सीएम ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के पदक विजेता खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मेजर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित राष्ट्रीय खेल दिवस-2026 के अवसर पर अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, गौलापार, हल्द्वानी में उत्तराखण्ड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय, मानसखण्ड खेल परिसर के प्रथम चरण के ₹43.50 करोड़ के निर्माण कार्यों का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रथम शैक्षणिक सत्र का भी शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पदक विजेता खिलाड़ियों एवं उनके प्रशिक्षकों को सम्मानित एवं पुरस्कृत किया। उन्होंने देवभूमि उत्तराखण्ड खेल रत्न पुरस्कार, द्रोणाचार्य पुरस्कार, लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार एवं हिमालय रत्न पुरस्कार प्रदान किए। मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से खेल छात्रवृत्ति भी प्रदान की गई।

मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों एवं खिलाड़ियों को राष्ट्रीय खेल दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मेजर ध्यानचंद की जयंती पर हल्द्वानी से उत्तराखण्ड के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ रहा है। क्रीड़ा विश्वविद्यालय के प्रथम चरण के निर्माण कार्यों का शिलान्यास और प्रथम शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के सपनों को नई उड़ान देगा। राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तराखण्ड को खेलों के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करते हुए ‘खेलभूमि’ के रूप में स्थापित करना है।

मुख्यमंत्री ने हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वे केवल एक महान खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रभक्ति की जीवंत मिसाल थे। उन्होंने अपने असाधारण खेल कौशल से पूरी दुनिया में भारत का गौरव बढ़ाया। मेजर ध्यानचंद का जीवन हमें प्रेरणा देता है कि प्रतिभा को महानता में बदलने के लिए कठोर परिश्रम, अनुशासन और समर्पण आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय की स्थापना प्रदेश के खेल क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अभी तक खेल शिक्षा और विशिष्ट प्रशिक्षण के लिए प्रदेश के खिलाड़ियों को दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब उन्हें अपनी देवभूमि में ही उच्च स्तरीय खेल शिक्षा, आधुनिक प्रशिक्षण और आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलेंगे। आने वाले वर्षों में यह विश्वविद्यालय राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों की नई पीढ़ी तैयार करने का प्रमुख केंद्र बनेगा।

उन्होंने कहा कि देवभूमि और वीरभूमि उत्तराखण्ड अब ‘खेलभूमि’ के रूप में भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रदेश के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा और परिश्रम से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखण्ड का गौरव बढ़ाया है। खिलाड़ियों की उपलब्धियां राज्य के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के लाभार्थियों को खेल छात्रवृत्ति प्रदान करते हुए कहा कि यह छात्रवृत्ति केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि प्रदेश की उभरती खेल प्रतिभाओं के सपनों को नई उड़ान देने का माध्यम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों के प्रति एक नया वातावरण बना है। ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ जैसे अभियानों के माध्यम से देश के कोने-कोने में छिपी प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं। छोटे गांवों, दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों और सामान्य परिवारों से निकलकर युवा खिलाड़ी आज राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश का नाम रोशन कर रहे हैं। प्रधानमंत्री के विजन से प्रेरणा लेते हुए उत्तराखण्ड सरकार भी राज्य को खेलों का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहाड़ के पानी और पहाड़ की जवानी का सही दिशा में उपयोग करने के लिए खेल एक सशक्त माध्यम है। उत्तराखण्ड के युवाओं में अद्भुत ऊर्जा और प्रतिभा है। आवश्यकता उन्हें सही मंच, आधुनिक संसाधन, बेहतर प्रशिक्षण और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने की है। इसी सोच के साथ राज्य सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में खेलों के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के अंतर्गत 8 से 14 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ियों को मासिक खेल छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना के माध्यम से 14 से 23 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ियों को मासिक खेल छात्रवृत्ति के साथ खेल उपकरण खरीदने के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है। खिलाड़ियों के लिए खेल इंजरी एवं आकस्मिक परिस्थितियों में बीमा और आर्थिक सहायता की व्यवस्था भी की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान, उन्हें बेहतर प्रशिक्षण देने तथा स्थानीय एवं पारंपरिक खेलों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री खेल विकास निधि का गठन किया गया है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए आउट ऑफ टर्न सरकारी सेवायोजन की व्यवस्था की गई है। इसके तहत अब तक 29 खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में नियुक्ति दी जा चुकी है। 38वें राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को भी विभिन्न विभागों में सेवायोजित करने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खेलों के लिए मजबूत आधारभूत ढांचा विकसित किया जा रहा है। इसी क्रम में प्रदेश का पहला बालिका स्पोर्ट्स कॉलेज लोहाघाट में संचालित किया जा रहा है। भविष्य की खेल चुनौतियों और अवसरों को ध्यान में रखते हुए उत्तराखण्ड खेल नीति-2026 का ड्राफ्ट तैयार किया जा चुका है, जिसे कैबिनेट की मंजूरी के बाद लागू किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि ‘एक जनपद-एक खेल’ योजना के माध्यम से प्रत्येक जनपद की विशिष्ट खेल पहचान विकसित करने और स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग खेल विधाओं के लिए 23 नई हाईटेक खेल अकादमियों की स्थापना की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय खेलों में अधिक से अधिक पदक जीतने और ओलंपिक-2036 में उत्तराखण्ड के खिलाड़ियों की मजबूत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार अभी से विशेष रोडमैप पर कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक खेलों के विकास और खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसी सोच के साथ ‘मौली एआई एप्लीकेशन’ विकसित किया गया है, जिसके माध्यम से उदीयमान खिलाड़ियों की फिटनेस का नियमित मूल्यांकन किया जाएगा। भविष्य में आधुनिक खेल तकनीकों के अधिकाधिक प्रयोग के माध्यम से खिलाड़ियों के कौशल और प्रदर्शन को बेहतर बनाने के प्रयास किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों का आह्वान करते हुए कहा कि वे मैदान में उतरकर पूरी मेहनत और समर्पण के साथ अपना शत-प्रतिशत दें। राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि साधनों की कमी, आर्थिक कठिनाई अथवा अवसरों का अभाव किसी प्रतिभाशाली खिलाड़ी के सपनों की राह में बाधा न बने। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड का प्रत्येक खिलाड़ी हिमालय की तरह अडिग रहकर न केवल प्रदेश, बल्कि पूरे विश्व में भारत का नाम रोशन करे।

