सीएम ने कोरोना के बढ़ते प्रभाव पर नियंत्रण के लिए बुलाई बैठक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कोविड के बढ़ते मामलों और कोविड के नए वैरिएंट ओमिक्रोन के सम्भावित खतरे को देखते हुए समीक्षा की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कोविड सैम्पलिंग को बढ़ाने और कान्टैक्ट ट्रेसिंग को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। कोविड के बढ़ते मामलों और कोविड के नए वैरिएंट ओमिक्रोन के सम्भावित खतरे को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सीएम आवास में शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और जिलाधिकारियों के साथ विस्तार से समीक्षा की।

हर घर दस्तक अभियान को पूरी क्षमता के साथ चलाया जाए
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कोविड वैक्सीन की पहली डोज शत प्रतिशत लगाई जा चुकी है, परंतु दूसरी डोज के लिए और अधिक तत्परता से काम किए जाने की आवश्यकता है। ‘हर घर दस्तक’ अभियान को पूरी क्षमता के साथ चलाया जाए। निश्चित समय में कोविड वैक्सीन की दूसरी डोज लगवाना सुनिश्चित किया जाए।

लोगों को कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर के लिए प्रेरित किया जाए
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि जिन लोगों को भी वायरल के लक्षण हैं, उन सभी का आरटीपीसीआर टेस्ट अनिवार्य रूप से करवाया जाए। उन्होंने कहा कि पेनिक की आवश्यकता नहीं है, परंतु पूरी सावधानी और पुख्ता तैयारियां सुनिश्चित करनी होंगी। एक बार फिर से लोगों को कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर के लिए प्रेरित किया जाए। इसके लिए जनजागरूकता अभियान चलाए जाएं। मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाया जाए। इसके लिए अधिक भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाए।

किसी तरह की लापरवाही न हो
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को टेस्टिंग टार्गेट को पूरा करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इसमें किसी तरह की लापरवाही न हो। अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के संबंध में भारत सरकार द्वारा जो एडवायजरी जारी की गई है, उसके प्रोटोकॉल का अक्षरक्षः पालन किया जाए।

भीड़भाड़ वाले स्थानों और राज्य की सीमाओं पर रेडम टेस्ट
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मियों, स्वास्थ्य कर्मियों आदि कोरोना योद्धाओं का आरटीपीसीआर टेस्ट करवाया जाए। इसके लिए सामान्य लोगों में भी जिनमें वायरल के लक्षण दिखते हैं, उनका आरटीपीसीआर टेस्ट करवाया जाए। भीड़भाड़ वाले स्थानों और राज्य की सीमाओं पर रेंडम टेस्ट करवाएं जाएं। आरटीपीसीआर टेस्ट पॉजिटिव आने पर उन्हे जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजा जाए।

कान्टैक्ट ट्रेसिंग सुनिश्चित की जाए
मुख्यमंत्री ने कान्टैक्ट ट्रेसिंग पर बहुत बल देते हुए उन्होंने कोविड पॉजिटिव के सम्पर्क में आए सभी लोगों की आरटीपीसीआर टेस्टिंग सुनिश्चित करने और माइक्रो कन्टेनमेंट जोन बनाने के निर्देश दिये। इसमें कोई कोताही न की जाए। कोविड की पहली और दूसरी लहर के दौरान विकसित किए गए कोविड से संबंधित हेल्थ इन्फा्रस्ट्रक्चर जैसे कि आईसीयू, आक्सीजन, वेंटिलेटर आदि की जांच करवा ली जाए। जिलों मे कंट्रोल रूम को फिर से सक्रिय किया जाए। आवश्यक होने पर कोविड प्रबंधन से जुड़ी मेनपावर की ट्रेनिंग करवा ली जाए। दोनों मंडलायुक्त और सभी जिलाधिकारी अपने क्षेत्रों में कोविड की स्थिति और कोविड प्रबंधन की स्थिति को बारीकी से देख लें, एक सप्ताह बाद फिर से मुख्यमंत्री स्तर पर इसकी समीक्षा की जाएगी।

