मानसून से पहले 200 ग्राम पंचायतों की जागरूकता के लिए कार्यशाला की जाए आयोजितः सीएस

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में जल स्रोत एवं नदी पुनरोद्धार प्राधिकरण की उच्च अधिकार प्राप्त समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने बड़े प्रोजेक्ट न आने पर नाराजगी जताते हुए जल स्रोतों एवं नदियों के पुनरोद्धार की दिशा में सभी सम्बन्धित विभाग गंभीरता से लेते हुए कार्य करें।

मुख्य सचिव ने कहा कि जिला स्तरीय कार्यकारी समितियों की बैठकों नियमित रूप से आयोजित की जाएं। उन्होंने सभी जनपदों में विकासखंड स्तर से 2 से 3 गांवों से जनप्रतिनिधि एवं इच्छुक लोगों को इसके प्रति जागरुकता के लिए मानसून से पूर्व कार्यशाला आयोजित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पहले चरण में 200 ग्राम पंचायतों को कार्यशाला में शामिल किए जाने का लक्ष्य रखा जाए।

मुख्य सचिव ने सभी सम्बन्धित संस्थानों को अपने लक्ष्य बढ़ाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने सिंचाई और लघु सिंचाई विभाग को चेक डैम आदि बनाए जाने की दिशा में तेजी से कार्य किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए बजट की समस्या नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने ै।त्त्। को प्राप्त प्रस्तावों में से शीघ्र कार्य शुरू किया जाने के भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने नैनीताल एवं टिहरी जनपद द्वारा इस दिशा में अच्छे कार्य की प्रशंसा करते हुए बाकी जनपदों को भी जल स्रोतों के संवर्द्धन की दिशा में गंभीरता से कार्य किए जाने की बात कही। उन्होंने निर्देश दिए कि नदियों की मॉनिटरिंग के लिए सिंचाई अनुसंधान संस्थान रुड़की को नोडल एजेंसी बनाते हुए भूमिका एवं जिम्मेदारियां निर्धारित करते हुए एमओयू कर लिया जाए।

बैठक के दौरान अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी सर्रा नीना ग्रेवाल ने प्रस्तुतीकरण दिया एवं अब किए गए कार्यों की विस्तृत जानकारी दी।

इस अवसर पर एपीसीसीएफ कपिल लाल, सचिव आर. राजेश कुमार, कुमार यादव, विनोद कुमार सुमन जनपदों से जिलाधिकारी सहित सभी संबंधित विभाग एवं संस्थानों के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

विभाग के महत्त्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स की नियमित रूप से समीक्षा करें अधिकारीः सीएस

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में लोक निर्माण विभाग एवं भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की राज्य के अंतर्गत चल रही एवं आगामी महत्त्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा की। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने सभी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए योजनाओं की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली।

लोनिवि की योजनाओं की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभाग के महत्त्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स की नियमित रूप से समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि रिस्पना-बिंदाल एलिवेटेड रोड देहरादून के जाम की समस्या को कम करने के लिए महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने इस प्रोजेक्ट के शीघ्र निर्माण के लिए आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर लिए जाने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने निर्देश दिए कि रिस्पना – बिंदाल एलिवेटेड रोड एवं टिहरी रिंग रोड जैसे महत्त्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स को समय पर पूर्ण करने हेतु साप्ताहिक रूप से समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि योजना की फंडिंग के लिए विभिन्न विकल्पों पर वित्त विभाग के साथ मंथन कर लिया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी योजनाओं की प्राथमिकताएं तय करते हुए योजनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण कराया जाना सुनिश्चित किया जाए।

मुख्य सचिव ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की योजनाओं की समीक्षा करते हुए योजनाओं को भी समय पर पूर्ण करने हेतु आवश्यक कदम उठाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हरिद्वार – नगीना रोड को भी शीघ्र पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि यह चारधाम यात्रा एवं आगामी कुंभ 2027 के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है। उन्होंने कहा कि बल्लूपुर – पोंटा साहिब रोड निर्माण में भी गति लाई जाए।

