गोदियाल को आड़े हाथों लेते हुए बोले मंदिर समिति अध्यक्ष, बोले मंदिर को चंदे में मिले दान को अपने चहेतों पर लुटाने वाले दे रहे ज्ञान

श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने गोदियाल के अनर्गल आरोपों को कांग्रेस के शर्मनाक कृत्यों से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया है। कहा, जिस तरह एक कार्यकर्ता और छात्रा की मौत के ग़मगीन माहौल में गोदियाल समेत तमाम कांग्रेसी अपने युवराज के स्वागत में बेशर्मी से नाचते नजर आए, वो उनकी खराब मानसिकता को दर्शाता है। वहीं पलटवार कर कहा, जिन्होंने समिति के करोड़ों रुपए के संसाधन अपनी सेवा में खर्च किए, जिन्होंने मंदिर को चंदे में मिले दान को अपने चहेतों पर लुटाया, उनका मंदिर पर ज्ञान और नैतिकता का पाठ देना दुर्भाग्यपूर्ण है। फिलहाल मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर गड़बड़ी और चोरी आदि सभी प्रकरण पर जांच चल रही है और जो भी दोषी पाया गया, उसे किसी कीमत पत्र बख्शा नहीं जाएगा।

पार्टी मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए, उन्होंने कहा, श्री बदरीनाथ और श्री केदारनाथ करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र हैं। यह किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं, बल्कि पूरे देश की श्रद्धा का विषय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के नेतृत्व में भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की सरकार कार्य कर रही है। वर्तमान गड़बड़ी और चोरी के सामने आए दुर्भाग्यपूर्ण प्रकरण को मुख्यमंत्री ने पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता से लिया है। उनके निर्देश पर उच्च स्तरीय जांच चल रही है, इसलिए हमारा उद्देश्य किसी को बचाना या इसकी छवि को खराब करना नहीं, बल्कि हम चाहते है कि सत्य सबके सामने आना चाहिए। इन सारे मामलों में तीन तरह की जांच चल रही है।

उन्होंने कहा कि एसआईटी, विभागीय जांच, और उच्च स्तरीय जांच राज्य स्तर पर कमिश्नर की अध्यक्षता में जांच गतिमान है। आज पूर्व अध्यक्ष, श्री बद्री-केदार मंदिर समिति और वर्तमान में कांग्रेस के अध्यक्ष, गणेश गोदियाल ने प्रेस वार्ता में कहा कि मंदिर के चंदा चोर आरोपों में जो दूसरा अभियुक्त गिरफ्तार हुआ है, उसने यह कहा है कि उसको ऊपर से निर्देश मिलते थे। मैं जानना चाहता हूँ कि गोदियाल जी को यह जानकारी कहाँ से मिली? क्या आरोपी से उनकी कोई बातचीत हुई है या पुलिस की जो जांच कर रही है, उसमें गोदियाल को कोई जानकारी प्राप्त हुई है? क्योंकि यह कहीं पर भी पब्लिक डोमेन में, मेरी जानकारी में यह बात नहीं है। और अगर यह बात झूठी है, तो मैं दावे के साथ कह सकता हूँ कि वह कहीं ना कहीं इस जांच को प्रभावित करने के लिए, दोषियों को बचाने के लिए, इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं।

वहीं जोर देते हुए कहा कि मंदिर में चंदा चोरी के जघन्य अपराध में जो भी कोई लिप्त होगा, उसको किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। हमारे प्रदेश क मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश हैं और इस प्रकरण में उन्होंने स्पष्ट कहा भी है कि कोई भी दोषी होगा, उसको किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। और मैं स्वयं इस बात के लिए प्रतिबद्ध हूँ कि इस मामले में दूध का दूध और पानी का पानी अलग होकर सबके सामने आना चाहिए।

