देवभूमि अब बन रही है खेलभूमि: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गांधी फुटबॉल मैदान, लोहियाहेड में टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के सौजन्य से निर्मित ओपन जिम का विधिवत लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश देते हुए कहा कि सरकार प्रदेश में खेल और फिटनेस से जुड़ी आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है।

इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने गांधी फुटबॉल मैदान, लोहियाहेड में आयोजित स्वास्तिक नर्सिंग कॉलेज की वार्षिक खेल प्रतियोगिता का फीता काटकर शुभारम्भ किया। खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ खेल भी अत्यंत आवश्यक है। खेलों से मन, मस्तिष्क और शरीर स्वस्थ रहता है तथा अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है। उन्होंने खिलाड़ियों से आह्वान किया कि वे स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर संकल्प और अनुशासन के साथ आगे बढ़ें, सफलता निश्चित रूप से उनके कदम चूमेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं रह गया है, बल्कि इसमें करियर की अपार संभावनाएँ हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया’ जैसी योजनाओं के माध्यम से खेलों के बुनियादी ढांचे को सशक्त किया गया है। परिणामस्वरूप हमारे खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री स्वयं खिलाड़ियों से मिलकर उनका उत्साहवर्धन करते हैं, जिससे उन्हें नई ऊर्जा और प्रेरणा मिलती है।

मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ कहा कि राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने परचम लहराया है और अब हमारी देवभूमि खेलभूमि के रूप में भी अपनी पहचान बना रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि अब तक 28 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियों में नियुक्ति दी जा चुकी है और इस वर्ष 10 हजार युवाओं की भर्ती की जाएगी। उन्होंने सभी विद्यार्थियों एवं खिलाड़ियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ओपन जिम उपकरणों का अवलोकन कर स्वयं व्यायाम किया तथा क्रिकेट खेलकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन भी किया।

इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, दर्जा मंत्री फरजाना बेगम, जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, महामंत्री रमेश चंद्र जोशी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा, उप जिलाधिकारी तुषार सैनी सहित स्वास्तिक नर्सिंग कॉलेज की प्रिंसिपल रुचि अग्रवाल, डॉ. विवेक अग्रवाल, वरुण अग्रवाल, शिप्रा अग्रवाल, कॉलेज के विद्यार्थी एवं क्षेत्रीय जनता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने लोहाघाट में निर्माणाधीन प्रथम महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का किया स्थलीय निरीक्षण

जनपद चम्पावत के लोहाघाट क्षेत्र स्थित छमनिया में लगभग ₹256 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन राज्य के प्रथम महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा स्थलीय निरीक्षण किया गया। मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों की प्रगति का विस्तृत अवलोकन करते हुए कार्यदायी संस्था एवं विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि समस्त कार्य निर्धारित समयसीमा में उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण किए जाएँ।

मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान निर्माणाधीन फुटबॉल ग्राउंड, एस्ट्रोटर्फ हॉकी ग्राउंड, वॉलीबॉल कोर्ट, बास्केटबॉल कोर्ट, सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक सहित अन्य खेल मैदानों की प्रगति की समीक्षा की। साथ ही खिलाड़ियों हेतु 300 बालिकाओं की क्षमता वाले छात्रावास, स्टाफ क्वार्टर, प्रशासनिक भवन, एकेडमिक ब्लॉक, मल्टीपर्पज हॉल, ऑडिटोरियम एवं गेस्ट हाउस के निर्माण कार्यों की भी जानकारी ली।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि लोहाघाट में स्थापित हो रहा यह महिला स्पोर्ट्स कॉलेज प्रदेश की बेटियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएँ प्रदान करेगा। यहाँ विकसित की जा रही सभी खेल व्यवस्थाएँ अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होंगी, जिससे प्रदेश की महिला खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राज्य का नाम रोशन करेंगी। उन्होंने कहा कि यह संस्थान प्रशिक्षण, शिक्षा एवं आवास की समग्र व्यवस्था उपलब्ध कराते हुए विशेष रूप से ग्रामीण एवं पर्वतीय क्षेत्रों की प्रतिभाशाली बालिकाओं को आगे बढ़ने का सशक्त मंच प्रदान करेगा।