इस अवसर पर सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय अपर सचिव विजय कुमार जोगदंडे, विनीत कुमार एवं एनएचएआई से विशाल गुप्ता सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्य सचिव ने की कुंभ 2027 की तैयारियों की समीक्षा कर योजनाएं तैयार करने को कहा

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में कुंभ 2027 की तैयारियों के सम्बन्ध में बैठक आयोजित हुई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को कुंभ 2027 की तैयारियों के लिए सभी सम्बन्धित विभागों को योजना एवं प्रस्ताव तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारी हरिद्वार को सम्बन्धित विभागों के साथ शीघ्र बैठक आयोजित किए जाने की के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि अगले 7 दिनों में सभी कार्यदायी विभागों के नोडल अधिकारी नामित कर लिए जाएं। साथ ही, पदों के सृजन की कार्यवाही भी पूर्ण कर ली जाए। इनसे सम्बन्धित आदेश अगले 7 दिनों में कर लिए जाएं। उन्होंने कहा कि जिन समितियों/उप समितियों का गठन किया जाना है, अगले 7 दिनों में कर लिया जाए। उन्होंने 30 अप्रैल तक प्रस्ताव एवं आंकलन तैयार कर भारत सरकार को भेजे जाने के भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कुंभ 2027 के अंतर्गत शाही स्नान वाले विशेष दिवसों पर श्रद्धालुओं की अधिकतम संख्या का आंकलन करते हुए कार्य योजना तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कनेक्टिविटी बढ़ने श्रद्धालुओं के बढ़ने की अत्यधिक सम्भावना है। उन्होंने इसके अनुरूप श्रद्धालुओं संख्या का आंकलन करते हुए पार्किंग एवं ट्रैफिक मूवमेंट योजना तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए विशेषज्ञों द्वारा आंकलन कराए जाने के उपरांत योजनाएं तैयार कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने नए पार्किंग स्थल चिन्हित किए जाने के साथ ही पुराने पार्किंक स्थलों की क्षमता बढ़ाए जाने के भी निर्देश दिए।

हरिद्वार क्षेत्र में ऑडिटोरियम और सांस्कृतिक केंद्र बनाए जाने के निर्देश
मुख्य सचिव ने कहा कि हरिद्वार कुंभ मेला, कांवड़ यात्रा एवं अन्य धार्मिक आयोजनों के लिए अत्यधिक महत्त्वपूर्ण क्षेत्र है, इसके लिए मूलभूत ढांचों को मजबूत किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि दीर्घकालीन योजना के अंतर्गत स्थाई प्रकृति के कार्यों को ध्यान में रखा जाए। उन्होंने हरिद्वार क्षेत्र में ऑडिटोरियम और सांस्कृतिक केंद्र बनाए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को कुंभ क्षेत्र सहित अन्य उपयोगी स्थानों का स्थलीय निरीक्षण कर कार्य योजनाएं तैयार किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कुंभ 2027 के लिए अनिवार्य कार्यों की सूची तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा ऐसे कार्य जिन्हें अनिवार्य रूप से कराया जाना है, उनकी तैयारी पूर्व से ही कर ली जाए। साथ ही, तत्काल शुरू किए जाने वाले कार्यों की सूची भी तैयार कर इनकी डीपीआर एवं आंकलन सहित अन्य तैयारियां पूर्व में ही सुनिश्चित कर ली जाएं, ताकि स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू कराए जा सकें।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव नीतेश झा, राधिका झा, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, विनय शंकर पाण्डेय, आर. राजेश कुमार, जिलाधिकारी हरिद्वार कर्मेंद्र सिंह, जिलाधिकारी पौड़ी आशीष चौहान, जिलाधिकारी टिहरी सहित सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सीएस ने पीएम विश्वकर्मा योजना की समीक्षा कर विस्तृत जानकारी ली

