सीएम ने आकाश तत्व-आकाश फॉर लाइफ कार्यशाला में किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरांचल यूनिवर्सिटी प्रेमनगर, देहरादून में विज्ञान भारती उत्तराखण्ड एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार द्वारा आयोजित National Conference and Exhibition on Akash tattva – Akash for life में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर National Conference and Exhibition on Akash tattva से संबंधित एटलस एवं सार संग्रह का विमोचन भी किया गया।

मुख्यमंत्री ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और विज्ञान व प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सहयोग से आयोजित आकाश तत्व सम्मेलन में देश भर से आए विषय विशेषज्ञों का उत्तराखंड में स्वागत करते हुए कहा कि उत्तराखंड की पावन धरा पर आयोजित यह चिंतन कार्यक्रम निश्चित रूप से पंच महाभूतों में प्रधान आकाश तत्व के नवीन आयामों की विवेचना करने में सफल होगा। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी ने जय जवान, जय किसान के साथ जय विज्ञान का नारा दिया था। उन्होंने कहा कि इस अभियान को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसके साथ जय अनुसंधान जोड़कर इसे पूर्णता प्रदान की है। जय विज्ञान और जय अनुसंधान ये दो शब्द आज के विश्व में विज्ञान और अनुसंधान इन दोनों की महत्ता स्पष्ट करते हैं। आज का नया भारत विज्ञान के क्षेत्र में महाशक्ति के रूप में स्थापित हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने पुरातन व आधुनिक विज्ञान दोनों की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए सीएसआर अर्थात कॉर्पोरेट सोशल रेस्पांसिबिलिटी की तर्ज पर एसएसआर अर्थात साइंटिफिक सोशल रेस्पांसिबिलिटी के विचार को अपनाने की वैज्ञानिकों से अपील की है। इस प्रकार के सम्मेलन वैज्ञानिक समुदाय के क्रिएटिव माइंडस को एक मंच पर लाकर एक भारत-श्रेष्ठ भारत की संकल्पना को सार्थक करने का मजबूत प्रयास है। उन्होंने कहा कि मानव जीवन के लिए पांच तत्वों आकाश, वायु, जल, पृथ्वी और अग्नि का होना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इन पंच तत्वों के संरक्षण व संवर्धन की हमारी प्राचीन परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए इस सम्मेलन में विचार-विमर्श हो रहा है, जो निश्चित रूप से सार्थक सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी संस्कृति में देखने को मिलता है कि आकाश तत्व की महत्ता मानव जीवन के साथ-साथ देवी-देवताओं में भी परिलक्षित होती है। हमारी सनातन मान्यताओं के अनुसार आकाश में परमात्मा का, देवी-देवताओं का वास होता है। संसार की समस्त चिकित्सा पद्धतियां भी आकाश तत्व की महत्ता को भली-भांति समझती हैं। आज विश्व में अपनी सशक्त छवि को प्रतिस्थापित करता नया भारत हर क्षेत्र की तरह आकाश तत्व सम्बन्धी वैज्ञानिक अनुसंधानों में भी नये आयाम स्थापित कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हम सभी के लिए बड़े गर्व का विषय है कि भारत सरकार ने एक नवीन पहल सनातन विज्ञान को बढ़ावा देने के लिए 4 नवंबर 2022 से मार्च 2023 तक आकाश तत्व सम्मेलन की सीरीज के आयोजन का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी की विराट वैज्ञानिक सोच और हमारे वैज्ञानिकों के अथक प्रयास से आज हमारा देश पूरी दुनिया में शोध एवं अनुसंधान कृषि, व्यापार, विज्ञान प्रौद्योगिकी और अन्य क्षेत्रों के साथ-साथ अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में भी अपनी छाप छोड़ने में सफल रहा है। आज का नया भारत अपनी संस्कृति-अपनी पहचान के मूलमंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम उत्तराखंड वासी सौभाग्यशाली हैं कि हम हिमालय की गोद में बसे हैं और ये पंचतत्व हमें विशुद्ध रूप से शुद्ध वायु, स्वच्छ जल, उपजाऊ मृदा और स्वच्छ आकाश के रूप में प्रकृति से उपहार स्वरूप मिले हैं। राज्य सरकार की कोशिश है कि आर्थिकी और पारिस्थितिकी के बीच संतुलन बना रहे। राज्य सरकार सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के साथ साथ सकल पर्यावरण उत्पाद (जीईपी) की महत्ता पर विशेष ध्यान दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वैज्ञानिक सोच को जागृत करने और अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य में साइंस सिटी के निर्माण का निर्णय लिया है। हर क्षेत्र तक अनुसंधान एवं शोध गतिविधियों को पहुंचाने लिए ’’लैब्स ऑन व्हील’’ और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में जागरूकता के लिए राज्य में एस्ट्रो पार्क बनाने पर भी विचार कर रहे हैं।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री, भारत सरकार डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में इस तरह का आयोजन पहली बार हो रहा है, जिसमें प्राचीन ज्ञान को आधुनिक शोध से जोड़कर वैज्ञानिक मंथन किया जा रहा है। पंचमहाभूत का सर्वप्रथम कार्यक्रम आकाश से शुरू हो रहा है। प्राचीन को आधुनिक से जोड़ने का कार्य विज्ञान के माध्यम से किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में हर क्षेत्र में हमारी अनेक प्रतिभाएं उभर कर आ रही हैं। उन्होंने कहा कि 25 वर्षों में भारत को शिखर पर ले जाने के लिए हिमालयी राज्यों की महत्वपूर्ण भूमिका होने वाली है। हिमालय की जैव विविधता विज्ञान एवं अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले हैं। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में एरोमा मिशन में कार्य करने की अनेक संभावनाएं हैं।

