ऋषिकेश।
राज्य भ्रमण से लौटने के बाद मंगलवार को भाजपा के मंडल अध्यक्ष चेतन शर्मा के हीरालाल मार्ग स्थित आवास पर मीडिया से मुलाकात में तीरथ सिंह रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने देश में लालबत्ती को हटाकर तीसरी सर्जिकल स्ट्राइक की है। पहली सर्जिकल स्ट्राइक आतंक के खिलाफ रही, तो दूसरी नोटबंदी के रूप में कालाधन वालों के विरुद्ध। उन्होंने कहा कि जनता ने विधानसभा चुनावों में मोदी और भाजपा पर विश्वास जताया है। यूपी और उत्तराखंड में ऐतिहासिक बहुमत मिलना इसका प्रमाण है। उन्होंने दावा किया कि 2019 के लोकसभा चुनाव में भी भाजपा पीएम नरेंद्र मोदी की अगुवाई में प्रचंड बहुमत से केंद्र में सत्तासीन होगी।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तीरथ सिंह ने कहा कि राज्य में जलाशयों (चाल-खाल) के निर्माण कार्य को मनरेगा से जोड़ा गया है ताकि सूखे की स्थिति से निपटा जा सके। उन्होंने कहा कि सरकारी कामकाज में पारदर्शिता हो, इसके लिए सभी विभागों को ऑनलाइन जोड़ दिया गया है। अब केंद्र और राज्य से मिलने वाले एक-एक पैसा संबंधित व्यक्ति के खाते में पहुंचेगा। इससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में ऑल वेदर रोड का काम शुरू हो गया है। इस साल चारधाम यात्रा के निर्विघ्न आयोजन के लिए प्रदेश सरकार मुस्तैद है।
वार्ता में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष कुसुम कंडवाल, सांसद प्रतिनिधि संजय शास्त्री, मंडल अध्यक्ष चेतन शर्मा, मंडल अध्यक्ष महिला अनिता तिवाड़ी, पंकज शर्मा, दिनेश सती, राजपाल ठाकुर आदि मौजूद थे।
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टूटी सड़कें करेंगी चारधाम यात्रियों का स्वागत
ऋषिकेश।
इसवर्ष चारधाम यात्रा के लिए संयुक्त रोटेशन को मिली जबरदस्त एडवांस बुकिंग से अनुमान है, कि देशभर से पहले ही महीने में लाखों श्रद्धालु बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री के दर्शनों को पहुंच जाएंगे। सरकार के तमाम महकमों ने भी चाकचौबंद व्यवस्थाओं के साथ दर्शनार्थियों के वेलकम का दावा किया है। मगर, धरातल पर अधिकारियों के दावों के उलट दिख रही है। यात्रा के प्रमुख संचालन केंद्र बस टर्मिनल कंपाउंड पर ही सरसरी नजर दौड़ाएं, तो चप्पे-चप्पे पर अव्यवस्थाएं साफ दिख रही हैं।
टर्मिनल को जोड़ने और निकासी वाली सड़क पर जगह-जगह गड्डे बने हुए हैं। सड़कों का डामरीकरण तो दूर पैचिंग तक नहीं की गई है। नालियों और आसपास गंदगी के अंबार लगे हैं। टर्मिनल में प्रतीक्षालयों में दरवाजे, पंखे, बेंच सब कुछ टूटी फुटी स्थिति में है। पानी के टूटे स्टैंड पोस्ट दुरस्त नहीं हुए हैं। टंकियों की साफ-सफाई भी रामभरोसे है। इसी तरह शहर की सड़कों पर भी अव्यवस्थाएं हावी दिख रही हैं।
मजेदार बात की जिस रोटेशन के पास 1000 से अधिक बसों की एडवांस बुकिंग आई है, उसे भी टर्मिनल में संचालन के लिए जगह नहीं मिली है। रोटेशन अब भी पुरानी जर्जर बिल्डिंग से ही यात्रा के संचालन को मजबूर है। ऐसे में चारधाम यात्रा को लेकर शासन-प्रशासन की तैयारियों को समझा जा सकता है।एसडीएम वृजेश कुमार का कहना है कि क्षतिग्रस्त संयुक्त बस अड्डे की सड़क मरम्मत को लोनिवि को कहा गया है। बुधवार तक मरम्मत कार्य हो जायेगा।
त्रिवेन्द्र सरकार के मंत्रियों ने उतारी लालबत्ती
देहरादून।
