सीएस की अध्यक्षता में हुई उत्तराखण्ड रोपवे डेवलपमेंट लिमिटेड की निदेशक मंडल की द्वितीय बैठक

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में उत्तराखण्ड रोपवे डेवलपमेंट लिमिटेड की निदेशक मंडल की द्वितीय बैठक संपन्न हुई। मुख्य सचिव ने केदारनाथ रोपवे एवं हेमकुंट साहिब रोपवे प्रोजेक्ट पर भी चर्चा हुयी। बैठक में विभिन्न प्रस्तावों को संस्तुति प्रदान की गयी।

मुख्य सचिव ने केदारनाथ रोपवे प्रोजेक्ट एवं हेमकुंट साहिब रोपवे प्रोजेक्ट के अंतर्गत फॉरेस्ट लैंड क्लीयरेंस पर तेजी से कार्य किए जाने की बात कही। उन्होंने सभी आवश्यक सर्वे कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराए जाने के निर्देश दिए। कहा कि यूटिलिटी शिफ्टिंग के साथ ही पावर और वाटर सप्लाई से सम्बन्धित कार्यों को शीघ्र से शीघ्र पूर्ण किया जाए। मुख्य सचिव ने रोपवे प्रोजेक्ट्स के तहत् पार्किंग, लास्ट माईल कनेक्टिविटी और रोपवे के आसपास व्यावसायिक क्षेत्र विकसित किए जाने पर भी विशेष ध्यान दिए जाने की बात कही। कहा कि हितधारकों से भी लगातार संवाद किया जाए।

बैठक में एनएचएलएमएल के अधिकारियों ने बताया गया कि केदारनाथ रोपवे का लिडार सर्वे और वीडियोग्राफी का काम पूरा हो गया है। कंसेशनियर ने जियो-टेक्निकल जांच शुरू कर दी है। गौरीकुंड और सोनप्रयाग स्टेशन के लिए जियो-टेक्निकल सर्वे पूरा हो गया है। टोपोग्राफी सर्वे भी पूरा हो गया है। शुरुआती अलाइनमेंट पूरो कर लिया गया है, फाइनल अलाइनमेंट जून 2026 तक होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि रियल साइज़ के कंटेनरों के साथ देहरादून से सोनप्रयाग तक लॉजिस्टिक्स का ड्राई रन पूरा हो गया है। बताया गया कि हेमकुंट साहिब रोपवे के लिए ज़मीन का सर्वे चल रहा है। खराब मौसम की वजह से ड्रोन सर्वे में देरी हुई। आखिरी हिस्से के लिए डीजीपीएस और लिडार सर्वे को फिर से शुरू किया गया।

इस अवसर पर सचिव दिलीप जावलकर, धीराज गर्ब्याल एवं एनएचएलएमएल के अधिकारी उपस्थित थे।

सीएस ने दिए विभागों को अपने त्रैमासिक लक्ष्य निर्धारित करते हुए आईएफएमएस पोर्टल पर शीघ्र अपलोड करने के निर्देश

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में विभिन्न विभागों के वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत केंद्र पोषित योजनाओं, वाह्य सहायतित योजनाओं, नाबार्ड और स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट योजनाओं की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने सभी विभागों को अपने त्रैमासिक लक्ष्य निर्धारित करते हुए आईएफएमएस पोर्टल पर शीघ्र अपलोड करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने वित्त विभाग को नाबार्ड के अंतर्गत पशुपालन, फिशरीज आदि आजीविका से संबंधित विभागों में बजट की कोई सीलिंग ना रखे जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आजीविका से संबंधित इन योजनाओं को वाइब्रेंट विलेज में भी अधिक से अधिक प्रयोग किया जाए, ताकि इन क्षेत्रों में अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराया जा सके।

