सीएम ने पत्रकार कल्याण कोष एवं मुख्यमंत्री पत्रकार सम्मान पेंशन योजना को आयोजित समिति के प्रस्ताव को दिया अनुमोदन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पत्रकारों एवं उनके आश्रितों को आर्थिक सहायता हेतु पत्रकार कल्याण कोष एवं मुख्यमंत्री पत्रकार सम्मान पेंशन योजना हेतु आयोजित समिति के प्रस्ताव को अनुमोदन दिया है।

29 अप्रैल 2023 को समिति की बैठक में उत्तराखण्ड संकटग्रस्त पत्रकारों एवं उनके आश्रितों के लिए पत्रकार कल्याण कोष से प्राप्त आवेदन प्रकरणों पर समिति द्वारा मृतक 09 पत्रकारों के आश्रितों कुल 45 लाख रूपये की आर्थिक सहायता जिसमें प्रत्येक आश्रित परिवार को 5-5 लाख रूपये की आर्थिक सहायता देने के प्रस्ताव पर सहमति बनी थी, जिस पर मुख्यमंत्री द्वारा अनुमोदन दिया गया है। गम्भीर एवं असाध्य रोग से ग्रस्त पत्रकारों के चिकित्सा उपचार के लिए 05 पत्रकारों को कुल 20 लाख रूपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने एवं एक प्रकरण को मुख्यमंत्री राहत कोष से 72293 रूपये की आर्थिक सहायता देने के प्रस्ताव पर सहमति बनी थी, जिस पर मुख्यमंत्री द्वारा अनुमोदन दिया गया है।

‘‘मुख्यमंत्री पत्रकार सम्मान पेंशन योजना’’ के अन्तर्गत निर्धारित अहर्ता/पात्रता पूर्ण करने वाले 03 प्रकरणों पर पेंशन अनुमन्य किये जाने के प्रस्ताव पर समिति की सहमती बनी, जिस पर भी मुख्यमंत्री द्वारा अनुमोदन दिया गया है। समिति द्वारा नियामवली में उल्लिखित प्राविधानों के अन्तर्गत 06 प्रकरणों को अपूर्ण पाया गया। जिनके सबंध में पुनः एक बार अभिलेख प्रस्तुत करने का अवसर दिये जाने का सुझाव दिया गया। यदि आवेदकों द्वारा अभिलेख उपलब्ध कराये जाते हैं, तो इन प्रकरणों को आगामी बैठक में प्रस्तुत करने की सहमति बनी।

पत्रकार कल्याण कोष समिति की 29 अप्रैल 2023 को आयोजित बैठक में महानिदेशक सूचना/ सदस्य सचिव, पत्रकार कल्याण कोष समिति बंशीधर तिवारी, अपर निदेशक सूचना/सदस्य, पत्रकार कल्याण कोष समिति, रमेश पहाड़ी, सदस्य पत्रकार कल्याण कोष समिति, त्रिलोक चन्द्र भट्ट, सदस्य पत्रकार कल्याण कोष समिति, बीना उपाध्याय, सदस्य पत्रकार कल्याण कोष समिति एवं सहायक लेखाकर राकेश कुमार धीवान उपस्थित थे।

अब सीएम हेल्पलाइन 1905 पर 24 घंटे रहेगी शिकायत दर्ज करने की सुविधा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1905 के नये प्रारूप का शुभारंभ किया। सीएम हैल्प लाईन 1905 के नये वर्जन में 1905 डायल करने के अलावा वेब पोर्टल, मोबाइल एप एवं ऑडियो कॉल रिकॉर्डिंग फीचर की सुविधा भी दी गई है। अब 24 घंटे सीएम हेल्पलाइन 1905 पर मदद लिये जाने के साथ शिकायत भी दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि सीएम हेल्पलाइन 1905 की विभागों द्वारा माह में दो बार समीक्षा की जाए। मुख्यमंत्री प्रत्येक माह के अन्तिम सप्ताह में इसकी स्वयं समीक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन 1905 से लोगों को अधिक से अधिक जागरूक किया जाय। यह सुनिश्चित किया जाए कि जन समस्याओं एवं शिकायतों के निस्तारण के लिए बनाये गये इस हेल्पलाईन का लाभ आमजन को मिले। उन्होंने कहा कि गुड गवर्नेंस हमारा उत्तरदायित्व है। सरलीकरण, समाधान, निस्तारण एवं संतुष्टि का जो सरकार का उद्देश्य है, उसमें सीएम हेल्पलाइन 1905 महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित किया जाए जन समस्याओं का जिस स्तर पर समाधान होना है, उस स्तर पर ही समाधान हो जाए। तहसील स्तर पर जिन समस्याओं का समाधान हो सकता है, वे अनावश्यक जिलाधिकारी तक न आये और जिन समस्याओं का समाधान जनपद स्तर पर वो शासन स्तर तक न आये। जिस स्तर पर समस्याओं का समाधान होना है, यदि नहीं हो रहा है तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाय। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त एप 1064 को और सशक्त बनाया जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये हैं तहसील दिवसों का नियमित आयोजन किया जाय। जनपद स्तर पर भी जिलाधिकारी प्रतिमाह जनसुनवाई करें। उन्होंने ने निर्देश दिये कि प्रत्येक माह के पहले एवं तीसरे मंगलवार को तहसील जन समर्पण दिवस का आयोजन किया जाए एवं चौथे मंगलवार को जनपद में जिलाधिकारी जन समर्पण दिवस लगाकर जन समस्याओं का समाधान करें। सभी जन समस्याओं एवं जन शिकायतों को ऑनलाईन रजिस्टर किया जाए। जिन लोगों की समस्याओं का समाधान तहसील एवं जनपद स्तर पर नहीं हो पायेगा, उन समस्याओं को ही मुख्यमंत्री कार्यालय को संदर्भित किया जायेगा।

बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव एल. फैनई, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, विशेष प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, दिलीप जावलकर, अरविन्द सिंह ह्यांकी, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, बी.वी.आर.सी पुरूषोत्तम, विनोद रतूड़ी, निदेशक आईडीटीए नितिका खण्डेलवाल एवं अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे, सभी जिलाधिकारी वर्चुवल माध्यम से बैठक से जुड़े थे।

द्वारहाट में विकास कार्यों के लिये मुख्यमंत्री ने की अनेक घोषणायें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऐतिहासिक सोमनाथ मेला मासी-2023 में प्रतिभाग करते हुए सोमनाथ मेले को 05 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति एवं सभ्यता महान है इसमें निरंतरता है। सदियों से इस महान संस्कृति की महानता के विषय में आम लोगों को जागरूक करने का काम मेले और कौथिग करते रहे हैं। सोमनाथ का यह ऐतिहासिक मेला भी इसी का उदाहरण है। कत्यूरकाल से देवाधिदेव शिव को प्रत्येक गांव से नई फसल भेंट करने की चली आ रही अनूठी परंपरा इस मेले को विशिष्ट बनाती है। हमारी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में भी ये मेले अहम भूमिका निभाते हैं। मेले हमारे समाज को जोड़ने तथा हमारी प्राचीन संस्कृति और परम्पराओं के बारे में नई पीढ़ी को जागरूक करने में भी अपनी अहम भूमिका निभाते हैं।

मुख्यमंत्री ने द्वाराहाट विधानसभा के मासी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का उच्चीकरण, चौखुटिया स्थित प्रेमपुरी से छित्याड़ी-कोरनी तक मोटर मार्ग का नव निर्माण, चौखुटिया विकासखण्ड के ढौनारीठा चौरा मोटर मार्ग का सुधारीकरण, चौखुटिया से खीड़ा-खाडाखडक-झुमाखेत तक मोटर मार्ग बनाये जाने तथा खराब सड़कों की तत्काल मरम्मत कराये जाने की घोषणा की, मुख्यमंत्री ने गगास भण्डार गांव सिचाई पमिं्पग योजना बनाये जाने तथा भूमिया मंदिर, माहासीर संरक्षण को गति दिये जाने की बात कही। इस अवसर पर बाला गोरिया पुस्तक का भी मुख्यमंत्री ने विमोचन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में आज हमारा देश पुनः ’’विश्व गुरु’’ के पद पर आरूढ़ होने की ओर अग्रसर है। आज देश में एक सशक्त नेतृत्व वाली सरकार है जिसके साथ दुनिया का हर देश खड़ा होने को आतुर है। एक ओर जहां आज हम जी-20 जैसे शक्तिशाली समूह की अध्यक्षता कर रहे हैं वहीं संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् में स्थायी सदस्यता के लिए अनेक देश भारत का समर्थन भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जी-20 की तीन बैठकों का आयोजन उत्तराखण्ड जैसे छोटे प्रदेश को मिलना सौभाग्य की बात है। इसकी एक बैठक रामनगर में सम्पन्न हो चुकी है वहीं दो बैठकें और होनी है जिससे हमारा प्रदेश अंतरराष्ट्रीय पटल पर अपनी उपस्थिति दर्ज करायेगा जिससे यहां की संस्कृति, लोककला एवं खान-पान का प्रसार होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अंत्योदय परिवारों को तीन गैस सिलेंडर देने, प्रदेश की महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत के क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था को लागू करने, समान नागरिक संहिता का मसौदा तैयार करने, जबरन धर्मांतरण पर रोक के लिये कानून बनाने, नई शिक्षा नीति को लागू करने, नई खेल बनाने, सख्त नकल विरोधी कानून लागू करने, राज्य आंदोलनकारियों व उनके आश्रितों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत का क्षैतिज आरक्षण देने या फिर लैंड जिहाद के खिलाफ निर्णायक कार्यवाही करने के लिये हमने राज्य हित से जुड़े कार्यों को मूर्तरूप देने का कार्य किया है। हमारे लिए प्रदेश और प्रदेश के हित सर्वाेपरि हैं जब तक हमारी सरकार है हम किसी भी वर्ग का अहित नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड को देश का अग्रणीय राज्य बनाने के लिए हम दृढ़ संकल्पित है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में दशकों से गरीबी हटाओं के नारे तो खूब दिए गए लेकिन गरीबी हटाने का असल काम किसी ने किया तो वो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ही किया। उन्होंने कहा कि गरीबी के दर्द को प्रधानमंत्री जी ने समझा, यही कारण है कि उनके नेतृत्व में आज देश में गरीबों के लिए वो कार्य हो रहे हैं जो पिछले 70 वर्षों में नहीं हुए। आज सनातन संस्कृति का जयघोष चारों दिशाओं में सुनाई दे रहा है। पूरे विश्व में सनातन का परचम लहरा रहा है। आज हमारे मंदिरों और तीर्थ स्थानों को महत्व दिया जा रहा है। आज प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत का पुनः सांस्कृतिक उत्थान हो रहा है। आज चाहे, राम मंदिर का निर्माण हो, बद्रीनाथ व केदारनाथ धामों का पुनर्निर्माण हो, बाबा विश्वनाथ के गलियारे को बृहद रूप देना हो या राजाधिराज महाकाल के महालोक का निर्माण हो, हमारी धार्मिक-धरोहरों को संरक्षित व संवर्धित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार भी उत्तराखंड में धार्मिक स्थलों के पुर्ननिर्माण और अस्मिता को बचाने के लिए संकल्पित है। हम गढ़वाल के केदारखंड की भांति ही कुमाऊं में ‘मानसखंड कॉरिडोर’ बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, जिसके अंर्तगत कुमाऊं क्षेत्र के लगभग सभी प्राचीन मंदिरों का विकास किया जाएगा। हमने अपने एक वर्ष से कुछ अधिक के कार्यकाल के दौरान, हर क्षण यह प्रयास किया है कि समस्याओं और चुनौतियों का समाधान निकाला जाए। इस एक वर्ष के दौरान अपने कार्यों से हमने जनता के विश्वास को और भी अधिक सुदृढ़ करने का कार्य किया है। उत्तराखंड को विकसित राज्य बनाने का जो ‘‘विकल्प रहित संकल्प’’ लेकर हम चल रहे हैं उसके कुछ पड़ाव हमने पार कर लिए हैं पर अभी कई पड़ाव पार करने हैं। इस एक वर्ष के दौरान हमने जनता से किए अपने वादों को या तो पूरा किया है या फिर उन्हें पूरा करने कि दिशा में निर्णायक कदम बढ़ाए हैं।

