मुख्यमंत्री ने समाज कल्याण विभाग में चयनित 26 अभ्यर्थियों को दिए नियुक्ति पत्र


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा चयनित समाज कल्याण विभाग के अन्तर्गत 26 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। जिसमें 15 सहायक लेखाकर एवं 11 कनिष्ठ सहायक शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले सभी अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सभी चयनित कार्मिक लगन व कड़ी मेहनत के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे और राज्य के विकास व जनसेवा के लिए हमेशा तत्पर रहेंगे। उन्होंने कहा कि समाज कल्याण विभाग के तहत केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा अनेक जन कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। इन योजनाओं का प्रत्येक पात्र व्यक्ति को समय पर लाभ मिले, समाज कल्याण विभाग की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि यदि हम अपने कार्यक्षेत्र की शुरूआत के दौरान ही दिनचर्या बनाते हैं और नियमित दिनचर्या के साथ कार्य करते हैं, तो सभी कार्य सुगमता से पूर्ण होते हैं। कार्यक्षेत्र में ईमानदारी और अनुशासन के साथ कार्य करने और लोगों की मदद करने की भावना सबके मन में होनी चाहिए। जब हम सही भावना से कोई कार्य करते हैं, तो इससे मन में संतुष्टि का भाव होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। विभिन्न विभागों के माध्यम से अनेक भर्ती प्रक्रियाएं गतिमान हैं। भर्ती परीक्षाएं पूर्ण पारदर्शिता के साथ कराने के लिए राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। इस कानून के लागू होने के बाद से सभी भर्ती परीक्षाएं पूर्ण पारदर्शिता से हुई है।

इस अवसर पर सचिव समाज कल्याण बृजेश कुमार संत, निदेशक समाज कल्याण आशीष भटगाई उपस्थित थे।

पिथौरागढ़ः सीएम ने दारमा ब्यास घाटी की महिलाओं के साथ की चरखे व ऊन की कताई, पारंपरिक विधि से की कालीन बुनाई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देव सिंह मैदान, पिथौरागढ़ में अयोजित ‘दीदी-बैंणा’ नारी शक्ति महोत्सव कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कुल ₹ 217.28 करोड़ की कुल 65 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। जिसमें ₹ 82.82 करोड़ की कुल 37 योजनाओं का लोकार्पण एवं ₹ 134.45 करोड़ की 28 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने जनपद पिथौरागढ़ के विकास को समर्पित विभिन्न घोषणाएं कि जिसमें आंवला घाट फेज-2 पेयजल योजना का निर्माण कार्य किए जाने, फगाली गाड़ से पनार पुल तक वैकल्पिक सड़क मार्ग का निर्माण कार्य किए जाने, मोस्टामानू मंदिर का सौंदर्यकरण किए जाने, नैनी-सैनी से जाजरदेवल तक हॉटमिक्स सड़क व नाली निर्माण कार्य किए जाने की घोषणा शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों एवं स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टालों का अवलोकन के साथ भगवान श्री राम दरबार एवं कन्या पूजन भी किया। मुख्यमंत्री ने धारचूला की दारमा, व्यास घाटियों के वाइब्रेंट विलेज से आई महिलाओं के साथ बागेस्वरी चरखे एवं तकली से ऊन कताई की। साथ ही उन्होंने रांच में पारंपरिक विधि से कालिन भी बनाया। मुख्यमंत्री ने फिरका और बिंडा (मटका) के माध्यम से मट्ठा भी बनाया। साथ ही सिलबट्टे में हरा नून ( नमक) पीसा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बिण सिडकुल आस्थान में 253 उद्यमियों को व्यवसायिक भूखंड आवंटन स्वीकृति पत्र प्रदान किए। उन्होंने पर्यटन विभाग/ जिला प्रशासन की कॉफी टेबल बुक का विमोचन करने के साथ ही मिलेट द्वारा निर्मित भीटोली का शुभारंभ भी किया। मुख्यमंत्री ने 6 मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट, 6 अंतरराष्ट्रीय बालिका खिलाड़ियों को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित माताओं एवं बहनों का आभार व्यक्त करते हुये कहा कि अपनी जन्मभूमि पिथौरागढ़ में आना उनके लिए हमेशा भावुक क्षण होता हैं। उन्होंने कहा आज जिन 206 करोड़ से अधिक की योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास हुआ है, वो सभी जनपद के विकास में मील का पत्थर साबित होंगी। इस क्षेत्र के विकास के साथ ही आने वाली पीढ़ियों को भी लाभ होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अन्य जिलों की भांति ही अपनी जन्मभूमि में माताओं बहनों का जो प्यार और दुलार उन्हें मिला है उससे वे अविभूत हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद पिथौरागढ़ के विकास हेतु राज्य सरकार हर संभव कार्य कर रही है। पिथौरागढ़ में जल्द ही मेडिकल कॉलेज बनेगा। जिसके लिए सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। मेडिकल कॉलेज हेतु लगभग 1 हजार से ज्यादा पदों की स्वीकृति पर मंत्रिमंडल द्वारा सहमति प्रदान कर दी है। उन्होंने कहा पिथौरागढ़ में पार्किंग पंपिंग योजनाएं प्रशासनिक भवन सड़कों के निर्माण कार्य में भी तेजी आई है। मानसखंड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत पिथौरागढ़ के मंदिरों को भी जोड़ा गया है। उन्होंने कहा नैनी सैनी हवाई अड्डे में 19 सीटर विमान की ट्रायल लैंडिंग सफल हुई है। डीजीसीए की अनुमति आने पर यह विमान नियमित पिथौरागढ़ से चलेगा। उन्होंने कहा विकास की दौड़ में हमारे सीमांत जनपद सबसे आगे रहेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की मातृ शक्ति अपनी प्रतिभा एवं कौशल से आगे बढ रही हैं। उत्तराखंड राज्य निर्माण में मातृ शक्ति का सबसे बड़ा योगदान रहा। महिलाएं परिवार के साथ ही समाज और प्रदेश हितों का भी ख्याल रखती हैं। मातृ शक्ति के सहयोग से ही समाज, राज्य, राष्ट्र का संपूर्ण विकास संभव है। महिलाएं जिस भी कार्य को अपने हाथों में लेती हैं, उसे स्वाभाविक तौर पर पूरा करती हैं। परिश्रम और मातृ शक्ति एक दूसरे के पूरक हैं। राष्ट्र की मातृ शक्ति शिक्षित होने से उस राष्ट्र का वर्तमान के साथ भविष्य भी सुरक्षित रहता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न महिला समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा दिए गए ‘’आत्मनिर्भर भारत’‘ के मंत्र को धरातल पर उतारने का कार्य कर रहे है। ’’बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’’ के मंत्र को पूरे उत्तराखंड की बहनों ने आत्मसात किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं, जो नए भारत की शानदार तस्वीर प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में ’’सुविधा और सुरक्षा’’ के सिद्धांत पर महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन हुए हैं। गांव-गांव में महिलाओं को घर, शौचालय, गैस, बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है। बेटियों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, टीकाकरण और दूसरी आवश्यक जरूरतों पर भी सरकार पूरी संवेदनशीलता से काम कर रही है। आज देश एवं प्रदेश भर में महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने महिला सशक्तिकरण क्षेत्र में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। उन्होंने बताया राज्य में सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण देने के साथ ही मुख्यमंत्री नारी सशक्तिकरण योजना, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना, लखपति दीदी योजना, मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक मेधावी योजना, नंदा गौरा मातृवंदना योजना और महिला पोषण अभियान जैसी विभिन्न योजनाएं प्रारंभ की हैं। उन्होंने कहा प्रदेश की जनता के हितों के लिए जो भी आवश्यक कदम हों, बिना देरी के उठाएं जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया गया है।साथ ही धर्मांतरण रोकने के लिए भी कानून बनाया गया है। प्रदेश में पहली बार सरकारी जमीनों पर अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की गई है। भ्रष्टाचारियों के खिलाफ भी पहली कार्रवाई करने से राज्य सरकार पीछे नहीं हटी है उन्होंने कहा हम उत्तराखंड में समान नागरिक आचार संहिता को भी लागू करने की तैयारी कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ माह पूर्व ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आदि कैलाश और जागेश्वर धाम के दर्शन किये थे, जिसके फलस्वरुप आदि कैलाश और जागेश्वर धाम में पर्यटकों को संख्या बढ़ रही है। यह राज्यवासियों के लिए हर्ष का विषय है कि प्रधानमंत्री जी उत्तराखंड के पर्यटक स्थलों को देश व दुनिया में नई पहचान दिला रहे हैं। उन्होेंने कहा 22 जनवरी का दिन इतिहास में अमर होने जा रहा है। इस दिन राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा होगी। हम सभी के लंबे वर्षों का इंतजार खत्म होगा।

