11 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है इंजीनियरिंग का नायाब नमूना गरतांग गली की सीढ़ियां

भारत-तिब्बत व्यापार की गवाह रही उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले की नेलांग घाटी में स्थित ऐतिहासिक गरतांग गली की सीढ़ियों का देश-विदेश के पर्यटक दीदार करने लगे हैं। गरतांग गली की सीढ़ियों का पुनर्निर्माण कार्य जुलाई माह में पूरा किया जा चुका है। इसके बाद से ही ऐसे में रोमांचकारी जगहों पर जाने के शौकीन पर्यटकों के लिए यह जगह एक शानदार विकल्प है।

गरतांग गली की करीब 150 मीटर लंबी सीढ़ियां अब नए रंग में नजर आने लगी हैं। करीब 11 हजार फीट की ऊंचाई पर बनी गरतांग गली की सीढ़ियां इंजीनियरिंग का नायाब नमूना है। इंसान की ऐसी कारीगरी और हिम्मत की मिसाल देश के किसी भी अन्य हिस्से में देखने के लिए नहीं मिलेगी।

1962 भारत-चीन युद्ध के बाद इस लकड़ी की सीढ़ीनुमा पुल को बंद कर दिया गया था, अब करीब 59 सालों बाद वह दोबारा पर्यटकों के लिए खोला गया है। कोरोना गाइडलाइन और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक बार में दस ही लोगों को पुल में भेजा जा रहा है। पेशावर से आए पठानों ने 150 साल पहले इस पुल का निर्माण किया था। आजादी से पहले तिब्बत के साथ व्यापार के लिए उत्तकाशी में नेलांग वैली होते हुए तिब्बत ट्रैक बनाया गया था। यह ट्रैक भैरोंघाटी के नजदीक खड़ी चट्टान वाले हिस्से में लोहे की रॉड गाड़कर और उसके ऊपर लकड़ी बिछाकर रास्ता तैयार किया था। इसके जरिए ऊन, चमड़े से बने कपड़े और नमक लेकर तिब्बत से उत्तरकाशी के बाड़ाहाट पहुंचाया जाता था। इस पुल से नेलांग घाटी का रोमांचक दृश्य दिखाई देता है। यह क्षेत्र वनस्पति और वन्यजीवों के लिहाज से काफी समृद्ध है और यहां दुर्लभ पशु जैसे हिम तेंदुआ और ब्लू शीप यानी भरल रहते हैं।

सामरिक दृष्टि से संवेदनशील है नेलांग घाटी
नेलांग घाटी सामरिक दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र है। गरतांग गली भैरव घाटी से नेलांग को जोड़ने वाले पैदल मार्ग पर जाड़ गंगा घाटी में मौजूद है। उत्तरकाशी जिले की नेलांग घाटी चीन सीमा से लगी है। सीमा पर भारत की सुमला, मंडी, नीला पानी, त्रिपानी, पीडीए और जादूंग अंतिम चौकियां हैं।

वहीं, सतपाल महाराज पर्यटन मंत्री उत्तराखंड कहा ने भारत सरकार ने पर्यटकों की आवाजाही पर लगाई थी रोक। वर्ष 1962 में भारत-चीन युद्ध के बाद बने हालात को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने उत्तरकाशी के इनर लाइन क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया था। यहां के ग्रामीणों को एक निश्चित प्रक्रिया पूरी करने के बाद साल में एक ही बार पूजा अर्चना के लिए इजाजत दी जाती रही है। इसके बाद देश भर के पर्यटकों के लिए साल 2015 से नेलांग घाटी तक जाने के लिए गृह मंत्रालय भारत सरकार की ओर से इजाजत दी गई।

पर्यटन सचिव ने बताया कि दिलीप जावलकर उत्तराखंड धरोहर संरक्षण के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इसके तहत नेलांग घाटी में स्थित ऐतिहासिक गरतांग गली की सीढ़ियों का 64 लाख रुपये की लागत से पुनर्निर्माण कार्य पूरा करने के बाद पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। गरतांग गली के खुलने के बाद स्थानीय लोगों और साहसिक पर्यटन से जुड़े लोगों को फायदा मिल रहा है। ट्रैकिंग के शौकीनों के लिए यह एक मुख्य केंद्र बन रहा है।

वहीं, मयूर दीक्षित, जिलाधिकारी, उत्तरकाशी ने कहा के पुनर्निर्माण कार्यों में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पुरानी शैली में पुननिर्माण कार्यों को जुलाई माह में पूरा कर लिया गया था। कोरोना नियमों और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक बार में दस पर्यटकों को ही प्रवेश दिया जा रहा है।

