​सीएम धामी सहित भाजपा परिवार ने किया अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का भव्य अभिनंदन

​भाजपा परिवार ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का प्रथम देवभूमि आगमन पर सीएम धामी एवं प्रदेश अध्यक्ष भट्ट के नेतृत्व में ऐतिहासिक और अभूतपूर्व स्वागत किया है। राज्य में अपने शीर्ष नेतृत्व की पहली संगठनात्मक यात्रा को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं और आम जनता में भारी उत्साह दिखाई दिया। पारंपरिक एवं सांस्कृतिक परिधानों में महिलाओं, युवाओं और अन्य कार्यहर्ताओं ने पुष्पवर्षा और गगनभेदी नारों से स्वागत किया।

​प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने बताया कि ज्यौलीग्रांट हवाई अड्डे पर राष्ट्रीय अध्यक्ष का स्वागत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट द्वारा पूरी राज्य इकाई की तरफ से गर्मजोशी से स्वागत और अभिनंदन किया। जिसके उपरांत वहां से पार्टी मुख्यालय तक उनका दो दर्जन से अधिक स्थानों ज्योलीग्रांट एयरपोर्ट, हिमालियन अस्पताल चौक, कैलाश हॉस्पिटल, रिस्पना पुल, चंचल डेयरी, फव्वारा चौक, बलबीर रोड पर पारंपरिक तरीके से जबरदस्त स्वागत किया गया। यात्रा मार्ग में युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के हुजूम ने उनका भव्य और ऐतिहासिक स्वागत किया गया। इस दौरान देवभूमि की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा को प्रदर्शित करते हुए पारंपरिक वाद्य यंत्रों की थाप और लोक नृत्यों के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष का सत्कार किया गया।

​उन्होंने बताया कि स्वागत कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं के जोश, विशेषकर युवाओं और महिला मोर्चा की भारी भागीदारी के बीच जगह-जगह पर राष्ट्रीय अध्यक्ष पर पुष्पवर्षा की गई। इस दौरान “भारत माता की जय”, “भारतीय जनता पार्टी जिंदाबाद” और राष्ट्रीय नेतृत्व के समर्थन में लगे गगनभेदी उद्घोषों से पूरा माहौल पूरी तरह से भाजपाई रंग में सराबोर नजर आया।

​इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने प्रदेश आगमन के लिए संगठन के शीर्षस्थ नेतृत्व नेतृत्व का आभार जताया। उनके अभूतपूर्व और ऐतिहासिक स्वागत पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा, कार्यकर्ताओं का यह स्वतः स्फूर्त उत्साह दर्शाता है कि उत्तराखंड के जन-जन में भाजपा और उसके नेतृत्व के प्रति अटूट विश्वास है। वहीं उम्मीद जताई कि प्रवास के दौरान नवीन के मार्गदर्शन से उत्तराखंड में भाजपा संगठन नया आयाम स्थापित करेगा और विकास की नीतियों को समाज के अंतिम छोर तक पहुंचाने के संकल्प को और मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री धामी ने ‘सौर जागरूकता स्मारिका पुस्तिका’ का किया विमोचन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में काउंसिल ऑन एनर्जी, इन्वायरमेन्ट एण्ड वॉटर (CEEW) द्वारा तैयार की गई ‘सौर जागरूकता स्मारिका पुस्तिका’ का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल केवल एक स्मारिका पुस्तिका का विमोचन नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड के उज्ज्वल, आत्मनिर्भर एवं हरित भविष्य के निर्माण की दिशा में सामूहिक संकल्प का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में पूरा विश्व जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा संकट एवं पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे समय में सौर ऊर्जा केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में संचालित पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत उत्तराखण्ड ने उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त की हैं, जो देश के लिए प्रेरणास्रोत बन रही हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ने 40 हजार रूफटॉप सोलर संयंत्रों का अपना प्रारंभिक लक्ष्य निर्धारित समय से पूर्व प्राप्त कर लिया है तथा निर्धारित संयंत्रों के लक्ष्य का लगभग 95 प्रतिशत कार्य पूर्ण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि पीएम सूर्य घर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्तराखण्ड आज देश में शीर्ष राज्यों की श्रेणी में पहुँच चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2024 से अब तक मात्र दो वर्षों में राज्य ने सौर ऊर्जा क्षमता में लगभग 10 गुना वृद्धि दर्ज की है। उत्तराखण्ड लगभग 290 मेगावाट क्षमता के रेजिडेंशियल रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित करने में सफल हुआ है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड के निर्माण की दिशा में यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।मुख्यमंत्री ने यूपीसीएल, ऊरेडा, क्षेत्रीय अधिकारियों तथा इस अभियान से जुड़े सभी विभागों एवं संस्थाओं के समन्वित प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह सफलता टीम उत्तराखण्ड की सामूहिक प्रतिबद्धता और समर्पण का परिणाम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आयोजित सौर कौथिग व्यापक जन-जागरूकता अभियान, नुक्कड़ नाटक एवं अधिकारियों के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों ने प्रदेश में सौर ऊर्जा के प्रति जागरूकता का वातावरण तैयार किया है। उन्होंने CEEW की टीम के सहयोग एवं उल्लेखनीय योगदान की भी सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल सोलर संयंत्र स्थापित करना नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक को स्वच्छ ऊर्जा क्रांति का सक्रिय भागीदार बनाना है। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा के व्यापक उपयोग से आम नागरिकों के विद्युत व्यय में कमी आएगी, पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी तथा आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं हरित भविष्य प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में उत्तराखण्ड नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में देश के समक्ष एक प्रेरणादायक एवं आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित होगा।