इस अवसर पर केन्द्रीय राज्य मंत्री सांसद अजय टम्टा, अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी उपस्थित थे।

बीता एक दशक भारतीय खेलों का स्वर्णिम अध्याय, खेल परिदृश्य में आया अभूतपूर्व बदलाव: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नेशनल पैरालंपिक पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप का वर्चुअल माध्यम से शुभारंभ करते हुए कहा कि बीते एक दशक में भारत के खेल इतिहास में अभूतपूर्व बदलाव आया है, यह दशक भारतीय खेलों का स्वर्णिम अध्याय बन चुका है।

रुड़की स्थित कोर यूनविर्सिटी में आयोजित उद्घाटन समारोह को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ये प्रतियोगिता केवल खेल आयोजन नहीं बल्कि भारत की उस अदम्य इच्छाशक्ति का उत्सव है, जो हर बाधा को चुनौती में और हर चुनौती को अवसर में बदल देती है। उन्होंने कहा कि पावरलिफ्टिंग अपने आप में अनुशासन, धैर्य, साहस और आत्मविश्वास का प्रतीक है, ये खेल केवल ताकत ही नहीं, बल्कि हौंसले और आत्मसम्मान की अद्वितीय मिसाल है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भारत के दिव्यांग भाई-बहन, आज प्रत्येक क्षेत्र में देश का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत के पहले पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता मुरलीकांत पेटकर ने 1972 के ग्रीष्मकालीन पैरालंपिक की तैराकी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता था। इसी क्रम में सत्येंद्र सिंह लोहिया पहले ऐसे भारतीय दिव्यांग खिलाड़ी बने, जिन्होंने 12 घंटे में इंग्लिश चैनल तैरकर पार किया। भारत की पैरा तीरंदाज शीतल देवी ने दोनों हाथ न होने के बावजूद विश्व पैरा तीरंदाजी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर ये साबित कर दिया कि कमजोरी को किस प्रकार अपनी ताकत बनाया जाता है। इसी तरह दिव्यांग महिला क्रिकेट टीम ने कोलंबों में टी-20 ब्लाइंड वूमेन क्रिकेट वर्ल्ड कप-2025 जीतकर भारत का नाम रोशन किया है। इसके अलावा टोक्यो पैरालंपिक में अवनी लेखरा ने शूटिंग और सुमित अंतिल ने जैवलिन थ्रो में स्वर्ण पदक जीतकर विश्व पटल पर अपनी धाक जमाई। इतना ही नहीं, वर्ष 2024 में तो पेरिस में आयोजित पैरालिंपिक में भारतीय खिलाड़ियों ने 29 पदक जीतकर इतिहास रचा साथ ही 2025 में दुबई में हुई एशियन यूथ पैरा गेम्स में 110 पदक जीतकर पूरे विश्व को ये बता दिया कि भारतीय पैराओलंपिक खिलाड़ी किसी से कम नहीं हैं।

मुख्यमंत्री ने समारोह में उपस्थित पद्मश्री दीपा मलिक का उल्लेख करते हुए कहा कि आप भारत की पहली महिला पैरालंपिक खिलाड़ी हैं, जिन्होंने 2016 के रियो पैरालंपिक की शॉटपुट प्रतियोगिता में रजत पदक जीता था। इसके अलावा आप एक सफल बाइकर, तैराक और कार रैली चालक भी हैं, आपका पूरा सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि बीते एक दशक में भारत के खेल इतिहास में अभूतपूर्व बदलाव आया है, यह दशक भारतीय खेलों का स्वर्णिम अध्याय बन चुका है। भारतीय खिलाड़ियों ने लगातार अपनी सीमाओं को तोड़ते हुए दुनिया को दिखाया है कि भारत अब केवल प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाला देश नहीं रह गया है, आज का “नया भारत” मुकाबला जीतने के लिए खेलता है। इस परिवर्तन के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्पष्ट सोच और मजबूत नीति रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का खेलों के प्रति प्रेम का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उनके नेतृत्व में भारत का खेल बजट पहले के मुकाबले तीन गुणा बढ़ चुका है। केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई “खेलो इंडिया” मुहिम देश के प्रत्येक हिस्से से विभिन्न खेल प्रतिभाओं को आगे लाने में कामयाब हो रही है। वहीं इससे देश में स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर भी मजबूत हो रहा है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पिछले वर्ष हमारे राज्य में आयोजित हुए 38वें राष्ट्रीय खेलों के भव्य एवं सफल आयोजन ने उत्तराखंड को “देवभूमि’’ के साथ – साथ “खेलभूमि” के रूप में भी स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त किया है। राष्ट्रीय खेलों में हमारे खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर 7वां स्थान प्राप्त किया। प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन एवं सहयोग से राज्य में विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने का प्रयास कर रही है। इसी का परिणाम है कि आज उत्तराखंड केवल राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन करने में भी सक्षम बन सका है।

