टिहरी में 16431.72 लाख की 49 योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड को देश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक राजधानी के रूप में विकसित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि यह काम समाज, संतों और सरकार के संयुक्त प्रयास से ही पूरा हो सकेगा। योजना बनाई जा रही है कि अगले 10 वर्ष में उत्तराखण्ड को देश का नंबर 1 राज्य बनाया जा सके। यह बात उन्होंने टिहरी जिला मुख्यालय में आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए कही। समारोह में उन्होंने 16431.72 लाख लागत की कुल 49 योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण, टिहरी यूथ क्लब का उद्घाटन, देवप्रयाग के वैष्णो माता ग्राम संगठन के हिलांस तुलसी चाय उत्पाद का अनावरण और पर्यटन आवास गृह सुनहरीगाड जाखणीधार की चाबी का हस्तांतरण किया। इसके अलावा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत लाभार्थियों को चेक भी वितरित किए। टिहरी जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों के विकास के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए उन्होंने शानदार अभिनंदन के लिए क्षेत्र की जनता का आभार प्रकट किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षों पहले उनका कई बार टिहरी आना हुआ है, आज टिहरी झील देखकर पहले की स्मृतियां ताजा हुईं तो मैं भावुक हो गया, लेकिन टिहरी के लोग बहुत सौभाग्यशाली हैं। यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। प्रधानमंत्री देश में सी प्लेन की व्यवसायिक उड़ान का जो सपना देख रहे हैं, उसी तर्ज पर जल्दी से जल्दी टिहरी झील में सी प्लेन उतारा जाएगा। इतना ही नहीं टिहरी को अत्याधुनिक शहर बनाने के लिए विश्व स्तरीय कंसल्टेंट हॉयर किए जायेंगे। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड के विकास के लिए प्रधानमंत्री का लगातार मार्गदर्शन और सहयोग मिल रहा है। केन्द्र सरकार के सहयोग से उत्तराखण्ड में आगामी दिसंबर माह तक कोरोना टीकाकरण अभियान को पूरा कर लिया जाएगा। सभी को मुफ्त कोरोना टीका उपलब्ध करवाने के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में केदारनाथ धाम के बाद अब बदरीनाथ धाम को स्मार्ट और सुविधाजनक बनाने के प्रोजेक्ट पर काम शुरू की जाएंगी।

11242 लाख की योजनाओं का लोकार्पण और 5188 लाख की योजनाओं का हुआ शिलान्यास
मुख्यमंत्री ने टिहरी में 16431.72 लाख लागत की कुल 49 योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इन योजनाओं में से 11242.94 लाख की 37 योजनाओं का लोकार्पण और 5188.78 लाख की 12 योजनाओं का शिलान्यास किया गया।

शहीद की माता को किया सम्मानित
समारोह में मुख्यमंत्री ने कारगिल शहीद दिनेश दत्त बहुगुणा की माता जी को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया और उनके पैर छूकर उनसे आशीर्वाद लिया।

ये लोग रहे मौजूद
समारोह में टिहरी के प्रभारी और कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, स्थानीय विधायक धन सिंह नेगी, धनोल्टी विधायक प्रीतम सिंह पंवार, घनसाली विधायक शक्तिलाल शाह, प्रतापनगर विधायक विजय सिंह पंवार ‘गुड्डू’, टिहरी जिला पंचायत अध्यक्ष सोना सजवान, भाजपा जिलाध्यक्ष विनोद रतूड़ी, जिलाधिकारी टिहरी ईवा आशीष श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक तृप्ति भट्ट समेत तमाम गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे।