सचिव स्वास्थ्य डा. पंकज पाण्डेय ने राज्य में कोविड और टीकाकरण की वर्तमान स्थितिं और किसी सम्भावित स्थिति के लिए तैयारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पहले राज्य में कोरोना वायरस की जांच के लिए एक भी लैब नहीं थी, वर्तमान में 11 सरकारी और 26 प्राईवेट लैब हैं। वर्तमान में आईसोलेशन बैड 31 हजार से अधिक हैं जबकि आईसीयू की संख्या 1655 हो गई है। तीसरी लहर की सम्भावना को देखते हुए हैल्थ सिस्टम के अंतर्गत आईसीयू में 53 प्रतिशत वृद्धि की गई है। मार्च 2020 में 116 वैंटिलेटर थे जो कि अब बढ़कर 1016 हो गई है। आक्सीजन सिलेंडर 22420 हैं। आक्सीजन कन्सेंट्रेटर मार्च 2020 में 275 से बढ़कर से वर्तमान में 9838 हो गये हैं। इसी प्रकार पीएसए आक्सीजन जनरेशन प्लांट के मामले में 91 प्रतिशत वृद्धि हुई है। उत्तराखण्ड में कोविड जांच दर राष्ट्रीय औसत से अधिक रहा है। केविड के दौरान पर्याप्त चिकित्सकीय और पैरा मेडिकल स्टाफ की नियुक्ति की गई है।

उत्तराखण्ड केविड वैक्सीनेशन अभियान में अग्रणी राज्य है। शत प्रतिशत पहली डोज लगाई जा चुकी है। 65 प्रतिशत से अधिक दूसरी डोज दी जा चुकी है। इसमें तेजी लाई जाने के लिए जिलाधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं। वैक्सीनेशन के लिए 331 मोबाईल टीमें बनायी गई हैं। केविड की सम्भावित तीसरी लहर से संबंधित सभी तैयारियां की गई हैं। सभी पीएचसी, सीएचसी और प्रमुख हेल्थ व वैलनेस सेंटरों पर आक्सीजन सिलेंडर और कंसंट्रेटर की व्यवस्था कर दी गई है। 2097 आक्सीजन बेड, 475 एन.आईसीयू, 465 पी.आईसीयू बच्चों के लिए क्रियाशील बना दिये गये हैं। सम्भावित तीसरी लहर पर सघन निगरानी और नियंत्रण संबंधी तैयारियों व व्यवस्थाओं के लिए स्टेट टास्क फोर्स गठित की गई है। दून मेडिकल कालेज की लैब में प्रत्येक कोविड पॉजिटिव की जी-नॉम सिक्वेंसिंग किये जाने का निर्णय लिया गया है।

बैठक में चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत, मुख्य सचिव डा. एस एस संधु, अपर मुख्य सचिव आनंदबर्द्धन, अपर प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, सचिव अमित नेगी, एस ए मुरूगेशन, प्रभारी सचिव विनोद कुमार सुमन, अपर सचिव सी रविशंकर, सूचना महानिदेशक डा. रणवीर सिंह चौहान, सहित शासन व विभाग के वरिष्ठ अधिकारी जबकि वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से दोनों मंडलायुक्त, सभी जिलाधिकारी व मुख्य चिकित्सा अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम ने कोविड नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कोरोना के नए वैरिएंट के दृष्टिगत प्रदेश वासियों से अपील की है कि कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर का पूरा पालन करें। कोविड पर प्रभावी नियंत्रण के लिए राज्य में पूरा जन सहयोग मिला है। राज्य सरकार द्वारा कोविड पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सभी तैयारियां की गई है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि जिन लोगों का अभी दूसरा टीका नहीं लगा है, समय होते ही टीकाकरण करा लें। मास्क का उपयोग जरूर करें एवं एक दूसरे से उचित दूरी बनाए रखें।
मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव, डीजीपी एवं सचिव स्वास्थ्य को कोरोना के नए वैरिएंट की दृष्टिगत कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर का पालन सुनिश्चित कराने एवं सभी आवश्यक व्यवस्थाएं कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सचिव स्वास्थ्य को निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाय कि कोविड पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अस्पतालों में सभी व्यवस्थाएं हो।

हर महीने 2 दिन आयोजित होगा पत्रकारों के लिए निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर

राजधानी देहरादून में विचार एक नई सोच संस्था द्वारा पत्रकारों व उनके परिजनों के लिए निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। उत्तराखंड के जाने-माने फिजीशियन व कॉर्डियोलाजिस्ट डॉ एसडी जोशी देहरादून ने पत्रकारों व उनके परिजनों की स्वास्थ्य जांच कर आवश्यक परामर्श दिया। डॉ एसडी जोशी की मेडिकल टीम द्वारा ईसीजी व शुगर की जांच निशुल्क की गई। जबकि लाइफ केयर पैथोलॉजी सेंटर द्वारा ब्लड की बिभिन्न जांचों पर 60 प्रतिशत छूट प्रदान की गई।
जानकारी के मुताबिक देहरादून के रिस्पना पुल आईएसबीटी रोड़ स्थित प्रसार भारती दूरदर्शन केन्द्र के सामने विचार एक नई सोच संस्था द्वारा पत्रकारों व उनके परिजनों के लिए निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का शुभांरभ समाजसेवी विनोद रावत व डॉ एसडी जोशी ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान बड़ी संख्या में पत्रकार व उनके परिजन स्वास्थ्य जांच को पहुंचे। स्वास्थ्य शिविर में लगभग 100 के करीब पत्रकारों व उनके परिजनों के स्वास्थ्य की जांच की गई। इस दौरान 50 के करीब लोगों की ईसीजी जांच, 70 के करीब लोगों की शुगर जांच व 45 करीब पत्रकारों की ब्लड की बिभिन्न जांचे की गई।

हर महीने 2 दिन पत्रकारों के लिए निशुल्क स्वास्थ्य जांच
स्वास्थ्य शिविर के दौरान डॉ एसडी जोशी ने सभी पत्रकारों व उनके परिजनों को कोरोना के साथ ही बिभिन्न सीजनल बीमारियों को लेकर जागरूक किया गया। डॉ एसडी जोशी ने कहा पत्रकारों की दिनर्चया काफी तनावपूर्ण होती है साथ ही बड़ी संख्या में पत्रकार आर्थिक रूप से कमजोर होते हैं इस लिए समय-समय पर अपनी स्वास्थ्य जांच नहीं करा पाते हैं। इसलिए उन्होंने पत्रकारों के बेहत्तर स्वास्थ्य को लेकर अभियान शुरू किया है। अब हर माह के पहले व आखिरी शनिवार को पत्रकार के लिए निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन करेंगे। इसमें जांचे निशुल्क रहेंगी।

पत्रकारों के स्वास्थ्य को लेकर पॉलिसी बनाए सरकार
निशुल्क स्वास्थ्य शिविर में बतौर मुख्यअतिथि मौजूद समाजसेवी विनोद रावत ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने सभी पत्रकारों व उनके परिजनों को मास्क वितरित किए। विनोद रावत ने कहा पत्रकार समाज का दर्पण होते हैं वह अपने स्वास्थ्य की परवाह न कर समाजहित में लगातार कार्य करते रहते हैं। कुछ पत्रकारों को छोड़कर बड़ी संख्या में पत्रकार आर्थिक रूप से कमजोर होते हैं। ऐसे में वह अपने व अपने परिवार के स्वास्थ्य की जांच समय-समय पर नहीं करा पाते हैं। इसलिए सरकार को चाहिए की उसे समय-समय पर पत्रकारों के स्वास्थ्य जांच के लिए कैंप का आयोजन करते रहना चाहिए। सरकारी अस्पताल में व्यवस्था न होने पर यदि कोई पत्रकार अपना या अपने परिजनों का प्राइवेट अस्पताल में इलाज करवाता है तो उसका भुगतान सरकार को करना चाहिए। राज्य सरकार को चाहिए की समाज के चौथे स्तंभ पत्रकारों के स्वास्थ्य को लेकर भी वह एक पॉलिसी लेकर आये। जिससे पत्रकारों के हितों की रक्षा हो सके।

हर जनपद में लगाएंगे स्वास्थ्य शिविर
विचार एक नई सोच संस्था के संचालक राकेश बिजल्वाण ने बताया कि देहरादून से निशुल्क स्वास्थ्य शिविर अभियान की शुरूआत हो गई है। अब उनकी संस्था हर जनपद में पत्रकारों के लिए स्वास्थ्य शिविर का आयोजन करेगी। आज के कार्यक्रम को सफल बनाने में आशीष सकलानी, घनश्याम चन्द्र जोशी, आलोक शर्मा, अमित अमोली, आशीष नेगी, अरूण पांडेय, कपिल थापा, दीपक जुगराण, एसपी सती, विकास कपरवाण, ज्ञान प्रकाश पांडेय, अन्नु, व रूद्रा कैमिस्ट ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।