नेलांग घाटी के आसपास-हर्षिल
हर्षिल, हिमालय की तराई में बसा एक गांव, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता से पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। यहां से गंगोत्री की दूरी मात्र 21 किलो मीटर ही बचती है, जो कि हिन्दुओं के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है। गंगोत्री तक रास्ता अपने आप में इतना मनमोहक है कि एक बार से आपका मन नहीं भरेगा।

केदारताल
केदारताल उत्तराखंड में सबसे खूबसूरत झीलों में से एक ताल है। यह गंगोत्री से 18 किमी की दूरी पर स्थित, गढ़वाल हिमालय में दूर केदार ताल निश्चित रूप से साहसिक और प्रकृति प्रेमियों के लिए एक आदर्श स्थान है। केदारताल से केदारगंगा निकलती है जो भागीरथी की एक सहायक नदी है।

आर्शीवाद यात्रा ने भाजपा कार्यकार्तओं में भरा जोश

केंद्रीय रक्षा व पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट के नेतृत्व में आशीर्वाद यात्रा के ऋषिकेश आगमन पर नटराज चौक पर उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल सहित हजारों की संख्या में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने फूल मालाओं से अजय भट्ट का जोरदार स्वागत किया।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने केंद्रीय रक्षा व पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट, प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल को पगड़ी पहनाकर अभिनंदन किया। वहीं विधानसभा अध्यक्ष ने अजय भट्ट को केंद्र में राज्यमंत्री के रूप में पर्यटन व रक्षा विभाग का दायित्व मिलने पर अपनी शुभकामनाएं दी। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र से मिली इस नई जिम्मेवारी का अजय भट्ट भली-भांति निर्वहन करेंगे एवं प्रदेश के विकास में अपना अहम योगदान देंगे। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि केंद्रीय राज्य मंत्री के ऋषिकेश आगमन पर कार्यकर्ताओं में जोश एवं उत्साह है।
आशीर्वाद यात्रा नटराज चौक से प्रारंभ होकर देहरादून तिराहे, कोयल घाटी तिराहे से होकर नेपाली फार्म तक पहुंची जहां पर हजारों की संख्या में मौजूद कार्यकर्ताओं द्वारा आशीर्वाद यात्रा का स्वागत किया गया। इस अवसर पर आशीर्वाद यात्रा पर पुष्प की बरसा के साथ जोरदार नारेबाजी हुई। वहीं केंद्रीय राज्य मंत्री अजय भट्ट फूल मालाओं से लादा गया।
इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष कुसुम कंडवाल, ऋषिकेश के मंडल अध्यक्ष दिनेश सती, वीरभद्र मंडल अध्यक्ष अरविंद चौधरी, जिला महामंत्री सुदेश कंडवाल, शिव कुमार गौतम, रीना शर्मा, अनीता तिवारी, उषा जोशी, प्रदीप कोहली, संदीप खुराना, जितेंद्र अग्रवाल, जयंत किशोर शर्मा, सुंदरी कडंवाल, सुरेंद्र मोघा, पुनीता भंडारी,आरती दुबे, विजेंद्र मोगा, रमेश चंद शर्मा, नितिन सक्सेना एवं नेपाली फार्म तिराहे पर ब्लॉक अध्यक्ष भगवान सिंह पोखरियाल, मंडल अध्यक्ष गणेश रावत, प्रधान संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष सोबन सिंह केंतुरा, चमन पोखरियाल, भगवान सिंह महर, अनीता राणा, समा पवार, प्रदीप धस्माना, लक्ष्मी गुरुंग, अमर खत्री, विजय जुगरान, भूपेंद्र रावत, कमला नेगी, राम रतन रतूड़ी, पद्मा नैथानी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।

