खटीमा में उत्साह के साथ निकली प्रगति पथ यात्रा, सीएम धामी ने किया नेतृत्व

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने खटीमा प्रवास के दौरान भव्य “प्रगति पथ यात्रा” में प्रतिभाग किया। खटीमा मुख्य मार्ग पर आयोजित इस यात्रा में हजारों की संख्या में युवा, मातृशक्ति, पार्टी कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक तिरंगा लेकर शामिल हुए। पूरे मार्ग में देशभक्ति, विकास और जनसमर्थन का उत्साहपूर्ण वातावरण देखने को मिला।

प्रगति पथ यात्रा मुख्य चौराहे से होते हुए पंडित दीनदयाल उपाध्याय पार्क पहुंची, जहां मुख्यमंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके उपरांत यात्रा का समापन शहीद स्थल पर शहीदों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण एवं श्रद्धासुमन अर्पित कर किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्र निर्माण और समाज सेवा के लिए महान विभूतियों एवं शहीदों का योगदान सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।

यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री का विभिन्न स्थानों पर स्थानीय नागरिकों एवं कार्यकर्ताओं द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया। बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।

इस अवसर पर दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, रणजीत सिंह नामधारी, किशन सिंह किन्ना, दर्जा राज्य मंत्री हुकम सिंह कुंवर, मोहन पाठक, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद जोशी, जिला पंचायत सदस्य सागर सिंह धामी, पूर्व विधायक प्रेम सिंह राणा, अध्यक्ष नगर पंचायत नानकमत्ता प्रेम सिंह टुरना, सांसद प्रतिनिधि रविंद्र राणा, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र, अपर पुलिस अधीक्षक उत्तम सिंह नेगी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं जनता उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने खटीमा के बग्घा चौवन में “12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के” कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा के बग्घा चौवन में “12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के” कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित विशेष जनसंपर्क अभियान में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में पहुंचने पर क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री का छोलिया एवं थारू सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुतियों तथा पुष्पमालाओं से भव्य स्वागत किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वह दो दिवसीय खटीमा प्रवास पर हैं और अपने प्रवास के कार्यक्रमों की शुरुआत बग्घा चौवन से कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण हुए हैं। इन 12 वर्षों में प्रधानमंत्री ने देशहित में अनेक ऐतिहासिक एवं दूरगामी निर्णय लिए हैं, जिनसे भारत आज विश्व में एक मजबूत शक्ति के रूप में उभरकर सामने आया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पदभार ग्रहण करने के बाद से ही जनकल्याण को केंद्र में रखते हुए अनेक महत्वपूर्ण योजनाओं और अभियानों की शुरुआत की। मातृ शक्ति को सशक्त बनाने के उद्देश्य से “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान शुरू किया गया, जिससे बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर सुनिश्चित हुए हैं।

उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान के माध्यम से देशभर में स्वच्छता को जनआंदोलन बनाया गया और करोड़ों परिवारों को शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराई गई। इसी प्रकार प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के माध्यम से माताओं और बहनों को धुएं से मुक्ति दिलाने का कार्य किया गया। हर घर जल योजना के माध्यम से दूरस्थ और जल संकट वाले क्षेत्रों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का अभियान चलाया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से देश के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उत्तराखंड में भी प्रत्येक पात्र नागरिक को पांच लाख रुपये तक की निःशुल्क उपचार सुविधा मिल रही है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान योजना दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजनाओं में से एक है, जिसने गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत दी है।

उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के कठिन दौर में जब पूरी दुनिया प्रभावित थी और लोगों के रोजगार पर संकट आया था, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह सुनिश्चित किया कि कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे। इसी उद्देश्य से प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना शुरू की गई, जिसके माध्यम से करोड़ों लोगों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में भारत ने स्वदेशी वैक्सीन तैयार कर देशवासियों को निःशुल्क टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध कराई तथा विश्व के अनेक देशों को भी वैक्सीन उपलब्ध कराकर वैश्विक सहयोग और विश्व बंधुत्व का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से उत्तराखंड में भी अनेक ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं। राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता लागू करने का निर्णय लिया है। युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया, जिसके परिणामस्वरूप नकल माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए कई लोगों को जेल भेजा गया है।

