देवीधुरा चंपावत में सीएम धामी ने बच्चों से किया संवाद, जीवन के लक्ष्य भी जानें

अपने एक दिवसीय चम्पावत जनपद भ्रमण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी देवीधुरा स्थित राजकीय इंटर कॉलेज पहुँचे, जहाँ उन्होंने छात्र-छात्राओं से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया।

मुख्यमंत्री धामी ने बच्चों से शिक्षा, अनुशासन और जीवन के लक्ष्यों को लेकर संवाद करते हुए उन्हें मन लगाकर अध्ययन करने तथा अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर प्रयासरत रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सभी छात्र-छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं भी दीं।

इसके उपरांत मुख्यमंत्री धामी ने देवीधुरा में आयोजित ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान 2026’ के अंतर्गत आयोजित जिला प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

नानकमत्ता में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नानकमत्ता में आयोजित वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती समारोह का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया तथा बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नानकमत्ता साहिब की पावन धरती, जहां गुरुओं का आशीर्वाद सदैव बना रहता है, वहां महाराणा प्रताप जैसे महान राष्ट्रनायक का स्मरण करना गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप केवल मेवाड़ के शासक नहीं थे, बल्कि भारत की आन, बान और स्वाभिमान के अमर प्रतीक थे। उनका जीवन त्याग, संघर्ष, साहस और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणादायी गाथा है, जो आज भी हर भारतीय को ऊर्जा और गौरव से भर देती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन हमें यह संदेश देता है कि राष्ट्र, संस्कृति और स्वाभिमान की रक्षा के लिए परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं करना चाहिए। उन्होंने थारू समाज की परंपराओं, लोकगीतों, लोकनृत्यों और प्रकृति से जुड़ी जीवनशैली को उत्तराखंड की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के सम्मान, स्वाभिमान और समग्र विकास के लिए अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, वन धन योजना, जनजातीय विकास मिशन और अन्य योजनाओं के माध्यम से जनजातीय समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भी जनजातीय समाज के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। अटल आवास योजना के अंतर्गत आय सीमा को व्यावहारिक बनाया गया है तथा आवास निर्माण सहायता बढ़ाई गई है। उधम सिंह नगर में इस योजना के तहत लगभग 3 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता प्रदान की गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना और प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से भी बड़ी संख्या में जनजातीय परिवार लाभान्वित हुए हैं। शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजाति कल्याण विभाग के माध्यम से आश्रम पद्धति विद्यालयों, छात्रावासों और आईटीआई संस्थानों के विकास के लिए करोड़ों रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। खटीमा में बालिका छात्रावास के लिए 4 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जबकि बाजपुर में 16 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विद्यालय एवं छात्रावास का निर्माण किया जा रहा है। गदरपुर में 100 बेड का छात्रावास भी बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए आजीविका मिशन और वन धन केंद्रों के माध्यम से स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है। महिलाओं को 1 करोड़ रुपये से अधिक की चक्रीय निधि और 8 करोड़ रुपये से अधिक की निवेश सहायता प्रदान की गई है। इसके साथ ही जनजातीय शोध संस्थान के लिए 1 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड भी स्थापित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समाज की संस्कृति, परंपरा और पहचान के संरक्षण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने समाज को आश्वस्त किया कि उनकी सुरक्षा, सम्मान और विकास के लिए सरकार हर स्तर पर कार्य करती रहेगी।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम से पूर्व नानकमत्ता गुरुद्वारा साहिब में मत्था टेककर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना की।

कार्यक्रम में विधायक रूद्रपुर शिव अरोरा, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, मेयर विकास शर्मा, कार्यक्रम के संयोजक पूर्व विधायक प्रेम सिंह राणा, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति मौजूद थे।

खिलाड़ियों के साथ खेल मैदान में उतरे मुख्यमंत्री धामी, क्रिकेट और फुटबॉल खेलकर बढ़ाया युवाओं का उत्साह