मुख्य सचिव ने नियोजन और वित्त विभाग को सभी विभागों से समन्वय बनाते हुए लगभग 2 से 3 हज़ार करोड़ के प्रस्तावों को तैयार रखे जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि योजनाओं को शोर्ट लिस्ट करते हुए प्राथमिकता के आधार पर टेंटेटिव लिस्ट तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि विभागों द्वारा भी लगातार अच्छे प्रस्ताव तैयार करते हुए शासन को भेजे जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि किस योजना के लिए फंडिंग कहाँ से की जाएगी इस पर आगे विचार कर लिया जाएगा परंतु विभागों द्वारा प्रस्ताव तो लगातार तैयार किए जाने चाहिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए आधारभूत संरचनाओं के विकास में विशेष ध्यान दिया जाए। इसके लिए नाबार्ड के अंतर्गत ग्रामीण अवसंरचना विकास कोष के तहत की जा सकती है। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग को स्कूल और अस्पताल भवनों को सुदृढ़ किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने सिंचाई विभाग को सौंग और जमरानी बांध निर्माण कार्य की फाइनेंसियल टाइमलाइन तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टाइमलाइन निर्धारित कर लगातार मॉनिटरिंग की जाए ताकि टाइमलाइन का अनुपालन किया जा सके।

मुख्य सचिव ने सिंचाई विभाग और उत्तराखण्ड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण न्त्म्क्। को पीएम कुसुम प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान अभियान का लाभ अधिक से अधिक किसानों को पहुँचाये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए प्रमुख सचिव ऊर्जा को सिंचाई और न्त्म्क्। के साथ शीघ्र समन्वय बैठक आयोजित किये जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने परिवहन विभाग को प्रदेश के चारधाम यात्रा मार्गों सहित अन्य सभी महत्त्वपूर्ण यात्रा मार्गों को ईवी चार्जिंग स्टेशन से संतृप्त किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा की प्रदेश में आने वाले पर्यटक अपने इलेक्ट्रिक व्हीकल लेकर यात्रा कर सकें इसके लिए इन चार्जिंग स्टेशंस की लोकेशन को गूगल मैप पर भी प्रदर्शित किया जाए ताकि लोगों का लंबे पहाड़ी रास्तों पर इलेक्ट्रिक व्हीकल लाने का विश्वास पैदा हो सके।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, पीसीसीएफ कपिल लाल, सचिव दिलीप जावलकर, डॉ. बी.वी.आर. सी. पुरुषोत्तम, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ . वी. षणमुगम, डॉ. आर. राजेश कुमार, सी. रविशंकर, युगल किशोर पंत एवं डॉ. एस.एन. पाण्डेय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्य सचिव ने बजरंग सेतु एवं हिलान्स हिमालयन भोजनालय का किया निरीक्षण

मुख्य सचिव आनंद बर्धन द्वारा जनपद टिहरी गढ़वाल क्षेत्रांतर्गत तपोवन स्थित बजरंग सेतु का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता ओम प्रकाश द्वारा सेतु की इंजीनियरिंग संरचना, तकनीकी विशेषताओं एवं निर्माण संबंधी पहलुओं की विस्तृत जानकारी मुख्य सचिव को प्रदान की गई। मुख्य सचिव ने परियोजना की प्रगति एवं सुरक्षा मानकों की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

तत्पश्चात मुख्य सचिव द्वारा नरेंद्रनगर विकासखंड अंतर्गत प्लास्डा स्थित हिलान्स हिमालयन भोजनालय का निरीक्षण किया गया। हिलान्स हिमालयन भोजनालय की संचालक बीना पुंडीर द्वारा भोजनालय में प्रतिदिन आने वाले ग्राहकों एवं दैनिक बिक्री से संबंधित जानकारी प्रस्तुत की गई। साथ ही रीप परियोजना से छह लाख, बैंक लोन तीन लाख एवं सीएलएफ कंट्रीब्यूशन एक लाख से अवगत कराया।

निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने भोजनालय परिसर के आसपास अधिकाधिक वृक्षारोपण सुनिश्चित करने तथा मेनू को स्पष्ट एवं सुव्यवस्थित रूप से डिस्प्ले करने के निर्देश दिए, जिससे पर्यटकों एवं आगंतुकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सके।

मुख्य सचिव ने कहा कि स्थानीय स्तर पर पर्यटन एवं आजीविका से जुड़े ऐसे प्रयासों को और अधिक सशक्त किया जाएगा, जिससे क्षेत्रीय विकास को गति मिल सके।