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएम-एबीएचआईएम) और प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की समीक्षा की। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने अधिकारियों से योजनाओं के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी ली।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएम-एबीएचआईएम) के तहत शीघ्र ही ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट, ज़िला एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशाला (डीआईपीएचएल) एवं क्रिटिकल केयर ब्लॉक को तैयार कर शीघ्र संचालन शुरू किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन सभी यूनिट्स का निर्माण कार्य पूर्ण कर संचालन किए जाने हेतु समयबद्ध कार्ययोजना प्रस्तुत की जाए। उन्होंने योजनाओं के समयबद्ध संचालन के लिए राज्य एवं जनपद स्तर पर मॉनीटरिंग किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि मुख्य चिकित्सा अधिकारियों द्वारा साप्ताहिक रूप से इन यूनिट्स की निगरानी की। साथ ही जिन यूनिट्स का कार्य पूर्ण हो चुका है उनके उपयोगिता प्रमाण पत्र भारत सरकार को शीघ्र प्रस्तुत किए जाएं।

मुख्य सचिव ने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत लाभार्थियों को अधिक से अधिक पंजीकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि पीएम विश्वकर्मा के जिला कार्यान्वयन समिति एवं यूएलबी स्तर पर लम्बित आवेदन पत्रों को शीघ्र निस्तारित किया जाए। साथ ही, कारीगरों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाए जाने हेतु लगातार मॉनिटरिंग भी की जाए। साथ ही, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत हथकरघा और हस्तशिल्प उत्पादों को ई-कॉमर्स प्लेटफार्म के माध्यम से बेचे जाने पर भी जोर दिए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि अन्य प्रदेशों के यूनिटी मॉल में भी राज्य के उत्पादों के लिए स्टॉल उपलब्ध कराए जाने हेतु व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव आर. राजेश कुमार, विनय शंकर पाण्डेय, अपर सचिव विजय कुमार जोगदण्डे एवं स्वाति भदौरिया सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्य सचिव ने किया सभी विभागों में बायोमैट्रिक को अनिवार्य

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में सचिव समिति की बैठक आयोजित हुयी। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि 1 मई, 2025 से सभी विभागों में अधिकारियों-कर्मचारियों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से बायोमैट्रिक से किये जाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाय। यदि विभाग में बायोमैट्रिक मशीनें स्थापित नहीं हैं अथवा पर्याप्त संख्या में नहीं है, इस हेतु समय से आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली जाय। पूर्व में स्थापित बायोमैट्रिक मशीनों में यदि कोई कमी है तो उसे ठीक करा लिया जाय।

*महत्वपूर्ण प्रस्तावों का विवरण तैयार किये जाने के दिये गये निर्देश*

उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि विभागों द्वारा जनहित एवं राज्यहित में आवश्यक, महत्त्वपूर्ण एवं प्राथमिकता वाली योजनाओं की सूची तैयार किये जाने के निर्देश दिये गये, ताकि व्यापक जनहित में इन योजनाओं हेतु धनराशि की व्यवस्था की जा सके तथा इनकी स्वीकृति हेतु समुचित कार्यवाही की जा सके। इन योजनाओं की सूची नियोजन विभाग को तथा उसकी प्रतिलिपि मुख्य सचिव कार्यालय को उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये गये।

*महत्त्वपूर्ण परियोजनाओं की समीक्षा पीएम गतिशक्ति पोर्टल पर: मुख्य सचिव*

मुख्य सचिव ने एक करोड़ से अधिक लागत की परियोजनाओं की समीक्षा पीएम गतिशक्ति पोर्टल के माध्यम से किए जाने के भी निर्देश दिए हैं। इसके लिये सभी विभागों को आवश्यक तैयारी किये जाने के निर्देश दिये गये। भविष्य में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में होने वाली ई0एफ0सी0 पी0एम0 गतिशक्ति पोर्टल के माध्यम से की जायेगी। विभागीय सचिवगणों से भी विभागीय ई0एफ0सी0 पी0एम0 गतिशक्ति पोर्टल के माध्यम से कराये जाने हेतु निर्देश दिये गये।

