सीएम ने राज्य कर्मचारियों को दीपावली से पहले वेतन की मिली स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर दीपावली पर्व के दृष्टिगत राज्य कर्मियों, पेंशन एवं पारिवारिक पेंशनरों को दीपावली से पूर्व वेतन एवं पेंशन भुगतान की स्वीकृति शासन द्वारा प्रदान की गयी है।

इस संबंध में अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन द्वारा सभी विभागाध्यक्षों, जिलाधिकारियों, निदेशक कोषागार पेंशन एवं हकदारी तथा सभी वरिष्ठ कोषाधिकारियों को संबोधित शासनादेश में स्पष्ट किया गया है, कि दिनांक 31.10.2024 को दीपावली का त्यौहार होने के कारण समस्त राज्य कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं, शहरी स्थानीय निकायों तथा कार्यप्रभारित कर्मचारियों को वेतन एवं उत्तराखण्ड के कोषागारों से पेंशन प्राप्त करने वाले पेंशनरों/पारिवारिक पेंशनरों को माह अक्टूबर, 2024 का पेंशन/पारिवारिक पेंशन का भुगतान दिनांक 30.10.2024 से पूर्व किये जाने की स्वीकृति प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। उन्होने सभी संबंधित से उपरोक्त निर्णय का तत्परता से अनुपालन सुनिश्चित करने की भी अपेक्षा की है।

उत्तराखंड की विकासगाथा में स्थानीय जनमानस के साथ ही उत्तराखंड के प्रवासियों को भी बनाया जाएगा भागीदार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राज्य स्थापना दिवस कार्यक्रम को देवभूमि रजतोत्सव के रूप में मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित बैठक में विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गई। आगामी 6 नवंबर को दिल्ली में उत्तराखंड भवन के लोकार्पण, 7 नवंबर को देहरादून में आयोजित होने वाले उत्तराखंड प्रवासी सम्मेलन, 9 नवंबर को राज्य स्थापना दिवस तथा 12 नवंबर तक देवभूमि रजतोत्सव उत्तराखंड रजतगाथा से संबंधित कार्यक्रम भव्य तरीके से आयोजित किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि उत्तराखंड के जनमानस, यहां की मिट्टी से प्रेम करने वाले प्रवासियों और उत्तराखंड के विकास में प्रत्यक्ष – अप्रत्यक्ष भागीदार बनने की चाहत रखने वाले युवा, महिला, किसान, कारीगर, पर्यावरणविदों, राज्य आंदोलनकारियों सभी को देवभूमि रजतोत्सव उत्तराखंड रजतगाथा में भागीदार बनाया जाए।

उन्होंने कहा कि विगत वर्षों से उत्तराखंड हर एक क्षेत्र में तेजी से तरक्की कर रहा है इसीलिए 6 नवंबर से 12 नवंबर तक विभिन्न दिवसों में समाज के विभिन्न पक्षों को आमंत्रित किया जाए तथा उनसे जुड़ी प्रेरक गतिविधियों को संपादित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम उत्तराखंड की विकास गाथा में सभी की सक्रिय भागीदारी चाहते हैं और हमारे लिए सभी के विचारों का व्यापक महत्व है।

उन्होंने कहा कि इस दौरान विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेलकूद, स्वस्थ प्रतिस्पर्धात्मक क्विज प्रतियोगिता तथा महिला, किसान, वेंडर, स्वच्छकार, युवा, प्रवासियों सभी के लिए विशेष सम्मेलन, शिविर व कैंप इत्यादि आयोजित किए जाएं ताकि सभी प्रगति के पथ पर अग्रसर हो रहे उत्तराखंड की विकास गाथा के साक्षी बन सकें।

संदर्भित है कि दिनांक 6 नवंबर को दिल्ली में उत्तराखंड भवन का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी द्वारा लोकार्पण किया जाएगा। 7 नवंबर को देहरादून में उत्तराखंड प्रवासी सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। 8 से 12 नवंबर तक देवभूमि रजतोत्सव उत्तराखंड रजतगाथा से जुड़े प्रेरक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

