सीएम ने प्रदेशवासियों से अपील कर सहयोग मांगा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कोविड-19 एवं नये वेरिएंट ओमीक्रॉन के रोकथाम के संबंध में प्रदेश वासियों से अपील की है कि हम सभी भली भांति परिचित हैं कि कोविड-19 संक्रमण अभी पूरी तरह से गया नहीं है। कम मात्रा में ही सही किन्तु आज भी कोविड-19 से ग्रसित रोगी औसतन लगभग 30 से 50 की संख्या में प्रतिदिन रिपोर्ट हो रहे हैं। जबकि आज 88 मामले दर्ज हुए हैं। इस वायरस के नये स्वरूप निरन्तर ही हमारे लिये चिंता का विषय बने रहते हैं। इस स्थिति में भी हम सबको मिलकर पूर्ण जन सहयोग व पूरी शक्ति के साथ इस महामारी से लड़ना है, अपना एवं अपनों का बचाव करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस सम्बन्ध में अपनी तरफ से पूरी तैयारी कर रही है। कोविड-19 व उसके नये वेरिएंट ओमीक्रॉन को लेकर घबराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन इसकी रोकथाम हेतु सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। कोविड से बचाव के उपायों को हमें छोड़ना नहीं है वरन पूरी शिद्दत के साथ उसका पालन करना है।
मुख्यमंत्री ने अपील की है कि सभी लोग अनिवार्य रूप से मास्क लगाएं, साबुन पानी अथवा हैन्ड सेनीटाइज़र से हाथों को निरन्तर साफ करें भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें, सर्दी-जुकाम के लक्षण होने पर जांच करवायें एवं आस-पास के लोगों को भी जागरूक करें। उन्होंने कहा कि देश भर में कोविङ-19 के रोगियों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। उत्तराखण्ड राज्य में भी औसतन मामूली बढ़ोतरी दर्ज हुई है। कोविड को पुनः महामारी का रूप लेने से रोकने के लिये पूर्ण प्रयास किये जा रहे हैं।
राज्य में कुल तीन सौ दो (302) सक्रिय रोगी हैं। कुछ को प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों एवं अधिकांश लक्षणहीन रोगियों को होम आइसोलेशन में रखकर निगरानी करते हुये उपचार प्रदान किया जा रहा है। राज्य का रिकवरी रेट 95.98 प्रतिशत है। राज्य में कोविड-19 उपचार हेतु पर्याप्त आइसोलेशन ब्रेड ऑक्सीजन सपोर्ट बेड, आई०सी०यू० बेड, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन सिलेंडर व ऑक्सीजन कॉन्सेन्ट्रेटर उपलब्ध है। साथ ही प्रदेश में इकहत्तर (71) ऑक्सीजन जनरेशन प्लान्ट कार्यशील है एवं सत्रह (17) ऑक्सीजन जनरेशन प्लान्ट स्थापना का कार्य गतिमान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य में कोविड-19 टीकाकरण में भी प्रबल रूप से कार्यवाही की गई है। वर्तमान में कोविड-19 टीकाकरण की प्रथम डोज 100 प्रतिशत लोगों को प्रदान की जा चुकी है व द्वितीय डोज भी यानि पूर्ण टीकाकरण 82 प्रतिशत लोगों को दिया जा चुका है। राज्य में दिनांक 3 जनवरी, 2022 से कोविड-19 टीकाकरण का अगला चरण 15 से 18 वर्ष (वर्ष 2007 या उससे पूर्व जन्मे) तक के समस्त बच्चों का वैक्सीनेशन एवं दिनांक 10 जनवरी, 2022 से स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं एवं फ्रंट लाइन वर्कर तथा 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग को मोर्बिडिटी वाले नागरिकों का वैक्सीनेशन किया जाएगा। 30 दिसम्बर, 2021 तक उत्तराखण्ड राज्य में चार (04) कोविड-19 ओमीक्रॉन वेरिएंट रोगी की पुष्टि हुई है। चारों ही रोगी अब कोविड मुक्त हैं एवं पूर्णतयः स्वस्थ हैं। ओमीक्रॉन को फैलने से रोकने के लिये सभी प्रयास किये जा रहे है। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि सभी प्रदेश वासियों के सम्मिलित सहयोग से हम इस नये वेरिएंट को फैलने से रोकने में सफल होंगे।