साथ ही, उन्होंने सभी विभागों द्वारा तैयार की जाने वाली विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को ई-डीपीआर के रूप में तैयार किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में गति आएगी। कुछ राज्यों में ई-डी0पी0आर0 बनाये जाने का कार्य किया जा रहा है। एन0आई0सी0 के माध्यम से इसका अध्ययन कराते हुए भविष्य में परियोजनाओं हेतु ई-डी0पी0आर0 बनाये जाने हेतु समुचित व्यवस्था किये जाने के निर्देश दिये गये।

*विभागीय सचिवगणों तथा अन्य अधिकारियों को अनुभागों का निरीक्षण किये जाने हेतु दिये गये निर्देश*

बैठक में सभी विभागीय सचिवगणों को सचिवालय प्रशासन विभाग द्वारा पूर्व में दिये गये निर्देशों के क्रम में वर्ष में न्यूनतम एक बार अनुभागाों का विस्तृत निरीक्षण किये जाने के निर्देश दिये गये। इसी प्रकार का निरीक्षण रोस्टर के अनुसार अपर सचिवों, संयुक्त सचिवों, उप सचिवों एवं अनुसचिवों को किये जाने के निर्देश दिये गये।

*Annual Work Plan बनाये जाने के दिये गये निर्देश*

बैठक में सभी अधिकारियों को अपने विभाग से सम्बन्धित विभिन्न प्रकार के कार्यों हेतु Annual Work Plan बनाये जाने के निर्देश दिये गये, ताकि सभी प्रकार के विभागीय कार्यों को समय से पूरा किया जा सके तथा विलम्ब से बचा जा सके।

*Government Assets की सूची तैयार किये जाने हेतु दिये गये निर्देश*

मुख्य सचिव ने सभी विभागों को अपनी-अपनी परिसम्पत्तियों की सूची तैयार कर इस हेतु पूर्व में बनाए गए पोर्टल पर अपलोड किए जाने के निर्देश दिए हैं। इस बारे में पूर्व में काफी कार्य किया गया था तथा कई विभागों द्वारा अपनी विभागीय परिसम्पत्तियों की सूची Government Assets Inventory पर अपलोड किया गया था। पुनः सभी विभागों को अपनी-अपनी परिसम्पत्तियों की सूची इस पोर्टल पर अपलोड किये जाने के निर्देश दिये गये।

*कार्मिकों को अपनी अचल सम्पत्ति का विवरण देना होगा*

अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों को वार्षिक गोपनीय प्रविष्टि के बारे में विवरण देते समय अनिवार्य रूप से अचल सम्पत्ति का विवरण दिया जाना अनिवार्य है। बैठक के दौरान यह संज्ञान में लाया गया कि कई विभागीय अधिकारियों द्वारा समय से अपनी वार्षिक अचल सम्पत्ति का विवरण अपने विभागों को उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। वार्षिक गोपनीय आख्या के बारे में विवरण देते समय अचल सम्पत्ति का विवरण घोषित किये जाने को अनिवार्य बनाये जाने हेतु व्यवस्था बनाये जाने के निर्देश दिये गये। पदोन्नति के समय यह देखा जायेगा कि कार्मिक द्वारा अचल सम्पत्ति का विवरण प्रस्तुत किया गया है अथवा नहीं।

*प्रदेश का अपना राज्य संग्रहालय तैयार किए जाने के भी दिए निर्देश*

बैठक में देहरादून में राज्य संग्रहालय की आवश्यकता बतायी गयी। इस हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत किये जाने के निर्देश दिये गये। कोलागढ़ में स्थित हिमालयन सांस्कृतिक केन्द्र का अधिक से अधिक उपयोग किये जाने हेतु कार्ययोजना बनाये जाने के निर्देश दिये गये। संस्कृति विभाग में पंजीकृत विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक दलों की आपस में प्रतियोगिता कराते हुए पारदर्शी तथा निष्पक्ष तरीके से इनको श्रेणी ए, बी, सी आदि में रखे जाने के निर्देश दिये गये, ताकि आवश्यकतानुसार इनका उपयोग किया जा सके।

सचिव समिति की बैठक में विशेष प्रमुख सचिव अमित कुमार सिन्हा, सचिव शैलेश बगोली, राधिका झा, रविनाथ रमन, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, डॉ. नीरज खैरवाल, विनोद कुमार सुमन, युगल किशोर पंत, रणवीर सिंह चौहान एवं धीराज सिंह गर्ब्याल उपस्थित थे।

