सीएम ने नैनीताल के कालादूंगी क्षेत्र के विकास को 114 करोड़ से अधिक के 12 विकास कार्यों का लोकार्पण व शिलान्यास किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल जिले के कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र के कोटाबाग में आयोजित दो दिवसीय ‘घोड़ा लाइब्रेरी पहाड़ पच्छयाण महोत्सव’ में प्रतिभाग कर क्षेत्र के विकास हेतु 114 करोड़ से अधिक की लागत के 12 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकसंस्कृति, पुस्तकों और प्रकृति को जोड़ने का घोड़ा लाइब्रेरी का प्रयास अत्यंत सराहनीय है। यह पर्वतीय व दुर्गम क्षेत्रों के बच्चों में पुस्तक संस्कृति विकसित करने और शिक्षा को दूरस्थ छोर तक पहुँचाने का अद्वितीय उपक्रम है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘मन की बात’ में भी सराहा गया है।

मुख्यमंत्री ने लाइब्रेरी की युवा टीम एवं इसके प्रेरक शुभम बधानी को बधाई देते हुए कहा कि यह पहल केवल पुस्तकें पहुँचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के सपनों को उड़ान देने का माध्यम बन रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि पुस्तकों को केवल परीक्षा तक सीमित न रखें, उन्हें अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं, वे हमारी सच्ची मित्र और मार्गदर्शक हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखंड विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। शहरों से लेकर दूरस्थ गांवों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। साथ ही, राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिये राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मानसखंड के पौराणिक मंदिरों-नैनीदेवी, कैंचीधाम, हनुमानगढ़ी व मुक्तेश्वर धाम-का पुनरुत्थान का कार्य तेजी से चल रहा है। इसी क्रम में कोटाबाग के तोक भटकानी स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर का जीर्णाेद्धार व सौंदर्यीकरण कार्य भी संपन्न हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने हेतु नई शिक्षा नीति लागू की गई है। सभी सरकारी विद्यालयों में एनसीईआरटी पुस्तकों को लागू किया गया है, तथा कक्षा 1 से 12 तक निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रदेश में 226 विद्यालय ‘पीएम श्री विद्यालय’ के रूप में विकसित किए जा रहे हैं, जबकि 500 विद्यालयों में वर्चुअल कक्षाएँ संचालित हैं। उन्होंने बताया कि व्यावसायिक शिक्षा से 42 हजार विद्यार्थी लाभान्वित हुए हैं और छात्रों को नकलमुक्त वातावरण देने हेतु देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियाँ मिली हैं तथा संघ लोक सेवा आयोग, एनडीए, सीडीएस आदि की परीक्षाएँ पास करने वाले अभ्यर्थियों को साक्षात्कार की तैयारी हेतु ₹50,000 की सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी भाषाओं जैसी स्थानीय भाषाओं के संरक्षण हेतु राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा महिला समूहों और किसानों से संवाद किया। उन्होंने कोटाबाग के आंवलाकोट स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना भी की।

इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट, विधायक बंशीधर भगत, सरिता आर्या, दीवान सिंह बिष्ट, मोहन सिंह बिष्ट, मेयर हल्द्वानी नगर निगम गजराज बिष्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, जिला अधिकारी ललित मोहन रयाल , वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

सीएम ने नैनीताल में मन की बात का 129वाँ एपिसोड देखा व सुना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल जनपद के पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज, कोटाबाग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “मन की बात” कार्यक्रम के 129 वें एपिसोड को आम जन एवं विद्यार्थियों के साथ सुना।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का “मन की बात” देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। प्रधानमंत्री द्वारा साझा किए गए विचार हर नागरिक में राष्ट्र निर्माण की भावना को सुदृढ़ करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि “मन की बात” के माध्यम से देश के कोने-कोने से जनसामान्य की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होती है और अनेक उत्कृष्ट कार्यों से देश प्रेरणा लेता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम से समाज सेवा, नवाचार, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तीकरण और युवाओं की सकारात्मक भूमिका जैसे विषयों पर गहरा प्रभाव पड़ा है। मुख्यमंत्री ने उपस्थित छात्र-छात्राओं से भी इस कार्यक्रम की सीखों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

अवसर पर सांसद नैनीताल उधमसिंह नगर संसदीय क्षेत्र अजय भट्ट, विधायक कालाढूंगी बंशीधर भगत, नैनीताल सरिता आर्या रामनगर दीवान सिंह बिष्ट, लालकुआं मोहन सिंह बिष्ट, मेयर हल्द्वानी नगर निगम गजराज सिंह बिष्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, अन्य जनप्रतिनिधिगण मौजूद रहे।

किसी भी व्यक्ति के पास अंकिता भंडारी प्रकरण से संबंध में कोई प्रामाणिक जानकारी या साक्ष्य उपलब्ध हों, तो वे जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराए: पुलिस

अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. वी. मुरुगेशन ने अंकिता भंडारी हत्याकांड से संबंधित सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे भ्रामक एवं तथ्यहीन विवादों के संबंध में स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि यह एक अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं संवेदनशील घटना थी, जिसकी जानकारी सरकार को प्राप्त होते ही तत्काल प्रभावी कार्रवाई की गई।

