हवलदार पंकज के लापता होने पर परिजनों की सोशल मीडिया पर गुहार का सीएम धामी ने लिया स्वतः संज्ञान

चमोली की नीति घाटी में भारी बारिश के चलते उफान पर आए तमक नाले में लापता हुए बीआरओ के हवलदार पंकज की तलाश को लेकर उनके परिजनों ने सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार से मदद की गुहार लगाई थी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परिजनों की इस गुहार का स्वतः संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि हवलदार पंकज की तलाश के लिए चल रहे खोज एवं बचाव अभियान पर लगातार नजर रखी जाए और अभियान में हरसंभव तेजी लाई जाए। सेना, बीाआरओ, आईटीबीपी, पुलिस, जिला प्रशासन, एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की टीमें लगातार खोज अभियान में जुटी हैं।

हवलदार पंकज पिथौरागढ़ के निवासी हैं। पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी ने उनके परिजनों से संवाद कर उन्हें प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा भी परिवार से लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है तथा खोज अभियान की प्रगति की निरंतर जानकारी ली जा रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हवलदार पंकज के परिजनों से भी दूरभाष पर वार्ता कर उनका हाल जाना तथा उन्हें भरोसा दिलाया कि सरकार इस कठिन घड़ी में पूरी संवेदनशीलता के साथ उनके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने परिजनों को हवलदार पंकज की तलाश के लिए हरसंभव प्रयास किए जाने और परिवार को हर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि हवलदार पंकज की तलाश के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है और परिवार को हर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। संकट की इस घड़ी में सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ परिवार के साथ खड़ी है।

नैनीताल में सीएम धामी ने जानी जनता की जन समस्याएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज जनपद नैनीताल के भ्रमण पर राजकीय इंटर कॉलेज लाखनमंडी चोरगलिया पंहुचे, जहॉं हैलीपैड में कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, विधायक लालकुआं डॉ मोहन सिंह बिष्ट, अध्यक्ष जिला पंचायत दीपा दरमवाल ,उत्तराखंड सरकार में विभिन्न दायित्वधारी जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ मंजूनाथ टीसी एवं विभिन्न जनप्रतिनिधियों द्वारा उनका स्वागत किया गया।

भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा राजकीय इंटर कॉलेज लाखनमंडी में क्षेत्रीय जनता की समस्याओं को सुना गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह जनता की समस्याओं को प्राथमिकता से निस्तारित करें।

मुख्यमंत्री ने जनता व जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी कुलक्षेम पूछी व जनसमस्याएं सुनी। उन्होंने अधिकारियों को समस्याओं का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जन समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता है,इसलिए जनता की समस्याओं का शीघ्रता से समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि छोटी छोटी समस्याओं के लिए किसी को भी बार-बार चक्कर न लगाना पड़े, इसका ध्यान रखें।

तत्पश्चात मुख्यमंत्री द्वारा हल्द्वानी-चोरगलिया-
सितारगंज मार्ग में शेर नाला में 993.00 लाख की लागत से नव निर्मित 120 मीटर स्पान डबल लेन आर सी सी कंक्रीट सेतु का लोकार्पण किया।

बताते चलें कि शेर नाला उफान पर आने से मानसून सीजन में क्षेत्र के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। आवागमन बाधित होने के साथ ही क्षेत्रीय जनता लंबी दूरी तय कर गंतव्य तक पहुंचती थी। ऐसे में नव निर्मित 120 मीटर स्पान डबल लेन आरसीसी कंक्रीट सेतु के लोकार्पण से क्षेत्रीय जनता के साथ साथ पर्यटकों को भी सुविधा मिलेगी। क्षेत्र के लोगों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का हृदय से आभार जताया है।

अल्मोड़ा के राजस्व पुलिस एवं भूलेख सर्वेक्षण संस्थान का होगा आधुनिकीकरण

राजस्व परिषद देहरादून उत्तराखण्ड के सभागार में आयुक्त एवं सचिव, राजस्व परिषद रंजना राजगुरु की अध्यक्षता में राजस्व पुलिस एवं भूलेख सर्वेक्षण संस्थान, अल्मोड़ा के सुदृढ़ीकरण एवं आधुनिकीकरण के संबंध में बैठक आयोजित की गई। बैठक में उन्होंने संस्थान को भविष्य की प्रशासनिक आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने तथा प्रशिक्षण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं आधुनिक बनाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए।

आयुक्त एवं सचिव ने कहा कि राजस्व पुलिस एवं भूलेख सर्वेक्षण संस्थान, राजस्व विभाग के क्षेत्रीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों, विशेषकर नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक तथा राजस्व उप निरीक्षक (पटवारी/लेखपाल) के प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र है। इसलिए यहां का प्रशिक्षण ढांचा ऐसा विकसित किया जाए जिससे प्रशिक्षु आधुनिक प्रशासनिक आवश्यकताओं, सुशासन, पारदर्शिता तथा भू-अभिलेखों के प्रभावी प्रबंधन में दक्ष बन सकें और आमजन को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