कहा, गोदियाल से पूछना चाहता हूँ कि जब वह बद्रीनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष थे, तो क्या उन्हें सारे काम के निर्देश राहुल गांधी या प्रियंका गांधी जी से मिलते थे? अगर ऐसी परंपरा थी, जिसके आधार पर वह दावा कर रहे हैं, तो मैं उनको बताना चाहता हूँ कि यह भारतीय जनता पार्टी की परंपरा नहीं है। उनके यहाँ यह परंपरा रही होगी, शायद उसी परंपरा के आधार पर वह इस तरह की बेतुकी बातें कर रहे हैं। भाजपा में कभी भी किसी गलत काम को करने की शिक्षा नहीं दी जाती है। हमारी पार्टी सनातन के मार्गदर्शन में चलने वाली पार्टी है, जहाँ किसी को दिखाने के लिए ईमानदारी का ढोंग नहीं करना पड़ता है। हमारी पार्टी स्वयं से अनुशासित होकर, अनुशासित रहने का मंत्र देकर जनसेवा की सीख देती है।

​उन्होंने स्पष्ट किया कि हमारी लड़ाई किसी व्यक्ति से भी नहीं है, किसी दल से भी नहीं है, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए है। बद्री-केदार की पवित्रता और श्रद्धालुओं के विश्वास से कोई समझौता नहीं होगा। यदि कोई दोषी होगा, तो उसे कानून अपने अनुसार दंड मिलेग और यदि कोई निर्दाेष है, तो उस पर राजनीति करने के आरोप लगाने वालों को उनकी ही भाषा में करारा जवाब दिया जाएगा।

​कहा, जिस प्रकार उन्होंने आज कहा, जिस कर्मचारी के ऊपर यह आरोप लगे हैं वे मेरे करीबी थे, जबकि उसकी 2003 में नियुक्ति हुई थी। वह मुंबई में एक कंपनी थी, जिसमें वह कार्यरत था। वहाँ से वह आया था, उसको एक टेंपरेरी नौकरी वहाँ पर मिली थी, इंटरनेट कोऑर्डिनेटर के पद पर। लगातार वह इंटरनेट कोऑर्डिनेटर के पद पर काम कर रहा था। उसके बाद सरकार से जो 34 पद स्वीकृत होकर आए उसमें एक पद इंटरनेट कोऑर्डिनेटर का स्वीकृत होकर आया था। उन्होंने उसको स्थाई किया, उनके हस्ताक्षरों से वह स्थाई हुआ। उन्होंने सारे नियम-कानूनों को साइड रखते हुए, एक्ट का उल्लंघन करते हुए, आखिर उस 34 लोगों में से उसी कर्मचारी को वैयक्तिक सहायक के पद पर सीधे बिठा दिया! जबकि इंटरनेट कोऑर्डिनेटर के पद का कोई वहाँ पर समायोजन का कोई प्रावधान नहीं है। आप पद को समायोजित नहीं कर सकते हैं। आज की तारीख में भी वह इंटरनेट कोऑर्डिनेटर का पद यहाँ पर खाली है विभाग के अंदर। और उन्होंने सीधे उसको वैयक्तिक सहायक पर पदोन्नति देकर, जो 1984 से एक पद खाली था। आखिर उनका ऐसा क्या प्रेम था? सिर्फ एक व्यक्ति को ही लगातार उन्होंने दो प्रोन्नति दे दी! 2800 ग्रेड पे से सीधे 4600 के पद पर लेकर आ गए!

