पूर्व सैनिकों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार, सरकार ने की थी महत्वूपर्ण घोषणा

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से मुख्यमंत्री आवास में पूर्व सैनिक वेल्फेयर एसोसियेशन के सदस्यों ने भेंट की। उन्होंने शौर्य दिवस के अवसर पर सैनिकों के हित में की गई कल्याणकारी घोषणाओं के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने शौर्य दिवस के अवसर पर सैनिकों की समस्याओं के समाधान के लिये विशेष रूप से अपर सचिव स्तर के अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त करने, उत्तराखण्ड के शहीद सैनिकों के लिये उनकी याद में विशाल मेमोरियल बनाना और सबसे महत्वपूर्ण घोषणा प्रदेश के सचिवालय में पूर्व सैनिकों को प्रवेश करने के लिये उनका आई कार्ड ही प्रवेश पत्र माने जाने की घोषणा की थी, इन घोषणाओं के प्रति प्रदेश के सैनिक बहुत प्रभावित हुए हैं जिसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार जताया है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा सैन्य बाहुल्य प्रदेश है। देव भूमि के साथ ही हमारे वीर सैनिकों ने अपने अदम्य साहस एवं शौर्य के बल पर इसे वीर भूमि बनाया है। वीर सैनिकों व उनके आश्रितों के कल्याण के लिये राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर विधायक मुन्ना सिंह चैहान, पूर्व सैनिक वेल्फेयर एसोसिएशन के केन्द्रीय अध्यक्ष पी.टी.आर शमशेर सिंह बिष्ट, महासचिव ओ. कैप्टन आर.डी.शाही, पी.बी.ओ.आर की अध्यक्षा महिला प्रकोष्ठ राजकुमारी थापा, उपाध्यक्षा कमला गुरूंग सहित बड़ी संख्या में संगठन के सदस्य उपस्थित थे।

उत्तराखंड के प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि की जरुरतः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। पर्वतीय जिलों में प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि के लिए जिलाधिकारियों को विशेष ध्यान देने के निर्देश दिये गये हैं। विकासखण्ड स्तर पर यह विचार करना जरूरी है कि कैसे प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि की जा सकती है। उन्होंने कहा कि पिछले दो सालों में प्रति व्यक्ति आय में 30 हजार रूपये की वृद्धि हुई है। पर्वतीय क्षेत्रों के विकास के लिये सरकार प्रयासरत है। इन्वेस्टर समिट में 40 हजार करोड़ रूपये के एमओयू पर्वतीय क्षेत्रों के लिए हुए है। प्रत्येक न्याय पंचायत पर ग्रोथ सेंटर विकसित किये जा रहे हैं। 58 ग्रोथ सेंटर स्वीकृत किये जा चुके हैं। पिरूल से बिजली बनाने का कार्य किया जा रहा है। सौर ऊर्जा की 600 करोड़ की योजनायें विभिन्न उद्यमियों को पर्वतीय क्षेत्रों के लिए आवंटित की गई हैं। सर्विस सेक्टर में भी काफी इन्वेस्टमेंट पहाड़ों में संभावित है। महिला सशक्तीकरण के लिए एलईडी उपकरण बनाने के लिए ब्लॉक स्तर महिलाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है। सरकार ने इन उपकरणों की खरीद की व्यवस्था भी की है।
उत्तराखण्ड की प्रथम मानव विकास रिपोर्ट 2019 इंस्टीट्यूट फॉर ह्यूमन डेवलपमेंट नई दिल्ली के सहयोग से तैयार की गई है। इस रिपोर्ट के अनुसार राज्य का ह्यूमन डेवलपमेंट इंडेक्स 0.718 है। इस रिपोर्ट में ह्यूमन डेवलपमेंट इंडेक्स, लैंगिक विकास सूचकांक, बहुआयामी गरीबी सूचकांक यथा शिक्षा, स्वास्थ्य व जीवन स्तर एवं राज्य में जन्म पर जीवन प्रत्याशा का आकलन किया गया है। मानव विकास सूचकांक में देहरादून प्रथम, हरिद्वार दूसरे व उधमसिंह नगर तीसरे स्थान पर रहे। लैंगिक विकास सूचकांक में उत्तरकाशी प्रथम, रूद्रप्रयाग द्वितीय तथा बागेश्वर तृतीय स्थान पर रहे। बहुआयामी गरीबी सूचकांक में उत्तरकाशी प्रथम, हरिद्वार द्वितीय व चम्पावत तृतीय स्थान पर रहे। उत्तराखण्ड राज्य की जन्म पर जीवन प्रत्याशा 71.3 वर्ष है। पिथौरागढ़ जनपद में जन्म पर जीवन प्रत्याशा सर्वाधिक 72.1 वर्ष है।