बैठक में संस्थान में आधुनिक भू-सर्वेक्षण तकनीकों पर आधारित प्रशिक्षण को प्राथमिकता देने, अनुभवी प्रशिक्षकों की समय-समय पर नियुक्ति सुनिश्चित करने तथा डीजीपीएस रोवर, ईटीएस सहित आधुनिक सर्वेक्षण उपकरणों एवं नवीन सॉफ्टवेयर का व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही उन्होंने डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड्स मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम (क्प्स्त्डच्) के अंतर्गत उपलब्ध बजट का शत-प्रतिशत एवं समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित करने, संस्थान में आधुनिक प्रशिक्षण लैब स्थापित करने तथा जीआईएस एवं ई-गवर्नेंस से संबंधित विभागीय सॉफ्टवेयर का प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए । प्रशिक्षण सामग्री अथवा अन्य आवश्यक संसाधनों की आवश्यकता होने पर तत्काल प्रस्ताव राजस्व परिषद को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।

बैठक में संस्थान के आवासीय एवं गैर-आवासीय भवनों, छात्रावास, प्रशिक्षण मैदान तथा पुस्तकालय की वर्तमान स्थिति की भी समीक्षा की गई। जर्जर भवनों की मरम्मत, आवश्यक निर्माण कार्यों एवं प्रशिक्षण मैदान के उन्नयन हेतु बजट आवंटन तथा शासन स्तर से शीघ्र स्वीकृति प्राप्त करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के सचिव एवं आयुक्त राजस्व ने निर्देश दिए ।इसके अतिरिक्त संस्थान में प्रशिक्षण प्राप्त करने आने वाले प्रशिक्षुओं के लिए छात्रावास एवं मेस की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने, स्वच्छ वातावरण तथा गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।

सीएम धामी ने एनडीआरएफ बटालियन गदरपुर का किया भ्रमण, जवानों से संवाद कर आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं की ली जानकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने एक दिवसीय गदरपुर-रुद्रपुर भ्रमण कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) बटालियन, गदरपुर का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने एनडीआरएफ के अधिकारियों एवं जवानों से संवाद कर उनकी कार्यप्रणाली, आपदा प्रबंधन की तैयारियों तथा राहत एवं बचाव कार्यों से संबंधित व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड प्राकृतिक आपदाओं की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील राज्य है। ऐसे में एनडीआरएफ जैसी संस्थाओं की भूमिका जनजीवन की सुरक्षा और आपदा के समय त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रबंधन तंत्र को और अधिक आधुनिक, सशक्त एवं प्रभावी बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में शीघ्र और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

मुख्यमंत्री धामी ने एनडीआरएफ के अधिकारियों एवं जवानों के साहस, समर्पण और सेवा भावना की सराहना करते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी एनडीआरएफ के जवान पूरी निष्ठा और तत्परता के साथ मानव जीवन की रक्षा के लिए कार्य करते हैं। उनका अनुशासन, दक्षता और सेवा भाव पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है।

भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने एनडीआरएफ परिसर में पौधरोपण भी किया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने तथा उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आधारशिला भी है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में आधुनिक तकनीक, नियमित प्रशिक्षण और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय को प्राथमिकता दी जाए, जिससे किसी भी आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किए जा सकें।

इस अवसर पर एनडीआरएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बटालियन की कार्यप्रणाली, उपलब्ध संसाधनों, प्रशिक्षण गतिविधियों तथा आपदा राहत एवं बचाव अभियानों की जानकारी दी।

इस अवसर पर प्रभारी मंत्री प्रदीप बत्रा, विधायक अरविंद पाण्डे, शिव अरोरा, त्रिलोक सिंह चीमा, मेयर दीपक बाली, विकास शर्मा, जिलाध्यक्ष भाजपा मनोज पाल, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, कमांडेंट संतोष कुमार, सीएमओ परमिंदर सिंह, डिप्टी कमांडेंट दीपक भट्ट, राजेंद्र जोशी, अवनीश पुरोहित, मनोज जोशी, जवान आदि उपस्थित थे।

रामनगर-देहरादून एक्सप्रेस रेल सेवा का सीएम धामी व रेल मंत्री वैष्णव ने वर्चुअल माध्यम से किया संयुक्त फ्लैग ऑफ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वर्चुअल माध्यम से रामनगर-देहरादून एक्सप्रेस रेल सेवा का संयुक्त रूप से फ्लैग ऑफ कर नियमित संचालन का शुभारंभ किया। यह रेल सप्ताह में दो बार चलेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नई रेल सेवा उत्तराखंड की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह केवल एक नई ट्रेन नहीं, बल्कि कुमाऊं और गढ़वाल मंडलों के बीच विकास, संपर्क और अवसरों की नई जीवनरेखा सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री ने इस महत्वपूर्ण सौगात के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का प्रदेशवासियों की ओर से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तराखंड में रेलवे अवसंरचना का तेजी से विस्तार हो रहा है। उन्होंने कहा कि रामनगर से देहरादून तक संचालित होने वाली यह रेल सेवा काशीपुर, रोशनपुर, पिपलसाना, मुरादाबाद, नजीबाबाद और हरिद्वार होते हुए चलेगी, जिससे कुमाऊं और गढ़वाल के साथ-साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बड़े क्षेत्र से भी प्रदेश की सीधी और सुगम रेल कनेक्टिविटी स्थापित होगी। इससे यात्रियों, विद्यार्थियों, व्यापारियों, कर्मचारियों तथा पर्यटकों को सुरक्षित, सुविधाजनक और समयबद्ध यात्रा का लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेलवे आधुनिकता के नए युग में प्रवेश कर चुकी है। रेलवे सुरक्षा, गति, तकनीकी उन्नयन और यात्री सुविधाओं के क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन हुए हैं। वंदे भारत और नमो भारत जैसी अत्याधुनिक ‘मेड इन इंडिया’ ट्रेनों ने भारत की तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भरता को नई पहचान दी है। उन्होंने कहा कि रेलवे अब हरित एवं अत्याधुनिक तकनीकों की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखंड की महत्वाकांक्षी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना का कार्य अंतिम चरण में है। यह परियोजना राज्य के सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक तथा पर्यटन विकास को नई गति प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को दो वंदे भारत ट्रेनों की सौगात मिल चुकी है तथा वर्ष 2026-27 में प्रदेश को रेलवे अवसंरचना विकास के लिए रिकॉर्ड 4,769 करोड़ रुपये का रेल बजट प्राप्त हुआ है। वर्तमान में राज्य में लगभग 39 हजार करोड़ रुपये की विभिन्न रेलवे परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से उत्तराखंड में सड़क, रेल, स्वास्थ्य, शिक्षा, डिजिटल कनेक्टिविटी तथा आधारभूत संरचना के क्षेत्र में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से विकास की गति दोगुनी हुई है और राज्य सरकार उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

