मुख्यमंत्री परिषद की बैठक में शामिल हुए मुख्यमंत्री धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के सपनों का उत्तराखंड बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है और इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिये “विकल्प रहित संकल्प“ का मंत्र लेकर निरन्तर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित मुख्यमंत्री परिषद की बैठक में प्रतिभाग किया।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड के विकास में प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि 21 वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखण्ड का दशक होने के सपने को साकार करने हेतु उत्तराखण्ड @ 2025 एवं @ 2030 का दृष्टिपत्र तैयार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विजन प्लान के अन्तर्गत राज्य के सकल घरेलू उत्पाद को प्रतिवर्ष 15 प्रतिशत वृद्धि दर के माध्यम से आगामी 05 वर्षो में दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सम्मेलन में राज्य में किये गये विकास कार्यों व आगे के विजन के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उत्तराखण्ड राज्य के विजन प्लान को साकार करने हेतु इस वित्तीय वर्ष में पूंजीगत व्यय को विगत वर्ष के बजट के सापेक्ष 13 प्रतिशत से बढ़ाकर 17 प्रतिशत कर दिया गया है। इस वृद्धि के परिणाम स्वरूप राज्य ने भारत सरकार द्वारा अपेक्षित पूंजीगत व्यय को राज्य की राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का 4 प्रतिशत करने का लक्ष्य प्राप्त कर लिया है। इसी श्रृंखला में राज्य की आर्थिक गति को शक्ति देने हेतु आगामी 05 वर्षों में बाह्य सहायता के माध्यम से लगभग रू0 25000 करोड़ की आधारभूत संरचनायें विकसित की जायेंगी।
विभागों के मध्य बेहतर सामंजस्य सुनिश्चित करने एवं पूंजीगत परियोजनाओं के सटीक नियोजन हेतु “पी०एम० गति शक्ति योजना“ की तर्ज पर राज्य गति शक्ति मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। राज्य द्वारा इस महत्वाकांक्षी योजना को अगले 6 माह में पूर्ण किये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
थ्रस्ट सेक्टर्स जैसे (पर्यटन, परिवहन, सेवा क्षेत्र, कृषि एवं उद्यान, फार्मा) आदि के माध्यम से विजन प्लान के महत्वाकांक्षी आर्थिक लक्ष्यों को प्राप्त किया जायेगा । प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग व टनकपुर-बागेश्वर रेल परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है।
राज्य में निवेश अनुकूल वातावरण के लिये सिंगल विंडो पोर्टल के माध्यम से उद्योगों को विभिन्न विभागों की अनुमतियां तेज गति से दी जा रही है।
भारत सरकार द्वारा राज्य को इज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में एचीवर्स की श्रेणी में चयनित किया गया है।
राज्य में रोजगार उन्मुखी योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री नैनो योजना के माध्यम से अब तक रू0 600 करोड़ से अधिक का निजी निवेश आकर्षित कर एक लाख से अधिक नवीन रोजगार के अवसर सृजित किये गये हैं। उत्तराखण्ड राज्य प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अन्तर्गत देश के अग्रणी राज्यों में निरन्तर सम्मिलित है। इसी क्रम में एक जिला- एक उत्पाद, महिला उद्यमिता प्रोत्साहन योजना, स्टार्ट-अप पॉलिसी जैसी योजनाओं के सृजन एवं कुशल प्रबन्धन से उत्तराखण्ड राज्य देश के अग्रणी राज्यों में सम्मिलित है। देश के कुल स्टार्टअप का 10 प्रतिशत भाग यहां स्थित है।
