2027 तक 2500 मेगावाट क्षमता वाले सोलर प्लांट्स की स्थापना करने का लक्ष्यः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रेंजर्स ग्राउंड देहरादून में ‘ उत्तराखण्ड के प्रथम सोलर मेले दो दिवसीय ‘सौर कौथिग’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने पीएम सूर्य घर योजना, मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना और सोलर वाटर हीटर योजना के लाभार्थियों को अनुदान राशि के चेक प्रदान करने के साथ ही यूपीसीएल मुख्यालय में बनाई गई सौर ऊर्जा आधारित म्यूरल आर्ट का लोकार्पण भी मुख्यमंत्री ने किया। मुख्यमंत्री ने सौर ऊर्जा जन जागरूकता के लिए चलाई जा रही सोलर वैन को भी हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। इसके माध्यम में आगामी सौ दिनों तक सोलर ऊर्जा से संबंधित विभिन्न जानकारी लोगों को दी जायेगी। साथ ही विभिन्न स्टॉल पर जाकर सौर ऊर्जा के क्षेत्र में किए जा रहे नवोन्मेषी प्रयोगों की जानकारी ली।

सौर कौथिग को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सौर समृद्ध उत्तराखंड अभियान के अंतर्गत आयोजित यह मेला ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और राज्य के सतत् विकास की दिशा में एक विशिष्ट पहल है। मेले में सौर ऊर्जा से जुड़ी सभी योजनाओं, उनके लाभों और विभिन्न प्रकार के सौर ऊर्जा उत्पादों के बारे में जानकारी से लोग सौर ऊर्जा अपनाने को लेकर जागरुक होंगे। साथ ही सोर ऊर्जा को अपनाते हुए अपनाकर उत्तराखंड को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में भी अपना योगदान देंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवाश्म आधारित ईंधन के स्रोत सीमित हैं। इनके प्रयोग द्वारा पर्यावरण को बहुत अधिक नुकसान पहुंचता है। सौर ऊर्जा के स्रोत असीमित हैं और ये हमारे पर्यावरण को संरक्षित रखने में भी अपना योगदान देते हैं। सौर ऊर्जा की इसी विशेषता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विभिन्न योजनाओं और अभियानों के माध्यम से देशभर में सौर ऊर्जा के प्रयोग को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने वर्ष 2030 तक सौर ऊर्जा के माध्यम से 100 गीगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा है। साथ ही वर्ष 2070 तक देश को कार्बन न्यूट्रल बनाने का लक्ष्य भी रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में सौर ऊर्जा के प्रयोग को लगातार प्रोत्साहित कर रही है। सौर ऊर्जा की अधिकतम परियोजनाओं को स्थापित करने के उद्देश्य से नई सौर ऊर्जा नीति लागू की गई है। राज्य के सभी शासकीय भवनों पर सोलर पावर प्लांट स्थापित किये जा रहे हैं। राज्य में रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संयुक्त रूप से 70 प्रतिशत की सब्सिडी दी जा रही है। पी०एम० सूर्यघर योजना के तहत सोलर पावर प्लांट की स्थापना के लिए अभी तक करीब 11 हजार लाभार्थियों को 90 करोड़ रुपए से अधिक का अनुदान दिया जा चुका है। घरेलू और गैर घरेलू उपभोक्ताओं हेतु सोलर वाटर हीटर संयत्र की स्थापना पर भी 30 से 50 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के तहत सोलर पावर प्लांट की स्थापना के माध्यम से राज्य के स्थायी निवासियों को स्वरोजगार का अवसर भी प्रदान किया जा रहा है। नई सौर ऊर्जा नीति के तहत वर्ष 2027 तक आवासीय में 250 मेगावाट जबकि कुल 2500 मेगावाट क्षमता वाले सोलर प्लांट्स की स्थापना करने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सोलर वेंडरों की संख्या बढ़ाते हुए आवासीय क्षेत्र के लिए 365 वेंडरों को मान्यता प्रदान की है। राज्य सरकार ने नेट मीटरिंग की व्यवस्था को भी सरल बनाने के साथ ही 10 किलोवॉट तक के सोलर सिस्टम को तकनीकी आकलन से बाहर रखा है, जिससे प्रदेशवासी सौर ऊर्जा को आसानी से अपना सकें। पिछले सात माह में उत्तराखंड में 23 मेगावाट से अधिक सौर ऊर्जा क्षमता सफलता पूर्वक स्थापित की जा चुकी है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सौर कौथिग के इस आयोजन से प्रदेश के सौर ऊर्जा क्षेत्र के विकास को और अधिक गति मिलेगी और भारत को कार्बन न्यूट्रल बनाने में उत्तराखण्ड योगदान देगा।