केन्द्र सरकार लाल बत्ती के इस्तेमाल पर रोक के बाद उत्तराखंड में भी सभी मंत्रियों ने लालबत्ती हटाई। संसदीय कार्य, विधायी, भाषा, वित्त मंत्री प्रकाश पन्त, सिंचाई, पर्यटन, तीर्थाटन, धार्मिक मेले एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज, वन एवं वन्य जीव, पर्यावरण मंत्री डॉ हरक सिंह रावत, शहरी विकास, आवास मंत्री मदन कौशिक, परिवहन, समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, छात्र कल्याण मंत्री यशपाल आर्य, विद्यालयी शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री अरविन्द पाण्डेय, कृषि, कृषि विपणन एवं रेशम विकास मंत्री सुबोध उनियाल, महिला कल्याण एवं बाल विकास, पशुपालन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रेखा आर्य, सहकारिता, उच्च शिक्षा एवं प्रोटोकाल राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ धन सिंह रावत ने अपने वाहनों से तत्काल लाल बत्ती उतार दी।
बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट ने सभी नेताओं, जजों व सरकारी अफसरों की गाड़ियों से लाल बत्ती हटाने का निर्णय लिया। यह फैसला एक मई से लागू होगा। इस फैसले के लागू होते ही पूरे देश में लालबत्ती का चलन समाप्त हो जाएगा। केंद्रीय कैबिनेट के इस फैसले के तुरंत बाद उत्तराखंड के कई मंत्रियों ने इस पर अमल करना भी शुरू कर दिया है। तीन मंत्रियों ने तो बुधवार को ही लाल बत्ती उतार दी, आज मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपनी कार से लाल बत्ती हटवाई। केंद्र के इस फैसले का स्वागत करते हुए संसदीय कार्य मंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि केंद्र के इस फैसले को अमल में लाने के लिए अगली कैबिनेट में इस प्रस्ताव को शामिल किया जाएगा।
प्रदेश में 13 अप्रैल 2016 को लाल, नीली व पीली बत्तियों को लेकर शासनादेश जारी किया गया था। इसमें इस बात का उल्लेख किया गया था कि किस-किस पद के धारक कैसे रंग की बत्तियों का प्रयोग कर सकते हैं। आपातकालीन सेवा जैसे एंबुलेंस, अग्निशमन यान, पायलेट के रूप में प्रयुक्त पुलिस वाहन व कानून-व्यवस्था में संचालित वाहनों में नीली, सफेद व नारंगी रंग की बहुरंगी बत्तियों का उपयोग किया जाता है।
चुनाव से पूर्व ही कांग्रेस को लगा धीरे से जोर का झटका
देहरादून।
उत्तराखंड विधान सभा चुनाव में करारी शिक्स्त खाने के बाद कांग्रेस की राज्य सहकारी बैंक के चुनाव में भी हार लगभग तय हो गयी है। राज्य सहकारी बैंक चुनाव से पहले कांग्रेस खेमे के 4 डायरेक्टरों ने पार्टी छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया है जिनमे से राज्य सहकारी के डायरेक्टर हल्द्वानी से किरन नेगी, हरिद्वार से देवेन्द्र रावत, उत्तरकाशी से बर्फी भक्ति, और अल्मोड़ा से रमेश राम ने शामिल है। आज भाजपा कार्यालय में कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विशन सिंह चुफाल ने माला पहनाकर भाजपा की सदस्यता दिलाई इसके बाद अब संख्याबल के आधार पर भाजपा की राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष पद पर जीत तय हो गयी है।
राज्य में विधानसभा चुनाव से लेकर अब तक कांग्रेस को झटके दर झटके लग रहे हैं। इसी क्रम में अब राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष पद के लिए होने वाले चुनाव से पहले कांग्रेस को एक बड़ा झटका लगा है। इधर कांग्रेस का दामन छोड हरक सिंह रावत के साथ भाजपा में शामिल हुए पूर्व मण्डी समिति अध्यक्ष संजय चोपडा ने कहा कि कि कुछ चुनिदा कांग्रेसी जो सत्ता के सुख भोग रहे थे उन लोगों का सत्ता से मोह अभी तक भंग नहीं हुआ है उन्होंने कहा कि जिन मण्डी समितियों के अध्यक्षों द्वारा जनता को गुमराह कर स्टे लिया है उनके खिलाफ पुन: विचार याचिका दायर की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए की पूर्व की कांग्रेस कार्यकाल में सरकारी समितियों कारपोरेशन आयोग भंग किए जाने चाहिए। क्योंकि सरकार का स्वतंत्र अधिकार है कि सरकार समितियों व कार्पोरेशन आयोग सरकारी जनप्रतिनिधियों के पदों पर किसे जिम्मेदारी सौंपे।