राज्य में पर्यटन की अपार सम्भावनाओं को देखते हुए राज्य द्वारा भारत सरकार के सहयोग से पर्वतमाला रोप-वे श्रृंखला एवं टनल पार्किंग सुदृढ़ कर होम स्टे के माध्यम से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। चारधाम की तर्ज पर कुमाऊँ मण्डल में मानस खण्ड मन्दिर माला एवं 13- जनपद 13- गन्तव्य जैसी नवीन योजनाओं के माध्यम से उत्तराखण्ड को देश का शीर्ष पर्यटन केन्द्र बनाने के सशक्त प्रयास किये जा रहे हैं।
मानसखण्ड मंदिर माला के तहत कुमाऊं के प्रमुख मंदिरों को बेहतर सड़कों से कनेक्ट किया जाएगा। गढ़वाल और कुमाऊं के बीच रोड कनेक्टिविटी भी सुधारी जाएगी। इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों से तत्काल उनके जनपदों के प्रमुख मंदिरों और पर्यटन स्थलों की रिपोर्ट मांगी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड ने अपने सीमित संसाधनों के बावजूद विगत वर्ष में निर्यात पर फोकस कर लगभग रू0 17000 करोड़ का निर्यात किया है जिसमें फार्मा सेक्टर का विशेष योगदान है। राज्य द्वारा रूस- यूक्रेन युद्ध के दौरान यूरोप को उत्तराखण्ड के परम्परागत खाद्यान्न जैसे मडुवा, झिंगोरा का निर्यात किया गया। निर्यात को बढ़ावा देने हेतु एक जिला एक उत्पाद योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु उत्पाद का चयन कर जिला स्तरीय एक्सपोर्ट प्लान तैयार कर लिया गया है।
प्रधानमंत्री की प्रेरणा से “अमृत सरोवर’ योजना के द्वारा जल प्रबंधन एवं मत्स्य उत्पादन में राज्य निरन्तर प्रगति कर रहा है। अमृत सरोवर योजना के अन्तर्गत प्रदेश के 13 जनपदों में 1240 अमृत सरोवर बनाने का निश्चय किया गया है। जिनमें से 939 अमृत सरोवरों में कार्य प्रारम्भ हो गया 2022 तक 375 अमृत सरोवरों में कार्य पूर्ण हो जाएगा।
रूरल बिजनेस इन्क्यूबेटर और ग्रोथ सेंटरों के माध्यम से 106 कॉमन फैसिलिटी सेंटर स्थापित किए जाएंगे। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता बढ़ाकर लगभग तीस हजार से अधिक किसानों एवं शिल्पकारों (श्री केदारनाथ एवं श्री बदरीनाथ शिल्प केन्द्र) की आय में वृद्धि की जा रही है।
प्रधानमंत्री द्वारा दिये गये निर्देश के क्रम में राज्य द्वारा पीएम किसान निधि, सॉयल हेल्थ कार्ड एवं आयुष्मान भारत योजनाओं में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया है। इस वित्तीय वर्ष में राज्य द्वारा पीएम आवास योजना ग्रामीण, जलजीवन मिशन, पीएमजीएसवाई और स्वामित्व योजना में समस्त लाभार्थियों एवं लक्ष्य को प्राप्त किया जायेगा । शेष सभी फ्लैगशिप योजनाओं को सितम्बर- 2024 तक प्राप्त करने हेतु मासिक लक्ष्य निर्धारित कर प्रभावी निगरानी की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वात्सल्य योजना के अंतर्गत राज्य सरकार ऐसे बच्चों के संरक्षण का दायित्व लेती है, जिनके अभिभावकों का निधन कोरोना के कारण हुआ है।