आपको बता दें कि डॉ एसडी जोशी उत्तराखंड की स्वास्थ्य सेवा में एक जाना माना नाम है। सरकारी नौकरी में रहते हुए अधिकतम समय पहाड़ों में सेवा देने वाले डॉ जोशी सेवानिवृत्त होने के बाद लगातार हर माह दुर्गम पर्वतीय इलाकों में निशुल्क हैल्थ लगा रहे हैं। डॉ जोशी ने पत्रकार साथियों से बात करते हुए कहा कि उनका सपना है उत्तराखंड का हर व्यक्ति, परिवार स्वस्थ्य रहे। इसको लेकर वह लगातार प्रयासरत हैं। विचार एक नई सोच संस्था भी उनके इस भगीरथ प्रयास में सहयोगी की भूमिका निभा रहा है।

पत्रकार और उनके परिजनों के लिए फ्री हैल्थ चैकअप

उत्तराखंड के जाने-माने फिजीशियन व कॉर्डियोलाजिस्ट डॉ एसडी जोशी देहरादून में कल शनिवार 27 नंवबर को दोपहर 2 से 3 बजे तक पत्रकारों व उनके परिजनों के स्वास्थ्य की जांच करेंगे। इस दौरान ईसीजी व ब्लड से संबधित बिभिन्न जांचे भी की जायेंगी। आपको बता दें कि इस हैल्थ कैंप का आयोजन विचार एक नई सोच संस्था द्वारा किया जा रहा है। यह निशुल्क हैल्थ चौकअप कैंप, रिस्पना पुल आईएसबीटी रोड़ पर स्थित दूरदर्शन केन्द्र के सामने विचार एक नई सोच मीडिया संस्थान के कार्यालय में लगाया रहा है।
विचार एक नई सोच मीडिया संस्थान के संचालक राकेश बिजल्वाण ने बताया कि स्वास्थ्य जांच को आने वाले पत्रकार साथी अपना व अपने परिजनों को दोपहर 1 बजे तक कार्यालय में लाकर रजिस्ट्रेशन करवा लें। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया ऑनलाइन भी है। आप फोन नंबर पर भी अपना या अपने परिजनों का रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इसके लिए आपको अमित अमोली 9358580033, आशीष नेगी 8650119302, अरूण पांडेय 9808348445, राकेश बिजल्वाण 8859910002 पर संपर्क कर सकते हैं। राकेश बिजल्वाण ने कहा स्वास्थ शिविर में ईसीजी जांच फ्री की जायेगी। जबकि ब्लड, शुगर टेस्ट में 60 प्रतिशत की छूट रखी गई है।
आपको बता दें कि डॉ एसडी जोशी उत्तराखंड की स्वास्थ्य सेवा में एक जाना माना नाम है। सरकारी नौकरी में रहते हुए अधिकतम समय पहाड़ों में सेवा देने वाले डॉ जोशी सेवानिवृत्त होने के बाद लगातार हर माह दुर्गम पर्वतीय इलाकों में निशुल्क हैल्थ लगा रहे हैं। डॉ जोशी ने बात करते हुए कहा कि उनका सपना है उत्तराखंड का हर व्यक्ति, परिवार स्वस्थ्य रहे। इसको लेकर वह लगातार प्रयासरत हैं। विचार एक नई सोच संस्था भी उनके इस भगीरथ प्रयास में सहयोगी की भूमिका निभा रहा है।

दिन- कल शनिवार 27 नंवबर 2021
समय- दोपहर 2 से 3 बजे तक
जांचे- ईसीजी व ब्लड से संबधित व शुगर की जांचें
स्थान- दूरदर्शन केन्द्र के ठीक सामने, विचार एक नई सोच कार्यालय, आईएसबीटी रोड़, निकट रिस्पना पुल, देहरादून, उत्तराखंड

