बड़े तीर्थ स्थल के रूप में विकसित होगा हरिपुरः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कालसी, देहरादून स्थित रामलीला मैदान में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए यमुना नदी के तट पर हरिपुर (कालसी) में स्नान घाट/ यमुना घाट के निर्माण कार्य एवं लोक पंचायत द्वारा प्रस्तावित जमुना कृष्ण धाम (मंदिर) का शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने जौनसार बावर के बॉलीवुड सिंगर अभिनव चौहान के भजन “हरिपुर में आनंद सजेगा“ का भी विमोचन किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जन्माष्टमी के पावन पर्व के अवसर पर हरिपुर क्षेत्र के नव निर्माण का कार्य एक शुभ संकेत है। यह कार्य पौराणिक मान्यताओं को पुनर्जीवित करने एवं आध्यात्मिक, सनातन संस्कृति के नए अध्याय को लिखने का कार्य करेगा। उन्होंने कहा हरिपुर क्षेत्र एक बड़ा तीर्थ स्थल हुआ करता था, यह क्षेत्र चार धाम यात्रा का भी एक महत्वपूर्ण स्थल है।


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हरिपुर क्षेत्र में यमुना जी के तट को विकसित कर एक नए तीर्थ स्थल के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा। यह क्षेत्र हरिद्वार ऋषिकेश के भांति विश्व विख्यात हो इसके लिए राज्य सरकार हर संभव मदद करेगी। उन्होंने कहा मां यमुना के आशीर्वाद से भव्य घाट निर्माण का संकल्प पूरा होगा। धार्मिक एवं पौराणिक मान्यताओं का हरिपुर स्थल सभी प्रदेश एवं देशवासियों की आस्था का केंद्र है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने हरिपुर धाम के यश को पुनर्स्थापित करने का जो संकल्प लिया है उसे शीघ्र ही सिद्धि तक पहुंचाएगी। मां यमुना का सम्मान करना हम सभी का कर्तव्य है। उन्होंने कहा हरिपुर के एक नए धार्मिक स्थल के रूप में विकसित होने से क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा होंगे। भविष्य में इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में यात्री एवं पर्यटक आएंगे। आज जौनसार बाबर का क्षेत्र जो फलों सब्जियों के उत्पादन के लिए जाना जाता है आने वाले समय में वह हरिपुर के लिए भी जाना जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हरिपुर क्षेत्र यमुना, टोंस, नौरा और अमलवा के महासंगम का पवित्र स्थान है। इस स्थान में पूर्व की भांति ही यमुना जी की दिव्य व भव्य आरती का भी आयोजन नियमित रूप से होगा। उन्होंने कहा इस क्षेत्र में आने वाले लोग यहां की लोक संस्कृति के साथ हमारे आदर सम्मान को भी अपने साथ ले जाएंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य सरकार निरंतर विकास के पद पर अग्रसर है उत्तराखंड के प्रमुख धामों को सड़कों से जोड़ा गया है। हरबर्टपुर से यमुनोत्री तक सड़क चौड़ीकरण की भी केंद्र द्वारा सैद्धांतिक सहमति मिल चुकी है। जिसका कार्य जल्द ही शुरू किया जाएगा इससे विकास नगर एवं कालसी क्षेत्र से भी चार धाम यात्रा का संचालन हो सकेगा।

मुख्यमंत्री ने सामाजिक सरोकारों को समर्पित लोक पंचायत द्वारा जमुना कृष्ण धाम की स्थापना के लिए किए जा रहे प्रयास की सराहना की। उन्होंने कालसी क्षेत्र की विभिन्न प्रस्तावित विकास योजनाओं को शीघ्र आगे बढ़ाने की बात भी कही।
विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने कहा कि हरिपुर क्षेत्र ऐतिहासिक तौर पर बेहद महत्वपूर्ण है। यमुना तट पर घाटों के निर्माण से क्षेत्र का नाम पर्यटन के साथ ही धार्मिक स्थल के रूप में उभरेगा। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति एवं आध्यात्म के पुनः जागरण का कार्य किया जा रहा है।

कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिपुर स्थित यमुना घाट पहुंच पूजा अर्चना कर प्रदेश की तरक्की एवं खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री यमुना आरती में भी सम्मिलित हुए।
इस दौरान कार्यक्रम में सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह, जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान, भाजपा जिला अध्यक्ष मीता सिंह, मूरत राम शर्मा, नवीन ठाकुर, अपर सचिव रणवीर सिंह चौहान, वी.सी एमडीडीए बंशीधर तिवारी, के.एस चौहान एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री से की आईटीबीपी के महानिदेशक ने भेंट, जताया आभार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आई.टी.बी.पी. के महानिदेशक अनीश दयाल सिंह ने भेंट की। उन्होंने राज्य में अर्धसैनिक बलों के शहीद जवानों के आश्रितों को भी राज्य सरकार की सेवाओं में नौकरी देने के निर्णय के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आईटीबीपी में उत्तराखण्ड से काफी संख्या में जवान है। उन्होंने कहा कि राज्य के वाइब्रेंट विलेज के लोगों की आर्थिकी को बढ़ाने में आई.टी.बी.पी द्वारा हर संभव सहयोग दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि ऐसे क्षेत्रों के लोगों की आर्थिकी बढ़े और उनके उत्पादों को अच्छी मार्केटिंग मिल सके, आईटीबीपी उन उत्पादों को खरीदेगी। महानिदेशक आईटीबीपी ने कहा कि इसके लिए आईटीबीपी को राज्य की सहकारी समितियों के माध्यम से सहयोग मिल जाए तो उत्पादों को खरीदने में आसानी होगी। उन्होंने कहा कि ऐसे क्षेत्रों के लिए आईटीबीपी डॉक्टर एवं स्वास्थ्य सुविधाएं भी उपलब्ध करायेगी, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय के साथ कार्य किया जायेगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत राज्य के वाइब्रेंट विलेज वाले क्षेत्रों में लोगों की आर्थिकी को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। ऐसे क्षेत्रों में आईटीबीपी लोगों की आर्थिकी बढ़ाने के लिए जो भी सहयोग देगी, राज्य सरकार द्वारा हर संभव सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी। उन्होंने कहा कि राज्य के वाइब्रेंट विलेज वाले क्षेत्रों के उत्पाद आईटीबीपी को सुगमता से मिल सकें, इसके लिए सहकारी समितियों के माध्यम से उत्पाद उपलब्ध करवाये जायेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य के स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग की दिशा में कार्य किये जा रहे हैं।
इस अवसर पर विधायक मुन्ना सिंह चौहान, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस.संधू, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव शैलेश बगोली, आईटीबीपी से एडीजी मनोज रावत, आईजी संजय गुंज्याल, डीआईजी मनु महाराज, पीआरओ राजीव नेगी उपस्थित थे।

सभी विभाग लैंड बैक के पोर्टल के माध्यम से मॉनिटरिंग करेंः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए निवेश के लिए विभागों द्वारा जिन परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है उनकी समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को निर्दश दिये कि राज्य में निवेश को तेजी से बढ़ाने के लिए विभागों में बनी पॉलिसी को और बेहतर बनाने के लिए जो भी सुझाव प्राप्त हो रहे हैं, उनको शामिल करते हुए जो भी संशोधन की आवश्यकता है, इसके लिए प्रस्ताव लाये जाएं। उन्होंने कहा कि सभी विभागीय सचिव इस पर विशेष ध्यान दें कि इन्वेस्टर्स समिट शुरू होने तक विभिन्न परियोजनाओं के तहत काफी अच्छी ग्राउंडिग हो जाए। राज्य में निवेश को तेजी से बढ़ाना राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। सभी विभागीय सचिव इसके लिए नियमित विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक करें।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि सभी विभागों के लैंड बैंक की पोर्टल के माध्यम से मॉनिटरिंग की जाय। निवेश के लिए आवश्यकतानुसार भूमि का सही उपयोग होना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जो भी निवेश प्रस्ताव आ रहे हैं उनकी जल्द ग्राउंडिंग हो जाए। राज्य में निवेश बढ़ाने के लिए विभागों द्वारा जो भी योजना बनाई जा रही है, उसका क्रियान्वयन सुनियोजित तरीके से हो। यह सुनिश्चित किया जाए कि नीतियों का सरलीकरण के साथ ही निवेशकों को सभी अनुमतियां समय पर मिल जाएं।
राज्य में निवेश बढ़ाने के लिए पर्यटन, कृषि, मैन्युफैक्चरिंग, स्वास्थ्य, आयुष, शहरी विकास, ऊर्जा आईटी, खेल, स्किल डेवलपमेंट एवं तकनीकि शिक्षा, उच्च एवं माध्यमिक शिक्षा, परिवहन एवं अन्य क्षेत्रों में विभागों द्वारा किये जा रहे कार्यों की मुख्यमंत्री ने समीक्षा की। उन्होंने सभी सचिवों को निर्देश दिये कि कार्यों में और तेजी लाने के लिए अपने विभागों के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने के लिए और प्रभावी प्रयासों की जरूरत है। राज्य का समग्र विकास पर्वतीय क्षेत्रों के विकास से ही संभव है। पर्वतीय क्षेत्रों में निवेशकों को निवेश करने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश के लिए अनेक संभावनाएं हैं, इन संभावनाओं को हमें कार्यरूप में लाकर प्रदेश की आर्थिकी को तेजी से बढ़ाना है।
बैठक में मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधू, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनन्द बर्द्धन, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, अरविंद सिंह ह्यांकी, सचिन कुर्वे, बी.वी.आर.सी पुरूषोत्तम, रविनाथ रमन, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, विजय कुमार यादव, डॉ. आर. राजेश कुमार, विनय शंकर पाण्डेय, दीपेन्द्र कुमार चौधरी, डॉ. एस.एन. पाण्डेय, प्रमुख वन संरक्षक अनूप मलिक, महानिदेशक उद्योग रोहित मीणा और संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम धामी ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए वेबसाइट को किया लांच