सांसद अजय टम्टा ने सभी अतिथियों व महिलाओं का स्वागत अभिनंदन करते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार सभी जन समस्याओं का प्राथमिकता से निस्तारण करने ,व प्रदेश देश का सर्वांगीण विकास के लिए कटिबंध है। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री के सहयोग व निर्देशन में नैनी सैनी एयरपोर्ट में 19 सीटर वायुयान की ट्रायल सफलता से हो चुकी है। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री के अथक प्रयासों व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आशीर्वाद से आदि कैलाश के रूप में हमें नए पर्यटन डेस्टिनेशन मिला है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री का आभार भी व्यक्त किया।

इस दौरान विधायक बिशन सिंह चुफाल, विधायक फकीर राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपिका बोरा, दायित्व धारी गणेश भंडारी, पूर्व मंत्री बलवंत सिंह भोरियाल ब्लॉक प्रमुख सुनीता कन्याल ,बबीता चुफाल, विनीता बाफिला, अर्चना गंगोला, भाजपा जिला अध्यक्ष गिरीश जोशी जिलाधिकारी रीना जोशी, एसपी लोकेश्वर सिंह, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

रोड शो में उमड़ पड़ा पिथौरागढ, सीएम का पुष्प वर्षा कर जताया आभार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिथौरागढ़ में सुरेंद्र सिंह बल्दिया स्पोर्ट्स स्टेडियम से देव सिंह मैदान तक आयोजित रोड शो में प्रतिभाग किया। इस दौरान क्लॉक टावर टकाना, गुप्ता तिराहा, केमू रोडवेज स्टेशन से देव सिंह मैदान तक आयोजित रोड शो में सम्मिलित होकर हजारों की संख्या में स्थानीय जनता, जनप्रतिनिधियों, रंग कर्मियों, अधिवक्ताओं, पूर्व सैनिकों, विभिन्न क्षेत्र के लोगों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। लोक वाद्य यंत्रों, पारंपरिक लोक नृत्य छोलिया, कलश यात्रा के बीच मुख्यमंत्री ने भी स्थानीय जनता पर पुष्प वर्षा कर सभी का आभार व्यक्त किया।