कोरोना के बढ़ते मामलों से देहरादून में फिर बना कंटेनमेंट जोन

जिलाधिकारी देहरादून डॉ आर राजेश कुमार ने अवगत कराया है जनपद क्षेत्र अंतर्गत इंदिरा गांधी नेशनल एकेडमी ओल्ड हॉस्टल एफ.आर.आई. एवं जी-2 बी-19 तिब्बतन कालोनी डिक्लिन सहस्त्रधारा रोड कुल्हाल में कोरोनावायरस संक्रमित व्यक्ति चिन्हित होने के फलस्वरुप क्षेत्रों को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है।
जिलाधिकारी ने उप-जिलाधिकारी सदर को उक्त क्षेत्रों में कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग एवं प्रभावी सर्विलांस कराने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य चिकित्सधिकारी को इन क्षेत्रों में सैंपलिंग कार्य कराते हुए इसकी नियमित मॉनिटरिंग कराने तथा जिला पूर्ति अधिकारी को उक्त क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं एवं खाद्यान्न की आपूर्ति करने के निर्देश दिए। उन्होंने जनपदवासियों से मास्क का उपयोग तथा बाजारों एवं सार्वजनिक स्थानों पर सामाजिक दूरी का पालन करने का अनुरोध किया।

जीवन पथ की अनजान डगर में बहुत जरूरी है आयुष्मान कार्ड

अचानक आए बुखार से यदि हालत खराब हो जाए और बुखार का प्रभाव दिमाग तक पहुंच जाए तो इस तरह के मरीज के परिजनों की चिंता स्वाभाविक है। लेकिन घबराहट के इन हालातों में राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा संचालित आयुष्मान योजना का उन्हें जो सहारा मिला उसे वह कभी नहीं भुला पाएंगे। और आयुष्मान कार्ड के महत्व को समझते हुए लाभार्थी राज्य सरकार का आभार तो जता ही रहे हैं साथ ही लोगों से कार्ड बनाने की अपील कर रहे हैं।

महंत इंद्रेश अस्पताल में अपने बेटे का उपचार करा रही है हरिद्वार लालढांग निवासी माहेश्वरी देवी कहती हैं मेरे बेटे को पहले बुखार आया था। अचानक ही स्थितियां इतनी गंभीर हो गई कि बुखार उसके दिमाग में चढ़ गया और क्लॉटिंग जैसी स्थितियां बन गई। बात जब दिमाग में क्लॉटिंग की हो तो इस उपचार के खर्च का अंदाजा हर कोई सकता है। वह बताती हैं कि उपचार का खर्चा एक ढेड लाख से कम नहीं है। लेकिन हमने आयुष्मान कार्ड बनाया है। और उसी से ही उपचार ही सारा उपचार हो रहा है। इलाज पर हमारा एक भी पैसा खर्च नहीं हो रहा है।

वह कहती है कि हम सरकार की योजना से जुड़े हैं तो हमें स्टाफ का रिस्पांस भी अपेक्षाकृत बेहतर मिल रहा है। वह कहती हैं कि सब लोगों को अपना आयुष्मान कार्ड बनाना चाहिए। ताकि वक्त मौके पर उसका लाभ लिया जा सके। अस्तपाल में तैनात आयुष्मान मित्र की ओर से मिली मदद पर भी वह कृतज्ञता जताती हैं।

माहेश्वरी देवी जैसे लोगों की प्रदेश बड़ी तादाद है जिनके परिजनों का आयुष्मान योजना के तहत मुुफ्त उपचार हुआ। और वह भी हर किसी से कार्ड बनाने की अपील करते हुए राज्य व केंद्र सरकार का आभार जताते हुए थकते नहीं हैं। लाभार्थियों के फीडबैक से साफ होता है कि आयुष्मान कार्ड यथा समय बना लेना चाहिए, क्योंकि जीवन पथ एक अनजान डगर है, यहां कभी भी कुछ भी संभव है। ऐसे में आयुष्मान का सुरक्षा कवज लेना बहुत जरूरी हो जाता है।

