मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के ड्रीम प्रोजेक्ट को नए साल में लगेंगे पंख

उत्तराखंड के लिए नया साल 2024 नई उम्मीदें लेकर आएगा। खासकर सड़क परिवहन को लेकर स्वीकृत और प्रस्तावित पांच बड़ी योजनाएं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल हैं। इन योजनाओं को धरातल पर उतारने में धामी सरकार भी नए साल में संकल्पकृत हैं। खासकर पर्यटन के लिहाज से 4 बड़ी रिंग रोड और जाम से मुक्ति दिलाने वाले 6 रोड ओवर/अंडर ब्रिज योजनाओं के जमीन पर उतरने की उम्मीदें हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की कमान संभालते ही पर्यटन और तीर्थाटन को प्राथमिकता में रखा है। इनमें केदारखंड क्षेत्र के धामों और पर्यटन स्थलों को सड़क, पार्किंग, सुरक्षा कार्य, सौंदर्यीकरण आदि के रूप में संवारने का काम जारी है। जबकि मानसखंड में संवारने पर काम चल रहा है। बाबा केदारनाथ में 327 करोड़ के 47 बड़े काम में से 6 पूरे हो गए हैं। कुछ का पर कार्य अंतिम चरण में चल रहा है। सभी कार्यों को सितंबर 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए बर्फबारी के बीच भी कई काम केदारनाथ में चल रहे हैं। इसी तरह भगवान बदरीनाथ धाम में 399 करोड़ से 32 कार्य किये जा रहे हैं। यहां अभी तक कुछ बड़े कार्य पूरे हो गए हैं। बाकी कार्य प्रगति पर हैं, जो अक्टूबर तक पूरे कर लिए जाएंगे। मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट मानसखंड को भी देवभूमि के तीर्थाटन और पर्यटन की मुख्य धारा से जोड़ने की शुरुआत हो गई है। यहां मानस खण्ड मंदिर माला योजना के तहत प्रथम चरण में प्रसिद्ध 16 मंदिरों को जोड़ने वाली लगभग 500 किमी से ज्यादा दूरी के 20 मार्गों पर करीब एक हजार करोड़ खर्च प्रस्तावित हैं। योजनाओं पर काम शुरू हो गया हैं। यह कार्य भी नए साल में धरातल पर उतर जाएंगे। इससे देवभूमि में सुगम और सुरक्षित तीर्थाटन के साथ ही पर्यटन को पंख लगेंगे।

टिहरी झील किनारे बनेगी 234 किमी लंबी सड़क
उत्तराखंड में टिहरी झील के विकास को लेकर मुख्यमंत्री धामी खासे गंभीर हैं। यहां जलक्रीड़ा और साहसिक गतिविधियों के अलावा वर्षभर पर्यटन से जोड़ने की योजना है। इसके लिए देहरादून से सुरंग मार्ग भी प्रस्तावित है। जबकि मसूरी, धनोल्टी, ऋषिकेश, नरेंद्रनगर, चम्बा सर्किट पर भी काम चल रहा है। इन्हीं योजनाओं में महत्वपूर्ण टिहरी झील के चारों तरफ 234 किमी रिंग रोड निर्माण प्रस्तावित है। इस योजना को धामी सरकार में स्वीकृति मिलने के बाद प्रथम चरण में 152 करोड़ के आगणन पर कार्य चल रहा है। इस महत्वाकांक्षी योजना पर धामी सरकार प्रथामिकता के साथ काम कर रही है। इस योजना के बनने से टिहरी बांध झील वर्षभर पर्यटन गतिविधियों का केंद्र रहेगी।

जाममुक्ति को तीन शहरों में बनेगी रिंग रोड
राज्य में पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण राजधानी देहरादून, धर्मनगरी हरिद्वार और पर्यटन नगरी हल्द्वानी में रिंग रोड का निर्माण सरकार की प्रथामिकता में शामिल है। हल्द्वानी में रिंग रोड के प्रथम चरण के कार्यों की स्वीकृति मिल गई हैं। जल्द यहां कार्य शुरू होंगे। जबकि हरिद्वार और देहरादून रिंग रोड की एनएचएआई डीपीआर बनाने में कार्य कर रही है। इन तीन शहरों में लम्बे अरसे से रिंग रोड की जरूरत महसूस हो रही है। लेकिन बजट और तकनीकी अड़चनें आने से योजनाएं परवान नहीं चढ़ पाई। लेकिन 2024 में इन योजनाओ के धरातल पर उतरने की उम्मीदें हैं।

