जानिए धामी कैबिनेट में इन महत्वपूर्ण विषयों पर हुई चर्चा, क्या लिए गए फैसले…

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक हुई। जिसमें अनुपूरक बजट लाने जैसे कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में 18 प्रस्ताव आए और सभी पर कैबिनेट की मुहर लग गई।

कैबिनेट ने कैदियों को राहत देते हुए बड़ा फैसला लिया है। मंत्रिमंडल ने अब आजीवन कारावास की अवधि 14 साल कर दी है। पहले महिला को 14 से 16 और पुरुष की 16 से 18 के बीच आजीवन कारावास की अवधि होती थी। इसके बाद इन्हें छोड़ा जा सकता था। अब 14 साल की कैद के बाद इन्हें छोड़ा जा सकता है। इसके अलावा एक राहत की बात ये है कि पहले केवल 15 अगस्त या 26 जनवरी को कैदियों को छोड़ा जाता था, लेकिन अब कैदियों को कभी भी रिहा किया जा सकेगा।

कैबिनेट बैठक में आगामी विधानसभा सत्र के दौरान पेश होने वाले अनुपूरक बजट का भी प्रस्ताव लाया गया। जिस पर तय हुआ कि सत्र में इस साल 4867 का अनुपूरक बजट लाया जाएगा।

अन्य फैसले
– लीसा उठान पर स्टाम्प ड्यूटी 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत की।
– रोडवेज वर्कशॉप पर बनेगी स्मार्ट सिटी ग्रीन बिल्डिंग।
– सभी बस अड्डों की जमीन रोडवेज को दी जाएगी।।
– आरटीई के तहत प्रतिपूर्ति 1300 से बढ़ाकर 1800 करीब किया गया।
– जल निगम के ढांचे का पुनर्गठन होगा। एसई के 6 पद बढ़ाए गए।
– राज्य कॉपरेटिव बैंक, राज्य सहकारी संघ में अब प्रोफ़ेसनल एमडी की हो सकती है नियुक्ति, इससे पहले अधिकारी ही होते थे नियुक्त।

सीएम ने छावला केस पीड़िता मामले में वकील से ली जानकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली स्थित उत्तराखण्ड सदन में छावला केस की पीड़िता के माता-पिता से मुलाकात कर कहा कि उत्तराखण्ड की बेटी को न्याय दिलाने के लिए राज्य सरकार हर संभव प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री किरेन रिजिजू से भी बात की है। मामले से संबंधित वकील चारू खन्ना से भी पूरी जानकारी ली है। पूरा उत्तराखंड उनके साथ है। मुख्यमंत्री ने कुछ दिन पूर्व उत्तराखण्ड की बेटी के पिताजी से फोन पर बात की थी और कहा था कि वे जल्द ही दिल्ली आकर उनसे मुलाकात करेंगे। आज मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली में उत्तराखण्ड सदन में पीड़िता के माता-पिता से मुलाकात कर कहा कि पीड़िता हमारे उत्तराखंड की बेटी है और उसे न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।

सीएम ने अल्मोड़ा दौरे के दौरान लोंगों के लिया सरकार के कार्यों का फीडबैक

सीएम पुष्कर सिंह धामी आज अल्मोड़ा में मार्निग वॉक के दौरान स्थानीय लोगों विशेष रूप से युवाओं से मिले और उनसे सरकार द्वारा किये जा रहे विकास कार्यों का फीडबैक लिया। प्रातः काल भ्रमण के दौरान सीएम ने स्पोर्ट्स स्टेडियम में युवाओं के साथ दौड़ लगाई और बैडमिंटन भी खेला। इस दौरान युवा साथियों और स्थानीय लोगों से सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों का फीडबैक भी लिया।