​वहीं बतौर अध्यक्ष समिति के संसाधनों के दुरुपयोग और वित्तीय डकैती के आरोप लगाते हुए कहा, वह बार-बार यह कहते हैं साहब कि वैयक्तिक सहायक को अपने साथ ले गए। जबकि मैंने14 महीने का मेरा कार्यकाल है, मैंने एक भी बद्री-केदार मंदिर समिति का स्टाफ अपने साथ में नहीं रखा हुआ है। और इस बार की जो यात्रा वह ऐतिहासिक यात्रा रही है। इतनी अधिक संख्या में देश भर से तीर्थयात्री वहाँ पर आए। और मंदिर समिति के पास आप जानते हैं कि सीमित स्टाफ है। हमने निर्णय लिया कि सारा स्टाफ फील्ड में काम करेगा। कोई मेरे पास एक स्टाफ नहीं रहता है। जो आज यह बात कह रहे हैं, 10-10 लोगों का स्टाफ उनके घरों में, उनके विद्यालय में, उनके राजनीतिक फील्ड में हमेशा रहा है। उन्होंने किस तरह से मंदिर समिति का दुरुपयोग किया, किस तरह से लूटपाट मचाई, उसके प्रमाण पुख्ता हैं। 2025 में, यह कमिश्नर, तत्कालीन कमिश्नर सुशील कुमार की जांच रिपोर्ट में वह सारी चीजें यहाँ पर आई हुई हैं। गोदियाल कहते हैं कि श्मैं ₹1 भी नहीं लेता हूँ जबकि वे विधानसभा में सदस्य थे? विधायक की तनख्वाह वहाँ से लेते थे और सारा लाभ संसाधन करोड़ों रुपए का आपने बद्री-केदार मंदिर समिति से लिया था। थे!

​आरोप लगाते हुए कहा, उन्होंने अपने उस 5 साल के कार्यकाल में अधीनस्थ मंदिरों में, धर्मशालाओं मेंकृ27 धर्मशालाएं हैं हमारी, 7 हमारे संस्कृत विद्यालय हैंकृउन पर कहीं पर भी उन्होंने ₹1 भी खर्च नहीं किया। और लाखों-करोड़ों रुपया बाहर खर्च किया। इससे भी ज्यादा देखिए कि मंदिर समिति के उन्होंने जो बजट था, उसमें साफ एक्ट में प्रावधान है, क्योंकि मंदिर की आय का स्रोत दान के पैसों से, जो दानदाता हैं, उन दानदाताओं से ही मंदिर का खर्चा चलता है। लेकिन उन्होंने सारे एक्ट को, सारे नियम-कानूनों को धता बताते हुए, उन्होंने अपनी विधानसभा क्षेत्र के अंदर पैसा लगाया, उन्होंने जो अपना कॉलेज है वहाँ पर, उस कॉलेज के अंदर पैसा लगाया। उन्होंने विवेकाधीन कोष जैसे ही मंदिर समिति के धन का दुरुपयोग किया। वह चोरी की बात कर रहे हैं, चंदा चोरी? उन्होंने तो डकैती मचाई। उस चंदा डकैत ने जैसे विवेकाधीन कोष से पैसा बांटा जाता है, व्यक्तिगत लोगों को उन्होंने कई लोगों को अपनी विधानसभा के अंदर 25,000, 50,000, 1 लाख, 2 लाख, 5 लाख दिया। उन्होंने ऐसा पैसा लुटाया है और आज वह यह दुहाई देते हैं कि चंदा चोरी! चंदा चोरी!

​जबकि यह घटना हमारे संज्ञान में आई, तत्काल कठोर कार्रवाई करते हुए शो-कॉज नोटिस जारी किए, जांच समिति बना दी। माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर तत्काल उन्होंने इसकी गंभीरता को देखते हुए इस पर। इसका संज्ञान लिया और उसके बाद उन्होंने इस पर उच्च स्तरीय कमेटी बना दी और जांच आज भी गतिमान है। लगातार उसमें जो है कि जो भी इसमें संलिप्त होंगे, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई हो रही है, वह जेल जा रहे हैं। लेकिन वह किस तरह से इसका राजनीतिकरण कर रहे हैं और किस तरह से लोगों को वह दिग्भ्रमित कर रहे हैं?