मुख्यमंत्री ने दिव्यांग खिलाड़ियों के माता-पिताओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि आप सभी ने दिव्यांग बच्चों को कभी कमजोर नहीं समझा, बल्कि उन्हें अपनी ताकत बनाया। आज ये बच्चे पूरे देश के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। इससे अन्य लोगों को भी प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार ऐसे हर प्रयास में दिव्यांग खिलाड़ियों के साथ खड़ी है।

इस अवसर पर खेल रत्न पद्श्री डॉ दीपा मलिक, पैरालम्पिक कमेटी ऑफ इंडिया के महासचिव जयवंत हम्मुनावा, इंडिया पैरा पावर लिफ्टिंग के चैयरपर्सन जेपी सिंह, पैरा राव लिफ्टिंग के उपाध्यक्ष शुभम चौधरी, कोर यूनिवर्सिटी के चैयरमैन जेसी जैन, पैरालंपिक पावर लिफ्टर परमजीत कुमार, अशोक, कस्तूरी उपस्थित हुए।

सीएम ने विभिन्न खेल स्पर्धाओं में विजेता टीम को सम्मानित किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तिब्बती मार्केट, देहरादून स्थित ओल्ड मल्टीपरपज हॉल में सासंद खेल महोत्सव-2025 के समापन समारोह कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न खेल स्पर्धाओं में विजेता टीम को सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न, अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि यह अवसर केवल एक तिथि नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण, सुशासन और लोकतांत्रिक मूल्यों को नमन करने का है। उन्होंने अपने जीवन से यह सिखाया कि राजनीति सत्ता का साधन नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा का संकल्प होती है। उत्तराखंड राज्य निर्माण से लेकर देश को नई दिशा देने तक, उन्होंने हमेशा युवाओं, खिलाड़ियों और प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का सपना देखा। आज खेलों के माध्यम से जो सशक्त, आत्मविश्वासी और अनुशासित युवा भारत उभर रहा है, यह अटल के विचारों को सच्ची श्रद्धांजलि है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वर्चुअल माध्यम से सांसद खेल महोत्सव के समापन अवसर पर खिलाड़ियों का मार्गदर्शन कर उनका उत्साह बढ़ाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा से प्रारंभ हुआ सांसद खेल महोत्सव आज केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि गाँव-गाँव से खेल प्रतिभाओं को पहचान देने का सशक्त माध्यम बन चुका है। इस महोत्सव ने प्रदेश के युवाओं को एक ऐसा मंच दिया है, जहाँ से वे जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बना रहे हैं। यह “फिट इंडिया, स्पोर्ट्स इंडिया, स्ट्रॉन्ग इंडिया” के संदेश को धरातल पर उतारने का सशक्त उदाहरण है। इसके माध्यम से स्थानीय, पारंपरिक और लोक खेलों को पुनर्जीवित किया गया है और हर वर्ग के बच्चों को खेल के अवसर मिले हैं। खेल, युवाओं को नशे से दूर रखने और सकारात्मक दिशा देने का सबसे प्रभावी माध्यम हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर राज्य के खेल इतिहास में स्वर्णिम अध्याय जोड़ा है। आज उत्तराखंड को देवभूमि के साथ-साथ खेलभूमि के रूप में भी पहचाना जाने लगा है। उत्तराखंड विश्वस्तरीय “स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर’’ के मामले में भी देश के प्रमुख राज्यों में गिना जाने लगा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में “स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान’’ लागू किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत प्रदेश के आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियों की स्थापना की जाएगी। इन अकादमियों में प्रत्येक वर्ष 920 विश्वस्तरीय एथलीट और 1000 अन्य खिलाड़ी उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हल्द्वानी में उत्तराखंड का प्रथम खेल विश्वविद्यालय एवं लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित करने की दिशा में भी तेजी से कार्य किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नई खेल नीति के अंतर्गत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता खिलाड़ियों को ’’आउट ऑफ टर्न’’ सरकारी नौकरी प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री खेल विकास निधि, मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना तथा खेल किट योजना जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य के उभरते हुए युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने का काम कर रही है। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर राज्य के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को 50-50 लाख रुपए की सम्मान राशि से भी पुरस्कृत किया गया।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, लोक सभा सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह, दायित्वधारी विनोद उनियाल, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, मुख्य विकास अधिकारी देहरादून अभिनव शाह एवं खिलाड़ी मौजूद थे।

