सीएम ने 306 करोङ रुपए की 26 योजनाओं का लोकार्पण किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पहेनिया बाईपास, खटीमा, उधम सिंह नगर में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए 30606.75 लाख रुपए की 26 योजनाओं का लोकार्पण किया। जिसमें नवनिर्मित गदरपुर बाईपास एवं नवनिर्मित खटीमा बाईपास का लोकार्पण भी शामिल रहा। इस अवसर पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भी वीडियो के माध्यम सभा को संबोधित किया।

लोकार्पित किये गये 4-लेन गदरपुर बाईपास की लम्बाई 8.8 किमी और लागत 170 करोङ रूपये है जबकि खटीमा बाईपास 2-लेन विद पेव्ड शोल्डर है। इसकी लम्बाई 8.2 किमी और लागत 95 करोङ रूपये है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बाईपास के लोकार्पण के साथ खटीमा एवं गदरपुर क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है। इन दोनों ही बाईपास के बनने से स्थानीय जनता को लाभ मिलेगा। खटीमा एवं गदरपुर दोनों शहरों को जाम से निजात भी मिलेगा। खटीमा बाईपास के दौरान कई बाधाओं का सामना करना पड़ा परंतु सभी क्षेत्रवासियों ने एकता दिखाकर, जिला प्रशासन एवं एन.एच के सहयोग से समस्याओं का समाधान किया। उन्होंने कहा जल्द ही टनकपुर से सितारगंज एवं पीलीभीत से खटीमा हेतु 4 लेन सड़क पर भी कार्य किया जाएगा। यह मार्ग कैलाश मानसरोवर का भी एक अहम पड़ाव है आने वाले दिनों में कैलाश मानसरोवर की यात्रा इन्हीं मार्गाे से की जाएगी। भारत एवं नेपाल सरकार संयुक्त रूप से दोनों देशों को जोड़ने हेतु सड़क का निर्माण करवा रही है जिससे दोनों देशों के बीच में रोटी बेटी का रिश्ता और ज्यादा मजबूत होगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से विशेष लगाव है। जिसके फलस्वरूप केदारनाथ की एवं हेमकुंड साहिब को रोपवे से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि भारत सरकार के पर्वतमाला योजना का अधिकाधिक लाभ हमारे राज्य को मिले। उधम सिंह नगर जिले के किच्छा क्षेत्र में एम्स बनने जा रहा है। राज्य सरकार वन डिस्टिक टू प्रोडक्ट योजना पर भी तेज गति के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत द्वारा अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर जो भी प्रस्ताव रखे जाते हैं, उन पर गम्भीरता से फैसले भी लिये जाते हैं। उन्होंने कहा कि भारत इस वर्ष जी- 20 शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहा है। यह देश के लिए ‘लोकल फॉर ग्लोबल’ को बढ़ावा देने का अच्छा अवसर है। जी-20 की 02 महत्वपूर्ण बैठकें उत्तराखण्ड में भी प्रस्तावित हैं। भारत के प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 2023 को अन्तरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष भी घोषित किया है। इससे हमारे मोटे अनाजों को तेजी से बढ़ावा मिलेगा। भारत सरकार द्वारा मण्डुवा को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर क्रय करने की स्वीकृति प्रदान करने पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज संपूर्ण भारत में सरकार द्वारा अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को संसाधन पहुंचाने पर कार्य किया जा रहा है। आज का भारत दुनिया का नेतृत्व करने वाला भारत है। वैश्विक मंच पर भारत और भी ज्यादा सशक्त हुआ। सेना का मान सम्मान स्वाभिमान बढा है। दुश्मन देशों को गोली का जवाब गोलो से दिया जा रहा है। उन्होंने कहा राज्य सरकार ने खटीमा के अंतर्गत कई कार्य किये हैं जिसमें विभिन्न जगहों पर पानी की टंकियों का निर्माण, बस स्टेशन का निर्माण, सरकारी हॉस्पिटलों में मूलभूत संसाधनों की स्थापना, पूर्व सैनिकों हेतु सीएसडी कैंटीन, एकलव्य विद्यालय, नमामि गंगे के अंतर्गत शारदा घाटों का निर्माण कार्य हैं। उन्होंने कहा राज्य सरकार वर्ष 2025 तक उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने “विकल्प रहित संकल्प“ को लेकर आगे बढ़ रही है।

वीडियो संदेश में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि विधानसभा चुनाव 2022 में अपने वादे अनुसार आज बाईपास का लोकार्पण कर दिया है। नवनिर्मित गदरपुर एवं खटीमा बाईपास के शुभारंभ के साथ ही खटीमा एवं गदरपुर के मुख्य शहरों में लगने वाला जाम पूरी तरह खत्म हो जाएगा। इससे स्थानीय जनता, यात्री एवं श्रद्धालुओं को बहुत बड़ी राहत मिलेगी। बाईपास के बन जाने से रुद्रपुर – टनकपुर एवं रुद्रपुर से काशीपुर या अन्य आसपास शहरों की समयअवधि घट जाएगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड राज्य निरंतर ही विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने कहा उत्तराखंड राज्य में सड़कों के निर्माण हेतु जो कुछ भी सहयोग मंत्रालय द्वारा किया जा सकता है, वो प्राथमिकता के साथ किया जाएगा।

केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने कहा कि प्रत्येक शासनादेश मूर्त रूप लेता जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड का चौमुखी विकास देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री धामी के बराबर कर्तव्यनिष्ट, ईमानदार व्यक्ति कोई नहीं है, वह वर्तमान समय में प्रदेश के हर क्षेत्र को बराबर स्थान और सम्मान दे रहे हैं। उन्होंने कहा गदरपुर बायपास पर सर्विस लेन बने तथा किसानों की फसल को नुकसान न हो, पानी की निकासी हेतु एनएचएआई प्रस्ताव बनाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उधम सिंह नगर जिले का चौतरफा विकास हो रहा है। अगले 10 सालो में उत्तराखंड राज्य बहुत ऊंचाइयों को छूने वाला है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री मोदी जी के मार्गदर्शन में भारत को ळ-20 की अध्यक्षता मिल गई है। करोड़ों के प्रोजेक्ट पर काम हो रहे हैं।

कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने नेशनल हाईवे कुटरी (खटीमा बाईपास) का निरीक्षण भी किया।
इस दौरान विधायक गोपाल सिंह राणा, शिव अरोरा, सुरेश गडिया, पूर्व विधायक डॉ. प्रेम सिंह राणा, बीजेपी जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, डीएम युगल किशोर पंत, एसएसपी मंजूनाथ टीसी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

स्कूलों में स्मार्टशाला टीवी डिवाइस तथा स्पोकन इंग्लिश कार्यक्रम का हुआ शुभारम्भ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजकीय बालिका इंटर कॉलेज कौलागढ़ के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय छात्रावास झड़ीपानी का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय छात्रावास कौलागढ़ एवं कस्तूरबा गांधी आवासीय छात्रावास कोरबा के शिलान्यास के साथ शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए स्मार्टशाला टी.वी. डिवाइस तथा स्पोकन इंग्लिश कार्यक्रम का भी शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजकीय बालिका इंटर कॉलेज कौलागढ़ का नाम पूर्व विधायक हरबंस कपूर के नाम से किए जाने की घोषणा भी की। इस अवसर पर उन्होंने संपर्क स्मार्टशाला टी.वी. डिवाइस के माध्यम से चल रही कक्षाओं का अवलोकन किया एवं छात्राओं से संवाद भी किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार के लिए राज्य सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। समाज के गरीब एवं वंचित वर्गों के लोगों को भी शिक्षा के लिए पूरे अवसर मिले इसके लिए राज्य में जहां भी आवासीय छात्रावास बनाने की आवश्यकता होगी, इस दिशा में तेजी से प्रयास किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि देश आजादी के अमृत महोत्सव में प्रवेश कर गया है। आने वाले 25 साल भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। हमारे नौनिहाल भारत का भविष्य हैं। इनको अच्छी शिक्षा और संस्कार मिले यह हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उनके नेतृत्व में भारत द्वारा अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर जो भी प्रस्ताव रखे जाते हैं, उन पर गम्भीरता से सुनवाई भी होती है, और फैसले भी लिये जाते हैं। उन्होंने कहा कि भारत 2023 में जी 20 शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहा है। यह देश के लिए ‘लोकल फॉर ग्लोबल’ को बढ़ावा देने का अच्छा अवसर है। भारत के प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 2023 को अन्तरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष भी घोषित किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत के प्रस्ताव पर समर्थन मिलने पर पूर्व में संयुक्त राष्ट्र महासभा से प्रतिवर्ष 21 जून को अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने मंजूरी मिली थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड भी विकास पथ पर तेजी से अग्रसर है। 2025 तक उत्तराखण्ड देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में हो इस दिशा में निरन्तर प्रयास किये जा रहे हैं।

शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू हो गई है। जिसके तहत 05 हजार बाल वाटिकाओं का संचालन पूरे राज्य में किया जा रहा है। प्रदेश में करीब 11 लाख छात्र – छात्राओं को किताबें, कपड़े, बैग, जूते, एवं अन्य सामग्री सरकार द्वारा मुफ्त उपलब्ध कराई जा रही। राज्य में 9वीं से 12वीं कक्षा तक के सभी सरकारी एवं अशासकीय स्कूलों के विद्यार्थियों को भी मुफ्त में किताबें देने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया है। राज्य में कक्षा 01 से 08वीं कक्षा के सभी विद्यार्थियों को पहले से ही मुफ्त में किताबें दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में स्कूली शिक्षा के पाठ्यक्रम में ‘हमारी विरासत’ पुस्तक बच्चों को पढ़ाई जायेगी। इसमें उत्तराखण्ड के महापुरूषों की जानकारी के अलावा राज्य की ऐतिहासिक एवं सामाजिक पृष्ठभूमि की जानकारी भी बच्चों दी जायेगी। राज्य में स्कूलों के पाठ्यक्रम में स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं कृषि से संबंधित जानकारियों का समावेश किया जायेगा। उन्होंने कहा कि जल्द ही एलटी अध्यापकों को नियुक्ति दी जायेगी। इन शिक्षकों को मुख्यमंत्री नियुक्ति पत्र सौंपेंगे।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए अनेक कार्य किये गये हैं। बच्चों को हिन्दी के अलावा अंग्रेजी माध्यम में भी अच्छी शिक्षा मिले इसके लिए अटल आदर्श विद्यालय खोले गये हैं। उन्होंने कहा प्रदेश के दूरस्थ गांवों में शिक्षा से संबंधित कार्यक्रम हो इसके लिए भी हमें प्रयास करने चाहिए।

इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा बंशीधर तिवारी, सम्पर्क फाउण्डेशन के सी.ई.ओ विनीत नायर, स्कूलनेट संस्था के सी.ई.ओ लोकेश बजाज एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

पर्यटकों को आकर्षिक करने को निकली साइकिल रैली, सीएम ने किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय से मसूरी विंटर कार्निवाल के अंतर्गत साइकिल रैली का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मसूरी विंटर कार्निवाल पर्यटन को बढ़ावा देने वाला उत्सव है। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए साइकिल रैली का आयोजन किया जा रहा है। यह साइकिल रैली देहरादून से मसूरी तक होगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड का नैसर्गिक सौन्दर्य पर्यटकों को आकर्षित करता है। राज्य सरकार द्वारा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य में सड़क, हवाई एवं रेल कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार हो रहा है। राज्य में नए टूरिस्ट डेस्टिनेशन विकसित किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, अपर जिलाधिकारी के के मिश्रा, जिला पर्यटन अधिकारी जसपाल चौहान, जिला कमांडेंट होमगार्ड डॉ. राहुल सचान उपस्थित थे।

पीएम की बात सुनकर सीएम ने की पूर्व पीएम अटल बिहारी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम को सुना। मन की बात कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में वर्ष 2022 भारत के लिये विशेष उपलब्धियो भरा रहा है। इस वर्ष देश ने विकास की रफ्तार पकड़ी है और हम दुनिया की सबसे तेज गति से बढती अर्थव्यवस्था हैं। इस वर्ष देश की आजादी के 75 वर्ष पूरे हुए। अब अमृत काल में प्रवेश कर गये हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की पहल पर हर घर तिरंगा अभियान से पूरे देश में उत्साह का माहौल बना। विश्व ने भारत की एकता को महसूस किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की शक्ति को संसार ने माना है। जी-20 की अध्यक्षता की जिम्मेदारी मिलना हम सभी के लिए गर्व की बात है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री ‘भारत रत्न’ स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य के निर्माण में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अटल जी ने उत्तराखण्ड को बनाया और नरेन्द्र मोदी उत्तराखण्ड को संवार रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वालों की उपलब्धियों को जिक्र मन की बात के माध्यम से प्रधानमंत्री जी करते हैं, इससे अन्य लोगों को भी अच्छे कार्य करने की प्रेरणा मिलती है। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी नेतृत्व में देश हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है।

इस अवसर पर भाजपा के महानगर देहरादून अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल एवं भाजपा के अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री उत्कृष्टता एवं सुशासन पुरस्कार से सम्मानित हुए प्रदेशभर के अधिकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सुशासन दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में सराहनीय कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता एवं सुशासन पुरस्कार से सम्मानित किया। उन्होंने पुरस्कार प्राप्त करने वाले सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी आगे भी इसी मनोयोग से कार्य करते रहेंगे।
मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्य स्मृति में मनाये जाने वाले “सुशासन दिवस“ की सभी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि भारतीय राजनीति के शलाका पुरुष, ओजस्वी कवि, प्रखर वक्ता, उत्तराखंड के निर्माता, भारत रत्न श्रद्धेय, स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने अपना सम्पूर्ण जीवन जन सेवा के लिए समर्पित किया। प्रधानमंत्री के रूप में हो या एक व्यक्ति के रूप में हो, श्रद्धेय स्व. अटल जी का संपूर्ण जीवन, राजनीतिक या सामाजिक क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों के लिए ही नहीं अपितु समस्त देशवासियों के लिए भी एक प्रेरणा का स्रोत हैं। वे सच्चे अर्थों में भारतीय राजनीति में अजातशत्रु थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण की बात हो या प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जैसी दूरगामी सोच वाली परियोजना की बात हो या फिर परमाणु परीक्षण जैसे साहसी कदम की बात हो, अटल जी ने देश के विकास के लिए अलग लकीर खींचने का काम किया। अटल जी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार ने भारत में विकास की चेतना को जागृत कर अभूतपूर्व कार्य किये। सुशासन, सामाजिक सशक्तिकरण और समरसता अटल जी का जीवन दर्शन था। अटल जी अन्त्योदय के दर्शन को कार्यरूप देने में विश्वास रखते थे, वे हमेशा समाज के गरीब और वंचित वर्ग के लिए चिंतित व सक्रिय रहते थे। राष्ट्रधर्म को वाजपेयी जी ने हमेशा दलगत राजनीति से ऊपर रखा। समानता और सामाजिक समरसता के प्रति वह सदा तन-मन-धन से समर्पित थे। उन्होंने कहा कि अटल जी के नेतृत्व वाली सरकार ने ही उत्तराखंड राज्य की स्थापना कर हम सभी के सपने को साकार करने का काम किया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड तेजी से प्रगति के पथ पर अग्रसर हैं। केन्द्र सरकार से हर क्षेत्र में उत्तराखण्ड को पूरा सहयोग मिल रहा है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार एक भारत, श्रेष्ठ भारत की संकल्पना को सार्थक करने हेतु उत्तराखंड को एक सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए संकल्पबद्ध है। राज्य सरकार वर्ष 2025 तक उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने की दिशा में “विकल्प रहित संकल्प“ को लेकर निरंतर कार्य कर रही है। इस संकल्प को पूर्ण करने के लिए सरकार के साथ-साथ समस्त प्रदेशवासियों को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री उत्कृष्टता एवं सुशासन पुरस्कार 2021-22 से