सीएम धामी ने युवाओं से कहा कि अच्छा स्वास्थ्य सबसे महत्वपूर्ण है। पढाई के साथ ही फिट रहना भी बहुत जरूरी है। खेल को हमें अपनी आदत में शामिल करना चाहिए। सीएम ने कहा कि हम सभी मिलकर “खेलो इंडिया और फिट इंडिया मूवमेंट में पूरी तन्मयता के साथ शामिल होकर खेल के क्षेत्र में भी देश के अग्रणी राज्यों में शुमार होने का संकल्प लें।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने आम लोगों से भी मुलाक़ात कर उनका हाल-चाल जाना। सूबे के मुखिया को अपने बीच पाकर युवा बेहद उत्साहित नजर आए।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जब भी जिलों के दौरों पर जाते हैं और रात्रि विश्राम वहीं करते हैं तो सवेरे मॉर्निंग वॉक पर जरूर जाते हैं। इस दौरान आम लोगों से मिलकर उनका हाल-चाल भी जानते हैं और सरकारी विकास योजनाओं व विकास कार्यों के बारे में फीडबैक भी लेते हैं।

न थकूंगा और न रूकूंगा, मंजिल तक पहुंचूंगा, यही है धामी का मूल मंत्र

पिथौरागढ़ में अल सुबह दुकान में आम लोगों के साथ चाय की चुस्की के साथ फीड बैक लेना हो या रुद्रप्रयाग में दुकानदार से बिना लाव-लश्कर से मिलना। एक सच्चे जनसेवक के तौर पर पहचान बना रहे सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कई राजनीतिक मिथकों को तोड़ने का काम किया है। उनका जुनून, कुछ कर गुजरने की चाहत और निरंतर गतिविधियों से प्रदेश तेजी से विकास के पथ पर अग्रसरित हो रहा है। इस अथक मेहनत के पीछे एक सपने को साकार करने की इच्छा है कि उत्तराखंड को सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाना है।

ना रुकना है, ना थकना है ना झुकना है ना मिटना है राज्य के विकास, संस्कृति और विजन के लिए नए आयाम स्थापित करने हैं। प्रदेश के मुखिया के तौर पर धामी ने अपनी एक अलग पहचान बनाई है। वह जनता के हर सुख दुख में साथ हैं। आपदा के समय उत्तरकाशी का द्रोपदी का डांडा एवलांच हो या पौड़ी का बस हादसा, हर जगह खुद पहुंचते हैं। राहत और बचाव कार्यों की कमान खुद ही संभाल लेते हैं, इसका परिणाम होता है कि कहीं कोई ढिलाई या लापरवाही नहीं होती। अपने छोट से कार्यकाल में सीएम पुष्कर सिंह धामी ने एक बेहद संवेदनशील, सहृदयी और जननायक के तौर पर पहचान बनाई है। 4 जुलाई 2021 को मुख्य सेवक की शपथ लेते हुए एक युवा नेता के हाथ में देश के प्रधानमंत्री ने कमान सौंपी थी जिसे चरितार्थ कर रहे मुख्य सेवक पुष्कर सिंह धामी।

सुबह रुद्रप्रयाग, फिर गौचर चमोली उसके बाद जौलजीबी पिथौरागढ़, शाम को बच्चों के कार्यक्रम देहरादून में प्रतिभाग उसके बाद फाइलों का ढेर। ऐसे ही दिनचर्या है युवा मुख्यमंत्री की। हर कार्यक्रम में नई ऊर्जा, नये जोश के साथ लोगों से घुलना मिलना। जिस उमंग और उत्साह से विभिन्न कार्यक्रमों में स्थानीय जनता मुख्यमंत्री की राह देखती है, उसे युवा मुख्यमंत्री निराश नहीं होने देते, ऐसे ही कार्यशैली है पुष्कर सिंह धामी की।

एक ही दिन में उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में मौसम खराब होने के बावजूद अपनी दमदार उपस्थिति आखिर कैसे दर्ज करा लेते हैं मुख्यमंत्री? सुबह 5 बजे उठकर रात 12 बजे तक कार्य करने की उनकी शैली उत्तराखंड को आगे बढ़ाने की सोच और कल्पना को साकार करते हुए दिखती है। यही सोच और कार्य करने की शैली से प्रभावित देश के प्रधानमंत्री ने यूं ही नही कहा कि आने वाला दशक उत्तराखंड का होगा। अपने यही विजन से मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री जी से देश के आखिरी गांव माणा को देश का पहला गांव घोषित कराया। मोदी जी की कार्य शैली अपनाते हुए युवा मुख्यमंत्री उनसे प्रेरणा लेते हुए जिस तरह उनके पद चिन्हों पर चलकर निरंतर कार्य कर रहे हैं उससे उत्तराखंड के लोगों में एक नई आशा की किरण जागी है निरंतर राजनीतिक अस्थिरताओं का शिकार रहा उत्तराखंड युवा मुख्यमंत्री के रूप में एक स्थिर राजनीति के साथ एक सर्वश्रेष्ठ राज्य बनने की ओर निरंतर अग्रसर हो रहा है।

