हम सभी की जिम्मेदारी, राज्य में संस्कृत भाषा के विकास में समेकित प्रयासः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देव भाषा संस्कृत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिये विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिये है। हम सबकी जिम्मेदारी है कि देवभूमि उत्तराखण्ड में संस्कृत-भाषा के विकास में समेकित प्रयास हो। संस्कृत अकादमी द्वारा इस दिशा में किये जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने इस दिशा में और अधिक प्रयासों की भी जरूरत बतायी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड संस्कृत भाषा के विकास में भी अग्रणी राज्य बने इसके लिये नवाचार के प्रति ध्यान देना होगा। इसके लिये धनराशि की कमी नहीं होने दी जायेगी।
सचिवालय में उत्तराखण्ड संस्कृत आकदमी की सामान्य समिति की 09वीं बैठक की अध्य़क्षता करते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने संस्कृत भाषा को बढावा देने में विज्ञान एवं तकनीकि का भी सहयोग लेने पर बल देते कहा कि व्याकरण से सिद्ध भाषा संस्कृत कम्प्यूटर के लिये भी उपयुक्त मानी गई है। उन्होंने कहा कि देवभूमि के कारण हमारी पहचान है। संस्कृत हमारे परिवेष से जुडी भाषा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भाषाओं की जननी संस्कृत को बढ़ावा देना भी हम सबकी जिम्मेदारी है। ताकि इससे हमारी प्राचीन संस्कृति के संरक्षण के साथ ही संस्कृत भाषा के प्रति युवाओं का रूझान बढ़ सके। उन्होंने कहा कि जनपद स्तर पर संस्कृत ग्रामों की स्थापना पर ध्यान दिया जाय। उन्होंने संस्कृत भाषा, वेद, पुराणों एवं लिपियों पर शोध कार्य पर अधिक ध्यान देने की जरूरत बताते हुये कहा कि युवाओं को संस्कृत की अच्छी जानकारी हो, समाज तक इसका व्यापक प्रभाव हो तथा इसके लिए संस्कृत भाषा को बढ़ावा देने के साथ ही इस क्षेत्र में शोध कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जाय। उन्होंने कहा कि संस्कृत भाषा के व्यापक प्रचार प्रसार के लिए अन्य राज्यों द्वारा किए जा रहे कार्यों एवं उनकी बेस्ट प्रैक्टिसेज का भी अध्ययन किया जाय।
कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री की सहमति से संस्कृत विद्यालयों के छात्रों को भी मुख्यमंत्री छात्रवृति योजना का लाभ दिया जायेगा। साथ ही शोध कार्यों के लिये भी संस्कृत विश्वविद्यालयों के छात्रों को धनराशि उपलब्ध करायी जायेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अधिक से अधिक लोगों को संस्कृत शिक्षा का ज्ञान हो इसके प्रयास किये जायेगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भव्य संस्कृत ज्ञानकुंभ का भी आयोजन किया जायेगा। जिसमें सभी विश्वविद्यालयों की भागीदारी सुनिश्चित की जायेगी।
बैठक में कुलपति पतंजलि योगपीठ हरिद्वार आचार्य बालकृष्ण ने लोगों में संस्कृत को बढावा देने के प्रयासों के तहत असम की भंाति लोकगीतों को संस्कृत में तैयार किये जाने तथा प्रमुख स्थलों पर संस्कृत में साइन बोर्ड लगाये जाने की बात कही। इससे यहां आने वालों को देवभूमि की अनुभूति होगी। अधिक से अधिक युवा संस्कृत में पी.एच.डी. करें इस दिशा में भी पहल का उन्होंने सुझाव व सहयोग की बात कही। उन्होंने कहा कि पतंजलि योगपीठ के सहयोग से एक घंटे का संस्कृत कार्यक्रम चौनल पर संचालित किये जाने के प्रयास किये जायेंगे।
निदेशक प्राच्यविद्या प्रतिष्ठान एवं सचिव हिन्दी एवं गढ़वाली कुमाऊँनी, जौनसारी अकादमी नई दिल्ली डॉ. जीतराम भट्ट का सुझाव था कि राज्य के परंपरागत लोकगीतों का संस्कृत संस्मरण उसी तर्ज पर तैयार किये जाय। उन्होंने अन्य राज्यों की अकादमियों से समन्वय तथा कर्मकाण्ड एवं संस्कार की कक्षाओं के संचालन तथा प्रेक्टिकल पर ध्यान देने की बात रखी।
हे.न.ब. गढवाल केन्द्रीय वि.वि. श्रीनगर के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष इतिहास एवं पुरातत्व विभाग प्रो. आर.पी.एस. नेगी के अतिरिक्त अन्य सदस्यों ने भी अपने विचार रखे।
सचिव उत्तराखण्ड संस्कृत अकादमी एस.पी.एस. खाली द्वारा संस्थान के कार्यकलापों की जानकारी दी गई। बैठक में गत वर्षों के आय व्ययक की कार्याेत्तर स्वीकृति के साथ इस वर्ष के प्रस्तावित कार्य योजना को अनुमोदन प्रदान किया गया।
बैठक में सचिव विनोद प्रसाद रतूडी, अपर सचिव एस. के. सिंह, योगेन्द्र यादव, ललित मोहन रयाल, अनिता जोशी, उपसचिव प्रदीप मोहन नौटियाल, संस्कृत विभागाध्यक्ष राजकीय महाविद्यालय बनबसा, चंपावत प्रो. मुकेश कुमार, प्रभारी प्राचार्य श्रीगुरूराम राय लक्ष्मण संस्कृत महाविद्यालय डॉ. रामभूषण बिजल्वाण, प्रभारी प्राचार्य श्रीमहादेव गिरी संस्कृत महाविद्यालय हल्द्वानी डॉ. नवीनचन्द्र जोशी, आदि उपस्थित थे।