इस अवसर पर सांसद अजय टम्टा ने कहा कि उत्तराखण्ड प्रदेश बनने के बाद इस मासी क्षेत्र में पहली बार मुख्यमंत्री के आने से क्षेत्र के विकास को और गति मिलेगी। सांसद ने कहा कि एक समय था जब बजट का 28 प्रतिशत ही क्रेन्द्र सरकार दिया करती थी और आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में 42 प्रतिशत बजट केन्द्र सरकार द्वारा दिया जा रहा है जिससे इस क्षेत्र के सभी गॉव सड़क मार्ग से जुड़ रहे है। केन्द्र सरकार दी जा रही किसान सम्मान निधि से किसानों की आय में वृद्वि हो रही है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के अन्तर्गत सभी घरों शुद्व पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में अल्मोड़ा मेडिकल कालेज प्रारम्भ हो चुका है तथा पिथौरागढ़ मेडिकल कालेज के लिए धनराशि अवमुक्त कर दी गयी है जिससे सीमान्त क्षेत्र में भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधायें मिल सकेंगी। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की योजनाओं का लाभ हर व्यक्ति को मिले इसके प्रयास हम सभी को मिल कर करने होंगे। क्षेत्रीय विधायक श्री मदन बिष्ट ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए क्षेत्र के विकास से संबंधित विभिन्न मागें उनके समक्ष रखी।

इस अवसर पर रानीखेत विधायक डा0 प्रमोद नैनवाल, विधायक सल्ट महेश जीना, पूर्व विधायक महेश नेगी, अनिल साही, भाजपा जिलाध्यक्ष लीला बिष्ट, मेला अध्यक्ष विपिन शर्मा, शिवराज सिंह, पूर्व भाजुयमो प्रदेश अध्यक्ष कुन्दन लटवाल, मण्डल अध्यक्ष मासी चन्द्र प्रकाश फुलेरिया, जिलाधिकारी वन्दना, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रूचिता जुयाल, मुख्य विकास अधिकारी अंशुल सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि व अन्य लोग उपस्थित रहे।

