एसबीएम पब्लिक स्कूल फाइनल मुकाबले में पहुंचा

 

ऋषिकेश।
रविवार से शुरु हुई दो दिवसीय अन्तर विद्यालयीं बॉलीबाल प्रतियोगिता का शुभारंभ व्यवस्था परिवर्तन मंच के अध्यक्ष डा. राजे नेगी ने किया। प्रतियोगिता में 36 टीमें (बालक/बालिकाऐं) प्रतिभाग कर रही है। प्रतियोगिता के संयोजक दिनेश पैन्यूली ने बताया कि दो पूलों की ए टीम में 17 व पूल बी में 12 टीमें बां

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टी गयी है। बालक वर्ग में 23 टीमें व बालिका वर्ग में 13 टीमें शामिल की गयीं है।
पहले दिन कुल आठ मैच खेले गये। बालक वर्ग में पूल ए की टीम एसबीएम पब्लिक स्कूल ने मदर मेरिकल को हराकर फाइनल मुकाबले में जगह

बनाने में सफलता हासिल की। जबकि पूल बी में दून भवानी, भागीरथी, एसडीएम व डीएवी सेमीफाइनल में पहुंचने में सफल रही। बालिका वर्ग में हिम ज्योति बी, डीएसबी, हिम ज्योति ए व डीएवी ने सेमीफाइनल के मुकाबले में प्रवेश किया।

कार्यक्रम का संचालन डा. सुनील थपलियाल ने किया। निर्णायक मंडल में सुरेन्द्र गोनियाल, सुखदेव बड़ोनी, अशोक खंडुड़ी, दीपक रावत, सुमन पैन्यूली, संध्या राणा, ममता बगीयाल, माधुरी रमोला शामिल रहे। पहले दिन बालक वर्ग के 15 मैच व 11 मैच बालिका वर्ग के खेले गये। इस मौके पर एसएल भटट, डीपी रतूड़ी, डीएस गुसाईं, कुलवीर सिंह, मंगलानंद कुकरेती आदि मौजूद रहे।

 

डीएसबी स्कूल ने जीतीं कराटे चौम्पियनशिप

 

ढालवाला स्थित होटल चन्द्रा पैलेस में 7वीं राज्य स्तरीय विद्यालयी कराटे प्रतियोगिता में देवेन्द्र स्वरुप ब्रह्मचारी इंटरनेशनल स्कूल विजेता रहा। वक्ताओं ने कराटे प्रशिक्षण को आत्मरक्षा के लिए जरुरी बताया।102
रविवार को 7वीं राज्य स्तरीय दो दिवसीय विद्यालयी कराटे प्रतियोगिता में विभिन्न वर्गो में सबसे ज्यादा पदक जीतकर डीएसबी स्कूल पहले स्थान पर रहा। जबकि शैमफोर्ड स्कूल दूसरे व लवकुश स्कूल तीसरे स्थान पर रहे। प्रतियोगिता का शुभारंभ विधायक प्रेमचन्द अग्रवाल ने किया। वहीं, समापन पर पालिकाध्यक्ष दीप शर्मा ने विजयी खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया।
प्रतियोगिता आयोजक विश्वनाथ राजपूत ने बताया कि 5-6 आयु वर्ग में नेहल ने काता व खुमिते दोनो वर्गो में स्वर्ण पदक जीते। आयु वर्ग 8-10 में अक्षिता व आयु वर्ग 10-12 में स्वाति ने स्वर्ण पदक जीता।
इस मौके पर मदनमोहन शर्मा, अरविन्द जैन, नवल कपूर, चन्द्रमोहन तिवाड़ी, दिनेश राणा, करुणानिधि पाण्डेय, पवन तिवारी, रजत विक्रम, अमन जैन, दीपाली, अंजलि, हर्ष, पंकज, संदीप आदि मौजूद थे।
फोटो 22 आरएसके 11 रविवार को 7वीं राज्य स्तरीय विद्यालयी कराटे प्रतियोगिता में विजयी खिलाड़ियों को सम्मानित करते पालिकाध्यक्ष दीप शर्मा।

देश का पहला पदक साक्षी के नाम

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Wrestling - Women's Freestyle 58 kg Bronze