देवभूमि रजतोत्सव उत्तराखंड रजतगाथा का 9 नवंबर 2024 को देहरादून में मुख्यमंत्री द्वारा शुभारंभ किया जाएगा तथा एक वर्ष बाद एक वर्ष तक चलने वाले इस पर्व का 2025 में कुमाऊं मंडल में इसका समापन किया जाएगा।

इस दौरान बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, सचिव शैलेश बगौली, दीपेंद्र चौधरी व विनोद कुमार सुमन, आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पांडेय, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम और नीति आयोग के उपाध्यक्ष के बीच राज्य से जुड़े विभिन्न विषयों पर हुई चर्चा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी के साथ राज्य से जुड़े अहम विषयों पर बैठक की। मुख्यमंत्री ने नीति आयोग के उपाध्यक्ष का देवभूमि उत्तराखण्ड में स्वागत किया।

मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान कहा कि उत्तराखण्ड विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाला राज्य है। राज्य में पर्वतीय, मैदानी, भाबर और तराई क्षेत्र हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में आपदा, वनाग्नि, पलायन और फ्लोटिंग जनसंख्या बड़ी चुनौती है। दो देशों की अन्तरराष्ट्रीय सीमाओं से लगे होने के कारण उत्तराखण्ड सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य है। उन्होंने नीति आयोग के उपाध्यक्ष से अनुरोध किया कि हिमालयी राज्यों की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए नीतियों का निर्धारण किया जाए। उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों की आजीविका में वृद्धि के लिए विशेष नीति बनाने का अनुरोध भी किया। इससे पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन जैसी बड़ी समस्या का समाधान होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हिम आधारित नदियों को वर्षा आधारित नदियों से जोड़े जाने की एक महत्वाकांक्षी परियोजना पर कार्य कर रही है, इसके दीर्घकालिक परिणाम गेम चेंजर साबित होंगे। “नदी-जोड़ो परियोजना“ के क्रियान्वयन के लिए अत्यधिक धनराशि की आवश्यकता है जिसके लिये उन्होंने इसके नीति आयोग से तकनीकी सहयोग के लिए अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की जनसख्या मूल रूप से लगभग सवा करोड़ है, लेकिन धार्मिक और पर्यटन प्रदेश होने की वजह से राज्य में इससे 10 गुना लोगों की आवाजाही है। राज्य में फ्लोटिंग जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए आधारभूत और बुनियादी सुविधाओं के विकास की आवश्यकता होती है। उन्होंने नीति आयोग के उपाध्यक्ष से अनुरोध किया राज्य में फ्लोटिंग आबादी को ध्यान में रखते हुए राज्य के लिए नीति बने।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड आपदा की दृष्टि से बहुत संवेदनशील राज्य है। प्राकृतिक आपदाओं के कारण राज्य को प्रत्येक साल जन-धन की काफी क्षति होती है। राज्य में विकसित किया गया इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राकृतिक आपदाओं के कारण काफी प्रभावित होता है। उन्होंने अनुरोध किया कि राज्य की प्राकृतिक आपदाओं को ध्यान में रखते हुए नीति बनाई जाय। उन्होंने कहा कि वनाग्नि भी राज्य की बड़ी समस्या है। राज्य में वनाग्नि की चुनौतियों से समाधान के लिए राज्य को पर्याप्त संसाधनों की आवश्यकता होगी। राज्य के सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए भी विशेष नीति बनाने का अनुरोध भी मुख्यमंत्री ने किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प को पूरा करने की दिशा में लिए ’सशक्त उत्तराखण्ड पहल“ वर्ष 2022 में आरम्भ किया गया, जिसके अन्तर्गत आगामी पांच वर्षों में राज्य की आर्थिकी को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में हमने राज्य की आर्थिकी वर्ष 2022 के सापेक्ष 1.3 गुना हो चुकी है। हमने इस लक्ष्य को पूरा करने हेतु अल्पकालीन, मध्यकालीन एवं दीर्घकालिक रोडमैप तैयार किये है।

नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी ने नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्यों की रैंकिंग में उत्तराखण्ड को प्रथम स्थान मिलने पर मुख्यमंत्री को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज बैठक में राज्य की प्रमुख चुनौतियों से संबंधित जिन विषयों पर चर्चा हुई है, इन सभी विषयों पर हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि राज्य के आकांक्षी जनपदों और विकासखण्डों के विकास के लिए भी नीति आयोग द्वारा हर संभव सहयोग दिया जायेगा।