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लोगो और वेबसाईट को लांच किया। देहरादून में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने समिट के लोगो और वेबसाईट को लांच करते हुए कहा कि इस बार इन्वेस्टर्स समिट में 2 लाख 50 हजार करोड़ रूपए के निवेश का लक्ष्य रखा गया है।राज्य सरकार ने निवेश को बढ़ावा देने के लिए नीतियों में सुधार भी किये हैं और नई नीतियों को भी लागू किया है। विभिन्न क्षेत्रों के लिये 27 नीतियां प्रख्यापित की गई हैं। राज्य में 6 हजार एकड़ का लैंड बैंक भी तैयार किया गया है। गौरतलब है कि उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेर्स्टस समिट देहरादून में दिसम्बर माह में होने जा रहा है। राज्य सरकार ने इसकी तैयारियां तेज कर दी हैं।

उद्योग जगत से लगातार संवाद कर रही सरकार

उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेर्स्टस समिट के लोगो और वेबसाईट के अनावरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार, उद्योग जगत और प्रमुख औद्योगिक संगठनों से लगातार सम्पर्क में है। इसी क्रम में 17 अगस्त को देहरादून में और 21 अगस्त को दिल्ली में प्रमुख उद्योगपतियों से संवाद किया गया। उद्योग जगत से मिल रहे सुझावों को बहुत ही प्रमुखता से लिया गया है। उसी आधार पर एमएसएमई नीति, सेवा क्षेत्र नीति, लॉजिस्टिक नीति, सोलर नीति, आदि में सुधार किया गया है।

पीस डेस्टिनेशन के साथ इंवेस्टमेंट डेस्टिनेशन भी बना उत्तराखंड

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में उद्योगों और निवेश के अनुकूल बने माहौल से उद्योगपतियों में बहुत उत्साह है। देवभूमि उत्तराखण्ड में सदियों से लोग शांति के लिए आते रहे हैं। प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं, अब निवेशक भी यहां आने के लिये उत्साहित हैं। शांति और पर्यटन के डेस्टीनेशन के साथ ही उत्तराखण्ड प्रमुख इन्वेस्टमेंट डेस्टीनेशन भी बना है। देश विदेश के लोग यहां से जुड़ना चाहते हैं। यहां के प्राकृतिक वातावरण, प्रभावी सिंगल विंडो सिस्टम, निवेश अनुकूल नीतियों, राष्ट्रीय राजधानी से निकटता, इन्फ्रास्ट्रक्चर के कारण उत्तराखण्ड निवेश के लिये प्रमुख केंद्र बन रहा है। ईज आफॅ डूंईंग बिजनेस में उत्तराखण्ड एचीवर्स श्रेणी में है। नीति आयोग द्वारा जारी निर्यात तैयारी सूचकांक में उत्तराखण्ड हिमालयी राज्यो प्रथम स्थान पर जबकि सम्पूर्ण देश में 9 वें स्थान पर है।

इंवेस्टमेंट सम्मिट पूरे उत्तराखंड का

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो उद्योग पहले से उत्तराखण्ड में स्थापित हैं, उन्होंने भी अपना विस्तार करने की बात कही है। इन्वेस्टर्स समिट केवल उद्योग विभाग का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि सभी विभाग इससे जुड़े हैं। वस्तुतः यह समिट उत्तराखण्ड के सभी नागरिकों का है। राज्य में निवेश से रोजगार सृजन होगा, लोगों की आय में वृद्धि होगी और देश के विकास में उत्तराखण्ड प्रभावी भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों के अनुभवों से सीखते हुए बहुत से सुधार किये गये हैं। राज्य में अधिक से अधिक निवेश आए इसके लिये हम ठोस तरीके से काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने बाबा केदार की भूमि से कहा था कि 21 वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा। इन्वेस्टर्स समिट इसी दिशा में एक बड़ा प्रयास है।