केंद्रीय रेल मंत्री बोले- यात्रियों की संख्या बढ़ने पर रामनगर-देहरादून एक्सप्रेस का संचालन प्रतिदिन किया जाएगा

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेल देश के सर्वांगीण विकास का मजबूत आधार बन रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में रेल संपर्क को सुदृढ़ करने के लिए केंद्र सरकार निरंतर कार्य कर रही है और नई रेल सेवाएं प्रदेश के आर्थिक विकास, पर्यटन और जनसुविधाओं को नई गति प्रदान करेंगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि रामनगर-देहरादून एक्सप्रेस क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करने के साथ-साथ आम नागरिकों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। अगर यात्रियों की संख्या बढ़ेगी तो इसे प्रतिदिन चलाया जायेगा। उन्होंने कहा कि यह एक्सप्रेस गढ़वाल और कुमाऊं के लिए सेतु का कार्य करेगी।

उत्तराखण्ड में रेलवे के विस्तार के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों की सराहना करते हुए केन्द्रीय रेल मंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड से देश के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने के लिए प्रमुख नई और विस्तसारित 20 रेल सेवाएं शुरू की गई। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के 11 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। उन्होंने राज्य में रेलवे के विस्तार के लिए पूरा सहयोग देने के लिए मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया।
रेल मंत्रालय द्वारा वर्ष 2023 से अब तक उत्तराखंड से देश के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने के लिए शुरू की गई प्रमुख नई/विस्तारित नियमित रेल सेवाओं की सूची-

1. देहरादून दृ आनंद विहार टर्मिनल वंदे भारत एक्सप्रेस
2. देहरादून दृ लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस
3. योग नगरी ऋषिकेश दृ प्रयागराज एक्सप्रेस
4. योग नगरी ऋषिकेश दृ वीरभूमि (मालदा टाउन) एक्सप्रेस
5. योग नगरी ऋषिकेश दृ यशवंतपुर (बेंगलुरु) एक्सप्रेस
6. देहरादून दृ बनारस एक्सप्रेस
7. देहरादून दृ सुभेदारगंज (प्रयागराज) एक्सप्रेस
8. हरिद्वार दृ गोरखपुर एक्सप्रेस
9. हरिद्वार दृ अमृतसर एक्सप्रेस (विस्तारित/नई सेवा)
10. टनकपुर दृ दिल्ली (पूर्णागिरि जनशताब्दी सेवा का विस्तार/सुदृढ़ीकरण)
11. लालकुआँ दृ राजकोट एक्सप्रेस (विस्तारित सेवा)
12. लालकुआँ दृ कोलकाता एक्सप्रेस
13. काठगोदाम दृ जैसलमेर एक्सप्रेस
14. काठगोदाम दृ मुंबई (बांद्रा टर्मिनस) एक्सप्रेस (विस्तारित सेवा)
15. देहरादून दृ कोटा एक्सप्रेस (सुधारित/विस्तारित सेवा)
16. हरिद्वार दृ लोकमान्य तिलक टर्मिनस विशेष सेवा (बाद में नियमित संचालन)
17. लालकुआँ दृ किशनगंज एक्सप्रेस (विशेष से नियमित संचालन की दिशा में सेवा)
18. उत्तराखंड से विभिन्न राज्यों के लिए नई मौसमी/विशेष सेवाओं में से एक को बाद में नियमित सेवा के रूप में शामिल किया गया।
19. टनकपुर से नांदेड़ साप्ताहिक एक्सप्रेस।
20. रामनगर- देहरादून एक्सप्रेस रेल सेवा।

इस अवसर पर वर्चुअल माध्यम से हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी, विधायक दीवान सिंह बिष्ट, अरविंद पांडे और रेलवे के अधिकारी मौजूद थे।