व्यक्तिगत श्रेणी में 07 लोगों को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता एवं सुशासन पुरस्कार 2021-22 से सम्मानित किया गया। जिसमें विशाल मिश्रा, नगर आयुक्त, नगर निगम, रूद्रपुर, ऊधमसिंह नगर, डा० राजीव कुमार, प्रभारी चिकित्साधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, यमकेश्वर, पौड़ी गढ़वाल, अजय सिंह, तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एस०टी०एफ० देहरादून, डा० राजीव कुमार शर्मा वरिष्ठ परामर्शदाता (सर्जन), उप जिला चिकित्सालय, कर्णप्रयाग, चमोली, दृष्टि आनन्द, खण्ड विकास अधिकारी, यमकेश्वर, पौड़ी गढ़वाल, मनीष खत्री उप निरीक्षक, उत्तराखण्ड पुलिस, एस०ओ०जी०, चम्पावत एवं नवीन कठैत, कांस्टेबल, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, कोतवाली, कर्णप्रयाग, चमोली शामिल हैं।
सामूहिक श्रेणी में 11 पुरस्कार दिये गये। जिसमें पहला पुरस्कार राधा रतूड़ी (ग्रुप लीडर) अपर मुख्य सचिव, सचिवालय प्रशासन विभाग, उत्तराखण्ड शासन, देहरादून एवं टीम के सदस्य आर. के. सुधांशु, प्रमुख सचिव, अमित सिन्हा, निदेशक, आई.टी.डी.ए., विनोद कुमार सुमन, सचिव, राजीव जोशी, वरिष्ठ तकनीकी निदेशक एन.आई.सी., वन्दना डंगवाल, अनु सचिव शामिल हैं। दूसरा पुरस्कार चन्देश कुमार (ग्रुप लीडर) आयुक्त एवं सचिव, राजस्व परिषद, उत्तराखण्ड, देहरादून, टीम के सदस्य मुहम्मद नासिर, उप राजस्व आयुक्त, अनूप सिंह नेगी, सहायक समीक्षा अधिकारी, पवन सिंह, मुख्य सहाय शामिल हैं। तृतीय पुरस्कार सुरेन्द्र नारायण पाण्डे (ग्रुप लीडर) आवास आयुक्त, उत्तराखण्ड आवास एवं विकास परिषद देहरादून, टीम के सदस्य प्रकाश चन्द्र दुम्का, अपर आवास आयुक्त, आनन्द राम, अधिशासी अभियन्ता, बबीता शर्मा, मुख्य सहायक शामिल हैं। चौथा पुरस्कार श्री आशीष चौहान (ग्रुप लीडर) तत्कालीन जिलाधिकारी, पिथौरागढ़ टीम के सदस्य गौरव कुमार, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी, प्रशान्त कुमार, वित्त अधिकारी, मोहित लाल शाह, अपर जिला सूचना विज्ञान अधिकारी शामिल हैं। पांचवा पुरस्कार विजय कुमार जोगदण्डे (ग्रूप लीडर) तत्कालीन जिलाधिकारी, पौड़ी गढ़वाल (महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास के अन्तर्गत बेटी बचाओ-बेटी विषयक कार्यों हेतु“) टीम के सदस्य जितेन्द्र कुमार, प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी, चन्द्रकान्ता काला, बाल विकास परियोजना अधिकारी, प्रिति अरोड़ा, बाल विकास परियोजना अधिकारी, अंजू, बाल विकास परियोजना अधिकारी शामिल हैं। छठा पुरस्कार विजय कुमार जोगदण्डे (ग्रुप लीडर) तत्कालीन जिलाधिकारी, पौड़ी गढ़वाल, (जनपद पौड़ी गढ़वाल में स्वामित्व योजना क्रियान्वित किये जाने विषयक) टीम के सदस्य ईला गिरी, ए.डी.एम. पौड़ी गढ़वाल/नोडल अधिकारी, पूरण प्रकाश रावत, ए.एल.आर.ओ., सुशीला कोठियाल, तहसीलदार, जनपद पौड़ी गढ़वाल, मनजीत सिंह गिल, तहसीलदार यमकेश्वर, यशवीर सिंह, तहसीलदार धूमाकोट, विकास अवस्थी, नायब तहसीलदार, कोटद्वार शामिल हैं। सातवा पुरस्कार स्वाति एस भदौरिया तत्कालीन जिलाधिकारी/अध्यक्ष जनपद आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण, चमोली, उत्तराखण्ड एवं हिमांशु खुराना जिलाधिकारी/अध्यक्ष जनपद आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण, चमोली, उत्तराखण्ड (ग्रूप लीडर), टीम के सदस्य श्रीमती कुमकुम जोशी, उप जिलाधिकारी, नरेन्द्र सिंह रावत, रजिस्ट्रार कानूनगो, राजवीर सिंह नेगी, अमीन तहसील, शिवराज सिंह रावत, सहायक मुख्य राजस्व लेखाकार शामिल हैं। आठवा पुरस्कार श्वेता चौबे, आई०पी०एस० (ग्रुप लीडर) तत्कालीन पुलिस अधीक्षक, पुलिस कार्यालय गोपेश्वर, चमोली टीम के सदस्य महिला उपनिरीक्षक, ना०पु० मीता गुसांई, म0कान्स 15 ना०पु० ऊषा तथा म0कान्स0 35 ना०पु० नन्दी शामिल है।
उत्तराखण्ड सचिवालय, विधानसभा सचिवालय, उत्तराखण्ड राज्यपाल सचिवालय श्रेणी- तृतीय के तहत आशीष कुमार मिश्रा अनुभाग अधिकारी, उत्तराखण्ड सचिवालय तथा रंजना, समीक्षा अधिकारी, उत्तराखण्ड सचिवालय देहरादून को पुरस्कार प्रदान किया गया।