इस अवसर पर उत्तराखण्ड के सेतु आयोग के उपाध्यक्ष राजशेखर जोशी, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आरं के. सुधांशु, राज्य सलाहकार नीति आयोग, भारत सरकार सोनिया पंत, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, एस.एन.पाण्डेय, अपर सचिव विजय कुमार जोगदण्डे, सीपीपीजीजी के एसीईओ डॉ. मनोज पंत उपस्थित थे।

जिला कारागार हरिद्वार से दो बन्दियों के भाग जाने पर छह कार्मिक निलंबित, जांच के निर्देश

जिला कारागार, हरिद्वार से दो बंदियों के भाग जाने की घटना पर 6 कार्मिकों को निलंबित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। उप महानिरीक्षक कारागार इसकी जांच कर रिपोर्ट देंगे।

बताया गया कि निरूद्ध सिद्धदोष बंदी पंकज पुत्र मगन लाल एवं विचाराधीन बंदी रामकुमार पुत्र रक्षाराम दिनांक 11 अक्टूबर, 2024 की सायंकाल को कारागार से निकल गए। उक्त घटना में संबंधित के विरूद्ध सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कराया गया है तथा इस घटना के लिए 06 कार्मिकों 1. प्यारे लाल आर्य, प्रभारी अधीक्षक/कारापाल, 2. कुंवर पाल सिंह, उप कारापाल सर्किल जेलर / चक्राधिकारी 3. प्रेमशंकर यादव, दिन हेड वार्डर, 4. विजय पाल सिंह, हेड वार्डर-प्रभारी गिर्दा हेड 5. ओमपाल सिंह, बंदीरक्षक प्रभारी निर्माण स्थल, 6. नीलेश कुमार, हेड वार्डर प्रभारी गेटकीपर को उनके द्वारा ड्यूटी के प्रति बरती गयी लापरवाही एवं उदासीनता के निमित्त प्रथम दृष्टया उत्तरदायी पाते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। घटना की विस्तृत जांच हेतु उप महानिरीक्षक कारागार को निर्देशित किया गया है। विस्तृत जांच में पाये गये तथ्यों के आधार पर अग्रिम कार्यवाही संपादित की जायेगी।

कृषि उत्पादों के निर्यात का केंद्र बनाने के लिये राज्य सरकार कई योजनाओं पर कार्य कर रहीः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव सुनील बर्थवाल ने मुलाकात की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के कृषि उत्पादों के निर्यात का केंद्र बनाने के लिए राज्य सरकार कई योजनाओं पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा राज्य के उत्पादों को बढावा देने हेतु हाउस ऑफ़ हिमालयाज का शुभारंभ किया गया है। उन्होंने कहा राज्य में जैविक खेती, जीआई-टैग उत्पादों को बढावा देने और राज्य के उत्पादों को विश्व स्तर पर ले जाने के लिए एपीडा की भी महत्त्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा राज्य सरकार कृषि इंडस्ट्री पर साथ साथ कार्य कर रही है।

भारत सरकार के सचिव सुनील बर्थवाल ने बताया कि प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा), वाणिज्य मंत्रालय, द्वारा प्रथम बार किसी राज्य में इंडस्ट्री इंटरेक्शन मीट का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा इंडस्ट्री इंटरेक्शन मीट कार्यक्रम में 200 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिसमें से उत्तराखण्ड राज्य के मुख्य एग्रो प्रोसेसिंग एवं एलाइड इंडस्ट्री के सीईओ द्वारा भी प्रतिभाग किया गया। सचिव सुनील बर्थवाल ने इंडस्ट्री इंटरेक्शन मीट के आयोजन में राज्य सरकार के सहयोग हेतु मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