अभी हाल ही में परसों देखिए आप, उनकी तो संवेदनाएं मर चुकी हैं। उनके अंदर ना संवेदनाएं हैं, ना मर्यादाएं हैं। आज जिस बिटिया ने आत्महत्या की थी, उसकी फोटो लगी है उस मंच में, उसके पिताजी उस मंच पर खड़े हैं। और उसी दिन शाम को जो है कि एक कांग्रेस कार्यकर्ता की जो है कि वहाँ पर जो है कि मृत्यु हो जाती है, एक दुर्घटना घट जाती है। और देखिए वह किस प्रकार से डांस कर रहे हैं! किस प्रकार से वह नाच रहे हैं वहाँ पर! कुछ तो शर्म करे कांग्रेसी। जो वहां डांस कर रहे हैं उनकी संवेदनाएं खत्म हो गई थी और अब पोल खुल गई तो भ्रमित करने के लिए, इस मुद्दे को भटकाने के लिए, मर्यादा की बात करते हैं उनका कार्यकर्ता, वह किस तरह से उसने अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया है और किस तरह से उसने सोशल मीडिया पर महिलाओं के खिलाफ उन्होंने किस तरह का किस तरह की बातें कही हैं।आपको तो किसी पर भरोसा ही नहीं! देश के निर्वाचन आयोग पर भरोसा नहीं है, देश की सीबीआई पर भरोसा नहीं है, देश की किसी जांच एजेंसी पर आपको भरोसा नहीं है। फिलहाल जांच होने दीजिए, जांच आने दीजिए, दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।

इस दौरान पत्रकार वार्ता में प्रदेश सह मीडिया प्रभारी राजेंद्र नेगी, प्रदेश प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी एवं मीडिया संपर्क संयोजक हरीश चमोली भी मौजूद थे।

सीएम धामी ने राज्य स्थापना दिवस पर दी प्रमुख उपलब्धियों की जानकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बलवीर रोड स्थित भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय में प्रेस वार्ता करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड राज्य निर्माण की रजत जयंती के उपलक्ष्य में प्रदेशभर में रजतोत्सव समारोह आयोजित किए जा रहे हैं। प्रदेशभर में 01 नवम्बर को इगास पर्व से 11 नवम्बर 2025 तक विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी का स्मरण कर उन्हें नमन किया और कहा कि उनके प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान ही हमें नया राज्य प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि यह हम सबके लिए गर्व का विषय है कि उत्तराखण्ड 25 वर्षों की उल्लेखनीय यात्रा पूर्ण कर विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2047 तक विकसित और आत्मनिर्भर भारत का संकल्प देशवासियों के सामने रखा है। वर्ष 2050 उत्तराखण्ड राज्य स्थापना का स्वर्ण जयंती वर्ष होगा। आने वाले इन 25 वर्षों के लिए राज्य सरकार एक नया रोडमैप बनाकर आगे बढ़ेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने देश की सीमाओं पर बलिदान देने वाले जवानों और राज्य आंदोलन के बलिदानियों को भी नमन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के रजतोत्सव समारोह के अंतर्गत 03 और 04 नवम्बर को देहरादून में विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित किया जा रहा है, जिसमें 03 नवम्बर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु विशेष सत्र को संबोधित करेंगी, जो राज्य के लिए गौरव का विषय है। इस विशेष सत्र में राज्य को आगे ले जाने की दिशा में विचार-विमर्श होगा तथा बीते 25 वर्षों के अनुभवों पर चर्चा की जाएगी। 09 नवम्बर को राज्य स्थापना दिवस पर मुख्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। रजतोत्सव समारोह का केंद्रबिंदु संस्कृति, पर्यटन, युवाशक्ति, प्रवासी उत्तराखण्डी तथा राज्य आंदोलनकारी रहेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल सरकारी आयोजन नहीं, बल्कि जनभागीदारी का उत्सव है। प्रत्येक नागरिक और जनपद को इस उत्सव से जोड़ने का उन्होंने आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि रजत जयंती वर्ष केवल उत्सव नहीं, बल्कि आत्ममंथन और संकल्प का अवसर है। इसी क्रम में अगले 25 वर्षों के लिए खाका भी प्रस्तुत किया जाएगा, जिसका लक्ष्य समृद्ध, आत्मनिर्भर और सशक्त उत्तराखण्ड का निर्माण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते वर्षों में राज्य सरकार द्वारा अनेक उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है जिसने समान नागरिक संहिता लागू की है। साथ ही भूमि कानून, धर्मांतरण विरोधी, नकल विरोधी और दंगारोधी कानून लागू कर सुशासन की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। राज्य आंदोलनकारियों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत और महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है, जबकि सहकारी समितियों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में 3.56 लाख करोड़ रुपये के एमओयू साइन हुए और एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की ग्राउंडिंग हो चुकी है। राज्य का बजट पहली बार एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रस्तुत किया गया है। स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि राज्य में 58 लाख आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए हैं, मातृ मृत्यु अनुपात में उल्लेखनीय कमी आई है, लखपति दीदी योजना से 1 लाख 65 हजार से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बनी हैं और वृद्धावस्था पेंशन को बढ़ाकर 1500 रुपये किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था का आकार 26 गुना बढ़ा है और प्रति व्यक्ति आय में 17 गुना वृद्धि हुई है। धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के पुनरोद्धार के लिए केदारनाथ पुनर्निर्माण और बद्रीनाथ धाम के मास्टर प्लान और मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के तहत कार्य प्रगति पर हैं। दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड रोड और ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन जैसी परियोजनाएं राज्य के विकास को नई दिशा देंगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार पलायन रोकथाम और सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम, स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप और मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना जैसी पहलें संचालित कर रही है।