सीएम ने टिहरी जिले में विकास कार्यों की प्रगति जानीं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने एक दिवसीय जनपद भ्रमण के दौरान जिला कार्यालय सभागार में अधिकारियों की बैठक ली। मुख्यमंत्री ने बैठक में कोविड-19 टीकाकरण की स्थिति, खाद्य आपूर्ति विभाग से संबंधित योजनाओं, जल जीवन मिशन, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, सीएम हेल्प लाइन, मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट इत्यादि की जानकारी ली।
बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत 407 लाभार्थियों का चयन किया गया है। मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट वितरण योजना के तहत अप्रैल से जून तक 740 किट प्राप्त हुई थी जिसमें से 640 का वितरण किया जा चुका है जबकि जुलाई व अगस्त हेतु डिमांड भेजी गयी है। वन भूमि हस्तांतरण के 201 प्रकरणों में से 107 पर सैद्धांतिक स्वीकृति मिलना बताया गया है जबकि 57 एप्रूव्ड व 4 प्रकरण चीफ कंजरवेटर स्तर पर लंबित होना बताया गया हैं। मुख्यमंत्री स्वरोजगार शिविरों का आयोजन अब तक तक सात विकास खंडों में किया जा चुका है जिसमें स्वरोजगार से संबंधित कुल 1800 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना व जनपद में खाद्य वितरण व राशन कार्डाे की स्थिति की भी जानकारी सम्बंधित अधिकारियों द्वारा दी गई।
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण सड़कों के अवरुद्ध होने पर प्रशासन द्वारा उनको खोले जाने की कार्यवाही की भी जानकारी ली। उन्होंने बैठक में जेसीबी ऑपरेटर को सीधे फोन कॉल कर उनकी लोकेशन के साथ-साथ अन्य जानकारी भी प्राप्त की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार नो पेंडेंसी पर कार्य कर रही है जिसके तहत शासन से लेकर जिला प्रशासन स्तर पर किसी भी कार्यालय में कोई भी मामले लंबित रहने पाए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए दूरस्थ गांव से अपनी समस्याओं के निस्तारण हेतु कार्यालयों में आने वाले आम जनमानस की समस्याओं का निस्तारण हो सके, इस हेतु सभी कार्यालयों में प्रातः 10 से 12 तक सभी अधिकारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को सेवा का अवसर मिला है तो इसका शत प्रतिशत सदुपयोग होना चाहिए।
बैठक में विधायकगणों ने ऑल वेदर मोटर मार्ग पर गतिमान निर्माण कार्याे में तेजी लाने की आवश्यकता बताई। जिस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में संबंधित उच्चाधिकारियों की एक बैठक देहरादून में शीघ्र ही आहूत की जाएगी।
बैठक में कृषि मंत्री सुबोध उनियाल, स्थानीय विधायक धन सिंह नेगी, विधायक धनोल्टी प्रीतम सिंह पंवार, विधायक घनसाली शक्ति लाल शाह, विधायक देवप्रयाग विनोद कंडारी, विधायक प्रतापनगर विजय सिंह पवार, जिला पंचायत अध्यक्षा सोना सजवाण, जिला अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी विनोद रतूड़ी, जिलाधिकारी इवा आशीष श्रीवास्तव, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तृप्ति भट्ट, मुख्य विकास अधिकारी नमामि बंसल, डीएफओ कोको रोसे, सीएमओ डॉ संजय जैन आदि उपस्थित थे।

टिहरी जिले की कई विधानसभाओं के लिए सीएम ने की घोषणा

टिहरी विधान सभा क्षेत्र
बौराड़ी स्टेडियम का विस्तारीकरण एवं निकासी की व्यवस्था, खण्डोगी जाखनीधार में पचास बेड के आयुष अस्पताल की अतरिक्त धनराशि की स्वीकृति, नई दिहरी में बांध विस्थापितों के लिए एक्स्ट्रा स्पेस की स्वीकृति होगी, विधान के केमसारी पिपली होकर बायपास पैन्यूला तक सड़क का निर्माण, नकोट में मिनी स्टेडियम का निर्माण, पौखाल महाविद्यालय का नाम शहीद प्रकाश चन्द्र कुमाई के नाम पर रखा जायेगा, पीपलडाली-चाह गडोलिया मोटर मार्ग का डामरीकरण, बगासूघर में यात्री प्रतिक्षालय एवं रेन स्टेक का निर्माण किया जायेगा, ढुंगीधार के इंटर कालेज का नाम प्रथम विश्व युद्ध में शहीद प्रताप सिंह के नाम पर रखने की घोषणा की।

विधानसभा क्षेत्र घनसाली
चमियाला क्षेत्र में 32 किमी पर्वतीय नहरों, बूढ़ाकेदार व विनयाखाल की 20 पर्वतीय नहरों का जीर्णाेद्धार किया जायेगा, कोठियाडा से पिण्डेश्वर महादेव घाट तक एक किमी मोटर मार्ग की स्वीकृति, ग्राम सभा तल्लाघार में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की स्वीकृति प्रदान की।