मुख्य सचिव ने यात्रा मार्ग से सम्बन्धित जनपदों एवं यात्रमार्गों की तैयारियों को परखा

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर सचिवालय स्थित अपने सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक ली। उन्होंने चारधाम यात्रा मार्ग की पुख्ता व्यवस्थाओं को लेकर सभी विभागों को अभी से अपनी तैयारियां समयबद्धता से पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

पूर्व में जारी अपने निर्देशों के क्रम में मुख्य सचिव ने सचिव युगल किशोर पंत को देहरादून से केदारनाथ, सचिव डा. आर राजेश कुमार को बद्रीनाथ यात्रा मार्ग, सचिव डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम को गंगोत्री धाम तथा डॉ. नीरज खैरवाल से यमुनोत्री धाम की तैयारियों के सम्बन्ध में फीडबैक लिया। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी सचिवों से प्राप्त सुझावों का अनुपालन करते अथवा कमियों को दुरूस्त किया जाए। यात्रा मार्ग पर सभी जरूरतों का अभी से आंकलन करते हुए सभी व्यवस्थाएं यात्रा आरम्भ से पहले दुरूस्त करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को संवेदनशीलता के साथ एवं कार्य निर्धारित समय पर पूर्ण करने को गम्भीरता से लेने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक धाम एवं उनके यात्रामार्गों पर मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने यूपीसीएल को धामों में लॉ-वॉल्टेज की समस्या को शीघ्र दुरूस्त किए जाने के भी निर्देश दिए।

यात्रा पंजीकरण स्थलों में स्वास्थ्य जांच केन्द्रों की संख्या बढ़ायी जाए
मुख्य सचिव ने केदारनाथ में बन रहे अस्पताल को या़त्रा शुरू होने से पहले सुचारू किए जाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने सुरक्षित या़त्रा के लिए निवारक उपायों की अत्यधिक आवश्यकता पर बल देते हुए स्वास्थ्य जांच केन्द्रों को बढाए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यात्रा की शुरूवात में ही स्वास्थ्य परीक्षण हो सके इसके लिए हरिद्वार, ऋषिकेश एवं विकासनगर में हेल्थ स्क्रीनिंग केन्द्रों की संख्या बढ़ाई जाए। मुख्य सचिव ने मल्टी लेवल पार्किंग की व्यवस्था पर बल देते हुए अधिक से अधिक पार्किंग स्थलों को चिन्हित किए जाने की बात कही। कहा कि पार्किंग स्थलों के आस-पास रहने खाने एवं स्वास्थ्य जांच आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सभी यात्रा मार्गों पर स्थानीय स्तर परिस्थितियों एवं विकल्प मार्गों के अनुरूप यातायात प्रबंधन योजना तैयार की जाए।

यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं द्वारा वृक्षारोपण हेतु ‘स्मृति वन‘ किए जाएं चिन्हित
मुख्य सचिव ने श्रद्धालुओं द्वारा यात्रा मार्गों पर वृक्षारोपण करने हेतु स्मृति वन के लिए स्थान चिन्हित किए जाने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि इच्छित श्रद्धालु इन पलों को यादगार बनाने के लिए पौधारोपण कर सकते हैं।

जाम आदि की जानकारी हेतु डिजीटल डिस्प्ले बोर्ड की की जाए व्यवस्था
मुख्य सचिव ने कहा कि यात्रा मार्गों में दृर्घटनाओं या लैंड स्लाईड से लगने वाले जाम के कारण पीछे लगी लम्बी लाईनों में यात्रियों को जाम के कारणों की उचित जानकारी मिल सके इसके लिए मैकेनिज्म तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि इसके लिए यात्रा मार्गों पर डिजीटल डिस्प्ले बोर्ड लगाए जा सकते हैं, जो यह जानकारी उपलब्ध कराएंगे कि किस स्थान पर कौन सी घटना घटी है, जिसके कारण जाम लगा है। उन्होंने इसके लिए सचिव लोक निर्माण विभाग को व्यवस्थाएं सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा जब तक यह व्यवस्था धरातल पर उतरती है तब तक बल्क एसएमएस और बल्क व्हॉट्सअप मैसेज के माध्यम से यह जानकारी उपलब्ध करायी जाए। उन्होंने संभावित भूस्खलन क्षेत्रों का ट्रीटमेंट शीघ्र किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि इन भूस्खलन क्षेत्रों के लिए दीर्घावधि उपचार पर भी शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