उत्तराखंड जल विद्युत निगम के स्थापना दिवस पर हुआ कार्यक्रम, सीएम ने की शिरकत, दी ये सौगात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड जल विद्युत निगम से जल विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में अपनी विकासशील सोच, क्षमता विकास एवं बेहतर कार्य संस्कृति के साथ प्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में कार्य करने की अपेक्षा की है। उन्होंने कहा कि राज्य स्थापना के मूल में उत्तराखण्ड को ऊर्जा प्रदेश बनाने की अवधारणा को भी साकार करने में विद्युत निगमों से सक्रियता से सहयोगी बनना होगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड जल विद्युत निगम के 22 वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि यूजेवीएनएल ने जल विद्युत क्षेत्र में अपनी विकासशील सोच, अभूतपूर्व क्षमता एवं उच्च कोटि की कार्य संस्कृति के बल पर आज राज्य ही नहीं अपितु देशभर के सरकारी संस्थानों के बीच अपनी एक अलग पहचान बनाई है। राज्य स्थापना के उपरांत यूजेवीएनएल का गठन उत्तराखण्ड को सही अर्थों में ऊर्जा प्रदेश बनाने के लिए किया गया था। इस सम्बन्ध में यद्यपि यूजेवीएनएल द्वारा प्रयास किये जा रहे हैं फिर भी इस क्षेत्र में कई चुनौतियों का हमें सामना करना है। इसके लिये हम सबको मिलकर प्रयास करने होंगे तभी हम उज्ज्वल उत्तराखण्ड के निर्माण में सफल हो सकेंगे तथा ऊर्जा प्रदेश के संकल्प को पूर्ण कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि हमें राज्य के नैसर्गिक, प्राकृतिक सौंदर्य एवं संसाधनों का बेहतर उपयोग करना होगा तथा राज्य आर्थिकी के विकास के लिये समेकित प्रयास करने होंगे।

इस अवसर पर सचिव ऊर्जा आर मीनाक्षी सुंदरम तथा प्रबंध निदेशक संदीप सिंघल ने निगम के लाभांश का 20 करोड़ तथा प्रबंध निदेश पिटकुल पी.सी ध्यानी ने 5 करोड़ का लाभांश का चेक मुख्यमंत्री को भेंट किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि निगम को अपनी बेहतर कार्यसंस्कृति और कुशल प्रबन्धन के बल पर इसी प्रकार ऊर्जा के क्षेत्र में नित नए कीर्तिमान स्थापित करने के लिये प्रयासरत रहना होगा। राज्य निर्माण के समय ऊर्जा क्षेत्र को हमारी आर्थिकी का मूल आधार माना गया था, परंतु यह लक्ष्य अभी तक पूर्णरूपेण सफल नहीं हो पाया है। अब समय आ गया है कि हम सभी मिलकर यह विचार करें कि इस दिशा में कैसे तेजी से आगे बढ़ा जा सकता है। हमें इसके लिए प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य करना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ऊर्जा क्षेत्र की विकास योजनाओं को समय पर पूर्ण करने में हमें केंद्र सरकार द्वारा समय समय पर आवश्यक सहयोग दिया जा रहा है। इसका उदाहरण लखवाड़ बहुउद्देश्यीय जल विद्युत परियोजना एवं जमरानी बांध परियोजना है जिसमें तेजी से कार्य किया जा रहा है।
उन्होने कहा कि राज्य सरकार जीरो पेंडेसी वर्क कल्चर पर विशेष ध्यान दे रही है। इसके लिये हर क्षेत्र में सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण एवं संतुष्टि के मूल मंत्र के आधार पर निर्णय लिए जा रहे हैं। हमें अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ऊर्जा के साथ निरंतर कार्य करते हुए करना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखण्ड का दशक बताया है और हमारी सरकार संकल्पबद्ध होकर इसे पूर्ण करने की दिशा में कार्यरत है। हमारा संकल्प है कि 2025 में जब उत्तराखंड अपनी स्थापना का रजत जयंती वर्ष मना रहा होगा तब तक हर क्षेत्र में हमारा राज्य देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बन जाए। लक्ष्य को पूर्ण करने एवं उत्तराखंड को विकसित, सक्षम व आदर्श राज्य बनाने के लिए हमारे प्रयास निरंतर जारी हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में इन आठ सालों में एक समृद्ध, शक्तिशाली तथा समरस भारत के साथ ही दुनिया का नेतृत्व करने वाला भारत बना है। विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिभाओं की पहचान के साथ एक भारत श्रेष्ठ भारत की संकल्पना साकार हो रही है। आज का भारत दुनिया का नेतृत्व करने वाला भारत है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व क्षमता का ही प्रभाव है कि हमारे देश की प्रतिभाये देश विदेश में भारत का मान सम्मान बढ़ाने का कार्य भी कर रहे हैं। ऊर्जा के क्षेत्र में भी देश की पहचान बन रही है।