देवभूमि खेल पुरस्कार से खिलाड़ी एवं प्रशिक्षक सम्मानित
वर्ष 2024 के लिए एथलेटिक्स की अंकिता को देवभूमि उत्तराखण्ड खेल रत्न पुरस्कार तथा एथलेटिक्स के ही लोकेश चौधरी को द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
वर्ष 2025 के लिए शूटिंग के अभिनव देशवाल को खेल रत्न पुरस्कार, क्याकिंग एंड कैनोइंग के मुकेश शर्मा को द्रोणाचार्य पुरस्कार तथा बॉक्सिंग के मुकेश चन्द्र बेलवाल को लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार प्रदान किया गया। दिव्यांग श्रेणी में शूटिंग के शौर्य सैनी को हिमालय रत्न पुरस्कार प्रदान किया गया। मॉडर्न पैंटाथलॉन में टीम श्रेणी में सक्षम प्रताप सिंह एवं ममता खाती तथा बॉक्सिंग में एकल श्रेणी में खुशी चंद को हिमालय खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया। सभी पुरस्कार विजेताओं को नकद धनराशि के साथ प्रशस्ति पत्र, ब्लेजर एवं शॉल प्रदान किए गए।

राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ी और प्रशिक्षक भी पुरस्कृत
राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों और उनके प्रशिक्षकों को नकद पुरस्कार प्रदान किए गए। सम्मानित खिलाड़ियों में एथलेटिक्स की अंकिता, बॉक्सिंग की खुशी चंद, हॉकी की मनीषा चौहान, वॉलीबॉल के रफीक अहमद, कबड्डी की भूमिका एवं राहुल सिंह, बैडमिंटन के चिराग बरेठा, मनोज सरकार एवं मनदीप कौर, मॉडर्न पैंटाथलॉन के सक्षम प्रताप सिंह, ब्लाइंड फुटबॉल की शेफाली रावत, पैरा लॉन बॉल की निलिमा राय तथा शूटिंग के आर्यावंश त्यागी एवं भूमि शामिल रहे।

उत्कृष्ट प्रशिक्षकों में एथलेटिक्स कोच लोकेश कुमार, बॉक्सिंग कोच बिजेन्द्र मल्ल, शूटिंग कोच अमित, वॉलीबॉल कोच गिरीश कुमार एवं कबड्डी कोच नितिन कुमार को भी पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर खेल मंत्री रेखा आर्या, सांसद अजय भट्ट तथा विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम में खेल मंत्री रेखा आर्या, विधायक राम सिंह कैड़ा, सांसद अजय भट्ट, विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, विधायक सरिता आर्या, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरमवाल, मेयर हल्द्वानी गजराज सिंह बिष्ट, दायित्वधारी डॉ. अनिल कपूर डब्बू, दिनेश आर्या, शंकर कोरंगा सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, खिलाड़ी एवं खेल प्रेमी उपस्थित रहे।

स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स देहरादून में सीएम धामी ने एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी का शुभारंभ किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, देहरादून में आयोजित एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी 2026 के शुभारंभ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने देश-विदेश से प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने आए खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं अधिकारियों का देवभूमि उत्तराखंड में हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया तथा सभी खिलाड़ियों को प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के लिए यह गौरव का विषय है कि प्रदेश को एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन से उत्तराखंड की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शीतकालीन एवं आइस स्पोर्ट्स के लिए एक अनुकूल गंतव्य के रूप में और मजबूत होगी। खेल दुनिया को जोड़ने का माध्यम हैं और ऐसे अंतरराष्ट्रीय आयोजन विभिन्न देशों के बीच मित्रता, सद्भाव और खेल भावना को मजबूत करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों के लिए जीत और हार खेल के दो पहलू हैं, लेकिन वास्तविक सफलता खेल भावना, अनुशासन, समर्पण और कभी हार न मानने वाली दृढ़ इच्छाशक्ति में निहित है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर रहे खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के साथ खेल भावना की भी मिसाल पेश करेंगे और यहां से शानदार अनुभव एवं मधुर स्मृतियां लेकर लौटेंगे।

