टिहरी झील को ग्लोबल डिटिनेशन के रूप में विकसित करने को प्रभावी कार्ययोजना बनाएं: बर्द्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने टिहरी झील को ग्लोबल डिटिनेशन के रूप में विकसित किये जाने के लिये प्रभावी कार्ययोजना बनाये जाने के निर्देश दिये है। उन्होंने सचिव पर्यटन को उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के स्तर पर टिहरी झील एवं उसके समीपवती क्षेत्रो को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किये जाने तथा अवस्थापना सुविधाओं के विकास की योजनाओं के क्रियान्वयन से पूर्व टिहरी लेक डिटिनेशन का पर्यटन के दृष्टिगत विस्तृत मास्टर प्लान तैयार करने के भी निर्देश दिये।

सोमवार को सचिवालय में पर्यटन विकास परिषद द्वारा टिहरी लेक प्रोजेक्ट के तहत सतत् समावेशी अनुकूल जलवायु आधारित पर्यटन विकास योजनाओं की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने निर्देश दिये कि टिहरी लेक को ग्लोबल डिटिनेशन के रूप में विकसित किये जाने संबंधी भारत सरकार को भेजे जाने वाले प्रस्ताव में शामिल किया जाय। उन्होने टिहरी लेक का पूरा मास्टर प्लान तैयार करने के लिये अनुभवी कन्सलटेन्ट की नियुक्ति के साथ पर्यटन विभाग को इसी के दृष्टिगत अपनी कार्ययोजना तैयार करने को कहा।

मुख्य सचिव ने टिहरी लेक के चारों ओर रिंग रोड तैयार करने की कार्ययोजना में तेजी लाये जाने, टिहरी लेक में प्रस्तावित सी प्लान योजना के साथ रिंग रोड पर कम से कम दो हेलीपैड बनाए जाने की व्यवस्था के भी निर्देश दिये। इसके लिये उन्होंने सचिव वित्त से सचिव पर्यटन, नागरिक उड्डयन तथा लाके निर्माण से समन्वय कर योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिये।

मुख्य सचिव ने कहा कि टिहरी लेक को ग्लोबल डिटिनेशन के रूप में पहचान दिलाने के लिये आवश्यक है कि यहां पर विश्व स्तरीय अवस्थापना सुविधाओं का विकास हो, उन्होंने लोक निमार्ण विभाग को रिग रोड के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि रिंग रोड बनने से अन्य अवस्थापना सुविधाओं के विकास में भी तेजी आ सकेगी। मुख्य सचिव ने ऋषिकेश मुनि की रेती तथा लोहाघाट चम्पावत के पर्यटन विकास से संबंधित योजनाओं के प्रस्ताव भी शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिये ताकि सभी प्रस्तावों को मास्टर प्लान के साथ समयान्तर्गत भारत सरकार को प्रेषित किया जा सके।

बैठक में सचिव दिलीप जावलकर, श्रीधर बाबू अदांकी, अपर सचिव अभिषेक रोहेला, गिरधारी सिंह रावत, एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

