महिला दिवस पर वरिष्ठ महिलाओं को सम्मानित कर सीएम बोल,“पहाड़ की असली ताकत उसकी मातृशक्ति”

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सेवक सदन, देहरादून में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर वरिष्ठ मातृशक्ति का सम्मान “नारी तू नारायणी” कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षा, समाज सेवा, उद्यमिता, पर्यावरण संरक्षण, कृषि, संस्कृति, जल संरक्षण जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाली राज्यभर से 38 वरिष्ठ महिलाओं को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने सभी को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि आज उन महिलाओं का सम्मान हो रहा है, जिनके त्याग, संघर्ष, स्नेह और संस्कारों ने परिवार, समाज और राष्ट्र की नींव को मजबूत किया है। उन्होंने कहा महिलाओं के स्नेह, त्याग और आशीर्वाद से पीढ़ियाँ आगे बढ़ती हैं और समाज निरंतर प्रगति करता है। महिलाएं, मां के रूप में अपने जीवन के प्रत्येक सुख को त्यागकर अपने बच्चों को आगे बढ़ाती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा वरिष्ठ महिलाएं, परिवारों के साथ संस्कृति, परंपरा और जीवन मूल्यों की रक्षक भी हैं।उन्होंने कहा उत्तराखंड की मातृशक्ति का योगदान और भी अधिक प्रेरणादायी और गौरवपूर्ण है। हमारे प्रदेश की महिलाएं परिवार को संभालने के साथ खेत-खलिहानों को संवारती हैं। राज्य की महिलाएं कठिन परिस्थिति में भी मजबूती से आगे बढ़ती हैं। उत्तराखंड की माताओं ने अपने त्याग, परिश्रम और अदम्य साहस से इस राज्य को आगे बढ़ाया है। पहाड़ की असली ताकत उसकी मातृशक्ति है।

मुख्यमंत्री ने कहा वरिष्ठ नागरिकों, वृद्ध माताओं की सेवा करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। राज्य सरकार, महिलाओं-विशेषकर वरिष्ठ महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेकों कल्याणकारी योजनाएँ चला रही है। राज्य सरकार, वृद्धावस्था पेंशन योजना, विधवा पेंशन योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है। बुजुर्गों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के साथ राज्य के विभिन्न जिलों में वृद्धाश्रमों की व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क धार्मिक यात्राओं की सुविधा दे रही है। उन्होंने कहा सरकार का संकल्प है कि उत्तराखंड की हर वृद्ध माता को सम्मान, सुरक्षा और आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने का पूरा अवसर मिल सके।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाली महिलाएं समाज के लिए भी प्रेरणादाई होती हैं। उन्होंने कहा जो व्यक्ति सक्रिय रहेगा वही जीवंत भी रहेगा। सक्रियता जीवन को संपन्न बनती है। उन्होंने कहा महिला सशक्तिकरण की शुरूआत स्वयं अपने घर से शुरू होकर समाज और देश में जाएगी। महिलाएं हमेशा अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा से करती है। महिला शक्ति ही वह शक्ति है जो परिवार के साथ समाज और देश का भी निर्माण करती हैं।

कैबिनेट मंत्री ने बताया कि आज जिन वरिष्ठ महिलाओं को सम्मानित किया जा रहा है, उनका जीवन संघर्ष, धैर्य और समाज के प्रति समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनका अनुभव और मार्गदर्शन समाज की अमूल्य धरोहर है।

