नई दिल्ली। पहली बार महिला कुश्ती में ओलंपिक पदक जीत कर इतिहास रचने वाली साक्षी मलिक भले ही हरियाणा की रहने वाली हों, लेकिन लखनऊ को भी अपनी इस बेटी पर फक्र है. पिछले तीन सालों से साक्षी लखनऊ के ही स्पोर्टस ऑथोरिटी ऑफ इंडिया के ट्रेनिंग कैंप में मैट पर पसीना बहा रही थीं ताकि ओलंपिक में पदक जीतने के अपने सपने को साकार कर सकें. वो यहीं से रियो गईं थीं.उत्तर प्रदेश के ख्यमंत्री अखिलेश यादव ने साक्षी को पुरस्कार देने की घोषणा की है. ये उत्तर प्रदेश में महिला खिलाड़ियों को दिया जाने वाले सर्वोच्च पुरस्कार है जिसके तहत 3 लाख ग्यारह हजार रुपए का पुरस्कार दिया जाता है. अखिलेश यादव ने कहा कि रक्षाबंधन के महान पर्व पर साक्षी ने देश और राज्य का नाम रौशन किया है.।
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