सरकार सख्त, 150 से अधिक डॉक्टरों के खिलाफ कुर्की के नोटिस जारी

उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए सरकार ने मेडिकल कॉलेजों में बांड की व्यवस्था लागू की है। इसके एवज में डॉक्टरों को कुछ साल पहाड़ के अस्पतालों में सेवाएं देनी होती हैं। इसके उलट सैकड़ों डॉक्टर सस्ती पढ़ाई का लाभ लेकर पहाड़ पर सेवाएं देने से मुकर गए। बांड की शर्तों का उल्लंघन करने पर राज्य के 150 से अधिक डॉक्टरों के खिलाफ प्रशासन ने कुर्की के नोटिस जारी कर दिए हैं। इससे बांड वाले डॉक्टरों में हड़कंप मच गया है।
इन डॉक्टरों को अस्पतालों में तैनात करने के कई जतन किए गए पर सफलता नहीं मिली। अब इन डॉक्टरों के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। श्रीनगर मेडिकल कॉलेज की ओर से ऐसे 30 डॉक्टरों की सूची संबंधित जिलों के डीएम को दी गई थी। इस पर जिलाधिकारियों की ओर से उक्त डॉक्टरों को कुर्की के नोटिस जारी कर दिए गए हैं। ऐसे ही हल्द्वानी से मिली सूची के आधार पर भी कई जिलों में कार्रवाई शुरू कर दी गई है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ.धन सिंह रावत का कहना है कि सभी सीएमओ से अस्पतालों से गायब बांड वाले डॉक्टरों की सूची मांगी गई है। ऐसे डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अन्य डॉक्टर भी जो अस्पताल से गायब होंगे, उन्हें तत्काल हटाया जाएगा। बांड वाले डॉक्टरों से ज्वाइन न करने पर हर हाल में वसूली करने को कहा गया है।

डॉक्टरों के गायब होने से सरकार को हो रहा नुकसान
उत्तराखंड में डॉक्टरों के साथ समय-समय पर संशोधित नियमों के अनुसार बीस लाख से एक करोड़ रुपये तक के बांड साइन किए गए। एमबीबीएस डॉक्टर जहां 20 लाख से पचास लाख रुपये तक बांड के दायरे में हैं वहीं, पीजी वाले बांडधारी डॉक्टरों के साथ एक करोड़ रुपये तक के बांड साइन किए गए हैं। इन डॉक्टरों के गायब रहने से सरकार को नुकसान हो रहा है।

एक डॉक्टर ने जमा कराए 34 लाख रुपये
बांड वाले डॉक्टरों पर कुर्की के शिकंजे के बाद इसका असर दिखना भी शुरू हो गया है। श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीएमएस रावत ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के एक डॉक्टर, बांड के 34 लाख रुपये जमा करा चुके हैं जबकि कई डॉक्टरों ने ज्वाइन कर लिया है।

