देवीधुरा में आठ मिनट तक चले अनूठे ऐतिहासिक युद्ध में फल और फूलों का किया गया प्रयोग

चम्पावत के विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ माँ वाराही धाम देवीधुरा में ऐतिहासिक बग्वाल मेले का भव्य आयोजन हुआ। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर आयोजित इस प्रसिद्ध मेले में आस्था, परंपरा, संस्कृति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। मेले में प्रतिभाग करने के लिए मा. मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी हेलीकॉप्टर से देवीधुरा हेलीपैड पहुंचे। हेलीपैड पर कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। हेलीपैड पर पारंपरिक लोकनृत्य छोलिया की मनमोहक प्रस्तुति के साथ मा. मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया।

मुख्यमंत्री ने शक्तिपीठ माँ वाराही देवी की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि माँ वाराही मइया सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देवीधुरा की पावन भूमि और विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक बग्वाल मेले को उत्तराखंड की अगाध आस्था, समृद्ध लोक-संस्कृति और सामुदायिक सहभागिता का जीवंत प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आधुनिक विकास के साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक जड़ों, लोक परंपराओं और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। विकास को केवल बुनियादी ढांचे तक सीमित न रखते हुए ऐतिहासिक एवं धार्मिक धरोहरों को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से ‘मानसखंड मंदिर माला मिशन’ के अंतर्गत कुमाऊँ क्षेत्र के प्रमुख पौराणिक एवं धार्मिक स्थलों का कायाकल्प किया जा रहा है। देवीधुरा मंदिर परिसर में 4.27 करोड़ रुपये की लागत से गढ़वाल खाम भवन तथा 4.57 करोड़ रुपये की लागत से रणकोची मंदिर के पुनर्निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। इसके अतिरिक्त घटोत्कच मंदिर का सौंदर्यीकरण, घटकु हिडिंबा मंदिर का निर्माण, सप्तेश्वर महादेव मंदिर में स्नानघाट तथा लधौनधुरा मेला स्थल का सौंदर्यीकरण कार्य पूर्ण किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि घटोत्कच से झालिमाली मंदिर मार्ग के डामरीकरण पर 1.95 करोड़ रुपये, विभिन्न मंदिरों के सौंदर्यीकरण के लिए 4.70 करोड़ रुपये तथा पूर्णागिरि मार्ग पर 5 करोड़ रुपये की स्ट्रीट लाइट परियोजना के कार्य किए जा रहे हैं। इसके साथ ही पाताल रुद्रेश्वर, खेतीखान सूर्य मंदिर, भूमिया देव मंदिर, भिगराड़ा मंदिर एवं डुंगरी-फत्याल शिव मंदिर से संबंधित विकास कार्य भी गतिमान हैं। विगत पांच वर्षों में धार्मिक अवस्थापना एवं सौंदर्यीकरण के तहत 68.58 करोड़ रुपये की लागत से 397 कार्य किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने देवीधुरा को नगर पंचायत क्षेत्र बनाने बात कही। साथ ही उन्होंने कहा कि देवीधुरा में 9.80 करोड़ रुपये की लागत से मल्टी लेवल पार्किंग का निर्माण कार्य शीघ्र कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि बग्वाल मेले को ‘राजकीय मेला’ घोषित कर इसकी गरिमा बढ़ाने के साथ ही व्यवस्थाओं को भी और अधिक सुदृढ़ किया गया है।

उन्होंने कहा कि धार्मिक पर्यटन का मूल उद्देश्य स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करना तथा रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना है। उन्होंने प्रदेशवासियों और विशेष रूप से युवा पीढ़ी से अपनी समृद्ध लोक परंपराओं एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में सक्रिय सहभागिता का आह्वान करते हुए ‘विकास भी और विरासत भी’ के संकल्प को दोहराया।

चार खाम-सात थोक के बीच खेली गई ऐतिहासिक बग्वाल
मुख्यमंत्री ने चार खामदृसात थोक के बीच खेले जाने वाले इस अनोखे प्राचीन पाषाण युद्ध का भी अवलोकन किया। रक्षाबंधन के अवसर पर मेले में बच्चियों एवं महिलाओं ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को राखी बांधकर रक्षाबंधन पर्व मनाया।

पाटी विकासखंड में स्थित माँ वाराही धाम में प्रधान पुजारी द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना के साथ बग्वाल की शुरुआत हुई। इसके बाद चारों खामकृवालिक (सफेद), चम्याल (गुलाबी), गहड़वाल (भगवा) और लमगड़िया (पीला)कृके बग्वालियों का प्रवेश हुआ। अलग-अलग रंगों के पारंपरिक वस्त्रों एवं पगड़ियों में सजे बग्वालियों के हाथों में बांस और रिंगाल से निर्मित ढालें थीं। शंखनाद और माँ वाराही के जयकारों के बीच बग्वाल का शुभारंभ हुआ।