विधानसभा क्षेत्र प्रताप नगर
गडुवागाड-स्यान्सू भैंगा-गोदडी 5 किमी मोटर मार्ग निर्माण, सौड़ से हलेथ-मिश्रवाणगांव 5 किमी मोटर मार्ग निर्माण, स्यालगी-पिपलोगी-बिजपुर 4 किमी मोटर मार्ग का निर्माण कार्य, चौदाणा से थात तक सड़क का 4 किमी डामरीकरण, कोपड़धार इण्टर कालेज खेल मैदान निर्माण, सेम-मुखेम धाम में रोपवे।

देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र
जामणीखाल में पार्किंग की घोषणा, काण्डी बगडियों में मिनी स्टेडिय का निर्माण, पटटी डागर क्षेत्र में मिनी स्टेडियम का निर्माण, तेगड बाजार में पार्किंग निर्माण कार्य, सीएचसी हिडोलाखाल व कीर्तिनगर को उप जिला चिकित्सालय बनाये जाने की घोषणा, नैखरी महाविद्यालय में श्रीदेव सुमन महाविद्यालय परिसर खोला जायेगा, देवप्रयाग में आस्था पथ का निर्माण किया जायेगा, घण्टाकर्ण में विश्रामगृह का निर्माण, नैथाणा में विद्युत लाइन को भूमिगत किया जाने की घोषणा की।

नरेन्द्रनगर क्षेत्र
तपोवन क्षेत्र को नगर पंचायत मे परिवर्तन किया जायेगा, मुन्नाखाल-पुण्डेरी मोटर मार्ग का डामरीकरण, सोनी-रानीपोखरी मोटर मार्ग का निर्माण, बछेली खाल-पाली मोटर मार्ग का निर्माण, शीशमझाड़ी में भूमिधर का अधिकार, पावकी देवी तहसील भवन का निर्माण की घोषणा की।

विधानसभा क्षेत्र धनोल्टी
सांकरी-भखोली बनवाडी मोटर मार्ग का निर्माण, दुघली-दिमोली मोटर मार्ग का निर्माण, रौसाल-कांण्डी मोटर मार्ग का निर्माण, छाम-मैण्डखाल’ ज्वारन मोटर मार्ग का डामरीकरण, मैण्डखाल-सावली मोटर मार्ग कार्य, भवान-शाखाधार मोटर मार्ग का डामरीकरण, सकलाना में महाविद्यालय आगामी सत्र से स्थापना की जायेगी की घोषणा की।

लोक भाषा लोक साहित्य के क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए नरेंद्र सिंह नेगी को मिलेगा सम्मान