सचिव चंद्रेश कुमार यादव ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस कार्यक्रम की मुख्य थीम “Give to Gain निर्धारित की गई है। इस थीम के अनुरूप ऐसे वरिष्ठ महिलाओं को सम्मानित किया जा रहा है, जो 60 वर्ष से अधिक आयु होने के बावजूद भी सक्रिय, आत्मनिर्भर और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दे रही हैं। वरिष्ठ महिलाओं के चयन की प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रतिनिधिक बनाने के लिए प्रत्येक जनपद से निम्न आय वर्ग, मध्यम आय वर्ग एवं उच्च आय वर्ग से एक-एक महिला का चयन किया गया है। इसके लिए जनपद स्तर पर समिति का गठन करते हुए पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से चयन सुनिश्चित किया गया है, ताकि समाज के विभिन्न वर्गों की प्रेरणादायी महिलाओं को सम्मानित किया जा सके।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनपद देहरादून से पार्वती देवी नेगी, मीना रवि, डा० ज्योति मरवाह, जनपद नैनीताल से धनुली नेगी, मीनू जोशी, लता हर्बोला, जनपद रुद्रप्रयाग से भादी देवी, गीता नौटीयाल, रामेश्वरी भट्ट जनपद चंपावत से उर्मिला चन्द, जनपद पौड़ी गढ़वाल से डॉ कु० उर्मिला राणा, कमला नेगी, पार्वती देवी, जनपद अल्मोडा से मनोरमा जोशी, हेमलता वर्मा, कामिनी कश्यप, जनपद उत्तरकाशी से सरतमा देवी, विशाला भण्डारी, शन्ति ठाकुर।

जनपद चमोली से सुशीला सेमवाल, चद्रकला बिष्ट, कलावती देवी, मुन्नी देवी, जनपद बागेश्वर से नीमा दफौटी, नारायणी देवी, गंगा राम, जनपद टिहरी गढ़वाल से सोबती देवी, लता देवी, प्रभा रतूड़ी, जनपद ऊधम सिंह नगर से मीना शर्मा, आशा मुन्जाल, इन्द्रा मिश्रा, हरिद्वार से सैयदा खातुन, बाला देवी उर्फ ब्रज किशोरी, कान्ति एवं पिथौरागढ़ दुर्गा खड़ावत, शकुलन्ता दयाल, देवकी जोशी को सम्मानित किया।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष उत्तराखंड जनजाति सलाहकार परिषद गीता राम गौड़, निदेशक बीएल राणा, विक्रम सिंह, एस के त्रिपाठी, मोहित चौधरी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

केंद्रीय गृहमंत्री ने ‘जन जन की सरकार, 4 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम के तहत हरिद्वार में आयोजित विशाल जनसभा को किया संबोधित

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने हरिद्वार के बैरागी कैम्प में ‘जन जन की सरकार, 4 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम में उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित किया।
केंद्रीय गृह मंत्री ने संबोधन की शुरुआत उत्तराखंड राज्य आंदोलन से करते हुए कहा कि, उत्तराखंड के युवाओं को अपनी पहचान, संस्कृति बचाने के साथ ही अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरना पड़ा, लेकिन इसके लिए उन्हें रामपुर तिराहा कांड जैसी हिंसा का सामना करना पड़ा। इसके बाद केंद्र में भाजपा सरकार बनने पर तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई ने उत्तराखंड के साथ ही झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों का निर्माण करने का निर्णय लिया, आज ये तीनों राज्य तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर हैं। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि उन्होंने कहा था कि उत्तराखंड को अटल जी ने बनाया है, अब इसे संवारने का काम मोदी जी करेंगे, इसी क्रम में 2017 से 2026 तक का कालखंड, उत्तराखंड के विकास को समर्पित रहा है। उन्होंने कहा कि बीते चार सालों में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड की सभी समस्याओं को चुन- चुन कर समाप्त करने का काम किया है। इस कारण उत्तराखंड अब दोगुनी रफ्तार से विकास के रास्ते पर बढ़ रहा है।

