सीएम ने ताड़ीखेत में किया 77.25 करोड़ रुपये की 32 विकास योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के तहत अल्मोड़ा जिले के ताड़ीखेत में आयोजित बहुद्देश्यीय शिविर में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय जनता से संवाद करने के साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल का निरीक्षण भी किया। इस शिविर में पात्र लोगों को सरकार की अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करने के साथ ही जनसमस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया गया ।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा जिले की लगभग 77.25 करोड़ रुपये की लागत की 32 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। जिसमें रू. 47.85 करोड़ की लागत की 9 योजनाओं का शिलान्यास तथा रू. 29.40 करोड़ की लागत की 23 योजनाओं का लोकार्पण शामिल है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने रानीखेत विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए भी अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं की।
मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं में विकासखण्ड भिकियासैंण में गगास नदी तथा रामगंगा नदी पर तटबन्ध निर्माण एवं पैदल पथ के नव निर्माण कराने सहित देवलीखेत, चौनलिया, खिरखेत एवं भुजान स्थित राजकीय इंटर कॉलेजों में मिनी स्टेडियमों का निर्माण कराने, सनणा सिंचाई लिफ्टिंग योजना का उच्चीकरण करने, रानीखेत में एनसीसी ग्राउंड/स्टेडियम के निर्माण हेतु एक करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत करने, रानीखेत स्थित रानीझील के विस्तारीकरण एवं सौंदर्यीकरण का कार्य कराने, रानीखेत विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत हैलीपैड निर्माण कराने की घोषणा सम्मिलित हैं।
शिविर में हजारों की संख्या में उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि प्रशासन से जुड़े सभी कार्य और सेवाएँ जनता को उनके ही क्षेत्र में सुलभ कराने हेतु सरकार निरंतर प्रयासरत है। इसके लिए सरकार की अधिकांश सेवाओं को ऑनलाइन करने के साथ ही समय-समय पर बहुउद्देशीय शिविरों का आयोजन कर जनता की समस्याओं को मौके पर ही त्वरित समाधान भी सुनिश्चित कराया जा रहा है। सरकार ने “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान शुरू कर शासन-प्रशासन को सीधे आमजन के बीच ले जाने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने अभियान के तहत न्याय पंचायत स्तर पर आयोजित शिविरों का अधिकाधिक लाभ उठाने का आह्वान करते हुए कहा कि वे अपनी समस्याओं और सुझावों को निःसंकोच साझा करें, ताकि शासन-प्रशासन उन्हें शीघ्र और प्रभावी ढंग से सुलझा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में उत्तराखंड विकास और समृद्धि के नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। सुदूर पर्वतीय गांवों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल सहित सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है। सरकार देवभूमि उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी निरंतर कार्य कर रही है। मानसखंड के पौराणिक मंदिरों के भी पुनरुत्थान एवं सौंदर्यीकरण हेतु संकल्पित होकर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड के आध्यात्मिकता एवं पावनता को संरक्षित रखने के लिए सरकार पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहाड़ों से पलायन को रोकने तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु ठोस कार्य किए जा रहे हैं। इन्हीं प्रतिबद्ध प्रयासों के परिणामस्वरूप प्रदेश विभिन्न क्षेत्रों में नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। पलायन निवारण आयोग की सर्वे रिपोर्ट में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने राज्य में मातृशक्ति के कल्याण के लिए भी समर्पित होकर कार्य कर रही है। हर क्षेत्र में की महिलाओं की अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित कर सरकारी सेवाओं में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण लागू किया है। अनेक योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु कारगर कदम उठाए गए हैं। राज्य की 1 लाख 68 हजार से अधिक बहनों ने “लखपति दीदी’’ बनकर महिला सशक्तिकरण की दिशा में नया इतिहास रचा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रानीखेत विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए भी अनेक महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का संचालन किया जा रहा है। क्षेत्र में शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 17 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से भवानी देवी पेयजल योजना तथा 5 करोड़ रुपये की लागत से भतरौजखान रामगंगा पम्पिंग पेयजल योजना का निर्माण कार्य कराया जा रहा है।