राज्य में 6 रोड ओवर और अंडर ब्रिज बनेंगे
शहर में जाम और वाहनों के बढ़ते दबाव को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार ने दून, हरिद्वार और हल्द्वानी में 6 रोड ओवर और अंडर ब्रिज सेतु बंधन योजना से स्वीकृत कराए हैं। इन ब्रिज के लिए भारत सरकार से 194 करोड़ रुपये स्वीकृत हो गए हैं। लोनिवि के एचओडी दीपक यादव का कहना है कि नए साल में सभी ओवर और अंडर ब्रिज पर काम शुरू करने का लक्ष्य है। इनमें दून के धर्मपुर से हरिद्वार बायपास माता मंदिर रोड, हरिद्वार में ज्वालापुर से अम्बुवाला धनपुरा मार्ग, लक्सर में रुड़की से बालावाली मार्ग तथा नैनीताल में वनभूलपुरा से शनिबाजर मंडी गेट के बीच, गदरपुर से दिनेशपुर, मदकोटा से हल्द्वानी के बीच अंडर रोड ब्रिज बनेंगे। यह कार्य भी 2024 में धरातल पर दिखेंगे।

देवभूमि के केदारखण्ड और मानसखंड के विकास को लेकर सरकार काम कर रही है। तीर्थाटन और पर्यटन को बढ़ावा मिले, इसके लिए सड़क, पुल और जरूरी सुविधाएं जुटाई जा रही हैं। 2024 में राज्य के कई ड्रीम प्रोजेक्ट धरातल पर दिखेंगे। इसके लिए सरकार दिनरात काम कर रही है। सरकार लक्ष्य के साथ समय पर काम पूरा करने में जुटी हैं। रिंग रोड और ओवर ब्रिज बनने से सुगम परिवहन के साथ जाम से मुक्ति मिलेगी।
’’पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड’’

मन की बात कार्यक्रम आज जन की बात साबित हो रहा-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को प्रेमनगर, सुद्धोवाला में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का 108वां संस्करण सुना। इस अवसर पर उन्होंने लेखक हरि सिंह बिष्ट द्वारा लिखी गई पुस्तक ’मन की बात-सकारात्मक संवाद से सशक्त भारत’ का विमोचन भी किया। इस पुस्तक में प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम के 75वें संस्करण से 99वें संस्करण तक विस्तार से वर्णन किया गया है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम सुनने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मन की बात कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री ने हमेशा देश वासियों को जोड़ने और समाज में बेहतर कार्य करने के लिए लोगों को प्रेरित किया है। इस कार्यक्रम के माध्यम से उन्होंने समाज के विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट कार्य करने वाले लोगों को प्रोत्साहित करने का कार्य भी किया है। विभिन्न क्षेत्रों में शोध और अनुसंधान के साथ विशिष्ट कार्य करने वालों को इस कार्यक्रम के माध्यम से अलग पहचान मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दुनिया के पहले प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने देशवासियों को जोड़ने और समाज सेवा से जुड़े कार्यों के लिए लोगों को प्रेरित करने के लिए 100 से अधिक बार मन की बात साझा की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का देवभूमि उत्तराखण्ड से कर्म और मर्म का रिश्ता है। उनके नेतृत्व और मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड का हर क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है। राज्य में सड़क, रेल, हवाई और रोपवे कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार हुआ है। केदारनाथ का पुनर्निर्माण और बद्रीनाथ के मास्टर प्लान का कार्य तेजी से हुआ है। राज्य में अनेक परियोजनाओं पर कार्य चल रहे है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में इस दशक को उत्तराखण्ड का दशक बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं।
इस अवसर पर विधायक सहदेव सिंह पुण्डीर, भाजपा के प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी, जिलाध्यक्ष भाजपा देहरादून ग्रामीण मीता सिंह, उपाध्यक्ष उच्च शिक्षा उन्नयन समिति डॉ. देवेन्द्र भसीन एवं अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