सर्विस प्रोवाईडर की आरएफआईडी टैग बनाए जाएंः मुख्य सचिव
मुख्य सचिव ने यात्रा मार्गों पर स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने ‘सुलभ‘ को नियमित सफाई एवं पानी की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सफाई व्यवस्था के लिए पूरे प्रदेश में यह व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने की बात कही। उन्होंने इसके लिए उत्तराखण्ड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं 15वें वित्त आयोग की स्वच्छता हेतु टाईड फंड से भी फंड्स उपलब्ध कराए जाने की बात कही। उन्होंने चारों धामों में दुकानदार एवं घोड़ा/कंडी संचालक सहित सभी प्रकार केे सर्विस प्रोवाईडर की आरएफआईडी टैग बनाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि धामों में श्रद्धालुओं के रूकने के लिए लगाए गए टैन्ट आदि को सुव्यस्थित ढंग से लगाए जाने हेतु व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।

इस अवसर पर सचिव शैलेश बगोली, नितेश कुमार झा, सचिन कुर्वे, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरूषोत्तम, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, चंद्रेश कुमार यादव, डॉ. आर. राजेश कुमार, डॉ. नीरज खैरवाल, कमिश्नर गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, सचिव युगल किशोर पंत, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी सहित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चारधाम एवं यात्रामार्गों से सम्बन्धित जनपदों के जिलाधिकारी एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सिंगल विंडो सिस्टम के तहत लम्बित प्रकरणों का ससमय निस्तारण करेंः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में 64वीं राज्य स्तरीय अधिकार प्राप्त समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सभी विभागों द्वारा निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत वांछित स्वीकृतियां अथवा आख्या शीघ्र ही उद्योग विभाग को उपलब्ध करायी जाए। उन्होंने कहा कि सिंगल विंडो सिस्टम के तहत लम्बित प्रकरणों का ससमय निस्तारण किया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि सिंगल विंडो सिस्टम के तहत लगभग 30 विभागों की 200 से अधिक सेवाएं शामिल की गयी हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन विभागों द्वारा स्वीकृतियों के लिए आवेदन पत्र ऑफलाइन लिए जा रहे हैं, शीघ्रातिशीघ्र इन्हें ऑनलाइन किया जाए। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को जनपद स्तर पर लम्बित प्रकरणों को शीघ्र निस्तारित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सिंगल विंडो के तहत विभागों द्वारा जारी किए जाने वाले अनापत्ति प्रमाण पत्रों को निर्गत किए जाने में भी विलम्ब न किया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में नए बनने वाले सरकारी और प्राईवेट औद्योगिक विकास क्षेत्रों में कनेक्टिविटी एवं जलापूर्ति का विशेष ध्यान रखा। उन्होंने कहा कि अपशिष्ट उपचार संयंत्रों (ईटीपी) द्वारा छोड़े जाने वाले पानी का मानकों के अनुरूप पुनः प्रयोग किए जाने हेतु मैकेनिज्म विकसित किया जाए, ताकि पेयजल एवं भूमिगत जल को औद्योगिक कार्यों हेतु उपयोग में कमी लायी जा सके।

इस अवसर पर सचिव रंजीत कुमार सिन्हा, हरि चन्द्र सेमवाल, डॉ. आर. राजेश कुमार, विनय शंकर पाण्डेय एवं सदस्य सचिव प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड डॉ. पराग मधुकर धकाते सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जनपदों से जिलाधिकारी उपस्थित थे।

मुख्य सचिव ने की रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष से भेंट, प्रदेश में संचालित विभिन्न रेल परियोजनाओं के संबंध में की चर्चा