मानव विकास रिपोर्ट रिपोर्ट में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता, विद्युतीकरण, प्रति व्यक्ति आय के क्षेत्र में राज्य की उपलब्धियों के साथ विकास के मार्ग में मौजूद बाधाओं व चुनौतियों व उनकों दूर करने के लिए मार्गदर्शक उपायों को भी समावेशित किया गया है। जो भविष्य में बेहतर विकास रणनीतियों के निर्माण एवं क्रियान्वयन हेतु राज्य सरकार व विभिन्न विभागों को उत्प्रेरित करती रहेगी। यह रिर्पोट मानव विकास तथा समावेशी विकास को विकास के केन्द्र के रूप में बनाये रखने हेतु राज्य की योजनाओं, नीतियों एवं हस्तक्षेपों के आधार के रूप में कार्य करेगी।
‘ग्रीन एकाउंटिंग ऑफ फॉरेस्ट रिसोर्स, फ्रेमवर्क फॉर अदर नेचुरल रिसोर्स एण्ड इण्डेक्स फॉर सस्टनेबल एनवायरमेंटल परफॉर्मेंस फॉर उत्तराखण्ड स्टेट’ हेतु इंडियन इंस्टीट्यूट फॉर फॉरेस्ट मैनेजमेंट, भोपाल के सहयोग से तैयार की गई है। इस रिपोर्ट में राज्य के वन संसाधनों के आर्थिक महत्व को मौद्रिक रूप में मापने का प्रयास किया गया है। राज्य 18 वन सेवाओं को फ्लो वैल्यू 95,112.60 करोड़ तथा तीन सेवाओं का स्टॉक वैल्यू 14,13,676.20 करोड़ आंकलित हुआ है। इससे राज्य सरकार की लंबे समय से चली आ रही ग्रीन बोनस की मांग को भारत सरकार के समक्ष अधिक प्रभावी ढ़ग से रखने में मदद मिलेगी।
उत्तराखण्ड आर्थिक सर्वेक्षण भाग-2 में उत्तराखण्ड राज्य की अर्थव्यवस्था को समृद्ध कर राज्य को देश के अग्रणी राज्य में शामिल करने के साथ-साथ समान सामाजिक न्याय, पर्यावरण तथा विकास की प्रक्रिया के बीच ताल-मेल को बढ़ावा देने, पर्यटन के क्षेत्र में पर्यटन स्थलों को वैश्विक स्तर का तैयार कर घरेलू तथा विदेशी पर्यटकों के लिए शीर्ष प्राथमिकता प्रदान करना है। राज्य के दूर-दराज पहाड़ी क्षेत्रों में औद्यानिकी के द्वारा कृषि क्षेत्र को पुनर्जीवित करने तथा पारिस्थितिकी के अनुकूल औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देने के लिए इसमें मदद मिलेगी। यह रिपोर्ट राज्य द्वारा सतत विकास 2030 के लक्ष्यों की कार्य योजना में भी सहायक होगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के औद्योगिक सलाहकार डॉ. के.एस. पंवार, प्रमुख सचिव मनीषा पंवार, श्रम संविदा सलाहकार बोर्ड के अध्यक्ष शमशेर सिंह सत्याल, सचिव बी.एस मनराल, अपर सचिव सुरेश जोशी, निदेशक अर्थ एवं संख्या सुशील कुमार, डी.डी.जी. एन.एस.एस.ओ राजेश कुमार, आईआईएमएफ भोपाल की डॉ. मधु वर्मा, आईएचडी नई दिल्ली के डॉ.आई.सी. अवस्थी, ई.एच.आई संस्थान के डॉ. आर.एस. गोयल आदि उपस्थित थे।