सशक्त उत्तराखण्ड बनाना हमारी प्रतिबद्धताः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मालसी स्थित होटल में कार्यक्रम में राज्य से संबंधित विभिन्न विषयों पर बेबाकी से अपने विचार रखे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके कार्यव्यवहार में सौम्यता जरूर है लेकिन राज्य के व्यापक हित में कठोर निर्णय लेने में भी वे पीछे नहीे हटते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की देवतुल्य जनता ने राज्य में एक ही दल की सरकार को दुबारा न चुनने के मिथक को तोडा है। प्रदेश हित में हमने जो भी वायदे किये हैं उन्हे पूरा करने तथा 2025 तक उत्तराखण्ड को देश के अग्रणी राज्यों में सम्मिलित करने के लिये वे प्राण प्रण से जुटे हैं। प्रदेश के समग्र विकास में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के साथ केन्द्र सरकार का पूरा सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सशक्त उत्तराखण्ड बनाने की हमारी प्रतिबद्धता है। इसके लिये प्रदेश में समावेशाी विकास एवं सुदृढ़ अर्थव्यवस्था के लिये अनुकूल माहौल तैयार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने प्रदेश के चहुमुखी विकास के लिये आगामी 10 सालों का रोड मैप तैयार करने के निर्देश सभी विभागों को दिये गये है। कृषि, बागवानी आदि के साथ प्राथमिक सैक्टरों को भी इसमें सम्मिलित किया जा रहा है। यही नही तमाम अनछुए क्षेत्रों को बढावा देने का भी कार्य हो रहा है। एक लाख पोली हाउसों के निर्माण से 05 लाख लोगों को रोजगार देने की योजना पर भी कार्य हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों से बेरोजगारी दूर नही की जा सकती इसके लिये स्वरोजगार की योजनाओं को बढावा दिया जा रहा है। हमारे युवा नौकरी मांगने वाले नहीं नौकरी देने वाले बने, इस दिशा में प्रभावी पहल की जा रही है। उन्होंने कहा कि जोशीमठ भू-धसाव से हुए प्रभावितों के साथ राज्य सरकार पूरी तरह सहयोगी के रूप में खडी है। इस कठिन दौर में राज्य एवं केन्द्र सरकार द्वारा पूरी मदद दी जा रही है। जोशीमठ को बचाना हमारी प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधामों में हो रही वर्षा एवं बर्फबारी के बावजूद यात्रा अपने चरम पर है, लोगों की सुरक्षित एवं सुगम यात्रा के लिये कारगर व्यवस्था की जा रही है। जोशीमठ का कुछ क्षेत्र ही भू-धसाव से प्रभावित है। जोशीमठ में यात्रियों के लिये आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो इस पर भी ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के लिये देवभूमि के द्वार सभी के लिये खुले है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड धर्म, संस्कृति एवं आध्यात्म के साथ गंगा एवं यमुना का प्रदेश है। राज्य की सीमायें दो देशों से जुडी है। सैन्य बाहुल्य इस देवभूमि में रहने वाले सभी जाति, पंथ, संप्रदाय के लोगों के लिये बिना किसी तुष्टिकरण के सबका साथ, सबका विकास एवं सबका विश्वास की भावना के अनुरूप समान नागरिक संहिता बनाये जाने पर तेजी से कार्य हो रहा है। जून तक इसका ड्राफ्ट तैयार हो जायेगा। उत्तराखण्ड देश में इस कानून को लागू करने वाला पहला प्रदेश होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देश के अन्य राज्य भी इस दिशा में आगे आयेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण नही होने दिया जायेगा, साथ ही ऐसे अतिक्रमणों को स्वयं हटाने के लिये सभी संबंधित से अपेक्षा भी की गयी है। तय समय सीमा में अतिक्रमण न हटाये जाने पर उन्हें हटाये जाने की कार्यवाही के भी सख्त निर्देश अधिकारियों को दिये गये हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का उत्तराखण्ड के प्रति विशेष लगाव राज्य के विकास से जुडी योजनाओं में साफ झलकता है। शीघ्र ही ऋषिकेश, कर्णप्रयाग रेललाइन का सपना साकार होने वाला है। टनकपुर, बागेश्वर के साथ गंगोत्री रेल लाइन के सर्वे का कार्य हो रहा है। देहरादून रेल लाइन का दोहरी करण, किच्छा, खटीमा रेल लाइन निर्माण के साथ राज्य को नई ट्रेनों की सौगात मिली है।
प्रधानमंत्री के मन की बात की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने समर्पण के साथ कार्य करने वाले संघर्षशील लोगों को पहचान दिलायी है। प्रधानमंत्री द्वारा इस माध्यम से लोगों को प्रोत्साहित करने का भी सराहनीय प्रयास किया गया है।
इस अवसर पर महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी भी मौजूद थे।

सीएम ने केदारनाथ धाम के सेवादार सदस्यों के दल के वाहनों को किया फ्लैग ऑफ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री केदारनाथ धाम के सेवादार सदस्यों के दल के वाहनों का फ्लैग ऑफ किया। इन सेवादारों द्वारा श्री केदारनाथ यात्रा मार्ग पर 21 से 25 अप्रैल तक श्रद्धालुओं के लिए उत्तराखण्ड के मुख्य सेवक के नाम पर भंडारे का आयोजन किया जायेगा। बाबा केदार की डोली के गुप्तकाशी से केदारनाथ पहुंचने तक यात्रा पड़ावों पर श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया जाएगा। 24 और 25 अप्रैल को हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा भी की जाएगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड की चारधाम यात्रा के लिए श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत सभी तैयारियां की गई है। चारधाम यात्रा की नियमित समीक्षा की जा रही है। चारधाम यात्रा के प्रति लोगों में काफी उत्साह हैं। अभी तक 16 लाख से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं। स्वयं सेवी संगठनों एवं सामाजिक संगठनों का पूरा सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा की देवभूमि उत्तराखण्ड आने वाले सभी श्रद्धालुओं को हर संभव सुविधा दी जाएगी।
इस अवसर पर कर्नल अजय कोठियाल (से.नि) भी उपस्थित थे।