नई दिल्ली। पहली बार महिला कुश्ती में ओलंपिक पदक जीत कर इतिहास रचने वाली साक्षी मलिक भले ही हरियाणा की रहने वाली हों, लेकिन लखनऊ को भी अपनी इस बेटी पर फक्र है. पिछले तीन सालों से साक्षी लखनऊ के ही स्पोर्टस ऑथोरिटी ऑफ इंडिया के ट्रेनिंग कैंप में मैट पर पसीना बहा रही थीं ताकि ओलंपिक में पदक जीतने के अपने सपने को साकार कर सकें. वो यहीं से रियो गईं थीं.उत्तर प्रदेश के ख्यमंत्री अखिलेश यादव ने साक्षी को  पुरस्कार देने की घोषणा की है. ये उत्तर प्रदेश में महिला खिलाड़ियों को दिया जाने वाले सर्वोच्च पुरस्कार है जिसके तहत 3 लाख ग्यारह हजार रुपए का पुरस्कार दिया जाता है. अखिलेश यादव ने कहा कि रक्षाबंधन के महान पर्व पर साक्षी ने देश और राज्य का नाम रौशन किया है.।

राज्य की खेल प्रतिभाए अर्न्तराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचेः मुख्यमंत्री

उत्तराखण्ड स्पोर्टस हाउस के रूप पर उभरता हुआ राज्य है। राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए फेस्लिेटटर की भूमिका निभाएगी। खेलों के क्षेत्र में अभी तक राज्य में व्यक्तिगत प्रयासों से बहुत सी युवा प्रतिभाओं ने राष्ट्रीय-अर्न्तराष्ट्रीय स्तर पर सफलता प्राप्त की है परन्तु राज्य में खेलो को प्रोत्साहन देने हेतु अब सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। हमे खेलों के प्रति जोश व जुनून की जरूरत है। हमारा उत्तराखण्ड एक उभरता हुए खेल राज्य है। राज्य सरकार राज्य में राष्ट्रीय एवं अन्तराष्ट्रीय स्तर की खेल अवस्थापना सुविधाओं के विकास का प्रयास कर रही है। यदि खेल सुविधाओं के अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए निजी क्षेत्र आगे आता है तो राज्य सरकार निवेश पर 50 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान करेगी। राज्य सरकार द्वारा नई खेल नीति के अर्न्तगत राष्ट्रीय-अर्न्तराष्ट्रीय स्तर पर सफल खिलाड़ियों को विभिन्न प्रकार के प्रोत्सा

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हन दिये जा रहे है जिसमें भारी प्रोत्साहन राशि, सरकारी सेवाओं में सीधी भर्ती द्वारा नियुक्ति आदि प्रमुख है। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने परेड ग्राउन्ड में उत्तराचंल राज्य बैण्डमिन्टन ऐसोसिएशन तथा राज्य सरकार के खेल विभाग द्वारा आयोजित 16वी उत्तराखण्ड राज्य बैण्डमिन्टन चैम्पियनशिप के फाइनल मैच तथा पुरस्कार वितरण समारोह के अवसर पर उक्त विचार व्यक्त किये। मुख्यमंत्री रावत ने खिलाड़ियों तथा आयोजकों को सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का बैण्डमिन्टन खेल प्रतिभाएॅं देहरादून तथा अल्मोड़ा से बाहर राष्ट्रीय एवं अन्तराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचनी चाहिए। राज्य सरकार द्वारा नई खेल नीति के अर्न्तगत ग्रामीण व संस्थागत खेलों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। खेलों में बैण्डमिन्टन के साथ ही सभी खेलों को

प्रोत्साहन दिया जा रहा है। 2018 में होने वाले राष्ट्रीय खेलों में राज्य सरकार को अपने बैण्डमिन्टन खिलाड़ियों से अधिक से अधिक पदकों की अपेक्षाएॅं है। हम राष्ट्रीय स्तर की खेल अवस्थापना सुविधाओं का विकास कर रहे है भविष्य में यह सुविधाएॅ ही अन्तराष्ट्रीय स्तर के आयोजनों का आधार बनेगी। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को दिये जाने वाले पुरस्कार तथा प्रोत्साहन सुविधाएॅं राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक वर्ष संशोधित कीे जायेगी। राज्य की समस्त जनता से अपील की है कि सभी लोगो को राज्य में खेल संस्कृति के विकास व खिलाड़ियों के प्रोत्साहन हेतु आगे आना होगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अर्न्तराष्ट्रीय स्तर के बैण्डमिन्टन खिलाड़ी लक्ष्य सेन, बोधित जाशी, कुहू गर्ग, उर्वशी रावत एवं हिमांशी रावत को पुरस्कार दिये। मुख्यमंत्री ने बैण्डमिन्टन का सेमीफाइनल मैच देखा तथा खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने के लिए उनके साथ मैच भी खेला।
इस अवसर पर सचिव खेल शैलश बगोली, उत्तराचंल राज्य बैण्डमिन्टन ऐसोसिएशन के सचिव राकेश डोभाल, ऐसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक कुमार आदि उपस्थित थे।