इस अवसर पर केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टमटा, क्षेत्रीय विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल, दायित्वधारी कैलाश पंत, अनिल शाही, ब्लॉक प्रमुख बबली मेहरा, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र पींचा, मुख्य विकास अधिकारी रामजीशरण शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष घनश्याम भट्ट भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने अल्मोड़ा में किया सांसद खेल महोत्सव का शुभारंभ, की अनेक घोषणाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अल्मोड़ा में सांसद खेल महोत्सव का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने फुटबॉल और बैडमिंटन प्रतियोगिता का उद्घाटन किया तथा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी एकता बिष्ट और खेल प्रशिक्षकों को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि जनपद अल्मोड़ा में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जी.आई.सी. ग्राउंड में हॉकी एवं फुटबॉल के लिए दिन एवं रात्रि उपयोग हेतु बहुउद्देशीय आर्टिफिशियल टर्फ मैदान का निर्माण किया जाएगा। नगर निगम क्षेत्र में प्रकाश व्यवस्था को सुदृढ़ करने और स्वच्छ व हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने हेतु 200 सोलर लाइटें उपलब्ध कराई जाएंगी। हेमवती नंदन बहुगुणा स्टेडियम, अल्मोड़ा में 50 बिस्तरों की क्षमता वाला छात्रावास बनाया जाएगा। वहीं, हेमवती नंदन बहुगुणा स्टेडियम का बैडमिंटन कोर्ट अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार पुनर्निर्मित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की युवा शक्ति राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी है, जो अपने परिश्रम, प्रतिभा और संकल्प के बल पर सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के स्वप्न को साकार करने की क्षमता रखती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में युवा शक्ति को राष्ट्र शक्ति मानकर ‘विकसित और आत्मनिर्भर भारत’ के निर्माण की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उनकी प्रेरणा से “फिट युवा फॉर विकसित भारत” की थीम पर आयोजित हो रहा यह “सांसद खेल महोत्सव” केवल एक सामान्य खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने का एक महाभियान है। यह हमारे गाँव-गाँव में छिपी खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने का सशक्त मंच प्रदान करने के साथ ही युवा शक्ति में अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और संघर्षशीलता जैसे गुणों को विकसित करने का प्रभावी माध्यम बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी “खेलो इंडिया” और “फिट इंडिया मूवमेंट” जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से देश में खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा दे रही है। 38वें राष्ट्रीय खेलों के भव्य एवं सफल आयोजन से उत्तराखंड “देवभूमि” के साथ-साथ “खेलभूमि” के रूप में भी स्थापित हुआ है। राष्ट्रीय खेलों में हमारे खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर एक नया इतिहास रचा है। उत्तराखंड अब विश्वस्तरीय “स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर” के मामले में भी देश के प्रमुख राज्यों में गिना जाने लगा है और अब प्रदेश में राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन भी होने लगा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार राज्य में शीघ्र ही एक “स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान” लागू करने जा रही है, जिसके अंतर्गत प्रदेश के आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियों की स्थापना की जाएगी। हल्द्वानी में उत्तराखंड का प्रथम खेल विश्वविद्यालय तथा लोहाघाट में एक महिला स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित करने की दिशा में भी तेज़ी से कार्य किए जा रहे हैं। प्रदेश में खेलों के समग्र विकास और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से नई खेल नीति भी लागू की गई है, जिसके अंतर्गत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता खिलाड़ियों को ‘आउट ऑफ टर्न’ सरकारी नौकरी प्रदान की जा रही है। ‘मुख्यमंत्री खेल विकास निधि’, ‘मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना’, ‘मुख्यमंत्री उदियमान खिलाड़ी योजना’ तथा ‘खेल किट योजना’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य के उभरते युवा खिलाड़ियों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अल्मोड़ा के समग्र विकास के लिए पर्यटन, रोजगार और कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने हेतु भी कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत पिछले चार वर्षों में अल्मोड़ा जनपद में ढाई सौ किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण किया गया है। साथ ही करोड़ों रुपये की लागत से विभिन्न मोटरमार्गों का निर्माण एवं नवीनीकरण भी किया गया है। लगभग 400 करोड़ रुपये की लागत से अल्मोड़ा- पौड़ी गढ़वाल-रुद्रप्रयाग को जोड़ने वाली सड़क का निर्माण कराया गया है। लगभग 922 करोड़ रुपये की लागत से अल्मोड़ा-बागेश्वर सड़क के चौड़ीकरण को भी मंजूरी दी गई है। ‘उड़ान योजना’ के अंतर्गत अल्मोड़ा में पर्यटन को बढ़ावा देने और आवागमन को सुगम बनाने के उद्देश्य से हेली सेवाएं प्रारंभ की गई हैं। फलसीमा में हेलीपोर्ट का निर्माण किया जा रहा है, जो क्षेत्र को बेहतर हवाई सेवाओं से जोड़ते हुए आवागमन को और अधिक सुलभ बनाएगा। क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति को सशक्त बनाने के लिए गगास नदी पर 31.27 करोड़ रुपये की लागत से जलाशय परियोजना का कार्य किया जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए शोभन सिंह जीना मेडिकल इंस्टीट्यूट में 100 नई एमबीबीएस सीटें बढ़ाने के साथ-साथ 36 आईसीयू बेड भी जोड़े गए हैं, जिससे भविष्य में चिकित्सा सुविधाएं और अधिक बेहतर होंगी।