सीएम ने ऑनलाइन आरटीआई पोर्टल का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में उत्तराखण्ड ऑनलाइन आर.टी.आई. पोर्टल तथा ऑनलाइन द्वितीय अपील/शिकायत एवं हाईब्रिड सुनवाई की व्यवस्था का शुभारंभ किया गया। सूचना अनुरोध पत्रों तथा प्रथम अपीलों के ऑनलाईन प्रेषण के लिए बनाये गए पोर्टल का भी मुख्यमंत्री ने शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑनलाईन आर.टी.आई.पोर्टल बनने से लोगों का काफी मदद मिलेगी। लोगों का अपीलों की सुनवाई में आने-जाने में लगने वाला समय भी बचेगा। सूचना का अधिकार अधिनियम से लोगों द्वारा शासन प्रशासन से संबंधित अपनी व्यक्तिगत तथा सामुदायिक कठिनाईयों का निराकरण करने में और आसानी हो जाती है। उन्होंने कहा कि आज प्रारंभ की गई ऑनलाईन सुविधाओं का सबसे अधिक लाभ राज्य के दूरस्थ एवं पर्वतीय क्षेत्रों के निवासियों को प्राप्त होगा तथा उन्हें सूचना का अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत आवेदन एवं प्रथम अपील ऑनलाईन रूप से किये जाने की सुविधा प्राप्त होने के साथ-साथ द्वितीय अपील में भी अपने स्थान से ही प्रतिभाग करने की सुविधा प्राप्त होगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि जनसामान्य द्वारा इन सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाया जायेगा।

मुख्य सूचना आयुक्त अनिल चन्द्र पुनेठा ने कहा कि द्वितीय अपीलों एवं शिकायतों के ऑनलाईन पंजीकरण तथा हाईब्रिड मोड से सुनवाई में भाग लेने की दोनों सुविधा आज से ही जनसामान्य हेतु उपलब्ध करा दी जायेंगी। ऑनलाईन आर.टी.आई. पोर्टल में समस्त विभागों के लोक सूचना अधिकारियों तथा प्रथम अपीलीय अधिकारियों की आई.डी. तैयार की जायेंगी और संबंधित अधिकारियों को पोर्टल पर कार्य किये जाने हेतु आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा। शीघ्र ही पोर्टल के माध्यम से जनसामान्य द्वारा सूचना आवेदन पत्र, आवेदन शुल्क तथा प्रथम अपील को ऑनलाईन रूप से भी प्रेषित किया जा सकेगा। सूचना का अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत प्राप्त अपीलों व शिकायतों के पंजीकरण एवं निस्तारण की प्रगति के बारे में अवगत कराते हुए मुख्य सूचना आयुक्त ने कहा कि दिसम्बर 2023 में आयोग द्वारा 521 सुनवाई करते हुए कुल 299 वादों को निस्तारित किया गया। जनवरी 2022 से माह दिसम्बर 2023 तक की अवधि में आयोग द्वारा कुल 11037 सुनवाई कर 6735 वादों का निस्तारण किया गया।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, राज्य सूचना आयुक्त विवेक शर्मा, विपिन चन्द्रा, अर्जुन सिंह तथा योगेश भट्ट, सचिव दीपेन्द्र चौधरी, अपर सचिव प्रताप सिंह शाह, सचिव उत्तराखण्ड सूचना आयोग अरविन्द कुमार पाण्डेय उपस्थित थे।

संस्कृति के संरक्षण में सहायक सिद्ध होते हैं मेलेः सांसद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि संस्कृति के संरक्षण में मेलों की महत्वपूर्ण भूमिका है। कुमाऊँ की काशी बागनाथ नगरी में लगने वाले उत्तरायणी मेले का संस्कृति व धार्मिकता के साथ ही राजनैतिक महत्व है। मुख्यमंत्री उत्तरायणी मेले के शुभारंभ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में वर्चुवल रूप से जनता को संबोधित किया। इससे पूर्व सांसद अजय टम्टा व जिपं अध्यक्ष बसंती देव, विधायक सुरेश गड़िया तथा पार्वती दास समेत जिलाधिकारी अनुराधा पाल ने रिबन काटकर व दीप प्रज्ज्वलित करके मेले का शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयास से राज्य में मानसखंड व केदारखंड को विश्व पटल पर लाया गया है। मुख्यमंत्री ने जनता को उत्तरायणी मेले की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस बार की मकर संक्रांति व माघ माह खास इसलिए है कि इस बार अयोध्या में बहुप्रतीक्षित राम विराजमान हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्य कार्यक्रमों के पूर्व नियोजित होने व शासकीय कार्यों की व्यस्तता के चलते वे खुद मेले में पहुंच नहीं पाए। उनकी हार्दिक इच्छा थी कि वे मेले में स्वयं आएं। उन्होंने देवभूमि के लोकपर्व उत्तरायणी और मकर संक्रांति की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कुमाऊँ की काशी, बागेश्वर में बाबा बागनाथ के मंदिर की छांव तले, सरयू गोमती और अदृश्य सरस्वती नदी के संगम तट पर आयोजित होने वाले उत्तरायणी मेले की आप सभी को बधाई देता हूँ। उन्होंने कहा मकर संक्रांति एकमात्र पर्व है, जिसका आध्यात्मिक और वैज्ञानिक दोनों ही दृष्टियों से व्यापक महत्व है। कहा कि उत्तरायणी मेले ने लोगों को जोड़ने का कार्य किया है। मकर संक्राति के पावन अवसर पर पतित-पावनी सरयू नदी खासकर त्रिमाघी स्नान के साथ पौराणिक बागनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना का पौराणिक काल से ही विशेष धार्मिक महत्व रहा है। राष्ट्र और संस्कृति को प्रत्यक्ष रूप से जानने का अवसर प्रदान करने वाला यह सांस्कृतिक मेला, निश्चित रूप से हमारी आगामी पीढ़ी के लिए सामाजिक समरसता को प्रगाढ़ करने का कार्य करेगा। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी बद्री दत्त पांडे समेत कई सेनानियों को नमन करते हुए कहा कि उनकी प्रेरणा से कुली बेगार जैसी कुप्रथा का अंत हुआ। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड राज्य को सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति का योगदान और स्वच्छता को संस्कार के रूप में अपनाने की भी जनता से अपील की।