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने नई दिल्ली में रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सतीश कुमार से मुलाकात कर राज्य में रेल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने, नई रेल परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन, तथा पूर्ववर्ती प्रस्तावों की प्रगति के सम्बंध में विस्तृत चर्चा की। मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से भी भेंट कर राज्य से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की।

मुख्य सचिव ने रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष को अवगत कराया कि राज्य में कुल पांच रेल परियोजनाएं हैं जिनमें तीन प्रस्तावित एवं ऋषिकेश-कर्णप्रयाग सहित दो परियोजनाएं वर्तमान में संचालित की जा रही है। गंगोत्री यमुनोत्री रेल परियोजना जिसकी कुल दूरी 121.76 किमी है तथा 10 स्टेशन हैं। इसका सर्वेक्षण कार्य पूरा हो चुका है तथा डीपीआर रेलवे बोर्ड को उपलब्ध करा दी गई है। इस पर अनुमोदन प्रतीक्षित है। टनकपुर बागेश्वर रेल परियोजना जिसकी कुल दूरी 170.70 किमी है तथा 12 स्टेशन हैं। इसका सर्वेक्षण कार्य पूरा हो चुका है तथा डीपीआर रेलवे बोर्ड को उपलब्ध करा दी गई है। इस पर अनुमोदन प्रतीक्षित है। देहरादून -सहारनपुर रेल परियोजना जिसकी कुल दूरी 92.60 किमी0 है तथा इसमें 8 स्टेशन है। इसका सर्वेक्षण कार्य गतिमान है।

इस अवसर पर देहरादून-सहारनपुर रेल परियोजना का सर्वेक्षण कार्य प्रगति पर है। हरिद्वार-देहरादून रेलवे लाइन के दोहरीकरण एवं देहरादून के हर्रावाला रेलवे स्टेशन के विकास पर भी चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त मेरठ से हरिद्वार तक रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के विस्तार की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। मुख्य सचिव ने बताया कि उत्तराखण्ड में दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों का रेल नेटवर्क से संयोजन, राज्य के औद्योगिक आर्थिक एवं सामाजिक विकास, विश्व प्रसिद्ध धामों, तीर्थ में वर्ष भर श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन तथा सामरिक महत्व के दृष्टिगत रेलवे का अवसंरचना की दृष्टि से विकास राज्य हेतु अत्यंत आवश्यक है।

मुख्य सचिव ने केन्द्रीय वित्त सचिव सहित विभिन्न मंत्रालयों के उच्चाधिकारीयों से की मुलाकात

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास सुदृढीकरण एवं सशक्तिकरण की दिशा में केंद्र सरकार से सहयोग सुनिश्चित करने के उद्देश्य से केंद्रीय वित्त सचिव अजय सेठ, व्यय सचिव डॉ. मनोज गोविल, तथा अपर सचिव संजन सिंह यादव से भेंट कर राज्य के लिए विशेष सहायता एवं अनुदान की मांग की। साथ ही, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव वी. उमाशंकर से मुलाकात कर देहरादून आउटर रिंग रोड की डीपीआर पर चर्चा की। यह परियोजना लगभग 51.59 किलोमीटर लंबी है, जिसे भविष्य में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा, मुख्य सचिव ने मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के लिए अतिरिक्त सहायता, मंदिरों के उच्चीकरण एवं संरक्षण हेतु अनुदान, तथा राज्य सरकार द्वारा भेजे गए लंबित प्रस्तावों पर शीघ्र कार्यवाही का अनुरोध किया।

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने केन्द्रीय नागरिक उड्डयन सचिव वी. वुलनम से भी भेंट कर देहरादून स्थित जौलीग्रांट हवाई अड्डे के विस्तार कार्यों में तेजी लाने तथा देहरादून एवं पंतनगर हवाई अड्डों पर रात्रिकालीन (नाईट लैंडिंग) उड़ानों की सुविधा शीघ्र प्रारंभ करने का अनुरोध किया, जिससे प्रदेश में हवाई संपर्क व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ की जा सके। उन्होंने यह भी अवगत कराया कि केदारनाथ एवं सहस्त्रधारा में एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) सुविधाओं की व्यवस्था की जा चुकी है, जिससे चारधाम यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर सेवाओं का संचालन अधिक सुरक्षित एवं सुचारु रूप से किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