कार्यक्रम के दौरान सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री भारत सरकार अजय टम्टा, मेयर नगर निगम अजय वर्मा, जागेश्वर विधायक मोहन सिंह मेहरा, उपाध्यक्ष महिला उद्यमिता परिषद गंगा बिष्ट, अध्यक्ष जिला पंचायत हेमा गैड़ा, पूर्व विधायक कैलाश शर्मा, पूर्व विधायक रघुनाथ सिंह चौहान, जिलाध्यक्ष भाजपा महेश नयाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

2047 का भारत आज के बच्चों के संकल्प से बनेगा: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज सरस्वती शिशु मंदिर, ताड़ीखेत में अध्ययनरत स्कूली बच्चों से आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर विद्यालय के छात्र-छात्राओं में विशेष उत्साह और प्रसन्नता देखने को मिली। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बच्चों का स्नेहपूर्वक अभिवादन करते हुए कहा कि आप सभी उत्तराखंड और देश का भविष्य हैं।

मुख्यमंत्री ने बच्चों से संवाद करते हुए वर्ष 2047 का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय भारत की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूर्ण होंगे और तब देश की बागडोर आज के बच्चों के हाथों में होगी। उन्होंने कहा कि “विकसित भारत 2047” केवल एक सरकार का नहीं, बल्कि पूरी पीढ़ी का सामूहिक संकल्प है, जिसकी सिद्धि सभी के साझा प्रयासों से ही संभव है।

मुख्यमंत्री ने बच्चों को अनुशासन और समय पालन का महत्व समझाते हुए कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए समय का सदुपयोग और अनुशासित दिनचर्या अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बच्चों से उनके स्कूल आने-जाने की दिनचर्या पर सहज प्रश्न करते हुए संवाद को रोचक बनाया और मुस्कराते हुए अनुशासन को सफलता की कुंजी बताया।

मुख्यमंत्री ने बच्चों को पौष्टिक भोजन एवं अच्छे स्वास्थ्य का महत्व बताते हुए कहा कि आगे बढ़ने के लिए शरीर और मन दोनों का स्वस्थ होना आवश्यक है। उन्होंने बच्चों को संतुलित आहार लेने और नियमित रूप से खेलकूद में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बच्चों को बताया कि आज का दिन विशेष है, क्योंकि आज महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की जयंती है, जिसे राष्ट्रीय गणित दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने शिक्षा को व्यक्ति, समाज और राज्य के सर्वांगीण विकास की सबसे मजबूत नींव बताते हुए बच्चों से खूब पढ़ने, खूब खेलने और आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहाड़ के बच्चे कठिन परिस्थितियों में पलकर संघर्ष करना सीखते हैं, जिससे उनमें आगे बढ़ने की विशेष क्षमता होती है। उन्होंने बच्चों को लक्ष्य निर्धारण, अच्छे नागरिक बनने और अपने कर्तव्यों के निर्वहन का संदेश दिया। साथ ही नशे के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए नशा मुक्त उत्तराखंड के संकल्प को मजबूत करने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने बच्चों से अपनी भाषा, बोली और संस्कृति पर गर्व करने का आह्वान करते हुए कहा कि जो अपनी जड़ों से जुड़ा रहता है, वही ऊँचाइयों तक पहुँचता है। संवाद के अंत में उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 में उत्तराखंड का हर बच्चा देश को दिशा देने वाला नागरिक बनेगा। मुख्यमंत्री ने बच्चों से मेहनत, ईमानदारी और बड़े सपने देखने का संदेश देते हुए कहा कि सरकार सदैव उनके साथ खड़ी है।