मुख्यमंत्री ने आयोजन से जुड़े सभी आयोजकों, प्रशिक्षकों, तकनीकी अधिकारियों और सहयोगियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन प्रदेश के युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित करने के साथ ही उत्तराखंड में खेल पर्यटन की संभावनाओं को भी नई गति प्रदान करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों को लेकर सोच और वातावरण में व्यापक बदलाव आया है। ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ जैसे अभियानों ने देशभर में खेल संस्कृति को मजबूत किया है। आज भारतीय खिलाड़ी ओलंपिक, एशियन गेम्स और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर देश का गौरव बढ़ा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भी उत्तराखंड को खेलों के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। पिछले वर्ष प्रदेश में 38वें राष्ट्रीय खेलों का सफल एवं भव्य आयोजन किया गया। राष्ट्रीय खेलों के माध्यम से प्रदेश में आधुनिक एवं विश्वस्तरीय खेल अवस्थापना का मजबूत आधार तैयार हुआ है। इसी का परिणाम है कि उत्तराखंड अब अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं की मेजबानी के लिए भी सक्षम हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान लागू करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। इसके तहत आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियां स्थापित की जाएंगी, जहां खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। हल्द्वानी में प्रदेश के पहले खेल विश्वविद्यालय की स्थापना पर भी तेजी से कार्य चल रहा है, जबकि लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज प्रारंभ हो चुका है।

उन्होंने कहा कि राज्य की नई खेल नीति के माध्यम से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। प्रतिभावान खिलाड़ियों को खेल छात्रवृत्तियों के साथ ही आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेजों में निःशुल्क शिक्षा एवं प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री खेल विकास निधि, मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना और खेल किट योजना जैसी विभिन्न पहलों के माध्यम से भी खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पारंपरिक खेलों के साथ-साथ वॉटर स्पोर्ट्स, एडवेंचर स्पोर्ट्स, विंटर स्पोर्ट्स और आइस स्पोर्ट्स को भी बढ़ावा दे रही है। हमारा प्रयास है कि उत्तराखंड देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के खिलाड़ियों के लिए पसंदीदा खेल प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित हो।

एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी 2026 का आयोजन 17 से 20 अगस्त तक महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में किया जा रहा है।

इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा काऊ, एशियन स्केटिंग यूनियन के अध्यक्ष म्योंग ही चांग, आइस स्केटिंग एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया के अध्यक्ष अमिताभ शर्मा, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, निदेशक खेल दीप्ति सिंह एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

रुद्रपुर में खेल सुविधाओं को मिलेगा नया विस्तार, युवाओं को फुटबॉल बैडमिंटन समेत कई खेलों के लिए मिलेगा बेहतर प्लेटफॉर्म

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में जनहित से जुड़ी विकास योजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारने की कवायद जारी है। इसी क्रम में सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में आज राज्य सचिवालय में दो महत्वपूर्ण बैठकें संपन्न हुईं। बैठकों में जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इनमें रुद्रपुर के मोदी मैदान में अत्याधुनिक इंडोर एवं आउटडोर स्टेडियम के निर्माण तथा हल्द्वानी-काठगोदाम नगर निगम क्षेत्र की क्षतिग्रस्त सड़कों के सुधार से जुड़े फैसले प्रमुख हैं। मोदी मैदान स्टेडियम के लिए 23.32 करोड़ रुपये की लागत को औचित्यपूर्ण पाया गया है, जबकि हल्द्वानी-काठगोदाम की सड़कों के लिए 15 करोड़ रुपये की धनराशि अवस्थापना विकास निधि से प्रस्तावित है।

मोदी मैदान में बनेगा अत्याधुनिक स्टेडियम

मुख्यमंत्री घोषणा के तहत रुद्रपुर के मोदी मैदान में इंडोर एवं आउटडोर स्टेडियम का निर्माण किया जाना है। घोषणा के क्रियान्वयन के लिए पूर्व में खेल विभाग को आवंटित स्थान को आवास विभाग के नाम स्थानांतरित किया गया है। परियोजना के लिए उत्तराखंड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है।

23.32 करोड़ का आगणन हुआ औचित्यपूर्ण

उत्तराखंड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम, ऊधमसिंहनगर की ओर से स्टेडियम के निर्माण के लिए 2374.56 लाख रुपये का आगणन तैयार किया गया था। नियोजन विभाग के टीओसी परीक्षण के बाद 2332.05 लाख रुपये यानी करीब 23.32 करोड़ रुपये की धनराशि को औचित्यपूर्ण पाया गया है। इससे परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है।