मुख्य सचिव डा. एस.एस. संधु ने कहा कि उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेर्स्टस समिट के लोगो में उत्तराखण्ड की विशिष्टताओं को प्रदर्शित किया गया है। पहले लोग यहां शांति के लिए आते थे, अब पर्यटन और निवेश के लिये आ रहे हैं। पर्यटन, योग, वैलनेस, सर्विस सेक्टर, कृषि और हॉर्टीकल्चर पर राज्य सरकार फोकस कर रही है। प्रदेश में बेरोजगारी और गरीबी को दूर करने के लिये निवेश महत्वपूर्ण है। प्रदेश सरकार राज्य के नागरिकों की क्वालिटी ऑफ लाईफ में सुधार करने का प्रयास कर रही है। कृषि और हॉर्टीकल्चर को प्रमुखता दी जा रही है। प्रदेश की जीडीपी में 40 प्रतिशत योगदान देने वाले सेवा क्षेत्र के लिये भी नई नीति बनाई गई है।
अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने स्वागत सम्बोधन और सचिव विनय शंकर पाण्डे ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। इस अवसर पर विधायक दुर्गेश्वर लाल, सचिव शैलेश बगोली, महानिदेशक उद्योग रोहित मीणा, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी व अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

विशेषः

डेस्टीनेशन उत्तराखण्ड- ग्लोबल समिट 2023 का लोगो राज्य की भावनाओं का प्रतिबिम्ब है। लोगो में दो पर्वत श्रृंखलाएं निरंतरता के साथ प्रगति के परिचायक तीर का सृजन करता है, जो न केवल असीमित प्रगति का प्रतीक है, बल्कि विकास और सतत विकास की निरंतरता का द्योतक है। दोनों पर्वत श्रृंखलाएं दो महत्वपूर्ण पहलुओं को प्रदर्शित करती है- उत्तराखण्ड के प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता और कुशल श्रम शक्ति की अनवरत श्रृंखला।
लोगो में हरा रंग राज्य की प्राकृतिक सुन्दरता और प्रकृति के साथ सामन्जस्य का प्रतीक है। नीला रंग अवसरों, आकांक्षाओं और नये विचारों के लिये असीमित आकाश का प्रतिनिधित्व करता है।

समिट की टैग लाईन पीस टू प्रोस्पेरिटी है।

निवेशकों को उद्योगों की स्थापना के लिये अपेक्षित अनुमोदन/अनुज्ञा/स्वीकृति के लिये राज्य में ऑनलाईन सिंगल विंडो क्लीयरेंस पोर्टल www.investuttarakhand.uk.gov.in बनाई गई है।

खटीमा में मुख्यमंत्री ने किया राज्य आंदोलन में शहीदों के परिजनों को सम्मानित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य स्थापना के लिए 1 सितंबर 1994 को शहीद हुए आंदोलनकारियों के शहादत दिवस के अवसर पर खटीमा में मुख्य चौराहे के पास स्थित शहीद स्थल में शहीदों की मूर्तियों का अनावरण किया। उन्होंने शहीदों की मूर्तियों पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की और शहीदों के परिजनों को शॉल भेंट कर सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीदों तथा राज्य आंदोलनकारियों के सपनों के अनुरूप राज्य का चहुमुखी विकास हमारा लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि इन महान लोगों ने स्वयं का बलिदान इसीलिए दिया कि उन्हें लगता था कि उत्तराखंड अलग राज्य बनकर ही सच्चे अर्थाे में उनके सपनों को पूरा कर सकता है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं एक राज्य आंदोलनकारी होने के नाते आंदोलनकारियों के परिवार की पीड़ा समझ सकते है। खटीमा गोलीकांड को याद कर आज भी खटीमा वासियों सहित पूरे उत्तराखंड के लोगों का दिल सहम जाता है।

उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण के लिए सबसे पहली शहादत खटीमा की धरती पर दी गई थी और इस शहादत के फलस्वरूप हम पृथक राज्य के रूप में अपनी अलग पहचान बना पाएं हैं, जो खटीमा वासियों के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की जनता इन वीरों की आजन्म ऋणी रहेगी। जिनकी शहादत के परिणाम स्वरूप हमारे इस राज्य का गठन हुआ है। उन्होंने कहा कि हमें यह याद करने की आवश्यकता है कि आखिर क्यों इन महान लोगों ने राज्य निर्माण के लिए स्वयं का बलिदान दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका एक-एक पल, एक-एक क्षण राज्य आंदोलनकारियों के सपनों का उत्तराखंड बनाने के लिए समर्पित है और हम देवभूमि के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास की धारा पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रदेश में देश के सभी राज्यों के अध्ययन के पश्चात देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया, इसमें दोशी पाये जाने वाले 80 से अधिक नकल माफिया अब तक जेल जा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि जिसमे योग्यता, प्रतिभा और क्षमता होगी, उसे आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। नकल विरोधी कानून में नकल माफियाओं को 10 साल सजा और सारी संपत्ति जब्त करने का प्रावधान किया गया है साथ ही अभ्यर्थियों के डिबार का भी प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आंदोलनकारियों के सपनों का उत्तराखंड बनाने के लिए दिन रात काम कर रही है। हमने राज्य आंदोलनकारियों की पेंशन बढ़ाने के साथ ही 10 प्रतिशत आरक्षण देने की दिशा में कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में नई कार्य संस्कृति को लागू किया है। उनके नेतृत्व में कोरोना काल में 120 से ज्यादा देशों को स्वदेशी वैक्सीन देने का काम किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पूरी दुनिया में भारत के प्रति श्रद्धा पैदा हुई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में अब चन्दा मामा दूर के नहीं रह गए हैं। इस बार धरती मां की तरफ से चन्दा मामा को राखी भेजी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आंदोलनकारी भाइयो-बहनो के सपनों का उत्तराखंड बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2025 तक हमारा राज्य, देश का अग्रणीय राज्य होगा, इसके लिए हम सभी को विकास की इस यात्रा में मिलकर चलना होगा।

इस दौरान केन्द्रीय पर्यटन एवं रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने सभी शहीदों एवं आन्दोलनकारियों को नमन करते हुए कहा कि शहीद व्यक्ति परिवार का नहीं बल्कि राज्य एवं देश की अनमोल धरोहर हैं।

कार्यक्रम में केन्द्रय पर्यटन एवं रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट, विधायक गोपाल सिंह राणा, महिला आयोग की उपाध्यक्ष सायरा बानो, पूर्व विधायक डॉ.प्रेम सिंह राणा, भाजपा जिलाध्क्ष कमल जिन्दल, मण्डी अध्यक्ष नन्दन सिंह खड़ायत, जिलाधिकारी उदयराज सिंह, एसएसपी मन्जूनाथ टीसी सहित क्षेत्रीय जनता आदि उपस्थित थी।

चंपावत में बड़ी संख्या में महिलाओं ने मुख्यमंत्री को बांधा रक्षा सूत्र

प्रदेश की नारी शक्ति अपने कार्यों व आत्मविश्वास के बल पर आत्मनिर्भर बनकर अन्य को भी आर्थिक व सामाजिक रूप से सशक्त बना रही है। आज मातृशक्ति हर क्षेत्र में प्रतिनिधित्व कर देश का नाम विश्व पटल पर अंकित कर रही है। यह बात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चंपावत के बिरगुल क्षेत्र के रामलीला मैदान दुबचौड़ा लधौली में आयोजित रक्षाबंधन कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुये कहीं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी को रक्षाबंधन की बधाइयां व शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में आई महिलाओं ने मुख्यमंत्री को रक्षासूत्र भेंट कर उनकी दीर्घायु की कामना की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में सभी को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि रक्षाबंधन कार्यक्रम में आशीर्वाद देने आई बहनों का मैं हृदय की गहराइयों से विशेष धन्यवाद करता हूं, जो आपने मुझे अपने भाई के रूप में इतना स्नेह दिया। यह त्यौहार भाई बहन के पवित्र रिश्ते का प्रतीक है, साथ ही रक्षाबंधन महिलाओं के सम्मान के साथ-साथ पौराणिक एवं सांस्कृतिक महत्व का पर्व भी है। उन्होंने महिलाओं व बहनों को उनकी रक्षा करने के साथ ही उनके हितों के लिए कार्य करने का आश्वासन दिया। साथ ही प्रदेश में जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाने की बात कही।