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल, विधायक खजान दास, बृजभूषण गैरोला, सविता कपूर, दर्जाधारी विश्वास डाबर, पद्मभूषण डॉ अनिल प्रकाश जोशी, सचिव डॉ. आर मीनाक्षी सुंदरम, अपर सचिव रंजना राजगुरु, एमडी यूपीसीएल अनिल कुमार, एमडी यूजेवीएनएल संदीप सिंघल, एमडी पिटकुल पीसी ध्यानी उपस्थित थे।

धामी कैबिनेट में 22 बिंदुओं पर हुई विस्तार से चर्चा, यह रहे निर्णय

उत्तराखंड कैबिनेट की मीटिंग में आवास नीति को मंजूरी मिल गई है। वहीं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की सीमा को पांच लाख तक बढ़ाया गया है। बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में 22 बिंदुओं पर चर्चा हुई।
यह लिए गए फैसले
सचिव शैलेश बगोली ने बताया कि ऊर्जा और आवास विभाग के मामले बिजली उपभोक्ताओं के लिए सब्सिडी देने का फैसला लिया गया।
एलआइजी और एलएमआइजी को लेकर भी हुआ फैसला। पर्वतीय इलाकों में बाखली बनाने वालों को मिलेगी सब्सिडी।
30 जून और 31 दिसंबर को रिटायर होने वाले कर्मचारियों को पूरे साल का पेंसनरी बेनिफिट नोशनल इनक्रीमेंट दिया जाएगा।
वाहन चालकों के भत्ते के रूप में मिलेंगे 3 हजार, वर्दी भत्ते के रूप में पहले 2400 था।
मानवाधिकार आयोग में विभाग अध्यक्ष के रूप में वित्तीय अधिकार दिए जाएंगे।
डॉक्टरों के इनक्रीमेंट को लेकर हुआ फैसला।
अब लिंग परिवर्तन करने वालों को नाम परिवर्तन करना होगा आसान।
खेल विश्वविद्यालय को फिर से अध्यादेश के रूप में सदन में रखा जाएगा।
गौ सदन को लेकर हुआ फैसला। शहरी इलाकों में शहरी विकास विभाग और ग्रामीण इलाकों में पंचायतें इसे बनाएंगी, प्रोत्साहन के लिए भी प्रावधान होगा।
प्रदेश ट्रांसजेंडर बोर्ड के गठन को मंजूरी
पटवारी व कानूनगो की हड़ताल अवधि को उपर्जित अवकाश के रूप में देने को मंजूरी।
सेब, माल्टा, गलगल का वित्त विभाग के अनुमोदन से अब विभाग ही इनका न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित कर सकेगा।
रेरा के वार्षिक पर प्रतिवेदन को विधानसभा में पटल पर रखने की मंजूरी।
मुख्यमंत्री शैक्षिक भ्रमण योजना के तहत अब उच्चशिक्षा के छात्रों के साथ ही शिक्षकों को भी भारत दर्शन कराया जाएगा। प्रतिष्ठित संस्थान भी घुमाया जाएगा।
30 जून और 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने वाले कार्मिकों नोशनल वेतनवृद्धि
कैबिनेट ने अहम निर्णय के तहत 30 जून और 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने वाले कार्मिकों के पेंशन की गणना के लिए उन्हें एक नोशनल वेतनवृद्धि दी जाएगी। इससे उन्हें पद के अनुरूप पूरी पेंशन मिल सकेगी। राज्य के विभिन्न कर्मचारी संगठन इसकी लंबे समय से मांग कर रहे थे।

राज्य में राजकीय कार्मिकों के लिए वार्षिक वेतन वृद्धि की तिथि एक जनवरी और और जुलाई निर्धारित की गई है। इस तिथि से उन्हें बढ़ा हुआ वेतन दिया जाता है। वहीं राज्य में कई कर्मचारी ऐसे हैं जो अधिवर्षता आयु पूरा कर प्रतिवर्ष 30 जून और 31 जून को सेवानिवृत्त होते हैं।
इनमें कई सरकार सेवक ऐसे हैं जो एक ही वेतन स्तर पर इस तिथि में सेवानिवृत्त हो जाते हैं। उन्होंने आगामी वेतनवृद्धि इसलिए नहीं मिलती क्योंकि सरकारी सेवकों को वार्षिक वेतनवृद्धि एक वर्ष की संतोषजनक सेवा के बाद मिलती है।