रुद्रपुर में बनेगा अत्याधुनिक विकास प्राधिकरण कार्यालय, ग्रीन बिल्डिंग मानकों के साथ समयबद्ध निर्माण के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के क्रम में आवास विभाग के
सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में राज्य सचिवालय में रानीखेत में प्रस्तावित दो बहुमंजिला पार्किंग परियोजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक में गैस गोदाम/आशियाना पार्क क्षेत्र तथा रोडवेज स्टेशन के समीप प्रस्तावित मल्टीलेवल पार्किंग योजनाओं की तकनीकी और वित्तीय स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। गैस गोदाम-आशियाना पार्क के निकट प्रस्तावित पार्किंग परियोजना का प्रारंभिक आंगणन ₹935.48 लाख था, जिसमें तकनीकी संपरीक्षा प्रकोष्ठ ने ₹861.73 लाख की धनराशि को औचित्यपूर्ण माना है। चार तल वाली इस पार्किंग में 59 वाहनों के खड़े होने की व्यवस्था के साथ महिला एवं पुरुष शौचालय भी प्रस्तावित हैं। यह क्षेत्र सदर बाजार के समीप स्थित है, जहां पार्किंग सुविधा के अभाव में मुख्य मार्ग पर वाहनों के खड़े होने से अक्सर जाम की स्थिति बनती है।

वहीं रोडवेज स्टेशन के निकट प्रस्तावित दूसरी मल्टीलेवल पार्किंग के लिए ₹499.92 लाख का आंगणन तैयार किया गया था, जिसमें तकनीकी समिति ने ₹480.23 लाख को उचित पाया है। इस पार्किंग में 13 चारपहिया और 141 दोपहिया वाहनों सहित कुल 154 वाहनों की पार्किंग की सुविधा विकसित की जानी है। परियोजना के लिए छावनी परिषद, रानीखेत द्वारा अनापत्ति भी प्रदान की जा चुकी है। निर्माण के बाद पार्किंग का संचालन जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण, अल्मोड़ा द्वारा किया जाएगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि दोनों परियोजनाओं की व्यवहार्यता, दोपहिया और चारपहिया पार्किंग के अनुपात, संभावित राजस्व, राजस्व साझेदारी मॉडल तथा प्रस्तावित स्थलों की उपयोगिता का विस्तृत परीक्षण किया जाए। सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर संशोधित आंगणन शीघ्र शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

वहीं दूसरी बैठक में सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने ऊधमसिंहनगर जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण के नए कार्यालय भवन निर्माण परियोजना की विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा बैठक में परियोजना की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए सचिव ने निर्माण कार्य को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने तथा भवन को पर्यावरण अनुकूल ग्रीन बिल्डिंग मॉडल के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। वर्तमान में जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण ऊधमसिंहनगर विकास भवन से संचालित हो रहा है और उसका कोई स्वतंत्र कार्यालय भवन नहीं है। ऐसे में जिले में संचालित मास्टर प्लान, प्रधानमंत्री आवास योजना, ट्रांसपोर्ट नगर और अन्य बड़ी अवसंरचना परियोजनाओं की निगरानी के लिए एक समर्पित एवं आधुनिक कार्यालय की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। प्रस्तावित भवन बनने के बाद प्रशासनिक और तकनीकी कार्यों के संचालन में उल्लेखनीय सुविधा मिलेगी। बैठक में बताया गया कि ग्राम कल्याणपुर, तहसील रुद्रपुर में 8740 वर्गमीटर भूमि पर यह परियोजना विकसित की जा रही है। जिलाधिकारी ऊधमसिंहनगर द्वारा जुलाई 2024 में यह भूमि प्राधिकरण को आवंटित की गई थी। स्थल की विशेषता यह है कि यह पूरी तरह मैदानी क्षेत्र में स्थित है और इसके आसपास कई सरकारी कार्यालय मौजूद हैं। दो ओर से सड़क संपर्क होने के साथ विद्युत, पेयजल और अन्य आधारभूत सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।

ग्रीन बिल्डिंग बनेगी पहचान
प्रस्तावित भवन को आधुनिक ग्रीन बिल्डिंग मानकों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। इसमें सोलर एनर्जी सिस्टम, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट जैसी पर्यावरणीय सुविधाएं शामिल होंगी। कुल भूमि के लगभग 40 प्रतिशत हिस्से में भवन निर्माण होगा, जबकि शेष क्षेत्र का उपयोग लैंडस्केपिंग और पार्किंग के लिए किया जाएगा। वर्तमान में परियोजना की भौतिक प्रगति लगभग 50 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, जबकि वित्तीय प्रगति 20 प्रतिशत दर्ज की गई है। परियोजना की कुल अनुमानित लागत 18.01 करोड़ रुपये है, जिसका तकनीकी परीक्षण नियोजन विभाग द्वारा किया जा रहा है।परियोजना के वित्त पोषण के लिए भारत सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में स्वीकृत 93 परियोजनाओं की सूची में इसे भी शामिल किया है। केंद्र सरकार द्वारा इस परियोजना के लिए दो करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। शेष कार्यों के लिए वर्तमान में प्राधिकरण की अवस्थापना निधि से व्यय किया जा रहा है। बैठक में सचिव डॉ. राजेश कुमार ने निर्देश दिए कि रेन वाटर हार्वेस्टिंग, लैंडस्केपिंग और ग्रीन बिल्डिंग संबंधी सभी मानकों का पूर्ण पालन किया जाए।

सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा रानीखेत जैसे महत्वपूर्ण पर्यटन एवं व्यापारिक नगरों में सुव्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था समय की आवश्यकता है। दोनों प्रस्तावों का तकनीकी और वित्तीय परीक्षण किया गया है। हमने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि परियोजनाओं की व्यवहार्यता, राजस्व मॉडल और स्थानीय आवश्यकताओं का गहन अध्ययन कर संशोधित प्रस्ताव शीघ्र उपलब्ध कराएं। इन योजनाओं के क्रियान्वयन से जाम की समस्या कम होगी, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय नागरिकों को बेहतर शहरी सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