इस अवसर पर विधायक सुरेश गड़िया, प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव विनय शंकर पांडेय, CEEW के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. अरुणाभ घोष, पिटकुल के प्रबंध निदेशक डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक जी. एस बुदियाल एवं संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री धामी ने घण्टाकर्ण महोत्सव-2026 का शुभारंभ कर गजा क्षेत्र के लिए विकास योजनाओं की दी बड़ी सौगात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गजा घण्टाकर्ण महोत्सव-2026 के अवसर पर क्षेत्र के समग्र विकास हेतु अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने घंटाकर्ण महादेव मंदिर तक रोपवे निर्माण की घोषणा करते हुए कहा कि इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा प्राप्त होगी। इसके साथ ही नगर पंचायत गजा क्षेत्र में विभिन्न आंतरिक मार्गों के निर्माण, गजा मैदान के विस्तारीकरण एवं मंच निर्माण की घोषणा भी की गई। मुख्यमंत्री ने शहीद विक्रम सिंह नेगी राजकीय पॉलिटैक्निक गजा में फार्मेसी विषय की स्वीकृति प्रदान करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने पर्यटन विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कोटेश्वर झील के विकास तथा डांडाचली में इको पार्क निर्माण की घोषणा की। साथ ही पावकी देवी एवं चमराड़ा देवी (भरपूर) मंदिरों के सौंदर्यीकरण कार्य कराए जाने की भी घोषणा की गई। उन्होंने दंदेली, अंदरफीगांव, फलसारी, बिमाण गाँव मोटर मार्ग तथा रणाकोट डांडा जमोला मोटर मार्ग की स्वीकृति देने की घोषणा भी की।