कांग्रेस कार्यकार्तओं ने किया विरोध, लगाये नारे
भारतीय जनता पार्टी की जन आशीर्वाद रैली के ऋषिकेश आगमन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव राजपाल खरोला के नेतृत्व में भारी विरोध किया।
खरोला ने कहा कि भाजपा जन आशीर्वाद रैली नाटक है। पूर्व में प्रदेश की जनता ने प्रचंड बहुमत के साथ भाजपा को आशीर्वाद देकर सत्तासीन किया, मगर लेकिन आज भ्रष्टाचार चरम पर है। महंगाई अपने उच्च स्तर पर है। बेरोजगारी कितनी ऊंचाई पर पहुंच गई है कि शायद अब रोजगार मिलने की आस ही लोगों ने छोड़ दी है। खरोला ने कहा कि जनता के आशीर्वाद से पूर्ण बहुमत से उत्तराखंड में सरकार बनाने के बावजूद 4 साल में 3 मुख्यमंत्री बदलकर कुम्भ घोटाला, छात्रवृत्ति घोटाला, फ्लाईओवर घोटाला, राशन घोटाला, बस खरीद घोटाला आदि पर पर्दा डालने का काम किया। वही उत्तराखंड भाजपा के कई प्रदेश पदाधिकारियो से लेकर कई विधायकों पर इन चार सालो में दुष्कर्म के आरोप लग चुके है, सरकार की उदासीनता के कारण राज्य के बेरोजगार दर-दर की ठोखरे खाने को मजबूर हो गए। खरोला ने कहा कि राज्य में ना विकास का कोई एजेंडा है ना महिला सुरक्षा और न ही रोजगार देने का, भाजपा का एक ही एजेंडा रह गया है।
विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकारी नगर अध्यक्ष सुधीर राय, महिला कांग्रेस अध्यक्ष सरोज देवराड़ी, पार्षद (मनीष शर्मा, राकेश सिंह, देवेंद्र प्रजापति, राधा रमोला, शकुंतला शर्मा, पुष्पा मिश्रा, भगवान सिंह पवार, जगत सिंह नेगी) पुष्कर बंगवाल, वीरेंद्र सजवाण, विक्रम भंडारी, परमेश्वर राजभर, दीनदयाल राजभर, राजेंद्र तिवारी, विवेक तिवारी, राजेंद्र गैरोला, एकांत गोयल, जितेंद्र पाल प्रजापति, सोनू पांडे, राहुल पांडे, जयपाल सिंह, रेनू नेगी, सरोजिनी थपलियाल, राजेश गोयल, दीपक धमादां, अभिषेक शर्मा, अभिनव मलिक,सन्नी प्रजापति, अजय धीमान, लोकपाल कैंतुरा, राजू गुप्ता, जितेंद्र यादव, अजय यादव, अजय दास, सौरभ वर्मा, राकेश वर्मा, अमित सागर आदि मौजूद रहे ।

सीएम का आग्रह-केदारपुरी में फेज-टू के प्रोजेक्ट का शिलान्यास करे पीएम

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की। उन्होंने केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाये जाने तथा वासुकी ताल क्षेत्र के साथ ही आस-पास के क्षेत्रों को भी नये लोकेशन के रूप में विकसित करने के निर्देश दिये।
प्रधानमंत्री ने स्थानीय जन भावनाओं के अनुरूप ईशानेश्वर मंदिर के पुनर्निर्माण, आस्था चौक पर “ऊँ“ कार की प्रतिमा स्थापित करने, शंकराचार्य समाधि एवं शिव उद्यान के डिजाइन में जन भावनाओं के अनुरूप संशोधन करने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केदारपुरी में फेज-टू के 113.92 करोड़ के प्रोजेक्ट का शिलान्यास करने हेतु प्रधानमंत्री से समय देने का आग्रह किया। इस सम्बन्ध में प्रधानमंत्री द्वारा शीघ्र समय निर्धारण हेतु आश्वासन दिया गया।

प्रधानमंत्री के विजन एवं मार्गदर्शन में हो रहा है केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण- मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केदारनाथ में 2013 में आयी आपदा के बाद प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में केदारपुरी, एक नयी सुरक्षित एवं सुविधा युक्त धार्मिक एवं आध्यात्मिक नगरी के रूप में निर्मित हो रही है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को अवगत कराया कि स्थानीय स्थापत्य कला, नवीन तकनीकी के इस्तेमाल, ठोस अपशिष्ट निस्तारण व्यवस्था के साथ केदारनाथ धाम सुनियोजित आधुनिक संसाधनों से युक्त इको फ्रेंडली टाउन के रूप में विकसित हो रही है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को यह भी अवगत कराया कि बद्रीनाथ को स्मार्ट स्प्रिचुअल हिल टाउन के रूप में विकसित करने के लिये प्रथम चरण के 245 करोड़ की योजना के कार्यों को शुरू करने के लिये 22 राजकीय भवनों को अन्यत्र स्थानांतरित करने का निर्णय राज्य की कैबिनेट द्वारा लिया जा चुका है। इससे कार्यों में अब तेजी आ सकेगी।
मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. सन्धु ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से प्रधानमंत्री को अवगत कराया कि केदारनाथ पुनर्निर्माण के प्रथम चरण के कार्य पूर्ण हो चुके हैं जिसमें टेम्पल प्लाजा, एराइवल प्लाजा, मन्दाकिनी एवं सरस्वती नदी पर सुरक्षा दीवार निर्माण, 05 घाटों का निर्माण, मन्दाकिनी रिवर फ्रंट के कार्य 5 गेस्ट हाउसों का निर्माण, 3 ध्यान गुफाओं का निर्माण पूर्ण हो चुका है। आदि शंकराचार्य की गुफा का निर्माण कार्य गतिमान है जबकि, द्वितीय चरण में 113.92 करोड़ के 13 कार्यों पर भी कार्यवाही गतिमान है।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, अपर प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर, विशेष सचिव डॉ पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव युगल किशोर पंत उपस्थित थे।  