मुख्यमंत्री उत्कृष्टता एवं सुशासन पुरस्कार 2020-21 से

व्यक्तिगत श्रेणी-1 में 06 लोगों को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता एवं सुशासन पुरस्कार 2020-21 से सम्मानित किया गया। जिसमें मयूर दीक्षित, तत्कालीन जिलाधिकारी, उत्तरकाशी, युक्ता मिश्र, तत्कालीन उपजिलाधिकारी, नरेन्द्रनगर, टिहरी गढ़वाल कार्यालय उपजिलाधिकारी / परगना मजिस्ट्रेट नरेन्द्रनगर, प्रोफेसर कमल किशोर पाण्डे, प्राचार्य, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रूद्रपुर, डॉ० अनिता तोमर, प्रोफेसर राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, माल देवता, रायपुर, देहरादून, पंकज कुमार उप्रेती, असिस्टेंट प्रोफेसर राजकीय महाविद्यालय, टनकपुर, चम्पावत, विमी जोशी, सहायक परियोजना निदेशक, चम्पावत / प्रादेशिक विकास सेवा, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, चम्पावत शामिल हैं।
श्रेणी- तृतीय के तहत शासन/विधान सभा /राजभवन के अन्तर्गत रंजना, समीक्षा अधिकारी उत्तराखण्ड सचिवालय, देहरादून को पुरस्कार प्रदान किया गया।
सामूहिक श्रेणी में 07 पुरस्कार प्रदान किये गये जिनमें शैलेश बगौली (ग्रुप लीडर), तत्कालीन सचिव, शहरी विकास विभाग, टीम के सदस्य विनोद कुमार सुमन, तत्कालीन सचिव (प्रभारी), शहरी विकास विभाग, ललित मोहन रयाल, तत्कालीन निदेशक, अशोक कुमार पाण्डेय अपर निदेशक शामिल हैं। दूसरा पुरस्कार शैलेश बगौली (ग्रुप लीडर) तत्कालीन सचिव शहरी विकास विभाग (नगर निकाय सम्पत्ति कर प्रणाली, जी०आई०एस० मैचिंग द्वारा डिजिटलाइज किये जाने विषयक कार्य हेतु) टीम के सदस्य में विनोद कुमार सुमन, तत्कालीन सचिव (प्रभारी), ललित मोहन रयाल, तत्कालीन निदेशक, अशोक कुमार पाण्डेय, अपर निदेशक, कमलेश मेहता, तत्कालीन संयुक्त निदेशक, रवि पाण्डेय, अधीक्षण अभियन्ता शामिल हैं। तृतीय पुरस्कार सोनिका (तत्कालीन मिशन निदेशक/राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) (ग्रुप लीडर) टीम के सदस्य में डॉ सरोज नैथानी, निदेशक एन.एच.एम. शामिल हैं। चौथा पुरस्कार ईवा आशीष श्रीवास्तव (ग्रुप लीडर) तत्कालीन जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल टीम के सदस्य में अभिषेक रूहेला, तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी, जेपी तिवारी मुख्य कृषि अधिकारी सुनील कुमार, जिला विकास अधिकारी, सोमाश कुमार गुप्ता, कृषि एवं भूमि संरक्षण, नरेन्द्रनगर, आनन्द सिंह भाकूनी, परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण शामिल हैं। पांचवा पुरस्कार डॉ० आशीष कुमार श्रीवास्तव, (ग्रुप लीडर) तत्कालीन जिलाधिकारी देहरादून एवं तत्कालीन निदेशक, आईटीडीए आईटी पार्क टीम के सदस्य में नितिका खण्डेलवाल, तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी देहरादून एवं रामस्वरूप उनियाल डिप्टी जनरल मैनेजर (आई०टी०), स्मार्ट सिटी, देहरादून शामिल हैं। छठा पुरस्कार नितिका खण्डेलवाल, तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी, देहरादून (ग्रुप लीडर) टीम के सदस्य में डॉ० आशीष कुमार श्रीवास्तव, तत्कालीन जिलाधिकारी देहरादून एवं तत्कालीन निदेशक, आईटीडीए आईटी पार्क, सांतवा पुरस्कार अभिषेक त्रिपाठी (ग्रुप लीडर) तत्कालीन अपर मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन टीम के सदस्य में डॉ. पंकज सिंह, स्टेट सर्विलांस ऑफिसर शामिल हैं।