सीएम ने उत्तराखंड के एथलीट कलम सिंह विश्व को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आज मुख्यमंत्री आवास में जनपद चमोली के विकासखंड देवाल, ग्राम सभा मुंदोली निवासी, भूतपूर्व सैनिक एवं अंतरराष्ट्रीय एथलीट कलम सिंह बिष्ट ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ओमान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय स्तर की अत्यंत कठिन 120 किलोमीटर अल्ट्रा मैराथन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर उन्हें सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कलम सिंह बिष्ट की यह ऐतिहासिक उपलब्धि न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। रेगिस्तानी और पथरीले मार्गों पर आयोजित इस कठिन प्रतियोगिता में दुनिया भर के हजारों एथलीट्स के बीच प्रथम स्थान प्राप्त कर उन्होंने भारत का मान बढ़ाया है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि बिष्ट पूर्व में भारतीय सेना की प्रतिष्ठित चौथी गढ़वाल राइफल में सेवाएं दे चुके हैं और उनका सैन्य अनुशासन, दृढ़ इच्छाशक्ति एवं समर्पण आज भी उनके व्यक्तित्व में परिलक्षित होता है। देश सेवा के बाद खेल के माध्यम से भी उन्होंने भारत का नाम विश्व पटल पर रोशन किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के युवाओं को कलम सिंह बिष्ट के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए कि कठिन परिश्रम, अनुशासन और आत्मविश्वास के बल पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया जा सकता है। राज्य सरकार प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कलम सिंह बिष्ट के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनके आगामी प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दीं। भेंट के दौरान अन्य भूतपूर्व सैनिक भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने अल्मोड़ा में किया सांसद खेल महोत्सव का शुभारंभ, की अनेक घोषणाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अल्मोड़ा में सांसद खेल महोत्सव का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने फुटबॉल और बैडमिंटन प्रतियोगिता का उद्घाटन किया तथा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी एकता बिष्ट और खेल प्रशिक्षकों को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि जनपद अल्मोड़ा में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जी.आई.सी. ग्राउंड में हॉकी एवं फुटबॉल के लिए दिन एवं रात्रि उपयोग हेतु बहुउद्देशीय आर्टिफिशियल टर्फ मैदान का निर्माण किया जाएगा। नगर निगम क्षेत्र में प्रकाश व्यवस्था को सुदृढ़ करने और स्वच्छ व हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने हेतु 200 सोलर लाइटें उपलब्ध कराई जाएंगी। हेमवती नंदन बहुगुणा स्टेडियम, अल्मोड़ा में 50 बिस्तरों की क्षमता वाला छात्रावास बनाया जाएगा। वहीं, हेमवती नंदन बहुगुणा स्टेडियम का बैडमिंटन कोर्ट अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार पुनर्निर्मित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की युवा शक्ति राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी है, जो अपने परिश्रम, प्रतिभा और संकल्प के बल पर सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के स्वप्न को साकार करने की क्षमता रखती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में युवा शक्ति को राष्ट्र शक्ति मानकर ‘विकसित और आत्मनिर्भर भारत’ के निर्माण की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उनकी प्रेरणा से “फिट युवा फॉर विकसित भारत” की थीम पर आयोजित हो रहा यह “सांसद खेल महोत्सव” केवल एक सामान्य खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने का एक महाभियान है। यह हमारे गाँव-गाँव में छिपी खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने का सशक्त मंच प्रदान करने के साथ ही युवा शक्ति में अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और संघर्षशीलता जैसे गुणों को विकसित करने का प्रभावी माध्यम बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी “खेलो इंडिया” और “फिट इंडिया मूवमेंट” जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से देश में खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा दे रही है। 38वें राष्ट्रीय खेलों के भव्य एवं सफल आयोजन से उत्तराखंड “देवभूमि” के साथ-साथ “खेलभूमि” के रूप में भी स्थापित हुआ है। राष्ट्रीय खेलों में हमारे खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर एक नया इतिहास रचा है। उत्तराखंड अब विश्वस्तरीय “स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर” के मामले में भी देश के प्रमुख राज्यों में गिना जाने लगा है और अब प्रदेश में राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन भी होने लगा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार राज्य में शीघ्र ही एक “स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान” लागू करने जा रही है, जिसके अंतर्गत प्रदेश के आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियों की स्थापना की जाएगी। हल्द्वानी में उत्तराखंड का प्रथम खेल विश्वविद्यालय तथा लोहाघाट में एक महिला स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित करने की दिशा में भी तेज़ी से कार्य किए जा रहे हैं। प्रदेश में खेलों के समग्र विकास और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से नई खेल नीति भी लागू की गई है, जिसके अंतर्गत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता खिलाड़ियों को ‘आउट ऑफ टर्न’ सरकारी नौकरी प्रदान की जा रही है। ‘मुख्यमंत्री खेल विकास निधि’, ‘मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना’, ‘मुख्यमंत्री उदियमान खिलाड़ी योजना’ तथा ‘खेल किट योजना’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य के उभरते युवा खिलाड़ियों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अल्मोड़ा के समग्र विकास के लिए पर्यटन, रोजगार और कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने हेतु भी कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत पिछले चार वर्षों में अल्मोड़ा जनपद में ढाई सौ किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण किया गया है। साथ ही करोड़ों रुपये की लागत से विभिन्न मोटरमार्गों का निर्माण एवं नवीनीकरण भी किया गया है। लगभग 400 करोड़ रुपये की लागत से अल्मोड़ा- पौड़ी गढ़वाल-रुद्रप्रयाग को जोड़ने वाली सड़क का निर्माण कराया गया है। लगभग 922 करोड़ रुपये की लागत से अल्मोड़ा-बागेश्वर सड़क के चौड़ीकरण को भी मंजूरी दी गई है। ‘उड़ान योजना’ के अंतर्गत अल्मोड़ा में पर्यटन को बढ़ावा देने और आवागमन को सुगम बनाने के उद्देश्य से हेली सेवाएं प्रारंभ की गई हैं। फलसीमा में हेलीपोर्ट का निर्माण किया जा रहा है, जो क्षेत्र को बेहतर हवाई सेवाओं से जोड़ते हुए आवागमन को और अधिक सुलभ बनाएगा। क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति को सशक्त बनाने के लिए गगास नदी पर 31.27 करोड़ रुपये की लागत से जलाशय परियोजना का कार्य किया जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए शोभन सिंह जीना मेडिकल इंस्टीट्यूट में 100 नई एमबीबीएस सीटें बढ़ाने के साथ-साथ 36 आईसीयू बेड भी जोड़े गए हैं, जिससे भविष्य में चिकित्सा सुविधाएं और अधिक बेहतर होंगी।