*तीन साल के भीतर मिलेगा न्याय*
केंद्रीय गृह मंत्री ने सभी लोगों खासकर अधिवक्ता वर्ग से अपील करते हुए कहा कि वो नई न्याय संहिता पर लगाई गई प्रदर्शनी का जरूर अवलोकन करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंग्रेजों के बनाए डेढ़ सौ साल पुराने कानूनों को बदलने का काम किया है, 2028 में नई न्याय संहिता के सभी प्राविधान पूरी तरह अमल में आ जाएंगे। इसके बाद किसी भी मामले में थाने में एफआईआर दर्ज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट तक फैसला आने में अधिकतम तीन वर्ष का समय लगेगा। उन्होंने इसे दुनिया की सबसे आधुनिक ओर वैज्ञानिक न्याय सहिंता करार दिया।
केंद्रीय गृह मंत्री ने सीएए कानून के तहत भारत की नागरिकता प्राप्त करने वाले शरणार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि, पाकिस्तान, अफगानिस्तान से आने वाले हिंदू, सिख, बौध और जैन शरणार्थियों का इस देश पर उतना ही अधिकार, जितना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का है। लेकिन अब तक तुष्टिकरण की नीति के चलते उन्हें भारतीय नागरिकता से विंचित रखा गया। ये शरणार्थी अपना धर्म और परिवार की इज्जत बचाने के लिए, भारत में आए हैं, इसलिए वो किसी के भी विरोध के बावजूद, ऐसे लोगों को भारतीय नागरिकता देने के निर्णय पर अडिग रहेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धारा 370 समाप्त करने, सीएए कानून बनाने, साढे पांच सौ साल बाद अयोद़धा में राम मंदिर बनाने, बद्रीनाथ – केदारनाथ पुननिर्माण, महाकाल लोक और काशी विश्वनाथ कॉरिडोर कई एतिहासिक कार्य किए हैं।

*नकल विरोधी कानून से आई पारदर्शिता*
केंद्रीय गृह मंत्री ने शनिवार को उत्तराखंड पुलिस में आरक्षी के तौर पर नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले 1900 युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि उत्तराखंड में अब बिना पर्चा और बिना खर्चा के सरकारी नौकरियां मिल रही हैं। इसके लिए पुष्कर सिंह धामी कठोर नकल विरोधी कानून लेकर आए हैं। जिससे रोजगार के क्षेत्र में पारदर्शिता कायम हुई है। केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि 2027 में हरिद्वार में कुंभ मेला आयोजित होने जा रहा है। हरिद्वार कुंभ आने वाले सभी रिकॉर्ड तोड़ने का काम करेगा। उन्होने केंद्र सरकार की ओर से जारी वाइब्रेंट विलेज योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सीमांत गांवों को प्रथम गांव का सम्मान दिया है। जिसका मुख्य उद्देश्य सीमांत का पलायन रोकना है, उत्तराखंड के लिए यह योजना विशेषकर लाभकारी होने जा रही है।

*केदारनाथ से कन्याकुमारी तक बाहर होंगे घुसपैठिया*
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड में 10 हजार एकड़ सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रशंसा करते हुए कहा कि, सरकार केदारनाथ से कन्याकुमारी तक एक- एक घुसपैठिया को देश से बाहर निकालने के लिए संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। उन्होंने यूसीसी लागू करने के लिए भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रशंसा करते हुए कहा कि यूसीसी, डेमोग्राफी में आए अप्राकतिक बदलाव को रोकने का काम करेगी। केंद्रीय गृह मंत्री ने एसआईआर का उल्लेख करते हुए कहा कि जो भारत का नागरिक नहीं है, उसका नाम वोटर लिस्ट से कटना ही चाहिए, लोकतंत्र की रक्षा के लिए वोटर लिस्ट का शुद़ध होना जरूरी है।

*उत्तराखंड के लिए केंद्रीय सहायता बढ़ी*
केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि 2004 से 2014 के बीच उत्तराखंड को केंद्र सरकार से सिर्फ 54 हजार करोड़ मिले, जबकि इसके बाद से उत्तराखंड को केंद्र से एक लाख 87 हजार करोड़ रुपए मिल चुके हैं, इसके अलावा केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखंड में हजारों करोड़ रुपए की ऑलवेदर रोड, दिल्ली – देहरादून इकानॉमिक कॉरिडोर, रेल, सड़क और परियोजनाओं पर भी काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि 2014 में उत्तराखंड की प्रति व्यक्ति आय 1 लाख 25 हजार रुपए थी जो अब बढ़कर 2 लाख 60 हजार हो चुकी है। जीएसडीएपी भी एक लाख 50 हजार करोड़ से बढ़कर तीन लाख पचास हजार करोड़ हो चुकी है।