उन्होंने कहा कि राज्य में अब तक 33 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी एवं निष्पक्ष प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां दी जा चुकी हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक क्षेत्र में विकास की गति तेज हो और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बग्घा चौवन क्षेत्र में भी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार और विकास कार्यों को गति देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि क्षेत्रवासियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, दर्जा राज्यमंत्री रंजीत सिंह नामधारी, प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश भट्ट, राजपाल सिंह, विमला बिष्ट, सोमनाथ मौर्य, मोहन सिंह चुफाल, देवेंद्र सिंह, मुख्य विकास अधिकारी देवेश शाशनी, अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. उत्तम सिंह नेगी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. के.के. अग्रवाल, उपजिलाधिकारी तुषार सैनी, हिमांशु कफल्टिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने गदरपुर में अंतर्राष्ट्रीय क्याकिंग एवं कैनोइंग प्रतियोगिता की तैयारियों का लिया जायजा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज ऊधम सिंह नगर जनपद के गदरपुर क्षेत्र में आयोजित होने वाली अंतर्राष्ट्रीय क्याकिंग एवं कैनोइंग प्रतियोगिता की तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने आयोजन स्थल पर पहुंचकर प्रतियोगिता से संबंधित विभिन्न तैयारियों, खिलाड़ियों के लिए की जा रही सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, तकनीकी व्यवस्थाओं, आवागमन, ठहरने की व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक प्रबंधों का बारीकी से निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए सभी तैयारियां निर्धारित मानकों के अनुरूप समयबद्ध रूप से पूर्ण की जाएं। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, निर्णायकों एवं देश-विदेश से आने वाले प्रतिभागियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं भी वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों का अनुभव लिया और कहा कि उत्तराखण्ड में साहसिक खेलों की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। राज्य की प्राकृतिक परिस्थितियां जल क्रीड़ा, पर्वतीय खेल और एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए अनुकूल हैं। इस दिशा में सरकार द्वारा खेल सुविधाओं के विस्तार और आधुनिक खेल अवसंरचना विकसित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि उत्तराखण्ड को खेलों के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाई जाए। इसके लिए खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करती हैं और उन्हें वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से केवल खेल गतिविधियों को ही बढ़ावा नहीं मिलता, बल्कि प्रदेश में पर्यटन, स्थानीय व्यवसाय, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलती है। उत्तराखण्ड की पहचान एक साहसिक पर्यटन राज्य के रूप में और अधिक मजबूत होगी तथा देश-विदेश के पर्यटक यहां की प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ खेल गतिविधियों से भी जुड़ेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार खेलों को जन-जन तक पहुंचाने और युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए कई स्तरों पर कार्य कर रही है। खेल प्रतिभाओं को चिन्हित कर उन्हें आगे बढ़ाने, प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रतियोगिता स्थल पर स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा सुविधा, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं उच्च गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित की जाएं, ताकि यह आयोजन उत्तराखण्ड की बेहतर कार्य संस्कृति और आतिथ्य का उदाहरण बने।

इस अवसर पर विधायक अरविन्द पांडेय सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

राज्य में किसानों के हित में हो रहा कार्य, बढ़ रही है आयः मुख्यमंत्री

जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच कृषि और किसानों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से हवालबाग में राज्य स्तरीय खेत बचाओ अभियान कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को देखते हुए कृषि संरक्षण, मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनाए रखने तथा किसानों को भविष्य की चुनौतियों के प्रति जागरूक करने पर विशेष जोर दिया गया। मोटे अनाजों विशेषकर मांडुआ, झंगोरा, चौलाई एवं अन्य पारंपरिक फसलों के संरक्षण और उत्पादन बढ़ाने का आह्वान किया गया।

कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि अल्मोड़ा की धरती पर किसानों के बीच आकर उन्हें नई ऊर्जा प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि खेत बचाओ अभियान अब केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा जनांदोलन बन चुका है। उन्होंने किसानों से अपनी कृषि भूमि, मिट्टी और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान केवल अन्नदाता ही नहीं बल्कि देश की शक्ति और हिम्मत हैं। हमारी संस्कृति में मिट्टी केवल भूमि का टुकड़ा नहीं बल्कि मां के समान पूजनीय है। इसलिए मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बनाए रखना और खेतों को रासायनिक पदार्थों से यथासंभव मुक्त रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए स्वस्थ और सुरक्षित कृषि व्यवस्था छोड़ना हम सभी की जिम्मेदारी है। कहा कि किसानों की आय में वृद्धि करने के लिए बजट में 200 करोड़ रुपये का प्राविधान भी किया है।

मुख्यमंत्री ने किसानों से नियमित रूप से मिट्टी का परीक्षण कराने, पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करने तथा कृषि विशेषज्ञों की सलाह और वैज्ञानिक शोध के अनुरूप खेती करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बदलते मौसम और जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप फसलों का चयन किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक समृद्धि दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं तथा इकोलॉजी और इकोनॉमी के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। प्रधानमंत्री के ष्मन की बातष् कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जल, जंगल, जमीन और प्रकृति संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की समृद्धि के लिए निरंतर कार्य कर रही है। किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से बागवानी क्षेत्र के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। पॉलीहाउस, फलोत्पादन, कोल्ड स्टोरेज, मेगा फूड पार्क तथा सुगंधित फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं लागू की गई हैं। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 23 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सुगंधित फसलों के उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मोटे अनाजों को भी विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को योजनाओं का लाभ सीधे डीबीटी के माध्यम से दिया जा रहा है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आय में वृद्धि के मामले में देश में उत्तराखंड का नाम प्रथम श्रेणी में आना सरकार की नीतियों की सफलता का जीता जागता उदाहरण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार किसानों से केवल वादे नहीं करती, बल्कि धरातल पर कार्य करने में विश्वास रखती है। उन्होंने किसानों से अपनी खेती और मिट्टी का परीक्षण कराने तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा जनपद में तारबाड़ योजना के अंतर्गत लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत से कार्य कराए जाने घोषणा भी की।

इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाते हुए उत्पादन बढ़ाने की दिशा में कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही है तथा अब तक सरकारी विभागों में 30 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में किसानों के हित में ड्रैगन फ्रूट, कीवी तथा मिलेट जैसी फसलों को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी नीतियां बनाई गई हैं। खेती का क्षेत्रफल घटने के बावजूद कृषि उत्पादों में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि खेतों को बचाकर ही आत्मनिर्भर उत्तराखंड का निर्माण संभव है।

जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन सरकार की नीतियों और योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जनपदवासियों को योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों, महिला समूहों, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने सहभागिता करते हुए कृषि संरक्षण, मिट्टी संवर्धन और जलवायु अनुकूल खेती को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित भी किया गया।

कार्यक्रम में विधायक रानीखेत डॉ प्रमोद नैनवाल, विधायक जागेश्वर मोहन सिंह मेहरा, विधायक सल्ट महेश जीना, जिला पंचायत अध्यक्षा हेमा गैडा, दायित्वधारी गंगा बिष्ट, गोविंद पिलख्वाल, मेयर अल्मोड़ा अजय वर्मा, कृषि सचिव सुरेंद्र नारायण पांडे, निदेशक कृषि, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं किसान उपस्थित रहे।

पीएम मोदी के एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत सीएम धामी ने अपनी माता के नाम से किया पौधा रोपित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जनपद नैनीताल के भीमताल में झील सौंदर्यीकरण अभियान कार्यक्रम में प्रतिभाग कर भीमताल झील परिक्षेत्र में पौध रोपण किया। इस दौरान उन्होंने उपस्थित जनसमूह को विश्व पर्यावरण दिवस की बधाई देते हुए पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति संकल्पबद्ध होकर कार्य करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की संस्कृति और जीवन शैली का प्रकृति के साथ गहरा जुड़ाव रहा है। हमारे लोकपर्व, परम्पराएं और जनजीवन सदैव पर्यावरण संरक्षण के मूल्यों को सुदृढ़ करते रहे हैं। यह दिवस प्रकृति के प्रति हमारी आस्था और संरक्षण की भावना को प्रदर्शित करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें एकजुट होकर प्रकृति के संरक्षण की दिशा में भी चिन्तन करना होगा। उन्होंने कहा कि नैनीताल जिला झीलों के नाम पर विश्वविख्यात है, यहॉं देश विदेश से वर्षभर पर्यटक आते हैं। झीलों का संरक्षण व सवर्धन सरकार की प्राथमिकता में है। इसी उद्देश्य से भीमताल झील किनारे फूलों के पौध रोपित करने के साथ ही इसका सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यहॉं की झीलों की देश-विदेश में विशिष्ट पहचान है। राज्य सरकार इस धरोहर के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयासरत है।

मुख्यमंत्री ने आह्वान करते हुए कहा कि इस मानसून में प्रत्येक नागरिक अधिक से अधिक पौधारोपण करने के साथ ही पौधों एवं जल स्रोतों के संरक्षण, नदियों एवं सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता तथा प्लास्टिक के उपयोग में कमी लाने के लिए आगे आएं। उन्होंने इस अभियान में सभी से सक्रिय भागीदारी की भी अपील की है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी पूज्य माता बिसना देवी के नाम से एक बोगनबेलिया का पौधा रोपित किया गया।

इस अवसर पर उत्तराखंड सरकार में शहरी विकास, पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन व जलागम प्रबंधन मंत्री रामसिंह कैड़ा द्वारा भी अपनी स्व. माता रेवती देवी जी की स्मृति में एक पौधा रोपण किया गया।

इस दौरान कुमाऊं आयुक्त व सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत द्वारा अपनी पूज्य माता सावित्री रावत, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल द्वारा अपनी पूज्य माता उमा देवी रयाल, मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं तेजस्विनी अरविंद पाटील द्वारा अपनी पूज्य माता स्व. मीना अरविंद पाटील की स्मृति में तथा मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पाण्डे द्वारा अपनी माता नागिन्दी पाण्डे, वन संरक्षक नितीश मणी त्रिपाठी द्वारा अपनी पूज्य माता नीलम मणी त्रिपाठी जी के नाम से पौधा रोपित किया गया।

इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह बिष्ट, प्रभागीय वनाधिकारी आकाश गंगवार, आईटीबीपी से 34 बटालियन के कमाडेंट हेमंत कुमार,जिला विकास अधिकारी गोपाल गिरी, मुख्य उद्यान अधिकारी प्रेमा राणा, एपीडी चंद्रा फर्त्याल सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि,गणमान्य नागरिक, प्रकृति प्रेमी आदि मौजूद रहे।

सचिव आवास ने किया नैनीताल में विभिन्न विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में नैनीताल जिले में झीलों के संरक्षण, पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और यातायात व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में आवास एवं राज्य सम्पत्ति विभाग के सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने शनिवार को विभिन्न विकास परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा की।

सचिव आवास एवं राज्य सम्पत्ति विभाग के डॉ आर राजेश कुमार द्वारा जनपद नैनीताल में विभिन्न विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान झीलों के पुनर्विकास, पर्यटन सुविधाओं के विस्तार एवं यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु संचालित एवं प्रस्तावित परियोजनाओं की प्रगति का विस्तृत अवलोकन किया गया।

भीमताल झील के सौंदर्यीकरण हेतु व्यापक कार्ययोजना

भीमताल झील के पुनर्विकास एवं सौंदर्यीकरण हेतु लगभग ₹25.67 करोड़ की डीपीआर तैयार की गई है। इस योजना के अंतर्गत झील के आसपास स्थित प्रमुख पार्कों का पुनर्विकास, दीनदयाल पार्क के समीप बोटिंग डॉक का विकास, झील किनारे 4210 मीटर लंबा कॉबल स्टोन पैदल मार्ग, उद्यानों का सौंदर्यीकरण, पार्किंग व्यवस्था में सुधार, सोलर स्ट्रीट लाइटिंग एवं स्ट्रीट फर्नीचर की स्थापना जैसे कार्य प्रस्तावित हैं। निरीक्षण के दौरान सचिव द्वारा इन सभी कार्यों को प्रस्तावित मानकों के अनुरूप शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।