सीएस ने कोविड के प्रभावी नियंत्रण के लिए जिलाधिकारियों को दिए निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने सभी जिलाधिकारियों को कोविड के मामलों में बढ़ोत्तरी और ओमिक्रॉन वैरिएंट के खतरे को देखते हुए बचाव एवं सुरक्षा हेतु विशेष कदम उठाए जाने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारियों को रोकथाम के उपाय एवं प्रतिबंधों का अनुपालन करने हेतु निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी जनपद द्वारा कोविड के केसों में लगातार नजर बनाए रखते हुए स्थानीय परिस्थितियों जैसे जनसंख्या और इसके घनत्व के अनुरूप ऑमिक्रॉन को फैलने से रोकने हेतु कंटेनमेंट जोन और प्रतिबंधों लगाए जाएं।
मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को कंटेनमेंट स्ट्रैटेजी, टेस्टिंग, टै्रकिंग, आइसोलेशन, सर्विलांस, पर्याप्त क्लीनिकल प्रबंधन, टीकाकरण और कोविड अनुकूल व्यवहार के अनुपालन की कार्रवाई सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कोविड की लगातार निगरानी रखते हुए कोविड केसों के बढ़ने पर नाईट कर्फ्यू, अधिक भीड़ एकत्र होने पर प्रतिबंध, विवाह और अंत्येष्टि में संख्या कम करना, कार्यालयों, उद्योगों और सार्वजनिक परिवहन में संख्या सीमित करने जैसे कदम उठाए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि कंटेनमेंट जोन, बफर जोन आदि का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए।
मुख्य सचिव ने कोविड टेस्टिंग आईसीएमआर और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार की गाईडलाईन के अनुरूप कराए जाने के साथ ही, डोर टू डोर केस सर्च और जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए सैंपल शीघ्र से शीघ्र भेजे जाने पर भी जोर दिया है। उन्होंने कोविड पॉजिटिव लोगों की कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग और आईसीएमआर की गाईडलाईन के अनुरूप टेस्टिंग कराए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि विदेशों से आए यात्रियों की सैंपलिंग और मॉनिटरिंग को प्राथमिकता के साथ किया जाए।
मुख्य सचिव ने जनपद स्तरीय कंट्रोल रूम और उनके नंबरों को एक्टिव मोड में रखने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, पर्याप्त संख्या में आइसोलेशन बेड, ऑक्सीजन बेड और आईसीयू बेड की उपलब्धता के साथ ही कोविड वैक्सीनेशन की 100 प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित किये जाने के भी निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने आमजन में कोविड अनुरूप व्यवहार एवं मास्क पहनने के प्रति जनजागरूकता के लिए भी लगातार अभियान चलाए जाने के निर्देश दिए हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार पर जोर, स्वास्थ्य नीति का मसौदा तैयार