विधानसभा नैनीताल में सीएम ने किया विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा नैनीताल के लिए 21997.75 योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करते हुए कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से इस क्षेत्र के विकास की नींव रखी गई है, इन योजनाओं के पूर्ण होने पर क्षेत्र का सर्वांगीण विकास होगा तथा क्षेत्र को विकास की नई गति मिलेगी तथा यह योजनायें आने वाले समय में काफी लाभकारी सिद्ध होंगी।
मुख्यमंत्री ने कैची धाम में लगने वाले जाम से निजात दिलाने हेतु भवाली सेनेटोरियम से रातीघाट तक बाईपास के निर्माण की घोषणा की साथ ही तल्ला रामगढ से क्वारब तक टूलेन सडक मार्ग निर्माण, विकास खण्ड भीमताल देवीधुरा-जमीरा-ज्सूडा- मोटर मार्ग निर्माण, विकास खण्ड कोटाबाग में ग्राम पंगूठ से गढचोली तक मोटर मार्ग निर्माण,विकास खण्ड बेतालघाट में रेवली 3.5 किमी मोटर मार्ग निर्माण,भवाली पर्यटक आवास गृह का उच्चीकरण एवं मरम्मत कार्य,नैनीताल में शमशान घाट तक सड़क निर्माण, नैनीताल शहर में 50 वर्ष पुरानी सीवर लाइन को बदला जायेगा की घोषणा की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार द्वारा जितनी भी योजनाओं का शिलान्यास किया गया है जल्द ही इन योजनाओं को धरातल पर उतारा जायेगा। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड को विकास हेतु 9 वर्ष में 1.50 लाख करोड की धनराशि की योजनाओं पर कार्य किया गया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार रोजगार के अवसर पैदा कर पलायन को रोकने के विजन पर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा 813 करोड़ रूपये की धनराशि उद्यान, बागवानी हेतु किसानों को आत्मनिर्भर बनाने हेतु दिया गया है, आने वाले वर्ष में उत्तराखण्ड में 50 हजार पॉलीहाउस बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का युवा, मातृशक्ति व किसान को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष प्रयास किये जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में मातृशक्ति का सशक्तिकरण हो रहा है, मातृशक्ति के लोकल उत्पादों को देश व अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। जिससे हमारी मातृशक्ति की आर्थिकी के साथ ही देश व दुनिया में नई पहचान मिली है। उन्होंने कहा प्रदेश मे नकल विरोधी कानून बनने के पश्चात चार परीक्षाएं आयोजित की गई इन परीक्षाओं में 4.5 लाख युवाओं ने परीक्षा दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शिता के आधार पर परीक्षा हो रही है योग्य परीक्षार्थी का प्रतिभा के आधार पर सलेक्शन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नकल विरोधी कानून हमारी सरकार ने बनाया है इसे देश के अन्य राज्य की मॉडल के रूप मे लागू कर रहे हैं। उन्होंने कहा अन्त्योदय योजना के अंतर्गत माताओं एवं बहनों को 3 गैस सिलेंडर निशुल्क दिये जा रहे है प्रदेश में अब तक 1 लाख 76 हजार लोगों को इस योजना से लाभ मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा सरकार समान नागरिक संहिता बिल की दिशा में कार्य कर रही है जल्द ही इसे लागू किया जायेगा। उन्होंने कहा लैंड जेहाद को लेकर कठोर कानून लेकर आ रहे हैं तथा जबरन धर्मांतरण को लेकर भी कडा कानून लेकर आये है साथ ही सरकार द्वारा राज्य आंदोलनकारियों को 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया गया है, सरकार द्वारा जितनी भी विकास परक योजनायें चलाई जा रही है उसमें हर वर्ग का सम्मान किया जा रहा है।
इस अवसर पर केन्द्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट एवं क्षेत्रीय विधायक सरिता आर्य ने सभी का स्वागत करते हुये सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे मे विस्तृत रूप से जानकारियां दी।
इस अवसर पर केन्द्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट, विधायक सरिता आर्य, रामसिंह कैडा, दीवान सिंह बिष्ट के साथ ही गणमान्य व क्षेत्रीय जनता उपस्थित थी।