उत्तर प्रदेश हायर ज्यूडिशिल सर्विसेज में ऋषिकेश की महिला का चयन

दिल में कुछ करने का जज्बा हो तो उम्र के हर पड़ाव पर सफलता हासिल की जा सकती है। तीर्थनगरी की 39 वर्षीय कल्पना पांडेय ने इस बात को साकार कर दिखाया है। उन्होंने शादीशुदा जीवन व्यतीत करते हुए न सिर्फ वकालत की पढ़ाई की बल्कि उत्तर प्रदेश हायर ज्यूडिशिल सर्विसेज (यूपीएचजेएस) की परीक्षा पास की है। फैजाबाद की मूल निवासी कल्पना पांडेय की शादी 1998 में ऋषिकेश आईडीपीएल निवासी आशीष पांडेय के साथ हुई थी। शादी के वक्त कल्पना सिर्फ 12वीं पास थी।
शादी के बाद कल्पना ने स्नातक और परास्नातक की पढ़ाई ऋषिकेश पीजी कॉलेज से की। उनके दो बच्चे हैं। पारिवारिक जिम्मेदारियों का बखूबी निर्वहन करते हुए उन्होंने डीएवी कॉलेज देहरादून से एलएलबी और एलएलएम की परीक्षा हरिद्वार से पास की। वर्ष 2012 में वह सहायक अभियोजन अधिकारी (एपीओ) के पद पर तैनात हुईं। इतना हासिल करने के बाद भी उनके पैर यहीं नहीं थमे और उन्होंने जज बनने की ठानी। मेहनत और लगन रंग लाई। उन्होंने यूपीएचजेएस की परीक्षा में दो बार के प्रयास से सफलता हासिल की।

अधिकत्तर केसों में मिली सफलता
बतौर सरकारी अधिवक्ता कल्पना पांडेय की पहली ज्वाइनिंग देहरादून कोर्ट में हुई। वर्तमान में वह हरिद्वार कोर्ट में कार्यरत है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष अभी तक उनका 92 प्रतिशत केसों में सफलता प्राप्त करने का रिकॉर्ड है। एलएलबी और एलएलएम के बाद जज बनने का ख्वाब रखने वाले अधिवक्ताओं के लिए कल्पना पांडेय कहती हैं कि पढ़ाई के दौरान धैर्य बनाए रखना आवश्यक है। यदि धैर्य का अभाव है तो आपके अंदर कितनी भी प्रतिभा हो, व्यर्थ रह जाएगी। किसी भी परीक्षा में सफलता अर्जित करने के लिए निरंतर पढ़ाई करें, सदैव अपडेट रहें।

लंबित मुकदमों निस्तारण प्राथमिकता
एडीजे कल्पना पांडेय ने बताया कि उनकी हमेशा से प्राथमिकता रही है कि सही और न्याय समय पर मिल सके। एडीजे के पद पर नियुक्त होते ही उनका यह उद्देश्य रहेगा कि लंबित पड़े वादों को जल्द निपटाऊं। उन्होंने कहा कि लोगों में न्यायालय के प्रति विश्वास बना रहे, इस बात को ध्यान में रखकर काम में तीव्रता लाते हुए काम करूंगी।

टूटते तारें देखने हैं तो आज रात मिल रहा मौका, जानिए कैसे

अगर आज मौसम साफ रहा तो आप पूरी रात टूटते तारों को देख सकेंगे। रविवार की रात डेल्टा एक्वेरिड उल्कापात का शानदार नजारा देखने को मिल सकता है। खगोल वैज्ञानिकों की मानें तो आज की रात उल्कापात चरम पर रहेगा जो रात 12 बजे से सुबह तक नजर आएगा।
खगोल वैज्ञानिकों द्वारा बताया जा रहा है कि इन दिनों अमावस्या निकट होने के कारण चांद की रोशनी बहुत कम हो रही है। ऐसे में यह उल्कापात अधिक साफ और चमकदार नजर आएगा। उल्कापात एक्वेरिड नक्षत्र की दिशा से आता नजर आएगा। इसमें मार्सडेन और क्रैच धूमकेतुओं के कण वायुमंडल में प्रवेश के बाद घर्षण से प्रज्ज्वलित होकर उल्कापात का नजारा प्रस्तुत करेंगे।
आर्यभट्ट शोध एवं प्रेक्षण विज्ञान संस्थान (एरीज) के पूर्व निदेशक और खगोल वैज्ञानिक डॉ. अनिल पांडे ने बताया कि यह उल्कापात 12 जुलाई से शुरू हो चुका है जो 23 अगस्त तक चलेगा। लेकिन 28 जुलाई की रात यह अपने चरम पर होगा। वैज्ञानिकों के अनुसार इन दिनों परसीड उल्कापात भी चल रहा है जिसकी अवधि 17 जुलाई से 24 अगस्त तक है। यह 12 अगस्त को चरम पर रहेगा, लेकिन उन दिनों पूर्णिमा का समय होने के कारण साफ नजर नहीं आ सकेगा।