लोक सुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने उठाई रोजगार और विकास की मांग

दून और मसूरी के बीच बनने वाले रोपवे निर्माण में स्थानीय लोगों का पक्ष जानने के लिए उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (यूटीडीबी) ने उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सौजन्य से लोक सुनवाई का आयोजन किया गया। लोक सुनवाई में सभी उपस्थित ग्रामीणों ने पूर्णरूप से प्रोजेक्ट को लगाये जाने पर सहमति के साथ ही समर्थन प्रदान किया। इसके अलावा स्थानीय व्यक्तियों को रोजगार के अवसर प्रदान करने के साथ ही क्षेत्र के विकास की मांग भी की गई।

कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए एडीएम जीसी गुणवंत की अध्यक्षता में सोमवार को पुरकुल स्थित प्राचीन शिव मंदिर में लोक सुनवाई का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि यह रोपवे दोनों शहरों के लिए रोमांच और पर्यटन की नई संभावनाओं के द्वार खोलने वाला साबित होगा। वहीं, सबसे पहले मैसर्स मसूरी स्काई कार कम्पनी प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारियों ने ग्रामीणों को रोपवे से होने वाले लाभ और परियोजना के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।

ग्रामीणों ने मांग करते हुए कहा कि रोपवे से सृजित होने वाले रोजगार के अवसर में ग्रामीणों को प्राथमिकता देने के साथ क्षेत्र के विकास के लिए भी काम किया जाए। जिस पर अवगत कराया गया कि ग्रामीणों को रोजगार के मौके उपलब्ध कराने के साथ क्षेत्र का विकास भी तेजी से होगा। रोपवे के निर्माण से बड़े पैमाने पर ढांचागत विकास होगा, जिससे मौजूदा क्षेत्रों की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी। साथ ही मसूरी में भी इससे जुड़े कई विकास कार्य होंगे, जिसका पर्यटकों और स्थानीय लोगों को लाभ मिलेगा। रोपवे से पर्यटक सुरक्षित व प्रदूषण मुक्त सफर कर सकेंगे। इसके साथ ही दून और मसूरी के बीच सुंदर प्राकृतिक दृश्य भी देख सकेंगे। रोपवे से एक घंटे में दो हजार यात्री दोनों ओर सफर कर सकते हैं। दिन भर में रोपवे का 10 घंटे तक संचालन किया जाएगा। वहीं इस मौके पर यूटीडीबी के अधिकारियों ने ग्रामीणों को वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना और दीन दयाल उपाध्याय होमस्टे योजना के लिए आवेदन करने के बारे में भी बताया गया।

यूटीडीबी के निदेशक प्रशांत कुमार आर्य ने कहा रोपवे निर्माण के लिए ग्रामीणों ने विशेष सहयोग देने के साथ सहमति भी जताई है। इसके लिए क्षेत्र के ग्रामीण बधाई के पात्र हैं। पुरकुल गांव में रोपवे बनने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होने के साथ क्षेत्र का तेजी से विकास होगा। विभाग इस दिशा में तेजी से काम कर रहा है।

एशिया का दूसरा सबसे लंबा रोपवे होगा दून से मसूरी रोपवे
देहरादून और मसूरी के बीच बनने वाला यह रोपवे देश का सबसे लंबा (5.5 किमी) तथा एशिया का दूसरा सबसे लंबा रोपवे होगा। यह हांगकांग के गोंगपिंग 360 (5.7 किमी) से महज सौ मीटर ही छोटा है।

पर्यटकों को मिलेगी सुविधा, पर्यावरण का होगा बचाव
रोपवे निर्माण से पर्यटक दून से मसूरी 15-18 मिनट में पहुंच जाएंगे। इससे मसूरी में लगने वाले ट्रैफिक के साथ ही सुरक्षित एवं पर्यावरणीय दृष्टि से यात्रियों को सुविधाजनक यातायात का साधन सुलभ होगा।

इस मौके पर पर्यटन विभाग के वरिष्ठ शोध अधिकारी एसएस सामंत, जिला पर्यटन अधिकारी अतुल भंडारी, देहरादून जिला पर्यटन अधिकारी जसपाल सिंह चौहान, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्याम सिंह पुंडीर, क्षेत्र पंचायत सदस्य कनिका रावत, उपेन्द्र सिंह थापली, पूर्व अध्यक्ष मंडी परिषद, गोदावरी थापली, पूर्व जिला पंचायत सदस्य सहित होटल एसोसिएशन मसूरी और होटल एसोसिएशन देहरादून के पदाधिकारी मौजूद रहे।

साहसिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए निम का प्रशिक्षण शिविर शुरु