आपदा राहत में सीएम धामी व पूर्व मंत्री अग्रवाल देंगे अपने एक माह का वेतन

उत्तरकाशी जिले के धराली एवं हर्षिल क्षेत्र में हाल ही में आई आपदा के दौरान राज्य सरकार द्वारा युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य संचालित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पूर्व मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने अपने एक माह के वेतन को आपदा राहत कार्यों हेतु प्रदान करने की घोषणा की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रभावित लोगों के साथ हर कदम पर खड़ी है और इस कठिन परिस्थिति में सभी को एकजुट होकर पीड़ितों की सहायता करनी चाहिए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, स्वयंसेवी संगठनों एवं आम नागरिकों से भी अपील की कि वे अपनी क्षमता के अनुसार राहत कार्यों में सहयोग करें।

मुख्यमंत्री धामी स्वयं राहत एवं बचाव कार्यों की निरंतर निगरानी कर रहे हैं तथा प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने के निर्देश दे चुके हैं।

पंचायत चुनाव के लिए यूएसनगर में मुख्यमंत्री ने माता के साथ किया मत का प्रयोग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के क्रम में राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय नगला तराई, जिला ऊधमसिंह नगर में बूथ न0 3 पर लाईन में लगकर मतदान किया। मुख्यमंत्री के साथ उनकी माता बिशना देवी ने भी मतदान किया।

मुख्यमंत्री ने सभी ग्रामीण मतदाताओं से त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में उत्साह पूर्वक मतदान करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मतदाता का एक-एक वोट राज्य में पंचायतों को मजबूत करने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।

सीएम धामी ने प्रदेशवासियों से मतदान करने की अपील की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के अंतर्गत कल होने वाले मतदान के लिए प्रदेशवासियों से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पंचायतें ग्रामीण विकास की आधारशिला हैं और इन चुनावों में प्रत्येक मतदाता की सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती मतदाता की जागरूकता और सहभागिता पर निर्भर करती है। त्रिस्तरीय पंचायत प्रणाली के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास योजनाओं का संचालन होता है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के मतदाताओं से विशेष रूप से युवाओं, महिलाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों से अपील की है कि वे अधिकाधिक संख्या में मतदान केंद्रों तक पहुँचकर लोकतंत्र को सशक्त बनाएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मतदाता का एक-एक वोट राज्य के भविष्य को गढ़ने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।
———————————–
मुख्यमंत्री धामी ने कांवड़ मेले के सफल एवं सकुशल आयोजन पर शासन, प्रशासन एवं पुलिस को दी बधाई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 2025 के कांवड़ मेले के सफल, सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण समापन पर समस्त शासन, प्रशासन, पुलिस विभाग, एवं मेला आयोजन से जुड़े सभी कर्मियों को बधाई एवं धन्यवाद दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि करोड़ों की संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के सुरक्षित आवागमन, सुव्यवस्थित व्यवस्था एवं बेहतर प्रबंधन हेतु सभी संबंधित विभागों ने समन्वय एवं सजगता से कार्य किया, जिसके फलस्वरूप यह विशाल धार्मिक आयोजन सकुशल सम्पन्न हो सका।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि है और यहाँ आयोजित होने वाले धार्मिक आयोजनों में देश-विदेश से श्रद्धालु बड़ी संख्या में भाग लेते हैं। ऐसे आयोजनों में सुरक्षा, यातायात, चिकित्सा, स्वच्छता एवं अन्य सुविधाओं का सुनियोजित प्रबंधन आवश्यक होता है, जिसे सभी के द्वारा सराहनीय रूप से किया गया।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से राज्य पुलिस, आपदा प्रबंधन टीम, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, परिवहन विभाग, स्वयंसेवी संगठनों तथा आम जनता के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि यह सामूहिक प्रयास उत्तराखण्ड की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को और सशक्त करता है।
——————————–

आईआईटी मद्रास में चयनित रुद्रप्रयाग के अतुल से सीएम धामी ने की फोन पर बात, दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुद्रप्रयाग जिले के आई आई टी मद्रास में चयनित युवा अतुल से दूरभाष पर बात कर उन्हें शुभकामनाएं दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अतुल ने अपनी मेहनत से अन्य लोगों को प्रेरित किया है। उन्होंने कहा सामान्य परिस्थितियों में भी यदि व्यक्ति संकल्प लेकर काम करता है तो उसके सपने जरूर पूरे होते हैं। जीवन में कोई चीज असंभव नहीं है। उन्होंने कहा अतुल ने प्रत्येक उत्तराखंडी को गौरवान्वित और प्रेरित किया है। मुख्यमंत्री ने अतुल को भी हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया।