स्वास्थ्य एवं आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने चाका महिला अस्पताल को PHC में परिवर्तित कर उसके उच्चीकरण तथा चाका में सामुदायिक भवन के सुदृढ़ीकरण की घोषणा की। शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सिंगटाली एवं पजै गाँव को इंटर स्तर पर उच्चीकृत करने तथा नरेंद्रनगर महाविद्यालय को पीजी स्तर पर उच्चीकृत किए जाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री धामी ने गजा तहसील में लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग, जल संस्थान एवं जल निगम के तहसील स्तरीय कार्यालयों/कार्यक्रमों की स्वीकृति देने की घोषणा भी की। इसके अतिरिक्त हेंवल नदी में झील निर्माण तथा गजा बगीद के 33 KV सब स्टेशन की स्वीकृति प्रदान किए जाने की घोषणा करते हुए कहा कि इन योजनाओं से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी तथा आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज गजा, टिहरी गढ़वाल पहुंचकर “गजा घण्टाकर्ण महोत्सव-2026” (द्वितीय संस्करण) का दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गजा स्थित प्राचीन घंटाकर्ण मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश एवं देश की सुख-समृद्धि की कामना की। साथ ही उन्होंने राज्य आंदोलनकारी शहीद बेलमती चौहान की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री ने समस्त क्षेत्रवासियों एवं प्रदेशवासियों को महोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह आयोजन उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं एवं धार्मिक आस्थाओं को संरक्षित करने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि गजा आगमन पर माताओं एवं बहनों द्वारा तिलक लगाकर किए गए आत्मीय स्वागत से वे अभिभूत हैं और सभी को हाथ जोड़कर प्रणाम करते हैं। उन्होंने कहा कि केदारखंड में घंटाकर्ण मंदिर का विशेष महत्व वर्णित है तथा यह क्षेत्र धार्मिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण भूमि है।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों ने अत्यंत शानदार एवं मनमोहक प्रस्तुतियां दी हैं। उन्होंने कहा कि गजा महोत्सव निरंतर विराट स्वरूप ग्रहण कर रहा है तथा इसका विस्तार तेजी से हो रहा है। इस वर्ष का आयोजन पहले की अपेक्षा अधिक भव्य एवं सुव्यवस्थित दिखाई दे रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन हमारी लोक संस्कृति, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को संजोकर रखने के साथ नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पारंपरिक वेशभूषा, लोक कला, आभूषण एवं खान-पान की अपनी विशिष्ट पहचान है, जिसका संरक्षण करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आज भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम एवं महाकाल लोक जैसे विकास कार्य देश की सांस्कृतिक चेतना को नई दिशा प्रदान कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व एवं आह्वान पर राज्य सरकार उत्तराखंड को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने, धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों का विकास करने तथा क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने के लिए सरकार प्राथमिकता के आधार पर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र में नगर पंचायत कार्यालय, गौशाला, मिनी स्टेडियम, क्रिकेट छात्रावास एवं विभिन्न पेयजल योजनाओं का निर्माण कार्य पूर्ण किए गए हैं तथा कई योजनाएं प्रगति पर हैं। स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन एवं आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं, ताकि प्रत्येक व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके और युवाओं को बेहतर शिक्षा, रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार होमस्टे, वेडिंग डेस्टिनेशन एवं हाउस ऑफ हिमालय जैसी योजनाओं को सशक्त बनाने के साथ महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने जनहित एवं सांस्कृतिक संरक्षण के दृष्टिगत कई महत्वपूर्ण एवं कठोर निर्णय लिए हैं। महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं रोजगार को प्राथमिकता देते हुए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। आने वाले वर्षों में उत्तराखंड को सुरक्षित, समृद्ध एवं आत्मनिर्भर राज्य के रूप में नई पहचान दिलाई जाएगी तथा भावी पीढ़ियों के लिए सशक्त उत्तराखंड का निर्माण किया जाएगा।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का स्वागत करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं। उन्होंने गजा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उच्चीकृत किए जाने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य क्षेत्र में रोजगार के अवसरों को बढ़ाना तथा विकास कार्यों को जनसहभागिता के माध्यम से आगे बढ़ाना है।

नगर पंचायत अध्यक्ष गजा कुंवर सिंह चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा गजा क्षेत्र को अनेक विकास योजनाओं की सौगात दी गई है, जिसके लिए क्षेत्रवासी उनके आभारी हैं।

कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों द्वारा स्वागत गीत, सरस्वती वंदना, लोकगीत, लोकनृत्य, सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति का सुंदर प्रदर्शन किया गया। विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से आमजन को जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई तथा लाभान्वित किया गया।

इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष उदय रावत, ब्लॉक प्रमुख चंबा सुमन सजवाण, ब्लॉक प्रमुख नरेंद्रनगर दीक्षा राणा, नगर पालिका अध्यक्ष चंबा शोभना धनौला, नगर पंचायत अध्यक्ष मुनि की रेती विनीता बिष्ट, जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे, मीना खाती, हुकुम सिंह भंडारी, जसवंत सिंह, खेमे घ. चौहान, मंच संचालक राजेश रावत सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, पत्रकारगण एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रीय जनता उपस्थित रही।

हमारी सरकार का स्पष्ट संकल्प कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज अल्मोड़ा पहुंचकर करीब 138 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।