इन कर्मचारियों के हितों को देखते हुए राज्य सरकार ने 30 जून और 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को पेंशन गणना के लिए नोशनल वेतन वृद्धि देेने का निर्णय लिया है। यद्यपि यह स्पष्ट किया गया है कि सेवानिवृत्ति के उपरांत मिलने वाले अन्य लाभों के लिए नोशनल वेतनवृद्धि की गणना नहीं की जाएगी।

वर्ल्ड आयुर्वेद कांग्रेस 2024 में तीन दिन तक चलेगी इंटरनेशनल असेंबली

दुनिया में आयुर्वेद का परचम लहराने की रणनीति उत्तराखंड की धरती पर बनेगी। वर्ल्ड आयुर्वेद कांग्रेस एवं आरोग्य एक्सपो 2024 में तीन दिन इंटरनेशनल असेंबली का आयोजन किया जा रहा है। दुनिया के विभिन्न देशों में केंद्रीय आयुष मंत्रालय के स्तर पर स्थापित आयुष चेयर के प्रतिनिधि इस असेंबली में उपस्थित रह कर विचार विमर्श करेंगे। मकसद ये ही है कि दुनिया के तमाम देशों में आयुर्वेद के व्यापक प्रचार प्रसार के लिए रणनीति तैयार की जा सके।

वर्ल्ड आयुर्वेद कांग्रेस एवं आरोग्य एक्सपो 2024 में जो कार्यक्रम फाइनल हुआ है, उसमे इंटरनेशनल असेंबली तीन दिन कराए जाने का निर्णय लिया गया है। 12 से लेकर 14 दिसंबर तक हर दिन असेंबली का कार्यक्रम रखा गया है। प्रमुख रूप से अमेरिका, ब्रिटेन, अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, श्री लंका, इटली, स्पेन, फ्रांस, जर्मनी, स्वीडन, कनाडा, नीदरलैंड, पुर्तगाल सिंगापुर जैसे देशों में स्थापित आयुष चेयर के डेलीगेट्स असेंबली का हिस्सा होंगे, जिनकी संख्या 40 से 50 के करीब रहेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस तरह दुनिया में आयुष के प्रचार के लिए ब्रांड एंबेसडर बन कर कार्य किया है, उससे आयुष के लिए बेहतर माहौल बन रहा है। उत्तराखंड भी इस अभियान में कदमताल कर रहा है। अब वर्ल्ड आयुर्वेद कांग्रेस जैसे विश्व स्तरीय कार्यक्रम की मेजबानी का उत्तराखंड को महत्वपूर्ण अवसर मिला है।

पहला हिमालयी राज्य, जहां हो रहा आयोजन

वर्ल्ड आयुर्वेद कांग्रेस एवं आरोग्य एक्सपो-2024 के दसवें संस्करण की मेजबानी कर रहे उत्तराखंड के नाम एक उपलब्धि दर्ज हुई है। यह पहला हिमालयी राज्य है, जहां पर आयुर्वेद का विश्व स्तरीय यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। वर्ष 2022 से यह आयोजन शुरू हुआ है। कोच्चि केरल को इसके पहले संस्करण की मेजबानी का अवसर मिला था। इसके बाद, देश के विभिन्न हिस्सों में इसके आयोजन हुए हैं। उत्तर भारत क्षेत्र की बात करे, तो सिर्फ दिल्ली में अभी तक यह आयोजन हुआ है। वर्ष 2014 में परेड ग्राउंड में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था। उत्तराखंड इस हिसाब से दिल्ली के बाद उत्तर भारत का दूसरा राज्य बन रहा है, जहां पर यह आयोजन किया जा रहा है।
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उत्तराखंड का सौभाग्य है कि वह आयुर्वेद के इस विश्व स्तरीय कार्यक्रम की मेजबानी कर रहा है। आयुर्वेद के लिहाज से उत्तराखंड की धरती हमेशा से समृद्ध रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने आयुष को दुनिया भर में प्रचारित प्रसारित करने का बीड़ा उठाया है। इस आयोजन से निश्चित तौर पर हम इस दिशा में और आगे बढ़ेंगे।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