सचिव ऊर्जा आर. मीनाक्षी सुंदरम तथा प्रबंध निदेशक यूजेवीएनएल संदीप सिंघल द्वारा निगम के कार्यकलापों की जानकारी दी गयी।
इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, प्रबंध निदेशक पिटकुल पी.सी. ध्यानी, प्रबंध निदेशक यूपीसीएल अनिल यादव सहित अन्य अधिकारीगण आदि उपस्थित थे।

जनजाति समाज के विकास के प्रति मुख्यमंत्री ने जतायी प्रतिबद्धता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य जनजाति शोध संस्थान में जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर आयोजित आदि गौरव महोत्सव को सम्बोधित करते हुए प्रदेश में जनजाति समाज की कला, संस्कृति संरक्षण हेतु कारपस फण्ड की स्थापना की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रतिवर्ष जनजाति गौरव दिवस का आयोजन किया जायेगा। जनजाति क्षेत्रों के विकास के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमान्त क्षेत्रों में जनजाति छात्रों की बेहतर शिक्षा व्यवस्था हेतु आवासीय विद्यालयों की स्थापना पर विचार किया जायेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनजाति कल्याण समिति को भवन हेतु भूमि उपलब्ध कराये जाने की भी बात कही।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर जनजातीय गौरव दिवस की शुभकामना देते हुए कहा कि आजादी के अमृतकाल में भगवान बिरसा मुण्डा के आशीर्वाद से हमारा देश अपने अमृत संकल्पों को पूर्ण करने में अवश्य सफल होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा जनजातीय समाज हमारे बटवृक्ष रूपी देश की मजबूत जड़ के समान है। जनजातीय समाज का मजबूत और आत्मनिर्भर बनना हमारे देश और प्रदेश की उन्नति के लिए आवश्यक है। देश के स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय समाज का उल्लेखनीय योगदान के कारण ही पिछले वर्ष आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने प्रत्येक वर्ष की 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाये जाने की घोषणा की थी। इससे जहां एक ओर जनजातीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है, वहीं गैर जनजातीय समुदाय को भी जनजातीय समाज की कला एवं संस्कृति की विशेषताओं से अवगत होते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले की सरकारों में आदिवासी समाज को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक राजनैतिक इच्छाशक्ति की कमी थी, उन्होंने आदिवासी समाज के व्यावसायिक हितों पर कोई ध्यान नहीं दिया, ये सरकारें दिखावे तक ही आदिवासी समाज के विकास की बात किया करती थी, परंतु 2014 के बाद से देश में चाहे शिक्षा का क्षेत्र हो या चिकित्सा का क्षेत्र हो आदिवासी समाज के हितों का ध्यान रखकर ही देश और प्रदेश की सरकारें अपनी समस्त योजनाएं बना रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप उत्तराखंड के सुदूर सीमांत क्षेत्रों को भी विकास की मुख्य धारा से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। राज्य के स्थानीय उत्पादों एवं उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए हम निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 21 अक्टूबर 2022 को देश के जनजाति बाहुल्य प्रथम गांव माणा में राज्य के उत्पादों की सराहना करते हुए देशवासियों से अपील की कि वे अपनी यात्रा में जितना व्यय करते हैं, उसका कम से कम 5 प्रतिशत स्थानीय उत्पादों को क्रय करने पर व्यय करें। इसका निश्चित रूप से लाभ हमारे प्रदेश को मिलेगा तथा वोकल फॉर लोकर की अवधारणा को मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि माणा में उनके द्वारा राज्य के सीमांत गांव माणा को अंतिम के स्थान पर प्रथम गांव संबोधित करने पर प्रधानमंत्री ने अपनी सहमति जताते हुए देश के सभी सीमांत गांवों को अंतिम के बजाय प्रथम गांव कहा गया है। यह देश के सभी सीमांत क्षेत्रों के निवासियों के लिये भी सम्मान की बात है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री चंदन राम दास, मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक विनोद चमोली, निदेशक जनजाति कल्याण संजय टोलिया, मूरत राम शर्मा, रामकृष्ण रावत, पूर्व मुख्य सचिव एन.एस. नपलच्याल सहित बड़ी संख्या में जनजाति समाज के लोग एवं लोक कला एवं लोक संस्कृति से जुड़े कलाकार आदि उपस्थित थे।