आवाज साहित्यिक संस्था मुनिकीरेती द्वारा राजभाषा हिंदी दिवस के उपलक्ष में रविवार 12 सितंबर 2021 को राजभाषा समारोह मनाने का निर्णय लिया गया है जिसमें इस वर्ष का आवाज का सर्वाेच्च सम्मान आवाज रत्न गढ़ रत्न नरेंद्र सिंह नेगी जी को उनके द्वारा की गई लोक भाषा लोक साहित्य के क्षेत्र में विशेष योगदान हेतु दिए जाने का निर्णय लिया गया है।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए संस्था के अध्यक्ष अशोक शर्मा क्रेजी ने कहा कि आवाज साहित्यिक संस्था 2001 में स्थापित की गई थी जिसका मुख्य उद्देश्य नए रचनाकारों को मंच देना तथा उन्हें साहित्य के नए नए अनुभवों से अवगत कराना था उन्होंने कहा कि आवाज में इन 20 वर्षों में बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जहां अनेक राष्ट्रीय कवि एवं साहित्यकारों का पावन सानिध्य प्राप्त किया वहीं आवाज ने अपने संस्था के माध्यम से सामूहिक संकलन ओं के द्वारा भी साहित्य के क्षेत्र में काफी उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रमुख साहित्यकारों में पार्थ सारथी डबराल, चारु चंद्र चंदोला, डॉक्टर लीलाधर जगूड़ी, राजेंद्र धस्माना, डॉक्टर गोविंद बिष्ट, विद्यासागर नौटियाल, डॉक्टर अतुल शर्मा, मोहनलाल बबूलकर, बुद्धि बलभ थपलियाल, आलोक प्रभाकर, द्वारिका प्रसाद मलासी, प्रमुख चित्रकार बी मोहन नेगी ने संस्था के लिए एक प्रेरक के रूप में कार्य किया है तथा संस्था में नये साहित्यकारों के लिए प्रमुख अन्वेषण शाला के रूप में आशीर्वाद दिया है।
संस्था के उपाध्यक्ष आचार्य रामकृष्ण पोखरियाल ने आवाज साहित्यिक संस्था की उपलब्धियों को अवगत कराते हुए कहा कि जहां नए साहित्यकारों को मंच प्रदान हुआ है वहीं विभिन्न सामाजिक शैक्षणिक संस्थाओं के अंदर आवाज साहित्यिक संस्था ने अनेक कार्यशाला आयोजित किए हैं तथा बाल साहित्यकारों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है।
सस्ता के कनिष्ठ उपाध्यक्ष प्रमोद उनियाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि आवाज साहित्यिक संस्था ने वर्तमान समय तक अनेक जन उपयोगी संकलन तैयार किए हैं जो सामूहिक रूप से कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से तैयार किए हैं जिसमें मुख्य रुप से आवाज पहाड़ बदल रहा अस्तित्व दो कदम ची ची गाती चिड़िया अन उत्तरीय प्रश्न दृष्टिकोण के साथ-साथ समय-समय पर अनेक पत्र-पत्रिकाओं में अपने रचनाओं के माध्यम से शिखर को छूने का कार्य क्या है।
समिति के सचिव महेश शिकारिया ने कहा कि आवाज आने वाले समय में ऋषिकेश नगरी नहीं अभी तो संपूर्ण राज्य के साथ-साथ भारतवर्ष के राज्यों में भी अपना बेहतरीन स्थान बनाने के लिए प्रयास करेगी
समिति के सह सचिव डॉ सुनील थपलियाल ने कहा की आवाज साहित्यिक संस्था ने लॉकडाउन में साहित्य संस्कृति संवाद की त्रिवेणी के माध्यम से संपूर्ण भारतवर्ष के साहित्यकारों को संस्कृति प्रेमियों को स्थानीय कलाकारों गीतकार के साथ कलाकारों को जोड़ने का कार्य किया सात समंदर पार भी जहां उत्तराखंडी प्रवासी सेवाएं दे रहे हैं वहां तक आवाज अपने लाइव प्रसारण के माध्यम से अग्रसारित हुई है यह सबसे बड़ी उपलब्धि है कि वर्तमान समय में डेढ़ लाख से ऊपर दर्शक आवाज़ साहित्यिक संस्था के पास है जो समय समय पर आवाज को प्रोत्साहित करते रहते हैं।
समिति के पूर्व सचिव धनेश कोठारी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हर वर्ष संस्था के द्वारा स्वर्गीय द्वारिका प्रसाद मालासी आवाज रत्न सम्मान दिया जाता है जो उत्तराखंड प्रदेश के कई महान विभूतियों को आजतक दिया गया है जिसमें डॉक्टर जग्गू नौटियाल ,आलोक प्रभाकर, सत्यानंद बडोनी, डॉक्टर सविता मोहन, डॉआशा जुगलान, बंशीधर पोखरियाल, आरपी डंगवाल, देवेंद्र दत्त सकलानी, डॉक्टर अतुल शर्मा, डॉ विद्या अलंकार, डॉक्टर श्वेता खन्ना, डॉ कविता भट्ट शैलपुत्री आदि को दिया गया है और वर्तमान समय में यह पुरस्कार गढ़ रत्न लोक भाषा, लोक साहित्य के प्रमुख भगीरथ नरेंद्र सिंह नेगी जी को दिए जाने का निर्णय लिया है। इस अवसर पर समिति के कोषाध्यक्ष सत्येंद्र चौहान नरेंद्र दयाल, शिवप्रसाद बहुगुणा, धनीराम बिंजोला, मनोज मालासी, रविशास्त्री, सुरेंद्र भंडारी, कमलेश रावत आदि उपस्थित थे ।