केन्द्र और राज्य सरकार की लोक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाना ही विकसित भारत संकल्प यात्रा का उद्देश्य-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को जनपद चम्पावत के टनकपुर के रामलीला मैदान में आयोजित विकसित भारत संकल्प यात्रा शिविर में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आयोजित शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का निरीक्षण कर विभिन्न लाभार्थियों को सम्मानित किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा विभिन्न योजना अंतर्गत लाभार्थियों को चेक वितरित किए गए एन आर एल एम के अंतर्गत 9 महिला समूह को एक-एक लाख के चेक, सहकारी विभाग के 10 साधन सहकारी समितियां को 13 लाख के चेक प्रदान करने के साथ ही 10 महिला लाभार्थियों को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने 10 गर्भवती महिलाओं की गोद भराई कार्यक्रम में शामिल होने के साथ ही नगर पालिका के 11 नए वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत संकल्प यात्रा का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किया गया है, उनके आह्वान पर आज देशवासियों ने इस यात्रा की कमान संभाल ली है। देश के सभी राज्यों के लाभार्थी इस यात्रा से काफी उत्साहित हैं। ’मोदी की गारंटी वाली गाड़ी’ का स्वागत सत्कार लोग नए-नए तरीके से कर रहे हैं। आम जनता को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देना तथा वंचित लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा विकसित भारत संकल्प यात्रा जनहितैषी योजनाओं पर केंद्रित है। यात्रा के लिए ग्रामीण क्षेत्र की 19 तथा शहरी क्षेत्र की 15 योजनाएं चिन्हित की गई हैं, इनमें स्वस्थ भारत मिशन, खाद्य सुरक्षा, गुणवत्ता शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, उचित पोषण, गरीबों के लिए आवास, वित्त पोषण सेवाओं और सामाजिक सुरक्षा से संबंधित योजनाएं शामिल हैं। योजनाओं की जानकारी और प्रचार-प्रसार के लिए प्रत्येक जिले में ग्राम पंचायत तक यात्रा रथ पहुच रहे हैं, जिसमें प्रधानमंत्री श्री मोदी का उद्बोधन, योजनाओं की जानकारी और योजनाओं से संबंधित चलचित्र प्रदर्शित हो रहे हैं। योजनाओं के संबंध में जागरूकता के लिए क्विज, सांस्कृतिक कार्यक्रम और ड्रोन प्रदर्शन भी हो रहा है। लाभार्थियों की व्यक्तिगत सफलता की कहानियों और उपलब्धियों को साझा करने के लिए ’मेरी कहानी-मेरी जुबानी’ जैसे कार्यक्रम भी किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों/कर्मचारियों को निर्देश दिए की केंद्र व राज्य सरकार से जुड़ी जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रत्येक गांव तक पहुंचाने के साथ ही योजनाओं से वंचित लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाया जाना सुनिश्चित किया जाय।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विकसित भारत संकल्प यात्रा के दौरान माननीय प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी वाला वाहन हर गांव, हर पंचायत में पहुंच रहा है जिसका मकसद विकसित भारत का निर्माण करना है। इस यात्रा का संकल्प 2047 तक भारत को हर प्रकार से विकसित करना है। जिसके लिए प्रमुख विभागों द्वारा सभी योजनाओं को जन जन तक पहुंचाने के लिए मोदी की गारंटी के रूप में यह वाहन हमारे राज्य के कोने-कोने तक पहुंच रहा हैं। विकसित भारत संकल्प यात्रा के अंतर्गत राज्य में 63 हजार से भी अधिक प्रतिभागियों को अभी तक इसमें योजनाओं का लाभ मिल चुका है। विकसित भारत संकल्प यात्रा कार्यक्रम के अंतर्गत उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत योजना, पीएम विश्वकर्मा योजना, उज्ज्वला योजना, स्वास्थ्य विभाग, बैंक का वित्तीय संस्थान, उद्योग, पीएम विश्वकर्मा, जल जीवन मिशन, कृषि, आधार,खाद्य आपूर्ति, प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित लोगों को इस योजना अंतर्गत योजनाओं से संतृप्त करने का कार्य विकसित भारत संकल्प यात्रा कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में इस यात्रा अंतर्गत उन वंचित लोगों को लाभार्थी बनाने का कार्य किया जा रहा है जो पहले योजनाओं से वंचित थे। उन्होंने कहा कि विकसित भारत संकल्प यात्रा में बड़ी संख्या में लोग इस यात्रा से उत्साहित होकर जुड़ रहे हैं और इसका लाभ भी उठा रहे हैं। मोदी की गारंटी की गाड़ी का हर जगह धूमधाम से स्वागत कर रहे हैं। क्योंकि योजनाओं से जुड़कर लोगों के जीवन में सुधार हो रहा है किसी को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास मिला है, किसी को जल जीवन मिशन योजना अंतर्गत पानी का कनेक्शन मिला है तो किसी को आयुष्मान कार्ड का लाभ प्राप्त हुआ है। इस प्रकार से विभिन्न लाभ लोगों को दिया गया है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा मंगलवार को टनकपुर के उचोलिगोठ निवासी गीता देवी जिन्हें बाघ द्वारा घायल कर दिया गया था इस दौरान उन्हें बाघ के हमले से बचाने में जानकी देवी तथा पार्वती देवी द्वारा की गई मदद के लिये दोनों महिलाओं को भी सम्मानित किया गया।