अल्मोड़ा के सोबन सिंह जीना विवि के नवीन प्रशासनिक भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा को विभिन्न विकास योजनाओं की सौगात दी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं से सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सिंचाई, नगर विकास एवं ग्रामीण आधारभूत सुविधाओं को नई मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों। इसी उद्देश्य के साथ प्रदेशभर में सड़क संपर्क, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा व्यवस्था एवं पेयजल योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा जनपद सांस्कृतिक, ऐतिहासिक एवं पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहां की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए निरंतर विकास कार्य किए जा रहे हैं। इन योजनाओं के पूर्ण होने से जनपदवासियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी तथा क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई गति प्राप्त होगी।

मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा की जनता को इन विकास कार्यों के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दी और कहा कि उत्तराखंड सरकार जनसेवा एवं प्रदेश के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।

यहां केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्षा हेमा गैडा, विधायक रानीखेत डॉ प्रमोद नैनवाल, कुलपति एसएसजे विवि सतपाल सिंह बिष्ट, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर घोड़के सहित जनप्रतिनिधि, विवि प्रशासन के अधिकारी सहित अन्य उपस्थित रहे।

जिला सूचना अधिकारी अल्मोड़ा।

*लोकार्पण एवं शिलान्यास का विवरण*

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कुल 138.092 करोड़ रू0 की योजनाओं का लोकापर्ण एवं शिलान्यास किया गया जिनमें 112.113 करोड़ रू0 का लोकार्पण एवं 25.979 करोड़ रू0 की योजनाओं का शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री ने जिन योजनाओं का लोकार्पण किया गया उनमें तहसील रानीखेत में क्षतिग्रस्त आवास एवं कांफ्रेन्स हॉल निर्माण कार्य लागत 4.141 करोड़ रू0, राजकीय महिला पॉलीटेक्निक अल्मोड़ा में बाउण्ड्रीवाल लागत 3.833 करोड रू0़, जनपद अल्मोड़ा में भैरव मन्दिर अन्तर्गत अल्मोड़ा में एक पार्किंग का निर्माण कार्य लागत 2.867 करोड़ रू0, जी0आई0सी0 अल्मोड़ा में बहुस्तरीय पार्किंग का निर्माण कार्य लागत 4.850 करोड़ रू0, अल्मोड़ा में के0एम0ओ0यू0 बस स्टैण्ड में बहुस्तरीय पार्किंग का निर्माण कार्य लागत 3.295 करोड़ रू0, चचरोटी-खटलगॉव-दीपामाई ग्राम समूह पम्पिंग पेयजल योजना लागत रू0 9.919 करोड़ रू0, बदनगढ़ भौनडांडा ग्राम समूह पम्पिंग पेयजल योजना लागत 14.265 करोड़ रू0, शीतलाखेत-कठपुड़िया-दौलाघट मोटर मार्ग का सुधारीकरण लागत 10.081 करोड़ रू0, सोनी-तिलालीखेत मोटर मार्ग सुधारीकरण लागत 5.286 करोड़ रू0, रानीखेत-बुचड़ी-पन्त कोटुली से गगास मोटर मार्ग का सुधारीकरण लागत 9.946 करोड़ रू0, राजकीय कन्या इण्टर कालेज सारकोट लागत 1.346 करोड़ रू0, चौखुटिया में कुथलाड़ नदी पर बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य लागत 2.933 करोड़ रू0, विकासखण्ड स्याल्दे में ग्राम सियानगर, स्याल्दे बाजार एवं विनोद नदी से बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य लागत 6.749 करोड़ रू0, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लमगड़ा में ट्रान्जिट हॉस्टल का निर्माण कार्य लागत 1.980 करोड़ रू0, जागेश्वर में चायखान-थुवासिमल मोटर मार्ग के किमी0 10 से निरई ग्राम पंचायत तक 02 किमी0 सड़क का डामरीकरण व अन्य कार्य लागत 1.784 करोड़ रू0, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा के प्रशासनिक भवन एवं कुलपति आवास का निर्माण कार्य लागत 25.226 करोड़ रू0, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा के प्रशासनिक भवन एवं कुलपति आवास के अतिरिक्त निर्माण कार्य लागत 3.612 करोड़ रू0 है।