उत्तराखंड में लोगों को बेहतर और गुणवत्ता युक्त स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पहली बार उत्तराखंड की स्वास्थ्य नीति-2021 तैयार कर रही है। स्वास्थ्य विभाग ने नीति का खाका तैयार किया है। जिसमें स्वास्थ्य सेवाओं को सुगम, सुलभ और गुणवत्ता युक्त बनाने पर सरकार का नीति में फोकस है। माना जा रहा है कि चुनाव की आचार संहिता लागू होने से पहले सरकार स्वास्थ्य नीति पर फैसला ले सकती है। प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में जहां सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है। वहीं, चुनिंदा बड़े अस्पताल हैं। जिससे मरीजों को आपातकालीन सेवा में इलाज के लिए दूसरे क्षेत्रों में आना पड़ता है।
उत्तराखंड राज्य गठन के बाद चिकित्सा सुविधाओं की गुणवत्ता सुधारने और एकरूपता लाने के लिए सरकार ने इंडियन पब्लिक हेल्थ स्टैंडर्ड (आईपीएचएस) मानकों के अनुरूप अस्पतालों को स्थापित किया है। जिसमें 13 जिला अस्पताल, 21 उप जिला चिकित्सालय, 80 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 52 पीएचसी टाइप-बी, 526 पीएचसी टाइप-ए, 23 अन्य चिकित्सा इकाईयां, 1897 उप स्वास्थ्य केंद्र है। इसके अलावा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में हेल्थ वेलनेस सेंटर स्थापित किए गए हैं। एम्स ऋषिकेश के अलावा तीन राजकीय मेडिकल कॉलेज दून, श्रीनगर, हल्द्वानी चल रहे हैं। राजकीय मेडिकल कालेज अल्मोड़ा को शुरू किया जाना है। हरिद्वार, पिथौरागढ़ और रुद्रपुर में नए मेडिकल कालेज प्रस्तावित हैं। जिनका काम चल रहा है।
सोशल डेवलपमेंट फार कम्युनिटी फाउंडेशन के अध्यक्ष अनूप नौटियाल का कहना है कि उत्तराखंड में जन स्वास्थ्य के क्षेत्र में सरकार और विभाग को फ्रेम वर्क बनाने की जरूरत है। इसके लिए सरकार को प्राथमिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना होगा। कैग की रिपोर्ट के अनुसार 2017 से 2019 तक पिछले तीन साल में उत्तराखंड में स्वास्थ्य क्षेत्र में सबसे कम खर्च हुआ है। प्रदेश में प्रति व्यक्ति पर 5887 रुपये खर्च हो रहे हैं। इसके साथ प्रशिक्षित डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ पर ध्यान देना होगा। सरकार निजी अस्पतालों को प्रोत्साहित करे, लेकिन निजी अस्पतालों की लूट खसोट पर नकेल कसनी चाहिए। तकनीकी का इस्तेमाल कर टेलीमेडिसिन को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

आज 13 नए संक्रमित मरीज मिले, सुरक्षा को नजरअंदाज ना करे

उत्तराखंड में बीते 24 घंटे में 13 नए संक्रमित मिले हैं, जबकि 18 मरीज स्वस्थ हुए हैं। फिलहाल 231 सक्रिय मरीजों का इलाज चल रहा है। अब तक प्रदेश में 344779 लोग संक्रमित हो चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक रविवार को 06 जिलों में 13 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए। बीते 24 घंटे में 18 मरीजों को ठीक होने के बाद घर भेजा गया है। इन्हें मिलाकर अब तक 330938 कोरोना संक्रमित स्वस्थ हो चुके हैं। 

डबल डोज या आरटीपीसीआर के बाद ही मिलेगा उत्तराखंड में प्रवेश 
ओमिक्रॉन वैरिएंट की दस्तक के बाद प्रदेश में जहां सख्ती लागू हो गई है। वहीं अब हरिद्वार जिले में भी सख्ती करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। प्रदेश की सीमा से लगे दूसरे प्रदेशों के जिलों से आने वाले बॉर्डर पर अब सख्ती से पुलिसकर्मी चेकिंग करेंगे। डबल डोज का सर्टिफिकेट या आरटीपीसीआर रिपोर्ट दिखाने के बाद ही प्रदेश में प्रवेश मिलेगा। ऐसे में अब बॉर्डर पर सख्ती बढ़ने के बाद प्रदेश में आने वाले यात्रियों की संख्या में गिरावट आएगी। 
नए साल के जश्न को लेकर धर्मनगरी के रास्ते लाखों यात्री पहाड़ी जिलों में पहुंचते हैं। वहीं इस बीच अब ओमिक्रॉन ने भी अपनी दस्तक दे दी है। इसको लेकर अब बॉर्डर पर सख्ती शुरु हो गई है। एसएसपी डॉक्टर योंगेंद्र सिंह रावत ने बताया कि इस महामारी के कारण आमजन का जीवन बहुत प्रभावित हुआ है। कोविड-19 के कहर में बहुत से लोगों ने अपनी जान गंवाई है। लोगों को  सावधानी बरत कर घरों में रहकर अपने तथा अपने परिवार को इस महामारी के नए वैरिएंट ओमिक्रोन की चपेट में आने से बचाना है।