जनपद प्रवास कार्यक्रम के जरिए सीएम से सीधा जुड़ पा रहे हैं आजमन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का जनपद प्रवास कार्यक्रम सफल साबित हो रहा है। इस दौरान वह विकास योजनाओं की समीक्षा, लोकार्पण और शिलान्यास करने के साथ ही आम लोगों के साथ सीधा संवाद भी स्थापित कर रहे हैं। युवाओं और मातृशक्ति के साथ जनसरोकार से जुड़े मुद्दों पर परिचर्चा को मुख्यमंत्री खासी तवज्जो दे रहे हैं। अब तक धामी राज्य के 13 में से 6 जिलों में प्रवास कर चुके हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुछ समय पहले निर्णय लिया था कि वह शुक्रवार और शनिवार को जनपदों के भ्रमण व प्रवास पर रहेंगे। इसी निर्णय के तहत वह अब तक 6 जिलों रुद्रप्रयाग, चम्पावत, नैनीताल, ऊधमसिंहनगर, बागेश्वर और पिथौरागढ़ का प्रवास कर चुके हैं। प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री विकास कार्यों की समीक्षा करने के साथ ही मुख्यमंत्री की घोषणाओं की प्रगति और उन पर हुए अमल की जानकारी भी ले रहे हैं। समीक्षा बैठकों में सीएम धामी लापरवाह और गैरजिम्मेदार अधिकारियों के पेंच कसने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। अधिकारियों को पूरे होमवर्क और रोडमैप के साथ बैठकों में आने के निर्देश दिए गए हैं। उनके सख्त रवैये से जिला स्तर के अधिकारी हलकान हैं। समीक्षा बैठकों के साथ ही मुख्यमंत्री धामी जनता से सीधा संवाद स्थापित कर रहे हैं। सरकारी सिस्टम के फीडबैक के साथ ही स्थानीय समस्याओं की जानकारी भी उन्हें जनता से मिल रही है। सुबह और शाम के पैदल सैर के दौरान वह स्थानीय व्यापारियों, किसानों और महिलाओं से बातचीत कर रहे हैं। रविवार की शाम मुख्यमंत्री सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के प्रवास से लौटे। प्रातः काल वह भ्रमण पर निकले तो उन्होंने नवीन बोरा के प्रतिष्ठान पर गरमा गरम चाय का आनंद लिया और उनका हालचाल जाना। उन्होंने प्रतिदिन की बिक्री समेत परिवार के दूसरे सदस्यों और गुजर बसर की जानकारी भी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने यहां स्थानीय लोगों एवं क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से चाय के साथ चर्चा की। तभी पिकनिक पर जा रहे स्टैफर्ड पब्लिक स्कूल के बच्चों पर नज़र पड़ी तो मुख्यमंत्री स्कूल बस में चढ़कर सभी बच्चों से मिले। उन्होंने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी।