नौकुचियाताल में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार

नौकुचियाताल झील के सौंदर्यीकरण हेतु लगभग ₹20.97 करोड़ की योजना के अंतर्गत बोटिंग स्टैंड, प्रतीक्षालय एवं टिकट काउंटर, पार्किंग सुविधा, फ्लोटिंग जेट्टी, 2089 मीटर लंबा पैदल मार्ग, गज़ीबो निर्माण, व्यूपॉइंट्स, लैंडस्केपिंग एवं सोलर लाइटिंग जैसी सुविधाओं का विकास प्रस्तावित है। निरीक्षण के दौरान इन कार्यों को भी निर्धारित समयसीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

कमलताल क्षेत्र में आधुनिक सुविधाओं का विकास
कमलताल क्षेत्र में ओपन शॉपिंग सेंटर (प्लाज़ा), 50 मीटर लंबा पैदल पुल, 100 मीटर पैदल मार्ग, पार्किंग व्यवस्था, सोलर लाइटिंग एवं लैंडस्केपिंग जैसे कार्य प्रस्तावित हैं। यह क्षेत्र भविष्य में एक प्रमुख पर्यटन आकर्षण के रूप में विकसित किया जाएगा।

भवाली में मल्टीलेवल पार्किंग एवं कॉम्प्लेक्स निर्माण

भवाली में लकड़ी टाल क्षेत्र में मल्टीलेवल कार पार्किंग एवं व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इस परियोजना में बेसमेंट में पार्किंग तथा भूतल एवं प्रथम तल पर लगभग 40 दुकानों का निर्माण प्रस्तावित है। कार्य की प्रगति लगभग 96 प्रतिशत पूर्ण हो चुकी है और पूर्ण होने पर यहां 124 वाहनों के लिए पार्किंग सुविधा उपलब्ध होगी। अधिकारियों को शेष कार्य शीघ्र पूर्ण कर संचालन प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए।

नैनीताल के मल्लीताल क्षेत्र में सरोवर पार्किंग निर्माण हेतु लगभग ₹42.77 करोड़ की परियोजना स्वीकृत है, जिसके अंतर्गत 605 चार पहिया एवं 202 दो पहिया वाहनों के लिए पार्किंग सुविधा विकसित की जाएगी। इसके अतिरिक्त नैनीताल क्लब के समीप नगर पालिका भूमि पर ऑटोमेटेड पार्किंग हेतु ₹30.43 करोड़ की परियोजना प्रस्तावित है, जिससे 202 चार पहिया एवं 96 दो पहिया वाहनों के लिए पार्किंग सुविधा उपलब्ध होगी।

लंबित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान सचिव द्वारा अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सभी निर्माण कार्यों को गुणवत्ता एवं निर्धारित समयसीमा के अनुरूप पूर्ण किया जाए।
जहां कार्य प्रारंभ नहीं हुए हैं, वहां शीघ्र कार्य प्रारंभ करने तथा आवश्यकता होने पर संबंधित कार्यदायी संस्थाओं में परिवर्तन करने के भी निर्देश दिए गए।

अशोक पार्किंग स्थल के उपयोग पर निर्देश

नैनीताल-हल्द्वानी मार्ग स्थित अशोक पार्किंग स्थल का निरीक्षण करते हुए निर्देशित किया गया कि पूर्व में स्वीकृत धनराशि का उपयोग करते हुए पार्किंग निर्माण हेतु आवश्यक कार्रवाई शीघ्र सुनिश्चित की जाए, ताकि यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाया जा सके।

पर्यटन और यातायात सुधार की दिशा में बड़ा कदम

यह निरीक्षण जनपद नैनीताल में पर्यटन विकास, झीलों के संरक्षण एवं यातायात प्रबंधन को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से न केवल स्थानीय नागरिकों को सुविधा मिलेगी, बल्कि पर्यटकों के लिए भी बेहतर अनुभव सुनिश्चित होगा।

स्थल निरीक्षण के दौरान सचिव, जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण, विजयनाथ शुक्ल, प्रोजेक्ट मैनेजर, उत्तराखंड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम, संदीप सिंह रावत, प्रोजेक्ट मैनेजर, उत्तराखंड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम, दिवाकर बडोनी, अधिशासी अभियंता, ग्रामीण निर्माण विभाग, नैनीताल, कमलेश जोशी, प्रोजेक्ट सेल ऑफिसर, जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण, नैनीताल, अनिल कुमार तड़ागी, सहायक अभियंता, जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण, नैनीताल, शिवम धीमान, अभिषेक कुमार तथा अवर अभियंता, अभिषेक कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

हमारी सरकार का स्पष्ट संकल्प कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज अल्मोड़ा पहुंचकर करीब 138 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।