उत्तराखण्ड राज्य आयुष्मान योजना में देश के अग्रणी राज्यों में से एक है। अब तक राज्य में 47 लाख कार्ड बनाये जा चुके हैं जो राष्ट्रीय औसत का 2.5 गुना है। शत प्रतिशत पात्र परिवारों के कम से कम एक सदस्य का कार्ड बनाया जा चुका है। उत्तराखण्ड में एक राष्ट्र- एक राशन कार्ड योजनान्तर्गत आतिथि 58000 परिवारों को राशन उपलब्ध कराया गया हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोवा के बाद उत्तराखंड देश का पहला ऐसा राज्य है जहां समान नागरिक आचार संहिता को लागू करने के उद्देश्य हेतु तीव्र गति से कार्य किया है। इस विषय पर राज्य सरकार द्वारा 27 मई 2022 को पांच सदस्यों की कमेटी का गठन किया जा चुका है। कमेटी अभी तक दो बैठकें कर चुकी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में विभिन्न योजनाओं के सफल संचालन एवं प्रोजेक्टों को निर्धारित समय पर पूर्ण करने तथा नियमित अनुश्रवण हेतु प्रत्येक विभाग का वार्षिक कार्य कैलेंडर तैयार किया गया है जिसकी समीक्षा उच्च स्तर पर प्रतिमाह की जा रही है।
राज्य द्वारा नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अन्तर्गत 4457 आंगनबाड़ी केन्द्र जो प्राथमिक विद्यालय परिसर में ही स्थापित थे उनमें माह जुलाई 2022 में बाल वाटिका की स्थापना की जा चुकी है।
राज्य द्वारा प्रौद्योगिकी का उपयोग कर जीएसटी संग्रहण में वृद्धि के प्रयास किये जा रहे हैं।
इसी परिप्रेक्ष्य में टैक्स चोरी को रोकने हेतु एवं ई-वे बिल प्रणाली को प्रभावी बनाये जाने हेतु आटोमेटेड नम्बर प्लेट रिकॉगनेशन सिस्टम के माध्यम से वीडियो एनालिटिक्स एवं इमेज प्रोसेसिंग की कार्य योजना गतिमान है। राज्य के जी०एस०टी० की गहन मॉनिटरिंग हेतु आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग किया जा रहा है।
राष्ट्रीय ड्रोन नीति के अन्तर्गत उत्तराखण्ड राज्य में ड्रोन रिसर्च सेंटर की स्थापना की जा चुकी है।
प्रदेश के प्रत्येक जनपद में ड्रोन प्रशिक्षण स्कूल की स्थापना का कार्य गतिमान है। राज्य द्वारा ड्रोन का इस्तेमाल आपदा प्रबन्धन में “नभनेत्र“ प्लेटफार्म के माध्यम से किया जा रहा है। प्राइवेट इन्वेस्टर द्वारा रुड़की में देश की सबसे बड़ी ड्रोन फैक्ट्री स्थापित की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य द्वारा ट्रांसपेरेंट फंड फ्लो सुनिश्चित करने हेतु डीबीटी का उपयोग 215 लाभार्थीपरक योजनाओं में किया जा रहा है।
उत्तराखण्ड देश के प्रथम तीन राज्यों में है, जहाँ मनरेगा के सभी लाभार्थियों के बैंक अकाउंट आधार सीडेड हैं।
राज्य में सरकारी खरीद को पारदर्शी बनाने हेतु जेम पोर्टल को जरूरी कर दिया गया है।
उत्तराखण्ड राज्य की सीमायें संवेदनशील हैं। ऐसे में राज्य के सीमान्त जनपदों में एनसीसी का विस्तार योजनाबद्ध तरीके से कर राज्य की 35951 नियमित सीटों के अतिरिक्त 4007 सीटें उपलब्ध करायी गयी। उत्तरकाशी एवं चमोली जैसे सीमान्त जनपदों में पूर्व से स्थापित एनसीसी कम्पनी को अपग्रेड कर बटालियन की स्थापना की गयी। राज्यपाल महोदय द्वारा भी सीमान्त जनपदों के दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्र जैसे गुंजी, धारचूला आदि का भ्रमण कर अग्रिम चौकियों में तैनात सैन्य एवं अर्द्धसैनिक बलों के साथ सीधा संवाद किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कि इस बार करीब 28 लाख लोगों ने चारधाम यात्रा में प्रतिभाग लिया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन व निर्देशन में केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम का पुर्ननिर्माण व सौंदर्यीकरण के लिए देवभूमि की सवा करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री जी को धन्यवाद दिया।