घोड़ाखाल सैनिक स्कूल की उत्कृष्टता और सैन्य अधिकारियों को तैयार करने में अद्वितीय भूमिका को मुख्यमंत्री धामी ने सराहा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल जिले के भवाली स्थित सैनिक स्कूल घोड़ाखाल के हीरक जयंती समारोह का विधिवत उद्घाटन किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों, शिक्षको, अभिभावकों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनन्दन किया तथा ईश्वर से ऐतिहासिक सैनिक स्कूल में पढ़ने वाले सभी विद्यार्थियों एवं कैडेट्स के उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने बच्चों से विभिन्न क्षेत्रों में जाकर देश एवम् राज्य, शिक्षकों, अभिभावकों का नाम रोशन करने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने विद्यालय के बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि यह स्कूल न सिर्फ़ हमारे राज्य बल्कि पूरे देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक है,उन्होंने कहा कि ये वो संस्था है, जिसने दशकों से राष्ट्र को अनुशासन, परिश्रम और अदम्य राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत युवा प्रदान किए हैं और जिसके बारे में बचपन से मैं स्वयं सुनता आया हूँ। उन्होंने कहा कि यह सैनिक स्कूल उत्कृष्टता की परंपरा और उच्चतम मानकों के साथ सैन्य अधिकारियों को तैयार करने में अपना जो योगदान देता आया है वो अद्वितीय है। इस स्कूल की जितनी प्रशंसा की जाए, कम है। यहां से निकले हुए छात्र न केवल भारतीय सेना में बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन कर देश की सेवा कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये विशिष्ट विद्यालय आपको सिर्फ किताबी शिक्षा नहीं देता बल्कि आपके व्यक्तित्व तथा भविष्य का निर्माण भी करता है। उन्होंने कहा कि यहॉं एक अच्छा नागरिक, एक आदर्श सैन्य अधिकारी और सबसे महत्वपूर्ण एक अच्छा एवं अनुशासित इंसान बनने की सीख एवं प्रेरणा मिलती है। उन्होंने छात्रों से कहा कि इस विद्यालय में पढ़ते हुए उनमें कब नेतृत्व, शौर्य और जिम्मेदारी की भावना विकसित हो जाएगी, इसका पता उन्हें इस स्कूल से जाने के बाद लगेगा। क्योंकि ये बात यहां से पास आउट होकर बड़े सैन्य अधिकारी बने बहुत से ऑफिसर्स ने कहीं है व बताई है। उन्होंने कहा कि घोड़ाखाल की मिट्टी में जो जज्बा है, वो यहॉं पढ़ने वाले बाकी छात्रों से अलग खड़ा करता है। यही जज्बा आप सभी को आगे चलकर भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना में श्रेष्ठ अधिकारी के रूप में देश की सेवा के लिए तैयार करता है। उन्होंने कहा कि सैनिक स्कूल घोड़ाखाल ने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) में सर्वाधिक प्रविष्टियाँ देने का रिकॉर्ड भी स्थापित किया है। इस उपलब्धि को हासिल करना और रक्षा मंत्री ट्रॉफी को 10वीं बार जीतना, सैनिक स्कूल घोड़ाखाल के कैडेट्स, शिक्षकों और संस्थान के नेतृत्व की लगन, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का परिचायक है। मुख्यमंत्री ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने पर सभी को हार्दिक बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि होने के साथ ही वीरभूमि भी है, क्योंकि उत्तराखंड की माटी में जन्मे अनेकों वीरों ने देश की रक्षा करते हुए अपना सर्वस्व न्यौछावर किया। आज भी बड़ी संख्या में उत्तराखंड के वीर जवान देश की रक्षा में तैनात हैं।

मुख्यमंत्री ने सैनिक पुत्र के रूप में स्वयं को सौभाग्यशाली बताते हुए कहा कि मैं भी एक सैनिक का पुत्र हूँ और एक सैनिक-पुत्र होने के नाते मैं सैनिक परिवारों में बच्चों को मिलने वाले राष्ट्रसेवा और अनुशासन के संस्कारों से भली भाँति परिचित हूँ और चुनौतियों तथा परेशानियों को बहुत नजदीक से देखा है। उन्होंने सभी कैडेट्स से कहा कि आपने यहां जो अनुशासन, कड़ी मेहनत और समर्पण सीखा है, वही आपको जीवन की हर चुनौती का सामना सफलतापूर्वक करने की शक्ति देगा। क्योंकि, इस विद्यालय की स्कूल ड्रेस एक साधारण कपड़ा नहीं, बल्कि एक अनुशासन, एक सम्मान और एक वचन है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेना और सैनिक स्कूलों को मजबूत करने के लिए अनेकों कदम उठाए गए हैं। नई शिक्षा नीति में देश के सैनिक स्कूलों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए आज सैनिक स्कूलों का विस्तार करने के साथ ही नए सैनिक स्कूलों की स्थापना भी की जा रही है। आदरणीय मोदी जी द्वारा रक्षा बजट में भी निरंतर वृद्धि की गई है, जिससे सेना के आधुनिकीकरण और उसकी क्षमताओं में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि पहले हम बड़ी संख्या में विदेशों से रक्षा उत्पाद ख़रीदते थे लेकिन आज भारत विश्व के अनेकों देशों को अत्याधुनिक रक्षा उपकरणों एवं हथियारों का निर्यात कर रहा है। आज भारत टॉप निर्यातक देशों में शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी ने दशकों से लंबित ’वन रैंक-वन पेंशन’ योजना को लागू करके पूर्व सैनिकों को आर्थिक रूप से मज़बूत बनाने के साथ ही उनके मान-सम्मान की रक्षा करने का भी ऐतिहासिक कार्य किया है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी सैनिकों, शहीदों एवं पूर्व सैनिकों का मान-सम्मान और उनके परिवार का कल्याण सुनिश्चित करने हेतु प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। शहीदों के परिजनों को मिलने वाली अनुग्रह अनुदान राशि को 5 गुना बढ़ाना हो, शहीदों के एक आश्रित को सरकारी नौकरी देना हो या पूर्व सैनिकों को विभिन्न प्रकार की छूट प्रदान करना हो, हमारी सरकार हर वो प्रयास कर रही है जिससे सैनिकों एवं उनके परिवारों का उत्थान सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही सेना में परमवीर चक्र से लेकर मेन्सन इन डिस्पैच तक सभी वीरता पुरस्कारों से अंलकृत सैनिकों को दी जाने वाली एकमुश्त तथा वार्षिकी राशि में भी अभूतपूर्व वृद्धि की है। वहीं दूसरी ओर, प्रदेश के बलिदानियों की स्मृति में भव्य सैन्य धाम का निर्माण भी किया जा रहा है, जिसका जल्द ही लोर्कापण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कैडेट्स और विद्यार्थियों को अभिभावक के रूम में मार्गदर्शित करते हुए कहा कि आप जीवन में जो भी संकल्प लें, उस पर मन लगाकर कार्य करें, उसके आगे किंतु-परंतु का कोई विकल्प न रखें। उन्होंने कहा कि आपका संकल्प विकल्प रहित होना चाहिए, क्योंकि जब आपका संकल्प, विकल्प रहित होता है तो सिद्धि अवश्य मिलती है।