देहरादून गढ़ी कैंट में शहीद दुर्गा मल्ल को मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गढ़ी कैंट स्थित शहीद दुर्गा मल्ल पार्क में आजाद हिंद फौज के शहीद मेजर दुर्गा मल्ल की प्रतिमा एवं चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाले गोरखा समुदाय के लोगों को सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अल्प आयु में ही मेजर दुर्गा मल्ल ने देश की रक्षा के लिए अपने सभी सुख, सुविधाओं को त्याग कर अंग्रेजों के विरुद्ध लड़ने का जो दृढ़ साहस दिखाया था, उसे हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी राष्ट्र प्रथम की भावना से प्रेरित होकर अपना सर्वस्व देश को अर्पण कर दिया। 1931 में दुर्गा मल्ल जी गोरखा राइफल्स में भर्ती हुए और यहीं से उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध में भी हिस्सा लिया। 1942 में वे नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के आह्वान पर आजाद हिन्द फौज में भर्ती हो गये। 27 मार्च 1944 में अंग्रेज सैनिकों द्वारा दुर्गा मल्ल को युद्धबंदी बना लिया गया और सैनिक अदालत द्वारा उन्हें फांसी पर चढ़ाने का हुक्म दिया गया। 25 अगस्त 1944 को दिल्ली की तिहाड़ जेल में स्वाधीनता के इस दीवाने ने हंसते हंसते फांसी का फन्दा अपने गले में स्वीकार किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि एवं वीरों की भूमि है, बलिदानियों की भूमि है। यह बात हमारे सैनिकों ने आज तक हुए सभी युद्धों में सिद्ध भी की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से सेना ना केवल पहले से और अधिक सक्षम और सशक्त हो रही है बल्कि उसकी यश और कीर्ति पताका चारों ओर फहरा रही है। केन्द्र सरकार जहां एक ओर सेना के आधुनिकीकरण पर बल दे रही है, वहीं दूसरी ओर सैनिकों और उनके परिवारों को मिल रही सुख-सुविधाओं का भी ख्याल रख रही हैं। प्रधानमंत्री निरंतर सैनिकों के साहस और मनोबल को बढ़ा रहे है। राज्य सरकार भी नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में सैनिकों एवं उनके परिवार को मिलने वाली सुविधाओं में वृद्धि करने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। सैनिकों या उनके आश्रितों को मिलने वाली अनुदान राशि बढ़ाने से लेकर शहीद सैनिकों के आश्रितों को राज्य सरकार के अधीन आने वाली नौकरियों में वरीयता के आधार पर नियुक्ति देने का निर्णय भी इसी आशय से राज्य सरकार ने लिया है।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने शहीद मेजर दुर्गा मल्ल को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्हें आजाद हिन्द फौज में गुप्तचर का कार्य दिया गया था। उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों को कर्तव्यनिष्ठा से पूरा किया और देश के लिए अपना सर्वाेच्च बलिदान दिया। हम सबको उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। गणेश जोशी ने कहा कि गुनियालगांव, देहरादून में हमारे शहीद सैनिकों की स्मृति में भव्य सैन्य धाम का निर्माण किया जा रहा है। इस पर तेजी से कार्य किया जा रहा है।

इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

सचिवालय में लगी राखी की स्टॉलें, सीएम की कलाई पर बहनों ने बांधी राखी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाये गये राखी के स्टॉलों का अवलोकन किया। महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाए जा रहे स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और उन उत्पादों की अच्छी बिक्री हो, इस उद्देश्य से राज्य में ‘मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना’ शुरू की गई है। इस योजना के तहत प्रदेश के सभी विकासखण्डों में महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से 24 से 28 अगस्त 2023 तक राखियों के स्टॉल लगाये जा रहे हैं। स्टॉलों के अवलोकन के दौरान स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने मुख्यमंत्री की कलाई में राखी भी बांधी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसके बाद सचिवालय से वर्चुअल माध्यम से सभी जनपदों से जुड़ी महिला स्वयं सहायता समूहों की बहनों से संवाद किया। मुख्यमंत्री ने सभी से उनके द्वारा बनाये जा रहे उत्पादों एवं उनकी बिक्री की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जो भी स्थानीय उत्पाद बनाये जा रहे हैं, उनमें हमें गुणवत्ता और पैकेजिंग का विशेष ध्यान रखना है। उन्होंने कहा कि हमारी बहनों ने जब भी कोई संकल्प लिया है, उसे सिद्धि तक पहुंचाया है। ‘मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना’ को और बेहतर बनाया जायेगा। जिसमें महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाये जा रहे उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ ही उनके लिए अच्छे मार्केट की व्यवस्था भी की जायेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में महिला स्वयं सहयता समूहों द्वारा नये उत्पाद बनाने के लिए अनेक नवाचार किये गये हैं। उनके द्वारा बनाये जा रहे उत्पादों की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों से अपील भी की है कि त्योहारों एवं विशेष पर्वों पर महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाये गये स्थानीय उत्पादों को जरूर खरीदें। ‘वोकल फॉर लोकल’ से जहां हमारे उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय स्तर लोगों की आजीविका भी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण की दिशा में सराहनीय कार्य हो रहे हैं।
संवाद के दौरान महिला स्वयं सहायता समूहों की बहनों ने बताया कि रक्षा बंधन के अवसर पर उनके द्वारा भोजपत्र, ऐपण, वैजयंती माला, पिरूल एवं अन्य स्थानीय उत्पादों पर आधारित राखियां बनाई गई हैं। जिनकी बाजार में मांग भी बहुत है। सभी जनपदों में जिला प्रशासन द्वारा स्थानीय उत्पादों पर आधारित राखियों की बिक्री के लिए स्टॉल भी लगाये गये हैं। महिला स्वयं सहायता समूहों ने स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों की सराहना की एवं उनका आभार भी व्यक्त किया।
सचिवालय में गीता पुष्कर सिंह धामी ने भी महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाये गये राखी के स्टॉलों का अवलोकन किया।
इस अवसर पर अपर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, प्रेमचन्द अग्रवाल, डॉ. धन सिंह रावत, रेखा आर्या, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव ग्राम्य विकास राधिका झा, आयुक्त ग्राम्य विकास आनन्द स्वरूप, वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी एवं सीडीओ उपस्थित थे।