यूट्यूब पर पसंद किया जा रहा है शराबबंदी का गीत
ऋषिकेश।
दूनमार्ग स्थित मंच के कार्यालय में आयोजित एक सादे कार्यक्रम में गायक कमल जोशी को प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजे सिंह नेगी ने सम्मान प्रदान किया। बताया कि उत्तराखंड में शराबबंदी को लेकर शुरू आंदोलन के समर्थन में कमल जोशी द्वारा एक गीत यूट्यूब पर लांच किया गया है जिसे खूब पंसद किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कमल जोशी कई वर्षों से लोकसंगीत से जुड़े हैं। 2007 से 2012 तक उन्होंने तीन दर्जन से अधिक गीत गाए। पिछले दिनों शराबबंदी के समर्थन में उनका गीत ‘मात्र शक्ति दिखौण सरकार तैं भारी, दीदी भूल्यों दारू बन्द कराणि अबारि’ को खूब पसंद किया गया है।
इस अवसर पर युवा गायक कमल जोशी ने कहा कि प्रदेश की खुशहाली के लिए शराबबंदी जरूरी है। नेगी ने सीएम से शराब पर पाबंदी की मांग की। कार्यक्रम में डॉ. राजे सिंह नेगी, समाजसेवी कुसुम जोशी और विशाल गुप्ता ने शॉल ओढ़ाकर सम्मान पत्र सौंपा। इस मौके पर उत्तम असवाल, राजा ढींगरा, अंकित झा, सौरव थपलियाल, रश्मि नौटियाल, प्रिया क्षेत्री, आशुतोष कुड़ियाल, मनोज नेगी आदि मौजूद थे।
गुमराह कर रही भाजपा: किशोर उपाध्याय
ऋषिकेश।
शुक्रवार को पीसीसी अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने भाजपा सरकार को कठघरे में खड़ा करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के मंत्री वंदे मातरम पर गलत बयानबाजी कर रहे हैं। सीएम भी मंत्री की बातों पर मुहर लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर लोगों से जबरन वंदे मातरम कहलाना है तो भाजपा को विधानसभा में इसके लिए कानून पास करवाना चाहिए। मंत्री के प्रदेश में रहने के लिए वंदेमातरम कहना जरूरी है, के बयान का विरोध करने के लिए मैंने कहा है कि किशोर उपाध्याय वंदेमातरम नहीं बोलेगा। मुझे राज्य से बाहर करें भाजपा सरकार।
किशोर ने कहा कि भाजपा मुद्दों से हटकर सिर्फ राजनैतिक लाभ पाने के लिए बयानबाजी करती है। राम मंदिर, गौ, गंगा, धारा 370 व अब वंदेमातरम पर लोगों को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव में 57 सीटें भाजपा को राज्य के हितों की रक्षा करने के लिए मिली हैं। उन्होंने शराब बंदी को अपना समर्थन दिया। बोले कि भाजपा जिन मुद्दों पर कांग्रेस को कोसने रही थी, सत्ता में आने के बाद उन्हीं को बचाने और आगे बढ़ाने में लगी है।
किशोर ने विशेष राज्य का दर्जा हटाने पर भी तंज सके। कहा कि ट्रिपल इंजन की सरकार है। अब तो औद्योगिक पैकेज भी बहाल होना चाहिए। नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश द्वारा हरीश रावत पर हरिद्वार में दिए गए बयान पर उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि इंदिरा हृदयेश कांग्रेस की वरिष्ठ नेता हैं। अगर कोई बयान आया है तो संज्ञान लिया जाएगा। गौरतलब है कि इंदिरा ने गुरुवार को हरिद्वार में कांग्रेस की हार के लिए हरीश रावत को जिम्मेदार बताया था। उन्होंने कहा था कि हरीश रावत के चेहरे को जनता ने स्वीकार नहीं किया।
मैं वंदे मातरम नही बोलूगां तो क्या सरकार राज्य से बाहर करेगी
देहरादून।