उन्होंने सैनिक स्कूल, घोड़ाखाल के प्रधानाचार्य ग्रुप कैप्टन विजय सिंह एवं उनकी पूरी टीम को विद्यालय में शिक्षा के “स्टैंडर्ड” को “मेंटेन” रखने के लिए साधुवाद किया।

इस दौरान बेस्ट जूनियर हाउस, बेस्ट सीनियर हाउस, सी.हाउस आदि के विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में विधायक नैनीताल सरिता आर्या, विधायक राम सिंह कैड़ा, ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट, मंडलायुक्त दीपक रावत, आईजी रिद्धिम अग्रवाल, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, एसएसपी डॉ.मंजूनाथ टीसी सहित विद्यार्थी, अभिभावक आदि उपस्थित थे।

उत्तराखंड में रिवर्स पलायन 44% बढ़ा: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लेटीबुंगा मैदान, ग्राम पंचायत शशबनी, नैनीताल में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए ₹ 112 करोड़ 34 लाख रुपये की कुल 17 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर महिला स्वयं सहायता समूहों एवं विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का भी निरीक्षण कर महिला उत्पादों की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने घोषणा कि की भीमताल क्षेत्र के कई गांवो भीड़ापानी, नाई, डालकन्या, देवनगर, सिलौटी, सुन्दरखाल में मिनी स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा। ओखलकांडा के करायल बैण्ड–टकुरा वन चौकी रोड का डामरीकरण किया जाएगा। भीमताल बाईपास नहर कवरिंग का शेष कार्य पूर्ण कराया जाएगा। भीमताल में नई पार्किंग और नया रोडवेज बस स्टेशन स्थापित होगी। भीमताल नगर में अग्निशमन केंद्र खोला जाएगा।।नौकुचियाताल–खड़की खरौला रोड का मिलान किया जाएगा। कसियालेख – काफली – पदीकनाला रोड का डामरीकरण किया जाएगा। बडोन–सिमलिया – साननी मोटर मार्ग का मिलान किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भीमताल विधानसभा सहित पूरे नैनीताल जिले के समग्र विकास के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय विधायक द्वारा उठाए गए मुख्य मार्ग–10 की खराब स्थिति पर तत्काल संज्ञान लेते हुए लगभग 9.5 करोड़ रुपये सड़क पुनर्निर्माण हेतु स्वीकृत किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड आज विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल सहित सभी क्षेत्रों में तेज़ी से इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कैंची धाम, नैनादेवी मंदिर, मुक्तेश्वर धाम सहित सभी पौराणिक मंदिरों का पुनर्विकास कार्य मिशन मोड में चल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहाड़ों से पलायन रोकने के लिए ‘एक जनपद–दो उत्पाद’, ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’, ‘स्टेट मिलेट मिशन’, ‘होमस्टे’, ‘वेड इन उत्तराखंड’ जैसी योजनाएँ स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा दे रही हैं। पलायन आयोग की नवीन रिपोर्ट में रिवर्स पलायन में 44% की बढ़ोतरी, बेरोजगारी दर में 4.4% कमी, तथा नीति आयोग के SDG इंडेक्स में देश में प्रथम स्थान उत्तराखंड को प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में नकल माफियाओं पर लगाम कसने के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया, जिसके परिणामस्वरूप पिछले वर्षों में 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। 100 से अधिक नकल माफियाओं को जेल भेजा गया है। इसके अलावा, भ्रष्टाचार के विरुद्ध ज़ीरो टॉलरेंस नीति के तहत विजलेंस के माध्यम से 200 से अधिक सरकारी कार्मिकों पर कार्यवाही की गई है।