गौरतलब है कि रुद्रप्रयाग जिले के अतुल ने केदारनाथ में घोड़े खच्चर चलाकर अपनी पढ़ाई का खर्च निकाला। इसके साथ ही अपनी मेहनत और संघर्ष की बदौलत उनका आईआईटी मद्रास में चयन हुआ है।

आरएसएस राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित, एक अनुशासित और आध्यात्मिक चेतना से ओतप्रोत संगठन: धामी

सीएम धामी ने कहा कि हमारी सरकार ने हाल ही में प्रदेश के सरकारी स्कूलों में श्रीमद्भगवद्गीता के पाठ को अनिवार्य कर एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहल भी प्रारंभ की है। हमारी सरकार ने राज्य में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून की स्थापना करने के उद्देश्य से देश में सबसे पहले “समान नागरिक संहिता” कानून को लागू करने का ऐतिहासिक निर्णय भी लिया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार देवभूमि उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने के प्रति पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध है। हमने प्रदेश में एक ओर जहां धर्मांतरण विरोधी और सख्त दंगारोधी कानूनों को लागू किया है वहीं लैंड जिहाद, लव जिहाद और थूक जिहाद जैसी जिहादी मानसिकताओं के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “लैंड जिहाद” माफिया प्रदेश में बिना डर के हरा, नीला या पीला कपडा डालकर बेशकीमती सरकारी जमीनों पर कब्जा कर रहे थे। हमने प्रदेश में इस सुनियोजित लैंड जिहाद पर कड़ी कार्रवाई करते हुए सात हजार एकड़ से अधिक की सरकारी भूमि को लैंड जिहादियों से मुक्त कराया है। इसके साथ ही 200 से अधिक अवैध मदरसों को सील करने के साथ ही 500 से अधिक अवैध संरचनाओ को भी हटाया है। हमारी सरकार सनातन धर्म को बदनाम करने का षड्यंत्र करने वाले तत्वों के विरुद्ध भी सख़्ती से कार्रवाई कर रही है। “ऑपरेशन कालनेमि” के माध्यम से उन पाखंडी और विधर्मियों को गिरफ्तार किया जा रहा है जो लोगों को भ्रमित करते हैं और धर्म की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं। हम ऐसे घुसपैठियों को देवभूमि उत्तराखंड में किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं करेंगे, और ये लोग जहां से आये हैं उन्हें वापस वहीं पहुंचाकर ही दम लेंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर पुर्नप्रकाशित पुस्तक के संस्करण “फिलॉसोफी एंड एक्शन ऑफ़ आरएसएस फॉर हिन्द स्वराज” का लोकार्पण किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह, दत्तात्रेय होसबोले , राष्ट्रवादी चिंतक एवं ‘प्रज्ञा प्रवाह’ विशिष्ट वैचारिक मंच के संयोजक जे. नंदकुमार उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि वर्ष 1951 में कैथोलिक पादरी फादर एंथोनी द्वारा लिखी गई, पुस्तक “फिलॉसोफी एंड एक्शन ऑफ़ आरएसएस फॉर हिन्द स्वराज” में न केवल संघ की विचारधारा, संगठनात्मक संरचना और कार्यपद्धति का गहन अध्ययन प्रस्तुत किया, बल्कि “हिंद स्वराज” की मूल आत्मा को भी समेकित रूप से समझाने का काम किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि यह पुस्तक हमारी आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रारंभिक संघर्षों, त्याग और तपस्या से परिचित कराते हुए उन्हें हमारी वैचारिक परंपरा और कार्यशैली से जोड़ने में सहायक सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि फादर एंथोनी ने यह पुस्तक उस समय में लिखी जब “राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ” को लेकर समाज में अनेकों प्रकार की भ्रांतियां और गलत धारणाएं फैलाई जा रही थीं। उस चुनौतीपूर्ण कालखंड में फादर एंथोनी ने निष्पक्षता और ईमानदारी के साथ लिखा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कोई सांप्रदायिक संस्था नहीं, अपितु राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित एक अनुशासित और आध्यात्मिक चेतना से ओतप्रोत संगठन है। उन्होंने संघ के कार्यकर्ताओं के जीवन में अनुशासन, सेवा, समर्पण और देशभक्ति को निकटता से देखा और दुनिया को अवगत कराया कि ये संगठन भारत के पुनर्निर्माण की वास्तविक आधारशिला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि फादर एन्थोनी ने लिखा कि संघ न केवल हिन्दू धर्म की खोई हुई प्रतिष्ठा को पुनर्स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रहा है बल्कि समाज में व्याप्त कुप्रथाओं का अंत कर संपूर्ण भारतवर्ष को एक सूत्र में पिरोने के कार्य में भी जुटा है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपनी सौ वर्षों की यात्रा में भारत में सांस्कृतिक पुनर्जागरण, सामाजिक समरसता, आत्मगौरव और राष्ट्रनिष्ठ सेवा की ऐसी दिव्य धारा प्रवाहित की