राज्य के समग्र विकास के लिए विभागों को दिये लक्ष्यों की प्राप्ति की होगी समीक्षा

2025 तक उत्तराखण्ड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए विभागों का जो लक्ष्य निर्धारित है, उस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए विभागों ने अब तक धरातल पर किये गये कार्यों तथा भविष्य की कार्ययोजना पर तेजी लाने के लिए विभागों की नियमित समीक्षा की जायेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में सचिवालय में सशक्त उत्तराखण्ड/ 25 के अन्तर्गत विभागों की कार्यों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि 2025 के लिए लक्ष्य के सापेक्ष जो भी कार्य किये जा रहे हैं, उनको पूर्ण करने के लिए समय सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए। जिन क्षेत्रों में राज्य के राजस्व वृद्धि में शीघ्रता परिलक्षित है, उन क्षेत्रों को प्राथमिकता पर रखा जाए। सभी विभाग दीर्घकालिक एवं अल्पकालिक कार्ययोजना के साथ कार्यों को पूरे मनोयोग के साथ धरातल पर लाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 01 अप्रैल से नया वित्तीय वर्ष शुरू हो चुका है। सभी विभागों की जल्द ही 31 मार्च 2024 तक की कार्ययोजना, लक्ष्य एवं राजस्व वृद्धि के लिए विभागों द्वारा क्या प्रयास किये जा रहे हैं, इसकी समीक्षा की जायेगी। राज्य के पर्वतीय जनपदों की आय में वृद्धि के लिए इस क्षेत्र में लोगों की आजीविका सुधार के लिए विशेष प्रयासों की जरूरत है। उन्होंने कहा कि राज्य में लोगों की आजीविका बढ़ाने एवं राजस्व वृद्धि के लिए तैयार की जा रही कार्य योजना के तहत जो कार्य होने हैं, उनमें सेक्टरवार तेजी लाई जाए। इसके लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें। 2025 तक राज्य के लिए हम क्या महत्वपूर्ण उपलब्धि हांसिल कर सकते हैं, सभी विभाग इस पर विशेष ध्यान दें।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन, कृषि, उद्यान, उद्योग के क्षेत्र में कार्य करने के लिए अनेक संभावनाएं हैं। इन क्षेत्रों में लघु समयावधि की कार्ययोजना के साथ ही 2030 तक और क्या बेहतर किया जा सकता है, इस दिशा में तेजी से कार्य किया जाए। इन क्षेत्रों से जहां राज्य में लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, राज्य की जीडीपी में भी तेजी से वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि कुमांऊ क्षेत्र में कुछ ऐसे नये पर्यटक एवं धार्मिक स्थल विकसित किये जाएं कि चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु, गढ़वाल के साथ कुमांऊ के नैसर्गिक सौन्दर्य का आनन्द भी ले सकें। पर्यटन की दृष्टि से विभिन्न सर्किटों के माध्यम से पूरे उत्तराखण्ड को जोड़ने के भी उन्होंने निर्देश दिये। एडवेंचर टूरिज्म के क्षेत्र में भी प्रदेश में अनेक संभावनाएं हैं, उत्तराखण्ड में साहसिक पर्यटन के नये स्थलों को विकसित करने की दिशा में भी तेजी से कार्य किये जाएं। जिन पर्यटक स्थलों पर साहसिक गतिविधियां हो रही हैं, उनको और विकसित करने की दिशा में भी ध्यान दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिये कि राज्य के स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए और प्रयासों की जरूरत है। स्थानीय उत्पादों की ब्राडिंग और मार्केटिंग पर ध्यान दिया जाए। एप्पल और कीवी मिशन पर तेजी से कार्य किये जाएं। पर्वतीय क्षेत्रों में ऐरोमेटिक प्लांट की खेती को बढ़ावा दिया जाए। राज्य में उच्च शिक्षण संस्थानों में डिग्री कोर्स के अलावा कौशल विकास से सबंधित डिप्लोमा कोर्स संचालित किये जाने पर भी ध्यान दिया जाए। राज्य में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए नीतियों के सरलीकरण की दिशा में कार्य किये जाने पर भी बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्विक स्तर पर जिन क्षेत्रों में दक्ष मानव संसाधन की मांग बढ़ी हैं, ऐसे क्षेत्रों में राज्य के युवाओं के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्थाएं की जाए।

बैठक में दिये गये विस्तृत प्रस्तुतीकरण में जानकारी दी गई कि राज्य में पर्यटन क्षेत्र में 2030 तक विभिन्न गतिवधियों पर आधारित कार्य किये जायेंगे। देवभूमि उत्तराखण्ड में प्रतिवर्ष 01 करोड़ पर्यटक एवं श्रद्धालुओं का आगमन हो, इसके लिए व्यापक कार्ययोजना पर कार्य हो रहा है। इससे राज्य में 05 लाख लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। इसके लिए राज्य में नये पर्यटक एवं धार्मिक स्थलों को विकसित करने के साथ ही अवस्थापना सुविधा के विकास पर विशेष ध्यान दिदया जायेगा। होम स्टे को तेजी से बढ़ावा दिया जायेगा। 2030 तक सेब की उत्पादकता बढ़ाने के लिए सरकार ने 1500 से 2000 करोड़ का अतिरिक्त निवेश करने का लक्ष्य रखा है, जिससे 2500 करोड़ की अतिरिक्त जीडीपी बढ़ने का अनुमान है। इससे लगभग 30 हजार किसानों की आय में 10 गुना तक वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है।