मुख्यमंत्री द्वारा भवाली बाईपास पार्ट–1 और 2 सुधारीकरण, भीमताल बाईपास सड़क सुधार, 50 बेड क्रिटिकल केयर यूनिट, नैनीताल, हल्दूचौड़ एलबीएस कॉलेज में पुस्तकालय व बहुउद्देश्यीय हॉल, पुछड़ी में गौशाला निर्माण, राजकीय विद्यालय जाडापानी में पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब, विज्ञान प्रयोगशाला जैसी विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण किया गया है। वही मुख्यमंत्री ने राजकीय महाविद्यालय लालकुआँ में परीक्षा भवन, लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय में चाहरदीवारी, गौलापार स्टेडियम में पूल कवरिंग व सुरक्षा कार्य, बेतालघाट, पंगोट–दैचौरी, ओखलकांडा सभागार आदि का शिलान्यास किया।

विधायक भीमताल राम सिंह कैड़ा ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए क्षेत्र के विकास हेतु विभिन्न योजनाओं की स्वीकृति पर आभार व्यक्त करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया। अपने संबोधन में उन्होंने क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की भी जानकारी दी।

इस अवसर पर अध्यक्ष जिला पंचायत दीपा दरमवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, ब्लॉक प्रमुख धारी भावना आर्या, ओखलकांडा केडी रूबाली, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, एसपी यातायात जगदीश चंद्र सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि गणमान्य नागरिक एवं स्थानीय जनता आदि मौजूद रही।

कपकोट में उमड़ा जनसैलाब, मुख्यमंत्री धामी के स्वागत में जुटी भारी भीड़, हुआ 108 करोड़ की योजनाओं का शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज अपने बागेश्वर दौरे के दूसरे दिन, केदारेश्वर मैदान, कपकोट में आयोजित जन सम्मेलन में प्रतिभाग किया, जहाँ उनका माल्यार्पण कर स्वागत किया गया तथा कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह ने उत्साहपूर्वक मुख्यमंत्री का अभिवादन किया।

मुख्यमंत्री ने 108 करोड़ रुपये की 42 योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। जिसमें लगभग 62 करोड़ की 24 योजनाओं का लोकार्पण तथा 45.95 करोड़ की 18 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। कार्यक्रम की शुरुआत स्कूली बच्चों की मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई, जिसने वातावरण को उत्साहपूर्ण बना दिया।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जनता की विशाल उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार विकास के सही मार्ग पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि गरीब वर्ग, महिलाओं और युवाओं के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने ‘मानस खंड माला’ परियोजना के तहत धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण की प्रगति की जानकारी साझा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शीतकालीन पर्यटन की नई पहल से प्रदेश में वर्षभर पर्यटन गतिविधियाँ बढ़ेंगी और स्थानीय लोगों के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा। उन्होंने कहा कि सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्यरत है और वन डिस्ट्रिक्ट–टू प्रोडक्ट के तहत बागेश्वर की पारंपरिक ताम्र शिल्प को राष्ट्रीय पहचान मिल रही है। सरयू एवं गोमती नदियों के संरक्षण कार्य निरंतर प्रगति पर हैं, वहीं बागेश्वर रेल लाइन का सर्वेक्षण भी पूर्ण हो चुका है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि गरुड़ अस्पताल का उच्चीकरण किया जाएगा, जिससे स्थानीय जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।

इसके साथ ही विभिन्न स्वायत सहकारिता एवं स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय सहायता के चेक प्रदान किए गए। जिसमे संकल्प स्वायत सहकारिता समूह सीएलएफ (हर्षिला) को ₹3 करोड़ 23 लाख, ऊर्जा स्वायत सहकारिता सीएलएफ को ₹22 लाख 50 हजार,एनआरएलएम की संवाद महिला स्वयं सहायता समूह और जय गोलू देवता स्वयं सहायता समूह को ₹5 -5 लाख के चेक प्रदान किए गए।

कार्यक्रम स्थल पर कृषि, उद्यान, रेशम, सहकारिता, ग्राम्य विकास, महिला सशक्तिकरण, डेयरी, पशुपालन एवं उद्योग विभाग सहित विभिन्न विभागों ने स्टॉल स्थापित किए, जिन पर आमजन को योजनाओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई। मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया, स्थानीय हस्तशिल्पकारों से संवाद कर उनकी समस्याएँ सुनीं और उनके कार्य का उत्साहवर्द्धन किया।