चम्पावत की विद्युत संबंधी समस्याओं का होगा समाधान-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को चम्पावत के नवसृजित विद्युत वितरण मण्डल के कार्यालय भवन का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि नवसृजित विद्युत वितरण खण्ड के कार्यालय भवन बनने से क्षेत्र की विद्युत समस्याओं का त्वरित समाधान होगा। जनपद चम्पावत को आदर्श बनाये जाने की राह में विद्युत समस्याओं के शीघ्र समाधान हेतु उत्तराखण्ड पॉवर कॉरपोरेशन लि. द्वारा उठाया गया यह एक प्रभावी कदम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद चम्पावत को आदर्श जनपद बनाने की अवधारणा को साकार करने के लिए लगातार विकास कार्य कराए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जनपद के लोगों की विद्युत सम्बन्धी समस्याओं के त्वरित निस्तारण और विद्युत व्यवस्थाओं को बेहतर करने हेतु प्रदेश के उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड द्वारा नव सृजित विद्युत वितरण मंडल, चंपावत के कार्यालय भवन का शिलान्यास एवं भूमि पूजन किया गया है। इस मंडल के अंतर्गत तीन विद्युत वितरण खण्ड चंपावत,खटीमा एवं सितारगंज शामिल होंगे। जिससे अब नए सर्किल खुलने के बाद लोगों को अपनी विद्युत समस्याओं को लेकर उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए अधिक दूरी तय नहीं करनी होगी। इसके अलावा इन क्षेत्र में बिजली की समस्याओं के समाधान को लेकर भी लोगों को आसानी होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद चम्पावत का विकास हमारी प्राथमिकता में शामिल है। विद्युत वितरण मंडल चंपावत के कार्यालय भवन के निर्माण से चम्पावत के विद्युत संबंधित सभी कार्याे का निष्पादन स्थानीय स्तर पर हो पाएगा। इस अवसर पर अध्यक्ष जिला पंचायत ज्योति राय, जिलाध्यक्ष भाजपा निर्मल महरा, ब्लॉक प्रमुख चंपावत रेखा देवी, बाराकोट विनीता फर्त्याल, विधायक प्रतिनिधि चंपावत प्रकाश तिवारी, जिलाधिकारी नवनीत पाण्डे, पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र पींचा, उत्तराखंड पावर कॉर्पाेरेशन एम डी अनिल कुमार यादव, मुख्य विकास अधिकारी संजय सिंह, विद्युत विभाग के निदेशक परिचालन एम एल प्रसाद, मुख्य अभियंता आशीष अरोरा सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे।

मोदी की गांरटी से लोगों को मिल रहा लाभ-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बुधवार को गौसीकुआं लोहियाहेड में विडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी़ द्वारा ’विकसित भारत संकल्प यात्रा’ के लाभार्थियों से बातचीत से संबंधित कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से जुडे। कार्यक्रम के पश्चात आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां से लोगों की उम्मीदें खत्म हो जाती हैं वहां से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी शुरू होती है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प के साथ प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी की गाड़ी देश के हर कोने तक पहुंच रही है। एक महीने के अंतराल में ही विकसित भारत संकल्प यात्रा हजारों गांवों और शहरों, विशेषकर छोटे शहरों में पहुंच गई है।
प्रधानमंत्री द्वारा देश के हजारों भारत संकल्प यात्रा के लाभार्थियों से बातचीत के दौरान हरिद्वार के लाभार्थी गुरूदेव सिंह से भी बात कर कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, शहद उत्पादन के द्वारा आय के संसाधनों में वृद्धि पर ध्यान देने पर बल दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार के गरूदेव सिंह एक किसान हैं तथा मत्स्य पालन से जुड़े हैं, मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री द्वारा सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर इस नवाचार के लिये हरिद्वार के किसान गुरूदेव सिंह की सराहना करना अन्य किसानों के लिये भी प्रेरणादयी बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में देश में विकसित भारत संकल्प यात्रा का व्यापक अभियान चल रहा है, जो कि उम्मीदों का एक जीवंत कारवां है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत संकल्प यात्रा का उद्देश्य विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं के बारे में नागरिकों के बीच जागरूकता पैदा करना और योजनाओं के शत प्रतिशत संतृप्ति के लिए “जनभागीदारी“ की भावना में उनकी भागीदारी को सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि यह देश की अब तक की सबसे बड़ी पहल है। उन्होंने कहा कि केन्द्र तथा राज्य सरकार परिवार के सदस्य की भांति जनता की चिंता कम करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप 2047 में देश विकसित होकर रहेगा, इस विचार को लेकर सभी को आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि देश को विकसित बनाने में यह संकल्प बहुत काम आयेगा। उन्होंने सभी से विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने का आह्वान भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश को एक विकसित राष्ट्र बनाने का सपना देखा है और एक विकासशील राष्ट्र को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए क्या-क्या आवश्यकताएं होती है, इसको एक विजन के रूप में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पूरा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब देश अपनी आजादी के 100 वर्ष पूर्ण कर रहा होगा तब निश्चित ही हमारा देश विकसित राष्ट्र के रूप में अपनी पहचान बनायेगा। उन्होंने कहा कि विकसित भारत की संकल्पना के साथ कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, इसमें गरीबों के लिए संचालित सेवाओं के साथ कृषि, स्वास्थ्य, आधार सहित अन्य सेवाएं पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाने का अभिनव प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने सभी लोगों को योजनाओं का लाभ लेने की अपील करते हुए सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को बेहतर कार्य करते हुए जन कल्याण हेतु चलाई जा रही सभी योजनाओं का लाभ दूरस्थ क्षेत्रों के पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।