इस निरीक्षण के दौरान डॉ पंकज कुमार पांडेय (सचिव लोक निर्माण विभाग, औद्योगिक , खनन एवं आयुष विभाग), जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल, एसएसपी श्वेता चौबे, तपोवन नगर पंचायत अध्यक्ष विनीता बिष्ट, एसडीएम नरेंद्रनगर आशीष घिडियाल, डीडीओ मो. असलम, ईओ तपोवन अंजलि, बीडीओ श्रुति वत्स आदि संबंधित उपस्थित रहे।

जन्म के बाद टीकाकरण, आंगनवाड़ी और स्कूल में एडमिशन से लेकर स्कूल पासआउट तक का डाटा संकलित रहेः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में शिक्षा विभाग के अंतर्गत विद्यार्थियों की ट्रैकिंग एवं मैपिंग आदि के सम्बन्ध में सम्बन्धित विभागों के साथ बैठक ली।

मुख्य सचिव ने प्रदेश के विद्यार्थियों की जन्म से लेकर शैक्षणिक और स्वास्थ्य सहित सम्पूर्ण गतिविधियों के ट्रैकिंग और मैपिंग किए जाने हेतु शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग को ट्रैकिंग और मैपिंग के लिए एक सिंगल प्लेटफार्म तैयार किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी बच्चों की आभा और अपार आईडी बनाए जाने के भी निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने कहा कि आभा आईडी और अपार आईडी के माध्यम से शिक्षा और स्वास्थ्य की ट्रैकिंग की जा रही है, इन दोनों प्लेटफार्म को और अधिक अपग्रेड करते हुए ऐसा मैकेनिज्म तैयार किया जाए ताकि बच्चे के जन्म से लेकर टीकाकरण, आंगनवाड़ी में प्रवेश उसके बाद विद्यालय में प्रवेश सहित शैक्षिक उपलब्धियों का डाटा उपलब्ध रहे। उन्होंने कहा कि जन्म के बाद टीकाकरण, आंगनवाड़ी और स्कूल में एडमिशन से लेकर स्कूल पासआउट तक का डाटा संकलित रहे। सिस्टम द्वारा स्वतः अभिभावकों को भी एसएमएस चला जाए कि टीकाकरण या विद्यालय में प्रवेश के लिए बच्चा योग्य हो गया है। इसके साथ ही सम्बन्धित विभागों द्वारा भी बच्चे का फॉलोअप किया जा सके।

इसके लिए मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों, एनआईसी और आईटीडीए के साथ मिलकर इसके लिए ब्रेन स्टोर्मिंग कर एक प्लेटफार्म तैयार करने के निर्देश देते हुए शीघ्र इसकी पुनः बैठक कराए जाने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर सचिव रविनाथ रमन, विनय शंकर पाण्डेय, सी. रविशंकर, अपर सचिव रीना जोशी सहित सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

खाद्य पद्धार्थों की जांच बढ़ाए जाने के लिए राज्य सेक्टर के बजट में प्राविधान किया जाएः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में सुरक्षित भोजन एवं स्वस्थ आहार पर गठित राज्य स्तरीय सलाहकार समिति की 6वीं बैठक सम्पन्न हुयी। मुख्य सचिव ने प्रदेश की दूसरी खाद्य परीक्षण लैब को विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस अवसर पर (07 जून, 2026 को) अनिवार्य रूप से लोकार्पित किए जाने के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने प्रवर्तन गतिविधियों को बढ़ाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने खाद्य पद्धार्थों की जांच बढ़ाए जाने के लिए राज्य सेक्टर के बजट में प्राविधान किए जाने की बात कही। कहा कि केन्द्र सरकार से मिलने वाले बजट के लिए एक कॉर्पस भी बनाया जाए, ताकि खाद्य पद्धार्थों की लगातार एवं नियमित जांच करायी जा सके। उन्होंने मिलावटखोरी में लगातार संलिप्त व्यक्तियों पर कठोर कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि मिलावटखोरी से सम्बन्धित न्यायालयों में चल रहे मामलों पर मजबूत पैरवी की जाए, ताकि मिलावटखोरों को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके।