डायरेक्ट सेलिंग के लिए प्रदेश में निर्धारित की जायेगी गाईड लाइनः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने उत्पादकों एवं उपभोक्ताओं के मध्य बेहतर तालमेल पर बल दिया है। उन्होंने उपभोक्ता एवं उत्पादकों को और अधिक नजदीक लाने के प्रयास किये जाने तथा उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए व्यापार में किस प्रकार बिचैलियों की भूमिका को कम किया जाय इस पर भी चिन्तन करने की जरूरत बतायी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में भी प्रत्यक्ष बिक्री (डायरेक्ट सेलिंग) के सम्बन्ध में भारत सरकार द्वारा जारी गाइड लाइन के दृष्टिगत समिति का गठन किया जायेगा। उन्होंने बदलते दौर में विकसित हो रही नई सोच के साथ इसके लिये प्रभावी तंत्र विकसित करने पर भी बल दिया।
राजपुर रोड स्थित एक होटल में पी.एच.डी चेम्बर ऑफ कॉमर्स द्वारा आयोजित डायरेक्ट सेलिंग इंडस्ट्री से सम्बन्धित सेमिनार को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उपभोक्ता एवं उत्पादकों को और अधिक नजदीक लाने के प्रयास किये जाने तथा व्यापार में किस प्रकार बिचैलियों की भूमिका को कम किया जाय इस पर भी चिन्तन की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्पादकों द्वारा व्यापार में नई-नई विद्याओं के साथ अवस्थापना सुविधाओं के विकास में किये जा रहे व्यय के दृष्टिगत भी इसे नियमित करने के लिये तंत्र विकसित करने की प्रक्रिया पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डायरेक्ट सेलिंग की दिशा में उपभोक्ताओं को कोई परेशानी न हो, उन्हें धोखाधड़ी जैसी घटनाओं का सामना न करना पड़े, उत्पादक के प्रति उपभोक्ता का विश्वास बना रहे, इसके कारगर प्रयास होने चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों द्वारा अपने उत्पादों को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की प्रक्रिया में भी उपभोक्ताओं को फायदा होगा तथा इससे किसानों को भी अच्छा मूल्य मिलेगा। मुख्यमंत्री ने प्रोसेसिंग की दिशा में भी विशेष ध्यान देने की जरूरत बतायी, उनका कहना था कि पश्चिम के तौर-तरीकों को आज का युवा अपनाने लगा है अतः जरूरी है कि इसकी व्यवस्था में सुधार लाया जाय। बाजार की गुणवत्ता, उपभोक्ता की सन्तुष्टि व विश्वास के लिये जरूरी है कि इस दिशा में समग्र सोच के साथ हम आगे बढ़ें। उन्होंने पी.एच.डी चेम्बर से इस सम्बन्ध में सुझाव भी देने को कहा। सभी के सुझावों के आधार पर तैयार की गई नीति इस दिशा में सुधार लाने के साथ ही व्यापक व्यवस्था बनाने में मददगार रहेगी।
सचिव खाद्य एवं उपभोक्ता मामले सुशील कुमार ने कहा कि प्रदेश में उपभोक्ताओं के व्यापक हित में राज्य सरकार द्वारा कारगर प्रयास किये हैं। उन्होंने इस सम्बन्ध में पर्वतीय क्षेत्रों के साथ ही ग्रामीण उपभोक्ताओं पर भी ध्यान दिये जाने एवं इस दिशा में सकारात्मक सोच के साथ कार्य करने की बात कही।
इंटरनेशनल कंज्यूमर पॉलिसी एक्सपर्ट विजोन मिश्रा ने कहा कि डाइरेक्ट सेलिंग क्या है, इसकी जानकारी आम आदमी को होनी चाहिए। उन्होंने इसके लिये राज्य सरकार व पी.एच.डी चेम्बर को संयुक्त रूप से आगे आने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड मोस्ट कन्ज्यूमर फ्रेंडली स्टेट है। उपभोक्ताओं के व्यापक हित में राज्य सरकार के प्रयास सराहनीय हैं। इस अवसर पर चेयरमैन उत्तराखण्ड पी.एच.डी चेम्बर वीरेन्द्र कालरा आदि ने भी अपने विचार रखे।