इस अवसर पर प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार भारत सरकार डॉ. अजय कुमार सूद, सचिव अंतरिक्ष विभाग श्री एस सोमनाथ, विज्ञान भारती से विवेकानंद, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सर कार्यवाह सुरेश भैया जोशी ने National Conference and Exhibition on Akash tattva – Akash for life पर अपने विचार दिए।।

इस अवसर पर सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, कल्पना सैनी, संगठन महामंत्री भाजपा अजेय कुमार उत्तरांचल विश्विद्यालय के कुलाधिपति डॉ. जितेंद्र जोशी, भारत सरकार के विभिन्न विभागों के सचिव, विज्ञान भारती के पदाधिकारी तथा देश-विदेश से आए वैज्ञानिक एवं शिक्षाविद उपस्थित थे।

राज्य की सुरक्षा से केंद्रीय मंत्री को सीएम ने कराया अवगत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरियाणा के सूरजकुंड में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित राज्यों के गृह मंत्रियों के चिंतन शिविर में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य कठिन एवं दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों से युक्त राज्य है, जिसकी अन्तर्राष्ट्रीय सीमाएँ उत्तर में तिब्बत चीन एवं पूर्व में नेपाल के साथ जुड़ी हुई हैं। इस प्रकार राष्ट्रीय सुरक्षा में राज्य का सामरिक दृष्टि से अत्यन्त महत्वपूर्ण स्थान है।

उन्होंने कहा कि हमारे राज्य द्वारा कानून व्यवस्था के सुचारू रूप से संचालन हेतु संविधान के अनुच्छेद 44 जो कि समान नागरिक संहिता लागू किये जाने से सम्बन्धित है, की भावना का सम्मान करते हुये राज्य में समान नागरिक संहिता लागू किये जाने हेतु गठित विशेषज्ञ समिति वर्तमान में एक विस्तृत रिपोर्ट बनाने का कार्य कर रही है। विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट आने के उपरान्त राज्य में समान नागरिक संहिता लागू होने से राज्य में सभी धर्मों व सम्प्रदायों के निवासी लाभान्वित होंगे। तथा सभी धर्मों को मानने वाली महिलाओं की स्थिति में गुणात्मक सुधार होगा ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य के समक्ष सीमावर्ती क्षेत्रों से राज्य के नागरिकों द्वारा किया जाने वाला पलायन अत्यन्त चुनौतीपूर्ण रहा है, जिसे रोकने हेतु विगत 5 व 6 वर्षों में प्रभावित क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में जनपद पिथौरागढ़, उत्तरकाशी एवं चमोली में 13 सड़कों का लगभग 600 कि०मी० निर्माण कार्य गतिमान है, जिसमें से 04 सड़कों का लगभग 150 कि०मी० निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण जनपद पिथौरागढ़ में नेपाल सीमा से लगे छारछुम नामक स्थान पर मैंने हाल ही में एक पुल का शिलान्यास किया, जिसके पूर्ण होने पर सामारिक रूप से महत्वपूर्ण इस सीमान्त क्षेत्र के नागरिकों का आवागमन सहज एवं सुगम हो सकेगा। हाल ही में बद्रीनाथ में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में गांवों की महत्ता को रेखांकित करते हुये सीमान्त गांव माणा को देश के अंतिम गांव की जगह प्रथम गांव की संज्ञा दी है। जिसके लिये प्रधानमंत्री जी ने भी अपनी संस्तुति दी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमान्त गांव देश के प्रथम प्रहरी है और इनका समुचित विकास करना हमारा कर्तव्य है। राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा बनाये रखने हेतु राज्य सरकार द्वारा इन क्षेत्रों से हो रहे स्थानीय निवासियों के पलायन को रोकने और उन्हें यहीं पर चिकित्सा स्वास्थ्य, पेयजल, शिक्षा एवं रोजगार इत्यादि की सुविधा प्रदान किये जाने के प्रयास शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर किये जा रहें है। प्रधानमंत्री जी द्वारा जगायी गयी अलख के क्रम में राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों के स्थानीय युवाओं को एन०सी०सी० से जोड़े जाने का अभियान गतिमान है। इसी प्रकार सीमाओं की सुरक्षा के दृष्टिगत राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों के 10 हजार सेवानिवृत्त सैनिकों, अर्द्धसैनिकों एवं युवाओं को सीमा सुरक्षा के सम्बन्ध में प्रशिक्षित कर उन्हें राज्य के सीमान्त जिलों में तैनात किये जाने हेतु हम “हिम प्रहरी” योजना पर काम कर रहे है, जिसमें 05 करोड़ रूपये प्रतिमाह का सहयोग केन्द्र सरकार से अपेक्षित है।

उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा की दृष्टि से राज्य सरकार द्वारा राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यटन सम्बन्धी गतिविधियों में वृद्धि हेतु इनर लाईन प्रतिबन्धों पर छूट प्रदान किये जाने के सम्बन्ध में हमने केन्द्र सरकार से अनुरोध किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमा सुरक्षा के साथ-साथ राज्य सरकार द्वारा राज्य की आन्तरिक सुरक्षा से सम्बन्धित चुनौतियों का भी दृढ़ता से सामना कर उन पर प्रभावी नियन्त्रण स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। देश के कई महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील केन्द्रीय प्रतिष्ठान तथा कार्यालय राज्य में स्थित है, जिनकी सुरक्षा का प्राथमिक दायित्व राज्य सरकार पर है। इसी प्रकार राज्य में आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों तथा चारधाम यात्रा एवं कांवड यात्रा में आने वाले करोड़ो तीर्थ यात्रियों की सुरक्षित यात्रा का दायित्व भी राज्य सरकार पर ही है, जिसका निवर्हन हम पूरी क्षमता के साथ कर रहे हैं। जिसके फलस्वरूप इस वर्ष हम 4 करोड़ शिवभक्तों को कांवड़ यात्रा व अभी तक करीब 45 लाख श्रद्धालुओं को सफलतापूर्वक चारधार यात्रा कराने में सफल हुये हैं। इन कार्यों हेतु आवश्यक सहयोग की भी हमें केन्द्र सरकार से निरन्तर आवश्यकता रहेगी।

उन्होंने कहा कि आन्तरिक सुरक्षा के अन्तर्गत राज्य सरकार द्वारा विभिन्न संगठनों की अवैध गतिविधियों, पर कड़ी नजर रखते हुये उनके विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। इसी प्रकार राज्य सरकार द्वारा राज्य में धार्मिक उन्माद एवं कट्टरपन्थी गतिविधियों को हतोत्साहित करने के क्रम में राज्य में अतिवामपन्थी एवं माओवादी गतिविधियों को भी प्रभावी ढंग से नियन्त्रित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य कठिन एवं दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों से युक्त पर्वतीय राज्य है, जिसमें अतिवृष्टि, बाढ़, भू-स्खलन एवं वाहन दुर्घटनाओं का निरन्तर सामना करना पड़ता है। वर्ष 2013 में श्री केदारनाथ आपदा के उपरान्त राज्य में एस०डी०आर०एफ० का गठन किया गया, जिसके द्वारा राज्य में आपदा से पीडित व्यक्तियों के साथ-साथ वन विभाग के साथ समन्वय एवं सहयोग स्थापित करते हुये वनाग्नि से मानव, पशु एवं वन सम्पदा की रक्षा हेतु प्रभावी भूमिका निभाई जा रही है। बेहतर आपदा प्रबन्धन के दृष्टिगत राज्य में आपदा प्रबन्धन शोध संस्थान की नितान्त आवश्यकता है, जिससे न केवल उत्तराखण्ड राज्य अपितु आपदा से पीड़ित अन्य राज्य भी लाभान्वित होंगे। राज्य में आपदा एवं वनाग्नि की घटनाओं के दौरान परिस्थिति पर नियन्त्रण स्थापित किये जाने हेतु हवाई सेवायें केन्द्र सरकार द्वारा प्रदान की जाती है, ऐसे में यदि आपदा में त्वरित कार्यवाही हेतु एक हेलीकॉप्टर केन्द्र सरकार द्वारा एस०डी०आर०एफ० को उपलब्ध करा दिया जाता है तो यह आपदा के नियन्त्रण में अति सहायक सिद्ध होगा।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य में अपराध अन्य राज्यों की तुलना में काफी कम है, जिसकी पुष्टि एन०सी०आर०बी० के आंकड़ों ने भी की है। हम भविष्य में भी इस विशिष्ट उपलब्धि को कायम रखने हेतु प्रयासरत रहेंगे।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राज्य में सरलीकरण, समाधान, निस्तारिकरण एवं संतुष्टि के मंत्र को अपनाकर Smart Policing के माध्यम से कानून व्यवस्था के प्रभावी नियंत्रण का प्रयास कर रही है। इसी क्रम में E-FIR की व्यवस्था प्रारम्भ की जा चुकी है। इसी प्रकार जनसामान्य के सेवार्थ राज्य की पुलिस द्वारा लांच किये गये विभिन्न Apps को “उत्तराखण्ड पुलिस एप के रूप में एकीकृत किया गया है ।हमने भ्रष्टाचार की रोकथाम के लिए एक विजिलेंस हेल्पलाइन नंबर जारी किया है, जो हमारे भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति को पुष्ट करता है। एक पहाड़ी राज्य होने के कारण उत्तराखण्ड में बहुत से गांवों में आज भी राजस्व पुलिस ही नियमित पुलिस के कार्यों को देखती रही है। हाल ही में राज्य के कतिपय राजस्व पुलिस क्षेत्रों में आपराधिक गतिविधियों में वृद्धि का संज्ञान लेते हुये राजस्व पुलिस का क्षेत्राधिकार चरणबद्ध रूप से नियमित पुलिस को दिये जाने के संबंध में हमारी सरकार द्वारा निर्णय लिया जा चुका है, जिससे राज्य में अपराधों पर ओर अधिक प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार राज्य में बालिकाओं एवं महिलाओं की सुरक्षा के प्रति अत्यन्त संवेदनशील है और इसे अपनी शीर्ष प्राथमिकता पर रखते हुये अपराधियों के विरूद्ध कठोर से कठोर कार्यवाही कर रही है। इसी क्रम में कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित किये जाने के उद्देश्य से एप बनाया जाना प्रस्तावित है, जिसमें पंजीकरण के उपरान्त महिलाओं को प्रभावी सुरक्षा दी जा सकेगी।