प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगें शपथ भारद्वाज

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देहरादून।
मुख्यमंत्री हरीश रावत से अंतर्राष्ट्रीय ट्रैप शूटर शपथ भारद्वाज ने भेंट की। मुख्यमंत्री रावत ने शपथ को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी खेल प्रतिभा से प्रदेश का नाम रोशन करने के लिये बधाई दी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
उन्होंने कहा कि जब हमारे प्रतिभावान खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो प्रसन्नता होती है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि हमारे ये युवा खिलाड़ी अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बनेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में खेलों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है। राज्य में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खेल स्टेडियमों के साथ ही ग्रामीण व संस्थागत स्तर पर खेलों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि वर्ष 2018 में प्रदेश में होने वाले राष्ट्रीय खेलों में हम अधिक से अधिक पदक प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को राज्य स्तर पर अनेक सुविधाएं मुहैय्या कराई जा रही है।
पूर्व राज्यमंत्री नारायण सिंह राणा ने बताया कि शपथ भारद्वाज को वर्ष 2014 में 12 वर्ष की आयु में राष्ट्रीय टीम में चुना गया। इस समय शपथ टीम में सबसे कम उम्र के खिलाड़ी थे। इन्होंने 13 वर्ष की आयु में केरल में आयोजित 35वें राष्ट्रीय खेलों में नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया। इटली में हुए 13वें अंतर्राष्ट्रीय ग्रांड प्रिक्स जूनियर्स में दो गोल्ड मेडल (टीम व व्यक्तिगत रूप से) जीते। जर्मनी में हुए जूनियर वर्ल्ड कप 2016 में इन्होंने सबसे कम उम्र के खिलाड़ी के रूप में प्रतिभाग करते हुए 14वीं रैंक हासिल की। 12 वर्ष की आयु में डबल ट्रैप स्पर्धा में सबसे कम उम्र के राज्य चौम्पियन का दर्जा हासिल किया। इस अवसर पर शपथ के माता-पिता भी मौजूद थे।

80 राफ्टों का किया गया निरीक्षण

गढवाल मे आई प्राकृतिक आपदा के बाद तीन माह के लिए पर्यटन विभाग व वन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय पर्यटन विभाग की एक्सपर्ट कमेटी द्वारा आयेाजित जांच कैंप मे राफ्टिंग कंपनियो के उपकरणों का भौतिक सत्यापन किये जाने के बाद 80 कंपनियों को नये लाइसेन्स जारी कर दिये गये। शिविर के दौरान 80 कंपनियो की राफ्टों और सुरक्षा उपकरणों की जांच की गई। उनमे पाई गई कमियो को मौके पर दुरूस्त किया गयां मुनिकीरेती स्थित गंगा रिजार्ट मे पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय कैंप के तहत विशेषज्ञों ने दूसरे दिन 80 कंपनियो की राफ्टों का निरीक्षण और गाइडो के लाइसेंस रिन्यू किए। इस दौरान कई कंपनियो की राफ्टों मे कमियां भी सामने आई। बताया कि कई राफ्टों मे उनकी कंपनी का नाम अंकित नहीं था। मौके पर पेंटर बुलाकर कंपनियो का नाम लिखवाया गयां इस अवसर पर तकनीकी कमेटी के संयुक्त निदेशक पर्यटन एके सिंह डिप्टी डायरेक्टर पर्यटन आरसी भारद्वाज, केशव प्रसादएसुधीर,युशूफ, जहीर मौजूद थे। कैंपिग व्यवसाय से जुडे लोगो का कहना था कि पर्यटन और वन विभाग द्वारा उनके लाइसेंस रिन्यू किए जाने के बाद कैंपिंग की तैयारी की जाएगी। उन्होने बताया कि गंगा तटो पर ब्रहमपुरी, कौडियाला, शिवपुरी और माला कुंठी मे कैंपिग की व्यवस्थाएं बनाई जाएगी। उन्होने कैंपिंग व्यवस्थाएं बनाए जाने के बाद ही पर्यटनको के आने की संभावनाएं जताई। कपंनियों के प्रतिनिधि सुधीर ने बताया कि गाइडों को नए लाइसेंस जारी करने के लिए कुछ समय बाद उनका शारीरिक और कौशल टेस्ट लिया जाएगा। इसके तहत राफ्ट को चलाने का अनुभव और शिवपुरी से ब्रहमपुरी तक खतरनाक जोन मे अकेले राफ्ट लोन और अन्य टेस्टों परखरा उतरने वाले गाइडो को पर्यटन विभाग द्वारा लाइसेंस जारी किए जाएगें।