सीधी बस सेवा पर बोले मुख्यमंत्री, भाजपा का हर सदस्य जनता की सेवा में तत्पर

हरियाणा परिवहन निगम ने फरीदाबाद से कोटद्वार के लिए नई बस सेवा शुरू की है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने इसके लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खटटर को बधाई दी है। और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख व उत्तराखंड से राज्यसभा सदस्या अनिल बलूनी के प्रयासों की सराहना की है।
मुख्यमंत्री ने अपने अधिकारिक टिवटर पर इसकी बधाई देते हुए इसे सार्थक प्रयास बताया है। अनौपचारिक बातचीत में उन्होंने कहा कि भाजपा का हर सदस्य जनता की सेवा में तत्पर है। और श्री बलूनी सरकार की ओर से हर संभव प्रयास कर रहे हैं जिसका राज्य सरकार समर्थन कर रही है। इसके सार्थक प्रयास भी दिखने लगे है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से फरीदाबाद-कोटद्वार और फरीदाबाद-रामनगर के लिए बस सेवा की मांग की जा रही थी। सांसद अनिल बलूनी ने राज्य सरकार के साथ मिलकर इस ओर प्रयास किए। सरकार ने भी इस मांग का समर्थन किया और सांसद की पहल पर राज्य सरकार ने दो बसों को की सेवा शुरु की।
आपको बता दें कि गुरुवार को फरीदाबाद से कोटद्वार के बीच बस सेवा शुरू की गई। हरियाणा के परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार की उपस्थिति में राज्यसभा सदस्य बलूनी ने इस बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

गलोबल वार्मिंग से बचना है तो अधिक से अधिक पेड़ लगाएंः रमेश भटट

मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रमेश भटट ने भीमताल के ऐतिहासिक हरेला पर्व में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वज हरेला पर्व के रुप में हमें पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे गये हैं जिसे हम सब को मिलकर आगे बढ़ाना है। उन्होंने हरेला पर्व से जुड़ी अपने बचपन की यादें भी ताजा की। बतातें चले कि मीडिया सलाहकार रमेश भटट भी भीमताल के ही रहने वाले है।
भीमताल के हरेला पर्व में पहंुचने पर स्थानीय लोगों और आयोजकों ने मीडिया सलाहकार रमेश भटटक ा जोरदार स्वागत किया। स्थानीय लोगों का मानना है कि रमेश भटट को मुख्यमंत्री का मीडिया सलाहकार बनाने से भीमताल को एक नई पहचान मिली है। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहंुचे रमेश भटट ने सभी लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। हमारे संवाददाता से बातचीत में उन्होंने कहा कि अपने लोगों के बीच पहंुचना और उनसे बातें करने से ऊर्जा का संचार होता है। भीमताल उनका घर है वह हर किसी को पहचानते है। कार्यक्रम में उन्होंने हरेला पर्व की सभी को शुभकामनायें दी। कहा कि आज हमारी संस्कृति को नई पहचान मिली है। हरेला पर्व आज कई प्रदेशों में मनाया जाने लगा है। उत्तराखंड ने पूरे विश्व को सिखाया है कि पर्यावरण की सुरक्षा कैसे की जाती है।

मीडिया सलाहकार रमेश भटट ने कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने हरेला पर्व के माध्यम से विलुप्त हो रही नदियां और सूख रहे प्राकृतिक स्रोतों को फिर से पुनर्जीवित करने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री का मानना है कि नदियों के किनारे और सूख रहे प्राकृतिक स्रोतों को वृहद पौधरोपण कर फिर से जीवित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज मुख्यमंत्री के इस अभियान को व्यापक समर्थन मिल रहा है। रमेश भटट ने सभी से अधिक से अधिक पौधें लगाकर उनका सवंर्धन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को शुद्ध हवा व वातावरण मिल सके इसके लिए सबको वृक्षारोपण व पर्यावरण संरक्षण की ओर ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि हरेला सुख-समृद्धि व जागरूकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को अच्छा पर्यावरण मिले मिले इसके लिए हमें संकल्प लेना होगा।

मीडिया सलाहकार रमेश भटट ने कहा कि आज पूरा विश्व गलोबल वार्मिग की समस्या से जूझ रहा है। ऐसे में सभी की नजर वन आच्छादित उत्तराखंड में है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड जैव विविधता वाला राज्य है। भारत की कुल जैव विविधता में 28 प्रतिशत योगदान उत्तराखण्ड का है। ईकोलॉजी को बचाने की उत्तराखण्ड पर बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हमें अपने पूर्वजों की याद व बच्चों के जन्म व शादी पर वृक्षारोपण करने की पंरपरा को बनाये रखना होगा।

हरेला पर्व पर प्रदेश भर में वृहद स्तर पर वृक्षारोपण किया जा रहा है। इस बार हरेला पर्व पर 6.25 लाख पौधे लगाये जा रहे हैं। कार्यक्रम में उन्होंने सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की भी जानकारी दी और अधिक से अधिक लाभ उठाने को कहा। मीडिया सलाहकार रमेश भटट ने हरेला पर्व पर लगाई गई पांरपरिक स्टाॅलों का निरीक्षण भी किया। मौके पर कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं में अव्वल आने पर उन्होंने कई बच्चों और छात्रों को सम्मानित भी किया।