ऊधमसिंहनगर विकास प्राधिकरण का नया कार्यालय भवन आधुनिक प्रशासनिक जरूरतों और पर्यावरणीय मानकों को ध्यान में रखकर विकसित किया जा रहा है। यह भवन न केवल प्राधिकरण की कार्यक्षमता बढ़ाएगा बल्कि ग्रीन बिल्डिंग अवधारणा का उत्कृष्ट उदाहरण भी बनेगा। निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा हो, इसके लिए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।

अल्मोड़ा से सीएम धामी ने ‘एक पेड़ माँ के नाम अभियान’ से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश’

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद अल्मोड़ा के गरुड़ाबाज मैदान में हरेला पर्व के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय ‘एक पेड़ माँ के नाम’ वृहद पौधारोपण कार्यक्रम तथा ‘‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की शुभकामनाएं देते हुए प्रकृति संरक्षण का सामूहिक संकल्प लेने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों एवं स्थानीय नागरिकों ने सहभागिता की। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए विभिन्न विभागों के स्टालों का अवलोकन किया तथा बड़ी संख्या में लोगों ने विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर जागेश्वर विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं की। उन्होंने कहा कि सरकार जागेश्वर क्षेत्र के समग्र विकास के लिए संकल्पित है। कहा कि हरेला केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी आस्था, संवेदनशीलता और उत्तरदायित्व का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम एक पौधा लगाकर उसके संरक्षण का संकल्प लेना चाहिए। यदि हम लगाए गए पौधों की जिम्मेदारी भी निभाएं तो आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और हरित पर्यावरण प्रदान कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वृद्ध जागेश्वर एवं जागेश्वर धाम में पूजा-अर्चना कर उन्हें अद्भुत आध्यात्मिक अनुभूति एवं नई ऊर्जा प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि यही ऊर्जा उन्हें प्रदेशवासियों की सेवा के लिए निरंतर कार्य करने की प्रेरणा देती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार देवभूमि की सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक पहचान एवं परंपराओं के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी), सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून तथा कठोर नकल विरोधी कानून लागू कर उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ करने के साथ-साथ युवाओं के भविष्य को सुरक्षित किया है। आज उत्तराखंड देश के अन्य राज्यों के लिए अनेक क्षेत्रों में प्रेरणा का केंद्र बना है। पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से हजारों युवाओं को सरकारी सेवाओं में अवसर प्रदान किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने ‘‘सेवा, सुशासन और समर्पण’’ के पाँच वर्ष पूर्ण किए हैं। इस अवसर पर प्रदेशभर में ‘‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’’ अभियान चलाकर सरकारी सेवाओं एवं योजनाओं का लाभ सीधे आमजन तक पहुंचाया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक विकास और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।

उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक महत्व एवं बौद्धिक परंपरा के लिए देशभर में विशिष्ट पहचान रखता है। यहां के प्रतिभाशाली लोगों ने राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड का गौरव बढ़ाया है। राज्य सरकार सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण, धार्मिक पर्यटन के विकास तथा स्थानीय संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप उत्तराखंड को आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन की दृष्टि से देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है।

इस अवसर पर ’केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा’ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। सड़क, रेल, डिजिटल कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं पर्यटन के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों से पर्वतीय क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का निरंतर विस्तार हो रहा है और अंतिम व्यक्ति तक विकास की किरण पहुंच रही है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रत्येक नागरिक से पौधारोपण एवं उसके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।

’कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत’ ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड ने बीते पाँच वर्षों में विकास के अनेक नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। सतत विकास लक्ष्यों, प्रति व्यक्ति आय, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार एवं आधारभूत संरचना के क्षेत्र में राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि सरकार विकास और जनसेवा के संकल्प के साथ कार्य कर रही है तथा प्रत्येक योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने हरेला पर्व को जनभागीदारी के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का सशक्त अभियान बताते हुए अधिकाधिक पौधारोपण का आह्वान किया।

’विधायक जागेश्वर मोहन सिंह मेहरा’ ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का जागेश्वर विधानसभा क्षेत्र के प्रति विशेष आत्मीय लगाव है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अपने कार्यकाल में लगभग 25 बार जागेश्वर क्षेत्र का भ्रमण कर चुके हैं, जो इस क्षेत्र के विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा क्षेत्र के लिए की गई विकासपरक घोषणाओं के लिए आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित स्टालों का अवलोकन किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोगों ने विभागीय शिविरों के माध्यम से विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ प्राप्त किया।

इस दौरान विधायक रानीखेत, डॉ प्रमोद नैनवाल, दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री गोविंद पिलख्वाल, कुंदन लटवाल, भावना मेहरा, जिला पंचायत अध्यक्षा हेमा गैडा, पलायन निवारण आयोग सदस्य अनिल सिंह साही, मेयर अल्मोड़ा अजय वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष एवं सदस्य जिला पंचायत महेश नयाल, प्रमुख वन संरक्षक कपिल लाल, सचिव उत्तराखंड शासन दिलीप जावलकर, अपर सचिव हिमांशु खुराना, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर घोड़के, मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा, अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र सहित जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी तथा बड़ी संख्या में आम जनमानस उपस्थित रहे।