बैठक में मुख्य सचिव डॉ एस.एस. सन्धु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनन्द बर्द्धन, सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम, शैलेश बगौली, डॉ पंकज कुमार पाण्डेय, विजय कुमार यादव, एस.एन. पाण्डेय, महानिदेशक यूकॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत, मैकेन्जी से सीनियर पार्टनर अमित खेर, अभिषेक बावेल एवं अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे।

जी 20 चीफ साइंस एडवाइजर्स वर्किंग ग्रुप में सीएम ने की प्रतिनिधियों से मुलाकात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रामनगर में आयोजित जी 20 चीफ़ साइंस एडवाइजर्स वर्किंग ग्रुप में प्रतिभाग करने आए विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों से भेंट की। मुख्य्मंत्री ने मेहमानों के स्वागत में आयोजित रात्रि भोज में भी प्रतिभाग किया।
आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि विश्व की सबसे बड़ी पर्वत श्रृंखला हिमालय की गोद में बसा हमारा यह प्रदेश उत्तराखंड, देवभूमि के रूप में विख्यात है, क्योंकि यह केदारखंड और मानसखंड मंदिर समूहों तथा बद्रीनाथ धाम जैसे पौराणिक धाम की पवित्र भूमि है. यह हरिद्वार और ऋषिकेश जैसे आध्यात्मिक केंद्रों तथा योग, आयुर्वेद और प्राणायाम का एक वैश्विक हब हैं, इतना ही नहीं यह प्रदेश सनातन धर्म और संस्कृति जिसे हिंदू धर्म के रूप में भी जाना जाता है, का प्राचीनतम केंद्र भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी महान वैज्ञानिकों द्वारा एक बेहतर विश्व बनाने के प्रयासों के अंतर्गत ऐसी महान धरती पर किया जा रहा यह चिंतन अवश्य ही संपूर्ण मानवता के लिए हितकारी सिद्ध होगा।

जी-20 की थीम वन अर्थ, एक फैमिली, एक फ्यूचर भारतीय संस्कृति की वसुधैव कुटुंबकम की सोच पर आधारित है। हमारे देश की प्राचीन और महान संस्कृति ने ही सर्वप्रथम ष्वसुधैव कुटुम्बकमष् अर्थात ष्समस्त विश्व ही एक परिवार हैष् की अवधारणा समस्त विश्व के समक्ष रखी थी। जी-20 की यह विशेष बैठक Chief Science Advisors Roundtable (CSAR) हमारी सनातन संस्कृति की इसी मूल अवधारणा को पुष्चित व पल्लवित करने में सहायक सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी जी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हमारे राज्य को जी-20 की तीन बैठकों का आयोजन करने का अवसर दिया गया। इस महत्त्वपूर्ण दायित्व को निभाते हुए हम स्वयं को गौरवांवित अनुभव कर रहे हैं, यह सभी उत्तराखंडवासियों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। आशा है कि इस राउण्डटेबल में किया गया मंथन, चर्चा व अनुभवों की साझेदारी साइंस और पॉलिसी के बीच के गैप को कम करने में सहायक सिद्ध होगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में आज जिस प्रकार भारत प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है और एक मजबूत अर्थव्यवस्था, नॉलेज बेस्ड इकॉनोमी, समृद्ध लोकतंत्र, वैश्विक मंच पर शांतिदूत तथा मानवता के प्रयासों में अग्रदूत के रूप में स्थापित हुआ है उसी प्रकार उनकी अध्यक्षता में ळ-20 समूह भी अपने महान उद्देश्यों और लक्ष्यों को प्राप्त करने में सफल होगा।

यह एक ऐतिहासिक अवसर है, क्योंकि यहां विश्व की प्रमुख और उभरती हुई साइंटिफिक पावर जो कि विश्व के लगभग 85 प्रतिशत साइंटिफिक नॉलेज पर अधिकार रखती है, एक ही स्थान पर मौजूद हैं। साइंस एण्ड टेक्नॉलॉजी के ऐसे बहुत से अन्तर्राष्ट्रीय मुद्दे हैं, जिन पर वैश्विक स्तर पर सरकारों के मध्य बातचीत होनी चाहिए। इसमें ग्लोबल सांइस एण्ड टेक्टनॉलॉजी पॉलिसी व गवनंस से लेकर सांइटिफिक नॉलेज क्रिएशन तथा इसके उपयोग जैसे विषयों को लिया जा सकता है।