*मुख्यमंत्री ने जिन योजनाओं का शिलान्यास किया गया उनमें* गोविन्दपुर, दौलाघट में बैराज निर्माण कार्य लागत 2.058 करोड़ रू0, दन्या बाजार में स्थित श्री सैम देवता मन्दिर के सौन्दर्यीकरण का कार्य लागत 1.842 करोड़ रू0, विधानसभा चौखुटिया में राजकीय इण्टर कालेज महाकालेश्वर में 04 कक्षा-कक्षों का निर्माण कार्य लागत 1.000करोड़ रू0 , विधानसभा क्षेत्र अल्मोड़ा के एन0टी0डी0-कफड़खान-धौलछीना एमडीआर मोटर मार्ग के किमी0 01 से 11 में सुधारीकरण/डामरीकरण का कार्य लागत 8.403 करोड़ रू0, विकासखण्ड द्वाराहाट के अन्तर्गत मजखाली दिगोटी से मजेठी मोटर मार्ग में डामरीकरण का कार्य लागत 2.165 करोड़ रू0, अल्मोड़ा-खूॅट मोटर मार्ग के अवशेष भाग में सुधारीकरण/डामरीकरण का कार्य लागत 1.161 करोड़ रू0, विधानसभा क्षेत्र जागेश्वर के अन्तर्गत मोरनौला-जैंती मोटर मार्ग का डामरीकरण एवं सुधारीकरण का कार्य लागत 4.263 करोड़ रू0, विकासखण्ड लमगड़ा के अन्तर्गत पेटशाल-बमनस्वाल से कपकोट मोटर मार्ग के मरम्मत हेतु वन टाईम मेन्टेनेन्स का कार्य लागत 3.096 करोड़ रू0, विकासखण्ड लगमड़ा अन्तर्गत थुवासिमल-बिनौला से कुंज-आरा-लोहाना मोटर मार्ग का वन टाईम मेन्टेनेन्स का कार्य लागत 1.992 करोड़ रुपए है।

मुख्यमंत्री धामी ने एचीवर्स अवार्ड में उत्तराखंड को श्रेष्ठ राज्य बनाने का दोहराया संकल्प

राज्य स्तरीय एसडीजी एचीवर्स अवार्ड समारोह अल्मोड़ा के उदय शंकर नृत्य एवं संगीत अकादमी में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया।

इस वर्ष के लिए 32 संगठनों, व्यक्तियों, समूहों को उनके द्वारा किए गए नवाचारी एवं सतत पहलों के लिए सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त जिला स्तरीय एसडीजी की वार्षिक रैंकिंग में 6 जनपदों को शीर्ष तीन स्थान प्राप्त करने पर पुरस्कृत किया गया। मुख्यमंत्री ने पुरस्कृत विजेताओं को बधाई दी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एसडीजी अचीवर्स अवार्ड समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज का यह अवसर उन सभी व्यक्तित्वों और संस्थाओं को सम्मानित करने का है जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार, उत्कृष्ट कार्य एवं समाजहित में अनुकरणीय योगदान दिया है। उन्होंने सभी महानुभावों एवं संस्थाओं का स्वागत और अभिनंदन करते हुए कहा कि ऐसे कर्मयोगियों के बीच उपस्थित होना उनके लिए गौरव का विषय है, जिन्होंने अपने समर्पण, परिश्रम और संकल्प के बल पर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए निरंतर कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) की प्राप्ति की दिशा में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 32 ऊर्जावान औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया है। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों ने यह सिद्ध किया है कि मजबूत इरादों और सीमित संसाधनों के बावजूद असाधारण उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं तथा साधारण से असाधारण की यात्रा तय की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य को प्रत्येक वर्ष अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन जब पर्यावरण और विकास साथ-साथ चलते हैं तभी संतुलित एवं स्थायी विकास संभव होता है। यदि दोनों अलग-अलग हो जाएं तो विकास अधूरा रह जाता है। इकोलॉजी और इकोनॉमी की इसी सोच के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2030 तक सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय नीति आयोग के एसडीजी इंडिया इंडेक्स में उत्तराखंड 10वें स्थान पर था, जबकि ताजा रिपोर्ट के अनुसार आज राज्य पूरे देश में प्रथम स्थान पर पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि अभी भी कई ऐसे पैरामीटर हैं जिनमें और बेहतर कार्य करने की आवश्यकता है तथा सरकार उन क्षेत्रों में भी तेजी से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सुशासन, गरीब कल्याण, सीमांत क्षेत्रों के विकास, बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं के क्षेत्र में राज्य सरकार लगातार प्रभावी कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि एसडीजी में प्रथम स्थान प्राप्त करना इस बात का प्रमाण है कि उत्तराखंड की विकास यात्रा सही दिशा में आगे बढ़ रही है। विकसित भारत के निर्माण में उत्तराखंड भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है तथा प्रदेश के समग्र विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। प्रत्येक क्षेत्र के लिए विशेष नीति बनाए जाने से राज्य के समग्र विकास को गति मिली है।

उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों का परिणाम है कि राज्य की जीडीपी में 7.23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है तथा प्रति व्यक्ति आय में 4.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। साथ ही बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत की कमी लाकर उत्तराखंड ने राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन किया है।

उन्होंने कहा कि बीते चार वर्षों में उद्योग, स्टार्टअप, हेलीकॉप्टर सेवा, हाईवे निर्माण, ग्रीन एनर्जी एवं बिजली उत्पादन जैसे क्षेत्रों में हुए सकारात्मक बदलावों का ही परिणाम है कि राज्य में रिवर्स पलायन में वृद्धि दर्ज की गई है। अब लोग अपने पैतृक गांवों की ओर लौट रहे हैं तथा स्थानीय स्तर पर विभिन्न प्रकार के रोजगार एवं स्वरोजगार अपनाकर प्रदेश के विकास में भागीदारी निभा रहे हैं।

कार्यक्रम में उपस्थित केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि एसडीजी रैंकिंग में राज्य का श्रेष्ठ स्थान आना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के राज्य के प्रति लिए गए संकल्पों का परिणाम है। यह हमारे लिए गौरव की बात है जिसे हमारे राज्य के कर्मयोगियों ने सफल किया है।

प्रमुख सचिव नियोजन तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी एंड गुड गवर्नेंस (CPPGG) डॉ आर मीनाक्षी सुन्दरम ने एसडीजी की अवधारणा आदि पर विस्तार से प्रकाश डाला तथा एसडीजी अचीवर्स अवार्ड प्राप्त करने वाले अवॉर्डियों का विवरण दिया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए सभी की भागीदारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने राज्य को एसडीजी रैंकिंग में मिले पहले स्थान के लिए किए गए प्रयासों एवं उपलब्धियों को भी विस्तार से बताया।

जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत और धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि जनपद का समग्र विकास हमारा संकल्प है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जनपद की जनता को लाभान्वित करना, उनका जीवन स्तर ऊंचा करना हमारी प्रतिबद्धता है। उन्होंने कार्यक्रम के लिए पधारे अतिथियों, विजेताओं और आम जनमानस का धन्यवाद ज्ञापित किया।

उल्लेखनीय है कि स्तरीय एसडीजी की वार्षिक रैंकिंग में *प्रथम* स्थान रुद्रप्रयाग को मिला। *द्वितीय* स्थान उत्तरकाशी तथा नैनीताल ने प्राप्त किया। *तृतीय* स्थान पर बागेश्वर, चमोली तथा टिहरी शामिल हैं।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्षा हेमा गैडा, विधायक रानीखेत डॉ प्रमोद नैनवाल, दर्जधारी राज्य मंत्री गंगा बिष्ट और गोविंद पिलख्वाल, सदस्य पलायन आयोग अनिल सिंह साही, जिलाध्यक्ष भाजपा महेश नयाल , मेयर अल्मोड़ा अजय वर्मा, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी एंड गुड गवर्नेंस (CPPGG) मनोज पंत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर घोड़के, अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी रेणु भंडारी सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि, आम जनमानस एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।

उत्तराखंड में पीएम पोषण योजना के तहत अधिक से अधिक स्कूलों का सोशल ऑडिट कराए जाने के निर्देश

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (पीएम पोषण) के सम्बन्ध में राज्य स्तरीय क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण समिति की बैठक सम्पन्न हुयी। मुख्य सचिव ने पीएम पोषण की विस्तार से जानकारी ली।