फलों और फूलों की बरसात के बीच पूरा बग्वाल मैदान मां के जयकारों से गूंज उठा। इस वर्ष बग्वाल दोपहर 1रू48 बजे शुरू होकर 1रू55 बजे समाप्त हुई। 8 मिनट तक चले इस अनूठे ऐतिहासिक युद्ध में फल और फूलों का प्रयोग कर सदियों पुरानी परंपरा को जीवंत रखा गया। पीठाचार्य पंडित कीर्तिबल्लभ जोशी के अनुसार, फल-फूलों से खेली जाने वाली बग्वाल को अत्यंत शुभ एवं फलदायी माना जाता है।खामों के आगमन एवं बग्वाल के संचालन की जिम्मेदारी पीठाचार्य श्री कीर्तिबल्लभ जोशी ने निभाई।

मुख्यमंत्री ने कहा, “माँ वाराही मइया सबकी चिंता करती हैं। यह अनोखी विरासत केवल देवीधुरा के बग्वाल मैदान में देखने को मिलती है। यहां की परंपरा अनुशासन और भाईचारे की मिसाल है, जहां बग्वाल के बाद सभी योद्धा गले मिलते हैं।”

पिथौरागढ़ के ग्राम जाखनी स्थित बाबा गंगनाथ मंदिर का होगा सौंदर्यीकरणः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास से पिथौरागढ़ में आयोजित ऐतिहासिक हिलजात्रा महोत्सव को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों, विशेषकर पिथौरागढ़ की जनता को हिलजात्रा पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने ग्राम जाखनी, पिथौरागढ़ स्थित बाबा गंगनाथ मंदिर के सौंदर्यीकरण की घोषणा भी की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिलजात्रा उत्तराखंड की समृद्ध लोक परंपराओं, आस्था और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण पर्व है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार घर-घर में मां गौरा और भगवान महेश्वर की पारंपरिक पूजा के साथ सातू-आठू पर्व से हिलजात्रा की भक्ति धारा प्रवाहित होती है, उसी प्रकार सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और शांति की धारा निरंतर प्रवाहित होती रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 500 वर्षों से अधिक समय से मनाया जा रहा हिलजात्रा पर्व पिथौरागढ़ की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं की विशिष्ट पहचान बन चुका है। सोरघाटी की यह ऐतिहासिक हिलजात्रा हमारी आस्था, विश्वास और समृद्ध परंपराओं का प्रतीक होने के साथ ही पहाड़ी जीवन के संघर्ष, साधना और कृषि-पशुपालन पर आधारित ग्रामीण जीवन की विशिष्टताओं को भी दर्शाती है।

उन्होंने कहा कि हिलजात्रा केवल धार्मिक अथवा पारंपरिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारे सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन का अभिन्न हिस्सा है। यह पर्व हमें अपने पूर्वजों की महान परंपराओं, आदर्शों और वीरता का स्मरण कराने के साथ ही अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ता है। भगवान शिव के गण लखिया भूत का आगमन इस पर्व में सुख, समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और मार्गदर्शन में उत्तराखंड विकास, विरासत और विश्वास के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि केदारखंड की तर्ज पर मानसखंड के पौराणिक मंदिरों के पुनरुत्थान, संरक्षण और सौंदर्यीकरण के कार्य तेजी से आगे बढ़ाए जा रहे हैं। इसके साथ ही हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर, हरिपुर यमुना कॉरिडोर, गोल्ज्यू कॉरिडोर, विवेकानंद कॉरिडोर और शारदा कॉरिडोर जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स के माध्यम से प्रदेश की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को भव्य स्वरूप प्रदान किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन को केवल तीर्थाटन तक सीमित नहीं रखना चाहती। उत्तराखंड को पर्यटन के विभिन्न क्षेत्रों में वैश्विक पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। आज उत्तराखंड वेडिंग डेस्टिनेशन, एडवेंचर टूरिज्म और फिल्म शूटिंग के पसंदीदा केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का एक बड़ा संकल्प गांवों की खुशहाली है। इसी उद्देश्य से होम-स्टे योजना, लखपति दीदी और सौर स्वरोजगार योजना को गांव-गांव तक पहुंचाया जा रहा है। वहीं, ‘एक जनपद-दो उत्पाद’ और ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ के माध्यम से पहाड़ के हुनर और स्थानीय उत्पादों को देश-दुनिया में पहचान दिलाने का कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार यह भी सुनिश्चित कर रही है कि उत्तराखंड के पारंपरिक पर्व, मेले और त्योहार अपनी मूल पहचान एवं सांस्कृतिक स्वरूप के साथ आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित और संरक्षित रहें। इसी क्रम में ग्राम जाखनी, पिथौरागढ़ स्थित बाबा गंगनाथ मंदिर के सौंदर्यीकरण की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने युवा पीढ़ी का आह्वान करते हुए कहा कि हिलजात्रा जैसे पर्व युवाओं को अपनी संस्कृति और परंपराओं से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने युवाओं से अपनी सांस्कृतिक विरासत के महत्व को समझने और उसे भव्य स्वरूप प्रदान करने के सरकार के ‘विकल्प रहित संकल्प’ को सिद्धि तक पहुंचाने में योगदान देने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने अंत में सभी को हिलजात्रा पर्व की पुनः शुभकामनाएं देते हुए कामना की कि यह पावन पर्व सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और आनंद लेकर आए।

हवलदार पंकज के लापता होने पर परिजनों की सोशल मीडिया पर गुहार का सीएम धामी ने लिया स्वतः संज्ञान