मुख्य सचिव ने शिकायतों के लिए एक सरल चार अंकों का हेल्प डेस्क नंबर जारी कर प्रचार-प्रसार किए जाने के निर्देश दिए, ताकि आमजन मिलावट या किसी भी प्रकार की शिकायत करने में आसानी हो सके। मुख्य सचिव ने प्रदेश के भीतर खाद्य सुरक्षा के लिए उपलब्ध ईको सिस्टम को और मजबूत किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि फूड सैंपल की टेस्टिंग सही से हो सके इसके लिए टेस्टिंग लैब के साथ ही, मोबाईल टेस्टिंग लैब्स की संख्या बढ़ाए जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने कुंभ 2027 को ध्यान में रखते हुए अभी से खाद्य सुरक्षा को लेकर तैयारियों सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कुंभ मेला क्षेत्र के लिए परीक्षण एवं निगरानी के लिए समर्पित टीमें तैनात किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मेला क्षेत्र में डेडिकेटेड वेंडिंग जोन भी चिन्हित किए जाने की बात कही।

मुख्य सचिव ने कहा कि ईट राईट कैम्पस सर्टिफिकेशन को सर्वप्रथम सरकारी संस्थानों बढ़ावा दिए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि राजकीय शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थानों, होस्टल, सरकारी वृद्धा आश्रमों, बाल गृहों, नारी निकेतन आदि अपनाया जाए। साथ ही निर्देश दिए कि मिड डे मील और आंगनवाड़ी केन्द्रों में दी जाने वाली टेक होम राशन में भी गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यूज्ड कुकिंग ऑयल को फूड चेन से बाहर करने के लिए संग्रहणकर्ता बढ़ाए जाने की दिशा में कार्य किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने होटल रेस्टोरेंट आदि के प्रबन्धकों एवं मुख्य शेफ के लिए वर्कशॉप आयोजित किए जोन की भी बात कही। कहा कि इससे ईट राईट की दिशा में जागरूकता बढ़ेगी।

इस अवसर पर सचिव विनय शंकर पाण्डेय एवं अपर सचिव रोहित मीणा सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

उत्तराखंड में पीएम पोषण योजना के तहत अधिक से अधिक स्कूलों का सोशल ऑडिट कराए जाने के निर्देश

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (पीएम पोषण) के सम्बन्ध में राज्य स्तरीय क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण समिति की बैठक सम्पन्न हुयी। मुख्य सचिव ने पीएम पोषण की विस्तार से जानकारी ली।

मुख्य सचिव ने पीएम पोषण योजना के तहत अधिक से अधिक स्कूलों का सोशल ऑडिट कराए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सोशल ऑडिट पायी गयी कमियों के विषय में सम्बन्धित जनपदों को सूचित करते हुए अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने विद्यालयों में बच्चों का एक डिजिटल मैपिंग एवं ट्रैकिंग मैकेनिज्म तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने बच्चों का हेल्थ स्क्रीनिंग पर विशेष जोर देते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा एनीमिया आदि से पीड़ित बच्चों का उपचार सहित लगातार फॉलोअप करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों का स्थान विशेष विश्लेषण भी किए जाने के निर्देश दिए ताकि यह भी ज्ञात हो सके कि किस जनपद या ब्लॉक के बच्चों में किस प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं हैं, ताकि उन क्षेत्रों में ऐसी समस्याओं के निराकरण के लिए विशेष प्रयास किए जा सकें।

सचिव रविनाथ रमन ने पीएम पोषण योजना की वित्तीय वर्ष 2026 27 हेतु भारत सरकार को प्रस्तावित की जाने वाली वार्षिक कार्य योजना एवं बजट को समिति के सम्मुख प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा नई पहल के रूप में बागेश्वर और हरिद्वार जनपदों में कुल 78 भोजन माताओं को मशरूम खेती का प्रशिक्षण भी दिया गया है। मध्याह्न भोजन में पोषक तत्वों को बढ़ाया जा सके। साथ ही, उत्तराखंड सहकारी डेयरी फेडरेशन लिमिटेड के सहयोग से बच्चों को सप्ताह में दो बार फोर्टिफाइड फ्लेवर्ड स्किम्ड दूध उपलब्ध कराया जा रहा है। कहा कि यह राज्य सरकार की एक पहल है, जिसका उद्देश्य बच्चों के पोषण स्तर में सुधार करना है।