मुख्य सचिव ने पीएम पोषण योजना के तहत अधिक से अधिक स्कूलों का सोशल ऑडिट कराए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सोशल ऑडिट पायी गयी कमियों के विषय में सम्बन्धित जनपदों को सूचित करते हुए अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने विद्यालयों में बच्चों का एक डिजिटल मैपिंग एवं ट्रैकिंग मैकेनिज्म तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने बच्चों का हेल्थ स्क्रीनिंग पर विशेष जोर देते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा एनीमिया आदि से पीड़ित बच्चों का उपचार सहित लगातार फॉलोअप करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों का स्थान विशेष विश्लेषण भी किए जाने के निर्देश दिए ताकि यह भी ज्ञात हो सके कि किस जनपद या ब्लॉक के बच्चों में किस प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं हैं, ताकि उन क्षेत्रों में ऐसी समस्याओं के निराकरण के लिए विशेष प्रयास किए जा सकें।

सचिव रविनाथ रमन ने पीएम पोषण योजना की वित्तीय वर्ष 2026 27 हेतु भारत सरकार को प्रस्तावित की जाने वाली वार्षिक कार्य योजना एवं बजट को समिति के सम्मुख प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा नई पहल के रूप में बागेश्वर और हरिद्वार जनपदों में कुल 78 भोजन माताओं को मशरूम खेती का प्रशिक्षण भी दिया गया है। मध्याह्न भोजन में पोषक तत्वों को बढ़ाया जा सके। साथ ही, उत्तराखंड सहकारी डेयरी फेडरेशन लिमिटेड के सहयोग से बच्चों को सप्ताह में दो बार फोर्टिफाइड फ्लेवर्ड स्किम्ड दूध उपलब्ध कराया जा रहा है। कहा कि यह राज्य सरकार की एक पहल है, जिसका उद्देश्य बच्चों के पोषण स्तर में सुधार करना है।

इस अवसर पर सचिव रविनाथ रमन, चंद्रेश कुमार यादव, अपर सचिव नमामि बंसल, रोहित मीणा एवं निदेशक विद्यालयी शिक्षा मुकुल कुमार सती सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

हेलीपेड पर ही समस्या सुन सीएम धामी ने किया समस्याओं का समाधान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोहियाहेड हेलीपैड पर जनता व जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर जनसमस्याएं सुनी तथा समस्याओं का समाधान करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा जन समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता है, इसलिए जनता की समस्याओं का शीघ्रता से समाधान किया जाए। उन्होंने किसानों को खाद उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।

इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, प्रदेश उपाध्यक्ष भाजयुमो सतीश भट्ट, महामंत्री रमेश जोशी, गोविंद टम्टा, डॉ0 नवीन भट्ट,अमित कुमार पांडे,भवानी भंडारी, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी,अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, एएसपी डॉ उत्तम सिंह नेगी सहित अनेक अधिकारी व जनप्रतिनिधि, जनता उपस्थित थे।

टेक होम राशन का 100 प्रतिशत वितरण फेस रेकग्निशन सिस्टम के तहत करेंः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण, मिशन वात्सल्य एवं मिशन शक्ति से संबंधित राज्य स्तरीय मूल्यांकन एवं अनुश्रवण समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने सभी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की एवं दिशा-निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने टेक होम राशन का 100 प्रतिशत वितरण फेस रेकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) के तहत किया जाए। उन्होंने इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं शीघ्र सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने जिलास्तरीय अंतर्विभागीय समन्वय समितियों की बैठकें निर्धारित समय पर नियमित रूप से की जाने के निर्देश दिए, ताकि सम्बन्धित विभागों से लगातार समन्वय स्थापित कर समस्याओं का निस्तारण किया जा सके।

मुख्य सचिव ने सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में विद्युत एवं पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन भी आंगनवाड़ी केंद्रों में विद्युत एवं पेयजल की उपलब्धता नहीं है, सम्बन्धित विभागों को ऐसे केंद्रों की सूची उपलब्ध करायी जाए। आवश्यकता पड़ने पर इसके लिए फंड्स भी उपलब्ध कराया जाएगा।