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज अपने पिथौरागढ़ जनपद भ्रमण कार्यक्रम के दौरान श्री सुरेन्द्र सिंह वल्दिया स्टेडियम पहुंचकर उच्चीकृत क्रिकेट मैदान का लोकार्पण किया तथा क्रिकेट मैदान को जनपदवासियों को समर्पित किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने क्रिकेट पिच पर स्वयं बल्लेबाजी करते हुए छह गेंदों का ओवर खेलकर पिच का औपचारिक उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री का खिलाड़ियों के साथ खेल मैदान में उत्साहपूर्ण और आत्मीय अंदाज देखने को मिला।

इसके उपरांत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वहां उपस्थित खिलाड़ियों एवं युवाओं से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने खिलाड़ियों के साथ फुटबॉल, हॉकी एवं अन्य खेल गतिविधियों में भी सहभागिता की। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल केवल शारीरिक विकास का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना विकसित करने का सशक्त माध्यम भी हैं।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने वहां उपस्थित समस्त युवाओं को नशे के खिलाफ शपथ भी दिलाई तथा उन्हें नशे से दूर रहकर अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने युवाओं से नशे के खिलाफ राज्य में चल रहे अभियान से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि खेल युवाओं को अनुशासन, स्वस्थ जीवनशैली एवं सकारात्मक सोच की ओर प्रेरित करते हैं। मुख्यमंत्री ने समस्त खिलाड़ियों को आशीर्वाद प्रदान किया तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 9 खिलाड़ियों को सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए खेलों के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई और उत्तराखंड को खेल के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने का संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं में अपार प्रतिभा एवं क्षमता है। खेल महाकुंभ जैसे आयोजनों से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की प्रतिभाओं को अपनी कुशलता प्रदर्शित करने का बेहतरीन मंच प्राप्त हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई खेल नीति के माध्यम से राज्य के उदीयमान खिलाड़ियों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है, ताकि वे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन कर सकें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेल अधोसंरचना को मजबूत करने तथा आधुनिक खेल सुविधाओं के विस्तार हेतु निरंतर कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने पिथौरागढ़ सहित राज्य के विभिन्न जनपदों में खेलों के लिए बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने की बात कही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य युवाओं को खेलों के माध्यम से सकारात्मक दिशा प्रदान करना तथा उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है। मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि इस क्रिकेट मैदान में चारों ओर फ्लड लाइट की व्यवस्था की जाएगी।

इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, खेल प्रेमी एवं बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित रहे।

पिथौरागढ़ में मुख्यमंत्री धामी ने जिला अस्पताल पहुंच मरीजों का जाना हालचाल, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का दिया भरोसा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिथौरागढ़ भ्रमण कार्यक्रम के समापन उपरांत पिथौरागढ़ के जिला अस्पताल बी डी पाण्डेय पहुंचकर इमरजेंसी एवं चिल्ड्रन वार्ड का निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री ने अस्पताल में भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों से मुलाकात कर मरीजों का हालचाल जाना तथा उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली तथा अधिकारियों को मरीजों को बेहतर उपचार एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है और किसी भी मरीज को उपचार के अभाव में परेशानी नहीं होने दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री धामी ने मरीजों के परिजनों को आश्वस्त करते हुए कहा कि यदि किसी भी प्रकार की समस्या या दिक्कत आती है तो वे अपनी बात जिलाधिकारी आशीष भटगाईं के माध्यम से सीधे उन तक पहुंचा सकते हैं। मुख्यमंत्री के इस आत्मीय व्यवहार एवं संवेदनशीलता से अस्पताल में मौजूद मरीजों एवं उनके परिजनों में भरोसा और उत्साह देखने को मिला।

सीएम धामी ने किए मां राजेश्वरी के दर्शन, 1100 कन्याओं का अभिषेक कर श्री पीठम स्थापना महोत्सव में किया प्रतिभाग

अल्मोड़ा जनपद के डोल स्थित आश्रम में आयोजित श्री कल्याणिका हिमालय देवस्थानम न्यास के श्री पीठम स्थापना महोत्सव कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 1100 कन्याओं का पूजन कर माँ राजेश्वरी का अभिषेक एवं पूजा-अर्चना की तथा प्रदेश एवं देश की सुख-समृद्धि की कामना की।