सीएम ने खटीमा में जनता से किया संवाद, समस्याएं सुन समाधान के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कैम्प कार्यालय लोहिया हेड, खटीमा में आम जनता से संवाद कर जन समस्याएं सुनी मुख्यमंत्री ने सम्बंधित अधिकारियों को जनसमस्याओं के निस्तारण हेतु आवश्यक निर्देश देते हुए कहा कि जनसमस्याओं का त्वरित समाधान अधिकारियों का नैतिक दायित्व है। जनसमस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान हो इस पर अधिकारियों को विशेष ध्यान देना होगा।

इस अवसर पर जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, उपाध्यक्ष जिला विकास प्राधिकरण जय किशन, निवर्तमान उपाध्यक्ष किसान आयोग राजपाल सिंह, रमेश चंद्र जोशी, निवर्तमान मंडी अध्यक्ष नंदन सिंह खड़ायत, सांसद प्रतिनिधि दीपक तिवारी, ब्लॉक प्रमुख रणजीत सिंह नामधारी, सहित अन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

राज्य के लोग कहीं भी जाएं, संस्कृति, लोक परंपरा को रखते हैं जीवितः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रगति मैदान, नई दिल्ली में आयोजित 43वाँ भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले उत्तराखण्ड दिवस समारोह में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड के विभिन्न उत्पादों पर आधारित स्टालों का भी अवलोकन किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड के लोग देश विदेश, कहीं भी चले जाएं, वो अपनी संस्कृति लोक परंपरा खानपान अपनत्व की भावना को हमेशा जीवित रखते हैं। उनके घरों पर ऐपण और गंगा दशहरा हमेशा देखने को मिलता है। उन्होंने कहा यह अंतर्राष्ट्रीय मेला हमें अपनी संस्कृति हस्तशिल्प और समृद्ध विरासत को वैश्विक मंच पर लाने और प्रस्तुत करने का मौका देती है। मेले में लगे विभिन्न स्टालों में राज्य के बेहतरीन उत्पादों को लाया गया है। उत्तराखंड प्रवासी, राज्य के विकास में अपना योगदान दे सकें इसके लिए उत्तराखंड प्रवासी परिषद के गठन का भी निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने सभी प्रवासियों से उत्तराखंड के विकास में सहभागी बनने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प लिया है, जिसपर हमारा देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच से देश नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। बीते 10 वर्षों में देश हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ा है। मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया जैसी अनेकों योजनाओं ने भारत को स्टार्टअप के हब के रूप में स्थापित किया है, जिससे देश में रोजगार स्वरोजगार पैदा हो रहे हैं। आज भारत दुनिया की 5वी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड स्थापना के 24 वर्ष पूर्ण कर चुका है। अब राज्य रजत जयंती में प्रवेश कर चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केदारनाथ की भूमि से 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक बताया था। राज्य सरकार प्रधानमंत्री जी के उन शब्दों को धरातल में उतार रही है। हमारा राज्य हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन के निर्माण से पहाड़ों में रेल पहुंचने का सपना पूरा हो रहा है। उड़ान योजना के तहत राज्य के अनेक स्थलों पर हेली सेवा प्रारंभ की जा रही है। हमारा राज्य सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसे हर क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य कर रहा है। प्रदेश के मेडिकल कॉलेज के साथ 20 मॉडल कॉलेज की स्थापना की जा रही है। उधम सिंह नगर में एम्स का सैटेलाइट सेंटर भी बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने के साथ स्थानीय उद्योगों को भी सशक्त बनाया जा रहा है। कृषि, बागवानी, हस्त शिल्प जैसे अनेकों क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहा है। आत्मनिर्भर उत्तराखंड बनाने में राज्य की महिलाएं बढ़ चढ़कर भाग ले रही हैं। प्रदेश की महिलाएं अपने साथ अन्य लोगो को भी रोज़गार दे रही हैं। प्रदेश की तरक्की में महिला महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। प्रदेश में 1 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन गई हैं। राज्य में कई नीतियों के माध्यम से रोजगार के द्वार खोले जा रहे हैं।

केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि जिस उद्देश्य से राज्य निर्माण हुआ है, उस उद्देश्य को पूरा करने हेतु मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा इस तरह के कार्यक्रम के माध्यम से उत्तराखंड राज्य प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की विकसित भारत की कल्पना में अपना योगदान दे रहा है। उत्तराखंड के प्रोडक्ट आज देश विदेश तक जा रहें हैं। हमारा राज्य नया डेस्टीनेशन के रूप में निरंतर आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री जी ने योग दिवस के अवसर पर आदि कैलाश में योग करके पूरी दुनिया के अंदर आदि कैलाश को पहुंचाया है।

पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में यह भव्य मेला आयोजन हो रहा है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के विजन अनुसार यहां लोकल उत्पादों को बढावा दिया गया है। आज देश विदेश में उत्तराखंड के उत्पादों की डिमांड लगातार बढ़ती जा रही है।

सचिव उद्योग विनय शंकर पांडे ने बताया कि भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले के बीते 7 दिनों में 1 करोड़ 16 लाख के उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों की बिक्री हुई है। इसके साथ 2 करोड़ के ऑर्डर भी हस्त शिल्पकारों को मिले हैं। देश में राज्य के उत्पादों की डिमांड लगातार बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड राज्य को पर्यटन, कृषि, उद्योग, ग्रामीण विकास को सशक्त बनाने के साथ-साथ सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण भी किया जा रहा है।

इस अवसर पर महानिदेशक उद्योग प्रतीक जैन, स्थानीय आयुक्त अजय मिश्रा, निदेशक संस्कृति विभाग बिना भट्ट, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने किया अनुसूचित जाति के युवाओं से संवाद स्थापित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का खटीमा मुख्य चौराहे पर वाल्मीकि समाज एवं पर्यावरण मित्रों द्वारा पगड़ी पहनाकर तथा पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। राज्य आंदोलनकारियों को 10 प्रतिशत के क्षैतिज आरक्षण देने, पर्यावरण मित्रों का वेतन 7000 से 15000 किये जाने तथा राज्य की महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण दिये जाने के निर्णय पर सभी ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने का हमारा संकल्प है। इस दिशा में जनकल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनाएं संचालित की गई है। युवाओं को रोजगार के साथ स्वरोजगार के बेहतर साधन उपलब्ध हो इस दिशा में भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। नकल विरोधी कानून से आज युवाओं की प्रतिभा को पहचान मिली है। आज युवा एक नही दो तीन परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर रहे है। शीघ्र ही सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून की व्यवस्था हो इसके लिए समान नागरिकता लागू करने की भी प्रक्रिया गतिमान है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में धर्मांतरण विरोधी कानून, अवैध अतिक्रमण हटाये जाने, दंगारोधी कानून लागू करने से समाज में सुख शांति एवं आपसी भाईचारे को बढ़ावा मिलेगा। इससे देवभूमि के मूलस्वरूप को बनाये रखने में भी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने सभी से राज्य के विकास में सहयोगी बनने की भी अपेक्षा की।

कार्यक्रम में सफाई कर्मचारियों के प्रांतीय नेता पूर्व दर्जा राज्य मंत्री संतोष गौरव अनिल कुमार नीरज कुमार राकेश कुमार राजा विनोद कुमार विजय पंकज रामू श्याम विक्की विक्रम जय एवं गणेश देवी ललिता देवी किलो देवी श्यामवती कलावती रूपा देवी नीतू सिंह सैकड़ो संख्या में वाल्मीकि समाज के प्रतिनिधित उपस्थित थे।