सांसद अजय टम्टा ने कहा कि सरयू बगड़ की क्रांति का अलग महत्व है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विश्व की ताकत बन रहा है। उन्होंने कहा कि इस बार राम मंदिर बनना देश के लिए गौरवपूर्ण क्षण है। इस दौरान सांसद ने राज्य में खेल की अलख जगाने के लिए बागेश्वर से निकली ध्वज रैली को ध्वज सौंपकर रवाना किया। साथ ही राज्य स्तरीय बैटमिंटन प्रतियोगिता के खिलाडियों को भी सम्मानित किया।

जिला पंचायत अध्यक्ष बसंती देव ने कहा कि मेले हमारी धरोहर है, इन्हे संजोए रखना हम सभी का दायित्व बनता है। उन्होंने कहा कि बागेश्वर का आजादी में बहुत बडा योगदान रहा है कुली बेगार प्रथा का समापन इसी बागनाथ की भूमि से सरयू गोमती के संगम पर हुआ था,इसलिए भी बागेश्वर का महत्व और भी बढ़ जाता है।

विधायक कपकोट सुरेश गढिया व विधायक पार्वती दास ने भी जनता को सम्बोधित किया। कहा कि यह मेला अपने आप में एक बहुत बड़ा धार्मिक और ऐतिहासिक व पौराणिक मेला है। उत्तरायणी मेला इस बार भव्य रूप से मनाया जा रहा है।

जिलाधिकारी अनुराधा पाल ने जनपदवासियों को मकर संक्राति एवं उत्तरायणी मेले की शुभकामनाएं दी।तथा सभी अतिथियों को स्वागत किया। उन्होंने बाबा बागनाथ से सभी के सुख एवं समृद्धि की कामना की। कार्यक्रम में अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ संसदीय सीट के एकमात्र जीवित बचे स्वतंत्रता सेनानी आनंद सिंह बिष्ट और स्वतंत्रता सेनानी स्व.बद्री दत्त पांडे के पौत्र कर्नल रवि पांडे को सम्मानित किया। साथ ही उत्तरायणी पुस्तक का विमोचन किया।

इससे पूर्व तहसील परिसर से विभिन्न विद्यालयों के बच्चों तथा विभिन्न सांस्कृतिक दलों द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक झांकी का प्रदर्शन किया गया जिसका शुभारम्भ महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल एवं पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखंड भगत सिंह कोश्यारी व राज्य मंत्री शिव सिंह बिष्ट समेत जिला पंचायत अध्यक्ष बंसती देव, विधायक कपकोट सुरेश गढिया, बागेश्वर पार्वती दास, जिलाधिकारी अनुराधा पाल आदि ने संयुक्त रूप से हरी झण्डी दिखाकर किया गया। सांस्कृतिक झॉकी तहसील परिसर से प्रारम्भ होकर शहर के विभिन्न मार्गाे से होते हुए नुर्माइश मैदान में समाप्त हुई।

कार्यक्रम का संचालन जयंत भाकुनी द्वारा किया गया। इससे पूर्व अतिथियों ने नुमाइश मैदान में लगे विभिन्न स्टालों का निरीक्षण किया। उत्तरायणी मेले में विभिन्न विभागों द्वारा अपने विभागीय स्टॉल स्थापित कर सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी मेलार्थियों को दी। तथा कई विभागों द्वारा जनपद में किए गए नवाचार कार्यों को भी प्रदर्शित किया गया।
मेले के शुभारंभ अवसर पर ब्लॉक प्रमुख बागेश्वर पुष्पा देवी, गरुड़ हेमा बिष्ट, जिलाध्यक्ष भाजपा इन्द्र सिंह फर्स्वाण, पूर्व विधायक बलवंत सिंह भौर्याल, कुंदन परिहार, पूर्व जिपं अध्यक्ष दीपा आर्या व विक्रम शाही, उपाध्यक्ष जिला पंचायत नवीन परिहार, त्रिलोक बुटोला, जिला महामंत्री घनश्याम जोशी व संजय परिहार समेत पुलिस अधीक्षक अक्षय कुमार, मुख्य विकास अधिकारी आरसी तिवारी, अपर जिलाधिकारी एनएस नबियाल, उपजिलाधिकारी मोनिका समेत किशन सिंह दानू, किशन सिंह मलड़ा, संजय शाह जगाती, पंकज पांडे, भुवन कांडपाल, रघुवर दफौटी, आदि उपस्थित थे।