उन्होंने बताया कि प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा तत्काल एक वरिष्ठ महिला आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। घटना में संलिप्त सभी अभियुक्तों को शीघ्र गिरफ्तार किया गया तथा यह सुनिश्चित किया गया कि प्रभावी पैरवी के माध्यम से अभियुक्तों को किसी भी स्तर पर जमानत न मिल सके।

विवेचना एवं ट्रायल की प्रक्रिया के दौरान यह प्रकरण उच्च न्यायालय के समक्ष भी प्रस्तुत हुआ, जहाँ सीबीआई जांच कराए जाने संबंधी याचिका दायर की गई। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा एसआईटी जांच को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं विधिसम्मत मानते हुए सीबीआई जांच की आवश्यकता से इनकार किया गया तथा याचिका को खारिज कर दिया गया।

इसके पश्चात यह मामला उच्चतम न्यायालय में भी प्रस्तुत किया गया, जहाँ सर्वोच्च न्यायालय द्वारा भी विवेचना की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त करते हुए सीबीआई जांच की याचिका को निरस्त कर दिया गया।

एसआईटी द्वारा की गई विस्तृत विवेचना के उपरांत निचली अदालत में सुनवाई हुई, जिसमें दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। वर्तमान में यह मामला माननीय उच्च न्यायालय में विचाराधीन है।

हाल ही में इस प्रकरण से संबंधित कुछ ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जा रहे हैं। इस संबंध में पुलिस द्वारा दो प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की गई हैं, जिनकी विवेचना प्रचलित है। विवेचना के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विधि सम्मत एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

एडीजी कानून एवं व्यवस्था ने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी व्यक्ति के पास इस प्रकरण से संबंधित कोई तथ्य, साक्ष्य या महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध थी, तो उसे विवेचना के दौरान एसआईटी के समक्ष प्रस्तुत किया जा सकता था। यही एक जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य भी है। उस समय भी पुलिस द्वारा सार्वजनिक रूप से अपील की गई थी कि यदि किसी के पास इस प्रकरण से संबंधित कोई भी जानकारी, तथ्य अथवा साक्ष्य उपलब्ध हों, तो वे जांच एजेंसियों के साथ साझा करें।

उन्होंने पुनः अपील करते हुए कहा कि वर्तमान में दर्ज प्रकरणों की विवेचना जारी है और यदि किसी भी व्यक्ति के पास इस संबंध में कोई प्रामाणिक जानकारी या साक्ष्य उपलब्ध हों, तो वे जांच एजेंसियों को उपलब्ध करा सकते हैं।

डॉ. मुरुगेशन ने कहा कि यह प्रकरण अत्यंत गंभीर प्रकृति का है तथा राज्य सरकार की स्पष्ट मंशा है कि इसकी निष्पक्ष, पारदर्शी एवं पूर्ण जांच सुनिश्चित की जाए। सरकार और पुलिस प्रशासन इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतेंगे और कानून के अनुरूप कठोर कार्रवाई की जाएगी।

सीएम धामी ने नैनीताल में 13 विकास कार्यों का किया लोकार्पण व शिलान्यास

लोकार्पण योजनाओं में – 29 करोड़ 16 लाख की लागत से सूखाताल झील को रिचार्जिंग जोन एवं टूरिस्ट डेस्टिनेशन प्वाइंट के रूप में विकसित किया गया जिसके अंतर्गत सूखाताल झील का संवर्धन एवं सौंदर्यीकरण का कार्य कराया गया। योजना अंतर्गत स्थल पर दो झीलों का निर्माण व उनके मध्य डक्ट का निर्माण , झील में पानी की शुद्धता हेतु एयरेशन प्लांट की स्थापना, 9 दुकानों का निर्माण, शौचालय ब्लॉक का निर्माण व विकसित स्थल पर प्रवेश हेतु मुख्य मार्ग से लगते हुए लिफ्ट एवं ट्रांजिट भवन का निर्माण एवं झील के चारों तरफ पैदल पथ का निर्माण कराया गया।

इसके अतिरिक्त 1 करोड़ 50 लाख रूपये की लागत से हल्द्वानी में जिला खनिज न्यास योजना अंतर्गत स्वीकृत कालाढूंगी रोड स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज हल्द्वानी में पुस्तकालय के संरचनात्मक दृढ़ता एवं पुनरुद्धार का कार्य कराया गया।

*इस दौरान मुख्यमंत्री द्वारा जिले के विभिन्न क्षेत्रों के विकास हेतु कुल 11 योजनाओं का शिलान्यास भी किया*

जिसमें
* *9 करोड़ 63 लाख 9 हजार रूपये* की लागत से जनपद नैनीताल के विधानसभा क्षेत्र नैनीताल के विकासखंड बेतालघाट में दूनीखाल से रातीघाट पाडली मोटर मार्ग के किलोमीटर 11 में 74.15 मीटर स्थान के प्री स्ट्रेस सेतु (मोटर पुल) का निर्माण किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में सुगम आवागमन, आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ ही क्षेत्र की सामाजिक आर्थिकी में सुधार आएगा।

* नैनीताल जिला मुख्यालय में *34 करोड़ 3 लाख 13 हजार* रुपये की लागत से नेशनल होटल तल्लीताल में प्राधिकरण की कार पार्किंग से लगती नगर पालिका की भूमि पर ऑटोमेटेड मैकेनाइज्ड मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण किया जाएगा, जिसमें 202 चार पहिया एवं 96 दो पहिया वाहनों हेतु पार्किंग का निर्माण किया जाएगा। पार्किंग निर्माण से जन सामान्य में पर्यटकों को पार्किंग सुविधा का लाभ मिलेगा