सीएम के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर उत्साहित हुए 236 चयनित सहायक अध्यापकगण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिक्षा निदेशालय ननूरखेड़ा में प्रारंभिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत चयनित 236 सहायक अध्यापकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। प्रारंभिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत प्रथम चरण की काउंसलिंग में 473 सहायक अध्यापकों का चयन किया गया है, शेष अभ्यर्थियों को संबंधित जनपदों से नियुक्ति दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा के गुणात्मक सुधार के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि खराब स्थिति वाले स्कूल भवनों की मरम्मत के लिए आवश्यक धनराशि का प्रस्ताव शीघ्र भेजा जाए, इसके लिए जितनी धनराशि की आवश्यकता होगी दी जायेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले सभी अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि राज्य का मुख्य सेवक होने के नाते यह उनका सौभाग्य है कि जिन शिक्षकों के ऊपर राज्य के नौनिहालों के भविष्य का निर्माण करने की बड़ी जिम्मेदारी है, उन्हें नियुक्ति पत्र प्रदान करने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षक की समाज में अहम भूमिका होती है। बच्चों के भविष्य के निर्माण की जिम्मेदारी उनके कंधों पर होती है। अच्छी शिक्षा से एक बच्चा देश और समाज के लिए अनमोल धरोहर साबित होता है। बेहतर शिक्षा जीवन का सबसे मजबूत आधार है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में तकनीक और नवाचार हो रहे है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि नव चयनित शिक्षक जिन स्कूलों में जायेंगे उनकी ऑनरशिप लेंगे और नवाचार के कार्य करेंगे। नये शिक्षकों के आने से स्कूलों में शिक्षा के क्षेत्र में नई आशाएं जगेगीं। उन्होंने कहा कि स्मार्ट क्लास, ई-लर्निंग और डिजिटल शिक्षा, शिक्षा के महत्वपूर्ण अंग बन चुके हैं। यह सुनिश्चित किया जाए कि शिक्षण कार्य केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रहे, व्यक्तित्व निर्माण और नैतिक शिक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। जीवन का लक्ष्य तय और दिशा स्पष्ट होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों की प्रतिभा को पहचानना भी शिक्षा का महत्वपूर्ण अंग है। बच्चों को उनकी प्रतिभाओं के आधार पर तैयार करना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में राज्य सरकार द्वारा 16 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियों में सेवायोजित किया गया है। गैर सरकारी क्षेत्रों में भी रोजगार मेलों के माध्यम से युवाओं को नौकरियां दी जा रही हैं।

शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि प्रारंभिक शिक्षा में 2906 पदों के लिए काउंसलिंग की प्रक्रिया गतिमान है। इसके तहत पहले चरण में 473 सहायक अध्यापकों को आज नियुक्ति मिली है। अब स्कूलों में शिक्षकों की संख्या काफी अच्छी हो गई है। जिन स्कूलों में दस से कम छात्र हैं, वहां एक शिक्षक रहेगा, जहां 10 से ज्यादा छात्र हैं वहां दो, जहां 40 से ज्यादा छात्र हैं वहां 3, जहां 70 से ज्यादा छात्र हैं वहां पर 4 एवं जहां 100 से ज्यादा छात्र हैं वहां 5 शिक्षक दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जहां एक शिक्षक है और अगर वह अवकाश पर जाता है तो नजदीकी विद्यालय जहां दो शिक्षक हैं, वहां से एक को उक्त विद्यालय में भेजा जाएगा। यह पूरी व्यवस्था बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि स्कूली शिक्षा में कक्षा 1 से 12 तक त्रिस्तरीय व्यवस्था बनाई जा रही है।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस बार स्थानांतरण नीति के अंतर्गत लगभग 6 हजार से ज्यादा शिक्षकों के स्थानांतरण हुए। स्थानांतरण में काउंसलिंग व्यवस्था का असर यह रहा कि जिनका ट्रांसफर हुआ वे तो खुश हैं, जिनका ट्रांसफर नहीं हुआ वो भी खुश हैं। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री एवं सम्पूर्ण कैबिनेट का आभार जताया। उन्होंने कहा कि पात्र शिक्षकों की शीघ्र पदोन्नति के लिए भी सरकार कोई न कोई रास्ता निकालने जा रही है। गेस्ट फैकल्टी कि मांगों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि प्रयास किया जा रहा है कि उनको अपना जनपद मिल जाए। इनकी वेतन वृद्धि से जुड़ी मांग पर भी विचार किया जा रहा है।

इस अवसर पर सचिव विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रमन, अपर सचिव रंजना राजगुरू, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा बंशीधर तिवारी, निदेशक विद्यालयी शिक्षा अजय कुमार नौडियाल एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम हेल्पलाइन के अलावा सीएम डैशबोर्ड की हर माह होगी समीक्षा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में सी.एम डैशबोर्ड ‘दर्पण 2.0’ की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि सभी विभागों को सीएम डैशबोर्ड से जोड़ा जाए और सभी विभागों की गतिमान परियोजनाओं का डाटा भी अपलोड करवाया जाए। उन्होंने 15 दिन में सभी विभागों को परियोजनाओं का अपडेट पोर्टल में करने के निर्देश दिये। प्रत्येक माह की 07 तारीख तक विभागों को पिछले माह का डाटा अपलोड करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सी.एम हेल्पलाइन 1905 के साथ ही वे सीएम डैशबोर्ड की भी हर माह समीक्षा करेंगें।