हिमगिरी महोत्सव 2024 का सीएम ने किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बी.आर. अम्बेडकर स्टेडियम कौलागढ़ रोड देहरादून में ओएनजीसी एवं उत्तराखंड सरकार के सहयोग से पर्वतीय सरोकारों के लिए समर्पित” हिमगिरि सोसाइटी” द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘हिमगिरी महोत्सव-2024’ का शुभारम्भ किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में डॉ॰ दिनेश कुमार असवाल, चित्रकला के क्षेत्र में प्रो. शेखर चंद्र जोशी तथा पर्यावरण के क्षेत्र में सचिदानंद भारती को “हिमगिरि गौरव सम्मान-2024’ तथा हिमगिरि के संस्थापक सदस्य दिनेश कुमार पांडे को तेल एवं गैस अन्वेषण के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिये लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने हिमगिरि महोत्सव सांस्कृतिक समागम के भव्य आयोजन के लिये आयोजकों के साथ हिमगिरि सम्मान और लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित विभूतियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ओएनजीसी के सेवानिवृत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पंजीकृत हिमगिरी सामाजिक संस्था अपने समर्पण और सेवाओं के माध्यम से पर्वतीय क्षेत्र की समृद्धि, संस्कृति और विकास में अग्रणी भूमिका निभा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड अध्यात्म और योग की भूमि होने के साथ-साथ संस्कृति, साहित्य और कला की भूमि भी है। ऐसे आयोजन हमारी विलुप्त होती लोक विरासत को संरक्षण प्रदान कर आने वाली पीढ़ी को हमारी लोक संस्कृति से परिचित कराने तथा सामाजिक समरसता को प्रगाढ़ करने का कार्य करते हैं। इससे हमारे राज्य के कलाकारों को भी एक मंच उपलब्ध होता है और उनकी कला को प्रोत्साहन मिलता है। संगठन चाहे वह सामाजिक, साहित्यिक हो या सांस्कृतिक उसमें बड़ी शक्ति होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूलमंत्र को ध्येय मानकर हम आगे बढ़ रहे हैं। हमें भारत को पुनः विश्व गुरू के पद पर आरूढ़ करने के लिए हर परिस्थिति को पार करना है। भारत को विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के लिए हर छोटी बड़ी कोशिश करनी है। श्रेष्ठ उत्तराखंड निर्माण के ’विकल्प रहित संकल्प’ को प्राप्त करने हेतु अपने प्रयास निरंतर जारी रखने होंगे। मुख्यमंत्री ने सभी का आह्वान किया कि हमारे ये सभी प्रयास तभी सफल होंगे जब हम सब आपसी सहयोग से राज्य के विकास में अपना योगदान देंगे।
इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, अध्यक्ष उत्तराखण्ड श्रम संविदा बोर्ड कैलाश पंत, सोसाइटी के अध्यक्ष गोपाल जोशी, सचिव आशीष चौहान, संदीप सिंह बिष्ट, एल मोहन लखेड़ा, देवेन्द्र बिष्ट, शोभा नेगी, विजय मधुर, मनमोहन नेगी, परमेश उनियाल, आर जे काव्या, मातबर सिंह असवाल आदि उपस्थित थे।

यातायात नियमों के प्रति जन जागरूकता के सीएम ने दिये निर्देश

बस स्टेशनों को स्वच्छ और आधुनिक सुख-सुविधाओं से युक्त बनाया जाए। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में क्रैश बैरियर और सड़कों के किनारे वृक्षारोपण किये जाएं। दुर्घटनाओं को रोकने के लिए वाहनों की फिटनेस टेस्टिंग का विशेष ध्यान रखा जाए। वाहन चालकों के प्रशिक्षण और मेडिकल की भी समुचित व्यवस्था की जाए। यातायात नियमों के प्रति लोगों को निरन्तर जागरूक किया जाए। रोडवेज की बसों के माध्यम से सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं का प्रचार भी किया जाए। जन सुरक्षा की दृष्टि से पर्वतीय क्षेत्रों में पुराने वाहनों की जगह पर नये वाहनों की व्यवस्था की जाए। यह निर्देश मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को सचिवालय में परिवहन विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को दिये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में हर साल तेजी से वृद्धि हो रही। राज्य में जो भी नये बस स्टेशन बनाये जा रहे हैं, उनमें यात्रियों की सुविधा के दृष्टिगत व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ बनाया जाए। सभी बस स्टेशनों पर स्वच्छता, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या के लिए देहराूदन, हल्द्वानी और हरिद्वार से बस सेवा को संचालित किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि वाहनों पर नम्बर प्लेट स्पष्ट दिखे, नम्बर प्लेट से छेड़खानी करने वालों पर सख्त कारवाई भी की जाए।

