मुख्य सचिव ने बजरंग सेतु एवं हिलान्स हिमालयन भोजनालय का किया निरीक्षण

मुख्य सचिव आनंद बर्धन द्वारा जनपद टिहरी गढ़वाल क्षेत्रांतर्गत तपोवन स्थित बजरंग सेतु का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता ओम प्रकाश द्वारा सेतु की इंजीनियरिंग संरचना, तकनीकी विशेषताओं एवं निर्माण संबंधी पहलुओं की विस्तृत जानकारी मुख्य सचिव को प्रदान की गई। मुख्य सचिव ने परियोजना की प्रगति एवं सुरक्षा मानकों की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

तत्पश्चात मुख्य सचिव द्वारा नरेंद्रनगर विकासखंड अंतर्गत प्लास्डा स्थित हिलान्स हिमालयन भोजनालय का निरीक्षण किया गया। हिलान्स हिमालयन भोजनालय की संचालक बीना पुंडीर द्वारा भोजनालय में प्रतिदिन आने वाले ग्राहकों एवं दैनिक बिक्री से संबंधित जानकारी प्रस्तुत की गई। साथ ही रीप परियोजना से छह लाख, बैंक लोन तीन लाख एवं सीएलएफ कंट्रीब्यूशन एक लाख से अवगत कराया।

निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने भोजनालय परिसर के आसपास अधिकाधिक वृक्षारोपण सुनिश्चित करने तथा मेनू को स्पष्ट एवं सुव्यवस्थित रूप से डिस्प्ले करने के निर्देश दिए, जिससे पर्यटकों एवं आगंतुकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सके।

मुख्य सचिव ने कहा कि स्थानीय स्तर पर पर्यटन एवं आजीविका से जुड़े ऐसे प्रयासों को और अधिक सशक्त किया जाएगा, जिससे क्षेत्रीय विकास को गति मिल सके।

इस निरीक्षण के दौरान डॉ पंकज कुमार पांडेय (सचिव लोक निर्माण विभाग, औद्योगिक , खनन एवं आयुष विभाग), जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल, एसएसपी श्वेता चौबे, तपोवन नगर पंचायत अध्यक्ष विनीता बिष्ट, एसडीएम नरेंद्रनगर आशीष घिडियाल, डीडीओ मो. असलम, ईओ तपोवन अंजलि, बीडीओ श्रुति वत्स आदि संबंधित उपस्थित रहे।

सड़कों के पैचवर्क का काम जल्द पूरा हो-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में लोक निर्माण विभाग, एनएच और बीआरओ के प्रदेश में निर्माणाधीन और प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने मानसखण्ड कोरिडोर को राज्य सरकार का फ्लैगशिप कार्यक्रम बताते हुए इसमें प्रस्तावित कामों में तेजी लाने के निर्देश दिये। बजरंग सेतु को तय समय सीमा दिसम्बर 2022 तक पूर्ण करना सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो भी निर्णय लेने हैं उन पर बैठक में अंतिम रूप से तय कर लिया जाए। बैठकों का आउटपुट दिखना चाहिए।

डार्क स्पॉट का सर्वेक्षण कर जरूरी कदम उठाए जाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि जितने भी पुल और फ्लाईओवर हैं, वहां गति सीमा के बोर्ड लगाए जाएं। वहां ड्रैनेज की पूरी व्यवस्था हो। दुर्घटनाओं की दृष्टि से प्रदेश में डार्क स्पॉट का सर्वेक्षण कर जरूरी कदम उठाए जाएं। चारधाम यात्रा मार्ग और अन्य मार्गों पर सुरक्षा मानकों के अनुरूप क्रेश बैरियर में कुछ प्रगति हुई है, इसमें और तेजी लाई जाए। सड़कों के पैच वर्क का काम शीघ्रता से किया जाए।

लैंडस्लाइड जोन के ट्रीटमेंट प्लान पर गम्भीरता से काम हो
मुख्यमंत्री ने कहा कि लैंडस्लाइड जोन के ट्रीटमेंट प्लान पर गम्भीरता से काम किया जाए। जहां सम्भव हो, आपदा प्रबंधन के मिटीगेशन फंड से प्रस्ताव बनाया जाए। वर्षाकालीन में मलबा आने वाले स्थानों का स्थाई समाधान हो।

केंद्रीय योजनाओं की राज्य स्तर से जरूरी प्रक्रियाओं को समयबद्धता से पूर्ण करना सुनिश्चित हो
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार के स्तर से संबंधित सभी प्रकरणों पर विस्तृत विवरण बना लिया जाए। केन्द्रीय मंत्रालय के साथ बैठक से पहले हमारी पूरी तैयारी होनी चाहिए। राज्य स्तर से जरूरी प्रक्रियाओं को समयबद्धता से पूर्ण करना सुनिश्चित किया जाए।

बेस्ट प्रेक्टीसेज काम में ली जाएं
गढवाल-कुमाऊँ कनेक्टीवीटी के लिए ज्योलिकोट से कर्णप्रयाग मार्ग में तेजी लाई जाए। कैंचीधाम में बाईपास निर्माण के लिए आवश्यक प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए। शहरों में सङको की स्थिति के बारे में शहरी विकास, आवास और लोक निर्माण विभाग की बैठक आयोजित कर ली जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि काम की गुणवत्ता भी सुनिश्चित हो और सरलीकरण भी हो। बेस्ट प्रेक्टीसेज को प्रयोग में लाया जाए।

निर्माण कार्याे की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एसओपी निर्गत की जा रही
बैठक में बताया गया कि निर्माण कार्याे की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एसओपी निर्गत की जा रही है। मोबाइल लैब की व्यवस्था की कार्यवाही गतिमान है। ऑनलाइन एनआईएस लागू की गई है। ई ऑफिस से पत्रावलियों का निस्तारण किया जा रहा है।

बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम सहित लोक निर्माण विभाग, एनएच, बीआरओ के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।