मुख्यमंत्री बोले, जहां आऊंगा वहां दफ्तरों का करूंगा औचक निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को रुड़की स्थित नेहरू स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में कुल 5871.17 लाख की 56 योजनाओं का लोकार्पण एवं 1206.99 लाख की कुल 11 योजनाओं का शिलान्यास किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार उत्तराखण्ड को आदर्श राज्य बनाना चाहती है, इसके लिए राज्य के विकास का अगले 10 वर्ष का रोडमैप तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा रुड़की में मिनी स्टेडियम और जिला अस्पताल बनाने समेत कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रुड़की का अपना अद्भुत इतिहास है। सबसे पुरानी सैन्य छावनी और आईआईटी औद्योगिक संस्थान यहां स्थित है। इस ऐतिहासिक नगर के विकास में सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। उन्होंने कहा कि राज्य की कार्य संस्कृति में सुधार किया जा रहा है। अधिकारियों की जनता के प्रति जवाबदेही तय करने के लिए उन्हें हर कार्य दिवस पर सुबह 10 से 12 बजे तक जनसुनवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार नो पेंडेंसी को आधार बनाकर कार्य करेगी। दफ्तरों में ज्यादा मामले लंबित तो नहीं हैं इसे देखने के लिए मैं खुद जहां जाऊंगा वहां औचक निरीक्षण करूंगा। मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि प्रधामनंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के हाथों में देश सुरक्षित है। उनके कार्यकाल में देश ने विकास के नए आयाम स्थापित किए और दुनिया में भारतवर्ष का गौरव भी बढ़ा। हमारी राज्य सरकार भी मोदी जी के पदचिन्हों पर चलते हुए उत्तराखण्ड की निरंतर प्रगति कर रही है। हमारी सरकार ने कोरोना से प्रभावित सभी क्षेत्रों के लोगों को राहत पैकेज की घोषणा की है। पर्यटन, स्वास्थ्य, परिवहन और आजीविका के क्षेत्र में राज्य सरकार ने करोड़ों की राहत राशि प्रदान की है। कोरोना की लड़ाई में अभूतपूर्व योगदान देने वाले कार्मिकों को भी सम्मान राशि देकर प्रोत्साहित किया गया है। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा शुरू न हो पाने से लाखों लोगों की आजीविका प्रभावित हुई है। सरकार जल्दी से जल्दी यात्रा शुरू करवाने के गंभीर प्रयास कर रही है। इसके लिए सरकार हाईकोर्ट में महत्वपूर्ण तथ्य और दस्तावेज पेश करेगी।

विधानसभा वार शिलान्यास एवं लोकार्पण
मुख्यमंत्री ने रुड़की विधानसभा हेतु कुल 2413.07 लाख की 29 योजनाओं का लोकार्पण एवं 274.85 लाख की 3 योजनाओं का शिलान्यास किया। झबरेड़ा विधानसभा हेतु कुल 3212.07 लाख की कुल 25 योजनाओं का लोकार्पण एवं 727.12 लाख की कुल 7 योजनाओं का शिलान्यास किया गया। भगवानपुर विधानसभा हेतु 246.03 लाख की 2 योजनाओं का लोकार्पण किया। इसके अलावा पिरान कलियर विधानसभा हेतु 205.02 लाख की 1 योजना का शिलान्यास किया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने रुड़की क्षेत्र के लिए कई घोषणाएं भी की। जिसके तहत विधानसभा क्षेत्र रुड़की के अंतर्गत नेहरू स्टेडियम रुड़की को सुदृढ़ीकरण कर मिनी स्टेडियम के रूप में विकसित किया जाएगा। विधानसभा क्षेत्र रुड़की के अंतर्गत राजकीय इंटर कॉलेज रुड़की को ब्लॉक एवं विद्यालय स्तर की खेलकूद प्रतियोगिताओं के आयोजनों हेतु स्कूल के ग्राउंड में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की स्थापना, के साथ ही इंडोर बैडमिंटन कोर्ट, बास्केटबॉल कोर्ट और रनिंग ट्रैक बनाया जाएगा। रुड़की विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत जल संस्थान रुड़की सीवरेज योजना के तहत रख रखाव एवं अनुरक्षण कार्य हेतु धन राशि प्रदान की जाएगी। सिविल लाइन रुड़की में नजूल भूमि के सम्बंध में जांच कराकर नए सिरे से शासनादेश जारी किया जाएगा। रुड़की स्थित संयुक्त चिकित्सालय की कमियों को दूर करते जिला अस्पताल में उच्चीकृत किया जाएगा।
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, स्वामी यतीश्वरानंद, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, स्थानीय विधायक प्रदीप बत्रा, विधायक लक्सर संजय गुप्ता, विधायक खानपुर कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन, विधायक झबरेड़ा देशराज कर्णवाल एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।