विभागों में रिक्त चल रहे पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश

प्रदेश में बेरोजगारों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने विभिन्न विभागों में रिक्त चल रहे पदों पर जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने राज्य लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ चयन सेवा आयोग और विभागों के बीच समन्वय बनाने और समयबद्ध भर्ती कराने के लिए भर्ती कैलेंडर बनाने के निर्देश दिए। कार्मिक विभाग नियमित रूप से इस कैलेंडर का परीक्षण करेगा। बैठक में यह बात सामने आई कि विभागों में डीपीसी न होने का एक बड़ा कारण कर्मचारियों की वार्षिक चरित्र पंजिका (एसीआर) का समय से पूरा न होना है। इस पर मुख्यमंत्री ने समय से कर्मचारियों की एसीआर न लिखने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सचिवालय में प्रदेश के सरकारी महकमों में रिक्त चल रहे पदों पर भर्ती प्रक्रिया की प्रगति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया विवाद रहित और पारदर्शिता के साथ की जाए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को कहा कि आयोग को भेजे जाने वाले अधियाचन व सेवा नियमावली स्पष्ट रखी जाएं ताकि मामले न्यायालय में न जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दस प्रतिशत आर्थिक आरक्षण को शामिल करने के लिए विभागों को जो अधियाचन वापस भेजे गए हैं, उन्हें सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कार्यवाही की जाए। लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष मेजर जनरल (सेनि) आनंद सिंह रावत ने बताया कि आयोग स्तर पर 852 पदों पर भर्ती प्रक्रिया और 3080 पदों पर डीपीसी की प्रक्रिया चल रही है। 883 पदों पर आवश्यक संशोधन के लिए विभागों को वापस भेजा गया है।
उत्तराखंड अधीनस्थ चयन सेवा आयोग के अध्यक्ष एस राजू ने कहा कि आयोग ने 3177 पद अधीनस्थ चयन सेवा आयोग के माध्यम से भरने के लिए चिह्नित किए हैं। इनमें 2564 पद तकनीकी अर्हता व 613 पद गैर तकनीकी अर्हता के हैं। अपर मुख्य सचिव कार्मिक राधा रतूड़ी ने कहा कि अभी तक कुल 32 विभागों ने रिक्त पदों के संबंध में जानकारी दी है। इन विभागों में लगभग 18 हजार पद रिक्त हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने इन पदों पर भर्ती के लिए प्रक्रिया शुरू कराने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश, सचिव शैलेश बगोली, नीतेश झा, डॉ. भूपिंदर कौर औलख, हरबंस सिंह चुघ, सुशील कुमार, लोक सेवा आयोग के सचिव राजेंद्र कुमार और उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के सचिव संतोष बडोनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

अलग-अलग कूड़े का उठान और उपयोग पर कोरिया करेगा सहयोग

नगर निगम ऋषिकेश की संकरी गलियों में अब कूड़ा उठान के लिए ई-रिक्शा का सहारा लिया जाएगा। इसके लिए नगर निगम प्राथमिकता पर काम कर रहा है। शुरुआती चरण में निगम क्षेत्र की गलियां और घर से गलियों के बाहर तक आने की दूरी का आंकलन किया जा रहा है। इसके बाद ही ई-रिक्शा की जरूरत का अंदाजा लग पाएगा। बृहस्पतिवार को मेयर अनिता ममगाईं ने एडीबी (एशियन डेवलपमेंट बैंक) और केईआईटीआई (कोरिया एनवायरमेंट इंडस्ट्री एवं टेक्नालॉजी इंस्टीट्यूट) के प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता के दौरान यह जानकारी दी। नगर निगम में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर प्री फिजिबिलिटी रिपोर्ट के लिए केईआईटीआई और एडीबी ज्वाइंट मिशन के लिए बैठक आयोजित हुई। इस दौरान तीनों नगर निकायों के जनप्रतिनिधियों तथा क्षेत्र के व्यापारियों, स्कूल प्राध्यापकों आदि ने ऋषिकेश में ठोस अपशिष्ट पदार्थों को लेकर अपने-अपने सुझाव दिए। बता दें कि एडीबी नगर निगम ऋषिकेश को कूड़ा प्रबंधन के लिए फंड जारी कर रहा है जबकि केईआईटीआई से सही तरह से कूड़ा प्रबंधन के लिए सुझाव लिए जा रहे हैं। बैठक में पालिकाध्यक्ष मुनिकीरेती रोशन रतूड़ी, नगर पंचायत जौंक अध्यक्ष माधव अग्रवाल, शहरी विकास विभाग से सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर रवि पांडे, एडीबी से बागेश कुमार, सैमदास गुप्ता, नगर आयुक्त चतर सिंह चैहान, अधिशासी अधिकारी पालिका मुनिकीरेती बद्री प्रसाद भट्ट, केईआईटीआई से स्यूंगडू किम, येचांम जोंग, टाडातेरु ह्यासी, ली सैंग क्यू आदि उपस्थित रहे।