मंत्री ने पांच आवासीय परियोजनाओं के लाभार्थियों को आवास आंवटित किये

विधानसभा स्थित कार्यालय कक्ष में आवास मंत्री डॉ. प्रेमचन्द अग्रवाल ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी एएचपी) के अर्न्तगत पांच आवासीय परियोजनाओं के तहत लाभार्थियों को आवास आवंटन किये।
इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि आवास विभाग द्वारा कुल 20 परियोजनाओं में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मंगलौर रूडकी आवासीय परियोजना, हरिद्वार के तहत 542, अनेकीहेत्तमपुर आवासीय परियोजना, हरिद्वार के तहत 845, महुवाखेड़ागंज आवासीय परियोजना, उधमसिंह नगर के तहत 98, मानपुर आवासीय परियोजना, उधमसिंह नगर के तहत 108 तथा उमेधपुर-रामनगर आवासीय परियोजना, नैनीताल के तहत 390 कुल 1983 लाभार्थियों को आवास आवंटित किये गये हैं।
आवास मंत्री ने कहा कि आवास आवंटन की प्रक्रिया को पूर्णतया पारदर्शी बनाये जाने हेतु ऑनलाईन लॉटरी के माध्यम से आवास आवंटन किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आवास आवंटन के समय वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांगजनों को प्राथमिकता प्रदान करते हुए भूतल में आवास आवंटन किये जा रहे हैं।
मंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड आवास एवं विकास परिषद द्वारा अब तक आवासीय परियोजनाओं के प्रथम चरण में कुल लगभग 6463 आवासों का आवंटन किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि शेष परियोजनाओं के आवंटन हेतु आवेदन पत्र लेकर आवास हेतु सत्यापन की कार्यवाही गतिमान है एवं शीघ्र ही इनका आवेदन भी सुनिश्चित कर लिया जायेगा।
आवास मंत्री ने बताया कि उक्त परियोजनाओं में रू0 6 लाख प्रति आवास की दर से निजी विकासकों द्वारा आवास मय भूमि परिषद् को उपलब्ध करायी जा रही है, जिसमें से रू0 1.50 लाख भारत सरकार द्वारा अनुदान के रूप में तथा रू0 1 लाख राज्य सरकार द्वारा अनुदान के रूप में दी जा रही है। शेष रू0 3.50 लाख लाभार्थियों द्वारा वहन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विकासकों को यह धनराशि उसके द्वारा किये गये निर्माण की मात्रात्मक एवं गुणात्मक जांचोपरान्त कार्य की प्रगति के अनुसार समय-समय पर निर्गत की जा रही है।
मंत्री ने कहा कि महिला सशक्तिकरण को ध्यान रखते हुए आवास आवंटन हेतु महिलाओं को प्राथमिकता दी जा रही है अन्यथा की स्थिति में महिला एवं पुरूष को संयुक्त रूप से आवास आवंटन किये जा रहे हैं।
इस अवसर पर विधायक रानीपुर आदेश चौहान एवं विधायक रामनगर दिवान सिंह बिष्ट, अपर आवास आयुक्त, प्रकाश चन्द्र दुम्का, अधिशासी अभियन्ता, आनन्द राम तथा अन्य विभागीय अधिकारी एवं परियोजना के लाभार्थी उपस्थित रहे।

चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड से पहली बार प्रदेश को मिले 1376 नर्सिंग अधिकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित, मुख्य सेवक सदन में उत्तराखण्ड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड द्वारा चयनित नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। कार्यक्रम के दौरान चयनित 1376 अभ्यर्थियों में से 200 अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री द्वारा नियुक्ति पत्र प्रदान किये। शेष सभी अभ्यर्थियों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा नियुक्ति पत्र प्रदान किये गये हैं।
मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले नर्सिंग अधिकारियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि चयनित सभी नर्सिंग अधिकारी लगन व कड़ी मेहनत के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे और राज्य के विकास व जनसेवा के लिए हमेशा तत्पर रहेंगे। उन्होंने कहा कि नर्सिंग अधिकारी का दायित्व बहुत महत्वपूर्ण है। ग्राउंड लेवल पर समाज में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के मुद्दों पर जनता को शिक्षित करने का दायित्व भी नर्सिंग अधिकारियों पर है। आपातकालीन स्थितियों में आपकी तत्परता और उत्कृष्टता लोगों के लिए जीवन रक्षा का कार्य करती है। उन्होंने कहा कि हमारी डबल इंजन की सरकार ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में अनेक कार्य किए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में ’आयुष्मान भारत योजना’ प्रदेशवासियों के लिए वरदान साबित हुई है। राज्य में सभी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिले,इसके लिए राज्य सरकार द्वारा उत्तराखण्ड अटल आयुष्मान योजना से लोगों को लाभान्वित किया जा रहा है। ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन सेवाएं सुदूर क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हुई हैं। सरकार जच्चा-बच्चा की सुरक्षा के लिए कई योजनाएं चला रही है। गर्भवती महिलाओं के लिए ’’जननी सुरक्षा योजना’’ संचालित की जा रही है, जिसके अंतर्गत संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देते हुए मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा भारत को क्षय मुक्त बनाने के लिए 2025 का लक्ष्य के सापेक्ष राज्य सरकार द्वारा 2024 तक उत्तराखण्ड को क्षय मुक्त राज्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें भी नर्सिंग अधिकारियों को अहम भूमिका होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने दो-दो वैक्सीनों द्वारा देश की जनता की ही नहीं बल्कि अन्य देशों की भी मदद की। हमें अभी भी कोरोना के प्रति सावधानी रखनी है और लोगों को इसके प्रति जागरूक बनाए रखने हेतु कार्य करना है।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को 13 वर्ष के उपरांत 1376 नर्सिंग अधिकारी मिले हैं। उन्होंने कहा कि सभी चयनित नर्सिंग अधिकारियों के पहले पांच साल राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में सेवाएं देनी होगी, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्तराखण्ड को जेआरडी टाटा मेमोरियल अवार्ड से नवाजा गया है। यह अवार्ड 42 स्वास्थ्य सूचकांकों में बेहतर प्रदर्शन पर राज्य को मिला। उन्होंने कहा कि टाटा रिसर्च सेंटर के सर्वे के अनुसार उत्तराखण्ड में क्रिटिकल मरीजों के लिए हवाई सेवा उपलब्ध कराने, अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना, 276 प्रकार की निःशुल्क जांच और 90 प्रतिशत से अधिक संस्थागत प्रसव कराने का सराहनीय प्रयास किया गया है।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक विनोद चमोली, उमेश शर्मा काऊ, खजानदास, सविता कपूर, राजकुमार पोरी, ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के उपाध्यक्ष सुरेश भट्ट, सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार, कुलपति उत्तराखण्ड चिकित्सा विश्वविद्यालय प्रो. हेमचन्द्र, महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. विनीता शाह एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

अटल ने बनाया और मोदी संवार रहे उत्तराखंड-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पवेलियन ग्राउंड, देहरादून में आयोजित विशाल युवा पद यात्रा कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। उन्होंने भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का स्मरण करते हुए कहा कि अटल ने उत्तराखण्ड राज्य बनाया था और अब मोदी उत्तराखण्ड को संवार रहे हैं। उन्होंने कहा कि मोदी जो कहते है वो करते हैं। भारत को पुनः विश्व गुरू बनाने के लिए वे निरंतर कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में देश हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। वैश्विक स्तर पर भारत को नई पहचान मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण का सपना सच होने जा रहा है। काशी में बाबा विश्वनाथ का पुनरोद्वार हुआ है। उज्जैन में बाबा महाकाल कॉरिडोर का निर्माण हुआ है। केदारनाथ के पुनर्निर्माण कार्य हुए हैं और बदरीनाथ में मास्टर प्लान के तहत कार्य हो रहे हैं। कश्मीर से धारा-370 समाप्त हुई है। मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक से निजात मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मेदी के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड में हर क्षेत्र में तेजी से कार्य हो रहे हैं। राज्य में 23 वर्ष में पहली बार भर्तियों में घोटाले करने वालों पर कड़ी क़ानूनी कार्रवाई के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। धर्मांतरण रोकने के लिए कानून लागू किया गया है। लैंड जिहाद और लव जिहाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। उत्तराखंड में समान नागरिक आचार संहिता कानून के लिए बनाई गई समिति ने ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। ड्राफ्ट मिलते ही सरकार इसे लागू करने की दिशा में आगे बढ़ेगी। राज्य की महिलाओं को राज्य की प्रतियोगी परीक्षाओं में 30 प्रतिशत के क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था की गई है। राज्य के कई क्षेत्रों में राजस्व पुलिस की जगह रेगुलर पुलिस की तैनाती की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड, डेस्टिनेशन उत्तराखंड के रूप में निवेश का हब बनने जा रहा है। इसी माह देहरादून में उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया गया। इससे पूर्व विदेशों और देश के बड़े शहरों में जाकर राज्य में निवेश बढ़ाने के लिए रोड शो के माध्यम से करार किये गये। जो निवेश प्रस्ताव राज्य को प्राप्त हुए हैं, उनकी ग्राउडिंग के लिए तेजी से कार्य किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में चाहे मूल निवास का मुद्दा हो, भू-कानून का मुद्दा हो या अन्य कोई भी जनहित से जुड़े मुद्दे हों राज्य के हित में जहां पर भी जो भी जरूरत पड़ेगी, हम उसमें एक प्रसेंट भी पीछे रहने वाले नहीं हैं। राज्य का हित और यहां के नौजवान युवाओं का हित हमारे लिये सबसे पहले है। राज्य में जो निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, उनमें भी सबसे पहले राज्य सरकार उन्हीं को प्राथमिकता देगी, जो नौजवान युवाओं को रोजगार देने वाले हों। उन्होंने कहा कि राज्यहित में जो निर्णय लेने होंगे, वे लिये जायेंगे। इसमें किसी को कोई संदेह करने की जरूरत नहीं है। राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्यहित से जुड़े मुद्दों पर निर्णय लेगी।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, विधायक खजानदास, सविता कपूर, सांसद एवं भाजपा के युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी सूर्य, भाजपा के युवा मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नेहा जोशी एवं पार्टी पदाधिकारी उपस्थित रहे।