अल्मोड़ा के सोबन सिंह जीना विवि के नवीन प्रशासनिक भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा को विभिन्न विकास योजनाओं की सौगात दी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं से सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सिंचाई, नगर विकास एवं ग्रामीण आधारभूत सुविधाओं को नई मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों। इसी उद्देश्य के साथ प्रदेशभर में सड़क संपर्क, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा व्यवस्था एवं पेयजल योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा जनपद सांस्कृतिक, ऐतिहासिक एवं पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहां की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए निरंतर विकास कार्य किए जा रहे हैं। इन योजनाओं के पूर्ण होने से जनपदवासियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी तथा क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई गति प्राप्त होगी।

मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा की जनता को इन विकास कार्यों के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दी और कहा कि उत्तराखंड सरकार जनसेवा एवं प्रदेश के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।

यहां केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्षा हेमा गैडा, विधायक रानीखेत डॉ प्रमोद नैनवाल, कुलपति एसएसजे विवि सतपाल सिंह बिष्ट, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर घोड़के सहित जनप्रतिनिधि, विवि प्रशासन के अधिकारी सहित अन्य उपस्थित रहे।

जिला सूचना अधिकारी अल्मोड़ा।

*लोकार्पण एवं शिलान्यास का विवरण*

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कुल 138.092 करोड़ रू0 की योजनाओं का लोकापर्ण एवं शिलान्यास किया गया जिनमें 112.113 करोड़ रू0 का लोकार्पण एवं 25.979 करोड़ रू0 की योजनाओं का शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री ने जिन योजनाओं का लोकार्पण किया गया उनमें तहसील रानीखेत में क्षतिग्रस्त आवास एवं कांफ्रेन्स हॉल निर्माण कार्य लागत 4.141 करोड़ रू0, राजकीय महिला पॉलीटेक्निक अल्मोड़ा में बाउण्ड्रीवाल लागत 3.833 करोड रू0़, जनपद अल्मोड़ा में भैरव मन्दिर अन्तर्गत अल्मोड़ा में एक पार्किंग का निर्माण कार्य लागत 2.867 करोड़ रू0, जी0आई0सी0 अल्मोड़ा में बहुस्तरीय पार्किंग का निर्माण कार्य लागत 4.850 करोड़ रू0, अल्मोड़ा में के0एम0ओ0यू0 बस स्टैण्ड में बहुस्तरीय पार्किंग का निर्माण कार्य लागत 3.295 करोड़ रू0, चचरोटी-खटलगॉव-दीपामाई ग्राम समूह पम्पिंग पेयजल योजना लागत रू0 9.919 करोड़ रू0, बदनगढ़ भौनडांडा ग्राम समूह पम्पिंग पेयजल योजना लागत 14.265 करोड़ रू0, शीतलाखेत-कठपुड़िया-दौलाघट मोटर मार्ग का सुधारीकरण लागत 10.081 करोड़ रू0, सोनी-तिलालीखेत मोटर मार्ग सुधारीकरण लागत 5.286 करोड़ रू0, रानीखेत-बुचड़ी-पन्त कोटुली से गगास मोटर मार्ग का सुधारीकरण लागत 9.946 करोड़ रू0, राजकीय कन्या इण्टर कालेज सारकोट लागत 1.346 करोड़ रू0, चौखुटिया में कुथलाड़ नदी पर बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य लागत 2.933 करोड़ रू0, विकासखण्ड स्याल्दे में ग्राम सियानगर, स्याल्दे बाजार एवं विनोद नदी से बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य लागत 6.749 करोड़ रू0, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लमगड़ा में ट्रान्जिट हॉस्टल का निर्माण कार्य लागत 1.980 करोड़ रू0, जागेश्वर में चायखान-थुवासिमल मोटर मार्ग के किमी0 10 से निरई ग्राम पंचायत तक 02 किमी0 सड़क का डामरीकरण व अन्य कार्य लागत 1.784 करोड़ रू0, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा के प्रशासनिक भवन एवं कुलपति आवास का निर्माण कार्य लागत 25.226 करोड़ रू0, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा के प्रशासनिक भवन एवं कुलपति आवास के अतिरिक्त निर्माण कार्य लागत 3.612 करोड़ रू0 है।

*मुख्यमंत्री ने जिन योजनाओं का शिलान्यास किया गया उनमें* गोविन्दपुर, दौलाघट में बैराज निर्माण कार्य लागत 2.058 करोड़ रू0, दन्या बाजार में स्थित श्री सैम देवता मन्दिर के सौन्दर्यीकरण का कार्य लागत 1.842 करोड़ रू0, विधानसभा चौखुटिया में राजकीय इण्टर कालेज महाकालेश्वर में 04 कक्षा-कक्षों का निर्माण कार्य लागत 1.000करोड़ रू0 , विधानसभा क्षेत्र अल्मोड़ा के एन0टी0डी0-कफड़खान-धौलछीना एमडीआर मोटर मार्ग के किमी0 01 से 11 में सुधारीकरण/डामरीकरण का कार्य लागत 8.403 करोड़ रू0, विकासखण्ड द्वाराहाट के अन्तर्गत मजखाली दिगोटी से मजेठी मोटर मार्ग में डामरीकरण का कार्य लागत 2.165 करोड़ रू0, अल्मोड़ा-खूॅट मोटर मार्ग के अवशेष भाग में सुधारीकरण/डामरीकरण का कार्य लागत 1.161 करोड़ रू0, विधानसभा क्षेत्र जागेश्वर के अन्तर्गत मोरनौला-जैंती मोटर मार्ग का डामरीकरण एवं सुधारीकरण का कार्य लागत 4.263 करोड़ रू0, विकासखण्ड लमगड़ा के अन्तर्गत पेटशाल-बमनस्वाल से कपकोट मोटर मार्ग के मरम्मत हेतु वन टाईम मेन्टेनेन्स का कार्य लागत 3.096 करोड़ रू0, विकासखण्ड लगमड़ा अन्तर्गत थुवासिमल-बिनौला से कुंज-आरा-लोहाना मोटर मार्ग का वन टाईम मेन्टेनेन्स का कार्य लागत 1.992 करोड़ रुपए है।