सीएम के मार्गदर्शन में गोल्फकार्ट से लेस पहला पर्यटन स्थल होगा मसूरी: डीएम

मसूरी में रिक्शा अब हुए पुरानी जमाने की बात हो गई मसूरी को जल्द ही 40 नये गोल्फ कार्ट जल्द मिलने जा रहे। इसके लिए जिला प्रशासन ने तैयारी पूर्ण करते हुए सीएसआर फंड से 3.36 करोड़ धनराशि का प्रबन्ध कर लिया है। इससे पूर्व 14 गोल्फ कार्ट जिलाधिकारी के प्रयासों से मसूरी को पहले ही मिल चुके। वहीं अब 40 नये गोल्फकार्ट मिलने जा रहे जो कि मसूरी मॉल रोड कैमल बैक रोड पर चलने वाले स्थानीय रिक्शा का स्थान लेगें जिसके लिए रिक्शा चालकों को इसके लिए पूर्व में प्रशिक्षित किया गया है।
जिला प्रशासन द्वारा गोल्फकार्ट के लिए आरईसी फांडेशन लि0 (आरईसी) के अधिकारियों से चर्चा कर अपना प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए सीएसआर फंड से धनराशि की मांग की जिस पर आरईसी से 3.36 करोड़ धनराशि सीएसआर फंड से दी जा रही है। जिला प्रशासन का मसूरी में गोल्फकार्ट संचालन कराना अपने आप में बेहतरीन प्रयास जिससे मसूरी में जाम से निजात तो मिलेगा ही साथ मसूरी वासियों एवं पर्यटकों को सुविधा तथा स्थानीय रिक्शा चालकों को रोजगाार मिलेगा।
जिला प्रशासन के प्रयासों से दिसम्बर 2024 को मूसरी को सुगम सुविधा एवं जाम से निजात दिलाने हेतु गोल्फकार्ट का शुभारम्भ किया गया था स्थानीय रिक्शा चालकों को गोल्फ कार्ट चलाने हेतु सम्बन्धित कम्पनी के विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षित किया गया है। नगर पालिका परिषद द्वारा प्रथम चरण में 4 गोल्फ कार्ट चलाए गए थे, वर्तमान में जिनकी संख्या 14 है। इन 40 नए गोल्फकार्ट आने से अब इनकी संख्या 54 हो जाएगी। जिलाधिकारी के निर्देश पर मसूरी माल रोड में यातायात के बढ़ते दबाव को कम करने के लिए माल रोड पर वाहनों का आवागमन पर रोक लगाते हुए, स्थानीय निवासियों एवं पर्यटकों की आवागमन हेतु सुगम सुविधा के लिए गोल्फ कार्ट चलाने की जिला प्रशासन ने योजना है, जो की मसूरी में यातायात प्रबंधन की दिशा में ऐतिहासिक पहल है।
जनपद देहरादून के लोकप्रिय पर्यटन स्थल पहाड़ो की रानी मसूरी में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने तथा स्थानीय नागरिकों एवं पर्यटकों को सुगम आवागमन सुविधा उपलब्ध कराने हेतु जिला प्रशासन द्वारा अभिनव पहल की गई है। जिलाधिकारी सविन बंसल के नेतृत्व में मसूरी में चरणबद्ध तरीके से गोल्फकार्ट संचालन को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे जाम की समस्या से निजात के साथ ही पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा मिला है। मसूरी में पूर्व में 14 गोल्फकार्ट संचालित किए जा चुके हैं। अब 40 अतिरिक्त गोल्फकार्ट शीघ्र ही शामिल किए जाने जा रहे हैं, जिससे इनकी कुल संख्या में और वृद्धि होगी। ये गोल्फकार्ट विशेष रूप से मसूरी मॉल रोड एवं कैमल्स बैक रोड पर संचालित किए जाएंगे, जहां पूर्व में स्थानीय रिक्शा संचालित होते थे।
जिलाधिकारी के निर्देशानुसार स्थानीय रिक्शा चालकों के रोजगार को संरक्षित रखते हुए जिला प्रशासन के प्रयासों से “2 रिक्शा चालक पर 1 गोल्फकार्ट” मॉडल पर सहमति बनी है। जिला प्रशासन एवं रिक्शा चालकों के मध्य समन्वय स्थापित कर यह सुनिश्चित किया गया है कि परंपरागत रोजगार प्रभावित न हो, बल्कि आधुनिक परिवहन प्रणाली के माध्यम से आय के अवसर बढ़ें। गोल्फकार्ट संचालन हेतु संबंधित कंपनी के विशेषज्ञों द्वारा रिक्शा चालकों को विधिवत प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।
जिला प्रशासन द्वारा जिला ग्रामीण विकास एजेंसी (डीआरडीए) के माध्यम से आरईसी फांउडेशन लि0 के अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। प्रस्ताव के आधार पर आरईसी द्वारा 3.36 करोड़ रुपये की धनराशि सीएसआर फंड से स्वीकृत की गई है। यह धनराशि गोल्फकार्ट क्रय एवं संचालन व्यवस्था सुदृढ़ करने में उपयोग की जाएगी।

मसूरी को जाम से राहत दिलाने एवं पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था विकसित करने के उद्देश्य से दिसंबर 2024 में जिलाधिकारी ने प्रशासक रहते गोल्फकार्ट सेवा का शुभारंभ किया गया था। प्रथम चरण में नगर पालिका परिषद द्वारा चार गोल्फकार्ट संचालित किए गए थे। वर्तमान में इनकी संख्या में निरंतर वृद्धि की जा रही है। माल रोड पर बढ़ते वाहनों के दबाव को देखते हुए वाहनों के आवागमन पर नियंत्रण लागू किया गया है। स्थानीय निवासियों एवं पर्यटकों की सुविधा हेतु गोल्फकार्ट सेवा को प्राथमिक परिवहन माध्यम के रूप में विकसित किया जा रहा है।
जिला प्रशासन की यह पहल न केवल मसूरी को जाम की समस्या से राहत दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण, सुरक्षित यातायात व्यवस्था एवं स्थानीय रोजगार सृजन का उत्कृष्ट उदाहरण भी है।

महाशिवरात्रि मेले का उद्घाटन कर सीएम ने भक्तों को दी बधाई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा के वनखंडी महादेव मन्दिर, चकरपुर में आयोजित महाशिवरात्रि मेले का फीता काटकर शुभारम्भ किया व सभी श्रद्धांलुओं एवं प्रदेश वाशियों को महाशिवरात्रि की बधाई व शुभकामनायें दी।

मुख्यमंत्री ने वंखण्डी महादेव मन्दिर में शिवलिंग पर जलाभिषेक किया व पूजा अर्चना कर प्रदेश की सुख-शान्ति, समृद्धि एवं उन्नति की कामना की। इस दौरान उन्होंने कहा की वंखण्डी महादेव मन्दिर में बड़ी संख्या श्रद्धांलुओं का आवागमन होता है, इसीलिए कार्ययोजना बना कर मन्दिर को विकसित किया जायेगा।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश जोशी, गंभीर सिंह धामी, गोपाल सिंह बिष्ट, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति सहित मन्दिर समिति के पदाधिकारी व बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