भाजपा प्रदेश कार्यालय में हुआ दीपावली मिलन समारोह, सीएम धामी भी पहुंचे

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज देहरादून स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित दीपावली मिलन समारोह में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया तथा दीपावली पर्व पर आयोजित पूजा-अर्चना में भी भाग लिया।

कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, नरेश बंसल, विधायक सुरेश गढ़िया, खजान दास सहित अनेक विधायकगण, प्रदेश पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं संगठन के विभिन्न पदाधिकारी उपस्थित रहे। दीपावली के इस शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह पर्व प्रकाश, सद्भाव, समृद्धि और सकारात्मकता का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि दीपावली का यह पर्व देश के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए भी विशेष महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी लागू की गई है, जिससे देशभर में व्यापारिक वातावरण और अधिक सरल हुआ है। उन्होंने कहा कि जीएसटी की दरों में कमी आने से यह दीपावली “महा बचत उत्सव” के रूप में मनाई जा रही है, जिससे व्यापारियों के साथ-साथ उपभोक्ताओं को भी बड़ा लाभ हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों से स्वदेशी अपनाने और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का आह्वान किया है। आज भारत मात्र एक बड़ा बाजार नहीं रह गया है, बल्कि एक उभरती हुई वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित हो रहा है। उन्होंने कहा कि हाल ही में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने भी कहा है कि वर्ष 2028 तक भारत विश्व की सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनने की दिशा में अग्रसर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें स्वदेशी उत्पादों को अपनाकर प्रधानमंत्री के “वोकल फॉर लोकल” के संकल्प को आगे बढ़ाना चाहिए। यह न केवल देश की अर्थव्यवस्था को सशक्त करेगा, बल्कि लाखों युवाओं को रोजगार के अवसर भी प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी प्रधानमंत्री के विज़न के अनुरूप उत्तराखंड को आत्मनिर्भर, सशक्त और समृद्ध बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने सभी उपस्थित जनों से आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।

सीएम ने दी दिवंगत विधायिका को अंतिम श्रद्धांजलि, निधन पर जताया दुःख

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बलबीर रोड, स्थित भाजपा कार्यालय में केदारनाथ विधायक शैलारानी रावत के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने विधायक शैलारानी रावत के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि उनका निधन पूरे प्रदेश एवं पार्टी के लिए अपूरणीय क्षति है। वे अपनी विधानसभा की जन समस्याओं के समाधान के लिए हमेशा तत्पर रहती थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शैलारानी रावत केदारनाथ विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए हमेशा समर्पित भाव से कार्य करती थी और जनता की समस्याओं को सरकार एवं शासन स्तर पर प्राथमिकता से रख कर उनका समाधान करवाती थी। उन्होंने हमेशा समाज के अंतिम छोर में खड़े लोगों की आवाज को उठाने और समाधान की ओर ले जाने का कार्य किया। उनका सरल, सहज एवं मृदुभाषी व्यक्तित्व था।

मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने एवं शोक संतप्त परिजनों और शुभचिंतकों को दुःख की इस घड़ी में धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से कामना की है। उन्होंने कहा कि शैलारानी रावत की कर्तव्यनिष्ठा और जनसेवा के प्रति समर्पण भाव को सदैव याद रखा जायेगा।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, रेखा आर्या, सौरभ बहुगुणा, सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत, विधायक उमेश शर्मा काऊ, खजान दास, रेनू बिष्ट, सुरेश सिंह चौहान एवं पार्टी पदाधिकारियों ने शैलारानी रावत को श्रद्धांजलि दी।

भाजपा प्रदेश कार्यालय में सीएम ने देवतुल्य जनता का आभार जताया


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारतीय जनता पार्टी को उत्तराखण्ड में लोकसभा चुनाव में सभी पांचों सीटों पर विजयी बनाये जाने पर ’प्रदेश की देवतुल्य जनता का आभार व्यक्त किया है’। मुख्यमंत्री ने ’इस विजय को पार्टी कार्यकर्ताओं, सभी पदाधिकारियों की मेहनत एवं मार्गदर्शन का प्रतिफल बताया है।’

मुख्यमंत्री ने प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को शुभकामनायें देते हुए कहा कि ’हमारे लिए यह जनादेश प्रदेश की देवतुल्य जनता की और अधिक मनोयोग से जनसेवा की प्रेरणा देने वाला है।’
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सर्वांगीण विकास हेतु प्रदेश की जनता ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित जन कल्याणकारी कार्यों पर भी अपनी मुहर लगाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ’आज ऐतिहासिक दिन है जब भाजपा और एनडीए गठबंधन को देश की जनता ने बहुमत देकर फिर से सरकार में आने का अवसर दिया है।’ ’”प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट के नेतृत्व में हमें यह सफलता मिली है।”’ हम सब उनका अभिनंदन करते है।

मुख्यमंत्री ने सभी का दिल की गहराइयों से धन्यवाद करते हुए कहा कि पार्टी हमारी माँ है और माँ के इस प्रांगण में वे सबका स्वागत एवं अभिनंदन करते है। इस चुनाव अभियान में आप सभी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। पिछले 10 सालों में आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गरीब कल्याण, महिला उत्थान के लिए कई योजनाएं चलाई गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उत्तराखण्ड के प्रति विशेष लगाव है तथा देवभूमि प्रधानमंत्री के दिल में बसता है, जिसके फलस्वरूप उन्होंने दो लाख करोड़ से अधिक की योजनाओं की स्वीकृति उत्तराखण्ड को प्रदान की। उन्होंने विभिन्न योजनाओं का जिक्र करते हुये कहा कि देहरादून-दिल्ली एलीवेटेड रोड जल्दी ही पूरा होने वाला है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का निर्माण अपने अंतिम चरण में है, जिससे पहाड़ में रेल का सपना साकार होगा। टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन पर तेजी से कार्य हो रहा है, लाखों श्रद्धालु चारधाम यात्रा की यात्रा कर रहे हैं, मानसखण्ड के तहत हजारों श्रद्धालु कैंचीधाम की यात्रा कर रहे हैं, आदि कैलाश की यात्रा करके प्रधानमंत्री ने लोगों का ध्यान उस ओर आकर्षित किया। इसके अतिरिक्त समान नागरिक संहिता विधेयक को कानून के रूप में मान्यता मिल गयी है, दंगा रोधी कानून, राज्य में निवेश लाने सहित सभी काम डबल इंजन की सरकार में हुये हैं।

उन्होंने कहा कि ’उत्तराखण्ड में लोकसभा की पांचों सीटों पर जीत हम सबका प्रोत्साहन बढ़ाने एवं गुरूतर दायित्व के बोध के साथ ही जन-जन तक पहुंच बनाए जाने का साधन बनेगा।