उत्तराखंड में साहसिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए देश-दुनिया को दर्जनों नामचीन पर्वतारोही देने वाले उत्तरकाशी स्थित नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) प्रदेश के युवाओं को कम ऊंचाई पर ट्रेकिंग, पहाड़ पर चढ़ने और राहत व बचाव की बारीकियां सिखाएंगे। सात दिन तक चलने वाले कम ऊंचाई पर ट्रेकिंग गाइड प्रशिक्षण कार्यक्रम का सोमवार को शुभारंभ हुआ।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने यूटीडीबी व निम के संयुक्त तत्वावधान में चलने वाले सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग ले रहे अभ्यर्थियों को शुभकामनाऐं दी। पर्यटन मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में साहसिक खेलों की अपार संभावनाऐं हैं। साहसिक पर्यटन उत्तराखंड के पर्यटन उद्योग में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी रखता है। प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण के लिए रोजगार सृजित करने में अहम भूमिका निभाएगा। यह राज्य के साहसिक पर्यटन क्षेत्र मंू एक नवीनतम कदम है, जो राज्य में साहसिक पर्यटन को नई ऊचाईयां देगा। इससे उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन को एक नई पहचान मिलेगी। प्रदेश भर के युवाओं को इससे जोड़कर उन्हें साहसिक खेलों में भविष्य बनाने में मदद मिलेगी।

यूटीडीबी के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (साहसिक पर्यटन) कर्नल अश्विन पुंडीर ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर बताया कि प्रदेश में स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार उपलब्ध कराये जाने के उद्देश्य से ट्रेकिंग ट्रक्शन सेंटर होम स्टे अनुदान योजना को लागू किया गया था। योजना के तहत प्रदेश के छह जिलों में 13 ट्रेकिंग ट्रक्शन सेंटर में 73 गांवों को अधिसूचित किया गया है। इन अधिसूचित गांवों से इच्छुक युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए विभाग की ओर से निम के साथ मिलकर सात दिन का प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। पहले चरण में पिथौरागढ़, बागेश्वर, चमोली, रुद्रप्रयाग और टिहरी गढ़वाल के 49 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए निम और यूटीडीबी के बीच जुलाई माह में समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए थे।

उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 में कम ऊंचाई पर ट्रेकिंग गाइड प्रशिक्षण के लिए 4 बैच संचालित किए जाने प्रस्तावित है, जिसमें लगभग 260 युवा व युवतियों को स्वरोजगार से जोड़े जाने की योजना है। प्रशिक्षण का पाठ्यक्रम पूरा होने के बाद युवाओं को निम और यूटीडीबी द्वारा संयुक्त रूप से पाठ्यक्रम पूर्णता प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर मयूर दीक्षित जिलाधिकारी उत्तरकाशी, ले. कर्नल योगेश धूमल, वाइस प्रिंसिपल नेहरू पर्वतारोहण संस्थान, रनवीर सिंह नेगी थल क्रीड़ा विशेषज्ञ, जगमोहन सिंह रावत मुख्य प्रशिक्षक नेहरू पर्वतारोहण संस्थान, प्रकाश खत्री जिला पर्यटन अधिकारी उत्तरकाशी, निम क्यूरेटर विशाल रंजन मौजूद रहे।