मुख्यमंत्री धामी ने एचीवर्स अवार्ड में उत्तराखंड को श्रेष्ठ राज्य बनाने का दोहराया संकल्प

राज्य स्तरीय एसडीजी एचीवर्स अवार्ड समारोह अल्मोड़ा के उदय शंकर नृत्य एवं संगीत अकादमी में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया।

इस वर्ष के लिए 32 संगठनों, व्यक्तियों, समूहों को उनके द्वारा किए गए नवाचारी एवं सतत पहलों के लिए सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त जिला स्तरीय एसडीजी की वार्षिक रैंकिंग में 6 जनपदों को शीर्ष तीन स्थान प्राप्त करने पर पुरस्कृत किया गया। मुख्यमंत्री ने पुरस्कृत विजेताओं को बधाई दी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एसडीजी अचीवर्स अवार्ड समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज का यह अवसर उन सभी व्यक्तित्वों और संस्थाओं को सम्मानित करने का है जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार, उत्कृष्ट कार्य एवं समाजहित में अनुकरणीय योगदान दिया है। उन्होंने सभी महानुभावों एवं संस्थाओं का स्वागत और अभिनंदन करते हुए कहा कि ऐसे कर्मयोगियों के बीच उपस्थित होना उनके लिए गौरव का विषय है, जिन्होंने अपने समर्पण, परिश्रम और संकल्प के बल पर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए निरंतर कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) की प्राप्ति की दिशा में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 32 ऊर्जावान औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया है। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों ने यह सिद्ध किया है कि मजबूत इरादों और सीमित संसाधनों के बावजूद असाधारण उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं तथा साधारण से असाधारण की यात्रा तय की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य को प्रत्येक वर्ष अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन जब पर्यावरण और विकास साथ-साथ चलते हैं तभी संतुलित एवं स्थायी विकास संभव होता है। यदि दोनों अलग-अलग हो जाएं तो विकास अधूरा रह जाता है। इकोलॉजी और इकोनॉमी की इसी सोच के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2030 तक सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय नीति आयोग के एसडीजी इंडिया इंडेक्स में उत्तराखंड 10वें स्थान पर था, जबकि ताजा रिपोर्ट के अनुसार आज राज्य पूरे देश में प्रथम स्थान पर पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि अभी भी कई ऐसे पैरामीटर हैं जिनमें और बेहतर कार्य करने की आवश्यकता है तथा सरकार उन क्षेत्रों में भी तेजी से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सुशासन, गरीब कल्याण, सीमांत क्षेत्रों के विकास, बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं के क्षेत्र में राज्य सरकार लगातार प्रभावी कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि एसडीजी में प्रथम स्थान प्राप्त करना इस बात का प्रमाण है कि उत्तराखंड की विकास यात्रा सही दिशा में आगे बढ़ रही है। विकसित भारत के निर्माण में उत्तराखंड भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है तथा प्रदेश के समग्र विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। प्रत्येक क्षेत्र के लिए विशेष नीति बनाए जाने से राज्य के समग्र विकास को गति मिली है।

उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों का परिणाम है कि राज्य की जीडीपी में 7.23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है तथा प्रति व्यक्ति आय में 4.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। साथ ही बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत की कमी लाकर उत्तराखंड ने राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन किया है।

उन्होंने कहा कि बीते चार वर्षों में उद्योग, स्टार्टअप, हेलीकॉप्टर सेवा, हाईवे निर्माण, ग्रीन एनर्जी एवं बिजली उत्पादन जैसे क्षेत्रों में हुए सकारात्मक बदलावों का ही परिणाम है कि राज्य में रिवर्स पलायन में वृद्धि दर्ज की गई है। अब लोग अपने पैतृक गांवों की ओर लौट रहे हैं तथा स्थानीय स्तर पर विभिन्न प्रकार के रोजगार एवं स्वरोजगार अपनाकर प्रदेश के विकास में भागीदारी निभा रहे हैं।

कार्यक्रम में उपस्थित केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि एसडीजी रैंकिंग में राज्य का श्रेष्ठ स्थान आना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के राज्य के प्रति लिए गए संकल्पों का परिणाम है। यह हमारे लिए गौरव की बात है जिसे हमारे राज्य के कर्मयोगियों ने सफल किया है।

प्रमुख सचिव नियोजन तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी एंड गुड गवर्नेंस (CPPGG) डॉ आर मीनाक्षी सुन्दरम ने एसडीजी की अवधारणा आदि पर विस्तार से प्रकाश डाला तथा एसडीजी अचीवर्स अवार्ड प्राप्त करने वाले अवॉर्डियों का विवरण दिया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए सभी की भागीदारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने राज्य को एसडीजी रैंकिंग में मिले पहले स्थान के लिए किए गए प्रयासों एवं उपलब्धियों को भी विस्तार से बताया।

जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत और धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि जनपद का समग्र विकास हमारा संकल्प है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जनपद की जनता को लाभान्वित करना, उनका जीवन स्तर ऊंचा करना हमारी प्रतिबद्धता है। उन्होंने कार्यक्रम के लिए पधारे अतिथियों, विजेताओं और आम जनमानस का धन्यवाद ज्ञापित किया।

उल्लेखनीय है कि स्तरीय एसडीजी की वार्षिक रैंकिंग में *प्रथम* स्थान रुद्रप्रयाग को मिला। *द्वितीय* स्थान उत्तरकाशी तथा नैनीताल ने प्राप्त किया। *तृतीय* स्थान पर बागेश्वर, चमोली तथा टिहरी शामिल हैं।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्षा हेमा गैडा, विधायक रानीखेत डॉ प्रमोद नैनवाल, दर्जधारी राज्य मंत्री गंगा बिष्ट और गोविंद पिलख्वाल, सदस्य पलायन आयोग अनिल सिंह साही, जिलाध्यक्ष भाजपा महेश नयाल , मेयर अल्मोड़ा अजय वर्मा, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी एंड गुड गवर्नेंस (CPPGG) मनोज पंत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर घोड़के, अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी रेणु भंडारी सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि, आम जनमानस एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।

फेक नैरेटिव और भ्रामक सूचनाओं से सतर्क रहेंः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी में आयोजित “सोशल मीडिया मंथन विथ सीएम धामी” कार्यक्रम में प्रतिभाग कर सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स, कंटेंट क्रिएटर्स, डिजिटल वॉलेंटियर्स एवं युवाओ के साथ संवाद किया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित युवाओं ने सोशल मीडिया, उत्तराखंड के विकास, रोजगार, संस्कृति, राष्ट्रवाद और युवाओं की भूमिका से जुड़े विभिन्न विषयों पर मुख्यमंत्री श्री धामी से सवाल पूछे, जिनका उन्होंने बेबाकी, स्पष्टता और आत्मीयता के साथ जवाब दिया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने, सकारात्मक परिवर्तन लाने और राष्ट्र निर्माण में भागीदारी निभाने का एक प्रभावशाली प्लेटफॉर्म बन चुका है। उन्होंने कहा कि आज का युवा डिजिटल माध्यमों के जरिए अपनी बात पूरी दुनिया तक पहुंचाने की क्षमता रखता है और उत्तराखंड के युवाओं में अपार प्रतिभा मौजूद है।

मुख्यमंत्री धामी ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि सोशल मीडिया का उपयोग सकारात्मकता, सत्य और समाजहित के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि फेक नैरेटिव, भ्रामक सूचनाओं और समाज को बांटने वाली ताकतों से सतर्क रहने की आवश्यकता है। सोशल मीडिया पर जिम्मेदार व्यवहार और तथ्यपरक जानकारी साझा करना आज प्रत्येक युवा की जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया को जनसंवाद का सशक्त माध्यम बनाया है और निरंतर युवाओं से सीधे संवाद स्थापित कर उन्हें राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनने के लिए प्रेरित किया है। इसी भावना के साथ उत्तराखंड सरकार भी युवाओं को आगे बढ़ाने, रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने, स्टार्टअप, नवाचार, खेल, संस्कृति और पर्यटन के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने नकल विरोधी कानून, समान नागरिक संहिता, धर्मांतरण विरोधी कानून और सख्त भू-कानून जैसे ऐतिहासिक निर्णय लेकर युवाओं और प्रदेश के भविष्य को सुरक्षित करने का कार्य किया है। उत्तराखंड की संस्कृति, परंपरा और देवभूमि की पहचान को संरक्षित रखते हुए विकास के नए आयाम स्थापित किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम के दौरान सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स ने अपने सुझाव एवं अनुभव भी साझा किए। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार युवाओं के सुझावों और सकारात्मक सहभागिता का सदैव स्वागत करती है तथा डिजिटल इंडिया के इस दौर में उत्तराखंड के युवा प्रदेश के ब्रांड एम्बेसडर बनकर दुनिया के सामने राज्य की सकारात्मक छवि प्रस्तुत करें।

इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, राम सिंह कैड़ा, विधायक सरिता आर्या, जिलाध्यक्ष भाजपा प्रताप सिंह बिष्ट, दायित्वधारी शंकर कोरंगा, महापौर गजराज सिंह बिष्ट, गोविंद सिंह समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

ऐतिहासिकः हल्द्वानी में 6.75 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक मीडिया सेन्टर का शिलान्यास, सीएम धामी ने किया बड़ा ऐलान

देवभूमि उत्तराखण्ड में पत्रकारों के सशक्तिकरण, आधुनिक सुविधाओं के विस्तार एवं लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक मजबूती प्रदान करने की दिशा में आज एक ऐतिहासिक पहल की गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुमाऊँ मीडिया सेन्टर भवन, हल्द्वानी का विधिवत शिलान्यास किया।