हमें वास्तव में लॉन्गटर्म विजन के साथ एक इन्कलूसिव ग्लोबल सांइस एडवाइस सुनिश्चित करने की आवश्यकता है, जो कि इस जी -20 सीएसएआर की बैठक का एजेण्डा भी है। मुझे प्रसन्नता है कि इस जी-20 सीएसएआर के एजेंडे के तहत वन हेल्थ को भी लिया गया है। निश्चित ही कोरोना काल के बाद यह सिद्ध हो चुका है कि वैश्विक संक्रमण पर बेहतर नियंत्रण तथा आने वाली महामारियों का सफलतापूर्वक सामना करने के लिए वन हेल्थ का कॉन्सेप्ट वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। वन हैल्थ की यह भावना भविष्य में आने वाली किसी भी समस्या से निपटने में हमारे के लिए एक कवच का कार्य करेगी। आप में से बहुत से विदेशी मेहमान पहली बार देवभूमि उत्तराखंड आए होंगे इसलिए मैं चाहूंगा कि आप अपनी इस यात्रा के दौरान हमारे देश के साथ-साथ हमारे प्रदेश उत्तराखंड को भी जानें और समझें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य उत्तराखंड को विज्ञान, तकनीक और इनोवेशन के क्षेत्र में अंतराष्ट्रीय स्तर का प्रदेश बनाना है जिससे सामान्य लोगों का जीवन और अधिक सहज, सरल और समृद्ध हो सके।

इस अवसर पर उत्तराखंड के राज्यपाल रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह, ब्राजील के उपमंत्री प्रो. मरसिया क्रिस्टिना बरनाड्रेस, उत्तराखंड सरकार के मंत्रीगण, विधायकगण, भारत सरकार के मुख्य वैज्ञानिक सलाहाकार अजय कुमार सूद, जी-20 देशों के सभी मुख्य वैज्ञानिक सलाहाकार, वैज्ञानिक सलाहाकार एवं प्रमुख वैज्ञानिकगण उपस्थित थे।

रामनगर में सीएम ने पहुंचकर किया पैदल निरीक्षण

उत्तराखण्ड के रामनगर में प्रथम जी-20 सम्मेलन के अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा क्षेत्र का भ्रमण किया गया। सीएम धामी के डिग्री कॉलेज रामनगर पहुंचने पर लोक सांस्कृतिक छोलिया दलों के साथ ही स्थानीय महिलाओं द्वारा कुमाऊॅनी परिधान में एकत्र हो कर फूलों की वर्षा कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया।
मुख्यमंत्री द्वारा डिग्री कालेज से पैदल ही मार्ग का निरीक्षण किया गया। मार्ग की दीवारों पर उत्तराखण्ड की संस्कृति को उकेरा गया है, उसे देखकर सीएम गौरवान्वित हुये। मुख्यमंत्री ने मार्ग की पेंटिंग को देखकर स्वयं फोटो खिचवाई। सीएम रामनगर की बदली तस्वीर देखकर प्रफुल्लित हुये। जी- 20 की मेजबानी के चलते मार्ग में जिन लोगों के अव्यवस्थित आवासीय भवन थे उनका सौंदर्यीकरण जिला प्रशासन द्वारा करने पर क्षेत्र के लोगों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया गया।
इसके पश्चात मुख्यमंत्री द्वारा जीआईसी ढिकुली विद्यालय का लोकार्पण किया गया। जीआईसी ढिकुली स्कूल में सौन्दर्यीकरण एवं फर्नीचर की व्यवस्थायें उच्च कोटि के साथ सुसज्जित की गई है। सीएम धामी द्वारा विद्यालय की बाल वाटिका एवं झूलों का भी निरीक्षण किया गया।
इसके पश्चात मुख्यमंत्री धामी ने ढिकुली गर्जिया मन्दिर पहुंचकर माता के दरबार में पूजा अर्चना की तथा प्रदेश में अमन एवं खुशहाली के लिए प्रार्थना की। सीएम धामी ने गर्जिया मन्दिर के सौंदर्यीकरण हेतु प्रस्ताव सिंचाई विभाग को 15 अप्रैल तक देने के निर्देश दिये।
इस अवसर पर विधायक दीवान सिंह बिष्ट, राकेश नैनवाल, इन्दर रावत, दिनेश मेहरा, चौहान चन्द्र इसके साथ ही जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल, एसएसपी पंकज भट्ट, मुख्य अभियंता सिंचाई संजय शुक्ल, प्रभागीय वनाधिकारी कुंदन कुमार, एसडीओ पूनम के साथ ही गणमान्य एवं क्षेत्रीय जनता उपस्थित थी।

राज्य में खेलों को बढ़ावा देने को नई खेल नीति हुई लागूः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से प्रथम नॉर्थ वैली कप-2023 नॉकआउट फुटबॉल टूर्नामेंट की विजेता टीम सिटी यंग के खिलाड़ियों ने भेंट की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खेलों को बढ़ावा देने के लिए नई खेल नीति को लागू की गई है। खेल व्यक्ति के चहुंमुखी विकास के लिए लाभदायक हैं। खेल हमें समयबद्धता, धैर्य, अनुशासन और समूह में कार्य करने की प्रेरणा भी देते हैं।

मुख्यमंत्री ने विजेता टीम सिटी यंग के खिलाडियों के साथ ही उपविजेता टीम कैंट फोर्ट के खिलाड़ियों को शुभकामनायें प्रदान की। उन्होंने प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिये समिति के सदस्यों को बधाई भी दी।

इस अवसर पर अरविंद चौहान, सुमित कुमार, ऋषभ मल्होत्रा, दीपक राणा, पंकज बिष्ट एवं विकास चौहान आदि मौजूद थे।