डोल आश्रम में आगमन पर मुख्यमंत्री द्वारा आश्रम परिसर में स्थापित श्रीयंत्र एवं यहां संचालित आध्यात्मिक गतिविधियों का अवलोकन किया गया। उन्होंने कहा कि यहाँ स्थापित दुनिया के सबसे बड़े श्रीयंत्र को देखकर एक विशेष आध्यात्मिक अनुभूति होती है। उन्होंने कहा कि बाबा कल्याणदास की साधना एवं तपस्या के कारण यह स्थान आज पूरे विश्व में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है और आध्यात्मिक चेतना के प्रसार का एक प्रमुख केंद्र बन गया है। साथ ही उन्होंने बाबा कल्याणदास द्वारा वैश्विक स्तर पर आध्यात्मिक चेतना के प्रसार हेतु किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आश्रम धार्मिक आस्था, आध्यात्मिक साधना एवं सांस्कृतिक चेतना का प्रमुख केंद्र बन चुका है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है और चारधाम यात्रा में प्रतिवर्ष बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या प्रदेश में विकसित हो रही बेहतर व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं का परिणाम है।

कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, विधायक मोहन सिंह मेहरा, विधायक मनोज तिवारी, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष महेश नयाल, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर घोड़के, मुख्य विकास अधिकारी रामजीशरण शर्मा सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

वन विकास निगम की रजत जयंती पर बोले सीएम धामी, कुमाऊं में भी खुलेगा निगम का कार्यालय

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड वन विकास निगम स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर, मुख्यमंत्री आवास में आयोजित “रजत जयंती समारोह” में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कुमाऊं मंडल में भी वन विकास निगम का कार्यालय खोलने की घोषणा की। मौन पालन को और बढ़ावा देने के लिए वन क्षेत्र में बी बॉक्स स्थापित करने का प्रस्ताव कैबिनेट में लाने के निर्देश दिए। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वन विकास निगम के कर्मचारियों के बच्चों को सम्मानित भी किया, जिन्होंने बोर्ड परीक्षाओं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वन विकास निगम राज्य की इकोनॉमी के साथ ही इकोलॉजी के लिए भी महत्वपूर्ण है। निगम वनों के वैज्ञानिक प्रबंधन, वन उपज के टिकाऊ दोहन, आरक्षित वन क्षेत्रों में खनन और इको-टूरिज्म संचालन का कार्य करता है, साथ ही वन उत्पादों और प्रमाणित लकड़ी की सरकारी आपूर्ति करता है। उन्होंने कहा कि वन विकास निगम केवल आर्थिक गतिविधियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि वन क्षेत्रों से सूखे, मृतप्राय और उखड़े हुए पेड़ों को हटाकर उनकी जगह नए वन क्षेत्र विकसित करने में भी सहयोग कर रहा है। साथ ही, इको-टूरिज्म के माध्यम से युवाओं और छात्रों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी कार्य कर रहा है।

हिमकाष्ठ मोबाइल एप का लोकार्पण
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर “हिमकाष्ठ” मोबाइल एप्लीकेशन का लोकार्पण करते हुए कहा कि इस एप्लीकेशन के माध्यम से वन विकास निगम से लकड़ी की बिक्री की जा सकेगी। साथ ही फॉरेस्ट गुड्ज का ऑनलाइन ऑक्शन भी किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि निगम की आधुनिक ई-नीलामी प्रणाली और अन्य ऑनलाइन प्रक्रियाओं ने इस क्षेत्र में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को मजबूत करने का काम किया है। ये डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड वन विकास निगम ने अपनी इन 25 वर्षों की यात्रा में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। पिछले वर्ष उत्तराखंड वन विकास निगम ने 167 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया। ये उपलब्धि इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि जब नीति और नीयत साफ हो, तो संसाधनों का सही उपयोग विकास को नई दिशा दे सकता है।

इकोलॉजी और इकोनॉमी का संतुलन
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि घने जंगल, ऊँचे-ऊँचे शिखर, विशाल ग्लेशियर, पवित्र नदियाँ और समृद्ध जैव विविधता, देवभूमि उत्तराखंड की अमूल्य धरोहर हैं। अपनी इस प्राकृतिक संपदा की रक्षा करना न केवल हमारी जिम्मेदारी है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारा कर्तव्य भी है। उन्होंने कहा कि ये प्राकृतिक धरोहरें राज्य के आर्थिक विकास के लिए ही नहीं बल्कि हमारी लोक संस्कृति और लोक परंपरा का भी अत्यंत महत्वपूर्ण अंग है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में “इकोनॉमी, इकोलॉजी और टेक्नोलॉजी” के बीच संतुलन स्थापित करते हुए आगे बढ़ रही है।