इस अवसर पर सचिव रविनाथ रमन, चंद्रेश कुमार यादव, अपर सचिव नमामि बंसल, रोहित मीणा एवं निदेशक विद्यालयी शिक्षा मुकुल कुमार सती सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्य सचिव ने की स्टेट प्रगति के तहत विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय स्थित अपने सभागार में विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने प्रगति की तर्ज पर प्रदेश की महत्त्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा के लिए स्टेट प्रगति शुरू किया है। उन्होंने कहा कि स्टेट प्रगति के तहत महत्त्वपूर्ण परियोजनाओं की नियमित रूप से समीक्षा की जाएगी, ताकि परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा पर पूर्ण किया जा सके।

मुख्य सचिव ने परियोजनाओं को तय समयसीमा में अंतर्गत पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने नैनीताल में एसटीपी, ट्रंक सीवर से संबंधित कार्यों सहित सीवरेज प्रणाली निर्माण कार्य, जो भूस्खलन के कारण बाधित है, के लिए चिह्नित नई भूमि के लिए संबंधित विभाग से शीघ्र एनओसी लेकर नई टाईमलाईन जारी की जाएं। उन्होंने परियोजना का टाईमलाईन के अनुसार लगातार मॉनिटरिंग करते हुए समय से कार्य पूर्ण कराए जाने के निर्देश दिए।
इसी प्रकार मुख्य सचिव ने नगरपालिका नरेंद्रनगर के अंतर्गत एसटीपी निर्माण कार्य में आ रही समस्याओं को जिला प्रशासन को शीघ्र स्टेक हॉल्डर्स से संवाद कर निस्तारित किए जाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने निर्देश दिए कि हल्द्वानी-काठगोदाम जल आपूर्ति योजना के तहत जल स्रोत क्षमता विकास का कार्य में वनभूमि हस्तांतरण आदि के कार्य को लगातार फॉलोअप कर निस्तारित किया जाए।

मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, वीरचन्द्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक लोग इन योजनाओं का लाभ ले सकें इसके लिए आवेदकों को हर सम्भव सहायता मुहैय्या करवायी जाए। उन्होंने विभागों द्वारा बैंकों के साथ ही समन्वय किए जाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने प्रदेश की महत्त्वपूर्ण योजनाओं का प्रत्येक 5 साल में मूल्यांकन भी किए जाने की बात कही। कहा कि मूल्यांकन से योजनाओं में और सुधार लाया जा सकेगा।

मुख्य सचिव ने मिशन एप्पल योजना की सफलता के लिए क्लस्टर बेस्ड एप्रोच अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक प्रोग्रेसिव किसानों को एप्पल मिशन से जोड़ने के लिए प्रयास किए जाएं। उन्होंने पुरोला-मोरी जैसे सेब की खेती के लिए अनुकूल क्षेत्रों में भी हाई डेंसिटी एप्पल फार्मिंग को बढ़ावा दिए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों को सिडलिंग की व्यवस्था से लेकर मार्केट लिंकेज तक कम्पलीट हैण्ड होल्डिंग कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने भविष्य की आवश्यकता के अनुरूप कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था के लिए अभी से तैयारियां शुरू किए जाने की बात कही। कहा कि योजना को सफल बनाने के लिए हनी बी फार्मिंग जैसे विकल्पों को भी इसमें जोड़ा जाए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव रणवीर सिंह चौहान एवं अपर सचिव अभिषेक रोहिला सहित सम्बन्धित जनपदों से सम्बन्धित विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्य सचिव ने की मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश

देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में आगामी मानसून सीजन को लेकर विभागों एवं जनपदों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने सभी विभागों को मानसून पूर्व तैयारियां समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मानसून के दौरान जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो, यह हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि मानसून के दौरान आगामी कुछ महीने अत्यंत संवेदनशील एवं चुनौतीपूर्ण रहेंगे। वर्तमान में चारधाम यात्रा भी संचालित हो रही है, ऐसे में सभी रेखीय विभागों को 24×7 अलर्ट मोड में कार्य करना होगा। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून शुरू होने से पूर्व सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करते हुए क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत पूरी कर ली जाए।

बिजली एवं पेयजल विभाग को विद्युत लाइनों, ट्रांसफार्मरों तथा पेयजल लाइनों की पूर्व मरम्मत एवं रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि मानसून अवधि में विद्युत एवं जलापूर्ति अधिक समय तक प्रभावित न हो। उन्होंने शहरी विकास विभाग, नगर निकायों तथा जिलाधिकारियों को नालों एवं नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जलभराव की स्थिति किसी भी दशा में उत्पन्न नहीं होनी चाहिए तथा नदी-नालों के प्राकृतिक प्रवाह में बाधा उत्पन्न करने वाले अवरोधों एवं अतिक्रमणों को हटाया जाए। उन्होंने कहा कि कामचलाऊ व्यवस्थाओं से बचते हुए गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित किए जाएं।

मुख्य सचिव ने राज्य में नदी तटीय क्षेत्रों की संवेदनशीलता को देखते हुए नदियों के चौनलाइजेशन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि नदी मार्ग में जमा आरबीएम को हटाया जाए ताकि नदी का प्राकृतिक प्रवाह बाधित न हो और कटाव से आबादी एवं आधारभूत संरचनाओं को नुकसान न पहुंचे।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संसाधनों की कोई कमी नहीं रखी जाएगी, इसलिए सभी विभाग अपने दायित्वों का समयबद्ध निर्वहन सुनिश्चित करें। संवेदनशील स्थलों पर सड़क खोलने हेतु जेसीबी मशीनों की अग्रिम तैनाती की जाए तथा बैली ब्रिज का पर्याप्त भंडारण रखा जाए। साथ ही बाढ़ संभावित क्षेत्रों में नाव एवं बोट की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने विभागीय तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में विभिन्न रेखीय विभागों के नोडल अधिकारियों की तैनाती की जा चुकी है तथा मानसून अवधि के लिए समन्वित कार्ययोजना तैयार कर ली गई है।

बैठक में विशेष सचिव पराग मुधकर धकाते, सचिव पंकज कुमार पाण्डेय, सचिव एल फैनई, सचिव सचिन कुर्वे, बीके संत, आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन, सचिव खाद्य आनंद स्वरूप, सूचना निदेशक बंशीधर तिवारी, एसीईओ प्रशासन महावीर सिंह चौहान, एसीईओ क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, वित्त नियंत्रक अभिषेक कुमार आनंद, जेसीईओ मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी आदि मौजूद रहे।

आवश्यक सामग्री का भण्डारण किया जाए, न हो कोई कमी

देहरादून। मुख्य सचिव आंनद बर्द्धन ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को गैस, राशन, खाद्यान्न, डीजल एवं पेट्रोल सहित आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में राहत सामग्री एवं खाद्य सामग्री के वितरण हेतु पूर्व से विस्तृत रणनीति तैयार की जाए ताकि दूरस्थ क्षेत्रों तक त्वरित सहायता पहुंचाई जा सके। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को मानसून अवधि के दौरान संभावित संक्रामक एवं जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने अभी से फॉगिंग अभियान चलाने तथा स्वास्थ्य सेवाओं को अलर्ट मोड में रखने को कहा। साथ ही हेली एम्बुलेंस सेवाओं को भी तैयार रखने के निर्देश दिए गए ताकि आपात स्थिति में त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

क्रियाशील रहें हाइड्रोमेट के सेंसर, नियमित टेस्टिंग जरूरी

देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने हाइड्रोमेट सिस्टम, सेंसर तथा सेटेलाइट फोन का नियमित परीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मौसम संबंधी चेतावनियां व अलर्ट आमजन तक त्वरित रूप से पहुंचना अत्यंत आवश्यक है, ताकि लोग समय रहते आवश्यक सुरक्षात्मक कदम उठा सकें। उन्होंने सचेत एप तथा सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक के अधिकाधिक उपयोग पर विशेष जोर दिया।