प्रीतम ने दिल्ली में थामा भाजपा का हाथ, भाजपाईयों में बैचेनी

उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने बड़ा दांव चला है। धनोल्टी के निर्दलीय विधायक प्रीतम सिंह पंवार को पार्टी अपने पाले में लाने में कामयाब रही है। बुधवार को विधायक प्रीतम सिंह पंवार ने नई दिल्ली में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने उन्हें सदस्यता ग्रहण कराई। बता दें कि प्रीतम उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) से भी मंत्री रह चुके हैं। उन पर कांग्रेस की भी नजर थी।
इस मौके पर प्रीतम सिंह पंवार ने कहा कि मैं खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं कि देश की सबसे बड़ी पार्टी में शामिल हुआ हूं। मैं धार्मिक प्रदेश से हूं, जहां चारधाम हैं, देवी देवताओं का वास है। पीएम मोदी का नाता भी देवभूमि से रहा है। जिस तरह से उनकी धार्मिक आस्था देवभूमि से जुड़ी हैं उससे निश्चित तौर पर प्रदेश का विकास होगा।

जानिए प्रीतम सिंह पंवार के बारे में खास बातें
नाम- प्रीतम सिंह पंवार
पिता का नाम- स्व. मनोहर लाल पंवार
माता का नाम- कमला देवी
जन्मतिथि- 1 जनवरी 1966
स्थाई पता- ग्राम थान, जौनपुर, टिहरी गढ़वाल।
प्रारंभिक शिक्षा- प्राथमिक से इंटरमीडिएट तक की शिक्षा बड़ेथी, उत्तरकाशी।
स्नातक- डीएवी पीजी कॉलेज देहरादून।

प्रीतम पंवार का राजनीतिक सफर
– 1984 में उत्तराखंड क्रांति दल में शामिल हुए।
– 1988 में पहली बार चिन्यालीसौड़ उत्तरकाशी से क्षेत्र पंचायत सदस्य चुने गए।
– 1994 में उत्तराखंड राज्य आंदोलन में सक्रिय भागीदारी की।
– 1996 में जिला सहकारी बैंक उत्तरकाशी के निदेशक।
– 1996 में दोबारा चिन्यालीसौड़ उत्तरकाशी से क्षेत्र पंचायत सदस्य चुने गए।
– वर्ष 2000 से 2002 तक उत्तरकाशी जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष रहे।
– 2002 में पहली बार यूकेडी से यमुनोत्री विधानसभा सीट से विधायक बने।
– 2012 में दूसरी बार भी यूकेडी से ही यमुनोत्री सीट से विधायक बने। तत्कालीन कांग्रेस सरकार में पहली बार कैबिनेट मंत्री का दायित्व संभाला। पंवार को शहरी विकास, मत्स्य पालन, पशुपालन, कारगार जैसे बड़े विभागों का मंत्री बनाया गया।
– 2017 में टिहरी जिले की धनोल्टी विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल कर तीसरी बार विधायक बने।

श्रीनगर में इंस्टीट्यूट आफ गवर्नमेंट मेडिकल सांइस एंड रिसर्च की सीएम ने की समीक्षा


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर गढवाल में वीर चंद्र सिंह गढ़वाली गवर्नमेंट इन्स्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च की समीक्षा बैठक की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र से जुड़े चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ सरलीकरण, समाधान व निस्तारण के मंत्र के आधार पर लोगों को स्वास्थ्य लाभ मुहैया कराएं। आगामी 3 महीनों में मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के लिए कौन से प्रोजेक्ट पूरे किए जाने हैं तथा कौन सी योजनाएं व उपकरण केंद्र सरकार की ओर से यहां पर मंगवाये जा सकते हैं, उन पर विशेष ध्यान केंद्रित किए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि श्रीनगर का मेडिकल कॉलेज पहाड़ी क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण स्थान है। श्रीनगर के मेडिकल कॉलेज को सभी सुविधाओं से लैस किया जाएगा। साथ ही मेडिकल कॉलेज की स्वास्थ्य संबंधी प्रस्तावों को भी शीघ्र पूरा किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के मेडिकल तथा पैरामेडिकल स्टाफ के कार्यों की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि कोविड काल के दौरान मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के स्टाफ ने बेहतरीन कार्य किया है। उन्होंने कहा कि कैबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत जी के नेतृत्व में खिरसू ब्लॉक में शत प्रतिशत वैक्सीनेशन हुआ है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि श्रीनगर मेडिकल कॉलेज गढ़वाल क्षेत्र की लाइफ लाइन है। कोरोना काल में श्रीनगर मेडिकल कालेज के चिकित्सकों ने बढ़ चढ़कर कार्य किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की बदौलत ही जुलाई माह तक रिकॉर्ड 30 लाख लोगों को वैक्सीन लगाई जा सकी है। उन्होंने कहा कि श्रीनगर मेडिकल कालेज कि विकास कार्य हेतु 15 करोड़ की डी पी आर स्वीकृत हो गई है।