पिथौरागढ़ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का गृह जनपद है। उनका पैतृक गांव हरखोला (कनालीछीना ब्लॉक) है जहां उनकी प्राथमिक शिक्षा हुई थी। बचपन के कई साथी भी उनसे मुलाकात करने पिथौरागढ़ पहुंचे। बड़ी आत्मीयता के साथ सीएम धामी ने अपने पुराने साथियों के साथ समय बिताया।

देहरादून में रं कल्याण संस्था ने की सीएम से मुलाकात, बताई समस्याएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से रं कल्याण संस्था के प्रतिनिधियों ने भेंट की। उन्होंने जनपद पिथौरागढ़ की तहसील धारचूला के सीमांत एंव संवेदनशील क्षेत्रों से संबंधित विभिन्न समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने संस्था के प्रतिनिधियों द्वारा रखी गई विभिन्न समस्याओं के समाधान का आश्वासन देते हुए कहा कि सीमांत क्षेत्र के निवासी हमारी सीमाओं के पहरी भी है। उन्होंने रं कल्याण संस्था द्वारा समाज हित में किए जा रहे कार्यकलापों की भी सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा भी देश के सीमांत क्षेत्रों के अवस्थापना सुविधाओं के विकास के साथ ही इन क्षेत्रों की समृद्ध संस्कृति के संरक्षण की दिशा में पहल की गई है। राज्य सरकार द्वारा भी राज्य के सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिये प्रभावी कार्य योजना पर कार्य किया जा रहा है।

इस अवसर पर रं कल्याण संस्था के संरक्षक नृप सिंह नपलच्याल, संस्था के अध्यक्ष बिशन सिंह बोनाल, डी एस गर्ब्याल, सी.एस. ग्वाल सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे। इस अवसर पर सचिव अरविन्द सिंह ह्यांकी भी उपस्थित थे।

स्काउट एवं गाइड के प्रतिनिधि दल ने की सीएम ने मुलाकात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में भारत स्काउट एवं गाइड की स्थापना दिवस के अवसर पर भारत स्काउट एवं गाइड के प्रतिनिधि दल ने भेंट की। इस अवसर पर प्रतिनिधि दल ने मुख्यमंत्री को स्टीकर एवं ध्वज लगाया। मुख्यमंत्री ने अंशदान देते हुए कहा कि अधिक से अधिक छात्रों को स्काउट एवं गाइड से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि अनुशासन, सेवा भाव और परोपकार के कार्यों में भारत स्काउट एवं गाइड की महत्वपूर्ण भूमिका है।