विभिन्न रोगों के प्रति जागरुक करने के लिए एम्स चलायेगा विशेष सप्ताह अभियान

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, एम्स ऋषिकेश में आम लोगों को रोगाणुओं से होने वाले विभिन्न बीमारियों के प्रति जागरुक करने के उद्देश्य से एम्स के डिपार्टमेंट ऑफ मेडिसिन व नर्सिंग विभाग द्वारा बृहस्पतिवार से वर्ल्ड एंटीमाइक्रोबायल एवेयरनेस (विश्व रोगाणुरोधी जागरुकता) सप्ताह का आयोजन शुरू किया जाएगा। सप्ताहव्यापी जनजागरुकता कार्यक्रम के तहत परिचर्चाएं, जनजागरुकता रैली, नुक्कड़ नाटक आदि आयोजन किए जाएंगे। एम्स संस्थान के डिपार्टमेंट ऑफ मेडिसिन तथा कॉलेज ऑफ नर्सिंग के संयुक्त तत्वावधान में बृहस्पतिवार से वर्ल्ड एंटीमाइक्रोबायल को लेकर जनजागरुकता सप्ताह विधिवत शुरू किया जाएगा। इसके तहत सप्ताहभर विभिन्न दिवस में लोगों को जागरुक करने के उद्देश्य से कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रमों में जहां संस्थान के सीनियर एवं जूनियर रेजिडेंट्स चिकित्सक, नर्सिंग ऑफिसर्स व अन्य हेल्थ केयर वर्कर्स प्रतिभाग करेंगे वहीं आम नागरिकों, मरीजों व उनके तीमारदारों को भी रोगाणुओं से उत्पन्न होने वाली बीमारियों व उनसे बचाव संबंधी विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
आयोजन के बाबत जानकारी देते हुए डिपार्टमेंट ऑफ मेडिसिन फैकल्टी डा. प्रसन्न कुमार पंडा एवं कॉलेज ऑफ नर्सिंग के फैकल्टी सदस्य मनीष शर्मा ने बताया ​कि कार्यक्रम का आयोजन एम्स के मेडिसिन डिपार्टमेंट, नर्सिंग कॉलेज तथा अन्य विभागों की ओर से सामुहिकरूप से किया जाएगा। कार्यक्रम के तहत बृहस्पतिवार को प्रथम दिवस एकीकृत रोगाणुरोधी विषय पर एक स्वास्थ्य दृष्टिकोण कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा, जबकि दूसरे दिन (शुक्रवार) को रोगाणुरोधी दवाओं का उचित उपयोग किए जाने को लेकर आम नागरिकों की जनजागरुकता के लिए रैली निकाली जाएगी। उन्होंने बताया कि 20 नवंबर (शनिवार) को एम्स के ओपीडी एरिया में मेडिकल एवं नर्सिंग विद्यार्थियों द्वारा मरीजों व तीमारदारों को नुक्कड़ नाटक प्रस्तुति के माध्यम से जागरुक किया जाएगा।
सोमवार को रेजिडेंट्स चिकित्सकों व नर्सिंग स्टाफ के लिए कार्यशाला, मंगलवार को अस्पताल के विभिन्न वार्डों व आईसीयू का इंटिग्रेटेड एंटीमाइक्रोबायल स्टेवॉडशिप आईएएस चौंपियन 2021 के लिए चयन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 24 नवंबर को सप्ताह के अंतिम दिवस फार्मेसी स्टेवॉडशिप पर फोकस करते हुए विभिन्न विशेषज्ञों की संयुक्त परिचर्चा का आयोजन किया जाएगा।
डॉक्टर पंडा ने मरीजों को सलाह दी है कि वह बिना चिकित्सकीय परामर्श के रोगाणु रोधी दवा नहीं लें। उन्होंने बताया कि इन दिनों रोगाणुरोधी प्रतिरोध बढ़ रहा है, इसे कम किया जा सकता है। मगर जहां लक्षण नहीं हैं वहां उपयोग नहीं करें, जैसे कि वायरल संक्रमण और एंटीमाइक्रोबियल का कम या अधिक उपयोग नहीं करें। हाथों की स्वच्छता, खांसी होने पर स्वच्छता, प्रभावी अपशिष्ट उपचार और समय पर टीकाकरण कराने से रोगाणु रोधी के प्रतिसार से बचा जा सकता है। बताया गया है कि सप्ताहव्यापी कार्यक्रम के आयोजन में मेडिसिन विभाग के डा. प्रसन्न कुमार पंडा व कॉलेज ऑफ नर्सिंग फैकल्टी मनीष शर्मा व राखी मिश्रा अहम भूमिका निभाएंगे।

विस अध्यक्ष की सक्रियता से कैंप में आये सभी लोगों को लगी वैक्सीन

विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने भट्टोवाला स्थित प्राथमिक विद्यालय में संचालित वैक्सीनेशन सेंटर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वैक्सीनेशन कराने आए अनेक लोगों से वार्ता भी की और सेंटर पर वैक्सीन की डोज बढ़ाने को लेकर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को निर्देश दिये।
प्राथमिक विद्यालय में वैक्सीन लगवाने आए लोगों की संख्या अधिक देखकर विस अध्यक्ष अग्रवाल ने कहा कि बिना वैक्सीन लगाए किसी को भी वापस नही भेजना है। जिसको लेकर विस अध्यक्ष ने मौके पर ही सीएमएस को दूरभाष पर निर्देशित करते हुए भट्टोवाला स्थित प्राथमिक विद्यालय में चल रहे वैक्सीनेशन सेंटर में वैक्सीन डोज की कमी को शीघ्र बढ़ाये जाने के निर्देश दिए। जिस पर तत्काल कार्यवाही करते हुए सीएमएस ने तुरंत 150 वैक्सीन डोज सेंटर पर पहुंचाई, जिससे सेंटर पर टीका लगाने पहुंचे सभी लोगों को कोरोना वैक्सीन की डोज लगाई गई।
विस अध्यक्ष अग्रवाल ने वैक्सीनेशन सेंटर पर कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों का भी हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी ना हो। विस अध्यक्ष ने वैक्सीन लगाने आए लोगों को मास्क व सैनिटाइजर भी वितरित किए एवं उन्होंने कोरोना संक्रमण से अभी भी सावधान रहने की अपील की।
इस अवसर पर स्वास्थ्य कर्मी टिंकू सिंह, हरीश कुमार सहित भट्टोवाला की प्रधान दीपा राणा, मानवेंद्र कंडारी, धनपाल सिंह राणा, नत्थी लाल रतूड़ी, हरपाल सिंह राणा, रविंद्र राणा, संजय राणा भी उपस्थित रहे।