बैठक में जानकारी दी गई कि उत्तराखण्ड परिवहन निगम की स्थिति में पिछले दो वित्तीय वर्ष में लगातार सुधार आया है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में निगम को 29.06 करोड़ रूपये का फायदा हुआ, जबकि इस वित्तीय वर्ष में अभी तक 27 करोड़ रूपये का फायदा हुआ है। परिवहन विभाग के राजस्व प्राप्ति में भी पिछले दो वित्तीय वर्ष में लगातार वृद्धि हुई है। 2021-22 में 20.86 प्रतिशत और 2022-23 में 34.52 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस वित्तीय वर्ष में भी अभी तक गत वर्ष की तुलना में 11.20 प्रतिशत की वृद्धि हो चुकी है। परिवहन विभाग में ऑनलाईन सुविधाएं बढ़ने से प्रर्वतन संबंधी कार्यवाही में भी तेजी आई है। उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ में व्हीकल टेस्टिंग सेंटर के निर्माण के लिए धनराशि अवमुक्त की जा चुकी है। अल्मोड़ा में आईएसबीटी का निर्माण कार्य पूर्ण होने वाला है। परिवहन विभाग द्वारा 58 सेवाएं ऑनलाईन दी जा रही हैं। लाइसेंस संबंधी सभी सेवाएं ऑनलाइन की गई है। पंजीयन से संबंधित 20 सेवाएं और परमिट से संबंधित 08 सेवाएं ऑनलाईन दी जा रही हैं।

प्रवर्तन कार्यों को सुदृढ़ करने के लिए राज्य में 10 चिन्हित स्थानों पर ए.एन.पी.आर कैमरे लगाये गये हैं, जबकि 17 स्थानों पर और लगाये जा रहे हैं। 09 इन्टरसेप्टर वाहनों और 30 बाईक स्क्वैड की तैनाती की गई है। सड़क सुरक्षा की दृष्टि से 66811 वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगाये गये हैं। 2023 में 35515 वाहनों पर वी.एल.टी.डी स्थापित किये गये हैं। परिवहन विभाग द्वारा देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार एवं कोटद्वार में ऑटोमेटिड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक बनाया गया है। जबकि काशीपुर, अल्मोड़ा , उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, रूड़की हल्द्वानी और रामनगर में ऑटोमेटिड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक की कार्यवाही गतिमान है। इन्वेस्टर समिट में परिवहन विभाग के साथ 3513 करोड़ के 22 एम.ओ.यू हुए हैं। जिन्हें उच्च मध्यम और निम्न प्राथमिकता के साथ चिन्हित कर धरातल पर उतारने की कार्यवाही की जा रही है।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण समिति विश्वास डाबर, अपर मुख्य सचिव राधा रतूडी, सचिव आर.मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव परिवहन अरविन्द सिंह ह्यांकी, एमडी उत्तराखंड परिवहन निगम डॉ. आनंद श्रीवास्तव, परिवहन विभाग और परिवहन निगम के अधिकारी उपस्थित थे।

अटल जी के सपनों को साकार कर रहे पीएम मोदीः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रामपुरम, बाजपुर रोड, काशीपुर में पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न, स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती (सुशासन दिवस) के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण एवं पार्क का लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि संपूर्ण देश आज ’’सुशासन दिवस’’ मना रहा है। यह हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है कि आज स्व. अटल जी की प्रतिमा का अनावरण काशीपुर की इस पुण्य भूमि में किया जा रहा है। कवि, वक्ता, प्रधानमंत्री एवं एक सरल व्यक्ति के रूप में अटल जी का संपूर्ण जीवन, राजनीतिक या सामाजिक क्षेत्र में कार्य करने वाले मेरे जैसे अनगिनत लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अटल जी द्वारा दिखाए गए संकल्प पथ पर चल कर ही हम अपने सपनों का भारत बना सकते हैं। भारत के आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जैसी दूरगामी सोच वाली परियोजना, परमाणु परीक्षण जैसे साहसी कदम अटल जी के नेतृत्व में इस देश ने देखी। अटल जी ने ही देश के विकास के लिए अलग लकीर खींचने का काम किया। शिक्षा, संचार तथा साफ्टवेयर तकनीक के क्षेत्र में अटल जी ने भारत का लोहा विश्व में मनवाया। सुशासन, सामाजिक सशक्तिकरण अटल जी का जीवन दर्शन था। उन्होंने अपने प्रधानमंत्री काल में अनेकों ऐतिहासिक कार्य करते हुए समस्त देशवासियों को अपने सामर्थ्य से परिचित कराया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अटल जी अन्त्योदय के दर्शन को कार्यरूप देने में विश्वास रखते थे। वे हमेशा समाज के गरीब और वंचित वर्ग के लिए चिंतित व सक्रिय रहते थे। उन्होंने राष्ट्र धर्म को हमेशा दलगत राजनीति से ऊपर रखा, समानता और सामाजिक समरसता के प्रति वे सदा तन-मन से समर्पित रहे। उन्होंने कहा स्व. अटल जी का उत्तराखंड के साथ दिव्य रिश्ता है। स्व. अटल जी के नेतृत्व वाली सरकार ने ही उत्तराखंड राज्य की स्थापना कर हम सभी के सपनों को साकार करने का काम किया था।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में उत्तराखंड की डबल इंजन की सरकार अटल जी के सपनों का उत्तराखंड बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। केंद्र एवं राज्य सरकार निरंतर राज्य के चहुंमुखी विकास एवं नागरिकों की सेवा के लिए प्रयासरत है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में हम सभी भव्य और दिव्य भारत को बनते हुए देख पा रहे हैं। आदरणीय प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में हमारी सरकार एक भारत, श्रेष्ठ भारत की संकल्पना को सार्थक करने हेतु उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने “विकल्प रहित संकल्प“ को पूर्ण करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
केंद्रीय पर्यटन एवं रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट ने भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को नमन करते हुए उनके द्वारा देश के सर्वांगीण विकास हेतु की गई अभिनव पहल तथा विकास कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सुशासन की संकल्पना हमारी सरकार में आई। लोगों की वास्तविक जरूरतों को पूरा करना सुशासन की श्रेणी में आता है। उन्होंने कहा स्वर्गीय अटल जी के बताए रास्ते पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार आगे बढ़ रहे हैं। अटल जी की योजनाओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगे बढ़ा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोनाकाल में गरीब जनता की चिंता को दूर करते हुए मुफ्त वैक्सीनेशन के साथ ही मुफ्त राशन की व्यवस्था की। प्रधानमंत्री जी सभी वर्ग की चिंता करते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की शालीनता, विनम्रता की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री होने के बावजूद भी धामी ने अपनी जड़ों को नहीं छोड़ा है और सभी से पूरी शालीनता से मिलते हैं। प्रदेश, मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
कैबिनेट मंत्री एवं जनपद प्रभारी गणेश जोशी ने स्वर्गीय अटल जी को नमन करते हुए कहा कि अटल जी हिमालय जैसे विराट, मां गंगा जितने पवित्र थे। देश के विकास हेतु पूरे समर्पण भाव से कार्य करते रहे। अटल जी ने देश को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में लगातार काम किए और विश्व पटल पर देश का मानदृसम्मान भी बढ़ाया।
इस दौरान प्रदेश संगठन महामंत्री अजेय कुमार, विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, शिव अरोड़ा, अरविन्द पाण्डेय, पूर्व विधायक डॉ.शैलेंद्र मोहन सिंघल, उपाध्यक्ष राज्य महिला आयोग सायरा बानो, अध्यक्ष उत्तराखंड कृषि उत्पादन एवं विपणन बोर्ड डॉ.अनिल कपूर डब्बू, अध्यक्ष एस.सी आयोग मुकेश कुमार, बीजेपी जिलाध्यक्ष गुंजन सुखीजा, बीजेपी प्रदेश मंत्री विकास शर्मा, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