उन्होंने कहा कि राज्य को वर्ष 2025 तक नशामुक्त राज्य बनाये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस हेतु राज्य, जनपद एवं थाना स्तर पर ए०एन०टी०एफ० का गठन किया गया है, जिसके द्वारा मादक पदार्थों के नियन्त्रण हेतु प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। कानून व्यवस्था के नियन्त्रण हेतु राज्य के समक्ष उपस्थित चुनौतियों का सामना किये जाने के लिये पुलिस बल का आधुनिकीकरण किया जाना नितान्त आवश्यक है, इस हेतु राज्य के पुलिस बल को अत्याधुनिक हथियारों के एवं उपकरणों से सुसज्जित किया जाना है। वर्तमान में उत्तराखण्ड पुलिस में 18 प्रतिशत आवासीय भवन उपलब्ध है और इसी क्रम में नये थानों, पुलिस चौकियों एवं पुलिस कार्मिकों हेतु आवासीय भवनों का निर्माण कार्य किया जाना अपरिहार्य है क्योंकि इस कार्य को सम्पादित किये जाने हेतु राज्य सरकार को विशेष अनुदान के रूप में एकमुश्त 750 करोड़ रूपये की अविलम्ब आवश्यकता है और हमें आशा है कि इस सम्बन्ध में केन्द्र सरकार द्वारा हमारी सहायता अवश्य की जायेगी।

अधिकारी 1 सप्ताह के भीतर प्रदेश की गड्ढा मुक्त सड़कों का स्टेटस उपलब्ध करवाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिए हैं कि संबंधित अधिकारी 1 सप्ताह के भीतर प्रदेश की गड्ढा मुक्त सड़कों का स्टेटस उपलब्ध करवाएं।

सीएम ने कहा कि संबंधित विभागों द्वारा प्रदेश की सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने के लिए अभी तक कितना कार्य किया? कितनी सड़कों की मरम्मत की गई ? कितना कार्य अवशेष है ? समस्त जानकारी अविलंब मुख्यमंत्री को 1 सप्ताह के भीतर दें।

सीएम कहा कि सुगम और सुरक्षित यात्रा का जनता अधिकार है द्य जनता की सुविधाओं का ध्यान रखना राज्य सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि सभी सड़कों की मरम्मत/अनुरक्षण तथा गड्ढा मुक्ति का कार्य संबंधित विभागों द्वारा किसी भी स्थिति में शीघ्र पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कों की मरम्मत तथा गड्ढा मुक्ति के कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। सड़क मरम्मत के कार्यों में किसी भी प्रकार की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में आयोजित बैठक में हरिद्वार विशिष्ट कॉरिडोर, पिथौरागढ़ एयरपोर्ट के संचालन, मानसखंड कॉरिडोर, रामनगर – रानीखेत सड़क मार्ग, मां पूर्णागिरि धाम में संचालित विकास कार्यों की अद्यतन जानकारी संबंधित अधिकारियों से ली।

मुख्यमंत्री धामी ने मानसखंड कॉरिडोर तथा हरिद्वार विशिष्ट कॉरिडोर के विकास की परियोजनाओं को जल्द से जल्द लागू करने के निर्देश दिए। बैठक में जानकारी दी गई कि मानसखंड कॉरिडोर के अंतर्गत कुमाऊं के गोलजयू देवता, पाताल भुवनेश्वर, कोट भ्रामरी, कैंची धाम सहित 29 मंदिरों को चिन्हित कर लिया गया है। मानसखंड कॉरिडोर के अंतर्गत पर्यटकों तथा तीर्थ यात्रियों के लिए सड़क कनेक्टिविटी, रोड कनेक्टिविटी तथा रोपवे सिस्टम को मजबूत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने मां पूर्णागिरि धाम में संचालित विकास कार्यों त्वरित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए यहां श्रद्धालुओं के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं जल्द से जल्द सुदृढ़ किया जाना जरूरी है।