मुख्यमंत्री ने जनपद की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा हस्तनिर्मित पिरूल, ऐपण, सूत व अन्य स्थानीय उत्पादों से बनाई गई राखियों व अन्य निर्मित उत्पादों की सराहना की। उन्होंने कहा कि हमारे जनपद की माताएं व बहने ‘वोकल फॉर लोकल’ को चरितार्थ कर जहां स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दे रही है, वहीं अन्य स्थानीय महिलाओं को भी रोजगार उपलब्ध कराकर सराहनीय कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए महिला स्वयं सहायता समूहों को 05 लाख रूपये तक का ब्याज मुक्त ऋण सरकार द्वारा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को मजबूत बनाने के लिए राज्य में ‘महिला सशक्त बहना उत्सव योजना’ शुरू की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण की दिशा में अनेक कार्य हो रहे हैं। उनके नेतृत्व में देश में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान चलाया गया। इस बार का यह पर्व हमारे लिये और भी महत्वपूर्ण है। चन्द्रयान-3 के सफल प्रक्षेपण व सफल लेंडिंग पर पूरे विश्व ने भारत का लोहा माना हैं। जिसमें माताओं व बहनों का विशेष योगदान रहा हैं उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा रक्षाबंधन पर्व पर महिलाओं को रसोई गैस में 200 रुपये जबकि उज्वला योजना के तहत 400 रुपये की कटौती की गई है जिसका सीधा लाभ लगभग 33 करोड़ महिलाओं व उनके परिजनों को मिलेगा। प्रधानमंत्री जी द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को भी मुख्यधारा में जोड़ने का है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चंपावत जिले को उत्तराखंड का अग्रणी जिला बनाने के लिए अनेकों विकास कार्य किए जा रहे हैं। महिलाओं के उत्थान व सशक्तिकरण के लिए सरकार द्वारा अनेक योजनाएं संचालित की गई हैं, इन योजनाओं से आज महिलाओं को उनके उत्पादों का बेहतर बाजार व मूल्य मिल रहा है। मुख्यमंत्री सशक्त बहिना उत्सव योजना लागू होने के बाद प्रदेश में इनके 50 लाख रूपये से अधिक उत्पादों की बिक्री हो गई है। चंपावत जिले को सभी क्षेत्रों में आगे ले जाने हेतु विशेष परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। जिसके तहत साहसिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए सितंबर मांह में टनकपुर में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने क्षेत्र के विकास हेतु कुल 12 घोषणाएं की। जिसमें केदारनाथ किमाड़ के अंतर्गत आने वाली सड़क का नाम शिक्षाविद/स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पंडित घनश्याम शास्त्री के नाम से करने की घोषणा की। इसके अतिरिक्त राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिरगुल को इंटरमीडिएट में उच्चीकृत किए जाने, टाकखनदक-करौली मोटर मार्ग का डामरीकरण व सुधारीकरण किए जाने, हनुमान मंदिर एड़ी मेला स्थल लधौली का सौंदर्यीकरण किए जाने, कीमौटा-रिखाड़ी मोटर मार्ग का निर्माण किए जाने, बालातड़ी के गोलचोरा बैंड से खरही के मटखानी तक मोटर मार्ग का निर्माण किए जाने, चमतोला से ओलना मोटर मार्ग का निर्माण किए जाने, रामलीला मंच दुबचौड़ा हेतु यथाचित डीपीआर बनाकर धनराशि दिए जाने, एड़ी फटक शिला मंदिर सड़क (1.5 किमी) का डामरीकरण किए जाने, फुटलिंग मेला स्थल का सौन्दर्यकरण किए जाने, रा०ई०का० दुबचौड़ा में विज्ञान वर्ग की स्वीकृति और इसी विद्यालय का नाम शहीद विक्रम सिंह बिष्ट के नाम से किए जाने की घोषणा की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा क्षेत्र के जनसंघ से जुड़े कार्यकर्ता, वीर शहीदों के परिजनों, पूर्व सैनिक व उनकी वीर नारियों को भी सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर गीता पुष्कर धामी, जिला पंचायत अध्यक्ष ज्योति राय, भाजपा जिला अध्यक्ष निर्मल मेहरा, पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पींचा, नोडल अधिकारी मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय केदार सिंह बृजवाल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री मुकेश कलखुड़िया द्वारा किया गया।