सचिव सुनील बर्थवाल ने बताया कि इंडस्ट्री इंटरेक्शन मीट के दौरान उत्तराखंड राज्य के जलवायु अनुरूप यहां कृषि, बागवानी को बढावा देने की संभावना पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने बताया उत्तराखंड के कृषि उत्पादों के निर्यात, जैविक खेती और जीआई-टैग उत्पादों को बढ़ावा देने पर भी कई नीतिगत निर्णय लिए गए। उन्होंने चाय विकास एवं संवर्धन योजना (2023-2026) के तहत उत्तराखंड के छोटे चाय उत्पादकों को जैविक खेती और कारखाना स्थापना के लिए वित्तीय सहायता प्रदान किए जाने पर भी चर्चा की गई है।

गौरतलब है कि बुधवार को मसूरी रोड, देहरादून स्थित एक होटल में कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) द्वारा इंडस्ट्री इंटरेक्शन मीट का आयोजन किया गया। इस दौरान वाणिज्य सचिव, भारत सरकार ने हाउस ऑफ हिमालयाज के प्रोत्साहन, प्रोसेसिंग एवं मार्केटिंग हेतु विस्तार पूर्वक चर्चा हुई एवं विभिन्न एग्रो प्रोसेसिंग इंडस्ट्री के सीईओ से उत्तराखण्ड राज्य से एक्सपोर्ट को बढ़ाने हेतु सुझाव भी प्राप्त किए गए।

इंडस्ट्री इंटरेक्शन मीट के दौरान सचिव सुनील बर्थवाल द्वारा हाउस ऑफ़ हिमालयाज के ब्।त्ज् (मोबाइल स्टोर) का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों का ब्रांड “हाउस ऑफ़ हिमालयाज“ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने हेतु विभिन्न कंपनियों के साथ एमओयू साइन किए गए।

“हाउस ऑफ़ हिमालयाज“ एवं लुलु ग्रुप के बीच उत्तराखंड के उच्च गुणवत्ता वाले कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों को वैश्विक स्तर पर पहुंचाने एवं निर्यात को बढावा देने, हाउस ऑफ़ हिमालयाज“ एवं इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग के मध्य अंतरराष्ट्रीय बाजार के अनुसार पैकेजिंग मानकों में सुधार लाने, एवं “हाउस ऑफ़ हिमालयाज“ एवं स्पाइसेस बोर्ड के मध्य उत्तराखंड में स्थानीय मसालों की खेती को बढ़ावा देने एवं उनकी मैन्युफैक्चरिंग कर वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने हेतु एम.ओ.यू साइन हुए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, सचिव राधिका झा, डायरेक्टर आरके मिश्रा, अपर सचिव मनोज गोयल मौजूद रहे।

यूएस नगर के बंगाली समुदाय के लोगों ने की मुख्यमंत्री से मुलाकात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा और विधायक शिव अरोड़ा के नेतृत्व में उधम सिंह नगर जनपद के सितारगंज, गदरपुर एवं रूद्रपुर क्षेत्र के बंगाली समुदाय के लोगों ने भेंट कर मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी विभिन्न समस्याएं रखी। राज्य में विस्थापित बंगाली समुदाय के सदस्यों को जारी किए जाने वाले जाति प्रमाण पत्रों से “पूर्वी पाकिस्तान” शब्द हटाये जाने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाली समुदाय के लोगों द्वारा जो समस्याएं रखी गई हैं, उन पर गहनता से विचार कर उचित समाधान करने के प्रयास किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा प्रदेश में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास की भावना से कार्य किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा विभिन्न समुदायों की समस्याओं का हर संभव समाधान के लिए सरकार द्वारा निरंतर कार्य किये जा रहे हैं।

इस अवसर पर बंगाली समुदाय से उत्तम दत्ता, हिमांशु सरकार, के.के.दास, विष्णुपद प्रमाणिक, देबू मण्डल, कार्तिक राय, सुनील विश्वास, संजय बाछाड़, गोपाल सरकार, विधान दास, रवि मजूमदार, अशोक माली, कृष्ण पद मण्डल, रविन्द्र विश्वास, विक्की राय, मयंक अगवाल, विश्वजीत हालदार, अशोक मण्डल, प्रभाकर राय, शंकर गोलदार और पंकज बसु मौजूद थे।