इस दौरान मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाएं –

1. वृद्ध जागेश्वर का समग्र विकास किया जाएगा।

2. वृद्ध जागेश्वर मंदिर तक पेयजल योजना बनाई जाएगी।

3. जागेश्वर धाम के पौराणिक महत्व की धरोहरों विशेषकर ऐरावत गुफा, जटा गंगा उद्गम स्थल कोटिलिंग, कोटली स्थित शिव पौ (पाव) के साथ साथ आरतोला से जागेश्वर तक मोटर मार्ग किनारे स्थित मंदिरों का पर्यटन की दृष्टि से समग्र विकास किया जाएगा।
4. आरतोला के पास एक राज्य अतिथि गृह का निर्माण किया जायेगा।
5. जागेश्वर, वृद्ध जागेश्वर एवं आरतोला क्षेत्र में नए मोबाइल टावरों की स्थापाना का कार्य किया जाएगा।
6. आरतोला स्थित पार्किंग को मल्टी लेवल पार्किंग किया जायेगा।
7. आरतोला से जागेश्वर सड़क मार्ग में आरसीसी नाली तथा सड़क के सोल्डर को पेव्ड किया जायेगा जिससे बिना वृक्षों के पातन के सड़क की वाहन ले जाने की क्षमता में वृद्धि होगी।
8. दनया डिग्री कॉलेज में एमए की कक्षाएं शुरू की जाएंगी।

लोकपर्व हरेला पर सीएम धामी ने किया श्रावणी मेले का शुभारंभ, पौधरोपण कर दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्व प्रसिद्ध जागेश्वर धाम पहुंचकर पारंपरिक विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रावणी मेले का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने जागेश्वर धाम के दर्शन एवं पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं जन-कल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री ने श्रावणी मेले के सफल एवं सकुशल आयोजन की मंगलकामना करते हुए प्रदेशवासियों और देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत हमारी सबसे बड़ी धरोहर है। हरेला केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और मानव तथा प्रकृति के अटूट संबंध का प्रतीक है। उन्होंने सभी नागरिकों से अधिकाधिक पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जागेश्वर मंदिर परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।

श्रावणी मेले के उद्घाटन अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक पहचान को संरक्षित एवं संवर्धित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जागेश्वर धाम भारत की प्राचीन आध्यात्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र है और यहां आकर प्रत्येक व्यक्ति दिव्य ऊर्जा एवं आध्यात्मिक शांति का अनुभव करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें भी जागेश्वर धाम की पावन भूमि से सदैव नई ऊर्जा एवं प्रेरणा प्राप्त होती है। यही दिव्य ऊर्जा उन्हें प्रदेशवासियों की सेवा के लिए निरंतर कार्य करने की शक्ति प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य उत्तराखंड के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ते हुए उनकी मूल सांस्कृतिक एवं धार्मिक पहचान को अक्षुण्ण बनाए रखना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जागेश्वर मास्टर प्लान के अंतर्गत लगभग 147 करोड़ रुपये की लागत से जागेश्वर धाम का सौंदर्यीकरण एवं आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। इस परियोजना में मंदिर परिसर की प्राचीन गरिमा एवं मूल स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। इससे धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को नई गति मिलेगी, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा क्षेत्र की आर्थिकी को भी मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जागेश्वर धाम आगमन के बाद देशभर के श्रद्धालुओं में इस पवित्र धाम के प्रति विशेष आकर्षण बढ़ा है। इसका परिणाम है कि पिछले दो महीनों में चार लाख से अधिक श्रद्धालु जागेश्वर धाम पहुंच चुके हैं। आने वाले समय में यह संख्या और बढ़ेगी, जिससे स्थानीय व्यापार, पर्यटन एवं स्वरोजगार को व्यापक लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ‘‘विकल्प रहित संकल्प’’ के मंत्र के साथ उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य कर रही है। डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों से धार्मिक पर्यटन, आधारभूत ढांचे, कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनसहभागिता एवं प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखंड शीघ्र ही देश के अग्रणी एवं सर्वश्रेष्ठ राज्यों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा।

मुख्यमंत्री ने श्रावणी मेले में आए श्रद्धालुओं से आस्था, स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देवभूमि की पवित्रता, प्राकृतिक संपदा एवं सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। श्रावणी मेला हमारी समृद्ध परंपराओं, लोक संस्कृति एवं सामाजिक समरसता का जीवंत उत्सव है, जिसे और अधिक भव्य एवं दिव्य स्वरूप प्रदान करने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है।

इस दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, कैबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत, विधायक जागेश्वर मोहन सिंह मेहरा, जिला पंचायत अध्यक्षा हेमा गैडा, मेयर अल्मोड़ा अजय वर्मा, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर एस, जागेश्वर मंदिर समिति के पदाधिकारी सहित जनप्रतिनिधि, स्थानीय लोग एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्रावणी मेला शुभारंभ के साक्षी बने।

राहतः 220.90 मीटर लंबे धनगढ़ी सेतु से वर्षभर सुगम होगा आवागमन, बरसात में मार्ग अवरुद्ध होने की समस्या से मिलेगी स्थायी राहत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-121 (नया राष्ट्रीय राजमार्ग-309) पर धनगढ़ी नाले के ऊपर 29.65 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 220.90 मीटर लंबे प्री-स्ट्रेस्ड गर्डर सेतु (धनगढ़ी पुल) का लोकार्पण कर इसे जनता को समर्पित किया।