मां गंगा, गौमाता और गीता जैसें ग्रंथों से मिलती है प्रेरणाः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बन्नू स्कूल, देहरादून में आयोजित ‘एक देश संकल्प गौमाता राष्ट्रधर्म’ महोत्सव में प्रतिभाग किया तथा कथा व्यास गोपाल मणि का आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि मां गंगा, गौमाता और श्रीमद् भगवत गीता जैसे ग्रन्थों से हम सबको प्रेरणा मिलती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम से उपस्थित गौमाता के संरक्षण से जुड़ने की प्रेरणा मिलती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गौमाता को ऐसा दर्जा है जिसके दूध का कर्ज हम कभी नहीं भूला सकते। इनके दूध से दही, मक्खन जैसे खाने के पदार्थ बनते है एवं खाने-पीने के अन्य पकवानों में भी इनका उपयोग होता है। गौमाता के दूध का उपयोग नवजात शिशु के पालन पोषण के साथ-साथ वयस्क लोगों के भी उपयोग में आता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका सौभाग्य है कि आज गोस्वामी तुलसीदास का जन्मदिन है तथा इस अवसर पर उन्हें गौसंरक्षण जैसी मुहिम से जुड़ने का सौभाग्य भी प्राप्त हुआ है। कार्यक्रम में उपस्थित लोग किसी के बुलाने पर नहीं आए है, बल्कि वह भगवान के बुलाने पर यहां आए है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी धार्मिक संस्कृति के अनुसार गौ माता को पूरे संसार की माता का दर्जा दिया गया है। परन्तु समय के साथ-साथ कुछ लोगों द्वारा गौमाता और उनसे संबंधित मनुष्यों के उपयोग में आने वाली सामग्री जैसे गोबर, गौमूत्र का मजाक बनाकर रख दिया है। हमारी सरकार भी गौ संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है और उसके लिए सरकार द्वारा कई योजनाएं लागू की गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारे देश में जितने भी तीर्थ स्थान है, उनके पुनर्निर्माण के लिए तेजी से किये जा रहे है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, केदारनाथ पुनर्निर्माण और आने वाले समय में अयोध्या में राम जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर का निर्माण पूरा हो जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में धर्मांतरण कानून लागू किया गया है। इसी के तहत लव जिहाद और लैंड जिहाद में भी अगर कोई दोषी पाया गया, तो उसके खिलाफ भी सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उत्तराखंड विभिन्न खेलों में देश का कर रहा प्रतिनिधित्वः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सचिवालय में हल्द्वानी निवासी सबसे कम उम्र के शतरंज खिलाड़ी श्री तेजस तिवारी ने भेंट की। मुख्यमंत्री ने तेजस को भविष्य में शतरंज़ के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करने एवं उज्ज्वल भविष्य की अनंत शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज उत्तराखण्ड विभिन्न खेलों में देश का प्रतिनिधित्व कर रहा है, जो हम सभी के लिए गर्व का विषय है।

अन्तर्राष्ट्रीय शतरंज महासंघ द्वारा हल्द्वानी निवासी तेजस तिवारी को सबसे कम उम्र का शतरंज खिलाड़ी घोषित कर सम्मानित किया गया है।

सीएम ने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक प्रदान किए

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 77वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर परेड ग्राउण्ड देहरादून में राज्य के मुख्य कार्यक्रम में ध्वजारोहण किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को सम्मानित किया एवं फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 05 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को विशिष्ट कार्यों के लिए मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक प्रदान किया। हेड कांस्टेबल चमन कुमार, पुलिस अधीक्षक अमित श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, अपर पुलिस अधीक्षक सरिता डोभाल एवं आरक्षी धीरेन्द्र सिंह चौहान को मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक प्रदान किया गया।

मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्यहित में 13 घोषाणाएं की।

1. आमजन को वर्षभर भवन निर्माण सामग्री ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से सीधे घर तक पहुंचाने के लिए एक ’’खनिज प्रसंस्करण पोर्टल’’ बनाया जाएगा, जिससे एक ओर इन खनिजों की कालाबाजारी रूकेगी, वहीं लोगों को भी सस्ते खनिज पदार्थ आसानी से मिल सकेंगे।
2. दुर्गम इलाकों में गर्भवती माताओं-बहनो की सुरक्षा के लिए हम ’’मुख्यमंत्री जच्चा-बच्चा सुरक्षा योजना’’ प्रारंभ की जायेगी, जिसके अंतर्गत विषम परिस्थितियों में गर्भवती माताओं-बहनो को एयरलिफ्ट करने की व्यवस्था के लिए तंत्र विकसित किया जाएगा। इस व्यवस्था को हम 108 एंबुलेंस सेवा से जोड़ने की योजना बनाई जा रही है।
3. राजकीय विद्यालयों में कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए उनके विषयों की पुस्तक हिन्दी तथा अंग्रेजी दोनों माध्यमों में निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।
4. ’’अग्निवीर योजना’’ के विरोध प्रदर्शन में शामिल उन युवाओं पर लगे मुकदमें वापस लिए जाएंगे, जो विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं या स्कूल व कालेजों में पढ़ाई कर रहे हैं।
5. राज्य के प्रमुख चौराहों और सड़कों का नामकरण राज्य के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, शहीदों, साहित्यकारों और महान विभूतियों के नाम पर किया जाएगा।
6. राज्य में एकल, निराश्रित, परित्यक्ता एवं विधवा महिलाओं को उनके निवास स्थान पर ही रोजगार सृजन हेतु प्रोत्साहित करने एवं उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने हेतु ’’मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना’’ प्रारंभ की जाएगी।
7. पर्वतीय क्षेत्र के नगरों को विकसित करने के उद्देश्य से ’’मुख्यमंत्री पर्वतीय नगर विकास योजना’’ के अंतर्गत दोनों मंडलों में एक-एक शहर को ’’मॉडल सिटी’’ के रूप में विकसित किया जाएगा।
8. मजदूर वर्ग के बच्चों के लिए उचित शिक्षा एवं संतुलित पोषण सुनिश्चित करने हेतु मोबाइल स्कूल और मोबाइल आंगनबाड़ी केन्द्रों की संख्या में वृद्धि की जायेगी।
9. विकासनगर क्षेत्र में मां यमुना किनारे स्थित प्राचीन नगर ’’हरिपुर’’ को उसका ऐतिहासिक और पौराणिक स्वरूप दिलाने के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
10. प्रदेश में जनजातीय संस्कृति के संर्वधन हेतु शीघ्र ही राष्ट्रीय जनजातीय सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा।
11. सीमांत गांव के जनजातीय इलाकों में ’’एकलव्य स्कूलों’’ की संख्या में वृद्धि करने के लिए केन्द्र सरकार से अनुरोध किया जाएगा।
12. एक से अधिक प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल हुए प्रतियोगिओं के कारण रिक्त हुए पदों पर प्रतीक्षा सूची के आधार पर नियुक्ति प्रदान की जाएगी, यह प्रतीक्षा सूची एक निश्चित समयावधि तक मान्य होगी तथा प्रभावी रहेगी।
13. प्रदेश में कुटीर उद्योगों तथा स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए तथा इनके उत्पादों की बिक्री हेतु ’’यूनिटी मॉल’’ की स्थापना की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें आजादी के अमृतकाल में अपनी सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रदर्शन करते हुए भारत को वैश्विक महाशक्ति बनाने का प्रण लेकर आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में राष्ट्र के प्रति समर्पण का एक नया भाव जागृत हुआ है तथा उन्हीं के दिशा-निर्देशन में हमारा देश आज पहले से कहीं अधिक संगठित, सशक्त और सुरक्षित हो रहा है। प्रधानमंत्री का उत्तराखण्ड से विशेष लगाव किसी से छुपा नहीं है, पिछले नौ वर्षों में केन्द्र सरकार द्वारा 1 लाख 50 हजार करोड़ से अधिक की परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं। श्री केदारपुरी का पुनर्निर्माण व बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान के तहत तेजी से कार्य हो रहे हैं। ’’अमृत भारत स्टेशन योजना’’ के तहत तीन स्टेशनों के पुनर्विकास के लिए 83 करोड़ रूपये से अधिक की धनराशि प्रदान की है। आज जौलीग्रांट एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जा रहा है तथा ऊधमसिंहनगर में ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट को भी विकसित किया जा रहा है। केन्द्र सरकार के ’’रीजनल कनेक्टिविटी योजना’’ के अंतर्गत 13 स्थानों पर हैलीपोर्ट का निर्माण किया जा रहा है। राज्य के लिये स्वीकृत ’‘उत्तराखण्ड इंटिग्रेटेड हार्टिकल्चर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट’’ उत्तराखंड में औद्यानिकी के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। 