बैठक में मुख्य सचिव डा. एसएस संधू, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

भाजपा प्रदेश प्रभारी बोले, नता और आलाकमान के भरोसे पर खरे उतरे धामी

भाजपा के प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम ने कहा है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जनता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपेक्षा पर खरे उतरे हैं और यह राज्य के लिए सुखद है। उन्होंने कहा कि धामी जैसे प्रभावशाली मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार प्रधानमंत्री मोदी जी के विजन को साकार करने मे जुटी है और निश्चित रूप से मोदी के सपने के अनुरूप ये दशक उत्तराखंड का होगा।

उन्होने कहा कि प्रतिनिधियों के क्षेत्र मे प्रवास का उद्देश्य सरकार का कामकाज बेहतर करने तथा संगठन की मजबूती के लिए होता है। जिससे दोनो के आपसी तालमेल से राज्य को विकास की राह पर आगे ले जाया जा सके। पार्टी प्रदेश मुख्यालय में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में उन्होने बताया कि पार्टी मे धामी जैसे ईमानदार व प्रभावशाली मुख्यमंत्री हैं जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्धारा 2025 तक उत्तराखंड को देश के श्रेष्ठ राज्य बनाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए कृतसंकल्प होकर जुटे हैं। जिसके अंतर्गत अपनी समूची वैचारिक व शारीरिक क्षमता का उपयोग करते हुए साथी मंत्रियों को आवश्यक दिशा निर्देश देकर वह इस संकल्प को पूर्ण करने की दिशा में निर्णायक दृष्टि से आगे बढ़ रहे हैं।

इस उद्देश्य को लेकर सरकार के प्रयासों में पार्टी संगठन भी समन्वय स्थापित करते हुए 100 फीसदी शक्ति से सहयोग कर रहा है । उन्होने ज़ोर देते हुए कहा कि हमारी पार्टी सेवा ही संकल्प, सेवा ही जीवन का ध्येय लेकर राष्ट्र प्रथम के भाव से कार्य करती है और राष्ट्र के लिए राज्यों का विकास बेहद अहम है, जिस पर हम प्रदेश में काम कर रहे हैं । उन्होंने कहा कि पार्टी पदाधिकारियों के इन प्रवास का उद्देश्य सरकार के बेहतर कामकाज व संगठन की मजबूती में तालमेल बैठाते हुए जनकल्याण के कार्यों पर विचार करना होता है।

इस अवसर पर उन्होने हरिद्धार पंचायत चुनाव में हुई एक तरफा जीत पर खुशी जताते हुए इसे पीएम मोदी के विजन, सीएम धामी के काम और प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के नेतृत्व में संगठन की जीत बताया। उन्होने कहा हमारी पार्टी का उद्देश्य देश व समाज की सेवा है, लेकिन सेवा करने के लिए एक राजनैतिक पार्टी होने के नाते चुनाव में जीत भी अतिआवश्यक है लिहाजा हमारा संगठन आगामी निकाय, पंचायत और फिर लोकसभा चुनावों में एक बार पुनः परचम फहराने के लिए कमर कस कर जुट गया है द्य उन्होने विश्वासपूर्वक कहा, हमने पीएम मोदी के चमत्कारिक नेतृत्व व कार्यकर्ताओं की बदौलत प्रदेश में लगातार सरकार वापिसी नहीं होने के मिथक को तोड़ा, सीएम धामी ने 94 फीसदी मत पाकर ऐतिहासिक जीत दर्ज़ की, हमने हरिद्धार में जिला पंचायत अध्यक्ष व सभी ब्लॉक प्रमुखों की सीट निर्विरोध जीता, अब जीत की यही लहर लोकसभा समेत आने वाले सभी चुनावों में भी कायम रहेगी।