फेक वीडियो प्रसारित करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने आपदा संबंधी भ्रामक एवं फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने पर सख्त नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की भ्रामक सूचनाएं आमजन में अनावश्यक भय एवं भ्रम की स्थिति उत्पन्न करती हैं, जिससे आपदा प्रबंधन कार्य प्रभावित होते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा प्रबंधन अधिनियम की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत ऐसे मामलों में तत्काल एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

03 डॉप्लर रडार संचालित, 03 और लगेंगे
देहरादून। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि राज्य में वर्तमान में 525 हाइड्रोमेट सेंसर सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं, जिनके माध्यम से विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में वर्तमान में 03 डॉप्लर वेदर रडार स्थापित हैं तथा 03 अतिरिक्त डॉप्लर रडार स्थापित किए जाने प्रस्तावित हैं, जिससे मौसम पूर्वानुमान प्रणाली और अधिक मजबूत होगी। उन्होंने जानकारी दी कि पिथौरागढ़ में आरएसआरडब्ल्यू (रेडियो सांडे, रेडिया विंड) की स्थापना की जानी प्रस्तावित है। इसके स्थापित होने से पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम की गतिविधियों का अधिक सटीक एवं स्थानीय स्तर पर पूर्वानुमान प्राप्त हो सकेगा, जिससे समय रहते चेतावनी जारी कर जनहानि एवं नुकसान को कम करने में सहायता मिलेगी।

टिहरी क्षेत्र को ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में किया जाए विकसितः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में टिहरी झील क्षेत्र को ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किए जाने हेतु संबंधित विभागों के साथ बैठक ली। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के एक राज्य एक ग्लोबल डेस्टिनेशन के तहत् टिहरी झील रिंग रोड एवं आसपास के क्षेत्र को ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किए जाने के लिए एक कोम्प्रेहेंसिवे प्लान तैयार किया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि टिहरी स्पेशल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (ज्।क्।) पूरे क्षेत्र को ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के लिए डेस्टिनेशन मैनेजमेंट ऑर्गेनाइजेशन (डीएमओ) के रूप में काम करेगा। उन्होंने कहा कि टिहरी झील क्षेत्र को ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के लिए एक व्यापक एवं सम्पूर्ण कार्ययोजना तैयार की जाए। जिसमें टिहरी झील रिंग रोड का निर्माण, आईकोनिक ब्रिज और हरे-भरे पैदल मार्ग शामिल हों। जहां एक ओर एडवेंचर टूरिस्ट के साथ-साथ वेलनेस सेंटर्स हों तो दूसरी ओर ईको पार्क और प्राकृतिक व्यू पॉइन्ट्स हों। उन्होंने कहा कि इसमें फेजवाइज़ काम किया जा सकता है, परन्तु योजना एक बार में सर्म्पूण रूप से तैयार की जाए।

मुख्य सचिव ने टिहरी पहुँचने के लिए एंड टू एंड कनेक्टिविटी पर भी फोकस किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने मार्गों को चौड़ीकरण एवं सौन्दर्यीकरण किए जाने की भी बात कही। कहा कि नए रूट्स की सम्भावनाएं भी तलाशी जाएं। उन्होंने साईट स्पेसिफिक कंस्ट्रक्शन पर जोर देते हुए पूरे क्षेत्र में ग्रीन एरिया एवं प्राकृतिक सौन्दर्यता को बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने परियोजना में वॉटरड्रोम और वॉटरपोर्ट को भी शामिल किए जाने की बात कही। कहा कि आइकोनिक पुलों का निर्माण एवं डिजाईन में सी-प्लेन के परियोजना को ध्यान में रखते हुए किया जाए। उन्होंने डोबराचांटी पुल के पास स्थित हेलीपैड को हेलीपोर्ट के रूप में विकसित किए जाने के भी निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि इस परियोजना में कार्य करने वाली सभी संस्थाएं आपनी तालमेल के साथ कार्य करें।