38 छोटे नगरों में पेयजल के लिए 1600 करोड़ रूपए की ’’उत्तराखण्ड अर्बन वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट’’ जैसी महत्वपूर्ण पेयजल योजना की भी स्वीकृति मिल चुकी है। 952 करोड़ रूपए का उत्तराखण्ड क्लाईमेट रेन-फेड फार्मिंग प्रोजेक्ट भी स्वीकृत किया जा चुका है। देहरादून और मसूरी में विश्व स्तरीय ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के लिये भारत सरकार द्वारा 1750 करोड़ की परियोजना के लिए स्वीकृति प्रदान की गई है। जमरानी और सौंग बांध बनाने की अनुमति मिल चुकी है तथा 300 मेगावाट की लखवाड़ बहुद्देशीय परियोजना का कार्य गतिमान है। ऊधमसिंहनगर में एम्स का सैटेलाईट सेंटर बनने से एक बड़ी आबादी को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा मिलेगी, इसके लिए भारत सरकार द्वारा 700 करोड़ रूपये का बजट जारी कर दिया गया है, इसका भूमि पूजन शीघ्र ही किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनको राज्य के मुख्य सेवक के रूप में कार्य करने का जो सौभाग्य मिला है, सदैव उत्तराखंड के विकास हेतु पूर्ण समर्पित रहकर कार्य करेंगे। सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण और संतुष्टि के मंत्र को ध्यान में रखकर राज्य में कार्य किये जा रहे हैं। अपणि सरकार पोर्टल, ई-कैबिनेट, ई-ऑफिस, सीएम हेल्पलाइन, सेवा का अधिकार और ट्रांसफर एक्ट की पारदर्शी व्यवस्था के चलते कार्य संस्कृति में गुणात्मक सुधार हुआ है। प्रदेश का कोई भी व्यक्ति 1064 पर शिकायत कर भ्रष्टाचार को समाप्त करने में योगदान कर सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य में जल्द ही समान नागरिक आचार संहिता को लागू करने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंत्योदय परिवारों को मुफ्त में तीन गैस सिलेंडर देने हों, प्रदेश की महिलाओं के लिये 30 प्रतिशत के क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था को लागू करनी हो, जबरन धर्मांतरण पर रोक के लिये कानून बनाना हो, देश का सबसे कड़ा नकल विरोधी कानून बनाना हो, आंदोलनकारियों को आरक्षण देना हो, पुनः सरकारी नौकारियों में खेल कोटा प्रारंभ करना हो या फिर हाल ही में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे प्रदेश के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देने के लिए उठाए गए कदम हों, सभी पर राज्य सरकार ने तेजी से कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ’’नई एमएसएमई पॉलिसी’’ को लागू किया गया है तथा ’’प्राइवेट इंडस्ट्रियल स्टेट पॉलिसी’’ को भी अपनाया है। राज्य में निवेश को आकर्षित करने के लिए ’’स्मॉल हाईड्रो पॉवर पॉलिसी’’ और ’’सोलर पॉवर पॉलिसी’’ को क्रियाशील किया है। आने वाले समय में सर्विस सेक्टर, सेब की खेती और आयुष क्षेत्र से जुड़ी नीतियां लागू की जायेंगी। उन्होंने कहा कि नीति और निवेश का सीधा संबंध है। राज्य में प्रो-एक्टिव अप्रोच को अपनाते हुए पहले निवेश अनुकूल नीतियों को बनाने का कार्य किया है। प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक ’’ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट’’ आयोजित किया जा रहा है। जिससे प्रदेश में निवेश के अवसरों में भारी वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में ’’नई पर्यटन नीति’’ लाई गई है। कुमाऊं के पौराणिक मंदिरों को चार धाम की तर्ज पर विकसित करने के लिए ’’मानसखण्ड मंदिर माला मिशन’’ पर कार्य किया जा रहा है। मानसखंड पर आधारित राज्य की झांकी को इस वर्ष गणतंत्र दिवस की परेड में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। सरकार द्वारा आदि कैलाश मार्ग पर सुविधाओं को बढ़ाया जा रहा है। ’’हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर’’ को स्वीकृति प्रदान की गई है। रोड, रेल तथा रोपवेज तीनों ही क्षेत्रों में केन्द्र सरकार के सहयोग से सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि के साथ ही वीरभूमि भी है। देहरादून में भव्य सैन्य धाम का निर्माण किया जा रहा है। सरकार शहीद सैनिकों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी में समायोजित भी कर रही है। उत्तराखण्ड राज्य के वीरता पदक से सम्मानित सैनिकों को देय एकमुश्त अनुदान में वृद्धि की गई है। स्वतंत्रता सेनानियों और उनकी विधवाओं की पेंशन को बढ़ाने के साथ ही उत्तराखण्ड से द्वितीय विश्व युद्ध की वीरांगना एवं वेटरन की पेंशन में भी वृद्धि की गई है। उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारियों की पेंशन में भी वृद्धि की गई है। वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांगजन पेंशन की राशि को एक हजार रूपए प्रतिमाह से बढ़ाकर पंद्रह सौ रूपए प्रतिमाह किया गया है। उत्तराखण्ड में अब वृद्धावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत पात्र पति व पत्नी दोनों को लाभ मिल रहा है। पर्यावरण मित्रों और शिक्षा मित्रों के मानदेय में भी बढ़ोतरी की गई है। व्यापारी दुर्घटना बीमा योजना की धनराशि को 5 लाख रूपए से बढ़ाकर 10 लाख रूपए किया गया है। प्रदेश में ’’नई शिक्षा नीति’’ को लागू किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के ’‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’’ अभियान को आगे बढ़ाते राज्य में ’’मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना’’ प्रारम्भ की गई है। आंगनबाड़ी बहनों और आशा बहनों के मानदेय में भी बढ़ोतरी की गई है। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं तथा स्वरोजगार के क्षेत्र मे कार्य कर रही महिलाओं के लिए ’’मुख्यमंत्री एकल महिला सशक्तिकरण स्वरोजगार योजना’’ तथा ’’मुद्रा लोन योजना’’ प्रारंभ की है, जिसमें 5 लाख तक का लोन शून्य ब्याज दर पर दिया जा रहा है। सीमांत तहसीलों के लिए ’’मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना’’ प्रारम्भ की है तथा पलायन की रोकथाम के लिए ’’मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना’’ भी प्रारम्भ की है। ’’वोकल फॉर लोकल’’ मंत्र को आत्मसात करते हुए ‘’एक जनपद दो उत्पाद’’ योजना प्रारंभ की है। राज्य के आधारभूत ढांचे को विश्व स्तरीय बनाने और निवेशकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से ’’उत्तराखंड इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड’’ की स्थापना की जा रही है। नीति आयोग की तर्ज पर राज्य योजना आयोग को समाप्त कर ’’स्टेट इंस्ट्टियूट फॉर एम्पॉवरिंग एंड ट्रांसफार्मिंग उत्तराखंड’’ सेतु की स्थापना हेतु कैबिनेट ने अपनी संस्तुति प्रदान की है। राज्य में खेल और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए ’’नई खेल नीति’’ लाई गई है। उभरते खिलाड़ियां को प्रोत्साहित करने के लिये ’’मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन खेल छात्रवृत्ति योजना’’ प्रारंभ की है। राज्य में राष्ट्रीय खेल आयोजित होने वाले हैं, जिसके लिए अभी से कार्ययोजना बनानी प्रारंभ कर दी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्टार्ट अप शुरू करने की चाह रखने वाले देवभूमि के युवाओं के लिए हम 30 नए इंक्यूबेशन सेंटर खोलने की तैयारी की जा रही है। लैंड जिहाद के विरूद्ध कार्यवाही में अब तक देवभूमि में 2765 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त किया जा चुका है। नदियों व जलस्त्रोतों को पुनर्जीवित करने की पहल बड़े स्तर पर की गई है। प्रत्येक जिले में वर्षा जल संचय के लिए झीलें विकसित की जा रही हैं। शीघ्र ही ’’राज्य स्प्रिंग एवं रेन फैड रिवर रिज्यूविनेशन आर्थाेरिटी’’ का गठन करने जा रहे हैं। उत्तराखंड में 304 करोड़ रूपये से 18 हजार पॉलीहाउस की स्थापना करने के लिए कार्ययोजनापर कार्य किया जा रहा है। इससे करीब एक लाख लोगों को रोजगार मिल सकेगा। ’’एप्पल मिशन’’ के अंतर्गत 35 करोड़ रूपये की योजना स्वीकृत की गई है। ’’कीवी मिशन’’, ’’दालचीनी मिशन’’ ’’तिमूर मिशन’’ पर भी कार्य किया जा रहा है। राज्य में एरोमा वेलियां विकसित की जा रही हैं। काशीपुर में राज्य के पहले एरोमा पार्क का भी भूमि पूजन किया। 120 मेगावाट की ब्यासी परियोजना कमीशन कर दी है, जो कोविड काल में पूर्ण होने वाली अकेली जल विद्युत परियोजना थी। ऊपरी यमुना नदी में स्थित त्यूनी प्लासू परियोजना पीआईबी स्वीकृत हो चुकी है। उत्तराखंड को विद्युत उपभोक्ताओं की सेवाओं के लिए सर्विस सेक्टर में भारत सरकार की रेटिंग में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है, वहीं प्रदेश को बेस्ट हाइड्रो पावर स्टेशन का अवार्ड भी केन्द्र सरकार द्वारा प्राप्त हुआ है। हाल ही में 220 के0वी0 रूद्रपुर-जाफरपुर ट्रॉसमिशन रेल लाइन का विद्युतीकरण भी किया गया है, इस लाइन के निर्माण से कुमायूँ क्षेत्र में विद्युत से रेल गाड़ियां चल सकेंगी। बहुप्रतीक्षित 132 के0वी0 पिथौरागढ-चम्पावत विद्युत लाइन की क्षमता को भी बढ़ाया गया है, जिससे चम्पावत ज़िले के विद्युत उपभोक्ताओं को लो वोल्टेज व ट्रिपिंग की समस्या से राहत मिली है।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने इससे पूर्व बलबीर रोड़ स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में भी ध्वजारोहण किया।
इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, राज्य सभा सांसद नरेश बंसल, मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक खजान दास, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस सन्धु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, सचिव शैलेश बगौली, जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