उत्तराखंड में वंदे मातरम को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। जहां कुछ दिनों पहले अपने एक बयान में प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने बयान दिया था कि उत्तराखंड में रहना है तो वंदे मातरम कहना है। इसी के जबाव में उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने भी वंदे मातरम को लेकर न केवल विवादित बयान दिया है बल्कि राज्य सरकार को चुनौती भी दी है। किशोर उपाध्याय ने कहा है कि राज्य सरकार लोगों पर वंदे मातरम थोपने की कोशिश कर रही है जबकि वंदे मातरम बोलना सभी का जन्म सिद्ध अधिकार है। लेकिन जिस तरह से राज्य सरकार लोगों पर जबरदस्ती इसको करने का आदेश जारी कर एक विवाद की स्थिति पैदा कर रही है वह ठीक नहीं है। किशोर ने कहा है कि अगर वह वंदे मातरम नहीं बोलेंगे तो क्या राज्य सरकार उन्हें राज्य से बाहर कर देगी।
बिना हिल लाइसेंस पहाड़ों पर वाहन नहीं चला पाएंगे चालक
ऋषिकेश।
मंगलवार को नगर पालिका ऋषिकेश के स्वर्ण जयंती सभागार में गढ़वाल आयुक्त ने विभाग और जिलेवार समीक्षा की। उन्होंने निर्माण कार्यों को 20 अप्रैल तक पूरा करने के निर्देश दिए। कहा कि यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं को ट्रैफिक की समस्या से न जूझना पड़े, इसके लिए ठोस कार्य योजना तैयार की जानी चाहिए। यात्रा पड़ावों पर हर पांच किमी में शौचालय की सुविधा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा शौचालय ऐसे स्थानों पर बनवाने चाहिए जिससे लोगों को सुविधा मिल सके।
चारधाम यात्रा पर जाने वाले वाहनों की फिटनेस पर उन्होंने सख्त रुख अपनाने के निर्देश दिए। कहा कि फिटनेस के बिना कोई दुर्घटना होती है तो संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई होगी। बिना हिल लाइसेंस के वाहन चालक पहाड़ पर वाहन नहीं चला पाएंगे। तीर्थयात्रियों की सहायता के लिए स्थानीय और जिले के अधिकारियों के नम्बर फ्लैश किए जाएंगे। चारधाम यात्रा पर जाने वाले वाहनों में दिशा-निर्देश, सहायता और शिकायत नंबर अंकित कराने के निर्देश दिए।
यात्रा मार्गों पर साईन बोर्ड लगाने, पुलिस सहायता केन्द्र स्थापित करने व बिजली की व्यवस्था दुरस्त करने के निर्देश दिये गये। मौके पर डीआईजी पुष्षक ज्योति, डीएम देहरादून रविनाथ रमन, डीएम हरिद्वार एसए मुरुगेशन, डीएम टिहरी इन्दुधर बौड़ाई, अपर आयुक्त हरक सिंह रावत, एसएसपी देहरादून स्वीटी अग्रवाल, एसपी देहात श्वेता चौबे, एसडीएम ऋषिकेश वृजेश कुमार तिवारी, एसडीएम नरेन्द्रनगर लक्ष्मीराज चौहान आदि मौजूद रहे।
केदारनाथ में रुक सकेंगे पांच हजार यात्री
प्रशासन ने केदारनाथ में पांच हजार यात्रियों की ठहरने की व्यवस्था की है। केदारनाथ की व्यवस्थाओं को लेकर बैठक में संतोष जताया गया। यात्रा रुट पर भी यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था को लेकर जीएमवीएन अंतिम रुप दे रहा है। बताया कि केदारनाथ रूट पर भी ढाई हजार श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था की जा रही है।
एसडीआरएफ सहित फोर्स रहेगी तैनात
प्रशासन दुर्घटना को रोकने के लिए संभावित क्षेत्रों में एसडीआरएफ की टुकड़िया तैनात कर रहा है। इसके अलावा भी अन्य फोर्सस सहस्त्रधारा हैलीपैड व अन्य स्थानों में तैनात रहेंगे। आयुक्त ने बताया कि प्रशासन दुर्घटना न हो इसका प्रयास कर रहा है। लेकिन अगर होती है तो कम से कम जानमाल का नुकसान हो इसके लिए व्यवस्थायें दुरस्त करने का प्रयास किया जा रहा है।
108 चल रही है क्या