8.594 हेक्टेयर में विकसित होगा परिसर

प्रस्तावित स्टेडियम मोदी मैदान के विस्तृत क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। कुल 9.1915 हेक्टेयर भूमि में से करीब 8.594 हेक्टेयर क्षेत्र में स्टेडियम परियोजना प्रस्तावित है। मैदान के दो ओर सड़कें होने से यहां आवागमन की सुविधा भी बेहतर रहेगी। स्टेडियम को खेल गतिविधियों के साथ सामाजिक, सांस्कृतिक और अन्य बड़े आयोजनों के लिए भी उपयोगी बनाया जा सकेगा।

खिलाड़ियों को मिलेगा बेहतर प्लेटफॉर्म

इंडोर और आउटडोर सुविधाओं से स्थानीय युवाओं को फुटबॉल, वालीबॉल, बैडमिंटन समेत विभिन्न खेलों में अभ्यास और प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर मंच मिलेगा। रुद्रपुर की पहचान अब औद्योगिक नगरी के साथ खेल प्रतिभाओं के केंद्र के रूप में भी विकसित करने की दिशा में यह परियोजना अहम मानी जा रही है।

हल्द्वानी-काठगोदाम में 15 करोड़ से सुधरेंगी सड़कें

दूसरे महत्वपूर्ण फैसले में मुख्यमंत्री घोषणा के तहत हल्द्वानी- काठगोदाम नगर निगम क्षेत्र की क्षतिग्रस्त सड़कों के निर्माण के लिए 15 करोड़ रुपये की धनराशि अवस्थापना विकास निधि से स्वीकृत किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय के 8 अगस्त 2025 के पत्र के माध्यम से घोषणा के क्रियान्वयन की कार्रवाई से अवगत कराने के निर्देश दिए गए थे। लोक निर्माण विभाग को कार्यदायी संस्था नामित करने का निर्णय लिया गया है। इससे सड़क निर्माण से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ है।

शहरवासियों को मिलेगी राहत

हल्द्वानी-काठगोदाम कुमाऊं का प्रमुख शहरी और व्यावसायिक क्षेत्र है। यहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं। ऐसे में क्षतिग्रस्त सड़कों के निर्माण और सुधार से स्थानीय नागरिकों, वाहन चालकों और व्यापारिक गतिविधियों से जुड़े लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। 15 करोड़ रुपये की प्रस्तावित राशि से सड़क अधोसंरचना को बेहतर बनाने के कार्यों को गति मिलेगी।

सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार का बयान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप राज्य में आवास और अवस्थापना विकास से जुड़ी घोषणाओं को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। रुद्रपुर के मोदी मैदान में प्रस्तावित इंडोर एवं आउटडोर स्टेडियम युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण परियोजना है। वहीं हल्द्वानी-काठगोदाम क्षेत्र की क्षतिग्रस्त सड़कों के निर्माण के लिए 15 करोड़ रुपये की मुख्यमंत्री घोषणा के क्रियान्वयन की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई गई है। हमारा प्रयास है कि शासन स्तर से लिए गए निर्णयों का समयबद्ध और प्रभावी ढंग से अनुपालन सुनिश्चित हो। दोनों परियोजनाएं संबंधित क्षेत्रों के विकास, जनसुविधाओं और बेहतर अवस्थापना के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी गौलापार के निर्माण कार्यों की समीक्षा की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समक्ष आज मुख्यमंत्री आवास में खेल विभाग द्वारा उत्तराखंड क्रीड़ा विश्वविद्यालय, गौलापार (नैनीताल) के निर्माण कार्यों की विस्तृत प्रगति प्रस्तुति दी गई। प्रस्तुतीकरण के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में विकसित की जा रही खेल अवसंरचना, शैक्षणिक भवनों, प्रशिक्षण सुविधाओं, छात्रावासों, खेल विज्ञान केंद्र, अनुसंधान सुविधाओं तथा अन्य निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी गई।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विश्वविद्यालय के सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किए जाएँ तथा गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि उत्तराखंड के खेल भविष्य को नई दिशा देने वाला एक महत्वपूर्ण संस्थान है, इसलिए प्रत्येक निर्माण कार्य उच्च मानकों के अनुरूप और दीर्घकालिक उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार राज्य को खेल उत्कृष्टता के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए एक व्यापक और दूरदर्शी रणनीति पर कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उत्तराखंड स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का विकास राज्य की नई खेल नीति, खेल विजन और लिगेसी प्लान के अनुरूप किया जाए, ताकि यह संस्थान खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, खेल वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के लिए विश्वस्तरीय अवसर उपलब्ध करा सके।