स्पेशल टास्क फोर्स को पेपर धांधली मामले में मिली बड़ी सफलता

उत्तराखण्ड राज्य में अधीनस्थ चयन सेवा आयोग उत्तराखण्ड देहरादून द्वारा वर्ष 2021 में स्नातक स्तरीय परीक्षाऐं संचालित कराई गई थी। परीक्षा में राज्य के करीब 1.60 लाख युवाओं द्वारा बढ चढ कर भाग लिया गया था। परीक्षा परिणाम के बाद कई छात्र संगठनों द्वारा उक्त परीक्षा के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समक्ष परीक्षा में गड़बड़ी की आशंका को लेकर मुलाकात की और ज्ञापन प्रेषित किया गया था।
मुख्यमंत्री द्वारा मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए त्वरित निर्णय लेते हुए उक्त परीक्षा की अनियमित्ताओं के सम्बन्ध में मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए जिस पर थाना रायपुर में मु0अ0सं0 289/2022 धारा 420 भा0द0वि0 पंजीकृत किया गया।
पुलिस महानिदेशक के आदेशानुसार थाना रायपुर से उक्त विवेचना स्पेशल टास्क फोर्स उत्तराखण्ड पुलिस को त्वरित कार्यवाही हेतू स्थानान्तरित की हुई। पुलिस उपमहानिरीक्षक एसटीएफ के मार्गदर्शन में, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्पेशल टास्क फोर्स उत्तराखण्ड द्वारा अलग-अलग टीमें बनाकर परीक्षा अनियमित्ताओं के सम्बन्ध में गोपनीय जानकारी कर गिरफ्तारी हेतु बताया गया जिस पर टीमों द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए वर्ष 2021 अधीनस्थ चयन सेवा आयोग उत्तराखण्ड द्वारा संचालित की गई परीक्षा में अनियमित्ताओं के सम्बन्ध में जांच कर साक्ष्य संकलन करते हुए अभी तक कुल 6 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया।
गहनतापूर्वक पूछताछ करने पर अभियुक्तगणों द्वारा बताया गया कि मनोज जोशी पुत्र श्री बालकिशन जोशी निवासी ग्राम मयोली, थाना दनिया, जिला अल्मोडा वर्ष 2014-2015 से वर्ष 2018 तक रायपुर स्थित अधीनस्थ चयन सेवा आयोग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (पीआरडी) के रूप में तैनात था। वर्ष 2018 में विभागीय शिकायत पर उक्त कर्मचारी को आयोग से हटा दिया गया। इससे पूर्व यह कर्मचारी 12 वर्ष तक लखनऊ सूर्या प्रिंटिंग प्रेस में कार्य कर चुका था। जयजीत दास पुत्र विमल दास निवासी पण्डितवाडी, थाना कैण्ट, देहरादून आउटसोर्स कम्पनी आर0एम0एस0 टेक्नोसोल्यूसन इण्डिया प्रा0लि0 के माध्यम से कम्पयूटर प्रोग्रामर के रूप में वर्ष 2015 से कार्यरत् था तथा उक्त कम्पनी द्वारा अधीनस्थ चयन सेवा आयोग के गोपनीय कार्य किये जाते थे जिस कारण जयजीत दास की जान पहचान मनोज जोशी उपरोक्त से हुई थी। उक्त एसएससी आयोग कार्यालय में मनोज जोशी पुत्र रमेश जोशी निवासी ग्राम पाटी, जिला चम्पावत का भी परीक्षाओं के कार्यक्रम के सम्बन्ध में जानकारी हेतु आना जाना लगा रहता था जिस कारण उक्त की पहचान मनोज जोशी पुत्र बालकृष्ण जोशी उपरोक्त से हो गई थी।
मनोज जोशी पुत्र रमेश जोशी के द्वारा भी विभिन्न परीक्षाओं की तैयारी की जा रही थी जिस कारण उसका अभियुक्त कुलवीर सिंह चौहान पुत्र सुखवीर सिंह निवासी चांदपुर बिजनौर उ0प्र0 द्वारा करनपुर डालनवाला में संचालित डेल्टा डिफेन्स कोचिंग इन्स्टीटयूट/एकेडमी सेन्टर में कोंचिग ली जा रही थी और बाद में वहा पढ़ाने का कार्य भी किया गया था। डेल्टा डिफेन्स कोचिंग इन्स्टीटयूट/एकेडमी सेन्टर में कुलबीर डायरेक्टर के पद पर था।
डायरेक्टर कुलवीर के माध्यम से शूरवीर सिंह चौहान पुत्र अतर सिंह चौहान नि0 कालसी, देहरादून की पहचान मनोज जोशी पुत्र रमेश जोशी से हुई। सितारगंज में गौरव नेगी पुत्र गोपाल सिंह निवासी नजीमाबाद किच्छा, ऊधमसिंह नगर की मुलाकात मनोज जोशी पुत्र रमेश जोशी से हुई थी जो कि किच्छा में ही प्राईवेट स्कूल में शिक्षक था तथा ग्रुप सी में स्नातक स्तर की परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था शूरवीर व कुलवीर द्वारा अपने जान पहचान के परीक्षार्थियों के सम्बन्ध में मनोज जोशी पुत्र रमेश जोशी को बताया था जिसपर मनोज जोशी उपरोक्त द्वारा मनोज जोशी पुत्र बालकिशन जोशी के साथ मिलकर कम्पयूटर प्रोग्रामर जयजीत दास उपरोक्त से पेपर लीक कराने के सम्बन्ध में बताकर जयजीत दास को मनोज के माध्यम से 60 लाख रूपये दिये थे।
जयजीत दास द्वारा यूकेएसएससी में जाकर पेपरों की सेटिंग और अन्य तकनीकी कार्यों के कारण परीक्षा के प्रश्न एक्सट्रैक्ट कर लेता था फिर उन प्रश्नों को मनोज जोशी पुत्र बालकिशन उपरोक्त के माध्यम से मनोज जोशी पुत्र रमेश जोशी, कोचिंग डायरेक्टर कुलवीर सिंह चौहान, शूरवीर सिंह चौहान, गौरव आदि के माध्यम से परीक्षा में शामिल परीक्षार्थियों को परीक्षा की तिथि से 1 दिन पहले रामनगर स्थित एक रिसोर्ट में मनोज के नाम से 3 कमरे बुक कराकर उक्त रिसोर्ट में उक्त लीक प्रश्नों को याद कराकर छात्रों को अगली सुबह एग्जाम सेंटर तक छोड़ दिया जाता था।
अभियुक्त जयदीप की निशानदेही पर उनके कब्जे से लगभग 37.10 लाख रूपये कैश बरामद हुआ जो उनके द्वारा विभिन्न छात्रों से लिया गया था।