* रामनगर में *38 करोड़ 57 लाख 64 हजार* रुपए की लागत से माननीय मुख्यमंत्री की घोषणा रामनगर पुरानी तहसील की खाली भूमि पर बहु मंजिला पार्किंग निर्माण किया जाएगा। पार्किंग स्थल पर 343 वाहनों हेतु पार्किंग सुविधा एवं 16 दुकानों का निर्माण कार्य किया जाएगा जिससे क्षेत्र वासियों एवं पर्यटकों को वाहन पार्किंग की सुविधा मिलेगी।
* रामनगर में *10 लाख 29 हजार* की धनराशि से जिला खनन न्यास निधि के अंतर्गत विकासखंड रामनगर के पेयजल से जुड़े राजकीय नलकूपों से 62 आर0जी0 ग्राम शंकरपुर में एक सर्वो वोल्टेज स्टेबलाइजर की स्थापना की जाएगी जिससे क्षेत्र में लो वोल्टेज की समस्या का समाधान होगा।

* रामनगर में *10 लाख 29 हजार* रुपये की लागत से जिला खनन न्यास निधि के अंतर्गत विकासखंड रामनगर के पेयजल से जुड़े राजकीय नलकूपों से 17 आर0जी0 ग्राम जोगीपुरा में एक सर्वो वोल्टेज स्टेबलाइजर की स्थापना की जाएगी जिससे क्षेत्र में लो वोल्टेज की समस्या का समाधान होगा।

* जनपद नैनीताल के विकासखंड बेतालघाट में *60 लाख 57 हजार* रुपये की लागत से ग्राम अमेल में नलकूप के स्थान 1 लिफ्ट सिंचाई योजना का निर्माण किया जाएगा, जिससे किसानों की सिंचाई का समाधान होगा।
* विधानसभा हल्द्वानी में *61 लाख 23 हजार* रुपए की लागत से चार विद्यालयों की मरम्मत एवं निर्माण का कार्य किया जाएगा। जिससे छात्र-छात्राओं को अधिक सुरक्षित व स्वच्छ माहौल एवं पठन-पाठन में सुविधा मिलेगी।
* विधानसभा लालकुआं अंतर्गत *4 करोड़ 4 लाख 33 हजार* रुपए की लागत से 14 विद्यालयों एवं 1 आंगनबाड़ी केंद्र की मरम्मत एवं निर्माण का कार्य किया जाएगा, जिससे छात्र-छात्राओं को बेहतर पठन पाठन व सुविधा का लाभ मिलेगा।

* विधानसभा कालाढूंगी में *2 करोड़ 8 लाख 85 हजार* की लागत से पांच विद्यालयों, एक सड़क निर्माण, एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा एक उपकेंद्र के मरम्मत व निर्माण के कार्य किए जाएंगे।
* विधानसभा रामनगर के अंतर्गत *78 लाख 22 हजार* की लागत से 4 विद्यालयों में मरम्मत व निर्माण के कार्य किए जाएंगे।
* जिले के गोला नदी के दानीजाला में *28 लाख ब्याज 82 हजार* रुपए की लागत से रिवर क्रॉसिंग केबल का निर्माण कार्य कराया जाएगा। जिससे स्थानीय लोगों को लाभ मिलेगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सभी विकास कार्य जनपद नैनीताल के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने,पर्यटन सुविधाओं को बढ़ाने,जनोपयोगी विकास कार्यों को आगे बढ़ाने तथा रोजगार के नए अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राज्य में निरंतर आधारभूत जनसुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ करने,अंतिम छोर में खड़े व्यक्ति को सरकारी योजनाओं का लाभ प्रदान करने हेतु निरंतर संकल्पबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार राज्य के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।ताकि आम जनता को इसका सीधा लाभ मिल सके।उन्होंने कहा कि आज जिन योजनाओं का शिलान्यास हुवा है यह सभी कार्य समय बद्धता एवं गुणवत्ता युक्त हों इसका विशेष ध्यान रखा जाय।
इस अवसर पर विधायक नैनीताल सरिता आर्या,भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट,उत्तराखंड सरकार में दायित्व धारी डॉ अनिल कपूर डब्बू, दिनेश आर्या, नवीन वर्मा,मंडी परिषद के सलाहकार सदस्य मनोज जोशी, आयुक्त कुमाऊँ व सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ मंजूनाथ टी सी सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि आदि मौजूद रहे।