कार्यक्रम में जिलाधिकारी आकांक्षा कोंड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष शोभा आर्या, कपकोट विधायक सुरेश गड़िया, बागेश्वर विधायक पार्वती दास, दर्जा राज्यमंत्री भूपेश उपाध्याय, शिव सिंह विष्ट, जिला पंचायत उपाध्यक्ष विशाखा खेतवाल, पूर्व कैबिनेट मंत्री बलवंत सिंह भौंरयाल, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रभा गड़िया, नगर पालिका अध्यक्ष सुरेश खेतवाल, एसपी चंद्र सिंह घोड़के, सीडीओ आर.सी. तिवारी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

बागेश्वर में सरयू नदी तट पर चल रहे विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्यों का सीएम ने किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बागेश्वर में सरयू नदी तट पर चल रहे विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली और निर्देश दिए कि सभी कार्य समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण रूप से पूर्ण किए जाएं। मुख्यमंत्री ने स्थानीय नागरिकों से संवाद कर उनकी समस्याएँ सुनीं और सरकार की योजनाओं पर फीडबैक प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री बागेश्वर भ्रमण के दौरान बैडमिंटन इंडोर स्टेडियम पहुंचे, जहाँ उन्होंने खिलाड़ियों के साथ बैडमिंटन खेलकर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने प्रशिक्षण सुविधाओं, खेल उपकरणों एवं संसाधनों की उपलब्धता की जानकारी लेते हुए कहा कि राज्य सरकार खेल अवसंरचना को अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुरूप विकसित करने के लिए लगातार प्रयासरत है, ताकि उत्तराखण्ड के खिलाड़ी राष्ट्रीय व वैश्विक स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें।

मुख्यमंत्री धामी इसके बाद बागनाथ मंदिर पहुंचे, जहाँ उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना की। मंदिर परिसर में उपस्थित श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत किया और अपने विचार साझा किए।

सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह दिवस देश के वीर सैनिकों की अदम्य वीरता, बलिदान और उत्कृष्ट सेवाओं को स्मरण करने का अवसर है। इस दौरान सैनिक कल्याण विभाग ने मुख्यमंत्री को टोकन फ्लैग एवं लापेल पिन लगाया।

कार्यक्रम में जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे, दर्जा राज्यमंत्री शिव सिंह बिष्ट, भूपेश उपाध्याय, जिला पंचायत अध्यक्ष शोभा आर्या, विधायक पार्वती दास, विधायक सुरेश गडिया, पालिकाध्यक्ष सुरेश खेतवाल, अपर जिलाधिकारी एनएस नबियाल, एसडीएम प्रियंका रानी, ललित मोहन तिवारी सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

बागेश्वर से सीएम धामी का सख्त निर्देश, जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर पात्रों तक पहुँचे, लापरवाही बर्दाश्त नहीं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज कलेक्ट्रेट सभागार बागेश्वर में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर विभिन्न विभागों—लोक निर्माण विभाग, शिक्षा, पीएमजीएसवाई, जल संस्थान, विद्युत, महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण, कृषि एवं उद्यान—की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि केंद्र व राज्य सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ पात्र व्यक्तियों तक समयबद्ध रूप से पहुँचना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी विभाग में लापरवाही या विलंब स्वीकार्य नहीं होगा। सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य एवं शिक्षा जैसी बुनियादी सेवाएँ निरंतर सुचारू रहें और जनसमस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि बागेश्वर में पर्यटन, प्राकृतिक संसाधन, सांस्कृतिक धरोहर और कृषि आधारित आर्थिक गतिविधियों के विकास की अपार संभावनाएँ हैं। उन्होंने साहसिक पर्यटन के नए स्थलों की पहचान करने और विंटर टूरिज्म को बढ़ावा देने हेतु विशेष कार्ययोजना बनाने को कहा। उन्होंने बताया कि जनपद में प्रमुख सड़कों के चौड़ीकरण और हेली सेवाओं के विस्तार पर तेजी से कार्य हो रहा है, जिससे पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।

कृषि एवं उद्यान विभाग को लाल चावल, अदरक, हल्दी जैसी स्थानीय फसलों के लिए मजबूत बाज़ार उपलब्ध कराने, शहद उत्पादन को मिशन मोड में बढ़ाने तथा एप्पल-कीवी जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों को आधुनिक तकनीक व मार्केट लिंक से जोड़ने के निर्देश दिए गए।

समाज कल्याण विभाग को जागरूकता शिविरों के माध्यम से अधिक से अधिक लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब पेंशन राशि प्रत्येक माह की 05 तारीख को समय पर खातों में भेजी जा रही है, जबकि पहले इसमें तीन माह तक लग जाते थे।

मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों से कहा कि लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान, लंबित प्रकरणों का निस्तारण और लगातार जनसेवा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि कोई भी कार्य लंबित न रहे और आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे सहित सभी विभागाध्यक्षों ने मुख्यमंत्री को जनपद में संचालित प्रमुख विकास योजनाओं, उपलब्धियों एवं प्रगति का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया ।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक प्राप्त ताइक्वांडो खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे खिलाड़ी प्रदेश का गौरव बढ़ाते हैं और युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।

इस दौरान विधायक सुरेश गढ़िया एवं पार्वती दास तथा अन्य जनप्रतिनिधि एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

जनसंवाद में सीएम बोले, प्रतिभागियों के सुझाव राज्य की नीतियों में होंगे शामिल, विकास यात्रा में जनता की सहभागिता बेहद महत्वपूर्ण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने दो दिवसीय जनपद भ्रमण के प्रथम दिन गरुड़–बैजनाथ में आयोजित संवाद कार्यक्रम में प्रबुद्ध जनों, राज्य आंदोलनकारियों, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं तथा विभिन्न एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों से विस्तृत विचार-विमर्श किया।

मुख्यमंत्री ने प्रतिभागियों के सुझावों को राज्य के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए आश्वस्त किया कि इन्हें आगामी योजनाओं और नीतियों में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभिन्न संगठन और एसोसिएशन समाज को नई दिशा देने वाले हैं और सरकार व जनता के बीच सशक्त सेतु का कार्य कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार निरंतर रोजगार सृजन पर कार्य कर रही है।

एसएचजी की पहल की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में लाखों बहनें ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं और उनके उत्पादों की मांग देश-विदेश में बढ़ रही है। उन्होंने मातृशक्ति द्वारा विपरीत परिस्थितियों में किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा की।

मुख्यमंत्री ने एप्पल मिशन में सब्सिडी, होमस्टे योजना, कीवी एवं एप्पल मिशन की प्रगति को संतोषजनक बताते हुए कहा कि ये योजनाएँ रोजगार व स्वरोजगार सृजन में बड़ी भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक जनपद के प्रमुख स्थान हेली सेवा से जोड़े जाएँ तथा स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाया जाए।

उन्होंने इकोलॉजी–इकोनॉमी–टेक्नोलॉजी के समन्वय को राज्य के विकास की गति बढ़ाने का आधार बताया और विश्वास व्यक्त किया कि आने वाला दशक उत्तराखंड का होगा, जिसमें मातृशक्ति की भूमिका निर्णायक रहेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा उत्तराखंड की वेशभूषा और संस्कृति को निरंतर वैश्विक मंच पर प्रोत्साहित किया जा रहा है। मानसखंड–केदारखंड सहित सभी धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार से राज्य में पर्यटन के नए आयाम स्थापित हुए हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने पर्यटक आवास गृह बैजनाथ में आयोजित मंथन एवं संवाद कार्यक्रम में विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों के साथ चर्चा की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के मार्गदर्शन में प्रदेश विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में तीव्र गति से कार्य कर रहा है।

इस दौरान विधायक सुरेश गढ़िया एवं पार्वती दास, डीएम आकांक्षा कौंडे तथा समस्त जनप्रतिनिधि एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे |

उत्तराखंड के श्रद्धालुओं की वर्षों पुरानी मांग पूर्ण, टनकपुर से श्री नांदेड़ साहिब के लिए रेल सेवा शुरू

देवभूमि उत्तराखंड और सिख समुदाय की भावनाओं का सम्मान करते हुए केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक एवं अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। टनकपुर (उत्तराखंड) से तख्त श्री नांदेड़ साहिब (महाराष्ट्र) तक नई रेल सेवा की शुरुआत को स्वीकृति प्रदान की गई है। इस निर्णय से अब देश के प्रमुख पवित्र स्थलों में से एक नांदेड़ साहिब की यात्रा उत्तराखंड के हजारों श्रद्धालुओं के लिए और अधिक सुगम, सुरक्षित एवं सुविधाजनक हो सकेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस महत्वूपर्ण निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव जी का हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह कदम न केवल उत्तराखंड के सिख समुदाय और श्रद्धालुओं की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करता है, बल्कि प्रदेश के धार्मिक पर्यटन को भी नई दिशा प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि टनकपुर से चलने वाली इस रेल सेवा से तराई क्षेत्र सहित पूरे उत्तराखंड के श्रद्धालुओं को सीधा लाभ मिलेगा। यह रेल संपर्क सामाजिक एवं सांस्कृतिक एकता को मजबूत करते हुए उत्तराखंड को राष्ट्रव्यापी धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर और सशक्त रूप से स्थापित करेगा।

प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य के सर्वांगीण विकास हेतु सतत प्रयासरत है। नई रेल सुविधा उत्तराखंड की कनेक्टिविटी को और सुदृढ़ करते हुए व्यापार, पर्यटन एवं सांस्कृतिक यात्राओं को भी प्रोत्साहित करेगी।