भूपतवाला में श्रीमद्भागवत कथा में शामिल हुए सीएम, संत्संग की महिमा का किया बखान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में भूपतवाला स्थित वेद निकेतन धाम में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। रामचरित मानस की चौपाई-बिन सत संग विवेक न होई, राम कृपा बिनु सुलभ न सोई का उल्लेख करते हुये मुख्यमंत्री ने सत्संग की महिमा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा हमें जीवन में नई ऊर्जा देने का कार्य करती है।

मुख्यमंत्री ने सनातन धर्म का उल्लेख करते हुये कहा कि आज सनातन धर्म की पताका पूरे विश्व में फैल रही है तथा पूरा विश्व इससे परिचित होते हुये हमारी संस्कृति को किसी न किसी रूप में अपना रहा है। कोरोना काल का जिक्र करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में योग व आयुर्वेद को हमने काफी निकट से महसूस किया है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। हमारी इस विरासत को आज पूरा विश्व अपना रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज पूरा देश चहुंमुखी विकास कर रहा है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर जल्दी ही बनकर तैयार हो जायेगा। वर्ष 2013 की भयंकर त्रासदी में केदारनाथ परिसर को काफी नुकसान पहुंचा था, जिसको दिव्य व भव्य बनाने का कार्य प्रधानमंत्री ने वर्ष 2014 में प्रारम्भ करवाया था। आज उस स्थान पर भव्य व दिव्य केदारपुरी अपना स्वरूप ले चुकी है। उन्होंने कहा कि बद्रीनाथ को संवारने का कार्य भी काफी तेजी से किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारनाथ व हेमकुंड साहिब की यात्रा को सुगम बनाने के लिये रोपवे की आधारशिला रखी जा चुकी है। आने वाले समय में श्रद्धालुओं की केदारनाथ व हेमकुंड साहिब की यात्रा काफी सुगम होने वाली है। उन्होंने कहा कि जिस यात्रा को करने में तीन से चार दिन लगते थे, वह यात्रा अब कुछ ही घण्टों में सम्पन्न हो जायेगी। उन्होंने कहा कि ये सभी कार्य प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में आगे बढ़ाये जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत की अर्थव्यवस्था आज ग्यारहवें से पांचवें नंबर की अर्थव्यवस्था बन गयी है तथा भविष्य में यह तीसरे नम्बर की अर्थव्यवस्था बने इसके लिये निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने हरिद्वार व ऋषिकेश कॉरिडोर विकसित करने का संकल्प लिया है जो शीघ्र ही मूर्त रूप में साकार होगा। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त ऑल वेदर रोड, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन पूर्णता की ओर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार मानस खण्ड के अन्तर्गत 60-65 मन्दिरों का एक कॉरिडोर विकसित करने जा रही है, जिसके प्रथम चरण में 16 मन्दिरों को विकसित करने का कार्य हाथ में लिया गया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि है तथा यहां लोग श्रद्धा व आस्था से आते हैं, आप जिधर जायेंगे, वहां पर्वत, मन्दिर आदि दिखाई देंगे। उन्होंने कहा कि पर्यटन व फिल्म निर्माण की दृष्टि से आप जिधर भी दृष्टि डालेंगे, पूरा उत्तराखण्ड ही डेस्टिनेशन है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के मूल स्वरूप को बनाये रखने के लिये हमने कठोर कदम भी उठाये हैं तथा जहां पर भी अवैध अतिक्रमण किया गया था, उसे कठोरता से हटाया गया है। इसके अलावा धर्मान्तरण और अतिक्रमण को रोकने एवं समान नागरिक संहिता के लिये भी हमने कठोर निर्णय लिये हैं तथा समान नागरिक संहिता पर जल्दी ही कानून बनाया जायेगा। उन्होंने कहा कि हम देवभूमि उत्तराखण्ड को देश का नम्बर-1 राज्य बनाने के लिये विकल्प रहित संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे है।

श्रीमद् भागवत कथा कार्यक्रम के आयोजक भरत सिंह रहेवर तथा रजनी भाई पटेल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड में हो रहे चहुंमुखी विकास कार्यों की प्रशंसा की।

इस अवसर पर महानिर्वाणी के सचिव महन्त रविन्द्रपुरी, महामण्डलेश्वर स्वामी ललितानन्द, महामण्डलेश्वर हरिचेतनानन्द, हरिद्वार नगर विधायक मदन कौशिक, रूड़की विधायक श्री प्रदीप बत्रा, रानीपुर विधायक आदेश चौहान, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द, भाजपा जिला अध्यक्ष शोभाराम प्रजापति सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

राजस्व अर्जन को सभी विभाग इनोवेटिव प्रयास करेंः सीएम

राजस्व वृद्धि के लिए सभी विभाग सजगता और पूरी सक्रियता से कार्य करें। इस वर्ष निर्धारित राजस्व प्राप्ति के लिए सभी विभाग समन्वय से कार्य करें। राजस्व अर्जन के लिए सभी विभाग इनोवेटिव प्रयास करें, इसके लिए ऑनलाइन सिस्टम को और मजबूत किये जाने की दिशा में विशेष ध्यान दिया जाए। बैठकों में जो निर्णय लिये जा रहे हैं, अगली बैठक होने से पूर्व उन निर्णयों की एक्शन टेकन रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। यह निर्देश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में राजस्व प्राप्ति के सम्बंध में बैठक लेते हुए अधिकारियों को दिये।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि राजस्व वसूली की नियमित मॉनिटरिंग की जाए, इसके लिए पोर्टल विकसित किया जाए। इससे विभिन्न विभागों द्वारा दिये गये राजस्व वसूली के डाटा एवं राजस्व परिषद में राजस्व वसूली के डाटा में जो अंतर दिख रहा है, उस समस्या का समाधान होगा। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये की राजस्व वसूली की कार्यवाही में तेजी लाई जाए। इसके लिए जनपदों में बनाई गई समिति की नियमित बैठक की जाए। उन्होंने कहा कि देहरादून, हरिद्वार, उधमसिंहनगर एवं नैनीताल जनपद में राजस्व वसूली में और तेजी लाए जाने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा के क्षेत्र में यूपीसीएल एवं यूजेवीएनल को राजस्व बढ़ाने की दिशा में विशेष प्रयासों की जरूरत है। बिजली चोरी संभावित क्षेत्रों में लगातार सतर्कता आधारित गतिविधियां चलाई जाए एवं उच्च औद्योगिक मांग वाले क्षेत्रों में बिलिंग दक्षता बढ़ाने की दिशा में विशेष ध्यान दिया जाए। वन सम्पदाओं के बेहतर उपयोग से राजस्व वृद्धि की दिशा में और प्रयास किये जाएं। तराई क्षेत्रों में कमर्शियल प्लांटेशन की दिशा में तेजी से कार्य किये जाएं। प्रकाष्ठ बिक्री के लिए उचित व्यवस्था की जाए। जड़ी-बूटियों के संरक्षण एवं सतत विकास के लिए दीर्घकालिक योजना को ध्यान में रखकर कार्य किये जाएं। वन क्षेत्रान्तर्गत के बरसाती नालों को चिन्हित कर चौनेलाइज करने की दिशा में ध्यान दिया जाए।
मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिये कि पिछले सालों की रिकवरी की गति में और तेजी लाई जाए। परिवहन, खनन, जीएसटी आदि क्षेत्रों में गहन निगरानी रखने के लिए ऑनलाइन सिस्टम को और बेहतर बनाया जाए। जीएसटी के तहत राजस्व वृद्धि बढ़ाने के लिए और प्रयास किये जाएं। कर चोरी करने वालों पर सख्त कारवाई की जाए। जीएसटी संग्रह के लिए अन्य राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिस का भी गहनता से अध्ययन किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अतिवृष्टि के कारण नदियों का जल स्तर लगातार खतरे के निशान के आस-पास चल रहा है, इसके कई क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति बनी रहती है। बाढ़ की स्थिति से बचाव के लिए सिंचाई विभाग द्वारा ठोस कार्ययोजना बनाई जाए। जिलाधिकारी भी आपदा प्रबंधन की दृष्टि से इन सभी चीजों को ध्यान में रखते हुए कार्य करें।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में प्रयास किये जाए। राज्य में होने वाले इन्वेस्टर समिट में निवेशकों को पर्वतीय क्षेत्रों में निवेश के लिए प्रोत्साहित किया जायेगा। सभी जिलाधिकारी देख लें कि उनके जनपदों में किस-किस क्षेत्र में निवेश की अधिक संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि भारत सरकार से मिलने वाली ग्रांट पर तेजी से कार्य किये जाएं। प्रदेश का समग्र विकास हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।
बैठक में कैबिनेट मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधू, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, दिलीप जावलकर, अरविन्द सिंह ह्यांकी, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, नई दिल्ली में उत्तराखण्ड के स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा एवं वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।