शीतकालीन पर्यटन आत्मनिर्भर उत्तराखंड की मजबूत नींव: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पर्यटन नगरी नैनीताल में आयोजित विंटर कार्निवाल में प्रतिभाग किया। उन्होंने शीतकालीन पर्यटन को जन आंदोलन बनाने और उत्तराखंड को समृद्ध एवं आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग का आह्वान करते हुए कहा कि शीतकालीन पर्यटन आत्मनिर्भर उत्तराखंड की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि नैनीताल कार्निवाल उत्तराखंड की आस्था, संस्कृति, परंपरा और स्वाभिमान का उत्सव होने के साथ-साथ “विकास भी–विरासत भी” की सोच को साकार करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शीतकालीन यात्रा के आह्वान से राज्य के सभी पर्यटन क्षेत्रों में शीतकालीन पर्यटन को लेकर अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। युवा ट्रेकिंग गाइड, होम-स्टे, होटल एवं पर्यटन से जुड़े अन्य कार्यों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रहे हैं और इन क्षेत्रों में पलायन में कमी आई है। उन्होंने कहा कि शीतकालीन पर्यटन से लोक कलाकारों, हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजनों और स्थानीय उत्पादों को नया बाजार मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों, कानून व्यवस्था और पारदर्शिता को भी सशक्त बना रही है। समान नागरिक संहिता, नकल विरोधी कानून, सख्त भू-कानून और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति से उत्तराखंड देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान बना रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि
*नैनीताल में आयोजित विंटर कार्निवाल से क्षेत्र में बढ़ते पर्यटन विकास को और अधिक गति मिलेगी।* उन्होंने नैनीताल विंटर कार्निवाल की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह शीतकालीन कार्निवाल कई मायनों में विशेष है क्योंकि आज हम जहां एक ओर नैनीताल में इस भव्य विंटर कार्निवाल के लिए एकत्रित हुए हैं वहीं नैनीताल के समग्र विकास के लिए सैंकड़ों करोड़ रुपए की परियोजनाओं को भी जनता को समर्पित किया है। आज का यह दिन इसलिए भी अत्यंत विशेष है क्योंकि आज हमारे पृथक राज्य निर्माण के स्वप्न को साकार करने वाले भारतीय राजनीति के अजातशत्रु पूर्व प्रधानमंत्री व भारत रत्न स्व अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म जयंती भी है, इस अवसर पर समस्त प्रदेश वासियों की ओर से श्रद्धेय अटल बिहारी बाजपेयी जी को कोटि कोटि नमन करते हुए उन्हें भावांजलि अर्पित करता हूं।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर नैनीताल जनपद के अंतर्गत 121 करोड़ रुपये से अधिक की लागत की 13 महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास का भी जिक्र करते हुए कहा कि नैनीताल जिला निरंतर विकास की ओर अग्रसर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी के लिए अत्यंत प्रसन्नता का विषय है कि नैनीताल की पावन भूमि पर सात वर्षों के लंबे अंतराल के बाद शीतकालीन कार्निवल का आयोजन इतने भव्य रूप में किया जा रहा है। इस शीतकालीन कार्निवल के माध्यम से जहां एक ओर यहां आने वाले लोगों को हमारी समृद्ध संस्कृति, परम्पराओं और प्राकृतिक सुंदरता को नजदीक से अनुभव करने का अवसर प्राप्त हो रहा है। वहीं पर्यटक हमारी लोक संस्कृति, कारीगरी और पारंपरिक स्वाद से भी परिचित हो रहे हैं।

इस महोत्सव के दौरान जहाँ एक ओर प्रतिदिन अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रमों में देश और राज्य के कई प्रख्यात कलाकारों द्वारा अपनी प्रस्तुतियाँ दी गई,वहीं, बोट रेस, सांस्कृतिक झांकियो, लाइट एंड साउंड शो तथा मनमोहक बैंड प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन भी हुआ। इस कार्निवाल में पर्यटकों के लिए प्रकृति भ्रमण, ट्रेकिंग, एस्ट्रो टूरिज़्म तथा आर्टिफ़िशियल रॉक क्लाइंबिंग जैसी गतिविधियों का भी आयोजन किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विंटर कार्निवल न केवल हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लोक कलाओं को प्रस्तुत करने का एक उत्कृष्ट मंच सिद्ध होगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के संकल्प के साथ-साथ राज्य में तीर्थाटन और पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए भी संकल्पित होकर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार केदारखंड की भांति ही मानसखंड के पौराणिक मंदिरों के पुनरुत्थान एवं सौंदर्यीकरण की दिशा में भी योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। सिद्धपीठ नैनादेवी मंदिर के साथ-साथ कैंची धाम, तल्लीताल में हनुमानगढ़ी और मुक्तेश्वर धाम सहित क्षेत्र के विभिन्न पौराणिक मंदिरों का भी विकास किया जा रहा है। आज एक ओर जहां प्रदेश में धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ वेलनेस टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म, फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन और वेडिंग डेस्टिनेशन के क्षेत्रों का विकास किया जा रहा है, वहीं राज्य में साहसिक पर्यटन जैसे ट्रेकिंग, रिवर राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग, स्कीइंग और माउंटेनियरिंग को भी बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बारहों महीने पर्यटन की निरंतरता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से “शीतकालीन यात्रा” की शुरुआत भी की है। इतना ही नहीं, सरकार प्रदेश में आयुर्वेदिक एवं प्राकृतिक चिकित्सा, योग और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों में एक-एक ”स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन” की स्थापना भी करने जा रहे है।
इसके साथ ही सरकार अपने पारंपरिक मेलों, उत्सवों और लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन फेस्टिवल’ के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नैनीताल का विंटर कार्निवल भी शीतकाल के दौरान पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ हमारी लोक संस्कृति, कला और पारंपरिक विरासत को प्रदर्शित करने का उत्कृष्ट मंच रहा।

मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों से अपील की, कि जिस प्रकार पूर्व में नवरात्रों के अवसर पर नैनीताल में शरदोत्सव तथा ओटम फेस्टिवल का आयोजन किया जाता था।
हमें ऐसे आयोजनों को पुनः शुरू करना चाहिए, ताकि क्षेत्र में सांस्कृतिक गतिविधियों और पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पहाड़ों से हो रहे पलायन को रोकने तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में जहॉं एक ओर *एक जनपद, दो उत्पाद* योजना के माध्यम से स्थानीय आजीविका के अवसरों को बढ़ावा दिया है, वहीं *हाउस ऑफ हिमालयाज* ब्रांड ने स्थानीय उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाने का काम किया है। इसके साथ ही राज्य में ‘स्टेट मिलेट मिशन’, ‘फार्म मशीनरी बैंक’, ‘एप्पल मिशन’, ‘नई पर्यटन नीति’, ‘नई फिल्म नीति’, ‘होम स्टे’, और ‘वेड इन उत्तराखंड’ जैसी योजनाओं के माध्यम से अपनी स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने का कार्य भी राज्य में किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जिले में सैकड़ों की संख्या में होम स्टे संचालित हो रहे हैं, जिनके माध्यम से स्थानीय लोगों को रोज़गार और स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं। इन्हीं प्रयासों के परिणामस्वरूप, आज उत्तराखंड राज्य विभिन्न चुनौतियों के बावजूद भी अनेकों क्षेत्रों में नए-नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है, इसी क्रम में उत्तराखंड राज्य ने पलायन निवारण आयोग की सर्वे रिपोर्ट में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की है। इसके साथ ही राज्य को पर्यटन क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए Best Wildlife तथा Best Adventure Destination जैसे राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हुए हैं।
इसके साथ ही सतत पर्यटन के लिए World Responsible Tourism Award में “One to Watch” पुरस्कार भी प्राप्त हुआ है। वहीं केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की ओर से राज्य के चार गांवों जखोल, हर्षिल, गूंजी और सूपी को “सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम पुरस्कार” से भी सम्मानित किया गया है।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार, राज्य के समग्र विकास के साथ-साथ अपने सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने हेतु भी पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध है, इसलिए सरकार ने देवभूमि के देवत्व की रक्षा के लिए अनेकों कठोर निर्णय लिए हैं। सरकार ने सुनियोजित लैंड जिहाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए अभी तक 10 हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि को कब्जा मुक्त कराया है। राज्य में अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए 500 से अधिक अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया है,और आगे भी इस अभियान को जारी रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में एक सख्त भू-कानून भी लागू कर दिया है, जिससे राज्य के मूल स्वरूप के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। इसके साथ ही राज्य में सख्त दंगारोधी कानून लागू कर दंगा फैलाने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई की जा रही है। प्रदेश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता कानून लागू कर सभी धर्मों के नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू किया,जिससे बहुविवाह, हलाला जैसी कुकृत्यों से महिलाओं को आजादी मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने जहां एक ओर राज्य में नकल माफियाओं पर अंकुश लगाने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है वहीं भ्रष्टाचार को जड़ से समाप्त करने के लिए कड़ी कार्रवाई भी सुनिश्चित की है। जिसके माध्यम से पिछले साढ़े 4 वर्षों में राज्य के 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्राप्त हुई है, वहीं, 100 से अधिक नकल माफियाओं को सलाखों के पीछे भी पहुंचाया गया है। राज्य में भ्रष्टाचार करने वाले आईएएस और पीसीएस स्तर के अधिकारियों सहित 200 से अधिक लोगों पर सख्त कार्रवाई कर प्रशासन को पारदर्शी बनाने का प्रयास भी किया है।

इस अवसर पर अपने संबोधन के माध्यम से मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के “स्वदेशी अपनाओ देश को मजबूत बनाओ’’ के मंत्र को आत्मसात करते हुए अधिक से अधिक स्वदेशी उत्पादों का प्रयोग करने की अपील उपस्थित जनता से की। उन्होंने कहा कि *हम स्वदेशी वस्तुओं को प्राथमिकता देंगे, तो हमारा ये कदम न केवल हमारे कारीगरों, किसानों और उद्यमियों को सशक्त बनाएगा, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी मजबूती प्रदान करेगा।*

इस दौरान मुख्यमंत्री द्वारा उत्तराखंड के लोक कलाकारों द्वारा प्रस्तुत की गई विभिन्न प्रस्तुतियों का भी आनंद लिया गया।

इस अवसर पर विधायक नैनीताल सरिता आर्या, विधायक कालाढूंगी बंशीधर भगत, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रताप बिष्ट, उत्तराखंड सरकार में दायित्वधारी डॉ अनिल कपूर डब्बू, सुरेश भट्ट, दिनेश आर्या,शांति मेहरा नवीन वर्मा,आयुक्त कुमाऊं व सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत, जिला अधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ मंजूनाथ टीसी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि,देश के विभिन्न राज्यों से आए पर्यटक, क्षेत्रीय जनता आदि उपस्थित रही।

मुख्यमंत्री ने कुमाऊं रेजिमेंट में सैनिकों एवं अग्निवीरों के साथ संवाद कर किया उत्साहवर्धन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुमाऊं रेजीमेंट केंद्र, रानीखेत पहुंचकर अमर बलिदानियों को पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सैनिकों एवं अग्निवीरों के साथ संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री ने केंद्र में प्रशिक्षण की व्यवस्थाओं, आधुनिक हथियारों एवं वीर नारियों के कल्याण की गतिविधियों का अवलोकन भी किया।