₹6 करोड़ 75 लाख 88 हजार रुपये की लागत से निर्मित होने वाला यह अत्याधुनिक मीडिया सेन्टर कुमाऊँ मंडल के पत्रकारों के लिए एक समर्पित, सुसज्जित एवं बहुउद्देश्यीय केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को समर्पित एक आधुनिक केंद्र
मुख्यमंत्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह मीडिया सेन्टर केवल एक भवन नहीं, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभकृपत्रकारिताकृको समर्पित एक जीवंत मंच होगा। यह केन्द्र पत्रकारों की कर्मस्थली, विचार-विमर्श का संगम और जन-जन की आवाज को सशक्त रूप से अभिव्यक्त करने का माध्यम बनेगा।उन्होंने कहा कि अब तक कुमाऊँ मंडल के पत्रकारों को कई महत्वपूर्ण कार्यों के लिए देहरादून पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन इस मीडिया सेन्टर के निर्माण के बाद अधिकांश कार्य हल्द्वानी से ही संचालित हो सकेंगे, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा मीडिया सेन्टर
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि इस भवन में आधुनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इनमें प्रमुख रूप से
आधुनिक प्रेस कॉन्फ्रेंस हॉल।
हाई-स्पीड इंटरनेट सुविधा।
डिजिटल स्टूडियो।
समृद्ध लाइब्रेरी।

’कैंटीन एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं के साथ-साथ दूरस्थ क्षेत्रोंकृमुनस्यारी, बागेश्वर, कपकोट, पिथौरागढ़, चंपावत, अल्मोड़ा एवं रानीखेत आदि क्षेत्रों से आने वाले पत्रकारों के लिए आवासीय गेस्ट रूम की व्यवस्था भी की जाएगी, जिससे उन्हें आवागमन की कठिनाइयों से राहत मिल सके।

समाचार पत्रों के निरीक्षा कार्य होंगे सुगम
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि समाचार पत्रों से संबंधित निरीक्षा कार्य अब इसी मीडिया सेन्टर से संपन्न किए जाएंगे। इससे पारदर्शिता, दक्षता एवं त्वरित कार्यप्रणाली को बढ़ावा मिलेगा और पत्रकारों को प्रशासनिक प्रक्रियाओं में आसानी होगी।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार पत्रकारों के कल्याण एवं सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने सरकार द्वारा उठाए गए महत्वपूर्ण कदमों का उल्लेख करते हुए कहा कि
पत्रकार कल्याण कोष में वृद्धिरू कोष की राशि बढ़ाकर ₹5 करोड़ कर दी गई है, जिससे आकस्मिक निधन या गंभीर बीमारी की स्थिति में पत्रकारों के परिजनों को त्वरित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।अधिस्वीकृत पत्रकारों एवं उनके आश्रितों के लिए ₹5 लाख तक की कैशलेस स्वास्थ्य बीमा सुविधा लागू की गई है। इसके साथ ही 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ पत्रकारों को ₹8000(आठ हजार) प्रतिमाह पेंशन प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह मीडिया सेन्टर हल्द्वानी को कुमाऊँ क्षेत्र का एक प्रमुख मीडिया हब बनाएगा। यहां से संचालित होने वाली पत्रकारिता न केवल क्षेत्रीय बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रभावी भूमिका निभाएगी।
उन्होंने पत्रकारों से आह्वान किया कि वे सकारात्मक पत्रकारिता को बढ़ावा दें, विकास कार्यों को जन-जन तक पहुंचाएं तथा जहां कहीं कमियां हों, वहां निष्पक्ष रूप से सरकार को अवगत कराएं। उन्होंने कहा कि “आपकी कलम ही सरकार के लिए मार्गदर्शक है और लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति है।”

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि चंपावत जनपद के टनकपुर में मीडिया सेंटर गेस्ट हाउस का निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है, जिससे सीमांत क्षेत्रों के पत्रकारों को भी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
इस अवसर पर मा० सांसद अजय भट्ट, मा०कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, राम सिंह कैड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरम्वाल, विधायक सरिता आर्या,अध्यक्ष मीडिया सलाहकार समिति उत्तराखंड गोविन्द सिंह,मेयर हल्द्वानी गजराज सिंह,ब्लॉक प्रमुख हल्द्वानी मंजू गौड़, ब्लॉक प्रमुख भीमताल हरीश बिष्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह बिष्ट,
उत्तराखंड सरकार में दर्जा राज्यमंत्री डॉ अनिल कपूर डब्बू, ध्रुव रौतेला, दिनेश आर्या, सुरेश भट्ट, शंकर कोरंगा, नवीन वर्मा,दीपक मेहरा,दिनेश मानसेरा,
के अतिरिक्त महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल,एसएसपी डॉ मंजूनाथ टीसी, मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पाण्डे,उपनिदेशक सूचना बद्रीचंद्र, जिला सूचना अधिकारी गिरिजा शंकर जोशी, सूचना अधिकारी अहमद नदीम, व्यवस्था अधिकारी रामपाल उत्तराखंड पेयजल निर्माण निगम के महाप्रबंधक कुमाऊं अनूप कुमार पाण्डे, परियोजना प्रबंधक एस पी बड़ौनी
सहित प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में पत्रकार बंधु कार्यक्रम में मौजूद रहे।

कुमाऊँ मीडिया सेन्टर का निर्माण उत्तराखण्ड में मीडिया इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। यह पहल पत्रकारों को आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के साथ-साथ राज्य में पारदर्शी, जवाबदेह एवं सशक्त लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक मजबूती प्रदान करेगी।यह ऐतिहासिक कदम मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दूरदर्शी नेतृत्व और पत्रकार हितैषी नीतियों का प्रतीक है, जो आने वाले समय में उत्तराखण्ड को मीडिया सशक्तिकरण के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।