मूल निवास प्रमाण पत्र पर सरकार का बड़ा फैसला, आप भी जानें…

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राज्य के व्यापक हित में पूर्व में गठित भू-कानून समिति की अनुशंसा पर कार्यवाही हेतु शासनादेश सं0 2232 दिनांक 22 दिसम्बर, 2023 द्वारा उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है। यह समिति राज्य सरकार द्वारा लागू किए जाने वाले भू-कानून के प्रारूप के साथ ही साथ मूल निवास प्रमाण पत्र जारी करने के संबंध में मानकों का निर्धारण करने के संबंध में भी अपनी संस्तुति शासन को उपलब्ध कराएगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा प्रदेश का मुख्यमंत्री नियुक्त होने के बाद उसी वर्ष अगस्त माह में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया था। समिति को राज्य में औद्योगिक विकास कार्यों हेतु भूमि की आवश्यकता तथा राज्य में उपलब्ध भूमि के संरक्षण के मध्य संतुलन को ध्यान में रख कर विकास कार्य प्रभावित न हों, इसको दृष्टिगत रखते हुए विचार – विमर्श कर अपनी संस्तुति सरकार को उपलब्ध कराने को कहा था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व में गठित समिति द्वारा राज्य के हितबद्ध पक्षकारों, विभिन्न संगठनों, संस्थाओं से सुझाव आमंत्रित कर गहन विचार -विमर्श कर लगभग 80 पृष्ठों में अपनी रिपोर्ट तैयार की थी। इसके अलावा समिति ने सभी जिलाधिकारियों से प्रदेश में अब तक दी गई भूमि क्रय की स्वीकृतियों का विवरण मांग कर उनका परीक्षण भी किया। समिति ने अपनी संस्तुतियों में ऐसे बिंदुओं को सम्मिलित किया है जिससे राज्य में विकास के लिए निवेश बढ़े और रोजगार के अवसरों में वृद्धि हो। साथ ही भूमि का अनावश्यक दुरूपयोग रोकने की भी समिति ने अनुशंसा की है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उनके लिये राज्य हित सर्वाेपरि है। राज्यवासियों ने जिस संकल्प के साथ राज्य निर्माण का सपना देखा है उसको पूर्ण करने के लिये वे निरंतर प्रयासरत है। राज्यवासियों का राज्य हित से जुड़ा भू-कानून हो या मूल निवास प्रमाण पत्र का विषय इस दिशा मे राज्य सरकार संजीदगी के साथ राज्यवासियों के साथ है। इसी के दृष्टिगत इन विषयों पर सम्यक रूप से विचार विमर्श कर अपनी सुस्पष्ट संस्तुति राज्य सरकार को उपलब्ध कराने के लिये ही अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया है। जिसमें विषय विशेषज्ञ के रूप में अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। उक्त समिति भू-क़ानून को लागू करने के प्रारूप के साथ ही मूल निवास प्रमाण पत्र जारी किए जाने हेतु मानकों के निर्धारण का कार्य भी करेगी।

मुख्यमंत्री ने चंपावत के लिए दो वोल्वों को दून से दिखाई हरी झंडी

जनपद चम्पावत को आदर्श बनाए जाने की परिकल्पना के दृष्टिगत प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा नित नए आयाम गढ़े जा रहे हैं। मुख्यमंत्री द्वारा चंपावत की जनता को एक और सौगात दी गयी है।। अपने विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत टनकपुर में मुख्यमंत्री ने देहरादून को 42 सीटर वोल्वो बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जिससे उत्तराखंड परिवहन निगम टनकपुर, चंपावत के बेड़े में दो वोल्वो बस शामिल हो गयी है।