सीएम के जन्मदिन पर प्रदेश भर में खेल प्रतियोगिताएं, पौधारोपण और रक्तदान शिविर हुए आयोजित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का जन्मदिन आज युवा संकल्प दिवस के रूप में पूरे उत्साह और धूमधाम से मनाया गया। बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम सहित प्रदेश भर के मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और हवन के साथ मुख्यमंत्री की दीर्घायु तथा प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की गई। विभिन्न संगठनों के तत्वावधान में सभी जिलों में खेलकूद प्रतियोगिताएं, वृक्षारोपण कार्यक्रम एवं रक्तदान शिविर आयोजित किए गए। देहरादून में मुख्यमंत्री आवास पर सीएम धामी को बधाई देने वालों का दिनभर तांता लगा रहा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, धर्मेंद्र प्रधान, शिवराज सिंह चौहान, पीयूष गोयल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिश्व शर्मा, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) सहित कई केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों, सांसदों, विधायकों और अन्य राजनेताओं ने मुख्यमंत्री धामी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई दी है।

मुख्यमंत्री धामी ने आज सबसे पहले शासकीय आवास पर अपनी माताजी के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इसके बाद मुख्यमंत्री सपरिवार टपकेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे। वहां पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली और प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वक्त राज्य प्राकृतिक आपदा से ग्रस्त है, आम लोगों और संगठनों को आपदा पीड़ितों की मदद के लिए आगे आना चाहिए। मुख्यमंत्री के शासकीय आवास पर सीएम धामी को बधाई देने वालों का दिनभर तांता लगा रहा।

राज्य की तस्वीर बदलने में सबसे आगे हैं धामीः मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि आप राज्य को बदलने के लिए विभिन्न पहलों में सबसे आगे हैं। ईश्वर करे कि आप दीर्घायु और स्वस्थ जीवन जियें।

विकास का सुनहरा दौर देख रहा उत्तराखंडः शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए बाबा केदारनाथ से उनके स्वस्थ, सुखी एवं दीर्घायु जीवन की कामना की है। सीएम धामी को भेजे गए संदेश में गृहमंत्री ने कहा कि “आपके नेतृत्व में देवभूमि उत्तराखंड विकास व गरीब कल्याण का सुनहरा दौर देख रहा है“।

असाधारण प्रयास कर रहे हैं धामीः राजनाथ सिंह
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री धामी को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि सीएम धामी अपने राज्य के विकास और यहां के लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए असाधारण प्रयास कर रहे हैं।

नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है उत्तराखंडः धर्मेंद्र प्रधान
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया के एक्स प्लेटफॉर्म पर अपने संदेश में लिखा “देवभूमि उत्तराखंड के यशस्वी और जनप्रिय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। आपके अथक परिश्रम व समर्पण से उत्तराखंड निरंतर विकास के मार्ग पर अग्रसर है और प्रगति के नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।

बदरीनाथ में महाभिषेक, केदारनाथ में रुद्राभिषेक पूजा
बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) द्वारा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जन्मदिन पर बद्रीनाथ में महाभिषेक और केदारनाथ धाम में रुद्राभिषेक पूजा कराई गई। इसके अलावा ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ, नृसिंह मंदिर जोशीमठ, तृतीय केदार तुंगनाथ, सिद्धपीठ कालीमठ में विशेष पूजा-अर्चना और हवन किया गया।

दिव्यांग बच्चों से मिले, केक खिलाया
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राजपुर रोड स्थित एनआईवीएच पहुंचकर वहां दिव्यांग बच्चों से मिले और उनके साथ केक काटकर अपना जन्मदिन मनाया। बच्चों को केक खिलाकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। बच्चों ने अपने हाथों से बनाया गया एक मॉडल उपहार स्वरूप मुख्यमंत्री को भेंट किया।

सोशल मीडिया पर टॉप ट्रेडिंग में सीएम धामी
सोशल मीडिया के एक्स प्लेटफॉर्म पर आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह टॉप ट्रेंडिंग में रहे। मुख्यमंत्री का जन्मदिन “युवा संकल्प दिवस“ के रूप में मनाया गया। इसके तहत कार्यक्रमों की धूम रही।