मुख्य सचिव ने कहा कि जिन आंगनवाड़ी केंद्रों के अपने भवन नहीं हैं, यदि आसपास नए पंचायत भवन बनने के कारण या अन्य कारणों से पुराने पंचायत भवनों का उपयोग नहीं हो रहा है, आंगनवाड़ी केंद्रों के उपयोग हेतु दे दिए जायें। विभाग ऐसे पंचायत भवनों की मरम्मत आदि करा कर उपयोग करे। असुरक्षित पंचायत भवनों को ध्वस्त कर फिर से भवन निर्माण कराया जाए। मुख्य सचिव ने विभाग के अंतर्गत सभी राजकीय एवं स्वैच्छिक बाल देखरेख संस्थाओं को थर्ड पार्टी ऑडिट करवाए जाने के भी निर्देश दिए।

इस अवसर पर सचिव चन्द्रेश कुमार यादव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम धामी ने खटीमा में पंजाबी कॉलोनी में दिवंगत लोगों के परिजनों से की मुलाकात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने खटीमा भ्रमण के दौरान पंजाबी कालोनी में स्वव विवेक रघुवंशी, टनकपुर रोड में स्वव भूपेंद्र सिंह चुफाल एवं राजेंद्र नगर निवासी स्वव प्रकाश रावत के आवास पर पहुँच कर उनके निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की और उनके परिवारजनों को ढांढस बँधाते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शान्ति और अपने श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री ने टीडीसी अस्थाई हेलीपैड में जनप्रतिनिधियों व जनता से मुलाकात कर जनसमस्याएं सुनी तथा समस्याओं का समाधान करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा जनसमस्याओं का निराकरण सरकार की प्राथमिकता है, इसलिए अधिकारी जन समस्याओं का त्वरित समाधान करें।

इस दौरान अध्यक्ष नगर पालिका रमेश चंद्र जोशी, मेयर विकास शर्मा, पूर्व विधायक डॉ प्रेम सिंह राणा, नंदन सिंह खरायत, रनदीप पोखरिया, भवानी भंडारी, सतीश भट्ट, नवीन बोरा, महामंत्री रमेश जोशी, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा, उप जिलाधिकारी तुषार सैनी सहित अनेक जनप्रतिनिधि व जनता मौजूद थी।

पूरे प्रदेश के लिए एएनपीआर से सम्बन्धित कार्ययोजना प्रस्तुत करेंः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में राज्य सड़क सुरक्षा कोष प्रबंध समिति की द्वितीय बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान सड़क सुरक्षा कोष से सम्बन्धित विभिन्न प्रस्तावों को संस्तुति दी गयी। मुख्य सचिव ने सचिव परिवहन को पूरे प्रदेश के लिए एएनपीआर से सम्बन्धित कार्ययोजना प्रस्तुत किए जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने कहा कि परिवहन, पुलिस, राज्यकर एवं खनन विभाग सभी को एएनपीआर कैमरों के एक्सेस की आवश्यकता है, जिसके लिए प्रदेश में एक एकीकृत कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए। उन्होंने परिवहन विभाग द्वारा अपने एवं पुलिस विभाग द्वारा किए जाने रहे चालानों की संकलित रिपोर्ट मुख्य सचिव कार्यालय को मासिक रूप से प्रेषित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क सुरक्षा कोष की वार्षिक कार्ययोजना तैयार किए जाने की भी बात कही। कहा कि सड़क सुरक्षा के सभी पहलुओं को लेकर सम्पूर्ण कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि रोड फर्नीचर रोड और साइनेज जैसे रूटीन कार्य लोक निर्माण विभाग द्वारा ही लगाया जाएगा। सभी विभाग अपने मेंडेट से सम्बन्धित कार्यों को अपने विभागीय बजट से ही कराए जाने को प्राथमिकता दें। सड़क सुरक्षा से सम्बन्धित ऐसे कार्य जिनके लिए विभागीय बजट उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, उसके लिए सड़क सुरक्षा कोष से बजट का प्रावधान किया जाएगा।

मुख्य सचिव ने प्रस्तावों को समिति के समक्ष प्रस्तुत करने से पूर्व एक उपसमिति गठित कर प्रस्तावों की स्क्रूटिनी किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यों में डुप्लीकेसी न हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव न्याय एवं विधि प्रदीप पंत, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, बृजेश कुमार संत, डॉ. वी. षणमुगम, अपर सचिव निवेदिता कुकरेती एवं रोहित मीणा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।