इस अवसर पर सचिव सचिन कुर्वे, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, धीराज गर्ब्याल, अपर सचिव विनीत कुमार एवं अभिषेक रोहिला सहित सम्बन्धित विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

व्यवसायिक मात्रा में पकड़े गए मादक पदार्थों के मामलों को गंभीरता से लेते हुए लगातार फॉलोअप करेंः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने राज्य स्तरीय नेशनल कोआर्डिनेशन सेंटर फॉर ड्रग लॉ एनफोर्समेंट की 11वीं बैठक संपन्न हुयी। बैठक के दौरान नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध व्यापार को रोके जाने को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों से बात कर जनपदों की स्थिति की जानकारी भी ली। उन्होंने जनपद स्तरीय एनकॉर्ड बैठकों का निर्धारित समय सीमा पर नियमित रूप से आयोजित किए जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने अगले 15 दिनों में मादक पदार्थों के खिलाफ अगले एक वर्ष का राज्य स्तरीय एवं जनपद स्तरीय रोडमैप तैयार कर प्रस्तुत किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी सम्बन्धित विभाग सहित जनपद भी अपना एनफोर्समेंट और रिहेबिलिटेशन आदि को लेकर रोडमैप अगले 15 दिनों में सचिव गृह को उपलब्ध कराएं।

मुख्य सचिव ने मादक पदार्थों से सम्बन्धित सभी मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि व्यवसायिक मात्रा में पकड़े गए मादक पदार्थों के मामलों को गंभीरता से लेते हुए लगातार फॉलोअप किया जाए, ताकि दोषियों पर यथोचित कार्रवाई की जा सके। उन्होंने पुलिस विभाग को मादक पदार्थों की सप्लाई चौन तोड़े जाने के लिए महत्त्वपूर्ण कदम उठाये जाने की बात कही।

मुख्य सचिव ने आमजन विशेषकर स्कूली बच्चों में ड्रग्स के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षण संस्थानों में एंटी ड्रग क्लब बनाने और शिक्षण संस्थानों के 100 मीटर के दायरे में गुटखा-तम्बाकू आदि की बिक्री पर रोक को प्रभावी रूप से लागू किए जाने की बात कही। उन्होंने प्रदेश में मादक पदार्थाे के उपयोग पर एक सर्वे कराए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि मादक पदार्थों के जाल को जड़ से उखाड़ा जा सके।

मुख्य सचिव ने प्रदेश में संचालित प्राईवेट डीएडिक्शन सेंटर्स की लगातार जांच किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जो सेंटर मानक पूर्ण नहीं कर रहे उनको तत्काल बंद कराया जाए। उन्होंने गढ़वाल एवं कुमाऊं मण्डल में समर्पित ड्रग इंस्पेक्टर नियुक्त किए जाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने राजकीय स्वास्थ्य केन्द्रों में कुछ बेड को डी-एडिक्शन के लिए डेडिकेट किए जाने के भी निर्देश दिए। कहा कि शुरुवात में कम से कम जनपद में एक-एक अस्पताल में कुछ बेड को डी-एडिक्शन के लिए डेडिकेट किया जाए।

मुख्य सचिव ने एन.सी.बी. द्वारा राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्प लाईन मानस-1933 (मादक पदार्थ निशेध आसूचना-केन्द्र) के प्रचार प्रसार के भी निर्देश दिए। उन्होंने सभी हितधारक विभागों से हेल्पलाईन के प्रचार-प्रसार किये जाने के लिए अपने कार्यालयों के सूचनापट एवं प्रवेश द्वार पर जानकारी चस्पा किए जाने के निर्देश दिए, ताकि आमजन को मादक पदार्थों की बिक्री या आपूर्ति से सम्बन्धित किसी भी प्रकार की जानकारी साझा करने में सहजता हो।

इस अवसर पर डीजी इंटेलीजेंस अभिनव कुमार, सचिव शैलेष बगौली, आईजी डॉ. नीलेश आनन्द भारणे, अपर सचिव गृह निवेदिता कुकरेती, एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह सहित जनपदों से जिलाधिकारी एवं एसएसपी उपस्थित थे।