मुख्यमंत्री से किसानों के प्रतिनिधि मण्डल ने की भेंट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बाजपुर में सिंचाई विभाग के अतिथिगृह में भूमि बचाओ आन्दोलन से जुड़े किसानों के प्रतिनिधिमण्डल ने भेंट की। प्रतिनिधिमण्डल ने बाजपुर के 20 गाँवों की 5838 एकड़ भूमि पर मालिकाना हक दिये जाने की माँग मुख्यमंत्री से की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिनिधिमण्डल को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार जटिल से जटिल समस्याओं के निस्तारण हेतु सरलीकरण, समाधान एवं निस्तारण के मंत्र पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि बाजपुर की भूमि समस्या के स्थाई समाधान हेतु सकारात्मक दिशा में कार्यवाही की जायेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समस्याओं के निस्तारण में कुछ समय अवश्य लग रहा है परन्तु उसके निस्तारण में सकारात्मक सोच के साथ कार्य किया जायेगा।
प्रतिनिधिमण्डल में भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष कर्म सिंह पड्डा, निरंजन दास गोयल, जगतार सिंह बाजवा, रजनीत सिंह ‘सोनू’, कुलवीर सिंह, सुशील सिंगला आदि शामिल थे।

अपुणि सरकार पोर्टल से राज्य के नागरिकों को मूल्यवान सुझाव मिल रहेः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सचिवालय में सचिव सूचना प्रौद्योगिकी शैलेश बगोली एवं निदेशक आई.टी.डी.ए. नीतिका खण्डेलवाल ने भेंट की। उन्होंने राज्य की सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेन्सी (आई.टी.डी.ए.) को इंदौर में आयोजित 26वीं ई-गवर्नेंस कॉन्फ्रेंस में अपुणी सरकार पोर्टल को नेशनल ई-गवर्नेंस अवार्ड 2023 के साथ प्रदान किये गये रजत पदक एवं ट्रॉफी मुख्यमंत्री को भेंट की। इस अवॉर्ड के अंतर्गत ट्रॉफी एवं 5लाख का पुरुस्कार भी शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे राज्य का अधिकतर भू-भाग पर्वतीय क्षेत्र के अन्तर्गत आने से पर्वतीय क्षेत्रों में आम नागरिकों को जन केन्द्रित सेवाओं को प्राप्त करने हेतु दूर-दराज के पर्वतीय क्षेत्रों से कस्बों/जनपदो में आना पडता था। इससे आम नागरिकों को काफी असुविधा होती थी तथा इसमें समय एवं धन का भी व्यय होता था। इसका ध्यान रखते हुए, सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी (आईटीडीए) को एक एकीकृत पोर्टल “अपणि सरकार“ को विकसित करने का लक्ष्य दिया गया था। वर्तमान में 575 नागरिक-केंद्रित सेवाएँ इसके माध्यम से प्रदान की जा रही हैं। समय पर सेवा प्रदान करना, आवेदन स्थिति की ट्रैकिंग, डिजिलॉकर के साथ एकीकृत प्रमाणपत्र, व्यक्तिगत नागरिक डैशबोर्ड, और अनुकूलनीय अधिकारी डैशबोर्ड जैसी सुविधाऐं इस पोर्टल में सामिल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पोर्टल से नागरिकों और अधिकारियों को मूल्यवान सुझाव प्रदान करने के साथ प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुगम बनाने में मदद मिल रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के अपुणी सरकार ई-पोर्टल को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलना हम सबके लिये सम्मान की बात है। यह पुरस्कार राज्य में ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में की जा रही पहल को और गति प्रदान करने में भी सहायक होगा। यह पोर्टल “आपणो स्कूल अपणु प्रमाण“ और ‘‘डोर स्टेप डिलीवरी’’ जैसे नवाचार सेवाओं और पहुँच को और बढ़ावा देने के साथ “अपणि सरकार“ पोर्टल उत्तराखंड सरकार को अपने नागरिक को सुरक्षित, कुशल एवं पारदर्शी नागरिक केंद्रित सेवाओ को फेसलेस, कैशलेस एवं पेपरलेस प्रक्रिया के माध्यम से प्रदान करने की सुविधा प्रदान कर रहा है। इन्ही सब विशिष्टताओं के साथ इस पोर्टल को नागरिक केन्द्रित सेवायें प्रदान करने में उभरती हुई प्रौद्योगिकी में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल पायी है। इससे राज्य में ई-गवर्नेंस को बढावा देने में और अधिक सहायता मिल सकेगी।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूडी, अपर सचिव आशीष श्रीवास्तव, अपर निदेशक गिरीश गुणवंत, संयुक्त निदेशक राम स्वरूप उनियाल आदि उपस्थित थे।