कुंभ 2027 से पहले अतिथि गृहों की बदलेगी सूरत, आधुनिक सुविधाओं और सुरक्षा मानकों से होंगे सुसज्जित

राज्य में आने वाले विशिष्ट अतिथियों और अधिकारियों को उच्च स्तरीय आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आवास एवं राज्य संपत्ति विभाग के सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने शनिवार को देहरादून से लेकर हरिद्वार तक विभिन्न राजकीय गेस्ट हाउसों का व्यापक निरीक्षण किया। यह दौरा केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि व्यवस्थाओं को जमीनी स्तर पर परखने और उन्हें आधुनिक मानकों के अनुरूप ढालने की ठोस पहल के रूप में सामने आया। सचिव ने गेस्ट हाउसों की संरचना, अनुरक्षण, स्वच्छता, सुरक्षा, फर्नीचर, विद्युत एवं अग्निशमन व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा की।उन्होंने स्पष्ट कहा कि राज्य की छवि इन अतिथि गृहों से भी जुड़ी होती है, इसलिए यहां ठहरने वाले अतिथियों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण मिलना अनिवार्य है। रिनोवेशन कार्यों की गुणवत्ता, किचन की साफ-सफाई, फायर सेफ्टी सिस्टम की मजबूती और समग्र सौंदर्यीकरण को लेकर कड़े निर्देश जारी किए गए। साथ ही आगामी कुंभ मेला 2027 को ध्यान में रखते हुए सभी व्यवस्थाओं को समयबद्ध और मानक अनुरूप पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। सचिव ने कहा कि अतिथि गृह केवल भवन नहीं, बल्कि राज्य की आतिथ्य परंपरा का प्रतिनिधित्व करते हैं।

*बीजापुर गेस्ट हाउस में तीन चरणों में होगा उन्नयन*
देहरादून गढ़ी कैंट स्थित राज्य अतिथि गृह बीजापुर का संयुक्त निरीक्षण आवास एवं राज्य संपत्ति सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। निरीक्षण में राज्य संपत्ति अधिकारी, मुख्य व्यवस्थाधिकारी तथा आवास एवं सिविल/विद्युत अनुरक्षण इकाई के अधिकारी उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान सचिव ने भवन की सिविल एवं विद्युत व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। प्रथम चरण में संपूर्ण रिपेयरिंग, वीवीआईपी कक्षों के उन्नयन, पुराने एवं क्षतिग्रस्त फर्नीचर के प्रतिस्थापन तथा फायर सेफ्टी सिस्टम को अत्याधुनिक बनाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। द्वितीय चरण में सभी कक्षों एवं बालकनियों में प्रकाश व्यवस्था को बेहतर बनाने और भवन के समग्र सौंदर्यीकरण पर जोर दिया गया। तीसरे चरण में ड्रॉइंग रूम, गार्ड कक्ष तथा खुले प्रांगण की मरम्मत के साथ समुचित प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए। सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण हों और गुणवत्ता सर्वोपरि रखी जाए। उन्होंने कहा कि राज्य अतिथि गृह बीजापुर को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित कर इसे एक आदर्श अतिथि गृह के रूप में विकसित किया जाएगा।

*ऑफिसर्स ट्रांजिट हॉस्टल में 2.95 करोड़ से अधिक के कार्यों को मिली रफ्तार*
बीजापुर गेस्ट हाउस के निरीक्षण के बाद सचिव रेसकोर्स स्थित ऑफिसर्स ट्रांजिट हॉस्टल पहुंचे, जहां संयुक्त निरीक्षण एवं समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर सचिव/राज्य संपत्ति अधिकारी, वरिष्ठ व्यवस्था अधिकारी, परियोजना प्रबंधक, अधिशासी अभियंता उत्तराखंड पेयजल निगम तथा विद्युत यांत्रिक खंड लोक निर्माण विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। समीक्षा में बताया गया कि हॉस्टल में 2 करोड़ 33 लाख 78 हजार रुपये की लागत से भवन की रंगाई-पुताई, शौचालयों के नवीनीकरण, क्षतिग्रस्त टाइल्स के प्रतिस्थापन एवं जलापूर्ति मरम्मत जैसे अनुरक्षण कार्य तेजी से चल रहे हैं। इसके अतिरिक्त 2 करोड़ 95 लाख 12 हजार रुपये की लागत से फर्नीचर, फर्निशिंग, विद्युत एवं सिविल कार्यों को गति दी गई है। बैठक में पुरानी लिफ्ट को हटाकर नई आधुनिक लिफ्ट स्थापित करने, छत पर टिन शेड निर्माण, प्रथम से तृतीय तल तक गैलरी में पीवीसी/मेटल फॉल्स सीलिंग, नई इलेक्ट्रिकल वायरिंग और सीलिंग लाइट लगाने का निर्णय लिया गया। सुविधाओं के विस्तार के तहत पार्किंग स्थल के समीप 9 नए डबल/सूट कक्षों के निर्माण की योजना भी स्वीकृत की गई है। सभी कमरों में टीवी हेतु डेटा केबलिंग और नया इंटरकॉम सिस्टम स्थापित किया जाएगा। सचिव ने स्पष्ट किया कि हॉस्टल को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर अधिकारियों और अतिथियों को उच्चस्तरीय आवासीय व्यवस्था उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है।

हरिद्वार स्थित अटल बिहारी वाजपेई राजकीय अतिथि गृह, मायापुर का निरीक्षण करते हुए सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने आगामी कुंभ मेला 2027 की तैयारियों के दृष्टिगत व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान भवन की छत से पानी टपकने और कुछ कमरों में सीलन की समस्या सामने आई, जिस पर उन्होंने लोक निर्माण विभाग को तत्काल मरम्मत कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए। विद्युत व्यवस्था में आवश्यक सुधार, वायरिंग की जांच और सुरक्षा मानकों को सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए गए। सचिव ने पुराने एवं अनुपयोगी फर्नीचर को नियमानुसार नीलामी प्रक्रिया से हटाने को कहा, ताकि परिसर को सुव्यवस्थित और आधुनिक स्वरूप दिया जा सके। उन्होंने रूम, डोरमेट्री, पार्किंग, डाइनिंग हॉल, किचन, मीटिंग हॉल एवं वीआईपी कक्षों का निरीक्षण कर साफ-सफाई एवं व्यवस्थाओं पर विशेष जोर दिया। सचिव ने कहा कि कुंभ मेला 2027 अंतरराष्ट्रीय स्तर का आयोजन है, ऐसे में हरिद्वार के अतिथि गृहों को उच्च मानकों के अनुरूप तैयार करना अनिवार्य है। निरीक्षण के दौरान अपर सचिव राज्य संपत्ति लक्ष्मण सिंह, अधिशासी अभियंता दीपक कुमार, अधिशासी अभियंता पंकज नयाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

डीएम की निरीक्षण जांच का त्वरित संज्ञान, ऋषिकेश उप निबंधक निलम्बित

जिला प्रशासन की रिपोर्ट पर शासन ने बड़ा एक्शन लेेते हुए उप निबन्धक ऋषिकेश को निलिम्बत करते हुए मुख्यालय सम्बद्ध कर दिया है। विगत माह आमजन को रजिस्ट्रार कार्यालय में आ रही समस्याओं एवं शिकायतों के सम्बन्ध में जिलाधिकारी सविन बसंल ने सब रजिस्ट्रार कार्यालय ऋषिकेश का औचक निरीक्षण किया था।
आमजन की पीड़ा व शिकायतों से प्रेरित डीएम सविन बसंल के सब रजिस्ट्रार कार्यालय ऋषिकेश के औचक निरीक्षण में गंभीर अनियमिताएं उजागर हुई थी जिनमें गहन स्टाम्प चोरी, फर्जी कार्मिक व सब रजिस्ट्रार के बगैर ही लिपिक द्वारा अनाधिकृत रूप विलेख पंजीकरण कार्यवाही सम्पादित करना,  कार्यालय में वर्षों से आमजन के मूल अभिलेख लम्बित पाये जाना,सम्पति मूल्य आंकलन का कोई ज्ञान न होना, करोड़ो की स्टाम्प चोरी हुई, औद्योगिक क्षेत्रों में आवासीय दरों पर भूखंड के छोटे टुकड़े कर कई रजिस्ट्रीयां बरामद हुई थी। निरीक्षण के दौरान उपस्थित फरियादियों ने आपबीती सुनाते हुए  बताया कि मूल अभिलेख लौटाने; रजिस्ट्री की नकल देने में आमजन को कर रहे परेशान किया जा रहा है। कार्यालय में कई महीनों से मूल अभिलेख आवेदकों को वापिस नही किए गए तथा ना ही मुख्यालय को सूचना प्रेषित की गई। जबकि अधिकतम तीन दिन है सीमा, परंतु सैकड़ों मूल विलेख अलमारी में धूल खा रहे थे अर्जेंट रजिस्ट्री नकल अनुमन्य 24 घंटे के सापेक्ष महीनों/वर्षों से मिली लम्बित मिले। जिस पर यह एक्शन लिया गया। इस एक्शन से अन्य रजिस्ट्रार कार्यालयों में भी औचक निरीक्षण जारी रहेंगे।

जिलाधिकारी सविन बसंल ने स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग के अन्तर्गत उप निबंधक कार्यालय, ऋषिकेश का उप जिलाधिकारी, ऋषिकेश एवं जिला शासकीय अधिवक्ता (रा०) देहरादून की उपस्थिति में औचक निरीक्षण किया, जिसके परिणामस्वरूप उप जिलाधिकारी, ऋषिकेश एवं जिला शासकीय अधिवक्ता (रा०) की संयुक्त जॉच आख्या के आधार पर हरीश कुमार, उप निबंधक, ऋषिकेश के बिना किसी सूचना के अनुपस्थिति, संदर्भगत कार्यालय में तत्समय तैनात निबंधक लिपिक द्वारा पंजीकरण की कार्यवाही सम्पादित करना पाया गया। तथा फर्जी कर्मचारी से अनाधिकृत तौर से विलेखों का पंजीकरण निष्पादित कराया जाना, पंजीकृत दस्तावेजों को कार्यालय में महिनों / वर्षों तक विधि विरूद्ध तरीके से धारित/लंबित रखना, ग्राम माजरी ग्रांट, तहसील डोईवाला में दून घाटी विशेष महायोजना 2031 के अंतर्गत आरक्षित औद्योगिक भूमि का आवासीय दरों पर पंजीकरण की कार्यवाही चल रही थी। उप निबन्धक हरीश कुमार द्वारा वर्तमान में प्रचलित / विद्यमान नियमों / अधिनियमों का यथा-भारतीय स्टाम्प (उत्तराखण्ड संशोधन) अधिनियम 2015 की धारा 47क, भारतीय रजिस्ट्रेशन मैनुअल के नियम 325, नियम 195 व 196, सुराज भ्रष्टाचार उन्मूलन एवं जनसेवा अनुभाग, उत्तराखण्ड शासन की अधिसूचना संख्या 368/28.04.2016 का संज्ञान नहीं लिया गया है, जिससे स्टाम्प अपवंचना के दृष्टिगत सरकार को गहन राजस्व क्षति हुई है।
निरीक्षण के दौरान पंजीकरण प्रक्रिया में खुलेआम कानून उल्लंघन, फर्जी कर्मचारी से रजिस्ट्रियां कराना तथा वर्षों से संगठित रूप से स्टांप चोरी किए जाने के प्रमाण सामने आए हैं।  उप निबंधक की अनुपस्थिति में अवैधानिक रूप से रजिस्ट्रियां की जा रही थीं तथा पंजीकृत दस्तावेज महीनों-वर्षों तक कार्यालय में दबाकर रखे गए। कार्यालय में बाहरी व्यक्ति द्वारा रजिस्ट्रेशन कार्य कराए जाने से शासन को करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान की आशंका जताई गई है। जांच में दून घाटी विशेष महायोजना-2031 के अंतर्गत औद्योगिक भू-उपयोग वाली भूमि को आवासीय दर्शाकर दर्जनों छोटे भू-खण्डों में रजिस्ट्री कराए जाने का मामला भी उजागर हुआ है, जिससे न केवल स्टांप अपवंचना हुई बल्कि भूमि क्रेताओं के साथ भी धोखाधड़ी की गई।
निरीक्षण दौरान पाई गई कमियों पर जिला प्रशासन द्वारा उप निबन्धक के निलम्बन एवं अनुशासनात्मक कार्यवाही की संस्तुति शासन को प्रेषित की गई थी। जिला प्रशासन की रिपोर्ट पर शासन द्वारा उप निबन्धक को निलिम्बित करते हुए मुख्यालय से सम्बद्ध करते हुए अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रारंभ कर दी है। जिला प्रशासन के इस एक्शन को राजस्व हितों से खिलवाड़, भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत देखा जा रहा है तथा भविष्य में भी इस तरह के एक्शन देखने को मिल सकते हैं।

बिन पिता की बेटियां शिक्षारूपी पंख से अब पूरे कर सकेंगी अपने सपनो की उड़ान

कलेक्ट्रेट परिसर में प्रोजेक्ट ‘‘नंदा-सुनंदा’’ के 13वां संस्करण का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी सविन बसंल ने बाालिकाओं को चैक वितरित किये। 34 बालिकाओं की शिक्षा 9 लाख धनराशि से पुनर्जीवित की गई। अब तक लगभग 62 लाख से अधिक धनराशि से 126 बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित की गई।
जिलाधिकारी सविन बसंल ने कहा कि सभी बालिकाएं नंदा-सुनंदा देवियों के समान है हमने नंदा-सुनंदा देवियों को नही देखा। बालिकारूपी इन देवियों की शिक्षा पुनर्जीवित कर उन्हें योग्य बनाना ही असली ‘‘नंदा-सुनंदा’’ की स्तुति करना है। उन्होंने बालिकाओं से कहा की अपनी शिक्षा की ललक जीवित रखें। जिलाधिकारी ने बालिकाओं की हौसला अफजाई करते हुए कहा कि बालिकाएं अपने जीवन में महापुरूषों की बायोग्राफी पढे छात्र जीवन के लिए इससे अधिक आईडल और कुछ नही है। उन्होंने बालिकाओं से कहा कि आप सफल होकर अन्य बालिकाओं के लिए रोल मॉडल बनें।
इस अवसर पर बालिकाओं के परिजनों ने मा0 मुख्यमंत्री एवं जिलाप्रशासन का उनकी खराब आर्थिक स्थिति में बच्चों की शिक्षा पुनर्जीवित रखने के लिए आभार व्यक्त किया। शदब की माता मन्नो ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि स्कूल वालों ने फीस न भरने के कारण होनहार बालिकाओं को 15-15 दिन स्कूल नही आने दिया, परीक्षा से भी वंचित रखने की चेतावनी दी ऐसे में बालिका के भविष्य की चिंता सता रही थी ऐसे में जिला प्रशासन की नंदा-सुनंदा योजना से बालिका की शिक्षा पुनर्जीवित हुई। जिया की माता ने कहा कि फीस न भर पाने के कारण बेटी की शिक्षा बीच में ही रोकनी पड़ी पारिवारिक आर्थिक स्थिति बेहद खराब थी, जिला प्रशासन ने बेटी की शिक्षा जारी रखने में मदद की इसके लिए मा0 मुख्यमंत्री जी एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। वहीं खुशी कौर की माता ने कहा कि वह घरों में काम कर बच्चों को शिक्षित कराने में समस्या हो रही थी जिस कारण बच्चों की पढाई छूट रही थी उन्होंने जिला प्रशासन का सहायता हेतु आभार व्यक्त किया। कु0 सृष्टि जिनके पिता कैंसर पीड़ित हैं की बीसीए 5वें सेमस्टर की शिक्षा पारिवारिक खराब आर्थिक स्थिति के कारण बधित हो रही थी जिला प्रशासन ने प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा से शिक्षा को पुनर्जीवित कर दिया है। खराब आर्थिक स्थिति से जूझ रहे बिन पिता की बेटी अलाईना रावत बीएससी नर्सिंगं की शिक्षा पुनर्जीवित, आकृति बडोनी बी-कॉम की शिक्षा जिनके पिता की मृत्यु 2023 में हो गई थी। कु0 तनिका कक्षा 10वीं पिता की मृत्यु होने उपरान्त शिक्षा बाधित हो गई थी। कु0 लावण्या पिता की मृत्यु उपरान्त 9वीं की शिक्षा बाधित हो गई थी। पिता की मृत्यु के उपरान्त दिव्या की 6वीं की शिक्षा बाधित हो गई थी। पिता की मृत्यु उपरांत नंदनी की यूकेजी की शिक्षा बाधित हो गई थी। पिता की मृत्यु उपरान्त ईशिका कक्षा 3 की शिक्षा बाधित हो गई थी। इसी प्रकार कु0 शिवांगी जिनके माता निजी चिकित्सालय में सफाईकर्मी के पद पर कार्यरत है की आर्थिक स्थिति खराब है बीएजे एंड एमसी डिजिटल द्वितीय सैमस्टर की शिक्षा प्रभावित हो रही थी। यूकेजी की शिक्षा ग्रहण कर रही मानवी की पारिवारिक आर्थिक स्थिति खराब है। इन सभी 34 बालिकाओं की शिक्षा नंदा-सुनंदा योजना से पुनर्जीवित की गई।
इस अवसर पर उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि, उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास जितेन्द्र कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट सहित बालिकाओं के अभिभावक उपस्थित रहे।

ऑनलाइन मानचित्र स्वीकृति, पीएम आवास योजना, लैण्ड पूलिंग स्कीम और डिकंजेशन पॉलिसी पर व्यापक समीक्षा: सचिव आवास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप राज्य में सुनियोजित शहरी विकास, पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था और तकनीक आधारित सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में आवास विभाग ने महत्वपूर्ण पहल की है। इसी क्रम में सचिव, आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने आज उत्तराखण्ड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण तथा उत्तराखण्ड आवास एवं विकास परिषद के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।

सचिव आवास ने डिस्पेन्सरी रोड स्थित राजीव गांधी बहुउद्देशीय कॉम्प्लेक्स में संचालित उत्तराखण्ड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण, उत्तराखण्ड आवास एवं विकास परिषद, नगर नियोजन विभाग तथा रेरा कार्यालयों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालयों की कार्यप्रणाली, जनसुविधाओं, लंबित प्रकरणों और सेवा वितरण प्रणाली का गहन अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक कार्य में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।

*समीक्षा बैठक में समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर*
उत्तराखण्ड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण के सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में सचिव आवास/मुख्य प्रशासक एवं आयुक्त के रूप में डॉ. आर. राजेश कुमार ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मुख्यमंत्री के विज़न के अनुरूप योजनाओं का प्रभाव धरातल पर दिखाई देना चाहिए। विकास कार्यों में गति और गुणवत्ता दोनों सुनिश्चित की जानी चाहिए।

*‘ईज एप’ को और अधिक सरल व एकीकृत बनाने के निर्देश*
सचिव आवास ने ऑनलाइन मानचित्र स्वीकृति प्रणाली ‘ईज एप’ का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि इस एप को जिला स्तरीय विकास प्राधिकरणों के साथ एकीकृत किया जाए ताकि पूरे राज्य में एक समान डिजिटल व्यवस्था लागू हो सके। उन्होंने नागरिकों की सुविधा के लिए चैटबॉट विकसित करने तथा एक सप्ताह के भीतर एप को और सरल एवं उपयोगकर्ता अनुकूल बनाने के सुझावों सहित विस्तृत प्रस्तुतीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

*लैण्ड पूलिंग एवं टाउन प्लानिंग स्कीम को प्राथमिकता*
डॉ. आर. राजेश कुमार ने लैण्ड पूलिंग स्कीम एवं टाउन प्लानिंग स्कीम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु ऐसे क्षेत्रों का चिन्हीकरण करने के निर्देश दिए जहां इन योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जा सके। उन्होंने कहा कि सुनियोजित शहरी विस्तार के लिए इन योजनाओं का प्रभावी संचालन अत्यंत आवश्यक है।

*प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति की समीक्षा*
प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा करते हुए सचिव आवास ने निर्देश दिए कि सभी परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा में पूर्ण की जाएं। उन्होंने अधिकारियों को स्थलीय निरीक्षण कर विस्तृत प्रस्तुतीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। लाभार्थियों को ऋण प्राप्त करने में आ रही कठिनाइयों के समाधान हेतु बैंकर्स के साथ शीघ्र बैठक आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि कोई भी पात्र लाभार्थी योजना से वंचित न रहे।

*पार्किंग परियोजनाओं और डिकंजेशन पॉलिसी पर सख्ती*
सचिव आवास ने पार्किंग परियोजनाओं की स्थिति की जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए तथा पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं के संचालन की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने डिकंजेशन एंड रिडेवलपमेंट पॉलिसी को शीघ्र तैयार कर प्रस्तुतीकरण प्रस्तुत करने को कहा, ताकि शहरी क्षेत्रों में बढ़ते यातायात दबाव और अव्यवस्थित निर्माण की समस्या का समाधान किया जा सके।

*जीआईएस आधारित महायोजनाओं पर जोर*
महायोजनाओं के निर्माण में अनिवार्य रूप से जीआईएस प्रणाली लागू करने तथा यूसेक के माध्यम से उसके सत्यापन के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से ही सुनियोजित और दीर्घकालिक विकास संभव है।

*लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश*
डॉ. आर. राजेश कुमार ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण किया जाए और जनहित से जुड़े मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने पारदर्शी, उत्तरदायी और समयबद्ध कार्यसंस्कृति अपनाने पर विशेष बल दिया।

*आलयम आवासीय योजना का स्थलीय निरीक्षण*
समीक्षा बैठक के उपरांत सचिव आवास ने सहस्त्रधारा रोड स्थित मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण की आलयम आवासीय योजना का निरीक्षण किया। उन्होंने परियोजना को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने तथा निर्माण गुणवत्ता एवं आधारभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। कार्यक्रम का संचालन संयुक्त मुख्य प्रशासक दिनेश प्रताप सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर वित्त नियंत्रक परवीन कौर, संयुक्त सचिव गौरव कुमार चटवाल, वरिष्ठ नगर नियोजक शालू थिन्ड, अधीक्षण अभियन्ता राजन सिंह, अधिशासी अभियन्ता सुनील कुमार, प्रभारी अधिशासी अभियन्ता विनोद कुमार चौहान, कार्यक्रम प्रबंधक कैलाश चन्द्र पाण्डेय एवं पीएमयू के विषय विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

सचिव, आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड को सुनियोजित, सुव्यवस्थित और नागरिक-अनुकूल शहरी विकास का आदर्श मॉडल बनाने की दिशा में विभाग पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में विकास की अवधारणा केवल आधारभूत संरचनाओं के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि पारदर्शी प्रशासन, तकनीक आधारित सेवाएं और जनसुविधाओं का सुदृढ़ विस्तार भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। सभी विकास प्राधिकरणों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि योजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और जवाबदेही के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि डिजिटल सिस्टम, जीआईएस आधारित महायोजनाएं, ऑनलाइन मानचित्र स्वीकृति और आवासीय योजनाओं के माध्यम से आम नागरिकों को सरल एवं त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। विभाग का लक्ष्य है कि शहरीकरण संतुलित, पर्यावरण-संवेदनशील और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप हो।

धामी सरकार का राज्य आंदोलनकारियों व आश्रितों को पेंशन में वृद्धि कर दिया तोहफा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड सरकार ने राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों के सम्मान एवं कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री के निर्देशों पर राज्य सरकार ने विभिन्न श्रेणियों में दी जा रही पेंशन राशि में वृद्धि को स्वीकृति प्रदान की है।

निर्णय के अनुसार उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन के दौरान 07 दिन जेल गये अथवा आंदोलन के दौरान घायल हुए आंदोलनकारियों की मासिक पेंशन ₹6000 से बढ़ाकर ₹7000 कर दी गई है। इसी प्रकार, जेल गये या घायल श्रेणी से भिन्न अन्य राज्य आंदोलनकारियों की पेंशन ₹4500 से बढ़ाकर ₹5500 प्रतिमाह कर दी गई है।

इसके अतिरिक्त, राज्य आंदोलन के दौरान विकलांग होकर पूर्णतः शय्याग्रस्त (Bedridden) हुए आंदोलनकारियों की विशेष पेंशन ₹20,000 से बढ़ाकर ₹30,000 प्रतिमाह कर दी गई है। वहीं, राज्य आंदोलन में शहीद हुए आंदोलनकारियों के आश्रितों की पेंशन ₹3000 से बढ़ाकर ₹5500 प्रतिमाह कर दी गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारियों का त्याग और बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा। राज्य सरकार उनके सम्मान, सुरक्षा और सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय आंदोलनकारियों और उनके परिवारों के प्रति सरकार की कृतज्ञता का प्रतीक है।

स्वस्थ पत्रकार, सशक्त लोकतंत्र की पहचान: धामी

पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य कर रहे पत्रकारों की जीवन शैली और कार्य की अधिकता एवं अनियमित दिनचर्या को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा पत्रकारों हेतु विशेष चिकित्सा एवं स्वास्थ्य कैंप आयोजित किए जाने के निर्देशों के क्रम में गुरुवार को हल्द्वानी मीडिया सेंटर में सूचना एवं लोक संपर्क विभाग द्वारा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग के सहयोग से एक दिवसीय चिकित्सा शिविर का आयोजन कराया गया।

शिविर में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी नैनीताल एवं संयुक्त निदेशक सूचना नितिन उपाध्याय ने शामिल होकर उपलब्ध कराई गई स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया गया।

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि स्वस्थ पत्रकारिता ही सशक्त लोकतंत्र की आधारशिला है, क्योंकि स्वतंत्र, निष्पक्ष और निर्भीक मीडिया शासन-प्रशासन को जवाबदेह बनाते हुए समाज को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मीडिया प्रतिनिधियों के स्वास्थ्य एवं कल्याण के प्रति संवेदनशील है और उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिकताओं में शामिल है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जनकल्याणकारी दृष्टिकोण के अनुरूप आयोजित इस शिविर में एक्स-रे, ईसीजी, बीपी, शुगर, थायराइड एवं विभिन्न रक्त जांच सहित आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। शिविर में हृदय रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ, दंत चिकित्सक एवं फिजिशियन द्वारा लाभार्थियों का व्यापक स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जांच के उपरांत आवश्यक औषधियों का निःशुल्क वितरण भी किया गया।
शिविर में जनपद के हल्द्वानी, रामनगर, लालकुआं, कालाढूंगी सहित विभिन्न क्षेत्रों से प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं सोशल मीडिया प्रतिनिधियों तथा उनके परिजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। लगभग 100 से अधिक पत्रकारों एवं उनके परिजनों ने शिविर का लाभ उठाया।

शिविर में उपस्थित संयुक्त निदेशक सूचना नितिन उपाध्याय ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविर समय समय पर सभी क्षेत्रों में आयोजित किए जाएंगे, जिससे अधिक से अधिक मीडिया कर्मियों एवं आमजन को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।
यह शिविर राज्य सरकार की उस दूरदर्शी सोच का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसके अंतर्गत “सबका स्वास्थ्य, सबका विकास” की भावना के साथ समाज के प्रत्येक वर्ग तक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है।

इससे पूर्व प्रातः जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ हरीश चन्द्र पंत एवं संयुक्त निदेशक सूचना नितिन उपाध्याय द्वारा संयुक्त रूप से चिकित्सा शिविर का शुभारंभ किया गया।

शिविर में डॉ0 आर एस कुॅवर फिजीशियन, डॉ0 सुधांशु सिंह हद्दय रोग विशेषज्ञ, डॉ0 पीएस खोलिया, हड्डी रोग विशेषज्ञ, डॉ0 अनीता पवार, स्त्री रोग विशेषज्ञ, डॉ0 विजय नेत्र रोग विशेषज्ञ, डॉ0 दीप्ति, दंतरोग विशेषज्ञ तथा दीपा सुनारी फार्मेसिस्ट के साथ ही मेडिकल टीम, जिला सूचना अधिकारी गिरिजा जोशी, सूचना अधिकारी अहमद नदीम सहित विभिन्न मीडिया प्रतिनिधि व अन्य लोग मौजूद रहे।

सीएम के अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश, पुलिस को सक्रिय एवं परिणामोन्मुखी कार्यवाही के आदेश

मुख्यमंत्री धामी ने सख्त शब्दों में कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने डीजीपी को निर्देश दिए कि सभी प्रकार के अपराधों पर तत्काल मुकदमे दर्ज किए जाएं और अपराधियों के विरुद्ध कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज मुख्यमंत्री आवास में प्रदेश की कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उच्च स्तरीय बैठक ले रहे थे ।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से आदतन एवं संगठित अपराध में संलिप्त अपराधियों पर सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे तत्वों की पहचान कर उनके विरुद्ध विधिक प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि समाज में कानून का भय स्थापित हो और आमजन स्वयं को सुरक्षित महसूस करें।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पुलिस पूरी सक्रियता, सतर्कता और जवाबदेही के साथ कार्य करे। थानों और चौकियों की कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ किया जाए तथा संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त और निगरानी बढ़ाई जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि शहरी क्षेत्रों में यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराधियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। कानून हाथ में लेने वालों, असामाजिक तत्वों और प्रदेश की शांति भंग करने का प्रयास करने वालों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि परिणाम दिखने चाहिए और जनता को सुरक्षा का अनुभव होना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि उनकी सरकार “अपराध मुक्त उत्तराखण्ड” के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। प्रदेश की शांति, सुरक्षा और सुशासन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन की जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए किया कि कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की नियमित समीक्षा की जाए और हर स्तर पर जवाबदेही तय की जाए, ताकि प्रदेश में कानून का राज और अधिक सशक्त हो सके।

बैठक में मुख्य सचिव, डीजीपी पुलिस, सचिव गृह, एडीजीपी ( लॉ एन्ड आर्डर), गढ़वाल कमिश्नर सहित पुलिस एवं शासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।