राज्य में कोरोना के एक्टिव मरीजों की संख्या 1140 हुई

उत्तराखंड में रविवार को कोरोना के 142 नए मरीज मिले और 38 संक्रमित इलाज के बाद ठीक हुए। इसके बाद अब राज्य में एक्टिव मरीजों की संख्या 1140 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन के अनुसार रविवार को देहरादून में 94, नैनीताल में 15, उत्तरकाशी में 11, अल्मोड़ा में दो, चमोली में एक, चम्पावत में एक, हरिद्वार में छह, पौड़ी में दो, टिहरी में सात, यूएस नगर में तीन नए मरीज मिले हैं।
रविवार को राज्य के विभिन्न अस्पतालों से 1018 सैंपल जांच के लिए भेजे गए और 914 सैंपल की रिपोर्ट आई। राज्य में संक्रमण की दर 13.45 प्रतिशत जबकि मरीजों के ठीक होने की दर 95 प्रतिशत से नीचे गिर गई है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे कोविड गाइडलाइन्स का सख्ती से पालन करें।

युवा कलाकार राजेश चंद्र को राज्यपाल ने दिया टास्क, सम्मानित भी किया

vराज्यपाल गुरमीत सिंह ने विश्व महासागर दिवस पर संयुक्त राष्ट्र संगठन में अपनी कला का प्रदर्शन कर प्रदेश व देश का नाम रोशन करने वाले तीर्थनगरी के युवा कला शिक्षक राजेश चंद्र को राजभवन में सम्मानित किया। बता दें कि राजेश अभी आरएनआई इंटर कॉलेज में कला शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं व कुछ दिन पहले विश्व सागर दिवस पर उन्हें व उनके विद्यार्थियों के प्रदूषण के खिलाफ बनाईगयी कला को संयुक्त राष्ट्र विश्व महासागर दिवस में प्रदर्शित किया गया था। इसके साथ ही राजेश लगातार तीन बार सयुंक्त राष्ट्र संघ में प्रदर्शित हो चुके हैं। उन्होंने अपनी पेंटिंग पेपर बोट राज्यपाल को भेंट की जिसे उन्होंने बहुत सराहा। राजेश ने बताया कि राज्यपाल ने उनकी पर्यावरण बचाओ का संदेश देने वाली कलाकारी से प्रभावित होकर उन्हें एक और चित्र बनाने को कहा जो कि देवभूमि और जीरो प्लास्टिल थीम पर बेस्ड होगा। जिसे खुद राज्यपाल ही अनावरण करेंगे। राजेश ने बताया कि आने वाली एक महत्वपूर्ण बैठक में भी उन्हें आमंत्रित किया है जिसमें उत्तराखंड से प्लास्टिक को खत्म करने को मुहिम पर कार्य किया जाएगा। राज्यपाल ने राजेश को लगातार तीन बार संयुक्त राष्ट्र में उनकी पेंटिंग को शामिल होने के लिए बधाई दी और उनके पर्यावरण अभियानों के लिए उनका समर्थन करने का वादा किया। इस अवसर पर उन्होंने राजेश को पेन और टाई का एक सेट भेंट कर सम्मानित किया, जिस पर राजभवन उत्तराखंड की मुहर लगी हुई थी। इस अवसर पर राजेश के मामा भी साथ रहे।

शिक्षा विभाग की चतुर्थ वर्गीय राज्य कर्मचारी संघ ने किया कार्यकारिणी का विस्तार

उत्तराखंड चतुर्थ वर्गीय राज्य कर्मचारी संघ (शिक्षा विभाग) की प्रांतीय कार्यकारिणी की ओर से पदोन्नति, कम्प्यूटर टंकण में शिथलीकरण तथा प्रदेश कार्यकारणी का विस्तार किया गया।
शनिवार को राजकीय इंटर कालेज आईडीपीएल में उत्तराखंड चतुर्थ वर्गीय राज्य कर्मचारी संघ (शिक्षा विभाग) की प्रांतीय कार्यकारिणी की ओर से बैठक आयोजित की गई। बैठक में पदोन्नति, कम्प्यूटर टंकण में शिथलीकरण तथा प्रदेश कार्यकारणी का विस्तार किया गया। इस मौके पर प्रांतीय अध्यक्ष ईश्वरी दत्त पाण्डेय ने कहा कि एकता ही संगठन को मजबूत बनाती हैं। कार्यकारणी का विस्तार करते हुए निर्वाचित पदाधिकारियों के साथ प्रदेशसंरक्षक दृ गुमान सिंह पंवार, प्रदेश अध्यक्ष ईश्वरी दत्त पाण्डेय, वरिष्ठ उपाध्यक्ष-प्रकाश स्वरूप तिवारी, प्रदेश महामंत्री सुरेंद्र सिंह मियां, प्रदेश उप महामंत्री मनोज कुमार गुप्ता, महिला उपाध्यक्ष भगवती देवी, कनिष्ठ उपाध्यक्ष चंद्र शेखर बहुगुणा, कोषाध्यक्ष बहादुर सिंह, महेशानंद गोस्वामी, सुदर्शन सिंह, करण सिंह कठैत, ललित मोहन, चंद्र पाल, अनूप सिंह, नारायण सिंह महेता, बालकृष्ण, हरीश, हेमा गुप्ता, राधा शर्मा, राधा चौहान, हरेंद्र सिंह चौहान, कर्ण सिंह नेगी, संजय कुमार आदि को प्रदेश कार्यकारणी में मनोनीत किया गया। इस अवसर पर प्रदेश के सभी जनपदों के जिलाध्यक्ष और जिला मंत्रियों ने प्रतिभाग किया। बैठक की अध्यक्षता प्रांतीय अध्यक्ष ईश्वरी दत्त पाण्डेय तथा संचालन मनोज कुमार गुप्ता ने किया।