राज्य सरकार गैरसैंण के विकास के लिए संकल्पबद्ध-धामी

75वां स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण (भराड़ीसैंण) विधानसभा परिसर में ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल, थराली विधायक मुन्नी देवी शाह, रूद्रप्रयाग विधायक भरत सिंह चौधरी, विधायक महेश नेगी, भाजपा जिला अध्यक्ष रघुवीर सिंह बिष्ट सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं स्कूली बच्चे मौजूद रहे।
स्वतंत्रता दिवस पर सरस्वती विद्या मंदिर गैरसैण की छात्राओं द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई।
मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को नमन करते हुए प्रदेश की जनता को स्वतंत्रता दिवस एवं आजादी के अमृत महोत्सव की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस दौरान उन्होंने आजादी की लड़ाई में अपना अमूल्य बलिदान देने वाले शहीदों को नमन करते हुए श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा राज्य आज युवा अवस्था में है। सरकार विकास योजनाओं को तेजी से आगे बढाते हुए उत्तराखंड राज्य को पूरे देश में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। विकास कार्याे को लेकर सरकार ने जो घोषणाएं की है उनको पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केदारनाथ की तर्ज पर बद्रीनाथ धाम के लिए भी मास्टर प्लान लगभग तैयार हो चुका है। मास्टर प्लान के तहत बद्रीनाथ के विकास कार्याे के लिए लोक निर्माण विभाग का अलग से एक डिवीजन यहां पर बनाया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के युवा रोजगार देने वाले बने इसके लिए स्वरोजगार योजनाएं शुरू की गई है और स्वरोजगार के लिए एक ही छतरी के नीचे सभी सुविधाएं युवाओं को मुहैया कराई जा रही है। इसके अलावा सरकार द्वारा विभागों में रिक्त पदों को शीघ्र भरने का काम भी किया जा रहा है। कोविड के चलते सरकारी नौकरी के लिए युवाओं को आयु सीमा में एक वर्ष की छूट भी प्रदान की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के कारण प्रदेश की आर्थिक गतिविधियां भी प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि पयर्टन, परिवहन, राफ्टिंग व्यवसाय को उभारने के लिए इन व्यवसायों से जुड़े लगभग 1.64 लाख लोगों को आर्थिक सहायता के रूप में डीबीटी के माध्यम से 200 करोड़ जारी किए गए है। स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए राज्य सरकार ने 205 करोड़ का पैकेज दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शहीद सैनिकों के आश्रितों को भी रोजगार से जोड़ने का काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य अगले चार महीनों में पूरे राज्य में शत प्रतिशत वैक्सीनेशन करना है। इसके अलावा तीसरी लहर से निपटने के लिए सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में चिकित्सा की पूरी व्यवस्था की गई है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कोरोना वारियर्स को प्रशस्ति पत्र तथा विगत स्वतंत्रता दिवस में विधानसभा परिसर में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शानदार प्रस्तुति देने स्कूली बच्चों को पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया।
विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चन्द अग्रवाल ने प्रदेश की जनता को स्वतंत्रता पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए आन-बान और शान से देश की आजादी के लिए अपने प्राणों का बलिदान करने वाले शहीदों को नमन किया। विधानसभा परिसर में स्वतंत्रता दिवस पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति देने वाले प्रत्येक छात्रा को दो-दो हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की।
इस अवसर पर जिलाधिकारी हिमांशु खुराना, पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चौहान, मुख्य विकास अधिकारी वरूण चौधरी, एसडीएम कौशतुभ मिश्रा आदि सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक व स्कूली बच्चे मौजूद रहे।

लच्छीवाला नेचर पार्क पूरे देश के लोगों के लिये आकर्षण का केंद्र बनेगा-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लच्छीवाला नेचर पार्क का लोकार्पण किया। म्यूजिकल फाउंटेन का भी उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर लेजर एंड साउंड शो का भी आयोजन किया गया। अमृत महोत्सव के सॉंग को भी रीलिज किया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लच्छीवाला नेचर पार्क के लिए वन विभाग को बधाई देते हुए कहा कि यह पार्क पूरे देश के लोगों के लिये आकर्षण का केंद्र बनेगा। बहुत ही सुन्दर पार्क बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नेचर पार्क के द्वितीय चरण के काम के लिए आवश्यक धनराशि का प्रावधान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम स्वतंत्रता के 75 वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं। इस उपलक्ष्य में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। आजादी का अमृत महोत्सव नये भारत का सूत्रपात है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की स्वतंत्रता से एक दिन पूर्व देश के एक भाग को अलग करके पाकिस्तान का निर्माण किया गया। जो कि अखण्ड भारत की भावना से अलग था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आज भारत का पूरे विश्व में मान सम्मान बढा है। यह हमारे वीर जवानों की शहादत और शौर्य है, जिसके कारण हम देश में सुरक्षित महसूस करते हैं। चीन और पाकिस्तान की चुनौतियों के साथ कोरोना की चुनौति से भी सफलतापूर्वक लड़े हैं। गलवान घाटी में हमारे वीर जवानों ने चीन की सेना के दांत खट्टे कर दिये। प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से दुनिया का सबसे बङा कोविड टीकाकरण अभियान हमारे देश में चल रहा है। 80 करोङ लोगों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में निशुल्क राशन मिल रहा है। प्रधानमंत्री ने हमारे अनुरोध पर राज्य को कोविड वैक्सीन की अतिरिक्त डोज उपलब्ध कराई हैं। इस माह हमें 17 लाख डोज मिल चुकी हैं। चार माह में राज्य में शतप्रतिशत वैक्सीनैशन कर देंगे। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में राज्य में कनेक्टीवीटी के क्षेत्र में ऐतिहासिक काम हुआ है। प्रधानमंत्री जी का उत्तराखण्ड से विशेष लगाव है। उन्हें यहां से संबंधित हर प्रकार की जानकारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम शिलान्यास भी करते हैं और लोकार्पण भी। सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास हमारा ध्येय वाक्य है। भाव में भगवान होते हैं। हमारा भाव जनसेवा है।
वन मंत्री डॉ हरक सिंह रावत ने कहा कि पिछले तीन-चार वर्ष में वन विभाग की इमेज बदली है। अब यहां सकारात्मक सोच से काम हो रहा है। वन विभाग प्रदेश के विकास में सहभागी बन रहा है। लच्छीवाला नेचर पार्क अनूठा पार्क है। देश विदेश से लोग यहां आकर खुशी की अनुभूति करेंगे। कोटद्वार में टाईगर सफारी पर काम चल रहा है।
इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक त्रिवेन्द्र सिंह रावत, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, मुख्य वन संरक्षक राजीव भरतरी, पी के पात्रो सहित अन्य विशिष्ट जन उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन आर जे काव्य ने किया।