चमोली जनपद को मिला आजीविका संवर्धन की विभिन्न गतिविधियों के लिये स्कॉच अवार्ड, मुख्यमंत्री ने दी बधाई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत जनपद चमोली को आजीविका संवर्धन की विभिन्न गतिविधियां हेतु स्कॉच अवार्ड मे सिल्वर श्रेणी प्राप्त होने पर बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर इस प्रकार का प्रोत्साहन मिलने से आजीविका संवर्धन के प्रयासों को बल मिलेगा तथा स्वयं सहायता समूह और अधिक स्वावलम्बी बनकर स्वरोजगार को बढ़ावा देने में भी मददगार बनेंगे। इसमें हमारी आर्थिकी को भी मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने इसके लिए जिलाधिकारी चमोली श्री हिमांशु खुराना एवं मुख्य विकास अधिकारी चमोली डॉ ललित नारायण मिश्र के प्रयासों की भी सराहना की।

जनपद चमोली में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित स्वयं सहायता समूह स्थानीय आधार पर कौशल विकास हेतु विभिन्न स्वरोजगार आजीविका संवर्धन हेतु कौशल विकास का प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिसमें मुख्य रूप से लेंटाना फर्नीचर निर्माण. फल संरक्षण ( तिमला का अचार, लंगूड़े का अचार. विभिन्न प्रकार के जूस ) पिरुल से बने गृह उपयोगी सामान. धूप निर्माण/ अगरबत्ती निर्माण. कताई बुनाई प्रशिक्षण. डेयरी प्रशिक्षण. सुगंधित जड़ी बूटी प्रशिक्षण. भोजपत्र प्रशिक्षण आदि मुख्य रूप से समूह सदस्यों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है जिसमें जनपद को जिला गवर्नेंस अवार्ड के अंतर्गत सिल्वर श्रेणी का अवार्ड प्राप्त किया है राष्ट्रीय स्तर पर स्कॉच ग्रुप द्वारा जनपद चमोली को आजीविका गतिविधियां संवर्धन हेतु सिल्वर श्रेणी स्कॉच ग्रुप से प्राप्त दिया गया है। ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत समूहों को बैंक लिंकेज के साथ व्यवसाय हेतु ऋण भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

जनपद चमोली में इस प्रकार के प्रशिक्षण से स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को स्वरोजगार मिला है महिलाएं स्वरोजगार कर आत्मनिर्भर बन रही है. समूह द्वारा उत्पादित इन सामग्रियों को स्थानीय स्तर पर उनकी आर्थिक की सुधार हो रहा है।

आज नई दिल्ली में 94 स्कॉच समिट कांस्टीट्यूशन क्लब इंडिया नई दिल्ली में स्कॉच ग्रुप इंडिया द्वारा यह अवार्ड प्रदान किया गया जिसमें जनपद चमोली को सिल्वर अवार्ड प्रदान किया गया। जनपद चमोली के प्रतिनिधि के रूप में डॉ महेश कोहली तत्कालीन जिला विकास अधिकारी चमोली एवं संजय पुरोहित ग्रामीण वित्त समन्वयक उपासक चमोली ग्रामीण विकास द्वारा यह अवार्ड प्राप्त किया गया।

मुख्यमंत्री से मिले नैनीताल के भाजपा जिलाध्यक्ष व मेयर हल्द्वानी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में नैनीताल जनपद के भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह बिष्ट एवं मेयर हल्द्वानी डॉ. जोगेन्द्र सिंह रौतेला के नेतृत्व में शिष्टमंडल ने भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने जनपद नैनीताल में रेरा (रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी) से किसानों को आ रही समस्याओं से अवगत कराया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों के सभी हितों को ध्यान में रखते हुए कार्य कर ही है। उन्होंने सचिव मुख्यमंत्री एस.एन पाण्डेय को निर्देश दिये कि नैनीताल क्षेत्रान्तर्गत किसानों को रेरा से जो भी समस्याएं आ रही हैं, जिलाधिकारी से रिपोर्ट लेकर पूरा परीक्षण किया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का परीक्षण कर यथा सम्भव उचित समाधान निकालने का पूर्ण प्रयास किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा जो भी निर्णय लिये जा रहे हैं, वह जन भावनाओं के अनुरूप लिये जा रहे हैं।

इस अवसर विकास भगत, आनन्द रमवाल, मण्डल अध्यक्ष मुकेश बेलवाल, पूरन भगत, प्रमोद तौलिया, रविन्द्र रैकूनी, त्रिलोक नौला, साकेत अग्रवाल, उमेश शर्मा एवं अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे।