200 दर्शकों की संख्या के साथ सिनेमा हाॅल खोलने की छूट


मुख्य सचिव उत्तराखंड ओम प्रकाश ने अनलॉक-5 में नई गाइडलाइन जारी कर दी है। कंटेनमेंट जोन से बाहर इलाकों के लिए लगभग सारी छूट मिल गई हैं। राज्य सरकार तीन चरणों में स्कूल खोलना का प्लान कर रही है। सिनेमा, थियेटर, मल्टीपलेक्स 50 प्रतिशत क्षमता के साथ 15 अक्टूबर से खुलेंगे। इसके अलावा स्विमिंग पूल को भी खिलाड़ियो की ट्रेनिंग के लिए खोला जाएगा। शादी व अन्य सामाजिक, शैक्षिक, खेल, मनोरंजन, सांस्कृतिक, धार्मिक, राजनीतिक कार्यक्रमों में 100 लोग शामिल हो सकेंगे। हालांकि किसी बंद हॉल में 50 प्रतिशत क्षमता के अनुसार लोगों को एंट्री मिलेगी जो 200 से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। इस दौरान मास्क का उपयोग अनिवार्य है। 15 अक्तूबर से सशर्त खुल सकेंगे स्कूल-कॉलेज, ऑनलाइन शिक्षा व्यवस्था जारी रहेगी। शिक्षा विभाग सभी स्कूलों, शिक्षण संस्थाओं के प्रबंधन, अभिभावकों आदि से बातचीत कर फैसला करेगा।

कोचिंग इंस्टीटयूट को 15 अक्तूबर से खोलने के अनुमति संबंधित जिलाधिकारियों की ओर से दी जाएगी। जिलाधिकारी यह फैसला कोचिंग इंस्टीट्यूट के प्रबंधन से बातचीत और स्थिति का आकलन करने के बाद लेंगे। उत्तराखंड में होटल और होम स्टे में न्यूनतम अवधि के निवास का कोई प्रतिबंध नहीं होगा। होटल होम स्टे में चेक इन से पहले कोविड निगेटिव टेस्ट रिपोर्ट की जरूरत नहीं होगी।

राज्य में अंतर्जनपदीय आवागमन के लिए स्मार्ट सिटी की वेबसाइट पर पंजीकरण कराना होगा। किसी को भी क्वारंटीन नहीं होना होगा। कोविड पाए गए तो क्वारंटीन होना होगा। राज्यों के बीच आवागमन के लिए स्मार्ट सिटी की वेबसाइट पर पंजीकरण कराना होगा। जिला प्रशासन थर्मल स्कैनिंग की व्यवस्था करेगा। पांच दिन से अधिक समय के लिए बाहर जाने पर 10 दिन का होम क्वारंटाइन होने होगा।

प्रदेश से पांच दिन तक बाहर जाने वालों को लौटने पर होम क्वारंटाइन से छूट दी जाएगी। पांच दिन से अधिक समय के लिए बाहर जाने वाले को लौटने पर 10 दिनों के लिए होम क्वारंटाइन रहना होगा। उत्तराखंड के भीतर एक से दूसरे जिले में आने-जाने पर कोई रोकटोक नहीं होगी लेकिन उनके लिए पंजीकरण अनिवार्य है।
सरकारी कार्य से आने वाले केंद्रीय मंत्री, राज्यमंत्री, मुख्य न्यायाधीश, सुप्रीम और हाईकोर्ट के न्यायाधीश, विधिक अधिकारी, एडवोकेट जनरल, सरकारी वकील, राज्य व केंद्र सरकार के अधिकारी आदि को क्वारंटाइन से छूट रहेगी। उच्च शिक्षा में पीएचडी, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के स्नातकोत्तर विद्यार्थी प्रयोग के लिए 15 अक्तूबर से कॉलेज जा सकेंगे। राज्य विवि व निजी विवि, उच्च शिक्षा विभाग के निर्देश पर केवल कॉलेज जाने की अनुमति केवल प्रयोगात्मक कार्यों के लिए होगी।

समयबद्धता के साथ ही गुणवत्ता का रखें विशेष ध्यान

मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने सचिवालय में कुम्भ मेला-2021 की तैयारियों के सम्बन्ध में बैठक की। मुख्य सचिव ने कुम्भ मेले के कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर और आवश्यक सामग्रियों की पुख्ता व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली जाएं।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि हर की पौड़ी में कांगड़ा घाट का कार्य 15 नवम्बर, 2020 तक पूर्ण कर लिया जाए, इसके लिए आवश्यक उपकरण एवं सामग्री की उपलब्धता पूर्व में ही सुनिश्चित कर ली जाए। सीवरलाईन, पेयजल लाईन, विद्युत लाईन आदि के लिए सम्बन्धित विभागों से समन्वय बनाते हुए, पूर्व नियोजित तरीके से कार्य किए जाएं। उन्होंने कहा कि आस्था पथ पर बाढ़ सुरक्षा कार्य को नदी में पानी का स्तर कम होते ही शुरू कर लिया जाए। काँवड़ पटरी में पक्कीकरण (ब्लैकटॉपिंग) का कार्य 15 नवम्बर तक पूर्ण कर लिया जाए। इन सभी कार्यां के लिए आवश्यक सामग्री की उपलब्धता पूर्व में ही सुनिश्चित कर ली जाए। उन्होंने कहा कि 05 अस्थायी पुलों का निर्माण प्राथमिकता पर लेते हुए, इनका निर्माण कार्य 31 दिसम्बर तक प्रत्येक स्थिति में पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि कुम्भ मेले के लिए प्रस्तावित बस स्टैंड का कार्य भी तेजी से पूर्ण कर लिया जाए, इसके लिए आवश्यक फॉरेस्ट क्लीयरेंस भी ले ली जाएं।

मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने कहा कि कुम्भ मेला-2021 के आयोजन के लिए कम समय रह गया है। सभी कार्यों को समयबद्ध तरीके से किया जाए। साथ ही कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। इसके लिए लगातार मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने डाम कोठी के जीर्णोद्धार के कार्य को भी समय से किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कोविड-19 के दृष्टिगत कुम्भ मेला-2021 में विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों एवं अन्य आवश्यक स्टाफ की तैनाती ससमय सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए 500 बेड की व्यवस्था रखी जाए, साथ ही पेशेंट केयर एवं टेस्टिंग की भी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली जाएं। उन्होंने कुम्भ मेला-2021 के लिए आवश्यक स्टाफ, मेला अधिकारी, उप मेला अधिकारी, सूचना अधिकारी, पुलिस फोर्स एवं होम गार्ड की तैनाती की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कर ली जाए। मेलाधिकारी दीपक रावत ने कुम्भ मेला क्षेत्र में सड़क, घाट, पार्किंग, शौचालय, सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट, स्वास्थ्य सुविधाएं आदि की जानकारी दी।

अटकलों पर विराम, मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ आईएएस को बनाया मुख्य सचिव

1987 बैच उत्तराखंड कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी ओम प्रकाश को राज्य का नया मुख्य सचिव बनाया गया है। वह मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्त हो रहे उत्पल कुमार सिंह के स्थान पर शुक्रवार शाम पांच बजे विधिवत कार्यभार ग्रहण करेंगे। अपर मुख्य सचिव (कार्मिक एवं सतर्कता) राधा रतूड़ी ने उनकी नियुक्ति के आदेश जारी किये है।
वहीं, आदेश जारी होने के बाद आईएएस ओम प्रकाश मुख्यमंत्री के आवास गए और मुख्यमंत्री को पुष्प गुच्छ देकर आभार व्यक्त किया। सूत्रों की मानें तो ओम प्रकाश को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के करीबियों में माना जाता है। उनका त्रिवेन्द्र सिंह रावत के साथ काम करने का पुराना अनुभव है। जब त्रिवेन्द्र सिंह रावत कृषि मंत्री थे, तब ओम प्रकाश उनके सचिव हुआ करते थे। उत्पल कुमार के सेवानिवृत्त होने से नए मुख्य सचिव को लेकर हालांकि तमाम तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया था कि वरिष्ठता के आधार पर दो अपर मुख्य सचिवों में से एक को मुख्य सचिव बनाया जाएगा। बुधवार को कैबिनेट बैठक के दौरान उन्होंने ओम प्रकाश को मुख्य सचिव बनाए जाने के संकेत भी साफ कर दिए थे।
मुख्य सचिव के आदेश जारी होने के बाद ओम प्रकाश ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की प्राथमिकता वाली योजनाओं पर खास फोकस करेंगे। उन्होंने कहा कि चारधाम आलवेदर रोड परियोजना, ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल परियोजना, केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्य व वाह्य साहयतित योजनाओं के तहत अवस्थापनाओं के कार्यों को समय से पूरा कराया जाएगा। कोविड-19 महामारी और अनलॉक के दौर में राज्य के समक्ष चुनौतियों के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि इस दिशा में सरकार के स्तर पर प्रयास चल रहे है। ओम प्रकाश ने कहा कि वह कृषि और उद्यानिकी के क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे। राज्य सरकार ने खेती को स्वरोजगार से जोड़ने की कई योजनाएं बनाई हैं, जिन्हें लोगों तक पहुंचाया जाएगा।

एक नजर मुख्य सचिव तक का सफर तय करने तक …
-ओम प्रकाश का जन्म 14 मई 1962 को बौंसी, जिला बाँदा (बिहार) में हुआ।
-बीएससी फिजिक्स-ऑनर्स। पटना साइंस कॉलेज। 
-एमएससी-थेऔरोटिकल फिजिक्स। सेंट स्टीफेंस कॉलेज, दिल्ली यूनिवर्सिटी।
-एम फिल-सीएसआईआर फेलोशिप। 
-1987 बैच के आईएएस अफसर। 
-1985 तक इनकम टैक्स में जॉब।
-ट्रेनिंग जौनपुर यूपी।
-एसडीएम-खुर्जा बुलंदशहर।
– सीडीओ-फतेहपुर।
-डीएम-मऊ, गाजीपुर, बांदा, हाथरस और देहरादून।
-2012 में प्रमुख सचिव। 
-2017 में अपर मुख्य सचिव। 

 

प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की मृत्यु दर, राष्ट्रीय औसत से लगभग एक-तिहाईः उत्पल कुमार

मीडिया सेंटर, सचिवालय में आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने कहा कि सोमवार को दोपहर तक 25 पॉजिटिव केस आए हैं जबकि 135 कोरोना संक्रमित ठीक हुए हैं। कुल 1380 पॉजिटिव केस में से 697 एक्टिव केस हैं। राज्य में डबलिंग रेट में निरंतर सुधार हो रहा है। अब यह 16 दिन से अधिक हो गई है। हमारा रिकवरी प्रतिशत, राष्ट्रीय औसत के बराबर लगभग 48 प्रतिशत हो गया है। सैपलों के पॉजिटिव होने की दर उत्तराखण्ड में 4.31 प्रतिशत है जबकि देश का औसत 5.37 प्रतिशत है। प्रति मिलियन सैंपल लेने की दर 3169 है। कोरोना संक्रमित व्यक्तियों की मृत्यु दर देश में 2.78 प्रतिशत है जबकि राज्य में यह दर लगभग 1 प्रतिशत है।

कोरोना मरीजों के लिए बेड की संख्या 20 हजार, आईसीयू बेड 243 और वेंटिलेटर 126

मुख्य सचिव ने कहा कि पिछले दिनों में कोरोना के मामलों में वृद्धि देखने को मिली है, परंतु इसमें डरने की आवश्यकता नहीं है। हमने अपनी स्वास्थ्य सुविधाओं में काफी इजाफा किया है। कोरोना मरीजों के लिए बेड की संख्या 20 हजार हो गई है। आईसीयू बेड 243 और वेंटिलेटर 126 उपलब्ध हैं।

कान्टेक्ट ट्रेसिंग पर विशेष ध्यान

मुख्य सचिव ने कहा कि कान्टेक्ट ट्रेसिंग पर विशेष ध्यान दिया गया है। 1380 कोरोना पॉजिटिव के 6294 कान्टेक्ट ट्रेस किए गए हैं। इन कान्टेक्ट के स्वास्थ्य की निगरानी की जाती है। और उनके रिस्क प्रोफाईल का निर्धारण कर आवश्यक कार्यवाही की जाती है। वर्तमान में करीब 1 लाख 30 हजार लोग क्वारेंटाईन में हैं। इनमें से अधिकांश होम क्वारेंटाईन में हैं। राज्य में 55 कंटेनमेंट जोन स्थापित हैं जहां पूरी सख्ती बरती जा रही है।

पहले की तुलना में विभिन्न सूचकों में सुधार

मुख्य सचिव ने दो सप्ताहों के तुलनात्मक आंकड़े देते हुए बताया कि दिनांक 25 मई से 31 मई के दौरान डबलिंग रेट 4.58 दिन, सैंपल पॉजिटिव रेट 8.83 प्रतिशत थी। जबकि 1 जून से 7 जून के दौरान डबलिंग रेट 13 दिन और सैंपल पॉजिटिव रेट 6.16 प्रतिशत थी। इसी प्रकार 25 मई से 31 मई के दौरान 970 सैंपल टेस्ट किए गए और बेड की संख्या 8375 थी। जबकि 1 जून से 7 जून के दौरान 1053 सैंपल टेस्ट किए गए और बेड की संख्या बढ़कर 18234 हो गई।

नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई

मुख्य सचिव ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। अभी तक लगभग 29737 लोग गिरफ्तार किए गए, 7977 वाहन सीज किए गए और 3 करोड़ 35 लाख रूपए का जुर्माना वसूला गया है। होटल, शॉपिंग मॉल, धार्मिक स्थलों के लिए गाईडलाईन जारी की गई है। इन स्थानों पर फिजीकल डिस्टेंसिंग, सफाई, सेनेटाईजेशन, मास्क का अनिवर्यता से पालन किया जाना है। मुख्य सचिव ने कहा कि अगर अनुशासन का परिचय देते हुए आवश्यक नियमों का पालन किया जाता है तो आगे सुविधाओं में बढ़घेतरी की जा सकती है।

मनरेगा से 3 लाख से अधिक श्रमिकों को मिल रहा काम

मनरेगा के काम में निरंतर वृद्धि हो रही है। प्रदेश में मनरेगा में 2,1816 काम चल रहे है। जिनमें 3,07,451 श्रमिक लगे हैं। 15 हजार नए जॉब कार्ड बनाए गए हैं, इनमें से 11 हजार को काम भी उपलब्ध करवाया गया है।