नरेन्द्र सिंह नेगी के जीवन चरित्र पर आधारित पुस्तक ‘‘सृजन से साक्षात्कार’’ का विमोचन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास में प्रसिद्ध लोक गायक एवं गीतकार नरेन्द्र सिंह नेगी के जीवन दर्शन कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर आधारित पुस्तक ‘‘सृजन से साक्षात्कार’’ का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि लोकगायक नरेन्द्र सिंह नेगी, मोहन उप्रेती, गिरीश तिवारी गिरदा, हीरा सिंह राणा, शमशेर सिंह, जीत सिंह नेगी, चन्द्र सिंह राही सहित प्रदेश के अन्य प्रमुख लोक संस्कृति के रचनाकारों, लोक गायकों के जीवन परिचय एवं रचनाओं का अभिलेखीकरण कर पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया जायेगा। यह कार्य सूचना विभाग अथवा संस्कृति विभाग द्वारा किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर यह भी घोषणा की कि नरेन्द्र सिंह नेगी को पद्म पुरस्कार से सम्मानित करने के लिये राज्य सरकार द्वारा भारत सरकार को अपनी संस्तुति प्रेषित की जायेगी। नरेन्द्र सिंह नेगी को उनके 73वें जन्मदिन की बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि समृद्ध लोक संस्कृति एवं सामाजिक सरोकारों को अपने गीतों एवं संगीत के माध्यम से देश व दुनिया तक पहुंचाने का कार्य नेगी जी ने किया है। वे वास्तव में समाज के सफल नायक के रूप में रहे हैं। उनके गीत राज्य वासियों को अपनी परम्पराओं से जोड़ने में मददगार रहे हैं। नेगी जी ने गढ़वाल कुमाऊं, जौनसार क्षेत्र ही नहीं पूरे उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति को बढ़ावा देने का कार्य किया है। उत्तराखण्ड की पहचान बनायी है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि नेगी जी अपनी विशिष्ट रचना धर्मिता से समाज को और बेहतर दिशा देने का कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि नेगी जी ने अपनी रचनाओं के माध्यम से सही को सही और गलत को गलत बताने का भी संदेश दिया। ऐसे प्रयासों की समाज को जरूरत भी रहती है।
इस अवसर पर उच्च शिक्षा एवं चिकित्सा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने भी लोक संस्कृति को बढ़ावा देने में नरेन्द्र सिंह नेगी के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि दून विश्वविद्यालय में 25 करोड़ लागत से हिमालयन शोध संस्थान की स्थापना के साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में अनेक पहल की गई है।
लोकगायक नरेन्द्र सिंह नेगी ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के चेहरे पर मुस्कुराहट लाने का उनका प्रयास जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि उनका सदैव प्रयास रहा कि प्रदेश के बाहर नहीं अपने प्रदेश में रहकर अपने लोगों की दुस्वारियों एवं पीड़ा को समाज के सामने ला सकूं। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी वे अपने गीतों के माध्यम से समाज की सेवा करते रहेंगे। मौके पर डॉ योगेश धस्माना, डॉ. नंद किशोर हटवाल, गणेश खुगसाल गणी, संजय दरमोड़ा ने भी नेगी के कृतित्व एवं व्यक्तिव पर प्रकाश डाला तथा उन्हें शुभकामनायें दी।
इस अवसर पर दिनेश शास्त्री, विपिन बलूनी, रामचरण जुयाल, ओ.पी बेंजवाल, मनोज इष्टवाल, कीर्ति नवानी के साथ ही बड़ी संख्या में संस्कृति व सामाजिक सरोकारों से जुड़े लोग उपस्थित थे।