चमोली की नीति घाटी में भारी बारिश के चलते उफान पर आए तमक नाले में लापता हुए बीआरओ के हवलदार पंकज की तलाश को लेकर उनके परिजनों ने सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार से मदद की गुहार लगाई थी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परिजनों की इस गुहार का स्वतः संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि हवलदार पंकज की तलाश के लिए चल रहे खोज एवं बचाव अभियान पर लगातार नजर रखी जाए और अभियान में हरसंभव तेजी लाई जाए। सेना, बीाआरओ, आईटीबीपी, पुलिस, जिला प्रशासन, एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की टीमें लगातार खोज अभियान में जुटी हैं।

हवलदार पंकज पिथौरागढ़ के निवासी हैं। पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी ने उनके परिजनों से संवाद कर उन्हें प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा भी परिवार से लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है तथा खोज अभियान की प्रगति की निरंतर जानकारी ली जा रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हवलदार पंकज के परिजनों से भी दूरभाष पर वार्ता कर उनका हाल जाना तथा उन्हें भरोसा दिलाया कि सरकार इस कठिन घड़ी में पूरी संवेदनशीलता के साथ उनके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने परिजनों को हवलदार पंकज की तलाश के लिए हरसंभव प्रयास किए जाने और परिवार को हर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि हवलदार पंकज की तलाश के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है और परिवार को हर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। संकट की इस घड़ी में सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ परिवार के साथ खड़ी है।

नैनीताल में सीएम धामी ने जानी जनता की जन समस्याएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज जनपद नैनीताल के भ्रमण पर राजकीय इंटर कॉलेज लाखनमंडी चोरगलिया पंहुचे, जहॉं हैलीपैड में कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, विधायक लालकुआं डॉ मोहन सिंह बिष्ट, अध्यक्ष जिला पंचायत दीपा दरमवाल ,उत्तराखंड सरकार में विभिन्न दायित्वधारी जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ मंजूनाथ टीसी एवं विभिन्न जनप्रतिनिधियों द्वारा उनका स्वागत किया गया।

भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा राजकीय इंटर कॉलेज लाखनमंडी में क्षेत्रीय जनता की समस्याओं को सुना गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह जनता की समस्याओं को प्राथमिकता से निस्तारित करें।

मुख्यमंत्री ने जनता व जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी कुलक्षेम पूछी व जनसमस्याएं सुनी। उन्होंने अधिकारियों को समस्याओं का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जन समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता है,इसलिए जनता की समस्याओं का शीघ्रता से समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि छोटी छोटी समस्याओं के लिए किसी को भी बार-बार चक्कर न लगाना पड़े, इसका ध्यान रखें।

तत्पश्चात मुख्यमंत्री द्वारा हल्द्वानी-चोरगलिया-
सितारगंज मार्ग में शेर नाला में 993.00 लाख की लागत से नव निर्मित 120 मीटर स्पान डबल लेन आर सी सी कंक्रीट सेतु का लोकार्पण किया।

बताते चलें कि शेर नाला उफान पर आने से मानसून सीजन में क्षेत्र के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। आवागमन बाधित होने के साथ ही क्षेत्रीय जनता लंबी दूरी तय कर गंतव्य तक पहुंचती थी। ऐसे में नव निर्मित 120 मीटर स्पान डबल लेन आरसीसी कंक्रीट सेतु के लोकार्पण से क्षेत्रीय जनता के साथ साथ पर्यटकों को भी सुविधा मिलेगी। क्षेत्र के लोगों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का हृदय से आभार जताया है।

अल्मोड़ा के राजस्व पुलिस एवं भूलेख सर्वेक्षण संस्थान का होगा आधुनिकीकरण

राजस्व परिषद देहरादून उत्तराखण्ड के सभागार में आयुक्त एवं सचिव, राजस्व परिषद रंजना राजगुरु की अध्यक्षता में राजस्व पुलिस एवं भूलेख सर्वेक्षण संस्थान, अल्मोड़ा के सुदृढ़ीकरण एवं आधुनिकीकरण के संबंध में बैठक आयोजित की गई। बैठक में उन्होंने संस्थान को भविष्य की प्रशासनिक आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने तथा प्रशिक्षण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं आधुनिक बनाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए।

आयुक्त एवं सचिव ने कहा कि राजस्व पुलिस एवं भूलेख सर्वेक्षण संस्थान, राजस्व विभाग के क्षेत्रीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों, विशेषकर नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक तथा राजस्व उप निरीक्षक (पटवारी/लेखपाल) के प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र है। इसलिए यहां का प्रशिक्षण ढांचा ऐसा विकसित किया जाए जिससे प्रशिक्षु आधुनिक प्रशासनिक आवश्यकताओं, सुशासन, पारदर्शिता तथा भू-अभिलेखों के प्रभावी प्रबंधन में दक्ष बन सकें और आमजन को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

बैठक में संस्थान में आधुनिक भू-सर्वेक्षण तकनीकों पर आधारित प्रशिक्षण को प्राथमिकता देने, अनुभवी प्रशिक्षकों की समय-समय पर नियुक्ति सुनिश्चित करने तथा डीजीपीएस रोवर, ईटीएस सहित आधुनिक सर्वेक्षण उपकरणों एवं नवीन सॉफ्टवेयर का व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही उन्होंने डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड्स मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम (क्प्स्त्डच्) के अंतर्गत उपलब्ध बजट का शत-प्रतिशत एवं समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित करने, संस्थान में आधुनिक प्रशिक्षण लैब स्थापित करने तथा जीआईएस एवं ई-गवर्नेंस से संबंधित विभागीय सॉफ्टवेयर का प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए । प्रशिक्षण सामग्री अथवा अन्य आवश्यक संसाधनों की आवश्यकता होने पर तत्काल प्रस्ताव राजस्व परिषद को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।