जन समस्या के समाधान में उप जिलाधिकारियां की बड़ी भूमिकाः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से विभिन्न तहसीलों में कार्यरत उप जिलाधिकारियों ने शिष्टाचार भेंट की। उन्होंने पदोन्नत वेतनमान स्वीकृत करने के लिये मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने सभी को शुभकामनायें देते हुए कहा कि तहसील स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन एवं जन समस्याओं के समाधान में उप जिलाधिकारियों की बड़ी भूमिका रहती है। ग्रामीण क्षेत्रों तक सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाओं के विकास एवं जन समस्याओं का त्वरित समाधान प्रशासनिक अधिकारियों का लक्ष्य होना चाहिए।

इस अवसर पर उपजिलाधिकारी विनोद कुमार, सौरभ असवाल, मुक्ता मिश्रा, सीमा विश्वकर्मा, वैभव गुप्ता आदि उपस्थित थे।

आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं ने आम नागरिक के जीवन में मूलभूत बदलाव कियाः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वर्तमान में विकास योजनाएं उनके लिए बन रही है जिन्हें वास्तव में उनकी आवश्यकता है। स्वच्छ भारत, उज्ज्वला, हर घर शौचालय जैसी योजनाएं प्रत्यक्षतः आम जनमानस को प्रभावित करती हैं। आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं ने आम नागरिक के जीवन में मूलभूत बदलाव किया है। आज जरूरतमंद एवं साधन विहीन लोग भी अपना उपचार बेहतरीन अस्पतालों में करवाने में सक्षम हैं, जिनके बारे में पहले वे सोच भी नही सकते थे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आयुष्मान योजना के सम्बन्ध में अस्पतालों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी कार्डधारक के इलाज में विलम्ब की शिकायत नहीं आनी चाहिए। उत्तराखण्ड सरकार आम जनमानस की सुविधा के लिए सरलीकरण के मार्ग पर चल रही है। हम अपने सीमावर्ती गांवों का विकास इस प्रकार करना चाहते हैं ताकि यह देश और विशेषकर हिमालयी राज्यों के लिए एक मॉडल बने।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमान्त जनपद चंपावत को मॉडल जनपद के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में ‘‘सीमान्त क्षेत्रों में आपदा प्रभावित महिला केन्द्रित आजीविका प्रबन्धन कार्यक्रम’’ का शुभारम्भ किया। उल्लेखनीय है कि एसबीआई फाउण्डेशन, हैस्को तथा यू कॉस्ट के सम्मिलित प्रयासों से ‘‘सीमान्त क्षेत्रों में आपदा प्रभावित महिला केन्द्रित आजीविका प्रबन्धन कार्यक्रम’’ तहत राज्य के सीमान्त क्षेत्रों में महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आजीविका, स्वरोजगार के अवसरों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उक्त कार्यक्रम के तहत 10 सीमावर्ती गांवों में वहां की आर्थिकी और पारिस्थितिकी के साथ ही आपदाओं की चुनौतियों को भी समझते हुए यहां के स्थानीय जन-समुदाय को सबल आजीविका के साथ तैयार किया जाएगा। यूकॉस्ट द्वारा जानकारी दी गई कि राज्य के प्रतिष्ठित साइंस कांग्रेस को आगामी वर्ष 10-11 फरवरी को ’ग्राम्य विज्ञान सम्मेलन‘ के रूप में आयोजित किया जा रहा है। इसके साथ ही उत्तराखण्ड राज्य में पहली बार ’अन्तराष्ट्रीय आपदा सम्मेलन‘ का आयोजन किया जा रहा है जिसमें देश-दुनिया के सैकड़ों प्रतिनिधि प्रतिभाग करेंगे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सीमावर्ती गांव हमारे लिए अमूल्य हैं, ये मात्र हमारे सीमान्त प्रहरी नहीं बल्कि अमूल्य धरोहर भी हैं। सीमान्त क्षेत्र हमारी जड़े हैं, इनकों निरन्तर सिंचित किया जाना चाहिए। गांव और शहरों की असमानता को दूर करके ग्राम आधारित सशक्त आर्थिकी को आधार बनाना ही राज्य सरकार का मूलमंत्र है। हम ’माणा-मुन्स्यारी‘, ’असकोट-आराकोट‘ के सीमान्त क्षेत्रों के गांवों को ’अन्तिम गांवों‘ के स्थान पर माननीय प्रधान मंत्री जी की संकल्पना के अनुरूप ’प्रथम पंक्ति‘ के प्रथम गांवों की तरह विकसित करने के लिए दृढ़ प्रतिज्ञ हैं। हमनें बॉर्डर एरिया डेवलपमेंट प्रोग्राम के अंतर्गत इन्हीं गांवों को एक प्रहरी का रूप भी दिया है जिसे प्रधानमंत्री जी ने अपने स्तर पर गहन चिंतन-मंथन कर इनको आगे बढ़ाने का सकंल्प लिया है।