राज्य के प्रत्येक क्षेत्र को शिखर पर लाने को 10 वर्षों का रोडमैप बनायाः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि जहाँ भी राज्यहित या जनहित में जरूरत पड़ी तो सरकार कठोर फैसले लेने से पीछे नही हटेगी। सरकार द्वारा उत्तराखण्ड को प्रत्येक क्षेत्र में शिखर पर ले जाने के लिए आगामी 10 वर्षों का रोडमैप बना दिया गया है। लेकिन यह विकास ईकोलॉजी और ईकोनॉमी के बीच संतुलन पर आधारित होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में एक नई कार्य-संस्कृति और कार्य-व्यवहार आया है। जनहित में केन्द्र तथा राज्यों में त्वरित निर्णय लिए जा रहे है। हमने भी उत्तराखण्ड को विश्व की आध्यात्मिक तथा सांस्कृतिक राजधानी के रूप में स्थापित करने का दृढ़ संकल्प लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि आगामी केदारनाथ-बद्रीनाथ यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी केदारनाथ में केबिल कार, हेमकुण्ड साहिब के लिए रोपवे तथा माणा गांव के लिए जाने वाली टू लेन सड़कों सहित महत्वपूर्ण योजनाओं का शिलान्यास करेंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक निजी होटल में आयोजित “शिखर पर उत्तराखंड“ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमने व्यक्तिगत जीवन, राजनीतिक क्षेत्र से लेकर विकास की यात्रा में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, परंतु जो इन चुनौतियों को अवसर में बदलता है वही सफलता के मार्ग पर आगे बढ़ता है।
समस्याओं के समाधान हेतु संवाद जरूरी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के विकास में आमजन के साथ संवाद एवं उनकी सहभागिता को जरूरी बताया, उन्होंने कहा संवाद के माध्यम से हमें लोगों की राय पता चलती है, जिससे हमे सही रास्ते में चलते की प्रेरणा मिलती है, उन्होंने कहा घर, परिवार, संगठन, पार्टी एवं जनता के बीच संवाद लगातार जारी रखना चाहिए, संवाद से ही जनता एवं सरकार के बीच की दूरी घटती है, जनता में सरकार के प्रति विश्वास पैदा होता है।

ऐतिहासिक रही चार धाम यात्रा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कोरोना महामारी के बाद चली चारधाम यात्रा में अब तक 42 लाख से अधिक श्रद्धालु आ चुके हैं, उन्होंने केदारनाथ में हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त होने पर दुख जताते हुए कहा कि हमने इसके जांच के आदेश दिए हैं एवं आगे इस तरह की दुर्घटनाएं ना हो इसके लिए भी ठोस नीति बनाने को कहा है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संपूर्ण केदार घाटी का दिव्य एवं भव्य निर्माण कार्य चल रहा है साथ ही बद्रीनाथ धाम में भी मास्टर प्लान के अंतर्गत विभिन्न निर्माण कार्यों की शुरुआत हो गई है।

इकोनामी एवं इकोलॉजी पर संतुलन बनाकर चल रहा है उत्तराखंड
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारी सरकार विकास कार्यों के साथ ही पर्यावरण पर भी विशेष ध्यान दे रही है, उन्होंने कहां उत्तराखण्ड राज्य अपने वनों, बुग्यालों, ग्लेशियरों का संरक्षण करके राष्ट्र को महत्वपूर्ण इको सिस्टम सेवाएं उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने कहा संपूर्ण हिमालय क्षेत्र में चल रही विकास योजनाओं के साथ ही पर्यावरण का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है, राज्य की नदियां, जल स्रोत, धारे, झरने जीवित रहें इसके लिए सरकार विभिन्न योजनाओं पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा हम इकोलॉजी एवं इकोनामी पर संतुलन बनाकर कार्य कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हो रहा चौमुखी विकास
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार, उत्तराखण्ड के चहुंमुखी विकास के लिए समर्पित भाव से जुटी है। लोगों को योजनाओं का लाभ मिले और उनकी समस्याओं का समाधान हो, इसके लिए सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि पर खास तौर पर फोकस किया गया है, उन्होने कहा हम विकल्प रहित संकल्प के साथ उत्तराखंड को आने वाले सालों में सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने पर पूरे जोरों शोरों से कार्य कर रहे हैं, उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी नेतृत्व में आज संपूर्ण राज्य के अंतर्गत सड़क मार्ग हवाई मार्ग रेल मार्ग पर तेजी से कार्य हो रहा है।

प्रत्येक उत्तराखंडी में देश सेवा का भाव
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड राज्य को सैनिक बहुल प्रदेश बताते हुए कहा कि यहां प्रत्येक परिवार से बेटा देश की सीमा पर अपनी सेवाएं दे रहा है, उन्होंने कहा उत्तराखंड राज्य के वीर जवान देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों को न्यौछावर करने के लिए हमेशा आगे रहते हैं, देश सेवा की भक्ति हर उत्तराखंड वासी में है।
इस अवसर पर स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज, पद्मश्री संतोष यादव, पद्मश्री बसंती देवी, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, विनीता यादव, एवं अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

धान मंडी खटीमा में सीएम ने किया औचक निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा पहुंचते ही कृषि उत्पादन मण्डी समिति के एसएमआई के धान क्रय केन्द्र का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने निरीक्षण के दौरान धान क्रय से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी लेते हुए महत्वपूर्ण दिशा निर्देश दिए। उन्होंने नमी मापक यंत्र से धान की नमी भी मापी। कहा कि जितने भी हमारे धान क्रय केन्द्र लगे हैं, उन पर किसान की उपज की तौल ठीक प्रकार से हो और हमारे किसानों का धान का एक-एक दाना तौला जाना चाहिए और एक-एक दाने की खरीद होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि अभी जो बारिश हुई है, उसके कारण धान में नमी हैं। निरीक्षण के दौरान किसानों ने धान की नमी का मानक 17 प्रतिशत से 20 प्रतिशत करने तथा प्राथमिकता से प्रदेश के किसानों का धान खरीदने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसानों को नमी पर हर संभव राहत एवं किसानों की समय की जरूरत के अनुसार सभी पर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को पूर्व में ही निर्देशित किया गया है कि प्रदेश के सारे किसानों का पूरे का पूरा धान तौला जाना चाहिए।