कुमाऊं रेजीमेंट मुख्यालय के अपने भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सैन्य अधिकारियों एवं सैनिकों के परिवारजनों से भी भेंट की। सैनिकों एवं अग्निवीरों के संवाद के दौरान मुख्यमंत्री के कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में भारतीय सेना पहले से अधिक सशक्त, सक्षम और आत्मनिर्भर बनी है।

आज हमारी सेना दुश्मनों की गोलियों का जवाब गोलों से देकर देश की सीमाओं की मजबूती से रक्षा कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पूर्व सैनिकों, उनके परिवारों तथा अमर बलिदानियों के आश्रितों के सम्मान और कल्याण के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। राज्य में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, पेंशन एवं आर्थिक सहायता सुनिश्चित की जा रही है, ताकि वीर परिवारों को हर स्तर पर सम्मान, सुरक्षा और संबल मिल सके।

सीएम ने मुख्यसेवक के स्टाल पर बैठकर सुनी जनसमस्याएं, दिए त्वरित समाधान के निर्देश

प्रशासन गाँव की ओर अभियान के अंतर्गत विकासखंड ताड़ीखेत की न्याय पंचायत जैनोली में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में मुख्यमंत्री ने स्वयं प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शिविर में लगाए गए सभी विभागों के स्टालों का एक-एक कर निरीक्षण किया तथा मुख्यसेवक के स्टाल पर बैठकर आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुना।

मुख्यमंत्री ने शिविर में उपस्थित नागरिकों से सीधे संवाद स्थापित करते हुए प्राप्त शिकायतों पर एक-एक कर चर्चा की और संबंधित विभागीय अधिकारियों को त्वरित एवं समयबद्ध समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन शिविरों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी सेवाएं आमजन को उनके द्वार पर उपलब्ध हों, ताकि उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से दौड़-भाग न करनी पड़े। अधिकारी स्वयं गांव में आकर जनता के कार्य करेंगे और उनकी परेशानियों का समाधान करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के सभी विभाग एक ही मंच पर जनता के द्वार पर उपस्थित हैं और आमजन को इस सुविधा का अधिकतम लाभ उठाना चाहिए। यह कार्यक्रम विशेष रूप से जनता की सुविधा के लिए आयोजित किए जा रहे हैं।

शिविर के दौरान पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज जैनोली के जर्जर भवन को लेकर प्राप्त शिकायत पर मुख्यमंत्री ने विद्यालय भवन के जीर्णोद्धार की घोषणा की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन गाँव की ओर अभियान शासन और जनता के बीच संवाद, विश्वास और सहभागिता को सशक्त करने की दिशा में एक प्रभावी पहल है, जिससे जनसमस्याओं का समाधान त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी रूप से किया जा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान विधायक रानीखेत प्रमोद नैनवाल, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, मुख्य विकास अधिकारी रामजीशरण शर्मा, जॉइंट मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

सीएम ने ताड़ीखेत में किया 77.25 करोड़ रुपये की 32 विकास योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के तहत अल्मोड़ा जिले के ताड़ीखेत में आयोजित बहुद्देश्यीय शिविर में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय जनता से संवाद करने के साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल का निरीक्षण भी किया। इस शिविर में पात्र लोगों को सरकार की अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करने के साथ ही जनसमस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया गया ।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा जिले की लगभग 77.25 करोड़ रुपये की लागत की 32 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। जिसमें रू. 47.85 करोड़ की लागत की 9 योजनाओं का शिलान्यास तथा रू. 29.40 करोड़ की लागत की 23 योजनाओं का लोकार्पण शामिल है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने रानीखेत विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए भी अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं की।
मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं में विकासखण्ड भिकियासैंण में गगास नदी तथा रामगंगा नदी पर तटबन्ध निर्माण एवं पैदल पथ के नव निर्माण कराने सहित देवलीखेत, चौनलिया, खिरखेत एवं भुजान स्थित राजकीय इंटर कॉलेजों में मिनी स्टेडियमों का निर्माण कराने, सनणा सिंचाई लिफ्टिंग योजना का उच्चीकरण करने, रानीखेत में एनसीसी ग्राउंड/स्टेडियम के निर्माण हेतु एक करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत करने, रानीखेत स्थित रानीझील के विस्तारीकरण एवं सौंदर्यीकरण का कार्य कराने, रानीखेत विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत हैलीपैड निर्माण कराने की घोषणा सम्मिलित हैं।
शिविर में हजारों की संख्या में उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि प्रशासन से जुड़े सभी कार्य और सेवाएँ जनता को उनके ही क्षेत्र में सुलभ कराने हेतु सरकार निरंतर प्रयासरत है। इसके लिए सरकार की अधिकांश सेवाओं को ऑनलाइन करने के साथ ही समय-समय पर बहुउद्देशीय शिविरों का आयोजन कर जनता की समस्याओं को मौके पर ही त्वरित समाधान भी सुनिश्चित कराया जा रहा है। सरकार ने “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान शुरू कर शासन-प्रशासन को सीधे आमजन के बीच ले जाने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने अभियान के तहत न्याय पंचायत स्तर पर आयोजित शिविरों का अधिकाधिक लाभ उठाने का आह्वान करते हुए कहा कि वे अपनी समस्याओं और सुझावों को निःसंकोच साझा करें, ताकि शासन-प्रशासन उन्हें शीघ्र और प्रभावी ढंग से सुलझा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में उत्तराखंड विकास और समृद्धि के नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। सुदूर पर्वतीय गांवों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल सहित सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है। सरकार देवभूमि उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी निरंतर कार्य कर रही है। मानसखंड के पौराणिक मंदिरों के भी पुनरुत्थान एवं सौंदर्यीकरण हेतु संकल्पित होकर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड के आध्यात्मिकता एवं पावनता को संरक्षित रखने के लिए सरकार पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहाड़ों से पलायन को रोकने तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु ठोस कार्य किए जा रहे हैं। इन्हीं प्रतिबद्ध प्रयासों के परिणामस्वरूप प्रदेश विभिन्न क्षेत्रों में नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। पलायन निवारण आयोग की सर्वे रिपोर्ट में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने राज्य में मातृशक्ति के कल्याण के लिए भी समर्पित होकर कार्य कर रही है। हर क्षेत्र में की महिलाओं की अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित कर सरकारी सेवाओं में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण लागू किया है। अनेक योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु कारगर कदम उठाए गए हैं। राज्य की 1 लाख 68 हजार से अधिक बहनों ने “लखपति दीदी’’ बनकर महिला सशक्तिकरण की दिशा में नया इतिहास रचा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रानीखेत विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए भी अनेक महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का संचालन किया जा रहा है। क्षेत्र में शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 17 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से भवानी देवी पेयजल योजना तथा 5 करोड़ रुपये की लागत से भतरौजखान रामगंगा पम्पिंग पेयजल योजना का निर्माण कार्य कराया जा रहा है।