बैठक में स्वास्थ्य विभाग से एंबुलेंस की जानकारी मांगी गई तो विभाग ने 108 एबुंलेंस की जानकारी देना शुरु कर दिया। जिस पर आयुक्त ने पूछा कि 108 चल रही है क्या, दिखाई तो नही देती है। दरअसल यात्रा मार्गों के कई अस्पतालों में स्वास्थ्य विभाग की अपनी कोई एबुंलेंस नही है। कई स्थानों में ड्राइवर नही है तो कई स्थानों में एबुंलेंस वाहन खराब पड़े है। विभाग सिर्फ 108 के भरोसे ही कार्य कर रहा है।
रोडवेज भी रवाना करेगा बसें
रोडवेज प्रशासन एक-एक धाम के लिए प्रतिदिन पांच बसें रवाना करेगा। आरटीओ के द्वारा जानकारी दी गई कि बसों की कमी नही होने के लिए रोडवेज को भी चारधाम यात्रा में शामिल किया गया है। जिससे रोडवेज की आया तो बढ़ेगी ही साथ में बसों का दबाब भी कम रहेगा।
तीर्थयात्रियों पर पुलिस की रहेगी नजर
डीआईजी पुष्पक ज्योति ने बताया कि पुलिस जवान यात्रियों के साथ गाईड की भूमिका में रहेंगे। यात्रियों के आचरण व व्यवहार पर भी पुलिस नजर रखेगी। मसलन, चारधाम यात्रा को लेकर सुरक्षा एजेंसिया सतर्क है। किसी संदिग्ध की सूचना पर सीओ स्तर से धर्मशाला या होटल में चेकिंग अभियान भी चलाया जायेगा।
ट्रेफिक डायवर्ट करने पर जोर
ऋषिकेश के श्यामपुर क्षेत्र से छोटे वाहन शहर से भेजने व बड़े वाहनों को बाईपास से भेजने पर पुलिस विचार कर रही है। लेकिन बैठक में अधिकारियों ने श्यामपुर क्रांसिंग में साईन बोर्ड के माध्यम से लक्ष्मणझूला, रामझूला जाने वाले वाहनों को ऋषिकेश शहर से जाने व चारधाम यात्रा के लिए बाईपास मार्ग से जाने का सुझाव दिया। आयुक्त ने श्यामुपर क्रांसिंग में एचडीए के द्वारा हाईमास्ट लाईट लगाने के निर्देश भी दिये।
परिसंपत्ति मामले में टाईम बांड करने पर सहमति बनीं
-यूपी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्रियों ने लिया निर्णय
लखनऊ।
सोमवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके आवास पर शिष्टाचार भेंट की। योगी जी ने उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री रावत का गर्मजोशी से स्वागत किया। दोनों ने अपनेअपने राज्य में उनकी सरकार द्वारा प्रारम्भ किए गए कार्यों की जानकारी साझा की। मुख्यमंत्री रावत ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी जी को उनके द्वारा लिए गए विभिन्न निर्णयों की प्रशंसा की। रावत ने कहा कि भ्रष्टाचार विकास के मार्ग की सबसे बड़ी बाधा है। इसलिए उत्तराखण्ड में जीरो टालरेंस आन करप्शन की नीति अपनाई गई है। मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि वर्तमान उत्तर प्रदेश सरकार व उत्तराखण्ड सरकार की मंशा सकारात्मक है। केंद्र सरकार का भी सहयोगी रूख है। एक दूसरे के सहयोग से दोनों ही राज्यों में विकास कार्यों में तेजी आएगी। योगी ने रावत को यथासम्भव सहयोग के प्रति आश्वस्त किया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री व उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री ने दोनों राज्यों के मध्य लम्बित विभिन्न मामलों पर विस्तार से चर्चा की। यह तय किया गया कि लगभग सोलह वर्षों से अधिक समय से लम्बित चले आ रहे मामलों का निस्तारण टाईम बाउन्ड तरीके से किया जाए। सभी मामलों का एक कम्पलीट नोट तैयार किया जाए, जिसमें दोनों राज्यों का पक्ष दर्ज हो।