तीर्थयात्रियों – पर्यटकों से की अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी विश्व मंच से ’’लाइफ स्टाइल फॉर एनवायरनमेंट’’ का आह्वान किया है जो मात्र एक नारा नहीं, बल्कि धरती मां को बचाने का एक महामंत्र है। उन्होंने उत्तराखंड आने वाले सभी पर्यटकों से अपील करते हुए कहा कि वे जब भी वे जंगल सफारी या किसी धार्मिक पर्यटन स्थल की यात्रा करें तो वहां गंदगी न फैलाएं। ये छोटा सा प्रयास पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा। उन्होंने कहा कि बीते कुछ दशकों में भौतिक विकास की जरूरत ने हमारी जीवनशैली को बदलने का काम किया है। लेकिन अगर हम विकास की दौड़ में प्रकृति, पर्यावरण और वनों को पीछे छोड़ देंगे, तो हमारा ये विकास हमेशा अधूरा ही रहेगा। इसलिए सबका ये प्रयास होना चाहिए कि भौतिक विकास और पर्यावरण का संतुलन हर हाल में बना रहे।

वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि राज्य में इकोनॉमी और इकोलॉजी में समन्वय के साथ वन संरक्षण की दिशा में निरंतर कार्य किये जा रहे हैं। वन सम्पदाओं को लोगों की आर्थिकी से जोड़ने के लिए अनेक प्रयास किये जा रहे हैं। पिछले वित्तीय वर्ष में वन विकास निगम ने कुल 627 करोड़ रूपये का राजस्व अर्जित किया। निगम द्वारा नवाचारों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक सविता कपूर, मोहन सिंह बिष्ट, सुरेश गड़िया, प्रमोद नैनवाल, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक रंजन कुमार मिश्र, सचिव सी. रविशंकर, प्रबंध निदेशक वन विकास निगम नीना ग्रेवाल मौजूद थे।

सीएम ने बनबसा के गुदमी क्षेत्र में भारत-नेपाल सीमा पर निर्माणाधीन आधुनिक लैंड पोर्ट परियोजना की जानकारी ली

नई दिल्ली स्थित उत्तराखण्ड निवास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष जयंत सिंह व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने चम्पावत जनपद के बनबसा (गुदमी) क्षेत्र में भारत-नेपाल सीमा पर निर्माणाधीन आधुनिक लैंड पोर्ट परियोजना की प्रगति की जानकारी ली। इस परियोजना को एशियन हाईवे से जोड़कर अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री धामी ने भारत-नेपाल सीमा पर स्थित उत्तराखंड राज्य के पिथौरागढ़ जनपद के सीमावर्ती क्षेत्रों धारचूला एवं झूलाघाट में सीमा व्यापार, आवागमन तथा आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ किए जाने से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्यों को स्थानीय आवश्यकताओं एवं जनहितों को प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ाया जाए, जिससे स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा तथा क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्राप्त होगी। इससे सीमावर्ती क्षेत्रों के उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध हो सकेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी, जिससे सुगमता के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित हो सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया को सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थानीय निवासियों की सुविधा हेतु चल रहे कार्यों को समयबद्ध एवं सुव्यवस्थित ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए।

डेटा आधारित शासन के इस युग में पुस्तकालयों की महत्वपूर्ण भूमिकाः बर्द्धन

भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) काशीपुर ने अपने परिसर में एशियन लाइब्रेरीज़ के 9वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन किया। यह तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 16 से 18 अप्रैल 2026 तक आयोजित किया जा रहा है, जिसका आयोजन एशियन लाइब्रेरी एसोसिएशन, नई दिल्ली के सहयोग से “विकसित होती सूचना परिदृश्यरू पुस्तकालयों को भविष्य के लिए तैयार करना” विषय के अंतर्गत किया जा रहा है।