कार्यक्रम के दौरान सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री भारत सरकार अजय टम्टा, मेयर नगर निगम अजय वर्मा, जागेश्वर विधायक मोहन सिंह मेहरा, उपाध्यक्ष महिला उद्यमिता परिषद गंगा बिष्ट, अध्यक्ष जिला पंचायत हेमा गैड़ा, पूर्व विधायक कैलाश शर्मा, पूर्व विधायक रघुनाथ सिंह चौहान, जिलाध्यक्ष भाजपा महेश नयाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

अन्तर्विभागीय बैडमिंटन प्रतियोगिता आगे भी निरंतर आयोजित होती रहेगी: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि शासकीय कार्यों की व्यस्तता के बीच कार्मिको द्वारा खेल गतिविधियों को अपनाना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि खेल जीवन में अनुशासन लाने के साथ-साथ तनाव को दूर करता है और शरीर को स्वस्थ रखता है। उन्होंने कहा कि निरोगी रहना मनुष्य की सबसे बड़ी पूंजी है और खेल इस दिशा में सबसे प्रभावी माध्यम है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि अन्तर्विभागीय बैडमिंटन प्रतियोगिता भविष्य में भी अनवरत रूप से आगे बढ़ती रहेगी और कर्मचारियों-अधिकारियों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगी।

इन विचारों के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बहुउद्देशीय क्रीड़ा हॉल, परेड ग्राउंड, देहरादून में उत्तराखण्ड सचिवालय बैडमिंटन क्लब द्वारा आयोजित 10वीं अन्तर्विभागीय बैडमिंटन प्रतियोगिता–2025 का शुभारम्भ किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वयं बैडमिंटन खेलकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन भी किया। प्रतियोगिता में राज्य के 42 विभागों के कर्मचारी एवं अधिकारी प्रतिभाग कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड हर क्षेत्र में देश के सामने एक उदाहरण बनकर उभर रहा है। राज्य परिवर्तन की ओर अग्रसर है और नवाचारों, ऐतिहासिक निर्णयों तथा जनहितकारी नीतियों के माध्यम से विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। हाल ही में उत्तराखंड में पहली बार राष्ट्रीय खेलों का सफल आयोजन किया गया, जिससे राज्य में खेल अवसंरचना और सुविधाओं का उल्लेखनीय विस्तार हुआ है।

उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में खेलों को प्रोत्साहित कर राज्य को ‘खेल भूमि’ के रूप में विकसित करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि युवा प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।

बैडमिंटन क्लब के अध्यक्ष हीरा सिंह बसेड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाओं का तेजी से विकास हो रहा है। खिलाड़ियों को निरंतर प्रोत्साहन और बेहतर संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे उत्तराखंड एक उभरती हुई खेल महाशक्ति के रूप में पहचान बना रहा है।

इस अवसर पर विधायक खजान दास, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, बैडमिंटन क्लब के अध्यक्ष हीरा सिंह बसेड़ा, प्रमोद कुमार, भूपेंद्र बसेड़ा, जे.पी. मैखुरी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं खिलाड़ी उपस्थित रहे।

मुख्य सचिव ने चम्पावत के खेल प्रतिभाओं को किया सम्मानित

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने आज चम्पावत जनपद की उभरती खेल प्रतिभाओं को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु सम्मानित किया।

इस अवसर पर विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट उपलब्धि प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों एवं कोच को मेडल एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मुख्य सचिव ने चम्पावत की उभरती (नेशनल) प्रतिभाओं को सम्मानित करते हुए प्रिंस खोलिया (ब्रॉन्ज मेडल), दीपांशु जोशी (सिल्वर मेडल), अक्षत बोहरा (ब्रॉन्ज मेडल), अंशिका धामी (नॉर्थ इंडिया गोल्ड मेडल) और हर्षित थापा (जूनियर नेशनल ब्रॉन्ज मेडल) को एक साथ सम्मानित किया।

इसके साथ ही अर्जुन सिंह एवं तुषार भट्ट को विद्यालय स्तर से नेशनल प्रतियोगिताओं हेतु चयनित होने पर सम्मानित किया गया।

मुख्य सचिव ने खिलाड़ियों के व्यक्तिगत कोच ललित कुंवर एवं कराटे कोच विजय रावत को भी खेल क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान हेतु शॉल एवं मेडल प्रदान कर सम्मानित किया।