जनपद देहरादून में कोविड 19 की डबल डोज वैक्सीनेशन के मिनी एवं मेगा लकी ड्रा के विजेताओं को मुख्यमंत्री ने किया पुरस्कृत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परेड़ ग्राउण्ड में आयोजित कोविड वैक्सीन मेला मेगा लकी ड्रा में जनपद देहरादून में कोविड 19 की डबल डोज वैक्सीनेशन के मिनी एवं मेगा लकी ड्रा के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किये। मुख्यमंत्री ने मेगा लकी ड्रा के प्रथम विजेता रीना शुक्ला को होण्डा एक्टिवा, द्वितीय विजेता मनीष कोटवाल को टी.वी. विद साउण्ड सिस्टम तथा तृतीय विजेता मोहन शर्मा को डबल डोर फ्रिज पुरस्कार स्वरूप प्रदान किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने लक्की ड्रा के टी शर्ट, स्पोर्ट्स शूज, ट्रैक सूट, माइक्रोवेव एवं वॉशिंग मशीन कैटेगरी के विजेताओं को भी पुरस्कृत किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी पुरस्कार विजेताओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सभी के प्रयासों से हम प्रदेश में कोविड 19 की शत प्रतिशत पहली डोज लगाने में सफल हो पाये हैं। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य 15 दिसम्बर तक शत प्रतिशत दूसरी डोज लगाये जाने का लक्ष्य है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व एवं वैज्ञानिकों के अथक प्रयासों से देश में वैक्सीन तैयार हुई, जिससे देश के 100 करोड़ लोगों का टीकाकरण किये जाने में सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि देश में टीकाकरण का अभियान तेजी से निरन्तर संचालित हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में कुछ लोगों ने वैक्सीनेशन के बारे में लोगों को गुमराह करने का कार्य किया। दूसरी लहर में यह देखा गया कि जिन लोगों ने टीका नहीं लगया उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ा था, जबकि टीका लगाने वालों को सीमित संक्रमण का सामना करना पड़ा तथा वे उपचार के बाद ठीक हो गये। उन्होंने कहा कि शुरूआत में कोरोना टीका के बारे में लोगों को गुमराह करने वालों ने कई लोगों के जीवन से खिलवाड़ करने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश को पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध कराने के लिये प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इसी का परिणाम है कि हम प्रदेश में शत प्रतिशत टीकाकरण के लक्ष्य की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा है हमारे स्वास्थ्य कर्मियों, चिकित्सकों आदि ने भी इसमें अपना सराहनीय सहयोग दिया है। स्वयं प्रधानमंत्री मोदी ने बागेश्वर की एएनएम पूनम नौटियाल से बात कर उनके प्रयासों को सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कोरोना महामारी से लोगों के जीवन को बचाने के लिये स्वास्थ्य सुविधाओं का तेजी से विकास किया गया है। संभावित तीसरी लहर का सामना करने के लिये भी प्रभावी प्रयास किये गये। आज हमारे पास 11 सरकारी तथा 26 निजी लैब है। पर्याप्त मात्रा में आईसीयू बेड, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन सिलेंडर, अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट के साथ ही बच्चों के लिए नीकू व पीकू वार्ड तैयार किये गये हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक का जीवन बचाना हमारा उद्देश्य है। इसके लिये चिकित्सा अवस्थापना सुविधाओं के विकास पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी को धनतेरस एवं दीपावली की भी शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में प्रदेश में आयी आपदा के दृष्टिगत उन्होंने दीपावली न मनाने का भी निर्णय लिया है।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायक खजान दास, संजय गुप्ता, मेयर सुनील उनियाल गामा, जिलाधिकारी एवं स्मार्ट सिटी देहरादून के सीईओ जन्मेजय खण्डूड़ी, सीएमओ देहरादून के साथ ही अन्ध अधिकारी आदि उपस्थित थे।