मेधावी छात्रों के घर पहुंचकर कैबिनेट मंत्री अग्रवाल ने दी शुभकामनाएं

सीबीएसई 12वीं की परीक्षा में 99.6 प्रतिशत अंक हासिल कर देहरादून रिजन में टॉपर और पूरे देश में तीसरे नंबर पर रहे छात्र अभिनव उनियाल को कैबिनेट मंत्री व क्षेत्रीय विधायक डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने बधाई दी है। डॉ अग्रवाल ने मेधावी अभिनव को सम्मानित भी किया।
शनिवार को मंत्री डॉ अग्रवाल ने मेधावी अभिनव के गुमानीवाला स्थित निवास स्थान पर पुष्प गुच्छ, शॉल ओढ़ाकर, स्मृति चिन्ह भेंटकर मुँह मीठा कराया। उन्होंने कहा कि अभिनव ने पूरे प्रदेश, क्षेत्र और स्कूल का मान बढ़ाया है, अभिनव के प्रदर्शन से आज ऋषिकेश अपने को गौरवान्वित महसूस कर रहा है। कहा कि अभिनव से अन्य छात्रों को आगे बढ़ने में प्रेरणा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि अभिनव ने सोशल मीडिया से दूरी बनाकर और मोबाइल का सदुपयोग कर एक मिसाल भी कायम की है। डॉ अग्रवाल ने कहा कि कठिन परिश्रम सफलता की कुंजी हैं। इसके लिए कोई शॉटकट रास्ता नहीं है। कहा कि छात्रों का परिश्रम ही उन्हें सफलता का मार्ग प्रशस्त कराता है। उन्होंने अगले वर्ष बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए सन्देश दिया। कहा कि अभी से पूरी तन्मयता के साथ पढ़ाई में जुट जाए। प्रतिदिन हर विषय को समय दें, इंटरनेट का प्रयोग नोट्स बनाने में ही करें। माता-पिता, गुरुजनों और बड़ो का सम्मान करें।
इस अवसर पर अभिनव उनियाल के परिजनों को डॉ अग्रवाल ने बधाई दी और अभिनव को सम्मानित करते हुए इसी तरह का प्रदर्शन भविष्य में भी दोहराने की कामना की। इस मौके पर अभिनव के परिजन उपस्थित रहे।
वहीं, मंत्री डॉ अग्रवाल ने 12वी की परीक्षा में द्वितीय स्थान पर रहे इशिका गोस्वामी, आस्था कंडवाल, अमन नेगी, अर्चित डबराल को भी घर जाकर पुष्प गुच्छ भेंट कर बधाई दी। इस मौके पर उनके परिजन भी उपस्थित रहे।