सीएम ने विभिन्न योजनाओं के लिए प्रदान की वित्तीय स्वीकृति


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत जनपद उधमसिंह नगर के सितारगंज विकासखण्ड हेतु 01 करोड़ रूपये की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त के रूप में 60.00 लाख रूपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने जनपद उत्तरकाशी के विधानसभा क्षेत्र पुरोला के नगर पंचायत पुरोला क्षेत्रान्तर्गत वार्ड नं. 1, 2 एवं 3 के आन्तरिक मार्गों के निर्माण कार्यों हेतु 39.20 लाख रूपये, जनपद अल्मोड़ा के सोमेश्वर में पौराणिक मंदिर जयन्ती कोट में विद्युतीकरण का कार्य किये जाने हेतु 11.76 लाख रूपये की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है।

शुक्लापुर में बनाया जाएगा नेचर पार्क, प्रकृति प्रदत्त चीजों का होगा प्रयोगः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हैस्को गाँव शुक्लापुर में प्रकृति के संरक्षण के लिए किये जा रहे कार्यों का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हैस्को के संस्थापक डॉ. अनिल प्रकाश जोशी द्वारा इस क्षेत्र में प्रकृति के संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए अनेक कार्य किये जा रहे हैं। जल छिद्रों के माध्यम से जल संचय की दिशा में अच्छा कार्य किया गया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह क्षेत्र आने वाले समय में केवल प्रदेश के लिए ही नहीं देश-दुनिया के लिए भी एक मॉडल बनेगा। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयास राज्य के अन्य क्षेत्रों में भी करने होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शुक्लापुर में जो नेचर पार्क बनाया जायेगा इसमें प्रकृति प्रदत्त चीजों का उपयोग किया जायेगा। इसे एक मॉडल के रूप में विकसित किया जायेगा। पर्यावरण प्रेमियों एवं शोधार्थियों के लिए यह नेचर पार्क बहुत उपयोगी होगा। उन्होंने कहा कि इकोनॉमी और इकोलॉजी में संतुलन बना रहे, इस दिशा में सरकार कार्य कर रही है। प्रकृति के प्रति जागरूक होने के साथ ही हमें अन्य लोगों को भी जागरूक करना होगा। पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्द्धन के साथ ही हमें प्रकृति प्रदत्त चीजों का सही तरीके से उपभोग करना होगा।
हैस्को के संस्थापक पदम भूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि 2010 में जब इस क्षेत्र से जुड़ी हुई छोटी नदी जो आसन की सहधारा भी है वह सूखने लगी तो एक विचार आया कि क्यों न इस सूखती नदी की वापसी संभव की जाय। यह प्रयोग भी हो, वहीं दूसरी तरफ विज्ञान आधारित प्रकृति के साथ जोड़कर देखे जाने की कोशिश भी। वन विभाग व हेस्को ने आपसी भागीदारी जुटाई जल छिद्रों को बनाने का कार्य किया। प्रति हेक्टेयर लगभग 300 जल छिद्रों ने पानी को इकट्ठा करना शुरू किया। करीब पूरे 44 एकड़ में विभाग और हैस्को की भागीदारी से जब यह कार्य हुआ तो दूसरे ही वर्ष पानी की वापसी आसन गंगा में हो गई। अनेक वन्यजीव साही, जंगली सुअर, हिरन और लैपर्ड यहां आने लगे। यहाँ चिड़ियाओं की अभी 100 से भी अधिक प्रजातियां हैं।
वन विभाग के अधिकारियों ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जानकारी दी कि शुक्लापुर क्षेत्र में लगभग 46 हेक्टेयर क्षेत्रफल में बनने वाले इस नेचर पार्क की अनुमानित लागत 02 करोड़ 55 लाख रूपये है। इसमें पूरे नेचर पार्क में फैनसिंग और चेनिंग, ईको फ्रेंडली गेटों का निर्माण, ईको हट्स, इंटर लॉकिंग टाइल्स एवं अन्य कार्य किये जायेंगे।
इस अवसर पर महानिदेशक यूकॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत, निदेशक वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी प्रो. कलाचंद सेन, डीएफओ देहरादून नितीश मणि त्रिपाठी एवं पर्यावरण से जुड़े अन्य लोग उपस्थित थे।