लापता महिला का सामान और सुसाइड नोट त्रिवेणीघाट से बरामद

टिहरी जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां गुरूवार को त्रिवेणी घाट गंगा तट से लापता महिला का सामान और सुसाइड नोट बरामद हुआ है। बताया जा रहा है कि महिला थाना घनसाली क्षेत्र से बीते बुधवार को घर से लापता हो गई थी।
लेकिन महिला का अभी कुछ पता नहीं चल सका है। सुसाइड नोट में महिला ने सुसरालियों पर प्रताड़ित करने के आरोप लगाए है और मौत की वजह बताई है। वहीं मामले में पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर रही है। साथ ही महिला की तलाश के लिए गंगा में सर्च आपरेशन शुरू कर दिया गया है।
बता दें कि थाना घनसाली टिहरी गढ़वाल, ग्राम तुंग पोस्ट बाजियाल गांव निवासी मंजू पंवार (24 वर्ष) पत्नी दीपक बुधवार की सुबह करीब छह बजे घर से लापता हो गई थी। महिला के पति ने महिला की काफी तालाश की जब मंजू का कहीं कुछ पता नहीं चल सका उसके पति ने थाना घनसाली में सूचना दी। पुलिस ने मामलें में मंजू का गुमशदी की रिपोर्ट दर्ज कर तलाश शूरू कर दी थी।
मोबाइल को सर्विलांस पर लगाया था। जिसकी मदद से पुलिस जांच में महिला के मोबाइल लोकेशन गुरुवार की सुबह करीब 6रू30 बजे त्रिवेणी घाट चौकी क्षेत्र में गंगा तट स्थित नाव घाट पर मिली। पुलिस ने मंजू के परिजनों को इसकी सूचना दी। जिसके बाद विवाहिता के स्वजन नाव घाट पहुंचे तो उन्हें वहां मंजू का ट्राली बैग मिला और उसके अंदर एक डायरी और सुसाइड नोट मिला। जिसकी सूचना त्रिवेणी घाट पुलिस चौकी को दी गई।
पुलिस ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि मंजू ने डायरी में सुसाइड नोट सहित काफी बातें लिखी हैं। जिसमें लिखा है कि शादी के बाद बच्चा ना होने पर उसकी सास और पति उसे ताना देते थे। मैं सब को छोड़ कर जा रही हूं। वहीं पुलिस ने इस मामले में अनहोनी की आशंका जताई है। जिसके चलते पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू की है। इसके साथ ही एसडीआरएफ की टीम भी गंगा में सर्च आपरेशन चला रही है। मौके पर मंजू की मां, चाचा सहित कई लोग मौजूद है। जिनका रो-रोकर बुरा हाल है।

आज मोदी सरकार सिर्फ सत्ता की भूख मिटा रही है-प्रीतम सिंह

कांग्रेस ने देश के कई शहरों में पेट्रोल की कीमतें 100 रुपये प्रति लीटर से अधिक होने को लेकर केंद्र सरकार पर जनता को ‘लूटने’ का आरोप लगाया और कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतें कम की जानी चाहिए।

चुनावी मोड पर चल रहे उत्तराखंड में भी इसको लेकर सियासत गरमाई हुई है। नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने कहा 2017 में हुए चुनाव में सत्ता में बैठे लोगों ने उत्तराखंड के लोगों से वादा किया था कि यदि डबल इंजन सरकार आई तो हम महंगाई को कम करने का कार्य करेंगे, लेकिन हालात बद् से बदतर हैं और महंगाई चरम पर है। जहां पेट्रोल 100 रुपये के पार और डीजल भी 95 रुपये पर पहुंच चुका है। रसोई गैस भी 400 रुपये से 1000 रुपये तक पहुंच चुकी है। जिस तरह महंगाई बढ़ रही है, उससे गरीब का जीना दूभर हो गया है।

प्रीतम बोले आज मोदी सरकार सिर्फ सत्ता की भूख मिटा रही है और कमरतोड़ महंगाई से 140 करोड़ देशवासियों की आय लूटती जा रही है। आज देश में पेट्रोल 100 रुपये के पार, खाने का तेल 200 रुपये के पार, रसोई गैस 850 रुपये के पार…मोदी सरकार सिर्फ बहाने बना रही है।

प्रीतम सिंह ने आरोप लगाया, ‘‘ भाजपा सरकार ने ‘प्रजातंत्र की परिभाषा’ ही बदल दी है। जनता को महंगाई की आग में झोंककर आमजन की आमदनी को मोदी सरकार नोच रही है और बस, अपने धन्ना सेठ दोस्तों की सोच रही है। सच यह है कि ‘महंगाई डायन’ अब भाजपाइयों को ‘‘अप्सरा’’ सी नज़र आने लगी है।’’

प्रीतम बोले कांग्रेस-संप्रग सरकार से तुलना की जाए तो मोदी सरकार के सात साल के कार्यकाल में कच्चे तेल के दाम साल दर साल घटते गए और 140 करोड़ देशवासियों की जेब काटकर पेट्रोल-डीज़ल के दाम बढ़ते गए। उन्होंने कहा, ‘‘देश की जनता की ओर से मोदी सरकार को हम यही कहेंगे कि कीमतें कम करो या कुर्सी खाली करो।’’