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष भाजपा मदन कौशिक, केबिनेट मंत्री डॉ हरक सिंह रावत, सतपाल महाराज, विधायक मुकेश सिंह कोली, विनोद कंडारी, जिला पंचायत अध्यक्ष शांति देवी, गढ़वाल मण्डल आयुक्त रविनाथ रमन, जिलाधिकरी डॉ विजय कुमार जोगदण्डे, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पी रेणुका देवी, मेडिकल कॉलेज प्राचार्य सीएम रावत आदि उपस्थित थे।

सुखरो नदी पर बने पुल के समीप हुए कटाव को लेकर मंत्री ने दिए निर्देश

वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने बाढ सुरक्षा को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इससे पूर्व उन्होंने आपदा से हुए लालढांग-चिलरखाल मार्ग पर हुए कटान का निरीक्षण जेसीबी मशीन में बैठकर किया। उन्होंने सुखरो नदी पर बने पुल के समीप हुए कटाव का देखते हुए अपने आवास पर अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को कटाव के कारण पुल को उत्पन्न खतरे को देखते हुए सिंचाई विभाग के अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। साथ ही जेसीबी मशीन लगाकर चैनलाइज कर नदी का बहाव बीच में करने के निर्देश दिए। साथ ही पुल के पिलर की सुरक्षा के लिए वायरक्रेट लगा सुरक्षा दीवार बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को बरसात बंद होने का इंतजार किए बगैर तुरंत बाढ सुरक्षा कार्य शुरू कराने के निर्देश भी दिए। साथ ही विधानसभा क्षेत्र में सभी जगहों का निरीक्षण कर जहां जहां नुकसान हुआ है, वहां भूकटाव रोकने और आपदा से नुकसान को रोकने के प्रबंध करने के निर्देश भी दिए।
इस मौके पर उपजिलाधिकारी योगेश मेहरा, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता शिवराम जगूडी, लोनिवि दुगड्डा के अधिशासी अभियंता निर्भय सिंह, नगर निगम के सहायक नगर अधिकारी संजय कुमार, जेई अखिलेश खंडूडी, मीडिया प्रभारी धर्मवीर गुसाई आदि मौजूद रहे।

खुशी को वात्सलय योजना का लाभ दिलाने का रेखा आर्य ने दिया भरोसा

रुद्रप्रयाग जिले की अपने माता-पिता को खो चुकी 9 वर्षीय मासूम खुशी को अब मंत्री बुआ का साथ मिला है। शनिवार को कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने खुशी से फोन पर वार्ता की और हर संभव मदद का भरोसा दिया। साथ ही यह आश्वासन दिया कि उसकी बुआ हर परिस्थिति में उसके साथ है। इसके अलावा वात्सल्य योजना का लाभ दिलाने की बात भी कही।

बता दें कि रुद्रप्रयाग जिले के जखोली ब्लॉक के कपणियां गाँव की निराश्रित मासूम 9 वर्षीय बालिका खुशी की माता का देहांत दो वर्ष पूर्व हो चुका था। तभी से पिता के कंधों पर माता की भी जिम्मेदारी आ गयी थी। मगर विधाता को कुछ और ही मंजूर था। कुछ दिनों पूर्व इस मासूम बालिका के पिता भी इस दुनिया को अलविदा कहकर चले गए। खुशी के लिए मानो पूरी दुनिया ही उजड़ गयी हो।

यह जानकारी उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य को लगी। उन्होंने तत्काल मौके पर विभागीय अधिकारियों को भेजा और जानकारी जुटाई। इसी क्रम में शनिवार को कैबिनेट मंत्री ने खुशी को दूरभाष के जरिए संपर्क किया। देहरादून अपने निवास स्थान से मंत्री ने बालिका खुशी को फ़ोन लगाया, तो दूसरी ओर रुद्रप्रयाग जिले के कपणियां गाँव से खुशी की आवाज़ आयी। इधर से मंत्री रेखा आर्य ने खुशी का हाल जाना। उन्होंने मासूम बालिका को निराश्रित ना होने का एहसास दिलाया। स्वयं को बुआ के रूप में प्रस्तुत कर मंत्री ने हर समय मदद का आश्वासन दिया। वात्सल्य योजना का लाभ दिलाने के साथ ही अपने व्यक्तिगत नंबर को भी खुशी से शेयर किया। कहा कि प्रदेश सरकार सदैव आपके साथ है, जीवन मे खुद को अकेला न समझना, आपकी बुआ के रूप में रेखा आर्य उसके साथ है।