बैठक में संस्थान के आवासीय एवं गैर-आवासीय भवनों, छात्रावास, प्रशिक्षण मैदान तथा पुस्तकालय की वर्तमान स्थिति की भी समीक्षा की गई। जर्जर भवनों की मरम्मत, आवश्यक निर्माण कार्यों एवं प्रशिक्षण मैदान के उन्नयन हेतु बजट आवंटन तथा शासन स्तर से शीघ्र स्वीकृति प्राप्त करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के सचिव एवं आयुक्त राजस्व ने निर्देश दिए ।इसके अतिरिक्त संस्थान में प्रशिक्षण प्राप्त करने आने वाले प्रशिक्षुओं के लिए छात्रावास एवं मेस की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने, स्वच्छ वातावरण तथा गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।

सीएम धामी ने एनडीआरएफ बटालियन गदरपुर का किया भ्रमण, जवानों से संवाद कर आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं की ली जानकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने एक दिवसीय गदरपुर-रुद्रपुर भ्रमण कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) बटालियन, गदरपुर का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने एनडीआरएफ के अधिकारियों एवं जवानों से संवाद कर उनकी कार्यप्रणाली, आपदा प्रबंधन की तैयारियों तथा राहत एवं बचाव कार्यों से संबंधित व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड प्राकृतिक आपदाओं की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील राज्य है। ऐसे में एनडीआरएफ जैसी संस्थाओं की भूमिका जनजीवन की सुरक्षा और आपदा के समय त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रबंधन तंत्र को और अधिक आधुनिक, सशक्त एवं प्रभावी बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में शीघ्र और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

मुख्यमंत्री धामी ने एनडीआरएफ के अधिकारियों एवं जवानों के साहस, समर्पण और सेवा भावना की सराहना करते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी एनडीआरएफ के जवान पूरी निष्ठा और तत्परता के साथ मानव जीवन की रक्षा के लिए कार्य करते हैं। उनका अनुशासन, दक्षता और सेवा भाव पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है।

भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने एनडीआरएफ परिसर में पौधरोपण भी किया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने तथा उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आधारशिला भी है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में आधुनिक तकनीक, नियमित प्रशिक्षण और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय को प्राथमिकता दी जाए, जिससे किसी भी आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किए जा सकें।

इस अवसर पर एनडीआरएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बटालियन की कार्यप्रणाली, उपलब्ध संसाधनों, प्रशिक्षण गतिविधियों तथा आपदा राहत एवं बचाव अभियानों की जानकारी दी।

इस अवसर पर प्रभारी मंत्री प्रदीप बत्रा, विधायक अरविंद पाण्डे, शिव अरोरा, त्रिलोक सिंह चीमा, मेयर दीपक बाली, विकास शर्मा, जिलाध्यक्ष भाजपा मनोज पाल, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, कमांडेंट संतोष कुमार, सीएमओ परमिंदर सिंह, डिप्टी कमांडेंट दीपक भट्ट, राजेंद्र जोशी, अवनीश पुरोहित, मनोज जोशी, जवान आदि उपस्थित थे।

रामनगर-देहरादून एक्सप्रेस रेल सेवा का सीएम धामी व रेल मंत्री वैष्णव ने वर्चुअल माध्यम से किया संयुक्त फ्लैग ऑफ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वर्चुअल माध्यम से रामनगर-देहरादून एक्सप्रेस रेल सेवा का संयुक्त रूप से फ्लैग ऑफ कर नियमित संचालन का शुभारंभ किया। यह रेल सप्ताह में दो बार चलेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नई रेल सेवा उत्तराखंड की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह केवल एक नई ट्रेन नहीं, बल्कि कुमाऊं और गढ़वाल मंडलों के बीच विकास, संपर्क और अवसरों की नई जीवनरेखा सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री ने इस महत्वपूर्ण सौगात के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का प्रदेशवासियों की ओर से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तराखंड में रेलवे अवसंरचना का तेजी से विस्तार हो रहा है। उन्होंने कहा कि रामनगर से देहरादून तक संचालित होने वाली यह रेल सेवा काशीपुर, रोशनपुर, पिपलसाना, मुरादाबाद, नजीबाबाद और हरिद्वार होते हुए चलेगी, जिससे कुमाऊं और गढ़वाल के साथ-साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बड़े क्षेत्र से भी प्रदेश की सीधी और सुगम रेल कनेक्टिविटी स्थापित होगी। इससे यात्रियों, विद्यार्थियों, व्यापारियों, कर्मचारियों तथा पर्यटकों को सुरक्षित, सुविधाजनक और समयबद्ध यात्रा का लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेलवे आधुनिकता के नए युग में प्रवेश कर चुकी है। रेलवे सुरक्षा, गति, तकनीकी उन्नयन और यात्री सुविधाओं के क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन हुए हैं। वंदे भारत और नमो भारत जैसी अत्याधुनिक ‘मेड इन इंडिया’ ट्रेनों ने भारत की तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भरता को नई पहचान दी है। उन्होंने कहा कि रेलवे अब हरित एवं अत्याधुनिक तकनीकों की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखंड की महत्वाकांक्षी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना का कार्य अंतिम चरण में है। यह परियोजना राज्य के सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक तथा पर्यटन विकास को नई गति प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को दो वंदे भारत ट्रेनों की सौगात मिल चुकी है तथा वर्ष 2026-27 में प्रदेश को रेलवे अवसंरचना विकास के लिए रिकॉर्ड 4,769 करोड़ रुपये का रेल बजट प्राप्त हुआ है। वर्तमान में राज्य में लगभग 39 हजार करोड़ रुपये की विभिन्न रेलवे परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से उत्तराखंड में सड़क, रेल, स्वास्थ्य, शिक्षा, डिजिटल कनेक्टिविटी तथा आधारभूत संरचना के क्षेत्र में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से विकास की गति दोगुनी हुई है और राज्य सरकार उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