उद्घाटन सत्र में उत्तराखंड सरकार के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर अपने मुख्य संबोधन में श्री आनंद बर्द्धन ने सूचना की प्रचुरता और डेटा-आधारित शासन के इस युग में पुस्तकालयों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। भारत की समृद्ध बौद्धिक विरासत, जैसे तक्षशिला और नालंदा, का उल्लेख करते हुए उन्होंने पुस्तकालयों को गतिशील, सुलभ और प्रौद्योगिकी-सक्षम ज्ञान केंद्रों के रूप में विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने उत्तराखंड सरकार द्वारा पुस्तकालय अवसंरचना को सुदृढ़ करने और समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने के प्रयासों का भी उल्लेख किया।

आईआईएम काशीपुर के निदेशक प्रो. नीरज द्विवेदी; कुमाऊं मंडल के आयुक्त दीपक रावत, ऊधम सिंह नगर के जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया; वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, एशियन लाइब्रेरी एसोसिएशन के अध्यक्ष आर. के. शर्मा; तथा आईआईएम काशीपुर की पुस्तकालय समिति के अध्यक्ष प्रो. ए. वी. रमण भी उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने मानव वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए स्थायी समाधान और जवाबदेही तय करने के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सर्किट हाउस, हल्द्वानी में जनपद नैनीताल के वरिष्ठ प्रशासनिक, पुलिस, वन एवं विकास विभाग के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में मानव-वन्यजीव संघर्ष, आगामी पर्यटन सीजन की तैयारियों तथा कानून-व्यवस्था, पेयजल, विद्युत, सिंचाई एवं जमरानी बांध परियोजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में आयुक्त कुमाऊं एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने जानकारी दी कि आगामी आदि कैलाश यात्रा के लिए 1 मई से पिथौरागढ़ जिला प्रशासन द्वारा इनर लाइन पास जारी किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि आदि कैलाश मार्ग वर्तमान में सुचारू है। इसके अतिरिक्त कैंचीधाम बाईपास का निर्माण कार्य प्रगति पर है तथा 30 मई तक इसे चालू करने का लक्ष्य है। मेट्रोपोल पार्किंग का निर्माण कार्य भी आगामी 10 दिनों में प्रारंभ किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इन घटनाओं की रोकथाम के लिए स्थायी समाधान खोजा जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि लोगों को जागरूक करने के साथ ही ऐसी व्यवस्थाएं विकसित की जाएं जिससे उन्हें जंगलों में जाने की आवश्यकता कम हो। साथ ही विभाग के प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही तय की जाए और आधुनिक तकनीक का उपयोग कर प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में सोलर फेंसिंग लगाने तथा वन विभाग और पुलिस की संयुक्त क्विक रिस्पॉन्स टीम को 24×7 सक्रिय रखने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नैनीताल जनपद प्रदेश का प्रमुख पर्यटन केंद्र है, जहां पर्यटकों की सुरक्षा के साथ-साथ वन क्षेत्रों से सटे गांवों में रहने वाले नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने रामनगर, हल्द्वानी, कालाढूंगी और नैनीताल जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी के निर्देश दिए |

आगामी पर्यटन सीजन को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को समयबद्ध तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़कों को गड्ढा-मुक्त रखने, ट्रैफिक प्रबंधन को सुदृढ़ करने, शटल सेवा एवं वैकल्पिक पार्किंग स्थलों को सक्रिय करने पर जोर दिया।

कानून-व्यवस्था की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत पर्यटन स्थलों पर हुड़दंग, नशाखोरी एवं ओवरचार्जिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने 24×7 निगरानी रखने, नियमित चेकिंग अभियान चलाने तथा पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न होने देने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने जमरानी बांध परियोजना की समीक्षा करते हुए कहा कि इस परियोजना से तराई एवं भावर क्षेत्र में पेयजल समस्या का समाधान होगा, भूजल स्तर में वृद्धि होगी तथा बाढ़ नियंत्रण में सहायता मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों को परियोजना को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।

बैठक में बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाए जाने के संबंध में भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कुमाऊं आयुक्त एवं जिलाधिकारी नैनीताल को आवश्यक कार्यवाही करते हुए प्रस्ताव शीघ्र शासन को भेजने के निर्देश दिए।