इससे पहले मुख्यमंत्री ने बनबसा में जगबुड़ा पुल पर बस की विधिवत पूजा अर्चना की। ततपश्चात जगबुड़ा पुल से टनकपुर तक करीब आठ किमी वाल्वो में सफर किया। जनपद के सीमांत क्षेत्र टनकपुर और राजधानी देहरादून के बीच वोल्वो सेवा शुरू होने से लोगों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी। टनकपुर और नेपाल सीमा से लगे इलाकों के लोग अब वोल्वो बस से सीधे राजधानी देहरादून तक का सफर कर सकेंगे। इससे आवागमन सुगम होगा। टनकपुर में वोल्वो बस को हरी झंडी दिखाने के बाद मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि जनता को सहूलियत उपलब्ध कराना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। लोगों को वोल्वो बस सेवा से आधुनिक और आरामदायक परिवहन की सुविधा मिलेगी। टनकपुर के लिए वोल्वो बस सेवा का उपलब्ध होना पर्यटन परिदृश्य के लिए भी नए आयाम लेकर आएगा। वोल्वो बस प्रतिदिन रात 8 बजे टनकपुर से देहरादून के लिए रवाना होकर दूसरे दिन प्रात 5 बजे देहरादून पहुंचेगी। दूसरी बस प्रतिदिन रात 9 बजे देहरादून से टनकपुर के लिए रवाना होगी और दूसरे दिन प्रातः 6 बजे टनकपुर पहुंचेगी।

उन्होंने कहा कि टनकपुर नगर में 5590.70 लाख की लागत से बनने वाले रोडवेज बस टर्मिनल, डिपो वर्कशॉप बिल्डिंग, रीजनल वर्कशॉप बिल्डिंग एवं टायर शॉप के निर्माण कार्य किया जा रहा हैं। इसके अंतर्गत जनपद के टनकपुर शहर में बनने वाले बस टर्मिनल को आधुनिक सुविधाओं से लैस बनाया जाएगा। जिसमें बस टर्मिनल, बस डिपो अंतर्गत 100 व्यक्तियों का क्षमता युक्त वातानुकूलित प्रतीक्षालय, 100 व्यक्तियों की बैठक क्षमता युक्त फूड कोर्ट, 170 वाहन क्षमता युक्त कार पार्किंग, 20 बेडेड पुरुष एवं महिला डॉरमेट्री, 12 बसों हेतु बोर्डिंग प्लेटफार्म, 24 बसों हेतु बस पार्किंग, 7 बसों हेतु इलेक्ट्रॉनिक चार्जिंग युक्त पार्किंग सुविधा, 20 बसों हेतु वर्कशॉप सुविधा, शॉपिंग स्टोर, रेस्टोरेंट्स, डिस्पेंसरी, एवं क्लॉथ रूम सुविधा, पुरुष एवं महिला सार्वजनिक शौचालय बनाया जाएगा। जनपद आदर्श तभी बनेगा जब जनपद प्रत्येक सुविधाओं से लैस रहेगा। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हमें आधुनिक सुसज्जित बस अड्डे के निर्माण को प्राथमिकता देनी होगी तभी बाहर से आने वाले पर्यटकों व यात्रियों को यात्रा करने में सुगमता होगी। आईएसबीटी बनने से रोजगार के साधन भी बढ़ने के साथ ही पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

इस दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष निर्मल माहरा, प्रदेश मंत्री भाजपा हेमा जोशी,जिला प्रभारी व प्रदेश मंत्री भाजपा विकास शर्मा, जिलाधिकारी नवनीत पांडे, एसपी देवेन्द्र पींचा, विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी, दीपक रजवार, भाजपा जिला महामंत्री मुकेश कलखुड़िया, सुभाष बगौली, गोविन्द सामंत, उत्तराखंड परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक पवन माहरा, उपजिलाधिकारी आकाश जोशी, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, अधिकारी व आम जनता मौजूद रही।उााााा

इससे पूर्व मुख्यमंत्री के जनपद आगमन पर जिलाधिकारी समेत पार्टी कार्यकर्ताओं सहित क्षेत्रीय जनता द्वारा उनका स्वागत किया। इस मौके पर छोलिया दल द्वारा उनका स्वागत किया।

मुख्यमंत्री ने जनता की समस्याओं को जानकर तेजी से समाधान करने को डीएम को दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद ऊधमसिंह नगर स्थित लोहियाहेड कैम्प कार्यालय में क्षेत्र की जनता से मुलाकात की तथा उनकी समस्याएं सुनी। मुख्यमंत्री ने समस्याओं के निस्तारण हेतु सरलीकरण, समाधान, निस्तारण एवम संतुष्टि के आधार पर हल करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जन समस्याओं का समाधान तेजी से हो इसके लिए जिलाधिकारियों को नियमित रूप से जन समस्याओं को सुनने के निर्देश दिये गये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं जनपदों के भ्रमण के दौरान सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का लगातार फीडबैक ले रहे हैं। जिलाधिकारियों को जनपदों में जनता दरबार, तहसील दिवस एवं बीडीसी की नियमित बैठकें करने के भी निर्देश दिये गये हैं। जन समस्याओं का त्वरित निस्तारण हमारा उद्देश्य है।

इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी विशाल मिश्रा, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अशोक कुमार जोशी, परियोजना निदेशक हिमांशु जोशी सहित स्थानीय लोग उपस्थित थे।