केंद्रीय रेल मंत्री बोले- यात्रियों की संख्या बढ़ने पर रामनगर-देहरादून एक्सप्रेस का संचालन प्रतिदिन किया जाएगा

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेल देश के सर्वांगीण विकास का मजबूत आधार बन रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में रेल संपर्क को सुदृढ़ करने के लिए केंद्र सरकार निरंतर कार्य कर रही है और नई रेल सेवाएं प्रदेश के आर्थिक विकास, पर्यटन और जनसुविधाओं को नई गति प्रदान करेंगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि रामनगर-देहरादून एक्सप्रेस क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करने के साथ-साथ आम नागरिकों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। अगर यात्रियों की संख्या बढ़ेगी तो इसे प्रतिदिन चलाया जायेगा। उन्होंने कहा कि यह एक्सप्रेस गढ़वाल और कुमाऊं के लिए सेतु का कार्य करेगी।

उत्तराखण्ड में रेलवे के विस्तार के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों की सराहना करते हुए केन्द्रीय रेल मंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड से देश के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने के लिए प्रमुख नई और विस्तसारित 20 रेल सेवाएं शुरू की गई। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के 11 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। उन्होंने राज्य में रेलवे के विस्तार के लिए पूरा सहयोग देने के लिए मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया।
रेल मंत्रालय द्वारा वर्ष 2023 से अब तक उत्तराखंड से देश के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने के लिए शुरू की गई प्रमुख नई/विस्तारित नियमित रेल सेवाओं की सूची-

1. देहरादून दृ आनंद विहार टर्मिनल वंदे भारत एक्सप्रेस
2. देहरादून दृ लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस
3. योग नगरी ऋषिकेश दृ प्रयागराज एक्सप्रेस
4. योग नगरी ऋषिकेश दृ वीरभूमि (मालदा टाउन) एक्सप्रेस
5. योग नगरी ऋषिकेश दृ यशवंतपुर (बेंगलुरु) एक्सप्रेस
6. देहरादून दृ बनारस एक्सप्रेस
7. देहरादून दृ सुभेदारगंज (प्रयागराज) एक्सप्रेस
8. हरिद्वार दृ गोरखपुर एक्सप्रेस
9. हरिद्वार दृ अमृतसर एक्सप्रेस (विस्तारित/नई सेवा)
10. टनकपुर दृ दिल्ली (पूर्णागिरि जनशताब्दी सेवा का विस्तार/सुदृढ़ीकरण)
11. लालकुआँ दृ राजकोट एक्सप्रेस (विस्तारित सेवा)
12. लालकुआँ दृ कोलकाता एक्सप्रेस
13. काठगोदाम दृ जैसलमेर एक्सप्रेस
14. काठगोदाम दृ मुंबई (बांद्रा टर्मिनस) एक्सप्रेस (विस्तारित सेवा)
15. देहरादून दृ कोटा एक्सप्रेस (सुधारित/विस्तारित सेवा)
16. हरिद्वार दृ लोकमान्य तिलक टर्मिनस विशेष सेवा (बाद में नियमित संचालन)
17. लालकुआँ दृ किशनगंज एक्सप्रेस (विशेष से नियमित संचालन की दिशा में सेवा)
18. उत्तराखंड से विभिन्न राज्यों के लिए नई मौसमी/विशेष सेवाओं में से एक को बाद में नियमित सेवा के रूप में शामिल किया गया।
19. टनकपुर से नांदेड़ साप्ताहिक एक्सप्रेस।
20. रामनगर- देहरादून एक्सप्रेस रेल सेवा।

इस अवसर पर वर्चुअल माध्यम से हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी, विधायक दीवान सिंह बिष्ट, अरविंद पांडे और रेलवे के अधिकारी मौजूद थे।