टिहरी विस्थापित प्रत्येक परिवार को मिलेगा 74.4 लाख का मुआवजा

प्रदेश के पर्यटन, सिंचाई, लोक निर्माण, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज के अथक प्रयासों से आखिरकार 20 वर्ष बाद टिहरी बांध परियोजना से प्रभावित 415 विस्थापित परिवारों को न्याय मिलना संभव हो पाया है।

टिहरी बांध परियोजना से प्रभावित 415 विस्थापित परिवारों के पुनर्वास संबंधी समस्याओं के निराकरण हेतु 22 जनवरी 2021 को प्रदेश के पर्यटन, सिंचाई, लोक निर्माण, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने टिहरी के जनप्रतिनियों और राज्य सरकार के अधिकारियों को साथ लेकर नई दिल्ली में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री राजकुमार सिंह के साथ एक बैठक की थी। बैठक में सतपाल महाराज के साथ टिहरी सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह, विधायक धन सिंह नेगी, घनसाली विधायक शक्ति लाल शाह, प्रताप नगर विधायक विजय सिंह पवार सहित अनेक विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

केंद्रीय ऊर्जा मंत्री राजकुमार सिंह के साथ हुई उस ऐतिहासिक बैठक में तय किया गया था कि टिहरी बांध परियोजना से प्रभावित 415 विस्थापित परिवारों के पुनर्वास संबंधी समस्याओं का समाधान न्यायालय की परिधि से बाहर किया जाएगा।

पर्यटन, सिंचाई, लोक निर्माण, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज की देखरेख में टिहरी बांध विस्थापित 415 परिवारों को न्याय दिलाने के लिए लगातार चल रहे प्रयासों के तहत जनवरी से मैराथन बैठकों का दौर जारी रहा। जनवरी से अब तक टीएचडीसी अधिकारियों, सचिव सिंचाई उत्तराखंड और जिलाधिकारी टिहरी के बीच हुई अनेक बैठकों का परिणाम यह रहा कि टीएचडीसी ने उत्तराखंड सरकार को एक अंडरटेकिंग दी है। जिसमें कहा गया है कि वह संपार्श्विक क्षति नीति 2013 के तहत गठित तकनीकी समिति की संरचना के लिए उत्तराखंड सरकार द्वारा संशोधित आदेश जारी होने के बाद माननीय उच्च न्यायालय उत्तराखंड में दायर अपनी रिट याचिका को वापस ले लेंगा।

साथ ही टिहरी बांध परियोजना प्रभावित 415 परिवारों के पुनर्वास को लेकर प्रदेश सरकार की ओर से जो मुआवजा राशि तय की गई है वह प्रभावित क्षेत्र के तत्समय बाजारी दरों, सोलेशशियम, एक्सग्रेशिया, ब्याज और विकास लागत को जोड़कर प्रति परिवार 74.4 लाख रूपये आंकी गई है। टीएचडीसी और उत्तराखंड सरकार दोनों की सहमति से तय हुआ है कि बांध प्रभावित 415 परिवारों के पुनर्वास हेतु 74.4 लाख का मुआवजा प्रति परिवार के अनुसार दिया जाएगा।

इस समझौते के तहत रौलाकोट गांव के पुनर्वास के बारे में भी तय हुआ है कि ग्राम रौलाकोट के विस्थापन हेतु पुनर्वास निदेशालय के पास लगभग 70 एकड़ भूमि रोशनाबाद, रायवाला, घमंडपुर, आदि गांव में उपलब्ध है जो कि पहले टिहरी बांध प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए अधिग्रहित की गई थी। इसके अलावा लगभग 20 एकड़ भूमि विभिन्न स्थानों पर टीएचडीसी के स्वामित्व में है। क्योंकि उक्त भूमि को विकसित करने की आवश्यकता है इसलिए टीएचडीसी 10.5 करोड़ की राशि इसके लिए वहन करेगा।

कुल मिलाकर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के अथक प्रयासों से 20 वर्षों के लम्बे इन्तजार के बाद अब कहीं जाकर टिहरी बांध परियोजना प्रभावित 415 परिवारों की पुनर्वास संबंधित समस्याओं को लेकर एक बड़ी सफलता मिलती दिखाई दे रही है।