीय योगदान और प्रतिबद्धता को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है। उनके नेतृत्व में भारतीय सेना ने वीरता के नए नए कीर्तिमान स्थापित किए। वे देश के साथ – साथ अपने राज्य उत्तराखंड की धरती से भी बहुत प्रेम करते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के इस अवसर पर वे एक और महान व्यक्ति, हमारे पूर्व राष्ट्रपति स्व. एपीजे अब्दुल कलाम को भी नमन करते हैं। जिस उद्देश्य के लिए देश के भूतपूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जी ने इस विद्यालय की नींव रखी थी, उस उद्देश्य की पूर्ति के लिए स्कूल प्रबंधन निरन्तर प्रयासरत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान निर्माता भारत रत्न बाबा साहब अम्बेडकर ने कहा था कि ’’शिक्षा से अधिक महत्व चरित्र का होता है, परंतु अच्छी शिक्षा अच्छे चरित्र के निर्माण में सहायक होती है’’। शिक्षा हमें उच्च विचार, उच्च आचार, उच्च संस्कार और उच्च व्यवहार के साथ ही समाज की समस्याओं का उचित समाधान भी उपलब्ध कराती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का जो नारा दिया है उस नारे को हमें सार्थक करके दिखाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देश का प्रथम राज्य है जिसने स्कूली शिक्षा में नई शिक्षा नीति को लागू किया है।

इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, आईएमए के कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन, जनरल बिपिन रावत की पुत्री तारिणी रावत, विधायक सहदेव सिंह पुंडीर, मुन्ना सिंह चौहान, सविता कपूर, स्कूल के प्रबंधक विजय नागर आदि उपस्थित रहे।

नेता प्रतिपक्ष सहित कांग्रेसी दल ने की सीएम से मुलाकात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। उन्होंने हल्द्वानी के बनभूलपुरा मामले में मुख्यमंत्री से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा इस घटना को गंभीरता से लेकर उपद्रवग्रस्त क्षेत्र में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए त्वरित कार्यवाही की गई है। इस घटना की जांच के लिये आयुक्त कुमाऊं को मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जायेगा।

प्रतिनिधिमण्डल द्वारा मुख्यमंत्री से मामले की निष्पक्ष जांच की भी बात की गई। उनका यह भी कहना था कि प्रदेश में कानून के साथ खिलवाड़ करने वालों का वे भी समर्थन नहीं करते हैं। प्रतिनिधिमण्डल में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, विधायक प्रीतम सिंह, भुवन कापड़ी, फुरकान अहमद, आदेश चौहान, ममता राकेश एवं सुमित हृदयेश आदि शामिल थे।

किशोरियों को जानकारी देकर किया जागरुक

सेतु फाउंडेशन द्वारा आयोजित किशोरी प्रजनन एवं यौन स्वास्थ कार्यक्रम के तहत् आई डी पी एल इंटर कॉलेज ऋषिकेश में किशोरियों संग एक द्वि-दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का आरंभ सेवा टी एच डी सी की तकनीकी निदेशक शिखा गुप्ता ने किया। उसके बाद संस्था सचिव सरिता भट्ट ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। कार्यक्रम के शुभारंभ के क्रम में सरस्वती माता की प्रतिमा के आगे दीप प्रज्ज्वलित किया गया। कार्यक्रम निदेशक श्याम प्रकाश द्वारा आयोजित कार्यक्रम की रूपरेखा पर जानकारी दी गई। कार्यक्रम के प्रथम सत्र में राजगोपालन अय्यर द्वारा उपस्थित किशोरियों को करियर परामर्श दी गई। उसके पश्चात् संजय सिलस्वाल द्वारा परीक्षा के दौरान, परीक्षा और करियर संबंधित दबाव से उभरने के गुर बताये गए। कार्यक्रम के अगले सत्र में सब इंस्पेक्टर आरती कलूरा द्वारा प्रतिभागियों को सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाले साइबर क्राइम की जानकारी और उससे निपटने की विषय में बताया गया। इसके पश्चात् डॉक्टर रजनी सिंह द्वारा किशोरियों को प्रजनन एवं यौन स्वास्थ्य संबंधित जानकारी दी गई। कार्यक्रम के अंतिम सत्र में शिखा गुप्ता द्वारा बताया गया कि संस्थान इस तरह के कार्यक्रम समय समय पर चलता रहेगा ताकि किशोर-किशोरियों को इसका लाभ मिल सके। विद्यालय प्राचार्य द्वारा ऐसे कार्यक्रम आयोचित करने के लिए संस्था का आभार व्यक्त किया। अंत में संस्था सचिव द्वारा उपस्थित सभी का धन्यवाद कर कार्यक्रम के समापन की घोषणा के साथ उपस्थित किशोरियों को सनेटरी पैड वितरित किये गए। कार्यक्रम में 300 किशोरियों ने प्रतिभाग किया।