राज्य में स्थापित होने वाले उद्योगों से कितना रोजगार सृजन होगा इसका विवरण किया जाए तैयारः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में शासन के उच्चाधिकारियों के साथ उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में हुए एमओयू के ग्राउंडिंग की समीक्षा की। निवेश हेतु हुए एमओयू को धरातल पर उतारना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए मुख्यमंत्री ने उच्चाधिकारियों के साथ समीक्षा के साथ उनसे सुझाव भी लिये तथा निर्देश दिये कि 15 फरवरी तक अधिक से अधिक प्रस्तावों की ग्राउंडिंग हो। प्रति सप्ताह मुख्य सचिव तथा प्रतिमाह मुख्यमंत्री स्वयं इसकी गहनता से समीक्षा करेंगे। निवेश प्रस्तावों में इकोलॉजी तथा इकोनॉमी के समन्वय के साथ युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराना हमारा लक्ष्य होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि राज्य में स्थापित होने वाले उद्योगों के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में होने वाले निवेश से कितना रोजगार सृजन होगा इसका विवरण तैयार किया जाए। राज्य में निवेश के तहत स्थापित होने वाले उद्योगों से महिला स्वयं सहायता समूहों को भी लाभान्वित किये जाने के प्रयास किये जायें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के अधिक से अधिक युवाओं को सौर ऊर्जा तथा पर्यटन नीति के अंतर्गत स्वरोजगार उपलब्ध कराया जाए।

बैठक में बताया गया कि इन्वेस्टर्स समिट में विभिन्न विभागों से सम्बन्धित 3.56 लाख करोड़ के 1779 एमओयू हस्ताक्षरित हुए हैं जिनमें ऊर्जा के क्षेत्र में 1.03 लाख करोड़ के 157 तथा उद्योग विभाग से सम्बंधित 78 हजार करोड़ के 658, पर्यटन के क्षेत्र में 47,646 करोड़ के 437, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में 19,260 करोड़ के 175, आवास एवं नगर विकास के क्षेत्र में 41,947 करोड़ के 62, स्वास्थ्य एवं पर्यावरण के क्षेत्र में 25,785 करोड़ के 39, आयुष एवं वेलनेस के क्षेत्र में 17,058 करोड़ के 77 करार शामिल हैं। राज्य में निवेशकों की सुविधा के लिये उत्तराखण्ड सोसाइटी फॉर प्रमोशन ऑफ इन्वेस्टमेंट, र्स्टाट अप एंड इन्टरप्रिन्योरशिप का गठन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने इन्वेस्टर्स समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिये गये निर्देशों का भी अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिये हम सबके प्रयासों को हर क्षेत्र में सराहा गया है। अब हम सबका दायित्व है कि इन्हें राज्य हित में जमीनी हकीकत में बदला जाय। उन्होंने सभी के सुझावों को ताकत बताकर इसे अवसर में बदलने की भी अपेक्षा की। उन्होंने राज्य हित से जुड़े जरूरी प्रस्तावों को प्राथमिकता देने की भी बात कही।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि सभी विभागीय अधिकारी यह भी सुनिश्चित करें कि पहाड़ों के विकास के लिये प्राप्त निवेश प्रस्तावों से क्या बेहतर किया जा सकता है। युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध हों इसके लिये रोजगार सृजन पर भी फोकस किया जाय।

मुख्यमंत्री ने लोकल उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में भी प्रभावी कार्य योजना बनाने को कहा। सौर ऊर्जा क्षेत्र में निवेश प्रस्तावों पर भी विशेष ध्यान देने पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने सौर ऊर्जा नीति के तहत अधिक से अधिक युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के प्रयासों पर भी ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि हमारे लिये छोटे निवेशक भी महत्वपूर्ण हैं। मुख्यमंत्री ने उद्यमियों से मानवीयता तथा शिष्टता के साथ देवभूमि के आचरण के अनुकूल व्यवहार पर भी ध्यान देने को कहा, तभी अधिक से अधिक उद्यमी राज्य में निवेश के प्रति आकर्षित होंगे।