इस अवसर पर हैस्को संस्थापक डा0 अनिल प्रकाश जोशी, महानिदेशक, यूकॉस्ट प्रो0 दुर्गेश पंत, संस्थापक, एस0बी0आई0 फाउन्डेशन ललित मोहन, डी0जी0एम0, एस0बी0आई0 राजकुमार सिंह, एस0बी0आई0 जनरल अन्यया मोहन्ती, एस0बी0आई0 जनरल किलफोर्ड डी कोस्टा तथा सीमान्त गांवों से महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य उपस्थित थी।

सीएम से मिले इण्डियन टेलीकम्युनिकेशन सर्विस के प्रशिक्षु अधिकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से इंडियन टेलीकम्युनिकेशन सर्विस के 2020 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों ने भेंट की। प्रशिक्षु अधिकारियों का दल स्मार्ट सिटी मिशन के कार्यों के अवलोकन हेतु उत्तराखण्ड के भ्रमण पर आया है।

मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षु अधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आने वाला समय टेक्नोलॉजी का है। सूचना प्रौद्योगिकी के बढ़ते प्रभाव के इस दौर में टैक्नालाजी के बेहतर उपयोग के लिये कुशल मैन पावर की जरूरत रहेगी। उन्होंने कहा कि टेलीकम्यूनिकेशन के प्रशिक्षु अधिकारी अमृत काल में देश को शिखर पर ले जाने में सहयोगी बनेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का फोकस भी सूचना प्रौद्योगिकी के विकास पर है। मिशन कर्मयोगी का मंत्र भी प्रधानमंत्री ने दिया है। अब सेवा का अर्थ है सेवा करना। हम किसी भी सेवा में हों हमें मिशन मोड़ में रहकर कार्य करना होगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे अपने कार्यों एवं अनुभवों का भी चार्ट तैयार करें उनके लिये यह अवसर अपने कार्य दायित्वों के प्रति आत्म मंथन का भी है।

प्रशिक्षु अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि उनके द्वारा स्मार्ट सिटी शहरों की व्यवस्थाओं का अध्ययन किया जा रहा है। देहरादून स्मार्ट सिटी के कमाण्ड कंट्रोल रूम स्मार्ट स्कूल, स्मार्ट रोड़ आदि परियोजनाओं का उनके द्वारा अवलोकन कर व्यवस्थाओं से परिचित हुए। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व उनके द्वारा स्मार्ट सिटी सहारनपुर एवं चण्डीगढ़ की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया गया है। नेशनल टेलीकॉम इंस्टीट्यूट गाजियाबाद के निदेशक सुभाष केशरवानी ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंट कर आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर सचिव कार्यक्रम क्रियान्वयन दीपक गैरोला, प्रशिक्षु तपन प्रकाश झा, पार्थ बन्ना, राहुल नरेडी, शुभम, मनोज कुमार, सौरभ कुमार सिंह, राघव पुरवार, लक्ष्येश्वरी कुमारी जायसवाल, नितिन पंचाल, लोकेश कुमार वी०, राजेश, सौरभ कश्यप, मणिशंकर मीणा, अनिश कुमार आदि उपस्थित थे।