नाबालिग जच्चा बच्चा की मौत मामले में जांच बैठाई

रुद्रप्रयाग जिला चिकित्सालय में एक नाबालिग ने बच्चे को जन्म दिया और कुछ ही समय में जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि नाबालिग को पेट दर्द की शिकायत पर उसकी मां जिला अस्पताल लाई थी। जहां दोनों की मौत हो गई। हैरानी बात है कि न तो नाबालिग की मां ने अस्पताल को पूरा मामला बताया और न ही चिकित्सालय प्रशासन नाबालिग के गर्भवती होने की जानकारी ले सका।
जानकारी के अनुसार मुख्यालय के नजदीकी क्षेत्र की एक नाबालिग को पेट में दर्द होने पर उसकी मां उसे जिला चिकित्सालय लाई। यहां डॉक्टरों को दिखाने पर हीमोग्लोबिन की कमी पाई गई। डॉक्टर ने जांच के लिए लिखा। जब हीमोग्लोबिन काफी कम पाया गया तो डॉक्टर ने अन्यत्र रेफर करने की सलाह दी। बताया जा रहा है कि मां ने अस्पताल में ही इलाज करने को कहा, किंतु रात में जब नाबालिग को प्रसव का दर्द हुआ तो वह जिला अस्पताल के शौचालय में गई और यहां बच्चे को जन्म देकर वापस वार्ड में आ गई।
इस बीच उन्हें काफी खून बहने लगा। नाबालिग की स्थिति सुबह आने तक बिगड़ती गई और उसने दम तोड़ दिया। वहीं जब सुबह सफाईकर्मी शौचालय में गए तो उन्हें यहां मृत नवजात मिला। इसके बाद अस्पताल में सनसनी फैल गई। बताया जा रहा है कि यदि नाबालिग की मां पूरी सच्चाई डॉक्टरों को बता देती तो शायद उसकी जान बच सकती थी।
इधर, मामले में अस्पताल प्रशासन ने जांच बैठा दी है। जिला चिकित्सालय में तैनात मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ.राजीव सिंह पाल ने बताया कि शुक्रवार दोपहर के समय एक नाबालिग लकड़ी को लेकर उसकी मां जिला चिकित्सालय पहुंची थी। जांच करने पर पता चला कि उसमें हिमोग्लोबिन की कमी है। चिकित्सक उसे आगे के लिए रेफर कर रहे थे, किंतु नाबालिग की मां ने मना कर दिया और लिखित रूप में यह कहकर दिया कि उसका उपचार यहीं किया जाए।
रात के समय नाबालिग ने बच्चे को जन्म दिया और प्रसव के बाद उपचार न मिलने के कारण नाबालिग की भी मौत हो गई। पूरी घटना में नाबालिग के परिजनों की गलती सामने आ रही है। पूरे मामले की पुलिस और अस्पताल प्रबंधन जांच कर रहा है। कोतवाली निरीक्षक जयपाल नेगी ने बताया कि अस्पताल की सूचना पर शव का पंचनामा भरते हुए पोस्टमार्टम करा दिया गया है।

राज्य में एक्टिव केस का आंकड़ा 1 हजार के पार

उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। शनिवार को राज्य में 260 नए मरीज मिले और 103 मरीज ठीक हुए। इसके बाद अब राज्य में एक्टिव मरीजों का आंकड़ा एक हजार के पार पहुंच गया है। जबकि संक्रमण की दर 14 प्रतिशत के करीब पहुंच गई है।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार शनिवार को राजधानी देहरादून में सबसे अधिक 149 नए मरीज मिले जबकि नैनीताल में 51, अल्मोड़ा में 14, हरिद्वार में 12, रुद्रप्रयाग में 13, टिहरी में तीन, यूएस नगर में छह, उत्तरकाशी में चार, पिथौरागढ़ में छह और चम्पावत में दो नए संक्रमित मिले हैं। राज्य के विभिन्न अस्पतालों और होम आईसोलेशन में रह रहे 103 मरीजों को इलाज के बाद डिस्चार्ज किया गया। जिसके बाद अब राज्य में एक्टिव मरीजों की संख्या 1040 हो गई है। स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार राज्य के विभिन्न अस्पतालों से 2060 मरीजों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए जबकि 1626 के सैंपल की रिपोर्ट आई। राज्य में शनिवार को कोरोना संक्रमण की दर 13.76 प्रतिशत जबकि मरीजों के ठीक होने की दर 95 प्रतिशत के करीब थी।