सीएम के समावेशी विकास मॉडल में 310 से अधिक घोषणाएं, विपक्ष के प्रस्ताव भी शामिल

उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समावेशी शासन में एक नया मानक स्थापित किया है। दो साल पहले, अपने जन्मदिन पर, उन्होंने राज्य के सभी विधायकों को अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र के लिए 10 व्यापक जनहित से जुड़ी विकास योजनाओं के प्रस्ताव प्रस्तुत करने का आमंत्रण दिया था। इस अनूठी पहल ने राज्य भर में संतुलित विकास सुनिश्चित किया है और भारतीय राजनीति में एक नया उदाहरण स्थापित किया है।

मुख्यमंत्री धामी का विकास मॉडल “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास“ के सिद्धांत पर आधारित है। सभी दलों के विधायकों से प्रस्ताव आमंत्रित करके, उन्होंने सभी नागरिकों के कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता दिखाई है। मुख्यमंत्री का दृष्टिकोण प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लक्ष्य के साथ मेल खाता है, जिसमें 21वीं सदी को उत्तराखण्ड की सदी बनाना है।

मुख्यमंत्री के आह्वान के जवाब में, सभी दलों के विधायकों ने लगभग 700 प्रस्ताव प्रस्तुत किए। अब तक, मुख्यमंत्री धामी ने इनमें से 310 से अधिक प्रस्तावों के लिए आदेश जारी किए हैं। विशेष रूप से, इन 310 से अधिक घोषणाओं में से 90 से अधिक घोषणाएं विपक्षी दलों के विधायकों द्वारा प्रतिनिधित्व वाले क्षेत्रों से संबंधित हैं। इससे सरकार की समावेशी विकास के प्रति प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है।

इन परियोजनाओं के समयबद्ध कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव आरके सुधांशु द्वारा समस्त विभागीय सचिवों को कड़े निर्देश दिये हैं कि माननीय विधायकों से आमन्त्रित प्रस्तावों में की गई मुख्यमन्त्री घोषणाओं को पूर्ण करने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य किया जाये। इससे मुख्यमंत्री धामी की उत्तराखण्ड के समग्र विकास के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रदर्शन होता है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल ने उत्तराखण्ड को एक ऐसा विकास मॉडल प्रदान किया है जो समावेशी और समतापूर्ण है। सभी को समान अवसर प्रदान करके, चाहे वे किसी भी राजनीतिक दल से संबंधित हों, मुख्यमंत्री ने शासन में एक नया मानक स्थापित किया है। उनके नेतृत्व में उत्तराखण्ड अब विकास की नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार है।

सीएम ने बरसात के बाद प्रदेश में सड़कों की मरम्मत के लिए युद्धस्तर पर अभियान चलाने के निर्देश दिए

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रमुख सचिव, मुख्यमंत्री आर.के. सुधांशु को निर्देश दिए हैं कि बरसात खत्म होने के साथ ही प्रदेश में सड़कों की मरम्मत के लिए युद्धस्तर पर अभियान चलाया जाए। जैसे ही बरसात समाप्त हो सड़कों के सुधार के लिए तीव्र गति से काम किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में विशेष अभियान के तहत सड़कों के सुधारीकरण के कार्य किए जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बारिश के कारण जहां भी सड़कें टूटी हैं वहां प्राथमिकता से काम किया जाए।

वर्तमान समय में गुणवत्तापरक शिक्षा पर विशेष ध्यान देने के साथ ही नवीन टेक्नोलॉजी को अपनाना जरूरीः राज्यपाल

शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार सम्मान समारोह में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि), मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने वर्ष 2023 में शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कारों के लिए चयनित शिक्षक एवं शिक्षिकाओं को सम्मानित किया। शिक्षक दिवस के अवसर पर राजभवन में आयोजित सम्मान समारोह में वर्ष 2023 के लिए चयनित 19 शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं को पुरस्कार प्रदान किए गए है।

इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि विषम परिस्थितियों एवं दुर्गम क्षेत्रों में विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए महत्वपूर्ण योगदान देने वाले शिक्षक वास्तव सम्मान के अधिकारी हैं। उन्होंने कहा कि ‘‘मैं शिक्षा के क्षेत्र में आपकी सेवाओं और प्रतिबद्धता के लिए प्रदेशवासियों की ओर से आपका आभार व्यक्त करता हूँ’’।