इस अवसर पर उत्तराखण्ड से मुख्य आयुक्त भारत स्काउट एवं गाइड सीमा जौनसारी, भारत स्काउट एवं गाइड से रविन्द्र मोहन काला, बी.एस. रावत, अरूण राय, राहुल रतूड़ी एवं विमला पंत उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड लोक विरासत कार्यक्रम-2022 में किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रेंजर्स ग्राउंड में आयोजित उत्तराखण्ड लोक विरासत कार्यक्रम – 2022 में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने मेले में स्वयं सहायता समूहों के स्टॉलों का भ्रमण कर उनके द्वारा तैयार किये गये उत्पादों की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे उत्तराखण्ड में विविध प्रकार की संस्कृति है, हर जिले में संस्कृति एवं रीति रिवाज बदल जाते हैं लेकिन यह लोक विरासत कार्यक्रम मन को मोह लेने वाला एक लघु उत्तराखण्ड का रूप है, जो कि प्रदेश की अलग अलग नृत्य शैली, भाषा एवं गायन शैली को प्रदर्शित कर हमें गौरवान्वित कर रहा है। मुख्यमंत्री ने इस आयोजन हेतु डॉ. के0पी0जोशी का आभार व्यक्त करते हुए उनके प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि हम सभी को अपनी संस्कृति एवं पूर्वजों के बनाए हुए जो हमारे संस्कार है उनसे जरूर जुड़ना चाहिए क्योकि इतिहास गवाह है जो लोग अपनी संस्कृति से दूर चले जाते हैं वह उस पेड की तरह होते हैं जो पेड़ तो होता है परन्तु जिसकी जड़े सुख चुकी होती है और धीरे धीरे वह पेड़ भी सुख जाता है। इसलिए हम सभी अगर अपनी संस्कृति से जुड़े रहेंगे तो हम सभी को पोषण, ऊर्जा एवं प्रोत्साहन मिलता रहेगा साथ ही हमारे पूर्वजों को आर्शीवाद मिलता रहेगा। इन्ही सब को ध्यान में रखते हुए हमने इस बार इगास त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाया गया। ऐसे ही प्रयासों से निश्चित रूप से जो हमारी संस्कृति है वह पीढ़ी दर पीढ़ी हस्तांतरित होती रहेगी। ऐसे पर्वाे से नई पीढ़ी भी कहीं न कहीं अपना जुड़ाव महसुस करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर पूरे देश में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। यह अमृत महोत्सव आजादी के पहले और आजादी के बाद देश के लिये अपना योगदान देने वालों के सम्मान के साथ देश ने जो उपलब्धियां हासिल की उनका स्मरण करने का महोत्सव है। अब हम आजादी की शताब्दी की ओर बढ़ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड की संस्कृति के विकास के लिए अनेक योजनायें चलाई जा रही है। आपदा के बाद केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण हुआ है, संपूर्ण परिसर में विभिन्न विकास कार्यों का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसे 2023 के अंत तक कर पुरा कर लिया जाएगा, लगातार नया भव्य और दिव्य केदार बन रहा है। बद्रीनाथ धाम के भव्य निर्माण हेतु मास्टर प्लान बन कर तैयार हो गया है। हाल ही में प्रधानमंत्री ने उनके द्वारा माणा को भारत के अन्तिम गांव की बजाय देश का पहला गांव कहे जाने पर मुहर लगाते हुए कहा कि अब तो उनके लिये भी सीमाओ पर बसा हर गांव देश का पहला गांव ही है। यह हमारे सीमान्त क्षेत्र के निवासियों के भी सम्मान की बात है।

मुख्यमंत्री ने सभी का आह्वान करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने वोकल फॉर लोकल का जिक्र करते हुए देशवासियों से आग्रह किया है कि जहां भी जाएं एक संकल्प करें कि यात्रा पर जितना भी खर्च करते हैं उसका कम से कम 5 प्रतिशत वहां के स्थानीय उत्पाद खरीदने पर खर्च करें। इससे राज्य के उत्पादों को बढ़ावा मिलने के साथ देश व दुनिया में उनकी पहचान भी बनेगी। प्रधानमंत्री ने हमारी संस्कृति को भी पहचान दिलाने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जहां प्रधानमंत्री के सफल नेतृत्व में सम्पूर्ण देश का विकास हो रहा है वहीं उत्तराखण्ड से उनका विशेष लगाव किसी से छुपा नही है। हमारी सरकार भी प्रदेश के सांस्कृतिक विकास के लिए कई कदम उठा रही है।

उत्तराखण्ड की नई फिल्म नीति के तहत गढ़वाल, कुमाउनी एवं जौनसारी में फिल्म बनाने पर हमने 02 करोड़ रूपये की सहायता राशि का प्रावधान किया है। ऐसी अनेक योजनाये हमने भाषा एवं संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए लाये हैं।

कार्यक्रम में जागर सम्राट पदमश्री डॉ. प्रीतम भरतवाण, प्रसिद्ध लोक गायक नरेन्द्र सिंह नेगी, मीना राणा एवं संगीता ढौंढियाल सहित विभिन्न गायकों ने अपनी प्रस्तुति दी।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री चन्दन राम दास, विधायक विनोद चमोली, मेयर देहरादून सुनिल उनियाल गामा सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।