इस अवसर पर केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टमटा, क्षेत्रीय विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल, दायित्वधारी कैलाश पंत, अनिल शाही, ब्लॉक प्रमुख बबली मेहरा, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र पींचा, मुख्य विकास अधिकारी रामजीशरण शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष घनश्याम भट्ट भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने अल्मोड़ा में किया सांसद खेल महोत्सव का शुभारंभ, की अनेक घोषणाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अल्मोड़ा में सांसद खेल महोत्सव का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने फुटबॉल और बैडमिंटन प्रतियोगिता का उद्घाटन किया तथा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी एकता बिष्ट और खेल प्रशिक्षकों को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि जनपद अल्मोड़ा में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जी.आई.सी. ग्राउंड में हॉकी एवं फुटबॉल के लिए दिन एवं रात्रि उपयोग हेतु बहुउद्देशीय आर्टिफिशियल टर्फ मैदान का निर्माण किया जाएगा। नगर निगम क्षेत्र में प्रकाश व्यवस्था को सुदृढ़ करने और स्वच्छ व हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने हेतु 200 सोलर लाइटें उपलब्ध कराई जाएंगी। हेमवती नंदन बहुगुणा स्टेडियम, अल्मोड़ा में 50 बिस्तरों की क्षमता वाला छात्रावास बनाया जाएगा। वहीं, हेमवती नंदन बहुगुणा स्टेडियम का बैडमिंटन कोर्ट अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार पुनर्निर्मित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की युवा शक्ति राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी है, जो अपने परिश्रम, प्रतिभा और संकल्प के बल पर सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के स्वप्न को साकार करने की क्षमता रखती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में युवा शक्ति को राष्ट्र शक्ति मानकर ‘विकसित और आत्मनिर्भर भारत’ के निर्माण की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उनकी प्रेरणा से “फिट युवा फॉर विकसित भारत” की थीम पर आयोजित हो रहा यह “सांसद खेल महोत्सव” केवल एक सामान्य खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने का एक महाभियान है। यह हमारे गाँव-गाँव में छिपी खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने का सशक्त मंच प्रदान करने के साथ ही युवा शक्ति में अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और संघर्षशीलता जैसे गुणों को विकसित करने का प्रभावी माध्यम बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी “खेलो इंडिया” और “फिट इंडिया मूवमेंट” जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से देश में खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा दे रही है। 38वें राष्ट्रीय खेलों के भव्य एवं सफल आयोजन से उत्तराखंड “देवभूमि” के साथ-साथ “खेलभूमि” के रूप में भी स्थापित हुआ है। राष्ट्रीय खेलों में हमारे खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर एक नया इतिहास रचा है। उत्तराखंड अब विश्वस्तरीय “स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर” के मामले में भी देश के प्रमुख राज्यों में गिना जाने लगा है और अब प्रदेश में राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन भी होने लगा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार राज्य में शीघ्र ही एक “स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान” लागू करने जा रही है, जिसके अंतर्गत प्रदेश के आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियों की स्थापना की जाएगी। हल्द्वानी में उत्तराखंड का प्रथम खेल विश्वविद्यालय तथा लोहाघाट में एक महिला स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित करने की दिशा में भी तेज़ी से कार्य किए जा रहे हैं। प्रदेश में खेलों के समग्र विकास और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से नई खेल नीति भी लागू की गई है, जिसके अंतर्गत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता खिलाड़ियों को ‘आउट ऑफ टर्न’ सरकारी नौकरी प्रदान की जा रही है। ‘मुख्यमंत्री खेल विकास निधि’, ‘मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना’, ‘मुख्यमंत्री उदियमान खिलाड़ी योजना’ तथा ‘खेल किट योजना’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य के उभरते युवा खिलाड़ियों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अल्मोड़ा के समग्र विकास के लिए पर्यटन, रोजगार और कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने हेतु भी कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत पिछले चार वर्षों में अल्मोड़ा जनपद में ढाई सौ किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण किया गया है। साथ ही करोड़ों रुपये की लागत से विभिन्न मोटरमार्गों का निर्माण एवं नवीनीकरण भी किया गया है। लगभग 400 करोड़ रुपये की लागत से अल्मोड़ा- पौड़ी गढ़वाल-रुद्रप्रयाग को जोड़ने वाली सड़क का निर्माण कराया गया है। लगभग 922 करोड़ रुपये की लागत से अल्मोड़ा-बागेश्वर सड़क के चौड़ीकरण को भी मंजूरी दी गई है। ‘उड़ान योजना’ के अंतर्गत अल्मोड़ा में पर्यटन को बढ़ावा देने और आवागमन को सुगम बनाने के उद्देश्य से हेली सेवाएं प्रारंभ की गई हैं। फलसीमा में हेलीपोर्ट का निर्माण किया जा रहा है, जो क्षेत्र को बेहतर हवाई सेवाओं से जोड़ते हुए आवागमन को और अधिक सुलभ बनाएगा। क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति को सशक्त बनाने के लिए गगास नदी पर 31.27 करोड़ रुपये की लागत से जलाशय परियोजना का कार्य किया जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए शोभन सिंह जीना मेडिकल इंस्टीट्यूट में 100 नई एमबीबीएस सीटें बढ़ाने के साथ-साथ 36 आईसीयू बेड भी जोड़े गए हैं, जिससे भविष्य में चिकित्सा सुविधाएं और अधिक बेहतर होंगी।