नियमों का पालन करना जरुरी
महामारी के नए वैरिएंट ओमिक्रोन से बचने के लिए नियमों की पालना करना अति आवश्यक है। उन्होंने बताया कि नियमों का पालन करके ही लोग महामारी के नए वैरिएंट ओमिक्रोन से बच सकते हैं। ऐसे में तीन महत्वपूर्ण एहतियाती उपाय जरूरी हैं, जिनमें सामाजिक दूरी, मास्क का प्रयोग, हाथों को बार-बार साबुन व हैंड सैनिटाइजर से साफ करना शामिल है। इन एहतियातों को अपनाकर आप अपने को व परिवार को कोरोना महामारी से बचाकर प्रशासन व पुलिस का सहयोग करें। कोरोना के नए वैरिएंट की दस्तक के साथ जिला पुलिस सतर्क हो गई है और आमजन को महामारी से बचाने के लिए कोरोना के नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
जिला पुलिस द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम और समाचार पत्रों के माध्यम से भी आमजन को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके बावजूद भी नियमों को ताक पर रखकर मास्क का प्रयोग न करने व कोविड के नियमों की अवहेलना करने वालों पर पुलिस द्वारा कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है। वहीं अब बॉर्डर पर भी सख्ती बरतनी शुरू कर दी गई है। प्रदेश में आने वाले लोगों की जांच बॉर्डर पर ही करवाई जा रही है। वहीं आरटीपीसीआर रिपोर्ट देखने के बाद ही अब प्रदेश में प्रवेश दिया जाएगा। श्यामपुर थाना क्षेत्र के चिड़ियापुर व लाहडपुर, मंगलौर के नारसन और भगवानपुर बॉर्डर भी सख्ती की जा रही है। 

उत्तराखंडः सभी प्रभारी मंत्री जनपदों का भ्रमण कर लेंगे कोविड की स्थिति का जायजा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में कैबिनेट बैठक के बाद कोविड-19 ओमीक्रॉन वेरिएंट के बचाव से सम्बन्धित व्यवस्थाओं की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने सभी प्रभारी मंत्रियों से जनपदों का भ्रमण कर इस सम्बन्ध में स्थिति का जायजा लेने को कहा।

मुख्यमंत्री ने इस संबंध में जनपदों से समीक्षा के बाद 31 दिसम्बर को उच्च स्तरीय बैठक आयोजित किये जाने के भी निर्देश दिये हैं। साथ ही अधिकारियों को इस सम्बन्ध में निरंतर स्थिति की समीक्षा करने के भी निर्देश दिये हैं।

इस सम्बन्ध में सचिव स्वास्थ्य डा. पंकज कुमार पाण्डेय ने बताया कि कि राज्य में कोविड-19 उपचार हेतु कुल 27186 आइसोलेशन बेड उपलब्ध हैं। राज्य में कुल 13674 ऑक्सीजन सपोर्ट बेड उपलब्ध है, जिनमें से आवश्यकता पड़ने पर कोविड-19 के उपचार हेतु 6572 ऑक्सीजन सपोर्ट बेड आरक्षित किये गये हैं। राज्य में कुल 2113 आई0सी0यू0 बेड उपलब्ध है, जिनमें से आवश्यकता पड़ने पर कोविड-19 के उपचार हेतु 1655 आई0सी0यू0 बेड आरक्षित किये गये हैं। राज्य में कुल 1451 वेंटिलेटर उपलब्ध है, जिनमें से आवश्यकता पड़ने पर कोविड-19 के उपचार हेतु 1016 वेंटिलेटर आरक्षित किये गये हैं। राज्य में कुल 532 एम्बुलेंस उपलब्ध हैं। प्रदेश में कुल 22420 ऑक्सीजन सिलेण्डर, 9828 ऑक्सीजन कॉन्सेनट्रेटर, 71 ऑक्सीजन जनरेशन प्लान्ट कार्यशील है। इसके अतिरिक्त 17 ऑक्सीजन जनरेशन प्लान्ट स्थापना का कार्य गतिमान हैं।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री बिशन सिंह चुफाल, सुबोध उनियाल, डॉ धन सिंह रावत, स्वामी यतीश्वरानंद, मुख्य सचिव डा. एस.एस. संधु, अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव अमित नेगी, सचिव शैलेश बगोली, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार आदि उपस्थित थे।