मुख्यमंत्री ने कहा कि आद्य सरसंघचालक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार जी ने जब वर्ष 1925 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की थी, तब भारत न केवल राजनीतिक दृष्टि से पराधीन था, बल्कि मानसिक, सांस्कृतिक और धार्मिक रूप से भी खंडित हो चुका था। आज, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपनी सौ वर्षों की तपोमयी यात्रा के माध्यम से भारत में सांस्कृतिक पुनर्जागरण, सामाजिक समरसता, आत्मगौरव और राष्ट्रनिष्ठ सेवा की ऐसी दिव्य धारा प्रवाहित की है, जिसने देश के कोने-कोने में राष्ट्रीय चेतना की अखंड ज्योति प्रज्वलित कर दी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो भारत कभी गुलामों वाली मानसिकता से ग्रस्त था, आज अपने सांस्कृतिक मूल्यों, अपनी परंपराओं और अपने वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर गर्व करता है, ये आत्मगौरव संघ की तपश्चर्या का ही परिणाम है।

पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण के अमृतकाल में

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण के अमृतकाल में प्रवेश कर चुका है। वर्षों तक उपेक्षित रहे हमारे गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को आज न केवल पुनर्स्थापित किया जा रहा है, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय चेतना का आधार भी बनाया जा रहा है। आज हमारी सनातन संस्कृति की पताका संपूर्ण विश्व में गर्व से लहरा रही है और भारत अपनी जड़ों से जुड़ते हुए पुनः विश्वगुरु बनने की ओर तेजी से अग्रसर है। हमारी धार्मिक धरोहरों को जिस प्रकार संजोया और संवारा जा रहा है, वो “न भूतों न भविष्यति” है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी के मजबूत नेतृत्व में जहां एक ओर कश्मीर से अनुच्छेद 370 की समाप्ति, ट्रिपल तलाक जैसी कुप्रथा का अंत, नागरिकता संशोधन एवं वक्फ संशोधन जैसे कानूनों के माध्यम से ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना को साकार किया जा रहा है। वहीं, अंत्योदय के संकल्प को पूर्ण करने के लिए जन-धन योजना, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और मुफ्त राशन योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में हमारी सरकार भी देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु अपने “विकल्प रहित संकल्प” के साथ निरंतर कार्य कर रही है।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत सहित बड़ी संख्या में स्वयं सेवक, सामाजिक व राजनीतिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।