मुख्य सचिव ने कौशल विकास सचिव अतुल तिवारी से मुलाकात कर प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत उत्तराखंड के युवाओं को विदेशों में रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के संबंध में चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हुनरमंद नौजवानों को वैश्विक मंच पर पहचान मिले और वे आत्मनिर्भर बन सकें इसके लिये युवाओं को देश विदेश में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराया जाना राज्य के युवाओं के हित में है। प्रदेश के युवा विभिन्न तकनीकी एवं व्यावसायिक क्षेत्रों में दक्ष हैं और उनके कौशल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए उपयुक्त मार्गदर्शन एवं अवसर प्रदान करना आवश्यक है।

मुख्य सचिव ने विदेश सचिव अरुण कुमार चटर्जी से भी मुलाकात कर भारत सरकार के विदेश मंत्रालय की भर्ती एजेंसियों के माध्यम से उत्तराखंड के युवाओं को विदेशों में रोजगार के अवसर प्रदान करने पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि इससे युवाओं को बेहतर करियर के लिए विकल्प मिलेंगे। दूरसंचार सचिव नीरज मित्तल से मुलाकात कर मुख्य सचिव ने टनकपुर क्षेत्र में नेटवर्क कनेक्टिविटी सुधारने एवं मोबाइल टावरों की संख्या बढ़ाने का अनुरोध किया। उन्होंने राज्य में बीएसएनएल 4जी सेवा के कार्यान्वयन को गति देने का भी आग्रह किया।

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने आपदा प्रबंधन विभाग की समीक्षा की

राज्य के अस्पतालों के डिजास्टर मैनेजमेंट प्लान की स्थिति का अपडेट लेते हुए मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सभी अस्पतालों के डिजास्टर मैनेजमेंट प्लान को एक माह में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। सीएस ने महानिदेशक स्वास्थ्य के कार्यालय में आपदा प्रबंधन हेतु नोडल अधिकारी की तत्काल तैनाती के निर्देश दिए हैं। इसके साथ उन्होंने सभी स्वास्थ्य विभाग को सभी जनपदों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के साथ जिला अस्पतालों की आपदा प्रबंधन रणनीति व वर्किंग प्लान पर बैठक करते हुए इस मुद्दे पर स्वास्थ्य महकमे को सेंसटाइज करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन आज उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के आईटी पार्क स्थित कार्यालय में प्राधिकरण की गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे।

भूकम्प संवेदी राज्य होने के दृष्टिगत मुख्य सचिव ने आपदा प्रबंधन विभाग को एनडीएमए के सहयोग से जल्द ही भूकम्प सम्बन्धित मॉक ड्रिल आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह मॉक ड्रिल सभी जिला मुख्यालयों में भी आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।

आपदा संवेदी राज्य में धरातल स्तर से आपदा प्रबंधन के प्रशिक्षण को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने आपदा प्रबंधन विभाग को विद्यालयी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा विभाग से समन्वय करते हुए सभी निजी एवं सरकारी स्कूल-कॉलेजों में प्रत्येक तिमाही एक दिन आपदा प्रबंधन पर विशेष रूप से भूकंप से सम्बन्धित अनिवार्यतः मॉक ड्रिल करवाने के निर्देश दिए हैं।

भूस्खलन जैसी बड़ी आपदाओं के सम्बन्ध में चारधाम यात्रा मार्ग पर पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने यात्रा मार्ग पर रियल टाइम वार्निंग सिस्टम लगाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव ने आपदा प्रबन्धन विभाग को आवास के निर्माण से सम्बन्धित दिशा निर्देशों के सख्ती से पालन करवाने के सम्बन्ध में निर्देश जारी करने को कहा है।

बैठक में सचिव एवं अपर सचिव आपदा प्रबंधन, उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के विभिन्न अधिकारी तथा विशेषज्ञ मौजूद रहे।