मुख्यमंत्री ने हरिद्वार एवं ऊधमसिंह नगर में आयोजित निवेशकों की बैठकों में प्राप्त निवेश प्रस्तावों की ग्राउंडिंग पर ध्यान देने को कहा। उन्होंने इस संबंध में होने वाली अगली बैठक में जिलाधिकारियों को वर्चुअली शामिल किये जाने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 21 वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखण्ड का दशक बताया है। यह कालखण्ड हमारी पहचान बनाने वाला है। केन्द्र सरकार के सहयोग से सड़क, बिजली, पानी तथा भारत माला मिशन की योजनायें राज्य के विकास की नई इबारत लिखने जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के निर्देशों के क्रम में देहरादून पंतनगर हवाई अड्डों के विस्तार, ऋषिकेश अथवा किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर कन्वेंशन सेंटर के निर्माण की दिशा में भी तेजी के कार्य किया जाये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून की स्थिति में काफी सुधार हुआ है यह आगे भी बरकरार रहे तथा शहर के विकास के कार्य निरंतर चलते रहें यह भी हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने राज्य में हो रहे मानव वन्य जीव संघर्ष को कम किये जाने पर भी प्रभावी कार्य योजना बनाने को कहा।

बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनन्द वर्धन, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु सचिव मुख्यमंत्री आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगौली, विनय शंकर पाण्डेय, वन प्रमुख (हॉफ) अनूप मलिक, सचिव बी.वी.आर.सी पुरुषोत्तम, अरविंद सिंह ह्यांकी, एस.एन. पाण्डेय, उपाध्यक्ष मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण एवं महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा बंशीधर तिवारी सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक प्रोत्साहन योजना का लाभ उठाने की धामी ने की अपील

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्व अल्पसंख्यक अधिकार दिवस के अवसर पर हिमालयन सांस्कृतिक केन्द्र, गढ़ी कैंट, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने अल्पसंख्यक आयोग की पुस्तिका का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री ने अल्पसंख्यक समुदाय के सभी लोगों को विश्व अल्पसंख्यक अधिकार दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज का दिन भारतवर्ष की एकता और अखंडता के संरक्षण व संवर्धन हेतु हमारे मौलिक कर्तव्यों को याद करने का दिन है। भारत की एकता और अखंडता का मूल भी हमारी यही सांस्कृतिक विभिन्नताओं में पाए जाने वाली एकरूपता है। अनेकता में एकता का यही भाव देश को एकता के सूत्र में पिरोने का कार्य करता है। हमारी भारतीय संस्कृति सभी पंथ मार्ग, संप्रदायों का सम्मान करने की रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की संस्कृति तथा सामर्थ्य का विस्तार संपूर्ण विश्व में हो रहा है। उनके द्वारा दिए गए मंत्र सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास द्वारा नये भारत में हर वर्ग के सशक्तिकरण का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड धार्मिक एवं आध्यात्मिक चेतना की जागृति का केंद्र रहा है। राज्य सरकार हर वर्ग के विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अल्पसंख्यकों का प्रतिनिधित्व बढ़ाए जाने एवं अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित किए जाने हेतु ’’मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक प्रोत्साहन योजना’’ प्रारम्भ की गई है। राज्य में अल्पसंख्यक समुदाय के परिवारों की मेधावी छात्राओं की शिक्षा हेतु विशेष अनुदान भी उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार ने अल्पसंख्यक क्षेत्रों में मांग के अनुसार आर्थिक व शैक्षणिक विकास के लिए अल्पसंख्यक विकास निधि की स्थापना की है, जिसके तहत अभी तक 18 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है। मुख्यमंत्री हुनर योजना के माध्यम से गांवों की महिलाओं को स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना, जन धन योजना, उज्ज्वला योजना, हर घर नल से जल, पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना, स्वच्छ भारत अभियान के तहत शौचालयों का निर्माण, आवास योजना सहित अनेक प्रकार की योजनाओं के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार ने जन समस्याओं के समाधान के लिए कार्य किये हैं। राज्य में समान नागरिक संहिता जल्द लागू करने की दिशा में कार्य किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2025 तक उत्तराखण्ड को हर क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए सभी को सहयोग देना होगा।
इस अवसर पर उत्तराखण्ड अल्प संख्यक आयोग के अध्यक्ष आर.के.जैन, उपाध्यक्ष सरदार इकबाल सिंह, मजहर नईम उत्तराखण्ड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स, मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष मुफ्ती शमून कासमी, प्रभारी डीजीपी अभिनव कुमार उपस्थित रहे।