यह राष्ट्रीय राजमार्ग काशीपुर-रामनगर-मार्चुला-बुवाखाल मार्ग पर स्थित है, जो कुमाऊँ एवं गढ़वाल मंडलों को जोड़ने वाला अत्यंत महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। यह विश्व प्रसिद्ध जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान का प्रमुख प्रवेश द्वार होने के साथ-साथ नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चम्पावत तथा पौड़ी गढ़वाल सहित लाखों लोगों के दैनिक आवागमन, व्यापार, पर्यटन एवं आवश्यक सेवाओं की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

धनगढ़ी नाले में बरसात के दौरान जलस्तर बढ़ जाने से मार्ग अक्सर बाधित हो जाता था, जिससे आमजन, पर्यटकों तथा आपातकालीन सेवाओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। नव निर्मित सेतु के निर्माण से इस समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित होगा। साथ ही, वन क्षेत्र में यातायात सुचारु होने से वन्यजीव संरक्षण एवं पर्यावरणीय संतुलन को भी बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि धनगढ़ी सेतु का लोकार्पण केवल एक पुल का उद्घाटन नहीं, बल्कि क्षेत्रवासियों के वर्षों के संघर्ष, धैर्य और अपेक्षाओं की सार्थक परिणति है। उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान धनगढ़ी नाले में जलस्तर बढ़ने से मार्ग अवरुद्ध हो जाता था, जिससे जनजीवन, व्यापार, पर्यटन और आपातकालीन सेवाएं प्रभावित होती थीं। इसी समस्या के स्थायी समाधान के उद्देश्य से राज्य सरकार ने इस परियोजना को प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध ढंग से पूरा कराया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि धनगढ़ी सेतु सम्पूर्ण उत्तराखण्ड का महत्वपूर्ण पुल है, जो कुमाऊँ एवं गढ़वाल मंडलों को सुदृढ़ रूप से जोड़ता है। इस सेतु के निर्माण से दोनों मंडलों के बीच आवागमन अधिक सुरक्षित एवं सुगम होगा तथा पर्यटन, व्यापार, स्थानीय अर्थव्यवस्था और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने ष्सेवा, सुशासन और विकासष् के पाँच वर्ष पूर्ण करते हुए प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र तक विकास पहुँचाने का कार्य किया है। सरकार की प्राथमिकता अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाना रही है। इसी सोच के अनुरूप राज्य में आधुनिक सड़कें, मजबूत पुल, विस्तृत रेल नेटवर्क, रोपवे, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन तथा सीमांत क्षेत्रों के विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों में ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की कार्यसंस्कृति ष्सरलीकरण, समाधान, निस्तारण एवं संतुष्टिष् पर आधारित है। इसी के अनुरूप जिन योजनाओं का शिलान्यास किया जाता है, उनका समयबद्ध ढंग से निर्माण पूर्ण कर लोकार्पण भी सुनिश्चित किया जाता है, ताकि जनता को शीघ्र लाभ मिल सके।

उन्होंने कहा कि सरकार के पाँच वर्ष पूर्ण होना केवल उपलब्धियों का उत्सव नहीं, बल्कि विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड के निर्माण के लिए नए संकल्प लेने का अवसर भी है। राज्य सरकार विकास की गति को और तेज करते हुए उत्तराखण्ड को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि धनगढ़ी सेतु के निकट लगभग 18.43 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 175.60 मीटर लंबे पनौद पुल का निर्माण कार्य भी लगभग पूर्ण हो चुका है। वर्तमान में इस पुल पर यातायात संचालित हो रहा है तथा डामरीकरण का अंतिम कार्य शीघ्र पूर्ण कर इसे भी जनता को समर्पित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि धनगढ़ी सेतु और पनौद पुल इस पूरे क्षेत्र के विकास की मजबूत आधारशिला सिद्ध होंगे तथा संतुलित विकास, सुरक्षित आवागमन और जनकल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता के सशक्त प्रतीक हैं।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में रामनगर क्षेत्र के वन खत्तों में निवासरत परिवारों की समस्याओं पर भी उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी अवगत कराया कि रामनगर-रानीखेत मोटर मार्ग सहित अन्य महत्वपूर्ण मोटर मार्गों के चौड़ीकरण हेतु सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार में प्रस्ताव प्रेषित किए जा चुके हैं तथा आवश्यक कार्यवाही प्रगति पर है।

इस अवसर पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि धनगढ़ी सेतु के निर्माण से वर्षभर सुरक्षित एवं निर्बाध यातायात सुनिश्चित होगा। बरसात के दौरान मार्ग अवरुद्ध होने की समस्या समाप्त होगी तथा दुर्घटनाओं की संभावना में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि यह सेतु कुमाऊँ और गढ़वाल के बीच संपर्क को और अधिक सुदृढ़ करने के साथ-साथ व्यापार, कृषि, पर्यटन, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को भी नई गति प्रदान करेगा। चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं तथा जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों को भी इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि लगभग 18.43 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित पनौद पुल का निर्माण कार्य भी अंतिम चरण में है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने गर्जिया देवी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। इसके उपरांत उन्होंने नव निर्मित धनगढ़ी सेतु का पैदल भ्रमण किया तथा कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की सीमा पर पुल के समीप आए वन्यजीवों का भी अवलोकन किया।