निरीक्षण के दौरान विधायक रूद्रपुर शिव अरोरा, किसान आयोग के उपाध्यक्ष राजपाल सिंह, एसएसपी मंजूनाथ टीसी, उप जिलाधिकारी रविन्द्र सिंह, कौस्तुभ मिश्रा सहित नन्दन सिंह खड़ायत आदि उपस्थित थे।

सिविल मिलिट्री लायजन कॉन्फ्रेंस की बैठक में शामिल हुए सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सिविल मिलिट्री लायजन कॉन्फ्रेंस की बैठक आयोजित की गई। बैठक में उत्तराखण्ड शासन एवं सेना के अधिकारियों द्वारा प्रस्तावित विभिन्न एजेण्डा बिन्दुओं पर चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य है। सेना को राज्य सरकार से सहयोग की जो अपेक्षाएं होंगी, उनको प्राथमिकता में रखते हुए उचित हल निकाला जायेगा। आज जो समन्वय बैठक हुई है, इसका आउटपुट निकालना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड सैनिक बहुल प्रदेश है। जन सुविधा एवं सेना की सुविधा हेतु विभिन्न गतिविधियों के लिए जहां संयुक्त सर्वे की जरूरत है। जिला प्रशासन के अधिकारी एवं सैन्य अधिकारी संयुक्त सर्वे कर 03 सप्ताह के अन्दर शासन को रिपोर्ट दें, ताकि उन समस्याओं का उचित निदान करवाया जा सके।

इस अवसर पर मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनन्द बर्द्धन, लेफ्टिनेंट जनरल जे.पी. मैथ्यू, जीओसी उत्तर भारत एरिया, मेजर जनरल संजीव खत्री जीओसी उत्तराखण्ड सब एरिया, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, डीजीपी अशोक कुमार, सचिव शैलेश बगोली, दिलीप जावलकर, विनोद कुमार सुमन, शासन एवं सेना के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने सरस मेले में स्वयं सहायता समूहों के प्रयासों की सराहना की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रेसकोर्स में आयोजित सरस मेले में प्रतिभाग कर मेले में प्रतिभागी महिला स्वयं सहायता समूहों को सम्मानित किया। उन्होंने विभिन्न प्रदेशों से आये स्वयं सहायता समूहों के प्रयासों की सराहना करते हुए सरस मेलों के आयोजन को ग्रामीण आर्थिकी एवं महिला सशक्तिकरण को मजबूती प्रदान करने वाला बताया। मुख्यमंत्री ने मेले में स्वयं सहायता समूहों के स्टॉलों का भ्रमण कर उनके द्वारा तैयार किये गये उत्पादों की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन विभिन्न राज्यों के परम्परागत हस्तशिल्प एवं लोक कलाओं को प्रभावी मंच प्रदान करने के साथ उनके संरक्षण के लिये भी प्रोत्साहन प्रदान करते हैं। इससे शिल्पियों, बुनकरों एवं कारीगरों को अपने उत्पादों के विपणन के लिये बाजार भी उपलब्ध कराने में भी मदद मिलती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। इसके लिये महिला स्वयं सहायता समूहों को 05 लाख तक का ऋण बिना ब्याज के उपलब्ध कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वोकल फॉर लोकल का मंत्र दिया है जिससे प्रतिभाओं को आगे आने का मौका मिलेगा तथा जहां बाजारों को उत्पाद मिलेंगे वहीं उत्पादकों को बाजार उपलब्ध होगा। प्रदेश में वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा देने के लिए भी इस तरह के आयोजन महत्वपूर्ण हैं।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक खजान दास, सचिव बी.वी.आर.सी. पुरूषोतम, जिलाधिकारी सोनिका, मुख्य विकास अधिकारी झरना कमठान आदि उपस्थित थे।

नैनीताल में सीएम के निर्देश के बाद हुआ अमल, पांच रिसॉर्ट सील

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर उत्तराखण्ड में विभिन्न गेस्ट हाउस और रिज़ॉर्ट पर प्रशासन की ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर नैनीताल जिले के धानाचूली क्षेत्र में 5 रिजॉर्ट को सील किया गया है। जिला प्रशासन द्वारा आज विभिन्न होमस्टे एवं रिज़ॉर्ट की जाँच की गई, तय मानकों में खामियां पाए जाने पर जिलाधिकारी के निर्देशों पर एक ही दिन में 5 रिज़ॉर्ट को सील किया गया है।