रुद्रपुर में बनेगा अत्याधुनिक विकास प्राधिकरण कार्यालय, ग्रीन बिल्डिंग मानकों के साथ समयबद्ध निर्माण के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के क्रम में आवास विभाग के
सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में राज्य सचिवालय में रानीखेत में प्रस्तावित दो बहुमंजिला पार्किंग परियोजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक में गैस गोदाम/आशियाना पार्क क्षेत्र तथा रोडवेज स्टेशन के समीप प्रस्तावित मल्टीलेवल पार्किंग योजनाओं की तकनीकी और वित्तीय स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। गैस गोदाम-आशियाना पार्क के निकट प्रस्तावित पार्किंग परियोजना का प्रारंभिक आंगणन ₹935.48 लाख था, जिसमें तकनीकी संपरीक्षा प्रकोष्ठ ने ₹861.73 लाख की धनराशि को औचित्यपूर्ण माना है। चार तल वाली इस पार्किंग में 59 वाहनों के खड़े होने की व्यवस्था के साथ महिला एवं पुरुष शौचालय भी प्रस्तावित हैं। यह क्षेत्र सदर बाजार के समीप स्थित है, जहां पार्किंग सुविधा के अभाव में मुख्य मार्ग पर वाहनों के खड़े होने से अक्सर जाम की स्थिति बनती है।

वहीं रोडवेज स्टेशन के निकट प्रस्तावित दूसरी मल्टीलेवल पार्किंग के लिए ₹499.92 लाख का आंगणन तैयार किया गया था, जिसमें तकनीकी समिति ने ₹480.23 लाख को उचित पाया है। इस पार्किंग में 13 चारपहिया और 141 दोपहिया वाहनों सहित कुल 154 वाहनों की पार्किंग की सुविधा विकसित की जानी है। परियोजना के लिए छावनी परिषद, रानीखेत द्वारा अनापत्ति भी प्रदान की जा चुकी है। निर्माण के बाद पार्किंग का संचालन जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण, अल्मोड़ा द्वारा किया जाएगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि दोनों परियोजनाओं की व्यवहार्यता, दोपहिया और चारपहिया पार्किंग के अनुपात, संभावित राजस्व, राजस्व साझेदारी मॉडल तथा प्रस्तावित स्थलों की उपयोगिता का विस्तृत परीक्षण किया जाए। सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर संशोधित आंगणन शीघ्र शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

वहीं दूसरी बैठक में सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने ऊधमसिंहनगर जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण के नए कार्यालय भवन निर्माण परियोजना की विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा बैठक में परियोजना की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए सचिव ने निर्माण कार्य को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने तथा भवन को पर्यावरण अनुकूल ग्रीन बिल्डिंग मॉडल के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। वर्तमान में जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण ऊधमसिंहनगर विकास भवन से संचालित हो रहा है और उसका कोई स्वतंत्र कार्यालय भवन नहीं है। ऐसे में जिले में संचालित मास्टर प्लान, प्रधानमंत्री आवास योजना, ट्रांसपोर्ट नगर और अन्य बड़ी अवसंरचना परियोजनाओं की निगरानी के लिए एक समर्पित एवं आधुनिक कार्यालय की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। प्रस्तावित भवन बनने के बाद प्रशासनिक और तकनीकी कार्यों के संचालन में उल्लेखनीय सुविधा मिलेगी। बैठक में बताया गया कि ग्राम कल्याणपुर, तहसील रुद्रपुर में 8740 वर्गमीटर भूमि पर यह परियोजना विकसित की जा रही है। जिलाधिकारी ऊधमसिंहनगर द्वारा जुलाई 2024 में यह भूमि प्राधिकरण को आवंटित की गई थी। स्थल की विशेषता यह है कि यह पूरी तरह मैदानी क्षेत्र में स्थित है और इसके आसपास कई सरकारी कार्यालय मौजूद हैं। दो ओर से सड़क संपर्क होने के साथ विद्युत, पेयजल और अन्य आधारभूत सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।

ग्रीन बिल्डिंग बनेगी पहचान
प्रस्तावित भवन को आधुनिक ग्रीन बिल्डिंग मानकों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। इसमें सोलर एनर्जी सिस्टम, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट जैसी पर्यावरणीय सुविधाएं शामिल होंगी। कुल भूमि के लगभग 40 प्रतिशत हिस्से में भवन निर्माण होगा, जबकि शेष क्षेत्र का उपयोग लैंडस्केपिंग और पार्किंग के लिए किया जाएगा। वर्तमान में परियोजना की भौतिक प्रगति लगभग 50 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, जबकि वित्तीय प्रगति 20 प्रतिशत दर्ज की गई है। परियोजना की कुल अनुमानित लागत 18.01 करोड़ रुपये है, जिसका तकनीकी परीक्षण नियोजन विभाग द्वारा किया जा रहा है।परियोजना के वित्त पोषण के लिए भारत सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में स्वीकृत 93 परियोजनाओं की सूची में इसे भी शामिल किया है। केंद्र सरकार द्वारा इस परियोजना के लिए दो करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। शेष कार्यों के लिए वर्तमान में प्राधिकरण की अवस्थापना निधि से व्यय किया जा रहा है। बैठक में सचिव डॉ. राजेश कुमार ने निर्देश दिए कि रेन वाटर हार्वेस्टिंग, लैंडस्केपिंग और ग्रीन बिल्डिंग संबंधी सभी मानकों का पूर्ण पालन किया जाए।

सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा रानीखेत जैसे महत्वपूर्ण पर्यटन एवं व्यापारिक नगरों में सुव्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था समय की आवश्यकता है। दोनों प्रस्तावों का तकनीकी और वित्तीय परीक्षण किया गया है। हमने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि परियोजनाओं की व्यवहार्यता, राजस्व मॉडल और स्थानीय आवश्यकताओं का गहन अध्ययन कर संशोधित प्रस्ताव शीघ्र उपलब्ध कराएं। इन योजनाओं के क्रियान्वयन से जाम की समस्या कम होगी, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय नागरिकों को बेहतर शहरी सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

ऊधमसिंहनगर विकास प्राधिकरण का नया कार्यालय भवन आधुनिक प्रशासनिक जरूरतों और पर्यावरणीय मानकों को ध्यान में रखकर विकसित किया जा रहा है। यह भवन न केवल प्राधिकरण की कार्यक्षमता बढ़ाएगा बल्कि ग्रीन बिल्डिंग अवधारणा का उत्कृष्ट उदाहरण भी बनेगा। निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा हो, इसके लिए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।

अल्मोड़ा से सीएम धामी ने ‘एक पेड़ माँ के नाम अभियान’ से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश’

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद अल्मोड़ा के गरुड़ाबाज मैदान में हरेला पर्व के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय ‘एक पेड़ माँ के नाम’ वृहद पौधारोपण कार्यक्रम तथा ‘‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की शुभकामनाएं देते हुए प्रकृति संरक्षण का सामूहिक संकल्प लेने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों एवं स्थानीय नागरिकों ने सहभागिता की। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए विभिन्न विभागों के स्टालों का अवलोकन किया तथा बड़ी संख्या में लोगों ने विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर जागेश्वर विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं की। उन्होंने कहा कि सरकार जागेश्वर क्षेत्र के समग्र विकास के लिए संकल्पित है। कहा कि हरेला केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी आस्था, संवेदनशीलता और उत्तरदायित्व का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम एक पौधा लगाकर उसके संरक्षण का संकल्प लेना चाहिए। यदि हम लगाए गए पौधों की जिम्मेदारी भी निभाएं तो आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और हरित पर्यावरण प्रदान कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वृद्ध जागेश्वर एवं जागेश्वर धाम में पूजा-अर्चना कर उन्हें अद्भुत आध्यात्मिक अनुभूति एवं नई ऊर्जा प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि यही ऊर्जा उन्हें प्रदेशवासियों की सेवा के लिए निरंतर कार्य करने की प्रेरणा देती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार देवभूमि की सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक पहचान एवं परंपराओं के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी), सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून तथा कठोर नकल विरोधी कानून लागू कर उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ करने के साथ-साथ युवाओं के भविष्य को सुरक्षित किया है। आज उत्तराखंड देश के अन्य राज्यों के लिए अनेक क्षेत्रों में प्रेरणा का केंद्र बना है। पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से हजारों युवाओं को सरकारी सेवाओं में अवसर प्रदान किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने ‘‘सेवा, सुशासन और समर्पण’’ के पाँच वर्ष पूर्ण किए हैं। इस अवसर पर प्रदेशभर में ‘‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’’ अभियान चलाकर सरकारी सेवाओं एवं योजनाओं का लाभ सीधे आमजन तक पहुंचाया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक विकास और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।

उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक महत्व एवं बौद्धिक परंपरा के लिए देशभर में विशिष्ट पहचान रखता है। यहां के प्रतिभाशाली लोगों ने राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड का गौरव बढ़ाया है। राज्य सरकार सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण, धार्मिक पर्यटन के विकास तथा स्थानीय संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप उत्तराखंड को आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन की दृष्टि से देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है।

इस अवसर पर ’केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा’ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। सड़क, रेल, डिजिटल कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं पर्यटन के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों से पर्वतीय क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का निरंतर विस्तार हो रहा है और अंतिम व्यक्ति तक विकास की किरण पहुंच रही है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रत्येक नागरिक से पौधारोपण एवं उसके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।

’कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत’ ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड ने बीते पाँच वर्षों में विकास के अनेक नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। सतत विकास लक्ष्यों, प्रति व्यक्ति आय, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार एवं आधारभूत संरचना के क्षेत्र में राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि सरकार विकास और जनसेवा के संकल्प के साथ कार्य कर रही है तथा प्रत्येक योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने हरेला पर्व को जनभागीदारी के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का सशक्त अभियान बताते हुए अधिकाधिक पौधारोपण का आह्वान किया।

’विधायक जागेश्वर मोहन सिंह मेहरा’ ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का जागेश्वर विधानसभा क्षेत्र के प्रति विशेष आत्मीय लगाव है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अपने कार्यकाल में लगभग 25 बार जागेश्वर क्षेत्र का भ्रमण कर चुके हैं, जो इस क्षेत्र के विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा क्षेत्र के लिए की गई विकासपरक घोषणाओं के लिए आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित स्टालों का अवलोकन किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोगों ने विभागीय शिविरों के माध्यम से विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ प्राप्त किया।