सीएम ने द लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एण्ड थ्रिप्ट को-ऑपरेटिव सोसायटी के संचालकों द्वारा निवेशकों के साथ धोखाधड़ी संबंधी प्रकरणों में सीबीआई को हस्तान्तरित किए जाने के लिए प्रदान किया अनुमोदन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने द लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एण्ड थ्रिप्ट को-ऑपरेटिव सोसायटी के संचालकों द्वारा वृहद स्तर पर निवेशकों के साथ धोखाधड़ी संबंधी प्रकरणों में उत्तराखण्ड सहित विभिन्न प्रदेशों में पंजीकृत अभियोगो को सी.बी.आई. को हस्तान्तरित किए जाने हेतु अनुमोदन प्रदान किया है।
मुख्यमंत्री ने पाखरों टाईगर सफारी निर्माण में अनियमितता से सम्बन्धित प्रकरण में अखिलेश तिवारी, अवकाश प्राप्त उप वन संरक्षक/तत्कालीन प्रभागीय विनाधिकारी, कालागढ़ टाईगर रिजर्व, लैन्सडाऊन के विरुद्ध सी०बी०आई० की विवेचना से सम्बन्धित जांच रिपोर्ट में उल्लिखित बिन्दुओं के आधार पर उनके विरुद्ध संगत धाराओं के तहत् अभियोजन चलाये जाने तथा पाखरों टाईगर सफारी के निर्माण में कथित अनियमितता से सम्बन्धित प्रकरण में किशन चन्द (से०नि०), तत्कालीन उप वन संरक्षक/प्रभागीय वनाधिकारी, कालागढ़ टाईगर रिजर्व, लैन्सडाऊन के विरूद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम-1988 (संशोधित 2018) के तहत् अभियोजन चलाये जाने हेतु अनुमोदन प्रदान किया है।

*मुख्यमंत्री ने स्वीकृत की क्षतिग्रस्त पुलों, वैली ब्रिजों एवं नंदा देवी राजजात यात्रा मार्ग्रो के निर्माण हेतु 32.23 करोड की धनराशि*

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एस०डी०आर०एफ० के तैयारी एवं क्षमता विकास मद से लोक निर्माण विभाग हेतु मानसून से क्षतिग्रस्त पुलों हेतु बैली ब्रिजों की आपूर्ति हेतु कुल लागत रू0 2732.69 लाख (रू० सत्ताईस करोड बत्तीस लाख उन्हत्तर हजार मात्र) धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।
मुख्यमंत्री ने जनपद चमोली के वर्ष 2026 में श्री नन्दा देवी राजजात यात्रा से सम्बन्धित मुख्य एवं महत्वपूर्ण मार्गों के अन्तर्गत 02 कार्यों हेतु रू0 489.69 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

*मुख्यमंत्री ने दी विभिन्न विकास योजनाओं के निर्माण हेतु वित्तीय स्वीकृति*

मुख्यमंत्री ने राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद पौड़ी गढ़वाल में विधानसभा क्षेत्र चौबट्टाखाल के अन्तर्गत भगवतीतलैया-कमलिया-सराईखेत मोटर मार्ग के आर.सी.सी. निर्माण हेतु रू0 271.97 लाख (रू० दो करोड़ इकहत्तर लाख सत्तानवें हजार मात्र), जनपद हरिद्वार के विधानसभा क्षेत्र हरिद्वार में हिल बाईपास मोटर मार्ग पर क्षतिग्रस्त भाग का पुनर्निर्माण एवं सुरक्षात्मक कार्य तथा बी०सी० द्वारा पैच मरम्मत कार्य हेतु रू० 342.30 लाख (रू० तीन करोड़ बयालीस लाख तीस हजार मात्र, जनपद नैनीताल के विधानसभा क्षेत्र भीमताल में गर्जिया-बेतालघाट-खैरना-सुयालबाड़ी-औड़ाखान-पसियापानी-भटेलिया-मुक्तेश्वर मोटर मार्ग के लोडिंग सेतुओं का नव निर्माण कार्य हेतु रू० 7.38 लाख (रू० सात लाख अडतीस हजार मात्र) तथा जनपद चमोली के विधानसभा क्षेत्र कर्णप्रयाग के अन्तर्गत आदिबद्री-नौटी मोटर मार्ग में नन्दा देवी राज जात मार्ग कॉसुवा से चॉदपुरगढ़ी तक मोटर मार्ग के डामरीकरण के कार्य हेतु रू0 523.29 लाख (रू० पांच करोड़ तेईस लाख उनतीस हजार मात्र) की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने जनपद देहरादून के विधानसभा क्षेत्र धर्मपुर में इस्कॉन सांस्कृतिक एवं सामाजिक शिक्षा केन्द्र मार्ग दुधली-डोईवाला मोटर मार्ग का चौडीकरण एवं सुदृढीकरण के कार्य हेतु अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने जनपद चमोली के विधानसभा क्षेत्र कर्णप्रयाग के अन्तर्गत सारकोट भराड़ीसैण मोटर मार्ग का नाम शहीद हवलदार स्व० श्री वसुदेव मोटर मार्ग किये जाने तथा जनपद पौड़ी गढ़वाल के विधान सभा क्षेत्र यमकेश्वर के अन्तर्गत दुगड्डा में रा.इ.का. दुगड्डा, का नाम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भवानी सिंह रावत जी के नाम पर रखे जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