उन्होंने जिला क्रीड़ा अधिकारी चंदन सिंह बिष्ट को भी खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने के लिए शुभकामनाएँ दीं।

पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने हेतु मुख्य सचिव ने बूम फॉरेस्ट गेस्ट हाउस परिसर में एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत हरसिंगार (पारिजात) का पौधा रोपा।

कुमाऊँ कमिश्नर दीपक रावत ने भी इस अवसर पर रुद्राक्ष का पौधा रोपित किया।

मुख्य सचिव ने कहा कि खेल और पर्यावरण-दोनों ही क्षेत्र समाज को नई दिशा देते हैं, इसलिए युवाओं को स्वस्थ वातावरण और बेहतर अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

इस दौरान जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी, सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।

22 देशों के 300 से अधिक खिलाड़ियों ने दिखाया वाटर स्पोर्ट्स में दम, सीएम ने खिलाड़ियों से किया संवाद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी टिहरी झील में आयोजित “इंटरनेशनल प्रेसीडेंट कप-2025’’ एवं “चतुर्थ टिहरी वाटर स्पोर्ट्स कप-2025’’ के भव्य समापन समारोह में पहुँचे। कार्यक्रम स्थल पर पहुँचकर उन्होंने भारत और विभिन्न देशों से आए खिलाड़ियों से संवाद किया तथा उनके उत्साह और उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि 22 देशों के 300 से अधिक खिलाड़ियों की भागीदारी इस आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक महत्वपूर्ण बनाती है तथा टिहरी झील को वैश्विक साहसिक खेल मानचित्र पर स्थापित करती है।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों, आयोजकों और खेल प्रेमियों का स्वागत किया और आयोजन को सफल बनाने के लिए टीएचडीसी, एशियन कायकिंग एंड कैनोइंग एसोसिएशन, उत्तराखंड ओलंपिक एसोसिएशन सहित सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि टिहरी झील अब केवल ऊर्जा उत्पादन या जल प्रबंधन का केंद्र नहीं रह गई है, बल्कि पर्यटन, साहसिक खेलों और स्थानीय लोगों की आजीविका के नए अवसरों का सबसे बड़ा आधार बन चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि यहां समय-समय पर ऐसे आयोजन होते रहें, ताकि साहसिक खेलों के साथ-साथ पर्यटन गतिविधियों को भी निरंतर बढ़ावा मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल न केवल युवाओं के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं बल्कि अनुशासन, टीमवर्क और संघर्षशीलता जैसी आवश्यक जीवन मूल्यों को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा खेलो इंडिया और फिट इंडिया जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से देश में खेल संस्कृति को मजबूत बनाने के प्रयासों का उल्लेख किया और कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत ने अंतरराष्ट्रीय खेलों में अभूतपूर्व प्रगति की है। उन्होंने बताया कि हाल के वर्षों में ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाले भारतीय खिलाड़ियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है तथा 2023 में चीन में हुए एशियाई खेलों में भारत ने रिकॉर्ड 107 पदक जीतकर नया इतिहास रचा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत 2030 में अहमदाबाद में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा और केंद्र सरकार ने खेल बजट को भी तीन गुना बढ़ाया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष उत्तराखंड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों की सफलता ने राज्य को “देवभूमि” के साथ-साथ “खेलभूमि” के रूप में भी स्थापित किया है। उन्होंने गर्व व्यक्त किया कि राज्य के खिलाड़ियों ने पहली बार राष्ट्रीय खेलों में 103 पदक जीतकर 7वाँ स्थान प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने विश्व स्तरीय खेल अवसंरचना तैयार करने की दिशा में लगातार कार्य किया है, जिसके परिणामस्वरूप उत्तराखंड अब अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं की मेजबानी करने में सक्षम हो चुका है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि हाल ही में देहरादून स्पोर्ट्स स्टेडियम में स्थित आइस रिंक में अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसने भारत में शीतकालीन खेलों के एक नए युग का द्वार खोला है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य में शीघ्र ही “स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान” लागू किया जाएगा, जिसके अंतर्गत आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियाँ स्थापित की जाएँगी। इन अकादमियों में प्रत्येक वर्ष 920 अंतरराष्ट्रीय स्तर के एथलीट और 1000 अन्य खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सरकार हल्द्वानी में राज्य का पहला खेल विश्वविद्यालय और लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित करने के लिए भी तेजी से कार्य कर रही है। उन्होंने उल्लेख किया कि नई खेल नीति के अंतर्गत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी प्रदान की जा रही है, वहीं स्पोर्ट्स कॉलेजों में प्रशिक्षण और शिक्षा निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना, उदीयमान खिलाड़ी योजना, खेल-किट योजना, मुख्यमंत्री खेल विकास निधि, खेल छात्रवृत्ति, उत्तराखंड खेल रत्न पुरस्कार, हिमालय खेल रत्न पुरस्कार और प्रशिक्षकों के लिए देवभूमि उत्तराखंड द्रोणाचार्य अवार्ड जैसी व्यवस्थाएँ राज्य में खेलों के व्यापक विकास के लिए प्रभावी रूप से लागू की जा रही हैं। इसके साथ ही राजकीय सेवाओं में खिलाड़ियों के लिए चार प्रतिशत खेल-कोटा भी पुनः लागू किया गया है।