उन्होंने कहा कि स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी में आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएँ, अंतरराष्ट्रीय मानकों के खेल मैदान, इनडोर एवं आउटडोर खेल परिसरों, स्पोर्ट्स साइंस एवं स्पोर्ट्स मेडिसिन सुविधाओं, उच्च प्रदर्शन प्रशिक्षण केंद्रों तथा खेल प्रबंधन और खेल अनुसंधान से संबंधित उन्नत व्यवस्थाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उनका कहना था कि यह विश्वविद्यालय उत्तराखंड के युवाओं को खेल शिक्षा, प्रशिक्षण, अनुसंधान और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को पहचानने, उन्हें प्रशिक्षित करने और राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने हेतु निरंतर कार्य कर रही है। राज्य में आधुनिक खेल अवसंरचना के विकास, जिला और ब्लॉक स्तर तक खेल सुविधाओं के विस्तार, प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, उपकरण, पोषण और प्रतियोगिताओं में भागीदारी के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में अनेक पहलें की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार की खेल नीति का उद्देश्य केवल पदक जीतना नहीं, बल्कि खेल संस्कृति को जन-जन तक पहुँचाना, युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली की ओर प्रेरित करना तथा खेलों को शिक्षा, कौशल और रोजगार से जोड़ना है। इसी दृष्टिकोण के अंतर्गत खेल विजन और लिगेसी प्लान के माध्यम से दीर्घकालिक खेल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया जा रहा है, जिससे उत्तराखंड आने वाले वर्षों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर अपनी मजबूत पहचान स्थापित कर सके।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विश्वविद्यालय परियोजना की नियमित समीक्षा करने, निर्माण कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, तकनीकी मानकों का कठोर अनुपालन करने तथा समयबद्ध प्रगति के लिए प्रभावी समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा तथा खेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

पदक विजेताओं को सम्मानित कर बोले सीएम, राज्य के खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़ाया उत्तराखंड का गौरव

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास में ग्लासगो, स्कॉटलैंड में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर उत्तराखंड का गौरव बढ़ाने वाले खिलाड़ियों और उनके प्रशिक्षकों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने सभी पदक विजेताओं, प्रशिक्षकों एवं उनके परिजनों का अभिनंदन करते हुए कहा कि इन खिलाड़ियों की उपलब्धियाँ पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय हैं।

सम्मानित होने वालों में पैरा एथलीट शुभम जुयाल (रजत पदक विजेता, रुड़की), जूडो खिलाड़ी उन्नति शर्मा (कांस्य पदक विजेता, देहरादून), शुभम जुयाल के प्रशिक्षक राकेश सिंह रावत (पौड़ी), उन्नति शर्मा के प्रशिक्षक सतीश चन्द्र शर्मा तथा पुनेश कुमार सिंह (देहरादून), भारतीय बॉक्सिंग टीम के प्रशिक्षक खीमानन्द बेलवाल (हल्द्वानी) शामिल रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने कठिन परिश्रम, अनुशासन और समर्पण के बल पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर राज्य और देश का सम्मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की सफलता के पीछे उनके प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन, परिवार का सहयोग और वर्षों की सतत साधना होती है, इसलिए प्रशिक्षकों का सम्मान भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल और खिलाड़ियों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का उद्देश्य उत्तराखंड को देश के अग्रणी खेल राज्यों में स्थापित करना है। इसी दृष्टि से राज्य में आधुनिक खेल अवसंरचना विकसित की जा रही है, जिला और ब्लॉक स्तर पर खेल सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है तथा प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, उपकरण, पोषण और प्रतियोगिताओं में भागीदारी के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए खेल नीति को और अधिक प्रभावी बनाया है। अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को आकर्षक पुरस्कार राशि, सरकारी सेवाओं में अवसर, छात्रवृत्ति तथा विशेष प्रशिक्षण सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं। महिला खिलाड़ियों, दिव्यांग खिलाड़ियों और ग्रामीण क्षेत्रों की उभरती प्रतिभाओं को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि राज्य के प्रत्येक प्रतिभाशाली खिलाड़ी को अपनी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की युवा शक्ति में अपार संभावनाएँ हैं और सरकार खेलों को रोजगार, स्वास्थ्य और व्यक्तित्व विकास से जोड़ते हुए आगे बढ़ रही है। खेल विश्वविद्यालय, खेल अकादमियों के सुदृढ़ीकरण, प्रशिक्षकों के क्षमता विकास तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पदक जीतने वाले खिलाड़ी और उनके प्रशिक्षक आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत बनेंगे तथा उत्तराखंड के अनेक युवा खेलों के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करेंगे। मुख्यमंत्री ने सभी सम्मानित खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि राज्य सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है और उत्तराखंड की खेल प्रतिभाओं को वैश्विक मंच तक पहुँचाने के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करती रहेगी।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा व खेल विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

रूड़की में एचआरडीए द्वारा नवनिर्मित स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स का मुख्यमंत्री धामी ने किया लोकार्पण

       मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुड़की में एचआरडीए द्वारा 3 करोड़ 75 लाख रुपये की लागत से नवनिर्मित आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स का विधिवत लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने परिसर का निरीक्षण कर उपलब्ध कराई गई खेल सुविधाओं का अवलोकन किया तथा खिलाड़ियों और खेल प्रशिक्षकों से संवाद भी किया।

      मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार खेलों के समग्र विकास और खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आधुनिक खेल अवसंरचना युवाओं की प्रतिभा को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। प्रदेश के प्रत्येक जिले में खेल सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है ताकि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और अभ्यास का अवसर मिल सके।

        उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों को नई पहचान मिली है। उत्तराखंड सरकार भी खेल नीति के माध्यम से खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने, प्रशिक्षण की बेहतर व्यवस्था करने तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग प्रदान कर रही है।

     मुख्यमंत्री ने कहा कि इस स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स के निर्माण से हरिद्वार एवं रुड़की सहित आसपास के क्षेत्रों के खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा। इससे युवाओं में खेलों के प्रति रुचि बढ़ेगी और वे विभिन्न प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।

           नवनिर्मित स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में इनडोर खेलों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। यहां खिलाड़ियों के लिए सुसज्जित जिम, बैडमिंटन कोर्ट तथा अन्य आवश्यक खेल संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। यह कॉम्पलेक्स खिलाड़ियों के नियमित अभ्यास, प्रशिक्षण एवं विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए भी उपयोगी सिद्ध होगा।

           कार्यक्रम में परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा, जिलाध्यक्ष भाजपा मधु सिंह, मेयर नगर निगम रुड़की अनीता अग्रवाल, श्यामवीर सैनी, आदेश सैनी, शोभाराम प्रजापति, मेलाधिकारी कुंभ सोनिका, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ एसपी देहात शेखर सुयाल, एचआरडीए सचिव प्रत्यूष सिंह, नगर आयुक्त रुड़की गोपाल राम बिनवाल, सीओ मंगलौर अभिनव चौधरी सहित जनप्रतिनिधियों, खेल विभाग के अधिकारियों प्रशिक्षकों, खिलाड़ियों एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने दिवंगत निशानेबाज जसपाल राणा के आवास पहुंचकर व्यक्त की शोक संवेदना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज पद्मश्री से सम्मानित एवं अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त निशानेबाज स्वर्गीय जसपाल राणा के देहरादून आवास पर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय जसपाल राणा के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिजनों को इस दुःख की घड़ी में धैर्य एवं संबल प्रदान करने की कामना की।

मुख्यमंत्री ने शोकाकुल परिवारजनों से भेंट कर उन्हें सांत्वना दी और ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करने की प्रार्थना की।

सेरेब्रल पाल्सी को चुनौती देकर अनुराग रावत ने “नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन” में पूरी की 10 किलोमीटर दौड़

25 वर्षीय अनुराग रावत ने जनपद चमोली में 31 मई से 2 जून तक आयोजित हो रही “नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन” में अदम्य साहस, आत्मविश्वास और अटूट जज्बे का परिचय देते हुए लगभग 1 घंटा 45 मिनट में 10 किलोमीटर की कठिन दौड़ पूरी कर सभी प्रतिभागियों एवं दर्शकों को प्रेरित किया।

“Beyond Limits, Beyond the Canyon” के संदेश को साकार करते हुए अनुराग ने यह सिद्ध कर दिया कि मजबूत इच्छाशक्ति और दृढ़ संकल्प के आगे कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती।

मूल रूप से पौड़ी जनपद के निवासी तथा वर्तमान में दिल्ली में रह रहे अनुराग रावत ने cerebral palsy (सेरेब्रल पाल्सी) जैसी दिव्यांगता के बावजूद नीति घाटी की दुर्गम एवं चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में इस कठिन दौड़ को सफलतापूर्वक पूरा किया।

चमोली जनपद स्थित नीति घाटी में आयोजित हो रही “नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन” के दौरान नीति घाटी के ऊंचे पहाड़, कठिन रास्ते और सीमित ऑक्सीजन जैसी विषम परिस्थितियों के बीच अनुराग का यह प्रदर्शन सभी के लिए प्रेरणास्रोत बन गया।

अनुराग की इस उपलब्धि ने यह संदेश दिया कि दिव्यांगता किसी व्यक्ति की क्षमता को सीमित नहीं कर सकती। उनके साहस, दृढ़ निश्चय और सकारात्मक सोच ने आयोजन में उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति को प्रेरित किया। नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन में उनका प्रदर्शन केवल एक दौड़ नहीं, बल्कि जीवन की चुनौतियों से संघर्ष करते हुए आगे बढ़ने की प्रेरणादायक मिसाल बन गया।अनुराग ने बताया कि इससे पूर्व भी उन्होने कई प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग ले चुके हैं।

अनुराग ने कहा कि “सीमाएं केवल हमारे दिमाग में होती हैं। यदि संकल्प मजबूत हो, तो इंसान अपने शरीर को किसी भी मंजिल तक पहुंचा सकता है।”

“नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन” के इस भव्य आयोजन में देशभर से उत्साहजनक भागीदारी देखने को मिली। सीमांत नीति घाटी में आयोजित इस एडवेंचर स्पोर्ट्स महाकुंभ में देश के 27 राज्यों से आए 1200 से अधिक प्रतिभागियों ने विभिन्न श्रेणियों की प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने अदम्य साहस, उत्साह और खेल भावना का परिचय दिया।

नीति घाटी का जागरण सीमांत स्वाभिमान की नई इबारत: धामी

सीमांत जनपद चमोली की सुरम्य एवं सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नीति घाटी में 31 मई से 2 जून तक आयोजित हो रहे ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ के अंतर्गत विभिन्न स्पर्धाओं के विजेताओं को सम्मानित करते हुए पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में संचालित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत आयोजित यह आयोजन सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सीमांत गांवों को “देश का पहला गांव” मानते हुए उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ जैसे आयोजन उनका जीवंत उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वाइब्रेंट विलेज योजना के माध्यम से सीमांत क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होने के साथ रिवर्स माइग्रेशन को भी प्रोत्साहन मिल रहा है। उन्होंने बताया कि नीति क्षेत्र में होम स्टे की संख्या 35 से बढ़कर 450 से अधिक हो चुकी है, जो इस क्षेत्र में पर्यटन की बढ़ती संभावनाओं का प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि 11 हजार फीट की ऊंचाई पर आयोजित यह अल्ट्रा रन युवाओं के अदम्य साहस, ऊर्जा और आत्मविश्वास का प्रतीक बनकर उभरा है। “नीति घाटी का यह जागरण केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि सीमांत क्षेत्रों के स्वाभिमान, स्वावलंबन और नए विश्वास की नई इबारत है।

उन्होनें कहा यह अभियान यहीं नहीं रुकेगा, बल्कि उत्तराखंड की हर सीमांत घाटी तक पहुंचेगा।” मुख्यमंत्री ने आयोजन की सफलता पर सभी आयोजकों, भारतीय सेना, आईटीबीपी तथा स्थानीय जनता को शुभकामनाएं दीं।

पर्यटन विभाग द्वारा भारतीय सेना एवं आईटीबीपी के सहयोग से आयोजित इस अनूठे आयोजन में देश के 27 राज्यों से आए 1200 से अधिक प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। तीन दिवसीय इस आयोजन का उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना, स्थानीय संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान दिलाना तथा युवाओं में फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ के अंतर्गत 5, 10, 21, 42 एवं 75 किलोमीटर की विभिन्न स्पर्धाओं में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मलारी गांव में आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल सहित अन्य अतिथियों ने विजेताओं को पुरुष्कार धनराशि एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

प्रतियोगिताओं के प्रमुख परिणाम:

05 किलोमीटर (18 वर्ष से कम आयु वर्ग) पुरुष वर्ग में हर्षित यादव प्रथम, आयुष कुमार द्वितीय एवं शिवम भुजवान तृतीय रहे। महिला वर्ग में रेखा प्रथम, भावना रावत द्वितीय एवं राधिका तृतीय स्थान पर रहीं।

05 किलोमीटर ओपन वर्ग के पुरुष वर्ग में प्रकाश भट्ट प्रथम, मोहम्मद अशरफ द्वितीय एवं मोहम्मद क्वासम तृतीय रहे। महिला वर्ग में अर्पिता सैनी प्रथम, वाई. तिमनाह द्वितीय एवं अनिता चौहान तृतीय रहीं।

10 किलोमीटर ओपन वर्ग के पुरुष वर्ग में सुरेंद्र सिंह प्रथम, मन्नू सिंह द्वितीय एवं सजन पंवार तृतीय रहे। महिला वर्ग में पूजा बिष्ट प्रथम, निशा नेगी द्वितीय एवं ईशा बर्त्वाल तृतीय रहीं।

10 किलोमीटर 60+ आयु वर्ग में दलबीर सिंह प्रथम, गोविंद कुमार राणा द्वितीय एवं सतीश चंद चौहान तृतीय रहे।

21 किलोमीटर ओपन वर्ग में लोकेश कुमार प्रथम, दीपक रावत द्वितीय एवं कुलदीप नेगी तृतीय रहे। महिला वर्ग में प्रिया प्रथम, निकिता खोलिया द्वितीय एवं आयुषी कनवाल तृतीय रहीं।

21 किलोमीटर 50+ आयु वर्ग में दीपेश जोशी प्रथम, नंदन सिंह द्वितीय एवं पवन तृतीय रहे। महिला वर्ग में अनुदा तमांग प्रथम, अंजू कुटियाल द्वितीय एवं इंदिरा दीवान तृतीय रहीं।

42 किलोमीटर ओपन वर्ग में यश राज प्रथम, सत्यम द्वितीय एवं महेंद्र सिंह बिष्ट तृतीय रहे। महिला वर्ग में दिया प्रथम, अर्पिता सैनी द्वितीय एवं अंजू तृतीय रहीं।

42 किलोमीटर 40+ आयु वर्ग में सतपाल प्रथम, महेश यादव द्वितीय एवं कलम सिंह बिष्ट तृतीय रहे। महिला वर्ग में मीना कंडारी प्रथम, सुष्मिता राय द्वितीय एवं शांति राय तृतीय रहीं।