उत्तराखंडः दो वर्ष के भीतर बनेंगे पॉली हाउस

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय किसान दिवस के अवसर पर घोषणा की कि राज्य में 50 हजार पॉली हाउस बनाये जायेंगे। नाबार्ड के सहयोग से ये पॉली हाउस बनाये जायेंगे। इन सभी पॉली हाउस का निर्माण राज्य में 02 वर्ष के अन्दर किया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्य के चार मैदानी जनपदों देहरादून, हरिद्वार, उधमसिंहनगर एवं नैनीताल में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से उपभोक्ताओं को मंडुआ दिया जायेगा। जिसके लिए 10 हजार मीट्रिक टन मंडुआ न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जायेगा। इससे जहां किसानों की आय बढ़ेगी। मोटे अनाजों को भी बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में किसानों की आय दुगुनी करने के लिए सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं।

प्राकृतिक खेती कलस्टर एप्रोच को बढ़ावा देकर सहकारिता को प्राकृतिक कृषि से जोड़ेगी सरकार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सहकारिता विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि राज्य में सेब एवं कीवी के उत्पादन को मिशन मोड में लिया जाए। इसकी लगातार मॉनिटरिंग भी की जाए। इनके उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ ही ब्रांडिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। राज्य में प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (पैक्स) की मजबूती पर विशेष ध्यान देने के साथ ही पैक्स को मजबूत बनाने के लिए प्रत्येक पैक्स के लिए नोडल अधिकारी बनाये जाएं। प्राकृतिक खेती कलस्टर एप्रोच को बढ़ावा देते हुए सहकारिता को प्राकृतिक कृषि से जोड़ने के प्रयास किये जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में मिलेट उत्पादन को बढ़ावा देकर अपने इन स्थानीय उत्पादों को अधिक से अधिक बढ़ावा देना होगा। सहकारिता से जुड़े लोगों को समय-समय पर प्रशिक्षण की व्यवस्था एवं संगोष्ठियों का आयोजन किया जाए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार की ध्वजवाहक योजनाओं का व्यापक स्तर पर प्रचार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इन योजनाओं का लाभ ले सकें। बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में विद्यार्थी क्रेडिट योजना एवं पैक्स के माध्यम से गठित स्वयं सहायता समूहों को लाभान्वित किये जाने के लिए सहकारिता विभाग द्वारा जो योजना बनाई जा रही है, उसकी कार्यवाही शीघ्र की जाए। दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने से महिला सशक्तीकरण एवं किसानों की आय बढ़ाने में यह योजना काफी कारगर साबित होगी। इस योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों को 05 लाख रूपये तक ब्याज रहित ऋण दिया जा रहा है। कृषि कार्यों के लिए 01 लाख एवं कृषियेत्तर कार्यों के लिए इस योजना के तहत 03 लाख रूपये तक ब्याज रहित ऋण दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम सौर स्वरोजगार योजना को बढ़ावा देने के लिए कार्यों में और तेजी लाई जाए।

सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना के तहत राज्य के पशुपालकों को सायलेज वितरण किया जा रहा है। यह योजना काफी अच्छी चल रही है। केन्द्र सरकार से भी इस योजना में राज्य को पुरस्कृत किया जा रहा है। राज्य में 670 में से 660 पैक्स के कम्प्यूटरीकरण का कार्य किया जा चुका है। इसमें उत्तराखण्ड और तेलंगाना अग्रणी राज्य हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में 13 कॉपरेटिव विलेज बनाने पर भी कार्य किया जा रहा है।

सचिव सहकारिता बी.वी.आर.सी पुरूषोत्तम ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2022-23 में 90230 लाभार्थियों को 624.84 करोड़ का ब्याज रहित ऋण दिया जा चुका है। अक्टूबर 2017 में योजना के शुभारंभ से अभी तक 07 लाख से अधिक लाभार्थियों एवं 4347 स्वयं सहायता समूहों को 4050.44 करोड़ रूपये का ऋण वितरित किया जा चुका है। मोटर साइकिल टैक्सी योजना के तहत इस वित्तीय वर्ष में 116 लाभार्थियों को 136.97 लाख का ऋण दिया गया। “राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना’ के अन्तर्गत ’सहकारी सामूहिक खेती’ के माध्यम से क्षेत्रवार विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। राज्य के समस्त जिला सहकारी बैंकों की कुल 22 मोबाइल वैन द्वारा अपने समस्त खाताधारकों को सुलभ बैंकिंग सुविधा प्रदान करा रहे हैं। प्रदेश की महिलाओं को विशेष बैंकिंग सेवायें उपलब्ध कराने हेतु समस्त जनपदों के कुल 10 जिला सहकारी बैंकों के माध्यम से महिला शाखा का सफल संचालन किया जा रहा है।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, रजिस्ट्रार सहकारिता आलोक कुमार पाण्डेय एवं सहकारिता विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।