कार्यक्रम के दौरान सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री भारत सरकार अजय टम्टा, मेयर नगर निगम अजय वर्मा, जागेश्वर विधायक मोहन सिंह मेहरा, उपाध्यक्ष महिला उद्यमिता परिषद गंगा बिष्ट, अध्यक्ष जिला पंचायत हेमा गैड़ा, पूर्व विधायक कैलाश शर्मा, पूर्व विधायक रघुनाथ सिंह चौहान, जिलाध्यक्ष भाजपा महेश नयाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

2047 का भारत आज के बच्चों के संकल्प से बनेगा: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज सरस्वती शिशु मंदिर, ताड़ीखेत में अध्ययनरत स्कूली बच्चों से आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर विद्यालय के छात्र-छात्राओं में विशेष उत्साह और प्रसन्नता देखने को मिली। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बच्चों का स्नेहपूर्वक अभिवादन करते हुए कहा कि आप सभी उत्तराखंड और देश का भविष्य हैं।

मुख्यमंत्री ने बच्चों से संवाद करते हुए वर्ष 2047 का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय भारत की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूर्ण होंगे और तब देश की बागडोर आज के बच्चों के हाथों में होगी। उन्होंने कहा कि “विकसित भारत 2047” केवल एक सरकार का नहीं, बल्कि पूरी पीढ़ी का सामूहिक संकल्प है, जिसकी सिद्धि सभी के साझा प्रयासों से ही संभव है।

मुख्यमंत्री ने बच्चों को अनुशासन और समय पालन का महत्व समझाते हुए कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए समय का सदुपयोग और अनुशासित दिनचर्या अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बच्चों से उनके स्कूल आने-जाने की दिनचर्या पर सहज प्रश्न करते हुए संवाद को रोचक बनाया और मुस्कराते हुए अनुशासन को सफलता की कुंजी बताया।

मुख्यमंत्री ने बच्चों को पौष्टिक भोजन एवं अच्छे स्वास्थ्य का महत्व बताते हुए कहा कि आगे बढ़ने के लिए शरीर और मन दोनों का स्वस्थ होना आवश्यक है। उन्होंने बच्चों को संतुलित आहार लेने और नियमित रूप से खेलकूद में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बच्चों को बताया कि आज का दिन विशेष है, क्योंकि आज महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की जयंती है, जिसे राष्ट्रीय गणित दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने शिक्षा को व्यक्ति, समाज और राज्य के सर्वांगीण विकास की सबसे मजबूत नींव बताते हुए बच्चों से खूब पढ़ने, खूब खेलने और आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहाड़ के बच्चे कठिन परिस्थितियों में पलकर संघर्ष करना सीखते हैं, जिससे उनमें आगे बढ़ने की विशेष क्षमता होती है। उन्होंने बच्चों को लक्ष्य निर्धारण, अच्छे नागरिक बनने और अपने कर्तव्यों के निर्वहन का संदेश दिया। साथ ही नशे के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए नशा मुक्त उत्तराखंड के संकल्प को मजबूत करने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने बच्चों से अपनी भाषा, बोली और संस्कृति पर गर्व करने का आह्वान करते हुए कहा कि जो अपनी जड़ों से जुड़ा रहता है, वही ऊँचाइयों तक पहुँचता है। संवाद के अंत में उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 में उत्तराखंड का हर बच्चा देश को दिशा देने वाला नागरिक बनेगा। मुख्यमंत्री ने बच्चों से मेहनत, ईमानदारी और बड़े सपने देखने का संदेश देते हुए कहा कि सरकार सदैव उनके साथ खड़ी है।