42 किलोमीटर 60+ आयु वर्ग में थॉमस प्रथम, मुकेश राणा द्वितीय एवं सतीश चंद्रा तृतीय रहे।

75 किलोमीटर ओपन वर्ग में दिगंबर सिंह प्रथम, अर्जुन प्रधान द्वितीय एवं विजय सिंह तृतीय रहे। महिला वर्ग में मीनाक्षी प्रथम, मीना कुमारी सुब्बा द्वितीय एवं फलेश्वरी रजवाड़े तृतीय रहीं।

75 किलोमीटर 50+ आयु वर्ग में चरण सिंह प्रथम, किशन बढ़वार द्वितीय एवं रतन सिंह सोनल तृतीय रहे। महिला वर्ग में आशा सिंह प्रथम एवं कशीरसगरा रमसमिता द्वितीय रहीं।

75 किलोमीटर 60+ आयु वर्ग में कृष्णा तमांग प्रथम, महिपाल सिंह द्वितीय एवं शिवेंद्र सिंह बिष्ट तृतीय रहे।

इस महाआयोजन में राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक भागीदारी देखने को मिली। देश के 27 राज्यों से आए 1200 से अधिक प्रतिभागियों ने सीमांत क्षेत्र में आयोजित इस आयोजन को राष्ट्रीय पहचान दिलाई।

श्रेणीवार प्रतियोगिताओं में 75 किलोमीटर अल्ट्रा रन में 160 प्रतिभागी, 42 किलोमीटर मैराथन में 155 प्रतिभागी, 21 किलोमीटर हाफ मैराथन में 215 प्रतिभागी, 10 किलोमीटर शॉर्ट रन में 210 प्रतिभागी तथा 5 किलोमीटर फन रन में 260 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कुल मिलाकर 1100 से अधिक प्रतिभागियों ने विभिन्न दौड़ स्पर्धाओं में प्रतिभाग किया।

2 जून, आयोजन के अंतिम दिन में गमसाली से मलारी के मध्य 30 किलोमीटर एमटीबी चैलेंज प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी, जिसमें 100 से अधिक प्रतिभागी हिस्सा लेंगे।

इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित भारतीय सेना, आईटीबीपी, चिकित्सा विभाग, पर्यटन विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारी व बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

खिलाड़ियों के साथ खेल मैदान में उतरे मुख्यमंत्री धामी, क्रिकेट और फुटबॉल खेलकर बढ़ाया युवाओं का उत्साह

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज अपने पिथौरागढ़ जनपद भ्रमण कार्यक्रम के दौरान श्री सुरेन्द्र सिंह वल्दिया स्टेडियम पहुंचकर उच्चीकृत क्रिकेट मैदान का लोकार्पण किया तथा क्रिकेट मैदान को जनपदवासियों को समर्पित किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने क्रिकेट पिच पर स्वयं बल्लेबाजी करते हुए छह गेंदों का ओवर खेलकर पिच का औपचारिक उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री का खिलाड़ियों के साथ खेल मैदान में उत्साहपूर्ण और आत्मीय अंदाज देखने को मिला।

इसके उपरांत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वहां उपस्थित खिलाड़ियों एवं युवाओं से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने खिलाड़ियों के साथ फुटबॉल, हॉकी एवं अन्य खेल गतिविधियों में भी सहभागिता की। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल केवल शारीरिक विकास का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना विकसित करने का सशक्त माध्यम भी हैं।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने वहां उपस्थित समस्त युवाओं को नशे के खिलाफ शपथ भी दिलाई तथा उन्हें नशे से दूर रहकर अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने युवाओं से नशे के खिलाफ राज्य में चल रहे अभियान से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि खेल युवाओं को अनुशासन, स्वस्थ जीवनशैली एवं सकारात्मक सोच की ओर प्रेरित करते हैं। मुख्यमंत्री ने समस्त खिलाड़ियों को आशीर्वाद प्रदान किया तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 9 खिलाड़ियों को सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए खेलों के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई और उत्तराखंड को खेल के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने का संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं में अपार प्रतिभा एवं क्षमता है। खेल महाकुंभ जैसे आयोजनों से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की प्रतिभाओं को अपनी कुशलता प्रदर्शित करने का बेहतरीन मंच प्राप्त हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई खेल नीति के माध्यम से राज्य के उदीयमान खिलाड़ियों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है, ताकि वे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन कर सकें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेल अधोसंरचना को मजबूत करने तथा आधुनिक खेल सुविधाओं के विस्तार हेतु निरंतर कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने पिथौरागढ़ सहित राज्य के विभिन्न जनपदों में खेलों के लिए बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने की बात कही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य युवाओं को खेलों के माध्यम से सकारात्मक दिशा प्रदान करना तथा उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है। मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि इस क्रिकेट मैदान में चारों ओर फ्लड लाइट की व्यवस्था की जाएगी।

इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, खेल प्रेमी एवं बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित रहे।