विद्युत व्यवस्था की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने ग्रीष्मकाल एवं मानसून को ध्यान में रखते हुए सभी विद्युत स्टेशनों में आवश्यक उपकरण एवं व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पेयजल संकट से निपटने के लिए भी समुचित व्यवस्थाएं समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही सिंचाई विभाग एवं अन्य एजेंसियों द्वारा संचालित कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी कार्य समयबद्ध पूर्ण करने के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से भी जनपद की विभिन्न समस्याओं की जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दर्मवाल, विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, विभिन्न जनप्रतिनिधि, मंडलायुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी, मुख्य विकास अधिकारी अरविंद पांडेय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने भीमताल में उप-तहसील बनाए जाने की घोषणा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल जनपद के भीमताल स्थित बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड साइंसेज में तीन दिवसीय तकनीकी एवं सांस्कृतिक वार्षिकोत्सव ‘स्पेक्ट्रम 2026’ का भव्य शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने संस्थान के कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन भी किया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि इस आयोजन तथा नव-निर्मित भवन से संस्थान के छात्र-छात्राओं को आधुनिक शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के नए अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि देश का भविष्य प्रतिभाशाली और संकल्पवान युवाओं के सुरक्षित हाथों में है।

उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को स्मरण करते हुए कहा कि भारत में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उन्हें पहचानने और उचित दिशा देने की है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि संस्थान का प्रबंधन इसी भावना के साथ कार्य करते हुए युवाओं की प्रतिभा को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्थान की स्थापना के समय पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय पंडित नारायण दत्त तिवारी द्वारा व्यक्त अपेक्षाओं के अनुरूप यह संस्थान दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों के मेधावी एवं जरूरतमंद विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने का कार्य निरंतर कर रहा है। उन्होंने संस्थान द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता, अनुशासन और संस्कारों की परंपरा को सराहनीय बताया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं द्वारा तैयार किए गए मॉडलों का अवलोकन किया तथा उनकी नवाचारी सोच और रचनात्मकता की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह संस्थान विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिड़ला संस्थान वर्षों से उत्तराखंड के युवाओं को तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। यहां से शिक्षित विद्यार्थी देश-विदेश में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रहे हैं तथा कई युवा प्रशासनिक सेवाओं, भारतीय सेना और स्टार्टअप के क्षेत्र में भी उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में युवाओं को सशक्त बनाने हेतु स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया, मुद्रा योजना, अटल इनोवेशन मिशन और पीएम युवा योजना जैसी पहलें संचालित की जा रही हैं, जो युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बना रही हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और युवाओं को नई संभावनाओं से जोड़ने के लिए लगातार कार्य कर रही है। नई शिक्षा नीति के अंतर्गत विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और बिग डेटा जैसे आधुनिक विषयों को शामिल किया गया है। साथ ही 20 मॉडल कॉलेजों की स्थापना, महिला छात्रावास, आधुनिक आईटी लैब एवं परीक्षा भवनों का निर्माण भी किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि ‘शेवनिंग उत्तराखंड छात्रवृत्ति’ के माध्यम से विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा के अवसर मिल रहे हैं तथा ‘इंफोसिस स्प्रिंगबोर्ड’ के सहयोग से आधुनिक कंप्यूटर आधारित पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। ‘देवभूमि उद्यमिता योजना’ और मुख्यमंत्री शोध प्रोत्साहन योजना के माध्यम से नवाचार एवं शोध को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसके तहत प्राध्यापकों को 18 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है और पिछले चार वर्षों में 32 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की गई है।

उन्होंने भीमताल विधानसभा क्षेत्र में किए जा रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि क्षेत्र में अनेक ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं और कई परियोजनाएं वर्तमान में प्रगति पर हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बिड़ला इंस्टीट्यूट में ड्रोन प्रयोगशाला की स्थापना, कंप्यूटर विभाग के उन्नयन तथा ऑडिटोरियम के लिए फर्नीचर उपलब्ध कराने हेतु 50-50 लाख रुपये की धनराशि प्रदान करने की घोषणा की। साथ ही क्षेत्रीय विकास से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, विभिन्न जनप्रतिनिधि, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी, मुख्य विकास अधिकारी अरविंद पांडेय सहित संस्थान के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।