राज्य में निवेश को बढावा देने को निवेशकों की सुविधाओं और सहूलियतों का पूरा ध्यान रखें: सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में आयोजित उद्योग विभाग की गेमचेंजर योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन्वेस्टर्स समिट में प्राप्त निवेश प्रस्तावों की ग्राउंडिंग की दिशा में और अधिक तेजी से कार्य किया जाय।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में निवेश को बढावा देने के लिए निवेशकों की सुविधाओं और सहूलियतों का पूरा ध्यान रखा जाय। मुख्यमंत्री ने उच्चाधिकारियों को राज्य में निवेश करने वाले शीर्ष पचास निवेशकों से व्यक्तिगत रूप से नियमित संपर्क बनाए रखने के निर्देश देते हुए कहा कि निवेशकों की सुविधा हेतु निवेश मित्रों की तैनाती की जाय। मुख्यमंत्री ने ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस, उद्यम रजिस्ट्रेशन से लेकर जमीन आवंटन तक की प्रक्रिया की निरंतर मॉनिटरिंग करने तथा सिंगल विंडो सिस्टम को अधिक सरल बनाने के निर्देश भी दिए ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम स्वरोजगार योजना के तहत लाभार्थियों की संख्या में और अधिक वृद्धि की जाय। राज्य में यह योजना काफी कारगर साबित हो रही है। इस योजना से अभी तक लगभग पैंतीस हजार लोग लाभान्वित हो चुके हैं। राज्य में लाई गई सभी नई नीतियों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के साथ ही अधिकाधिक युवाओं को इन नीतियों से लाभान्वित करने का प्रयास किया जाय। एक्सपोर्ट पॉलिसी के तहत राज्य के उत्पादों को बढावा देने के साथ ही निर्यात से जुड़ लोगों को भी प्रोत्साहन दिया जाय। मुख्यमंत्री ने पर्वतीय जिलों में हैंडलूम, होमस्टे और एग्रो-बेस्ड लघु उद्योगों को प्राथमिकता देने के साथ ही स्टार्टअप पॉलिसी को उद्योग विभाग के साथ जोड़कर यूथ इनक्यूबेशन सेंटर खोले जाने के भी निर्देश दिए।

बैठक में सचिव उद्योग विनय शंकर पाण्डेय ने बताया कि अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रीयल कॉरीडोर के तहत खुरपिया फार्म में 1002 एकड़ क्षेत्रफल में विश्वस्तरीय अवस्थापना सुविधाओं से युक्त इंटीग्रेटेड मैन्यूफैक्चरिंग कलस्टर के निर्माण की महत्वाकांक्षी योजना के क्रियान्वयन के लिए एसपीवी का गठन हो चुका है। 1265 करोड़ रूपये की लागत की इस परियोजना के बन जाने से लगभग 22 हजार लोगों को रोजगार मिल सकेगा। इस परियोजना के लिए केन्द्र सरकार के द्वारा रू. 207 करोड़ की धनराशि अवमुक्त की जा चुकी है। उद्यमिता को बढावा देने के लिए हरिद्वार में 280 यूनिट्स, पंतनगर में 18 यूनिट्स और सेलाकुई में 12 यूनिट्स की क्षमता वाली फ्लैटेड फैक्टरी निर्माण का कार्य प्रगति पर है।

बैठक में अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर.मीनाक्षी सुंदरम एवं उद्योग विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।