समापन समारोह में मुख्यमंत्री ने प्रतियोगिता के विजयी खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि खेल में हार-जीत से अधिक महत्वपूर्ण खेल भावना है और यह प्रसन्नता की बात है कि सभी खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन के माध्यम से सकारात्मक खेल-भावना का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने राज्य के युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे अपने सपनों को पूरा करने के लिए निरंतर मेहनत करते रहें। उन्होंने आश्वस्त किया कि केंद्र और राज्य सरकार उनके सपनों को पंख देने और हर संभव सहयोग प्रदान करने के लिए सदैव तत्पर रहेंगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तराखंड और देश के खिलाड़ी भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का परचम और अधिक ऊँचा करेंगे।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक किशोर उपाध्याय, जिलाधिकारी सहित जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी, आयोजन समिति टीएचडीसी के सीएमडी सीपन गर्ग , देश और विश्व भर से आए हुए खिलाड़ी व स्थानीय जनता उपस्थित रही।

वर्ल्ड बॉक्सिंग कप 2025 में रजत पदक विजेता पवन बर्त्वाल ने की सीएम से मुलाकात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आज मुख्यमंत्री आवास में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बॉक्सर पवन बर्त्वाल ने शिष्टाचार भेंट की। पवन बर्त्वाल ने हाल ही में वर्ल्ड बॉक्सिंग कप 2025 में रजत पदक जीता है। मुख्यमंत्री ने पवन बर्त्वाल को उनकी उपलब्धि पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पवन बर्त्वाल ने अपने निरंतर परिश्रम, अनुशासन और उत्कृष्ट खेल भावना के बल पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और उनके विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। राज्य के प्रतिभावान खिलाड़ी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंचों पर शानदार प्रदर्शन कर प्रदेश का मान बढ़ा रहे हैं।

पवन बर्त्वाल ने हाल ही में वर्ल्ड बॉक्सिंग कप 2025 में भारत का प्रतिनिधित्व किया। यह प्रतियोगिता 15 नवंबर से 20 नवंबर 2025 तक ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश) में आयोजित हुई थी। इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में पवन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीतकर देश और उत्तराखंड का नाम गौरवान्वित किया। वर्तमान में पवन भारतीय सेना की गढ़वाल राइफल्स में कार्यरत हैं और सेना में रहते हुए भी खेल के प्रति उनके समर्पण और प्रतिबद्धता ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर महत्वपूर्ण सफलता दिलाई है।

इस अवसर पर पवन बर्त्वाल के प्रशिक्षक ललित मोहन कुंवर, सुरेश चंद शर्मा और हरि कृष्ण बेलवाल भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षकों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि खिलाड़ियों की सफलता में उनके कोच और सहयोगी टीम का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।