पब्लिक का सहयोग होना जरुरीः प्रो. किम
कोरिया एनविरोनमेंट इंडस्ट्री एवं टेक्नालॉजी इंस्टीट्यूट के प्रोफेसर व ठोस अपशिष्ट के एक्सपर्ट स्यूंगडू किम ने कहा कि कूड़ा निस्तारण की योजना को पूरा करने के लिए तीन चरण आवश्यक हैं। पहला पब्लिक का साथ, दूसरा टेक्निकल और तीसरा फाइनेंस। उन्होंने कहा कि शुरूआती दौर में छह माह तक इसका रोडमैप तैयार होगा। इसके बाद डीटीआर तैयार होगी। उन्होंने बताया कि कोरिया में नगर का कूड़ा आर्गेनिक, रिसाइकिल तथा डिस्पोजल के रूप में बनता है। वहां घरों से कूड़ा उठान के लिए कूड़ा बैग अलग-अलग साइज में दिए गए हैं। जितना बड़ा बैग होगा, उतना ही ज्यादा चार्ज होगा। उन्होंने बताया कि वहां मंडी से निकलने वाले कूड़े को तुरंत जानवरों को आहार के रूप में दिया जाता है।

सीसीटीवी कैमरों से रखेंगे नजर
पालिकाध्यक्ष ने बताया कि क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों के लिए पुलिस को 17 लाख तथा नगर पालिका को 25 लाख रुपए मिले हैं। इन सीसीटीवी कैमरों के जरिए रात में खुले में कूड़ा डालने वालों पर नकेल कसी जा रही है। इसी क्रम में नियमों का उल्लंघन करने वालों पर चालान की कार्रवाई की जा रही है। रोशन रतूड़ी ने बताया कि हमारे यहां सफाई कर्मियों को समय से वेतन जारी किया जा रहा है। इससे कर्मचारियों का मनोबल हमेशा बरकरार रहता है। दूसरी ओर नगर निगम की कार्यप्रणाली पूरी तरह से लचर दिखी। यहां तमाम दावों के बावजूद न तो सड़कों से आवारा पशु हट पाए, आउटसोर्सिंग कर्मियों के बकाया वेतन का मामला भी विवादों में रहा। इसके अलावा तमाम कोशिशों के बावजूद कूड़े का निस्तारण बेहतर ढंग से नहीं हो पा रहा है।


मुनिकीरेती पालिका कूड़ा निस्तारण में अव्वल
नगर पालिका मुनिकीरेती ने स्वच्छता के मामले में नगर निगम ऋषिकेश को आइना दिखाया है। बृहस्पतिवार को निगम में हुई बैठक में पालिकाध्यक्ष रोशन रतूड़ी ने एडीबी और केईआईटीआई की टीम के समक्ष अपनी रिपोर्ट पेश की। उन्होंने बताया कि उनकी पालिका क्षेत्र में प्रति परिवार को 20 रुपये में थैला दिया गया है। पॉलिथीन पर प्रतिबंध लगाने के लिए लोगों में चालान की कार्रवाई के जरिये भय बनाने पर काम किया जा रहा है। क्षेत्र में प्रतिदिन 12 टन कूड़ा एकत्र होता है, इसमें से आठ टन हरिद्वार भेजा जाता है, चार टन को रिसाइकिल कर गड्ढे भरने के उपयोग में लाया जा रहा है। मुनिकीरेती पालिका में प्रत्येक घर में गमला दिया गया है। इसमें गीले कूड़ा का इस्तेमाल खाद के रूप में किया जा रहा है। सूखा कूड़ा पालिकाकर्मी उठाते हैं।

सुझावों पर एक नजर…
– छोटी गलियों से कूड़ा उठान के लिए डिब्बे उपलब्ध कराए जाएं
– कूड़ा डंपिंग की व्यवस्था आबादी क्षेत्र से दूर इलाके में हो
– पॉलिथीन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जाए
– गंगा नदी में पूजन सामग्री न डाली जाए
– पॉलिथीन की जगह जूट के उत्पाद वितरित कर प्रचलन में लाएं
– गीला कूड़ा और सूखा कूड़ा अलग-अलग उठाया जाए
– वार्डों से कूड़ा उठान से पूर्व गोविंदनगर ट्रंचिंग ग्राउंड से कूड़ा हटाया जाए
– वैकल्पिक तौर पर आईडीपीएल कांवड़ मेला पार्किंग स्थल पर कूड़ा डंप हो
– गीले कूड़े को घर में ही खाद बनाने का हुनर सिखाया जाए
– कूड़े के प्लास्टिक से फर्नीचर बनाने का उपक्रम प्रचलन में लाया जाए

गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी को संगीत अकादमी पुरस्कार

उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोकगायक गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी और रंगमच और फिल्म समीक्षक दीवान सिंह बजेली को संगीत अकादमी पुरस्कार देने की घोषणा की गयी है। संगीत नाटक अकादमी, नई दिल्ली द्वारा जारी प्रेस बयान में यह जानकारी दी गयी है। 26 जून को गोवाहाटी में हुई संगीत नाटक अकादमी की बैठक में यह निर्णय किया गया। 82 वर्षीय बजेली तीस साल तक राजधानी नई दिल्ली से प्रकाशित सभी प्रमुख अंग्रेजी दैनिक समाचार पत्रों मे रंगमंच की समीक्षा करते रहे हैं। 1937 में अल्मोडा के मन्नान गांव मे जन्मे बजेली टाइम्स ऑफ इंडिया, हिन्दुस्तान टाइम्स, इंडियन एक्सप्रेस तथा पायनियर एवं इकानामिक टाइम्स मे रंगमंच पर लिखते रहे है और वह द हिन्दू के नियमित स्तंभकार रहे हैं। उन्हांने अब तक सैकड़ों नाटको की समीक्षा की है और भारतीय रंगमंच को लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है। वह पर्वतीय लोककला के भी विशेषज्ञ माने जाते है।
इनके साथ ही पंडित तरुण भट्टाचार्य विख्यात शास्त्रीय गायक मधुप मुद्गल, रंगकर्मी संजय उपाध्याय, अभिनेता टीकम जोशी, लोकगायिका मालिनी अवस्थी समेत 44 कलाकारों को यह पुरस्कार दिये जायेंगे, जबकि प्रख्यात नृत्यांगना एवं राज्यसभा की मनोनीत सदस्य सोनल मानसिंह, मशहूर तबला वादक जाकिर हुसैन समेत चार को साहित्य अकादमी का नया फेलो बनाया गया है। फेलो बनाये जाने पर हर कलाकार को तीन-तीन लाख रुपये और प्रशस्ति पत्र आदि दिये जायेंगे जबकि अकादमी पुरस्कार के लिए प्रत्येक कलाकार को एक-एक लाख रुपये, प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिन्ह दिये जायेंगे। राष्ट्रपति नई दिल्ली में एक विशेष समारोह के दौरान कलाकारों को पुरस्कार प्रदान करेंगे।
पंडित भट्टाचार्य ने पुरस्कार दिये जाने पर आभार जताते हुए कहा कि यह संतूर और संतूर के प्रशंसकों का सम्मान है। वह सम्मान की सूचना पाकर बहुत की खुश है तथा अकादमी के प्रति आभार जताते हैं। उल्लेखनीय कि पंडित भट्टाचार्य कोलकाता में संतूर आश्रम का संचालन चलाते हैं तथा युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करते रहे हैं। फेलो बनाये गये दो अन्य कलाकारों में जतिन गोस्वामी और के कल्याण सुन्दरम पिल्लई शामिल हैं। इसके अलावा 18 युवा कलाकारों का बिस्मिल्लाह खान पुरस्कार के लिए चयन किया गया है। बिस्मिल्लाह खान पुरस्कार विजेता कलाकार को 25-25 हजार रुपये प्रशस्ति पत्र आदि दिए जायेंगे। संगीत के क्षेत्र में 11, नृत्य के क्षेत्र में नौ, रंगकर्म के क्षेत्र में नौ, पारंपरिक कला में दस कलाकारों को अकादमी पुरस्कार दिए जायेंग। इसके अलावा दो कलाकारों को सम्पूर्ण योगदान के लिए यह पुरस्कार दिए जाएगा। नृत्य में राधा श्रीधर को भारत नाट्यम, इषिरा और मौलिक शाह को कत्थक में संयुक्त रूप से यह पुरस्कार दिया जायेगा। नाट्य लेखन में राजीव नायक और एल खिलान्गते को यह पुरस्कार मिलेगा। उत्तराखंड के चर्चित लोक गायक नरेन्द्र सिंह नेगी और खड़ताल संगीत के लिए गाजी खान को याक पुरस्कार दिया जायेगा।