गौरतलब है कि पौड़ी के लक्ष्मण झूला में हुई घटना के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार देर शाम सभी जिलाधिकारियों को तमाम होटल और रिज़ॉर्ट की स्क्रूटनी करने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में यह ये निर्देश दिए थे कि यदि किसी भी होमस्टे रिजॉर्ट में किसी प्रकार के खामी पाई जाती है तो उस पर तत्काल कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद प्रदेश के अन्य जनपदों में भी कार्यवाही जारी है।

मुख्यमंत्री पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि प्रदेश में माहौल बिगाड़ने वालों को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, भले ही कोई कितनी रसूख़ वाला क्यों ना हो। ताज़ा मामले में ऋषिकेश लक्ष्मण झूला में अंकिता हत्याकांड के आरोपी रिज़ॉर्ट मालिक की गिरफ्तारी के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर रिजॉर्ट को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर दी गई। मुख्यमंत्री या यह संदेश है कि गलत करने वाले की जगह सिर्फ़ जेल में है।

मुख्यमंत्री ने आयुष्मान आरोग्य रथ को फ्लैग ऑफ कर किया रवाना


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की चौथी वर्षगांठ के अवसर पर प्रदेश के विभिन्न चिकित्सालयों, चिकित्सकों एवं आरोग्य मित्रों आदि को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने इस योजना के लाभार्थियों से संवाद कर उनके विचार सुने। उन्होंने लाभार्थियों से जन स्वास्थ्य सुविधा से जुड़ी इस योजना को जन-जन तक पहुंचाने में मददगार बनने की अपील की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आयुष्मान आरोग्य रथ को फ्लैग ऑफ कर रवाना किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना देश की ही नहीं दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना है जिसमें 5 लाख प्रति परिवार प्रतिवर्ष चिकित्सा उपचार की व्यवस्था है। समाज के 90 प्रतिशत लोगों को इस योजना की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य बेहतर भविष्य का मार्ग बनाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश को स्वास्थ्य के क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी आयुष्मान भारत योजना दी है। देश की आजादी के बाद किसी ने इस दिशा में नहीं सोचा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज देश स्वास्थ्य के साथ ही हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। देश आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा है। आयुष्मान योजना का आम जनमानस को सीधे लाभ मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के पदचिन्हों पर चलकर राज्य में विकास के कार्य आगे बढ़ाये जा रहे हैं। प्रदेश के सभी परिवारों को राज्य में अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना से आच्छादित किया गया है। इस योजना के तहत अभी तक प्रदेश में लगभग 5.68 लाख लोग अपना उपचार करा चुके हैं, जिस पर 980 करोड़ रूपये का व्यय हुआ है। उन्होंने कहा कि पहले यदि परिवार में कोई बीमार होता था तो कई परिवार बिलों का भुगतान करने में असमर्थ होते थे। इसलिए मरीज इलाज करवाने में असहज महसूस करते थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले देश में हताशा व निराशा का वातावरण था। श्री नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद देश व दुनिया में भारत का मान व सम्मान बढ़ा है। हर क्षेत्र में नेतृत्व करने वाला भारत बना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों का जीवन बचाने वाले चिकित्सक ईश्वर का वरदान है। हमें अच्छे कार्यों का फल अवश्य प्राप्त होता है। असहायों की सहायता हमारे जीवन का उद्देश्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों को संतुष्टि के भाव के साथ मिले। यह सुनिश्चित करना चिकित्सकों एवं चिकित्सा संस्थानों का है। इसके लिये भुगतान की पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि जन समस्याओं के निराकरण में सरलीकरण समाधान, निस्तारण एवं संतुष्टि के भाव के साथ कार्य करने से ही समस्याओं के समाधान का मार्ग प्रशस्त होगा।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत पिछले चार सालों में 5.68 लाख लोगों को लाभान्वित कर लगभग 980 करोड़ की धनराशि व्यय की गई है। उन्होंने कहा कि अब इस योजना का लाभ लेने वाले व्यक्ति के इलाज पर होने वाले व्यय की उसे भी जानकारी दी जाने की व्यवस्था की गई है। राज्य में शत प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बने इसके लिये आशा कार्यकत्रियों को भी जिम्मेदार दी गई है। योजना के क्रियान्वयन में आरोग्य मित्रों की सेवा ली जा रही है।
राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के मुख्य कार्याधिकारी अरुणेन्द्र सिंह चौहान ने योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना राज्य में दिनांक 23 सितम्बर 2018 को एसईसीसी 2011 की जनगणना के आधार पर चिन्हित 5.24 लाख परिवारों को एवं अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना दिनांक 25 दिसम्बर, 2018 को शेष 10.46 लाख परिवारों को निःशुल्क कैशलेस उपचार उपलब्ध कराने हेतु लागू की गयी जबकि कर्मचारियों एवं पेंशनरों को गोल्डन आयुष्मान कार्ड की व्यवस्था की गयी है।

कार्यक्रम में प्रभारी सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ0 आशुतोष सयाना सहित योजना के लाभार्थी, संस्थानों के प्रतिनिधि, चिकित्सक एवं आरोग्य मित्र आदि उपस्थित थे।