मुख्यमंत्री ने सचिवों को निर्देश दिये कि सभी सचिव अपने विभाग की प्रत्येक माह सीएम डैशबोर्ड संबंधी बैठक करे। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि जो भी पोर्टल बनाये जा रहे हैं, वे यूजर फ्रेंडली हों। डैशबोर्ड में डाटा का प्रस्तुतीकरण बेहतर तरीके से किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम डैशबोर्ड का मुख्य उद्देश्य जन समस्याओं का समाधान करना है। इस डैशबोर्ड के माध्यम से जन समस्याओं के समाधान के लिए विभागों द्वारा समस्याओं को चिन्हित कर उनका समाधान निकाला जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि गरीबों के कल्याण, युवाओं के कल्याण, अन्नदाताओं और नारी सशक्तिकरण की दिशा में तेजी से कार्य किये जाएं। संबंधित विभागों द्वारा इन क्षेत्रों में किये जा रहे कार्यों का परिणाम धरातल पर दिखे। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की फ्लैगशिप स्कीम को डैशबोर्ड में अनिवार्य रूप से दर्शाया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि पीएम गतिशक्ति उत्तराखण्ड पोर्टल में 05 करोड़ से अधिक धनराशि की सभी परियोजनाओं को दर्शाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सी.एम डैशबोर्ड के साथ ही डी.एम डैशबोर्ड को भी धरातल पर लाया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किये जाए। रोजगार और स्वरोजगार से जुड़े विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्यशाला का आयोजन करें, जिसमें विषय विशेषज्ञों को भी शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा के साथ हमें विद्यार्थियों को व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास से जोड़ना होगा। उच्च शिक्षण संस्थानों, मेडिकल कॉलेजों और तकनीकी शिक्षा में प्लेसमेंट सेल के साथ ही विद्यार्थियों के लिए गाइडेंस और काउंसलिंग की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। इस तरह की कारगर व्यवस्था बनाई जाए कि उच्च शिक्षा के दौरान कितने अभ्यर्थियों ने प्लेसमेंट के लिए आवेदन किया और कितनों को नौकरी मिली। युवाओं के स्किल डेवलपमेंट पर विशेष ध्यान दिया जाए।

बैठक में उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण समिति विश्वास डाबर, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, एल. फैनई, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, प्रमुख वन संरक्षक डॉ. धनंजय मोहन, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, नितेश झा, राधिका झा, दिलीप जावलकर, डॉ. बी.वी.आर.सी पुरूषोत्तम एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

नई दिल्ली में निर्मित उत्तराखण्ड निवास में दिखेगी पहाड़ी शैली की झलक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में निर्माणाधीन ‘उत्तराखण्ड निवास’ का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कार्यदायी संस्था को निर्देशित करते हुए कहा कि कार्य की गुणवत्ता को बनाए रखते हुए माह जुलाई तक कार्य को पूर्ण किया जाए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा मार्ग में राज्य अतिथि गृह बनाने के भी निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि उत्तराखण्ड निवास में पहाड़ी शैली की झलक देखने को मिलेगी। मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान उत्तराखण्ड निवास के निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों से बातचीत भी की।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के साथ सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी, स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा, विशेष कार्याधिकारी रंजन मिश्रा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी का ऑफिशियल व्हाट्सएप चैनल हुआ शुरू

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ऑफिशियल व्हाट्सएप चैनल की शुरुआत हो गयी है। इस चैनल के माध्यम से राज्यहित एवं जनहित से जुड़े कार्यक्रमों एवं योजनाओं की जानकारी सर्वसाधारण को उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने कहा कि उनके लिये राज्य हित के साथ जनहित सर्वाेपरि है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से सभी लोगों का स्नेह एवं अभूतपूर्व समर्थन उन्हें लगातार प्राप्त हो रहा है। अब सभी उनसे व्हाट्सएप चैनल के माध्यम से भी जुड़ सकते है। व्हाट्सएप पर दिये लिंक को फॉलो करने की भी उन्होंने सभी से अपेक्षा की है।