जल्द ही दोनों राज्यों के मुख्य सचिव स्तर की बैठक कर जिन मामलों में सहमति बन जाती है, उन पर अंतिम निर्णय ले लिया जाए। जहां आवश्यक होगा, वहीं संबंधित विभागीय मंत्रियों के स्तर पर सहमति बनाई जाएगी। वहां से भी निस्तारित नही होने वाले मामलों पर निर्णय मुख्यमंत्री स्तर से कराया जाए। दोनों ही पक्षों में सहमति बनी कि लम्बित विभिन्न मामलों को अब समयबद्ध तरीके से सुलझा लिया जाए। यदि कुछ ऐसे मामले फिर भी रह जाते हैं जिन पर मतभेद हों तो भारत सरकार के स्तर से निर्णय करा लिया जाए। वहां से होने वाला निर्णय दोनों पक्षों को मान्य होगा। बैठक में टिहरी बांध परियोजना से उत्पादित ऊर्जा में हिस्सेदारी, सिंचाई विभाग की परिसम्पत्तियों जिनमें आवासीय अनावासीय भवनों, खाली पड़ी भूमि, हरिद्वार कुम्भ क्षेत्र में भूमि शामिल है के हस्तांतरण, जमरानी बांध, विभिन्न जलाशयों, उत्तर प्रदेश के सिंचाई विभाग पर बकाया बिजली के बिल, परिवहन विभाग के तहत पेसेंजर टैक्स के भुगतान, किच्छा बस स्टेशन के हस्तांतरण, पेंशन दायित्वों की पूर्ति सहित पर्यटन, वन, शिक्षा, सहकारिता आदि विभागों के मामलों पर भी चर्चा की गई। बैठक में उत्तराखण्ड प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अजय भट्ट, उत्तराखण्ड के अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश व उत्तरप्रदेश के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
सरकार वनों को आग से बचाने के लिए फायर वाचर की संख्या दोगुनी
भारतेन्दु शंकर पाण्डेय।
वनों में लगने वाली आग को रोकने के लिए फायर वाचर की संख्या दोगुनी कर दी गई है। इनकी संख्या को 3000 से 6000 कर दिया गया है। राज्य में 14 से 20 अप्रैल तक आग सुरक्षा सप्ताह मनाया जायेगा। रिजर्व वन के साथ-साथ वन विभाग सिविल सोयल और वन पंचायतों में लगने वाली आग को रोकने की योजना वन विभाग बनायेगा। इस बार वनाग्नि का पता लगाने के लिए ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जायेगा। ये निर्णय मुख्य सचिव श्री एस.रामास्वामी की अध्यक्षता में सचिवालय में गुरूवार को लिये गये। मुख्य सचिव ने वीडियों कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारियों को फारेस्ट फायर मैनेजमेंट प्लान पर अमल करने और सतर्क रहने के निर्देश दिये।
बताया गया कि वनाग्नि की रोकथाम के लिए 40 मास्टर कंट्रोल रूम बनाये गये हैं। इसके अलावा 1416 क्रू-स्टेशन, 171 वाॅच टाॅवर, 391 स्थाई सेट, 177 मोबाइल सेट, 1534 हैंडसेट, 43 रिपीटर, रेक व कटिंग, फायर फाइंडर ब्रेस हुक, मेकलाइड, पुलास्की, सावल, डबल विटेक्स, फेस मास्क हेलमेट, टार्च आदि की व्यवस्था की गई है। साथ ही 15,400 प्रशिक्षित मानव संसाधन, 40,000 एसडीआरएफ द्वारा प्रशिक्षित स्थानीय लोग भी आग लगने की स्थिति में तैनात रहेंगे। बैठक में बताया गया कि राज्य और जिला स्तर पर वनाग्नि नियंत्रण और प्रबंधन योजना बना ली गई है। संवेदनशील क्षेत्रों को चार जोन में बांटा गया है। इसमें 11280 वर्ग किमी हाई रिस्क, 15410 वर्ग किमी मीडियम रिस्क, 11144 वर्ग किमी लो रिस्क और 15648 वर्ग किमी नो रिस्क जोन में रखा गया है। फायर लाइन, पैदल, लीसा बटिया, वन मोटर मार्ग की सफाई कर दी गई है। नियंत्रित और नियमित फुकान किया जा रहा है। प्री फायर एलर्ट एसएमएस, व्हाटसअप के जरिये भेजने की व्यवस्था कर ली गई है। लोगों को जागरूक करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम किये जा रहे हैं। 4600 फील्ड स्टाफ, 5600 फायर वाचर और वन पंचायत सदस्यों को प्रशिक्षित किया गया है।
वीडियो क्रांफेसिंग के दौरान प्रमुख सचिव ऊर्जा उमाकांत पवांर, सचिव आपदा प्रबंधन अमित नेगी, पीसीसीएफ राजेन्द्र कुमार, सचिव राजस्व हरबंश सिंह चुघ, एनडीएमए के विशेषज्ञ मेजर जनरल वीके नाइक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