गुरु पर्व पर स्वास्थ्य मेले का आयोजन, तैयार में जुटी गुरुद्वारा कमेटी

जनवरी माह में गुरु पर्व पर होने वाले स्वास्थ्य मेले की तैयारी के लिए आज गुरुद्वारा हेमकुंड साहिब में शहर के सम्मानित लोगों की बैठक बुलाई गई। जिसमें सभी ने अपने विचार रखे और स्वास्थ्य मेले में अपना सहयोग देने की बात कही।
प्रदेश महासचिव राजपाल खरोला ने जानकारी देते हुए बताया कि सिख कौम सदैव से गरीबों पिछड़ों और मजबूर लोगों की मदद के लिए हमेशा मजबूती से खड़ी रहने का काम करती है। इसी श्रृंखला में जब कोरोना महामारी आई तो गुरुद्वारा समिति ने बढ़-चढ़कर गरीबों असहाय लोगों की मदद की। उन्होंने बताया कि अब कमेटी गुरु पर्व के पावन अवसर पर स्वास्थ्य मेला लगा कर हिंदुस्तान के बड़े-बड़े डॉक्टरों को बुलाकर ऋषिकेश क्षेत्र के गरीब व मजबूर और असहाय लोगों की मदद करने का काम कर रही है।
राजपाल खरोला ने बताया कि आने वाले इस पर्व में हम सब बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी निभाएंगे। नगरवासियों ने यह आश्वासन कमेटी को दिया है।

विस अध्यक्ष ने रायवाला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया

विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने रायवाला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण की सफलता के लिए चिकित्सकों के कार्यों की सराहना की।
बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल रायवाला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। वहां उन्होंने चिकित्सा सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने कोविड-19 टीकाकरण को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए चिकित्सकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य टीम की सक्रियता सराहनीय है। मौके पर प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनोद मिश्रा, आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशुतोष मिश्रा, एम्स ऋषिकेश के अजयवीर सजवाण आदि उपस्थित रहे।

टिहरी विस्थापित कॉलोनी श्यामपुर में 140 नागरिकों को लगाई वैक्सीन

शिवालिक भागीरथी पब्लिक स्कूल टिहरी विस्थापित कॉलोनी श्यामपुर में वैक्सीनेशन कैंप लगाया गया।
कोरोना के नए वेरिएंट ओमीक्रोन को लेकर स्वास्थ्य विभाग ग्रामीणों को शत् प्रतिशत वैक्सीनेशन की ओर अग्रसर हो रहा है। राज्य में वहीं वैक्सीनेशन से वंचित ग्रामीण क्षेत्रों के विभिन्न विभिन्न स्थानों पर वैक्सीनेशन कैंप के माध्यम से वैक्सीन लगाई जा रही है।
शिवालिक भागीरथी पब्लिक स्कूल टिहरी विस्थापित में सोमवार को वैक्सीनेशन कैंप लगाया गया, कैंप में सीएचसी/पीएचसी छिददरवाला की टीम मौजूद रही।
वैक्सीनेशन कैंप प्रातः 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक चला, जिसमें 140 नागरिकों को कोविड की पहली व ब डोज लगाई गई। मौके पर शिवालिक भागीरथी पब्लिक स्कूल के प्रबंधक लक्ष्मण चौहान, समाजसेवी नवीन नेगी, अनिल रावत, मुकेश धनाई, डॉ टिंकू सिंह, हरीश कुमार पीआरडी, अक्षत चौहान आदि उपस्थित रहे।