राज्यपाल ने कहा कि गुरु का स्थान सबसे ऊपर है। राज्य शैक्षिक पुरस्कार से चयनित उत्कृष्ट शिक्षक अन्य शिक्षकों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि आज के दिन, विशेष रूप से, हर व्यक्ति को अपने विद्यार्थी जीवन की अवश्य ही याद आती है और अपने शिक्षक भी याद आते हैं। अपने गुरुओं को याद करते हुए राज्यपाल ने कहा कि गुरुओं द्वारा दिया गया ज्ञान आज भी मार्गदर्शन और प्रेरणा देता है।

राज्यपाल ने कहा कि समाज एवं राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि 2047 तक भारत को विश्व गुरु और विकसित भारत बनाने की दिशा में शिक्षकों की अहम भूमिका होगी। शिक्षकों से कहा बच्चों के सर्वांगीण विकास का दायित्व आप सभी के कंधों पर ही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में गुणवत्तापरक शिक्षा पर विशेष ध्यान देने के साथ ही नवीन टेक्नोलॉजी को अपनाना जरूरी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिन शिक्षकों के प्रति आदर सम्मान प्रकट करने का दिन है। आज के दिन सम्मानित हो रहे शिक्षकों ने समाज में ज्ञान का संचार एवं अपने अनुभव और मार्गदर्शन से विद्यार्थियों के जीवन को आकार देने का कार्य किया है। भारतीय संस्कृति में गुरु का सर्वाेच्च स्थान होता है। शिक्षक हर स्थिति में अपने विद्यार्थी को मार्गदर्शन देने का कार्य करता है। गुरु ही अपने प्रकाश से अंधकार की अज्ञानता को दूर करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राचीन इतिहास में गुरु शिष्य परंपरा का उल्लेख मिलता है। शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित होने वाले शिक्षक अन्य लोगों को भी प्रेरणा देंगे एवं समाज के लिए रोल मॉडल हैं। गुरु का कार्य शिक्षा देने के साथ ही अपने शिष्य के व्यक्तित्व का निर्माण, अनुशासन एवं समाज के प्रति भावनाओं को जागृत करना भी है। वर्तमान समय में नैतिक शिक्षा की आवश्यकता है। धीरे-धीरे समाप्त हो रहे मूल्यों को पुनः जागृत करने का जिम्मा भी गुरुओं का है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल युग में शिक्षकों की भूमिका और बढ़ गई है। तकनीकी विकास और वैश्वीकरण के दौर में शिक्षक, छात्रों को संस्कृति से जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा राज्य के विकास और नौनिहालों के भविष्य को बनाने में राज्य सरकार शिक्षकों की हर संभव मदद करेगी। उन्होंने कहा राज्य सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। राज्य में शिक्षकों के लिए अनुकूल वातावरण बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों के प्रशिक्षण एवं कौशल विकास के लिए विशेष योजनाएं शुरू की गई हैं। शिक्षकों को नवाचार से जोड़ने पर निरंतर कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि राज्य के शिक्षक हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। कोरोना महामारी के दौरान भी शिक्षकों ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूर्ण मनोयोग से किया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शैलेश मटियानी पुरस्कार के तहत मिलने वाली धनराशि को दस हजार से बढ़ाकर 20 हजार रुपये किए जाने की घोषणा की।

शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने उपस्थित सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि सभी के अथक प्रयासों से राज्य में शिक्षा के स्तर में सुधार हुआ है। इस अवसर पर उन्होंने शिक्षा विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों एवं नवाचारों की जानकारी दी। कार्यक्रम में सचिव विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रामन ने सम्मान समारोह में उपस्थित लोगों का स्वागत किया और सम्मान समारोह की विस्तृत जानकारी दी।

महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा बंशीधर तिवारी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में सचिव संस्कृत शिक्षा दीपक कुमार, अपर सचिव शिक्षा रंजना राजगुरु, शिक्षा विभाग के अन्य उच्च अधिकारीगण और पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षक-शिक्षिकाएं व उनके परिजन उपस्थित रहे।