आजादी के अमृत महोत्सव के तहत हर घर में तिरंगा कार्यक्रम का होगा आयोजन

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने शुक्रवार को सचिवालय में आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर हर घर तिरंगा कार्यक्रम की तैयारियों के सम्बन्ध में सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक ली।
मुख्य सचिव ने कहा कि आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 13, 14 एवं 15 अगस्त, 2022 को हर घर तिरंगा कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। मुख्य सचिव ने कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु हर घर तिरंगा कार्यक्रम में प्रदेश के लोगों को स्वः प्रेरणा से अपने घरों में तिरंगा फहराए जाने हेतु जागरूक किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में इसके लिए जागरूकता अभियान चलाए जाएं। इसका वीडियो, सोशल मीडिया एवं समाचार पत्रों एवं न्यूज चैनलों के माध्यम से प्रचार प्रसार किया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि एक साथ सभी घरों में झंडा फहराए जाने के कारण झंडों की उचित मात्रा की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। विभिन्न विभागों एवं स्वयं सहायता समूहों एवं वेंडर्स के द्वारा इसके लिए झंडों की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी। सभी जिलाधिकारी इसके लिए लगातार मॉनिटरिंग करें।
मुख्य सचिव ने सभी सम्बन्धित अधिकारियों एवं जिलाधिकारियों को फ्लैग कोड के अनुसार राष्ट्रीय झंडे के सम्मान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में तिरंगे के वितरण एवं उसके बाद वापस कलेक्शन की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए एवं इसका प्रचार प्रसार भी किया जाए। कहा कि लोगों को इससे अवगत कराया जाए कि किसी भी कीमत में झंडे का अपमान नहीं होना चाहिए। कार्यक्रम के बाद झंडे को अपने सबसे नजदीकी किसी भी सरकारी कार्यालय में जमा कराया जाए, जिसे सम्बन्धित विभागों द्वारा जमा कर उचित देखरेख में फ्लैग कोड के अनुसार डिस्पोज किया जाएगा।
मुख्य सचिव ने कहा कि आजादी की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर हम सभी को आजादी के सम्मान में अधिक से अधिक भागीदारी निभाते हुए इस कार्यक्रम को सफल बनाना है।
बैठक के दौरान सचिव संस्कृति से एच. सी. सेमवाल ने बताया कि हर घर तिरंगा हेतु फ्लैग कोड में थोड़ा परिवर्तन किया गया है, जिसमें खादी के साथ ही टेरीकॉट के कपड़े के उपयोग और साइज में परिवर्तन किया गया है। उन्होंने बताया कि बाजार में 9 रुपए से लेकर 31 रुपए तक के तिरंगे उपलब्ध हैं।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द वर्द्धन, विशेष प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, सचिव वी. वी. आर. सी. पुरुषोत्तम, विनोद कुमार सुमन, एच. सी. सेमवाल और अपर सचिव एवं महानिदेशक सूचना रणवीर सिंह चौहान सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

कर चोरी करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो-मुख्य सचिव

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने सचिवालय में राज्य कर विभाग के साथ जीएसटी के सम्बन्ध में बैठक ली। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को स्पॉट वेरिफिकेशन ड्राइव जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए वेरिफिकेशन टीम की संख्या बढ़ाकर अभियान में तेजी लाते हुए पूरे प्रदेश में शुरू किया जाए।
मुख्य सचिव ने राज्य कर के अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि ईमानदार करदाताओं को परेशान न किया जाए परन्तु कर चोरी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने अपने समानांतर इंटेलिजेंस सिस्टम विकसित कर टैक्स चोरी करने वालों की जानकारी देने वालों को पुरस्कृत किए जाने की बात कही। साथ ही साथ यह भी निर्देश दिये गये कि जिस अधिकारी के क्षेत्र में करापवंचन होता पाया जायेगा उसके विरूद्ध अनुशासनात्मक/दण्डात्मक कार्यवाही की जाय। सभी अधिकारियों की परफार्मेंस रिपोर्ट अधिकारीवार तैयार की जाय और ऐसे अधिकारी, जिनकी परफार्मेंस संतोषजनक नहीं पायी जाती है, के विरूद्ध भी कार्यवाही की जाय। मुख्य सचिव महोदय द्वारा यह भी निर्देश दिये गये कि विभाग की साप्ताहिक समीक्षा की जायेगी।
बैठक के दौरान आयुक्त कर डॉ. अहमद इकबाल ने विभाग में किये जा रहे कार्या के संबंध में प्रस्तुतिकरण दिया गया जिसमें बताया गया कि राज्य क्षे़त्राधिकार के अन्तर्गत कुल एक लाख बारह हजार करदाता पंजीकृत हैं, जिसमें से लगभग 35 हजार ऐसे करदाता हैं जो काफी समय से कोई कर जमा नही कर रहे हैं। आयुक्त कर द्वारा यह भी बताया गया कि मुख्य सचिव महोदय द्वारा पूर्व में दिये गये निर्देशों के क्रम में 7 जुलाई, 2022 से उपरोक्त व्यापारियों के सम्बन्ध में विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें आतिथि तक कुल चार हजार व्यापारियों की जांच करते हुए रू0 2.13 करोड़ की धनराशि जमा करवायी जा चुकी है। इसके अतिरिक्त कुछ व्यापारियों की गोदामों की जांच भी करवाई गयी है जिसमें रू0 2.25 करोड़ का माल जब्त किया गया है। उक्त कार्यवाही में व्यापार न करने वाली फर्मां पर पंजीयन निरस्तीकरण एवं अर्थदण्ड की कार्यवाही की जा रही है। यह भी अवगत कराया गया कि फर्जी आई0टी0सी0 लेने वाले 4 व्यापारियों के बैंक खाते भी सीज कर दिये गये हैं।