एचआईवी के प्रभाव से खुद को समय रहते बचाना जरुरी-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में विश्व एड्स दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एड्स से बचाव के लिए विशेष प्रयास करने एवं जागरूकता लाने वालों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन हमें एड्स जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों के साथ पूरी एकजुटता के साथ खड़ा के लिए प्रेरित करता है। लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ सशक्त बनाने की भी आवश्यकता है, ताकि वे एचआईवी के प्रभाव से खुद को समय रहते बचा सकें। इस बीमारी और इसके इलाज में परामर्श एक बहुत ही महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। एचआईवी के बारे में सटीक, पूर्ण और सुसंगत जानकारी प्रदान करने व इसके इलाज पर जोर देने के लिए लगातार प्रयास होने चाहिए। एड्स के प्रति प्रदेश के गांव-गांव और दूरस्थ इलाकों में भी जागरूकता अभियान लगातार चलते रहने चाहिए। यह एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है और हम सभी को मिलकर इसे निभाना होगा। राज्य सरकार लगातार इस दिशा में काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हम एक और गंभीर बीमारी कोविड का सामना कर रहे हैं। कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर एवं जागरूकता इसके नियंत्रण के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की कठिन भौगोलिक परिस्थितियां होने के बावजूद भी राज्य में निर्धारित लक्ष्य से 02 माह पूर्व शत प्रतिशत कोविड की पहली डोज लग चुकी है। जल्द ही कोविड की दूसरी डोज का लक्ष्य भी पूर्ण किया जायेगा। कोविड पर प्रभावी नियंत्रण के लिए राज्य सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किये गये हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने में राज्य में काफी प्रयास किये गये हैं। राज्य में निशुल्क जांच योजना के तहत 207 प्रकार की पैथेलॉजिकल जांचों की निशुल्क सुविधा दी जा रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र में स्वतंत्र भारत की सबसे बड़ी योजना आयुष्मान भारत चलाई जा रही है। राज्य में इसके अलावा अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना के तहत अनेक लोग लाभान्वित हो रहे हैं।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि एचआईवी-एड्स के प्रसार को रोकने के लिए प्रदेश में हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं। राज्य में लगभग 4800 लोग एचआईवी संक्रमित है, जिनको राज्य में स्थापित 7 एआरटी केन्द्रों में निःशुल्क उपचार एवं परामर्श की सुविधा प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि एड्स के प्रति जागरूकता के लिए आमजन की सहभागिता भी सुनिश्चित करनी होगी और युवाओं के माध्यम से जागरूता कार्यक्रमों को आगे बढ़ाते हुए भारत सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य 2030 तक ‘‘शून्य नया संक्रमण, शून्य भेदभाव, शून्य कलंक’’ प्राप्त करना होगा। उन्होंने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं की मजबूती के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। प्रदेश में 1 लाख लोगों का मोतियाबिंद का निःशुल्क ऑपरेशन करेंगे एवं उनको चश्मे भी देंगे। डायलिसिस के रोगियों को हॉस्पिटल ले जाने एवं डायलिसिस होने के बाद घर तक ले जाने की व्यवस्था सरकार ने की है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। डायबिटीज के मरीजों को अस्पतालों में इंसुलिन के इंजेक्शन फ्री में दिये जायेंगे।
इस अवसर पर विधायक खजान दास, भाजपा नेता विनय गोयल, सचिव स्वास्थ्य डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, परियोजना निदेशक सोनिका, महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. तृप्ति बहुगुणा, अपर परियोजना निदेशक डॉ. सरोज नैथानी एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