इस दौरान विधायक रानीखेत, डॉ प्रमोद नैनवाल, दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री गोविंद पिलख्वाल, कुंदन लटवाल, भावना मेहरा, जिला पंचायत अध्यक्षा हेमा गैडा, पलायन निवारण आयोग सदस्य अनिल सिंह साही, मेयर अल्मोड़ा अजय वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष एवं सदस्य जिला पंचायत महेश नयाल, प्रमुख वन संरक्षक कपिल लाल, सचिव उत्तराखंड शासन दिलीप जावलकर, अपर सचिव हिमांशु खुराना, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर घोड़के, मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा, अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र सहित जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी तथा बड़ी संख्या में आम जनमानस उपस्थित रहे।

इस दौरान मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाएं –

1. वृद्ध जागेश्वर का समग्र विकास किया जाएगा।

2. वृद्ध जागेश्वर मंदिर तक पेयजल योजना बनाई जाएगी।

3. जागेश्वर धाम के पौराणिक महत्व की धरोहरों विशेषकर ऐरावत गुफा, जटा गंगा उद्गम स्थल कोटिलिंग, कोटली स्थित शिव पौ (पाव) के साथ साथ आरतोला से जागेश्वर तक मोटर मार्ग किनारे स्थित मंदिरों का पर्यटन की दृष्टि से समग्र विकास किया जाएगा।
4. आरतोला के पास एक राज्य अतिथि गृह का निर्माण किया जायेगा।
5. जागेश्वर, वृद्ध जागेश्वर एवं आरतोला क्षेत्र में नए मोबाइल टावरों की स्थापाना का कार्य किया जाएगा।
6. आरतोला स्थित पार्किंग को मल्टी लेवल पार्किंग किया जायेगा।
7. आरतोला से जागेश्वर सड़क मार्ग में आरसीसी नाली तथा सड़क के सोल्डर को पेव्ड किया जायेगा जिससे बिना वृक्षों के पातन के सड़क की वाहन ले जाने की क्षमता में वृद्धि होगी।
8. दनया डिग्री कॉलेज में एमए की कक्षाएं शुरू की जाएंगी।

लोकपर्व हरेला पर सीएम धामी ने किया श्रावणी मेले का शुभारंभ, पौधरोपण कर दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्व प्रसिद्ध जागेश्वर धाम पहुंचकर पारंपरिक विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रावणी मेले का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने जागेश्वर धाम के दर्शन एवं पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं जन-कल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री ने श्रावणी मेले के सफल एवं सकुशल आयोजन की मंगलकामना करते हुए प्रदेशवासियों और देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत हमारी सबसे बड़ी धरोहर है। हरेला केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और मानव तथा प्रकृति के अटूट संबंध का प्रतीक है। उन्होंने सभी नागरिकों से अधिकाधिक पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जागेश्वर मंदिर परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।

श्रावणी मेले के उद्घाटन अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक पहचान को संरक्षित एवं संवर्धित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जागेश्वर धाम भारत की प्राचीन आध्यात्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र है और यहां आकर प्रत्येक व्यक्ति दिव्य ऊर्जा एवं आध्यात्मिक शांति का अनुभव करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें भी जागेश्वर धाम की पावन भूमि से सदैव नई ऊर्जा एवं प्रेरणा प्राप्त होती है। यही दिव्य ऊर्जा उन्हें प्रदेशवासियों की सेवा के लिए निरंतर कार्य करने की शक्ति प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य उत्तराखंड के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ते हुए उनकी मूल सांस्कृतिक एवं धार्मिक पहचान को अक्षुण्ण बनाए रखना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जागेश्वर मास्टर प्लान के अंतर्गत लगभग 147 करोड़ रुपये की लागत से जागेश्वर धाम का सौंदर्यीकरण एवं आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। इस परियोजना में मंदिर परिसर की प्राचीन गरिमा एवं मूल स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। इससे धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को नई गति मिलेगी, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा क्षेत्र की आर्थिकी को भी मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जागेश्वर धाम आगमन के बाद देशभर के श्रद्धालुओं में इस पवित्र धाम के प्रति विशेष आकर्षण बढ़ा है। इसका परिणाम है कि पिछले दो महीनों में चार लाख से अधिक श्रद्धालु जागेश्वर धाम पहुंच चुके हैं। आने वाले समय में यह संख्या और बढ़ेगी, जिससे स्थानीय व्यापार, पर्यटन एवं स्वरोजगार को व्यापक लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ‘‘विकल्प रहित संकल्प’’ के मंत्र के साथ उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य कर रही है। डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों से धार्मिक पर्यटन, आधारभूत ढांचे, कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनसहभागिता एवं प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखंड शीघ्र ही देश के अग्रणी एवं सर्वश्रेष्ठ राज्यों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा।

मुख्यमंत्री ने श्रावणी मेले में आए श्रद्धालुओं से आस्था, स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देवभूमि की पवित्रता, प्राकृतिक संपदा एवं सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। श्रावणी मेला हमारी समृद्ध परंपराओं, लोक संस्कृति एवं सामाजिक समरसता का जीवंत उत्सव है, जिसे और अधिक भव्य एवं दिव्य स्वरूप प्रदान करने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है।

इस दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, कैबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत, विधायक जागेश्वर मोहन सिंह मेहरा, जिला पंचायत अध्यक्षा हेमा गैडा, मेयर अल्मोड़ा अजय वर्मा, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर एस, जागेश्वर मंदिर समिति के पदाधिकारी सहित जनप्रतिनिधि, स्थानीय लोग एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्रावणी मेला शुभारंभ के साक्षी बने।