इस अवसर पर विधायक रामनगर दीवान सिंह बिष्ट, विधायक सल्ट महेश जीना, विधायक रानीखेत प्रमोद नैनवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, दर्जा राज्यमंत्री शंकर कोरंगा, संजय डॉर्बी, जेड. ए. वारसी, गणेश रावत, रंजन बरगली सहित अन्य जनप्रतिनिधि, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टी.सी., मुख्य विकास अधिकारी अरविन्द कुमार पाण्डेय, अधीक्षण अभियंता (राष्ट्रीय राजमार्ग) मनोहर सिंह धर्मशक्तू तथा बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।

देवभूमि उत्तराखंड से शिवधाम की पावन यात्रा का शुभारंभ, श्रद्धा, संस्कृति और आतिथ्य का अद्भुत संगम

उत्तराखंड से संचालित पावन कैलाश मानसरोवर यात्रा का शुभारंभ टनकपुर से हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शारदा पर्यटक आवास गृह से कैलाश मानसरोवर यात्रा के प्रथम दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा सभी श्रद्धालुओं की मंगलमय एवं सफल यात्रा की कामना की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री का पारंपरिक छोलिया नृत्य से स्वागत किया गया तथा पुलिस द्वारा उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं का रुद्राक्ष की माला एवं भगवान शिव का पटका पहनाकर स्वागत किया और उनसे आत्मीय संवाद भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय समरसता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भगवान भोलेनाथ की कृपा से ही किसी श्रद्धालु को इस पवित्र यात्रा का अवसर प्राप्त होता है। यात्रा के दौरान आने वाली प्रत्येक चुनौती का सामना श्रद्धा और धैर्य के साथ करना चाहिए, क्योंकि शिव में अटूट विश्वास ही सभी कठिनाइयों को सरल बना देता है।

उन्होंने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा सीमांत क्षेत्रों के लिए विकास और समृद्धि का माध्यम भी है। यह यात्रा सीमांत गांवों की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और स्थानीय जीवन से देशभर के लोगों को जोड़ती है। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से स्थानीय हस्तशिल्प एवं उत्पादों की खरीद कर स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में सनातन संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं। देशभर में प्राचीन मंदिरों का पुनरुद्धार एवं सौंदर्यीकरण किया जा रहा है, जिससे भारत की आध्यात्मिक विरासत को नई पहचान मिल रही है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए भगवान भोलेनाथ से सभी की सुखद एवं सफल यात्रा की प्रार्थना की।

यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने भी राज्य सरकार द्वारा की गई उत्कृष्ट व्यवस्थाओं की सराहना की। सातवीं बार कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे श्रद्धालु अनिल कुमार जैन सहित अन्य सभी यात्रियों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखंड सरकार द्वारा यात्रियों की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए बेहतर प्रबंध किए गए हैं।

शनिवार सायंकाल टनकपुर पहुंचे प्रथम दल का देवभूमि की परंपरा के अनुरूप छोलिया नृत्य, पुष्पवर्षा, फूल-मालाओं एवं भव्य स्वागत के साथ अभिनंदन किया गया। श्रद्धालुओं के लिए सांस्कृतिक संध्या का आयोजन भी किया गया, जिसमें उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति एवं लोक कलाओं की आकर्षक प्रस्तुतियां दी गईं।

शारदा पर्यटक आवास गृह के प्रबंधक मनोज कुमार ने बताया कि प्रथम दल में चिकित्सक सहित कुल 49 तीर्थयात्री शामिल हैं, जिनमें 34 पुरुष एवं 15 महिला श्रद्धालु हैं। दल में आंध्र प्रदेश, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड के श्रद्धालु सम्मिलित हैं, जो भारत की सांस्कृतिक विविधता एवं राष्ट्रीय एकता का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करते हैं।

दल के साथ तमिलनाडु के डॉ. अरुण कुमार चिकित्सक के रूप में शामिल हैं। राजस्थान के 68 वर्षीय पुरुषोत्तम खंडेलवाल दल के सबसे वरिष्ठ तीर्थयात्री हैं, जबकि गुजरात के 21 वर्षीय हरिकृष्णा सबसे युवा श्रद्धालु हैं। यह यात्रा सभी आयु वर्ग के लोगों की भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था का प्रतीक है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विशेष प्रयासों से लगातार दूसरे वर्ष कैलाश मानसरोवर यात्रा का संचालन टनकपुर मार्ग से किया जा रहा है। इससे सीमांत जनपद चम्पावत को धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान मिली है तथा स्थानीय व्यापार, पर्यटन, परिवहन, होटल व्यवसाय एवं रोजगार के अवसरों को भी उल्लेखनीय बढ़ावा मिल रहा है।

हर-हर महादेव एवं बम-बम भोले के जयघोष से गुंजायमान टनकपुर में प्रथम दल के प्रस्थान के साथ ही पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण रहा। देवभूमि उत्तराखंड ने एक बार फिर अपनी समृद्ध संस्कृति, परंपरा एवं अतिथि सत्कार की अनुपम मिसाल प्रस्तुत की।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, मंडल आयुक्त कुमाऊं एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत, पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊं मंडल निवेदिता कुकरेती, प्रबंध निदेशक कुमाऊं मंडल विकास निगम विनीत तोमर, जिलाधिकारी चम्पावत मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक चम्पावत रेखा यादव, जीएम कुमाऊं मंडल विकास निगम मनोज कुमार, उपजिलाधिकारी टनकपुर प्रमोद कुमार, जनप्रतिनिधिगण, आईटीबीपी, सेना, एसएसबी एवं ग्रेफ के अधिकारी, विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालु, जिला स्तरीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।