डीजीपी के निर्देश, सभी पुलिसकर्मियों का होगा कोविड एंटीजन टेस्ट

ऋषिकेश में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की वीआईपी ड्यूटी में लगे सात पुलिसकर्मियों के कोरोना संक्रमित मिलने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। डीजीपी अशोक कुमार ने सोमवार को प्रदेश के सभी पुलिसकर्मियों के कोविड एंटीजन टेस्ट कराने के निर्देश दिए हैं।
उत्तराखंड में एक बार फिर से कोरोना के मामले सामने आने लगे हैं। राष्ट्रपति की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी और 12 अन्य विभागों के कार्मिक पॉजिटिव पाए गए। जिसके बाद डीजीपी अशोक कुमार का कहना है कि प्रदेश के सभी पुलिस कर्मियों के कोरोना टेस्ट कराए जाएंगे। डीजीपी अशोक कुमार का कहना है कि कोरोना को देखते हुए सभी लोगों को सतर्कता बरतने की जरूरत है। राज्य सरकार जो भी गाइड लाइन जारी करेगी उसे फॉलो किया जाएगा।
आपको बता दें डीजीपी अशोक कुमार ने कोरोना संक्रमण से बचाव हेतु सभी जनपद प्रभारियों एवं शाखा/इकाई प्रभारियों को उनके अधिनस्थ नियुक्त समस्त पुलिस कार्मिकों का रैपिड एन्टीजन टेस्ट कराये जाने के निर्देश दिए। जिससे पॉजिटिव पाए जाने वाले कार्मिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधा प्रदान की जा सके। साथ ही अन्य कार्मिकों/परिजनों में संक्रमण को फैलने से रोका जा सके और कोरोना संक्रमित क्षेत्रों का भी पता लगाया जा सके।

जनरल बीसी जोशी कोविड अस्पताल में संक्रमित की मौत
कु़माऊं के जनरल बीसी जोशी कोविड अस्पताल में भर्ती नैनीताल निवासी 70 वर्षीय एक कोविड संक्रमित मरीज की मौत हो गई। मरीज 15 नवंबर को अस्पताल में भर्ती हुआ था। मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ अरुण जोशी के अनुसार, मरीज की भर्ती के समय से ही स्थिति गंभीर बनी हुई थी। निमोनिया, सांस व अन्य दिक्कतें भी थीं। अस्पताल में करीब तीन महीने बाद किसी की कोविड संक्रमित की मौत हुई है।

एफआरआई के सभी अधिकारी पूरी तरह स्वस्थ
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी में प्रशिक्षण लेने आए बिहार, झारखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, गुजरात जैसे राज्यों के कोरोना संक्रमित आईएफएस अधिकारियों को मंगलवार को उनके मूल कैडर वाले राज्यों को भेज दिया जाएगा। जिलाधिकारी डॉक्टर आर राजेश कुमार के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की अगुवाई में टीम ने रविवार को अकादमी में जाकर कोरोना संक्रमित आईएफएस अधिकारियों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया। एकेडमी के एडिशनल डायरेक्टर एसके अवस्थी ने बताया कि फिलहाल सभी अधिकारी पूरी तरह स्वस्थ हैं और उन्हें किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं है। लिहाजा उनके बेहतर स्वास्थ्य को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी अधिकारियों को 12 मंगलवार तक उनके मूल कैडर वाले राज्यों में भेजने की इजाजत दे दी है। एडीशनल डायरेक्टर एसके अवस्थी के मुताबिक सभी आईएफएस अधिकारियों को मंगलवार को उनके मूल कैडर वाले राज्यों को भेज दिया जाएगा।
बता दें कि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी में देश के सभी राज्यों के 48 आईएफएस अधिकारी मिड टर्म प्रशिक्षण के लिए आए थे। इन अधिकारियों को आईआईएम लखनऊ और नईदिल्ली में प्रशिक्षण के लिए भेजा गया था। लेकिन जब नईदिल्ली में अधिकारियों का कोरोना टेस्ट कराया गया तो 11 अधिकारी कोरोना संक्रमित पाए गए थे। जिसमें से तीन कोरोना संक्रमित अधिकारी तो नईदिल्ली से ही अपनी मूल कैडर वाले वाले राज्यों में भेज दिए गए थे। जबकि आठ अधिकारियों को देहरादून भेजकर अकादमी में क्वारेंटीन कर दिया गया था।